Author: bharati

  • रामनवमी पर बड़ा फैसला 26 के साथ 27 मार्च को भी अवकाश Yogi Adityanath का ऐलान

    रामनवमी पर बड़ा फैसला 26 के साथ 27 मार्च को भी अवकाश Yogi Adityanath का ऐलान



    नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश में रामनवमी के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने एक बड़ा और जनभावनाओं को ध्यान में रखने वाला निर्णय लिया है सरकार ने अब 26 मार्च के साथ साथ 27 मार्च 2026 को भी सार्वजनिक अवकाश घोषित कर दिया है यह फैसला खासतौर पर उन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए लिया गया है जो रामनवमी के अवसर पर बड़े पैमाने पर मंदिरों में दर्शन करने के लिए पहुंचते हैं

    रामनवमी का मुख्य पर्व 26 मार्च को मनाया जाएगा और उस दिन पहले से ही छुट्टी तय थी लेकिन प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों जैसे अयोध्या मथुरा और वाराणसी में भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन और सरकार ने अतिरिक्त अवकाश देने का निर्णय लिया है इस फैसले से लाखों श्रद्धालुओं को आसानी से दर्शन करने का अवसर मिलेगा और यात्रा के दौरान होने वाली भीड़ और दबाव को भी कम किया जा सकेगा

    सरकार का मानना है कि त्योहारों के दौरान मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ से न सिर्फ यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है बल्कि सुरक्षा बनाए रखना भी एक बड़ी चुनौती बन जाता है ऐसे में दो दिन की छुट्टी से श्रद्धालु आराम से अपने समय के अनुसार दर्शन पूजन कर सकेंगे और किसी तरह की जल्दबाजी या भीड़भाड़ से बचा जा सकेगा

    मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इस दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएं खासकर अयोध्या जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जहां देशभर से लाखों श्रद्धालु पहुंचते हैं प्रशासन को भीड़ नियंत्रण के लिए विशेष प्रबंध करने के आदेश दिए गए हैं साथ ही यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है

    यह निर्णय न केवल श्रद्धालुओं के लिए राहत लेकर आया है बल्कि सरकारी कर्मचारियों को भी अपने परिवार के साथ धार्मिक अनुष्ठानों में शामिल होने का अवसर देगा आस्था और सुविधा के संतुलन को ध्यान में रखते हुए लिया गया यह कदम प्रदेश सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है

    रामनवमी जैसे बड़े पर्व पर लगातार दो दिन का अवकाश घोषित करना इस बात का संकेत है कि सरकार धार्मिक आस्थाओं का सम्मान करते हुए आम जनता की सुविधा को भी प्राथमिकता दे रही है इस फैसले से त्योहार के दौरान होने वाली भीड़ और अव्यवस्था को नियंत्रित करने में प्रशासन को भी काफी मदद मिलेगी

  • मंडला की पहाड़ियों में विराजमान नक्खी माता हर मुराद होती है पूरी सदियों पुरानी आस्था

    मंडला की पहाड़ियों में विराजमान नक्खी माता हर मुराद होती है पूरी सदियों पुरानी आस्था


    मंडला । चैत्र नवरात्र 2026 के पावन अवसर पर मध्यप्रदेश के मंडला जिले में स्थित नक्खी माता मंदिर एक बार फिर श्रद्धा और आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। मंडला निवास मार्ग पर बसे ग्राम बकौरी की पहाड़ियों के बीच स्थित यह मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है बल्कि यहां से जुड़ी जनश्रुतियां और चमत्कारिक मान्यताएं इसे विशेष बनाती हैं।

    प्राकृतिक सुंदरता से घिरे इस मंदिर में प्रवेश करते ही श्रद्धालुओं को अद्भुत शांति और ऊर्जा का अनुभव होता है। मान्यता है कि यहां विराजमान मां नक्खी माता स्वयं प्रकट हुई हैं और यह प्रतिमा मानव निर्मित नहीं है। यही कारण है कि इस मंदिर की महिमा दूर दूर तक फैली हुई है और सालभर यहां भक्तों का तांता लगा रहता है। कोई संतान सुख की कामना लेकर आता है तो कोई अपने जीवन में सुख समृद्धि और शांति की प्रार्थना करता है।

    चैत्र और शारदीय नवरात्र के दौरान इस मंदिर का वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो उठता है। गांव के लोग मिलकर जवारे बोते हैं और कलश स्थापना के साथ माता का विशेष श्रृंगार किया जाता है। ढोल नगाड़ों और जयकारों से पूरा क्षेत्र गूंज उठता है और हर ओर भक्ति का उत्साह दिखाई देता है। खास बात यह है कि पहाड़ी पर स्थित होने के बावजूद श्रद्धालु सीधे अपने वाहनों से मंदिर तक पहुंच सकते हैं जिससे बुजुर्ग और दूरदराज से आने वाले भक्तों को सुविधा मिलती है।

    स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार जब से मां नक्खी माता इस गांव में विराजमान हुई हैं तब से गांव पर कभी कोई बड़ा संकट नहीं आया। ग्रामीण इसे देवी की कृपा मानते हैं और हर सुख दुख में सबसे पहले मां के दरबार में पहुंचते हैं। मंदिर में स्थापित पाषाण प्रतिमा के दर्शन मात्र से ही श्रद्धालु भावविभोर हो जाते हैं और उन्हें मानसिक शांति का अनुभव होता है।

    इस मंदिर का इतिहास भी बेहद रोचक है। सैकड़ों वर्ष पुराने इस मंदिर का जीर्णोद्धार वर्ष 1997 में किया गया जिसके बाद इसे भव्य स्वरूप प्रदान किया गया। मंदिर के गुंबद को विशेष चौपहला आकार दिया गया और परिसर का विस्तार कर श्रद्धालुओं के लिए अधिक सुविधाएं विकसित की गईं।

    मंदिर से जुड़ी सबसे प्रसिद्ध जनश्रुति लोगों की आस्था को और गहरा करती है। कहा जाता है कि सैकड़ों वर्ष पहले जब लुटेरे इस गांव पर हमला करने पहुंचे तब देवी ने एक छोटी कन्या का रूप धारण कर गांव वालों को खतरे की सूचना दी। जब लुटेरे उस कन्या पर हमला करने दौड़े तो उसका शरीर पत्थर का हो गया। क्रोधित लुटेरों ने उस पत्थर की मूर्ति की नाक काट दी। तभी से देवी को नक्खी माई के नाम से जाना जाने लगा और यह प्रतिमा स्वयं प्रकट मानी जाती है।

    आज नक्खी माता मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि आस्था विश्वास और भक्ति का जीवंत प्रतीक बन चुका है। यहां आने वाला हर श्रद्धालु अपने साथ एक उम्मीद लेकर आता है और मां के आशीर्वाद के साथ लौटता है। अगर आप भी इस नवरात्र में आध्यात्मिक शांति और दिव्यता का अनुभव करना चाहते हैं तो इस पावन धाम के दर्शन आपके लिए एक विशेष अनुभव साबित हो सकते हैं।

  • भोपाल में बड़ा घोटाला कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के फर्जी साइन से 2 करोड़ 26 लाख की सेंध

    भोपाल में बड़ा घोटाला कलेक्टर और डिप्टी कलेक्टर के फर्जी साइन से 2 करोड़ 26 लाख की सेंध


    भोपाल । भोपाल में एक बड़े वित्तीय घोटाले ने प्रशासनिक व्यवस्था और सरकारी खातों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिला शहरी विकास अभिकरण DUDA के खाते से 2 करोड़ 26 लाख रुपये से अधिक की राशि फर्जी हस्ताक्षरों के माध्यम से निकाल ली गई। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने पांच निजी फर्मों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    इस चौंकाने वाले मामले में आरोप है कि भोपाल कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह और डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे के फर्जी हस्ताक्षर तैयार कर सरकारी खाते से बड़ी रकम ट्रांसफर कर दी गई। यह पूरी घटना तब सामने आई जब 17 मार्च को डिप्टी कलेक्टर निधि चौकसे ने खुद क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के बाद प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सुनियोजित तरीके से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए और उनके आधार पर बैंक खाते से राशि निकालकर अलग अलग निजी फर्मों के खातों में भेज दी गई।

    जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने डिजिटल सिस्टम और दस्तावेजी प्रक्रिया की कमजोरियों का फायदा उठाया। फर्जी हस्ताक्षरों और दस्तावेजों का उपयोग कर इस साइबर फ्रॉड को अंजाम दिया गया। जिन पांच फर्मों के खातों में यह राशि ट्रांसफर की गई है उनके खिलाफ क्राइम ब्रांच ने FIR दर्ज कर ली है और अब इन फर्मों से जुड़े लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    क्राइम ब्रांच की टीम इस मामले को बेहद गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही है। बैंकिंग ट्रांजेक्शन की डिटेल खंगाली जा रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इस पूरे नेटवर्क में कौन कौन शामिल है। अधिकारियों का मानना है कि इस घोटाले में एक संगठित गिरोह की भूमिका हो सकती है जो सरकारी दस्तावेजों और हस्ताक्षरों की नकल कर बड़े स्तर पर धोखाधड़ी को अंजाम देता है।

    यह मामला न केवल आर्थिक नुकसान का है बल्कि प्रशासनिक विश्वसनीयता और सरकारी तंत्र की सुरक्षा पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। डिजिटल साइन और दस्तावेज सत्यापन प्रणाली की कमजोरियां इस घटना के बाद चर्चा में आ गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए अधिक सख्त और तकनीकी रूप से मजबूत सुरक्षा उपाय अपनाने की आवश्यकता है।

    फिलहाल क्राइम ब्रांच की जांच जारी है और उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही इस मामले में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जाएगा। यह घटना सरकारी संस्थाओं के लिए एक चेतावनी है कि वित्तीय लेनदेन और दस्तावेजों की सुरक्षा को लेकर और अधिक सतर्कता बरतने की जरूरत है।

  • पुलिस एक्शन ठगी का खुलासा और रहस्यमयी गोलीकांड ग्वालियर में घटनाओं की भरमार

    पुलिस एक्शन ठगी का खुलासा और रहस्यमयी गोलीकांड ग्वालियर में घटनाओं की भरमार


    ग्वालियर । ग्वालियर में बुधवार को कई घटनाओं ने शहर की कानून व्यवस्था और प्रशासनिक गतिविधियों को चर्चा में ला दिया। पड़ाव थाना क्षेत्र में रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर चार के बाहर अनैतिक गतिविधियों की सूचना पर पुलिस ने बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया। एएसपी अनु बेनीवाल के नेतृत्व में सीएसपी रॉबिन जैन और पुलिस बल ने होटल और लॉज की तलाशी ली। हालांकि मौके पर कोई अवैध देह व्यापार नहीं मिला लेकिन एक होटल से आपत्तिजनक सामग्री जरूर बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने रेलवे की खाली जमीन पर भी सर्च अभियान चलाया और होटल स्टाफ से पूछताछ की जा रही है।

    दूसरी ओर स्वास्थ्य विभाग में भी विवाद सामने आया है। उपसंचालक डॉ सुनील सिंह यादव ने जॉइंट डायरेक्टर डॉ नीलम सक्सेना के खिलाफ कलेक्टर जनसुनवाई में शिकायत की है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्हें उपसंचालक के पद पर ज्वाइन करने के बावजूद अकाउंट ऑफिसर के रूप में वेतन दिया जा रहा है जिससे उन्हें एनपीए का लाभ नहीं मिल रहा। साथ ही उन्होंने आवास आवंटन में अनियमितता और मानसिक उत्पीड़न के आरोप भी लगाए हैं। एडीएम ने मामले की जांच के लिए उन्हें कार्यालय में बुलाया है।

    इसी बीच साइबर क्राइम का बड़ा मामला भी सामने आया है जहां पिंटो पार्क क्षेत्र के एक फैक्ट्री संचालक से क्रिप्टोकरेंसी में निवेश के नाम पर एक करोड़ इकतालीस लाख रुपए की ठगी की गई। ठगों ने ईमेल के जरिए गोल्ड डीजीएम कॉइन कंपनी में निवेश का लालच दिया और दो महीने में बड़ी रकम अलग अलग खातों में ट्रांसफर करवा ली। पुलिस ने जांच के बाद देवास और बड़वानी से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है जो अपने बैंक खाते किराए पर देकर इस गिरोह की मदद कर रहे थे।

    राजनीतिक गलियारों में भी हलचल देखने को मिली है। पूर्व मंत्री अरविंद सिंह भादौरिया अभी तक सरकारी बंगला खाली नहीं कर पाए हैं जबकि उनकी पात्रता समाप्त हो चुकी है। नियमों के अनुसार तय समय में आवास खाली नहीं करने पर कई गुना किराया वसूली का प्रावधान है फिर भी मामला लंबित बना हुआ है।

    वहीं बिजौली थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाली घटना सामने आई जहां घर में सफाई कर रही महिला रामायणी पाल को अचानक गोली लग गई। शुरुआत में इसे सामान्य चोट समझा गया लेकिन सीटी स्कैन में गोली होने का खुलासा हुआ। ऑपरेशन के बाद गोली निकाली गई लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया कि गोली कहां से आई। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है। माधौगंज क्षेत्र में गाड़ी हटाने को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि मारपीट की नौबत आ गई। एक व्यक्ति के साथ कई लोगों ने मारपीट की जिसमें एक पुलिसकर्मी पर भी आरोप लगे हैं।

    इन घटनाओं के बीच एक सकारात्मक पहल भी सामने आई है। 25 मार्च से 3 अप्रैल तक मेला ग्राउंड स्थित शिल्प बाजार में पुस्तक मेला आयोजित किया जा रहा है। इसमें छात्रों को सस्ती दरों पर किताबें यूनिफॉर्म और स्टेशनरी उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मेला अवधि में बाजार में स्कूली किताबों की बिक्री पर रोक रहेगी जिससे पारदर्शिता बनी रहे और अभिभावकों को राहत मिल सके।

  • वंदे भारत की सर्विस पर सवाल प्लेट में कीड़े देख भड़के पैसेंजर्स वायरल वीडियो ने उठाए सवाल

    वंदे भारत की सर्विस पर सवाल प्लेट में कीड़े देख भड़के पैसेंजर्स वायरल वीडियो ने उठाए सवाल


    नई दिल्ली:  देश की हाई-टेक और प्रीमियम ट्रेन Vande Bharat Express एक बार फिर चर्चा में है लेकिन इस बार वजह उसकी स्पीड नहीं बल्कि खाने की गुणवत्ता है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है जिसमें यात्रियों के खाने की थाली में कीड़े रेंगते हुए नजर आ रहे हैं।

    वीडियो में दिखाया गया है कि यात्रियों को परोसे गए भोजन में मटर पनीर और दही के बीच छोटे कीड़े पाए गए। इस घटना को देखकर यात्री बेहद नाराज हो गए और उन्होंने तुरंत इसकी शिकायत स्टाफ से की। हालांकि यात्रियों के मुताबिक स्टाफ की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया।

    वीडियो में एक यात्री गुस्से में कहते हुए दिखाई देता है कि “हम पैसे देकर जहर खा रहे हैं”। यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है और लोग इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। कई यूजर्स इसे यात्रियों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ बता रहे हैं।

    लोगों का कहना है कि जिस ट्रेन को देश की शान और आधुनिकता का प्रतीक माना जाता है, उसमें इस तरह की लापरवाही बेहद चिंताजनक है। यात्रियों ने आरोप लगाया कि न केवल खाना खराब था बल्कि यह सीधे तौर पर स्वास्थ्य के लिए खतरा भी बन सकता है।

    इस घटना के सामने आने के बाद रेलवे और संबंधित एजेंसियों पर भी सवाल उठने लगे हैं कि आखिर खाने की गुणवत्ता की जांच कैसे की जा रही है। यात्रियों का कहना है कि जब तक इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं होगी, तब तक भरोसा कायम रखना मुश्किल होगा।

    फिलहाल यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का बड़ा विषय बना हुआ है और लोग रेलवे से सख्त कदम उठाने की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

    🔖 English Tags

    Vande Bharat, Train Food Quality, Indian Railways, Viral Video, Passenger Complaint

  • राम मंदिर में दर्शन के बाद बिट्टा बोले भगवान को राजनीति से ऊपर रखें

    राम मंदिर में दर्शन के बाद बिट्टा बोले भगवान को राजनीति से ऊपर रखें


    नई दिल्ली: अखिल भारतीय आतंकवाद विरोधी मोर्चा के अध्यक्ष मनिंदरजीत सिंह बिट्टा ने अयोध्या धाम पहुंचकर राम मंदिर और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। इस दौरान उन्होंने देश से जुड़े कई अहम मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी और लोगों को एक मजबूत संदेश देने की कोशिश की।

    दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत में बिट्टा ने कहा कि वह वर्षों से भगवान राम और हनुमान जी के दर्शन करते आ रहे हैं और उनकी कृपा से ही उनका जीवन सुरक्षित रहा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने हमेशा देश में शांति बनाए रखने का प्रयास किया और अपने जीवन में न गोली चलने दी न दंगे-फसाद होने दिए और न ही बम विस्फोट होने दिए।

    उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि भगवान राम को राजनीति से ऊपर रखा जाना चाहिए। उनका साफ कहना था कि राम पहले हैं और सियासत बाद में। उन्होंने कहा कि देश के हर नागरिक को धर्म और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देनी चाहिए ताकि समाज में एकता और शांति बनी रहे।

    बिट्टा ने अपने बयान में अनुच्छेद 370 हटाने और राम मंदिर निर्माण का भी जिक्र किया। उन्होंने इसे देश को आतंकवाद से मुक्त करने की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उनके अनुसार ये फैसले राष्ट्रीय एकता और सुरक्षा को मजबूत करते हैं।

    उन्होंने अपनी पहचान को लेकर भी एक भावुक बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनका धर्म भारत माता है और उनकी जाति वंदे मातरम् है। इस दौरान उन्होंने सिख समाज से भी अपील की कि वे खुलकर सामने आएं और देश विरोधी गतिविधियों का विरोध करें। उन्होंने कहा कि जब तक समाज एकजुट होकर ऐसे मुद्दों पर आवाज नहीं उठाएगा तब तक समस्याएं बनी रहेंगी।

    फिल्म धुरंधर में सिख किरदार को लेकर उठे विवाद पर उन्होंने कहा कि आज का दौर सोशल मीडिया का है और अब सच्चाई छिप नहीं सकती। उन्होंने कहा कि ऐसी फिल्में बननी चाहिए जिससे लोगों के सामने सही तथ्य आ सकें और इतिहास की वास्तविकता सामने आए।

    इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर बात करते हुए उन्होंने ईरान से जुड़े युद्ध के हालात पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि किसी भी युद्ध का असर सिर्फ एक देश तक सीमित नहीं रहता बल्कि पूरी दुनिया को इसकी कीमत चुकानी पड़ती है। उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे संघर्षों का प्रभाव वैश्विक अर्थव्यवस्था और संसाधनों पर भी पड़ता है जिसमें भारत भी अछूता नहीं रह सकता।

    बिट्टा का यह दौरा और बयान ऐसे समय में सामने आया है जब देश में धार्मिक और राजनीतिक मुद्दों पर लगातार चर्चा हो रही है। उनके संदेश को एकता और राष्ट्रहित के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर पैनिक खरीद की कोई आवश्यकता नहीं, स्टॉक पूरा उपलब्ध : मंत्री

    प्रदेश में पेट्रोल पंपों पर पैनिक खरीद की कोई आवश्यकता नहीं, स्टॉक पूरा उपलब्ध : मंत्री


    भोपाल। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बुधवार को स्पष्ट किया कि प्रदेश के पेट्रोल पंपों में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति पूरी तरह निर्बाध है और किसी भी प्रकार की कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि 24 मार्च 2026 को कुछ जिलों में अफवाह के कारण आम जनता के बीच पेट्रोल की पैनिक खरीद और पेट्रोल पंपों पर लंबी लाईनों की स्थिति बन गई थी लेकिन वास्तविकता यह है कि स्टॉक पर्याप्त मात्रा में मौजूद है।

    मंत्री राजपूत ने कहा कि डिपो से पेट्रोल पंपों को नियमित आपूर्ति की जा रही है और किसी भी तरह की अफवाह से भ्रमित होने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने लोगों से अपील की कि घबराहट में न तो अतिरिक्त खरीदारी करें और न ही पेट्रोल या डीजल का संग्रह करें। उनका कहना था कि अफवाहें आम जनता को भ्रमित करने का साधन बन सकती हैं जबकि वास्तविक स्थिति पूरी तरह सामान्य और नियंत्रण में है।

    ऑयल कंपनियों की ओर से भी पुष्टि की गई है कि वर्तमान में प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। इसके अलावा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं हो रही है। राज्य स्तर से नियंत्रण कक्ष और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं ताकि किसी भी आपूर्ति या स्टॉक से संबंधित समस्या का त्वरित समाधान किया जा सके।

    खाद्य मंत्री ने यह भी बताया कि पेट्रोल पंपों पर लगातार निगरानी की जा रही है और सभी पंप नियमित रूप से डिपो से सामग्री प्राप्त कर रहे हैं। जनता को सलाह दी गई कि अफवाहों के आधार पर कोई भी निर्णय न लें और पेट्रोल पंपों पर अनुचित भीड़ या झुंझलाहट पैदा न करें।

    प्रदेश सरकार की यह स्पष्टता उन लोगों के लिए राहत की खबर है जिन्होंने अफवाहों के कारण पेट्रोल खरीद में असमंजस का सामना किया। मंत्री राजपूत ने कहा कि आम जनता की सुरक्षा और सुविधा के लिए आपूर्ति प्रणाली पूरी तरह सक्षम और नियंत्रण में है। उन्होंने अपील की कि लोग सामान्य स्थिति बनाए रखें और केवल जरूरत के अनुसार ही ईंधन खरीदें।

    इस प्रकार खाद्य नागरिक आपूर्ति और उपभोक्ता संरक्षण विभाग की निरंतर निगरानी और ऑयल कंपनियों के त्वरित वितरण तंत्र ने सुनिश्चित किया है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी न हो और सामान्य जीवन प्रभावित न हो।

  • केवल बाहरी सौंदर्य ही नहीं, भीतर स्थिरता और संतुलन लाने में मदद करता है कमल का फूल

    केवल बाहरी सौंदर्य ही नहीं, भीतर स्थिरता और संतुलन लाने में मदद करता है कमल का फूल


    नई दिल्ली कमल को पूज्यनीय फूलों में गिना जाता है क्योंकि यह महालक्ष्मी को बहुत प्रिय है। मां लक्ष्मी की आराधना कमल के फूल से की जाती है लेकिन क्या आप जानते हैं कि कमल का फूल औधषीय गुणों से भरपूर है। फूलों में सबसे सुंदर दिखने वाला कमल शुद्धता, शीतलता और संतुलन का प्रतीक है। आयुर्वेद में कमल को शीतल, मन को शांत और त्वचा और पेट को शांति देने वाला फूल माना जाता है।

    आयुर्वेद के मुताबिक कमल केवल बाहरी सौंदर्य नहीं बढ़ाता बल्कि भीतर की स्थिरता और संतुलन का भी स्मरण कराता है। कीचड़ में जन्म लेने के बाद भी कमल में कई औषधीय गुण विद्यमान होते हैं, जो इसे बाकी सुंदर फूलों से अलग बनाते हैं। कमल पित्त को संतुलित करता है और शरीर में रक्त का संचार को भी ठीक करता है, जिससे हृदय पर पड़ने वाला दबाव कम होता है। गर्मियों में पाचन की गड़बड़ी और ज्यादा तेलीय और तीखा खाने की वजह से पेट से जुड़े समस्याओं परेशान करने लगती है।

    गर्मियों में अतिसार की परेशानी आम है। ऐसे में कमल के पत्तों का ताजा रस पेट को ठंडक देकर अतिसार को रोकता है। यह बच्चों से लेकर बड़ों तक के लिए लाभकारी है। बवासीर की परेशानी में भी कमल का उपयोग लाभकारी माना गया है। आयुर्वेद में कमल के पत्तों का चूर्ण या कंद के चूर्ण को ठंडे दूध में मिलाकर दिन में दो बार लेना चाहिए। इससे पेट में शीतलता बनी रहती है और बवासीर की वजह से होने वाला मल से रक्त का रिसाव भी कम हो जाता है। हालांकि उसका इस्तेमाल शुरुआती स्टेज में ही करें। गंभीर लक्षण होने पर चिकित्सक के पास जरूर जाएं।

    गर्मियों में तापमान बढ़ने की वजह से उच्च रक्तचाप की परेशानी आम है। इसके लिए कमल के फूल से बनी औषधि बाजार में आसानी से मिल जाती है। औषधि के साथ (चिकित्सक की सलाह पर) दूध का सेवन भोजन से पहले करें। औषधि का सेवन बिना चिकित्सक की सलाह के न करें।

    गर्मियों में यूटीआई और जलन की समस्या सबसे ज्यादा देखी जाती है। दूषित पानी पीने या फिर कम पानी पीने की वजह से यूटीआई की परेशानी होती है। ऐसे में गुलकंद और दूध का सेवन यूटीआई में होने वाली जलन को कम करने में मदद करता है।

  • न्यूजीलैंड के गेंदबाजों का धमाका: ICC T20 रैंकिंग में जबरदस्त उछाल

    न्यूजीलैंड के गेंदबाजों का धमाका: ICC T20 रैंकिंग में जबरदस्त उछाल


    नई दिल्ली इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल की ताजा टी20 रैंकिंग में न्यूजीलैंड की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज ने शानदार प्रदर्शन के दम पर बड़ी टीम बनाई है। दक्षिण अफ्रीका की टी-20 सीरीज में मजबूत दावेदारी का सीधा-सीधा रैंकिंग देखने को मिला, जहां चार खिलाड़ियों ने अपनी स्थिति में सुधार किया है।

    फर्ग्यूसन को सबसे अधिक लाभ, सियर्स और जैमीसन भी आगे बढ़े

    अनुभवी टीम के विशेषज्ञ लॉकी फर्ग्यूसन को सबसे ज्यादा फायदा हुआ है। ऑकलैंड में शानदार स्पेल दिखाते हुए उन्होंने 9 रन, 1 विकेट लिए और प्लेयर ऑफ द मैच बने। इस प्रदर्शन के दम पर वह 12 वें स्थान पर 39 वें स्थान पर पहुंचे। उनके दोस्त बेन सियर्स ने 20 ‍कड़ी की बड़ी बढ़त के साथ 59वां स्थान ‍हासिल ‍किया। वहीं काइल जैमीसन पांचवे स्थान पर ऊपरी मंजिल 76वें और जकारी फाउलकेस पांच स्थान पर ऊपरी मंजिल 81वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

    दक्षिण अफ़्रीका को भी मिला फ़ायदा

    इस सीरीज का असर दक्षिण अफ्रीका की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के टिकटों पर भी दिखता है। कैप्टन केशव महाराज पांच मंजिले पैमाने पर 47वें स्थान पर पहुंचे हैं। ओटनील बार्टमैन सात स्थान ऊपर ग्लास 66 वें और गेराल्ड कोएत्ज़ी 46 के बड़े पैमाने पर स्टॉक 88 वें स्थान पर पहुंच गए हैं।

    अज़ेन और फ्लोटिंग रैंकिंग में भी बदलाव

    स्टॉक रैंकिंग में जॉर्ज लिंडे एक स्थान पर शीर्ष 22 वें स्थान पर पहुंच गए, जबकि सिकंदर रजा शीर्ष स्थान पर रहे। वैकल्पिक रैंकिंग में अभिषेक शर्मा पहले स्थान पर हैं और ईशान किशन पीछे हैं। सूर्यकुमार यादव दो सुपरमार्केट शोरूम बर्थ स्थान पर पहुंच गए हैं।

    कीवी बल्लेबाज टिम रॉबिन्सन ने भी सुधारवादी रैंकिंग की

    टिम रॉबिन्सन ने भी अपनी प्रदर्शन रैंकिंग में सुधार किया है। वेलिंगटन में 32वें रन की पारी के बाद वह 34वें स्थान पर दूसरे स्थान पर पहुंच गईं। यह बदलाव टी20 सीरीज के हर मैच के खिलाड़ियों की रैंकिंग पर सीधा असर दिखाता है।

  • मध्य पूर्व संकट के बीच सरकार अलर्ट खाद आपूर्ति सुचारू रखने और कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश

    मध्य पूर्व संकट के बीच सरकार अलर्ट खाद आपूर्ति सुचारू रखने और कालाबाजारी पर सख्ती के निर्देश


    नई दिल्ली:शॉर्ट डिस्क्रिप्शनमध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच भारत सरकार ने कृषि क्षेत्र को लेकर सतर्कता बढ़ा दी है इसी कड़ी में केंद्रीय कृषि मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने एक अहम समीक्षा बैठक कर देशभर में खाद आपूर्ति को सुचारू बनाए रखने और जमाखोरी व कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए बैठक में आने वाले खरीफ सीजन की तैयारियों का भी विस्तार से आकलन किया गया

    कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार सरकार का स्पष्ट लक्ष्य है कि किसानों को समय पर खाद बीज और अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध कराए जाएं ताकि खेती का काम प्रभावित न हो मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि देश के हर हिस्से में खाद की उपलब्धता समान रूप से सुनिश्चित की जाए और सप्लाई चेन में किसी भी तरह की रुकावट न आने पाए

    बैठक के दौरान फार्मर आईडी योजना को तेजी से लागू करने पर भी जोर दिया गया मंत्री का मानना है कि इससे वितरण प्रणाली अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी और वास्तविक किसानों तक संसाधन पहुंचाना आसान होगा उन्होंने यह भी संकेत दिया कि इस मुद्दे पर जल्द ही राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी

    मंत्री ने खास तौर पर जमाखोरी और कालाबाजारी को लेकर कड़ा रुख अपनाने के निर्देश दिए उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के समय कुछ तत्व अनुचित लाभ उठाने की कोशिश कर सकते हैं ऐसे में उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है राज्य सरकारों को भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए कहा गया है

    इसके अलावा बैठक में कृषि रसायनों और बीजों के प्रसंस्करण में इस्तेमाल होने वाली गैसों की उपलब्धता की समीक्षा की गई साथ ही दूध और अन्य कृषि उत्पादों की पैकेजिंग के लिए जरूरी सामग्री की पर्याप्त सप्लाई सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया मंत्री ने पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल बनाने के निर्देश दिए ताकि आपूर्ति श्रृंखला मजबूत बनी रहे

    सरकार ने कृषि क्षेत्र की स्थिति पर नजर रखने के लिए एक स्पेशल सेल भी गठित किया है यह सेल चौबीसों घंटे काम करेगा और हर सप्ताह खाद बीज और कीटनाशकों की उपलब्धता पर रिपोर्ट सीधे मंत्री को सौंपेगा इससे किसी भी संभावित संकट का समय रहते समाधान किया जा सकेगा

    बैठक में मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में उन्हें और अधिक सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभानी होगी उन्होंने दोहराया कि सरकार किसानों तक हर जरूरी संसाधन समय पर पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है

    उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक दशक में देश के कृषि उत्पादन में करीब 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है न्यूनतम समर्थन मूल्य पर रिकॉर्ड खरीद सहित कई योजनाएं किसानों को सशक्त बनाने की दिशा में लागू की जा रही हैं

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