Author: bharati

  • सुपरस्टार सलमान खान से गोविंदा ने क्यों कहा था कि तुम हीरो जैसे नहीं दिखते, इंटरव्यू में सामने आया सच

    सुपरस्टार सलमान खान से गोविंदा ने क्यों कहा था कि तुम हीरो जैसे नहीं दिखते, इंटरव्यू में सामने आया सच

    नई दिल्ली । बॉलीवुड के दो दिग्गज अभिनेताओं गोविंदा और सलमान खान की जोड़ी ने वर्ष 2007 में प्रदर्शित फिल्म ‘पार्टनर’ के जरिए बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल की थी। निर्देशक डेविड धवन के निर्देशन में बनी इस ब्लॉकबस्टर कॉमेडी फिल्म की शूटिंग के दौरान के अनुभवों को याद करते हुए गोविंदा ने एक बड़ा खुलासा किया है। एक हालिया साक्षात्कार में गोविंदा ने साझा किया कि उन्होंने उस समय सलमान खान को उनके व्यक्तिगत जीवन, शारीरिक फिटनेस और करियर के दृष्टिकोण से संबंधित कई महत्वपूर्ण सुझाव दिए थे।

    गोविंदा ने बताया कि ‘पार्टनर’ की शूटिंग के समय सलमान खान एक कठिन दौर से गुजर रहे थे और काफी अंतर्मुखी हो गए थे। उस समय दोनों ने साथ बैठकर बातचीत की, जिसमें गोविंदा ने उन्हें जीवन की प्राथमिकताओं को समझने और अपने भीतर झांकने का परामर्श दिया। गोविंदा के अनुसार, उस दौर में सलमान खान का आभामंडल काफी उदास और नकारात्मकता से घिरा हुआ महसूस होता था, जिससे उबरने की उन्हें सख्त जरूरत थी।

    बातचीत के दौरान गोविंदा ने सलमान खान को स्पष्ट रूप से कहा था कि उन्हें अपनी फिटनेस पर ध्यान देकर वजन कम करना चाहिए, ताकि वे पर्दे पर दोबारा मुख्य अभिनेता यानी हीरो के रूप में प्रभावी दिख सकें। गोविंदा ने मजाकिया लेकिन व्यावहारिक अंदाज में कहा कि यदि समय रहते वजन नहीं घटाया गया तो उद्योग उन्हें चरित्र अभिनेता के रूप में देखने लगेगा। उन्होंने सलमान खान को सलाह दी कि वे उस दौर की नकारात्मक वाइब्स को पीछे छोड़कर अपने वास्तविक आकर्षण को पुनः प्राप्त करें।

    इंटरव्यू में गोविंदा ने सलमान खान के व्यक्तित्व और सिनेमाई प्रभाव की खुलकर सराहना भी की। उन्होंने कहा कि दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र के बाद सलमान खान ही हिंदी फिल्म उद्योग के ऐसे एकमात्र स्टार हैं, जिन्हें एक शानदार चेहरा, बेहतरीन व्यक्तित्व और स्वाभाविक आकर्षण प्राप्त है। उन्होंने कहा कि उनमें आज भी वह प्रभाव छोड़ने की क्षमता है जिससे दर्शक उन्हें देखते ही सच्चा हीरो मानने लगें।

    फिल्म ‘पार्टनर’ के बाद से ही प्रशंसक इस हिट जोड़ी को दोबारा बड़े पर्दे पर साथ देखने का इंतजार कर रहे हैं। मध्य प्रदेश के भोपाल और इंदौर जैसे शहरों में भी इन दोनों कलाकारों की बड़ी प्रशंसक संख्या मौजूद है, जहां आज भी इस फिल्म की कॉमेडी को बेहद पसंद किया जाता है। राज्य के सिनेमाप्रेमियों के बीच दोनों अभिनेताओं के पुनर्मिलन और ‘पार्टनर 2’ के निर्माण को लेकर समय-समय पर उत्सुकता बनी रहती है।

    कलाकारों द्वारा एक-दूसरे को दिए जाने वाले इस प्रकार के पारस्परिक मार्गदर्शन और सहयोग को हिंदी सिनेमा के इतिहास में एक सकारात्मक उदाहरण माना जाता है। गोविंदा के इस वक्तव्य से यह स्पष्ट होता है कि फिल्मों में प्रतिस्पर्धा के बावजूद अभिनेताओं के बीच व्यक्तिगत और सहयोगात्मक संबंध बने रहते हैं, जो संकट के समय में एक-दूसरे के लिए मार्गदर्शक सिद्ध होते हैं।

  • ओटीटी पर इस हफ्ते आ रही हैं 11 नई फिल्में और वेब सीरीज, देखें पूरी लिस्ट और रिलीज डेट

    ओटीटी पर इस हफ्ते आ रही हैं 11 नई फिल्में और वेब सीरीज, देखें पूरी लिस्ट और रिलीज डेट


    नई दिल्ली ।
    डिजिटल स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म्स पर मनोरंजन का नया दौर शुरू होने जा रहा है। 10 अगस्त से 16 अगस्त के मध्य ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर एक्शन, थ्रिलर, रियलिटी शो और क्षेत्रीय सिनेमा से जुड़ी 11 नई फिल्में और वेब सीरीज प्रदर्शित की जाएंगी। इनमें हॉलीवुड के चर्चित शो के नए सीजन, बॉलीवुड की हालिया बॉक्स ऑफिस फिल्में और लोकप्रिय कोरियन ड्रामा शामिल हैं। बिंज-वॉच और डिजिटल मनोरंजन पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह हफ्ता बेहद खास रहने वाला है।

    साप्ताह की शुरुआत में खेल और अंतरराष्ट्रीय कंटेंट को प्राथमिकता दी गई है। 11 अगस्त को फुटबॉल के मशहूर मैनेजर होसे मोरिन्हो की जिंदगी पर आधारित स्पोर्ट्स डॉक्यूमेंट्री सीरीज मोरिन्हो नेटफ्लिक्स पर आ रही है। इसके अलावा अमेजन प्राइम वीडियो पर कोरियन ड्रामा द लीजेंड ऑफ किचन सोल्जर और ऑफिस लाइफ पर केंद्रित फिफ्टीज प्रोफेशनल्स को हिंदी, तमिल और तेलुगू भाषाओं में स्ट्रीम किया जाएगा।

    एक्शन और रियलिटी आधारित सामग्री की बात करें तो 12 अगस्त को अमेजन प्राइम वीडियो पर लोकप्रिय थ्रिलर शो रीचर का चौथा सीजन प्रदर्शित होगा। 13 अगस्त को करण जौहर का चर्चित रियलिटी गेम शो द ट्रेटर्स इंडिया का दूसरा सीजन अमेजन प्राइम वीडियो पर आ रहा है, जिसमें 21 सेलिब्रिटीज हिस्सा ले रहे हैं। उसी दिन गॉय रिची के निर्देशन में बनी एक्शन फिल्म इन द ग्रे, मलयालम ड्रामा कैटलन और इमोशनल मेक्सिकन फिल्म अ चाइल्ड ऑफ माय ओन भी रिलीज होगी।

    स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर 14 अगस्त को बॉलीवुड की बड़ी फिल्में ओटीटी पर दस्तक देने जा रही हैं। सिनेमाघरों में सफल रही शाहिद कपूर, कृति सेनन और रश्मिका मंदाना स्टारर रोमांटिक कॉमेडी फिल्म कॉकटेल 2 का नेटफ्लिक्स पर प्रीमियर होगा। इसके साथ ही कंगना रनौत की सर्वाइवल ड्रामा फिल्म भारत भाग्य विधाता को जी5 पर दर्शकों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। इसी दिन इंडिपेंडेंट ड्रामा फिल्म डोन्ट से गुड लक भी नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी।

    मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का उपयोग तेजी से बढ़ा है, जहां युवा और परिवार वीकेंड पर ओटीटी स्ट्रीमिंग को प्राथमिकता देते हैं। प्रदेश में मल्टी-लिंगुअल और विविध शैलियों वाले कंटेंट की मांग को देखते हुए इन नई रिलीज को लेकर दर्शकों में अच्छा खासा उत्साह देखा जा रहा है।

    विभिन्न ओटीटी प्लेटफॉर्म्स द्वारा इस हफ्ते पेश किया जा रहा विविध सामग्री का यह बुके अलग-अलग आयु वर्ग के दर्शकों की पसंद को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। आने वाले दिनों में इन फिल्मों और सीरीज की स्ट्रीमिंग के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर दर्शकों की व्यूअरशिप में बढ़ोतरी दर्ज किए जाने की संभावना जताई जा रही है।

  • जिंदगी भर की कमाई मिट्टी में दबाई, जगह भूला किसान तो दीमक खा गई 5 लाख की पूरी रकम

    जिंदगी भर की कमाई मिट्टी में दबाई, जगह भूला किसान तो दीमक खा गई 5 लाख की पूरी रकम


    नई दिल्ली । राजस्थान के बालोतरा जिले से सामने आई यह घटना जितनी हैरान करने वाली है उतनी ही बड़ी सीख भी देती है। पचपदरा थाना क्षेत्र के नेवाई गांव के रहने वाले किसान मांगीलाल मेघवाल ने चोरी और फिजूलखर्ची से बचाने के लिए अपने 5 लाख रुपये खेत में गाड़ दिए। रकम प्लॉट बेचने के बाद मिली थी और किसान इस पैसे से खेत में पक्का कमरा बनवाना चाहता था। लेकिन करीब एक साल बाद जब उसे अपनी छिपाई हुई रकम की याद आई तो उसे यह तक याद नहीं रहा कि आखिर उसने पैसे खेत में किस जगह दबाए थे। काफी तलाश के बाद जब रकम मिली तो ज्यादातर नोटों को दीमक बुरी तरह चट कर चुकी थी।

    मांगीलाल अपने परिवार के साथ खेत में बनी कच्ची ढाणी में रहता है। प्लॉट बेचने के बाद उसके पास 5 लाख रुपये आए थे। वह चाहता था कि यह रकम सुरक्षित रहे और चोरी या बेवजह खर्च न हो जाए। इसी सोच के साथ उसने नोटों को पॉलीथिन में रखा और खेत में गड्ढा खोदकर जमीन के अंदर दबा दिया। उसने इस बारे में अपनी पत्नी और बेटों को भी नहीं बताया। परिवार के मुताबिक किसान को नशे की लत है और वह अक्सर चीजें भूल जाता है। यही भूल बाद में उसके लिए भारी आर्थिक नुकसान की वजह बन गई।

    कुछ समय बाद जब कमरे के निर्माण के लिए पैसों की जरूरत पड़ी तो मांगीलाल को याद आया कि उसने रकम खेत में छिपाई थी। लेकिन तब तक वह उस जगह को भूल चुका था। करीब 10 बीघा में फैले खेत में उसने कई जगह खुदाई की लेकिन पैसे नहीं मिले। आखिरकार उसने अपनी पत्नी और बेटों को पूरी बात बताई। परिवार ने भी खेत में कई जगह तलाश की लेकिन रकम का कोई पता नहीं चला। धीरे धीरे सभी ने उम्मीद छोड़ दी।

    करीब एक साल बाद बारिश के मौसम में जब खेत में बुवाई की तैयारी चल रही थी तब एक रात जमीन से रुपयों वाली पॉलीथिन बाहर निकल आई। अगले दिन तारबंदी ठीक करते समय किसान की पत्नी और बेटे की नजर उस थैली पर पड़ी। थैली खोलते ही परिवार के होश उड़ गए। उसमें 500 रुपये के नोट मौजूद थे लेकिन उनकी हालत बेहद खराब थी। नोटों को दीमक ने जगह जगह से काट दिया था और कई नोट छोटे छोटे टुकड़ों में बदल चुके थे।

    परिवार ने बचे हुए नोटों को संभाला और उन्हें बदलवाने की उम्मीद में पचपदरा स्थित एसबीआई शाखा पहुंचा। वहां बैंक कर्मचारियों ने नोटों की स्थिति देखने के बाद उन्हें बदलने से इनकार कर दिया। इसके बाद परिवार बालोतरा स्थित एसबीआई की मुख्य शाखा भी पहुंचा लेकिन वहां भी शुरुआती तौर पर उन्हें निराशा हाथ लगी। इस तरह चोरी से बचाने के लिए खेत में छिपाई गई 5 लाख रुपये की रकम अब लगभग बर्बाद होने की स्थिति में पहुंच गई है।

    यह घटना सिर्फ एक किसान की आर्थिक परेशानी की कहानी नहीं बल्कि नकदी को असुरक्षित तरीके से छिपाकर रखने के जोखिम की भी मिसाल है। मेहनत से कमाई गई रकम को सुरक्षित रखने के लिए बैंक या अन्य औपचारिक माध्यमों का इस्तेमाल ज्यादा सुरक्षित माना जाता है। मांगीलाल ने पैसे बचाने के इरादे से जो तरीका अपनाया वही आखिरकार उसकी सबसे बड़ी मुसीबत बन गया। अब परिवार बची हुई रकम को लेकर बैंक से किसी समाधान की उम्मीद कर रहा है।

  • 17 फिल्मों के बाद क्यों टूटी गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी, अभिनेता ने इंटरव्यू में बताई वजह

    17 फिल्मों के बाद क्यों टूटी गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी, अभिनेता ने इंटरव्यू में बताई वजह

    नई दिल्ली ।भारतीय सिनेमा के 90 के दशक के चर्चित अभिनेता गोविंदा ने निर्देशक डेविड धवन के साथ अपनी सफल जोड़ी और उनके साथ काम बंद करने के कारणों पर खुलकर विचार व्यक्त किए हैं। एक हालिया साक्षात्कार में गोविंदा ने उस दौर को याद किया जब दोनों की जोड़ी बॉक्स ऑफिस पर एक के बाद एक कई सफल फिल्में दे रही थी। गोविंदा और डेविड धवन ने साथ मिलकर कुल 17 फिल्मों में काम किया था, जिनमें कुली नंबर 1, राजा बाबू, हीरो नंबर 1 और बड़े मियां छोटे मियां जैसी सुपरहिट फिल्में शामिल हैं।

    साक्षात्कार के दौरान गोविंदा ने स्पष्ट किया कि डेविड धवन के साथ उनका पेशेवर रिश्ता तब थमा जब निर्देशक को लगा कि इस साझेदारी को और आगे बढ़ाने की आवश्यकता नहीं है। गोविंदा के अनुसार, वे उनके साथ 18वीं और 19वीं फिल्म भी बनाना चाहते थे, लेकिन डेविड धवन ने उस समय आगे न बढ़ने का फैसला किया। गोविंदा ने इसे निर्देशक का अपना निजी और व्यावहारिक फैसला माना और कहा कि इस संबंध में उनके मन में कभी कोई संशय नहीं रहा।

    दोनों के व्यक्तिगत संबंधों पर बात करते हुए अभिनेता ने स्वीकार किया कि कई बार उनके बीच नाराजगी भी होती थी, लेकिन उनका व्यक्तिगत जुड़ाव हमेशा बना रहा। उन्होंने बताया कि पेशेवर अलगाव के बाद भी जब भी उनकी बात होती है या कोई विषय आता है, तो उनके बीच वही पुराना सम्मान और आत्मीयता देखने को मिलती है। हाल ही में एक फिल्म की रिलीज के बाद भी दोनों के बीच बातचीत हुई थी, जिसमें व्यक्तिगत कुशलक्षेम साझा की गई।

    इसी बातचीत में गोविंदा ने दिवंगत अभिनेता और संवाद लेखक कादर खान के साथ अपनी प्रसिद्ध केमिस्ट्री पर भी प्रकाश डाला। गोविंदा ने बताया कि कादर खान की उपस्थिति ने उनकी कॉमिक टाइमिंग और अभिनय शैली को निखारने में बड़ी भूमिका निभाई। शुरुआत में एक-दूसरे की कार्यशैली को समझने में थोड़ा समय लगा, लेकिन बाद में दोनों के बीच एक बेहतरीन पेशेवर तालमेल स्थापित हो गया, जिसने पर्दे पर कई यादगार दृश्य दिए।

    मध्य प्रदेश के इंदौर, भोपाल और ग्वालियर जैसे प्रमुख शहरों में 90 के दशक की इन कॉमेडी फिल्मों को काफी दर्शक मिले हैं और आज भी टीवी पर इन्हें बड़े चाव से देखा जाता है। प्रदेश के फिल्म प्रेमी और सांस्कृतिक विश्लेषक गोविंदा और डेविड धवन की जोड़ी को भारतीय सिनेमा के सबसे सफल दौरों में से एक मानते हैं। कादर खान के साथ गोविंदा के संवाद आज भी हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम काल का हिस्सा माने जाते हैं।

    गोविंदा और कादर खान ने दूल्हे राजा, साजन चले ससुराल, हसीना मान जाएगी और अनाड़ी नंबर 1 जैसी दर्जनों हिट फिल्मों में साथ काम किया। अभिनेता के अनुसार, वरिष्ठ कलाकारों और निर्देशकों के साथ काम करने के इन अनुभवों ने उनके पूरे फिल्मी सफर को आकार दिया। भले ही समय के साथ सिनेमा का स्वरूप बदला हो, लेकिन इस जोड़ी द्वारा निर्मित फिल्में आज भी दर्शकों के बीच बेहद लोकप्रिय हैं।

  • केबीसी 18 के मंच पर अमिताभ बच्चन ने प्रीति जिंटा से मैसेज का जवाब न मिलने पर जताई नाराजगी

    केबीसी 18 के मंच पर अमिताभ बच्चन ने प्रीति जिंटा से मैसेज का जवाब न मिलने पर जताई नाराजगी

    नई दिल्ली । टेलीविजन का लोकप्रिय गेम शो कौन बनेगा करोड़पति अपने नए सीजन के साथ एक बार फिर दर्शकों के बीच दस्तक दे रहा है। शो के 18वें सीजन के प्रीमियर एपिसोड में बॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकार अपनी आगामी फिल्म बंटवारा 1947 के प्रचार के लिए पहुंचे। इस विशेष एपिसोड में अभिनेता सनी देओल, आमिर खान और अभिनेत्री प्रीति जिंटा शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान शो के संचालक और अभिनेता अमिताभ बच्चन ने अभिनेत्री प्रीति जिंटा से जुड़ा एक पुराना मजेदार वाकया साझा किया।

    शो के आधिकारिक प्रोमो में अमिताभ बच्चन मंच पर प्रीति जिंटा से एक हल्की-फुल्की शिकायत दर्ज कराते नजर आए। उन्होंने बताया कि हर साल 31 जनवरी को अभिनेत्री के जन्मदिन पर उनकी ओर से शुभकामना संदेश भेजा जाता है, लेकिन उन्हें कभी इसका सीधा जवाब प्राप्त नहीं हुआ। इस अप्रत्याशित बात को सुनकर मंच पर मौजूद अन्य कलाकार और दर्शक भी मुस्कुरा दिए, जबकि अभिनेत्री ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए स्थिति स्पष्ट करने की कोशिश की।

    कार्यक्रम के दौरान अमिताभ बच्चन ने एक दशक से भी अधिक पुराना एक सार्वजनिक संदेश भी दिखाया, जिसमें उन्होंने मजाकिया लहजे में अभिनेत्री को जन्मदिन की बधाई देने का जिक्र किया था। अभिनेत्री ने अपनी सफाई में कहा कि संदेशों का उत्तर अक्सर देर से पहुंच पाता है। इस पूरे वाकये ने शो के शुरुआती एपिसोड में हल्का-फुल्का और मनोरंजक माहौल बना दिया, जिसे प्रशंसकों द्वारा सोशल मीडिया पर भी काफी पसंद किया जा रहा है।

    उल्लेखनीय है कि कौन बनेगा करोड़पति का यह नया सीजन तकनीक और फॉर्मेट के स्तर पर कई बदलावों के साथ प्रस्तुत किया जा रहा है। इस शो को भारत के विभिन्न हिस्सों में व्यापक लोकप्रियता हासिल है। मध्य प्रदेश सहित देश के कई राज्यों से प्रतियोगी इस मंच पर अपनी किस्मत और ज्ञान आजमाने पहुंचते हैं। प्रदेश के विभिन्न शहरों में इस कार्यक्रम को देखने वाले दर्शकों की बड़ी संख्या मौजूद है।

    प्रीमियर एपिसोड में पहुंची स्टारकास्ट की आगामी फिल्म बंटवारा 1947 आगामी 14 अगस्त को सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है। इस ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आधारित फिल्म का निर्देशन राजकुमार संतोषी ने किया है, जबकि इसका निर्माण आमिर खान प्रोडक्शंस के बैनर तले हुआ है। फिल्म में सनी देओल, प्रीति जिंटा, अली फजल और शबाना आजमी जैसे वरिष्ठ कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आएंगे।

    गेम शो के इस विशेष प्रचारक एपिसोड से फिल्म और शो दोनों को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्सुकता देखी जा रही है। मनोरंजन जगत के विश्लेषकों का मानना है कि टेलीविजन के सबसे बड़े मंच से फिल्मों का प्रचार दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने में हमेशा से कारगर साबित होता रहा है।

  • नितेश तिवारी की फिल्म रामायण और आदिपुरुष की विजुअल प्रस्तुति के बीच दिखा बड़ा सिनेमाई अंतर

    नितेश तिवारी की फिल्म रामायण और आदिपुरुष की विजुअल प्रस्तुति के बीच दिखा बड़ा सिनेमाई अंतर


    नई दिल्ली ।
    भारतीय सिनेमा में पौराणिक महाकाव्य रामायण पर आधारित फिल्मों को लेकर दर्शकों के बीच हमेशा से भारी उत्सुकता रही है। आगामी समय में रिलीज के लिए प्रस्तावित निर्देशक नितेश तिवारी की फिल्म रामायण के टीजर और शुरुआती झलकियों के सामने आने के बाद से ही इसकी तुलना वर्ष 2023 में प्रदर्शित हुई फिल्म आदिपुरुष से की जा रही है। दोनों फिल्मों के दृश्यों, किरदारों के पहनावे और स्पेशल इफेक्ट्स के उपयोग में बड़ा सिनेमाई और कलात्मक अंतर देखने को मिल रहा है।

    पूर्व में प्रदर्शित आदिपुरुष को उसके अत्यधिक आधुनिक संवादों और एनीमेशन जैसे प्रतीत होने वाले विजुअल इफेक्ट्स के कारण दर्शकों की तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा था। इसके विपरीत, नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही रामायण के दृश्यों को भारतीय सांस्कृतिक परंपरा और पौराणिक विवरणों के अधिक निकट माना जा रहा है। तस्वीरों और वीडियो फुटेज के विश्लेषण से स्पष्ट होता है कि दोनों फिल्मों का दृश्य दृष्टिकोण एक-दूसरे से पूरी तरह भिन्न है।

    धार्मिक और पौराणिक संदर्भों के चित्रण में भी दोनों फिल्मों में स्पष्ट भिन्नता नजर आती है। भगवान विष्णु के दिव्य स्वरूप को दर्शाने वाले दृश्यों में नई फिल्म में शांत और प्रामाणिक आभा का प्रयोग किया गया है, जबकि पुरानी फिल्म में अंतरिक्ष और ग्रहों के बीच अत्यधिक एनिमेटेड संरचना दिखाई गई थी। इसी प्रकार, भगवान राम और माता सीता के भावनात्मक दृश्यों में सादगी और भारतीय मर्यादा का ध्यान रखा गया है, जबकि आदिपुरुष में इन दृश्यों को आधुनिक और नाटकीय मोड़ दिया गया था।

    लंकापति रावण के चरित्र चित्रण और उसके दरबार के विजुअल्स को लेकर भी बड़ा बदलाव देखा गया है। नई प्रस्तुति में रावण के किरदार को पारंपरिक भारतीय राजसी लुक और सुनहरी भव्यता के साथ प्रस्तुत किया गया है। दूसरी ओर, आदिपुरुष में इस किरदार को हॉलीवुड शैली का डार्क विलेन लुक दिया गया था, जिसे भारतीय दर्शकों ने स्वीकार नहीं किया था। युद्ध और राक्षसी चरित्रों के दृश्यों में भी नई फिल्म में जमीनी वास्तविकता और धूल-मिट्टी के प्रभाव को प्राथमिकता दी गई है।

    भारतीय पौराणिक कथाओं पर आधारित फिल्मों की मांग मध्य प्रदेश के सांस्कृतिक और धार्मिक स्थलों पर भी पर्यटन के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जाती है। प्रदेश के सांस्कृतिक अध्ययन केंद्र और कला विशेषज्ञ इस प्रकार की फिल्मों में प्रामाणिकता बनाए रखने पर विशेष जोर देते रहे हैं। इस नई फिल्म के दृश्यों में रुद्राक्ष, सूती वस्त्रों और मिट्टी के आश्रमों का प्रयोग करके वनवास के समय की स्वाभाविकता को बनाए रखने का प्रयास किया गया है।

    फिल्म विशेषज्ञों का मानना है कि पौराणिक और ऐतिहासिक विषयों पर बनने वाली फिल्मों की सफलता उनके यथार्थवादी दृष्टिकोण और सांस्कृतिक संवेदनाओं पर निर्भर करती है। अत्यधिक डिजिटल इफेक्ट्स और पश्चिमी शैली का अंधानुकरण अक्सर दर्शकों से भावनात्मक जुड़ाव को कमजोर कर देता है। नई फिल्म के निर्माण में पौराणिक विवरणों और प्रामाणिक प्रस्तुतीकरण का संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया गया है, जिसकी प्रतिक्रिया आने वाले समय में बॉक्स ऑफिस पर दिखाई देगी।

  • घुंघराले बाल बार-बार क्यों उलझते और रूखे होते हैं? जानिए रोजमर्रा की ये गलतियां और आसान देखभाल के तरीके

    घुंघराले बाल बार-बार क्यों उलझते और रूखे होते हैं? जानिए रोजमर्रा की ये गलतियां और आसान देखभाल के तरीके

    नई दिल्ली । घुंघराले बाल देखने में आकर्षक लगते हैं, लेकिन इन्हें संभालना सीधे बालों की तुलना में कई बार ज्यादा चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कर्ली बालों में नमी की कमी होने पर रूखापन, उलझन और बालों के बेजान दिखने जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। बार-बार कंघी करना, जरूरत से ज्यादा शैम्पू करना और गीले बालों को खींचना भी बालों को नुकसान पहुंचा सकता है। हालांकि, बालों की देखभाल की कुछ आसान आदतों को अपनाकर इन समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि हर व्यक्ति के बालों की बनावट और सिर की त्वचा अलग होती है। इसलिए बालों की देखभाल के लिए एक ही नियम सभी पर लागू नहीं होता। शैम्पू कितनी बार करना है, यह सिर की त्वचा में तेल, पसीना, धूल और डैंड्रफ जैसी स्थितियों पर निर्भर करता है।

    घुंघराले बालों को रोजाना शैम्पू करने की जरूरत हर व्यक्ति को नहीं होती। अगर सिर की त्वचा बहुत ज्यादा तैलीय नहीं है, तो बार-बार बाल धोने से बचा जा सकता है। जरूरत से ज्यादा सफाई करने पर बालों में मौजूद प्राकृतिक तेल कम हो सकता है, जिससे वे ज्यादा रूखे और बेजान महसूस हो सकते हैं। इसलिए अपने बालों और स्कैल्प की जरूरत के अनुसार ही शैम्पू करना बेहतर रहता है।

    शैम्पू करते समय भी सही तकनीक अपनाना जरूरी है। शैम्पू को मुख्य रूप से सिर की त्वचा पर लगाकर धीरे-धीरे साफ करना चाहिए। बालों की पूरी लंबाई को जोर से रगड़ने की आवश्यकता नहीं होती। सिर की त्वचा से निकलने वाला झाग बालों की लंबाई तक पहुंचकर उन्हें साफ करने में मदद करता है। अगर बाल धोने के बाद काफी सूखे या उलझे हुए महसूस होते हैं, तो हल्का शैम्पू और उपयुक्त कंडीशनर उपयोगी हो सकता है।

    कंडीशनर घुंघराले बालों की देखभाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसे बालों की लंबाई और सिरों पर लगाने से बालों की सतह अधिक चिकनी महसूस हो सकती है। इससे बालों के बीच घर्षण कम होता है और उन्हें सुलझाना आसान हो सकता है। शैम्पू के बाद कंडीशनर का इस्तेमाल बालों को संभालने में मदद कर सकता है।

    बाल धोने के बाद उन्हें सुखाने का तरीका भी उतना ही महत्वपूर्ण है। गीले बालों को तौलिये से जोर-जोर से रगड़ने के बजाय हल्के हाथ से पानी सोखना बेहतर है। ज्यादा रगड़ से बालों में घर्षण बढ़ सकता है और कर्ली बालों के टूटने या उलझने की समस्या बढ़ सकती है।

    गीले बालों को जोर से खींचकर कंघी करने से भी बचना चाहिए। जरूरत होने पर बालों को धीरे-धीरे सुलझाएं और ऐसी कंघी या तकनीक का इस्तेमाल करें जिससे बालों पर कम खिंचाव पड़े। बालों को संभालते समय बार-बार खींचने और रगड़ने से होने वाला नुकसान कम करना जरूरी है।

    बालों को अतिरिक्त नमी और मुलायम एहसास देने के लिए हेयर सीरम या लीव-इन कंडीशनर का इस्तेमाल किया जा सकता है। बाल धोने के बाद हल्के गीले बालों पर थोड़ी मात्रा में इन्हें लगाने से बालों की सतह चिकनी महसूस हो सकती है और उलझन कम हो सकती है। हालांकि, बहुत ज्यादा प्रोडक्ट लगाने से बाल भारी या चिपचिपे दिख सकते हैं।

    घुंघराले बालों की बेहतर देखभाल के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि बालों की जरूरत को समझकर रूटीन तैयार किया जाए। जरूरत से ज्यादा शैम्पू, तेज रगड़, बार-बार कंघी और गीले बालों पर खिंचाव जैसी आदतों से बचना फायदेमंद हो सकता है। सही सफाई, पर्याप्त कंडीशनिंग और बालों को धीरे संभालने की आदत कर्ली बालों को अधिक व्यवस्थित और मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकती है।

  • सावन के दूसरे सोमवार पर फलाहार में बनाएं कुरकुरी कुट्टू की पकौड़ी, आसान है इसकी रेसिपी

    सावन के दूसरे सोमवार पर फलाहार में बनाएं कुरकुरी कुट्टू की पकौड़ी, आसान है इसकी रेसिपी


    नई दिल्ली । 
    सावन का महीना भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है। इस दौरान आने वाले सोमवार को श्रद्धालु व्रत रखते हैं और पूरे दिन फलाहार करते हुए भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं। इस साल सावन का दूसरा सोमवार 10 अगस्त को पड़ रहा है। ऐसे में व्रत रखने वाले लोगों के सामने अक्सर यह सवाल रहता है कि फलाहार में ऐसा क्या बनाया जाए जो स्वादिष्ट होने के साथ आसानी से तैयार भी हो जाए।

    व्रत के दौरान कुट्टू का आटा कई घरों में इस्तेमाल किया जाता है। इससे पूरी, चीला, पराठा और पकौड़ी जैसे कई व्यंजन बनाए जा सकते हैं। अगर सोमवार के व्रत में कुछ अलग और स्वादिष्ट खाने का मन है, तो कुट्टू के आटे से बनने वाली आलू की पकौड़ी एक अच्छा विकल्प हो सकती है।

    कुट्टू की पकौड़ी बनाने के लिए मुख्य रूप से कुट्टू का आटा और आलू की जरूरत होती है। इसके साथ स्वाद के लिए सेंधा नमक, हरी मिर्च, अदरक, धनिया और काली मिर्च का इस्तेमाल किया जा सकता है। व्रत के दौरान सामान्य नमक की जगह सेंधा नमक का ही प्रयोग किया जाता है।

    इस रेसिपी के लिए करीब एक कटोरी कुट्टू का आटा लिया जा सकता है। इसके साथ छह आलू, एक हरी मिर्च, एक चम्मच अदरक, धनिया, काली मिर्च और सेंधा नमक की जरूरत होगी। सामग्री की मात्रा स्वाद और जरूरत के अनुसार कम या ज्यादा की जा सकती है।

    सबसे पहले आलू को उबालकर ठंडा कर लें और फिर उन्हें अच्छी तरह मैश कर लें। इसके बाद इसमें बारीक कटी हरी मिर्च, अदरक, धनिया, काली मिर्च और सेंधा नमक मिलाएं। सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाने के बाद इसमें कुट्टू का आटा डालकर मिश्रण तैयार किया जा सकता है।

    कुट्टू का आटा मिलाते समय मिश्रण की स्थिरता का ध्यान रखना जरूरी है। इसे इस तरह तैयार किया जाना चाहिए कि पकौड़ी आसानी से आकार ले सके। जरूरत के अनुसार थोड़ा पानी डालकर मिश्रण को तैयार किया जा सकता है। इसके बाद तैयार मिश्रण से छोटे-छोटे हिस्से लेकर पकौड़ी का आकार दिया जा सकता है।

    अब एक कड़ाही में तेल गर्म करें। तेल पर्याप्त गर्म होने के बाद तैयार पकौड़ियों को सावधानी से डालें और उन्हें मध्यम आंच पर सुनहरा और कुरकुरा होने तक पकाएं। पकौड़ियों को बीच-बीच में पलटते रहें, ताकि वे सभी तरफ से अच्छी तरह पक जाएं।

    तैयार होने के बाद पकौड़ियों को कड़ाही से निकालकर कुछ देर के लिए अतिरिक्त तेल निकलने दें। इसके बाद इन्हें व्रत में खाई जाने वाली चटनी या दही के साथ परोसा जा सकता है। अगर आप व्रत के दौरान तेल कम इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो पकौड़ी तैयार करने की अपनी पसंदीदा कम तेल वाली विधि भी अपना सकते हैं।

    कुट्टू की पकौड़ी सावन सोमवार के फलाहार में स्वाद में बदलाव लाने का आसान तरीका है। आलू और कुट्टू के आटे से तैयार यह व्यंजन कम सामग्री में बनाया जा सकता है और परिवार के अन्य सदस्य भी इसे पसंद कर सकते हैं। हालांकि व्रत में भोजन को लेकर अलग-अलग परिवारों और परंपराओं में नियम अलग हो सकते हैं, इसलिए अपनी धार्मिक परंपरा के अनुसार ही सामग्री का इस्तेमाल करना उचित है।

  • भोपाल में अगले कई दिन बारिश के आसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान से बढ़ी राहत लेकिन सतर्क रहें लोग

    भोपाल में अगले कई दिन बारिश के आसार मौसम विभाग के पूर्वानुमान से बढ़ी राहत लेकिन सतर्क रहें लोग


    भोपाल भोपाल में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम एक बार फिर करवट लेता नजर आ रहा है। रविवार को शहर में बादल छाए रहने के बाद सोमवार से बारिश का दौर बढ़ने के आसार हैं। मौसम के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक 10 अगस्त को भोपाल में रुक रुककर बारिश हो सकती है। इसके बाद मंगलवार को भी बारिश की संभावना बनी रहेगी जबकि बुधवार को हल्की बारिश देखने को मिल सकती है। यानी राजधानी में आने वाले कुछ दिनों तक मौसम पूरी तरह साफ रहने के बजाय बादलों और बारिश के बीच बदलता नजर आ सकता है।

    बारिश के कारण भोपाल के तापमान में भी बहुत ज्यादा बढ़ोतरी होने की संभावना नहीं है। दिन का तापमान करीब 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है जबकि रात में तापमान करीब 23 डिग्री सेल्सियस तक रहने के आसार हैं। ऐसे मौसम में सुबह और शाम के समय वातावरण अपेक्षाकृत ठंडा और सुहाना महसूस हो सकता है। हालांकि लगातार बादल और बारिश के कारण कई इलाकों में उमस की स्थिति भी बनी रह सकती है।

    सोमवार को बारिश का दौर रहने के कारण शहर में लोगों को आवाजाही के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत होगी। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को गीली सड़कों पर अतिरिक्त सतर्कता रखनी चाहिए। बारिश के दौरान दृश्यता कम होने और सड़क पर पानी जमा होने से यातायात प्रभावित हो सकता है। निचले इलाकों और जलभराव वाले रास्तों पर लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

    भोपाल में बारिश के साथ तापमान में राहत मिलने की संभावना है। गर्मी और तेज धूप से परेशान लोगों के लिए बादल और बारिश राहत लेकर आ सकते हैं। हालांकि लगातार बारिश होने पर शहर की सड़कों पर जलभराव और यातायात संबंधी परेशानी भी सामने आ सकती है। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन की ओर से जल निकासी व्यवस्था पर नजर रखना जरूरी होगा।

    आने वाले दिनों में भी मौसम पूरी तरह स्थिर रहने की संभावना नहीं है। गुरुवार को बारिश की संभावना बनी रहेगी जबकि शुक्रवार को बारिश के साथ गरज चमक और तूफानी गतिविधि की आशंका भी जताई गई है। इसके बाद शनिवार को हल्की बारिश और रविवार को कुछ समय के लिए बारिश की बौछारें देखने को मिल सकती हैं। ऐसे में अगले सप्ताह के दौरान भोपाल के मौसम में बादलों और बारिश का असर लगातार बना रहने की संभावना है।

    मौसम में बदलाव को देखते हुए लोगों को जरूरी सावधानी बरतनी चाहिए। बारिश के दौरान खुले स्थानों पर अनावश्यक रूप से रुकने से बचें और गरज चमक के समय पेड़ या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों। घर से बाहर निकलते समय मौसम की स्थिति को ध्यान में रखकर ही यात्रा की योजना बनाना बेहतर रहेगा। किसानों और खुले में काम करने वाले लोगों के लिए भी स्थानीय मौसम की जानकारी पर नजर रखना जरूरी है।

    कुल मिलाकर भोपाल में अगले कुछ दिनों तक मानसून सक्रिय रहने के संकेत हैं। सोमवार से बारिश की संभावना बढ़ने के साथ तापमान में राहत बनी रह सकती है। हालांकि बारिश के कारण जलभराव और यातायात जैसी स्थानीय समस्याएं भी पैदा हो सकती हैं। इसलिए लोगों के लिए बारिश का आनंद लेने के साथ जरूरी सावधानी बरतना भी उतना ही महत्वपूर्ण रहेगा।

  • शेयर बाजार में सोमवार को क्या होगा बड़ा उलटफेर तेजी लौटेगी या फिर जारी रहेगा दबाव जानें Nifty Sensex का हाल

    शेयर बाजार में सोमवार को क्या होगा बड़ा उलटफेर तेजी लौटेगी या फिर जारी रहेगा दबाव जानें Nifty Sensex का हाल


    नई दिल्ली । भारतीय शेयर बाजार में सोमवार 10 अगस्त को कारोबार की शुरुआत से पहले निवेशकों की नजर कई अहम संकेतों पर रहने वाली है। बीते कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन शुक्रवार को घरेलू बाजार में दबाव देखने को मिला था और Sensex 456 अंक टूटकर बंद हुआ जबकि Nifty भी 24600 के नीचे आ गया। वित्तीय शेयरों में कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाया था। इसके बावजूद पूरे सप्ताह बाजार में उतार चढ़ाव के बीच सकारात्मक रुझान बना रहा और अब निवेशकों की नजर नए सप्ताह में बाजार की अगली दिशा पर है।

    सोमवार के कारोबार में सबसे बड़ा असर वैश्विक बाजारों के संकेतों का देखने को मिल सकता है। अमेरिकी और एशियाई बाजारों की चाल के साथ विदेशी निवेशकों की गतिविधियां भी भारतीय बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतें भी बाजार के लिए अहम संकेत रहेंगी। हाल में क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई है क्योंकि महंगा कच्चा तेल भारत की आयात लागत और महंगाई से जुड़े अनुमान को प्रभावित कर सकता है।

    निवेशकों के लिए एक और महत्वपूर्ण पहलू बाजार में लागू हुई नई क्लोजिंग ऑक्शन व्यवस्था है। शुक्रवार के कारोबार में इस व्यवस्था के कारण Sensex और Nifty के अंतिम आंकड़ों में अंतर देखने को मिला और इससे ट्रेडिंग पैटर्न पर भी असर पड़ा। ऐसे में सोमवार को बाजार के शुरुआती रुझान के साथ अंतिम समय के कारोबार पर भी निवेशकों की नजर रहेगी।

    तकनीकी नजरिए से बाजार में तेजी का सिलसिला कायम रहने के लिए Nifty का अहम स्तरों के ऊपर टिकना जरूरी होगा। दूसरी तरफ अगर शुरुआती कारोबार में बिकवाली बढ़ती है तो बाजार में मुनाफावसूली का दबाव देखने को मिल सकता है। ऐसे माहौल में बिना पूरी जानकारी के तेजी या गिरावट का अनुमान लगाकर ट्रेडिंग करना जोखिम भरा हो सकता है।

    नए सप्ताह में कंपनियों के तिमाही नतीजे भी कुछ शेयरों में हलचल बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी या बिकवाली बाजार की दिशा के लिए अहम संकेत देगी। ऐसे में सोमवार को केवल Sensex और Nifty की चाल देखने के बजाय सेक्टर और व्यक्तिगत शेयरों की मजबूती पर भी नजर रखना जरूरी होगा।

    कुल मिलाकर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में उतार चढ़ाव के बीच कारोबार रहने की संभावना है। बाजार में तेजी के संकेत मौजूद हैं लेकिन वैश्विक संकेत कच्चे तेल की कीमतें विदेशी निवेशकों का रुख और वित्तीय शेयरों की चाल बाजार को प्रभावित कर सकती है। इसलिए निवेशकों को जल्दबाजी में फैसला लेने के बजाय जोखिम प्रबंधन और अपने निवेश लक्ष्य को ध्यान में रखकर ही कदम उठाना चाहिए। यह खबर बाजार की सामान्य जानकारी के लिए है और इसे निवेश सलाह नहीं माना जाना चाहिए।