Author: bharati

  • राहु-केतु गोचर 2026: 5 दिसंबर से बदलेंगी ग्रहों की चाल, मेष, मिथुन और सिंह राशि वालों को मिल सकते हैं नए अवसर

    राहु-केतु गोचर 2026: 5 दिसंबर से बदलेंगी ग्रहों की चाल, मेष, मिथुन और सिंह राशि वालों को मिल सकते हैं नए अवसर

    नई दिल्ली: साल 2026 के अंत में राहु और केतु का राशि परिवर्तन ज्योतिषीय दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार, 5 दिसंबर 2026 को दोनों छाया ग्रह करीब 18 महीने बाद अपनी राशियां बदलेंगे। मान्यता है कि इस गोचर का प्रभाव करियर, कारोबार, आर्थिक स्थिति, रिश्तों और जीवन से जुड़े फैसलों पर पड़ सकता है। खास तौर पर मेष, मिथुन और सिंह राशि के जातकों के लिए यह अवधि नए अवसरों और बदलावों का संकेत दे सकती है। हालांकि, ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, किसी व्यक्ति पर गोचर का प्रभाव उसकी जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और संबंधित भावों पर भी निर्भर करता है।

    ज्योतिषीय गणना के मुताबिक, 5 दिसंबर 2026 की रात 10 बजकर 32 मिनट पर राहु कुंभ राशि से निकलकर मकर राशि में प्रवेश करेंगे। वहीं, केतु सिंह राशि से निकलकर कर्क राशि में पहुंचेंगे। बताया गया है कि दोनों ग्रह लगभग 23 जून 2028 तक इन राशियों में रहेंगे। इस तरह उनका यह गोचर करीब 18 महीने की अवधि से जुड़ा होगा। ज्योतिष में राहु को महत्वाकांक्षा, भौतिक सुख-सुविधाओं और अचानक मिलने वाले अवसरों से जोड़ा जाता है। दूसरी ओर, केतु को आध्यात्मिकता, आत्मचिंतन और वैराग्य का कारक माना जाता है। इन्हीं मान्यताओं के आधार पर ग्रहों के राशि परिवर्तन को जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों में बदलाव से जोड़कर देखा जाता है।

    मेष राशि के जातकों के लिए राहु का गोचर करियर के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नौकरी करने वाले लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना जताई गई है। जिन लोगों के काम लंबे समय से अटके हुए हैं, उन्हें उन्हें आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। कारोबार करने वाले जातकों के लिए भी अपने काम का विस्तार करने और नए रास्ते तलाशने की संभावना बताई गई है। हालांकि, इस दौरान किसी भी बड़े निर्णय को जल्दबाजी में लेने के बजाय उसके संभावित फायदे और नुकसान पर विचार करना जरूरी होगा। नौकरी बदलने, नई जिम्मेदारी स्वीकार करने या कारोबार में विस्तार की योजना बनाने वाले लोगों को व्यावहारिक परिस्थितियों का आकलन करना चाहिए।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए यह गोचर कारोबार और विदेश से जुड़े मामलों में नए अनुभवों का संकेत दे सकता है। व्यापार करने वाले लोगों को नए संपर्क बनाने और अपने काम को आगे बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। जो लोग विदेश में पढ़ाई करने या विदेश से जुड़े कामकाज की योजना बना रहे हैं, उन्हें अपनी योजनाओं पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है। हालांकि, इस अवधि में किसी व्यक्ति पर बिना पूरी जानकारी के भरोसा करने और जल्दबाजी में निवेश करने से बचने की सलाह दी गई है। किसी भी कारोबारी समझौते या आर्थिक निर्णय से पहले उससे जुड़ी शर्तों और संभावित जोखिमों को समझना महत्वपूर्ण रहेगा।

    सिंह राशि के जातकों के लिए केतु का राशि परिवर्तन पढ़ाई, कौशल विकास और आर्थिक मामलों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। विद्यार्थियों को अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करने और पढ़ाई के प्रति अनुशासित रहने की जरूरत हो सकती है। डिजिटल क्षेत्र में काम करने वाले या नए कौशल सीखने की तैयारी कर रहे लोगों को अपनी क्षमताएं बढ़ाने के अवसर मिल सकते हैं। आर्थिक मामलों में भी सोच-समझकर फैसले लेने की सलाह दी गई है। अचानक लाभ की उम्मीद में जोखिम भरे निवेश करना नुकसानदेह हो सकता है, इसलिए धन से जुड़े निर्णय लेते समय सावधानी बरतना जरूरी है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, राहु-केतु का गोचर सभी 12 राशियों पर अलग-अलग तरह से प्रभाव डाल सकता है। हालांकि, इसका परिणाम हर व्यक्ति के लिए एक जैसा होने की बात नहीं मानी जाती। जन्मकुंडली में ग्रहों की स्थिति और संबंधित भावों को भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इसलिए केवल राशि के आधार पर करियर, कारोबार, पढ़ाई या निवेश से जुड़े बड़े फैसले लेना उचित नहीं है। इन भविष्यवाणियों को ज्योतिषीय मान्यता के रूप में देखना चाहिए, न कि निश्चित परिणाम के रूप में।

  • कार्तिक मास 27 अक्टूबर से होगा शुरू, दिवाली से पहले मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए जानें पूजा और नियमों का महत्व

    कार्तिक मास 27 अक्टूबर से होगा शुरू, दिवाली से पहले मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए जानें पूजा और नियमों का महत्व

    नई दिल्ली: हिंदू धर्म में कार्तिक मास को बेहद शुभ और धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। इस महीने में भगवान विष्णु, मां लक्ष्मी, सूर्य देव और चंद्रमा की विशेष पूजा करने की परंपरा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, कार्तिक मास में सुबह सूर्योदय से पहले स्नान करना, तुलसी की पूजा करना और दीपक जलाना विशेष फलदायी माना जाता है। मान्यता है कि इन परंपराओं का पालन करने से घर में सुख-समृद्धि आती है और जीवन में सौभाग्य बढ़ता है। इस साल कार्तिक मास 27 अक्टूबर से शुरू होकर 24 नवंबर तक चलेगा। दिवाली समेत कई प्रमुख त्योहारों के नजदीक होने के कारण इस अवधि को पूजा-पाठ और धार्मिक गतिविधियों के लिए विशेष माना जा रहा है।

    कार्तिक मास शुरू होने से पहले आश्विन मास के शेष दिनों को भी धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। सर्वपितृ अमावस्या के बाद आश्विन शुक्ल पक्ष की शुरुआत होती है। इसी पक्ष में शारदीय नवरात्र मनाए जाते हैं, जो मां दुर्गा की आराधना को समर्पित हैं। नवरात्र के नौ दिनों में भक्त मां दुर्गा की पूजा करते हैं और इसके बाद दशहरा मनाया जाता है। धार्मिक परंपराओं के अनुसार, नवरात्र से ही खानपान और दैनिक दिनचर्या में कुछ बदलाव किए जा सकते हैं। इस दौरान घर की साफ-सफाई, सुबह जल्दी उठने और नियमित पूजा करने पर विशेष ध्यान दिया जाता है। इन परंपराओं को अपनाने का उद्देश्य धार्मिक अनुशासन बनाए रखना और त्योहारों की तैयारी करना है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र और कार्तिक मास के दौरान सात्विक भोजन को प्राथमिकता देना चाहिए। इस अवधि में लहसुन, प्याज, मांसाहार और शराब जैसी तामसिक मानी जाने वाली चीजों से दूर रहने की सलाह दी जाती है। कुछ धार्मिक परंपराओं में बैंगन और मूली का सेवन करने से भी बचने की मान्यता है। कार्तिक मास में विशेष रूप से मछली नहीं खाने की परंपरा का उल्लेख मिलता है। मान्यता के अनुसार, इस महीने भगवान विष्णु के मत्स्य अवतार का स्मरण किया जाता है, इसलिए मछली के सेवन से परहेज करने की सलाह दी जाती है। हालांकि, ये नियम धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित हैं, जिनका पालन श्रद्धालु अपनी आस्था के अनुसार करते हैं।

    इस महीने में सुबह जल्दी उठकर स्नान करने और पूजा-पाठ करने का विशेष महत्व बताया गया है। श्रद्धालु स्नान के बाद मां दुर्गा और अन्य देवी-देवताओं की आराधना कर सकते हैं। शाम के समय तुलसी के पौधे के पास घी का दीपक जलाने की परंपरा भी प्रचलित है। धार्मिक मान्यता है कि तुलसी पूजन से घर में शुभता आती है। इसके साथ ही घर के मुख्य द्वार पर शाम को दीपक जलाने को भी शुभ माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि दीपदान से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। दिवाली से पहले घर की साफ-सफाई करने के साथ-साथ नवरात्र के दौरान भी घर को स्वच्छ रखने पर जोर दिया जाता है।

    कार्तिक मास में पूजा-पाठ के अलावा मंत्र जाप और ध्यान करने की परंपरा भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नियमित मंत्र जाप से मन एकाग्र होता है और ध्यान करने से मानसिक शांति प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है। श्रद्धालु अपनी दिनचर्या में कुछ समय इन गतिविधियों के लिए निर्धारित कर सकते हैं। सुबह जल्दी उठना, स्वच्छता बनाए रखना, सात्विक भोजन करना और शाम को दीपक जलाना इस अवधि की प्रमुख परंपराओं में शामिल हैं। दिवाली से पहले मां लक्ष्मी की पूजा की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं। कार्तिक मास में इन धार्मिक परंपराओं का पालन करने वाले श्रद्धालु इसे भक्ति, संयम और सकारात्मकता बढ़ाने का अवसर मानते हैं। हालांकि, मां लक्ष्मी की कृपा और सुख-समृद्धि से जुड़ी मान्यताएं धार्मिक आस्था का हिस्सा हैं।

  • कटरीना कैफ ने बॉडी शेमिंग करने वालों को दिया जवाब, बोलीं- आलोचनाओं से डरती तो जिंदगी में कभी आगे नहीं बढ़ पाती

    कटरीना कैफ ने बॉडी शेमिंग करने वालों को दिया जवाब, बोलीं- आलोचनाओं से डरती तो जिंदगी में कभी आगे नहीं बढ़ पाती

    नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेत्री कटरीना कैफ ने सोशल मीडिया पर होने वाली ट्रोलिंग और बॉडी शेमिंग को लेकर अपनी बात रखी है। अभिनेत्री को हाल ही में डिलीवरी के बाद बढ़े वजन को लेकर सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का सामना करना पड़ा था। अब उन्होंने इस तरह की टिप्पणियों के प्रभाव और उनसे निपटने के तरीके पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। कटरीना का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोगों की राय को इतना महत्व नहीं देना चाहिए कि उसका असर व्यक्ति के फैसलों और जिंदगी में आगे बढ़ने की क्षमता पर पड़ने लगे। उनके मुताबिक, दूसरों की टिप्पणियों के आधार पर अपनी जिंदगी के फैसले लेना व्यक्ति के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

    कटरीना कैफ ने लंदन में अपने ब्यूटी ब्रांड के एक कार्यक्रम के दौरान इस विषय पर बात की। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर किसी व्यक्ति को लेकर कई तरह की धारणाएं और राय सामने आती हैं। ऐसे में यह ध्यान रखना जरूरी है कि इन बातों का खुद पर नकारात्मक प्रभाव न पड़ने दिया जाए। अभिनेत्री के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति लगातार दूसरों की राय और टिप्पणियों पर ध्यान देता रहेगा, तो उसके लिए अपने हित में सही फैसले लेना मुश्किल हो सकता है। उन्होंने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए बताया कि अगर वह बार-बार मिलने वाली आलोचनाओं और टिप्पणियों के आधार पर काम करने लगतीं, तो डर के कारण आगे बढ़ना उनके लिए मुश्किल हो जाता। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में वह डर के मारे पैरालाइज हो जातीं और जिंदगी में कभी आगे नहीं बढ़ पातीं।

    अभिनेत्री ने यह भी कहा कि जीवन में कई बार ऐसे दौर आते हैं, जब व्यक्ति को लगता है कि उसने सब कुछ सही किया है, लेकिन इसके बावजूद परिस्थितियां उसके मुताबिक नहीं चलतीं। कभी इंसान को लगता है कि वह अपना सर्वश्रेष्ठ कर रहा है, तो कभी उसे महसूस होता है कि वह अभी उस स्थिति तक पहुंचने की कोशिश में है, जहां वह होना चाहता है। कटरीना के मुताबिक, इन उतार-चढ़ावों को जीवन का हिस्सा मानना चाहिए और हर परिस्थिति में खुद पर अनावश्यक दबाव डालने के बजाय जिंदगी का आनंद लेना चाहिए। उनकी इस प्रतिक्रिया को सोशल मीडिया पर होने वाली व्यक्तिगत टिप्पणियों और खासकर महिलाओं के शरीर को लेकर की जाने वाली आलोचना के संदर्भ में देखा जा रहा है।

    दरअसल, कटरीना कैफ को कुछ समय पहले अपने पति विक्की कौशल के साथ अंबानी परिवार के गणपति समारोह में देखा गया था। इस दौरान उनके डिलीवरी के बाद बढ़े वजन को लेकर कुछ लोगों ने सोशल मीडिया पर टिप्पणियां की थीं। हालांकि, कई लोगों ने अभिनेत्री का समर्थन भी किया था। समर्थकों ने कहा था कि मां बनने के बाद शरीर में बदलाव आना सामान्य बात है और इस आधार पर किसी महिला का मजाक उड़ाना उचित नहीं है। इस मामले में सलमान खान ने भी कटरीना का समर्थन किया था। उन्होंने टेलीविजन कार्यक्रम ‘बिग बॉस’ के वीकेंड का वार एपिसोड में बॉडी शेमिंग करने वालों को फटकार लगाई थी।

    सलमान खान ने कहा था कि गर्भावस्था के बाद महिलाओं का वजन बढ़ना आम बात है। ऐसे समय में किसी महिला का मजाक उड़ाना या उसके शरीर को लेकर भद्दी टिप्पणियां करना गलत मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा था कि कटरीना जब फिल्मों में वापसी करेंगी, तो दोबारा फिट हो जाएंगी। फिलहाल वह अपने परिवार के साथ समय बिता रही हैं। सलमान की इस प्रतिक्रिया के बाद भी कटरीना के वजन को लेकर हुई टिप्पणियों का मुद्दा चर्चा में रहा।

    कटरीना कैफ की पेशेवर जिंदगी की बात करें तो वह आखिरी बार फिल्म ‘मैरी क्रिसमस’ में नजर आई थीं, जो वर्ष 2024 में रिलीज हुई थी। इसके बाद से वह फिल्मों से दूर हैं और उनके आगामी प्रोजेक्ट्स को लेकर कोई नई जानकारी सामने नहीं आई है। फिलहाल अभिनेत्री अपने बच्चे और परिवार के साथ समय बिता रही हैं। वह सोशल मीडिया पर अपने ब्यूटी प्रोडक्ट्स से जुड़ी पोस्ट साझा करती रहती हैं और परिवार के साथ बिताए पलों की झलक भी प्रशंसकों के साथ साझा करती हैं।

  • सलमान खान ने लॉन्च किया अपना आधिकारिक यूट्यूब चैनल, बोले- ए से जेड तक सब कुछ यहीं मिलेगा

    सलमान खान ने लॉन्च किया अपना आधिकारिक यूट्यूब चैनल, बोले- ए से जेड तक सब कुछ यहीं मिलेगा

    नई दिल्ली: बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान ने अपने प्रशंसकों के लिए एक नई शुरुआत की है। उन्होंने अपना आधिकारिक यूट्यूब चैनल लॉन्च किया है। इस घोषणा के बाद उनके प्रशंसकों में उत्सुकता बढ़ गई है। अभिनेता ने अपने नए चैनल के बारे में जानकारी साझा करते हुए संकेत दिया कि यहां उन्हें उनसे जुड़ी विभिन्न अपडेट मिल सकेंगी। प्रशंसक अब यह जानने के लिए उत्साहित हैं कि इस मंच पर सलमान अपनी निजी जिंदगी और पेशेवर गतिविधियों से जुड़े कौन-कौन से पल साझा करेंगे।

    सलमान खान ने अपने नए यूट्यूब चैनल की घोषणा एक वीडियो के जरिए की। इस वीडियो में अभिनेता पुराने लुक में नजर आए। इसके साथ उन्होंने लिखा, ‘शुरू से शुरू करते हैं। मेरा ऑफिशियल यूट्यूब चैनल। ए से जेड तक सब यहां मिलेगा।’ उनके इस संदेश से स्पष्ट है कि वह अपने प्रशंसकों के साथ जुड़ने के लिए एक नया डिजिटल मंच शुरू कर रहे हैं। चैनल का नाम ‘बीइंग सलमान खान’ रखा गया है। इसकी शुरुआत के साथ ही प्रशंसकों की नजर इस बात पर है कि आने वाले समय में यहां किस तरह की सामग्री देखने को मिलेगी। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चैनल पर नियमित रूप से साझा की जाने वाली सामग्री का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है।

    सलमान खान का यह कदम ऐसे समय में सामने आया है, जब वह टेलीविजन पर भी सक्रिय हैं। अभिनेता इन दिनों ‘बिग बॉस 20’ को होस्ट कर रहे हैं। यह शो बतौर होस्ट उनका 15वां सीजन है। कार्यक्रम में सलमान की मौजूदगी को दर्शक पसंद करते हैं। उनके नए यूट्यूब चैनल की शुरुआत से प्रशंसकों को उनसे जुड़ने का एक और माध्यम मिल गया है। अब तक अभिनेता से संबंधित अपडेट के लिए प्रशंसक अलग-अलग मंचों पर निर्भर रहते थे, लेकिन आधिकारिक चैनल के जरिए उन्हें सलमान की ओर से साझा की जाने वाली सामग्री सीधे देखने का अवसर मिल सकता है।

    अभिनय के मोर्चे पर सलमान खान अपनी आगामी फिल्म ‘मातृभूमि’ को लेकर भी चर्चा में हैं। इस फिल्म में उनके साथ चित्रांगदा सिंह मुख्य भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म का निर्देशन अपूर्व लाखिया कर रहे हैं, जबकि इसका निर्माण सलमा खान ने किया है। शुरुआत में इस परियोजना का नाम ‘बैटल ऑफ गलवान’ रखा गया था, लेकिन बाद में इसे बदलकर ‘मातृभूमि’ कर दिया गया। फिल्म की कहानी भारतीय और चीनी सेनाओं के बीच हुई झड़प की पृष्ठभूमि से जुड़ी बताई गई है। इसी विषय को लेकर फिल्म की प्रस्तुति पर चर्चा हुई थी।

    फिल्म को लेकर पहले ऐसी अटकलें सामने आई थीं कि विषयवस्तु के कारण इसकी रिलीज में देरी हो सकती है या इसे रोक दिया गया है। हालांकि, बाद में फिल्म के नए संस्करण को लेकर सकारात्मक अपडेट सामने आया। जानकारी के मुताबिक, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने नए संस्करण को अनापत्ति प्रमाणपत्र दे दिया है। इसके बावजूद फिल्म की रिलीज की तारीख को लेकर अंतिम स्थिति सेंसर प्रक्रिया पर निर्भर बताई गई है। फिल्म के कई गाने पहले ही जारी किए जा चुके हैं, लेकिन इसकी रिलीज को लेकर आधिकारिक तारीख की स्थिति स्पष्ट नहीं हुई है।

    उपलब्ध जानकारी के अनुसार, निर्माता फिल्म को 13 नवंबर को रिलीज करने की योजना बना रहे हैं। यह तारीख दिवाली के बाद की है। फिल्म को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया जाना है और प्रमाणपत्र मिलने के बाद ही इसकी रिलीज की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। सलमान खान के नए यूट्यूब चैनल की शुरुआत और ‘मातृभूमि’ को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उनके प्रशंसक अभिनेता की आगामी गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। इसके अलावा नयनतारा के साथ सलमान की एक अन्य फिल्म में काम करने की भी चर्चा है, लेकिन उस परियोजना के नाम की आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।

  • जबलपुर में होटल में पति को दूसरी महिला संग देख भड़की पत्नी, मोबाइल चैट से मिला था मिलने का सुराग; जमकर थप्पड़बाजी

    जबलपुर में होटल में पति को दूसरी महिला संग देख भड़की पत्नी, मोबाइल चैट से मिला था मिलने का सुराग; जमकर थप्पड़बाजी


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश के जबलपुर में पति को दूसरी महिला के साथ होटल के कमरे में देखकर पत्नी का गुस्सा फूट पड़ा। शारदा चौक स्थित होटल बैलेंसिंग रॉक में पत्नी ने कमरा खुलवाया तो अंदर पति और महिला को साथ देखकर हंगामा शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद कहासुनी से थप्पड़बाजी तक पहुंच गया। होटल में अफरा-तफरी मचने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल किसी भी पक्ष ने शिकायत दर्ज नहीं कराई है।

    मोबाइल चैट से मिला होटल में मिलने का सुराग

    जानकारी के मुताबिक, सविता यादव को अपने पति अरुण यादव और ज्योति कोरी के बीच संबंध होने का शक था। सविता का आरोप है कि दोनों के बीच करीब एक साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसी दौरान मोबाइल चैट के जरिए उसे कथित तौर पर पता चला कि अरुण और ज्योति होटल में मिलने वाले हैं।

    इसके बाद सविता ने पति का पीछा किया और शारदा चौक स्थित होटल बैलेंसिंग रॉक पहुंच गई। पत्नी के मुताबिक, होटल के कमरा नंबर 103 में अरुण और ज्योति कोरी मौजूद थे।

    कमरा खुलते ही भड़की पत्नी, शुरू हुई थप्पड़बाजी

    सविता ने जब कमरे का दरवाजा खुलवाया और पति को दूसरी महिला के साथ देखा तो वह अपना आपा खो बैठी। इसके बाद कमरे के अंदर ही तीनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद बढ़ने पर सविता ने कथित तौर पर पति और ज्योति को थप्पड़ मारने शुरू कर दिए।

    होटल में हंगामा बढ़ता देख वहां मौजूद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर स्थिति को नियंत्रित किया। इसके बाद होटल में चल रहा विवाद शांत हुआ।

    पति पर दूरी बनाने और महिला पर ब्लैकमेलिंग का आरोप

    सविता ने आरोप लगाया कि अरुण और ज्योति के बीच लंबे समय से संबंध थे। उसका दावा है कि दूसरी महिला के करीब आने के बाद पति उससे दूरी बनाने लगा था। पत्नी ने ज्योति कोरी पर अरुण को ब्लैकमेल करने का आरोप भी लगाया है।

    हालांकि, संबंधों और ब्लैकमेलिंग को लेकर लगाए गए ये आरोप फिलहाल सविता के दावे हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस की ओर से भी इन आरोपों की पुष्टि किए जाने की जानकारी सामने नहीं आई है।

    पुलिस बोली- अभी किसी ने शिकायत नहीं की

    घटना की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच विवाद शांत कराया। पुलिस के अनुसार, अभी तक किसी भी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस का कहना है कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    फिलहाल, होटल के कमरे में पति और दूसरी महिला की मौजूदगी को लेकर शुरू हुआ विवाद पुलिस तक पहुंच गया है। लेकिन औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं होने के कारण मामले में आगे की कार्रवाई का इंतजार है।

  • उज्जैन में मां दुर्गा के स्वागत की तैयारी तेज, मिट्टी की प्रतिमाओं से सजेंगे पंडाल, 1000 स्थानों पर स्थापना को लेकर प्रशासन अलर्ट

    उज्जैन में मां दुर्गा के स्वागत की तैयारी तेज, मिट्टी की प्रतिमाओं से सजेंगे पंडाल, 1000 स्थानों पर स्थापना को लेकर प्रशासन अलर्ट


    उज्जैन । उज्जैन में नवरात्रि पर्व को लेकर उत्साह बढ़ने लगा है और शहर से लेकर जिले के विभिन्न क्षेत्रों में दुर्गा उत्सव की तैयारियां अंतिम दौर में पहुंच गई हैं। दुर्गा पंडालों को सजाने के साथ ही आयोजक माता की प्रतिमाओं की स्थापना के लिए व्यवस्थाएं जुटा रहे हैं। मूर्ति निर्माण करने वाले कलाकार भी प्रतिमाओं को अंतिम रूप देने में व्यस्त हैं। इस बार उज्जैन में 4 फीट से लेकर 16 फीट तक की दुर्गा प्रतिमाएं तैयार की गई हैं। अलग-अलग आकार और स्वरूपों में बनाई गई इन प्रतिमाओं के जरिए श्रद्धालुओं को मां दुर्गा के पारंपरिक और आकर्षक रूपों के दर्शन होंगे।
    मूर्ति कलाकार विजय पाल के अनुसार बंगाल और कोलकाता से आए कारीगर प्रतिमा निर्माण में जुटे हैं। यहां पारंपरिक स्वरूपों के साथ पर्यावरण को ध्यान में रखकर बनाई गई प्रतिमाएं भी तैयार की जा रही हैं। महिषासुर मर्दिनी के रूप में मां दुर्गा की प्रतिमाएं भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहेंगी। कलाकारों को एक प्रतिमा तैयार करने में करीब चार से पांच दिन का समय लगता है। प्रतिमा की ऊंचाई डिजाइन और बारीक कारीगरी के अनुसार निर्माण में लगने वाला समय अलग-अलग हो सकता है।
    इस बार प्रतिमा निर्माण की लागत बढ़ने का असर कीमतों पर भी दिखाई दे रहा है। कलाकारों के मुताबिक कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी के कारण दुर्गा प्रतिमाओं के दाम लगभग 20 से 30 प्रतिशत तक बढ़ गए हैं। इससे आयोजक समितियों को अपने बजट के अनुसार प्रतिमाओं का चयन करना पड़ रहा है। इसके बावजूद नवरात्रि को लेकर श्रद्धालुओं और आयोजन समितियों में उत्साह बना हुआ है। कई स्थानों पर पंडालों की सजावट और अन्य तैयारियां भी साथ-साथ की जा रही हैं।
    इस बार प्रतिमाओं के निर्माण में पर्यावरण का ध्यान रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। कलाकारों के अनुसार प्रतिमाओं के लिए कोलकाता से मिट्टी मंगाई जाती है। इन प्रतिमाओं को पूरी तरह मिट्टी से तैयार किया जा रहा है और इनमें प्लास्टर ऑफ पेरिस यानी पीओपी का इस्तेमाल नहीं किया जाता। प्रतिमाओं को रंगने के लिए प्राकृतिक रंगों का उपयोग किया जाता है। इससे पर्यावरण पर पड़ने वाले संभावित दुष्प्रभावों को कम करने में मदद मिल सकती है। मिट्टी से बनी प्रतिमाएं पारंपरिक शिल्पकला और धार्मिक आस्था से भी जुड़ी हुई हैं।
    उज्जैन जिले में इस बार नवरात्रि के दौरान एक हजार से अधिक स्थानों पर मां दुर्गा की प्रतिमाएं स्थापित किए जाने की तैयारी है। शहर के विभिन्न इलाकों और आसपास के क्षेत्रों में आयोजन समितियां पंडालों की व्यवस्था करने में जुटी हैं। प्रतिमाओं की स्थापना के साथ ही श्रद्धालुओं की आवाजाही और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यवस्थाएं बनाना भी आयोजकों के लिए जरूरी होगा। नवरात्रि के दौरान बड़ी संख्या में लोगों के पंडालों तक पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने भी समितियों से सावधानी बरतने की अपील की है।
    पुलिस और प्रशासन ने दुर्गा उत्सव समितियों को पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और निगरानी की व्यवस्था मजबूत रखने के लिए कहा है। इसके साथ ही देर रात तेज आवाज में डीजे नहीं बजाने की अपील भी की गई है। इसका उद्देश्य धार्मिक आयोजन के दौरान व्यवस्था बनाए रखना और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी से बचाना है। आयोजकों को सुरक्षा और अनुशासन से जुड़े निर्देशों का पालन करने की जरूरत होगी।
    कुल मिलाकर उज्जैन में नवरात्रि के स्वागत की तैयारियां तेजी से आगे बढ़ रही हैं। एक हजार से अधिक स्थानों पर प्रतिमा स्थापना की तैयारी और 16 फीट तक की भव्य प्रतिमाएं इस बार के उत्सव को खास बना सकती हैं। पारंपरिक शिल्पकला के साथ पर्यावरण अनुकूल प्रतिमाओं पर जोर और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर प्रशासन की अपील से नवरात्रि आयोजन को व्यवस्थित बनाने की कोशिश की जा रही है।
  • CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलर्ट, हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए 10 जगहें तय

    CJP के प्रदर्शन से पहले दिल्ली पुलिस अलर्ट, हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए 10 जगहें तय


    नई दिल्ली।
    कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के ऐलान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रदर्शनकारियों की संभावित भीड़ को देखते हुए दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के 35 हजार से अधिक जवानों की तैनाती की जानकारी सामने आई है। जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। पुलिस ने प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने वाले लोगों को रखने के लिए 10 स्थान भी चिह्नित किए हैं।

    हिरासत में लिए गए लोगों को रखने के लिए 10 स्थान तय

    पुलिस अधिकारी के मुताबिक, शनिवार को प्रस्तावित प्रदर्शन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की आशंका को देखते हुए पहले से तैयारी की गई है। प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए जाने वाले लोगों को रखने के लिए 10 स्थानों का चयन किया गया है। ये स्थान नई दिल्ली से दूर और राजधानी के बाहरी इलाकों में स्थित हैं।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन स्थानों में मॉडल टाउन स्थित छत्रसाल स्टेडियम, न्यू पुलिस लाइन, बवाना का राजीव गांधी स्टेडियम, नांगलोई का सूरजमल स्टेडियम और दक्षिण दिल्ली के त्यागराज स्टेडियम तथा जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम शामिल हैं। इन स्थानों पर भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है और अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।

    कनॉट प्लेस के पास कुछ प्रदर्शनकारी हिरासत में

    समाचार एजेंसी एएनआई की रिपोर्ट के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। शनिवार को कनॉट प्लेस इलाके में जनपथ के पास कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।

    पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ऐसे लोगों पर भी नजर रख रही है जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है या जिन पर लोगों को प्रदर्शन में शामिल होने के लिए उकसाने की आशंका है। पुलिस अधिकारियों की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लोगों से नियमों का पालन करने की अपील की जा रही है।

    जंतर-मंतर पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम

    CJP के दोबारा प्रदर्शन के ऐलान के बाद जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस ने संभावित भीड़ को नियंत्रित करने और किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया है।

    केंद्र सरकार की ओर से भी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए जाने की जानकारी है। प्रशासन की प्राथमिकता प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना और अनधिकृत जमावड़े को रोकना है।

    प्रदर्शन से पहले हिरासत केंद्रों की व्यवस्था, पुलिस बल की तैनाती और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाए जाने से राजधानी में सुरक्षा इंतजाम चर्चा में हैं।

  • मरीज के अटेंडर ने दीवार पर किया पेशाब, गुस्साए लोगों ने अस्पताल में घुसकर डॉक्टर-स्टाफ को पीटा

    मरीज के अटेंडर ने दीवार पर किया पेशाब, गुस्साए लोगों ने अस्पताल में घुसकर डॉक्टर-स्टाफ को पीटा


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश के ग्वालियर के मुरार इलाके में दीवार पर पेशाब करने को लेकर शुरू हुआ विवाद अस्पताल में मारपीट और तोड़फोड़ तक पहुंच गया। आरोप है कि पड़ोसी के घर की दीवार पर पेशाब करने की घटना से नाराज चार लोगों ने श्री साईं मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल में घुसकर डॉक्टर और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। आरोपियों ने अस्पताल के मुख्य गेट का शीशा भी तोड़ दिया। घटना अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई। डॉक्टर की शिकायत पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

    दीवार पर पेशाब करने से शुरू हुआ विवाद

    घटना 8 सितंबर की रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। पंचशील नगर निवासी डॉ. हिरदेश जाटव श्री साईं मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल के संचालक हैं। उनकी शिकायत के मुताबिक, घटना के समय वह और विनोद शर्मा अस्पताल में मौजूद थे। इसी दौरान अस्पताल में भर्ती एक मरीज का अटेंडर पड़ोस में रहने वाले दीपक किरार के मकान की दीवार पर पेशाब करके आया।

    इस बात से नाराज होकर दीपक किरार, बंटी किरार, कालू किरार और अन्नू किरार अस्पताल के बाहर पहुंच गए। आरोप है कि चारों ने वहां मौजूद स्टाफ के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। इसके बाद अस्पताल के मुख्य गेट का शीशा तोड़कर वे अंदर घुस आए और विवाद करने लगे।

    विरोध करने पर डॉक्टर और स्टाफ से मारपीट का आरोप

    डॉ. हिरदेश जाटव के अनुसार, जब उन्होंने और अस्पताल के कर्मचारियों ने आरोपियों को गाली-गलौज करने से रोका, तो वे कथित तौर पर जातिसूचक गालियां देने लगे। विरोध करने पर चारों ने डॉक्टर और स्टाफ के साथ मारपीट शुरू कर दी। घटना के दौरान अस्पताल में अफरा-तफरी मच गई।

    शिकायत के मुताबिक, मारपीट में अस्पताल कर्मचारी सुनील कुशवाह के सिर के पिछले हिस्से में चोट आई। विवेक अहिरवार की बाईं कलाई और पीठ पर चोट लगी, जबकि अभिषेक चौरसिया के बाएं कान के पीछे सिर में चोट आई। करन बाल्मीक की कमर में भी चोट लगने की बात कही गई है।

    घटना के दौरान मौके पर मौजूद ललित मोहन शुक्ला, सागर राजावत और आसपास के अन्य लोगों ने बीच-बचाव किया। इसके बाद स्थिति को संभाला जा सका। अस्पताल में हुई मारपीट और तोड़फोड़ की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड होने की बात कही गई है।

    चार आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज

    डॉ. हिरदेश जाटव की शिकायत पर मुरार थाना पुलिस ने दीपक किरार, बंटी किरार, कालू किरार और अन्नू किरार के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, तोड़फोड़ तथा एससी-एसटी एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है।

    पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर घटना की जांच कर रही है। ग्वालियर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) जयराज कुबेर ने भी मामले को लेकर बयान दिया है। पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • दतिया में विधायक प्रीतम सिंह लोधी के समर्थक आपस में भिड़े, भाजपा सरकार के खिलाफ लगाए नारे

    दतिया में विधायक प्रीतम सिंह लोधी के समर्थक आपस में भिड़े, भाजपा सरकार के खिलाफ लगाए नारे


    दतिया।
    मध्य प्रदेश के दतिया में भाजपा के पिछोर विधायक प्रीतम सिंह लोधी के समर्थक एसपी कार्यालय के घेराव के दौरान आपस में ही भिड़ गए। प्रदर्शन के दौरान माइक पर नारे लगाने को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो देखते ही देखते खींचतान और धक्का-मुक्की तक पहुंच गया। हालात बिगड़ते देख विधायक को खुद हस्तक्षेप करना पड़ा। इस दौरान भाजपा सरकार के खिलाफ भी नारे लगाए गए। शुक्रवार को घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होता रहा।

    दरअसल, शिक्षा विभाग के सब इंजीनियर भूपेंद्र कुमार राजपूत के साथ 15 सितंबर को हुई मारपीट के विरोध में विधायक प्रीतम सिंह लोधी गुरुवार दोपहर अपने समर्थकों के साथ एसपी कार्यालय का घेराव करने पहुंचे थे। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ता मामले को लेकर नारेबाजी कर रहे थे। इसी बीच माइक पर नारे लगाने को लेकर समर्थकों के बीच विवाद हो गया।

    माइक छीनने को लेकर शुरू हुई झूमाझटकी

    बताया जाता है कि प्रदर्शन के दौरान एक युवक हाथ में माइक लेकर विधायक प्रीतम सिंह लोधी को ‘चंबल टाइगर’ बताते हुए उनके समर्थन में नारे लगाने लगा। इसी दौरान युवक ने दतिया से कांग्रेस विधायक घनश्याम सिंह के खिलाफ भी नारेबाजी शुरू कर दी।

    इस पर भीड़ में मौजूद एक अन्य समर्थक ने आगे बढ़कर युवक के हाथ से माइक छीन लिया। माइक को लेकर दोनों के बीच खींचतान शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद धक्का-मुक्की और झूमाझटकी में बदल गया। समर्थकों के बीच बढ़ते विवाद को देखकर विधायक प्रीतम सिंह लोधी को हस्तक्षेप करना पड़ा। इसके बाद प्रदर्शनकारियों का हुजूम आगे बढ़ा।

    भाजपा सरकार के खिलाफ भी लगे मुर्दाबाद के नारे

    घटना के दौरान समर्थकों के बीच विवाद के साथ भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी हुई। सामने आए वीडियो में माइक को लेकर समर्थकों के बीच खींचतान होती दिखाई दे रही है। माइक छीने जाने से नाराज युवक ने ‘भाजपा सरकार मुर्दाबाद’ के नारे लगाने शुरू कर दिए।

    एसपी कार्यालय के घेराव के दौरान विधायक के समर्थकों के बीच हुई इस घटना और भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी का वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना रहा।

  • भीषण आग पर लगेगी लगाम, मध्य प्रदेश के 21 शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेंगे आधुनिक फायर ब्रिगेड वाहन, जानिए खास खूबियां

    भीषण आग पर लगेगी लगाम, मध्य प्रदेश के 21 शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेंगे आधुनिक फायर ब्रिगेड वाहन, जानिए खास खूबियां


    ग्वालियर । मध्य प्रदेश में आगजनी की बड़ी घटनाओं से निपटने और राहत एवं बचाव कार्यों को तेज करने के लिए अग्निशमन व्यवस्था को आधुनिक बनाया जा रहा है। प्रदेश के 16 नगर निगमों और पांच प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में 12 हजार लीटर पानी की क्षमता वाले 21 आधुनिक वाटर बाउजर तैनात किए जाएंगे। मध्य प्रदेश अर्बन डेवलपमेंट कंपनी ने इन वाहनों की खरीद के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है। इन वाहनों के मिलने से शहरी इलाकों के साथ औद्योगिक क्षेत्रों में भी आग लगने की स्थिति में तेजी से कार्रवाई करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
    इन आधुनिक वाहनों को विशेष रूप से बड़ी आग की घटनाओं और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया जाएगा। इनमें हाई प्रेशर पंप वाटर मॉनिटर और फोम सिस्टम जैसी सुविधाएं होंगी। इनकी सहायता से आग पर पानी और फोम की तेज बौछार डालकर उसे नियंत्रित करने में मदद मिलेगी। बहुमंजिला इमारतों औद्योगिक इकाइयों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर आग लगने की स्थिति में ये वाहन उपयोगी साबित हो सकते हैं।
    योजना के तहत ग्वालियर भोपाल इंदौर जबलपुर उज्जैन देवास मुरैना सतना सागर रतलाम रीवा कटनी सिंगरौली छिंदवाड़ा बुरहानपुर और खंडवा नगर निगमों को आधुनिक वाटर बाउजर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा पीथमपुर मंडीदीप बानमोर मालनपुर और मेघनगर जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों को भी इस योजना में शामिल किया गया है। इन क्षेत्रों में औद्योगिक गतिविधियों के चलते आग से निपटने के लिए पर्याप्त संसाधनों की जरूरत रहती है।
    इन वाटर बाउजर की क्षमता 12 हजार लीटर होगी और इनका कुल भार करीब 28 टन रहने का उल्लेख किया गया है। वाहनों में 304 ग्रेड स्टेनलेस स्टील से बने टैंक लगाए जाएंगे। टैंक के भीतर 10 कंपार्टमेंट और बाफल प्लेट्स होंगी जो वाहन चलते समय पानी के बहाव को नियंत्रित करने में मदद करेंगी। इससे वाहन का संतुलन बनाए रखने और संचालन को बेहतर बनाने में सहायता मिल सकती है।
    वाहनों में हाई प्रेशर सेंट्रीफ्यूगल पंप लगाए जाएंगे। सामान्य दबाव पर ये पंप प्रति मिनट 3000 लीटर पानी उपलब्ध कराने में सक्षम होंगे जबकि हाई प्रेशर मोड में इनकी क्षमता 250 लीटर प्रति मिनट होगी। सामान्य मोड में दबाव 10 किलोग्राम प्रति वर्ग सेंटीमीटर और हाई प्रेशर मोड में 40 किलोग्राम प्रति वर्ग सेंटीमीटर निर्धारित किया गया है। अलग-अलग परिस्थितियों के अनुसार इन सुविधाओं का इस्तेमाल कर आग बुझाने की कार्रवाई की जा सकेगी।
    आधुनिक वाटर बाउजर में जीपीएस मोबाइल डेटा टर्मिनल लाइट मास्ट और ऑटोमैटिक प्राइमिंग सिस्टम जैसी तकनीकी सुविधाएं भी दी जाएंगी। जीपीएस से वाहन की लोकेशन जानने में मदद मिलेगी जबकि लाइट मास्ट रात के समय या कम रोशनी वाले स्थानों पर बचाव कार्यों को आसान बना सकता है। वाटर मॉनिटर के जरिए आग की ओर पानी की तेज बौछार छोड़ी जा सकेगी।
    योजना में केवल वाहन खरीदने पर ही जोर नहीं दिया गया है बल्कि कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने की व्यवस्था भी रखी गई है। अनुबंध होने के 10 महीने के भीतर वाहनों की आपूर्ति पूरी करने का लक्ष्य है। इसके बाद 12वें महीने तक संबंधित नगरीय निकायों के अग्निशमन कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रत्येक संबंधित फायर स्टेशन पर कम से कम दो प्रायोगिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे। इनमें वाहन चलाने उपकरणों के इस्तेमाल रखरखाव और आपातकालीन परिस्थितियों में कार्रवाई करने की जानकारी दी जाएगी।
    बड़े वाटर बाउजर के साथ प्रदेश के 90 नगरीय निकायों के लिए 111 मिनी वाटर टेंडर खरीदने की प्रक्रिया भी चल रही है। इनकी क्षमता 550 लीटर होगी जिसमें 500 लीटर पानी और 50 लीटर फोम शामिल रहेगा। छोटे आकार के ये वाहन संकरी गलियों घनी बस्तियों और ऐसे स्थानों पर पहुंचने में मदद करेंगे जहां बड़े फायर ब्रिगेड वाहनों को ले जाना मुश्किल होता है।
    ग्वालियर इंदौर भोपाल जबलपुर और उज्जैन नगर निगमों को तीन-तीन मिनी वाटर टेंडर देने की योजना है। अन्य नगर निगमों को दो-दो वाहन मिलेंगे जबकि शेष नगरीय निकायों के लिए भी वाहन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है। बड़े वाटर बाउजर और छोटे मिनी टेंडर की खरीद से प्रदेश में अग्निशमन संसाधनों का विस्तार करने की तैयारी है। हालांकि इन व्यवस्थाओं का वास्तविक लाभ वाहनों की समय पर आपूर्ति कर्मचारियों के प्रशिक्षण और जरूरत के समय त्वरित तैनाती पर निर्भर करेगा।