Author: bharati

  • हफ्ते से ज्यादा खांसी है तो हो जाए सावधान टीबी का संकेत हो सकता है

    हफ्ते से ज्यादा खांसी है तो हो जाए सावधान टीबी का संकेत हो सकता है

    नई दिल्ली:  टीबी यानी ट्यूबरकुलोसिस आज भी भारत में एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बनी हुई है। बदलते मौसम में खांसी होना आम बात है, लेकिन हर खांसी को हल्के में लेना खतरनाक साबित हो सकता है। कई बार साधारण दिखने वाली खांसी किसी बड़ी बीमारी का शुरुआती संकेत हो सकती है

    सामान्य खांसी आमतौर पर 5 से 7 दिनों में ठीक हो जाती है, जो सर्दी, वायरल इंफेक्शन या एलर्जी के कारण होती है। लेकिन अगर खांसी 2 से 3 हफ्ते से ज्यादा समय तक बनी रहती है और दवाओं से आराम नहीं मिलता, तो यह टीबी का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है

    टीबी सिर्फ खांसी तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह शरीर को अंदर से कमजोर कर देती है। इसके साथ कई अन्य लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं, जैसे शाम के समय हल्का बुखार, रात में ज्यादा पसीना आना, बिना कारण वजन कम होना, लगातार थकान महसूस होना और सीने में दर्द

    टीबी के शुरुआती लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है, क्योंकि समय पर इलाज न मिलने पर यह बीमारी गंभीर रूप ले सकती है और दूसरों में भी फैल सकती है। इसलिए अगर खांसी के साथ ये लक्षण नजर आएं, तो देरी न करें और तुरंत जांच कराएं

    विशेषज्ञों के अनुसार, जागरूकता और समय पर इलाज ही टीबी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। अगर शुरुआती लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो इस बीमारी को पूरी तरह नियंत्रित किया जा सकता है
    हर खांसी को नजरअंदाज न करें। अगर यह लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे चेतावनी संकेत मानकर तुरंत मेडिकल सलाह लेना ही समझदारी है

  • UP: रसोई गैस सिलेंडर बुकिंग के अंतराल में बड़ा बदलाव… इन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत

    UP: रसोई गैस सिलेंडर बुकिंग के अंतराल में बड़ा बदलाव… इन उपभोक्ताओं को बड़ी राहत


    आगरा।
    उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) के आगरा (Agra) में रसोई गैस सिलिंडर (LPG cylinders) के बुकिंग अंतराल (Booking Interval.) में तेल कंपनियों ने मंगलवार को बड़ा बदलाव किया है। नई व्यवस्था के तहत अब उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों और सामान्य उपभोक्ताओं के लिए रिफिल बुकिंग की समय सीमा अलग-अलग तय कर दी गई है।

    अब 5 किलो का ‘छोटू’ सिलिंडर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को 16 दिन में, जबकि सामान्य उपभोक्ताओं को 9 दिन में मिल सकेगा। गैस की कालाबाजारी रोकने और खपत के सटीक आकलन के लिए जारी इस नई सूची का सबसे बड़ा असर जिले के 3.41 लाख उज्ज्वला लाभार्थियों पर पड़ेगा।

    नई व्यवस्था के अनुसार, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए 14.2 किलोग्राम वाले सिलिंडर की बुकिंग का अंतर बढ़ाकर 45 दिन कर दिया गया है। वहीं, सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं के लिए यह सीमा 25 दिन निर्धारित की गई है। 10 किलो वाले कंपोजिट सिलिंडर 18 दिन में मिलेगा।

    दोहरे कनेक्शन वालों को 35 दिन बाद मिलेगा दूसरा सिलिंडर
    गैस सिलिंडर की किल्लत और जमाखोरी पर लगाम लगाने के लिए तेल कंपनियों ने सॉफ्टवेयर में बड़े तकनीकी बदलाव किए हैं। अब दो सिलिंडर वाले ग्राहकों को रिफिल बुक करने के लिए कम से कम 35 दिनों का इंतजार करना होगा। वहीं, एक सिलिंडर वाले उपभोक्ताओं के लिए यह समय सीमा 25 दिन तय की गई है। जिला पूर्ति अधिकारी आनंद कुमार के मुताबिक, यह नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई है।


    गैस किल्लत के बीच बड़ा फैसला

    वहीं, आगरा में व्यावसायिक गैस सिलिंडरों की आपूर्ति को लेकर मचे घमासान के बीच जिलाधिकारी अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में सिलिंडर सप्लाई करने वाली ऑयल कंपनियों और जिला पूर्ति अधिकारी के साथ अहम बैठक की। बैठक में सख्त रुख अपनाते हुए डीएम ने साफ कर दिया कि अब व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उनके औसत उपभोग का केवल 10 से 20 प्रतिशत हिस्सा ही आवंटित किया जाएगा।

    भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की नई गाइडलाइन का हवाला देते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि उपभोक्ताओं को दो श्रेणियों में बांटा गया है। अस्पताल, रेलवे और शैक्षणिक संस्थान जैसी अति आवश्यक सेवाओं को उनके पिछले तीन माह के औसत उपभोग का 20 प्रतिशत कोटा मिलेगा।

    वहीं, होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा जैसी आवश्यक सेवाओं को केवल 10 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में डीएम ने चेतावनी दी कि गैस सिलिंडरों की किल्लत के बीच यदि कोई एजेंसी, बिचौलिया या व्यक्ति जमाखोरी या घरेलू सिलिंडर का व्यावसायिक उपयोग में लिप्त पाया गया, तो उसके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पूर्ति विभाग को निर्देश दिए कि इस नई व्यवस्था की नियमित निगरानी की जाए ताकि वास्तविक उपभोक्ताओं को परेशानी न हो।


    डबल सिलिंडर होने पर गैस बुकिंग अब 35 दिन बाद

    – उपभोक्ताओं की रसोई गैस से जुड़ी समस्याएं और बढ़ सकती है। अब दो सिलिंडर वाले उपभोक्ता 35 दिन बाद गैस बुकिंग करा सकेंगे।
    – उज्ज्वला कनेक्शन धारक 45 दिन बाद सिलिंडर बुक करा सकेंगे। एकल वाले 25 दिन बाद सिलिंडर बुक करा सकेंगे।
    – नए नियम शहरी-ग्रामीण सभी क्षेत्रों में लागू होंगे। तय सीमा से पहले बुकिंग पर सिस्टम स्वतः ब्लॉक कर देगा।
    – 5 किलो घरेलू सिलिंडर के लिए शहरी क्षेत्र में नौ दिन व ग्रामीण क्षेत्र में 16 दिन का अंतराल तय किया है।
    – 10 किलो कंपोजिट सिलिंडर के लिए शहरी क्षेत्र में 18 दिन व ग्रामीण क्षेत्र में 32 दिन का अंतराल तय किया गया है।

  • MP: सागर में डॉक्टर ने खुद ही कार में आग लगाकर की थी पत्नी की हत्या…सहयोगी के साथ गिरफ्तार

    MP: सागर में डॉक्टर ने खुद ही कार में आग लगाकर की थी पत्नी की हत्या…सहयोगी के साथ गिरफ्तार


    सागर।
    मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के सागर जिले (Sagar district) में पत्नी की हत्या कर उसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की साजिश का पुलिस ने खुलासा करते हुए आरोपी पति और उसके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार सानौधा थाना क्षेत्र (Sanodha Police Station area) के चनाटौरिया टोल टैक्स प्लाजा (Chanatoriya Toll Tax Plaza) के पास कार में आग लगने की घटना को पहले हादसा बताया गया था, लेकिन जांच के दौरान यह मामला हत्या का निकला। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि गढ़ाकोटा निवासी आरोपी BAMS डॉक्टर अपनी पत्नी को कार में लेकर मौके पर पहुंचा था और घटना से पहले मायके पक्ष को फोन कर पत्नी को हार्ट अटैक आने की बात कही थी। बाद में कार में आग लगने को दुर्घटना बताया था। जली हुई कार से उसकी पत्नी का कंकाल मिला था।

    जांच में सामने आया कि आरोपी के किसी अन्य महिला से संबंध थे, जिसके चलते पति-पत्नी के बीच विवाद होता था। इसी प्रेम-प्रसंग के चलते डॉक्टर ने घर पर ही पत्नी का गला घोंटकर हत्या कर दी और सबूत मिटाने के लिए सीसीटीवी फुटेज भी डिलीट कर दिए। इसके बाद उसने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर साजिश रची और घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की।

    यूं खुली डॉक्टर के झूठ की पोल
    जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल पर माचिस की तीली और ज्वलनशील पदार्थ मिले थे, जबकि आरोपी डॉक्टर कार में CNG ब्लास्ट होने का दावा कर रहा था। हालांकि जांच में यह बात पूरी तरह झूठी निकली। क्योंकि जांच में पता चला कि CNG के टैंक में गैस थी ही नहीं और डॉक्टर पिछले दो दिनों से पेट्रोल का उपयोग कर रहा था। आरोपी द्वारा सीसीटीवी फुटेज डिलीट करना और बार-बार बयान बदलने की वजह से भी वह पुलिस जांच के घेरे में आ गया।

    आरोपी डॉक्टर और दो सहयोगी गिरफ्तार
    पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मुख्य आरोपी डॉक्टर नीलेश कुर्मी सहित उसके सहयोगी रामकृष्ण कुर्मी और शुभम कुर्मी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी डॉक्टर ने इस अपराध में शामिल होने के लिए सहयोगियों को दो-दो लाख रुपए का लालच दिया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

  • US में आंशिक शटडाउन के कारण 450 अधिकारियों ने दिया इस्तीफा… एयरपोर्ट पर लगी लंबी कतारें

    US में आंशिक शटडाउन के कारण 450 अधिकारियों ने दिया इस्तीफा… एयरपोर्ट पर लगी लंबी कतारें


    वाशिंगटन।
    अमेरिका (America) में आंशिक सरकारी शटडाउन (Partial Government Shutdown) शुरू होने के बाद से अब तक 450 से अधिक परिवहन सुरक्षा प्रशासन (TSA) अधिकारियों ने इस्तीफा दे दिया है। वेतन न मिलने की स्थिति में कर्मचारियों की अनुपस्थिति बढ़ने से अमेरिकी हवाई अड्डों (American Airports) पर लंबी कतारें लग गई हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (President Donald Trump) ने इस संकट से निपटने के लिए आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) अधिकारियों को एयरपोर्ट सुरक्षा ड्यूटी पर लगाने का आदेश दिया है, जिससे कुछ सांसदों में चिंता व्यक्त की जा रही है।

    सीनेटर गृह सुरक्षा विभाग (डीएचएस) के बजट गतिरोध को खत्म करने के लिए एक प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं। इस समझौते में विभाग के अधिकांश कार्यों के लिए धन मुहैया कराने का प्रावधान है, जिसमें टीएसए के हवाई अड्डा कर्मचारियों को वेतन देना भी शामिल है। हालांकि, विवाद का मुख्य मुद्दा रहे अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICEA) के निष्कासन अभियानों को इस फंडिंग से बाहर रखा गया है। डीएचएस की देखरेख अब ओक्लाहोमा के सीनेटर मार्कवेन मुलिन कर रहे हैं, जिनके नामांकन को सीनेट ने सोमवार को 54-45 के मतभेद से मंजूरी दे दी। मुलिन ने खुद को स्थिर नेतृत्वकर्ता के रूप में पेश करते हुए कहा है कि विभाग को सुर्खियों से बाहर निकालना उनका प्रमुख लक्ष्य होगा।


    शिकागो के ओ’हेयर एयरपोर्ट पर दिखे आईसीई एजेंट्स

    मंगलवार को शिकागो के ओ’हेयर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सुरक्षा चौकी के पास हरे रंग की सामरिक जैकेट पहने संघीय अधिकारी टीएसए एजेंटों के साथ काम करते दिखे। एक अधिकारी की जैकेट पर आईसीई कर्मी की पहचान थी, जबकि दूसरे पर ‘संघीय एजेंट’ का बैज लगा था। एयरपोर्ट के पांच टर्मिनलों में से एक पर एक्स-रे मशीन के पास ये अधिकारी टीएसए टीम के साथ खड़े थे। हालांकि, ओ’हेयर पर सुरक्षा व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही थी और देरी के कोई बड़े संकेत नहीं थे। एसोसिएटेड प्रेस के फोटोग्राफर ने पांच एजेंटों को काली जैकेट में देखा, जो होमलैंड सिक्योरिटी अधिकारी लग रहे थे। ये एजेंट बाद में एक अलग टर्मिनल से होकर बाहर खड़ी गाड़ी में बैठ गए।


    शटडाउन के बाद टीएसए में भारी अनुपस्थिति

    डीएचएस के आंकड़ों के अनुसार, 14 फरवरी से शुरू हुए शटडाउन के बाद कम से कम 458 टीएसए अधिकारी पूरी तरह इस्तीफा दे चुके हैं। सोमवार को देशभर में टीएसए के लगभग 11 प्रतिशत यानी 3200 से अधिक कर्मचारी काम पर नहीं पहुंचे। कुछ प्रमुख हवाई अड्डों पर अनुपस्थिति दर तीन से चार गुना तक बढ़ गई…
    – ह्यूस्टन विलियम पी. हॉबी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा: 40%
    – अटलांटा हार्ट्सफील्ड-जैक्सन: 37%
    – ह्यूस्टन जॉर्ज बुश इंटरकॉन्टिनेंटल: 36%
    – न्यूयॉर्क जॉन एफ. कैनेडी: 34%
    – न्यू ऑरलियन्स लुई आर्मस्ट्रांग: 35%
    – बाल्टीमोर-वाशिंगटन: 30%

    रिपोर्ट के अनुसार, ह्यूस्टन जॉर्ज बुश एयरपोर्ट पर मंगलवार को सामान्य स्क्रीनिंग के लिए औसत प्रतीक्षा समय चार घंटे तक पहुंच गया। मियामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे ने भी कुछ चेकपॉइंट्स पर प्रायोरिटी लेन अस्थायी रूप से बंद कर दी हैं। ह्यूस्टन जॉर्ज बुश इंटरकॉन्टिनेंटल एयरपोर्ट ने यात्रियों को चेतावनी दी है कि सुरक्षा लाइन में लगने से पहले बाथरूम का इस्तेमाल कर लें, क्योंकि कतारें मेट्रो सुरंग तक लंबी हो सकती हैं, जहां शौचालय या खाने-पीने की सुविधा नहीं है। न्यूयॉर्क के लागार्डिया, जेएफके और न्यू जर्सी के न्यूआर्क एयरपोर्ट पर यात्रियों को मंगलवार सुबह भी ऑनलाइन लाइव प्रतीक्षा समय नहीं दिख रहा था।

  • बाल झड़ने और डैंड्रफ की समस्या? गर्मियों में एलोवेरा बनेगा आपका उपाय

    बाल झड़ने और डैंड्रफ की समस्या? गर्मियों में एलोवेरा बनेगा आपका उपाय


    नई दिल्ली। गर्मियों का मौसम बालों और स्कैल्प के लिए कई चुनौतियां लेकर आता है। तेज धूप, पसीना और धूल के कारण बाल कमजोर पड़ने लगते हैं, झड़ने लगते हैं और स्कैल्प में खुजली व डैंड्रफ की समस्या आम हो जाती है। ऐसे समय में शैंपू-कंडीशनर से ज्यादा असरदार और प्राकृतिक उपाय के रूप में एलोवेरा को माना जाता है।

    नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के विशेषज्ञों के अनुसार, एलोवेरा आयुर्वेद का सबसे भरोसेमंद और प्राकृतिक विकल्प है। यह बालों और स्कैल्प की गहराई तक सफाई करता है, जड़ों को मजबूत बनाता है और बालों को सिरे तक स्वस्थ बनाए रखता है। एलोवेरा में मौजूद प्राकृतिक एंजाइम, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट्स बालों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं।

    एलोवेरा स्कैल्प पर जमा अतिरिक्त तेल को हटाता है, जिससे तैलीय बालों की समस्या कम होती है। यह बालों की जड़ों को पोषण देता है, टूटने-झड़ने से बचाता है और बालों को रिपेयर करने में मदद करता है। इसके एंटी-फंगल गुण डैंड्रफ और अन्य फंगल इंफेक्शन को रोकते हैं। साथ ही यह खुजली को शांत करता है और गर्मियों में पसीने से होने वाली जलन और इरिटेशन से तुरंत राहत देता है।

    एलोवेरा से बालों की देखभाल करना बेहद आसान है। इसके लिए ताजा एलोवेरा का जेल निकालकर सीधे स्कैल्प पर लगाएं और 30-40 मिनट बाद हल्के शैंपू से धो लें। सप्ताह में 2-3 बार एलोवेरा जेल में नारियल तेल मिलाकर सिर की मालिश करने से बालों की जड़ों को अतिरिक्त पोषण मिलता है और बाल मजबूत होते हैं। इसके अलावा, एलोवेरा जेल को नींबू के रस के साथ मिलाकर लगाने से डैंड्रफ और तैलीयता कम होती है। बालों में एलोवेरा जेल को रातभर लगाकर सुबह धोने से बाल मुलायम, चमकदार और स्वस्थ बनते हैं।

    आयुर्वेद विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से एलोवेरा का उपयोग करने से बालों की जड़ें मजबूत होती हैं, बालों का झड़ना कम होता है और स्कैल्प स्वस्थ रहता है। यह गर्मियों में केमिकल युक्त शैंपू के विकल्प के रूप में सबसे सुरक्षित और प्राकृतिक तरीका है। एलोवेरा न केवल बालों को पोषण देता है बल्कि स्कैल्प को ठंडक और राहत भी प्रदान करता है।

    गर्मियों में एलोवेरा का उपयोग बालों की लंबी उम्र, उनकी मजबूती और प्राकृतिक चमक बनाए रखने के लिए अत्यंत प्रभावी है। इसे घर पर आसानी से इस्तेमाल किया जा सकता है और यह बालों की देखभाल को सरल, सुरक्षित और प्राकृतिक बनाता है। इस प्रकार, गर्मियों में बालों और स्कैल्प की पूरी देखभाल के लिए शैंपू-कंडीशनर की जगह एलोवेरा अपनाना न केवल फायदेमंद है बल्कि आयुर्वेदिक दृष्टि से भी यह अत्यंत प्रभावशाली उपाय है।

  • अंकुरित अनाज: सही तरीका और सही व्यक्ति, नहीं तो हो सकता है नुकसान

    अंकुरित अनाज: सही तरीका और सही व्यक्ति, नहीं तो हो सकता है नुकसान


    नई दिल्ली । प्रोटीन और फाइबर शरीर के लिए ऊर्जा, ताकत और मांसपेशियों के विकास में अहम भूमिका निभाते हैं। हालांकि, रोजमर्रा के आहार में इनकी पर्याप्त मात्रा शामिल करना अक्सर मुश्किल होता है। ऐसे में लोग अंकुरित अनाज यानी स्प्राउट्स का सहारा लेते हैं, क्योंकि यह पोषण का एक प्राकृतिक और समृद्ध स्रोत माना जाता है। लेकिन आयुर्वेद और पोषण विशेषज्ञों के अनुसार अंकुरित आहार का सही सेवन और सही व्यक्ति के लिए ही लाभकारी होता है।

    अंकुरित अनाज कई तरह से शरीर को फायदा पहुंचाते हैं। इनमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स की पर्याप्त मात्रा होती है, जो शरीर की ऊर्जा बढ़ाने, मांसपेशियों को मजबूत करने और कोशिकाओं के निर्माण में सहायक होती है। लेकिन यदि इसे सही तरीके से नहीं लिया जाए तो यह पाचन संबंधी समस्याओं का कारण भी बन सकता है।

    आयुर्वेद के अनुसार अंकुरित अनाज पचने में थोड़ा भारी होता है और अधिक सेवन से वात दोष और गैस की समस्या बढ़ सकती है। इससे शरीर में रूखापन बढ़ सकता है। इसलिए विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि स्प्राउट्स को हमेशा हल्का पकाकर, घी या तेल के साथ और सीमित मात्रा में ही लिया जाए। ऐसा करने से यह शरीर को ताकत देने के साथ पाचन को भी संतुलित रखता है।

    विशेष रूप से जिन लोगों का पाचन मंद है और कब्ज की समस्या रहती है, उन्हें अंकुरित आहार से बचना चाहिए। पाचन मंद होने पर अंकुरित अनाज शरीर में ठीक से पच नहीं पाता और पोषण की जगह शरीर में विषाक्त पदार्थ जमा हो सकते हैं। इसी कारण बच्चे और बुजुर्गों को भी अंकुरित अनाज देने से बचने की सलाह दी जाती है, क्योंकि इन उम्र में पाचन सबसे कमजोर होता है।

    इसके अलावा वात प्रवृत्ति वाले लोग भी इस आहार का सेवन सीमित मात्रा में ही करें। आयुर्वेद में वात दोष को बढ़ाने वाले आहार से बचने की सलाह दी जाती है, और अंकुरित अनाज वात में वृद्धि कर सकता है। इसलिए इसे हल्का पकाकर, घी या तेल के साथ, और उचित मात्रा में लेना ही फायदेमंद होता है।

    अंकुरित अनाज का सेवन करते समय कुछ विशेष उपाय भी ध्यान में रखने चाहिए। सबसे पहले इसे कच्चा खाने से बचें। अंकुरित अनाज को हल्का उबालकर या घी/तेल में पकाकर ही खाना चाहिए। इसके अलावा अंकुरित अनाज को तुरंत ही सेवन करना चाहिए। ज्यादा लंबे समय तक अंकुरित रहने पर इसके पोषक तत्वों पर असर पड़ सकता है।

    इस प्रकार, अंकुरित अनाज का सेवन शरीर के लिए लाभकारी है, लेकिन केवल सही व्यक्ति और सही तरीके से ही। नियमित रूप से नियंत्रित मात्रा में और हल्का पकाकर सेवन करने से यह ऊर्जा, ताकत और पाचन दोनों में सुधार करता है। वहीं, गलत तरीके या अधिक मात्रा में लेने पर यह पाचन और वात दोष जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। इसलिए स्वास्थ्य और आयुर्वेदिक दृष्टि से स्प्राउट्स को संतुलित, समय पर और विधिपूर्वक ही आहार में शामिल करना सबसे सुरक्षित तरीका माना जाता है।

  • महाअष्टमी पर नवार्ण मंत्र जाप से मिलेगा विशेष फल, पूरी होंगी मनोकामनाएं

    महाअष्टमी पर नवार्ण मंत्र जाप से मिलेगा विशेष फल, पूरी होंगी मनोकामनाएं

    नई दिल्ली । चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व हिंदू धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है और इस दौरान प्रत्येक दिन देवी के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। इनमें महाअष्टमी का विशेष महत्व होता है, जो इस बार 26 मार्च को पड़ रही है। इस दिन मां दुर्गा के अष्टम स्वरूप मां महागौरी की विधि-विधान से पूजा की जाती है और कन्या पूजन का भी विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि इस दिन की गई पूजा, साधना या मंत्र जाप का फल कई गुना अधिक प्राप्त होता है।

    नवरात्रि को देवी भक्ति और साधना का सबसे श्रेष्ठ समय माना गया है। इस दौरान श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा से देवी की विशेष कृपा प्राप्त होती है और जीवन की अनेक बाधाएं दूर होती हैं। विशेष रूप से महाअष्टमी का दिन साधना और मंत्र जाप के लिए अत्यंत फलदायी माना गया है।

    इसी संदर्भ में नवार्ण मंत्र का विशेष महत्व बताया गया है। यह मंत्र नवार्ण मंत्र यानी ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे के रूप में जाना जाता है। इस मंत्र को दुर्गा साधना का अत्यंत प्रभावशाली और सिद्ध मंत्र माना गया है। नवार्ण शब्द में नव का अर्थ नौ और अर्ण का अर्थ अक्षर होता है, जो इस मंत्र के नौ अक्षरों को दर्शाता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस मंत्र के प्रत्येक अक्षर में देवी शक्ति का विशेष स्वरूप समाहित होता है। इसे ब्रह्मा, विष्णु और महेश के साथ-साथ महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की शक्तियों से भी जोड़ा जाता है। यही कारण है कि इस मंत्र का जाप करने से साधक को मानसिक, आध्यात्मिक और भौतिक स्तर पर लाभ प्राप्त होता है।

    माना जाता है कि नवार्ण मंत्र का नियमित जाप करने से व्यक्ति के भीतर साहस और आत्मविश्वास का संचार होता है, भय और नकारात्मकता दूर होती है तथा जीवन में शांति और संतुलन बना रहता है। इसके साथ ही यह मंत्र तरक्की, सुख-समृद्धि और पारिवारिक सुख के लिए भी अत्यंत लाभकारी माना गया है। विद्यार्थियों के लिए यह मंत्र एकाग्रता और सफलता में सहायक होता है, वहीं करियर और व्यवसाय में भी सकारात्मक परिणाम देता है।

    महाअष्टमी के दिन इस मंत्र का जाप विशेष रूप से फलदायी माना गया है। विधि के अनुसार प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण कर माता की पूजा करें और उसके बाद 108 दानों की माला से कम से कम तीन माला जाप करें। जाप करते समय मन को शांत, एकाग्र और श्रद्धा से पूर्ण रखना आवश्यक है। धार्मिक दृष्टि से यह भी माना जाता है कि यदि इस दिन नियमपूर्वक और सच्चे मन से मंत्र जाप किया जाए तो मनोकामनाओं की पूर्ति होती है और जीवन में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं।

    इस प्रकार महाअष्टमी का दिन केवल पूजा-अर्चना का ही नहीं बल्कि आत्मिक शक्ति और सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त करने का भी विशेष अवसर है। नवार्ण मंत्र की साधना के माध्यम से श्रद्धालु मां दुर्गा की कृपा प्राप्त कर अपने जीवन को सुख, शांति और समृद्धि की दिशा में अग्रसर कर सकते हैं।

  • एलपीजी और पेट्रोल-डीजल की सप्लाई स्थिर, घबराने की जरूरत नहीं

    नई दिल्ली। सरकार ने बताया है कि देश में सभी गैस रिफाइनरियां पूरी क्षमता के साथ काम कर रही हैं और एलपीजी की सप्लाई लगातार सुचारू बनी हुई है। अब तक 18,700 टन कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति की जा चुकी है, जिससे बाजार में स्थिरता बनी हुई है

    अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने जानकारी दी कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और 1 लाख से अधिक पेट्रोल पंप सामान्य रूप से काम कर रहे हैं

    सरकार सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन (सीजीडी) नेटवर्क के विस्तार पर भी जोर दे रही है। इसके तहत स्कूलों, कॉलेजों और आंगनवाड़ी किचन में पीएनजी कनेक्शन तेजी से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिल सके

    देशभर में पीएनजी कनेक्शन बढ़ाने के प्रयासों के चलते केवल एक दिन में हजारों नए कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि मार्च के पहले तीन हफ्तों में 3.5 लाख से अधिक कनेक्शन जोड़े गए हैं

    सरकार का कहना है कि एलपीजी की सप्लाई को लेकर किसी तरह की कमी नहीं है और सप्लाई चैन को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किया जा रहा है। साथ ही, घबराहट में खरीदारी न करने की अपील भी की गई है, क्योंकि पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है

    वर्तमान भू-राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भी सरकार ने भरोसा दिलाया है कि घरेलू और आवश्यक क्षेत्रों को प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि आम जनता को किसी तरह की असुविधा न हो सरकार का दावा है कि देश में ईंधन और गैस की आपूर्ति स्थिर है और आने वाले समय में भी इसे और मजबूत किया जाएगा

  • किसानों के मुद्दों पर सिंघार का सरकार पर दबाव, गेहूं खरीदी 3000 रुपये करने की मांग

    किसानों के मुद्दों पर सिंघार का सरकार पर दबाव, गेहूं खरीदी 3000 रुपये करने की मांग

    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने प्रदेश के किसानों की समस्याओं को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव को पत्र लिखकर महत्वपूर्ण मांगें उठाई हैं। उन्होंने किसानों को आर्थिक राहत देने और उनकी परेशानियों को कम करने के लिए गेहूं खरीदी दर में वृद्धि तथा ऋण वसूली की समय-सीमा बढ़ाने की अपील की है।

    नेता प्रतिपक्ष के कार्यालय की ओर से जारी जानकारी के अनुसार उमंग सिंघार ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वर्तमान परिस्थितियों में किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में उन्होंने राज्य सरकार से गेहूं की खरीदी 3000 रुपये प्रति क्विंटल करने की मांग की है, ताकि किसानों को उनकी मेहनत का उचित प्रतिफल मिल सके और वे आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें।

    सिंघार ने अपने पत्र में यह भी कहा कि प्रदेश के किसान वर्तमान में कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं, जिनमें बढ़ती लागत, मौसम की अनिश्चितता और बाजार में मूल्य अस्थिरता प्रमुख हैं। इन परिस्थितियों में यदि सरकार किसानों को पर्याप्त समर्थन नहीं देती है तो उनकी आर्थिक स्थिति और कमजोर हो सकती है।

    इसके साथ ही उन्होंने किसानों पर बढ़ते ऋण के बोझ को ध्यान में रखते हुए ऋण वसूली की अंतिम तिथि 30 अप्रैल तक बढ़ाने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे किसानों को कुछ राहत मिलेगी और वे बिना दबाव के अपनी आर्थिक स्थिति को संभाल सकेंगे।

    सिंघार ने मुख्यमंत्री से यह भी आग्रह किया है कि किसानों की समस्याओं के समाधान के लिए त्वरित और प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र प्रदेश की अर्थव्यवस्था का आधार है और किसानों की समृद्धि के बिना समग्र विकास संभव नहीं है।

    राजनीतिक दृष्टि से भी इस पत्र को महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि यह सीधे तौर पर किसानों के मुद्दों को केंद्र में रखकर सरकार पर दबाव बनाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले समय में इस विषय पर सरकार की प्रतिक्रिया और संभावित निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि गेहूं खरीदी दर में वृद्धि की जाती है तो इसका सीधा लाभ किसानों को मिलेगा, लेकिन इसके साथ ही राज्य के वित्तीय प्रबंधन पर भी प्रभाव पड़ सकता है। वहीं ऋण वसूली की समय-सीमा बढ़ाने से किसानों को अल्पकालिक राहत मिल सकती है।

    इस पूरे घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि प्रदेश में किसानों के मुद्दे एक बार फिर राजनीतिक और नीतिगत चर्चा के केंद्र में आ गए हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन मांगों पर किस प्रकार का निर्णय लेती है और किसानों को कितनी राहत मिल पाती है।

  • दिग्विजय सिंह का अयोध्या दौरा 26 मार्च को, रामलला के करेंगे दर्शन

    दिग्विजय सिंह का अयोध्या दौरा 26 मार्च को, रामलला के करेंगे दर्शन


    भोपाल । मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह 26 मार्च को अयोध्या की यात्रा पर जाएंगे। इस दौरान वे राम मंदिर अयोध्या में विराजमान रामलला के दर्शन करेंगे और हनुमानगढ़ी में भी पूजा-अर्चना करेंगे। राम मंदिर निर्माण के बाद यह उनका पहला अयोध्या दौरा होगा, जिसे लेकर राजनीतिक और धार्मिक दोनों ही दृष्टिकोण से यह यात्रा महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    दिग्विजय सिंह ने मंदिर निर्माण के दौरान एक संकल्प लिया था कि जब तक प्रभु श्रीराम का भव्य मंदिर पूर्ण रूप से तैयार नहीं हो जाता, तब तक वे अयोध्या जाकर दर्शन नहीं करेंगे। अब जब राम मंदिर का मुख्य निर्माण कार्य पूर्णता की ओर है, तो वे अपने उसी संकल्प को पूरा करने के लिए अयोध्या जा रहे हैं।

    उनकी यह यात्रा केवल एक धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि उनके व्यक्तिगत संकल्प और विश्वास को भी दर्शाती है। लंबे समय से राम मंदिर निर्माण को लेकर देशभर में चर्चा और भावनात्मक जुड़ाव रहा है, ऐसे में मंदिर निर्माण के बाद विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक हस्तियों के अयोध्या दौरे भी लगातार हो रहे हैं।

    अयोध्या, जो कि अयोध्या में स्थित है, हिंदू आस्था का एक प्रमुख केंद्र है और राम मंदिर निर्माण के बाद इसकी धार्मिक महत्ता और भी बढ़ गई है। यहां देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। दिग्विजय सिंह का यह दौरा भी इसी क्रम में देखा जा रहा है, जहां वे व्यक्तिगत श्रद्धा के साथ भगवान श्रीराम के दर्शन करेंगे।

    राजनीतिक दृष्टि से भी यह दौरा महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि दिग्विजय सिंह लंबे समय से राष्ट्रीय राजनीति में सक्रिय रहे हैं और उनके हर कदम पर राजनीतिक विश्लेषकों की नजर रहती है। हालांकि, उनके इस दौरे को व्यक्तिगत आस्था और संकल्प से जोड़कर देखा जा रहा है।

    सूत्रों के अनुसार अयोध्या प्रवास के दौरान वे मंदिर में पूजा-अर्चना कर देश और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। साथ ही वे हनुमानगढ़ी में भी दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त करेंगे, जो अयोध्या का एक प्रमुख धार्मिक स्थल माना जाता है।

    राम मंदिर का निर्माण देश के लिए एक ऐतिहासिक और भावनात्मक घटना रहा है और इसके पूर्ण होने के साथ ही अयोध्या एक प्रमुख धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में तेजी से उभर रहा है। इस बीच, दिग्विजय सिंह का यह दौरा उनके व्यक्तिगत संकल्प की पूर्ति के साथ-साथ आस्था और श्रद्धा का भी प्रतीक बनकर सामने आया है।