Author: bharati

  • एलन मस्क ने राहुल गांधी को कहा थैंक्यू, स्टारलिंक लाइसेंस पर उठाए सवाल; भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को लेकर बढ़ी चर्चा

    एलन मस्क ने राहुल गांधी को कहा थैंक्यू, स्टारलिंक लाइसेंस पर उठाए सवाल; भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवा को लेकर बढ़ी चर्चा

    नई दिल्ली: अमेरिकी उद्योगपति एलन मस्क और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बीच भारत में स्टारलिंक की सेवाओं को लेकर सोशल मीडिया पर बातचीत हुई है। राहुल गांधी के जवाब पर मस्क ने प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें धन्यवाद कहा और मामले को चिंताजनक बताया। मस्क ने इससे पहले सवाल उठाया था कि उनकी कंपनी स्टारलिंक को 165 से अधिक देशों में लाइसेंस मिल चुका है और वह पिछले पांच वर्षों से भारत सरकार के कानूनों तथा आवश्यकताओं का पालन करने की बात कह रही है, इसके बावजूद भारत में उसे अब तक लाइसेंस क्यों नहीं मिला है। राहुल गांधी ने जवाब में लिखा था कि एलन मस्क का भारत में स्वागत है और दूसरे व्यक्ति से मिलने पर उन्हें इस मामले के बारे में और जानकारी मिलेगी। हालांकि, राहुल गांधी ने अपने संदेश में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिया। इस बातचीत के बाद भारत में सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं की शुरुआत और कंपनियों के लिए लागू नियमों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

    मस्क ने राहुल गांधी के संदेश के जवाब में कहा कि यह स्थिति वास्तव में चिंताजनक है। इससे पहले भी वह भारत में स्टारलिंक की सेवाओं को लेकर सवाल उठा चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया था कि कुछ प्रभावशाली समूह भारतीय बाजार में अपनी एकाधिकार वाली स्थिति बनाए रखने के लिए उनकी कंपनी को रोक रहे हैं। मस्क ने इस कथित रोक को भारतीय लोगों के हितों के खिलाफ बताया था। हालांकि, भारत सरकार ने इन आरोपों पर आपत्ति जताते हुए कहा है कि देश में दूरसंचार सेवाओं के लिए निष्पक्ष और बिना भेदभाव वाली नियामकीय व्यवस्था लागू है। स्टारलिंक, स्पेसएक्स की उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवा है, जो सैटेलाइट के माध्यम से इंटरनेट उपलब्ध कराने की योजना पर काम कर रही है। कंपनी भारतीय बाजार में सेवाएं शुरू करने के लिए जरूरी प्रक्रियाएं पूरी कर रही है। इस बीच लाइसेंस, स्पेक्ट्रम आवंटन और सुरक्षा संबंधी मंजूरियों को लेकर अलग-अलग पक्षों के बयान सामने आए हैं।

    स्टारलिंक की ओर से भारतीय बाजार में प्रवेश की तैयारियों को लेकर भी जानकारी दी गई है। कंपनी की अधिकारी लॉरेन ड्रेयर ने कहा था कि भारत में सेवा शुरू करने के लिए जरूरी बुनियादी ढांचे की तैयारी में निवेश किया गया है। कंपनी भारत में अपनी उपग्रह आधारित इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराने के लिए तैयार होने की बात कह चुकी है। हालांकि, सेवा शुरू करने के लिए केवल लाइसेंस मिलना पर्याप्त नहीं है। संबंधित कंपनियों को स्पेक्ट्रम आवंटन और सुरक्षा मंजूरी जैसी आवश्यक प्रक्रियाएं भी पूरी करनी होंगी। भारत में उपग्रह संचार सेवाओं के क्षेत्र में स्टारलिंक के अलावा जियो सैटकॉम और यूटेलसैट वनवेब भी मौजूद हैं। इन कंपनियों को देश में सेवाएं शुरू करने के लिए लाइसेंस दिए जा चुके हैं। इसके बावजूद व्यावसायिक स्तर पर सेवा शुरू करने से पहले निर्धारित नियामकीय और सुरक्षा शर्तों का पालन करना जरूरी है। इसी वजह से लाइसेंस मिलने और सेवाओं के वास्तविक संचालन के बीच अंतर बना हुआ है।

    भारत सरकार ने मस्क के आरोपों के जवाब में कहा है कि देश में सैटेलाइट संचार समेत सभी दूरसंचार सेवाओं के लिए निष्पक्ष व्यवस्था लागू है। सरकार के अनुसार, नियामकीय नियमों या उन्हें लागू करने की प्रक्रिया को अनुचित बताना सही नहीं है। दूरसंचार सेवाओं के लिए निर्धारित लाइसेंस शर्तों के तहत प्रत्येक उपग्रह संचार कंपनी को सुरक्षा संबंधी आवश्यकताओं के पालन की पुष्टि करनी होती है। इन शर्तों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सेवाएं निर्धारित नियमों के अनुसार संचालित हों। सरकार ने स्पष्ट किया है कि नियम किसी एक कंपनी को ध्यान में रखकर नहीं बनाए गए हैं, बल्कि सभी संबंधित कंपनियों पर लागू होते हैं।

    संचार राज्यमंत्री चंद्रशेखर पेम्मासानी ने भी इस मामले पर जानकारी देते हुए कहा कि सैटेलाइट संचार सेवाओं से जुड़े सुरक्षा मुद्दों पर गृह मंत्रालय विचार कर रहा है। आवश्यक मंजूरी मिलने के बाद कंपनियों को सेवाएं शुरू करने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने बताया कि दूरसंचार विभाग ने सैटेलाइट संचार कंपनियों को लाइसेंस देने के साथ अस्थायी स्पेक्ट्रम भी आवंटित किया है। उनके अनुसार, इस प्रक्रिया का संबंध किसी एक कंपनी से नहीं है। ऐसे में स्टारलिंक की भारत में शुरुआत का मामला कंपनी की तैयारियों के साथ सुरक्षा मंजूरी और अन्य नियामकीय आवश्यकताओं पर भी निर्भर करता है।

  • नाना पाटेकर का देर रात क्यों हुआ अंतिम संस्कार? बेटे मल्हार ने बताई वजह, 75 साल की उम्र में हुआ निधन

    नाना पाटेकर का देर रात क्यों हुआ अंतिम संस्कार? बेटे मल्हार ने बताई वजह, 75 साल की उम्र में हुआ निधन

    नई दिल्ली: हिंदी और मराठी सिनेमा के अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। गोवा में उनके निधन के बाद गुरुवार, 8 अक्टूबर की देर रात उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे मल्हार पाटेकर और पत्नी ने उन्हें मुखाग्नि दी। नाना पाटेकर के अंतिम दर्शन और विदाई के लिए उनके परिवार के सदस्यों, करीबी लोगों और फिल्म जगत से जुड़े कई कलाकारों ने पहुंचकर श्रद्धांजलि दी। हालांकि, देर रात अंतिम संस्कार किए जाने को लेकर सवाल भी उठे। इस पर उनके बेटे मल्हार ने स्पष्ट किया कि परिवार ने किसी विशेष वजह से अंतिम संस्कार में देरी नहीं की थी। उन्होंने बताया कि नाना पाटेकर के निधन की घटना सुबह जल्दी हुई थी और तब तक काफी समय बीत चुका था। इसी कारण परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला लिया।

    नाना पाटेकर के अंतिम संस्कार के बाद उनके बेटे मल्हार से पूछा गया कि जब फिल्म जगत के कई लोग और अन्य परिचित उन्हें अंतिम विदाई देना चाहते थे, तो अंतिम संस्कार इतनी देर रात क्यों किया गया। सवाल में यह भी कहा गया कि देर होने के कारण फिल्म उद्योग से जुड़े कई लोग अंतिम दर्शन के लिए नहीं पहुंच सके। इस पर मल्हार ने कहा कि ऐसी कोई विशेष बात नहीं थी कि अंतिम संस्कार देर रात ही करना जरूरी था। उन्होंने बताया कि परिवार के सामने ऐसा कोई कारण नहीं था कि अंतिम संस्कार अगले दिन किया जाता। चूंकि घटना सुबह जल्दी हुई थी और तब तक काफी समय बीत चुका था, इसलिए परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया। उनके बयान से स्पष्ट हुआ कि अंतिम विदाई का समय परिवार के फैसले के अनुसार तय किया गया था।

    नाना पाटेकर को अंतिम विदाई राजकीय सम्मान के साथ दी गई। उनके अंतिम सफर के दौरान मौजूद लोगों ने श्रद्धांजलि दी और ‘नाना साहेब अमर रहें’ के नारे भी सुनाई दिए। उनके निधन से फिल्म जगत में शोक का माहौल रहा। अंतिम संस्कार में अभिनेता जैकी श्रॉफ, फिल्म निर्देशक अनिल शर्मा, प्रवीण तरड़े, फिल्म ‘क्रांतिवीर’ के निर्देशक मेहुल कुमार, ‘नटसम्राट’ के लेखक किरण और महेश मांजरेकर की पत्नी मेधा मांजरेकर सहित कई लोग पहुंचे। इन लोगों ने नाना पाटेकर को अंतिम विदाई दी। उनके लंबे फिल्मी करियर और अभिनय के कारण उन्हें जानने वाले लोगों के लिए उनका निधन एक बड़ी क्षति है। अंतिम संस्कार में शामिल लोगों ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की।

    नाना पाटेकर का निधन गोवा स्थित उनके फ्लैट में सीने में तेज दर्द होने के बाद हुआ। जानकारी के मुताबिक, उनकी तबीयत बिगड़ने पर घर पर मेडिकल टीम पहुंची। उस समय वह बेहोशी की हालत में मिले। उन्हें बचाने के लिए चिकित्सकीय प्रयास किए गए और इसके बाद तुरंत मणिपाल अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की कोशिश जारी रखी। बताया गया कि डॉक्टरों ने करीब 45 मिनट तक सीपीआर दिया, लेकिन उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ। इसके बाद सुबह 5 बजकर 20 मिनट पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। नाना पाटेकर 75 वर्ष के थे। उनके निधन के बाद परिवार ने उसी दिन अंतिम संस्कार करने का फैसला किया और देर रात उन्हें अंतिम विदाई दी गई। उनके बेटे मल्हार ने अंतिम संस्कार के समय को लेकर उठे सवालों पर परिवार का पक्ष स्पष्ट किया।

  • बिग बॉस 20 में नया ट्विस्ट लाएंगी कुमार सानू की बेटी? शेनन के के नाम ने बढ़ाई हलचल, जानिए सिंगिंग से एक्टिंग तक का सफर

    बिग बॉस 20 में नया ट्विस्ट लाएंगी कुमार सानू की बेटी? शेनन के के नाम ने बढ़ाई हलचल, जानिए सिंगिंग से एक्टिंग तक का सफर


    नई दिल्ली। बिग बॉस 20 में अब शो के पहले वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। खबरों के मुताबिक इस बार शो में एक महिला सेलिब्रिटी की एंट्री हो सकती है और इसके लिए मशहूर बॉलीवुड गायक कुमार सानू की बेटी शेनन के का नाम सामने आ रहा है। हालांकि उनकी एंट्री को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। अगर शेनन शो का हिस्सा बनती हैं तो दर्शकों को एक ऐसी कलाकार को करीब से जानने का मौका मिलेगा जिन्होंने भारतीय संगीत जगत से पारिवारिक संबंध होने के बावजूद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की है।

    शेनन के का जन्म नाम सना कुमार सानू बताया जाता है। वह भारतीय मूल की अमेरिकी गायिका गीतकार और अभिनेत्री हैं। उनके पिता कुमार सानू हिंदी फिल्म संगीत के चर्चित गायकों में शामिल हैं। शेनन का जन्म भारत में हुआ और उनकी परवरिश लंदन में हुई। इसके बाद वह अमेरिका के लॉस एंजिल्स चली गईं जहां उन्होंने संगीत और मनोरंजन की दुनिया में अपने करियर को आगे बढ़ाया। अपने पिता की तरह हिंदी फिल्म संगीत में करियर बनाने के बजाय उन्होंने पश्चिमी पॉप संगीत को अपना प्रमुख क्षेत्र बनाया।

    शेनन ने अपने संगीत के जरिए अलग तरह के विषयों को उठाने की कोशिश की है। उनके गानों में आत्मविश्वास रिश्तों आत्मसम्मान और बुलीइंग जैसे मुद्दों की झलक मिलती है। उनके संगीत को केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं माना जाता बल्कि कुछ गीतों के माध्यम से उन्होंने युवाओं से जुड़े सामाजिक विषयों पर भी ध्यान खींचा है। उनके गानों में अ लॉन्ग टाइम गिव मी योर हैंड रन एंटीडोट ओटीटी और नॉट माई शेड जैसे नाम शामिल हैं।

    अंतरराष्ट्रीय मंचों पर कर चुकी हैं परफॉर्म

    शेनन के ने अपने संगीत करियर में अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी प्रस्तुति दी है। उनके गीत गिव मी योर हैंड को बुलीइंग के खिलाफ जागरूकता अभियान से जोड़ा गया था। इस गाने के जरिए उन्होंने लोगों को दूसरों के प्रति संवेदनशील रहने और आत्मविश्वास बनाए रखने का संदेश देने की कोशिश की। उनकी संगीत यात्रा में अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों और बड़े मंचों पर प्रस्तुति देने के अवसर भी शामिल रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक वह लंदन के रॉयल अल्बर्ट हॉल में परफॉर्म कर चुकी हैं और साल 2025 में कोचेला में भी प्रस्तुति दी थी।

    उनका हालिया सिंगल नॉट माई शेड भी चर्चा में रहा है। इस गाने में उनके संगीत का व्यक्तिगत पक्ष देखने को मिलता है। शेनन सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रहती हैं और अपने काम से जुड़ी तस्वीरें तथा वीडियो साझा करती हैं। रिपोर्ट के अनुसार इंस्टाग्राम पर उनके लाखों फॉलोअर्स हैं। वह अपने पिता कुमार सानू के साथ भी तस्वीरें साझा करती रहती हैं।

    संगीत के बाद अभिनय में भी आजमाई किस्मत

    संगीत के अलावा शेनन ने अभिनय की दुनिया में भी कदम रखा है। उन्होंने साल 2020 में फिल्म द बिग फीड से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद वह भारतीय फिल्म चल जिंदगी में नजर आईं जिसमें उन्होंने एक अमेरिकी संगीत छात्रा का किरदार निभाया था। उनके अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स में टोड का नाम भी शामिल है। इसके अलावा उन्होंने अनुपम खेर के निर्देशन में बनी फिल्म तन्वी द ग्रेट के लिए अपनी आवाज भी दी थी।

    क्या बिग बॉस में आएगा नया ट्विस्ट

    बिग बॉस जैसे रियलिटी शो में वाइल्ड कार्ड एंट्री अक्सर घर के समीकरणों को बदलने और प्रतियोगियों के बीच नई चर्चाएं शुरू करने का मौका देती है। शेनन के की संभावित एंट्री को लेकर दर्शकों में उत्सुकता हो सकती है क्योंकि उनकी पृष्ठभूमि संगीत और अभिनय दोनों से जुड़ी है। हालांकि फिलहाल यह खबर अटकलों पर आधारित है और उनकी भागीदारी की पुष्टि होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। ऐसे में अब दर्शकों की नजर शो के निर्माताओं की आधिकारिक घोषणा पर टिकी है।

  • इमरान खान की बहनों की हिरासत पर बेटे कासिम का गंभीर आरोप, परिवार और वकीलों को नहीं मिल रही जानकारी

    इमरान खान की बहनों की हिरासत पर बेटे कासिम का गंभीर आरोप, परिवार और वकीलों को नहीं मिल रही जानकारी

    नई दिल्ली: पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक इमरान खान के बेटे कासिम खान ने अपनी तीन मौसियों की हिरासत को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। कासिम का कहना है कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने उनकी मौसियों अलीमा खान, नोरीन नियाजी और उजमा खान को अगवा कर लिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवार और वकीलों को अब तक यह जानकारी नहीं दी गई है कि तीनों महिलाएं किस स्थिति में हैं, उन्हें कहां रखा गया है और उनकी हिरासत की वजह क्या है। कासिम ने अपने बयान में पिता इमरान खान की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई और कहा कि छह महीने से अधिक समय से उनका और उनके भाई का पिता से कोई संपर्क नहीं हुआ है। ऐसे में उन्हें इमरान खान की सेहत के बारे में भी सही जानकारी नहीं मिल पा रही है।

    कासिम खान के अनुसार, उनकी मौसियों की स्थिति को लेकर परिवार अनिश्चितता का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि न तो रिश्तेदारों को उनकी हालत के बारे में बताया जा रहा है और न ही कानूनी प्रतिनिधियों को उनसे मिलने की जानकारी या अनुमति मिल रही है। कासिम ने अपने बयान में इमरान खान की हिरासत पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि पाकिस्तान में हजारों लोग शांतिपूर्ण तरीके से सड़कों पर उतरकर इमरान खान की रिहाई की मांग कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके पिता को गैरकानूनी और राजनीतिक कारणों से जेल में रखा गया है। कासिम ने कहा कि लोगों की न्याय की मांग और लोकतांत्रिक अधिकारों को किसी भी प्रकार की रुकावट, धमकी या दबाव से नहीं दबाया जा सकता। उनके मुताबिक, जब तक लोगों की लोकतांत्रिक इच्छा का सम्मान नहीं होगा और उनका चुना हुआ नेता जेल में रहेगा, तब तक देश में स्थायी शांति और स्थिरता स्थापित करना मुश्किल होगा।

    इमरान खान की तीनों बहनों को पिछले महीने 30 दिनों की निवारक हिरासत में लिया गया था। यह कार्रवाई पीटीआई की ओर से 27 सितंबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और इस्लामाबाद तक मार्च की तैयारी के दौरान हुई। पार्टी इस प्रदर्शन के जरिए इमरान खान की सेहत के बारे में जानकारी देने और उन्हें अदियाला जेल से रिहा करने की मांग उठा रही थी। इमरान खान अगस्त 2023 से अदियाला जेल में बंद हैं। पीटीआई ने अपने समर्थकों से देशभर में प्रदर्शन करने और संविधान की सर्वोच्चता के लिए एकजुट होने का आह्वान किया था। पार्टी की मांगों में इमरान खान की रिहाई भी प्रमुख रही है। हिरासत की कार्रवाई के बाद से उनकी बहनों की स्थिति और परिवार से संपर्क को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    इस मामले में परिवार की ओर से लाहौर हाई कोर्ट में पहले से लंबित याचिका के तहत दो अलग-अलग सिविल आवेदन भी दायर किए गए हैं। इन आवेदनों में अलीमा खान के बेटे शाह रेज खान और नोरीन नियाजी की बेटी सकीना नियाजी की ओर से तीनों महिलाओं से मुलाकात पर रोक और दवाइयों तक पहुंच नहीं दिए जाने को चुनौती दी गई है। परिवार का आरोप है कि हिरासत में रखी गई महिलाओं से न रिश्तेदारों को मिलने दिया जा रहा है और न ही उनके वकीलों को संपर्क करने की अनुमति मिल रही है। आवेदनों में कहा गया है कि महिलाओं को दवाइयां केवल एक बार उपलब्ध कराई गईं और इसके बाद किसी को उनसे मिलने नहीं दिया गया। परिवार ने उनकी सेहत को लेकर चिंता जताते हुए अदालत से अनुरोध किया है कि वकीलों और परिजनों को मुलाकात करने तथा जरूरी दवाइयां पहुंचाने की अनुमति दी जाए।

    इससे पहले 24 सितंबर को लाहौर हाई कोर्ट ने इमरान खान की बहनों की निवारक हिरासत से संबंधित आदेश को तत्काल निलंबित करने की मांग खारिज कर दी थी। इसके बाद भी परिवार की ओर से मुलाकात और दवाइयों की उपलब्धता को लेकर कानूनी राहत मांगी गई है। कासिम खान का ताजा बयान ऐसे समय आया है, जब परिवार इमरान खान से संपर्क नहीं होने और उनकी बहनों की हिरासत को लेकर चिंता जता रहा है। फिलहाल परिवार की प्रमुख मांग तीनों महिलाओं की स्थिति की जानकारी, उनसे मुलाकात की अनुमति और जरूरी दवाइयों तक पहुंच सुनिश्चित कराने की है।

  • 'दादा' के फर्स्ट लुक पर मचा था बवाल, राजकुमार राव ने माना जल्दबाजी में हुई गलती, AI के इस्तेमाल पर भी जताई चिंता

    'दादा' के फर्स्ट लुक पर मचा था बवाल, राजकुमार राव ने माना जल्दबाजी में हुई गलती, AI के इस्तेमाल पर भी जताई चिंता


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता राजकुमार राव इन दिनों भारतीय क्रिकेट के दिग्गज खिलाड़ी और पूर्व कप्तान सौरव गांगुली की बायोपिक फिल्म दादा को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में राजकुमार राव सौरव गांगुली की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म का पहला पोस्टर सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर उनके लुक को लेकर काफी प्रतिक्रियाएं देखने को मिली थीं। कुछ दर्शकों ने पोस्टर को लेकर सवाल उठाए और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से तैयार किया गया बताया। अब राजकुमार राव ने इस आलोचना पर अपनी प्रतिक्रिया दी है और फिल्म निर्माण में तकनीक के इस्तेमाल को लेकर भी अपनी राय रखी है।

    राजकुमार राव ने मैशेबल इंडिया के साथ बातचीत में स्वीकार किया कि पोस्टर को लेकर टीम को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। अभिनेता के मुताबिक इस प्रतिक्रिया से टीम को यह सीख मिली कि किसी भी रचनात्मक काम को जल्दबाजी में पूरा करने के बजाय उसे पर्याप्त समय देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि पोस्टर बनाने वाली टीम को एहसास हुआ कि काम को और सावधानी से किया जाना चाहिए था। उनके अनुसार इसमें जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं थी और बेहतर नतीजे के लिए समय लेना चाहिए था। इस प्रतिक्रिया के बाद फिल्म के शुरुआती प्रचार और उसके प्रस्तुतिकरण को लेकर चर्चा फिर तेज हो गई है।

    राजकुमार राव ने यह भी कहा कि पोस्टर पर मिली प्रतिक्रिया से एक बात साफ हुई कि सौरव गांगुली के प्रशंसक उनसे कितना गहरा जुड़ाव रखते हैं। गांगुली भारतीय क्रिकेट के ऐसे खिलाड़ी रहे हैं जिन्होंने टीम की सोच और खेलने के अंदाज को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाई। यही वजह है कि उनकी जिंदगी पर बनने वाली फिल्म से दर्शकों की उम्मीदें काफी ज्यादा हैं। ऐसे में फिल्म के लुक और प्रस्तुति को लेकर प्रशंसकों की बारीक नजर स्वाभाविक मानी जा रही है।

    AI को लेकर राजकुमार राव की दो टूक

    फिल्मों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते इस्तेमाल पर बात करते हुए राजकुमार राव ने कहा कि तकनीक के विकास को रोका नहीं जा सकता। हालांकि उनका मानना है कि AI का इस्तेमाल इंसानी रचनात्मकता की जगह लेने के लिए नहीं बल्कि उसे बेहतर बनाने में मददगार उपकरण के रूप में होना चाहिए। उन्होंने तकनीक के फायदे और नुकसान दोनों की ओर ध्यान दिलाया। अभिनेता ने चिंता जताई कि अगर फिल्म इंडस्ट्री में AI पर जरूरत से ज्यादा निर्भरता बढ़ी तो इससे बड़ी संख्या में लोगों की रोजी रोटी प्रभावित हो सकती है।

    राजकुमार के अनुसार फिल्म निर्माण केवल तस्वीरें बनाने या दृश्यों को तैयार करने का काम नहीं है। इसके पीछे कलाकारों तकनीकी विशेषज्ञों लेखकों और कई अन्य लोगों की मेहनत होती है। एक फिल्म में इंसानी अनुभव और भावनाओं की अहम भूमिका रहती है। उनका मानना है कि AI की मदद से कुछ काम आसान किए जा सकते हैं लेकिन हर रचनात्मक प्रक्रिया को पूरी तरह तकनीक के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। दर्शकों को कई बार AI से तैयार सामग्री में बनावटीपन महसूस होता है जिससे कहानी और किरदारों का प्रभाव कमजोर पड़ सकता है।

    सौरव गांगुली के घर और ईडन गार्डन्स में हुई शूटिंग

    राजकुमार राव ने बताया कि दादा फिल्म की टीम ने सौरव गांगुली के घर और कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में भी शूटिंग की है। अभिनेता ने कहा कि वह गांगुली से कई बार मिल चुके हैं और उनके साथ समय बिताकर उनकी जिंदगी को करीब से समझने की कोशिश की है। इन मुलाकातों के दौरान गांगुली ने अपने जीवन और अनुभवों के बारे में खुलकर बातचीत की। राजकुमार के मुताबिक किसी वास्तविक व्यक्ति का किरदार निभाने के लिए केवल उसके हावभाव और पहनावे को अपनाना पर्याप्त नहीं होता बल्कि उसके जीवन के अनुभवों और पर्दे के पीछे की परिस्थितियों को समझना भी जरूरी है।

    अभिनेता ने सौरव गांगुली को भारतीय क्रिकेट का दिग्गज बताते हुए कहा कि उन्होंने टीम को मजबूत बनाने और भारतीय क्रिकेट की पहचान को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। विक्रमादित्य मोटवाने के निर्देशन में बन रही इस फिल्म से दर्शकों को गांगुली के क्रिकेट करियर और उनके जीवन के अनछुए पहलुओं को देखने की उम्मीद है। अब फिल्म की आगे की झलकियों पर नजर रहेगी क्योंकि दर्शक चाहते हैं कि पर्दे पर गांगुली की छवि और उनकी कहानी को वास्तविकता के करीब पेश किया जाए।

  • बेजान त्वचा और पिंपल्स से हैं परेशान, अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय और रखें चेहरे की प्राकृतिक चमक बरकरार

    बेजान त्वचा और पिंपल्स से हैं परेशान, अपनाएं ये आसान घरेलू उपाय और रखें चेहरे की प्राकृतिक चमक बरकरार


    नई दिल्ली। आज के समय में हर कोई साफ निखरी और स्वस्थ त्वचा चाहता है लेकिन धूल प्रदूषण धूप तनाव खराब खानपान और अनियमित दिनचर्या का असर चेहरे पर साफ दिखाई देने लगता है। कई बार त्वचा बेजान नजर आने लगती है और पिंपल्स रूखापन ऑयली स्किन या टैनिंग जैसी समस्याएं भी परेशान करने लगती हैं। ऐसे में जरूरी नहीं कि हर बार महंगे स्किन केयर प्रोडक्ट्स का सहारा लिया जाए। रोज की कुछ आसान आदतों और घर में मौजूद सामान्य चीजों की मदद से त्वचा की बेहतर देखभाल की जा सकती है। हालांकि हर व्यक्ति की त्वचा अलग होती है इसलिए किसी भी घरेलू उपाय को चेहरे पर लगाने से पहले छोटे हिस्से पर पैच टेस्ट करना बेहतर रहता है।

    रूखी त्वचा के लिए एलोवेरा जेल एक आसान विकल्प हो सकता है। एलोवेरा त्वचा को नमी देने और उसे मुलायम बनाए रखने में मदद कर सकता है। इसे साफ चेहरे पर थोड़ी मात्रा में लगाया जा सकता है। अगर त्वचा बहुत ज्यादा रूखी है तो नियमित मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल भी जरूरी है। नहाने के बाद या रात में सोने से पहले त्वचा को मॉइश्चराइज करने की आदत त्वचा की नमी बनाए रखने में मदद कर सकती है। घरेलू मॉइश्चराइजर के तौर पर एलोवेरा जेल और नारियल तेल जैसे मिश्रण भी इस्तेमाल किए जाते हैं लेकिन संवेदनशील या मुंहासे वाली त्वचा पर तेल लगाने से पहले सावधानी जरूरी है।

    चेहरे की प्राकृतिक चमक बनाए रखने के लिए खानपान पर भी ध्यान देना जरूरी है। पर्याप्त पानी पीने के साथ फल सब्जियां दालें नट्स और पोषक तत्वों से भरपूर भोजन को डाइट में शामिल करना त्वचा की सेहत के लिए फायदेमंद हो सकता है। विटामिन ए विटामिन ई ओमेगा 3 फैटी एसिड और जिंक जैसे पोषक तत्व त्वचा की सामान्य सेहत में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। पर्याप्त नींद और तनाव कम रखना भी स्किन केयर का अहम हिस्सा है।

    अगर त्वचा पर पिंपल्स हैं तो बार बार चेहरा छूने या दाने दबाने से बचना चाहिए। चेहरे को जरूरत से ज्यादा धोना भी त्वचा की प्राकृतिक नमी को नुकसान पहुंचा सकता है। बहुत गर्म पानी और हार्श स्क्रब के इस्तेमाल से भी बचना बेहतर है। इसी तरह नींबू जैसे अम्लीय पदार्थों को सीधे चेहरे पर लगाने से जलन हो सकती है इसलिए ऐसे नुस्खों से सावधानी रखना जरूरी है।

    सबसे जरूरी बात यह है कि स्किन केयर को किसी एक घरेलू नुस्खे तक सीमित नहीं रखना चाहिए। चेहरे की नियमित सफाई मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल धूप से बचाव संतुलित खानपान पर्याप्त नींद और पानी पीने की अच्छी आदतें लंबे समय में त्वचा को स्वस्थ रखने में मदद कर सकती हैं। अगर पिंपल्स दाग खुजली लालिमा या किसी अन्य त्वचा संबंधी समस्या लगातार बनी रहती है तो घरेलू नुस्खों पर निर्भर रहने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होगा।

  • शुक्रवार को पत्नी को दें कपड़े से लेकर सुहाग की सामग्री तक, प्रेम और सम्मान से घर में आएगी खुशहाली, जानें क्या कहती है मान्यता

    शुक्रवार को पत्नी को दें कपड़े से लेकर सुहाग की सामग्री तक, प्रेम और सम्मान से घर में आएगी खुशहाली, जानें क्या कहती है मान्यता


    नई दिल्ली। हिंदू धर्म में शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी की पूजा और आराधना के लिए विशेष माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां लक्ष्मी धन वैभव सुख और समृद्धि की देवी हैं। मान्यता है कि जिस घर में प्रेम शांति और एक दूसरे के प्रति सम्मान का भाव बना रहता है वहां सकारात्मक वातावरण रहता है। इसी मान्यता के आधार पर शुक्रवार को पत्नी को कुछ खास उपहार देने का उपाय बताया जाता है। कहा जाता है कि ऐसा करने से वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और घर परिवार में सुख समृद्धि का माहौल बनता है। हालांकि ये उपाय धार्मिक आस्था से जुड़े हैं और धन संबंधी परेशानियां दूर होने की कोई गारंटी नहीं देते।

    पत्नी को उपहार में दें कपड़े

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार के दिन पत्नी को नए कपड़े उपहार में देना शुभ माना जाता है। कपड़े प्रेम और देखभाल का प्रतीक हैं। मान्यता है कि इस दिन पत्नी को उसकी पसंद के कपड़े देने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में सुख समृद्धि बनी रहती है। इसके लिए महंगे कपड़े खरीदना जरूरी नहीं है। अपनी क्षमता और बजट के अनुसार दिया गया छोटा सा उपहार भी रिश्ते में खुशी ला सकता है। उपहार देते समय पत्नी की पसंद का ध्यान रखना सबसे महत्वपूर्ण है।

    गहने उपहार में देना माना जाता है शुभ

    हिंदू धार्मिक परंपराओं में आभूषणों का संबंध सौंदर्य और शुभता से जोड़ा जाता है। शुक्रवार के दिन पत्नी को कोई आभूषण भेंट करने की भी मान्यता है। ऐसा माना जाता है कि इससे शुक्र ग्रह से जुड़ी शुभता बढ़ती है और मां लक्ष्मी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। हालांकि गहने खरीदने के लिए अपनी आर्थिक स्थिति पर दबाव डालना उचित नहीं है। यदि बजट कम है तो कोई छोटा आभूषण या पसंद की दूसरी उपयोगी वस्तु भी दी जा सकती है। उपहार का वास्तविक महत्व उसकी कीमत से ज्यादा उसमें छिपे प्रेम और भावना में होता है।

    सुहाग की सामग्री देना भी है खास

    शुक्रवार को पत्नी को सुहाग से जुड़ी सामग्री भेंट करने का उपाय भी धार्मिक मान्यताओं में बताया जाता है। इसमें सिंदूर बिंदी चूड़ियां और सजने संवरने से जुड़ी दूसरी चीजें शामिल हो सकती हैं। मान्यता है कि इन वस्तुओं को उपहार में देने से वैवाहिक जीवन में प्रेम और सौहार्द बना रहता है। यह परंपरा पति पत्नी के रिश्ते को महत्व देने और एक दूसरे की खुशियों का ध्यान रखने का संदेश भी देती है। उपहार चुनते समय पत्नी की पसंद और सुविधा को प्राथमिकता देना बेहतर है।

    प्यार और सम्मान है सबसे अनमोल उपहार

    इन सभी उपायों में सबसे महत्वपूर्ण बात पत्नी को प्यार और सम्मान देना है। किसी भी रिश्ते की मजबूती केवल महंगे उपहारों पर निर्भर नहीं करती बल्कि उसमें विश्वास सहयोग और एक दूसरे की भावनाओं को समझने की भूमिका सबसे बड़ी होती है। शुक्रवार को पत्नी के साथ समय बिताना उनकी बात ध्यान से सुनना और घर की जिम्मेदारियों में सहयोग करना भी खास मायने रखता है। धार्मिक मान्यता है कि जिस घर में महिलाओं का सम्मान होता है वहां सुख शांति और समृद्धि का वातावरण बना रहता है।

    इसलिए शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा के साथ परिवार में प्रेम और सम्मान बनाए रखने का संकल्प लिया जा सकता है। कपड़े गहने या सुहाग की सामग्री जैसे उपहार अपनी सामर्थ्य के अनुसार दिए जा सकते हैं। इन परंपराओं का उद्देश्य रिश्तों में मिठास बढ़ाना और सकारात्मकता को महत्व देना है। आर्थिक परेशानियों से निपटने के लिए बचत और खर्चों की सही योजना बनाना भी उतना ही जरूरी है।

  • दिल्ली से इतने KM दूर होगा भगवान कल्कि का अवतार, यूपी के इस थाना क्षेत्र में है वह गांव, जानिए पूरी पौराणिक मान्यता

    दिल्ली से इतने KM दूर होगा भगवान कल्कि का अवतार, यूपी के इस थाना क्षेत्र में है वह गांव, जानिए पूरी पौराणिक मान्यता



    नई दिल्ली। सनातन धर्म में भगवान विष्णु के दसवें अवतार कल्कि को लेकर विशेष मान्यता है। धार्मिक ग्रंथों के अनुसार जब कलियुग अपने अंतिम चरण में पहुंचेगा और पृथ्वी पर अधर्म बढ़ जाएगा तब भगवान विष्णु कल्कि अवतार लेकर धर्म की पुनः स्थापना करेंगे। इस अवतार के जन्मस्थान को लेकर उत्तर प्रदेश के संभल जिले का नाम विशेष रूप से चर्चा में रहता है। यहां ऐंचोड़ा कंबोह गांव में श्री कल्कि धाम का निर्माण किया जा रहा है। यह स्थान दिल्ली से करीब 160 किलोमीटर दूर बताया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कल्कि अवतार का जन्म संभल क्षेत्र में एक ब्राह्मण परिवार में होगा। हालांकि यह विषय आस्था और पुराणों में वर्णित भविष्यवाणियों से जुड़ा है और इसे वर्तमान में प्रमाणित ऐतिहासिक तथ्य के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

    धार्मिक ग्रंथों में भगवान कल्कि के अवतरण का उल्लेख मिलता है। मान्यता है कि उनका जन्म उस समय होगा जब कलियुग में अन्याय अत्यधिक बढ़ जाएगा और धर्म का प्रभाव कमजोर पड़ने लगेगा। कल्कि पुराण और श्रीमद्भागवत पुराण में वर्णित मान्यताओं के अनुसार भगवान विष्णु का यह अवतार अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना करेगा। संभल को इस अवतार से जुड़ा प्रमुख स्थान माना जाता है। उत्तर प्रदेश के संभल जिले में स्थित ऐंचोड़ा कंबोह गांव इसी धार्मिक विश्वास के कारण श्रद्धालुओं के बीच पहचान बना रहा है। यह गांव असमोली विकासखंड के अंतर्गत आता है और संभल शहर से इसकी दूरी लगभग 16 किलोमीटर बताई जाती है।

    ऐंचोड़ा कंबोह में बन रहा श्री कल्कि धाम इस मान्यता का प्रमुख केंद्र है। इस मंदिर की खास बात यह है कि यह भगवान विष्णु के उस अवतार को समर्पित है जिसके प्रकट होने की धार्मिक मान्यता भविष्य से जुड़ी है। कल्कि धाम के निर्माण से संभल की धार्मिक पहचान को भी नई दिशा मिल रही है। श्रद्धालुओं के लिए यह स्थान आस्था और भविष्य में धर्म की विजय की उम्मीद का प्रतीक है। मंदिर से जुड़ी गतिविधियों और धार्मिक आयोजनों के कारण यह क्षेत्र लगातार चर्चा में बना हुआ है।

    कल्कि अवतार के माता-पिता को लेकर भी पुराणों में विवरण मिलता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान कल्कि के पिता का नाम विष्णुयश और माता का नाम सुमति होगा। उन्हें एक तपस्वी और धार्मिक ब्राह्मण परिवार से जुड़ा बताया गया है। मान्यता है कि भगवान कल्कि का स्वरूप अत्यंत तेजस्वी और शक्तिशाली होगा। उनका वाहन सफेद घोड़ा बताया जाता है और उनके हाथ में दिव्य तलवार होगी। इन प्रतीकों को बुराई पर अच्छाई की जीत और अधर्म के अंत के रूप में देखा जाता है।

    कल्कि अवतार के प्रकट होने का समय भी धार्मिक चर्चा का महत्वपूर्ण विषय है। सनातन धर्म की प्रचलित कालगणना के अनुसार कलियुग की कुल अवधि चार लाख बत्तीस हजार वर्ष मानी जाती है। धार्मिक गणना में अभी इसके शुरुआती हजारों वर्ष ही बीतने की मान्यता है। इस आधार पर कलियुग के अंत में अभी बहुत लंबा समय शेष माना जाता है। इसलिए कल्कि अवतार के प्रकट होने को निकट भविष्य की घटना मानने के बजाय धार्मिक ग्रंथों में वर्णित भविष्यवाणी के रूप में समझना उचित है।

    कुछ धार्मिक ग्रंथों और परंपराओं में भगवान कल्कि के विवाह का भी उल्लेख मिलता है। मान्यता के अनुसार उनका विवाह सिंहल द्वीप के राजा की पुत्री पद्मा से होगा जिन्हें देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना जाता है। कल्कि अवतार की कथा में धर्म की स्थापना और अधर्म के विनाश का संदेश प्रमुख है। संभल का ऐंचोड़ा कंबोह गांव इसी मान्यता के कारण विशेष धार्मिक महत्व रखता है। यहां बन रहा कल्कि धाम श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र बन रहा है और भगवान विष्णु के दसवें अवतार से जुड़ी पौराणिक कथाओं को फिर से चर्चा में ला रहा है।

  • हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना, नाना पाटेकर की सीख याद कर भावुक हुए शाहरुख खान, निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक

    हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना, नाना पाटेकर की सीख याद कर भावुक हुए शाहरुख खान, निधन की खबर से फिल्म जगत में शोक


    नई दिल्ली। दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से हिंदी और मराठी सिनेमा में शोक की लहर है। अपनी दमदार अदाकारी और बेबाक अंदाज से करोड़ों दर्शकों के दिलों में जगह बनाने वाले नाना पाटेकर 75 वर्ष की उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए। उनके निधन के बाद गोवा की पणजी पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार अभिनेता को गोवा के डोना पाउला स्थित उनके आवास से मणिपाल अस्पताल ले जाया गया था जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामले की जांच पुलिस सब इंस्पेक्टर नितिन नाइक के नेतृत्व में की जा रही है। हालांकि अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज होना अपने आप में किसी आपराधिक साजिश का प्रमाण नहीं है।
    Loksatta
    +1

    नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार गुरुवार रात पुणे के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस पर पूरे राजकीय सम्मान के साथ किया गया। उनके अंतिम दर्शन के लिए परिवार के सदस्यों के साथ फिल्म जगत की कई हस्तियां और प्रशंसक पहुंचे। अभिनेता के बेटे मल्हार पाटेकर ने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि नाना साहेब जैसे लोग वास्तव में कभी दूर नहीं होते। उनके काम और उपलब्धियां उन्हें हमेशा लोगों के बीच जीवित रखेंगी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके पिता की सोच और उनके सपनों को आगे बढ़ाना ही परिवार के लिए भविष्य की दिशा तय करेगा। मल्हार के शब्दों से पिता के प्रति उनका गहरा लगाव और सम्मान साफ झलकता है।

    नाना पाटेकर के निधन पर अभिनेता शाहरुख खान ने भी भावुक श्रद्धांजलि दी। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नाना के साथ अपनी पुरानी तस्वीर साझा करते हुए उन्हें अपना गुरु शिक्षक आलोचक और दोस्त बताया। शाहरुख ने नाना के साथ पहली मुलाकात का किस्सा याद किया। उन्होंने बताया कि नाना के सामने वह काफी प्रभावित हो गए थे और अपने बालों से खेलने लगे थे। इस पर नाना ने उन्हें टोकते हुए कहा था कि हीरो की तरह बाल मत बना तू एक्टर है। शाहरुख के लिए यह सिर्फ एक मजाकिया घटना नहीं थी बल्कि अभिनय की असली पहचान समझाने वाला सबक था।

    शाहरुख ने अपने संदेश में बताया कि नाना पाटेकर का स्वभाव बेहद सीधा और बेबाक था। वह सामने वाले को खुश करने के लिए झूठी तारीफ नहीं करते थे बल्कि वही बात कहते थे जो उनके अनुसार जरूरी होती थी। उनका प्यार जताने का तरीका भी अलग था। कभी डांटकर तो कभी तीखी बात कहकर वह अपनेपन का एहसास करा देते थे। शाहरुख ने याद किया कि नाना उनके साथ कैरम खेलने के बेहद शौकीन थे और अक्सर उन्हें हरा देते थे। उनके बीच की यह दोस्ती फिल्मी दुनिया के रिश्तों से कहीं आगे बढ़कर आपसी सम्मान और स्नेह का उदाहरण थी।

    नाना को याद करते हुए शाहरुख ने इस बात का अफसोस जताया कि उन्हें उनके साथ और वक्त बिताने का मौका नहीं मिला। उन्होंने कहा कि काश दोनों के बीच कुछ और बातचीत होती और कुछ बहसों के साथ चाय पीने तथा कैरम खेलने के और अवसर मिलते। शाहरुख ने नाना की उस सीख को भी याद किया जो उनके दिल में हमेशा रहेगी। नाना ने उनसे कहा था कि हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना। इस बात का अर्थ है कि लोकप्रियता और पर्दे पर बड़ी छवि बनाने की कोशिश में कलाकार को अपने अभिनय की असली पहचान नहीं खोनी चाहिए।

    नाना पाटेकर का करियर कई दशकों तक फैला रहा। उन्होंने हिंदी और मराठी फिल्मों में गंभीर किरदारों से लेकर यादगार व्यावसायिक भूमिकाओं तक अपनी अलग पहचान बनाई। उनकी तीखी संवाद अदायगी और प्रभावशाली अभिनय ने उन्हें दर्शकों के बीच खास स्थान दिलाया। उनके निधन से भारतीय सिनेमा ने एक विशिष्ट कलाकार को खो दिया है। उनकी फिल्में उनके किरदार और शाहरुख जैसे कलाकारों को दी गई उनकी सीख आने वाली पीढ़ियों के लिए उनकी विरासत बनी रहेगी।

  • एलन मस्क की बादशाहत पर दौलत का झटका, 1.05 ट्रिलियन डॉलर से घटकर 987 अरब डॉलर हुई संपत्ति, जेफ बेजोस दूसरे नंबर पर

    एलन मस्क की बादशाहत पर दौलत का झटका, 1.05 ट्रिलियन डॉलर से घटकर 987 अरब डॉलर हुई संपत्ति, जेफ बेजोस दूसरे नंबर पर


    नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अंतरिक्ष कारोबार में बढ़ते निवेश और कंपनियों की वैल्यूएशन में बदलाव ने अरबपतियों की संपत्ति के समीकरण बदल दिए हैं। अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस की संपत्ति में जबरदस्त उछाल आया है और वह अल्फाबेट के सह-संस्थापक लैरी पेज को पीछे छोड़कर दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। दूसरी ओर टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क की संपत्ति घटकर 987 अरब डॉलर रह गई है। हालांकि वह अब भी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के आंकड़ों के मुताबिक इस बदलाव के पीछे अंतरिक्ष कारोबार में निवेश और कंपनियों की बाजार में बढ़ती अहमियत बड़ी वजह है।

    जेफ बेजोस की संपत्ति में आई तेजी का प्रमुख कारण उनकी अंतरिक्ष कंपनी ब्लू ओरिजिन की वैल्यूएशन में हुई बढ़ोतरी है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी का मूल्यांकन 140 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसके बाद बेजोस की कुल संपत्ति में लगभग 80 अरब डॉलर यानी करीब 7.74 लाख करोड़ रुपये का उछाल दर्ज किया गया। इतनी बड़ी बढ़ोतरी ने उन्हें दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया है। हालांकि अरबपतियों की संपत्ति का आकलन कंपनियों में हिस्सेदारी और उनके मूल्यांकन के आधार पर किया जाता है। इसलिए संपत्ति में हुई यह बढ़ोतरी जरूरी नहीं कि उतनी ही रकम नकद के रूप में उनके पास आ गई हो।

    जेफ बेजोस ने वर्ष 2000 में ब्लू ओरिजिन की स्थापना की थी। कंपनी का उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रा और रॉकेट तकनीक के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाना है। हालिया फंडिंग राउंड में ब्लू ओरिजिन ने पहली बार बाहरी निवेशकों से इक्विटी पूंजी जुटाई। इस निवेश के बाद कंपनी का मूल्यांकन 140 अरब डॉलर आंका गया। रिपोर्ट के मुताबिक बेजोस के पास कंपनी की करीब 93 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ऐसे में कंपनी की वैल्यूएशन में बढ़ोतरी का सीधा असर उनकी अनुमानित कुल संपत्ति पर पड़ा है। अंतरिक्ष कारोबार में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने भी इस क्षेत्र की कंपनियों को लेकर उम्मीदें बढ़ाई हैं।

    दूसरी ओर एलन मस्क की संपत्ति में गिरावट ने भी सुर्खियां बटोरी हैं। रिपोर्ट के अनुसार उनकी कुल संपत्ति पहले 1.05 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गई थी लेकिन अब घटकर 987 अरब डॉलर रह गई है। इस गिरावट के बावजूद मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। उनकी कंपनियां टेस्ला और स्पेसएक्स इलेक्ट्रिक वाहन तथा अंतरिक्ष कारोबार में अहम भूमिका निभाती हैं। उनकी संपत्ति में उतार चढ़ाव का असर अरबपतियों की वैश्विक रैंकिंग पर भी दिखाई देता है।

    अंतरिक्ष कारोबार में एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स और जेफ बेजोस की ब्लू ओरिजिन के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक स्पेसएक्स ने पिछले साल करीब 18.7 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया जबकि ब्लू ओरिजिन का राजस्व लगभग 800 मिलियन डॉलर रहा। दोनों कंपनियां रॉकेट लॉन्च और चंद्रमा से जुड़े अभियानों सहित कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम कर रही हैं। राजस्व में बड़ा अंतर होने के बावजूद ब्लू ओरिजिन के मूल्यांकन में हुई बढ़ोतरी ने बेजोस की संपत्ति को नई ऊंचाई दी है। यह घटनाक्रम दिखाता है कि अरबपतियों की दौलत केवल मौजूदा कमाई से नहीं बल्कि भविष्य की संभावनाओं और निवेशकों की उम्मीदों से भी प्रभावित होती है। आने वाले समय में अंतरिक्ष उद्योग में होने वाले निवेश और कंपनियों के प्रदर्शन पर दुनिया के सबसे अमीर लोगों की रैंकिंग काफी हद तक निर्भर करेगी।