Author: bharati

  • एलन मस्क की बादशाहत पर दौलत का झटका, 1.05 ट्रिलियन डॉलर से घटकर 987 अरब डॉलर हुई संपत्ति, जेफ बेजोस दूसरे नंबर पर

    एलन मस्क की बादशाहत पर दौलत का झटका, 1.05 ट्रिलियन डॉलर से घटकर 987 अरब डॉलर हुई संपत्ति, जेफ बेजोस दूसरे नंबर पर


    नई दिल्ली। दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। अंतरिक्ष कारोबार में बढ़ते निवेश और कंपनियों की वैल्यूएशन में बदलाव ने अरबपतियों की संपत्ति के समीकरण बदल दिए हैं। अमेजन के संस्थापक जेफ बेजोस की संपत्ति में जबरदस्त उछाल आया है और वह अल्फाबेट के सह-संस्थापक लैरी पेज को पीछे छोड़कर दुनिया के दूसरे सबसे अमीर व्यक्ति बन गए हैं। दूसरी ओर टेस्ला और स्पेसएक्स के प्रमुख एलन मस्क की संपत्ति घटकर 987 अरब डॉलर रह गई है। हालांकि वह अब भी दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर्स इंडेक्स के आंकड़ों के मुताबिक इस बदलाव के पीछे अंतरिक्ष कारोबार में निवेश और कंपनियों की बाजार में बढ़ती अहमियत बड़ी वजह है।

    जेफ बेजोस की संपत्ति में आई तेजी का प्रमुख कारण उनकी अंतरिक्ष कंपनी ब्लू ओरिजिन की वैल्यूएशन में हुई बढ़ोतरी है। रिपोर्ट के अनुसार कंपनी का मूल्यांकन 140 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। इसके बाद बेजोस की कुल संपत्ति में लगभग 80 अरब डॉलर यानी करीब 7.74 लाख करोड़ रुपये का उछाल दर्ज किया गया। इतनी बड़ी बढ़ोतरी ने उन्हें दुनिया के सबसे अमीर लोगों की सूची में दूसरे स्थान पर पहुंचा दिया है। हालांकि अरबपतियों की संपत्ति का आकलन कंपनियों में हिस्सेदारी और उनके मूल्यांकन के आधार पर किया जाता है। इसलिए संपत्ति में हुई यह बढ़ोतरी जरूरी नहीं कि उतनी ही रकम नकद के रूप में उनके पास आ गई हो।

    जेफ बेजोस ने वर्ष 2000 में ब्लू ओरिजिन की स्थापना की थी। कंपनी का उद्देश्य अंतरिक्ष यात्रा और रॉकेट तकनीक के क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बनाना है। हालिया फंडिंग राउंड में ब्लू ओरिजिन ने पहली बार बाहरी निवेशकों से इक्विटी पूंजी जुटाई। इस निवेश के बाद कंपनी का मूल्यांकन 140 अरब डॉलर आंका गया। रिपोर्ट के मुताबिक बेजोस के पास कंपनी की करीब 93 प्रतिशत हिस्सेदारी है। ऐसे में कंपनी की वैल्यूएशन में बढ़ोतरी का सीधा असर उनकी अनुमानित कुल संपत्ति पर पड़ा है। अंतरिक्ष कारोबार में निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी ने भी इस क्षेत्र की कंपनियों को लेकर उम्मीदें बढ़ाई हैं।

    दूसरी ओर एलन मस्क की संपत्ति में गिरावट ने भी सुर्खियां बटोरी हैं। रिपोर्ट के अनुसार उनकी कुल संपत्ति पहले 1.05 ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर पहुंच गई थी लेकिन अब घटकर 987 अरब डॉलर रह गई है। इस गिरावट के बावजूद मस्क दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति बने हुए हैं। उनकी कंपनियां टेस्ला और स्पेसएक्स इलेक्ट्रिक वाहन तथा अंतरिक्ष कारोबार में अहम भूमिका निभाती हैं। उनकी संपत्ति में उतार चढ़ाव का असर अरबपतियों की वैश्विक रैंकिंग पर भी दिखाई देता है।

    अंतरिक्ष कारोबार में एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स और जेफ बेजोस की ब्लू ओरिजिन के बीच प्रतिस्पर्धा लगातार बढ़ रही है। रिपोर्ट के मुताबिक स्पेसएक्स ने पिछले साल करीब 18.7 अरब डॉलर का राजस्व अर्जित किया जबकि ब्लू ओरिजिन का राजस्व लगभग 800 मिलियन डॉलर रहा। दोनों कंपनियां रॉकेट लॉन्च और चंद्रमा से जुड़े अभियानों सहित कई महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर काम कर रही हैं। राजस्व में बड़ा अंतर होने के बावजूद ब्लू ओरिजिन के मूल्यांकन में हुई बढ़ोतरी ने बेजोस की संपत्ति को नई ऊंचाई दी है। यह घटनाक्रम दिखाता है कि अरबपतियों की दौलत केवल मौजूदा कमाई से नहीं बल्कि भविष्य की संभावनाओं और निवेशकों की उम्मीदों से भी प्रभावित होती है। आने वाले समय में अंतरिक्ष उद्योग में होने वाले निवेश और कंपनियों के प्रदर्शन पर दुनिया के सबसे अमीर लोगों की रैंकिंग काफी हद तक निर्भर करेगी।

  • ग्रीन कार्ड और H-1B वीजा पर अमेरिकी शिकंजा, माइक्रोसॉफ्ट ने आरोपों को नकारा, ट्रंप ने सत्या नडेला को किया सम्मानित

    ग्रीन कार्ड और H-1B वीजा पर अमेरिकी शिकंजा, माइक्रोसॉफ्ट ने आरोपों को नकारा, ट्रंप ने सत्या नडेला को किया सम्मानित


    नई दिल्ली। अमेरिका में आव्रजन नियमों को लेकर ट्रंप प्रशासन की सख्ती के बीच माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी एच-1बी वीजा नीति का बचाव किया है। अमेरिकी सरकार की कार्रवाई के बाद कंपनी ने स्पष्ट किया कि उसके अमेरिकी कार्यबल में अधिकांश कर्मचारी अमेरिकी नागरिक हैं और विदेशी कर्मचारियों की नियुक्ति का उद्देश्य प्रतिभाशाली लोगों को अवसर देना है। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने माइक्रोसॉफ्ट के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सत्या नडेला को नेशनल मेडल ऑफ टेक्नोलॉजी एंड इनोवेशन से सम्मानित किया। एक तरफ कंपनी आव्रजन नीति को लेकर सरकारी कार्रवाई का सामना कर रही है तो दूसरी तरफ उसके प्रमुख को तकनीकी क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मान मिलना चर्चा का विषय बन गया है।

    माइक्रोसॉफ्ट ने अपने बयान में बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान कंपनी की ओर से एच-1बी वीजा के लिए किए गए लगभग 6000 आवेदनों में से करीब 80 प्रतिशत मौजूदा कर्मचारियों की वीजा स्थिति बदलने या उसे आगे बढ़ाने से संबंधित थे। कंपनी के अनुसार नए कर्मचारियों के लिए किए गए शेष आवेदन उन लोगों से जुड़े थे जो पहले से ही अमेरिका में कानूनी रूप से रह रहे थे। माइक्रोसॉफ्ट ने यह भी कहा कि एच-1बी वीजा से जुड़े कर्मचारी उसके अमेरिकी कार्यबल का लगभग एक प्रतिशत थे। कंपनी ने उन आरोपों को भी खारिज किया जिनमें विदेशी कर्मचारियों को अमेरिकी कर्मचारियों की तुलना में कम वेतन देने की बात कही गई थी। उसका कहना है कि एच-1बी वीजा पर काम करने वाले कर्मचारियों को अन्य कर्मचारियों के समान वेतन दिया जाता है।

    यह विवाद उस समय बढ़ा जब अमेरिकी श्रम सचिव कीथ सोंडरलिंग ने माइक्रोसॉफ्ट को स्थायी श्रम प्रमाणन कार्यक्रम यानी पीईआरएम से निलंबित करने की घोषणा की। इस कार्रवाई के तहत कंपनी के नए और लंबित आवेदनों को स्वीकार नहीं किए जाने की बात कही गई। रिपोर्ट के अनुसार एडोब और कई बड़ी आईटी आउटसोर्सिंग कंपनियां भी इस कार्रवाई के दायरे में आई हैं। अमेरिकी प्रशासन ने इस फैसले के पीछे चल रही संघीय जांच का हवाला दिया है। पीईआरएम कार्यक्रम विदेशी कर्मचारियों को स्थायी रूप से अमेरिका में काम करने और ग्रीन कार्ड की प्रक्रिया में आगे बढ़ने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।

    अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने माइक्रोसॉफ्ट की भर्ती नीति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कंपनी ने लगभग 6000 अमेरिकी कर्मचारियों को नौकरी से हटाया जबकि हजारों एच-1बी वीजा और ग्रीन कार्ड का इस्तेमाल किया। हालांकि माइक्रोसॉफ्ट ने अपनी वीजा नीति का बचाव करते हुए कहा कि उसके आंकड़ों को सही संदर्भ में देखा जाना चाहिए। इस विवाद ने अमेरिकी तकनीकी उद्योग में विदेशी कर्मचारियों की भूमिका और स्थानीय लोगों के रोजगार को लेकर बहस तेज कर दी है। भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए भी यह घटनाक्रम महत्वपूर्ण है क्योंकि बड़ी संख्या में भारतीय कर्मचारी अमेरिकी तकनीकी कंपनियों में एच-1बी वीजा के माध्यम से काम करते हैं।

    दूसरी ओर राष्ट्रपति ट्रंप ने सत्या नडेला के नेतृत्व की प्रशंसा की और माइक्रोसॉफ्ट को बदलने में उनकी भूमिका को सराहा। उन्होंने क्लाउड कंप्यूटिंग और सुपरइंटेलिजेंस जैसे तकनीकी क्षेत्रों में नडेला के योगदान का उल्लेख किया। इसके साथ ही अमेरिकी श्रम विभाग ने नौ प्रमुख विश्वविद्यालयों में जे-1 वीजा से जुड़े संभावित उल्लंघनों की ऐतिहासिक जांच की घोषणा भी की है। एफ-1 छात्र वीजा पर आने वाले विद्यार्थियों के वैकल्पिक व्यावहारिक प्रशिक्षण कार्यक्रम यानी ओपीटी के आवेदनों पर नए शुल्क लगाने का प्रस्ताव भी सामने आया है। कुल मिलाकर अमेरिका में आव्रजन नियमों को सख्त बनाने की कोशिशों का असर तकनीकी कंपनियों विदेशी पेशेवरों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों पर पड़ सकता है। हालांकि प्रस्तावित शुल्क और प्रशासनिक फैसलों के अंतिम प्रभाव को समझने के लिए आधिकारिक अधिसूचनाओं और आगे के घटनाक्रम पर नजर रखना जरूरी होगा।

  • कांग्रेस-BJP कार्यकर्ताओं के साथ हादसा, CM मोहन यादव की एक टिप्पणी से चौंके विधायक, मंत्री को कह दिया सेठ जी

    कांग्रेस-BJP कार्यकर्ताओं के साथ हादसा, CM मोहन यादव की एक टिप्पणी से चौंके विधायक, मंत्री को कह दिया सेठ जी


    सिलवानी । मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों विरोध प्रदर्शन से लेकर नेताओं के बयानों और नौकरशाही के अंदरूनी घटनाक्रम तक कई दिलचस्प मामले सामने आ रहे हैं। रायसेन के सिलवानी में कांग्रेस के प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता आग की चपेट में आ गया तो ग्वालियर में भाजपा की सेवा ज्योति यात्रा के दौरान भी एक कार्यकर्ता झुलस गया। वहीं रतलाम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के एक संबोधन ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा छेड़ दी। उन्होंने मंत्री चैतन्य काश्यप को सेठ जी कहकर संबोधित किया तो रतलाम ग्रामीण के विधायक मथुरालाल डामर को पूर्व विधायक बता दिया। दूसरी ओर शत्रु संपत्ति को लेकर हुई सरकारी बैठक में एक प्रमुख सचिव के बचाव का मामला भी चर्चा में रहा।

    रायसेन जिले के सिलवानी में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग और एसआईआर के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान मुख्य चुनाव आयुक्त का पुतला जलाया जा रहा था तभी अचानक आग भड़क उठी और एक कार्यकर्ता इसकी चपेट में आ गया। युवक के सिर और कपड़ों में आग लग गई। अचानक हुई घटना से घबराया कार्यकर्ता वहां से भागा। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाई जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। इस घटना ने एक बार फिर दिखाया कि राजनीतिक विरोध के दौरान उत्साह के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद जरूरी है।

    इधर ग्वालियर में भाजपा की सेवा ज्योति यात्रा के दौरान भी कुछ ऐसा ही घटनाक्रम हुआ। सांसद भरत सिंह कुशवाह मशाल लेकर चल रहे थे। इसी दौरान एक उत्साहित कार्यकर्ता सेवा ज्योति को यात्रा रथ पर स्थापित करने के लिए ऊपर चढ़ गया। जब उसे मशाल सौंपी जा रही थी तभी उसकी लौ से आग कार्यकर्ता के कपड़ों पर गिर गई। देखते ही देखते उसकी शर्ट जलने लगी। आसपास मौजूद लोगों ने उसे आग लगने की जानकारी दी जिसके बाद युवक ने किसी तरह आग बुझाई और नीचे उतर आया। इस घटना में सांसद भरत सिंह कुशवाह भी आग की चपेट में आने से बाल बाल बच गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

    उधर रतलाम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के वर्चुअल संबोधन ने अलग ही चर्चा पैदा कर दी। बलराम महोत्सव में उन्होंने मंत्री चैतन्य काश्यप को सेठ जी कहकर संबोधित किया और उनके लिए तालियां भी बजवाईं। इसके बाद रतलाम ग्रामीण के विधायक मथुरालाल डामर को पूर्व विधायक कह दिया। मुख्यमंत्री की जुबान फिसलने से विधायक के चेहरे के भाव देखने लायक हो गए। कार्यक्रम में रतलाम के महापौर प्रहलाद पटेल की गैरमौजूदगी पर भी मुख्यमंत्री ने चुटकी ली। उन्होंने कहा कि महापौर किसानों के कार्यक्रम में आने के बजाय अपना मैरिज गार्डन चला रहे हैं और नगर निगम भी संभाल रहे हैं। कुछ देर बाद महापौर पहुंचे तो मुख्यमंत्री ने उन्हें और उनके साथ आए नेता को राम लक्ष्मण कहकर संबोधित किया। उनके इस अंदाज की सियासी गलियारों में खूब चर्चा हो रही है।

    इसी बीच शत्रु संपत्ति को लेकर हुई सरकारी बैठक में एक प्रमुख सचिव बिना पूरी तैयारी के पहुंच गए और मांगी गई जानकारी नहीं दे पाए। नाराजगी सामने आने पर उन्होंने जानकारी नहीं मिलने की बात कही लेकिन संबंधित अतिरिक्त मुख्य सचिव ने स्पष्ट किया कि सूचना पहले ही भेजी जा चुकी थी। मामला बिगड़ता देख बैठक में मौजूद एक वरिष्ठ अधिकारी ने प्रमुख सचिव का बचाव किया और कहा कि उन्हें जानकारी नहीं मिली थी। इस तरह बैठक का माहौल संभल गया। मध्य प्रदेश में इन घटनाओं ने राजनीति के साथ प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चाओं को हवा दे दी है।

  • नाना पाटेकर की मौत के मामले में अप्राकृतिक डेथ का केस दर्ज… पणजी पुलिस ने शुरू की जांच

    नाना पाटेकर की मौत के मामले में अप्राकृतिक डेथ का केस दर्ज… पणजी पुलिस ने शुरू की जांच


    पणजी।
    पणजी पुलिस (Panaji Police) ने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर (Nana Patekar) की मौत के मामले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 194 के तहत अप्राकृतिक मौत (Unnatural death- UD) का मामला दर्ज किया है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, 76 वर्षीय अभिनेता को गोवा (Goa) के डोना पाउला (Dona Paula) स्थित ओशन पार्क में उनके आवास से मणिपाल अस्पताल, बम्बोलिम के इमरजेंसी वार्ड में लाया गया था, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। मामले की आगे की जांच पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) नितिन नाइक के नेतृत्व में की जा रही है।


    राजकीय सम्मान के साथ हुआ नाना पाटेकर का अंतिम संस्कार

    नाना पाटेकर का गुरुवार रात पुणे के डोंजे स्थित उनके फार्महाउस में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन की खबर गुरुवार सुबह सामने आई थी। इसके बाद से ही फिल्म जगत से लेकर आम लोगों तक, हर कोई उन्हें याद कर श्रद्धांजलि दे रहा है। नाना पाटेकर ने अपने अभिनय और बेबाक अंदाज से लोगों के दिलों में खास जगह बनाई थी, जिसे उनके जाने के बाद भी भुला पाना आसान नहीं होगा।


    ‘नाना साहेब कभी हमसे दूर नहीं हो सकते’

    अंतिम संस्कार के बाद नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर ने मीडिया से बात की। इस दौरान उन्होंने अपने पिता को याद करते हुए कहा कि नाना साहेब जैसे लोग कभी सच में दुनिया से विदा नहीं होते। उनके काम और उपलब्धियों ने उन्हें अमर बना दिया है। नाना साहेब जैसे इंसान हमें कभी छोड़कर नहीं जाते। उनकी उपलब्धियों ने उन्हें अमर बना दिया है। दूसरी बात, उनका हमेशा मानना था कि पूरी दुनिया में लोगों को एक साथ आना चाहिए और सही रास्ते पर चलना चाहिए। तीसरी बात, नाना साहेब ने जो सोच और सपना हमारे लिए छोड़ा है, उसे आगे बढ़ाना ही हमारे आने वाले जीवन की दिशा तय करेगा। मल्हार के इन शब्दों से साफ था कि परिवार के लिए नाना पाटेकर सिर्फ एक पिता ही नहीं, बल्कि एक ऐसी शख्सियत थे, जिनकी सोच और सीख आने वाले समय में भी उनका मार्गदर्शन करती रहेगी।


    शाहरुख खान ने पुरानी तस्वीर साझा कर किया याद

    नाना पाटेकर के निधन की खबर सामने आने के बाद बॉलीवुड के किंग खान यानी शाहरुख खान ने भी उन्हें भावुक अंदाज में श्रद्धांजलि दी। शाहरुख ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नाना के साथ अपनी एक पुरानी तस्वीर साझा की और उन्हें अपना गुरु, शिक्षक, आलोचक और दोस्त बताया। शाहरुख ने नाना के साथ अपनी पहली मुलाकात का किस्सा भी साझा किया। उन्होंने बताया कि नाना के सामने वह इतने प्रभावित और असहज हो गए थे कि अपने बालों से खेलने लगे। यह देखकर नाना ने उनका हाथ झटक दिया और कहा, ‘हीरो की तरह बाल मत बना… तू एक्टर है।’

    शाहरुख के मुताबिक, नाना पाटेकर का अंदाज बाकी लोगों से बिल्कुल अलग था। वह किसी की झूठी तारीफ नहीं करते थे और न ही वही कहते थे, जो सामने वाला सुनना चाहता था। वह हमेशा वही बात कहते थे, जिसकी किसी को सच में जरूरत होती थी।


    ‘पहले डांटते थे, फिर उसी में प्यार जता देते थे’

    शाहरुख खान ने अपने पोस्ट में लिखा कि नाना पाटेकर सीधे मुंह पर बात कहने वाले इंसान थे। उनका स्वभाव थोड़ा सख्त और बेबाक था, लेकिन उनकी मुस्कान बेहद खूबसूरत थी। प्यार जताने का उनका तरीका भी कुछ अलग ही था। शाहरुख ने लिखा, ‘वह हमेशा अपने प्यार का इजहार अजीब तरीके से करते थे। पहले आप पर चिल्लाते थे और फिर तीसरी या चौथी बार बेइज्जती करने के बीच आपको एहसास होता था कि असल में वह आपको गले लगा रहे हैं। उन्होंने आगे बताया कि नाना उनसे बहुत प्यार करते थे और वह भी नाना को उतना ही चाहते थे। नाना उनके गुरु, शिक्षक, आलोचक और दोस्त थे। इसके साथ ही वह कैरम खेलने में भी माहिर थे। शाहरुख ने मजाकिया अंदाज में याद किया कि नाना बार-बार कैरम के खेल में उन्हें और अपने आसपास मौजूद बाकी लोगों को हरा देते थे और अपनी जीत का पूरा मजा लेते थे।


    साथ में और वक्त बिताना चाहते थे शाहरुख

    नाना पाटेकर को याद करते हुए शाहरुख खान ने इस बात का अफसोस भी जताया कि उन्हें साथ में वक्त बिताने के और मौके नहीं मिले। उन्होंने कहा कि काश, दोनों के बीच कुछ और बातचीत होती, कुछ और बहसें होतीं, साथ बैठकर चाय पीने और कैरम खेलने के कुछ और मौके मिलते। शाहरुख ने अपने पोस्ट में लिखा, ‘नाना, आपकी तीव्रता, आपकी हंसी, आपका पागलपन और आपका प्यार हमेशा हमारे साथ रहेगा। बस यही अफसोस है कि काश हमारे पास और वक्त होता, ताकि कुछ और बातें कर पाते, एक और बहस होती, एक और कप चाय साथ पीते और कैरम का एक और खेल खेलते।’ उन्होंने आगे कहा कि नाना के जाने से सिर्फ सिनेमा की दुनिया में ही नहीं, बल्कि भारत और पूरी दुनिया के लोगों के दिलों में भी एक खालीपन आ गया है। शाहरुख ने लिखा कि वह नाना को बहुत याद करेंगे और उनके शब्दों को जिंदगी के आखिरी पल तक अपने दिल में संजोकर रखेंगे।


    नाना की वह सीख, जिसे हमेशा याद रखेंगे शाहरुख

    शाहरुख खान ने अपने भावुक संदेश में नाना पाटेकर की एक ऐसी सीख का भी जिक्र किया, जो उनके दिल में हमेशा के लिए बस गई। नाना ने उनसे कहा था, ‘हीरो बनने के चक्कर में एक्टर मत खोना।’ इस छोटी-सी बात में अभिनय की दुनिया के लिए एक बड़ी सीख छिपी है। इसका मतलब है कि पर्दे पर हीरो बनने और बड़ी छवि बनाने की कोशिश में अपने अभिनय की असली पहचान को कभी नहीं खोना चाहिए। शाहरुख ने इस सीख को याद करते हुए बताया कि नाना की बातें आज भी उनके लिए उतनी ही मायने रखती हैं। उन्होंने अपने पोस्ट के आखिर में लिखा, ‘नाना, आपकी आत्मा को शांति मिले। अल्लाह आप पर अपनी रहमत बरसाए। स्वर्ग को आपके आने से और खूबसूरती मिलेगी। आप एक शानदार अभिनेता और कैरम के बेजोड़ खिलाड़ी थे। आपसे प्यार है और आपकी बहुत याद आएगी। बहुत जल्दी चले गए, मेरे हीरो एक्टर! रेस्ट इन पीस।’ अपने संदेश के अंत में शाहरुख ने एक बार फिर नाना के प्रति अपना प्यार जताया और कहा कि वह उनकी सीख को हमेशा अपने दिल में रखेंगे।


    पत्नी नीलकांति और बेटे मल्हार को पीछे छोड़ गए नाना

    नाना पाटेकर अपने पीछे पत्नी नीलकांति पाटेकर और बेटे मल्हार पाटेकर को छोड़ गए हैं। उनके निधन से फिल्म जगत ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया, जो अपनी दमदार अदाकारी, बेबाक बातचीत और अलग अंदाज के लिए पहचाने जाते थे। शाहरुख खान की भावुक श्रद्धांजलि से भी यही जाहिर हुआ कि नाना का रिश्ता उनके लिए सिर्फ फिल्मी दुनिया तक सीमित नहीं था, बल्कि उसमें अपनापन, दोस्ती और जिंदगी भर साथ रहने वाली सीख भी शामिल थी। नाना पाटेकर की यादें, उनके निभाए किरदार और उनकी कही बातें उनके चाहने वालों के बीच हमेशा जिंदा रहेंगी।

  • ट्रंप का बड़ा ऐलान… बोले- 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर नहीं करेंगे हमला

    ट्रंप का बड़ा ऐलान… बोले- 3 नवंबर के मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर नहीं करेंगे हमला


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) ने गुरुवार को ऐलान किया तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव (Mid-term Election) से पहले अमेरिका (America) ईरान (Iran) पर फिर से हमला नहीं करेगा। रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए इस सप्ताह प्रचार करते हुए ट्रंप ने संकेत दिया था कि उन्हें भरोसा है कि युद्ध का निर्णायक दौर चुनाव से पहले या उसके तत्काल बाद खत्म हो सकता है।

    उन्होंने यह भी संकेत दिया था कि उन्होंने ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान फिर शुरू करने के विकल्प को खुला रखा है। हालांकि, ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अमेरिका तीन नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा।

    इससे पहले, व्हाइट हाउस ने अमेरिकी रक्षा विभाग को मध्यावधि कांग्रेसी चुनावों से पहले ईरान पर हमले के विकल्प तैयार करने का निर्देश दिया था। ‘द अटलांटिक’ ने प्रशासन के दो अधिकारियों के हवाले से बुधवार को एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी थी। ट्रंप ने मंगलवार को कहा था कि अमेरिका को ईरान के साथ चल रहे टकराव को “अच्छे तरीके से या बुरे तरीके से” खत्म करना होगा।

    रिपोर्ट के अनुसार अमेरिकी केन्द्रीय कमान (सेंटकॉम) इन योजनाओं को तैयार कर रहा है और संभावित हमलों के दायरे और उद्देश्यों पर चर्चा अभी भी जारी है। रिपोर्टों के मुताबिक यह कदम मध्यावधि चुनावों से पहले पेट्रोल की कीमतें कम करने और टकराव के मामले में प्रगति हासिल करने की ट्रंप की इच्छा को दर्शाता है।

    ईरान ने परमाणु उद्योग की गतिविधियां नहीं रोकी
    वहीं, ईरान ने अपने परमाणु उद्योग की गतिविधियां बंद नहीं की हैं। ईरान के उपराष्ट्रपति और परमाणु ऊर्जा संगठन (एईओआई) के प्रमुख मोहम्मद इस्लामी ने बुधवार को यह बात कही। एईओआई के अनुसार, इस्लामी ने तेहरान में बाल कैंसर के निदान एवं उपचार केंद्र के उद्घाटन के अवसर पर कहा, “ईरान के परमाणु उद्योग पर दबाव, प्रतिबंध, धमकियां और हमले किए जा रहे हैं, लेकिन ईरान अपने विकास को बनाए रखने में सफल रहा है।”

    उन्होंने कहा कि एईओआई में स्वास्थ्य सेवा और खाद्य सुरक्षा को ईरान के विकास के लिए रणनीतिक प्राथमिकताओं के रूप में देखा जाता है। तमाम दबावों और प्रतिबंधों के बावजूद संगठन अपने विकास कार्यों को जारी रखे हुए है। इस्लामी ने कहा कि दबाव के साथ-साथ ईरान के खिलाफ आरोप भी लगाए जा रहे हैं। आरोप लगाने वाले भी जानते हैं कि ये वास्तविकता को प्रतिबिंबित नहीं करते। इसके बावजूद ईरान के परमाणु उद्योग के कर्मचारी अपने दायित्वों का उचित तरीके से निर्वहन कर रहे हैं।

  • रूस के भीषण मिसाइल हमलों से यूक्रेन में मची तबाही…. 33 लोगों की मौत

    रूस के भीषण मिसाइल हमलों से यूक्रेन में मची तबाही…. 33 लोगों की मौत


    कीव।
    रूस- यूक्रन (Russia-Ukraine War) के बीच जंग जारी है। दोनों देश एक दूसरे पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। इस बीच पूर्वी यूक्रेन (Ukraine) में रूस (Russia) की ओर से किए गए हवाई हमलों में 33 लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि इस घटना 18 अन्य घायल हो गए। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की (President Volodymyr Zelenskyy) ने सोशल मीडिया पर यह जानकारी दी। गुरुवार सुबह क्रामाटोर्स्क शहर में एक सामान्य सार्वजनिक बस स्टॉप को निशाना बनाया गया, जिसमें 12 लोगों की जान चली गयी। बता दें कि रूस ने सर्दियों की शुरुआत से पहले यूक्रेन पर हमले तेज कर दिए हैं, जिससे राजधानी कीव में बिजली संकट गहरा गया है।

    क्षेत्रीय सैन्य प्रशासन के प्रमुख वादिम फिलाश्किन ने कहा कि दोनेत्स्क क्षेत्र के क्रामातोर्स्क और स्लोवियांस्क में सुरक्षा की स्थिति में तेजी से आई गिरावट के कारण सार्वजनिक परिवहन रोक दिया गया है। फिलाश्किन ने रूस पर नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि ऐसे हालात में हमें यात्रियों और चालकों की जान जोखिम में डालने का कोई अधिकार नहीं है। क्रामातोर्स्क और स्लोवियांस्क के निवासियों की सुरक्षा सबसे अहम है।

    बता दें कि रूस ने इससे एक दिन पहले पूर्वी यूक्रेन के प्राइलुकी में मिसाइल हमले किए थे, जिनमें पांच बच्चों समेत 22 लोगों की मौत हो गई थी और 54 अन्य घायल हो गए थे। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की ने कहा कि जैसे-जैसे सर्दी नजदीक आ रही है, रूस की ओर से रोजाना किए जाने वाले मिसाइल और ड्रोन हमले बढ़ सकते हैं। उन्होंने उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (NATO) के सदस्य देशों से अतिरिक्त रक्षा सहायता की अपील की।

    यूक्रेनी नेतृत्व ने रूसी अपराधों के खिलाफ आवाज उठाने वाले अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों का आभार व्यक्त किया है। यह भी कहा गया कि केवल शाब्दिक समर्थन काफी नहीं है और इसे तत्काल नये सैन्य रक्षा पैकेजों के रूप में जमीनी स्तर पर लागू किया जाना चाहिए। एंटी-बैलिस्टिक क्षमताओं की आपूर्ति, लड़ाकू विमानों के लिए गोला-बारूद और इंटरसेप्टर तकनीक में निवेश प्रतिदिन निर्दोष नागरिकों की जान बचाने में सीधे तौर पर मददगार साबित हो रहा है।

  • कांग्रेस की चुनावी तैयारी तेज, 30 दिन में खुलेगी संगठन की पोल, निष्क्रिय बूथों और नाराज कार्यकर्ताओं की होगी पहचान

    कांग्रेस की चुनावी तैयारी तेज, 30 दिन में खुलेगी संगठन की पोल, निष्क्रिय बूथों और नाराज कार्यकर्ताओं की होगी पहचान


    भोपाल । भोपाल में करीब 930 करोड़ रुपये की कथित ठगी के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में आरोपी मोहित गोगिया के कथित बयान की कॉपी सामने आने के बाद प्रदेश की प्रशासनिक और राजनीतिक हलचल बढ़ गई है। गोगिया ने अपने बयान में मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के ओएसडी दीपम रायचूरा पर शराब दुकानों का ठेका दिलाने के बदले एक करोड़ रुपये लेने का आरोप लगाया है। आरोपी का दावा है कि इसमें 50 लाख रुपये नकद दिए गए जबकि बाकी 50 लाख रुपये बैंक खाते के जरिए ट्रांसफर कराए गए। हालांकि ये आरोप फिलहाल आरोप ही हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। दीपम रायचूरा ने इन आरोपों को मनगढ़ंत बताते हुए खारिज किया है।

    गोगिया के कथित बयान के मुताबिक उसकी मुलाकात तनुजा सेठी ने दीपम रायचूरा से कराई थी। उस समय रायचूरा आबकारी विभाग में सहायक आबकारी आयुक्त के पद पर कार्यरत थे। आरोप है कि रायचूरा ने उसे दीपक दुबे से मिलवाया और बताया कि वही उसके कामकाज को देखेंगे। गोगिया ने दावा किया कि वर्ष 2024-25 में भोपाल के टीटी नगर क्षेत्र की दो शराब दुकानों का ठेका जसवंत कुमार के नाम पर दिलाने में मदद की गई। इसके बदले एक करोड़ रुपये दिए जाने का आरोप लगाया गया है।

    कथित बयान में रकम के लेनदेन का भी जिक्र है। गोगिया के अनुसार 50 लाख रुपये नकद होशंगाबाद रोड स्थित शालीमार फोर्ट लेजा के एक फ्लैट में दिए गए थे। वहीं बाकी 50 लाख रुपये आईएसबीटी के पास स्थित एक होटल के बैंक खाते में ट्रांसफर कराने का आरोप है। बयान में यह भी दावा किया गया है कि शराब दुकानों के ठेके के लिए जरूरी बैंक गारंटी से संबंधित फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद यानी एफडीआर को मंजूरी दिलाने में मदद की गई। इन आरोपों की पुष्टि के लिए संबंधित दस्तावेजों और लेनदेन की जांच अहम हो सकती है।

    मोहित गोगिया ने अपने कथित बयान में शराब की आपूर्ति से जुड़े अन्य लोगों के नाम भी लिए हैं। उसका आरोप है कि दीपम रायचूरा ने उसे गौरव शिवहरे से मिलवाया और इसके बाद उसकी मुलाकात कारोबारी अमरीक सिंह से हुई। गोगिया ने दावा किया कि टीटी नगर की शराब दुकानों पर बिना लाइसेंस शराब की आपूर्ति और बिक्री में मदद की गई। हालांकि इन आरोपों पर संबंधित लोगों का पक्ष और जांच के निष्कर्ष सामने आना बाकी है।

    बयान में भोपाल के सोल क्लब के संचालन और जांच एजेंसी की कार्रवाई रुकवाने के नाम पर कथित तौर पर 50 लाख रुपये मांगे जाने का भी उल्लेख है। गोगिया के मुताबिक इस मामले में सिद्धांत ओझा और पुलिस अधिकारी राजेश मिश्रा के संपर्क का जिक्र आया है। हालांकि बयान के अनुसार राजेश मिश्रा पर सीधे रकम मांगने का आरोप नहीं लगाया गया है।

    मोहित गोगिया पर करीब 200 लोगों से लगभग 930 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप है। वह फिलहाल पंजाब की जेल में बंद है। आयकर विभाग और प्रवर्तन निदेशालय उसकी संपत्तियों और कारोबारी गतिविधियों की जांच के तहत कार्रवाई कर चुके हैं और संपत्तियां फ्रीज किए जाने की जानकारी भी सामने आई है।

    दीपम रायचूरा ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उन्हें किसी जांच एजेंसी से कोई नोटिस नहीं मिला है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गोगिया से उनका परिचय केवल भोपाल में सहायक आबकारी आयुक्त रहते हुए लाइसेंसधारी के रूप में हुआ होगा। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा की ओर से खबर लिखे जाने तक कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। अब इस मामले में कथित बयान की प्रामाणिकता और लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • आइवरी कोस्ट के राष्ट्रपति से मिले विदेश मंत्री जयशंकर, रक्षा और कृषि में सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा

    आइवरी कोस्ट के राष्ट्रपति से मिले विदेश मंत्री जयशंकर, रक्षा और कृषि में सहयोग बढ़ाने पर हुई चर्चा


    अबिदजान।
    विदेश मंत्री एस जयशंकर (External Affairs Minister S. Jaishankar) ने कहा कि भारत (India) और आइवरी कोस्ट (Ivory Coast) की साझेदारी आपसी सम्मान पर आधारित है। दोनों देशों की विकास और समृद्धि के लिए साझा प्रतिबद्धता है। जयशंकर ने पश्चिम अफ्रीकी देश की अपनी यात्रा के दौरान राष्ट्रपति अलासाने औटारा (President Alassane Ouattara) से मुलाकात की। वह तीन अफ्रीकी देशों की यात्रा पर हैं। इसमें घाना, आइवरी कोस्ट और इथियोपिया शामिल हैं।

    जयशंकर बुधवार को घाना से आइवरी कोस्ट पहुंचे थे। यह उनकी तीन देशों की यात्रा का दूसरा पड़ाव है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, आइवरी कोसट के राष्ट्रपति अलासाने औटारा से मुलाकात कर सम्मानित महसूस किया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत शुभकामनाएं उन्हें दीं।

    विदेश मंत्री ने कहा, भारत-आइवरी कोस्ट साझेदारी आपसी सम्मान और विकास तथा समृद्धि के लिए साझा प्रतिबद्धता पर आधारित है। उन्होंने राष्ट्रपति औटारा को ‘मजबूत, लंबे समय तक चलने वाली और दोनों के लिए फायदेमंद साझेदारी के अपने दृष्टिकोण को साझा करने’ के लिए धन्यवाद दिया।


    रक्षा सहयोग पर क्या हुई बात?

    बुधवार को जयशंकर ने अबिदजान में आइवरी कोस्ट के उप प्रधानमंत्री तेने बिराहिमा औटारा से भी मुलाकात की। दोनों ने दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग पर चर्चा की। बैठक के बाद जयशंकर ने सोशल मीडिया पर लिखा, हमने आपसी भरोसे, क्षमता निर्माण और साझा हितों पर आधारित अपने बढ़ते रक्षा सहयोग पर बात की।

    उन्होंने कहा, हमने रक्षा और आतंकवाद विरोधी सहयोग को और बढ़ाने के अवसरों पर विचार साझा किए। इसमें प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण और संस्थागत स्तर पर बढ़े हुए आदान-प्रदान के जरिए सहयोग शामिल है।

    औटारा आइवरी कोस्ट के रक्षा मंत्री भी हैं। उन्होंने कहा कि जयशंकर के साथ बातचीत आइवरी कोस्ट और भारत के बीच सहयोग मजबूत करने पर केंद्रित रही। औटारा ने सोशल मीडिया पर लिखा, यह बैठक शांति, सुरक्षा और विकास के लिए रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने की हमारी साझा प्रतिबद्धता को दोहराती है।


    व्यापार और स्वास्थ्य पर भी चर्चा

    जयशंकर ने आइवरी कोस्ट की विदेश मामलों और अंतरराष्ट्रीय सहयोग की राज्य मंत्री नियाले काबा से भी बातचीत की। इसमें दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा हुई। इसमें व्यापार, बुनियादी ढांचा, कृषि और स्वास्थ्य सेवा पर खास ध्यान रहा। जयशंकर ने कहा कि काबा के साथ भारत-आइवरी कोस्ट साझेदारी को आगे बढ़ाने पर ‘व्यापक चर्चा’ हुई। इसमें व्यापार, निवेश, बुनियादी ढांचा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा और दोनों देशों के लोगों के बीच संबंध शामिल हैं।

    उन्होंने बुधवार को सोशल मीडिया पर कहा, मैंने इस बात पर जोर दिया कि लोगों को केंद्र में रखकर होने वाला हमारा सहयोग कोट द’आइवोर की प्राथमिकताओं के अनुसार आगे बढ़ेगा। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने बहुपक्षीय मंचों पर अपने सहयोग को और गहरा करने पर भी चर्चा की।


    अफ्रीका में क्षमता निर्माण पर जोर

    जयशंकर ने बुधवार को आइवरी कोस्ट में भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग यानी आईटीईसी के पूर्व छात्रों से भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारत की विकास साझेदारी हमेशा से अफ्रीका के साथ उसके संबंधों का अहम हिस्सा रही है। उन्होंने कहा कि भारत का सहयोग उसके अफ्रीकी साझेदारों की जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुसार होना चाहिए।

    उन्होंने कहा कि भारतीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग यानी आईटीईसी कार्यक्रम 1964 में शुरू हुआ था। यह दूसरे देशों के साथ क्षमता निर्माण और सहयोग के लिए भारत के सबसे महत्वपूर्ण मंचों में से एक बन गया है। जयशंकर ने आइवरी कोस्ट में भारतीय समुदाय के सदस्यों से भी बातचीत की।

    उनकी यह यात्रा ऐसे समय हो रही है, जब भारत अफ्रीकी देशों के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत करना चाहता है। भारत वैश्विक दक्षिण के साथ सहयोग बढ़ाना चाहता है। साथ ही व्यापार और निवेश से लेकर क्षमता निर्माण, रक्षा और स्वास्थ्य सेवा तक कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।

  • झारखंड के 2.5 लाख कोयला कर्मियों के PF के 727 करोड़ डूबने के मामले की 'CBI' करेगी जांच, HC ने दिए निर्देश

    झारखंड के 2.5 लाख कोयला कर्मियों के PF के 727 करोड़ डूबने के मामले की 'CBI' करेगी जांच, HC ने दिए निर्देश


    रांची।
    कोल माइंस प्रोविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (Coal Mines Provident Fund Organisation- CMPFO) के निवेश में 727.67 करोड़ रुपये डूबने के मामले में झारखंड हाईकोर्ट (Jharkhand High Court) ने CBI जांच का आदेश दिया है। चीफ जस्टिस एमएस सोनक (Chief Justice MS Sonak) की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कोल इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन के संजीव कुमार श्रीवास्ताव द्वारा 2022 में दाखिल जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए गुरुवार को यह आदेश दिया। अदालत ने सीबीआई जांच का निर्देश देते हुए जनहित याचिका निष्पादित कर दी।

    मामला दीवान हाउसिंग फाइनेंस कॉरपोरेशन लिमिटेड (DHFL) में CMPFO के 1300 करोड़ रुपये के निवेश से जुड़ा है। DHFL के दिवालिया होने के बाद इसमें से 727.67 करोड़ राशि डूब गई। CMPFO के फंड मैनेजर एसबीआई और यूटीआई ने 24 जून 2019 को ही रेड अलर्ट जारी कर DHFL की खराब आर्थिक स्थिति की जानकारी दी थी। फंड मैनेजरों ने CMPFO को निवेश की रकम निकालने की सलाह भी दी थी।

    फंड मैनेजरों की चेतावनी के बावजूद तत्कालीन ट्रस्टी ने समय रहते कदम नहीं उठाया और दिवालिया होने के करीब छह महीने बाद 20 दिसंबर 2019 को रकम वापस निकालने का प्रस्ताव पारित किया गया। 22 नवंबर 2021 को बोर्ड की सब-कमेटी ने 727.67 करोड़ को राइट ऑफ करने का प्रस्ताव रखा, जिसका कर्मचारियों ने कड़ा विरोध किया। बाद में कोल इंडिया ने भरपाई के लिए कोयला उत्पादन पर 10 रुपये प्रति टन सेस लगाने का प्रस्ताव भी लाया था।

    मामले में तत्कालीन कोल सेक्रेटरी अनिमेष भारती के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू हुई थी, लेकिन रिपोर्ट आने से पहले ही सीएमपीएफओ ने शपथपत्र दाखिल कर अपने पदाधिकारियों को क्लीन चिट दे दी। हाईकोर्ट ने इस पहलू को गंभीरता से लेते हुए सीबीआई जांच का आदेश सुनाया। प्रार्थी की ओर से अधिवक्ता अनिल कुमार सिंह ने पक्ष रखा।

    JSSC की CGL परीक्षा रद्द करने के फैसले पर हाईकोर्ट ने सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया है। गुरुवार को सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कोर्ट को बताया गया कि जांच में प्रश्नपत्र लीक के साक्ष्य मिले हैं। ऐसे में दोषी व निर्दोष अभ्यर्थियों में अंतर करना कठिन है। इसी वजह से केवल कुछ अभ्यर्थियों की परीक्षा या परिणाम रद्द करने के बजाय पूरी परीक्षा को रद्द करने का निर्णय लिया गया।

  • उत्तर से दक्षिण तक… आज देश के 15 राज्यों में अलर्ट, कहीं झमाझम तो कहीं हो सकती है हल्की बारिश

    उत्तर से दक्षिण तक… आज देश के 15 राज्यों में अलर्ट, कहीं झमाझम तो कहीं हो सकती है हल्की बारिश


    नई दिल्ली।
    देश के कई राज्यों में 9 अक्टूबर को मौसम का मिजाज (Weather Conditions) बदला हुआ रह सकता है. कहीं बारिश (Rain) और गरज-चमक लोगों को गर्मी से राहत दे सकती है, तो कहीं तेज हवाएं और भारी बारिश (Heavy Rain) परेशानी बढ़ा सकती हैं. मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) समेत कई राज्यों में बारिश और आंधी की संभावना है. कुछ इलाकों में हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।

    वहीं, दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का अलर्ट है. दूसरी ओर, देश से दक्षिण-पश्चिम मॉनसून की वापसी जारी है. मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर के कुछ और हिस्सों से मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल बन रही हैं. हालांकि, मॉनसून की वापसी का मतलब यह नहीं है कि बारिश का दौर पूरी तरह खत्म हो गया है।

    दक्षिण-पश्चिम मॉनसून अब देश के कई हिस्सों से लौट रहा है. 8 अक्टूबर तक यह महाराष्ट्र के बाकी हिस्सों, गोवा के कुछ इलाकों, कर्नाटक, तेलंगाना और ओडिशा के कुछ भागों के अलावा झारखंड और छत्तीसगढ़ के कई हिस्सों से वापस जा चुका था. इसके बावजूद देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश जारी है. इसकी वजह स्थानीय वेदर सिस्टम, साइक्लोनिक सर्कुलेशन और वेस्टर्न डिस्टर्बेंस जैसी गतिविधियां हैं. मौसम विभाग के मुताबिक, अगले 3 से 4 दिनों में पूर्वी भारत, उत्तरी प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वोत्तर के कुछ और हिस्सों से मॉनसून की वापसी के लिए परिस्थितियां अनुकूल हो सकती हैं।


    दिल्ली-UP समेत 15 राज्यों में IMD का अलर्ट

    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 9 अक्टूबर को उत्तर भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और दक्षिण भारत के कई हिस्सों में बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं. जिन राज्यों में मौसम खराब रहने की आशंका है, उनमें उत्तर प्रदेश, बिहार, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, पंजाब, हरियाणा, झारखंड, पश्चिम बंगाल, केरल, कर्नाटक और ओडिशा शामिल हैं. इनमें से कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज बारिश हो सकती है. पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश के कारण भूस्खलन का खतरा भी बना रह सकता है.


    दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?

    दिल्ली और आसपास के इलाकों में 9 अक्टूबर को बादल छाए रहने और बारिश होने की संभावना है. इस दौरान गरज-चमक के साथ हवाएं चल सकती हैं. उपलब्ध पूर्वानुमान के मुताबिक, दिल्ली में हवा की रफ्तार करीब 20 किलोमीटर प्रति घंटे रह सकती है. दिल्ली में अधिकतम तापमान करीब 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में भी 9 से 14 अक्टूबर के दौरान कहीं-कहीं बारिश हो सकती है.


    यूपी में आंधी और बारिश के आसार

    उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 9 अक्टूबर को बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. गाजियाबाद, मेरठ, मिर्जापुर, गोरखपुर, कानपुर, आगरा, प्रयागराज, सहारनपुर, बस्ती और रायबरेली समेत कई इलाकों में मौसम बदल सकता है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की चेतावनी दी गई है. पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 11 अक्टूबर तक कहीं-कहीं बारिश हो सकती है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में 10 अक्टूबर तक बारिश के आसार बने हुए हैं. लखनऊ में अधिकतम तापमान करीब 29 से 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।


    बिहार में भी बारिश का है पूर्वानुमान

    बिहार में भी बारिश का दौर जारी रह सकता है. मधुबनी, दरभंगा, गया, जहानाबाद, रोहतास, सहरसा और बक्सर समेत कई जिलों में बारिश की चेतावनी है. इस दौरान गरज-चमक के साथ हवा की रफ्तार 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. पटना में अधिकतम तापमान करीब 29 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. राज्य में 11 अक्टूबर तक कुछ इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।


    राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी बारिश

    राजस्थान के बीकानेर, अजमेर, धौलपुर, भरतपुर और बूंदी समेत कुछ इलाकों में बारिश की संभावना है. इस दौरान तेज हवाएं चल सकती हैं. जयपुर में अधिकतम तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 22 से 23 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है. मध्य प्रदेश में विदिशा, सीधी, दमोह, सागर, इंदौर, उज्जैन, शहडोल और छिंदवाड़ा समेत कई इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. भोपाल में अधिकतम तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।


    पहाड़ी राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

    उत्तराखंड में 9 अक्टूबर को कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है. हरिद्वार, ऋषिकेश और चमोली समेत कई इलाकों में बारिश और तेज हवाओं की संभावना है. कुछ स्थानों पर हवा की रफ्तार 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है. देहरादून में अधिकतम तापमान 24 डिग्री और न्यूनतम तापमान 18 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।

    हिमाचल प्रदेश के धर्मशाला, कांगड़ा, मंडी और सोलन में भी बारिश हो सकती है. यहां कुछ इलाकों में 45 किलोमीटर प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है. पहाड़ी इलाकों में लगातार बारिश से भूस्खलन और सड़क यातायात प्रभावित होने का खतरा बढ़ सकता है. जम्मू-कश्मीर में भी कुछ स्थानों पर बारिश की संभावना है।


    दक्षिण भारत में भी मौसम बदलेगा

    दक्षिण भारत में 9 अक्टूबर को बारिश की गतिविधियां तेज रह सकती हैं. मौसम विभाग ने दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी दी है. केरल, माहे, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में भी 10 अक्टूबर तक बारिश का दौर जारी रह सकता है. इन इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है. दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 9 और 10 अक्टूबर को बिजली चमकने के साथ बारिश हो सकती है. मौसम की इन गतिविधियों के पीछे ऊपरी हवा में बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन और समुद्री इलाकों में सक्रिय ट्रफ लाइन का असर बताया गया है।


    पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में भी बारिश

    बिहार के अलावा झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल में 9 और 10 अक्टूबर को बारिश हो सकती है. ओडिशा में 14 अक्टूबर तक अलग-अलग इलाकों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है. दक्षिणी तटीय ओडिशा और उससे सटे उत्तर-पश्चिमी बंगाल की खाड़ी के ऊपर साइक्लोनिक सर्कुलेशन बना हुआ है. पूर्वोत्तर भारत में भी मौसम पूरी तरह साफ नहीं रहेगा. अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और आसपास के राज्यों में बारिश के साथ बिजली गिरने की आशंका है. लोगों को गरज-चमक के दौरान खुले मैदानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचना चाहिए।