Author: bharati

  • ब्रेकअप के बाद शमिता शेट्टी को हुआ प्यार? बिजनेसमैन संग रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- सिंगल

    ब्रेकअप के बाद शमिता शेट्टी को हुआ प्यार? बिजनेसमैन संग रिश्ते पर तोड़ी चुप्पी, बोलीं- सिंगल


    नई दिल्ली । 2 फरवरी को शमिता शेट्टी ने धूमधाम से अपना 47वां बर्थडे सेलिब्रेट किया. शमिता ने बर्थडे का जश्न बहन शिल्पा शेट्टी और जीजू राज कुंद्रा के साथ मनाया. खास मौके पर उनके साथ टेक्नो आर्टिस्ट दीपेश शर्मा भी नजर आए. दीपेश और शमिता को साथ देखकर इनकी डेटिंग की अफवाहें शुरू हो गईं. लेकिन क्या सच में शमिता और दीपेश रिश्ते में हैं? एक्ट्रेस ने खुद इंस्टाग्राम पोस्ट में डेटिंग रूमर्स का सच बताया है.

    रिलेशनशिप में शमिता?

    बॉलीवुड डीवा शमिता शेट्टी अपनी पर्सनल और लव लाइफ को लेकर हमेशा से ही चर्चा में आ जाती हैं. बर्थडे के बाद से उनका नाम दीपेश शर्मा के साथ जोड़ा जा रहा है. इससे पहले बात बहुत आगे बढ़ती एक्ट्रेस ने खुद ही सारी चीजें क्लियर कर दीं हैं. डेटिंग रूमर्स का सच बताते हुए उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर लिखा- सिंगल और शांत. सच्ची दोस्ती को गलत तरीके से समझने वाले रूढ़िवादी बनना बंद करो. ये सब सच में बकवास है.

    कैसे शुरू हुई डेटिंग रूमर्स?

    दीपेश ने इंस्टाग्राम पर शमिता के जन्मदिन की कुछ फोटोज शेयर की थींजिसमें वो एक्ट्रेस के बेहद करीब नजर आए. उन्होंने कैप्शन में लिखा कि हैप्पी बर्थडे मेरी हमेशा की हंसी का राजजिसे मेरी सारी कहानियां पता हैं और फिर भी साथ है. लव यूमाई शम्स्टर. बस इसके बाद से ही उनका नाम शमिता के साथ जोड़ा जाने लगा.

    दीपेश शर्मा की बात करेंतो वो मुंबई बेस्ड टेक्नो आर्टिस्ट/डीजे हैं. वो टुमॉरोलैंड जैसे बड़े फेस्टिवल्स में परफॉर्म करते हैं. दीपेश का गोवा के क्रॉनिकल बीच पर एक क्लब भी है. वो सोशल मीडिया पर एक्टिव रहते हैं और इंस्टाग्राम पर उनके करीब 192K फॉलोअर्स हैं. दीपेश कई बॉलीवुड सेलेब्स संग अच्छा रिश्ता शेयर करते हैं.

    शमिता शेट्टी वो एक्ट्रेस हैं जिन्होंने कभी छिपकर किसी से प्यार नहीं किया. बिग बॉस ओटीटी में उनका रिश्ता राकेश बापट संग बना थालेकिन शो खत्म होने के बाद दोनों का ब्रेकअप हो गया. शमिता और राकेश भले ही साथ नहीं हैंलेकिन उनके बीच आज भी अच्छा बॉन्ड है.

  • मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्य सचिव जैन

    मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता : मुख्य सचिव जैन


    भोपाल। मुख्य सचिव अनुराग जैन की अध्यक्षता में मंत्रालय में बुधवार को राज्य स्वास्थ्य समिति की गवर्निंग बॉडी की बैठक आयोजित हुई। मुख्य सचिव श्री जैन ने राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में विभाग द्वारा की गई उल्लेखनीय प्रगति की सराहना की। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ एवं सुलभ बनाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों एवं डिजिटल पहलों के माध्यम से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों की रोकथाम और मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की गई हैं।

    अनमोल 2.0 से गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी से एमएमआर और आईएमआर में हुआ है सुधार

    मुख्य सचिव श्री जैन ने निर्देश दिए कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सशक्तिकरण के समन्वित प्रयास करें। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में निरंतर कमी लाना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बताया गया कि मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य के क्षेत्र में राज्य ने उल्लेखनीय प्रगति की है। राज्य के 51 जिलों में उच्च जोखिम वाली गर्भवती महिलाओं के सुरक्षित प्रसव के लिए 228 बर्थ वेटिंग रूम क्रियाशील हैं। साथ ही गर्भवती महिलाओं की शंकाओं के समाधान हेतु सुमन सखी चैटबॉट को गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध कराया गया है। गर्भवती महिलाओं की सतत निगरानी अनमोल 2.0 के माध्यम से की जा रही है। इसके परिणामस्वरूप वित्तीय वर्ष 2025-26 में मातृ मृत्यु दर (एमएमआर) एवं शिशु मृत्यु दर (आईएमआर) में कमी दर्ज की गई है। बैठक में मिशन संचालक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन डॉ. सलोनी सिडाना ने लोक स्वास्थ्य के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत प्राप्त उपलब्धियों और वित्तीय वर्ष 2026-27 की वार्षिक कार्य योजना का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया।

    आरबीएसके के अंतर्गत 33 हज़ार से अधिक निःशुल्क सर्जरी

    ई-शिशु मॉडल के अंतर्गत एमजीएम इंदौर में वन-हब एवं 16 स्पोक्स के माध्यम से अब तक 947 नवजात शिशुओं को टेली-कंसल्टेशन सेवाएँ प्रदान की गई हैं। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत 33,075 नि:शुल्क शल्य क्रियाएँ की गईं, साथ ही 1,026 नि:शुल्क जन्मजात हृदय रोग (सीएचडी) सर्जरी भी की गई हैं।

    वर्ष 2025 में कुल 8,896 पंचायतें हुई टीबी-मुक्त

    टीबी (क्षय रोग) के नोटिफिकेशन एवं उपचार सफलता दर में सुधार के परिणामस्वरूप डीआर-टीबी मृत्यु दर 3.9 से घटकर 3.0 हुई है। वर्ष 2025 में कुल 8,896 पंचायतों को टीबी-मुक्त पंचायत घोषित किया गया। सिकल सेल प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत 28,541 मरीजों को नि:शुल्क उपचार प्रदान किया गया और एक करोड़ 13 लाख 59 हजार 76 नागरिकों को सिकल सेल कार्ड वितरित किए गए हैं।

    स्वस्थ यकृत मिशन में 1 करोड़ 42 लाख स्क्रीनिंग

    ‘स्वस्थ यकृत मिशन’ (एनएएफएलडी स्क्रीनिंग अभियान) के अंतर्गत एक करोड़ 42 लाख स्क्रीनिंग की गई हैं। फाइब्रोस्कैन सेवाएँ 13 जिलों में प्रारंभ की गई हैं, जिनमें अब तक 2,032 स्कैन पूर्ण किए जा चुके हैं। उच्च रक्तचाप के उपचार हेतु 1.77 करोड़ नागरिक की स्क्रीनिंग एवं 10.40 लाख नागरिक उपचाराधीन, इसी प्रकार मधुमेह के लिए 1.80 करोड़ स्क्रीनिंग एवं 7.21 लाख उपचाराधीन रोगी हैं। 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों के लिए ‘मिशन मधुमेह’ के अंतर्गत 537 टाइप-1 डायबिटीज से पीड़ित बच्चे उपचाराधीन हैं।

    ट्रक ड्राइवरों की नियमित नेत्र जांच करने के निर्देश

    राज्य में 4,03,401 मोतियाबिंद शल्य क्रियाएँ की गईं। इसमें 48,816 स्कूली बच्चों एवं 1,03,944 वृद्धजनों को निःशुल्क चश्मे वितरित किए गए। इसके अतिरिक्त 2,235 कॉर्निया नेत्रदान के माध्यम से एकत्र किए गए। होप (होम बेस्ड केयर प्रोग्राम फॉर एल्डर्ली) योजना के अंतर्गत 6 शहरी क्षेत्रों में 1,214 अशक्त वृद्धजनों को घर पर स्वास्थ्य सेवाएँ प्रदान की गई हैं। मुख्य सचिव श्री जैन ने ट्रक ड्राइवरों की नियमित नेत्र जांच कराने के निर्देश दिए।

    मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार महाविद्यालयों में भी करें

    मुख्य सचिव श्री जैन ने उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों का विस्तार महाविद्यालयों में भी किए जाने के निर्देश दिए। बताया गया कि राज्य में 3,756 शैक्षणिक संस्थानों को तंबाकू-मुक्त प्रमाणित किया गया है। टेली-मानस सेवा (टोल-फ्री नंबर 14416 / 1800-891-4416) के माध्यम से 55,711 उपयोगकर्ताओं को नि:शुल्क मानसिक स्वास्थ्य परामर्श प्रदान किया गया। आत्महत्या रोकथाम के लिये गेट-कीपर कार्यक्रम के अंतर्गत 2,385 आत्म-हानि एवं 1,593 आत्मघाती विचारों से संबंधित मामलों में जिला मानसिक स्वास्थ्य कार्यक्रम (डीएमएचपी) के माध्यम से परामर्श एवं उपचार उपलब्ध कराया गया।

    वित्तीय वर्ष 2026-27 की कार्ययोजना

    वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना निर्माण प्रक्रिया में बॉटम-अप दृष्टिकोण अपनाया गया है और शून्य-आधारित बजटिंग सिद्धांतों पर संसाधन आवंटन किया गया है, जिससे वर्तमान स्वास्थ्य आवश्यकताओं एवं जिला-स्तरीय जरूरतों के अनुरूप योजनाएँ तैयार की जा सकें। परिणाम-आधारित योजना एवं बजटिंग के अंतर्गत मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी, टीकाकरण कवरेज में सुधार और संक्रामक एवं गैर-संक्रामक रोगों के नियंत्रण जैसे मापनीय स्वास्थ्य लक्ष्यों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

    वित्तीय अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए एसएनए-स्पर्श के माध्यम से निगरानी की जाएगी। जिला स्वास्थ्य कार्ययोजना की तैयारी, राज्य स्तरीय समीक्षा, कार्यकारी समिति की बैठक एवं राज्य स्वास्थ्य समिति की स्वीकृति की सुव्यवस्थित प्रक्रिया अपनाई गई है, जो विकेंद्रीकरण, अभिसरण, लक्ष्य निर्धारण एवं प्राथमिकता निर्धारण के सिद्धांतों पर आधारित है। यह दृष्टिकोण “विकसित मध्यप्रदेश@2047” एवं सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप है। बैठक में लगभग 5 हज़ार करोड़ रुपए की वार्षिक कार्य योजना भारत सरकार को प्रेषित किए जाने की स्वीकृति प्रदान की गई।

    बैठक में अपर मुख्य सचिव नगरीय प्रशासन, प्रमुख सचिव लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, स्वास्थ्य आयुक्त, मिशन संचालक राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, प्रमुख सचिव सामाजिक न्याय, आयुष, स्कूल शिक्षा, वित्त विभाग, आयुक्त महिला बाल विकास, मनरेगा विभाग सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

  • मंत्रालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी शर्मा अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित

    मंत्रालय के मुख्य सुरक्षा अधिकारी शर्मा अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्मानित


    भोपाल। मंत्रालय वल्लभ भवन भोपाल में पदस्थ मुख्य सुरक्षा अधिकारी / सहायक पुलिस आयुक्त (सुरक्षा) श्री अविनाश शर्मा को वर्ष 
    2025 के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री का अति-उत्कृष्ट सेवा पदक से सम्‍मानित किया गया है। श्री शर्मा को उनकी दीर्घकालीन, निष्ठावान एवं अति-उत्कृष्ट सेवाओं के लिए यह पदक दिया गया है।

    उल्‍लेखनीय है कि केन्द्रीय गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा वर्ष 2025 के लिए पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों को उनकी सराहनीय, अनुकरणीय एवं अति-उत्कृष्ट सेवाओं के लिए केन्द्रीय गृहमंत्री का अति-उत्कृष्ट सेवा पदक एवं उत्कृष्ट सेवा पदक प्रदान किए जाने की घोषणा की गई है।

    श्री अविनाश शर्मा ने मंत्रालय की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने, महत्वपूर्ण शासकीय प्रतिष्ठानों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा कर्तव्यनिष्ठा के साथ उत्कृष्ट नेतृत्व प्रदान करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। उनका यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत समर्पण का प्रतीक है, बल्कि मध्यप्रदेश पुलिस एवं मंत्रालय सुरक्षा व्यवस्था के लिए भी गौरव का विषय है।

  • अब बड़े पर्दे पर दिखेगा गुड्डू, मुन्ना और कालीन भैया का भौकाल, मिर्ज़ापुर द मूवी की रिलीज डेट आई सामने

    अब बड़े पर्दे पर दिखेगा गुड्डू, मुन्ना और कालीन भैया का भौकाल, मिर्ज़ापुर द मूवी की रिलीज डेट आई सामने

    नई दिल्ली । भारत की सबसे चर्चित वेब सीरीज़ मिर्ज़ापुर अब पहली बार फिल्म के रूप में सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। जिस क्राइमसत्ता और बदले की दुनिया ने ओटीटी पर तहलका मचाया थावही कहानी अब और बड़े स्केल के साथ बड़े पर्दे पर दिखाई देगी।जब से मिर्ज़ापुरद मूवी का ऐलान हुआ थाफैंस इसकी रिलीज़ डेट का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे। अब मेकर्स ने इस इंतज़ार को खत्म करते हुए आधिकारिक तौर पर फिल्म की रिलीज़ डेट का ऐलान कर दिया है।
    मिर्ज़ापुरद मूवी 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी।फिल्म दर्शकों को उसी रॉबेरहम और सत्ता की लड़ाई से भरी दुनिया में ले जाएगीजिसे उन्होंने वेब सीरीज़ में पसंद किया था लेकिन इस बार कहानी का स्केल और भी बड़ा होगा।फिल्म में पंकज त्रिपाठी एक बार फिर कालीन भैयाअली फज़ल गुड्डू पंडित और दिव्येंदु त्रिपाठी मुन्ना भैया के आइकॉनिक किरदारों में वापसी कर रहे हैं। इनके अलावा फिल्म में कई पुराने और नए चेहरे भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे।
    फिल्म की स्टार कास्ट में जितेंद्र कुमाररवि किशनअभिषेक बनर्जीरसिका दुग्गलश्वेता त्रिपाठीश्रिया पिलगांवकरहर्षिता गौरसुशांत सिंहमोहित मलिकशीबा चड्ढाराजेश तैलंगकुलभूषण खरबंदा और सोनल चौहान जैसे कलाकार शामिल हैं।मिर्ज़ापुरद मूवी का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया हैजबकि इसकी कहानी पुनीत कृष्णा ने लिखी है। फिल्म को एक्सेल एंटरटेनमेंट के बैनर तले रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर प्रोड्यूस कर रहे हैं।अब देखना दिलचस्प होगा कि सत्ताबदले और खून-खराबे की ये कहानी बड़े पर्दे पर दर्शकों को कितना पसंद आती है।

  • प्रदेश में 900 करोड़ की लागत से बन रहे हैं धार्मिक और सांस्कृतिक लोक

    प्रदेश में 900 करोड़ की लागत से बन रहे हैं धार्मिक और सांस्कृतिक लोक


    भोपाल। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 
    विकास भी,विरासत भी के कालजयी मंत्र को ध्येय वाक्य मानकर मध्यप्रदेश अपनी सांस्कृतिक पहचान को अक्षुण्ण बनाए रखने की दिशा में एक ऐतिहासिक पथ पर अग्रसर है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने जिस सांस्कृतिक पुनर्जागरण का शंखनाद उज्जैन में श्री महाकाल लोक के लोकार्पण के साथ किया था, वह यात्रा अब मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में एक विराट जन-अभियान का रूप ले चुकी है। प्रदेश की पावन धरा पर लगभग 900 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 20 ‘लोकों का निर्माण किया जा रहा है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी गौरवशाली परंपराओं का जीवंत साक्ष्य बनेंगे।

    धार्मिक एवं सांस्कृतिक वैभव की इस अविरल यात्रा में वर्तमान में 580 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से 17 महत्वपूर्ण धार्मिक एवं सांस्कृतिक लोक पर तीव्र गति से कार्य संचालित है। सागर में संत रविदास लोक‘ 101 करोड़ रुपये की लागत से बन रहा है यह हमारी सामाजिक समरसता का प्रतीक है। सीहोर जिले के सलकनपुर में देवी लोक और ओरछा में श्रीरामराजा लोक जैसे भव्य प्रकल्प अपनी पूर्णता के करीब हैं। सरकार की संकल्प शक्ति का ही परिणाम है कि मंदसौर में भगवान पशुपतिनाथ लोक परिसर का कार्य पूर्ण कर उसे जनता को समर्पित किया जा चुका है। साथ ही भोपाल में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप लोक‘, जानापाव में भगवान परशुराम लोक और महेश्वर में देवी अहिल्या संग्रहालय जैसे प्रकल्पों ने पूर्ण होकर प्रदेश के सांस्कृतिक मानचित्र को और अधिक समृद्ध किया है।

     जन-आस्था का सम्मान करते हुए राज्य सरकार ने 315 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से भविष्य में 3 नए लोक और 2 अन्य लोक के द्वितीय चरण को भी मूर्त रूप दिया जायेगा। श्री महाकाल लोक की भव्यता को प्रेरणा मानकर अब ओंकारेश्वर में ममलेश्वर लोक का निर्माण, बैतूल में ताप्ती उद्गम स्थल में ‘ताप्ती लोक’ और मैहर में ‘माँ शारदा लोक’ का निर्माण किया जाना प्रस्तावित है। महेश्वर में 110 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला देवी अहिल्या लोक और अमरकंटक में माँ नर्मदा लोक के द्वितीय चरण का निर्माण सनातन संस्कृति के प्रति अटूट श्रद्धा का परिचायक है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में निर्मित हो रहे धार्मिक और सांस्कृतिक लोक केवल पत्थर और ईंटों के निर्माण मात्र नहीं हैं, अपितु ये मध्यप्रदेश के विकास के नए ग्रोथ इंजन सिद्ध होंगे। प्रधानमंत्री श्री मोदी के वोकल फॉर लोकल के विज़न को आत्मसात करते हुए ये स्थल पर्यटन के वैश्विक केंद्रों के रूप में उभरेंगे, जिससे स्थानीय स्तर पर रोज़गार के अभूतपूर्व अवसर सृजित होंगे। हस्त शिल्पियों से लेकर सेवा क्षेत्र तक, इन लोकों का विकास हर वर्ग के लिए आर्थिक समृद्धि का नया द्वार खोलेगा। आस्था का यह महायज्ञ जहाँ एक ओर हमारी जड़ों को सींच रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश को आधुनिकता और आत्मनिर्भरता के पथ पर तेजी से आगे बढ़ा रहा है।

  • किसानों को सशक्त बनाने किया जा रहा है तकनीक का प्रभावी उपयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    किसानों को सशक्त बनाने किया जा रहा है तकनीक का प्रभावी उपयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल! मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि किसानों को सशक्त बनाने और कृषि व्यवस्था को आधुनिक स्वरूप देने के लिए तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। एआई आधारित डिजिटल क्रॉप सर्वे और फार्मर रजिस्ट्री के माध्यम से राज्य में ग्रामीण डेटा प्रणाली को एक नई दिशा प्रदान की गई है। उन्नत तकनीक, पारदर्शी डेटा प्रबंधन और केंद्र-राज्य समन्वय से यह पहल किसानों के हित में मजबूत डिजिटल आधार तैयार कर रही है। इससे किसानों को योजनाओं का वास्तविक लाभ सुनिश्चित होगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे के माध्यम से खेत पर उपस्थित होकर फसल की फोटो लेकर जानकारी सुरक्षित की जा रही है, जिससे फसल संबंधी डेटा पूरी तरह प्रमाणिक हो रहा है। जियो-फेंसिंग तकनीक से यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि सर्वे केवल वास्तविक खेत स्थल पर ही किया जाए। सर्वे डेटा का त्रिस्तरीय सत्यापन एआई/एमएल सिस्टम और पटवारी स्तर पर किया जा रहा है। अन्य विभागों द्वारा भी इस डेटा का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। डीसीएस डेटा के आधार पर उपार्जन पंजीयन की प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि इंटरनेट उपलब्ध न होने की स्थिति में भी सर्वे की विश्वसनीयता बनी रहे। सर्वे के दौरान ली गई फोटो की प्रामाणिकता और सही लोकेशन की पुष्टि प्रणाली द्वारा की जाती है। सर्वे केवल निर्धारित समयावधि में ही संभव है और समय सीमा के बाहर या मोबाइल समय में किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ होने पर सर्वे स्वतः रुक जाता है। एआई या एमएल एल्गोरिदम के माध्यम से डेटा का क्रॉस-वेरिफिकेशन कर मानवीय त्रुटियों की संभावना को न्यूनतम किया गया है। फसल क्षेत्र, उत्पादन अनुमान और योजनाओं के क्रियान्वयन में डेटा-ड्रिवन निर्णय लिए जा रहे हैं।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि फार्मर रजिस्ट्री को एकीकृत डिजिटल प्रणाली के रूप में विकसित किया गया है। इसमें किसानों की पहचान, भूमि विवरण और योजना संबंधी जानकारी का केंद्रीकृत पंजीकरण एवं सत्यापन किया जा रहा है। इस प्रक्रिया में भूमि अभिलेखों का पूर्ण डिजिटल एकीकरण, स्थान आधारित रिकॉर्ड और बहु-स्तरीय डेटा जांच शामिल हैं। प्रत्येक किसान को 11 अंकीय विशिष्ट डिजिटल पहचान संख्या प्रदान की जा रही है, जिससे एक प्रमाणिक और सटीक किसान डेटाबेस (यूनिफाइड डिजिटल प्रोफाइल) तैयार हो रही है।

    फार्मर रजिस्ट्री के निर्धारित मानकों का 100 प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। एससीए योजना में भारत सरकार से वित्तीय वर्ष 2025–26 के लिए 713 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्राप्त हुई है। यह डिजिटल व्यवस्था डुप्लीकेशन और फर्जी लाभार्थियों पर प्रभावी रोक लगाएगी और भविष्य की सभी डिजिटल कृषि योजनाओं की मजबूत नींव बनेगी। साथ ही, जन समर्थ पोर्टल के माध्यम से किसानों को आसान कृषि ऋण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है।

  • Bihar Assembly Election: बिहार चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची PK की जन सुराज पार्टी

    Bihar Assembly Election: बिहार चुनाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची PK की जन सुराज पार्टी


    नई दिल्ली । बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी और कानूनी घमासान तेज हो गया है। चुनावी रणनीतिकार से नेता बने प्रशांत किशोर की पार्टी जन सुराज पार्टी ने राज्य में हुए विधानसभा चुनाव को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की है। पार्टी ने चुनाव के दौरान महिलाओं को सीधे ₹10,000 ट्रांसफर किए जाने को आचार संहिता का उल्लंघन बताते हुए इसे अवैध करार दिया है और नए सिरे से विधानसभा चुनाव कराने की मांग की है।

    सुप्रीम कोर्ट सुनवाई को तैयार
    जन सुराज पार्टी की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ इस मामले की शुक्रवार को सुनवाई करेगी। याचिका संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर की गई है।

    10 हजार रुपये ट्रांसफर पर उठे सवाल

    याचिका में कहा गया है कि चुनाव से ठीक पहले और मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट लागू रहने के दौरान राज्य सरकार की ओर से महिला मतदाताओं को ₹10,000 का प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण किया गया, जो चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने वाला कदम है। पार्टी का दावा है कि इससे 25 से 35 लाख महिला वोटर्स प्रभावित हुईं, जो सीधे तौर पर भ्रष्ट आचरण की श्रेणी में आता है।

    संविधान के कई अनुच्छेदों के उल्लंघन का आरोप

    जन सुराज पार्टी ने कोर्ट से यह घोषित करने की मांग की है कि मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत चुनावी अवधि में नए लाभार्थियों को जोड़ना और उन्हें भुगतान करना संविधान के अनुच्छेद 14, 21, 112, 202 और 324 का गंभीर उल्लंघन है। साथ ही, चुनाव आयोग को इस मामले में सख्त कार्रवाई के निर्देश देने की भी अपील की गई है।

    जीविका दीदियों की तैनाती पर भी आपत्ति

    याचिका में यह मुद्दा भी उठाया गया है कि दो चरणों में कराई गई वोटिंग के दौरान जीविका स्वयं सहायता समूह की करीब 1.8 लाख महिला लाभार्थियों को पोलिंग बूथों पर तैनात किया गया, जो निष्पक्ष चुनाव की भावना के खिलाफ है। पार्टी ने इसे अवैध और अनुचित बताया है।

    दोबारा चुनाव की मांग

    जन सुराज पार्टी ने चुनाव में कथित भ्रष्ट आचरणों का हवाला देते हुए बिहार में फिर से विधानसभा चुनाव कराने की मांग की है। साथ ही, पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट से आग्रह किया है कि वह एस. सुब्रमण्यम बालाजी बनाम तमिलनाडु सरकार 2013 मामले में दिए गए निर्देशों को लागू कराए और मुफ्त योजनाओं व डीबीटी स्कीम्स पर स्पष्ट और सख्त दिशा-निर्देश तय करे।

    बढ़ेगा सियासी तापमान

    इस याचिका के बाद बिहार की राजनीति में हलचल और तेज हो गई है। अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई और उसके फैसले पर टिकी हैं, जो आने वाले समय में बिहार की सियासत की दिशा तय कर सकता है।

  • विरासत में मिला क्रिकेट छोड़ क्यों बॉलीवुड में आए अंगद बेदी, इन फिल्मों के लिए होती है चर्चा

    विरासत में मिला क्रिकेट छोड़ क्यों बॉलीवुड में आए अंगद बेदी, इन फिल्मों के लिए होती है चर्चा


    नई दिल्ली । अभिनेता अंगद बेदी आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। उनके जन्मदिन पर आइए आपको बताते हैं बॉलीवुड में उनकी शुरुआत से लेकर अब तक के सफर के बारे में।भारतीय क्रिकेट कप्तान रहे बिशन सिंह बेदी के बेटे अंगद बेदी का आज यानी 6 फरवरी को जन्मदिन है। अंगद बेदी को उनकी फिल्मों से फैंस पहचानते हैं। विरासत में मिला क्रिकेट छोड़ अंगद ने बॉलीवुड में अपना सिक्का आजमाने की कोशिश की है। आइए उनके जन्मदिन के खास दिन पर आपको बताते हैं उनकी निजी जिंदगी से लेकर बॉलीवुड तक के सफर के बारे में।
    खुद कही थी ये बात

    अंगद बेदी ने एक इंटरव्यू में खुद कहा था कि मुझे लगता है कि काम ही सबसे ज्यादा जरूरी है। हर इंसान की एक ऐसी पर्सनालिटी बननी चाहिए कि लोग आपके काम से कनेक्ट कर सकें। मैं लाइफ में बेचारा बनकर नहीं रहना चाहता। अंगद ने बताया कि 17 साल की उम्र में उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें अभिनेता बनना है इसके बाद उन्होंने चचेरे भाी की डिफेंस कॉलोनी में एक दुकान में जाकर अमिताभ बच्चन की फिल्में देखना शुरू किया। इन्हीं फिल्मों को देखकर एक्टिंग के प्रति अंगद का रुझान और बढ़ गया।

    पिता हो गए थे नाराज

    एक इंटरव्यू के दौरान अंगद बेदी ने बताया कि उन्होंने बॉलीवुड में काम करने के लिए 18 साल की उम्र में बाल कटवा लिए थे इस बात से उनके पिता इतने नाराज हो गए थे कि 20 साल तक उनसे बात ही नहीं की थी। इसके बाद अमिताभ बच्चन ने उन दोनों की सुलह करवाई थी।

    ऐसे हुई नेहा से मुलाकात

    अंगद बेदी ने साल 2018 में नेहा धूपिया से शादी कर ली थी। दोनों की शादी दिल्ली में हुई। खबरों की मानें तो अंगद से शादी से पहले ही नेहा प्रेग्नेंट हो गईं थीं। नेहा और अंगद ने अपने माता-पिता को शादी के बारे में बताने के बाद 72 घंटों में शादी कर ली थी। कपल के एक बेटा और एक बेटी है। अंगद से शादी के पांच महीने बाद ही नेहा धूपिया ने बेटी को जन्म दिया था। वहीं साल 2021 में उन्होंने अपने बेटे गुरिक सिंह धूपिया बेदी का स्वागत किया। इन फिल्मों में नजर आए अंगद बेदीअंगद बेदी को उनकी फिल्म डियर जिंदगीटाइगर जिंदा हैघूमरगुंजन सक्सेनासूरमा जैसी फिल्मों के लिए जाना जाता है। अंगद बेदी ने बहुत सी फिल्मों में काम किया हालांकि वे अभी तक किसी फिल्म में मुख्य किरदार के रुप में काम नहीं कर पाए हैं।

  • India vs Pakistan पर सस्पेंस गहराया: तूफान से पहले की खामोशी या T20 वर्ल्ड कप का महामुकाबला होगा रद्द?

    India vs Pakistan पर सस्पेंस गहराया: तूफान से पहले की खामोशी या T20 वर्ल्ड कप का महामुकाबला होगा रद्द?


    नई दिल्ली । टी20 वर्ल्ड कप 2026 में होने वाले भारत-पाकिस्तान महामुकाबले को लेकर सस्पेंस लगातार गहराता जा रहा है। 15 फरवरी को प्रस्तावित इस हाई-वोल्टेज मैच से ठीक दस दिन पहले हालात ऐसे बन चुके हैं कि यह कहना मुश्किल हो गया है कि यह खामोशी तूफान से पहले की शांति है या फिर मैच के रद्द होने का साफ संकेत। दिलचस्प बात यह है कि इस पूरे मामले पर आईसीसी बीसीसीआई और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड तीनों की ओर से सार्वजनिक तौर पर चुप्पी साध ली गई है।

    इस विवाद की शुरुआत 1 फरवरी को हुई जब पाकिस्तान सरकार ने ऐलान किया कि पाकिस्तान की टीम टी20 वर्ल्ड कप 2026 में हिस्सा तो लेगी लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ होने वाले मुकाबले में मैदान पर नहीं उतरेगी। इस फैसले ने क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी। इसके तुरंत बाद अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) की ओर से पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) को चेतावनी दी गई कि मैच न खेलने के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। हालांकि इसके बाद से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

    इस बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने एक बार फिर यह दोहराया है कि भारत और पाकिस्तान के बीच यह मुकाबला नहीं होगा। इससे अटकलों को और हवा मिली है कि यह फैसला सिर्फ क्रिकेट बोर्ड का नहीं बल्कि सीधे सरकार का है। अगर ऐसा है तो आईसीसी के लिए भी स्थिति बेहद जटिल हो जाती है क्योंकि किसी सदस्य देश की टीम का सरकारी आदेश के तहत मैच से हटना एक गंभीर मामला माना जाता है।

    हालांकि क्रिकेट की दुनिया में पाकिस्तान के फैसलों को लेकर अनिश्चितता कोई नई बात नहीं है। पिछले साल एशिया कप के दौरान भी ऐसा देखा गया था जब आखिरी वक्त पर पाकिस्तान अपने पहले के रुख से पलट गया था। इसी वजह से यह माना जा रहा है कि मौजूदा बॉयकॉट का ऐलान अंतिम फैसला नहीं भी हो सकता। लेकिन अगर पाकिस्तान सरकार अपने फैसले पर अड़ी रहती है तो इंडिया वर्सेस पाकिस्तान मुकाबले का रद्द होना लगभग तय माना जा रहा है।

    क्रिकबज की एक रिपोर्ट के मुताबिक आईसीसी और उसके सदस्य किसी भी तरह की काम से गैरहाजिरी को हल्के में नहीं लेंगे। अगर पाकिस्तान टीम मैच नहीं खेलती है तो उस पर भारी जुर्माना अंक कटौती या भविष्य के टूर्नामेंट्स को लेकर सख्त कार्रवाई संभव है। हालांकि यह सजा बाद की प्रक्रिया है फिलहाल फोकस मैच के भविष्य पर टिका है।

    कुछ सूत्रों का यह भी दावा है कि दोनों पक्षों के बीच बैक-चैनल बातचीत चल रही है और बीच-बचाव की कोशिशें जारी हैं लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसी बीच पाकिस्तानी मीडिया में यह खबर फैली कि आईसीसी चेयरमैन जय शाह और सीईओ संजोग गुप्ता मुंबई में जियोस्टार के मालिक मुकेश अंबानी से मिले हैं। चूंकि जियोस्टार टी20 वर्ल्ड कप का आधिकारिक ब्रॉडकास्टर है इसलिए इस मुलाकात को मैच को लेकर बड़े फैसले से जोड़कर देखा गया।

    हालांकि इस दावे पर भी सवाल खड़े हो गए हैं क्योंकि जय शाह और संजोग गुप्ता इस समय इंटरनेशनल ओलंपिक कमेटी के निमंत्रण पर इटली के मिलान में मौजूद हैं जहां वे 145वें IOC सत्र में हिस्सा ले रहे हैं। आज तारीख 5 फरवरी है और मैच 15 फरवरी को होना है। ऐसे में सवाल अब भी वही है क्या यह खामोशी किसी बड़े समझौते की आहट है या फिर क्रिकेट के सबसे बड़े मुकाबलों में से एक के रद्द होने की भूमिका? जवाब आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगा।

  • 6 साल बाद बॉलीवुड में कदम रख रहीं प्रियंका चोपड़ा, क्या फिर दिखेंगी ऋतिक और शाहरुख की फ्रेंचाइजी फिल्मों में?

    6 साल बाद बॉलीवुड में कदम रख रहीं प्रियंका चोपड़ा, क्या फिर दिखेंगी ऋतिक और शाहरुख की फ्रेंचाइजी फिल्मों में?


    नई दिल्ली।बॉलीवुड से लेकर हॉलीवुड तक अपनी कामयाबी का परचम लहराने वाली प्रियंका चोपड़ा एक बार फिर भारतीय फिल्म गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। करीब 6 साल के लंबे इंतजार के बाद प्रियंका एसएस राजामौली की बहुप्रतीक्षित फिल्म वाराणसी के जरिए बड़े पर्दे पर वापसी कर रही हैं लेकिन इस कमबैक से ज्यादा चर्चा अब उनकी पुरानी और सफल फ्रेंचाइजी फिल्मों डॉन 3 और कृष 4 को लेकर हो रही है। हाल ही में अपनी फिल्म वाराणसी के प्रचार के दौरान इंटरनेशनल मीडिया आउटलेट ScreenRant से बातचीत करते हुए प्रियंका से जब इन दोनों फिल्मों के बारे में सीधा सवाल किया गया तो उनके जवाब ने फैंस की धड़कनें तेज कर दीं। प्रियंका ने शरारती मुस्कान के साथ कहा कि वह फिलहाल इस बारे में बात करने के लिए अधिकृत हैं या नहीं उन्हें नहीं पता। उनकी इस रहस्यमयी चुप्पी पर पास ही मौजूद को-स्टार महेश बाबू ने चुटकी लेते हुए कहा कि इसका मतलब साफ है कि पर्दे के पीछे कुछ तो पक रहा है।

    हालांकि प्रियंका ने बड़ी ही समझदारी से बात को घुमाते हुए कहा कि फिलहाल उनका पूरा ध्यान वाराणसी पर है जो 6 साल बाद भारत में उनकी पहली फिल्म होने वाली है। लेकिन गौर करने वाली बात यह है कि उन्होंने डॉन 3 और कृष 4 का हिस्सा होने की खबरों को सिरे से नकारा भी नहीं है। डॉन फ्रेंचाइजी की बात करें तो प्रियंका इसके शुरुआती दोनों भागों में शाहरुख खान के साथ अपनी दमदार मौजूदगी दर्ज करा चुकी हैं। फरहान अख्तर की इस सीरीज में उनका ‘जंगली बिल्ली’ वाला अवतार आज भी फैंस के जेहन में ताजा है। हालांकि डॉन 3 को लेकर हाल के दिनों में कई बदलाव देखने को मिले हैं जहाँ पहले रणवीर सिंह और कियारा आडवाणी के नाम सामने आए थे लेकिन अब समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। ऐसे में प्रियंका की संभावित एंट्री ने फिल्म के प्रति उत्सुकता को दोगुना कर दिया है।

    दूसरी तरफ कृष 4 को लेकर भी कयासों का बाजार गर्म है क्योंकि ऋतिक रोशन के साथ प्रियंका की केमिस्ट्री इस फ्रेंचाइजी की जान रही है। खबर है कि इस बार ऋतिक रोशन खुद निर्देशन की कमान संभाल सकते हैं और ऐसे में प्रियंका का पुराने किरदार में लौटना फैंस के लिए किसी बड़ी सौगात से कम नहीं होगा। फिलहाल प्रियंका की प्राथमिकता राजामौली की वाराणसी है जिसमें महेश बाबू ‘रुद्र’ के एक बेहद शक्तिशाली अवतार में नजर आने वाले हैं। फिल्म का फर्स्ट लुक पहले ही इंटरनेट पर वायरल हो चुका है जिसमें महेश बाबू हाथ में त्रिशूल लिए बैल पर सवार नजर आ रहे हैं। इस फिल्म में पृथ्वीराज सुकुमारन भी अहम भूमिका में हैं। अब देखना यह है कि क्या प्रियंका वाकई अपने पुराने किलों यानी डॉन और कृष को फिर से फतह करने की तैयारी कर चुकी हैं।