Author: bharati

  • मध्य प्रदेश में सर्द हवाओं का सितम जारी, लेकिन कोहरे से मिली राहत, 15 से बदलेगा मौसम

    मध्य प्रदेश में सर्द हवाओं का सितम जारी, लेकिन कोहरे से मिली राहत, 15 से बदलेगा मौसम


    भोपाल। मध्य प्रदेश में ठंड का दौर लगातार जारी है, हालांकि पिछले कुछ दिनों की तुलना में कोहरे से लोगों को कुछ राहत मिली है। ज्यादातर इलाकों में आसमान साफ रहा और दिन में धूप निकलने से हल्की राहत महसूस की गई। भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में सुबह हल्का से मध्यम कोहरा देखने को मिला। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं का असर प्रदेश के उत्तरी जिलों में ज्यादा दिखाई दे रहा है।
    मौसम विभाग के मुताबिक बुधवार को राज्य के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहेगा और धूप खिलने की संभावना है। भोपाल, इंदौर और उज्जैन जैसे बड़े शहरों में दिन के समय तापमान में थोड़ी बढ़ोतरी होगी, लेकिन रात की ठंड बरकरार रहेगी। ग्वालियर-चंबल अंचल के साथ सागर और रीवा संभाग में सर्दी का असर अभी कम होने के आसार नहीं हैं।

    बुधवार सुबह ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना और सतना में कोहरे के कारण दृश्यता प्रभावित रही। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, जबलपुर, सीहोर, शाजापुर, देवास समेत 15 से अधिक जिलों में विजिबिलिटी 2 से 4 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई। मौसम विभाग ने स्पष्ट किया है कि अगले चार दिनों तक प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा। फिलहाल कहीं भी शीतलहर या कोल्ड डे का अलर्ट जारी नहीं किया गया है।

    उत्तरी हिस्सों में कड़ाके की ठंड, ग्वालियर–कटनी रहे सबसे ठंडे
    प्रदेश के उत्तरी जिलों में बर्फीली हवाओं के कारण न्यूनतम तापमान काफी नीचे चला गया है। मंगलवार रात ग्वालियर, छतरपुर का नौगांव और कटनी का करौंदी प्रदेश के सबसे ठंडे स्थान रहे। ग्वालियर में न्यूनतम तापमान 6.5 डिग्री, कटनी के करौंदी में 4.7 डिग्री, सतना के चित्रकूट में 5.3 डिग्री और नौगांव में 5.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। कोहरे की वजह से रेल यातायात पर भी असर पड़ा और कई ट्रेनें देरी से चलीं। प्रदेश के एकमात्र हिल स्टेशन पचमढ़ी में तापमान 5.8 डिग्री दर्ज किया गया। खजुराहो में 6 डिग्री, दतिया में 6.2 डिग्री, मंडला और राजगढ़ में 6.4 डिग्री तथा रीवा में 6.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रहा। राजधानी भोपाल में न्यूनतम तापमान 10.2 डिग्री, इंदौर में 9.5 डिग्री, उज्जैन में 11 डिग्री और जबलपुर में 9.5 डिग्री दर्ज हुआ।

    दिन में भी ठंड का असर
    मंगलवार को दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी नहीं हो सकी। ग्वालियर में अधिकतम तापमान 24.3 डिग्री, दतिया में 23.4 डिग्री और श्योपुर में 23.2 डिग्री रहा। पचमढ़ी में 21.8 डिग्री, खजुराहो में 23.4 डिग्री, नौगांव में 23.5 डिग्री, रीवा में 22.4 डिग्री, सीधी में 23 डिग्री, टीकमगढ़ और उमरिया में 24 डिग्री तथा मलाजखंड में 23 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया।

    15 जनवरी से बदलेगा मौसम का मिजाज
    मौसम विभाग ने बताया कि 15 जनवरी से पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो रहा है। इसके प्रभाव से दो से तीन दिन बाद मध्य प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। खास तौर पर उत्तरी जिलों में मावठा गिरने की संभावना जताई गई है।

  • ग्वालियर: ड्यूटी से लौटकर युवक ने लगाया मौत को गले, सूने कमरे में फंदे से झूलती मिली लाश

    ग्वालियर: ड्यूटी से लौटकर युवक ने लगाया मौत को गले, सूने कमरे में फंदे से झूलती मिली लाश


    ग्वालियर। शहर के हजीरा थाना क्षेत्र में मंगलवार की शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। एक 27 वर्षीय ऊर्जावान युवक जो कुछ ही घंटों पहले अपनी ड्यूटी पूरी कर घर लौटा था उसने अज्ञात कारणों के चलते अपने ही कमरे में फांसी लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। जब पिता ने कमरे का दरवाजा खोला तो सामने का मंजर देख उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर की खुशियाँ पल भर में मातम में बदल गईं और चीख-पुकार से पूरा मोहल्ला दहल उठा।

    सामान्य दिनचर्या और अचानक उठाया खौफनाक कदम मृतक की पहचान लाइन नंबर-8 निवासी राकेश दुरखरिया 27 के रूप में हुई है। राकेश एक निजी फर्म में नौकरी करता था और अपने परिवार का सहारा था। परिजनों के अनुसार मंगलवार का दिन भी अन्य दिनों की तरह सामान्य था। राकेश सुबह तैयार होकर काम पर गया और दिन भर मेहनत करने के बाद शाम को घर लौटा। घर आने के बाद उसने परिजनों से सामान्य बातचीत की और अपने कमरे में चला गया। किसी को अंदाजा भी नहीं था कि कमरे के बंद दरवाजे के पीछे वह मौत का रास्ता चुन लेगा।

    जब पिता ने देखा हृदयविदारक दृश्य काफी देर तक जब राकेश कमरे से बाहर नहीं आया और भीतर से कोई आहट नहीं हुई तो पिता को चिंता हुई। उन्होंने आवाज लगाई लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। अनहोनी की आशंका में जब उन्होंने दरवाजा खोलकर भीतर झांका तो राकेश फंदे से लटका हुआ था। पिता की चीख सुनकर परिवार के अन्य सदस्य और पड़ोसी मौके पर दौड़े। आनन-फानन में उसे नीचे उतारा गया और नब्ज टटोली गई लेकिन तब तक राकेश की सांसें थम चुकी थीं।

    बिना सुसाइड नोट के उलझी गुत्थी सूचना मिलते ही हजीरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस को तलाशी के दौरान कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। राकेश के व्यवहार में भी हाल-फिलहाल कोई बदलाव नहीं देखा गया था जिससे आत्महत्या की वजह और भी रहस्यमयी हो गई है। पुलिस अब युवक के मोबाइल कॉल डिटेल्स और सोशल मीडिया अकाउंट्स को खंगाल रही है ताकि मौत के पीछे छिपे संभावित तनाव या कारणों का पता लगाया जा सके।

    सदमे में परिवार जांच जारी हजीरा थाना पुलिस का कहना है कि प्राथमिक तौर पर मामला आत्महत्या का ही नजर आ रहा है लेकिन बिना किसी पुख्ता सबूत के ठोस कारण बताना जल्दबाजी होगी। फिलहाल मर्ग कायम कर लिया गया है। परिजनों की स्थिति अभी बयान देने लायक नहीं है; उनके सामान्य होने पर विस्तृत पूछताछ की जाएगी। क्या यह कदम किसी कार्यस्थल के दबाव आर्थिक तंगी या किसी निजी उलझन का परिणाम था यह जांच का मुख्य विषय है। इस घटना ने एक बार फिर युवाओं में बढ़ते मानसिक तनाव और अचानक लिए जाने वाले घातक फैसलों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।ग्वालियर के हजीरा थाना क्षेत्र में 27 वर्षीय निजी कर्मचारी राकेश दुरखरिया ने ड्यूटी से लौटने के बाद घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है जिससे मौत के कारण रहस्य बने हुए हैं। पुलिस मोबाइल और अन्य साक्ष्यों के जरिए मामले की जांच कर रही है।

  • National Army Day: ये बॉलीवुड फिल्में दर्शाती हैं भारतीय सेना के शौर्य और अदम्य साहस

    National Army Day: ये बॉलीवुड फिल्में दर्शाती हैं भारतीय सेना के शौर्य और अदम्य साहस



    नई दिल्ली। हर साल 15 जनवरी को भारत में आर्मी डे मनाया जाता है। यह दिन भारतीय सेना के अदम्य साहस, अनुशासन, सेवा और बलिदान को समर्पित होता है। इस अवसर पर देश अपने वीर जवानों को याद करता है, जिन्होंने मातृभूमि की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की आहुति दे दी। भारतीय सेना की इसी वीरता और गौरव को बॉलीवुड ने समय-समय पर फिल्मों के ज़रिए बड़े पर्दे पर जीवंत किया है। ये फिल्में न सिर्फ इतिहास के स्वर्णिम पन्नों को सामने लाती हैं, बल्कि नई पीढ़ी में देशभक्ति और सम्मान की भावना भी जगाती हैं।

    भारतीय सेना के शौर्य की कहानी कहने वाली प्रमुख फिल्मों में ‘सैम बहादुर’ का नाम सबसे ऊपर आता है।

    यह फिल्म भारत के पहले फील्ड मार्शल सैम मानेकशॉ के जीवन और सैन्य सफर पर आधारित है। विक्की कौशल ने सैम मानेकशॉ की भूमिका को बेहद प्रभावशाली ढंग से निभाया है, जबकि सान्या मल्होत्रा और फातिमा सना शेख भी अहम भूमिकाओं में नजर आती हैं। मेघना गुलजार के निर्देशन में बनी इस फिल्म में दिखाया गया है कि कैसे सैम मानेकशॉ ने चार दशकों तक भारतीय सेना की सेवा की और पांच युद्धों में भाग लिया। 1971 के भारत-पाक युद्ध में उनकी रणनीति और नेतृत्व ने भारत को ऐतिहासिक जीत दिलाई, जिसके परिणामस्वरूप बांग्लादेश का गठन हुआ।
    वहीं, ‘शेरशाह’ फिल्म भारतीय सेना के जांबाज़ अधिकारी कैप्टन विक्रम बत्रा की वीरगाथा को पर्दे पर उतारती है। कारगिल युद्ध में उनके असाधारण साहस और बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया। सिद्धार्थ मल्होत्रा और कियारा आडवाणी अभिनीत इस फिल्म में बत्रा के सैन्य जीवन के साथ-साथ उनके व्यक्तिगत संघर्ष और देश के प्रति समर्पण को भावनात्मक तरीके से दिखाया गया है। फिल्म ने दर्शकों को गहराई से प्रभावित किया और आलोचकों से भी जमकर सराहना बटोरी।
    भारतीय नौसेना की बहादुरी को दर्शाने वाली फिल्म ‘द ग़ाज़ी अटैक’ भी आर्मी डे के मौके पर खास मानी जाती है। 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान पाकिस्तानी पनडुब्बी ग़ाज़ी के डूबने की ऐतिहासिक घटना पर आधारित इस फिल्म का निर्देशन संकल्प रेड्डी ने किया। राणा दग्गुबाती और के.के. मेनन की दमदार अदाकारी के साथ यह फिल्म समुद्री युद्ध की रणनीति और भारतीय नौसेना के साहस को प्रभावशाली ढंग से पेश करती है।

    साल 2019 में रिलीज़ हुई ‘उरी – द सर्जिकल स्ट्राइक’ आधुनिक भारतीय सैन्य इतिहास की सबसे चर्चित फिल्मों में से एक है। यह फिल्म 2016 के उरी आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना द्वारा की गई सर्जिकल स्ट्राइक पर आधारित है। विक्की कौशल, यामी गौतम, परेश रावल और मोहित रैना की शानदार परफॉर्मेंस ने फिल्म को खास बना दिया। आदित्य धार के निर्देशन में बनी यह फिल्म भारतीय सेना की त्वरित कार्रवाई, रणनीतिक क्षमता और साहस को रोमांचक अंदाज़ में दिखाती है।

    भारतीय वॉर फिल्मों की बात ‘बॉर्डर’ के बिना अधूरी है। जे.पी. दत्ता द्वारा निर्देशित यह फिल्म 1971 के भारत-पाक युद्ध के दौरान हुई लोंगेवाला की ऐतिहासिक लड़ाई पर आधारित है।

    सनी देओल ने ब्रिगेडियर कुलदीप सिंह चांदपुरी के किरदार में जान फूंक दी, जबकि जैकी श्रॉफ, सुनील शेट्टी, अक्षय खन्ना और पुनीत इस्सर जैसे कलाकारों ने फिल्म को और मजबूती दी। ‘बॉर्डर’ आज भी भारतीय सिनेमा की सबसे प्रतिष्ठित देशभक्ति फिल्मों में गिनी जाती है।

    कुल मिलाकर, ये सभी फिल्में भारतीय सेना की बहादुरी, बलिदान और देशभक्ति की भावना को मजबूती से दर्शाती हैं। आर्मी डे के मौके पर इन फिल्मों को देखना न सिर्फ एक श्रद्धांजलि है, बल्कि उन जवानों के प्रति सम्मान भी है जो दिन-रात देश की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। बॉलीवुड ने इन कहानियों के ज़रिए मनोरंजन के साथ-साथ राष्ट्रभक्ति की भावना को भी सशक्त किया है।

  • प्रयास विफल हो सकते हैं, प्रार्थना नहीं’-DK शिवकुमार की पोस्ट से सियासी हलचल तेज़

    प्रयास विफल हो सकते हैं, प्रार्थना नहीं’-DK शिवकुमार की पोस्ट से सियासी हलचल तेज़

    नई दिल्ली। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार ने राज्य में सत्ता संघर्ष के बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक अहम पोस्ट किया। उन्होंने लिखा, “प्रयास भले ही विफल हो जाये, लेकिन प्रार्थना विफल नहीं होती।” इस पोस्ट को राजनीतिक जानकार सियासी संदेश के रूप में देख रहे हैं। माना जा रहा है कि डीके शिवकुमार मुख्यमंत्री पद के प्रमुख दावेदार हैं और यह पोस्ट उनके इंतजार और उम्मीद की झलक देती है।

    मुख्यमंत्री पद को लेकर जारी खींचतान

    कर्नाटक में कांग्रेस में मुख्यमंत्री पद को लेकर सियासी खींचतान लगातार जारी है। वर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री DK शिवकुमार दोनों ही पार्टी आलाकमान के फैसले के इंतजार में हैं। सिद्धारमैया ने साफ कर दिया कि पार्टी आलाकमान ही अंतिम निर्णय करेगा। राजनीतिक विश्लेषक इसे सियासी संतुलन और फासलों को कम करने की रणनीति के तौर पर देख रहे हैं।

    राहुल गांधी से हुई अहम मुलाकात

    राज्य में चल रही सियासी चर्चाओं के बीच मंगलवार को कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने मैसुरु एयरपोर्ट पर DK शिवकुमार और CM सिद्धारमैया से अलग-अलग मुलाकात की। सूत्रों के अनुसार, राहुल गांधी ने दोनों नेताओं से राजनीतिक स्थिति और संभावित बदलाव पर चर्चा की। इस मुलाकात को सियासी अटकलों के बीच निर्णायक कदम माना जा रहा है।

    सोशल मीडिया पोस्ट का राजनीतिक महत्व

    DK शिवकुमार का ट्वीट सिर्फ एक उद्धरण नहीं बल्कि रणनीतिक संदेश माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि वह मुख्यमंत्री पद के लिए अपनी उम्मीद नहीं छोड़ रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि यह पोस्ट अपने समर्थकों को उत्साहित करने और मीडिया का ध्यान खींचने के लिए भी किया गया है।

    सिद्धारमैया ने सियासी अटकलों को खारिज किया

    मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने अटकलों को खारिज करते हुए कहा कि पार्टी के निर्णय का सभी नेता पालन करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अलाभकारी बदलावों और सत्ता फेरबदल की चर्चा केवल अफवाहें हैं। हालांकि, राहुल गांधी से हुई मुलाकात और DK शिवकुमार का ट्वीट इसे राजनीतिक मोड़ और भविष्य के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

    कर्नाटक में मुख्यमंत्री पद को लेकर कांग्रेस में जारी सत्ता संघर्ष और सियासी खींचतान के बीच DK शिवकुमार का ट्वीट और राहुल गांधी से मुलाकात ने राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। सोशल मीडिया पोस्ट और निजी चर्चा से यह स्पष्ट होता है कि राज्य में सत्ता संरचना पर अभी भी निर्णायक फैसले बाकी हैं, और पार्टी आलाकमान की भूमिका इस समय सबसे अहम बनी हुई है।

  • Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 का शेड्यूल हुआ रिलीज, 10 टीमों के बीच होगी कड़ी टक्कर, जानें पूरी डिटेल्स

    Asian Games 2026: एशियन गेम्स 2026 का शेड्यूल हुआ रिलीज, 10 टीमों के बीच होगी कड़ी टक्कर, जानें पूरी डिटेल्स

    नई दिल्ली।एशियाई खेल 2026 में क्रिकेट का रोमांच इस बार जापान में देखने को मिलेगा. एशियाई खेलों के आयोजकों ने रविवार को क्रिकेट टूर्नामेंट का शेड्यूल जारी किया, जिसमें मैच 17 सितंबर से 3 अक्टूबर तक खेले जाएंगे. जापान के आयाची-नागोया में आयोजित होने वाले इस आयोजन में क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत कुछ खेलों की तरह उद्घाटन समारोह से नौ दिन पहले ही होगी.

    महिला क्रिकेट के मुकाबलें कब खेले जाएंगे?

    महिला क्रिकेट प्रतियोगिता 17 सितंबर से शुरू होगी और मेडल मैच 22 सितंबर से खेले जाएंगे. इस प्रतियोगिता में कुल आठ टीमों की भागीदारी होगी, जिसमें भारत की टीम पिछले चैम्पियन के रूप में उतरेगी. महिला क्रिकेट टूर्नामेंट क्वार्टरफाइनल से सीधा नॉकआउट फॉर्मेट में होगा, यानी हर मैच में हारने वाली टीम टूर्नामेंट से बाहर हो जाएगी.

    पुरुष क्रिकेट में 10 टीमों की चुनौती

    पुरुष क्रिकेट टूर्नामेंट 24 सितंबर से खेला जाना है, जबकि मेडल मैच 3 अक्टूबर से आयोजित होंगे. इसमें कुल 10 टीमों की भागीदारी होगी. यदि पुरुष प्रतियोगिता 2023 हांगझोउ एशियाई खेलों की तरह होती है, तो टॉप 4 सीड वाली टीमें सीधे क्वार्टरफाइनल में प्रवेश करेंगी. बाकी छह टीमें प्रारंभिक मुकाबले खेलकर चार क्वार्टरफाइनल टीमों का निर्धारण करेंगी.

    मैच का समय और लोकेशन

    सभी मैचों के दिन डबल-हेडर होंगे। सुबह का मैच स्थानीय समयानुसार 9 बजे शुरू होगा, जो भारतीय समयानुसार 5:30 बजे होगा. वहीं, दोपहर के मैच जापान में 2 बजे यानी भारतीय समयानुसार 10:30 बजे शुरू होंगे. सभी मैच आयाची प्रान्त के कोरोगी एथलेटिक पार्क में खेले जाएंगे.

    भारत की तैयारी और पिछला रिकॉर्ड

    2023 एशियन गेम्स में भारत की ओर से पुरुष और महिला दोनों वर्गों की टीमें शामिल होंगी. पुरुष टीम में युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया और कप्तानी ऋतुराज गायकवाड़ ने संभाली थी. टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए नेपाल और बांग्लादेश को हराया और फाइनल बारिश के कारण रद्द होने पर रैंकिंग के आधार पर गोल्ड मेडल हासिल किया. इस बार भी भारत की टीम से इसी तरह का प्रदर्शन देखने को मिलने की उम्मीद है.

    2023 एशियन गेम्स के लिए भारत की टीम

    पुरुष टीम- ऋतुराज गायकवाड़ (कप्तान), यशस्वी जयसवाल, राहुल त्रिपाठी, तिलक वर्मा, रिंकू सिंह, जितेश शर्मा (विकेटकीपर), वाशिंगटन सुंदर, शाहबाज अहमद, रवि बिश्नोई, आवेश खान, अर्शदीप सिंह, मुकेश कुमार, शिवम दुबे, प्रभसिमरन सिंह (विकेटकीपर), आकाश दीप.

    महिला टीम: हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना (उप-कप्तान), शैफाली वर्मा, जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेट-कीपर), अमनजोत कौर, देविका वैद्य, पूजा वस्त्रकार, टाइटस साधु, राजेश्वरी गायकवाड़, मिन्नू मणि, कनिका आहूजा, उमा छेत्री (विकेट-कीपर), अनुषा बरेड्डी.

  • श्रद्धा कपूर जल्द ही उदयपुर में राहुल मोदी से शादी करने वाली हैं? भाई सिद्धांत कपूर ने तोड़ी चुप्पी

    श्रद्धा कपूर जल्द ही उदयपुर में राहुल मोदी से शादी करने वाली हैं? भाई सिद्धांत कपूर ने तोड़ी चुप्पी

    नई दिल्ली। इस हफ़्ते की शुरुआत में, कई रिपोर्ट्स सामने आईं जिनमें दावा किया गया कि श्रद्धा कपूर उदयपुर में राहुल मोदी के साथ हेरिटेज-स्टाइल शादी की प्लानिंग कर रही हैं।
    ऐसी खबरें थीं कि एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर जल्द ही उदयपुर में राहुल मोदी से शादी करके अपने कथित रिश्ते को ऑफिशियल करने वाली हैं। अब, उनके भाई और एक्टर सिद्धांत कपूर ने इन रिपोर्ट्स पर मज़ेदार रिएक्शन दिया है।
    श्रद्धा कपूर के भाई ने शादी की खबरों पर रिएक्शन दिया
    इस हफ़्ते की शुरुआत में, कई रिपोर्ट्स सामने आईं जिनमें दावा किया गया कि श्रद्धा उदयपुर में एक रोमांटिक और हेरिटेज-स्टाइल शादी की प्लानिंग कर रही हैं। सिद्धांत को भी इंस्टाग्राम पर वही रिपोर्ट मिली, जिससे वह हैरान रह गए।
    पोस्ट के कैप्शन में लिखा था, “बॉलीवुड एक्ट्रेस श्रद्धा कपूर कथित तौर पर अपने लॉन्ग टर्म बॉयफ्रेंड से शादी कर रही हैं, सूत्रों के मुताबिक उदयपुर में एक खूबसूरत हेरिटेज शादी होगी। हालांकि अभी तक कोई ऑफिशियल अनाउंसमेंट नहीं हुई है, लेकिन इस खबर ने सोशल मीडिया पर खुशी और दिल टूटने का मिला-जुला माहौल बना दिया है। सालों से, श्रद्धा को प्यार से नेशनल क्रश कहा जाता रहा है, उनकी सादगी और चार्म के लिए उनकी तारीफ की जाती है। फैंस मज़ाक कर रहे हैं कि यह टाइटल आखिरकार खत्म हो सकता है, लेकिन साथ ही, कई लोग उन्हें ज़िंदगी के एक नए पड़ाव में जाते देखकर सच में खुश हैं।”
    सिद्धांत ने अफवाहों पर रिएक्शन देने और सच्चाई बताने के लिए एक इंस्टाग्राम पोस्ट के कमेंट सेक्शन का सहारा लिया।(कई हैरान और हंसने वाले इमोजी) यह तो मेरे लिए भी न्यूज़ है,” सिद्धांत ने कमेंट सेक्शन में लिखा।
    पिछले हफ़्ते, एक्टर शक्ति कपूर की बेटी श्रद्धा ने अपनी शादी को लेकर तब दिलचस्पी जगाई जब उन्होंने एक फैन के सवाल का जवाब दिया कि वह कब शादी करने की प्लानिंग कर रही हैं।

    यह उनके इंस्टाग्राम हैंडल पर एक वीडियो के कमेंट सेक्शन में था कि एक सोशल मीडिया यूज़र ने उनकी शादी की प्लानिंग के बारे में सवाल पूछा, और एक्ट्रेस ने बिना झिझके मज़ाकिया अंदाज़ में जवाब दिया।

    सोशल मीडिया यूज़र ने पूछा, “शादी कब करोगी @shraddhakapoor जी”। इस पर एक्ट्रेस ने जवाब दिया, “मैं करूंगी, मैं विवाह करूंगी।” श्रद्धा और राहुल का रिश्ता
    श्रद्धा और राहुल के बीच डेटिंग की अफवाहें सबसे पहले 2024 की शुरुआत में मुंबई में एक डिनर डेट के बाद साथ देखे जाने पर उड़ी थीं। हालांकि दोनों ने अपने रिश्ते को पब्लिकली कन्फर्म नहीं किया है, लेकिन वे अक्सर साथ दिखते हैं, और श्रद्धा कभी-कभी इंस्टाग्राम पर उनकी मज़ेदार तस्वीरें पोस्ट करती रहती हैं। ब्रेकअप की अफवाहें भी उड़ी थीं, लेकिन श्रद्धा ने दिसंबर 2024 में इंस्टाग्राम पर राहुल के साथ वड़ा पाव डेट की तस्वीर पोस्ट करके उन अफवाहों को खत्म कर दिया।

  • “मैं ऐसा सीन नहीं करूंगा” – यश का पुराना इंटरव्यू वायरल, Toxic फिल्म में छिड़ा हंगामा

    “मैं ऐसा सीन नहीं करूंगा” – यश का पुराना इंटरव्यू वायरल, Toxic फिल्म में छिड़ा हंगामा



    नई दिल्ली।
    यश की अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक के एक बोल्ड सीन को लेकर विवाद हो गया है। उनके बर्थडे पर रिलीज किए गए टीजर में यश एक कब्रिस्तान में गाड़ी के अंदर लड़की के साथ इंटीमेट होते हैं। उनके इंटीमेट होने से गाड़ी इस तरह से हिलती है कि ट्रिगर दबने से वहां ब्लास्ट हो जाता है। यह सीन कई लोगों को आपत्तिजनक लग रहा है और सेंसरबोर्ड तक इसकी शिकायत भी पहुंच चुकी है। इस बीच यश का एक पुराना इंटरव्यू वायरल हो रहा है जिसमें वह बोलते हैं कि वह ऐसा कोई सीन नहीं कर सकते जिसे मां-बाप के सामने देखने में असहज हों।
    पुराने इंटरव्यू में क्या बोले थे यश
    यश की अपकमिंग फिल्म टॉक्सिक के इंट्रोडक्शन का विवादित टीजर बीती 8 जनवरी को उनके बर्थडे पर रिलीज हुआ। इसमें उन्होंने काफी बोल्ड सीन दिया है जिस पर कई लोग आपत्ति जता रहे हैं। इस बीच यश का पुराना इंटरव्यू वायरल है। इसमें वह बोल रहे हैं, ‘मैं ऐसा कोई सीन नहीं करूंगा जिसे अपने पेरेंट्स के सामने देखने में असहज हो जाऊं।’ यहां देखें वीडियो
    क्या है टॉक्सिक का विवादित टीजर
    टीजर किसी हॉलीवुड फिल्म के सीन जैसा लग रहा था। सीन देखकर हिंट मिल रहा है कि यह दो गैंग्स की दुश्मनी का मामला है। एक गैंग के मेंबर का अंतिम संस्कार होता है और यश वहां गाड़ी से पहुंचते हैं। गाड़ी में अमेरिकन एक्ट्रेस के साथ इंटीमेट होते हैं, बाहर से गाड़ी ऐसे हिलती दिखाई देती है जिससे बम ब्लास्ट हो जाता है। इस टीजर पर कई लोगों ने अपनी अपनी अलग-अलग राय दी है। आम आदमी पार्टी की महिला विंग ने कर्नाटक स्टेट कमिशन फॉर विमिन से शिकायत भी कर दी है और वहां से आगे शिकायत सेंसर बोर्ड तक पहुंची है।
    क्या है टॉक्सिक का विवादित टीजर
    टीजर किसी हॉलीवुड फिल्म के सीन जैसा लग रहा था। सीन देखकर हिंट मिल रहा है कि यह दो गैंग्स की दुश्मनी का मामला है। एक गैंग के मेंबर का अंतिम संस्कार होता है और यश वहां गाड़ी से पहुंचते हैं। गाड़ी में अमेरिकन एक्ट्रेस के साथ इंटीमेट होते हैं, बाहर से गाड़ी ऐसे हिलती दिखाई देती है जिससे बम ब्लास्ट हो जाता है। इस टीजर पर कई लोगों ने अपनी अपनी अलग-अलग राय दी है। आम आदमी पार्टी की महिला विंग ने कर्नाटक स्टेट कमिशन फॉर विमिन से शिकायत भी कर दी है और वहां से आगे शिकायत सेंसर बोर्ड तक पहुंची है।
  • मकर संक्रांति पर नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी ठंड में ,हर हर नर्मदे,के जयकारे

    मकर संक्रांति पर नर्मदापुरम के सेठानी घाट पर श्रद्धालुओं ने लगाई आस्था की डुबकी ठंड में ,हर हर नर्मदे,के जयकारे


    नर्मदापुरम । मकर संक्रांति का पर्व हर वर्ष सनातन संस्कृति में विशेष महत्व रखता है। यह पर्व सूर्य देव के मकर राशि में प्रवेश के साथ मनाया जाता है और इसी दिन सूर्य उत्तरायण होते हैं। मकर संक्रांति का पर्व प्रकृति सूर्य उपासना और मानव जीवन के संतुलन का प्रतीक है। इस दिन से खरमास का अंत होता है और शुभ कार्यों की शुरुआत होती है। इस दिन को लेकर नर्मदापुरम बैतूल छिंदवाड़ा भोपाल जैसे बड़े शहरों से श्रद्धालु नर्मदा तट पर आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे।

    नर्मदापुरम के प्रसिद्ध सेठानी घाट पर सुबह 4:00 बजे से ही श्रद्धालुओं का तांता लगना शुरू हो गया था। कड़कड़ाती ठंड में भी श्रद्धालु “हर हर नर्मदे” के जयकारे लगाते हुए नर्मदा नदी में स्नान करने पहुंचे। मकर संक्रांति के दिन विशेष रूप से तिल और खिचड़ी का दान करना पवित्र माना जाता है और श्रद्धालु यहां आकर सत्यनारायण भगवान की पूजा के बाद इन दानों को नर्मदा नदी में अर्पित कर रहे हैं। दरिद्र नारायण को कंबल और अन्य वस्तुएं भेंट करने की भी परंपरा है जिसे श्रद्धालु बड़ी श्रद्धा से निभा रहे हैं।

    मकर संक्रांति के पर्व पर नेमावर के पेढ़ी घाट सिद्धनाथ घाट और नागर घाट पर भी श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ा। यहां देवास हरदा और सीहोर जिले से बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। ठंड में भी श्रद्धालुओं ने नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाई और नर्मदे हर के उद्घोष के साथ सूर्योदय का स्वागत किया। मकर संक्रांति के दिन स्नान दान और सूर्य उपासना का विशेष धार्मिक महत्व है। यहां श्रद्धालुओं ने अनाज कपड़े तिल खिचड़ी और अन्य सामग्री का दान किया।

    सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन और पुलिस ने घाटों पर पुख्ता इंतजाम किए थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। शास्त्रों में मकर संक्रांति के दिन सूर्य देव को विशेष वस्तुएं अर्पित करने का विधान है जिनमें लाल वस्त्र गेहूं गुड़ मसूर दाल तांबा स्वर्ण सुपारी नारियल और दक्षिणा शामिल हैं। इन धार्मिक क्रियाओं के साथ श्रद्धालु अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। कुल मिलाकर मकर संक्रांति का यह पर्व नर्मदा तट पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम बनकर उभरा जहां लाखों श्रद्धालुओं ने एक साथ आकर इस पवित्र दिन का लाभ उठाया।

  • MP: बसंत पंचमी इस साल जुमे के दिन.. धार की ऐतिहासिक भोजशाला में टकराव की आशंका

    MP: बसंत पंचमी इस साल जुमे के दिन.. धार की ऐतिहासिक भोजशाला में टकराव की आशंका


    धार।
    इस साल बसंत पंचमी (Basant Panchami) का त्योहार शुक्रवार 23 जनवरी को पड़ रहा है। जिसके चलते मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के धार शहर (Dhar city ) में स्थानीय पुलिस-प्रशासन के सामने एक बड़ी चुनौती आ खड़ी हुई है। दरअसल यहां पर स्थित ऐतिहासिक महत्व की भोजशाला (Historical Bhojshala) में हर शुक्रवार को मुस्लिम समुदाय के लोग नमाज अदा करते हैं, वहीं बसंत पंचमी के दिन हिंदू समुदाय के लोग सूर्योदय से सूर्यास्त तक माता सरस्वती के चित्र की पूजा-अर्चना करते हैं। अब इस बार बसंत पंचमी का पर्व शुक्रवार को होने की वजह से प्रशासन के लिए यहां पूजा व नमाज करवाना बेहद चुनौती पूर्ण कार्य बन गया है। ऐसे में दोनों समुदायों के बीच टकराव की आशंका को देखते हुए प्रशासन अतिरिक्त सतर्कता भी बरत रहा है। इस बीच प्रशासन ने मंगलवार को तैयारियों की समीक्षा की और लोगों से शांति व सौहार्द बनाए रखने की अपील की।


    हिंदू समाज करना चाहता है पूरे दिन पूजा-अर्चना

    दरअसल इस आशंका की वजह यह है कि भोज उत्सव समिति ने 23 जनवरी को पूरे दिन पूजा-अर्चना की अनुमति मांगी है, जबकि मुस्लिम समाज ने शुक्रवार होने के कारण दोपहर एक बजे से तीन बजे तक यहां कमाल मौला मस्जिद में नमाज अदा करने के लिए ज्ञापन सौंपा है। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने भोजशाला में प्रत्येक मंगलवार व बसंत पंचमी के दिन हिंदुओं को पूजा-अर्चना और शुक्रवार को मुस्लिम समाज को नमाज अदा करने की अनुमति दी हुई है।


    बसंत पंचमी पर हो अखंड पूजा; भोज उत्सव समिति

    भोज उत्सव समिति के संरक्षक अशोक जैन ने संवाददाताओं से कहा, ‘हमारा लक्ष्य स्पष्ट है। किसी भी सूरत में 23 जनवरी को बसंत पंचमी पर अखंड पूजा का आयोजन किया जाएगा। सूर्योदय से अखंड पूजा होगी। यदि ऐसा नहीं हुआ तो हम संघर्ष का रास्ता अपनाएंगे।’ उन्होंने कहा, ‘किसी भी हालत में भोजशाला खाली नहीं करेंगे। पहले भी नहीं किया था और अब भी नहीं करेंगे।’


    मुस्लिमों ने ज्ञापन सौंपकर मांगी नमाज की इजाजत

    इस बीच, मुस्लिम समाज ने भोजशाला चौकी पर ASI के महानिदेशक के नाम ज्ञापन सौंपकर 23 जनवरी को दोपहर एक बजे से तीन बजे तक जुमे की नमाज अदा करने की अनुमति देने की मांग की है। मुस्लिम समाज ने ज्ञापन में कहा कि इस समयावधि में जुमे की नमाज अप्रभावित, निर्बाध एवं विधिसम्मत रूप से किया जाना अपेक्षित है।


    IG ने किया धार का दौरा, लिया सुरक्षा व्यवस्था का जायजा

    इंदौर ग्रामीण रेंज के पुलिस महानिरीक्षक (IG) अनुराग ने मंगलवार को धार का दौरा किया और पुलिस नियंत्रण कक्ष में अधिकारियों के साथ बैठक कर तैयारियों की समीक्षा की। इसके बाद उन्होंने विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर का भी निरीक्षण किया।


    इतनी सख्त रहेगी सुरक्षा व्यवस्था, 8 हजार जवान रहेंगे तैनात

    अनुराग ने संवाददाताओं से कहा कि 23 जनवरी के मद्देनजर धार में भारी पुलिस बल तैनात किया जाएगा। उन्होंने कहा, ’23 जनवरी को बसंत पंचमी भी है और शुक्रवार भी। इसलिए लोग सौहार्द और शांति के साथ त्योहार मनाएं। बसंत पंचमी को लेकर लगभग 8,000 सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाएंगे, जिनमें CRPF और त्वरित कार्रवाई बल सहित विभिन्न बल शामिल होंगे।’

    उन्होंने बताया कि इस दौरान नियमित गश्त की जाएगी और शहरभर में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी रखी जाएगी। संवेदनशील इलाकों और सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी और शांति भंग करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


    10 साल पहले भी शुक्रवार को पड़ी थी बसंत पंचमी

    इससे पहले वर्ष 2016 में भी बसंत पंचमी शुक्रवार के दिन थी, जब भोजशाला में पूजा और नमाज के समय को लेकर विवाद हुआ था और स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन तथा झड़पें हुई थीं। हिंदू समुदाय भोजशाला को वाग्देवी (देवी सरस्वती) का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष इसे कमाल मौला मस्जिद कहता है।

    ASI की सात अप्रैल 2003 को जारी व्यवस्था के मुताबिक हिंदुओं को हर मंगलवार को भोजशाला में पूजा करने की अनुमति है, जबकि मुसलमान हर शुक्रवार यहां नमाज पढ़ सकते हैं। पिछले 23 सालों से यह व्यवस्था है।

  • कच्चे तेल के आयात में भारी कटौती… रूस से ईंधन खरीदने के मामले में तीसरे स्थान पर आया भारत

    कच्चे तेल के आयात में भारी कटौती… रूस से ईंधन खरीदने के मामले में तीसरे स्थान पर आया भारत


    नई दिल्ली।
    रिलायंस इंडस्ट्रीज (Reliance Industries) और सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियों (Public sector Refineries) द्वारा कच्चे तेल के आयात (Crude oil Imports) में भारी कटौती (Significant Reduction ) के बाद दिसंबर 2025 में रूस से इस ईंधन को खरीदने के मामले में भारत तीसरे स्थान पर आ गया है। यूरोपीय शोध संस्थान सेंटर फॉर रिसर्च ऑन एनर्जी एंड क्लीन एयर (सीआरईए) ने मंगलवार को यह जानकारी दी। इसके अनुसार भारत द्वारा रूस से कुल हाइड्रोकार्बन आयात दिसंबर में 2.3 अरब यूरो रहा, जो पिछले महीने के 3.3 अरब यूरो से कम है।

    रिपोर्ट में कहा गया, तुर्की भारत को पीछे छोड़ते हुए दूसरा सबसे बड़ा आयातक बन गया, जिसने रूस से दिसंबर में 2.6 अरब यूरो के हाइड्रोकार्बन खरीदे। चीन शीर्ष खरीदार बना रहा, जिसकी रूस के शीर्ष पांच आयातकों से होने वाली निर्यात आय में 48 प्रतिशत (छह अरब यूरो) की हिस्सेदारी रही।

    सीआरईए ने कहा कि भारत के रूसी कच्चे तेल के आयात में मासिक आधार पर 29 प्रतिशत की भारी गिरावट हुई। रिपोर्ट के अनुसार इस कटौती की मुख्य वजह रिलायंस इंडस्ट्रीज की जामनगर रिफाइनरी रही, जिसने दिसंबर में रूस से अपने आयात को आधा कर दिया। सार्वजनिक क्षेत्र की रिफाइनरियों ने भी दिसंबर में रूसी आयात में 15 प्रतिशत की कटौती की।


    तेल की कीमतें प्रभावित होने के आसार नहीं

    क्रिसिल रेटिंग्स ने मंगलवार को कहा कि वेनेजुएला के हालिया घटनाक्रमों से कच्चे तेल की कीमतों पर निकट भविष्य में कोई ठोस प्रभाव पड़ने के आसार नहीं है क्योंकि वैश्विक आपूर्ति में इस लातिन अमेरिकी देश की हिस्सेदारी अपेक्षाकृत बेहद कम है।

    वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति में इस देश की हिस्सेदारी केवल 1.5 प्रतिशत है। ब्रेंट क्रूड की कीमतें हाल के दिनों में काफी हद तक स्थिर रही हैं जो 60 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के ठीक ऊपर बनी हुई हैं। भारत के संदर्भ में, वेनेजुएला से होने वाला आयात भारत के कुल आयात का 0.25 प्रतिशत से भी कम है। वित्त वर्ष 2024-25 में हुए लगभग 14,000 करोड़ रुपये के आयात में कच्चे तेल की हिस्सेदारी 90 प्रतिशत से अधिक थी।