Author: bharati

  • महाकुंभ से सुर्खियों में आईं हर्षा रिछारिया ने छोड़ा धर्म का रास्ता, बोलीं– मैं सीता नहीं हूं जो अग्नि परीक्षा दूं

    महाकुंभ से सुर्खियों में आईं हर्षा रिछारिया ने छोड़ा धर्म का रास्ता, बोलीं– मैं सीता नहीं हूं जो अग्नि परीक्षा दूं



    नई दिल्ली।
    प्रयागराज महाकुंभ 2025 के दौरान अचानक सुर्खियों में आईं सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर हर्षा रिछारिया ने अब धर्म की राह छोड़ने का ऐलान कर दिया है। हर्षा ने इंस्टाग्राम पर साझा किए गए वीडियो में बताया कि पिछले एक साल में उन्हें लगातार विरोध, मानसिक दबाव और चरित्र हनन का सामना करना पड़ा, जिसने उनके मनोबल को पूरी तरह तोड़ दिया।

    महाकुंभ के दौरान हर्षा ने आध्यात्मिक जीवन अपनाने का संकल्प लिया था और धर्म के रास्ते पर चलने की कोशिश की। लेकिन उन्होंने कहा कि उनके प्रयासों को हर कदम पर रोका गया। हर्षा ने कहा,
    “मैं कोई गलत काम नहीं कर रही थी, न चोरी, न अपराध। मैं सिर्फ धर्म के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहती थी, लेकिन हर बार मुझे रोका गया।”

    हर्षा ने यह भी स्पष्ट किया कि उन पर लगे कुछ आरोप पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोगों ने यह धारणा बना दी कि उन्होंने महाकुंभ के नाम पर करोड़ों रुपये कमाए, जबकि असलियत इसके विपरीत है। हर्षा ने कहा,
    “आज मैं उधारी में हूं। धर्म की राह अपनाने से पहले मैं एक एंकर थी, अच्छा कमा रही थी और खुश थी।”

    उन्होंने यह भी बताया कि जब कोई उनके मनोबल को नहीं तोड़ सका, तो उनके चरित्र पर सवाल उठाए गए। हर्षा ने कहा,
    “एक लड़की को तोड़ने का सबसे आसान तरीका उसका चरित्र हनन करना होता है।”

    अपने बयान में हर्षा ने धर्म और धार्मिक प्रतीकों का जिक्र करते हुए कहा,
    “आप अपना धर्म अपने पास रखिए। मैं मां सीता नहीं हूं जो बार-बार अग्नि परीक्षा दूं। जो परीक्षा मुझे देनी थी, वो मैं दे चुकी हूं।”

    हर्षा ने घोषणा की कि माघ मेले की मौनी अमावस्या पर स्नान के बाद वे अपने आध्यात्मिक संकल्प को विराम देंगी और अपने पुराने पेशे में लौटेंगी।

    सोशल मीडिया पर यह वीडियो सामने आने के बाद हर्षा के फैसले को लेकर तीखी बहस छिड़ गई है। एक वर्ग इसे उनके आत्मसम्मान और व्यक्तिगत निर्णय के रूप में देख रहा है, जबकि दूसरा वर्ग इसे धर्म से पीछे हटना मान रहा है।

    महाकुंभ से शुरू हुई हर्षा की यह कहानी अब आस्था, समाज और महिला सम्मान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर नए सवाल खड़े कर रही है।

  • बार्सिलोना ने फिर से सजा स्पेनिश सुपर कप का खिताब मैनचेस्टर यूनाइटेड एफए कप से बाहर और वर्ल्ड कप 2026 के लिए नीदरलैंड्स टीम का ऐलान

    बार्सिलोना ने फिर से सजा स्पेनिश सुपर कप का खिताब मैनचेस्टर यूनाइटेड एफए कप से बाहर और वर्ल्ड कप 2026 के लिए नीदरलैंड्स टीम का ऐलान


    नई दिल्ली । बार्सिलोना ने सऊदी अरब में स्पेनिश सुपर कप का खिताब जीता राफिन्हा के दो गोल की मदद से बार्सिलोना ने सऊदी अरब में खेले गए स्पेनिश सुपर कप के फाइनल में रियल मैड्रिड को 3-2 से हराकर 16वां सुपर कप खिताब अपने नाम किया। राफिन्हा का 73वें मिनट में किया गया विजयी गोल संयोगवश आया जब वह फिसलते हुए शॉट मारते हुए गेंद को रियल मैड्रिड के डिफेंडर से टकराकर गोलकीपर को चकमा दे गए। पिछला साल भी बार्सिलोना ने रियल मैड्रिड को 5-2 से हराया था। इस जीत के साथ बार्सिलोना ने रियल मैड्रिड से अधिक सुपर कप खिताबों के साथ रिकॉर्ड तोड़ा।
    कुल खिताब बार्सिलोना 16 रियल मैड्रिड 13

    मैनचेस्टर यूनाइटेड एफए कप से बाहर

    मैनचेस्टर यूनाइटेड एफए कप के तीसरे दौर में ब्राइटन से 2-1 से हारकर बाहर हो गया। यह हार यूनाइटेड के लिए एक और झटका थी जिन्होंने पिछले सप्ताह मुख्य कोच रुबेन अमोरिम को बर्खास्त किया था। ब्राइटन की ओर से डैनी वेलबेक और ब्राजन गुडा ने गोल किए जबकि यूनाइटेड की टीम किसी तरह से वापसी नहीं कर सकी।

    वर्ल्ड कप 2026 के लिए नीदरलैंड्स टीम का ऐलान
    आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के आगाज में अब एक महीने से भी कम समय बचा है। नीदरलैंड्स ने भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में होने वाले इस टूर्नामेंट के लिए अपनी 15 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया है। यह नीदरलैंड्स का लगातार छठा टी20 वर्ल्ड कप होगा और टीम से उम्मीदें काफी बढ़ी हैं।

    भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज: वॉशिंगटन बाहर बडोनी की एंट्री

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच चल रही वनडे सीरीज में भारतीय टीम को एक बड़ा झटका लगा है। ऑलराउंडर वॉशिंगटन सुंदर को चोट के कारण वनडे सीरीज के शेष मुकाबलों से बाहर कर दिया गया है। उनकी जगह 26 वर्षीय आयुष बडोनी को टीम में शामिल किया गया है और वह राजकोट में दूसरे वनडे से जुड़ेंगे।

    बांग्लादेश प्रीमियर लीग पिता-पुत्र की जोड़ी ने इतिहास रचा

    बांग्लादेश प्रीमियर लीग में अफगानिस्तान के दिग्गज ऑलराउंडर मोहम्मद नबी और उनके बेटे हसन ईसाखिल ने पहली बार एक साथ मैदान पर उतकर क्रिकेट इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ा। यह पहली बार था जब किसी पिता और पुत्र की जोड़ी ने एक ही टी20 लीग में एक साथ खेला और क्रीज पर बल्लेबाजी भी की। हसन ईसाखिल ने ढाका कैपिटल्स के खिलाफ शानदार 92 रन बनाए जबकि नबी ने बेटे को मैच से पहले कैप पहनाई और साथ ही उसे सलाह भी दी। दोनों के बीच शानदार साझेदारी देखने को मिली।

  • ₹70,000 है मंथली सैलरी, 20 साल के लिए मैक्सिमम कितना मिल सकता है Home Loan? समझें EMI का गणित

    ₹70,000 है मंथली सैलरी, 20 साल के लिए मैक्सिमम कितना मिल सकता है Home Loan? समझें EMI का गणित

    नई दिल्ली। अगर आपकी मंथली सैलरी ₹70,000 है और आप अपना घर खरीदने का प्लान बना रहे हैं, तो सबसे पहला सवाल यही है कि बैंक आपको अधिकतम कितना होम लोन दे सकता है। लोन की राशि सीधे आपकी आय, मौजूदा खर्च, ब्याज दर और लोन अवधि पर निर्भर करती है। 20 साल की अवधि के लिए होम लोन लेते समय EMI कैसे तय होती है और आपकी सैलरी के हिसाब से बैंक कितना लोन अप्रूव कर सकता है, आइए इस EMI के गणित को आसान शब्दों में समझते हैं। इससे आपको प्लानिंग में मदद मिलेगी।
    सबसे सस्ता होम लोन
    कोई भी बैंक जिस सबसे शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन या अन्य लोन उपलब्ध कराते हैं, वही उस बैंक का सबसे सस्ता लोन होता है। उदाहरण के लिए मौजूदा समय में बैंक ऑफ इंडिया या बैंक ऑफ महाराष्ट्र महज 7.10 प्रतिशत की शुरुआती ब्याज दर पर होम लोन ऑफर कर रहे हैं। बैंक ब्याज दर आपकी इनकम, उम्र, सिबिल स्कोर और लोन रीपेमेंट की अवधि के मुताबिक तय करती है। होम लोन में एक बात समझ लें होम लोन की रीपेमेंट अवधि जितनी कम होगी, ब्याज आप उतना कम चुकाएंगे। लोन की रीपेमेंट अवधि जितनी ज्यादा होगी तो आपको ब्याज उतना ही ज्यादा चुकाना होगा।

    ₹70,000 है मंथली सैलरी पर मैक्सिमम होम लोन
    बैंक ऑफ इंडिया के होम लोन एलिजिबिलिटी कैलकुलेटर के मुताबिक, अगर आपकी मंथली सैलरी 70,000 रुपये है। आपका पिछला कोई बकाया लोन या ईएमआई नहीं चल रहा है तो 7.10 प्रतिशत की ब्याज दर पर 20 साल की रीपेमेंट अवधि के लिए आपको मैक्सिमम ₹50,40,000 तक होम लोन मिल सकेगा। 20 साल के लिए इसकी ईएमआई ₹39,378 बनेगी। इस आधार पर आप इस होम लोन पर ₹44,10,760 सिर्फ ब्याज के तौर पर चुकाएंगे। यानी आखिर में बैंक को ₹94,50,760 चुकाएंगे। इतनी सैलरी पर अगर आप 15 साल के लिए होम लोन लेते हैं तो आपको मैक्सिमम ₹46,43,818 होम लोन मिलेगा।

  • CSCS डायरेक्टर विजय शाह से खास बातचीत: रायपुर को हो सकता है रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर का नया होम ग्राउंड

    CSCS डायरेक्टर विजय शाह से खास बातचीत: रायपुर को हो सकता है रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर का नया होम ग्राउंड


    रायपुर । छत्तीसगढ़ के क्रिकेट प्रशंसकों के लिए आईपीएल 2026 बड़ी सौगात लेकर आ सकता है। रायपुर में आईपीएल के 2 से 5 मुकाबले आयोजित करने की योजना बन रही है और इसके साथ ही एक और बड़ी खबर सामने आई है कि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर इस शहर को अपना नया होम ग्राउंड बना सकती है। यह खबर प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों में खासा उत्साह पैदा कर रही है। इस संदर्भ में छत्तीसगढ़ स्टेट क्रिकेट संघ के निदेशक विजय शाह ने लल्लूराम डॉट कॉम के संवाददाता नितिन नामदेव से खास बातचीत की। उन्होंने बताया कि हाल ही में स्टेडियम में खेले गए एक मैच के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर की टीम रायपुर आई थी और टीम ने यहां के दर्शकों के उत्साह और फुल स्टेडियम को देखकर इस शहर को अपना नया होम ग्राउंड बनाने पर विचार किया है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इस संबंध में अभी तक कोई औपचारिक पुष्टि नहीं हुई है और स्थिति स्पष्ट होने में एक-दो दिन लग सकते हैं।

    विजय शाह ने आगे कहा हमारी तैयारी पूरी है। आईपीएल के मुकाबले हों या कोई अन्य मैच एसोसिएशन अपनी पूरी तैयारी करता है। फार्मेट चाहे जो भी हो हमारी टीम सभी परिस्थितियों के लिए तैयार है। अब यह देखना होगा कि कितने मैच हमसे होते हैं लेकिन हम हर मैच को बेहतरीन तरीके से आयोजित करने का प्रयास करेंगे। इस बारे में रायपुर स्टेडियम के अपग्रेडेशन के सवाल पर विजय शाह ने बताया कि उनका प्राथमिक उद्देश्य स्टेडियम को बेहतर बनाना है। उन्होंने कहा “हम स्टेडियम के अपग्रेडेशन पर काम कर रहे हैं। इसके लिए हमने कुछ अनुभवी आर्किटेक्ट्स से बात की है जो पहले भी स्टेडियम के अपग्रेडेशन का काम कर चुके हैं। इनकी मदद से हम स्टेडियम को बेहतर बनाने की दिशा में कदम बढ़ाएंगे।

    विजय शाह ने यह भी कहा कि स्टेडियम के बाहरी हिस्से और सिक्योरिटी व्यवस्था को अपग्रेड किया जाएगा। हम एक नई टिकटिंग प्रणाली भी लागू करेंगे और सुरक्षा के लिहाज से भी पूरी तैयारी की जाएगी उन्होंने बताया। इसके अलावा उन्होंने इस बात का भी उल्लेख किया कि स्टेडियम का काम जल्द शुरू किया जाएगा और प्रपोजल के आधार पर काम किया जाएगा। रायपुर में आईपीएल के मुकाबले आयोजित होने से प्रदेश के क्रिकेट प्रेमियों को बड़े स्तर पर खेल आयोजन का आनंद मिलेगा और यहां की क्रिकेट संस्कृति को भी एक नई दिशा मिलेगी। यदि रॉयल चैलेंजर्स बैंगलौर यहां अपना होम ग्राउंड बनाती है तो यह शहर को क्रिकेट के मक्का की तरह एक और पहचान दिला सकता है।

  • बीकानेर में छात्रा के साथ शर्मनाक वारदात, एक आरोपी फरार, पुलिस ने शुरू की तलाश

    बीकानेर में छात्रा के साथ शर्मनाक वारदात, एक आरोपी फरार, पुलिस ने शुरू की तलाश

    नई दिल्ली। राजस्थान के बीकानेर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। नापासर थाना क्षेत्र में 12वीं कक्षा की छात्रा को दो युवकों ने जबरन कार में बैठा लिया और चलती कार में कई घंटे तक उसके साथ गैंगरेप किया। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी अभी फरार है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार यह वारदात 6 जनवरी को हुई थी, लेकिन पीड़िता के परिवार ने 11 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई।

    स्कूल जाते समय रास्ते से अगवा

    जानकारी के अनुसार छात्रा सुबह घर से स्कूल जाने के लिए निकली थी। इसी दौरान दो युवक कार में आए और उसे जबरन कार में बैठा लिया। आरोपी उसे धमकाते रहे और कई घंटों तक कार में घुमाते हुए बारी-बारी से उसके साथ दुष्कर्म करते रहे। डरी हुई छात्रा लगातार मदद की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपी उसे चुप कराने की कोशिश करते रहे।

    आरोपियों में एक वकील?

    मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि आरोपियों में से एक वकील है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। जब आरोपी कार को पड़ोसी गांव में ले गए, तो ग्रामीणों ने कार से चीख-पुकार सुनी और वाहन रोक लिया। ग्रामीणों के आने से आरोपी घबरा गए और छात्रा को जबरन कार से उतारकर भाग गए।

    ग्रामीणों की सतर्कता से टली बड़ी अनहोनी

    घटना के बाद ग्रामीणों ने तुरंत छात्रा के परिजनों को सूचना दी। परिवार मौके पर पहुंचा और छात्रा को अपने साथ घर ले गया। इसके बाद परिजन पुलिस से संपर्क कर FIR दर्ज कराई। नापासर पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी। पुलिस अधिकारी हिमांशु शर्मा ने बताया कि पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से अधिक है, जबकि आरोपियों की उम्र अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    इलाके में फैला गुस्सा और सुरक्षा पर सवाल

    इस घटना के बाद इलाके में भारी गुस्सा है। स्थानीय लोग बेटियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि अगर समय रहते ग्रामीणों ने हस्तक्षेप नहीं किया होता, तो हालात और भी गंभीर हो सकते थे। पुलिस अब फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

    यह घटना एक बार फिर बेटियों की सुरक्षा और समाज की जागरूकता की जरूरत को सामने लाती है।

  • उत्तर भारत की लड़कियों को पढ़ाई से रोका जाता है, बस घर के काम करवाए जाते हैं, दयानिधि मारन का विवादित बयान

    उत्तर भारत की लड़कियों को पढ़ाई से रोका जाता है, बस घर के काम करवाए जाते हैं, दयानिधि मारन का विवादित बयान


    नई दिल्ली। डीएमके सांसद दयानिधि मारन ने हाल ही में एक विवादास्पद बयान देकर उत्तर और दक्षिण भारत में महिला शिक्षा और सशक्तिकरण पर बहस छेड़ दी है। चेन्नई के कैद-ए-मिल्लत महिला विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मारन ने कहा कि उत्तर भारत में अक्सर लड़कियों को घर में रोका जाता है और उन्हें केवल घरेलू काम करने के लिए कहा जाता है, जबकि उन्हें पढ़ाई या नौकरी के अवसर नहीं मिलते।

    मारन ने दक्षिण भारत के मॉडल की भी जमकर तारीफ की।

    उन्होंने कहा कि तमिलनाडु में लड़कियों को पढ़ाई और करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन और उनकी द्रविड़ियन सरकार की सराहना करते हुए बताया कि उनके नेतृत्व में लड़कियों की शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष कदम उठाए जा रहे हैं। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने भी हिस्सा लिया और छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए।

    मारन ने कहा, हम चाहते हैं कि हमारी लड़कियां पढ़ें, शिक्षित बनें और अपने भविष्य में सशक्त हों। वहीं, उत्तर भारत में लड़कियों को केवल घर के कामकाज तक सीमित रखा जाता है।

    उन्होंने तमिलनाडु को भारत का सबसे उन्नत प्रदेश बताते हुए द्रविड़ियन मॉडल की विशेष प्रशंसा की।

    आंकड़े बताते हैं अंतर
    2011 की जनगणना के अनुसार, तमिलनाडु में 7 साल से ऊपर की उम्र की महिला साक्षरता दर 73.44% है। वहीं उत्तर भारत के राज्यों में यह दर कम है:

    उत्तर प्रदेश – 57.18%

    हरियाणा – 65.94%

    राजस्थान – 52.12%

    हिमाचल प्रदेश – 75.93%

    विशेषज्ञों का कहना है कि यह अंतर सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक कारणों से उत्पन्न होता है।

    राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएं
    मारन के बयान पर उत्तर और दक्षिण भारत में तीखी प्रतिक्रियाएं आई हैं।

    कुछ लोगों ने इसे विभाजनकारी टिप्पणी कहा, जबकि अन्य ने महिला शिक्षा और समान अवसरों पर बहस को बढ़ावा देने की बात कही। सोशल मीडिया और मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस बयान पर बहस तेज हो गई है।

    विश्लेषकों का मानना है कि दयानिधि मारन का बयान केवल विवाद नहीं, बल्कि भारत में महिला सशक्तिकरण, शिक्षा और सामाजिक समानता के मुद्दों पर नई बहस को जन्म देने वाला कदम है। राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर इसकी प्रतिक्रियाएं अभी भी सामने आ रही हैं और यह मामला राष्ट्रीय चर्चा का विषय बन चुका है।

  • शेयर बाजारों में गिरावट सेंसेक्स 250 अंक टूटा; निफ्टी भी गिरकर बंद हुआ

    शेयर बाजारों में गिरावट सेंसेक्स 250 अंक टूटा; निफ्टी भी गिरकर बंद हुआ


    नई दिल्ली । मंगलवार को शेयर बाजारों में गिरावट का रुख देखा गया। विदेशों से मिले मिश्रित संकेतों और घरेलू स्तर पर निवेशकों के बीच सतर्कता की भावना ने बाजार को दबाव में डाला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 250.48 अंक यानी 0.30 प्रतिशत गिरकर 83 627.69 अंक पर बंद हुआ। वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी-50 सूचकांक भी 57.95 अंक यानी 0.22 प्रतिशत गिरकर 25, 732.30 अंक पर रहा विदेशी बाजारों से मिले संकेतों में मिश्रित रुझान देखे गए जिससे घरेलू निवेशकों ने सतर्कता बरती। एशियाई और यूरोपीय बाजारों में भी हल्की गिरावट दर्ज की गई जो भारतीय बाजारों पर असर डालने का कारण बनी। इसके अलावा घरेलू स्तर पर भी कुछ प्रमुख कंपनियों के तिमाही परिणामों को लेकर निवेशकों के बीच अनिश्चितता बनी रही जिससे बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ा।
    इस गिरावट के बावजूद विश्लेषकों का मानना है कि यह कोई लंबी अवधि की मंदी नहीं है। वे मानते हैं कि आगामी दिनों में बाजार में पुनः सुधार की संभावना हो सकती है खासकर अगर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियाँ बेहतर होती हैं। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे अपनी पोर्टफोलियो को सावधानीपूर्वक देखें और लंबी अवधि के लिए निवेश करें। वहीं कुछ विश्लेषकों का यह भी कहना है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी पहलू मजबूत हैं और आने वाले समय में सकारात्मक रुझान दिख सकते हैं। सरकार के आर्थिक सुधारों और कॉरपोरेट क्षेत्र में संभावित वृद्धि को ध्यान में रखते हुए बाजार में भी सुधार की उम्मीद है। हालांकि फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रहेगा और निवेशकों को सतर्क रहना होगा।
    इसी के साथ मंगलवार को मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी हल्की गिरावट आई। मिडकैप इंडेक्स में 0.32 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.25 प्रतिशत की गिरावट आई। बैंकों और वित्तीय कंपनियों के शेयरों में भी दबाव देखा गया जबकि ऊर्जा और कच्चे तेल से संबंधित कंपनियों में कुछ राहत मिली। कुल मिलाकर मंगलवार का कारोबारी सत्र भारतीय शेयर बाजारों के लिए नकारात्मक रहा हालांकि आने वाले दिनों में कुछ सकारात्मक बदलाव की उम्मीद जताई जा रही है। निवेशकों के लिए सलाह है कि वे बाजार की मौजूदा स्थिति को समझते हुए अपने निवेश निर्णय लें और लघु अवधि के उतार-चढ़ाव से बचने के लिए धैर्य रखें।

  • MP की राजनीति हिली! दिग्विजय सिंह के बयान से कांग्रेस नेता के राज्यसभा मार्ग पर सस्पेंस

    MP की राजनीति हिली! दिग्विजय सिंह के बयान से कांग्रेस नेता के राज्यसभा मार्ग पर सस्पेंस

    नई दिल्ली। मध्य प्रदेश कांग्रेस में राज्यसभा सीट को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह का बड़ा बयान सामने आया है। यह बयान कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप अहिरवार द्वारा लिखे गए पत्र के संदर्भ में आया था। पत्र में आग्रह किया गया था कि आगामी राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति समुदाय से किसी नेता को उम्मीदवार बनाना चाहिए। इस मांग के सामने आने के बाद पार्टी के भीतर सियासी हलचल तेज हो गई और सवाल उठने लगा कि क्या दिग्विजय सिंह एक बार फिर राज्यसभा जाएंगे या नहीं।

    दिग्विजय सिंह ने स्पष्ट किया, “यह मेरे हाथ में नहीं है। पार्टी का फैसला जो भी होगा, वह सर्वमान्य होगा। इतना जरूर मैं कह सकता हूं कि मैं अपनी राज्यसभा सीट खाली कर रहा हूं।” उनके इस बयान को कांग्रेस के भीतर बड़ा राजनीतिक संकेत माना जा रहा है। माना जा रहा है कि इस बार दिग्विजय सिंह राज्यसभा के लिए नहीं जाएंगे, जिससे मध्य प्रदेश की सियासत में नए समीकरण बन सकते हैं।

    दिग्विजय सिंह का वर्तमान कार्यकाल इस वर्ष जून में समाप्त हो रहा है। राज्य में कुल तीन राज्यसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। कांग्रेस के पास 64, बीएपी के पास 1 और भारतीय जनता पार्टी के पास 165 विधायक हैं। इस हिसाब से राजनीतिक समीकरण, दलों की ताकत और उम्मीदवारों का चयन सभी के लिए महत्वपूर्ण बना हुआ है।

    राज्यसभा सीटों की इस लड़ाई में अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति समुदाय से उम्मीदवार का चयन पार्टी की छवि और स्थानीय समीकरणों को भी प्रभावित कर सकता है। दिग्विजय सिंह के फैसले के बाद अब कांग्रेस के नेताओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सस्पेंस और रणनीति का माहौल है। राजनीतिक विश्लेषक इसे मध्य प्रदेश की सियासत में एक नया मोड़ भी मान रहे हैं, क्योंकि राज्यसभा चुनाव हमेशा पार्टी की भीतरी ताकत और प्रभाव को दिखाने का मौका होते हैं।

    इस घटना ने साफ कर दिया है कि कांग्रेस राज्यसभा उम्मीदवारों के चयन में सामुदायिक समीकरणों और अनुभव को ध्यान में रखते हुए रणनीति बना रही है। दिग्विजय सिंह का यह कदम पार्टी के भीतर नए नेताओं के लिए अवसर और सियासी समीकरणों में बदलाव ला सकता है। इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश की सियासत को रोचक और रणनीतिक मोड़ दे दिया है, और अब सबकी निगाहें आगामी राज्यसभा चुनाव पर टिकी हुई हैं।

  • असम के संगीत जगत में शोक: 75 साल की उम्र में समर हजारिका का निधन

    असम के संगीत जगत में शोक: 75 साल की उम्र में समर हजारिका का निधन


    नई दिल्ली। असम के प्रसिद्ध संगीतकार और गायक समर हजारिका का मंगलवार को गुवाहाटी में निधन हो गया। उनकी उम्र 75 वर्ष थी। समर लंबे समय से बीमार चल रहे थे और हाल ही में अस्पताल से घर लौटे थे। उनका निधन गुवाहाटी के निजारापार इलाके में उनके घर पर हुआ, जहां उनके परिवार के अन्य सदस्य भी रहते हैं।
    परिवार ने उनके निधन की पुष्टि कर दी है।

    समर हजारिका, भारत रत्न से सम्मानित भूपेन हजारिका के सबसे छोटे भाई थे। वे दस भाई-बहनों में सबसे छोटे थे और उन्होंने अपने जीवन में असमिया संगीत को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। समर ने रेडियो, एल्बम और फिल्मों के लिए कई गाने गाए और संगीत तैयार किया।

    उनका संगीत करियर 1960 के दशक में शुरू हुआ। उनका पहला एल्बम “उत्तर कोंवर प्रोतिमा बरुआ देवी” 1968 में रिलीज हुआ। इसके अलावा उन्होंने असमिया फिल्मों में प्लेबैक सिंगर के रूप में भी काम किया। उनकी प्रमुख फिल्मों में उपोपथ, बोवारी और प्रवती पोखिर गान शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने भूपेन हजारिका की विरासत को सम्मान देने वाले कार्यक्रमों में भी हिस्सा लिया और मोह बिसारिसु हेजार सोकुट जैसे प्रसिद्ध असमिया गीत गाए।

    असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने समर हजारिका के निधन पर शोक व्यक्त किया।

    उन्होंने कहा कि समर हजारिका की आवाज हर मौके को खास बनाती थी और असम की संस्कृति में उनका योगदान अमूल्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके जाने से असम ने एक और बेहतरीन आवाज खो दी। केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने भी उनके निधन पर दुख जताया और बताया कि उनका जाना माघ बिहू के दिन और भी दुखद है।

    समर हजारिका के निधन से असमिया संगीत प्रेमियों के लिए एक बड़ी क्षति हुई है। उन्होंने अपने जीवन में न केवल असमिया संगीत को समृद्ध किया, बल्कि भूपेन हजारिका की विरासत को आगे बढ़ाने में भी अहम भूमिका निभाई।

    उनके योगदान को हमेशा याद रखा जाएगा।

    भूपेन हजारिका के बारे में जानकारी
    डॉ. भूपेन हजारिका असम के सुप्रसिद्ध संगीतकार, गायक और गीतकार थे। उनका जन्म 8 सितंबर 1926 को असम में हुआ था। उन्होंने असमिया, हिंदी और बंगाली सहित कई भाषाओं में गीत लिखे और गाए। भूपेन हजारिका के लोकप्रिय असमिया गीतों में “मोइ एति जाजाबोर,” “बिस्तीर्ण पारेरे,” और “मानुहे मानुहोर बाबे” शामिल हैं। वहीं, हिंदी गीतों में उन्होंने “ओ गंगा बहती हो क्यों,” “समय ओ धीरे चलो” जैसे गीत दिए।

    समर हजारिका ने भूपेन हजारिका की संगीत विरासत को जीवित रखा और असमिया संस्कृति में संगीत के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। उनका निधन असम और भारत के संगीत प्रेमियों के लिए अपूरणीय क्षति है।

  • अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026: वडोदरा के आसमान में दिखा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का भव्य नज़ारा

    अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव 2026: वडोदरा के आसमान में दिखा ‘वसुधैव कुटुंबकम’ का भव्य नज़ारा

    नई दिल्ली। वडोदरा का वातावरण मंगलवार को उत्सवमय हो गया, जब गुजरात टूरिज्म, जिला प्रशासन और वडोदरा महानगरपालिका के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। इस महोत्सव में देश-विदेश से आए 160 से अधिक पतंगबाजों ने अद्भुत और रंग-बिरंगी पतंगों के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन किया, जिससे पूरा आसमान उत्सव की छटा से भर गया। इस अवसर पर वसुधैव कुटुंबकम का दृश्य भी देखने को मिला।

    अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागियों का जादू

    महज भारत तक सीमित नहीं, बल्कि ऑस्ट्रेलिया, यूके, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका, थाईलैंड समेत कई देशों के पतंगबाजों ने अनोखे डिजाइन और विविध आकृतियों वाली पतंगों के साथ अपने करतब दिखाए। इसके साथ ही बिहार, राजस्थान, तमिलनाडु सहित भारत के आठ राज्यों से आए पतंगबाजों ने भी दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।

    उत्सव में बड़ी संख्या में दर्शक और मेहमान

    महोत्सव में जनता की भारी भीड़ उमड़ी, जिसमें जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम के अंत में मेहमानों के लिए वडोदरा की विशेष ऊंझा जलेबी की व्यवस्था की गई, जिसने इस उत्सव को और भी यादगार बना दिया।

    सांसद डॉ. हेमांग जोशी की प्रतिक्रिया

    वडोदरा के सांसद डॉ. हेमांग जोशी ने कहा कि वडोदरा में अंतरराष्ट्रीय पतंग महोत्सव बहुत ही जोरशोर से आयोजित हो रहा है। इस कार्यक्रम में 20 से अधिक देशों के विदेशी मेहमान शामिल हुए। उन्होंने बताया कि यह आयोजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए दृष्टि का परिणाम है। उन्होंने कहा कि महोत्सव में वसुधैव कुटुंबकम का दृश्य विशेष रूप से देखने को मिला।

    म्युनिसिपल कमिश्नर अरुण महेश बाबू का संदेश

    वडोदरा महानगरपालिका के म्युनिसिपल कमिश्नर अरुण महेश बाबू ने बताया कि यह कार्यक्रम गुजरात टूरिज्म, जिला प्रशासन और महानगरपालिका के संयुक्त प्रयास से सफल हुआ है। उन्होंने कहा कि विदेशों और भारत के विभिन्न राज्यों से आए लोग वडोदरा की जनता के साथ मिलकर महोत्सव को सफल बनाने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए वडोदरा की जनता को इस कार्यक्रम की सफलता के लिए बधाई दी।

    उत्सव की खासियत

    इस महोत्सव की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि देश-विदेश के पतंगबाजों और स्थानीय प्रतिभागियों ने मिलकर रंगीन और विविध पतंगों से वडोदरा के आसमान को सजाया। दर्शकों ने न केवल मनोरंजन किया, बल्कि यह महोत्सव सांस्कृतिक आदान-प्रदान और सामुदायिक भावना को भी मजबूत करने वाला अवसर साबित हुआ।