Author: bharati

  • आंधी-तूफान से सीहोर के 25 गांवों में बिजली संकट, बार-बार फाल्ट से लोग परेशान

    आंधी-तूफान से सीहोर के 25 गांवों में बिजली संकट, बार-बार फाल्ट से लोग परेशान


    मध्यप्रदेश । सीहोर जिले के बिलकिसगंज क्षेत्र में बरखेड़ी विद्युत केंद्र से जुड़े लगभग 25 गांवों में आंधी-तूफान के चलते बिजली व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हो रही है। तेज हवाओं और मौसम के बदलाव के कारण बार-बार विद्युत लाइनों में फाल्ट आ रहे हैं, जिससे ग्रामीणों को लंबे समय तक अंधेरे में रहना पड़ रहा है।

    चंदेरी, नई चंदेरी, पिपलिया, ताकीपुर, शेरपुर, भगवानपुर, बड़नगर, आलमपुरा और बरखेड़ी सहित कई गांवों में हाल ही में रात के समय आंधी-तूफान के दौरान बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। ग्रामीणों ने तुरंत विद्युत विभाग को सूचना दी, लेकिन सीमित संसाधनों और स्टाफ की कमी के कारण मरम्मत कार्य में काफी समय लग गया।

    ग्रामीणों का आरोप है कि रात की ड्यूटी में केवल एक या दो लाइनमैन ही तैनात रहते हैं, जिससे एक साथ कई स्थानों पर फाल्ट होने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है। भीषण गर्मी के बीच घंटों बिजली गुल रहने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

    ग्रामीणों ने यह भी शिकायत की है कि शिकायत दर्ज कराने के दौरान कई बार संबंधित अधिकारी फोन नहीं उठाते, जिससे समस्या के समाधान में और देरी होती है। इससे ग्रामीणों और किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है।

    इसी समस्या को लेकर किसान एमएस मेवाड़ा के नेतृत्व में ग्रामीणों ने बिलकिसगंज रोड स्थित नई चंदेरी में विद्युत ट्रांसफार्मर के पास प्रदर्शन भी किया। प्रदर्शनकारियों ने शासन और विद्युत विभाग से मांग की है कि बरखेड़ी सब स्टेशन क्षेत्र में अतिरिक्त लाइनमैन तैनात किए जाएं और आपात स्थिति में त्वरित सुधार व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

    ग्रामीणों ने बताया कि हाल ही में रात 8 बजे हुए एक फाल्ट को सुधारने में लगभग 7 घंटे लग गए और बिजली रात 3 बजे के बाद ही बहाल हो सकी। इस देरी के कारण ग्रामीणों को पूरी रात अंधेरे में रहना पड़ा और दैनिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ।

    स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि आंधी-तूफान या आपात स्थिति में विशेष टीम, अतिरिक्त स्टाफ और वाहन व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में बिजली संकट की स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।

  • सोमवती अमावस्या पर आंवली घाट में उमड़ा आस्था का सैलाब, कई किलोमीटर लंबा जाम; 2 घंटे से रेंग रहे वाहन

    सोमवती अमावस्या पर आंवली घाट में उमड़ा आस्था का सैलाब, कई किलोमीटर लंबा जाम; 2 घंटे से रेंग रहे वाहन


    मध्यप्रदेश । सीहोर जिले के प्रसिद्ध नर्मदा तट आंवली घाट पर सोमवती अमावस्या के अवसर पर श्रद्धालुओं का अभूतपूर्व जनसैलाब उमड़ पड़ा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन नर्मदा स्नान और दान-पुण्य का विशेष महत्व माना जाता है। यही वजह रही कि सुबह से ही हजारों श्रद्धालु आंवली घाट पहुंचने के लिए रवाना हो गए। बढ़ती भीड़ और वाहनों के अत्यधिक दबाव के कारण घाट तक पहुंचने वाले मुख्य मार्गों पर भीषण जाम की स्थिति बन गई।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पिछले कई घंटों से वाहन बेहद धीमी गति से आगे बढ़ रहे हैं। स्थिति ऐसी हो गई कि दोपहिया वाहन चालकों को भी निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। आंवली घाट को जोड़ने वाली सड़कों पर वाहनों की लंबी कतारें दिखाई दीं, जिससे श्रद्धालुओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    तपती धूप और उमस भरे मौसम के बीच महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे अपने वाहनों में घंटों फंसे रहे। कई श्रद्धालुओं ने बताया कि वे सुबह से ही जाम में फंसे हुए हैं और घाट तक पहुंचने में अपेक्षा से कहीं अधिक समय लग रहा है। कुछ लोगों ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि इतनी बड़ी भीड़ को देखते हुए वैकल्पिक मार्गों और पार्किंग व्यवस्था की पहले से बेहतर तैयारी की जानी चाहिए थी।

    धार्मिक मान्यता के अनुसार सोमवती अमावस्या का दिन अत्यंत शुभ और पुण्यदायी माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, तर्पण और दान करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। महिलाएं पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि के लिए व्रत रखती हैं तथा पीपल वृक्ष की परिक्रमा करती हैं। इसी आस्था के चलते नर्मदा तट पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे।

    घाट क्षेत्र में सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस, होमगार्ड और प्रशासनिक अमला तैनात किया गया है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए गहरे पानी वाले क्षेत्रों में बैरिकेडिंग की गई है। साथ ही नाविकों और बचाव दलों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि घाट क्षेत्र में स्नान और दर्शन की व्यवस्थाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।

    हालांकि, सड़क मार्ग पर बढ़ते वाहनों के दबाव ने प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी है। पुलिसकर्मी लगातार यातायात को नियंत्रित करने और जाम को कम करने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि भीड़ के अनुसार यातायात को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है, ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था या दुर्घटना की स्थिति उत्पन्न न हो।

    श्रद्धालुओं की भारी संख्या को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से धैर्य बनाए रखने और पुलिस द्वारा जारी निर्देशों का पालन करने की अपील की है। वहीं स्थानीय नागरिकों का मानना है कि भविष्य में ऐसे बड़े धार्मिक आयोजनों के दौरान यातायात प्रबंधन को और अधिक प्रभावी बनाने की आवश्यकता है।

  • तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय और संगीता के तलाक मामले में फिर टली सुनवाई, अदालत ने 7 अगस्त की नई तारीख की तय

    तमिलनाडु के मुख्यमंत्री विजय और संगीता के तलाक मामले में फिर टली सुनवाई, अदालत ने 7 अगस्त की नई तारीख की तय

    नई दिल्ली । तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और तमिलगा वेत्री कझगम के अध्यक्ष सी. जोसेफ विजय तथा उनकी पत्नी संगीता के बीच चल रहे तलाक मामले की सुनवाई एक बार फिर आगे बढ़ा दी गई है। चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में निर्धारित सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के व्यक्तिगत रूप से उपस्थित नहीं होने के कारण अदालत ने मामले की अगली तारीख 7 अगस्त तय की है। इस घटनाक्रम के बाद यह मामला एक बार फिर सार्वजनिक और राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गया है।

    सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान न तो मुख्यमंत्री विजय अदालत पहुंचे और न ही उनकी पत्नी संगीता ने व्यक्तिगत रूप से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। हालांकि दोनों पक्षों की ओर से उनके अधिवक्ता अदालत में मौजूद रहे और उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष रखा। अदालत ने दोनों पक्षों की गैरहाजिरी को ध्यान में रखते हुए सुनवाई को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया।

    यह मामला पिछले कई महीनों से फैमिली कोर्ट में विचाराधीन है। इससे पहले भी कई अवसरों पर सुनवाई निर्धारित होने के बावजूद दोनों पक्ष व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित नहीं हुए थे। कानूनी प्रक्रिया के दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई में शामिल होने की अनुमति को लेकर भी अदालत के समक्ष अनुरोध प्रस्तुत किए गए थे। मुख्यमंत्री पद से जुड़ी सुरक्षा व्यवस्थाओं और प्रशासनिक जिम्मेदारियों को भी इस संदर्भ में महत्वपूर्ण कारणों के रूप में बताया गया है।

    संगीता ने वर्ष 2025 के अंतिम महीनों में अदालत का दरवाजा खटखटाते हुए वैवाहिक संबंध समाप्त करने की मांग की थी। याचिका में यह कहा गया था कि पति-पत्नी के बीच उत्पन्न मतभेद ऐसे स्तर तक पहुंच चुके हैं जहां वैवाहिक संबंधों को सामान्य रूप से आगे बढ़ाना संभव नहीं रह गया है। याचिका में वैधानिक अधिकारों से संबंधित अन्य मांगों को भी शामिल किया गया था।

    मुख्यमंत्री विजय का सार्वजनिक जीवन लंबे समय से लोगों के बीच चर्चा का विषय रहा है। फिल्म जगत में लोकप्रिय अभिनेता के रूप में पहचान बनाने के बाद उन्होंने राजनीति में प्रवेश किया और अपनी पार्टी के माध्यम से राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान हासिल किया। मुख्यमंत्री बनने के बाद उनकी राजनीतिक गतिविधियों और सार्वजनिक छवि पर लोगों की विशेष नजर बनी हुई है।

    इसी कारण उनके निजी जीवन से जुड़ा यह कानूनी मामला भी व्यापक चर्चा का विषय बना हुआ है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि सार्वजनिक पदों पर आसीन व्यक्तियों के निजी मामलों को लेकर लोगों की स्वाभाविक रुचि रहती है, हालांकि कानूनी प्रक्रिया को पूरी संवेदनशीलता और गोपनीयता के साथ आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

    कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार पारिवारिक विवादों से जुड़े मामलों में अदालत दोनों पक्षों को पर्याप्त अवसर देती है ताकि किसी भी संभावित समाधान की संभावना को परखा जा सके। ऐसे मामलों में अदालत की प्राथमिकता कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए दोनों पक्षों के अधिकारों की रक्षा करना होती है।

    अब इस मामले की अगली सुनवाई 7 अगस्त को होगी। उस दिन अदालत मामले की प्रगति, पक्षकारों की उपस्थिति और आगे की कानूनी कार्यवाही को लेकर निर्णय ले सकती है। फिलहाल सभी की निगाहें आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जहां इस चर्चित मामले में आगे की दिशा स्पष्ट होने की संभावना है।

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  • सीहोर बस स्टैंड पर युवक पर लाठी-डंडों से हमला, गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती

    सीहोर बस स्टैंड पर युवक पर लाठी-डंडों से हमला, गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती


    मध्यप्रदेश । सीहोर शहर के प्रमुख और व्यस्त बस स्टैंड क्षेत्र में बीती रात एक युवक पर हुए कथित हमले ने लोगों को झकझोर दिया। पुलिस के अनुसार, बस स्टैंड के पास कुछ लोगों द्वारा युवक के साथ मारपीट किए जाने की सूचना मिली थी। इस दौरान युवक पर लाठी-डंडों से हमला किए जाने का आरोप है, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

    घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज जारी है। अस्पताल सूत्रों के अनुसार युवक के सिर समेत शरीर के कई हिस्सों में चोटें आई हैं। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार किया जा रहा है। फिलहाल उसकी स्थिति पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।

    पुलिस के मुताबिक घटना के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। घायल युवक और उसके परिजनों से पूछताछ की जा रही है ताकि विवाद के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हमला किसी विवाद के चलते हुआ हो सकता है, लेकिन पुलिस ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।

    बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक और भीड़भाड़ वाले क्षेत्र में हुई इस घटना ने स्थानीय नागरिकों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना के समय आसपास काफी लोग मौजूद थे, लेकिन हमलावरों के आक्रामक रवैये के कारण किसी ने बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटाई। मारपीट के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि रात के समय बस स्टैंड और आसपास के क्षेत्रों में असामाजिक तत्वों की गतिविधियां बढ़ जाती हैं। ऐसे में क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग भी उठने लगी है। नागरिकों का मानना है कि प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की आवश्यकता है, ताकि इस प्रकार की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।

    पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घायल युवक और उसके परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। शिकायत और जांच के आधार पर प्रकरण दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। साथ ही आरोपियों की पहचान के लिए बस स्टैंड और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच टीम संभावित संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।

    पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का प्रयास किया जाएगा। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी के पास घटना से संबंधित कोई जानकारी हो तो वह पुलिस को उपलब्ध कराए, जिससे जांच में मदद मिल सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटना के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

  • सीहोर के कोतवाली चौराहे पर कबाड़ में लगी भीषण आग, तीन मंजिला मकान तक पहुंचीं लपटें; 3 बाइकें जलकर राख

    सीहोर के कोतवाली चौराहे पर कबाड़ में लगी भीषण आग, तीन मंजिला मकान तक पहुंचीं लपटें; 3 बाइकें जलकर राख


    मध्यप्रदेश । सीहोर शहर के व्यस्त कोतवाली चौराहे के पास सोमवार सुबह एक बड़ा अग्निकांड सामने आया, जब कबाड़ के ढेर में अचानक आग लग गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार घटना सुबह करीब पांच बजे की है। आग लगने के बाद देखते ही देखते लपटें तेज हो गईं और आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसकी लपटें पास स्थित तीन मंजिला मकान तक पहुंच गईं।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आग लगने के बाद क्षेत्र में धुआं और लपटें तेजी से फैलने लगीं, जिससे आसपास रहने वाले लोगों में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलने पर फायर ब्रिगेड को बुलाया गया। दमकल कर्मियों और स्थानीय नागरिकों के प्रयासों से आग पर काबू पाया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

    प्राथमिक जानकारी के अनुसार आग की चपेट में आकर वहां खड़ी तीन मोटरसाइकिलें पूरी तरह जल गईं। इनमें एक स्प्लेंडर, एक डीलक्स और एक पल्सर बाइक शामिल थी। आग इतनी भीषण थी कि वाहनों को बचाने का मौका तक नहीं मिल सका और वे कुछ ही समय में राख में तब्दील हो गईं। हालांकि घटना में किसी व्यक्ति के हताहत होने की सूचना नहीं है।

    मोहल्ले के लोगों का आरोप है कि जिस स्थान पर आग लगी, वहां लंबे समय से बड़े पैमाने पर कबाड़ जमा किया जा रहा था। स्थानीय निवासियों का कहना है कि नाले के पास सड़क क्षतिग्रस्त होने और निगरानी की कमी का फायदा उठाकर कबाड़ संचालक ने मोहल्ले तथा सरकारी जमीन पर भी कबाड़ फैला रखा था। लोगों का दावा है कि इसी कारण आग ने तेजी से विकराल रूप धारण कर लिया।

    निवासियों ने यह भी आरोप लगाया कि मकान मालिक ने किराए के लालच में भवन को कबाड़ कारोबार के लिए उपलब्ध कराया हुआ है, जिससे पूरे इलाके के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार इस संबंध में आपत्ति जताई, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। कुछ लोगों ने यह आरोप भी लगाया कि विरोध करने पर कबाड़ संचालक द्वारा धमकाने की कोशिश की जाती है।

    घटना के बाद क्षेत्रवासियों में भारी नाराजगी देखने को मिली। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि रिहायशी क्षेत्र में संचालित ऐसे कबाड़ कारोबारों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही सरकारी भूमि पर किए गए कथित अतिक्रमण और अवैध रूप से जमा कबाड़ को हटाया जाए, ताकि भविष्य में किसी बड़े हादसे की आशंका को रोका जा सके।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, आग बुझाने के दौरान विकास ठाकुर सहित कई नागरिकों ने फायर ब्रिगेड की टीम का सहयोग किया। समय रहते आग पर नियंत्रण पा लिए जाने से आसपास के मकानों और अन्य संपत्तियों को बड़े नुकसान से बचा लिया गया। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है और प्रशासनिक कार्रवाई की मांग तेज हो गई है।

  • सीहोर में 61 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी, इछावर में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना

    सीहोर में 61 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से चली आंधी, इछावर में झमाझम बारिश से मौसम हुआ सुहाना


    मध्यप्रदेश । सीहोर जिले में सोमवार दोपहर अचानक बदले मौसम ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से बड़ी राहत दिलाई। सुबह से तेज धूप और उमस के कारण लोग परेशान थे, लेकिन दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। देखते ही देखते आसमान में घने काले बादल छा गए और दिन के समय ही अंधेरा जैसा माहौल बन गया। इसके बाद तेज हवाओं के साथ आंधी का दौर शुरू हुआ, जिसने पूरे जिले में धूल का गुबार उड़ा दिया।

    मौसम विभाग के अनुसार जिले में करीब 61 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली। तेज हवाओं के चलते कई स्थानों पर लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा, वहीं सड़कों पर दृश्यता भी कुछ समय के लिए प्रभावित हुई। हालांकि आंधी के बाद शुरू हुई बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया और वातावरण में ठंडक घुल गई।

    जिले के विभिन्न हिस्सों में बारिश का असर अलग-अलग देखने को मिला। सबसे अधिक वर्षा इछावर क्षेत्र में दर्ज की गई, जहां 0.91 इंच बारिश हुई। इसके अलावा श्यामपुर में 0.18 इंच, भैरूंदा में 0.16 इंच और सीहोर मुख्यालय पर 0.09 इंच वर्षा रिकॉर्ड की गई। जिला मुख्यालय पर बारिश का दौर अपेक्षाकृत कम रहा और अधिकांश क्षेत्रों में बूंदाबांदी देखने को मिली, लेकिन इससे भी लोगों को राहत महसूस हुई।

    तेज बारिश और हवाओं के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रही गर्मी और उमस से लोग परेशान थे। दोपहर बाद मौसम में आए इस बदलाव ने न केवल तापमान कम किया, बल्कि वातावरण को भी काफी हद तक शीतल बना दिया। बाजारों, कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों ने मौसम के इस बदलाव का स्वागत किया।

    मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दोपहर बाद वायुमंडल में अचानक हुए बदलाव और नमी की उपलब्धता के कारण घने बादलों का निर्माण हुआ, जिससे तेज आंधी और बारिश की स्थिति बनी। विशेषज्ञों के अनुसार मालवा और मध्य प्रदेश के मध्य क्षेत्र में इस तरह की गतिविधियां आगामी दिनों में भी जारी रह सकती हैं।

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान जिले के कुछ हिस्सों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई है। साथ ही कुछ क्षेत्रों में तेज हवाएं भी चल सकती हैं। ऐसे में किसानों और आम नागरिकों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखने की सलाह दी गई है।

    बारिश के बाद जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं किसानों को भी इससे लाभ मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि समय पर हो रही प्री-मानसून गतिविधियां खरीफ फसलों की तैयारी के लिए अनुकूल परिस्थितियां तैयार कर सकती हैं।

  • मोहनिया टनल में युवक का खतरनाक स्टंट वायरल: चलती बाइक पर खड़ा होकर दौड़ाया वाहन, पुलिस जांच में जुटी

    मोहनिया टनल में युवक का खतरनाक स्टंट वायरल: चलती बाइक पर खड़ा होकर दौड़ाया वाहन, पुलिस जांच में जुटी


    मध्यप्रदेश । रीवा जिले के रीवा-सीधी मार्ग पर स्थित Mohaniya Tunnel में एक बाइक सवार युवक का खतरनाक स्टंट चर्चा का विषय बन गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में युवक चलती बाइक पर खड़ा होकर तेज रफ्तार से वाहन चलाता नजर आ रहा है। यह स्टंट प्रदेश की सबसे लंबी टनलों में से एक मानी जाने वाली मोहनिया टनल के भीतर किया गया, जहां भारी वाहनों की लगातार आवाजाही रहती है।

    सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि युवक बाइक की सीट से उठकर वाहन पर खड़ा हो जाता है और संतुलन बनाते हुए तेज गति से आगे बढ़ता है। इसी दौरान वह टनल के भीतर चल रहे ट्रकों और अन्य बड़े वाहनों के नजदीक से गुजरता दिखाई देता है। सड़क सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इस तरह की हरकतें न केवल स्टंट करने वाले व्यक्ति के लिए बल्कि अन्य वाहन चालकों और यात्रियों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा कर सकती हैं।

    टनल जैसे सीमित और नियंत्रित यातायात वाले मार्ग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वीडियो में दिखाई दे रही गतिविधि को लेकर स्थानीय लोगों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इस प्रकार की स्टंटबाजी से सड़क सुरक्षा नियमों की खुलेआम अनदेखी होती है और दुर्घटनाओं की संभावना कई गुना बढ़ जाती है।

    स्थानीय नागरिकों का दावा है कि रीवा-सीधी मार्ग और आसपास के क्षेत्रों में पहले भी इस तरह के स्टंट के मामले सामने आते रहे हैं। लोगों का कहना है कि सोशल मीडिया पर लोकप्रियता हासिल करने के लिए कुछ युवक अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।

    वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग भी सक्रिय हो गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार वायरल वीडियो की जांच की जा रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि वीडियो कब और किस परिस्थिति में बनाया गया। साथ ही बाइक सवार युवक की पहचान के लिए तकनीकी और अन्य माध्यमों का उपयोग किया जा रहा है।

    पुलिस का कहना है कि यदि वीडियो की पुष्टि होती है और संबंधित युवक की पहचान हो जाती है तो उसके खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम और अन्य लागू प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया है कि सड़क पर स्टंट करना कानून का उल्लंघन है और इससे सार्वजनिक सुरक्षा को खतरा पहुंचता है।

    यातायात विशेषज्ञों का मानना है कि सड़कों और हाईवे पर बढ़ती स्टंटबाजी को रोकने के लिए नियमित निगरानी, जागरूकता अभियान और कड़ी कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। प्रशासन ने भी वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सोशल मीडिया के लिए खतरनाक स्टंट से बचने की अपील की है।

  • रीवा सड़क हादसे में 10 वर्षीय बच्ची की मौत: बस की टक्कर से ऑटो सवार 15 लोग हुए थे घायल

    रीवा सड़क हादसे में 10 वर्षीय बच्ची की मौत: बस की टक्कर से ऑटो सवार 15 लोग हुए थे घायल


    मध्यप्रदेश । रीवा जिले के लौआ क्षेत्र में रविवार शाम हुए सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। बस और ऑटो की टक्कर में गंभीर रूप से घायल हुई 10 वर्षीय बच्ची की सोमवार को इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दुर्घटना में कुल 15 लोग घायल हुए थे, जिनमें से अधिकांश का उपचार अभी भी अस्पताल में जारी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

    पुलिस के अनुसार, रविवार शाम करीब 4:30 बजे एक ऑटो यात्रियों को लेकर अपने गंतव्य की ओर जा रहा था। इसी दौरान लौआ क्षेत्र में पीछे से आ रही पूजा बस सर्विस की बस ने ऑटो को टक्कर मार दी। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक बस की रफ्तार तेज थी और टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

    हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ऑटो में सवार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए और चारों ओर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को वाहन से बाहर निकालने में मदद की।

    घटना के समय अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) Sandeep Mishra उसी मार्ग से गुजर रहे थे। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने अपना वाहन रुकवाया और स्थानीय लोगों तथा पुलिस कर्मियों के सहयोग से राहत एवं बचाव कार्य में हिस्सा लिया। उनकी पहल पर घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की गई।

    हादसे में गंभीर रूप से घायल नवागांव-सगरा निवासी 10 वर्षीय दीपाली शर्मा (दीपांजलि) को उपचार के लिए रीवा स्थित Sanjay Gandhi Memorial Hospital में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों के प्रयासों के बावजूद सिर और शरीर में आई गंभीर चोटों के कारण बच्ची ने सोमवार को दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है।

    पुलिस का कहना है कि बस चालक की भूमिका और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बस ने ऑटो को पीछे से टक्कर मारी थी, हालांकि दुर्घटना की वास्तविक परिस्थितियों का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की जांच जारी है।

    इस हादसे में घायल अन्य 14 लोगों का उपचार विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। घायलों में बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल हैं। चिकित्सकों के अनुसार कुछ घायलों की हालत में सुधार है, जबकि कुछ का उपचार अभी जारी है।

    लगातार बढ़ते सड़क हादसों को देखते हुए स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में यातायात नियमों के सख्ती से पालन और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण की मांग की है। पुलिस ने भी लोगों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने और यातायात नियमों का पालन करने की अपील की है।

  • झाबुआ में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर पुलिस का शिकंजा, 14 बाइक चालकों पर कार्रवाई; 5 वाहन जब्त

    झाबुआ में ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों पर पुलिस का शिकंजा, 14 बाइक चालकों पर कार्रवाई; 5 वाहन जब्त


    मध्यप्रदेश । झाबुआ शहर में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ रविवार देर शाम पुलिस ने सख्त अभियान चलाया। सड़क सुरक्षा को लेकर चलाए गए इस विशेष अभियान में तेज रफ्तार से वाहन चलाने, तीन सवारी बैठाने, बिना नंबर प्लेट के वाहन चलाने तथा नियमों के विपरीत नंबर प्लेट का उपयोग करने वाले बाइक चालकों पर कार्रवाई की गई।

    पुलिस अधीक्षक Devendra Patidar के निर्देश पर यातायात विभाग ने शहर के विभिन्न क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान संचालित किया। यातायात सूबेदार धर्मेंद्र पटेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने प्रमुख मार्गों के साथ-साथ शहर की आंतरिक गलियों में भी निगरानी रखी, ताकि नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों को चिन्हित किया जा सके।

    अभियान के दौरान पुलिस ने ऐसे वाहन चालकों को रोका जो बिना नंबर प्लेट के वाहन चला रहे थे या जिनकी नंबर प्लेट पर निर्धारित मानकों के विपरीत शब्द और प्रतीक अंकित थे। इसके अलावा तेज गति से बाइक चलाने और एक ही वाहन पर तीन लोगों के सवार होने जैसी यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई।

    यातायात विभाग के अनुसार अभियान के दौरान कुल 14 बाइकों को पकड़ा गया। इनमें से 5 वाहनों को गंभीर नियम उल्लंघन के कारण जब्त कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि इन वाहनों को न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही छोड़ा जाएगा। शेष वाहन चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत चालानी कार्रवाई की गई।

    पुलिस ने विभिन्न मामलों में जुर्माना लगाते हुए कुल 5 हजार रुपए की राशि वसूल की। अधिकारियों का कहना है कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और लोगों में यातायात नियमों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से यह अभियान चलाया गया।

    यातायात विभाग ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे हेलमेट का उपयोग करें, निर्धारित गति सीमा का पालन करें और वाहन से संबंधित सभी दस्तावेज अपने साथ रखें। साथ ही नंबर प्लेट को निर्धारित मानकों के अनुरूप रखने और यातायात नियमों का पालन करने की भी सलाह दी गई है।

    पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि शहर में ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।

    इस अभियान में यातायात विभाग के कई पुलिसकर्मियों ने भाग लिया और नियम तोड़ने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

  • सोमवती अमावस्या पर श्रृंगेश्वर महादेव में उमड़ी आस्था की भीड़, जोखिम भरे नौका विहार ने बढ़ाई चिंता

    सोमवती अमावस्या पर श्रृंगेश्वर महादेव में उमड़ी आस्था की भीड़, जोखिम भरे नौका विहार ने बढ़ाई चिंता


    मध्यप्रदेश । झाबुआ जिले के प्रसिद्ध धार्मिक स्थल Shringeshwar Mahadev Temple में सोमवती अमावस्या के अवसर पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। धार्मिक मान्यता के अनुसार सोमवती अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है, जिसके चलते सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर परिसर और माही नदी तट पर पहुंचने लगे। प्रशासनिक आंकड़ों के अनुसार दिन के पहले पहर में ही 30 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने माही नदी में स्नान कर भगवान भोलेनाथ के दर्शन किए।

    सुबह करीब 4 बजे से मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। पुरुषोत्तम मास में आई सोमवती अमावस्या के कारण श्रद्धालुओं का उत्साह और भी अधिक दिखाई दिया। नदी तट पर धार्मिक अनुष्ठान, पूजा-अर्चना और स्नान का क्रम लगातार चलता रहा। दूर-दराज के ग्रामीण क्षेत्रों के अलावा पड़ोसी जिलों और राज्यों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचे।

    हालांकि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कुछ चिंताजनक दृश्य भी सामने आए। माही नदी में नौका विहार के दौरान कई नावों में निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों के बैठने की शिकायतें सामने आईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कई श्रद्धालु बिना लाइफ जैकेट के ही नावों में यात्रा करते नजर आए। इससे स्थानीय ग्रामीणों और श्रद्धालुओं ने संभावित हादसे की आशंका जताई।

    मौके पर मौजूद लोगों का कहना था कि धार्मिक उत्साह के बीच कई श्रद्धालु सुरक्षा मानकों की अनदेखी कर रहे थे। प्रशासन द्वारा समय-समय पर सावधानी बरतने की अपील की गई, लेकिन भीड़ अधिक होने के कारण नियमों का पालन सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण बना रहा।

    श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अमला तड़के से ही सक्रिय था। झकनावदा चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह सिसोदिया के नेतृत्व में पुलिस बल और विशेष सुरक्षा दल के जवान विभिन्न स्थानों पर तैनात रहे। इसके अलावा राजस्व विभाग, ग्राम पंचायत और स्थानीय प्रशासन के कर्मचारी भी व्यवस्था संभालने में जुटे रहे।

    प्रशासन का मुख्य फोकस भीड़ नियंत्रण, सुगम दर्शन और किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को रोकने पर था। हालांकि, कुछ स्थानों पर बैरिकेडिंग की कमी और अत्यधिक भीड़ के कारण व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहा। इसके बावजूद श्रद्धालुओं के आवागमन और दर्शन व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने का प्रयास लगातार जारी रहा।

    चौकी प्रभारी सुरेंद्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि पुलिस और प्रशासन की टीम सुबह से ही सुरक्षा व्यवस्था में लगी हुई है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे नौका विहार और अन्य गतिविधियों के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें तथा प्रशासन के निर्देशों का सहयोग करें।

    श्रद्धालुओं ने धार्मिक आयोजन और प्रशासनिक प्रयासों की सराहना की, लेकिन साथ ही नावों में क्षमता से अधिक लोगों के बैठने और सुरक्षा उपकरणों की कमी को लेकर चिंता भी व्यक्त की। स्थानीय लोगों का मानना है कि भविष्य में ऐसे बड़े आयोजनों के दौरान नौका संचालन और घाट सुरक्षा के लिए अतिरिक्त व्यवस्थाएं की जानी चाहिए, ताकि किसी भी प्रकार की दुर्घटना की संभावना को कम किया जा सके।