Author: bharati

  • महाराष्ट्र निकाय चुनाव में 4 बच्चों की मां का आवेदन स्वीकार, नियमों पर उठे सवाल, अब शरद पवार की पार्टी का क्या होगा?

    महाराष्ट्र निकाय चुनाव में 4 बच्चों की मां का आवेदन स्वीकार, नियमों पर उठे सवाल, अब शरद पवार की पार्टी का क्या होगा?


    महाराष्ट्र । महाराष्ट्र के नागपुर नगर निगम चुनाव में एक महिला उम्मीदवार का आवेदन स्वीकार कर लिया गया है जो चार बच्चों की मां हैं। यह मामला इसलिए विवादित हो गया है क्योंकि राज्य के नियमों के अनुसार दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार नगर निगम चुनाव में नहीं भाग ले सकते। इस बार दक्षिण-पश्चिम नागपुर के वार्ड 36 से राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी की उम्मीदवार पुष्पा मुकेश वाघमारे का नामांकन स्वीकार कर लिया गया, जबकि उनके चार बच्चे हैं।

    नियमों की अनदेखी या प्रशासन की गलती

    महाराष्ट्र में एक कानून के तहत 1995 में लागू किए गए महाराष्ट्र नगर निगम और नगर परिषद नगर पंचायत और औद्योगिक टाउनशिप द्वितीय संशोधन अधिनियम के अनुसार दो से अधिक बच्चों वाले उम्मीदवार नगर निगम चुनावों में भाग नहीं ले सकते। बावजूद इसके पुष्पा वाघमारे का नामांकन स्वीकार किया गया। महिला उम्मीदवार ने खुद अपने एफिडेविट में अपने चार बच्चों का विवरण दिया था और यह जानकारी स्पष्ट रूप से चुनाव अधिकारियों के पास थी, फिर भी उनका आवेदन मंजूर कर लिया गया।पुष्पा वाघमारे ने इस विवाद पर कहा मुझे नियमों के बारे में जानकारी नहीं थी क्योंकि मैं पहली बार चुनाव लड़ रही हूं। मेरा नामांकन स्वीकार कर लिया गया है और मैं अपनी जिम्मेदारी नहीं उठाऊंगी अगर इसमें कोई गलती हुई है। मैं चुनाव में बनी रहूंगी और मुझे बेवजह परेशान नहीं किया जाना चाहिए।

    क्या शरद पवार के लिए यह परेशानी का कारण बनेगा

    यह मामला राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और सवाल उठने लगे हैं कि क्या यह विवाद NCP के लिए राजनीतिक परेशानी का कारण बनेगा। शरद पवार की पार्टी के तहत इस तरह के नियमों की अनदेखी ने विरोधियों को मौक़ा दिया है। वैसे भी महाराष्ट्र में भाजपा ने 2017 तक लगातार तीन कार्यकालों तक नागपुर नगर निगम पर अपना नियंत्रण बनाए रखा था और अब देखना यह है कि शरद पवार के नेतृत्व में NCP इस विवाद को कैसे संभालती है।

    पुष्पा वाघमारे का समाज में अच्छा प्रभाव

    पुष्पा वाघमारे को उनके क्षेत्र में एक छोटे से कैटरिंग व्यवसायी के रूप में जाना जाता है और वे एक समाजसेवी भी हैं। स्थानीय महिलाओं के बीच उनकी लोकप्रियता है, और उनका दावा है कि उनके क्षेत्र में जल निकासी की समस्या है, जो भारी बारिश के दौरान बाढ़ का कारण बनती है। वे इन समस्याओं को हल करने के लिए चुनाव में उतर रही हैं।

    नागपुर की चुनावी स्थिति और विवाद

    नागपुर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी का गृह नगर है। 2017 में हुए नगर निगम चुनाव तक भाजपा ने इस नगर निगम पर लगातार तीन कार्यकालों तक अपना नियंत्रण बनाए रखा था। अब जब NCP ने इस सीट पर अपनी उम्मीदवार उतारी है तो यह मामला और भी संवेदनशील हो गया है। हालांकि यह साफ नहीं है कि प्रशासन की लापरवाही से पुष्पा का नामांकन स्वीकार किया गया या इसे जानबूझकर नज़रअंदाज़ किया गया लेकिन इस घटना ने चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठा दिए हैं। राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या NCP इस विवाद से बचने के लिए जल्दी से कदम उठाएगी या पार्टी इसे अपने चुनावी अभियान का हिस्सा बनाएगी।

  • ईरान में खामेनेई के खिलाफ आवाज उठाने वाले इरफान सोलतानी को फांसी की सजा की तैयारी, कानूनी प्रक्रिया पर उठे सवाल

    ईरान में खामेनेई के खिलाफ आवाज उठाने वाले इरफान सोलतानी को फांसी की सजा की तैयारी, कानूनी प्रक्रिया पर उठे सवाल


    नई दिल्ली । ईरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के बीच एक और खौफनाक खबर सामने आई है। 26 वर्षीय इरफान सोलतानी जिन्होंने खामेनेई के खिलाफ 8 जनवरी को हुए प्रदर्शन में भाग लिया था अब उन्हें फांसी की सजा दिए जाने की तैयारी है। सोलतानी को 14 जनवरी को फांसी दी जा सकती है और उनके मामले को लेकर मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में गहरी चिंता जताई जा रही है।

    इरफान सोलतानी जो तेहरान के पास कराज शहर के फर्दीस इलाके के निवासी हैं, को खामेनेई के खिलाफ प्रदर्शन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। गिरफ्तारी के बाद से उन्हें किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता का अवसर नहीं दिया गया। वे बिना वकील से मिले ही अपनी सजा का सामना करने के लिए मजबूर हो गए हैं। उनका परिवार भी इस मामले से पूरी तरह अज्ञात रखा गया है और उन्हें इस बारे में कोई महत्वपूर्ण जानकारी नहीं दी गई। 11 जनवरी को जब सोलतानी के परिवार को उनकी मौत की सजा के बारे में सूचित किया गया, तब भी उन्हें केवल 10 मिनट की मुलाकात करने की अनुमति दी गई।

    सोलतानी की बहन जो खुद एक लाइसेंस प्राप्त वकील हैं ने कानूनी तरीके से अपने भाई की सजा को चुनौती देने की कोशिश की, लेकिन उन्हें केस की फाइल तक देखने और अपने भाई का प्रतिनिधित्व करने की अनुमति नहीं दी गई। यह मामले की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठाता है। इसके अलावा लेबनानी-ऑस्ट्रेलियाई कारोबारी मारियो नॉफाल ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि ईरान में अब तक 2,000 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और सरकार इन विरोध प्रदर्शनों को कुचलने के लिए डर का माहौल बना रही है।

    तेज ट्रायल और सख्त दंड की प्रक्रिया ईरान में बढ़ते विरोधों को दबाने के लिए अपनाई जा रही है। इजरायल और अमेरिका आधारित न्यूज आउटलेट जफीड के मुताबिक सोलतानी का मामला आने वाली सख्त सजाओं का संकेत हो सकता है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि ईरान सरकार इस तरह के मामलों के माध्यम से आगे के प्रदर्शनों को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई कर रही है। नॉर्वे में पंजीकृत कुर्द मानवाधिकार संगठन हेंगॉ ने भी इस मामले की कानूनी प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं और पारदर्शिता की कमी पर चिंता व्यक्त की है।

    ईरान में खामेनेई के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों का सिलसिला पिछले 16 दिनों से जारी है। इन प्रदर्शनों में अब तक 544 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 8 बच्चे भी शामिल हैं। इस दौरान 10,681 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। तेहरान में स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि हॉस्पिटल के बाहर शवों का ढेर लगा हुआ है, और लोग अपने परिजनों के शवों की तलाश कर रहे हैं। ईरान की सरकार की यह कठोर कार्रवाई और नफरत से भरी नीति विरोध प्रदर्शनों को दबाने के लिए उठाए गए कदमों का हिस्सा है, लेकिन इनका परिणाम केवल और अधिक हिंसा और रक्तपात हो सकता है। मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि ईरान में इस तरह की कार्रवाई केवल सत्ता की तानाशाही को मजबूत करने के लिए की जा रही है।

  • टाइगर श्रॉफ से ब्रेकअप के बाद दिशा पाटनी की रोमांटिक मस्ती, वीडियो में नजर आया नया अंदाज

    टाइगर श्रॉफ से ब्रेकअप के बाद दिशा पाटनी की रोमांटिक मस्ती, वीडियो में नजर आया नया अंदाज

    नई दिल्ली। टाइगर श्रॉफ संग ब्रेकअप के बाद दिशा पाटनी का नाम जिम ट्रेनर अलेक्जेंडर से जुड़ा था, लेकिन दोनों ने हमेशा अपने रिश्ते को दोस्ती करार दिया, लेकिन अब एक्ट्रेस एक नए शख्स के साथ रोमांटिक होती नजर आईं और ये कोई और नहीं बल्कि फेमस सिंहर है। क्या बॉलीवुड में एक नई लव स्टोरी आकार ले रही है? एक्ट्रेस दिशा पटानी, जिनका नाम लंबे समय तक टाइगर श्रॉफ के साथ जुड़ा रहा, एक बार फिर अपनी पर्सनल लाइफ को लेकर चर्चा में हैं। हालांकि दिशा और टाइगर ने कभी अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया, लेकिन 2022 में दोनों के अलग होने की खबरों ने खूब सुर्खियां बटोरी थीं। अब, कथित ब्रेकअप के करीब चार साल बाद, ऐसा लगता है कि दिशा की जिंदगी में फिर से प्यार ने दस्तक दी है-और इस बार उनका नाम पंजाबी सिंगर तलविंदर के साथ जोड़ा जा रहा है।
    उदयपुर ट्रिप बनी चर्चा का कारण
    हाल ही में दिशा पटानी उदयपुर में नजर आईं, जहां वह कृति सेनन की बहन नूपुर सेनन और सिंगर स्टेबिन बेन की शादी में शामिल होने पहुंची थीं। इस दौरान उन्हें अपनी करीबी दोस्त और एक्ट्रेस मौनी रॉय तथा उनके पति सूरज नांबियार के साथ उदयपुर एयरपोर्ट पर स्पॉट किया गया। लेकिन इन सबके बीच जिसने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा, वह था दिशा के साथ पंजाबी सिंगर तलविंदर की मौजूदगी।

    मास्क में दिखे तलविंदर
    तलविंदर, जो आमतौर पर पब्लिक में अपना चेहरा नहीं दिखाते, एयरपोर्ट पर भी फेस मास्क पहने नजर आए। यह उनका जाना-पहचाना अंदाज़ है, क्योंकि वह अक्सर परफॉर्मेंस के दौरान फेस पेंट के साथ दिखाई देते हैं और ऑफ-स्टेज अपनी पहचान छिपाकर रखते हैं। दोनों को एयरपोर्ट टर्मिनल में एक साथ एंट्री करते हुए भी देखा गया, जहां दिशा उन्हें बोर्डिंग पास से जुड़ी औपचारिकताओं में मदद करती नजर आईं।

    CISF चेक के दौरान दिखा चेहरा
    एक दिलचस्प पल तब सामने आया, जब CISF वेरिफिकेशन के दौरान तलविंदर को कुछ समय के लिए अपना चेहरा दिखाना पड़ा। इस छोटी सी झलक ने ही सोशल मीडिया पर अटकलों को और हवा दे दी। लोगों ने कयास लगाने शुरू कर दिए कि क्या वाकई दोनों एक-दूसरे को डेट कर रहे हैं।

    मुंबई एयरपोर्ट पर अलग अंदाज
    मुंबई पहुंचने के बाद भी दोनों का व्यवहार चर्चा का विषय बना रहा। तलविंदर को एयरपोर्ट पर दिशा से थोड़ा आगे चलते हुए देखा गया, जिससे ऐसा लगा कि वह एक साथ तस्वीरें खिंचवाने से बचना चाहते हों। बाहर निकलते वक्त उन्होंने मौनी रॉय को गले लगाया, जिससे साफ जाहिर हुआ कि वह दिशा के फ्रेंड सर्कल में भी अच्छी तरह घुले-मिले हुए हैं।

    ऑफिशियल कन्फर्मेशन का इंतजार
    हालांकि अभी तक दिशा पटानी या तलविंदर की ओर से उनके रिश्ते को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इससे पहले भी दिशा को गोवा में अरशद वारसी के साथ देखा गया था, जहां वह एक मिस्ट्री मैन के साथ कार में बैठी नजर आई थीं। तब भी यह अंदाजा लगाया गया था कि वह शख्स तलविंदर हो सकता है, लेकिन पहचान की पुष्टि नहीं हो पाई थी।

    कौन हैं तलविंदर?
    पंजाबी म्यूजिक इंडस्ट्री के चर्चित नामों में शुमार तलविंदर ‘गैलन 4’, ‘पल पल’, ‘हसीन’, ‘योर आइज’, ‘तू’, ‘विशेज’ और ‘ख्याल’ जैसे कई हिट गानों के लिए जाने जाते हैं। हाल ही में उन्होंने कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे की फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ के गाने ‘तेनु ज्यादा मोहब्बत’ को अपनी आवाज दी है। तलविंदर हमेशा अपना चेहरा चिपाकर रखते हैं और मास्क पहने ही नजर आते हैं, वो नहीं चाहते की उनकी पहचान लोगों के सामने आए। दिशा के साथ पहली बार उनका चेहरा लोगों के सामने आया है। अब देखना दिलचस्प होगा कि यह चर्चा महज एक संयोग है या वाकई दिशा पटानी की जिंदगी में एक नई शुरुआत होने वाली है। फिलहाल, फैंस को आधिकारिक पुष्टि का बेसब्री से इंतजार है।

  • बीजेपी मुख्यालय में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी CPC के नेताओं से मुलाकात, पार्टी-टू-पार्टी संवाद को मजबूत करने पर चर्चा

    बीजेपी मुख्यालय में चीनी कम्युनिस्ट पार्टी CPC के नेताओं से मुलाकात, पार्टी-टू-पार्टी संवाद को मजबूत करने पर चर्चा

    नई दिल्ली । सोमवार को दिल्ली स्थित भारतीय जनता पार्टी मुख्यालय में एक अहम बैठक का आयोजन किया गया जिसमें चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के अंतरराष्ट्रीय विभाग की उप-मंत्री सुन हैयान के नेतृत्व में चीनी डेलिगेशन ने भाग लिया। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य दोनों राजनीतिक दलों के बीच द्विपक्षीय संवाद को और अधिक प्रभावी और सक्रिय बनाना था।बीजेपी महासचिव अरुण सिंह के नेतृत्व में बीजेपी प्रतिनिधिमंडल ने CPC के साथ पार्टी-टू-पार्टी संवाद को मजबूती देने के उपायों पर विस्तार से चर्चा की। बीजेपी के विदेश संपर्क विभाग के प्रभारी विजय चौथाईवाले ने इस मुलाकात को महत्वपूर्ण बताया और सोशल मीडिया के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि दोनों दलों ने राजनीतिक स्तर पर संचार को प्रभावी बनाने के उपायों पर चर्चा की, जिससे दोनों देशों के बीच सहयोग और संवाद को प्रगति मिल सके।

    बैठक में चीन के राजदूत की अहम उपस्थिति

    बीजेपी मुख्यालय में हुई इस बैठक में भारत में चीन के राजदूत जू फेइहोंग की उपस्थिति महत्वपूर्ण रही। उनके साथ चीनी डेलिगेशन ने बैठक में हिस्सा लिया। जू फेइहोंग की उपस्थिति ने इस दौरे को चीन की तरफ से विशेष महत्व देने का संकेत दिया। इस दौरान दोनों पक्षों ने द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए भविष्य में ऐसे संवादों के निरंतर और नियमित रूप से आयोजन की आवश्यकता पर जोर दिया।

    बैठक का उद्देश्य और चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का दृष्टिकोण
    चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की उप-मंत्री सुन हैयान ने बैठक के दौरान कहा कि राजनीतिक दलों के बीच संवाद, आपसी समझ और सहयोग महत्वपूर्ण है। CPC और BJP दोनों ने इस बात पर सहमति जताई कि राजनीतिक दलों के बीच मजबूत संवाद द्विपक्षीय संबंधों को नया दिशा दे सकता है और इससे न केवल दोनों देशों के बीच राजनीतिक बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी सहयोग को बढ़ावा मिलेगा। यह बैठक उस समय आयोजित की गई है जब भारत और चीन के बीच कई कूटनीतिक चर्चाएं चल रही हैं। इस तरह के दौरों और संवादों के जरिए दोनों देशों के बीच आपसी समझ और विश्वास को बढ़ाया जा सकता है जिससे भविष्य में द्विपक्षीय सहयोग के नए अवसर उत्पन्न हो सकते हैं।

    भारत और चीन के संबंधों में नई दिशा

    यह मुलाकात भारत और चीन के रिश्तों के लिए अहम मानी जा रही है, खासकर जब दोनों देशों के बीच सीमा विवाद और अन्य कूटनीतिक मुद्दों पर तनाव रहा है। इस संवाद के माध्यम से चीन और भारत दोनों ने दिखाया कि वे द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार हैं और इस दिशा में सहयोग के नए रास्ते तलाशने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
  • थलापति विजय की फिल्म 'जन नायकन' पर सियासी और सिने विवाद, रिलीज क्यों टल रही है?

    थलापति विजय की फिल्म 'जन नायकन' पर सियासी और सिने विवाद, रिलीज क्यों टल रही है?

    नई दिल्ली। साउथ के सुपरस्टार एक्टर थलापति विजय की आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ इन दिनों लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। यह फिल्म 18 दिसंबर 2025 को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) को सबमिट की गई थी और इसे 9 जनवरी को रिलीज होना था। लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट में देरी की वजह से इसकी रिलीज टल गई। सेंसर बोर्ड ने फिल्म के कुछ सीन्स और डायलॉग्स पर आपत्ति जताई है। बोर्ड का मानना है कि फिल्म में कुछ ऐसे राजनीतिक कमेंट हैं जो विवाद पैदा कर सकते हैं। इसी वजह से फिल्म को सर्टिफिकेट मिलने में देरी हुई। लेकिन बात बस इतनी सी नहीं है।

    धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप
    एक कम्प्लेंट में दावा किया गया कि फिल्म धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाती है। मामला अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है और फैंस बेसब्री से अपने चहेते एक्टर की आखिरी फिल्म का इंतजार कर रहे हैं। प्रोड्यूसर वेंकट के नारायण ने बताया कि 22 दिसंबर को सेंसर बोर्ड ने ईमेल भेजा था कि कुछ छोटे बदलावों के बाद फिल्म को U/A 16+ सर्टिफिकेट दे दिया जाएगा। मेकर्स ने बताए गए बदलाव कर दिए और फिल्म को दोबारा सबमिट किया, लेकिन फिर भी वक्त पर सर्टिफिकेट नहीं मिला।

    हाई कोर्ट ने दिया सर्टिफिकेट देने का आदेश
    बाद में पता चला कि सेंसर बोर्ड के एक मेंबर ने चेयरपर्सन को शिकायत भेजी थी, जिसके बाद फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेज दिया गया। मद्रास हाई कोर्ट ने पहले फिल्म को तुरंत सर्टिफिकेट देने का आदेश दिया था, लेकिन फिर डिवीजन बेंच ने इस पर रोक लगा दी। विजय ने हाल ही में अपनी पॉलिटिकल पार्टी ‘तमिलगा वेत्री कझगम’ (Tamilaga Vettri Kazhagam) की शुरुआत की है और ‘जन नायकन’ उनकी राजनीति में एंट्री से पहले की आखिरी फिल्म है। गॉसिप्स की मानें तो पॉलिटिकल वजहों से सेंसर बोर्ड की तरफ से देरी की गई।

    बार-बार रिलीज में देरी से फैंस में आक्रोश
    फिल्म की रिलीज डेट बार-बार टलने के कारण विजय के फैंस काफी नाराज हैं। केरल और तमिलनाडु में कई जगहों पर फैंस ने विरोध प्रदर्शन भी किए हैं। हाल ही में विवाद के चलते कई प्री-प्लान्ड कार्यक्रमों (जैसे बाइक रैली और डीजे इवेंट्स) को रद्द करना पड़ा। एच विनोथ द्वारा निर्देशित इस पॉलिटिकल एक्शन थ्रिलर में एक आम आदमी की कहानी है जो समाज और राजनीति में बदलाव लाने के लिए संघर्ष करता है। फिल्म में विजय के साथ पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, मामिता बैजू और प्रकाश राज जैसे एक्टर्स हैं।

    सु्प्रीम कोर्ट पहुंचा मामला, क्या बोला CBFC?
    अब मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच चुका है। केवीएन प्रोडक्शंस ने मद्रास हाई कोर्ट के स्टे ऑर्डर के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। सीबीएफसी ने भी सुप्रीम कोर्ट में कहा है कि कोई भी फैसला देने से पहले उन्हें भी सुना जाए। सुप्रीम कोर्ट ने अब मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी के लिए तय की है। प्रोड्यूसर ने वीडियो जारी करके फैंस से माफी मांगी है और कहा है कि मामला कोर्ट में है, इसलिए वे सब कुछ नहीं बता सकते।

  • बीएमसी चुनाव प्रचार में नितेश राणे का फिर विवादित बयान, मुस्लिम समाज पर की अपमानजनक टिप्पणी

    बीएमसी चुनाव प्रचार में नितेश राणे का फिर विवादित बयान, मुस्लिम समाज पर की अपमानजनक टिप्पणी


    मुंबई । बीएमसी चुनावों के प्रचार के दौरान महाराष्ट्र के बीजेपी नेता और मंत्री नितेश राणे ने एक बार फिर विवादित बयान देकर राजनीति में हलचल मचा दी है। राणे ने मुस्लिम समाज को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की, जिससे चुनावी माहौल और भी गरमा गया है। राणे ने वसई में चुनावी रैली को संबोधित करते हुए कहा कोई भी हरा सांप हिंदू समाज की तरफ गंदी नजर से देख नहीं सकता। हिंदुओं के त्योहार में कोई मस्ती करने की कोशिश करेगा तो वह वापस शुक्रवार को सरेंडर नहीं कर पाएगा । राणे ने आगे कहा हमें यह गारंटी है कि हम आपके साथ पूरी ताकत से खड़े रहेंगे। इस दौरान उन्होंने आई लव मोहम्मद कहने वालों को पाकिस्तान भेजने की धमकी भी दी और कहा कि शहर का मेयर जय श्रीराम बोलने वाला ही होना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू समाज को एकजुट होकर पाकिस्तान में बैठे आई लव मोहम्मद’ वालों को वहां भेजना होगा।

    विवादों में घिरे नितेश राणे

    यह पहली बार नहीं है जब नितेश राणे ने इस तरह का विवादित बयान दिया हो। इससे पहले भी उन्होंने ठाकरे परिवार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की थीं। नितेश राणे ने यह कहा था, ठाकरे भाइयों को वोट देने का मतलब पाकिस्तान में बैठे उनके अब्बा को वोट देना है। उन्होंने हिंदू समाज को सुरक्षित रखने की बात की और कहा कि मुंबई का मेयर हिंदू और मराठी” ही होना चाहिए। राणे के इस बयान के बाद से राजनीति में खलबली मच गई है। उनके बयान को विपक्ष ने आक्रामक ढंग से नकारा और इसे सांप्रदायिक ध्रुवीकरण की कोशिश करार दिया है। वहीं बीजेपी और हिंदूवादी संगठनों ने इसे हिंदू समाज की सुरक्षा और हित की बात बताया है।

    राजनीतिक गर्मी बढ़ी

    नितेश राणे के बयान के बाद से बीएमसी चुनावों में राजनीति और भी तीव्र हो गई है। जहां एक ओर बीजेपी और हिंदूवादी दल इसे अपनी चुनावी रणनीति के हिस्से के रूप में देख रहे हैं, वहीं विपक्ष इसे समाज में नफरत फैलाने की कोशिश के रूप में उजागर कर रहा है। राजनीतिक विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के बयान केवल वोटों के ध्रुवीकरण के लिए दिए जाते हैं, जो चुनावी लाभ के लिए खतरे की घंटी हो सकती है। राणे के इस बयान पर कई नेताओं ने आलोचना की है, लेकिन बीजेपी के भीतर इसे लेकर कोई प्रतिक्रिया देखने को नहीं मिली है। हालांकि, राणे पहले भी ऐसे विवादित बयान दे चुके हैं, जिन्हें बीजेपी की ओर से अक्सर नजरअंदाज कर दिया जाता है।

  • तापसी पन्नू का फटकार: फिल्म इंडस्ट्री में पैसे देकर प्रमोशन करना बंद होना चाहिए

    तापसी पन्नू का फटकार: फिल्म इंडस्ट्री में पैसे देकर प्रमोशन करना बंद होना चाहिए



    नई दिल्ली। 
    तापसी पन्नू उन सेलेब में से हैं जो कभी किसी मुद्दे पर बात करने से झिझकती नहीं हैं फिर चाहे वो इंडस्ट्री की ही बात क्यों ना हो। अब तापसी ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के पीआर गेम की आलोचना की है और कहा कि ये अब एक अलग लेवल पर चला गया है। तापसी का कहना है कि लोग अब पैसे देकर दूसरों को नीचा गिरवाते हैं। तापसी ने टाइम्स नाउ से बात करते हुए सवाल उठाया कि क्या किसी इंसान की सफलता किसी और के फेलियर पर निर्भर करती है। इसके अलावा उन्होंने कहा कि लोग पैसे देकर दूसरों को निचा गिराने की कोशिश करते हैं।

    अलग लेवल पर पीआर गेम
    वह बोलीं, ‘मैं अपनी चीजों में बिजी थी कुछ समय से, लेकिन लास्ट 1.5 या 2 साल से मैं थोड़ी स्लो डाउन हो गई हूं। मुझे एहसास हुआ कि ये पीआर गेम एक अलग लेवल पर चला गया है। आप खुद को पुश करो ना जो पहले एक वर्जन होता था पीआर का। आप तो किसी और को गिराने के लिए भी पैसे दे रहे हो।’

    दूसरों के फेलियर्स से कैसे मिलती सक्सेस
    तापसी ने आगे कहा, ‘आखिर कबसे आपकी सक्सेस दूसरों के फेलियर्स पर डिपेंड होने लगी। लोगों ने अपनी पर्सनैलिटी का एक अलग मुखौटा बनाया हुआ है। मैं सिर्फ एक हिट फिल्म का हिस्सा रहने से संतुष्ट नहीं हूं, मेरी आवाज भी इतनी स्ट्रॉन्ग होनी चाहिए चाहे वो आपकी ना हो। लेकिन आपको अपनी आवाज बनानी होगी और वो आवाज जो आप फिल्मों से हटकर बना रहे हो और आपके काम से मैच भी नहीं कर रही तो वो गलत है।

  • ‘चूड़िया’ का बजट रिकॉर्ड: फिल्म से भी ज्यादा पैसे खर्च हुए इस गाने पर

    ‘चूड़िया’ का बजट रिकॉर्ड: फिल्म से भी ज्यादा पैसे खर्च हुए इस गाने पर

    नई दिल्ली। करन जौहर के डायरेक्शन में बनी फिल्म कभी कभी खुशी कभी गम आज 25 साल बाद भी ऑडियंस की फेवरिट है। फिल्म में शाहरुख खान, अमिताभ बच्चन, ऋतिक रोशन, जया बच्चन, काजोल, करीना कपूर जैसे लीडिंग एक्टर्स थे। आलीशान लोकेशन, शानदार म्यूजिक। फिल्म का डायरेक्शन करन जौहर ने लिया था। कुछ कुछ होता है के बाद ये उनकी दूसरी डायरेक्टोरियल फिल्म थी वो भी इतनी बड़ी कास्ट के साथ। इस फिल्म में एक गाना भी है ‘बोले चूड़िया, बोले कंगना’, इस गाने में पूरी कास्ट एक साथ नजर आई थी। लेकिन क्या आप जानते हैं इस सिर्फ एक गाने का खर्चा फिल्म के बजट से ज्यादा था। इस बारे में राइटर-डायरेक्टर निखिल अडवानी ने बताया।

    पूरी फिल्म का बजट था 3 करोड़
    हाल में रेडियो नशा के साथ बातचीत में निखिल अडवानी ने बताया कि कैसे एक गाने की कीमत बजट से ज्यादा थी। निखिल ने कहा कि आजकल लोग स्प्रेडशीट पर बजट बनाते हैं और उसे फाइनल करने के लिए भी दो महीने लग जाते हैं। लेकिन जब हमने यश जौहर को कभी खुशी कभी गम की स्क्रिप्ट सुनाई तो उन्होंने मुझे अपने ऑफिस बुलाया और फिल्म का बजट लिखने को कहा। मैंने 3 करोड़ रुपए का बजट लिखा और उन्हें पेपर पकड़ा दिया। यश जौहर ने बजट को मंजूरी दी और ऐसे फिल्म शुरू हुई।

    बोले चूड़िया गाने का सेट
    निखिल ने आगे कहा कि उनकी फिल्म का पहला सेट बोले चूड़िया था। करन जौहर सेट पर ही बेहोश हो गए थे। काजोल को अपने लहंगे से दिक्कत थी और वो डांस नहीं कर पा रही थी। कई दिक्कतें थीं, 200 डांसर्स, 300 जूनियर आर्टिस्ट। हमने झूमर्स भी खुद बनवाए थे क्योंकि करन जौहर को सब कुछ गग्रैंड चाहिए था।

    पूरी फिल्म के बजट से ऊपर चला गया था सिर्फ एक गाना
    निखिल ने आगे बताया कि उस शाम यश जौहर ने हमें चाय ब्रेक पर बुलाया और पूछा कि हमने इस फिल्म का बजट बनाया है न? मैं कहा हां। उन्होंने पूछा ‘कितना बजट था?’ मैंने कहा मुझे याद नहीं है। फिर उन्होंने वो पेपर निकाला और जोर से पढ़ते हुए 3 करोड़ कहा। फिर उन्होंने कहा बोले चूड़िया के लिए जो सेट बनाया है उस पर इससे से ज्यादा खर्च हो चुके हैं। उन्होंने वो पेपर फाड़ा और कहा अब बनाओ फिल्म।

    डायरेक्टर्स में था फिल्म बनाने का नशा
    निखिल ने ये भी बताया कि पहले के लोगों में फिल्म बनाने का नशा होता था। यश जौहर एक फिल्म के लिए अपना घर बेचने के बारे में सोच रहे थे। यश चोपड़ा ने भी ऐसा सोचा था। अपने समय के ये ग्रेट डायरेक्टर्स थे। निखिल ने कहा कि इंडस्ट्री के दो ही लोग ऐसे हैं जो हमें वापस उस दौर में ले जा सकते हैं और वो हैं यश चोपड़ा के बेटे आदित्य चोपड़ा और यश जौहर के बेटे करन जौहर।

  • कर्नाटक में झारखंड के मजदूर को बांग्लादेशी होने के शक में पीटा, महिला ने बचाया; 4 आरोपियों पर मामला दर्ज

    कर्नाटक में झारखंड के मजदूर को बांग्लादेशी होने के शक में पीटा, महिला ने बचाया; 4 आरोपियों पर मामला दर्ज


    झारखंड । कर्नाटक के मंगलुरु में एक झारखंड के प्रवासी मजदूर को कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिक होने के शक में चार लोगों ने बेरहमी से पीटा। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घटना रविवार को मंगलुरु के बाहरी इलाके कुलूर में हुई, जहां आरोपियों ने मजदूर से उसकी नागरिकता को लेकर सवाल किए और पहचान पत्र दिखाने की मांग की। झारखंड के दिलजान अंसारी पिछले 10 से 15 वर्षों से काम की तलाश में मंगलुरु में रह रहे थे। वह हर साल चार से छह महीने शहर में काम करते हैं।
    अंसारी ने आरोपियों को बार-बार बताया कि वह भारतीय नागरिक हैं, लेकिन आरोपियों ने उनकी बातों को नजरअंदाज किया और उन्हें बांग्लादेशी समझते हुए लगातार परेशान किया। आरोपी अपने शक के आधार पर अंसारी के साथ अपमानजनक व्यवहार करते रहे। इस दौरान एक स्थानीय महिला ने उनकी मदद की और उन्हें आरोपियों के चंगुल से बचाया हालांकि, डर के कारण अंसारी ने शुरू में पुलिस से संपर्क नहीं किया और बिना शिकायत के घर लौट गए। लेकिन बाद में स्थानीय नेताओं ने इस मामले को गंभीरता से लिया और कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया।
    मंगलुरु सिटी पुलिस कमिश्नर सुधीर कुमार रेड्डी ने बताया कि सत्यापन के बाद यह पुष्टि हुई कि दिलजान अंसारी भारतीय नागरिक हैं और काम के सिलसिले में मंगलुरु आए थे। पुलिस ने कुलूर के निवासी सागर, धनुष, लालू उर्फ रतीश और मोहन के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए गए हैं और जांच जारी है। यह मामला एक बार फिर यह सवाल उठाता है कि देश में प्रवासी श्रमिकों के प्रति भेदभाव और असहिष्णुता का क्या स्तर है, खासकर उन पर जो बाहरी राज्य से आकर काम करते हैं। पुलिस और स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई से यह उम्मीद जताई जा रही है कि आगे से ऐसी घटनाएं नहीं होंगी।

  • शाहरुख-सलमान की पतंगबाजी ने बढ़ाया मकर संक्रांति का मज़ा, फिल्मों में झलकता उत्सव

    शाहरुख-सलमान की पतंगबाजी ने बढ़ाया मकर संक्रांति का मज़ा, फिल्मों में झलकता उत्सव

    नई दिल्ली। हिंदी फिल्मों में भारतीय त्योहार कहानियों का अहम हिस्सा रहे हैं। हमारे त्योहारों, इसकी परंपरा पर फिल्मों में कई गाने भी सुनने को मिलते हैं। कई गाने तो बहुत हिट भी रहे हैं। होली, दिवाली, करवाचौथ के गीत बहुत बड़ी संख्या में हिंदी फिल्मों में रखे जाते हैं। कल मकर संक्रांति (14 जनवरी) का त्योहार है। मकर संक्रांति पर भी फिल्मी गीत, सीन्स कई बॉलीवुड फिल्मों में दिखे हैं। जानिए, इस त्योहार की झलक किन-किन हिंदी फिल्मों में दिखी है।
    हम दिल दे चुके सनम
    सलमान खान और ऐश्वर्या राय की फिल्म ‘हम दिल दे चुके सनम(1999)’ को दर्शकों से काफी प्यार मिला था। इस फिल्म में मकर संक्रांति का त्योहार दिखाया गया था। साथ ही एक गाना ‘ढील दे दे रे भईया…’ सलमान खान पर फिल्माया गया था। वह फिल्म में पतंगबाजी करते हुए नजर आते हैं। यह गाना आज भी मकर संक्रांति पर खूब पसंद किया जाता है, पतंगबाजी करते हुए लोग इस गाने को गाते या सुनते हैं। सलमान खान की 2016 में रिलीज हुई फिल्म ‘सुल्तान’ में भी मकर संक्रांति की एक झलक मिलती है। एक सीन में उनका किरदार अपने गांव की गलियों में पतंगबाजी करता हुआ नजर आता है।
    काई पो चे
    दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की फिल्म ‘काई पो चे’ साल 2013 में रिलीज हुई। इस फिल्म में भी ‘मांझा…’ नाम से एक गाना था, जिसमें सुशांत, राजकुमार राव और अमित साध दोस्तों के किरदार में नजर आते हैं। फिल्म में सभी मिलकर मकर संक्रांति का त्योहार मनाते हैं। यह गाना भी मकर संक्रांति के मौके पर लोग काफी पसंद करते हैं।
    रईस
    शाहरुख खान की फिल्मों में भारतीय त्योहारों पर कई गाने देखने को मिलते हैं। साल 2017 में उनकी फिल्म ‘रईस’ रिलीज हुई। इस फिल्म में ‘उड़ी उड़ी जाए…’ गाने में मकर संक्रांति का उल्लास, उमंग दिखा। पतंगबाजी भी झलक भी मिली। इस गाने में शाहरुख खान के साथ पाकिस्तानी एक्ट्रेस माहिरा खान भी नजर आईं।

    पतंग द काइट
    साल 2011 में रिलीज हुई ‘पतंग द काइट’ फिल्म की कहानी तो मकर संक्रांति पर की जाने वाली पतंगबाजी के ईद-गिर्द बुनी गई। इस फिल्म में नवाजुद्दीन सिद्दीकी भी नजर आए थे। इस फिल्म में मकर संक्रांति पर होने वाली पतंगबाजी उत्सव के साथ एक परिवार के लोगों की जिंदगी, रिश्तों और सपनों को दिखाया गया है। तापसी पन्नू की फिल्म ‘रश्मि रॉकेट’ में भी मकर संक्रांति का सीक्वेंस दिखाया गया था। रश्मि की तेज दौड़ और पतंगबाजी को साथ में जोड़कर यह सीन फिल्म में दिखाया जाता है।

    मकर संक्रांति के अलावा इन फिल्मों में दिखी लोहड़ी के त्योहार की धूम
    मकर संक्रांति से पहले देश भर में लोहड़ी का त्योहार मनाया जाता है। आज (13 जनवरी) ही यह त्योहार मनाया जाएगा। हिंदी फिल्मों में भी लोहड़ी के रंग नजर आए हैं। शाहरुख खान और प्रीति जिंटा की ‘वीर जारा’, में लोहड़ी का त्योहार दिखाया गया। इस फिल्म में एक गाना ‘लो आ गई लोहड़ी…’ अमिताभ बच्चन और हेमा मालिनी पर फिल्माया गया। इसी तरह अजय देवगन और सोनाक्षी सिन्हा पर फिल्म ‘सन ऑफ सरदार’ में ‘तू कमाल दी…’ गाना फिल्माया गया, इस गाने में लोहड़ी का उत्सव, उल्लास दिखाया गया। फिल्म ‘यमला पगला दीवाना’ में भी लोहड़ी का त्योहार दिखाया गया था, जिसमें दिग्गज अभिनेता धर्मेंद्र नजर आए थे।