Author: bharati

  • पारिवारिक विवाद ने लिया खौ़फनाक रूप, पति ने पत्नी और बुआ पर पेट्रोल डालकर लगाई आग

    पारिवारिक विवाद ने लिया खौ़फनाक रूप, पति ने पत्नी और बुआ पर पेट्रोल डालकर लगाई आग


    मंदसौर । मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के पीपलखूंटा गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसमें एक पति ने अपनी पत्नी और उसकी बुआ पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी। इस जघन्य वारदात में दोनों महिलाएं गंभीर रूप से झुलस गई हैं और उनका इलाज मंदसौर जिला अस्पताल में चल रहा है। घटना से पहले पति-पत्नी के बीच एक लंबा विवाद चल रहा था, जो अंततः हिंसक रूप में बदल गया।जानकारी के अनुसार, ममता और उसके पति राजनाथ के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था, जो कि अदालत तक पहुँच चुका था। दोनों के बीच एक सुनवाई के बाद ममता अपनी बुआ के साथ नाहरगढ़ के पीपलखूंटा गांव में रहने आ गई थी। इसी दौरान, राजनाथ ने अपने गुस्से में आकर दोनों महिलाओं पर पेट्रोल डालकर आग लगा दी।
    पहले उसने अपनी पत्नी ममता पर पेट्रोल डाला और जब ममता की बुआ उसे बचाने के लिए आगे आई, तो उस पर भी पेट्रोल डालकर आग लगा दी।आग लगने के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई। ग्रामीणों ने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया और घायलों को मंदसौर जिला अस्पताल भेजा। चिकित्सकों के अनुसार, ममता का चेहरा, छाती और पेट बुरी तरह झुलस गए हैं और उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। ममता करीब 35 प्रतिशत तक जल चुकी हैं। वहीं, कासूबाई, ममता की बुआ, का भी बर्न वार्ड में इलाज चल रहा है।यह दुखद घटना कई सवाल खड़े करती है, खासकर इस मामले में पुलिस की भूमिका पर।पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि करीब तीन महीने पहले ममता के पिता ने सुवासरा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी ।
    जिसमें उन्होंने अपनी बेटी को जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया था। हालांकि, पुलिस ने इस शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की, जिससे यह घटना घटित हो सकी। ममता के पिता राम सिंह नाथ ने कहा कि यदि समय रहते पुलिस कार्रवाई करती, तो यह हादसा टल सकता था।पीड़ित परिवार और स्थानीय जनता ने इस मामले में पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाए हैं, और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। इस पूरी घटना ने न केवल एक परिवार की खुशियों को छीन लिया, बल्कि समाज को भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि पारिवारिक विवादों को कैसे हल किया जाए, ताकि ऐसे हादसों से बचा जा सके।

  • पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में किया दुग्धाभिषेक, शौर्य यात्रा में भी लिया हिस्सा

    पीएम मोदी ने सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में किया दुग्धाभिषेक, शौर्य यात्रा में भी लिया हिस्सा

    नई दिल्ली से खबर है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में भाग लेने गुजरात पहुंचे हैं। सोमनाथ मंदिर में आज पीएम मोदी ने भव्य पूजा-अर्चना और दुग्धाभिषेक किया। मंदिर में सभी मंत्रोच्चारों के बीच पूजा का माहौल मंत्रमुग्ध कर रहा था। भक्तों और नागरिकों ने प्रधानमंत्री का स्वागत भक्ति और उत्साह के साथ किया।

    सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना से पहले वीरों को श्रद्धांजलि देने के लिए शौर्य यात्रा का आयोजन किया गया। यह यात्रा मंदिर की रक्षा के लिए अपने प्राण न्यौछावर करने वाले वीरों को समर्पित थी। इस भव्य यात्रा में कुल 108 घोड़ों के साथ जुलूस निकाला गया जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हिस्सा लिया। शौर्य यात्रा में शामिल लोगों ने वीरों को सम्मान देते हुए उनका स्मरण किया।पीएम मोदी ने मंदिर में भगवान शिव का दुग्धाभिषेक किया। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ी रही। मंत्रोच्चार और भव्य वातावरण ने पूरे कार्यक्रम को और भी दिव्य और श्रद्धापूर्ण बना दिया। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत मंदिर में आयोजित ये आयोजन न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं बल्कि राष्ट्रीय गौरव और वीरता की भावना को भी जागृत करते हैं।

    सोमनाथ मंदिर में इस अवसर पर सुरक्षा और व्यवस्थाओं का खास ध्यान रखा गया। प्रशासन ने मंदिर और उसके आसपास की सुरक्षा कड़ी कर दी थी। प्रधानमंत्री मोदी के दर्शन के लिए आए श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए गए। मंदिर में भक्तजन पीएम मोदी के दर्शन और उनके साथ पूजा-अर्चना में सम्मिलित होने के लिए सुबह से ही मौजूद रहे।शौर्य यात्रा और दुग्धाभिषेक के कार्यक्रम ने मंदिर परिसर को भव्य और भक्ति से परिपूर्ण बना दिया। पीएम मोदी ने न केवल पूजा-अर्चना की बल्कि शौर्य यात्रा में शामिल होकर वीरों को सम्मानित किया। यह आयोजन दर्शाता है कि धार्मिक आस्था और राष्ट्रीय गौरव एक साथ मिलकर समाज में एक सकारात्मक संदेश फैलाते हैं।

    सोमनाथ स्वाभिमान पर्व का यह आयोजन देशभर में श्रद्धा और गौरव का प्रतीक बन गया है। प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति ने इस पर्व की गरिमा और बढ़ा दी है। भक्तजन और नागरिक इस अवसर को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते नजर आए। मंदिर में दुग्धाभिषेक और शौर्य यात्रा के बीच का संगम एक यादगार अनुभव के रूप में सामने आया।इस प्रकार पीएम मोदी का सोमनाथ मंदिर में दुग्धाभिषेक और शौर्य यात्रा में हिस्सा लेना धार्मिक और राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बन गया। इस आयोजन ने मंदिर में भक्तिभाव और श्रद्धा के साथ-साथ वीरता और गौरव को भी सम्मानित किया।

  • इंदौर में पानी कांड का नया मोड़: कांग्रेस की न्याय यात्रा और सड़क निर्माण में नर्मदा फटी लाइन

    इंदौर में पानी कांड का नया मोड़: कांग्रेस की न्याय यात्रा और सड़क निर्माण में नर्मदा फटी लाइन

    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल और प्रमुख शहरों इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर से राज्य की ताजा खबरें लगातार सामने आ रही हैं। इंदौर में दूषित पानी से कई मासूमों की असमय मौत के मामले में कांग्रेस आज ‘न्याय यात्रा’ निकालेगी। यह यात्रा दोपहर 12 बजे बड़ा गणपति चौराहे से शुरू होकर राजवाड़ा तक जाएगी और पूरी तरह मौन रहेगी। इसमें स्वागत मंच नहीं लगाए जाएंगे और आम जनता को जोड़ने के लिए इसे गैर-राजनीतिक रखा गया है। इस यात्रा में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जैसे पीसीसी चीफ जीतू पटवारी, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार, पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह, पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा और राज्य कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी, विवेक तन्खा, शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे भी शामिल होंगे। कांग्रेस विधायक, पार्षद, महिला कांग्रेस और सेवादल के पदाधिकारी भी बड़ी संख्या में हिस्सा लेंगे। वहीं, इंदौर के निपानिया इलाके में मास्टर प्लान के तहत सड़क निर्माण के दौरान नर्मदा की लाइन फूटने से लाखों लीटर पानी सड़क पर बह गया और इलाके की पानी की सप्लाई प्रभावित हो गई। नगर निगम इस लापरवाही की जांच कर रहा है।

    मुरैना में अवैध रेत पकड़, भोपाल में बीजेपी कार्यशाला और रायसेन हादसा
    राज्यभर में अन्य खबरों में मुरैना की वन विभाग टीम ने चार किलोमीटर तक पीछा कर अवैध रेत से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली को पकड़ लिया। रेत चंबल नदी से खनन की गई थी और अंधेरे का फायदा उठाकर ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। ट्रॉली को मुरैना डिपो में रखा गया और नमूने लिए गए। वहीं, भोपाल में बीजेपी प्रदेश कार्यालय में 12 जनवरी को प्रदेश स्तरीय कार्यशाला आयोजित होगी, जिसमें मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद शर्मा संबोधित करेंगे। डॉ. मोहन यादव आज सुबह 11.40 से 11.55 बजे कोकता बाईपास रोड, पटेल नगर पहुंचेंगे और कृषक कल्याण वर्ष 2026 के शुभारंभ के तहत कृषि रथ और ट्रैक्टर रैली की शुरुआत करेंगे। इसके बाद हैलीपेड प्रेस्टीज कॉलेज से जंबूरी मैदान, भेल भोपाल तक कार्यक्रम होंगे। इसी बीच रायसेन के उदयपुरा थाना क्षेत्र में ट्रक और ट्रॉले की आमने-सामने टक्कर में दोनों चालक गंभीर रूप से घायल हो गए। ट्रक चालक के दोनों पैर और ट्रॉले चालक का एक पैर कट गया। फोरलेन रोड पर पैच वर्क के दौरान कोई संकेत बोर्ड न होने से यह हादसा हुआ, जिसे नेशनल हाईवे अथॉरिटी की लापरवाही माना जा रहा है।

  • उज्जैन सिंहस्थ 2028: मध्यप्रदेश सरकार ने केंद्र से 20 हजार करोड़ का विशेष पैकेज मांगा, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए अधोसंरचना का विकास होगा

    उज्जैन सिंहस्थ 2028: मध्यप्रदेश सरकार ने केंद्र से 20 हजार करोड़ का विशेष पैकेज मांगा, श्रद्धालुओं की सुविधाओं के लिए अधोसंरचना का विकास होगा


    भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार ने आगामी 2028 के सिंहस्थ महाकुंभ के लिए केंद्र सरकार से 20 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मांगा है। इस मांग को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साथ शनिवार को नई दिल्ली में हुई एक बैठक में उठाया गया। बैठक राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के वित्त मंत्रियों की प्री-बजट मीटिंग का हिस्सा थी, जिसमें मध्यप्रदेश के वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने इस मुद्दे को केंद्र के सामने रखा।सिंहस्थ महाकुंभ, जो हर 12 साल में उज्जैन में आयोजित होता है, में लगभग 50 करोड़ श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है।
    ऐसे में श्रद्धालुओं के सुचारु दर्शन और अन्य सुविधाओं के लिए राज्य सरकार ने कई अहम योजनाओं पर काम करना शुरू कर दिया है। इसमें प्रमुख रूप से सड़कें, पुल-पुलिया, क्षिप्रा नदी पर पक्के घाट, ठहरने के स्थल, अस्पताल और अन्य बुनियादी सुविधाओं का विकास किया जाएगा।मध्य प्रदेश सरकार ने कहा है कि केंद्र से 20 हजार करोड़ रुपये का विशेष पैकेज मिलने से इन कार्यों को तेज़ी से और बेहतर तरीके से पूरा किया जा सकेगा। राज्य सरकार का उद्देश्य है कि सिंहस्थ महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

    4500 करोड़ का अतिरिक्त कर्ज लेने की संभावना

    मध्यप्रदेश सरकार ने यह भी जानकारी दी कि 15वें वित्त आयोग द्वारा राज्य का जीएसडीपी 16.94 लाख करोड़ रुपये के रूप में आंका गया है, जबकि केंद्र सरकार इसे 15.44 लाख करोड़ रुपये मानती है। यदि राज्य सरकार के आंकड़ों को माना जाता है, तो मध्य प्रदेश को अतिरिक्त 4500 करोड़ रुपये तक कर्ज लेने का अवसर मिल सकता है, जिसका उपयोग राज्य के विकास कार्यों में किया जाएगा।

    अधोसंरचना के विकास के लिए केंद्र से मिलने वाली सहायता से न केवल सिंहस्थ महाकुंभ के आयोजन में मदद मिलेगी, बल्कि प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी बुनियादी ढांचे का विकास संभव होगा। उज्जैन सिंहस्थ 2028 को लेकर सरकार की योजना काफी विस्तृत है और यह सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है कि इस ऐतिहासिक आयोजन के दौरान आने वाले श्रद्धालुओं को सर्वश्रेष्ठ सुविधाएं मिलें।

  • ग्वालियर-चंबल में शीतलहर का कहर: MP के 7 जिलों में अलर्ट, 20 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा

    ग्वालियर-चंबल में शीतलहर का कहर: MP के 7 जिलों में अलर्ट, 20 से ज्यादा जिलों में घना कोहरा


    मध्यप्रदेश में ठंड ने एक बार फिर अपना तीखा और कठोर रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ग्वालियर, चंबल, सागर और रीवा संभाग इस समय भीषण शीतलहर की चपेट में हैं, जहां बर्फीली हवाओं ने लोगों को घरों में सिमटने पर मजबूर कर दिया है। मौसम विभाग ने रविवार को ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, छतरपुर, टीकमगढ़, पन्ना और सतना जिलों में कोल्ड वेव अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में तेज ठंडी हवाओं के चलते दिन के तापमान में भी खास बढ़ोतरी नहीं हो पा रही है और सर्दी दिनभर असर बनाए हुए है।सुबह के समय प्रदेश के 20 से अधिक जिले कोहरे की घनी चादर में लिपटे नजर आए। कहीं हल्का तो कहीं बेहद घना कोहरा छाया रहा, जिससे दृश्यता काफी कम हो गई। सड़कों पर वाहन रेंगते दिखे और हाईवे पर खास सावधानी बरतनी पड़ी। कोहरे और ठंड के कारण आम जनजीवन प्रभावित हुआ, वहीं स्कूल जाने वाले बच्चों, बुजुर्गों और दिहाड़ी मजदूरों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल तापमान में हल्का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है, लेकिन तीन दिन बाद प्रदेश में ठंड की तीव्रता और बढ़ेगी। पश्चिमी विक्षोभ के आगे बढ़ने के बाद उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं ज्यादा असर दिखाएंगी, जिससे रात का तापमान और नीचे जाएगा। इसका सबसे ज्यादा प्रभाव उत्तर और पूर्वी मध्यप्रदेश में देखने को मिलेगा, जहां कड़ाके की सर्दी पड़ने के आसार हैं।पिछली रात प्रदेश के 25 से ज्यादा शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया। छतरपुर जिले का खजुराहो लगातार दूसरी रात प्रदेश का सबसे ठंडा स्थान रहा, जहां न्यूनतम तापमान मात्र 3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा शिवपुरी, राजगढ़, दतिया, नौगांव, रीवा, मंडला, पचमढ़ी और उमरिया जैसे क्षेत्रों में भी पारा 7 डिग्री से नीचे बना रहा, जिससे ठंड का असर और गहरा गया।

    प्रदेश के पांच बड़े शहरों की बात करें तो ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। भोपाल में पारा 7.2, इंदौर में 6.9, उज्जैन में 9 और जबलपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। गिरते तापमान के चलते शहरों और गांवों में अलाव जलते नजर आए और लोग गर्म कपड़ों का सहारा लेते दिखे।सीनियर मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या ई. सुरेंद्रन के अनुसार उत्तर भारत के ऊपर तेज गति से बह रही जेट स्ट्रीम हवाओं का असर मध्यप्रदेश में भी साफ दिखाई दे रहा है। इसी वजह से प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में कंपकंपाने वाली ठंड महसूस की जा रही है। अगले दो दिनों तक कोहरा और शीतलहर दोनों की स्थिति बनी रहने की संभावना है।

    घने कोहरे का असर रेल यातायात पर भी पड़ा है। दिल्ली से मध्यप्रदेश आने वाली कई ट्रेनें रोजाना घंटों देरी से पहुंच रही हैं। मालवा एक्सप्रेस, पंजाब मेल और जनशताब्दी जैसी ट्रेनों की टाइमिंग बिगड़ने से भोपाल सहित कई स्टेशनों पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।इस बार की सर्दी कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ चुकी है। नवंबर में 84 साल का रिकॉर्ड टूटा, दिसंबर ने 25 साल का इतिहास बदल दिया और जनवरी की शुरुआत भी असाधारण रूप से ठंडी रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस सीजन में ठंड, कोहरा और शीतलहर तीनों का संयुक्त असर देखने को मिल रहा है, जिससे यह सर्दी लंबे समय तक लोगों को परेशान कर सकती है।

  • Post office की धांसू स्कीम, एकमुश्त ₹2,50,000 जमा करने पर मिलेगा ₹1,16,062 का रिटर्न, जानें गणित

    Post office की धांसू स्कीम, एकमुश्त ₹2,50,000 जमा करने पर मिलेगा ₹1,16,062 का रिटर्न, जानें गणित

    नई दिल्ली: अगर आप सुरक्षित और फिक्स्ड रिटर्न की तलाश में हैं, तो पोस्ट ऑफिस की नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट (NSC) स्कीम आपके लिए एक भरोसेमंद विकल्प साबित हो सकती है। यह योजना भारत सरकार द्वारा चलाई जाती है, इसलिए इसमें निवेश पूरी तरह सुरक्षित है और मार्केट उतार-चढ़ाव का कोई असर नहीं पड़ता। रिटायरमेंट प्लानिंग, बच्चों की पढ़ाई या भविष्य की जरूरतों के लिए यह योजना निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद मानी जाती है।

    NSC की ब्याज दर और टैक्स बेनिफिट
    पोस्ट ऑफिस NSC पर वर्तमान में 7.7% सालाना फिक्स ब्याज दर मिल रही है। स्कीम की मैच्योरिटी अवधि 5 साल है। ब्याज सालाना आधार पर कंपाउंड होता है और मैच्योरिटी पर भुगतान किया जाता है। आखिरी साल को छोड़कर ब्याज पर टैक्स छूट है और सेक्शन 80C के तहत निवेशकों को ₹1.5 लाख तक की टैक्स छूट भी मिलती है। इसका मतलब है कि आप सुरक्षित निवेश के साथ टैक्स बचत का भी फायदा उठा सकते हैं।

    2.5 लाख निवेश पर रिटर्न का गणित
    अगर आप NSC में एकमुश्त ₹2,50,000 का निवेश करते हैं, तो सालाना 7.7% ब्याज का फायदा मिलेगा। 5 साल में इस निवेश पर कुल ₹1,16,062 ब्याज आएगा। मैच्योरिटी पर कुल राशि ₹3,66,062 हो जाएगी। यह पूरा रिटर्न पहले से तय है और किसी तरह के मार्केट रिस्क से मुक्त है। फिक्स रिटर्न चाहने वाले निवेशकों के लिए यह स्कीम आदर्श विकल्प है और भविष्य की प्लानिंग में सहायक साबित होती है।

    एनएससी में कौन कर सकता है निवेश
    इस स्कीम में सभी भारतीय नागरिक निवेश कर सकते हैं। वयस्क अपने नाम से और अभिभावक नाबालिग के नाम निवेश कर सकते हैं। 10 साल या उससे अधिक उम्र के नाबालिग स्वयं भी निवेश कर सकते हैं। ध्यान रहे कि NRI, ट्रस्ट और HUF सीधे निवेश के लिए पात्र नहीं हैं, लेकिन निवेश के बाद NRI बनने पर सर्टिफिकेट वैध रहता है।

    क्यों चुनें नेशनल सेविंग सर्टिफिकेट
    NSC उन निवेशकों के लिए आदर्श है जो सुरक्षित, स्थिर और टैक्स बचत वाला विकल्प चाहते हैं। इसमें न्यूनतम निवेश राशि थोड़ी भी हो सकती है और अधिकतम निवेश की कोई सीमा नहीं है। पोस्ट ऑफिस का भरोसा, सरकार की गारंटी और फिक्स रिटर्न इसे मिडिल क्लास और रिस्क से बचने वाले निवेशकों के लिए एक मजबूत विकल्प बनाते हैं। लंबी अवधि के सुरक्षित निवेश की तलाश में NSC आपकी फाइनेंशियल प्लानिंग का अहम हिस्सा बन सकती है।

  • पौधों की नर्सरी में बन रहा था नशे का कारोबार: नारकोटिक्स विभाग ने मारा छापा, 10 करोड़ की MD ड्रग्स बरामद

    पौधों की नर्सरी में बन रहा था नशे का कारोबार: नारकोटिक्स विभाग ने मारा छापा, 10 करोड़ की MD ड्रग्स बरामद


    इंदौर । मध्य प्रदेश में नशे के कारोबार पर नकेल कसने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है, लेकिन अपराधी इसके बावजूद लगातार नए तरीके अपना रहे हैं। शनिवार को आगर मालवा में नारकोटिक्स विभाग ने एक बड़ी सफलता प्राप्त की, जब उन्होंने नर्सरी की आड़ में चल रहे नशे के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया। इस छापे में 10 करोड़ रुपए से अधिक कीमत की मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद की गई।यह कार्रवाई उज्जैन नारकोटिक्स टीम को मिली सूचना पर आधारित थी, जिसमें बताया गया था कि आगर मालवा के आमला क्षेत्र स्थित ‘तीर्थ’ हर्बल फार्म हाउस में नर्सरी के नाम पर नशे का कारोबार चल रहा है। टीम को यह भी जानकारी मिली थी कि वहां पर ड्रग्स की बड़ी खेप आने वाली थी, जिसके बाद टीम ने तड़के चार बजे फार्म हाउस पर छापा मारा।

    नारकोटिक्स विभाग की टीम ने फार्म हाउस में जब जांच की, तो वहां कुछ असामान्य गतिविधियाँ पाई गईं। टीम को वहां नर्सरी के बीच एक पूरी लैब मिली, जहां मेफेड्रोन और अन्य नशीली दवाओं का निर्माण हो रहा था। इस लैब को तुरंत ध्वस्त कर दिया गया और वहां काम कर रहे कुछ संदिग्ध व्यक्तियों को गिरफ्तार कर लिया गया।छापे के दौरान टीम ने कुल 31 किलो 250 ग्राम मेफेड्रोन ड्रग्स बरामद की। इसके अलावा, 600 किलो विभिन्न प्रकार के केमिकल्स, जैसे MDC, MMA, ट्राई थेला माईन, सोडियम कार्बोनेट और लैब की अन्य सामग्री भी बरामद की गई। इस सबका बाजार मूल्य लगभग 10 करोड़ रुपए बताया जा रहा है। विभाग का मानना है कि अगर ये ड्रग्स बाजार में पहुंच जाते, तो इसकी कीमत कहीं अधिक हो सकती थी।

    नारकोटिक्स विभाग के अधीक्षक वी एस कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई नशे के कारोबार को रोकने के लिए एक बड़ी सफलता है और इससे जुड़े अपराधियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और उनके तारों को खंगालने में जुटा है। नशे के कारोबार में इस्तेमाल होने वाली इस तरह की साजिशें न केवल समाज के लिए खतरनाक हैं, बल्कि इससे युवा पीढ़ी का भविष्य भी दांव पर लगता है। हालांकि, इस कार्रवाई ने नशे के खिलाफ चल रहे अभियानों को एक नई दिशा दी है, और उम्मीद जताई जा रही है कि इससे नशे के व्यापारियों में खलबली मच सकती है।

  • ओवैसी के बयान पर कांग्रेस के मसूद बोले- नामुमकिन हैं….

    ओवैसी के बयान पर कांग्रेस के मसूद बोले- नामुमकिन हैं….


    नई दिल्ली
    । कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने शनिवार को एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली लड़की प्रधानमंत्री बनेगी। ओवैसी के इस बयान को मसूद ने दिन में तारे देखने जैसी बात बताई है। ओवैसी ने महाराष्ट्र की एक रैली में यह बयान दिया था, जिसके बाद भाजपा, कांग्रेस से लेकर तमाम दलों के नेताओं ने रिएक्ट किया।
    न्यूज एजेंसी से बात करते हुए यूपी के सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कहा, “वह ऐसी बातें कर रहे हैं जो नामुमकिन हैं, यह दिन में तारे देखने जैसा है। वह ऐसी बात क्यों कर रहे हैं जो मुमकिन ही नहीं है? लोकतंत्र में सभी को अधिकार हैं। हिजाब पहनना या न पहनना एक निजी मामला है।”

    इससे पहले, ओवैसी ने कहा था कि एक दिन हिजाब पहनने वाली बेटी भारत की प्रधानमंत्री बनेगी, जो भारतीय संविधान की समावेशिता को दिखाता है।

    शुक्रवार को महाराष्ट्र के सोलापुर में एक चुनावी सभा में बोलते हुए, ओवैसी ने तर्क दिया कि पाकिस्तान के संविधान में ऐसी समावेशिता नहीं है, जो दूसरे धर्मों के लोगों को बड़े पदों पर बैठने से रोकता है।

    उन्होंने कहा, “पाकिस्तान का संविधान साफ ​​तौर पर कहता है कि सिर्फ एक धर्म का व्यक्ति ही देश का प्रधानमंत्री बन सकता है। बाबा साहब का संविधान कहता है कि भारत का कोई भी नागरिक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या मेयर बन सकता है। मेरा सपना है कि एक दिन ऐसा आएगा जब हिजाब पहनने वाली बेटी इस देश की प्रधानमंत्री बनेगी।”

    भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने ओवैसी की टिप्पणियों पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें एआईएमआईएम का अध्यक्ष किसी ‘पसमांदा’ मुस्लिम या हिजाब पहनने वाली महिला को बनाने की चुनौती दी। उन्होंने एक्स पर लिखा, “मियां ओवैसी कहते हैं कि हिजाब वाली पीएम बनेगी।

    मियां ओवैसी – संविधान किसी को नहीं रोकता, लेकिन मैं आपको चैलेंज करता हूं कि पहले आप किसी पसमांदा या हिजाब वाली को अपनी एआईएमआईएम का प्रेसिडेंट बनाकर दिखाएं।”

    इस बीच, शिवसेना की प्रवक्ता शायना एनसी ने इस बात पर जोर दिया कि लीडरशिप परफॉर्मेंस और लोगों के समर्थन पर आधारित होनी चाहिए, न कि जाति, धर्म या समुदाय पर। उन्होंने आगे कहा कि भविष्य में योग्यता के आधार पर एक महिला प्रधानमंत्री का समर्थन किया जा सकता है। शायना ने कहा, “असदुद्दीन ओवैसी, प्रधानमंत्री पद के लिए कोई जगह खाली नहीं है। नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता सभी जानते हैं। पहले अपने सांसदों को चुनाव जितवाइए, फिर प्रधानमंत्री बनने का सपना देखिए। हां, किसी समय हम भी एक महिला प्रधानमंत्री चाहेंगे, लेकिन उनकी जाति, धर्म या समुदाय के आधार पर नहीं, बल्कि उनके अच्छे काम और भारत के लोगों के लोकप्रिय समर्थन के आधार पर।”

  • 26/11 हमले के मास्टरमाइंड राणा के पसंदीदा वकील कौन-कौन? जानिए पूरी लिस्‍ट

    26/11 हमले के मास्टरमाइंड राणा के पसंदीदा वकील कौन-कौन? जानिए पूरी लिस्‍ट


    मुंबई। मुंबई आतंकी हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा ने पैरवी के लिए अपनी पसंद के वकीलों के नाम की सूची अदालत को सौंप दी है। यह लिस्ट पटियाला हाउस स्थित विशेष एनआईए अदालत में पेश की गई। विशेष न्यायाधीश प्रशांत शर्मा की अदालत ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को निर्देश दिया है कि वह सूची में शामिल वकीलों से संपर्क कर यह पता लगाए कि उनमें से कौन राणा की ओर से पेश होने के लिए सहमत है और उनकी लिखित सहमति प्राप्त करें।
    राणा ने दिल्ली और राजधानी के बाहर के करीब 10 वकीलों के नाम सूची में दिए हैं।

    सुनवाई के दौरान तहव्वुर राणा ने स्पष्ट रूप से कहा कि वह अपनी पसंद का वकील नियुक्त करना चाहता है। अदालत ने एनआईए को आवश्यक निर्देश जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 मार्च को तय की है, ताकि वकीलों की सहमति से अदालत को अवगत कराया जा सके। इससे पहले, अदालत ने राणा को अपने परिवार से वकील की नियुक्ति को लेकर बातचीत के लिए कॉल सुविधा देने की इजाजत दी थी। फिलहाल राणा को लीगल एड काउंसिल के तौर पर अधिवक्ता पीयूष सचदेवा उपलब्ध कराए गए थे, लेकिन राणा ने अपनी पसंद के वकील रखने की इच्छा जताई थी।
    आतंकी हमले में राणा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल

    इसके बाद, पीयूष सचदेवा को मामले से मुक्त कर दिया गया है। राणा फिलहाल न्यायिक हिरासत में है और उसे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए से अदालत में पेश किया गया। पेशी के दौरान उसने अधिवक्ता एमएस खान का नाम विशेष रूप से अपनी पसंद के वकीलों में शामिल बताया। एनआईए ने आतंकी हमले के मामले में राणा के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल कर रखा है। मुख्य आरोपपत्र दिसंबर 2011 में दाखिल किया गया था, जबकि जुलाई 2025 में एक पूरक आरोपपत्र पेश किया गया था।

  • लाश के टुकड़े करके ड्रम में छिपाने की एक और घटना, दम्‍पत्ति गिरफ्तार

    लाश के टुकड़े करके ड्रम में छिपाने की एक और घटना, दम्‍पत्ति गिरफ्तार

    लुधियाना। पंजाब के लुधियाना में पुलिस ने 35 वर्षीय व्यक्ति की निर्मम हत्या के आरोप में पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव जालंधर बाईपास के पास एक सुनसान जगह से बरामद किया गया था। अधिकारियों ने बताया कि मृतक की पहचान दविंदर के रूप में हुई है, जो मुंबई में प्रिंटिंग और ग्राफिक डिजाइन की दुकान में काम करता था। वह मुंबई से कुछ ही दिन पहले लौटा था और अपने घर पर करीब 15 मिनट ठहरने के बाद बाहर चला गया, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटा।
    अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (DSP) समीर वर्मा के अनुसार, मुख्य आरोपी शमशेर, दविंदर का मित्र था और उन्होंने बुधवार को साथ में नशीले पदार्थों का सेवन किया था। उन्होंने बताया कि दोनों के बीच किसी बात को लेकर कथित तौर पर बहस हुई। उन्होंने बताया कि बहस के बाद शमशेर ने मौके पर मौजूद धारदार हथियार से दविंदर पर कथित रूप से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। शमशेर बढ़ई का काम करता है।
    अपराध को छिपाने के प्रयास में शमशेर और उसकी पत्नी ने शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिए, अवशेषों को बोरी में भरा और उन्हें अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगा दिया।
    ड्रम के अंदर मिले शव के टुकड़े

    पुलिस ने बताया कि व्यक्ति का शव कई टुकड़ों में कटा हुआ मिला, जिसके कुछ अवशेष गुरुवार को सलेम तबरी क्षेत्र में एक ड्रम के अंदर पाए गए। शव का एक अंग, ड्रम से करीब एक किलोमीटर दूर मिला था और ये सड़ना शुरू हो गया था। अधिकारी ने बताया कि अपराध के बाद इसके उजागर होने के कथित तौर पर डर के कारण उसकी पत्नी भी शव को ठिकाने लगाने में शामिल हो गई। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।