Author: bharati

  • राहुल गांधी पर FIR से एमपी कांग्रेस में उबाल, पटवारी बोले दलित विरोधी है BJP, कमलनाथ ने कहा चोरी और सीनाजोरी

    राहुल गांधी पर FIR से एमपी कांग्रेस में उबाल, पटवारी बोले दलित विरोधी है BJP, कमलनाथ ने कहा चोरी और सीनाजोरी

    भोपाल । उत्तराखंड के हल्द्वानी में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद कथित शुद्धिकरण यज्ञ को लेकर शुरू हुआ विवाद अब मध्य प्रदेश की सियासत में भी जोर पकड़ चुका है। राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज होने के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के नेताओं ने बीजेपी और आरएसएस पर तीखा हमला बोला है। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे दलितों के सम्मान से जुड़ा मुद्दा बताया है। दोनों नेताओं ने आरोप लगाया कि जिस मामले में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के अपमान का आरोप लगाया जा रहा है उसमें दोषियों पर कार्रवाई करने के बजाय राहुल गांधी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।

    जीतू पटवारी ने बीजेपी की विचारधारा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की रैली के बाद सभा स्थल का शुद्धिकरण कराया गया। पटवारी के मुताबिक जब राहुल गांधी ने इस कथित घटना और छुआछूत के मुद्दे को सार्वजनिक तौर पर उठाया तो उनके खिलाफ ही FIR दर्ज करा दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि बीजेपी के सिस्टम में दलितों के लिए जगह नहीं है और आवाज उठाने वालों को दबाने की कोशिश की जा रही है। पटवारी ने इस पूरे घटनाक्रम को बीजेपी और आरएसएस की दलित विरोधी सोच से जोड़ते हुए सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए।

    पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी इस मामले में बीजेपी पर हमला बोला। उन्होंने कार्रवाई को चोरी और सीनाजोरी करार देते हुए कहा कि पहले दलित नेता के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाला कदम उठाया गया और जब उसका विरोध किया गया तो विरोध करने वाले नेता के खिलाफ ही गंभीर धाराओं में FIR दर्ज कर दी गई। कमलनाथ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने दावा किया कि इस घटनाक्रम को लेकर दलित समाज में नाराजगी पैदा हुई है और आने वाले समय में इसका राजनीतिक असर देखने को मिल सकता है।

    दरअसल विवाद उत्तराखंड के हल्द्वानी स्थित रामलीला मैदान से जुड़ा है। यहां कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा आयोजित हुई थी। आरोप है कि रैली समाप्त होने के कुछ दिन बाद श्री राम सेना नाम के संगठन से जुड़े लोगों ने मैदान में शुद्धिकरण यज्ञ और हवन किया। कांग्रेस ने इस घटना को जातिगत भेदभाव और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए विरोध जताया। कांग्रेस की ओर से यह सवाल उठाया गया कि क्या किसी दलित नेता के कार्यक्रम के बाद सार्वजनिक स्थान को शुद्ध करने की जरूरत पड़ती है।

    मामले ने तब और राजनीतिक रंग ले लिया जब राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि देश में छुआछूत जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ सख्त रुख जरूरी है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड सरकार से कथित शुद्धिकरण के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने इस घटना को छुआछूत से जोड़ते हुए इसे संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया।
    मामले ने तब और राजनीतिक रंग ले लिया जब राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मुद्दे को उठाया। उन्होंने संविधान का हवाला देते हुए कहा कि देश में छुआछूत जैसी कुप्रथाओं के खिलाफ सख्त रुख जरूरी है। राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तराखंड सरकार से कथित शुद्धिकरण के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने इस घटना को छुआछूत से जोड़ते हुए इसे संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ बताया।

    राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के अगले दिन हल्द्वानी में उनके खिलाफ FIR दर्ज होने से विवाद और गहरा गया। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक यह मामला वाल्मीकि समाज से जुड़े अमित कुमार की शिकायत पर दर्ज किया गया। शिकायत में दावा किया गया कि मैदान में केवल साफ सफाई अभियान और धार्मिक अनुष्ठान हुआ था तथा इसका किसी जाति या मल्लिकार्जुन खड़गे से संबंध नहीं था। शिकायतकर्ता ने राहुल गांधी पर धार्मिक आयोजन को छुआछूत से जोड़कर जातिगत तनाव बढ़ाने का आरोप लगाया।

    पुलिस ने राहुल गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 196 और धारा 299 के साथ SC-ST अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। FIR के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस का विरोध सामने आने से यह विवाद अब उत्तराखंड तक सीमित नहीं रहा है। बीजेपी और कांग्रेस के बीच आरोप प्रत्यारोप तेज होने के साथ मामला राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बन गया है।

  • स्कूल ऑडिट की बैठक में घुसे युवाओं ने किया विरोध, CJP से तीखे सवाल और नारेबाजी, माइक छीनने की कोशिश के आरोप पर पहुंची पुलिस

    स्कूल ऑडिट की बैठक में घुसे युवाओं ने किया विरोध, CJP से तीखे सवाल और नारेबाजी, माइक छीनने की कोशिश के आरोप पर पहुंची पुलिस


    भोपाल । भोपाल में सरकारी स्कूलों के ऑडिट को लेकर रविवार शाम गांधी भवन में आयोजित CJP की बैठक उस समय हंगामे में बदल गई जब कुछ छात्र और युवा बैठक के दौरान पहुंच गए। अभियान से जुड़े लोगों की बात सुनने के बाद युवाओं ने स्कूल ऑडिट और CJP की गतिविधियों को लेकर सवाल उठाने शुरू किए। बातचीत के दौरान मामला इतना बढ़ गया कि नारेबाजी होने लगी और बैठक का माहौल तनावपूर्ण हो गया। छात्रों ने यह दिल्ली नहीं भोपाल है कॉकरोच पार्टी मुर्दाबाद और तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। हंगामे की सूचना मिलने के बाद पुलिस बल गांधी भवन पहुंचा और युवाओं को समझाइश देकर वहां से रवाना किया।

    प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बैठक के दौरान छात्रों का एक समूह अंदर पहुंचा था। इनमें कुछ युवक काली टीशर्ट पहने हुए थे। उन्होंने CJP के प्रतिनिधियों से सरकारी स्कूलों के ऑडिट को लेकर सवाल किए। युवाओं ने दिल्ली में हुए पिछले प्रदर्शनों और संगठन की गतिविधियों को लेकर भी जवाब मांगा। छात्र अंश पुरोहित ने कहा कि उनका किसी समुदाय या राजनीतिक दल के खिलाफ विरोध नहीं है। उन्होंने पुलिस और सेना के सम्मान की बात कहते हुए किसी भी तरह की हिंसा का समर्थन नहीं करने की बात कही।

    छात्रों का कहना था कि वे बैठक में विरोध करने के इरादे से नहीं पहुंचे थे बल्कि चर्चा सुनना और अपने सवालों के जवाब लेना चाहते थे। उनका सवाल था कि दिल्ली में हुए विवादों के बाद भोपाल में अभियान चलाते समय ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। छात्रों ने कुछ गतिविधियों को एंटीनेशनल बताते हुए CJP से अभियान के उद्देश्य और उसकी कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल किए।

    विवाद उस समय और बढ़ गया जब छात्रों ने आरोप लगाया कि उनके हाथ से माइक लेने की कोशिश की गई। अंश पुरोहित के मुताबिक माइक लेने की कोशिश कई बार हुई। इसके बाद वहां मौजूद कुछ छात्र भावुक हो गए और नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामे के बीच CJP की एक महिला प्रतिनिधि ने छात्रों को समझाने का प्रयास किया और पहले पूरी बात सुनने की बात कही। इस पर छात्रों ने सवाल किया कि अगर उनकी पूरी बात नहीं सुनी जाएगी तो वे अपने सवाल कैसे पूछ पाएंगे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी रही। हालांकि माइक छीनने के आरोपों पर CJP की ओर से कोई अलग आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई।

    CJP की अभियान कोऑर्डिनेटर माया विश्वकर्मा ने बैठक को लेकर बताया कि स्कूल ठीक करो अभियान के तहत मध्यप्रदेश के सरकारी स्कूलों की जमीनी स्थिति का नागरिक स्तर पर ऑडिट किया जाना है। उनके मुताबिक ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों में कई बार अधिकारी नियमित रूप से नहीं पहुंच पाते। ऐसे में नागरिकों की भागीदारी के जरिए स्कूलों की वास्तविक स्थिति का डेटा तैयार करने की योजना है।

    इस ऑडिट में स्कूलों में पानी शौचालय बिजली कक्षाओं की स्थिति शिक्षक और विद्यार्थियों का अनुपात विद्यार्थियों की उपस्थिति पाठ्यपुस्तक यूनिफॉर्म छात्रवृत्ति और मिडडे मील जैसी सुविधाओं को देखा जाएगा। इसके अलावा स्कूल भवन की सुरक्षा फर्स्टएड अग्निशामक यंत्र दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए सुविधाएं पुस्तकालय और कंप्यूटर की उपलब्धता की भी जानकारी जुटाई जाएगी।

    माया विश्वकर्मा के अनुसार अभियान की शुरुआत 15 अगस्त से की गई थी। भोपाल की बैठक के बाद नरसिंहपुर जिले के साईंखेड़ा ब्लॉक में एक स्कूल का ऑडिट किया जाना है। इसके बाद भोपाल सहित प्रदेश के अन्य इलाकों में भी सर्वे किया जाएगा। अभियान की शुरुआत फिलहाल स्कूलों की बुनियादी सुविधाओं से की जा रही है और आगे बच्चों के पाठ्यक्रम शिक्षकों तथा अन्य शैक्षणिक समस्याओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा। बैठक में हुआ हंगामा भले ही खत्म हो गया हो लेकिन इस घटनाक्रम ने CJP के अभियान और उसके उद्देश्य को लेकर अलग अलग पक्षों के सवालों को जरूर सामने ला दिया है।

  • भोपाल में यतीमखाने की 2.7 एकड़ जमीन पर नया बवाल, FIR के बाद अस्पताल पर ताला और पानी रोकने का आरोप, 98 बच्चों पर संकट

    भोपाल में यतीमखाने की 2.7 एकड़ जमीन पर नया बवाल, FIR के बाद अस्पताल पर ताला और पानी रोकने का आरोप, 98 बच्चों पर संकट


    भोपाल । भोपाल के शाहजहांनाबाद स्थित दारुल शफकत यतीमखाने की करीब 2.7 एकड़ जमीन को लेकर चल रहा विवाद अब नया मोड़ ले चुका है। मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड की ओर से संपत्ति को वक्फ की जमीन बताते हुए दारुल शफकत सोसायटी के पूर्व अध्यक्ष शाहिद अलीम खान समेत अन्य के खिलाफ FIR दर्ज कराए जाने के बाद अब जीवन रेखा अस्पताल पर यतीमखाने के एक हिस्से में ताला लगाने और पानी की व्यवस्था प्रभावित करने के आरोप लगे हैं। सोसायटी का दावा है कि ताला लगाए जाने के बाद पानी की मोटर और स्टोरेज टैंक तक पहुंच बंद हो गई है। इससे यतीमखाने में रह रहे करीब 98 बच्चों के सामने पानी का संकट खड़ा हो गया है और फिलहाल टैंकर के जरिए पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही है।

    वक्फ बोर्ड के अनुसार विवादित संपत्ति वक्फ इदारा यतीम खाना शाहजहानी के नाम पर दर्ज है और करीब 2.7 एकड़ क्षेत्र में फैली है। बोर्ड का कहना है कि यह संपत्ति वर्ष 1961 में गजट नोटिफाइड वक्फ संपत्ति बनी थी और अब UMEED पोर्टल पर भी दर्ज है। वक्फ बोर्ड अध्यक्ष सनवर पटेल का आरोप है कि दारुल शफकत सोसायटी ने संपत्ति के एक हिस्से पर निर्माण कराकर उसे जीवन रेखा अस्पताल को किराए पर दिया। बोर्ड के मुताबिक भवन निर्माण की अनुमति लेते समय सोसायटी के पदाधिकारियों ने खुद को जमीन का मालिक बताया जबकि बोर्ड के रिकॉर्ड में जमीन वक्फ संपत्ति के रूप में दर्ज है।

    मामले में आर्थिक लेनदेन को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। वक्फ बोर्ड का कहना है कि जुलाई 2011 से मई 2025 के बीच अस्पताल से करीब 1 करोड़ 96 लाख रुपए किराए और 30 लाख रुपए सिक्योरिटी डिपॉजिट के तौर पर प्राप्त हुए। यानी कुल करीब 2.26 करोड़ रुपए की राशि सामने आती है। बोर्ड का आरोप है कि इस आय का पूरा हिसाब उसे नहीं दिया गया। बोर्ड ने मामले में करीब 28 करोड़ 91 लाख रुपए की आरआरसी जारी किए जाने की बात भी कही है। हालांकि दारुल शफकत सोसायटी इन आरोपों को खारिज करती है और उसका कहना है कि किराए की रकम संस्था के बैंक खाते में जमा होती रही है तथा उसका रिकॉर्ड उपलब्ध है।

    इसी विवाद के बीच सोसायटी ने जीवन रेखा अस्पताल प्रबंधन पर रात के समय यतीमखाने के एक हिस्से में ताला लगाने का आरोप लगाया है। सोसायटी के कार्यकारिणी सदस्य परवेज खान के अनुसार इसी हिस्से में सिलाई सेंटर और बैठक के लिए स्थान था। आरोप है कि वहां रखा सामान बाहर निकाल दिया गया और अस्पताल का सामान अंदर रखकर दोबारा ताला लगा दिया गया। सोसायटी का कहना है कि इस पूरी घटना के CCTV फुटेज भी उसके पास मौजूद हैं।

    सबसे बड़ी चिंता पानी की व्यवस्था को लेकर सामने आई है। सोसायटी के मुताबिक जिस हिस्से में ताला लगाया गया है वहीं पानी का टैंक मोटर और पानी भरने के स्विच मौजूद हैं। मुख्य यतीमखाने से जुड़े रास्ते पर भी ताला लगाए जाने का आरोप है। सोसायटी का कहना है कि अब बच्चों की पानी की जरूरत पूरी करने के लिए टैंकर बुलाना पड़ रहा है। संस्था के अनुसार अलग-अलग केंद्रों में करीब 98 बच्चे रहते हैं जिनमें 65 लड़के और 33 लड़कियां शामिल हैं। बच्चों के रहने भोजन और शिक्षा की व्यवस्था संस्था द्वारा किए जाने का दावा है।

    विवादित परिसर में गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के लिए सिलाई कढ़ाई प्रशिक्षण केंद्र भी संचालित होने की बात कही गई है। सोसायटी का आरोप है कि ताला लगने से महिलाओं का सामान बाहर हो गया और प्रशिक्षण तथा काम प्रभावित हुआ है। दूसरी ओर सोसायटी का कहना है कि अस्पताल को वर्ष 2011 में रजिस्टर्ड किरायानामे के जरिए परिसर का हिस्सा दिया गया था और वर्ष 2016 में समझौते को आगे बढ़ाया गया जिसकी अवधि 2026 तक बताई गई है।

    मालिकाना हक को लेकर मामला हाईकोर्ट में भी लंबित बताया जा रहा है। सोसायटी का दावा है कि 2024 से मामले की सुनवाई चल रही है और यथास्थिति बनाए रखने का आदेश है। वहीं वक्फ बोर्ड संपत्ति को अपनी बताते हुए सोसायटी पर गलत तरीके से स्वामित्व जताने का आरोप लगा रहा है। ऐसे में अब विवाद जमीन के मालिकाना हक से आगे बढ़कर अस्पताल के कब्जे पानी की व्यवस्था और बच्चों की सुविधाओं तक पहुंच गया है। दोनों पक्ष अपने अपने दस्तावेज और दावों के आधार पर कानूनी लड़ाई लड़ रहे हैं। फिलहाल सबसे अहम सवाल यही है कि विवाद का समाधान कब होगा और तब तक यतीमखाने में रह रहे बच्चों की मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था कैसे सुनिश्चित की जाएगी।

  • भोपाल में रहवासी इलाकों पर निगम का बड़ा एक्शन: रचना नगर का जूंबा डांस हाउस सील, 2 घंटे में 6 प्रतिष्ठान बंद

    भोपाल में रहवासी इलाकों पर निगम का बड़ा एक्शन: रचना नगर का जूंबा डांस हाउस सील, 2 घंटे में 6 प्रतिष्ठान बंद


    भोपाल  भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ नगर निगम ने अब सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सोमवार सुबह करीब 9 बजे से शुरू हुई इस कार्रवाई के दौरान रचना नगर में जूंबा डांस हाउस को सील कर दिया गया। इसके अलावा सर्वधर्म बी सेक्टर अरेरा कॉलोनी गौतम नगर और खानूगांव समेत कई इलाकों में व्यावसायिक गतिविधियां बंद कराई गईं। करीब दो घंटे के भीतर छह प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई। निगम की टीमों के पहुंचने से पहले ही कुछ संचालकों ने अपने प्रतिष्ठान खुद बंद कर दिए थे। कार्रवाई के दौरान फिलहाल किसी बड़े हंगामे की सूचना नहीं है।

    रचना नगर में जूंबा डांस हाउस पर सीलिंग की कार्रवाई की गई और भवन पर निगम के आदेश से जुड़ी तख्ती लगाई गई। इसी तरह सर्वधर्म बी सेक्टर स्थित क्लियर होटल को भी बंद कराया गया। गौतम नगर में आवासीय भवन में संचालित एक होटल के संचालक ने खुद ही कमर्शियल गतिविधि बंद कर दी। खानूगांव में भी एक भवन के भीतर चल रही व्यावसायिक गतिविधि को बंद कराया गया। वहीं ई 3 अरेरा कॉलोनी में निगम की टीम ने सीलिंग की कार्रवाई शुरू की। यहां दुकानदारों ने अधिकारियों से कुछ समय की मोहलत मांगी लेकिन निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पहले ही कई दिनों की मोहलत दी जा चुकी है।

    नगर निगम की इस कार्रवाई के पीछे आवासीय भवनों में व्यावसायिक इस्तेमाल को लेकर चल रहा मामला अहम है। निगम ने 26 अगस्त तक कुल 8264 नोटिस जारी किए थे। इन नोटिसों के बाद संबंधित मामलों का परीक्षण किया गया। इसके बाद कार्रवाई का सिलसिला शुरू हुआ। इससे पहले वार्ड 58 के गौतम नगर स्थित एक रेसिडेंशियल बिल्डिंग में संचालित होटल को भी सील किया जा चुका है। रविवार को कई जगहों पर 24 घंटे के नोटिस दिए गए थे और सोमवार से सीलिंग तथा व्यावसायिक गतिविधियां बंद कराने की कार्रवाई शुरू कर दी गई।

    कार्रवाई को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के इंतजाम भी किए हैं। मिसरोद हबीबगंज रातीबड़ कोहेफिजा गोविंदपुरा ऐशबाग और कोलार थाना क्षेत्रों से पुलिस बल की तैनाती की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अलग अलग इलाकों में नोटिस जारी करने के बाद उनके मामलों का परीक्षण किया जा रहा है और नियमों के अनुरूप आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि में सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई भी महत्वपूर्ण है। आवासीय भवनों के व्यावसायिक उपयोग और अवैध निर्माण से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने अगस्त के पहले सप्ताह में सुनवाई की थी। कोर्ट ने मध्य प्रदेश सरकार की ओर से गठित 10 सदस्यीय जांच समिति की कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। साथ ही मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से दुकान संचालकों को मिले राहत आदेशों को भी निरस्त कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने यह स्पष्ट किया था कि उसके निर्देश पर चल रही जांच में किसी तरह का हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होनी है और इसी दौरान नगर निगम को अपनी कार्रवाई की रिपोर्ट भी पेश करनी है।

    दूसरी ओर रहवासी इलाकों में रहने वाले लोगों की ओर से भी व्यावसायिक गतिविधियां बंद कराने की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। रहवासियों का कहना है कि आवासीय क्षेत्रों में कारोबार होने से शोर भीड़ और ट्रैफिक जैसी समस्याएं बढ़ती हैं। इससे सार्वजनिक शांति और सुरक्षा प्रभावित होने की आशंका रहती है। असामाजिक गतिविधियों को लेकर भी चिंता जताई गई है। इसके अलावा स्कूल जाने वाले बच्चों की सुरक्षा पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। ऐसे में निगम की मौजूदा कार्रवाई को आने वाले दिनों में और तेज किए जाने की संभावना है।

  • ‘दृश्यम 3’ में सितारों की तगड़ी कमाई, अजय देवगन ने वसूले 22 करोड़ तक, तब्बू-श्रिया सरन की फीस भी जानिए

    ‘दृश्यम 3’ में सितारों की तगड़ी कमाई, अजय देवगन ने वसूले 22 करोड़ तक, तब्बू-श्रिया सरन की फीस भी जानिए


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की चर्चित सस्पेंस थ्रिलर फ्रेंचाइजी दृश्यम अब अपनी तीसरी और आखिरी किस्त के साथ दर्शकों के बीच लौटने के लिए तैयार है। फिल्म दृश्यम द कन्क्लूजन को लेकर पहले से ही जबरदस्त चर्चा है और इसकी स्टारकास्ट भी लोगों की दिलचस्पी बढ़ा रही है। अजय देवगन एक बार फिर विजय सलगांवकर के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन अभिषेक पाठक कर रहे हैं और रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बार कहानी को पहले से भी ज्यादा रोमांचक और बड़े स्तर पर पेश करने की तैयारी है।

    फिल्म की कहानी और स्टारकास्ट के साथ अब सितारों की फीस भी सुर्खियों में है। मीडिया रिपोर्ट्स और सामने आई जानकारी के अनुसार अजय देवगन को दृश्यम 3 के लिए करीब 18 से 22 करोड़ रुपये फीस मिलने की बात कही जा रही है। विजय सलगांवकर का किरदार इस फ्रेंचाइजी की सबसे अहम कड़ी रहा है और अजय देवगन ने दोनों पिछली फिल्मों में इस भूमिका को बेहद प्रभावशाली अंदाज में निभाया था। यही वजह है कि तीसरी फिल्म में भी उनकी फीस सबसे ज्यादा बताई जा रही है।

    अजय देवगन के बाद फिल्म की प्रमुख स्टारकास्ट में तब्बू का नाम आता है। फिल्म में वह एक बार फिर पुलिस अधिकारी मीरा देशमुख की भूमिका में दिखाई देंगी। मीरा और विजय सलगांवकर के बीच चलने वाला तनाव दृश्यम की कहानी का अहम हिस्सा रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक तब्बू को इस फिल्म के लिए करीब 2.5 से 3.5 करोड़ रुपये की फीस मिलने की बात सामने आई है। उनकी दमदार अदाकारी को देखते हुए फिल्म में उनके किरदार को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बनी हुई है।

    वहीं श्रिया सरन भी नंदिनी सलगांवकर के रूप में अपनी भूमिका दोहराती नजर आएंगी। पिछली दोनों फिल्मों में उन्होंने विजय की पत्नी का किरदार निभाया था और परिवार को मुश्किल परिस्थितियों से बचाने की कहानी में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही थी। रिपोर्ट्स के अनुसार श्रिया सरन को दृश्यम 3 के लिए लगभग 1 से 1.5 करोड़ रुपये फीस मिलने की चर्चा है।

    फिल्म में इशिता दत्ता भी अंजू सलगांवकर की भूमिका में दिखाई देंगी। वह पहली फिल्म से ही कहानी के अहम हिस्से में रही हैं। खबरों के मुताबिक उन्हें इस फिल्म के लिए करीब 50 से 80 लाख रुपये के बीच फीस मिलने की बात कही गई है। वहीं मीरा देशमुख के पति महेश देशमुख की भूमिका निभाने वाले रजत कपूर को कथित तौर पर करीब 40 से 70 लाख रुपये फीस मिलने की जानकारी सामने आई है।

    दृश्यम 3 में इस बार कुछ नए और चर्चित चेहरे भी नजर आने वाले हैं। प्रकाश राज फिल्म में इंद्रजीत शेट्टी नाम का किरदार निभाएंगे जबकि जयदीप अहलावत राजवीर सिंह तोमर की भूमिका में दिखाई देंगे। हालांकि दोनों कलाकारों की फीस को लेकर फिलहाल कोई सटीक जानकारी सामने नहीं आई है।

    फिल्म की स्टारकास्ट और फीस को लेकर सामने आई ये रकम मीडिया रिपोर्ट्स पर आधारित है और इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में वास्तविक फीस इससे अलग हो सकती है। फिलहाल सबसे ज्यादा नजर इस बात पर है कि विजय सलगांवकर की कहानी तीसरी और आखिरी फिल्म में किस मोड़ पर पहुंचेगी और क्या इस बार मीरा देशमुख के सामने विजय की मुश्किलें और बढ़ेंगी।

  • ओली रॉबिन्सन का कहर और पाकिस्तान की बेबसी लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड की बड़ी जीत से सीरीज पर कब्जा

    ओली रॉबिन्सन का कहर और पाकिस्तान की बेबसी लॉर्ड्स टेस्ट में इंग्लैंड की बड़ी जीत से सीरीज पर कब्जा


    नई दिल्ली। लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर इंग्लैंड ने पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 194 रन की बड़ी जीत दर्ज की और तीन मैचों की टेस्ट सीरीज पर कब्जा जमा लिया। इंग्लैंड की इस जीत के साथ पाकिस्तान के लिए सीरीज का संघर्ष और भी मुश्किल हो गया है। चौथे दिन ही मुकाबला अपने नाम करने वाली इंग्लैंड की टीम ने पाकिस्तान के सामने जीत के लिए 389 रन का विशाल लक्ष्य रखा था लेकिन पाकिस्तानी बल्लेबाज एक बार फिर इंग्लैंड के गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सके और पूरी टीम 194 रन पर सिमट गई।

    पाकिस्तान की इस पारी में सऊद शकील ने जरूर संघर्ष का जज्बा दिखाया लेकिन वह भी शतक पूरा नहीं कर सके। पाकिस्तान ने महज 14 रन के स्कोर पर अपने तीन विकेट गंवा दिए थे जिसके बाद सऊद शकील ने शान मसूद के साथ मिलकर पारी को संभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने करीब चार घंटे तक इंग्लैंड के गेंदबाजों का सामना किया और 97 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। शकील ने 97 रन की पारी खेली जो इस सीरीज में अब तक किसी भी बल्लेबाज का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर रहा। हालांकि वह दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से बाउंड्री पर कैच आउट हो गए और उनका शतक केवल तीन रन से रह गया।

    इंग्लैंड की जीत के सबसे बड़े नायक तेज गेंदबाज ओली रॉबिन्सन रहे। उन्होंने पूरे मुकाबले में शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल आठ विकेट अपने नाम किए। दूसरी पारी में रॉबिन्सन ने केवल 24 रन देकर चार पाकिस्तानी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा। उन्होंने पहले शान मसूद की साझेदारी को तोड़ा और इसके बाद मोहम्मद रिजवान को आउट किया। रिजवान का विकेट रॉबिन्सन के टेस्ट करियर का 99वां विकेट भी रहा।

    पाकिस्तान की बल्लेबाजी के प्रदर्शन पर नजर डालें तो पूरी सीरीज में टीम संघर्ष करती दिखाई दी है। इंग्लैंड के खिलाफ पाकिस्तान अब तक किसी भी पारी में 200 रन का आंकड़ा पार नहीं कर पाया है। लॉर्ड्स टेस्ट में भी यही कहानी दोहराई गई और बड़ा लक्ष्य मिलने के बाद टीम दबाव में बिखर गई। बल्लेबाजी की इस कमजोरी ने इंग्लैंड के लिए मुकाबले को अपेक्षाकृत आसान बना दिया।

    पाकिस्तान के लिए मुश्किलें उस समय और बढ़ गईं जब सलामी बल्लेबाज इमाम उल हक चोट के कारण मैच में बल्लेबाजी के लिए उतर ही नहीं सके। मुकाबले के पहले दिन उनकी बाईं पिंडली में खिंचाव आ गया था। उनकी अनुपस्थिति के कारण पाकिस्तान को मैच में 20 की जगह केवल 18 विकेट ही लेने थे जिससे इंग्लैंड के लिए जीत की राह और आसान हो गई।

    अब दोनों टीमों की नजरें सीरीज के तीसरे और आखिरी टेस्ट पर होंगी। यह मुकाबला 9 सितंबर से बर्मिंघम में खेला जाएगा। इंग्लैंड सीरीज पर कब्जा करने के बाद अब क्लीन स्वीप के इरादे से मैदान में उतरेगा जबकि पाकिस्तान के सामने अपनी साख बचाने की चुनौती होगी। लॉर्ड्स की हार के बाद पाकिस्तान को आखिरी टेस्ट में बल्लेबाजी और गेंदबाजी दोनों विभागों में बेहतर प्रदर्शन करना होगा।

  • जब सूर्या का क्रिकेट से उठ गया था भरोसा! पत्नी ने याद दिलाई 5 साल की मेहनत, ऐसे लौटा मैदान में जोश

    जब सूर्या का क्रिकेट से उठ गया था भरोसा! पत्नी ने याद दिलाई 5 साल की मेहनत, ऐसे लौटा मैदान में जोश


    नई दिल्ली। सूर्यकुमार यादव की क्रिकेट कहानी में उतार चढ़ाव हमेशा देखने को मिले हैं लेकिन हाल ही में सामने आया उनका एक खुलासा फैन्स को हैरान करने वाला है। भारत को 2026 का टी20 वर्ल्ड कप जिताने वाले सूर्यकुमार यादव एक समय क्रिकेट से संन्यास लेने के बारे में सोचने लगे थे। टीम से बाहर होने और कप्तानी गंवाने के बाद वह इस कदर निराश हो गए थे कि उन्हें अपने क्रिकेट करियर का आगे का रास्ता भी साफ नजर नहीं आ रहा था। हालांकि इस मुश्किल दौर में उनकी पत्नी देविशा शेट्टी ने उनका साथ दिया और उन्हें उनके पुराने जुनून की याद दिलाकर दोबारा मैदान पर लौटने के लिए प्रेरित किया।

    आकाश चोपड़ा को दिए इंटरव्यू में सूर्यकुमार यादव ने बताया कि टीम से बाहर होने के बाद करीब 40 से 50 दिनों तक वह घर पर बिल्कुल खाली बैठे रहे। इस दौरान उनके मन में लगातार यह सवाल चल रहा था कि अब आगे क्या करना है और क्या उन्हें क्रिकेट खेलना भी जारी रखना चाहिए। उनके मुताबिक भविष्य को लेकर तस्वीर पूरी तरह धुंधली हो गई थी। एक ऐसे खिलाड़ी के लिए यह दौर बेहद मुश्किल था जिसने पिछले कुछ वर्षों में भारतीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई थी।

    सूर्यकुमार के लिए स्थिति उस समय और कठिन हो गई जब उन्हें कप्तानी से हटाकर टी20 टीम से भी बाहर कर दिया गया। चयनकर्ताओं ने उनकी जगह श्रेयस अय्यर को टी20 टीम की कप्तानी सौंपी। लगातार बड़े मुकाम हासिल करने के बाद अचानक टीम से बाहर होना सूर्या के लिए बड़ा झटका था। इसी दौरान उनके मन में संन्यास लेने का विचार आया।

    लेकिन इस कठिन समय में पत्नी देविशा उनकी सबसे बड़ी ताकत बनीं। देविशा ने उन्हें पीछे मुड़कर अपने उस दौर को याद करने के लिए कहा जब वह 13 से 15 साल की उम्र में क्रिकेट खेलना शुरू कर रहे थे। उन्होंने सूर्या से सवाल किया कि आखिर उन्होंने तब बल्ला क्यों उठाया था। देविशा ने उन्हें उनके अंदर मौजूद क्रिकेट के जुनून और खेल के प्रति पागलपन की याद दिलाई।

    उन्होंने सूर्यकुमार को पिछले पांच साल की उनकी उपलब्धियां भी याद दिलाईं। पांच वर्ल्ड कप खेलना, दो बार आईसीसी टी20 प्लेयर ऑफ द ईयर का पुरस्कार जीतना, दुनिया की नंबर एक टी20 रैंकिंग हासिल करना, 2024 टी20 वर्ल्ड कप फाइनल में शानदार कैच लेना और 2026 में कप्तान के तौर पर वर्ल्ड कप ट्रॉफी उठाना उनकी बड़ी उपलब्धियों में शामिल रहा। देविशा ने उन्हें समझाया कि जिस मुकाम तक पहुंचने में कई खिलाड़ियों को 20 से 25 साल लग जाते हैं उसे सूर्या ने महज पांच साल में हासिल किया है।

    पत्नी की बातों का सूर्यकुमार पर गहरा असर हुआ और उन्होंने धीरे धीरे क्रिकेट में वापसी की तैयारी शुरू कर दी। उन्होंने दोबारा जिम जाना शुरू किया दोस्तों के साथ समय बिताया और टेनिस तथा रबर बॉल क्रिकेट खेलकर अपने पुराने जुनून को फिर से महसूस किया। सूर्या के मुताबिक पिछले दो तीन हफ्तों में उनके अंदर वह पुराना जोश दोबारा लौट आया है।

    अब सूर्यकुमार के लिए क्रिकेट सिर्फ उनका करियर नहीं बल्कि उनकी बेटी के लिए भी एक प्रेरणा बन गया है। उनका कहना है कि जब वह अपनी बेटी को देखते हैं तो उन्हें महसूस होता है कि अब उन्हें उसके लिए खेलना है। 35 साल के सूर्यकुमार का मानना है कि उनके अंदर क्रिकेट के लिए प्यार फोकस और अनुशासन वापस आ चुका है। वह अपने बचे हुए तीन से चार साल यानी करीब 38 से 39 साल की उम्र तक उसी जुनून और पागलपन के साथ क्रिकेट खेलना चाहते हैं।

  • नेपाल में फिर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा…. भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अलर्ट जारी

    नेपाल में फिर मंडरा रहा बाढ़ का खतरा…. भोटेकोशी नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद अलर्ट जारी


    काठमांडू।
    नेपाल (Nepal) में 26 अगस्त को आई त्रासदी के बाद रविवार को भोटेकोशी नदी (Bhote Koshi River) का जलस्तर फिर बढ़ गया। इससे बाढ़ की नई चेतावनी जारी की गई है। अधिकारियों ने बाढ़ प्रभावित जिलों में रहने वाले लोगों और बचावकर्मियों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बाढ़ में मरने वाले लोगों की संख्या बढ़कर 780 हो गई है, जबकि 2,202 लोग अभी लापता हैं।

    राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण ने रविवार को कहा कि भोटेकोशी नदी (Bhote Koshi River) का जलस्तर फिर बढ़ने से लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। उधर, बाढ़ प्रभावित इलाकों से लगातार शव बरामद किए जा रहे हैं। 20 हजार से ज्यादा बचावकर्मियों ने आपदा के पांचवें दिन रविवार को भी लापता लोगों की तलाश और फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए युद्धस्तर पर अभियान चलाया।

    नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल (Foreign Minister Shishir Khanal) ने बताया कि अब तक 9500 लोगों को बचाया जा चुका है। शिक्षा मंत्रालय के अनुसार, बाढ़ प्रभावित तीन जिलों के विभिन्न स्कूलों के 238 छात्र और 18 शिक्षक अभी लापता हैं।


    चीन की ओर बनी झील से खतरा

    माना जा रहा है कि नेपाल-तिब्बत सीमा पर पराडिगखड पशुतांगखेड़ा में भूस्खलन के कारण यह बाढ़ आई थी। भोटेकोशी में पानी बढ़ने से घर, सड़कें और पुल बह गए। नेपाल में नए सिरे से बाढ़ की आशंका तब बढ़ी जब ढहने के बाद चीन की ओर झील बन गई। हालांकि, चीनी मीडिया के अनुसार, शनिवार को झील का आकार घटने लगा, जिससे खतरा घटा है।

    भारतीय टीम मदद में जुटी: बाढ़ के कारण एक दर्जन जलविद्युत प्रोजेक्ट में फंसे होने की आशंका है। इन्हें बचाने में भारत की 11 सदस्यीय टीम मदद कर रही है। त्रिशूली जलविद्युत परियोजना में सुरक्षाबल भारतीय सुरंग विशेषज्ञों की मदद से लोगों को निकालने में जुटे हैं। बारिश के बावजूद अभियान जारी है।


    गंडक-कोसी भी उफनाई
    पटना। नेपाल में तीन दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण गंडक और कोसी नदी में एक बार फिर उफान आ गया है। पिछले 24 घंटे में दोनों नदियों के जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। ऐसी आशंका है कि सोमवार दोपहर तक पश्चिमी एवं पूर्वी चंपारण, सारण और गोपालगंज से यह पानी गुजरेगा।


    149 भारतीयों को बचाया

    नेपाल में बाढ़ के बाद 149 भारतीयों को बचाया गया है। विदेश मंत्रालय ने रविवार को इन लोगों की सूची जारी की। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने बताया कि नेपाल में तैनात भारतीय फोरेंसिक टीम से भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ने मुलाकात की। टीम मृतकों के डीएनए नमूनों की जांच करेगी।

  • Women's Asia Cup: टीम इंडिया की विजयी शुरुआत…..थाईलैंड को 94 रनों से हराया

    Women's Asia Cup: टीम इंडिया की विजयी शुरुआत…..थाईलैंड को 94 रनों से हराया


    दुबई।
    भारतीय महिला टीम (Indian Women’s Team) ने एशिया कप (Women’s Asia Cup 2026) के अपने पहले मैच में थाईलैंड (Thailand) को हराकर विजयी शुरुआत की है। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए भारत ने 20 ओवर में नौ विकेट पर 159 रन बनाए। जवाब में थाईलैंड की टीम 16.1 ओवर में 65 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने ये मुकाबला 94 रनों से अपने नाम किया। भारत के लिए इस मैच में शेफाली वर्मा ने जहां बल्लेबाजी में कमाल किया तो वहीं, नंदिनी शर्मा और दीप्ति शर्मा ने गेंद से दम दिखाया। दीप्ति ने बिना एक भी रन खर्च किए तीन विकेट झटके।


    भारतीय गेंदबाजों के आगे बिखरी थाईलैंड की बल्लेबाजी

    लक्ष्य का पीछा करते हुए थाईलैंड की बल्लेबाजी अच्छी नहीं रही और उसे शुरुआत से ही झटके पर झटके लगे। थाईलैंड की ओर से सिर्फ नानापट कोंचारोएनकाई ही दहाई अंक तक नहीं पहुंच सकीं। कोंचारोएनकाई के अलावा थाईलैंड का अन्य कोई बल्लेबाज छह रन से भी अधिक नहीं बना सका। कोंचारोएनकाई ने टीम की ओर से सबसे ज्यादा 41 रन बनाए। भारत की गेंदबाजी बेहद शानदार रही। दीप्ति और नंदिनी ने तीन-तीन विकेट लिए, जबकि श्री चरणी को दो और क्रांति गौड़ को एक विकेट मिला।


    मंधाना ने सूजी बेट्स को पीछे छोड़ा

    इससे पहले, थाईलैंड ने टॉस जीतकर भारत को पहले बल्लेबाजी का न्योता दिया। भारत के लिए स्मृति मंधाना और शेफाली ने पारी की शुरुआत की। भारत को मंधाना के रूप में पहला झटका लगा जो रन आउट होकर पवेलियन लौट गईं। मंधाना ने 10 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 19 रन बनाए। मंधाना इस मैच में भले ही सस्ते में आउट हुईं, लेकिन उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बड़ा कीर्तिमान बना लिया। मंधाना महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सर्वाधिक रन बनाने वाली दूसरी बल्लेबाज बन गई हैं। मंधाना ने इस मामले में सूजी बेट्स को पीछे छोड़ दिया है। बेट्स ने महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 10740 रन बनाए हैं। अब मंधाना उनसे आगे निकल गई हैं। मंधाना से आगे अब भारत की पूर्व कप्तान मिताली राज हैं जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय करियर में 10868 रन बनाए हैं।


    शेफाली का अर्धशतक

    थाईलैंड के खिलाफ भारतीय महिला टीम ने अच्छी शुरुआत की। शेफाली वर्मा ने शुरुआत से दी दबाव बनाया। मंधाना के रूप में हालांकि, भारत को पहला झटका लगा। लेकिन शेफाली ने रन गति कम नहीं होने दी और लगातार बड़े शॉट्स लगाती रहीं। भारत ने इस तरह पावरप्ले में एक विकेट के नुकसान पर 65 रन बनाए। महिला टी20 एशिया कप में पावरप्ले का यह सबसे बड़ा स्कोर है। इससे पहले भी ये रिकॉर्ड भारत के ही नाम था। भारतीय टीम ने 2022 में बांग्लादेश के खिलाफ पावरप्ले में बिना किसी नुकसान के 59 रन बनाए थे। शेफाली ने इसके बाद भी दमदार बल्लेबाजी जारी रखी और 26 गेंदों पर अर्धशतक पूरा किया।


    भारत की पारी लड़खड़ाई

    भारत की बल्लेबाज अच्छी चल रही थी, लेकिन 13वें ओवर में उस समय टीम की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई जब सुलीपोर्न लाओमी ने भारत को लगातार दो झटके दिए। लाओमी ने पहले शेफाली को आउट किया और फिर अगली ही गेंद पर ऋचा घोष को खाता खोले बिना पवेलियन भेजा। इससे पहले, थिपात्चा फुथावोंग ने कप्तान हरमनप्रीत को आउट कर भारत को तीसरा झटका दिया था। हरमनप्रीत पांच रन बनाकर आउट हुईं। शेफाली ने दमदार बल्लेबाजी की और 36 गेंदों पर आठ चौकों और तीन छक्कों की मदद से 64 रन बनाकर आउट हुईं। शेफाली के आउट होते ही भारत की पारी लड़खड़ा गई। भारत ने 137 रन पर नौ विकेट गंवा दिए। अंत में श्री चरणी और क्रांति गौड़ ने 22 रनों की साझेदारी की, जिससे टीम इंडिया का स्कोर 160 के करीब पहुंचा। भारत के लिए क्रांति आठ गेंदों पर 15 और श्री चरणी छह रन बनाकर नाबाद रहीं। थाईलैंड की ओर से सुलीपोर्न ने तीन विकेट लिए, जबकि सुनिदा चातुरोंग्राटाना को दो विकेट मिले। वहीं, थिपात्चा और चानिदा को एक-एक विकेट मिला।


    प्रतिका रावल का डेब्यू

    प्रतिका रावल ने थाईलैंड के खिलाफ मैच से टी20 अंतरराष्ट्रीय में डेब्यू किया। टॉस से पहले प्रतिका को कैप पहनाई गई। कप्तान हरमनप्रीत कौर ने प्रतिका को कैप दी। प्रतिका के चयन को लेकर लगातार चर्चाएं हो रही थीं, लेकिन वह आज आखिरकार भारत के लिए टी20 डेब्यू करने में सफल रहीं।

    दोनों टीमों की प्लेइंग-11:
    भारत: शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, प्रतिका रावल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), भारती फुलमाली, ऋचा घोष (विकेटकीपर), दीप्ति शर्मा, प्रेमा रावत, एन श्री चरणी, क्रांति गौड़, नंदिनी शर्मा।
    थाईलैंड: अपिसारा सुवानचोंराठी, नाटाकन चांतम, फानिता माया, नानापट कोंचारोएनकाई (विकेटकीपर), चानिदा सुथिरुआंग, नाओमी हेमिल्टन, सुलीपोर्न लाओमी, नानाफट चाएहान, सुनिदा चातुरोंग्राटाना, थिपात्चा फुथावोंग (कप्तान), ओनिचा काम्चोंफू।

  • UP: कुशीनगर में गंडक नदी में मिले 4 और शव, नेपाल बाढ़ के बाद अब तक 13 शव बरामद

    UP: कुशीनगर में गंडक नदी में मिले 4 और शव, नेपाल बाढ़ के बाद अब तक 13 शव बरामद


    नई दिल्ली।
    नेपाल (Nepal) में आई भीषण बाढ़ (Devastating floods) की तबाही का असर अब सीमा पार उत्तर प्रदेश (Uttar Pradesh) में भी दिखने लगा है. कुशीनगर (Kushinagar) में गंडक नदी (Gandak River) से रविवार को चार और शव बरामद किए गए. पिछले चार दिनों में नदी से अब तक कुल 13 शव निकाले जा चुके हैं, जिनके नेपाल से बहकर आने की आशंका जताई जा रही है।

    रविवार को SDRF की टीम छितौनी बांध के भेड़ियारी ठोकर नंबर-3 के पास नदी की निगरानी कर रही थी. इसी दौरान जवानों को पानी में चार शव दिखाई दिए. टीम नदी में उतरी और सभी को बाहर निकाल लिया. इनमें दो महिलाएं और दो पुरुष हैं. इससे एक दिन पहले भी इसी इलाके में तीन शव मिले थे. बरामद शवों की जानकारी नेपाल के पड़ोसी जिले के अधिकारियों को दे दी गई है. हालांकि, अभी तक किसी की पहचान नहीं हो पाई है।

    खड्डा थाने के पुलिस अधिकारी संदीप कुमार सिंह के मुताबिक, जरूरी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद चारों शवों को मोर्चरी भेज दिया गया. कुशीनगर की मोर्चरी में जगह भर जाने के कारण बाकी शवों को गोरखपुर भेजा गया है. पुलिस शवों की पहचान कराने की कोशिश कर रही है, ताकि पता चल सके कि इनमें नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोग कौन हैं.


    नेपाल में बाढ़ से भारी तबाही

    नेपाल में 26 अगस्त को तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर टूटने के बाद भारी बाढ़ आई थी. बर्फ, चट्टानों और मलबे के तेज बहाव ने कई गांवों को अपनी चपेट में ले लिया. बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा, जबकि कई हाइड्रोपावर स्टेशन भी तबाह हो गए. भोटेकोशी नदी के रास्ते आगे बढ़े बाढ़ के पानी ने उत्तरी और मध्य नेपाल में भारी तबाही मचाई. नेपाल में रविवार तक बाढ़ से मरने वालों की संख्या 788 पहुंच गई थी. वहीं, 2,500 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए गए हैं।

    विदेश मंत्रालय के मुताबिक, नेपाल में 275 से ज्यादा भारतीय नागरिक संपर्क से बाहर हैं. इनके अलावा 128 भारतीय मूल के लोगों से भी संपर्क नहीं हो पाया है. रविवार को मंत्रालय ने 149 लोगों के सुरक्षित बचाए जाने की सूची जारी की. कुशीनगर में मिले शवों की पहचान होने के बाद ही यह साफ हो सकेगा कि इनमें नेपाल के बाढ़ प्रभावित लोग शामिल हैं या नहीं।