Author: bharati

  • दिल्ली हिंसा तुर्कमान गेट में कर्फ्यू जैसे हालात पुलिस ने इलाके को छावनी में तब्दील किया

    दिल्ली हिंसा तुर्कमान गेट में कर्फ्यू जैसे हालात पुलिस ने इलाके को छावनी में तब्दील किया


    नई दिल्ली । दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में 6 जनवरी की रात को हुए हिंसक घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र को प्रभावित कर दिया। एमसीडी द्वारा फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास चलाए गए अवैध अतिक्रमण हटाने केअभियान के दौरान उपद्रवियों ने पुलिस और नगर निगम कर्मचारियों पर पथराव किया जिससे पांच पुलिसकर्मी घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी। फिलहाल तुर्कमान गेट के आस-पास कर्फ्यू जैसे हालात हैं सभी दुकानें बंद हैं और सड़कें सुनसान हैं। पुलिस ने इलाके को छावनी में बदल दिया है और गली-गली में सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है।

    फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाईएमसीडी द्वारा यह कार्रवाई दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर की गई थी जो लंबे समय से पेंडिंग था। फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास 36 400स्क्वायर फीट इलाके में अवैध रूप से दो मंजिला दीवार और उसके ऊपर एकमंजिला संरचना बनाई गई थी। पुलिस और नगर निगम की टीम ने 32 बुलडोजरों 4 एक्सकेवेटरों और कई ट्रकों का इस्तेमाल कर इस अतिक्रमण को हटाने की कोशिश की। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस बल की पूरी टीम मौके पर मौजूद थी और स्थिति को नियंत्रित करने की पूरी कोशिश की गई।

    पत्थरबाजी और हिंसा

    जैसे ही बुलडोजर अभियान शुरू हुआ कुछ शरारती तत्वों ने पुलिस और नगर निगम कर्मचारियों पर पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस हमले में 5 पुलिसकर्मी घायल हो गए। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और भीड़ को खदेड़ने के लिएअतिरिक्त बल तैनात किया गया। पुलिस ने इलाके में सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू कर दी है और मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। ड्रोन कैमरों से इलाके की निगरानी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह कदम कानून-व्यवस्था बनाए रखने और हिंसा को फैलने से रोकने के लिए उठाया गया है।

    एफआईआर और गिरफ्तारी

    दिल्ली पुलिस ने तुर्कमान गेट मस्जिद के पास हुई पत्थरबाजी के मामले में अज्ञात संदिग्धों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। दंगा सरकारी कर्मचारी पर हमला और ड्यूटी में रुकावट डालने जैसी धाराओं में केस दर्ज किया गया है। अब तक 10 लोगों को हिरासत में लिया गया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार जांच जारी है और CCTV फुटेज के माध्यम से उपद्रवियों की पहचान की जाएगी।

    सीसीटीवी और बॉडी कैमरा फुटेज से आरोपियों की पहचान

    दिल्ली पुलिस ने बताया कि उपद्रवियों की पहचान के लिए पुलिस अधिकारियों के बॉडी कैमरा फुटेज और इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों का उपयोग किया जाएगा। जॉइंट पुलिस कमिश्नर सेंट्रल रेंज मधुर वर्मा ने कहा कि इस तरह के शरारती तत्वों को पकड़ने के लिए पुलिस को पूरी जानकारी उपलब्ध हो रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने यह भी कहा कि पत्थरबाजी के दौरान उन्होंने अत्यधिक बल का इस्तेमाल नहीं किया और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया।

    तबाही की स्थिति और छावनी जैसा माहौल

    पथराव के बाद पुलिस ने पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया। तुर्कमान गेट क्षेत्र में सभी दुकानें और बाजार बंद हैं और सड़कें वीरान पड़ी हैं। दिल्ली पुलिस रैपिड एक्शन फोर्स और सीआरपीएफ के जवान गली-गली में पैट्रोलिंग कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन ने कर्फ्यू जैसी स्थिति बनाए रखने के लिए मुख्य मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए हैं और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव कदम उठाया है।तुर्कमान गेट की यह हिंसक घटना दिल्ली में एक और विवादास्पद और संवेदनशील स्थिति का उदाहरण बन गई है। पुलिस और प्रशासन ने प्रभावी सुरक्षा कदम उठाए हैं और स्थिति पर नियंत्रण पा लिया है। हालांकि इस घटना से इलाके में असंतोष और तनाव का माहौल बना हुआ है। पुलिस का कहना है कि इस पूरे मामले की गहरी जांच की जाएगी और जिन लोगों ने हिंसा भड़काई उन्हें बख्शा नहीं जाएगा।
  • टी20 वर्ल्ड कप से पहले श्रीलंका ने लिया बड़ा फैसला, भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कोच को अपने साथ जोड़ा

    टी20 वर्ल्ड कप से पहले श्रीलंका ने लिया बड़ा फैसला, भारत को वर्ल्ड चैंपियन बनाने वाले कोच को अपने साथ जोड़ा

    नई दिल्ली। भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में 7 फरवरी से आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप का आगाज होगा, जिसमें कुल 20 टीमें हिस्सा ले रही हैं। श्रीलंका की टीम अपने ग्रुप स्टेज के मुकाबले घर पर ही खेलेगी, जिसमें उसे ग्रुप-बी में जगह मिली है। श्रीलंका की टीम को अपना पहला मुकाबला 8 फरवरी को आयरलैंड की टीम के खिलाफ खेलेगी। श्रीलंका क्रिकेट ने अभी टूर्नामेंट के लिए अपनी प्रोविजनल स्क्वाड का ऐलान किया है, जिसमें वह टूर्नामेंट का आगाज होने से पहले अपने फाइनल 15 सदस्यों की घोषणा कर देंगे। वहीं इसी बीच श्रीलंका क्रिकेट ने कोचिंग सेटअप को लेकर बड़ा फैसला लिया है, जिसमें उन्होंने टीम इंडिया के पूर्व खिलाड़ी विक्रम राठौड़ को शामिल किया है।

    टी20 वर्ल्ड कप के लिए विक्रम राठौड़ को बनाया बल्लेबाजी कोच
    श्रीलंका क्रिकेट ने विक्रम राठौड़ को आगामी टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए अपनी टीम का बल्लेबाजी कोच नियुक्त करने का फैसला लिया है। विक्रम राठौड़ अभी आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स टीम के कोचिंग सेटअप का हिस्सा हैं जिसमें वह असिस्टेंट कोच की जिम्मेदारी को निभा रहे हैं। वहीं वह फिलहाल सिर्फ टी20 वर्ल्ड कप के लिए श्रीलंकाई टीम के कोचिंग सेटअप का हिस्सा बनेंगे। इससे पहले साल 2024 में जब भारतीय टीम ने रोहित शर्मा की कप्तानी में टी20 वर्ल्ड कप की ट्रॉफी को अपने नाम किया था तो उस समय विक्रम राठौड़ टीम इंडिया के कोचिंग सेटअप का हिस्सा थे जिसमें वह बैटिंग कोच की जिम्मेदारी को निभा रहे थे।

    लसिथ मलिंगा को भी कोचिंग सेटअप का बनाया है हिस्सा
    टी20 वर्ल्ड कप की अहमियत को देखते हुए श्रीलंका क्रिकेट ने विक्रम राठौड़ को बैटिंग कोच बनाने से पहले अपने पूर्व खिलाड़ी लसिथ मलिंगा को भी कोचिंग सेटअप में शामिल करने का फैसला लिया था। मलिंगा को श्रीलंका ने क्रिकेट ने आगामी मेगा इवेंट में तेज गेंदबाजी सलाहाकार की जिम्मेदारी सौंपी है, जिसमें उन्होंने मलिंगा को 40 दिनों तक के लिए इस जिम्मेदारी को सौंपा है। बता दें कि श्रीलंका टीम के हेड कोच की जिम्मेदारी अभी पूर्व ओपनिंग बल्लेबाज सनथ जयसूर्या संभाल रहे हैं, जिसमें इन मलिंगा और राठौड़ के जुड़ने से कोचिंग सेटअप पहले से काफी अधिक मजबूत हो जाएगा।
  • बीजेपी-कांग्रेस का अप्रत्याशित गठबंधन महाराष्ट्र में सत्ता के समीकरणों का हुआ बड़ा उलटफेर

    बीजेपी-कांग्रेस का अप्रत्याशित गठबंधन महाराष्ट्र में सत्ता के समीकरणों का हुआ बड़ा उलटफेर


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के अंबरनाथ नगर परिषद चुनाव में एक अजीबोगरीब और अप्रत्याशित गठबंधन ने सभी को चौंका दिया है। भारतीय जनता पार्टी BJP और कांग्रेस जो आम तौर पर एक-दूसरे के कट्टर प्रतिद्वंदी माने जाते हैं ने यहां एक साथ हाथ मिलाया है। इस गठबंधन का मुख्य उद्देश्य शिवसेना शिंदे गुट को सत्ता से बाहर करना था। इस नए गठबंधन को लेकर राज्य की राजनीति में हलचल मच गई है और इससे कई पुराने समीकरण भी बदलते नजर आ रहे हैं।

    शिवसेना का विरोध और आरोप

    बीजेपी और कांग्रेस के इस गठबंधन के खिलाफ शिवसेना शिंदे गुट ने तीव्र विरोध दर्ज किया है। शिवसेना ने इस गठबंधन को विश्वासघात और अवसरवादी करार दिया है। पार्टी के विधायक बालाजी किनिकर ने कहा कि बीजेपी को कांग्रेस के साथ मिलकर सत्ता के लिए कोई भी समझौता करने में कोई झिझक नहीं है। शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने कहा कि बीजेपी और शिवसेना का गठबंधन केवल राजनीतिक नहीं बल्कि विचारधारा का भी था और इसे हमेशा के लिए मजबूत और अडिग रहना चाहिए। उन्होंने यह भी जोड़ा कि तुर्कमान गेट के पास शिवसेना ने हमेशा विकास की राजनीति की है और आगे भी वही रास्ता अपनाया जाएगा।

    बीजेपी का पलटवार

    वहीं बीजेपी ने शिवसेना शिंदे गुट के आरोपों को पूरी तरह नकार दिया है। बीजेपी उपाध्यक्ष गुलाबराव करंजुले पाटिल ने कहा कि यदि बीजेपी शिंदे गुट के साथ अंबरनाथ नगर परिषद की सत्ता में बैठती तो यह असल में एक अभद्र गठबंधन होता। उन्होंने यह भी कहा कि अंबरनाथ नगर परिषद में महायुति गठबंधन से कई बार बातचीत करने की कोशिश की गई लेकिन शिंदे गुट ने सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी। बीजेपी ने आरोप लगाया कि शिंदे गुट पिछले 25 वर्षों से भ्रष्टाचार में लिप्त है और उस गुट के साथ गठबंधन करना बीजेपी के लिए सही नहीं था।

    महायुति गठबंधन में दरार

    बीजेपी और कांग्रेस के बीच हुए इस गठबंधन ने महायुति के भीतर की दरारों को भी उजागर किया है। महायुति जो महाराष्ट्र की सत्ताधारी गठबंधन है अब एकजुट नहीं दिखाई दे रही है। 29 म्युनिसिपल कॉर्पोरेशनों में से महायुति के सहयोगी 24 कॉर्पोरेशनों में एक साथ चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। हालांकि बीजेपी और शिवसेना शिंदे गुट मुंबई ठाणे और कोल्हापुर में एकजुट होकर चुनाव लड़ने जा रहे हैं।

    अंबरनाथ नगर परिषद का समीकरण

    अंबरनाथ नगर परिषद में बीजेपी की तेजश्री करंजुले ने नगर परिषद अध्यक्ष के चुनाव में जीत हासिल की है। इस नगर परिषद में बीजेपी के 16 कांग्रेस के 12 और अजित पवार गुट के राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के 4 पार्षदों का समर्थन है। इस प्रकार सत्तापक्ष के पास कुल 32 पार्षदों का समर्थन है। हालांकि कांग्रेस के 12 पार्षदों को अलग कर देने के बाद बीजेपी के पास 20 पार्षदों का समर्थन था जो बहुमत के आंकड़े से बहुत कम था। अब बीजेपी के पास स्पष्ट बहुमत हो गया है जिससे नगर परिषद का कार्य संचालन सुचारू रूप से होने में मदद मिलेगी।

    यह घटनाक्रम महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया मोड़ है जहां बीजेपी और कांग्रेस ने एक साथ आकर सत्ता की बागडोर संभालने की कोशिश की है। यह गठबंधन ना केवल अंबरनाथ नगर परिषद के लिए महत्वपूर्ण है बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में भी इसके दूरगामी प्रभाव हो सकते हैं। शिवसेना शिंदे गुट द्वारा इस गठबंधन को विश्वासघात करार दिए जाने के बाद राज्य के सत्ताधारी गठबंधन के अंदर की दरारें और गहरी होती नजर आ रही हैं। अब यह देखना होगा कि आगामी नगर निगम चुनावों में इन नए समीकरणों का क्या असर पड़ता है और महाराष्ट्र की राजनीतिक जमीन में कितना बड़ा बदलाव आता है।

  • प्रधानमंत्री ने सुभाषितम के माध्यम से सद्गुण, चरित्र, ज्ञान और धन के शाश्वत मूल्यों को रेखांकित किया

    प्रधानमंत्री ने सुभाषितम के माध्यम से सद्गुण, चरित्र, ज्ञान और धन के शाश्वत मूल्यों को रेखांकित किया


     
    नई दिल्ली ।  प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज भारतीय परंपरा और शास्त्रीय ज्ञान के शाश्वत मूल्यों पर विचार करते हुए देशवासियों को जीवन में इनका पालन करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने अपने संदेश में बल दिया कि सच्ची सुंदरता सद्गुणों से निखरती है वंश गौरव चरित्र से परिलक्षित होता है ज्ञान का वास्तविक मूल्य सफलता में है और धन का अर्थ केवल भोग नहीं बल्कि जिम्मेदारीपूर्ण आनंद और समाज कल्याण में योगदान है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि ये मूल्य न केवल प्राचीन काल में महत्वपूर्ण रहे हैं बल्कि आधुनिक समाज और वर्तमान समय में भी ये उतने ही प्रासंगिक हैं। उन्होंने इसे देश की प्रगति सामूहिक जिम्मेदारी और समाज में सद्भाव कायम रखने की दिशा में एक मार्गदर्शक के रूप में बताया। उन्होंने अपने संदेश में एक संस्कृत श्लोक साझा किया जो सद्गुण चरित्र ज्ञान और धन के महत्व को संक्षेप में प्रस्तुत करता है:

    गुणो भूषयते रूपं शीलं भूषयते कुलम्।
    सिद्धिर्भूषयते विद्यां भोगो भूषयते धनम्॥

    प्रधानमंत्री ने इस श्लोक की व्याख्या करते हुए कहा कि व्यक्ति की वास्तविक सुंदरता उसके गुणों में होती है। शिष्टाचार नैतिकता और चरित्र ही किसी वंश या परिवार का गौरव बढ़ाते हैं। शिक्षा और ज्ञान जीवन को दिशा और उद्देश्य प्रदान करते हैं जबकि धन का उपयोग केवल भोग के लिए नहीं बल्कि सामाजिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारी के लिए होना चाहिए। उन्होंने कहा कि यही वे मूल्य हैं जो न केवल व्यक्तिगत जीवन में सफलता और सम्मान दिलाते हैं बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास में भी योगदान करते हैं।प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि भारतीय संस्कृति और परंपरा में ये मूल्य पीढ़ियों से संचित हैं और इन्हें जीवन में अपनाना न केवल नैतिक कर्तव्य है बल्कि आधुनिक जीवन में भी ये अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे अपने दैनिक जीवन में इन मूल्यों को आत्मसात करें और दूसरों के लिए उदाहरण प्रस्तुत करें।

    इस संदेश के माध्यम से प्रधानमंत्री मोदी ने यह स्पष्ट किया कि सद्गुण चरित्र ज्ञान और धन केवल व्यक्तिगत लाभ का साधन नहीं बल्कि समाज और राष्ट्र की प्रगति और विकास का मार्गदर्शन करने वाले शाश्वत मूल्य हैं। उन्होंने कहा कि जब ये मूल्य समाज में व्यापक रूप से अपनाए जाएंगे तब ही भारत की सामूहिक शक्ति संस्कृति और नैतिकता का सही परिप्रेक्ष्य उजागर होगा।प्रधानमंत्री के इस संदेश को विशेषज्ञ और नागरिक दोनों ही प्रेरणादायक मान रहे हैं। यह न केवल भारतीय सांस्कृतिक धरोहर की याद दिलाता है बल्कि आधुनिक जीवन में नैतिक सामाजिक और व्यक्तिगत जिम्मेदारी निभाने के महत्व को भी रेखांकित करता है।

  • ICC ने ठुकराई बांग्लादेश की भारत से बाहर मैच कराने की मांग, वर्ल्ड कप मैच होंगे तय स्थल पर..

    ICC ने ठुकराई बांग्लादेश की भारत से बाहर मैच कराने की मांग, वर्ल्ड कप मैच होंगे तय स्थल पर..


    नई दिल्ली ।  टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड BCBकी भारत से बाहर मैच कराने की मांग को इंटरनेशनल क्रिकेट काउंसिल ICCने खारिज कर दिया है। ICC ने स्पष्ट किया है कि बांग्लादेश को अपने सभी निर्धारित लीग मुकाबले भारत में ही खेलने होंगे। यदि टीम ने मैच खेलने से इनकार कियातो उसे टूर्नामेंट के अंक गंवाने पड़ सकते हैं।यह विवाद IPL 2025 के बाद की घटनाओं से जुड़ा है। कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेशी तेज गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज कर दिया था। इसके बाद BCB ने सुरक्षा का हवाला देते हुए टी-20 वर्ल्ड कप के अपने मैच भारत के बाहर कराने की मांग की थी। BCB ने ICC को पत्र लिखकर अपने मैचों को श्रीलंका में शिफ्ट करने का अनुरोध कियालेकिन ICC ने इसे स्वीकार नहीं किया। बोर्ड का कहना है कि भारत में अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन के लिए सभी सुरक्षा मानक पूरी तरह लागू हैं और किसी एक टीम के लिए नियमों में बदलाव टूर्नामेंट की विश्वसनीयता को प्रभावित करेगा।

    ICC का सख्त रुख

    मुंबई में ICC अध्यक्ष जय शाह की मौजूदगी में BCCI और ICC अधिकारियों के बीच बैठक हुई। इसके बाद BCB से भी बातचीत की गई। बैठक के बाद ICC ने स्पष्ट किया कि तय कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं होगा। ICC ने यह भी कहा कि यदि कोई टीम निर्धारित मैच नहीं खेलती हैतो उसे वॉकओवर या अंक कटौती जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।BCB ने बयान जारी कर कहा कि वह ICC के साथ मिलकर समाधान निकालने की कोशिश कर रहा है और उनकी प्राथमिकता खिलाड़ियों की सुरक्षा है। ICC ने दोहराया कि वह बांग्लादेश की “पूर्ण और निर्बाध भागीदारी” सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

    टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश का शेड्यूल

    टी-20 वर्ल्ड कप में बांग्लादेश को ग्रुप-सी में रखा गया है। टीम के तीन लीग मैच 7 फरवरी को वेस्टइंडीज9 फरवरी को इटलीऔर 14 फरवरी को इंग्लैंड के खिलाफ कोलकाता के ईडन गार्डन्स में होंगे। अंतिम ग्रुप मैच 17 फरवरी को मुंबई में नेपाल के खिलाफ खेला जाएगा।गौरतलब है कि पाकिस्तान ने अपने मैच श्रीलंका में कराने की अनुमति हासिल कर ली है। भारत-पाकिस्तान के बीच लंबे समय से राजनीतिक तनाव के कारण दोनों टीमें एक-दूसरे के देश में क्रिकेट नहीं खेलतीं। ICC ने स्पष्ट किया कि पाकिस्तान का मामला अलग श्रेणी में आता है और बांग्लादेश की स्थिति उससे भिन्न है।विशेषज्ञ मानते हैं कि ICC का यह फैसला टी-20 वर्ल्ड कप की निष्पक्षता और नियमों की मजबूती को बनाए रखने की दिशा में अहम कदम है। बांग्लादेश को सुरक्षा की चुनौतियों के बावजूद भारत में ही खेलना होगाजिससे टूर्नामेंट के संचालन में कोई व्यवधान नहीं आएगा।

  • तुर्कमान गेट बवाल में सपा सांसद का नाम उछला, मोहिबुल्लाह नदवी बोले– हिंसा नहीं, शांति के लिए गया था

    तुर्कमान गेट बवाल में सपा सांसद का नाम उछला, मोहिबुल्लाह नदवी बोले– हिंसा नहीं, शांति के लिए गया था


    नई दिल्ली। बीतीरात दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हुए बवाल मामले में समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का नाम आया है। पुलिस उनसे पत्थरबाजी के इस मामले में पूछताछ करेगी। मोहिबुल्लाह नदवी कहा कि मेरी जानकारी में हाईकोर्ट का ऐसा कोई ऑर्डर नहीं है, जिसमें अतिक्रमण हटाने के लिए कहा गया हो। अभी बात ही चल रही थी कि कितना मस्जिद का एरिया है और कितना अतिक्रमण हुआ है। या अतिक्रमण नहीं भी हुआ है।
    इसी दरमियान रात में मुझे खबर मिली कि मस्जिद को घेर लिया गया है।

    बवाल वाली जगह क्यों पहुंचे थे सपा सांसद?
    सपा सांसद ने आगे कहा, ‘इससे पहले महरौली में एक मस्जिद रातोंरात गायब कर दी गई थी। उसके लिए मैंने संसद में भी आवाज उठाई थी। तुर्कमान गेट वाली खबर मैंने सुनी तो सोचा कि लोग कहीं बेकाबू ना हो जाएं, इसलिए मैं मौके पर पहुंचा था। मैं जब वहां गया तो लोगों से अपील की कि अपने-अपने घरों में जाएं। एक वीडियो भी हैं, जिसमें मैं लोगों से शांत रहने के लिए कह रहा हूं।’

    फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास पत्थरबाजी क्यों?
    गौरतलब है कि मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात दिल्ली पुलिस और MCD की टीम, तुर्कमान गेट इलाके में फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुए अवैध निर्माण को तोड़ने पहुंची थी।

    तभी मौके पर उन्मादियों की भीड़ पहुंच गई और उन्होंने पत्थरबाजी शुरू कर दी।

    दिल्ली पुलिस ने 5 लोगों पर की FIR
    पुलिस ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है। अबतक 5 लोगों को इस मामले में गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस, सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए दंगाइयों की पहचान करने में जुटी है। शुरुआती जांच में पता चला है कि जब इलाके में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई चल रही थी, उस वक्त अफवाह फैला दी गई कि मस्जिद को तोड़ा जा रहा है।

    यही बोलकर लोगों को जमा किया गया और फिर बवाल हो गया।

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। वहीं, सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी का कहना है कि उन्होंने कोई कानून नहीं तोड़ा और न ही किसी को हिंसा के लिए उकसाया। उनका दावा है कि वे सिर्फ शांति बनाए रखने और हालात को काबू में रखने के उद्देश्य से वहां पहुंचे थे। इस मामले में आगे की कार्रवाई जांच के नतीजों पर निर्भर करेगी।

  • तुर्कमान गेट ऐतिहासिक दरवाजा संघर्षों का गवाह और विवादों का केंद्र

    तुर्कमान गेट ऐतिहासिक दरवाजा संघर्षों का गवाह और विवादों का केंद्र


    नई दिल्ली । दिल्ली का तुर्कमान गेट हाल ही में फिर सुर्खियों में है। 6 और 7 जनवरी 2025 की रात को यहां हुए हिंसक संघर्ष ने एक बार फिर इस इलाके को चर्चा का केंद्र बना दिया। घटना उस समय घटी जब दिल्ली पुलिस और MCD की टीम ने अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास बुलडोजर चलाया। इसके खिलाफ स्थानीय लोगों ने विरोध शुरू किया और स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। इस घटना ने तुर्कमान गेट के इतिहास सामाजिक संघर्षों और राजनीतिक विवादों के पुराने अध्यायों को फिर से जीवित कर दिया है।

    तुर्कमान गेट का ऐतिहासिक महत्व

    तुर्कमान गेट जिसे 17वीं शताब्दी में मुग़ल सम्राट शाहजहाँ के शासनकाल में बनाया गया था पुरानी दिल्ली का एक प्रमुख दरवाजा था। इसे शाहजहां बाद पुरानी दिल्ली के प्रमुख दरवाजों में से एक माना जाता है। यह दरवाजा प्रसिद्ध सूफी संत शाह तुर्कमान की दरगाह के पास स्थित होने के कारण इस दरवाजे का नाम तुर्कमान गेट पड़ा। शाह तुर्कमान की याद में हर साल उर्स का आयोजन भी किया जाता है जिससे इस इलाके की सांस्कृतिक और धार्मिक पहचान बनी रहती है।इसकी वास्तुकला में तीन मेहराबी प्रवेश द्वार और दो मंजिला बुर्ज शामिल हैं जो मुग़ल काल की शानदार निर्माण शैली का प्रतीक हैं। तुर्कमान गेट की संरचना और इतिहास इसे दिल्ली के अहम ऐतिहासिक धरोहरों में से एक बनाती है।

    1976 में पहली बार चला बुलडोजर

    तुर्कमान गेट का नाम पहली बार बड़े पैमाने पर 13 अप्रैल 1976 को चर्चा में आया जब संजय गांधी के नेतृत्व में आपातकाल के दौरान दिल्ली में झुग्गी हटाओ अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत तुर्कमान गेट क्षेत्र में झुग्गियां हटाई गईं जिसके बाद इलाके में असंतोष और गुस्सा फैल गया। शुरूआत में यह विरोध सीमित था लेकिन जब 19 अप्रैल 1976 को फिर से बुलडोजर चलने लगे तो स्थिति बेकाबू हो गई। जामा मस्जिद चांदनी चौक और तुर्कमान गेट जैसे इलाकों में जबरदस्त विरोध हुआ। इस विरोध ने हिंसक रूप ले लिया और पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। यही वह समय था जब तुर्कमान गेट इलाके में संघर्ष ने व्यापक रूप ले लिया।

    तुर्कमान गेट और औरंगजेब

    एक सवाल जो अक्सर उठता है वह है तुर्कमान गेट और औरंगजेब के बीच संबंध। हालांकि तुर्कमान गेट का निर्माण शाहजहां के शासनकाल में हुआ था और औरंगजेब शाहजहां का पुत्र था लेकिन इसका कोई सीधा ऐतिहासिक संबंध औरंगजेब से नहीं है। यह भ्रम अक्सर सोशल मीडिया और अधूरी जानकारी के कारण फैलता है जबकि तुर्कमान गेट की वास्तुकला और इतिहास सीधे तौर पर शाहजहां के समय से जुड़ी हुई है।

    2025 में फिर हुआ विवाद

    करीब 50 साल बाद तुर्कमान गेट फिर से चर्चा का विषय बना और इसका कारण था फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास का अतिक्रमण। सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण और कब्जे ने इस ऐतिहासिक स्थल को फिर से विवादों में घेर लिया। दिल्ली हाई कोर्ट ने आदेश दिया कि इस इलाके से अवैध कब्जे हटाए जाएं। इसके बाद 6 जनवरी 2025 को एक बार फिर से बुलडोजर तुर्कमान गेट के आसपास के क्षेत्र में चले जिसके परिणामस्वरूप स्थानीय लोगों ने भारी विरोध शुरू कर दिया। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि पुलिस को आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा और पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर दिया गया। तुर्कमान गेट का इतिहास सिर्फ एक दरवाजे का नहीं है बल्कि यह दिल्ली के सामाजिक राजनीतिक और प्रशासनिक संघर्षों का गवाह रहा है आपातकाल से लेकर आज तक इस स्थल ने कई आंदोलन और संघर्ष देखे हैं। 1976 में हुए झुग्गी हटाओ अभियान से लेकर आज तक तुर्कमान गेट एक बार फिर से यह दर्शाता है कि यह क्षेत्र न सिर्फ ऐतिहासिक महत्व रखता है बल्कि आज भी विवादों और संघर्षों का केंद्र है।

  • फराह खान ने यामी गौतम की ‘हक’ में अदाकारी को बताया आउटस्टैंडिंग हर अवॉर्ड के लिए तैयार रहो

    फराह खान ने यामी गौतम की ‘हक’ में अदाकारी को बताया आउटस्टैंडिंग हर अवॉर्ड के लिए तैयार रहो

    नई दिल्ली। बॉलीवुड एक्ट्रेस यामी गौतम की फिल्म ‘हक’ (Haq) को एक बार फिर जबरदस्त सराहना मिल रही है। साल 2025 में थिएटर्स में रिलीज होने के बाद जहां फिल्म को क्रिटिक्स का अच्छा रिस्पॉन्स मिला था, वहीं अब Netflix पर प्रीमियर के बाद इसे दर्शकों और फिल्म इंडस्ट्री से नई तारीफें मिल रही हैं। ताजा नाम इस लिस्ट में जुड़ा है मशहूर फिल्ममेकर और कोरियोग्राफर फराह खान का, जिन्होंने यामी की परफॉर्मेंस को “आउटस्टैंडिंग” बताते हुए कहा है कि वह हर बड़े अवॉर्ड के लिए तैयार रहें।

    फराह खान ने बुधवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर फिल्म ‘हक’ का पोस्टर शेयर किया। पोस्ट के साथ उन्होंने लिखा,
    “Yami Gautam, get ready to receive every award! Outstanding performance.
    यानी, “यामी गौतम, हर अवॉर्ड लेने के लिए तैयार हो जाइए, शानदार प्रदर्शन।”
    इतना ही नहीं, फराह ने फिल्म के दूसरे लीड एक्टर इमरान हाशमी की भी जमकर तारीफ की और लिखा,
    “You are the best till date.”

    फराह खान से पहले भी कई नामी सितारे यामी गौतम की तारीफ कर चुके हैं। एक्ट्रेस कियारा आडवाणी ने Netflix पर फिल्म देखने के बाद सोशल मीडिया पर लिखा था,
    “Just watched Haq on Netflix. Yami Gautam, what a beautiful performance.”
    वहीं, अभिनेता संजय कपूर ने भी इसे “एक बेहतरीन फिल्म” बताते हुए इसकी कहानी और अभिनय की सराहना की थी।

    फिल्म ‘हक’ एक कोर्टरूम ड्रामा है, जिसका निर्देशन सुपर्ण वर्मा ने किया है। इसमें यामी गौतम धर और इमरान हाशमी मुख्य भूमिकाओं में हैं, जबकि शीबा चड्ढा एक अहम किरदार में नजर आती हैं। फिल्म का निर्माण विनीत जैन, विशाल गुरनानी, जूही पारेख मेहता और हरमन बावेजा ने मिलकर किया है। यह फिल्म जंगली पिक्चर्स, इंसोमनिया फिल्म्स और बावेजा स्टूडियोज के बैनर तले बनी है।

    ‘हक’ की कहानी भारत के एक ऐतिहासिक सुप्रीम कोर्ट फैसले Mohd. Ahmed Khan v. Shah Bano Begum से प्रेरित है। यह फैसला मुस्लिम महिलाओं के वैवाहिक अधिकारों और भरण-पोषण से जुड़ा एक अहम मोड़ माना जाता है। फिल्म में यामी गौतम ने बानो नाम की महिला का किरदार निभाया है, जो उस समय न्याय के लिए लड़ती है, जब उसका पति अपनी ही चचेरी बहन से दूसरी शादी कर लेता है।

    कहानी बानो के संघर्ष के जरिए निजी आस्था, सामाजिक परंपराओं और संवैधानिक कानून के टकराव को दिखाती है। फिल्म यह सवाल उठाती है कि क्या एक महिला का हक उसकी धार्मिक और सामाजिक सीमाओं से बड़ा हो सकता है। यामी गौतम की परफॉर्मेंस को खासतौर पर इसलिए सराहा जा रहा है, क्योंकि उन्होंने बानो के दर्द, मजबूती और आत्मसम्मान को बेहद संवेदनशील तरीके से पर्दे पर उतारा है।

    हालांकि, सकारात्मक समीक्षाओं के बावजूद फिल्म बॉक्स ऑफिस पर ज्यादा कमाल नहीं दिखा पाई। ‘हक’ ने दुनियाभर में करीब ₹29 करोड़ का ही कलेक्शन किया। लेकिन अब, 2 जनवरी को Netflix पर रिलीज होने के बाद, ऐसा लग रहा है कि फिल्म को उसका असली दर्शक वर्ग मिल गया है। सोशल मीडिया पर लगातार फिल्म और यामी की एक्टिंग को लेकर तारीफों की बाढ़ आई हुई है।

    OTT रिलीज के बाद मिल रहे प्यार से यामी गौतम भी काफी भावुक नजर आईं। उन्होंने X (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा,
    “HAQ को इतना प्यार और सराहना मिलना मेरे लिए बेहद खास है। एक कलाकार और एक महिला के तौर पर यह प्रतिक्रिया मेरे लिए बहुत संतोषजनक है। जय हिंद।”

    ‘हक’ ने यह साबित कर दिया है कि कभी-कभी फिल्में बॉक्स ऑफिस पर नहीं, बल्कि दर्शकों के दिलों में अपनी जगह बनाती हैं। फराह खान जैसी बड़ी फिल्ममेकर की तारीफ ने यामी गौतम की परफॉर्मेंस को और मजबूत पहचान दी है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि आने वाले अवॉर्ड सीजन में ‘हक’ और यामी गौतम कितना कमाल दिखा पाते हैं।

  • अमेरिकी दस्तावेजों से खुलासा: ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका में की 60 बार लॉबिंग

    अमेरिकी दस्तावेजों से खुलासा: ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए पाकिस्तान ने अमेरिका में की 60 बार लॉबिंग


    नई दिल्ली । पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत की संभावित सैन्य कार्रवाई ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान की बेचैनी अमेरिकी दस्तावेजों में उजागर हुई है। FARA के तहत दाखिल रिकॉर्ड बताते हैं कि पाकिस्तान ने भारत के सैन्य अभियान को रोकने के लिए अमेरिका में बड़े स्तर पर कूटनीतिक और राजनीतिक लॉबिंग की। इस दौरान पाकिस्तानी राजनयिकों और लॉबिंग फर्मों ने अमेरिकी प्रशासन सांसदों पेंटागन और विदेश विभाग के अधिकारियों से करीब 60 बार संपर्क किया।दस्तावेजों के मुताबिक यह अभियान अप्रैल के अंतिम सप्ताह से शुरू होकर भारत के चार दिवसीय सैन्य अभियान के बाद तक जारी रहा। पाकिस्तान का उद्देश्य स्पष्ट था-वॉशिंगटन के जरिए भारत पर दबाव बनाना ताकि किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई को रोका जा सके। इसके लिए ईमेल फोन कॉल और आमने-सामने की बैठकों का सहारा लिया गया।

    लॉबिंग पर करोड़ों का खर्च

    FARA रिकॉर्ड के अनुसार पाकिस्तान ने अमेरिका में छह लॉबिंग फर्मों की सेवाएं लीं और इस पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए। रिपोर्ट में कहा गया है कि अप्रैल और मई के दौरान पाकिस्तान का लॉबिंग खर्च भारत की तुलना में कहीं अधिक रहा। पाकिस्तान ने अमेरिकी प्रशासन तक अपनी पहुंच बढ़ाने और व्यापार एवं कूटनीतिक फैसलों को प्रभावित करने की कोशिश की।सूत्रों के अनुसार पाकिस्तान ने भारत की सैन्य तैयारी को क्षेत्रीय अस्थिरता के रूप में पेश किया और अमेरिका से हस्तक्षेप की मांग की। हालांकि इन लॉबिंग प्रयासों का भारत की रणनीति पर कोई असर नहीं पड़ा। भारत ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा हितों को प्राथमिकता देते हुए कदम उठाए।

    भारत का रुख स्पष्ट

    भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका में लॉबिंग एक कानूनी और स्थापित प्रक्रिया है। विदेशी सरकारें दूतावास निजी कंपनियां और व्यावसायिक संगठन लॉबिंग फर्मों के माध्यम से अपनी बात रखते हैं। भारत का दूतावास भी दशकों से जरूरत के अनुसार ऐसी सेवाओं का इस्तेमाल करता रहा है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि FARA के तहत सभी लॉबिंग गतिविधियों का रिकॉर्ड सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है और इसे गुप्त या असामान्य गतिविधि नहीं माना जाना चाहिए।

    रणनीतिक संदेश और आगे की तस्वीर

    विशेषज्ञों के अनुसार पाकिस्तान की आक्रामक लॉबिंग यह दर्शाती है कि वह भारत की सैन्य क्षमता और राजनीतिक इच्छाशक्ति को लेकर गंभीर दबाव में था। इसके बावजूद भारत ने किसी भी दबाव में समझौता नहीं किया। अमेरिकी दस्तावेजों से यह भी स्पष्ट हुआ कि आतंकवाद और सुरक्षा मामलों में भारत का रुख अब पहले से अधिक सख्त और निर्णायक है।

  • माओवादी संगठन को बड़ा झटका ‘पूना मार्गेम’ अभियान से प्रभावित होकर 26 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 64 लाख था इनाम

    माओवादी संगठन को बड़ा झटका ‘पूना मार्गेम’ अभियान से प्रभावित होकर 26 नक्सलियों ने किया सरेंडर, 64 लाख था इनाम


    सुकमा । छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में चलाए जा रहे पूना मार्गेम पुनर्वास से पुनर्जीवन अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। इस अभियान के तहत 26 माओवादी जिनमें 07 महिला कैडर भी शामिल हैं ने आत्मसमर्पण किया है। इस आत्मसमर्पण को माओवादी नेटवर्क के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है क्योंकि ये माओवादी लंबे समय से विभिन्न नक्सली गतिविधियों में सक्रिय रहे थे। इन माओवादियों पर कुल ₹64 लाख का इनाम घोषित था।

    आत्मसमर्पण करने वालों की पहचान और उनका योगदान

    आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी पीएलजीए बटालियन दक्षिण बस्तर माड़ डिवीजन और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर क्षेत्र में सक्रिय रहे थे। इनमें से कुछ माओवादी सुकमा माड़ क्षेत्र और ओडिशा की सीमाओं पर हुई कई बड़ी नक्सली घटनाओं में शामिल रहे हैं। आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों में विभिन्न रैंक के लोग शामिल हैं जैसे CYPCM – 01,DVCM – 01, PPCM – 03,ACM – 03 पार्टी सदस्य 18 यह माओवादी आत्मसमर्पण अभियान न केवल उनके व्यक्तिगत जीवन में बदलाव ला रहा है बल्कि यह माओवादी संगठन के खिलाफ सुरक्षा बलों की एक बड़ी रणनीतिक सफलता भी है।

    पूना मार्गेम अभियान का उद्देश्य

    पूना मार्गेम अभियान का मुख्य उद्देश्य भटके हुए युवाओं को हिंसा का रास्ता छोड़कर शांति सम्मानजनक और समाज में स्वीकार्य जीवन की ओर लौटने का अवसर देना है। इस अभियान के तहत आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को छत्तीसगढ़ सरकार की पुनर्वास नीति के तहत विशेष लाभ मिलेंगे जिसमें आर्थिक सहायता सुरक्षा आवास शिक्षा और रोजगार जैसी सुविधाएं शामिल हैं।

    एसपी की अपील
    सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चह्वाण ने शेष माओवादियों से अपील करते हुए कहा हिंसा का रास्ता छोड़ें शांति और विकास का मार्ग अपनाएं। सरकार आत्मसमर्पण करने वालों के पुनर्वास और सुरक्षित भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने नक्सलियों से अपील की कि वे सरकार द्वारा प्रदान किए जा रहे इस अवसर का लाभ उठाएं और समाज में अपना स्थान बनाएं।

    नक्सलवाद के खिलाफ एक और कदम

    पूना मार्गेम अभियान को नक्सलवाद के खिलाफ छत्तीसगढ़ सरकार का एक बड़ा कदम माना जा रहा है। इस अभियान ने न केवल सुरक्षा बलों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की है बल्कि यह नक्सलियों के भीतर यह संदेश भी भेज रहा है कि अगर वे हिंसा का रास्ता छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटते हैं तो उनके लिए बेहतर भविष्य की संभावना है।