Author: bharati

  • निरोगी काया का सीक्रेट कोड है आयुर्वेदिक दिनचर्या बुढ़ापा थमेगा और बीमारियाँ रहेंगी कोसों दूर

    निरोगी काया का सीक्रेट कोड है आयुर्वेदिक दिनचर्या बुढ़ापा थमेगा और बीमारियाँ रहेंगी कोसों दूर

    नई दिल्ली । धुनिक युग में खराब जीवनशैली और असंतुलित खान-पान के कारण शरीर समय से पहले बीमारियों का घर बनता जा रहा है। आयुर्वेद के अनुसारहमारा शरीर एक मशीन की तरह है जिसे सुचारू रूप से चलाने के लिए सही ईंधन और समय पर सर्विसिंग की जरूरत होती है। वैज्ञानिक जिसे सर्कैडियन रिदम कहते हैंआयुर्वेद उसे दिनचर्या के रूप में सदियों पहले परिभाषित कर चुका है। यदि इस लय का पालन किया जाएतो बुढ़ापा भी जल्दी दस्तक नहीं देता।

    ब्रह्म मुहूर्त और सुबह की शुरुआत

    दिनचर्या का सबसे पहला नियम है ब्रह्म मुहूर्त सूर्योदय से पूर्व जागना। सुबह उठकर शरीर से विषाक्त पदार्थों के निष्कासन के बाद तांबे के बर्तन में रखा पानी पीना चाहिए। आयुर्वेद के अनुसारबालों और त्वचा की चमक बनाए रखने के लिए नाभि में तेल की कुछ बूंदें डालना और आंखों में अंजन लगाना अत्यंत लाभकारी है।

    व्यायाम और अभ्यंग मालिश का महत्व

    दिन की शुरुआत हल्के व्यायाम और सैर से करें। इसके बाद अभ्यंग यानी शरीर की तेल मालिश जरूर करें। अभ्यंग न केवल रक्त संचारको बेहतर बनाता हैबल्कि मांसपेशियों की थकान मिटाकर शरीर को ऊर्जावान बनाए रखता है।

    आहार का नियम कब और क्या खाएं

    आयुर्वेद में भोजन को मात्र पेट भरने का साधन नहींबल्कि औषधि माना गया है। दोपहर का भोजन दोपहर 12 से 1 बजे के बीच भोजन कर लेना चाहिए। इस समय शरीर की जठराग्नि पाचन अग्नि सबसे प्रबल होती हैजिससे भोजन आसानी से पच जाता है। त का भोजन रात का खाना हमेशा हल्का होना चाहिए और कोशिश करें कि सूर्यास्त के आसपास ही भोजन कर लें। ज्रासन का लाभ खाना खाने के तुरंत बाद लेटना नहीं चाहिए। या तो कुछ कदम पैदल चलें या कम से कम 10-15 मिनट वज्रासन में बैठें। यह आसन पाचन प्रक्रिया को तेज करता है।

    गहरी नींद और मरम्मत का समय

    नींद शरीर की मरम्मत का समय है। रात को सोने से पहले दूध के साथ हल्दी या त्रिफला का सेवन करें। यह न केवल तनाव कम करता हैबल्कि गहरी नींद लाने में भी सहायक है। सोते समय बाईं करवट लेकर सोना सबसे उत्तम माना गया हैक्योंकि इससे पाचन तंत्र सुचारू रहता है और हृदय पर दबाव कम पड़ता है। युर्वेदिक दिनचर्या कोई कठिन नियम नहींबल्कि प्रकृति के साथ जीने का एक तरीका है। यदि हम अपने शरीर की इस प्राकृतिक लय को पहचान लेंतो हम एक शक्तिशाली और रोगमुक्त जीवन जी सकते हैं।

  • सर्दियों में शरीर का सुरक्षा कवच है ब्राउन फैट मोटापा बढ़ाने नहींकैलोरी जलाने में करता है मदद

    सर्दियों में शरीर का सुरक्षा कवच है ब्राउन फैट मोटापा बढ़ाने नहींकैलोरी जलाने में करता है मदद


    नई दिल्ली । आमतौर पर फैट या वसा शब्द सुनते ही हमारे मन में मोटापे और बीमारियों का ख्याल आता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि आपके शरीर में एक ऐसा गुड फैट भी है जो आपको मोटा करने के बजाय पतला रखने और बीमारियों से बचाने में मदद करता है मेडिकल साइंस की भाषा में इसे ब्राउन फैट कहा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसारसर्दियों के मौसम में यह शरीर के लिए किसी सुरक्षा कवच से कम नहीं है।

    व्हाइट फैट बनाम ब्राउन फैट क्या है अंतर

    हमारे शरीर में मुख्य रूप से दो प्रकार के फैट पाए जाते हैं। पहला व्हाइट फैटजिसका काम शरीर में अतिरिक्त ऊर्जा को जमा करना है। जब हम जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेते हैंतो वह व्हाइट फैट के रूप में जमा होकर मोटापे का कारण बनती है इसके विपरीतब्राउन फैट एक सक्रिय ऊतक है। इसमें प्रचुर मात्रा में माइटोकॉन्ड्रिया होते हैंजो इसे गहरा रंग देते हैं। ब्राउन फैट का मुख्य कार्य कैलोरी को स्टोर करना नहींबल्कि उसे जलाकर शरीर के लिए ऊष्मा पैदा करना है। जब शरीर को ठंड लगती हैतो यही ब्राउन फैट बर्न होकर हमें भीतर से गर्माहट देता है।

    सेहत के लिए क्यों है यह जरूरी

    ब्राउन फैट केवल शरीर को गर्म ही नहीं रखताबल्कि इसके कई स्वास्थ्य लाभ भी हैं मेटाबॉलिज्म में सुधार यह शरीर की चयापचय दर को बढ़ाता हैजिससे वजन नियंत्रित रहता है। ब्लड शुगर पर नियंत्रण ब्राउन फैट इंसुलिन सेंसिटिविटी को सुधारता है जिससे टाइप-2 डायबिटीज का खतरा कम होता है। तेजी से कैलोरी बर्न रिसर्च के अनुसारसक्रिय ब्राउन फैट सामान्य फैट की तुलना में कई गुना तेजी से कैलोरी जला सकता है। हृदय स्वास्थ्य यह खून से ट्राइग्लिसराइड्स और खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में भी सहायक हो सकता है।

    ब्राउन फैट की कमी के संकेत

    यदि किसी व्यक्ति के शरीर में ब्राउन फैट की कमी है और व्हाइट फैट की अधिकता हैतो उसे कई समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे लोगों को ठंड अधिक लगती हैवे जल्दी थक जाते हैं और उनका वजन तेजी से बढ़ने लगता है। मेटाबॉलिज्म धीमा होने के कारण उन्हें सुस्ती और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

    कैसे करें इसे एक्टिवेट

    ब्राउन फैट किसी भोजन के जरिए सीधे शरीर में नहीं डाला जा सकताबल्कि इसे जीवनशैली के माध्यम से सक्रिय करना पड़ता हैठंड का संपर्क हल्की ठंड में रहने या ठंडे पानी से स्नान करने से शरीर का ब्राउन फैट सक्रिय हो जाता है। नियमित व्यायाम वर्कआउट करने से शरीर में इरिसिन नामक हार्मोन निकलता हैजो व्हाइट फैट को ब्राउन फैट में बदलने में मदद करता है।  संतुलित आहार पोषण युक्त भोजन और सही मात्रा में कैलोरी का सेवन इसे स्वस्थ बनाए रखता है। ब्राउन फैट हमारे शरीर की वह आंतरिक भट्टी है जो न केवल हमें कड़ाके की ठंड से बचाती हैबल्कि आधुनिक जीवनशैली की बीमारियों जैसे मोटापा और डायबिटीज से लड़ने में भी सक्षम है। फिट रहने के लिए जरूरी है कि हम अपनी जीवनशैली में सुधार कर इस गुड फैट को एक्टिव रखें।

  • टीकमगढ़ में पुलिस महकमे में शोक ड्यूटी से लौटकर प्रधान आरक्षक ने खाया जहर झांसी में इलाज के दौरान मौत

    टीकमगढ़ में पुलिस महकमे में शोक ड्यूटी से लौटकर प्रधान आरक्षक ने खाया जहर झांसी में इलाज के दौरान मौत


    टीकमगढ़ । मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है जहाँ कोतवाली थाने में तैनात एक जांबाज प्रधान आरक्षक ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीले पदार्थ का सेवन कर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस घटना के बाद से पुलिस विभाग और मृतक के परिजनों में मातम पसरा हुआ है।

    ड्यूटी से लौटने के बाद उठाया आत्मघाती कदम प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रधान आरक्षक मोहनलाल चढ़ार की तैनाती टीकमगढ़ कोतवाली थाने में थी। गुरुवार को नव वर्ष के उपलक्ष्य में सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए उनकी ड्यूटी प्रसिद्ध ‘बगाज माता मंदिर’ में लगाई गई थी। दिनभर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाने के बाद शाम को जब वे वापस लौटे तो उन्होंने टीकमगढ़ के चकरा तिराहा के पास अचानक सल्फास जहरीला पदार्थ खा लिया।

    झांसी मेडिकल कॉलेज में थमी सांसें जहर का सेवन करने के कुछ ही देर बाद मोहनलाल की स्थिति बिगड़ने लगी। उन्हें तत्काल स्थानीय जिला अस्पताल ले जाया गया जहाँ डॉक्टरों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें झांसी मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया। झांसी में इलाज के दौरान उनकी स्थिति में सुधार नहीं हुआ और अंतत उन्होंने दम तोड़ दिया।

    पुलिस जांच में जुटी कारणों का खुलासा नहीं प्रधान आरक्षक ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया इसका कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। कोतवाली थाना प्रभारी बृजेन्द्र सिंह घोषी ने बताया कि पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। थाना प्रभारी के अनुसार मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पीएम रिपोर्ट आने और परिजनों व सहकर्मियों के बयान दर्ज होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि उन्होंने यह कदम मानसिक तनाव या किसी अन्य कारण से उठाया।

    सहकर्मियों में शोक की लहर मोहनलाल चढ़ार के निधन की खबर मिलते ही पुलिस महकमे में शोक की लहर दौड़ गई। उनके सहकर्मियों का कहना है कि वे एक कर्तव्यनिष्ठ कर्मचारी थे और गुरुवार को ड्यूटी के दौरान भी वे सामान्य नजर आ रहे थे। पुलिस प्रशासन अब इस मामले के हर पहलू की जांच कर रहा है ताकि आत्महत्या के पीछे के सही कारणों का पता लगाया जा सके। महत्वपूर्ण जानकारी एक नजर में विवरण जानकारी मृतक का नाम मोहनलाल चढ़ार पदप्रधान आरक्षक थाना कोतवाली टीकमगढ़ घटना स्थल चकरा तिराहा के पासड्यूटी स्थलबगाज माता मंदिर नव वर्ष ड्यूटी मृत्यु का स्थानझांसी मेडिकल कॉलेज

  • ग्वालियर निजी स्कूलों पर फीस स्ट्रक्चर अपलोड न करने पर होगी कार्रवाई

    ग्वालियर निजी स्कूलों पर फीस स्ट्रक्चर अपलोड न करने पर होगी कार्रवाई


    ग्वालियर । ग्वालियर के निजी स्कूलों में फीस को लेकर हो रही मनमानी पर लगाम लगाने के लिए शिक्षा विभाग ने एक सख्त कदम उठाया है। अब सभी प्राइवेट स्कूलों को फीस स्ट्रक्चर पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है और इस जानकारी की हार्ड कॉपी जिला शिक्षा विभाग में भी जमा करानी होगी। 31 दिसंबर तक सभी स्कूलों को यह काम पूरा करना था लेकिन अब भी कई स्कूलों ने समय सीमा का पालन नहीं किया है। शिक्षा विभाग ने कहा कि जिन स्कूलों ने यह जानकारी अपलोड नहीं की उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

    इस बार विभाग ने एक बड़ा बदलाव किया है। पहले केवल पोर्टल पर जानकारी अपलोड करना आवश्यक था लेकिन अब पहली बार यह आदेश दिया गया है कि हर स्कूल को पोर्टल के साथ-साथ हार्ड कॉपी भी जमा करनी होगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई भी स्कूल अपनी फीस संरचना को छुपाने या उसे बदलने की कोशिश न कर सके। सभी प्राइवेट स्कूलों को विभाग के पोर्टल पर फीस संरचना 31 दिसंबर तक अपलोड करना था। अब विभाग तीन-चार दिन के भीतर इन आंकड़ों का मिलान करेगा। जिन स्कूलों ने यह जानकारी अपलोड नहीं की है या हार्ड कॉपी जमा नहीं की है उन्हें नोटिस जारी किया जाएगा और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

    इस वर्ष कई स्कूलों ने पोर्टल पर फीस जानकारी तो अपलोड की लेकिन हार्ड कॉपी जमा करने में लापरवाही बरती। अब विभाग ने यह सुनिश्चित किया है कि हर स्कूल को पूर्ण जानकारी देनी होगी। शिक्षा विभाग ने यह भी बताया कि जिन स्कूलों के अपने पोर्टल हैं उन्हें भी अपनी फीस संरचना वहां दिखानी होगी ताकि अभिभावकों को सही और स्पष्ट जानकारी मिल सके। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के मुताबिक यह कदम बच्चों के अभिभावकों को सही जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से उठाया गया है। इससे यह भी सुनिश्चित होगा कि स्कूलों द्वारा फीस की अवैध वृद्धि नहीं की जा सके और पारदर्शिता बनी रहे।

  • शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 300 अंक उछलकर 85,350 पार, निफ्टी में 100 अंकों की बढ़त

    शेयर बाजार में जोरदार तेजी: सेंसेक्स 300 अंक उछलकर 85,350 पार, निफ्टी में 100 अंकों की बढ़त


    नई दिल्ली । साल 2026 के दूसरे कारोबारी दिन शुक्रवार 2 जनवरी को भारतीय शेयर बाजार में मजबूत तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार से ही खरीदारी का दबाव बना रहा और बीएसई सेंसेक्स 300 अंकों से अधिक चढ़कर 85350 के पार कारोबार करता नजर आया। वहीं निफ्टी 50 भी करीब 100 अंकों की बढ़त के साथ 26250 के स्तर पर पहुंच गया। आज के कारोबार में बैंकिंग ऑटो और मेटल शेयरों ने बाजार को सहारा दिया। बीएसई सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 24 शेयर हरे निशान में रहे जबकि केवल 6 शेयर लाल निशान में थे। निफ्टी 50 के अधिकांश शेयरों में भी मजबूती देखने को मिली।

    सेक्टोरल प्रदर्शन

    बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी रही। निजी और सरकारी दोनों बैंकों के शेयरों में लगातार खरीदारी हुई जिससे सेक्टर मजबूती के साथ बंद हुआ। ऑटो सेक्टर में भी मांग मजबूत रही जिससे प्रमुख ऑटो कंपनियों के शेयर चढ़े। मेटल सेक्टर में भी सकारात्मक रुख देखा गया।इसके विपरीत FMCG सेक्टर में मुनाफावसूली का दबाव रहा और यह सेक्टर लाल निशान में बंद हुआ। विशेषज्ञों का कहना है कि चुनिंदा सेक्टर्स में वैल्यू बाइंग और घरेलू संस्थागत निवेशकोंDII की खरीद ने बाजार को मजबूती प्रदान की।

    वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत
    वैश्विक बाजारों में आज मिले-जुले संकेत मिले। एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.29 प्रतिशत बढ़कर 4268 पर पहुंचा। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.37 प्रतिशत गिरकर 50339 पर रहा। हांगकांग का हैंगसेंग इंडेक्स 2.25 प्रतिशत की तेजी के साथ 26205 पर बंद हुआ जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट मामूली बढ़त के साथ 3968 पर कारोबार कर रहा था।अमेरिकी बाजारों में 1 जनवरी को डाउ जोंस 0.63 प्रतिशत गिरकर 48063 पर बंद हुआ। नैस्डेक कंपोजिट और S&P 500 में क्रमशः 0.76 और 0.74 प्रतिशत की कमजोरी रही।

    निवेशकों की गतिविधि

    आंकड़ों के अनुसार 31 दिसंबर को विदेशी संस्थागत निवेशकोंFII ने लगभग 3268 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकोंDII ने 1525 करोड़ रुपये की खरीदारी की। दिसंबर 2025 में FIIs ने कुल 34349 करोड़ रुपये के शेयर बेचे जबकि DIIs ने लगभग 79620 करोड़ रुपये की खरीदारी की। नवंबर 2025 में भी घरेलू निवेशकों की खरीद ने बाजार को मजबूती दी थी।

    पिछले कारोबारी दिन का हाल

    साल के पहले कारोबारी दिन 1 जनवरी 2026 को बाजार लगभग सपाट बंद हुआ था। सेंसेक्स 32 अंक गिरकर 85189 पर और निफ्टी 17 अंकों की बढ़त के साथ 26147 पर बंद हुआ था।कुल मिलाकर आज के कारोबार में घरेलू निवेशकों के भरोसे और सेक्टोरल खरीदारी के दम पर बाजार में मजबूती देखी गई। आगे की चाल वैश्विक संकेतों विदेशी निवेशकों की गतिविधियों और घरेलू आर्थिक डेटा पर निर्भर करेगी। निवेशक बैंकिंग और मेटल जैसे प्रमुख सेक्टर्स पर नजर बनाए रख सकते हैं जबकि FMCG में मुनाफावसूली का दबाव जारी रह सकता है।

  • तेलंगाना में ATM कटिंग के तीन बदमाश ग्वालियर में गिरफ्तार, मेहरा टोल पर घेराबंदी

    तेलंगाना में ATM कटिंग के तीन बदमाश ग्वालियर में गिरफ्तार, मेहरा टोल पर घेराबंदी


    ग्वालियर में तेलंगाना पुलिस की सूचना पर एक समय पर कार्रवाई करते हुए एटीएम कटिंग के तीन शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। आरोपी मेहरा टोल प्लाजा पर घेराबंदी के दौरान दबोचे गए, जब वे मध्य प्रदेश की सीमा में प्रवेश कर रहे थे। तीनों आरोपियों को जल्द ही तेलंगाना पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा। ग्वालियर पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह ने बताया कि तेलंगाना पुलिस से मिली जानकारी के आधार पर कार्रवाई की गई। सूचना में बताया गया था कि एटीएम कटिंग में शामिल यह गिरोह उत्तर भारत की ओर भाग रहा है। बुधवार देर रात मेहरा टोल बैरियर पर नाकाबंदी की गई और कुछ ही देर बाद संदिग्ध बोलेरो कार को रोका गया। कार में सवार तीनों आरोपियों को मौके पर गिरफ्तार किया गया।

    आरोपी और गिरोह की जानकारी
    पकड़े गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई: 26 वर्षीय वाजिव, पुत्र अब्दुल गफूर, बड़ागांव, हरियाणा 40 वर्षीय अब्दुल्ला, पुत्र मजीद खान, वादिली गांव, हरियाणा  23 वर्षीय आमिर, पुत्र रशीद अंसारी, अलवल, हैदराबाद, तेलंगानातीनों अलग-अलग राज्यों के निवासी हैं और संगठित गिरोह के रूप में काम कर रहे थे।

    बरामदगी और पूछताछ

    तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से एटीएम कटिंग में इस्तेमाल होने वाले कटर, ब्लेड, पेजकश, टॉमी, चाबियां और अन्य औजार बरामद किए गए। इसके अलावा, वारदात में प्रयुक्त बोलेरो कार भी जब्त की गई। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने तेलंगाना में कई एटीएम कटिंग की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह गिरोह खास तौर पर सर्दियों के मौसम का फायदा उठाता था। रात में आवाज कम सुनाई देने और लोगों की आवाजाही कम होने के कारण आरोपी एटीएम कटिंग की योजना बनाते थे। वारदात के बाद वे तुरंत राज्य बदल लेते थे, जिससे उनकी पहचान और गिरफ्तारी कठिन हो जाती थी।

    कार्रवाई और आगे की योजना

    ग्वालियर पुलिस ने गिरफ्तारी की सूचना तुरंत तेलंगाना पुलिस को दी। तेलंगाना पुलिस की टीम ग्वालियर के लिए रवाना हो गई है और गुरुवार रात तक पहुंचने की संभावना है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर तेलंगाना ले जाया जाएगा।पुलिस का मानना है कि समय पर की गई इस कार्रवाई से ग्वालियर और आसपास के इलाकों में संभावित एटीएम कटिंग की कई वारदातें टल गई हैं। आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी पिछली गतिविधियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

    प्रशासन और सुरक्षा संदेश

    इस गिरफ्तारी से यह साबित होता है कि अंतरराज्यीय समन्वय और समय पर सूचना साझा करना अपराध नियंत्रण में कितना अहम है। ग्वालियर पुलिस ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे संदिग्ध गतिविधियों की तुरंत सूचना दें, ताकि समय रहते अपराध को रोका जा सके।
  • खेत में मवेशी घुसाने का विरोध करने पर महिला की पीट-पीटकर हत्या कटनी के बरही में तनाव

    खेत में मवेशी घुसाने का विरोध करने पर महिला की पीट-पीटकर हत्या कटनी के बरही में तनाव


    कटनी । मध्य प्रदेश के कटनी जिले से मानवता को शर्मसार करने वाली एक घटना सामने आई है। यहाँ के बरही थाना क्षेत्र स्थित ग्राम धवैया में महज फसल चराने के विवाद को लेकर एक दबंग युवक ने महिला पर लाठियों से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। मृतका की पहचान धवैया निवासी कलावती कुशवाहा पति भोला प्रसाद कुशवाहा के रूप में हुई है। गुरुवार देर रात जिला अस्पताल में उपचार के दौरान महिला ने दम तोड़ दिया जिसके बाद पुलिस ने मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

    विवाद की जड़ फसल और मवेशी

    घटनाक्रम के अनुसार यह पूरा विवाद 29 दिसंबर को शुरू हुआ था। कलावती कुशवाहा के खेत में गेहूं की फसल लगी हुई थी। आरोप है कि गांव के ही रज्जन पाठक ने जानबूझकर अपने मवेशी महिला के खेत में घुसा दिए। जब महिला ने अपनी मेहनत से उगाई फसल को उजड़ते देख विरोध किया और मवेशियों को बाहर निकालने को कहा तो आरोपी रज्जन आक्रोशित हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि आरोपी ने आव देखा न ताव और अपने पास रखी लाठी से कलावती पर हमला बोल दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के अनुसार आरोपी ने महिला के सिर और पीठ पर ताबड़तोड़ वार किए जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ी। हमले के बाद आरोपी ने जाते-जाते महिला को जान से मारने की धमकी भी दी।

    पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल

    घटना के तुरंत बाद घायल महिला थाने पहुंची और शिकायत दर्ज कराई। प्राथमिक उपचार के लिए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बरही ले जाया गया जहाँ से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में मामले को गंभीरता से नहीं लिया और घटना के बाद आरोपी पर मामूली धाराओं के तहत केस दर्ज किया। परिजनों का कहना है कि जब महिला की हालत बिगड़ने लगी और मामला तूल पकड़ने लगा तब जाकर पुलिस ने दो दिन बाद हत्या के प्रयास धारा 307 का मामला जोड़ा। अब महिला की मौत के बाद पुलिस पर दबाव है कि इसे हत्या धारा 302 के मामले में तब्दील किया जाए।

    आरोपी हिरासत में गांव में मातम

    गुरुवार की रात महिला की मौत की खबर मिलते ही गांव में सन्नाटा पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बरही थाना पुलिस सक्रियता दिखाते हुए आरोपी रज्जन पाठक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और रिपोर्ट के आधार पर मामले में हत्या की धाराएं बढ़ाई जा रही हैं। यह घटना ग्रामीण अंचलों में बढ़ते विवादों और कानून व्यवस्था के प्रति अपराधियों के निडर रवैये को दर्शाती है। फिलहाल पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है ताकि पीड़िता के परिवार को न्याय मिल सके।

  • इंदौर में दूषित पानी से 15वीं मौत, पेयजल लाइन में सीवेज मिलने की पुष्टि; NHRC ने मांगी रिपोर्ट

    इंदौर में दूषित पानी से 15वीं मौत, पेयजल लाइन में सीवेज मिलने की पुष्टि; NHRC ने मांगी रिपोर्ट


    इंदौर /मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल से फैली बीमारी ने एक और जान ले ली है। गुरुवार को 68 वर्षीय गीताबाई की मौत के साथ ही इस जल त्रासदी में मृतकों की संख्या 15 हो गई। अब तक 16 बच्चों सहित 201 लोग अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं।एमजीएम मेडिकल कॉलेज की लैब रिपोर्ट में यह पुष्टि हुई है कि सभी मौतें और बीमारियां दूषित पानी पीने के कारण हुई हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी CMHO डॉ. माधव हसानी ने बताया कि जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि पानी में बैक्टीरियल संक्रमण था। मरीजों में डायरिया, उल्टी और तेज बुखार जैसे लक्षण पाए गए, जो पानी से फैलने वाली बीमारियों के संकेत हैं। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि विस्तृत रिपोर्ट और कल्चर टेस्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे संक्रमण के सटीक कारणों का पता चलेगा।

    राज्य के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने स्वीकार किया कि भागीरथपुरा में पेयजल लाइन में सीवेज का पानी मिला। पाइपलाइन पुलिस चौकी के पास से गुजर रही है, जहां से लीकेज की आशंका सबसे अधिक है। शौचालय के नीचे से गुजर रही जल आपूर्ति लाइन में सीवेज के मिलने की संभावना जताई जा रही है। प्रशासन ने मरम्मत कार्य शुरू कर दिया है और प्रभावित इलाके में टैंकरों से साफ पानी सप्लाई किया जा रहा है।राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग NHRC ने इस गंभीर जनस्वास्थ्य संकट पर स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने मध्य प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव को नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में मौतों के कारण, जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका और पीड़ितों को दी गई सहायता का ब्यौरा मांगा गया है।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में आज दोपहर 12 बजे के बाद सुनवाई होने की संभावना है। जबलपुर स्थित हाईकोर्ट की दो सदस्यीय पीठ ऑनलाइन सुनवाई करेगी। कोर्ट ने राज्य सरकार से अब तक की कार्रवाई और स्थिति पर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने को कहा है।स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रेनेज के पानी में शिगेला, साल्मोनेला, हैजा कोलेरा और ई. कोलाई जैसे घातक बैक्टीरिया पाए जा सकते हैं। यदि यह पानी पेयजल लाइन में मिल जाए, तो यह अत्यंत विषैला हो जाता है और जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है। प्रशासन ने प्रभावित लोगों को उबला हुआ पानी पीने की सलाह दी है।

    इंदौर की यह घटना प्रशासनिक लापरवाही और शहरी जल आपूर्ति व्यवस्था की सुरक्षा पर गंभीर चिंता पैदा करती है। पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत, संक्रमित क्षेत्र में पानी की सप्लाई और लोगों की सुरक्षा के लिए तत्काल कदम उठाए गए हैं। अब इस त्रासदी की आगे की कार्रवाई NHRC रिपोर्ट और अदालत के निर्देशों पर निर्भर करेगी।भागीरथपुरा जल संकट ने यह साबित कर दिया है कि शहरी जल आपूर्ति व्यवस्था में निगरानी और नियमित निरीक्षण न होने पर छोटे-छोटे लीकेज भी बड़े जनस्वास्थ्य संकट में बदल सकते हैं। प्रशासन और सरकार दोनों के लिए यह चेतावनी है कि शहरों में जल सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

  • इंदौर में दूषित पानी से 15 मौतें राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर बोला हमला

    इंदौर में दूषित पानी से 15 मौतें राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर बोला हमला


    इंदौर । इंदौर में गंदा पानी पीने से हुए मौतों का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी के सेवन से अब तक 15 लोगों की जान जा चुकी है जबकि 338 नए मरीजों में से 32 की हालत गंभीर है। गंदे पानी की लगातार शिकायतों के बावजूद प्रशासन ने समय रहते कोई कदम नहीं उठाया। इस पर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि इंदौर में आम आदमी को पानी नहीं बल्कि जहर दिया गया है। उनका कहना है कि प्रशासन की लापरवाही के चलते यह हादसा हुआ है और अब भी कार्रवाई नहीं हो रही है।

    राहुल गांधी ने ट्विटर पर इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की और कहा कि “इंदौर में पानी नहीं जहर बंटा और प्रशासन कुंभकर्णी नींद में था। घर-घर मातम है गरीब बेबस हैं लेकिन भाजपा के नेता घमंड में चूर हैं। जिनके घरों में चूल्हा बुझा है उन्हें सांत्वना मिलनी चाहिए थी लेकिन सरकार ने घमंड परोस दिया।” उन्होंने यह भी पूछा कि गंदा पानी प्रशासन ने क्यों नहीं रोका और सीवर पानी पीने का कारण क्या था। राहुल गांधी ने भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “क्यों नहीं कार्रवाई की गई।

    इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार के मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बयान दिया था जिसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नगर निगम के बाहर प्रदर्शन किया। यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने दूषित पानी की आपूर्ति पर सरकार से जवाबदेही की मांग की। इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कई कांग्रेस कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया।

    राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा की सरकार प्रशासन और नेतृत्व इस घटना के लिए पूरी तरह जिम्मेदार है। उन्होंने मध्य प्रदेश को कुप्रशासन का एपिसेंटर बताया और कहा कि यहां लगातार ऐसी घटनाएं हो रही हैं जिनमें गरीबों की जान जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर हमेशा की तरह खामोश रहते हैं जब गरीब मरते हैं। इस घटना के बाद से जनता में गुस्सा और प्रशासन के खिलाफ आक्रोश फैल गया है और इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और प्रदर्शनों का दौर जारी है।

  • भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी 2026 में तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज होगी। रोहित शर्मा और विराट कोहली से टीम को बड़ी पारियों की उम्मीद है।

    भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी 2026 में तीन मैचों की रोमांचक वनडे सीरीज होगी। रोहित शर्मा और विराट कोहली से टीम को बड़ी पारियों की उम्मीद है।


    नई दिल्ली । भारत और न्यूजीलैंड के बीच जनवरी 2026 में तीन मैचों की वनडे सीरीज खेली जाएगी। यह सीरीज टी20 वर्ल्ड कप 2026 और वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारियों के लिहाज से टीम इंडिया के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। मुकाबले वडोदरा, राजकोट और इंदौर में आयोजित होंगे और तीनों मैच डे-नाइट होंगे।सीरीज की शुरुआत 11 जनवरी 2026 को वडोदरा में होगी। दूसरा मैच 14 जनवरी को राजकोट और तीसरा तथा अंतिम मुकाबला 18 जनवरी को इंदौर में खेला जाएगा। मुकाबलों में टॉस दोपहर 1 बजे होगा और मैच 1:30 बजे से शुरू होंगे।

    टीम चयन और सस्पेंस

    भारतीय टीम के चयन को लेकर अभी भी सस्पेंस बना हुआ है। चयनकर्ता श्रेयस अय्यर की फिटनेस रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं। यदि अय्यर फिट नहीं होते हैं, तो ऋतुराज गायकवाड़ को टीम में मौका मिल सकता है। इसके अलावा, हार्दिक पांड्या और जसप्रीत बुमराह को वर्कलोड मैनेजमेंट के तहत आराम दिए जाने की चर्चा है। वहीं ऋषभ पंत की वापसी पर भी संशय है।विजय हजारे ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन कर रहे सरफराज खान और ईशान किशन भी चयनकर्ताओं की नजर में हैं।

    रोहित और विराट पर नजर
    टीम के दो सीनियर बल्लेबाज रोहित शर्मा और विराट कोहली शानदार फॉर्म में हैं। दोनों से इस सीरीज में बड़ी पारियों की उम्मीद है। उनके अनुभव से युवा खिलाड़ियों को मार्गदर्शन मिलेगा। यह सीरीज वनडे वर्ल्ड कप 2027 की तैयारी की दिशा में भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    भारत बनाम न्यूजीलैंड का रिकॉर्ड

    वनडे क्रिकेट में भारत का न्यूजीलैंड के खिलाफ रिकॉर्ड मजबूत रहा है। अब तक 120 वनडे मुकाबलों में भारत ने 62 जीते हैं, जबकि न्यूजीलैंड को 52 में सफलता मिली है। सात मैच बेनतीजा रहे हैं और एक मुकाबला टाई रहा है।

    लाइव प्रसारण
    भारत-न्यूजीलैंड वनडे सीरीज का लाइव प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। मोबाइल और ऑनलाइन दर्शक JioHotstar के जरिए लाइव स्ट्रीमिंग देख सकते हैं।

    संभावित प्लेइंग-11

    भारत: शुभमन गिल कप्तान, रोहित शर्मा, विराट कोहली, यशस्वी जायसवाल, केएल राहुल, ऋतुराज गायकवाड़, तिलक वर्मा, ऋषभ पंत, रवींद्र जडेजा, कुलदीप यादव, मोहम्मद शमी।न्यूजीलैंड: माइकल ब्रेसवेल कप्तान, डेवोन कॉनवे, डेरिल मिचेल, टॉम लैथम, ग्लेन फिलिप्स, जेम्स नीशम, काइल जैमीसन, ट्रेंट बोल्ट, मिच हे, विल यंग, निकोल्स।इस सीरीज से टीम इंडिया को नई प्रतिभाओं की परख करने का मौका मिलेगा और खिलाड़ियों की फॉर्म पर भी नजर रखी जाएगी। वहीं, न्यूजीलैंड के खिलाफ प्रतिस्पर्धा और रोमांचक मुकाबले फैंस के लिए उत्साह बढ़ाने वाले होंगे।