Author: bharati

  • अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ की रिलीज से पहले ही धुआंधार कमाई, 4 लाख से ज्यादा टिकट बिकीं, एडवांस बुकिंग में 10 करोड़ पार

    अजय देवगन की ‘दृश्यम 3’ की रिलीज से पहले ही धुआंधार कमाई, 4 लाख से ज्यादा टिकट बिकीं, एडवांस बुकिंग में 10 करोड़ पार

    नई दिल्ली। अजय देवगन की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘दृश्यम 3’ सिनेमाघरों में रिलीज होने से पहले ही बॉक्स ऑफिस पर अपनी मौजूदगी दर्ज करा रही है। लंबे इंतजार के बाद फिल्म 2 अक्टूबर को थिएटर में रिलीज होने जा रही है। फिल्म को लेकर दर्शकों के बीच काफी उत्साह है और एडवांस बुकिंग के आंकड़े भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं।

    ‘दृश्यम 3’ की कहानी को लेकर भी दर्शकों में खास दिलचस्पी बनी हुई है। ट्रेलर में विजय सलगांवकर और उसका परिवार एक बार फिर मुश्किल परिस्थितियों में नजर आता है। कहानी इस बार कोर्टरूम तक पहुंचती दिखाई दे रही है, जहां जज के सामने ऐसे तथ्य रखे जाने की बात सामने आती है, जिनके आधार पर परिवार को दोषी ठहराया जा सकता है या उसे हमेशा के लिए राहत मिल सकती है।

    फिल्म की एडवांस बुकिंग 27 सितंबर को शुरू की गई थी। रिलीज से पहले ही देशभर में 4 लाख से ज्यादा टिकट बिकने की जानकारी सामने आई है। एडवांस बुकिंग से फिल्म की कमाई 10 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। रिलीज से तीन दिन पहले सामने आए ये आंकड़े फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी को दिखाते हैं।

    एडवांस बुकिंग शुरू होने के पहले ही दिन फिल्म ने 6.65 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया था। इस साल रिलीज हुई फिल्मों की एडवांस बुकिंग के आंकड़ों से तुलना करें तो ‘दृश्यम 3’ सिर्फ ‘धुरंधर 2’ से पीछे बताई जा रही है। ऐसे में 2 अक्टूबर को फिल्म की ओपनिंग पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

    फिल्म की पहले दिन की कमाई को लेकर भी चर्चा तेज है। उपलब्ध एडवांस बुकिंग आंकड़ों के आधार पर ‘दृश्यम 3’ की ओपनिंग 35 करोड़ रुपये से ज्यादा होने की संभावना जताई गई है। हालांकि वास्तविक कमाई का आंकड़ा फिल्म के रिलीज होने के बाद ही सामने आएगा।

    साल 2022 में रिलीज हुई ‘दृश्यम 2’ ने पहले दिन करीब 15 करोड़ रुपये की कमाई के साथ शुरुआत की थी। अब तीसरे पार्ट की रिलीज से पहले जिस तरह टिकटों की बिक्री हो रही है, उससे फिल्म की ओपनिंग को लेकर दर्शकों की उत्सुकता बढ़ गई है।

    ‘दृश्यम 3’ में अजय देवगन के साथ श्रिया सरन, इशिता दत्ता, तबू और रजत कपूर नजर आएंगे। इस बार कलाकारों की सूची में जयदीप अहलावत का नाम भी जुड़ा है। ट्रेलर में उनका किरदार महत्वपूर्ण और प्रभावशाली नजर आता है। फिल्म की कहानी में उनके किरदार की भूमिका को लेकर भी दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है।

    फिल्म की कहानी में इस बार सलगांवकर परिवार के पुराने राज के सामने आने का संकेत दिया गया है। हालांकि पिछली फिल्मों की तरह तीसरे भाग में भी कहानी के अंत में बड़ा ट्विस्ट देखने को मिल सकता है। फिल्म के ट्रेलर ने कहानी को लेकर कई सवाल खड़े किए हैं, जिनका जवाब सिनेमाघरों में मिलने की उम्मीद है।

    ‘दृश्यम 3’ का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है। फिल्म 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। रिलीज से पहले एडवांस बुकिंग में 4 लाख से ज्यादा टिकटों की बिक्री और 10 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई ने फिल्म की शुरुआत को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है।

  • बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी को वंदे मातरम गाने की दी चुनौती, ऋतिक रोशन की हैरानी भरी प्रतिक्रिया हुई वायरल

    बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी को वंदे मातरम गाने की दी चुनौती, ऋतिक रोशन की हैरानी भरी प्रतिक्रिया हुई वायरल

    नई दिल्ली। वंदे मातरम और पितृसत्ता को लेकर बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज की ओर से कांग्रेस नेता राहुल गांधी को दी गई चुनौती का मामला एक बार फिर चर्चा में है। करीब एक महीने पुराने इस बयान पर बॉलीवुड अभिनेता ऋतिक रोशन की प्रतिक्रिया सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर लोगों की अलग-अलग प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं।

    बांसुरी स्वराज ने पुणे में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम के दौरान राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी थी, जिसमें उन्होंने महिलाओं से पितृसत्ता के खिलाफ आवाज उठाने और इसे खत्म करने की बात कही थी। राहुल गांधी ने अपने संबोधन में महिलाओं को बेटी, पत्नी या मां की भूमिका तक सीमित किए जाने की बात कही थी और ऐसी सोच के खिलाफ एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया था।

    इसी संदर्भ में बांसुरी स्वराज ने राहुल गांधी को चुनौती देते हुए कहा था कि अगर वह वास्तव में पितृसत्ता को खत्म करना चाहते हैं तो उन्हें पूरा वंदे मातरम गाकर दिखाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि उन्हें क्रिसमस कैरल गाने, पूरा वंदे मातरम गाने और शिव तांडव का पाठ करने में कोई परेशानी नहीं है। इसके बाद उन्होंने राहुल गांधी को पूरा वंदे मातरम गाने की चुनौती दी थी।

    बांसुरी स्वराज का यह बयान अगस्त में सामने आया था, लेकिन हाल ही में इसका वीडियो फिर सोशल मीडिया पर चर्चा में आया। वीडियो पर ऋतिक रोशन की प्रतिक्रिया ने इस मामले को और सुर्खियों में ला दिया। उन्होंने वीडियो पर कमेंट करते हुए लिखा, “Huh? Is this real. Wow.” ऋतिक की इस संक्षिप्त प्रतिक्रिया के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने भी इस मुद्दे पर अपनी-अपनी राय रखी।

    राहुल गांधी ने पुणे में महिलाओं को संबोधित करते हुए पितृसत्ता की आलोचना की थी। उन्होंने कहा था कि महिलाओं को अक्सर बेटी, पत्नी या मां जैसी भूमिकाओं तक सीमित कर दिया जाता है, जबकि उनकी अपनी स्वतंत्र पहचान भी है। उन्होंने कहा था कि पितृसत्ता महिलाओं को दबाती, डराती और नियंत्रित करती है तथा इसे खत्म करने के लिए मिलकर काम करना जरूरी है।

    अपने संबोधन में राहुल गांधी ने मनुस्मृति का भी उल्लेख किया था और महिलाओं को सीमित भूमिकाओं में रखने वाली सोच की आलोचना की थी। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक स्तर पर प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं। इसी क्रम में बांसुरी स्वराज ने वंदे मातरम के पूर्ण गायन को पितृसत्ता के खिलाफ उनके आह्वान से जोड़ते हुए चुनौती दी थी।

    ऋतिक रोशन की टिप्पणी के बाद सोशल मीडिया पर कई तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आईं। एक यूजर ने उनकी फिल्म कृष का जिक्र करते हुए उनसे अपने अंदर के कृष को बाहर लाने की बात कही। एक अन्य यूजर ने इसी पार्टी की नेता कंगना रनौत का जिक्र करते हुए प्रतिक्रिया दी। कुछ लोगों ने ऋतिक के कमेंट की तारीफ भी की और इसे मजेदार बताया।

    इस पूरे घटनाक्रम में एक तरफ राहुल गांधी का महिलाओं और पितृसत्ता से जुड़ा बयान है, दूसरी तरफ बांसुरी स्वराज की ओर से वंदे मातरम को लेकर दी गई चुनौती और अब ऋतिक रोशन की प्रतिक्रिया है। पुराने वीडियो पर आई नई प्रतिक्रिया ने इस राजनीतिक बयान और उससे जुड़े सोशल मीडिया विमर्श को दोबारा सुर्खियों में ला दिया है।

  • राहुल भट्ट ने आलिया और पूजा की तुलना पर रखी राय, कहा- पूजा ज्यादा टैलेंटेड और इंटैलिजेंट हैं, आलिया की फिल्म च्वाइस शानदार

    राहुल भट्ट ने आलिया और पूजा की तुलना पर रखी राय, कहा- पूजा ज्यादा टैलेंटेड और इंटैलिजेंट हैं, आलिया की फिल्म च्वाइस शानदार

    नई दिल्ली। महेश भट्ट के बेटे राहुल भट्ट ने अपनी सौतेली बहनों आलिया भट्ट और पूजा भट्ट को लेकर खुलकर बात की है। राहुल ने दोनों की तुलना करते हुए पूजा को ज्यादा टैलेंटेड और इंटैलिजेंट बताया। हालांकि, उन्होंने आलिया की फिल्म च्वाइस, स्टारडम और अब तक के काम की भी तारीफ की और कहा कि उन्होंने उम्मीद से कहीं ज्यादा काम किया है।

    महेश भट्ट के चार बच्चे हैं। पहली शादी से उनके बच्चे पूजा भट्ट और राहुल भट्ट हैं, जबकि दूसरी शादी से आलिया भट्ट और शाहीन भट्ट हैं। राहुल ने अपने परिवार और सौतेली मां सोनी के साथ रिश्तों पर भी बात की। उन्होंने बताया कि आलिया और शाहीन के साथ उनका रिश्ता सम्मान और स्नेह वाला है।

    आलिया और शाहीन के साथ अपने रिश्ते के बारे में राहुल ने कहा कि उनके बीच एक सिविल डायनैमिक्स है। वह दोनों का सम्मान करते हैं और उनसे प्यार भी करते हैं। उन्होंने कहा कि वह खुश हैं कि शाहीन अब सेटल हैं। राहुल ने आलिया को लेकर भी खुशी जताई और कहा कि वह उनकी छोटी बहन हैं। उनके मुताबिक, आलिया उन्हें सनी-बनी कहकर बुलाती हैं।

    सौतेली मां सोनी के साथ रिश्ते को लेकर राहुल ने कहा कि वह काफी अच्छी हैं, लेकिन उनके बीच का रिश्ता एक तरह की फॉर्मैलिटी है। उन्होंने बताया कि परिवार के लोग उन्हें बुलाते हैं और वे पिता के जन्मदिन, क्रिसमस तथा दिवाली जैसे मौकों पर मिलते हैं।

    राहुल ने कहा कि परिवार के सदस्य जानते हैं कि वह मौजूद हैं और उन्हें लगता है कि वे उनके करीब हैं। उन्होंने यह भी कहा कि शाहीन उनका ज्यादा सम्मान करती हैं। वहीं आलिया के बारे में राहुल ने कहा कि उनका स्टारडम है और वह थोड़ी अलग हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि वर्तमान समय में उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण रिश्ता उनकी रियल बहन पूजा भट्ट के साथ है।

    पूजा और आलिया के टैलेंट की तुलना पर राहुल ने अपनी राय विस्तार से रखी। उन्होंने कहा कि दोनों का जन्म अलग-अलग दौर में हुआ है। उनके मुताबिक, आलिया के पास ज्यादा प्रॉलिफिक बॉडी ऑफ वर्क है, जबकि पूजा की पर्सनैलिटी अलग है। उन्होंने पूजा के पहनावे और उनके व्यक्तित्व का भी जिक्र किया।

    राहुल ने कहा कि अगर दोनों की तुलना की जाए तो उनकी निजी राय में पूजा ज्यादा इंटैलिजेंट और टैलेंटेड हैं। उन्होंने पूजा को अपने सभी भाई-बहनों में टैलेंट के मामले में आगे बताया। साथ ही राहुल ने यह भी कहा कि आलिया की फिल्मों की च्वाइस काफी शानदार है और उनमें टैलेंट भी है।

    राहुल के मुताबिक, आलिया को पब्लिक रिलेशन और अपनी छवि को बनाने की अच्छी समझ है। उन्होंने कहा कि पूजा टैलेंट के मामले में पावरहाउस हैं, जबकि आलिया का अपना अलग प्रभाव और व्यक्तित्व है। राहुल ने यह भी स्पष्ट किया कि उनका बयान आलिया के खिलाफ नहीं है।

    उन्होंने आलिया के काम की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने उम्मीद से कहीं ज्यादा काम किया है और वह अपने आप में एक इंस्टीट्यूशन हैं। राहुल ने यह भी बताया कि वह आलिया के पति रणबीर कपूर से पांच-छह बार मिल चुके हैं। उनके मुताबिक, फिल्म एनिमल के दौरान रणबीर ने उनसे बंदूक पकड़ने के तरीके के बारे में भी पूछा था।

  • ईरान ने UN पर कसा शोले के ठाकुर वाला तंज, मीम में बताया निहत्था और बेबस, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

    ईरान ने UN पर कसा शोले के ठाकुर वाला तंज, मीम में बताया निहत्था और बेबस, सोशल मीडिया पर चर्चा तेज

    नई दिल्ली। अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनातनी के बीच ईरान ने अब संयुक्त राष्ट्र पर भी तंज कसा है। भारत में स्थित ईरानी दूतावास की ओर से सोशल मीडिया पर साझा किए गए एक मीम में बॉलीवुड की चर्चित फिल्म शोले के किरदार ठाकुर बलदेव सिंह की तस्वीर का इस्तेमाल किया गया। इस मीम के जरिए संयुक्त राष्ट्र की वास्तविक प्रभावशीलता पर सवाल उठाने की कोशिश की गई है।

    ईरान पहले भी मीम के जरिए अमेरिका और उसके सहयोगियों पर निशाना साधता रहा है। अलग-अलग देशों में मौजूद ईरानी दूतावासों की ओर से सोशल मीडिया पर कई बार ऐसे पोस्ट साझा किए गए हैं, जिनमें राजनीतिक घटनाक्रम को हास्य और लोकप्रिय संस्कृति से जोड़कर संदेश देने की कोशिश की गई। इस बार संयुक्त राष्ट्र को निशाना बनाने के लिए भारतीय सिनेमा के बेहद चर्चित किरदार ठाकुर को चुना गया।

    मंगलवार को साझा किए गए इस मीम में दो अलग-अलग तस्वीरें दिखाई गई हैं। पहली तस्वीर में मार्वल के सुपरहीरो डॉक्टर स्ट्रेंज को दिखाया गया है, जिसके कई हाथ नजर आते हैं। इस तस्वीर के साथ लिखा गया है, “स्कूल की किताबों के मुताबिक यूएन।” इसके जरिए यह संदेश देने की कोशिश की गई है कि आम तौर पर संयुक्त राष्ट्र को एक ऐसी शक्तिशाली वैश्विक संस्था के रूप में देखा जाता है, जो अलग-अलग अंतरराष्ट्रीय मामलों में हस्तक्षेप करने और कार्रवाई करने की क्षमता रखती है।

    दूसरी तस्वीर में 1975 में रिलीज हुई चर्चित फिल्म शोले के किरदार ठाकुर बलदेव सिंह को दिखाया गया है। फिल्म की कहानी में ठाकुर के दोनों हाथ कटे हुए होते हैं। इसी तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए मीम में लिखा गया है, “वास्तविकता में UN।” इसके माध्यम से संयुक्त राष्ट्र की वास्तविक स्थिति को एक ऐसे किरदार से जोड़ने की कोशिश की गई है, जिसके पास अपने हाथ नहीं हैं और जो परिस्थितियों के सामने असहाय नजर आता है।

    ईरान ने यह मीम ऐसे समय में साझा किया है, जब न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा का 81वां सत्र चल रहा है। इसी दौरान वैश्विक स्तर पर कई गंभीर संघर्ष और कूटनीतिक तनाव चर्चा में हैं। ईरान और अमेरिका के बीच जारी टकराव के दौरान संयुक्त राष्ट्र की ओर से तनाव कम करने और बातचीत के जरिए समाधान तलाशने की अपील की जाती रही है।

    मीम के जरिए ईरानी पक्ष का संकेत यह है कि जब बड़े और शक्तिशाली देश सीधे संघर्ष में शामिल होते हैं, तब संयुक्त राष्ट्र के पास उन्हें रोकने की सीमित क्षमता रह जाती है। इसी विचार को समझाने के लिए फिल्म शोले के ठाकुर के किरदार का इस्तेमाल किया गया है। एक तस्वीर में कई हाथों वाले डॉक्टर स्ट्रेंज के जरिए संगठन की कागजी ताकत दिखाई गई है, जबकि दूसरी तस्वीर में हाथ कटे ठाकुर के जरिए उसकी कथित वास्तविक बेबसी को दर्शाने का प्रयास किया गया है।

    ईरान की इस तरह की सोशल मीडिया गतिविधियों को मीम डिप्लोमेसी के तौर पर भी देखा जाता है। इसका उद्देश्य पारंपरिक कूटनीतिक बयानों के बजाय लोकप्रिय तस्वीरों, हास्य और इंटरनेट संस्कृति के माध्यम से राजनीतिक संदेश को लोगों तक पहुंचाना होता है। इस बार भारतीय फिल्म के चर्चित किरदार को शामिल किए जाने के कारण यह मीम खास तौर पर चर्चा में आया है।

  • MP में IPS अफसरों की नई जमावट की तैयारी, प्रमोशन के बाद होंगे बदलाव, भोपाल-इंदौर DCP पर नजर

    MP में IPS अफसरों की नई जमावट की तैयारी, प्रमोशन के बाद होंगे बदलाव, भोपाल-इंदौर DCP पर नजर


    भोपाल। मध्य प्रदेश पुलिस में सितंबर के बड़े फेरबदल के बाद एक बार फिर नई पोस्टिंग को लेकर हलचल तेज होने की चर्चा है। पुलिस मुख्यालय से लेकर जिलों तक संभावित बदलाव को लेकर अलग अलग स्तर पर कयास लगाए जा रहे हैं। 13 सितंबर को गृह विभाग ने 137 पुलिस अधिकारियों की पदस्थापना में बदलाव किया था। इसमें 10 IPS और 127 राज्य पुलिस सेवा के अधिकारी शामिल थे। अब एक बार फिर करीब 15 जिलों में SP स्तर पर बदलाव की संभावना की चर्चा सामने आ रही है। इसके साथ ही भोपाल और इंदौर पुलिस कमिश्नरेट में DCP स्तर की जिम्मेदारियों पर भी नजर बनी हुई है। हालांकि इन सभी संभावित बदलावों की अंतिम तस्वीर गृह विभाग के आधिकारिक आदेश के बाद ही स्पष्ट होगी।

    नई पोस्टिंग की चर्चा के पीछे कई प्रशासनिक कारण बताए जा रहे हैं। IPS अधिकारियों के प्रमोशन के बाद कुछ मौजूदा पद खाली हो सकते हैं। ऐसे में उन रिक्तियों को भरने के लिए नई पदस्थापनाओं की जरूरत पड़ सकती है। इसी वजह से इस संभावित सूची को केवल सामान्य तबादला प्रक्रिया के तौर पर नहीं देखा जा रहा है बल्कि प्रमोशन के बाद बनने वाले नए प्रशासनिक समीकरण से भी जोड़कर देखा जा रहा है।

    जिला पुलिस अधीक्षक स्तर पर जबलपुर निवाड़ी सीधी ग्वालियर रतलाम छिंदवाड़ा और सागर जैसे जिलों को लेकर बदलाव की चर्चा है। हालांकि अभी किसी अधिकारी का नाम या पदस्थापना तय नहीं मानी जा सकती। सरकारी आदेश जारी होने तक संभावित नाम और जिलों को लेकर सामने आ रही जानकारी को सिर्फ चर्चा के स्तर पर ही देखा जाना चाहिए।

    संभावित फेरबदल का असर केवल जिलों तक सीमित रहने की बात नहीं है। ग्वालियर और जबलपुर रेंज की वरिष्ठ कमान में भी बदलाव की संभावना को लेकर चर्चा है। इसके अलावा पुलिस मुख्यालय बटालियन और रेडियो जैसे महत्वपूर्ण विभागों में तैनात अधिकारियों को लेकर भी नई जिम्मेदारियों के विकल्प सामने आ सकते हैं। यदि फील्ड और मुख्यालय स्तर पर एक साथ बदलाव होता है तो पुलिस महकमे में कई स्तरों पर नई प्रशासनिक जमावट देखने को मिल सकती है।

    भोपाल और इंदौर पर इसलिए भी विशेष नजर है क्योंकि दोनों शहरों में पुलिस कमिश्नरेट व्यवस्था लागू है और DCP स्तर के पद फील्ड पुलिसिंग में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। रिक्त पदों या प्रमोशन के कारण बनने वाली नई जगहों पर किन अधिकारियों को जिम्मेदारी दी जाती है यह आने वाले आदेशों से साफ हो सकता है। फिलहाल इन पदों को लेकर भी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।


    इस संभावित फेरबदल में कुछ अपेक्षाकृत जूनियर IPS अधिकारियों को फील्ड में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने की संभावना की चर्चा भी है। यदि ऐसा होता है तो जिलों और कमिश्नरेट में नई पीढ़ी के अधिकारियों को कमांड की जिम्मेदारी मिल सकती है। दूसरी ओर प्रमोशन के बाद वरिष्ठ अधिकारियों की नई भूमिका तय होने से कई मौजूदा पदों पर बदलाव की जरूरत भी बन सकती है।

    इस बीच पुलिस महकाने में DGP पद से जुड़ा भविष्य का समीकरण भी महत्वपूर्ण रहेगा। मौजूदा DGP कैलाश मकवाना का कार्यकाल दिसंबर 2026 तक बताया गया है। इसलिए आने वाले महीनों में होने वाली वरिष्ठ IPS अधिकारियों की पदस्थापनाओं को केवल तत्काल जिला स्तर के बदलाव के रूप में देखना पूरी तस्वीर नहीं होगी। शीर्ष पुलिस नेतृत्व से जुड़ी आगामी प्रक्रिया का असर भी प्रशासनिक समीकरणों पर पड़ सकता है।

    सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सितंबर में 137 अधिकारियों की पोस्टिंग के कुछ ही समय बाद नई सूची की चर्चा क्यों शुरू हुई है। इसके पीछे प्रमोशन रिक्त पद और प्रशासनिक जरूरत जैसे सामान्य कारण हो सकते हैं। बार बार तबादला होना अपने आप में किसी प्रशासनिक निष्कर्ष का प्रमाण नहीं माना जा सकता। अब निगाह गृह विभाग के अगले आदेश पर है। आदेश सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बदलाव कितने जिलों तक सीमित रहता है और क्या इसका असर SP से लेकर IG और DCP स्तर तक दिखाई देता है।

  • ईरान की सैन्य सप्लाई चेन पर अमेरिका का शिकंजा, हॉन्ग-कॉन्ग और पाकिस्तान से जुड़े 10 लोगों-संस्थाओं पर प्रतिबंध

    ईरान की सैन्य सप्लाई चेन पर अमेरिका का शिकंजा, हॉन्ग-कॉन्ग और पाकिस्तान से जुड़े 10 लोगों-संस्थाओं पर प्रतिबंध


    वॉशिंगटन।
    अमेरिका ने ईरान की सैन्य सप्लाई चेन पर कार्रवाई करते हुए ईरान, हॉन्ग-कॉन्ग और पाकिस्तान से जुड़े 10 लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने मंगलवार को यह कदम उठाया। इन लोगों और कंपनियों पर ईरान के रक्षा मंत्रालय के लिए हथियार और उनके कलपुर्जे जुटाने तथा सैन्य खरीद में आर्थिक मदद पहुंचाने का आरोप लगाया गया है।

    यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब ट्रंप प्रशासन ईरान पर आर्थिक दबाव बढ़ा रहा है। वहीं, दोनों देशों के बीच संभावित कूटनीतिक बातचीत को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है।

    ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ के तहत कार्रवाई

    अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के अनुसार, यह कार्रवाई प्रशासन के ‘ऑपरेशन इकोनॉमिक आउटकास्ट’ अभियान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य ईरानी सरकार तक पहुंचने वाली महत्वपूर्ण वित्तीय मदद को रोकना है।

    ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि उनका विभाग ईरानी शासन को किसी भी तरह का समर्थन बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि ईरान की मदद करने वाले लोगों और संस्थाओं की पहचान कर उन्हें अलग-थलग करने की कार्रवाई जारी रहेगी।

    हथियारों और कलपुर्जों की खरीद में मदद का आरोप

    अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, प्रतिबंधों की जद में आए 10 लोग और संस्थाएं ईरान, हॉन्ग-कॉन्ग और पाकिस्तान में मौजूद हैं। इन पर ईरान के रक्षा मंत्रालय के लिए हथियार तथा हथियारों के हिस्से जुटाने में मदद करने का आरोप है।

    अमेरिका का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य ईरान की रक्षा व्यवस्था पर दबाव बढ़ाना और उसकी हथियार निर्माण क्षमता को दोबारा मजबूत करने की कोशिशों को रोकना है। नए प्रतिबंधों के जरिए उन लोगों और कंपनियों की लागत बढ़ाने का प्रयास किया गया है, जिन्होंने ईरान की सैन्य खरीद में मदद की।

    2024 में भी हुई थी कार्रवाई

    ईरान की सैन्य क्षमता से जुड़ी संस्थाओं के खिलाफ अमेरिका पहले भी कार्रवाई कर चुका है। वर्ष 2024 में बाइडेन प्रशासन ने ईरान के रक्षा मंत्रालय और सशस्त्र बलों के लिए मिसाइल और ड्रोन बनाने तथा उनके प्रसार में मदद करने वाली संस्थाओं को प्रतिबंधों के दायरे में लिया था।

    रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रियाल

    अमेरिका की ताजा वित्तीय कार्रवाई ऐसे समय हुई है जब मंगलवार को ईरान की मुद्रा रियाल रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गई। तेहरान में कारोबारियों ने एक अमेरिकी डॉलर के बदले 25 लाख से अधिक रियाल में कारोबार किया। युद्ध शुरू होने के बाद से रियाल लगातार कमजोर हुआ है। इससे पहले दो सितंबर को यह 22 लाख रियाल प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंचा था।

    पहले से प्रतिबंधों के दबाव में ईरानी अर्थव्यवस्था

    ईरानी अर्थव्यवस्था पहले से ही अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों के दबाव में है। इस साल अमेरिका की ओर से ईरानी तेल पर नौसैनिक नाकाबंदी और युद्ध शुरू होने के बाद लगाए गए नए प्रतिबंधों ने आर्थिक स्थिति पर दबाव और बढ़ा दिया है। ताजा अमेरिकी कार्रवाई ईरान की सैन्य आपूर्ति और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क पर दबाव बढ़ाने के प्रयास के तौर पर सामने आई है।

  • 30 सितंबर का पंचांग: आज पितरों के तर्पण का विशेष दिन सर्वार्थ सिद्धि योग में बनेंगे शुभ काम जानिए पूजा मुहूर्त चौघड़िया और अशुभ समय

    30 सितंबर का पंचांग: आज पितरों के तर्पण का विशेष दिन सर्वार्थ सिद्धि योग में बनेंगे शुभ काम जानिए पूजा मुहूर्त चौघड़िया और अशुभ समय


    नई दिल्ली। 30 सितंबर 2026 बुधवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। आज पितृ पक्ष की चतुर्थी तिथि है और चतुर्थी श्राद्ध किया जाएगा। मान्यता के अनुसार जिन पितरों का निधन किसी भी माह के किसी भी पक्ष की चतुर्थी तिथि को हुआ हो उनका श्राद्ध और तर्पण पितृ पक्ष की चतुर्थी तिथि पर किया जाता है। आज बुधवार व्रत और गणेश पूजा का भी संयोग बन रहा है। इसके अलावा दिन में सर्वार्थ सिद्धि योग रहेगा जिसे धार्मिक मान्यताओं में शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। पंचांग के अनुसार आज आश्विन कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि दोपहर 2:55 बजे तक रहेगी इसके बाद पंचमी तिथि शुरू हो जाएगी।

    चतुर्थी श्राद्ध करने वालों के लिए आज कुतुप मुहूर्त सुबह 11:47 बजे से दोपहर 12:35 बजे तक रहेगा। इसके बाद रौहिण मुहूर्त दोपहर 12:35 बजे से 1:22 बजे तक बताया गया है। इन समयों में पितरों का श्राद्ध और तर्पण किया जा सकता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पितृ पक्ष में विधि विधान से श्राद्ध और तर्पण करने से पितरों के प्रति श्रद्धा अर्पित की जाती है। वहीं आज भरणी नक्षत्र सुबह 7:36 बजे तक रहेगा जिसके बाद कृत्तिका नक्षत्र शुरू होगा और यह 1 अक्टूबर सुबह 6:02 बजे तक रहेगा। इसके बाद रोहिणी नक्षत्र लगेगा।

    आज वज्र योग रात 12:20 बजे तक रहेगा जिसके बाद सिद्धि योग शुरू होगा। वहीं सर्वार्थ सिद्धि योग सुबह 7:36 बजे से 1 अक्टूबर सुबह 6:14 बजे तक रहेगा। इस योग को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इसमें किए गए शुभ कार्यों के सफल होने की संभावना रहती है। आज चंद्रमा मेष राशि में दोपहर 1:13 बजे तक रहेगा और इसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। बुधवार का दिन भगवान गणेश की पूजा के लिए विशेष माना जाता है इसलिए व्रत रखने वाले श्रद्धालु आज गणेश जी की विधिपूर्वक पूजा कर सकते हैं।

    गणेश पूजा में दूर्वा अक्षत सिंदूर धूप दीप चंदन मोदक लड्डू और फल अर्पित किए जा सकते हैं। इसके बाद गणेश जी की आरती और बुधवार व्रत कथा का पाठ किया जा सकता है। गणेश मंत्र का जाप भी श्रद्धालु अपनी श्रद्धा के अनुसार कर सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं में बुध ग्रह से संबंधित परेशानियों के लिए हरे रंग से जुड़े उपाय और गाय को हरा चारा खिलाने जैसे उपाय भी बताए जाते हैं।

    आज सूर्योदय सुबह 6:13 बजे और सूर्यास्त शाम 6:08 बजे होगा। चंद्रोदय रात 8:30 बजे और चंद्रास्त अगले दिन सुबह 9:48 बजे बताया गया है। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:37 बजे से 5:25 बजे तक रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2:10 बजे से 2:58 बजे तक रहेगा जबकि निशिता मुहूर्त रात 11:47 बजे से 1 अक्टूबर रात 12:35 बजे तक रहेगा। दिन के चौघड़िया में लाभ उन्नति का समय सुबह 6:13 से 7:43 बजे तक अमृत सर्वोत्तम 7:43 से 9:12 बजे तक और शुभ उत्तम 10:42 बजे से 12:11 बजे तक रहेगा।

    वहीं आज राहुकाल दोपहर 12:11 बजे से 1:40 बजे तक रहेगा। यमगंड सुबह 7:43 से 9:12 बजे तक और गुलिक काल सुबह 10:42 से दोपहर 12:11 बजे तक रहेगा। पंचांग में आज उत्तर दिशा का दिशाशूल बताया गया है इसलिए इस दिशा में यात्रा करने वालों को सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। धार्मिक कार्यों और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए शुभ अशुभ समय का ध्यान रखने की परंपरा है। स्थानीय सूर्योदय और पंचांग गणना के अनुसार समय में थोड़ा अंतर संभव है इसलिए किसी विशेष धार्मिक अनुष्ठान के लिए स्थानीय पंचांग से समय की पुष्टि करना उचित रहेगा।

  • MP: स्वामित्व योजना पर गतिरोध जारी….सरकार ने शुरू की पटवारियों पर कार्रवाई की तैयारी

    MP: स्वामित्व योजना पर गतिरोध जारी….सरकार ने शुरू की पटवारियों पर कार्रवाई की तैयारी


    भोपाल।
    स्वामित्व योजना (SVAMITVA Scheme) के तहत रजिस्ट्री से जुड़े काम को लेकर सरकार और पटवारियों (Government and Patwaris) के बीच गतिरोध खत्म नहीं हुआ है। सरकार के निर्देश के बावजूद पटवारी इस काम को करने के लिए तैयार नहीं हैं। अब सरकार ने पटवारियों पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है। इसके लिए जिलों से उनके खिलाफ दर्ज पुराने मामलों और शिकायतों की जानकारी मांगी गई है।

    राजस्व विभाग (Department of Revenue) ने सभी जिलों को एक प्रारूप भेजकर पटवारियों के खिलाफ लंबित मामलों की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए हैं। इसमें भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों के साथ लोकायुक्त और आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) की जांच और प्रकरणों की जानकारी भी मांगी गई है। सरकार ने ऐसे मामलों का भी ब्योरा मांगा है, जिनमें पटवारियों की आय से अधिक संपत्ति की शिकायत या प्रकरण सामने आए हों। इसके अलावा लंबे समय से अभियोजन की मंजूरी लंबित मामलों और जांच एजेंसियों की जांच में दोषी पाए गए पटवारियों की जानकारी भी मांगी गई है। जिलों से यह भी पूछा गया है कि संबंधित मामलों में आगे क्या कार्रवाई की जा सकती है।


    रजिस्ट्री के काम को लेकर नहीं बनी सहमति

    स्वामित्व योजना के तहत होने वाली रजिस्ट्री के काम से पटवारियों ने दूरी बना रखी है। पटवारी संघ का कहना है कि वे योजना से जुड़े काम के अलावा दूसरे राजस्व कार्य कर रहे हैं। संघ का कहना है कि सरकार के साथ बातचीत के बावजूद अभी तक इस मुद्दे पर कोई सहमति नहीं बनी है। पटवारियों की आपत्ति को दूर करने के लिए सरकार की ओर से उन्हें कुछ आश्वासन भी दिए गए थे। इनमें रजिस्ट्री के दस्तावेजों में पटवारियों के नाम नहीं लिखे जाने और विवादित मामलों की रजिस्ट्री का काम नहीं सौंपे जाने की बात शामिल थी। चार मंत्रियों की समिति ने भी पटवारियों के प्रतिनिधियों से चर्चा की थी। इसके बावजूद पटवारियों ने स्वामित्व योजना से जुड़े रजिस्ट्री कार्य से दूरी बनाए रखी है।


    अब पुराने प्रकरणों पर कार्रवाई की तैयारी

    पटवारियों के काम नहीं करने के रुख के बाद मुख्य सचिव ने स्वामित्व योजना के तहत रजिस्ट्री का काम गुरुवार से शनिवार तक करने के निर्देश दिए थे। साथ ही काम से इनकार करने वाले पटवारियों पर कार्रवाई की बात भी कही गई थी। अब सरकार ने जिलों से पुराने प्रकरणों की जानकारी मांगकर अगला कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है। हालांकि पटवारी संघ का कहना है कि स्वामित्व योजना के काम को लेकर उनका रुख अभी नहीं बदला है। ऐसे में आने वाले दिनों में सरकार और पटवारियों के बीच टकराव बढ़ने के आसार हैं।

  • Report: भारत के लोग भले ही लंबी उम्र जी रहे …. पर बुढ़ापे में स्वस्थ जीवन और संतुष्टि का अभाव

    Report: भारत के लोग भले ही लंबी उम्र जी रहे …. पर बुढ़ापे में स्वस्थ जीवन और संतुष्टि का अभाव


    नई दिल्ली।
    भारत (India) में लोग पहले से ज्यादा लंबी उम्र (Longer lifespan) जरूर जी रहे हैं, लेकिन जीवन के आखिरी वर्षों में स्वस्थ, सक्रिय, आर्थिक रूप से सुरक्षित और संतुष्ट रहने की तस्वीर उतनी अच्छी नहीं है। खासकर ग्रामीण बुजुर्ग महिलाओं (Elderly Rural Women) के लिए स्थिति अधिक चुनौतीपूर्ण है। 60 वर्ष की उम्र में ग्रामीण महिलाओं के पास औसतन 18.5 वर्ष की शेष जीवन प्रत्याशा है, लेकिन इनमें सिर्फ 4.6 वर्ष अच्छे जीवन के रहने का अनुमान है। इसके मुकाबले शहरी पुरुषों के लिए 19.1 वर्ष की शेष जिंदगी में 10.2 वर्ष अच्छे जीवन के हैं।

    मुंबई स्थित इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट फॉर पॉपुलेशन साइंसेज, यूनिवर्सिटी ऑफ विएना और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं के अध्ययन में यह तस्वीर सामने आई है। अध्ययन के निष्कर्ष प्रतिष्ठित जर्नल सोशल इंडीकेटर्स रिसर्च में प्रकाशित हुए हैं। शोधकर्ताओं ने भारत में बुजुर्गों की स्थिति समझने के लिए आंकड़ों का विश्लेषण किया है।


    पुरुषों में शरीर, महिलाओं में संज्ञानात्मक स्वास्थ्य बड़ी चुनौती

    अध्ययन में अच्छे जीवन के वर्षों में राज्यों के बीच अंतर के कारण भी अलग-अलग दिखाई दिए। पुरुषों के मामले में करीब 45 फीसदी अंतर कार्यात्मक स्वास्थ्य से जुड़ा था, जबकि संज्ञानात्मक स्वास्थ्य का योगदान करीब 31 फीसदी रहा। महिलाओं में स्थिति उलट थी। उनके राज्यों के बीच अंतर में करीब 46 फीसदी हिस्सा संज्ञानात्मक स्वास्थ्य और 31 फीसदी कार्यात्मक स्वास्थ्य से जुड़ा था।ग्रामीण महिलाओं की स्थिति विशेष चिंता पैदा करती है। निर्धारित संज्ञानात्मक स्वास्थ्य कसौटी पर जहां 96 फीसदी शहरी पुरुष खरे उतरते हैं, वहीं ग्रामीण महिलाओं में यह हिस्सा करीब 69 फीसदी था।

    राज्यों में भी बड़ा फासला: 60 वर्ष की उम्र में पंजाब के पुरुषों के लिए अच्छे जीवन के वर्ष 12.9 रहे, जो उनकी शेष जीवन प्रत्याशा का करीब 63 फीसदी है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में बुजुर्ग पुरुषों के अच्छे जीवन के वर्ष करीब 6.5 से 6.8 के बीच रहे।महिलाओं में केरल की ग्रामीण महिलाओं की स्थिति अपेक्षाकृत बेहतर रही। वहां 60 वर्ष की उम्र के बाद 10.1 वर्ष अच्छे जीवन के रहे, जो शेष जीवन का करीब 46 फीसदी है। दूसरी ओर पश्चिम बंगाल में यह आंकड़ा 3.8 वर्ष और महाराष्ट्र की ग्रामीण महिलाओं में महज 2.7 वर्ष रहा।


    नीति के लिए बड़ा संकेत:

    अध्ययन का संकेत साफ है बुजुर्गों के लिए नीति का लक्ष्य केवल जीवन प्रत्याशा बढ़ाना नहीं होना चाहिए। स्वास्थ्य सेवाओं के साथ पुनर्वास, फिजियोथेरेपी, सहायक उपकरण, घरेलू देखभाल और आर्थिक-सामाजिक सुरक्षा जैसी सुविधाएं भी जरूरी हैं। महिलाओं के लिए जीवनभर शिक्षा और सामाजिक भागीदारी जैसे कारक भी उम्र बढ़ने के साथ महत्वपूर्ण हो सकते हैं।

  • Honor Magic 9 Super Edition लॉन्च, 11,000mAh बैटरी और 200MP कैमरे के साथ मिलेंगे दमदार फीचर्स

    Honor Magic 9 Super Edition लॉन्च, 11,000mAh बैटरी और 200MP कैमरे के साथ मिलेंगे दमदार फीचर्स

    नई दिल्ली। Honor ने अपने होम मार्केट चीन में Magic 9 सीरीज लॉन्च कर दी है। इस सीरीज में कंपनी ने तीन स्मार्टफोन पेश किए हैं, जिनमें Magic 9, Magic 9 Pro Max और Magic 9 Super Edition शामिल हैं। इनमें Super Edition को खास तौर पर बड़ी बैटरी, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा और ब्राइट OLED डिस्प्ले के साथ पेश किया गया है। फोन में 11,000mAh की बड़ी बैटरी दी गई है, जबकि फोटोग्राफी के लिए 200MP का मुख्य कैमरा मिलता है। डिस्प्ले की पीक ब्राइटनेस 10,000 निट्स तक है।

    Honor Magic 9 Super Edition में 11,000mAh की बैटरी दी गई है, जो 80W वायर्ड चार्जिंग सपोर्ट करती है। इसके अलावा फोन में 50W वायरलेस चार्जिंग का सपोर्ट भी दिया गया है। डिस्प्ले की बात करें तो इसमें 6.81 इंच का OLED पैनल मिलता है। इसका रेजॉल्यूशन 2788 x 1280 पिक्सल है और यह 120Hz रिफ्रेश रेट के साथ आता है। डिस्प्ले में 1.07 बिलियन कलर्स का सपोर्ट दिया गया है। इसकी पीक ब्राइटनेस 10,000 निट्स तक है। फोन का स्क्रीन-टू-बॉडी रेश्यो 95.5 प्रतिशत है, जबकि इसमें 1.03mm के नैरो बैजल्स दिए गए हैं।

    परफॉर्मेंस के लिए Honor Magic 9 Super Edition में Snapdragon 8 Elite Gen 5 चिपसेट दिया गया है। इसके साथ LPDDR5X रैम और UFS 4.1 स्टोरेज मिलती है। कंपनी ने इस फोन को तीन मेमोरी कॉन्फिगरेशन में लॉन्च किया है। इनमें 12GB रैम के साथ 256GB स्टोरेज, 12GB रैम के साथ 512GB स्टोरेज और 16GB रैम के साथ 512GB स्टोरेज विकल्प शामिल हैं। कैमरा सेटअप की बात करें तो फोन में ट्रिपल रियर कैमरा दिया गया है। इसका मुख्य कैमरा 200MP का Samsung S5KHP5 सेंसर है, जिसका साइज 1/1.55 इंच और अपर्चर f/1.9 है। यह कैमरा OIS यानी ऑप्टिकल इमेज स्टेबिलाइजेशन सपोर्ट करता है।

    मुख्य कैमरे के साथ फोन में 50MP का Sony LYTIA 500 टेलीफोटो कैमरा दिया गया है। यह 3x ऑप्टिकल जूम और OIS सपोर्ट करता है। इसके अलावा फोन में 12MP का अल्ट्रावाइड कैमरा भी मिलता है, जिसमें ऑटोफोकस का सपोर्ट दिया गया है। सेल्फी और वीडियो कॉलिंग के लिए फोन के फ्रंट में 50MP का कैमरा मौजूद है। इस तरह फोन में हाई-रिजॉल्यूशन मुख्य कैमरे के साथ टेलीफोटो और अल्ट्रावाइड कैमरा का संयोजन मिलता है।

    चीन में Honor Magic 9 Super Edition की शुरुआती कीमत 4,499 युआन रखी गई है, जो भारतीय करेंसी के हिसाब से करीब 54,000 रुपये है। इसके 12GB + 512GB मॉडल की कीमत 4,999 युआन यानी करीब 63,000 रुपये है, जबकि 16GB + 512GB वेरिएंट 5,499 युआन यानी करीब 72,000 रुपये में लॉन्च किया गया है। फोन को चीन में Popcorn Yellow, Curtain Black, Opening Statement और Olive Green कलर विकल्पों में खरीदा जा सकता है। Magic 9 सीरीज में Magic 9 और Magic 9 Pro Max के साथ Super Edition को शामिल किया गया है, जिसमें कंपनी ने बड़ी बैटरी, हाई-रिजॉल्यूशन कैमरा और ब्राइट OLED डिस्प्ले पर खास फोकस किया है।

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