Author: bharati

  • सहकारी लाभ का फायदा, अब डिविडेंड इनकम पर नहीं लगेगा टैक्स-सरकार का नया नियम टैक्स में राहत! केंद्र ने को-ऑपरेटिव डिविडेंड पर तीन साल की छूट की घोषणा

    सहकारी लाभ का फायदा, अब डिविडेंड इनकम पर नहीं लगेगा टैक्स-सरकार का नया नियम टैक्स में राहत! केंद्र ने को-ऑपरेटिव डिविडेंड पर तीन साल की छूट की घोषणा


    नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुधवार को को-ऑपरेटिव डिविडेंड इनकम पर बड़ा कदम सही हुए तीन साल की टैक्स छूट देने की घोषणा की। अब नेशनल को-ऑपरेटिव फेडरेशन से मिलने वाली डिविडेंड आय पर इस अवधि के दौरान कर नहीं लगेगा। यह पहले देश के छोटे और मध्यम को-ऑपरेटिव को सशक्त बनाने और अधिक लोगों को इनसे जोड़ने के उद्देश्य से की गई है।

    वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में कहा कि टैक्स छूट का मकसद कम इच्छुक वाले सदस्यों को प्रोत्साहित करना है, ताकि को-ऑपरेटिव से जुड़े लोग रुकें। उन्होंने बताया कि को-ऑपरेटिव, एमएसएमई और किसान मिलकर देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने और रोजगार के अवसर सृजित करने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने इसे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन और समावेशी विकास के लिए जरूरी कदम बताया।

    वाय ने फाइनेंस बिल पर चर्चा में डेटा सेंटर सेवाओं से जुड़े नए प्रावधान का भी जिक्र किया। उनके अनुसार, सेफ हार्बर नियम के तहत विदेशी उधार को सेवाएं देने वाली भारतीय कंपनियों को लागत पर 15 प्रतिशत मार्जिन मिलेगा। इसका उद्देश्य भारत में वास्तविक और लाभदायक संचालन सुनिश्चित करना और फर्जी उधार के निर्माण को रोकना है। उन्होंने सरकारी खर्च की शिफ्टिंग पर भी जोर दिया और बताया कि केंद्र ने उपकर और शिफ्टिंग से लागू की गई राशि का उपयोग जन कल्याण के लिए किया है।

    फाइनेंस बिल के अन्य उपायों में तकनीकी चूक पर लगने वाले जुर्माने को निश्चित शुल्क में बदलना शामिल है, जिससे व्यवसायों के लिए अनुपालन आसान होगा। इसके अलावा, हवाई अड्डे पर विवाद कम करने और यात्रियों के लिए प्रक्रिया सुलभ बनाने के लिए यात्री भट्टों को युक्तिसंगत बनाया गया है। वित्त मंत्री ने कहा कि इन पैदल का उद्देश्य प्रमुख क्षेत्रों को मजबूत करना, व्यापार में आसानी बढ़ाना और आर्थिक विकास से समाज के व्यापक वर्ग को लाभ पहुंचाना है।

  • सोनिया गांधी हेल्थ अपडेट एंटीबायोटिक पर इलाज जारी डॉक्टर बोले स्थिति नियंत्रण में

    सोनिया गांधी हेल्थ अपडेट एंटीबायोटिक पर इलाज जारी डॉक्टर बोले स्थिति नियंत्रण में

    नई दिल्ली: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ने के बाद उन्हें नई दिल्ली स्थित Sir Ganga Ram Hospital में भर्ती कराया गया है जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। ताजा जानकारी के मुताबिक उनकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है जिससे पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने राहत की सांस ली है।

    अस्पताल के चेयरमैन डॉ अजय स्वरूप ने जानकारी देते हुए बताया कि सोनिया गांधी की स्थिति नियंत्रण में है और डॉक्टरों की एक विशेष टीम लगातार उनकी सेहत पर नजर रखे हुए है। उन्होंने बताया कि उनकी तबीयत खराब होने के पीछे पेट और यूरिन से जुड़ा संक्रमण हो सकता है जिसकी जांच की जा रही है। फिलहाल उन्हें एंटीबायोटिक दवाएं दी जा रही हैं और सभी जरूरी मेडिकल टेस्ट भी किए जा रहे हैं।

    बताया जा रहा है कि सोनिया गांधी को मंगलवार देर शाम अस्पताल लाया गया था। उनकी उम्र और पहले से मौजूद स्वास्थ्य समस्याओं को ध्यान में रखते हुए डॉक्टर कोई भी जोखिम नहीं लेना चाहते इसलिए उन्हें निगरानी में रखा गया है। गौरतलब है कि सोनिया गांधी को पहले से अस्थमा की समस्या है और वह नियमित रूप से चेकअप के लिए इसी अस्पताल में आती रही हैं।

    इस बीच उनके बेटे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने अपनी मां की तबीयत को देखते हुए केरल का दौरा रद्द कर दिया है। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे केरल के कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे हैं। सोनिया गांधी की तबीयत को लेकर पूरे गांधी परिवार की चिंता साफ नजर आ रही है।

    राजनीतिक गतिविधियों पर भी इसका असर पड़ा है। संसद में आज ईरान और अमेरिका से जुड़े मुद्दे पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस के बड़े नेता शामिल नहीं हो सके। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी भी संसद में नजर नहीं आए। उनकी जगह पार्टी की ओर से लोकसभा सांसद तारिक अनवर और राज्यसभा सांसद मुकुल वासनिक को बैठक में भेजा गया है।

    गौरतलब है कि गांधी परिवार का गंगाराम अस्पताल पर काफी भरोसा रहा है। यही वजह है कि परिवार के कई महत्वपूर्ण मेडिकल मामलों का इलाज यहीं कराया गया है। प्रियंका गांधी के बच्चों का जन्म भी इसी अस्पताल में हुआ था।

    फिलहाल डॉक्टरों की टीम सोनिया गांधी की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आने वाले दिनों में उनकी सेहत को लेकर और अपडेट सामने आ सकते हैं। उनके समर्थक और कांग्रेस कार्यकर्ता जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।

  • विशेषज्ञों की चेतावनी: वैश्विक झटकों के सामने कमजोर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था, सुधार न हुए तो मुश्किलें बढ़ेंगी

    विशेषज्ञों की चेतावनी: वैश्विक झटकों के सामने कमजोर पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था, सुधार न हुए तो मुश्किलें बढ़ेंगी

    इस्लामाबाद। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि आयातित ईंधन पर अधिक निर्भरता, कमजोर विदेशी वित्तीय स्थिति और सीमित सरकारी खर्च की क्षमता के कारण पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था वैश्विक झटकों के प्रति काफी संवेदनशील बनी हुई है। अगर जल्द ही बड़े आर्थिक सुधार नहीं किए गए तो स्थिति और बिगड़ सकती है।

    डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार द्वारा हाई-ऑक्टेन ईंधन पर पेट्रोलियम शुल्क बढ़ाने का कदम कुछ हद तक सही माना जा रहा है, क्योंकि यह मुख्य रूप से महंगी और लग्जरी गाड़ियों के उपयोगकर्ताओं पर लागू होता है। इस फैसले से सरकार हर महीने लगभग 9 अरब रुपए जुटा रही है, जिसका इस्तेमाल आम लोगों को बढ़ती तेल कीमतों से राहत देने के लिए किया जा रहा है। हालांकि, विशेषज्ञों के अनुसार यह केवल अस्थायी राहत है और अर्थव्यवस्था की गहरी समस्याओं को हल नहीं करता।

    इन गहरी समस्याओं में आयातित ईंधन पर निर्भरता, विदेशी मुद्रा की कमजोर स्थिति और सीमित वित्तीय संसाधन शामिल हैं। यही कारण है कि पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था बाहरी झटकों के प्रति अत्यधिक संवेदनशील बनी हुई है। वित्त मंत्री मुहम्मद औरंगजेब ने भी इस स्थिति की गंभीरता को स्वीकार किया और कहा कि बिना ठोस रणनीति के संकट लंबे समय तक जारी रह सकता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा की मांग को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाने की जरूरत है। इसमें बाजार, रेस्तरां और व्यापारिक संस्थानों को समय से पहले बंद करना जैसे उपाय शामिल हैं, जिन्हें अब तक राजनीतिक कारणों से टाला गया था। इसके अलावा, सप्लाई चेन, उत्पादन और व्यापार मार्गों पर प्रभाव के चलते तेल की कीमतें लंबे समय तक ऊंची रह सकती हैं। इससे यह स्पष्ट है कि आर्थिक सुधार और स्थायी नीतियों को तुरंत लागू करना पाकिस्तान की अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी है।

  • बढ़ते व्यापारिक सहयोग के संकेत, भारत-ताइवान का कारोबार 12 अरब डॉलर से ऊपर

    बढ़ते व्यापारिक सहयोग के संकेत, भारत-ताइवान का कारोबार 12 अरब डॉलर से ऊपर


    नई दिल्ली भारत और ताइवान के बीच सकल व्यापार 2025 के आधार पर 17 प्रतिशत अनुपात 12.5 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। यह जानकारी ताइपे निकोलाईक एंड कल्चरल सेंटर (टीआइसीसी) ने जारी किये आंकड़े में दी। भारत का ताइवान 3.3 अरब डॉलर का है, जिसमें ईंधन, एल्यूमीनियम, लोहा, स्टील, जैविक रसायन और प्लास्टिक शामिल हैं। ताइवान का भारत 9.2 अरब डॉलर का है, जिसमें इलेक्ट्रॉनिक्स, इंटेग्रेटेड सर्किट, प्लास्टिक, बायोलॉजिकल केमिकल, इलेक्ट्रिकल इलेक्ट्रानिक्स, लोहा और स्टील प्रमुख हैं।

    टीआईसीके के डायरेक्ट डिवीजन के डायरेक्टर एस्टेला चेन ने ‘ताइवान एक्सीलेंस’ एक्सपो के दौरान कहा कि ताइवान सेमीकंडक्टर, स्टूडियो सर्वर, प्लेसओटी टोटल सॉल्यूशन और एज लीडर प्रमुख भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि पिछले साल भारत-ताइवान व्यापार ने 12.5 अरब डॉलर का रिकॉर्ड स्तर गिरा दिया और दोनों देशों के बीच निवेश और व्यापार सहयोग मजबूत हुआ।

    चेन ने आगे कहा कि ताइवानी उद्योगपति भारत के इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग, सेमीकंडक्टर और ऑटोमोटिव सेक्टर में सक्रिय निवेश कर रहे हैं, जबकि भारतीय उद्योगपति ताइवान के आईटी और इंजीनियरिंग क्षेत्र में अवसर तलाश रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि ताइवान भारत के प्रमुख पहल जैसे डिजिटल इंडिया और इंडिया मिशन में शामिल होकर योगदान दे रहे हैं। टेक्नोलॉजी और आईओटी मैन्युफैक्चरिंग से लेकर एडवांस हाई-टेक उत्पाद डिजाइन तक ताइवान की विशेषज्ञता भारत के डिजिटल बदलाव में मदद कर रही है।

    वर्तमान में भारत में 300 से अधिक ताइवानी पर्यटक सक्रिय हैं। हालाँकि, अमेरिका (246.43 अरब डॉलर), चीन (100.1 अरब डॉलर), दक्षिण कोरिया (90.2 अरब डॉलर) और जापान (84.85 अरब डॉलर) जैसे देशों के साथ ताइवान के व्यापार की तुलना में भारत के साथ व्यापार में और अधिक वृद्धि की संभावना है। यह बढ़ती आर्थिक और तकनीकी सहायता के लिए नई स्टैमिना का मार्ग प्रशस्त किया जा रहा है।

  • एक नहीं दो घड़ियां क्यों पहनते हैं Abhishek Bachchan जानिए बच्चन परिवार की दिलचस्प कहानी

    एक नहीं दो घड़ियां क्यों पहनते हैं Abhishek Bachchan जानिए बच्चन परिवार की दिलचस्प कहानी


    नई दिल्ली:  हाल ही में बॉलीवुड अभिनेता Abhishek Bachchan एक हाई प्रोफाइल इवेंट में नजर आए जहां उनका ऑल ब्लैक लुक चर्चा का केंद्र बन गया लेकिन उनके स्टाइल से भी ज्यादा जिस चीज ने लोगों का ध्यान खींचा वह थी उनकी दोनों कलाईयों पर बंधी घड़ियां सोशल मीडिया पर जैसे ही उनकी तस्वीरें सामने आईं वैसे ही यह सवाल तेजी से वायरल हो गया कि आखिर वह दोनों हाथों में घड़ी क्यों पहनते हैं

    इवेंट में अभिषेक बेहद स्टाइलिश और कॉन्फिडेंट नजर आए एक हाथ में गोल्डन वॉच और दूसरे में ब्लैक कलर की वॉच पहने उनका लुक क्लासी और अलग दिख रहा था फैंस ने उनके इस अंदाज को लेकर कई तरह के कयास लगाने शुरू कर दिए कुछ लोगों ने इसे नया फैशन ट्रेंड बताया तो कुछ ने इसे स्टेटस सिंबल माना लेकिन इस स्टाइल के पीछे की असली कहानी कुछ और ही है

    दरअसल दोनों हाथों में घड़ी पहनना कोई नया फैशन नहीं बल्कि बच्चन परिवार की एक पुरानी परंपरा है यह आदत अभिषेक के पिता महानायक Amitabh Bachchan में भी देखी जाती है और इसके पीछे की जड़ें उनकी मां Jaya Bachchan से जुड़ी हुई हैं

    अभिषेक ने एक इंटरव्यू में इस परंपरा के बारे में खुलकर बताया था उन्होंने कहा कि उनकी मां जया बच्चन जब यूरोप में बोर्डिंग स्कूल में पढ़ती थीं तब वह एक साथ दो टाइम जोन को मैनेज करने के लिए दोनों हाथों में घड़ी पहनती थीं एक घड़ी भारत का समय दिखाती थी जबकि दूसरी यूरोप का इससे उन्हें अपने परिवार खासकर भारत में मौजूद लोगों के साथ बातचीत का समय तय करने में आसानी होती थी

    समय के साथ यह आदत सिर्फ जरूरत नहीं बल्कि एक भावनात्मक जुड़ाव बन गई बाद में Amitabh Bachchan ने भी इसे अपनाया और अब Abhishek Bachchan भी इस परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं यही वजह है कि जब भी वह दोनों हाथों में घड़ी पहने नजर आते हैं तो यह सिर्फ स्टाइल नहीं बल्कि परिवार के साथ जुड़ी एक खास भावना का प्रतीक होता है

    सोशल मीडिया पर वायरल हो रही इन तस्वीरों के बाद अब फैंस इस स्टाइल को नए नजरिए से देख रहे हैं यह सिर्फ एक फैशन स्टेटमेंट नहीं बल्कि एक ऐसी परंपरा है जो समय और रिश्तों के बीच संतुलन बनाए रखने की खूबसूरत कहानी कहती है

  • कृषि मंत्रालय की सख्त तैयारी! जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के साथ खाद आपूर्ति पर फोकस

    कृषि मंत्रालय की सख्त तैयारी! जमाखोरी और कालाबाजारी रोकने के साथ खाद आपूर्ति पर फोकस


    नई दिल्ली। केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बुधवार को एक अहम समीक्षा बैठक बुलाई, जिसमें पश्चिम एशिया में चल रहे संकट के बीच देश में खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने, कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने तथा खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा पर चर्चा हुई। बैठक का उद्देश्य किसानों तक समय पर खाद, बीज और अन्य जरूरी संसाधन पहुंचाना और वितरण प्रणाली को उचित बनाना बताया गया।

    बैठक में मंत्री ने ‘फार्मर आईडी’ प्रणाली को तेज करने के निर्देश दिए ताकि खाद और बीज का वितरण पूरे देश में समान और बिना बांट के हो सके। उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों के मुख्यमंत्रियों और कृषि मंत्रियों के साथ समन्वय बढ़ाने के लिए जल्द ही बैठक की जाएगी। इसके अलावा, मंत्री ने कालाबाजारी और जमाखोरी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और राज्य अमेरिकियों को कड़े कदम उठाने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया।

    बैठक में कृषि निकायों और बीज सुखाने के लिए जरूरी गैसों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। दूध और अन्य कृषि उत्पादों के लिए रोपण सामग्री की पर्याप्त उपलब्धता पर भी ध्यान दिया गया। मंत्री ने पेट्रोलियम मंत्रालय और अन्य पशुओं के साथ समन्वय बढ़ाने के निर्देश दिए ताकि आपूर्ति में किसी भी तरह की बाधा न आए। कृषि क्षेत्र की निगरानी के लिए एक ‘स्पेशल सेल’ बनाया गया है, जो चौबीसों घंटे काम करेगा और हर हफ्ते खाद, बीज और किसानों की उपलब्धता की रिपोर्ट सीधे कृषि मंत्री को देगा।

    शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों को सक्रिय भूमिका निभाने और किसानों तक जरूरी संसाधन समय पर पहुंचाने के लिए पूरी उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले 10 दशकों में देश में कृषि उत्पादन लगभग 44 प्रतिशत बढ़ा है और कई किसानों की आय दोगुनी हुई है। केंद्र सरकार किसानों की उत्पादकता और आय बढ़ाने के लिए कई योजनाएं चला रही है, जिसमें न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर रिकॉर्ड खरीद भी शामिल है।

  • T20 सीरीज का रोमांच खत्म, साउथ अफ्रीका ने NZ को पांचवें मैच में दी करारी शिकस्त

    T20 सीरीज का रोमांच खत्म, साउथ अफ्रीका ने NZ को पांचवें मैच में दी करारी शिकस्त



    नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका की नेशनल क्रिकेट टीम ने हेग ओवल में खेले गए पांचवें और निर्णायक टी20 मुकाबले में न्यूजीलैंड की नेशनल क्रिकेट टीम को 33 रन से हराकर सीरीज 3-2 से अपने नाम कर ली। न्यूजीलैंड को 188 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य मिला था, लेकिन दबाव और साउथ अफ्रीका की कैसी हुई गेंदबाजी के सामने कीवी टीम का टॉप ऑर्डर कमजोर साबित हुआ। 20 ओवर में न्यूजीलैंड ने 8 विकेट खोकर केवल 154 रन ही बनाए, जिससे सीरीज साउथ अफ्रीका के पक्ष में खत्म हुई।

    न्यूजीलैंड के लिए बेवोन जैकब्स ने सबसे ज्यादा 36 रन बनाए, जिसमें 19 गेंदों पर 3 विकेट और 2 चौके शामिल थे। इसके अलावा टॉम रॉबिनसन ने 25 और डेन क्लिवर ने 22 रन की पारी खेली। कप्तान जिमी निशाम ने 24 रन जोड़े, लेकिन यह प्रयास टीम की हार रोकने के लिए काफी नहीं था।

    दक्षिण अफ्रीका की पारी की शुरुआत में टोनी डे जॉर्जी 12 रन बनाकर 21 के स्कोर पर आउट हुए, लेकिन वियान मुल्दर और रूबिन हरमन ने दूसरे विकेट के लिए 55 रन की साझेदारी कर टीम को बढ़त दी। मुल्दर 31 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद कॉनर एस्टरहुइजन और रूबिन हरमन ने तीसरे विकेट के लिए 49 रन जोड़े। हरमन 39 रन बनाकर आउट हुए। अंतिम चरण में एस्टरहुइजन और डियान फॉरेस्टर ने चौथे विकेट के लिए 27 गेंदों में 61 रन की तूफानी साझेदारी की। एस्टरहुइजन ने 33 गेंदों में 75 रन बनाए, जिसमें 6 विकेट और 5 चौके शामिल थे। फॉरेस्टर 21 रन बनाकर नाबाद रहे। दक्षिण अफ्रीका ने 4 विकेट पर 187 रन का मजबूत स्कोर बनाया।

    गेंदबाजी में दक्षिण अफ्रीका के लिए गेराल्ड कोएट्जी, ओटनिल बार्टमैन और वियान मुल्दर ने 2-2 विकेट लिए, जबकि कप्तान केशव महाराज ने 1 विकेट हासिल किया। इस शानदार प्रदर्शन के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने न्यूजीलैंड की धरती पर पहली बार टी20 सीरीज अपने नाम की।

  • सपोर्टिंग किरदारों से तंग आए समीर सोनी बोले अब या तो हीरो बनूंगा या एक्टिंग छोड़ दूंगा

    सपोर्टिंग किरदारों से तंग आए समीर सोनी बोले अब या तो हीरो बनूंगा या एक्टिंग छोड़ दूंगा


    नई दिल्ली:बॉलीवुड में कई ऐसे कलाकार हैं जो सालों तक मेहनत करने के बावजूद वो मुकाम हासिल नहीं कर पाते जिसके वे हकदार होते हैं। उन्हीं में से एक नाम है समीर सोनी का जिन्होंने करीब 25 साल तक इंडस्ट्री में काम किया लेकिन उन्हें हमेशा सपोर्टिंग रोल में ही देखा गया। अब इतने लंबे इंतजार के बाद उन्होंने अपने करियर को लेकर एक बड़ा और चौंकाने वाला फैसला लिया है।

    हाल ही में समीर सोनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करते हुए साफ तौर पर कहा कि अब वह सपोर्टिंग किरदार नहीं निभाना चाहते। उन्होंने लिखा कि 25 साल तक इंतजार करने के बाद अब समय आ गया है कि उन्हें लीड रोल मिले। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उन्हें मुख्य भूमिका नहीं मिलती है तो वह एक्टिंग छोड़ने तक का फैसला कर सकते हैं। उनके इस बयान ने फैंस और इंडस्ट्री दोनों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।

    समीर सोनी का यह फैसला सिर्फ एक नाराजगी नहीं बल्कि उनके लंबे संघर्ष और अंदरूनी भावनाओं का परिणाम माना जा रहा है। उन्होंने अपने करियर में बेटे भाई पति और पिता जैसे कई किरदार निभाए लेकिन कभी भी कहानी के केंद्र में नहीं रहे। अब वह खुद को एक लीड एक्टर के रूप में साबित करना चाहते हैं और इसके लिए उन्होंने यह सख्त रुख अपनाया है।

    अगर उनके करियर पर नजर डालें तो उन्होंने टीवी से अपनी पहचान बनाई। समंदर जस्सी जैसी कोई नहीं और परिचय नई जिंदगी के सपनों का जैसे शोज में उन्होंने शानदार काम किया और घर घर में पहचाने गए। इसके बाद उन्होंने फिल्म चाइना गेट से बॉलीवुड में कदम रखा। हालांकि फिल्मों में भी उन्हें ज्यादातर सपोर्टिंग रोल ही मिले।

    फिल्म बागबान में अमिताभ बच्चन के बेटे के रूप में उनकी भूमिका को काफी सराहा गया और यह उनके करियर का एक अहम मोड़ साबित हुआ। इसके अलावा उन्होंने फैशन विवाह और स्टूडेंट ऑफ द ईयर जैसी फिल्मों में भी काम किया और अपने अभिनय से अलग पहचान बनाई। साल 2010 में उन्होंने बिग बॉस 4 में हिस्सा लेकर भी दर्शकों के बीच अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।

    उनकी पर्सनल लाइफ भी काफी दिलचस्प रही है। उनकी शादी नीलम कोठारी से हुई है जो 80 और 90 के दशक की मशहूर अभिनेत्री रही हैं। दोनों की लव स्टोरी भी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं है। दोनों पहले अपने अपने रिश्तों में असफल रहे लेकिन बाद में एक दूसरे में सच्चा प्यार मिला और उन्होंने शादी कर ली।

    समीर सोनी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब इंडस्ट्री में कंटेंट और किरदारों की विविधता पर लगातार चर्चा हो रही है। उनका यह कदम यह भी दिखाता है कि अब कलाकार सिर्फ काम करने के लिए नहीं बल्कि सही पहचान और सम्मान के लिए भी आवाज उठा रहे हैं। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या उनका यह फैसला उनके करियर को नई दिशा देता है या वह सच में एक्टिंग को अलविदा कह देते हैं।

  • सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के 5 दिन बाद भाजपा विधायक गिरफ्तार, पटियाला पुलिस ने दो दिन के ऑपरेशन में दबोचा

    सुप्रीम कोर्ट सुनवाई के 5 दिन बाद भाजपा विधायक गिरफ्तार, पटियाला पुलिस ने दो दिन के ऑपरेशन में दबोचा


    शिवपुरी । मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले से आम आदमी पार्टी के विधायक हरमीत पठानमाजरा को दो साल पुराने रेप केस में फरार चलने के छह महीने बाद गिरफ्तार कर लिया गया है। पंजाब के पटियाला पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई ग्वालियर-शिवपुरी बायपास पर की। हरमीत पठानमाजरा पंजाब की सनौर सीट से पहली बार विधायक बने थे और उन्हें पहले भगोड़ा घोषित किया जा चुका था।

    सूत्रों के अनुसार आरोपी विधायक पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए ऑस्ट्रेलिया भाग गए थे। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के लिए भारत लौटने के पांच दिन बाद पटियाला पुलिस ने दो दिन के लगातार ऑपरेशन के बाद उन्हें दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान उनके साथ तीन साथी भी हिरासत में लिए गए। सभी आरोपियों को आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए पंजाब ले जाया गया।

    शिवपुरी एसपी अमन सिंह राठौड़ ने बताया कि इस मामले में शिवपुरी पुलिस को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई थी। पटियाला पुलिस ने यह कार्रवाई पूरी तरह सुनियोजित तरीके से की थी और दो दिन की ट्रैकिंग के बाद विधायक को गिरफ्तार कर सीधे पंजाब ले गई।

    हरमीत पठानमाजरा के खिलाफ लुक आउट सर्कुलर भी जारी किया गया था। उनके खिलाफ पहले कोर्ट द्वारा भगोड़ा घोषित किया गया था। पटियाला एसएसपी वरुण शर्मा ने बताया कि क्योंकि विधायक भगोड़ा घोषित थे इसलिए स्थानीय पुलिस को कार्रवाई की जानकारी देना आवश्यक नहीं था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर विधायक भगोड़ा घोषित नहीं होते तो स्थानीय पुलिस को अवश्य सूचित किया जाता।

    पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के पांच दिन बाद ही की गई थी। पटियाला पुलिस ने दो दिन की निगरानी के बाद उन्हें ग्वालियर से शिवपुरी की ओर आने वाले बायपास पर दबोच लिया। उनके साथ मौजूद तीन साथियों को भी हिरासत में ले लिया गया। अब सभी आरोपियों को पंजाब ले जाकर मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

    इस गिरफ्तारी ने विधायकों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं के बीच भगोड़ा मामलों की संवेदनशीलता को फिर से उजागर किया है। पुलिस ने यह साफ किया कि आरोपियों के भागने और विदेश जाने की स्थिति में राष्ट्रीय और राज्य स्तर की कार्रवाई एक साथ की जा सकती है। इस प्रकार की सुनियोजित कार्रवाई कानून व्यवस्था के मजबूत संकेत के रूप में देखी जा रही है।

    शिवपुरी से यह गिरफ्तारी यह भी दिखाती है कि पुलिस टीमें राज्य की सीमाओं के पार जाकर भी अभियुक्तों को पकड़ने में सक्षम हैं। मामले की कानूनी प्रक्रिया अब पंजाब में चल रही है और सभी आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

  • क्रिकेट में नाम किया रोशन! केदार जाधव ने वनडे में हासिल की बड़ी उपलब्धि

    क्रिकेट में नाम किया रोशन! केदार जाधव ने वनडे में हासिल की बड़ी उपलब्धि

    नई दिल्ली। केदार जाधव एक ऐसे प्रतिभाशाली ऑलराउंडर रहे जिन्होंने अपने सीमित मौके का पूरा फायदा उठाते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी अलग पहचान बनाई। दाएं हाथ के मध्यक्रम के बल्लेबाज और दाएं हाथ के स्पिन गेंदबाज के रूप में खेलते हुए जाधव का जन्म 26 मार्च 1985 को पुणे, महाराष्ट्र में हुआ था। उनका अनोखा गेंदबाजी एक्शन और आक्रामक बल्लेबाजी स्टाइल उन्हें भारतीय टीम में खास बनाता था। घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के बावजूद उन्हें 29 साल की उम्र में पहली बार भारतीय टीम में अवसर मिला। उन्होंने नवंबर 2014 में वनडे और जुलाई 2015 में टी20 में डेब्यू किया, जबकि टेस्ट में खेलने का मौका उन्हें कभी नहीं मिला।


    वनडे फॉर्मेट में शानदार प्रदर्शन

    केदार जाधव को टी20 में कम मौके मिले, लेकिन वनडे में उन्होंने 73 मैचों में अपनी छाप छोड़ी। इस दौरान उन्होंने 52 पारियों में 1,389 रन बनाए, औसत 42.09 और स्ट्राइक रेट 101.60 के साथ 2 शतक और 6 अर्धशतक लगाए। उनका सर्वोच्च स्कोर इंग्लैंड के खिलाफ 120 रन रहा, जिसमें 76 गेंदों में 12 चौके और 4 छक्के शामिल थे। इस पारी के दम पर भारत ने 351 रन का लक्ष्य 11 गेंद पहले 3 विकेट से हासिल किया। जाधव वनडे में भारतीय टीम के पहले खिलाड़ी हैं जिन्होंने छह नंबर या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए 2 शतक बनाए। इसके अलावा उन्होंने वनडे में 27 विकेट भी लिए।


    टी20 और आईपीएल में योगदान

    जाधव ने 9 T20 मैच खेले और 6 पारियों में 1 अर्धशतक की मदद से 122 रन बनाए। उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मैच न्यूजीलैंड के खिलाफ ऑकलैंड में 8 फरवरी 2020 को हुआ। आईपीएल में जाधव ने दिल्ली डेयरडेविल्स, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु, चेन्नई सुपर किंग्स और सनराइजर्स हैदराबाद के लिए खेलते हुए 95 मैचों की 81 पारियों में 1,208 रन बनाए और 4 अर्धशतक जड़े। उनका आखिरी आईपीएल सीजन 2023 में रहा।



    क्रिकेट से संन्यास और नई दिशा

    3 जून 2024 को केदार जाधव ने क्रिकेट को अलविदा कहा। संन्यास लेने के बाद वह कमेंट्री और क्रिकेट विश्लेषण के क्षेत्र में करियर बनाने की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। उनके करियर ने सीमित अवसरों में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन का परिचय दिया और युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने।