समाज के सामूहिक प्रयास से बेटियों की मदद
फाइनल में रोमांच और उम्मीद का संगम
विवाह क्रिकेट टूर्नामेंट की शुरुआत
समाज के सहयोग से बेटियों को मिलेगा जीवन साथी
समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा

अधिकांश विमानन कंपनियों ने ऑनलाइन चेक इन का ऐसा सिस्टम बनाया है, जिसमें परिवार व दोस्तों के साथ सफर करे रहे यात्रियों को एक साथ सीट पाने के लिए न चाहते हुए भी अतिरिक्त शुल्क देना पड़ रहा है।
दरअसल, ऑनलाइन/वेब चेक इन में सिर्फ एक ही व्यक्ति की सीट अपनी पंसद के हिसाब से निःशुल्क चुनने का विकल्प दिया जा रहा है। यदि टिकट का दूसरा व्यक्ति भी सीट बराबर में चाहता है तो फिर उसे अतिरिक्त भुगतान करना होगा। अतिरिक्त भुगतान न करने की स्थिति में विमानन कंपनी दूसरे व्यक्ति की सीट दूसरी जगह पर दे देगी।
यह है नियम
नागर विमानन महानिदेशक (डीजीसीए) का प्रावधान यह है कि विमानन कंपनी अपने सिस्टम के जरिए कोशिश करेंगी कि अगर एक ही रिफरेंस व पीएनआर नंबर पर दो यात्रियों ने टिकट बुक कराए हैं तो ऐसे में दोनों यात्रियों को साथ की सीट पर बैठने का अवसर दिया जाएगा। भले ही, दूसरे यात्री को विंडो साइड की सीट न दी जाए। लेकिन विमानन कंपनी ऑनलाइन चेक इन शुरू होने के साथ ही, अतिरिक्त भुगतान के साथ दूसरी सीट को यात्री की पसंद से चुनने का विकल्प देती हैं।
एक साथ सफर करने पर भुगतान करना यात्रियों की मजबूरी
विमानन कंपनियों के इस नए चेक इन सिस्टम के हिसाब से परिवार व दोस्तों के साथ सफर करने वाले यात्रियों के लिए यह मजबूरी है कि वह भुगतान के विकल्प को चुने। ऑनलाइन चेक इन शुरू होने पर दूसरी सीट को अपनी पसंद से चुनने पर तीन से पांच सौ रुपये का अतिरिक्त भुगतान करना पड़ रहा है, लेकिन समय बीतने के साथ ही सीट चुनने का विकल्प महंगा होता जाता है। अंतिम समय में यह विकल्प प्रति सीट 1500 से ऊपर भी पहुंच जाता है। इस लिहाज से विमानन कंपनियां पसंद की सीट देने पर भी मोटी कमाई कर रही हैं।
स्पष्ट प्रावधान नहीं होने के कारण विमानन कंपनियां उठा रहीं लाभ
डीजीसीए ने वर्ष 2024 में सीट आवंटन को लेकर वायु परिवहन परिपत्र जारी किया, जिसमें अनुसूचित विमानन कंपनियों द्वारा सेवाओं और शुल्कों का पृथक्करण को लेकर कुछ प्रावधान स्पष्ट किया। जैसे कहा गया कि 12 साल से कम उम्र के बच्चे को बिना किसी शुल्क के माता-पिता के साथ सीट देनी होगी।
जबकि, अन्य मामलों में विमानन कंपनियों को निर्देश दिया कि एयरलाइन अपने सिस्टम/सर्विस में बेहतर प्रैक्टिस के हिसाब से कोशिश करेगी कि यात्राओं को साथ में सीट दें, लेकिन विमानन कम्पनियां सिर्फ अनिवार्य मामलों को छोड़कर बाकी में सर्विस प्रैक्टिस में दो यात्रियों को एक साथ सीट नहीं देती हैं।

गुरुवार को चेरी अपनी मां पूजादादी कृष्णा और बुआ रंजना के साथ स्कूल गई थी। घर लौटते समय उसका स्कूल बैग ऑटो में ही छूट गयाऔर जब वह घर पहुंची तो बैग नहीं मिला। यह देखकर चेरी फूट-फूटकर रोने लगीक्योंकि उसे इस बात की चिंता थी कि उसकी सारी किताबें और वर्कबुक उसी बैग में थीं।
बच्ची की जिद ने पुलिस को प्रेरित किया
चेरी ने थाने में जाकर एसडीओपी निमिष देशमुख को अपनी परेशानी बताई। उसकी आंखों में आंसू देखकर एसडीओपी ने तुरंत कार्रवाई का आदेश दिया और बैग ढूंढने की प्रक्रिया शुरू कर दी।
सीसीटीवी और ऑटो चालक से मिली मदद
कुछ पूछताछ और जांच के बाद पुलिस ने ऑटो चालक परवेज की पहचान की और उससे संपर्क किया। परवेज ने बताया कि उसे ऑटो में एक स्कूल बैग मिला थाजिसे वह सुरक्षित घर ले गया था। पुलिस ने परवेज से संपर्क किया और अगले दिन शुक्रवार सुबह वह बैग लेकर थाने पहुंचा।
बच्ची की खुशी और पुलिस की मदद
पुलिस ने दी सीख

दरअसल, भाजपा नेता नवनीत राणा ने दो दिन पहले मंगलवार (23 दिसंबर) को कहा था कि हिंदुओं को कम से कम तीन-चार बच्चे पैदा करना चाहिए ताकि उन लोगों की साजिशों का मुकाबला किया जा सके जो बड़ी संख्या में बच्चे पैदा करके हिंदुस्तान को पाकिस्तान में बदलना चाहते हैं। पूर्व निर्दलीय सांसद राणा ने पत्रकारों से कहा था, “मैं सभी हिंदुओं से अपील करती हूं। सुनिए, ये लोग खुलेआम कहते हैं कि इनकी चार पत्नियां और 19 बच्चे हैं। मेरा सुझाव है कि हमें कम से कम तीन-चार बच्चे पैदा करना चाहिए।”
नवनीत राणा ने क्यों दी ऐसी सलाह
राणा ने अमरावती में यह टिप्पणी तब की थी, जब वह मीडिया को एक एक सवाल का जवाब दे रही थीं। राणा ने कहा,‘‘मुझे नहीं पता कि वह मौलाना है या कोई और, लेकिन उसने कहा कि उसके 19 बच्चे और चार पत्नियां हैं, परंतु वह 30 बच्चों की संख्या पूरी नहीं कर पाया। वे बड़ी संख्या में बच्चे पैदा करके हिंदुस्तान को पाकिस्तान में बदलना चाहते हैं, तो हम सिर्फ एक बच्चे से क्यों संतुष्ट हो जाएं? हमें भी तीन से चार बच्चे पैदा करने चाहिए।’’
इस दौरान उन्होंने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (उबाठा) और राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के बीच बृहन्मुंबई महानगर पालिका चुनाव के लिए गठबंधन की संभावनाओं को भाव नहीं दिया। उन्होंने कहा,‘‘उद्धव ठाकरे बेबसी का पर्याय बन गए हैं। नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों के लिए उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को प्रचार के लिए बाहर नहीं निकाला। अगर कोई उद्धव ठाकरे के साथ जुड़ता भी है, तो उसका प्रदर्शन स्थानीय निकाय चुनाव से भी बदतर होगा।’’

पेंटागन की वार्षिक रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन अफ्रीका के जिबूती में मौजूद अपने इकलौते विदेशी मिलिट्री बेस के अलावा कई अन्य देशों में भी सैन्य ठिकाने बनाने की संभावना तलाश रहा है। इन देशों में भारत के कुछ पड़ोसी देश का नाम भी शामिल है। इन देशों में बांग्लादेश, श्रीलंका और म्यांमार का नाम भी जिक्र है, जहां चीन संभावित सैन्य अड्डों पर विचार कर रहा है। रिपोर्ट में पाकिस्तान का भी जिक्र है। हालांकि चीन के साथ पुराने रणनीतिक संबंधों के कारण पाक को अलग श्रेणी में रखा गया है।
स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स का हिस्सा
विशेषज्ञों की मानें तो यह चीन की ‘स्ट्रिंग ऑफ पर्ल्स’ रणनीतिक योजना का हिस्सा है। इसके तहत चीन हिंद महासागर क्षेत्र में कई बंदरगाहों पर अपना सैन्य नेटवर्क विकसित कर रहा है। इन रणनीतिक साझेदारियों का जाल बिछाकर चीन समुद्री रास्तों पर अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है।
भारत के लिए क्यों चिंता?
भारत हिंद महासागर को अपना रणनीतिक क्षेत्र मानता है। ऐसे में पड़ोसी देशों में चीन के सैन्य या लॉजिस्टिक ठिकाने, भले ही सीमित क्यों ना हों, नई सुरक्षा चुनौतियां पैदा कर सकते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इससे चीन को मलक्का स्ट्रेट और बंगाल की खाड़ी जैसे अहम समुद्री रास्तों के पास सैन्य मौजूदगी का मौका मिल सकता है। हालांकि ऐसे किसी भी के खतरे को देखते हुए भारत भी अपनी सुरक्षा तैयारियों को मजबूत कर रहा है।

1. नया आयकर कानून-2025
2025 का सबसे बड़ा बदलाव रहा नया आयकर बिल-2025, जो 60 साल से भी ज्यादा पुराने आयकर कानून-1961 की जगह लेगा। संसद ने अगस्त 2025 में नए कानून को पास किया, जो 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। इसमें भाषा आसान होगी, धाराएं कम होंगी और टैक्स विवादों में कमी आएगी। यह कानून टैक्सपेयर्स के लिए ज्यादा पारदर्शी होगा।
2. Tax Year की नई परिभाषा
नए कानून में ‘आकलन वर्ष’ और ‘वित्तीय वर्ष’ की जगह ‘कर वर्ष’ की अवधारणा लाई गई है। इससे टैक्स गणना आसान होगी और आम लोगों को नियम समझने में दिक्कत नहीं होगी। इसमें शून्य टीडीएस सर्टिफिकेट जैसे नए टूल्स होंगे, जो करदाता की तैयारी में मदद करेंगे।
3. ₹12 लाख तक कोई Tax नहीं
इस साल पेश बजट में इनकम टैक्स स्लैब स्लैब में बड़ा बदलाव किया गया। नई कर व्यवस्था को चुनने वाले लोगों के लिए टैक्स फ्री इनकम की सीमा बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दी गई। 75 हजार रुपये की मानक कटौती जोड़ने के बाद वेतनभोगी टैक्सपेयर्स को 12.75 लाख रुपये तक की आय पर कोई कर नहीं देना पड़ेगा।
4. रिटर्न संशोधन की समय सीमा बढ़ी
पहले संशोधित आयकर रिटर्न (आईटीआर-यू) दाखिल करने की समय सीमा 24 महीने थी, जिस बढ़ाकर अब 48 महीने कर दिया गया है। मतलब, अगर रिटर्न में कोई गलती हो गई या अतिरिक्त कमाई जोड़नी है, तो चार साल तक सुधार का मौका मिलेगा। ये बदलाव उन लोगों के लिए बड़ा सहारा है जो जल्दबाजी में गलती कर बैठते हैं।
5. किराये पर टैक्स छूट में बढ़ोतरी
किराए पर रहने वालों के लिए बड़ी राहत दी गई है। मकान किराया भत्ता (एचआरए) के तहत कर छूट की सीमा ₹2.4 लाख से बढ़ाकर ₹6 लाख कर दी गई है। इससे छोटे-मध्यम किराए पर टीडीएस का झंझट कम हो जाएगा। पहले लोग छोटी रकम पर भी टीडीएस काटने में उलझ जाते थे, लेकिन अब ये प्रक्रिया सरल हो गई है।
6. वरिष्ठ नागरिकों को बड़ी राहत
वरिष्ठ नागरिकों के लिए बैंक और डाकघर की ब्याज आय पर मिलने वाली कर छूट बढ़ाकर एक लाख कर दी गई है। पहले यह सीमा 50 हजार रुपये थी। इससे पेंशनभोगियों और बुजुर्गों की कर देनदारी कम होगी और नियमित आय पर सुरक्षा मिलेगी।
7. टीडीएस/टीसीएस में देरी पर मुकदमा नहीं
टैक्स समय पर चुका दिया गया हो तो अब टीसीएस स्टेटमेंट देरी से जमा करने पर मुकदमा नहीं चलेगा। साथ ही, ऊंची टीडीएस दर सिर्फ तब लगेगी जब पैन नंबर न हो। इससे असमंजस और जुर्माने का खतरा कम होगा। ये बदलाव कर प्रणाली को टैक्सपेयर्स के लिए आसान बनाएगा और कर अनुपालन को बढ़ावा देगा।
8. आईटीआर फॉर्म में बदलाव
आकलन वर्ष 2025-26 के लिए नए और संशोधित आईटीआर फॉर्म जारी किए गए हैं। इनमें नए कॉलम जोड़े गए हैं और फॉर्म के ढांचे में भी बदलाव किया गया है। इनके जरिए टैक्सपेयर्स के लिए आईटीआर फॉर्म भरना पहले से आसान हो गया है।
9. कैपिटल गेन टैक्स में बड़े बदलाव
2025 में कैपिटल गेन टैक्स के नियमों में भी अहम बदलाव किए गए। इक्विटी पर छोटी अवधि के कैपिटल गेन टैक्स की दर को 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत कर दिया गया। वहीं, कर मुक्त लंबी अवधि के पूंजीगत लाभ को दायरा बढ़ाकर 1.25 लाख रुपये तक कर दिया गया है। इससे ज्यादा के लाभ पर 12.5 प्रतिशत टैक्स देना होगा।
10. विदेश रकम भेजने की सीमा बढ़ी
विदेश में पैसे भेजने (एलआरएस) पर टीसीएस की सीमा अब 7 लाख से बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दी गई है। साथ ही, पढ़ाई के लिए भेजे जाने वाले पैसे पर टीसीएस बिल्कुल हटा दिया गया। इससे छात्रों और उनके परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी।

तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम की पिच गेंदबाजों के लिए अच्छी मानी जाती है। पहले दो मुकाबलों में महफिल लूटने वाले बल्लेबाजों को तीसरे T20I में इस पिच पर मुश्किल हो सकती है। हालांकि, पहले इस मैदान पर ओस नतीजा तय करने में अहम भूमिका अदा कर सकती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम की नजरें एक बार फिर पहले फील्डिंग करने पर होगी, ताकि वह बाद में टारगेट को आसानी से चेज कर पाए। तिरुवनंतपुरम के इस मैदान पर पहला वुमेंस क्रिकेट का मैच होने वाला है।
ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम, तिरुवनंतपुरम टी20 रिकॉर्ड
मैच- 4
पहले बैटिंग करके जीते गए मैच – 2 (50.00%)
टारगेट का पीछा करते हुए जीते गए मैच- 2 (50.00%)
टॉस जीतकर जीते गए मैच- 2 (50.00%)
टॉस हारकर जीते गए मैच- 2 (50.00%)
हाईएस्ट स्कोर- 235/4
हाईएस्ट स्कोर इन चेज- 173/2
प्रति विकेट औसत रन- 25.88
प्रति ओवर औसत रन- 8.49
पहले बैटिंग करने का औसत स्कोर- 145
इंडिया वुमेंस वर्सेस श्रीलंका वुमेंस स्क्वॉड
भारतीय महिला टीम: स्मृति मंधाना, शैफाली वर्मा, हरलीन देयोल, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (डब्ल्यू), स्नेह राणा, अमनजोत कौर, क्रांति गौड़, रेणुका सिंह ठाकुर, श्री चरणी, अरुंधति रेड्डी, वैष्णवी शर्मा, जी कमलिनी
श्रीलंका महिला टीम: विशमी गुणरत्ने, चमारी अथापथु (कप्तान), हासिनी परेरा, हर्षिता समरविक्रमा, कविशा दिलहारी, नीलाक्षी डी सिल्वा, कौशानी नुथ्यांगना (डब्ल्यू), रश्मिका सेवंदी, इमेशा दुलानी, काव्या कविंदी, निमेश मदुशानी, मल्की मदारा, इनोका राणावीरा, मालशा शेहानी, शशिनी गिम्हानी

मौसम विज्ञानियों के अनुसारइसका मुख्य कारण कश्मीर से सीधे पहुंची उत्तरी ठंडी हवाएं हैं। ये हवाएं प्रतिचक्रवातजेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से और भी तीव्र हो गईं। कश्मीर से आई इन ठंडी हवाओं ने मालवा और आसपास के क्षेत्रों में सर्दी की झोंक को और बढ़ा दियाजिससे इस बार की सर्दी असामान्य रूप से कड़ी हो गई।
कश्मीर की हवाओं ने बढ़ाई ठिठुरन
जेट स्ट्रीम और पश्चिमी विक्षोभ का असर
मावठा और बारिश की संभावना कम
ठंड की समय पर विदाईगर्मी का लंबा दौर
जलवायु परिवर्तन का असर

फरार कैदियों के नाम नारायण पिता भेरुलाल जाट (31), गोविंद पिता आत्माराम (35), गोपाल पिता बापुलाल (22) वर्ष बताए जा रहे हैं। जानकारी के अनुसार, तीनों कैदी महिला सेल से फरार हुए हैं। फरारी की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने तत्काल सीनियर अधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद पुलिस बल मौके पर पहुंचा और जेल परिसर सहित आसपास के क्षेत्रों में तलाशी अभियान शुरू की गई।
घटना के बाद से जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रारंभिक जांच में जेल की सुरक्षा, ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की भूमिका और महिला सेल से कैदियों के भागने के कारणों की बारीकी से पड़ताल की जा रही है।
थाना प्रभारी धन सिंह ने बताया की सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची थी।जांच पड़ताल के बाद तीन पुलिस टीम बनाई गई है। इसके साथ ही फरार हुए कैदियों की फुटेज जारी किए गए हैं। लोगों से सोशल मीडिया पर अपील की गई है कि उन्हें पकड़ने में मदद करें। पुलिस उनके संभावित ठिकानों पर रेड डालने की तैयारी कर रही है। पुलिस ने उन्हें जल्द ही पकड़ लेने की बात कही है।

घटना रात के करीब दो से तीन बजे के बीच घुनघुटी के पास स्थित मदारी ढाबे के पास हुई। बोलेरो नरसरहा डिपो से बांधवगढ़ की ओर जा रही थीऔर उसमें सवार सभी लोग शहडोल के डीएफओ श्रद्धा पेंद्रो के पारिवारिक सदस्य थे। वे सभी नरसरहा डिपो स्थित आवास पर भोजन करने के बाद एक निजी यात्रा पर निकले थे। वाहन में सवार लोग इस हादसे का शिकार हुएजिसमें बोलेरो चालक इजहार खान की मौत हो गईऔर अन्य छह लोग घायल हो गए।
घायलों में श्रेया मर्सकोले (20)भानुशी मरावी (20)भगवंती मर्सकोले (20)जूही बनर्जी (22)साक्षी मर्सकोले (22) और मीनाक्षी मर्सकोले (26) शामिल हैं। इनमें से भगवंती मर्सकोले और मीनाक्षी मर्सकोले की हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया गया है। हादसे के वक्त मीनाक्षी वाहन की अगली सीट पर बैठी थीं।
हादसे की सूचना मिलते ही पाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए शहडोल जिला अस्पताल की मर्चुरी में भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में ले लिया है।
इस हादसे ने एक बार फिर शासकीय वाहनों के निजी उपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ लोगों का मानना है कि शासकीय वाहन का निजी कार्यों के लिए इस्तेमाल करना कानूनी और नैतिक दोनों ही दृष्टियों से गलत है। इस घटना से यह भी साबित होता है कि सड़क सुरक्षा के नियमों और जागरूकता की कमी कहीं न कहीं इन हादसों का कारण बनती है।
पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे की पूरी जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क किनारे खड़े ट्रक को लेकर आगे की जांच की जाएगीताकि यह पता चल सके कि वह किस कारण से खड़ा थाऔर क्या कोई ट्रक चालक या अन्य व्यक्ति लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। यह घटना उमरिया जिले में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर एक सवाल खड़ा करती हैऔर यह भी दर्शाती है कि आने वाले समय में यातायात व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।