Author: bharati

  • कच्चे तेल में बड़ी गिरावट! मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीद का असर

    कच्चे तेल में बड़ी गिरावट! मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीद का असर


    नई दिल्ली पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच अब युद्धविराम की उम्मीदों ने वैश्विक बाजार को राहत दी है। रविवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की श्रेणी में वर्गीकरण दर्ज किया गया, जिससे निवेशकों और आयातक देशों को बड़ी राहत मिली है। ब्रेंट क्रूड भी 7 प्रतिशत से अधिक अनुपात 97.18 डॉलर प्रति शेयर के करीब इंट्राडे तक पहुंच गया, जबकि अमेरिकी डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 6 प्रतिशत से अधिक मार्जिन 86.72 डॉलर प्रति शेयर के स्तर पर पहुंच गया। विशेषज्ञ का मानना ​​है कि यह स्तर केवल तकनीकी नहीं बल्कि भू-राजनीतिक अध्ययन का है, जहां अब सीजफायर को बाजार में शामिल किया जा रहा है। पिछले हफ्ते जहां तेल 100 डॉलर के पार पहुंच गया था, वहीं अब इसमें तेज करेक्शन देखने को मिला है, जो यह दर्शाता है कि बाजार में तेजी से बदलाव की स्थिति पर प्रतिक्रिया दे रही है।

    भारत को राहत, बेरोजगारी और ब्याज पर असर
    कच्चे तेल की कीमत में आई इस गिरावट का सबसे बड़ा फायदा भारत को सबसे बड़ा फायदा होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, तेल की कीमत में हर 10 डॉलर प्रति डॉलर की कमी भारत के चालू खाते में 0.3 से 0.5 प्रतिशत तक की कमी हो सकती है। साथ ही रेस्टॉरेंट का सीधा असर यह होता है कि ग्राहक मूल्य में 20 से 30 बेसिस पॉइंट तक की राहत मिल सकती है। किशोरों से भारत का अधिकार बिल घटेगा, जिससे रुपयों पर दबाव कम होगा और अर्थव्यवस्था स्थिर रहेगी। हालांकि विशेषज्ञ यह भी चेतावनी दे रहे हैं कि यह राहत में तेजी आ सकती है, क्योंकि अगर पश्चिम एशिया में फिर से गिरावट आती है तो जिले में नाममात्र की तेजी हो सकती है।

    टेक्नोलॉजी स्नातक पर रूक मार्केट, आगे कैसी रहेगी चाल
    मानको के अनुसार, कच्चे तेल की परतें अहम् तकनीकी स्तर के आसपास बनी हुई हैं। अमेरिकी कच्चा तेल 85 से 87 डॉलर का समर्थन जोन में है, जो बाजार की दिशा तय करेगा। यदि प्रतिस्पर्धी 92 से 94 डॉलर तक पहुंच सकते हैं, तो फिर से तेजी का नया दौर शुरू हो सकता है और 98 से 100 डॉलर तक पहुंच सकते हैं। दूसरी ओर, यदि यह 85 डॉलर से नीचे टूटता है, तो मूल्य 81 से 82 डॉलर तक गिर सकता है। ऐसे में अर्जियों के लिए ‘गिरावट में खरीदारी’ की रणनीति उद्यम मनी जा रही है, लेकिन जोखिम को मंजूरी नहीं दी जा सकती है।

    वैश्विक उद्यम में मिला-जुला रुख, वृश्चिक की झलकियाँ पर
    तेल की बिक्री में गिरावट का असर वैश्विक शेयरों पर भी देखने को मिला। जहां अमेरिकी शेयर बाजार में तेजी से गिरावट दर्ज की गई और एसएंडपी 500 और नैस्डैक नीचे बंद हो गए, वहीं एशियाई शेयर बाजारों में तेजी से देखने को मिला। जापान का निक्केई 225, दक्षिण कोरिया का कोस्पी और हांगकांग का हैंग सेंग सभी प्रमुख स्टोर्स के साथ बंद हो गए। यह संकेत देता है कि निवेशकों को राहत देने की खबरें भरोसेमंद लोगों पर हैं, लेकिन पूरी तरह से गलत धारणाएं नहीं हैं। बाजार की नजर अब पश्चिम एशिया के घटनाक्रम, वैश्विक मांग और बाजारों की स्थिति और बड़े देशों के उद्यमों पर टिकी हुई है।

  • आरसीबी डील का छोटा हिस्सा भी काफी’-पॉल वैन मीकेरेन ने दिया दिलचस्प आइडिया

    आरसीबी डील का छोटा हिस्सा भी काफी’-पॉल वैन मीकेरेन ने दिया दिलचस्प आइडिया


    नई दिल्ली आईपीएल की सबसे बड़ी फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु एक बार फिर से रिपब्लिकन में है। हाल ही में टीम के स्वामित्व वाले आदित्य बिड़ला ग्रुप के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम को करीब 16,600 करोड़ रुपये की आय हुई। इस बड़ी फिल्म के बाद अब नीदरलैंड के तेज गेंदबाज पॉल वैन मीकेरेन ने एक सुझाव दिया है, जो क्रिकेट के वैश्विक विकास से धूम मचा रहा है।

    छोटा हिस्सा भी बदल सकता है तस्वीर

    पॉल वैन माइकेरेन ने सोशल प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि अगर इस दिल की कुल राशि का सिर्फ 0.5 प्रतिशत हिस्सा भी नीदरलैंड क्रिकेट को मिल जाए, तो वहां क्रिकेट का स्तर काफी ऊपर जा सकता है। उनका मानना ​​है कि इतनी बड़ी पूंजी का छोटा हिस्सा भी सहयोगी देशों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है।

    एसोसिएट और बैटरी बैलेंस शीट के बीच गैप कम करने की जरूरत है

    मिकेरन ने जोर देकर कहा कि एसोसिएटेड (गैर-टेस्ट प्रतियोगिता वाले) देश और फुल मेंबर के बीच का अंतर कम करना बेहद जरूरी है। छोटे देशों के रिकॉर्ड में बेहतर सपोर्टिंग, खिलाड़ियों और सबसे ज्यादा मैच कॉम्बिनेशन के मुकाबले बड़े स्तर पर दिखाए जा सकते हैं। इससे क्रिकेट को और अधिक वैश्विक पहचान मिल सकती है।

    अन्य खिलाड़ियों ने भी आवाज दी

    यह सुविधा केवल माइकेरेन तक सीमित नहीं है। ओमान के कैप्टन जतिंदर सिंह और नीदरलैंड्स के कैप्टन स्कॉट एडवर्ड्स ने भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट काउंसिल से अपील की है कि बड़े टूर्नामेंटों के अलावा मजबूत टीमों के खिलाफ मुकाबले के बारे में अधिक जानकारी दी जाए।

    नीदरलैंड का प्रदर्शन, लेकिन औपचारिक की कमी

    हाल ही में टी20 वर्ल्ड कप में नीदरलैंड की टीम ने पाकिस्तान और भारत के बीच मजबूत मुकाबले की टक्कर दी थी। हालाँकि, सीमित संरचना और संरचना की कमी के कारण टीम ग्रुप स्टेज से आगे नहीं बढ़ी। ऐसे में बेहतर फंडिंग और अवसर मिलने से इन टीमों का प्रदर्शन और बेहतर हो सकता है।

    क्रिकेट का भविष्य क्या बदलेगा

    पॉल वैन माइकेरेन का यह सुझाव क्रिकेट को और अधिक समावेशी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अब देखिए कि क्रिकेट की बड़ी संस्थाएं इस पर क्या रुख अपनाती हैं और क्या सच में सहयोगी देशों को आगे बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाते हैं।

  • प्रधानमंत्री मोदी ने दी मुख्यमंत्री मोहन यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं विकास कार्यों की सराहना

    प्रधानमंत्री मोदी ने दी मुख्यमंत्री मोहन यादव को जन्मदिन की शुभकामनाएं विकास कार्यों की सराहना


    मध्यप्रदेश । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव को उनके जन्मदिवस के अवसर पर हार्दिक शुभकामनाएं दी हैं इस मौके पर प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री के नेतृत्व और उनके द्वारा प्रदेश में किए जा रहे विकास कार्यों की सराहना भी की

    प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संदेश में कहा कि डॉ मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश निरंतर प्रगति की दिशा में आगे बढ़ रहा है उन्होंने उल्लेख किया कि मुख्यमंत्री प्रदेश के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण और प्रभावी पहल कर रहे हैं जिनका सकारात्मक असर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है

    प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि जनकल्याण और विकास को केंद्र में रखकर किए जा रहे प्रयासों के कारण मध्यप्रदेश नई ऊंचाइयों को छू रहा है उन्होंने मुख्यमंत्री के कार्यों को प्रदेश के उज्ज्वल भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए उनके नेतृत्व की सराहना की

    इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के दीर्घायु और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभेच्छाएं भी व्यक्त कीं उनका यह संदेश राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है

    मुख्यमंत्री के जन्मदिवस पर प्रधानमंत्री का यह संदेश न केवल एक औपचारिक शुभकामना है बल्कि यह राज्य और केंद्र के बीच समन्वय और सहयोग का भी प्रतीक माना जा रहा है राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के संदेश नेतृत्व के प्रति विश्वास और समर्थन को भी दर्शाते हैं

    कुल मिलाकर मुख्यमंत्री मोहन यादव के जन्मदिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा दी गई शुभकामनाएं उनके कार्यों की सराहना और भविष्य के लिए सकारात्मक संदेश के रूप में देखी जा रही हैं जो प्रदेश की राजनीति और विकास यात्रा दोनों के लिए महत्वपूर्ण संकेत देती हैं

  • युवराज से सीखेंगे पंत? Yuvraj Singh के साथ जुड़ाव को लेकर आई बड़ी प्रतिक्रिया

    युवराज से सीखेंगे पंत? Yuvraj Singh के साथ जुड़ाव को लेकर आई बड़ी प्रतिक्रिया


    नई दिल्ली आईपीएल 2026 से पहले ऋषभ पंत को लेकर पूर्व भारतीय बल्लेबाज आकाश चोपड़ा ने बड़ा बयान दिया है। चोपड़ा का दावा है कि नेशनल सुपर जायंट्स के कैप्टन पंत को अपने खेल के तरीकों में बदलाव करना होगा, अन्यथा भविष्य में उन्हें नुकसान उठाना पड़ सकता है।

    रेप्युटेशन के कैदी बन गए हैं पंत

    आकाश चोपड़ा ने कहा कि पंत अपनी आक्रामक ऑलट्रॉयल स्टाइल के कारण खुद की बनाई छवि के कैदी बन गए हैं। वह हर स्थिति में जोखिम के खिलाफ गोलीबारी की कोशिश करती है, जो कई बार सामने आती है। चोपड़ा के अनुसार, अगर पंत को भारत की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम टी20 में वापसी करनी है, तो उन्हें अपने खेल की तकनीक पर ध्यान देना होगा और स्थिति के अनुसार नाटकीय प्रदर्शन करना होगा।

    ख़राब फॉर्म और दाग़ चिंता का विषय

    पिछले आईपीएल सीजन में पंत के प्रदर्शन की उम्मीद नहीं जताई जा रही थी। वे 13 मैचों में सिर्फ 269 रन बनाए और उनका औसत 24.45 रहा। चोपड़ा का कहना है कि पंत को कई खिलाड़ी मिले, लेकिन उन्होंने अपने खेल में कोई बदलाव नहीं किया और लगातार शेयर बाजार में बने रहे। यही कारण है कि वह राष्ट्रीय टीम की टी-20 से बाहर हो गए हैं।

    द्रविड़ को भी पसंद नहीं था एप्रोच

    चोपड़ा ने यह भी बताया कि पंत के पूर्व ऑल-ऑथिक कोच राहुल द्रविड़ भी बिल्कुल पसंद नहीं थे, हालांकि टेस्ट क्रिकेट में उनके अच्छे नतीजे आ रहे हैं। इससे साफ है कि पंत को अपने शॉट सिलेक्शन और मैच सिचुएशन को इशारा करने पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है।

    यूके से दिशानिर्देश लेना सकारात्मक संकेत

    हालांकि, चोपड़ा ने पंत के वन स्टेप की शोभा भी बढ़ा दी। उन्होंने कहा कि युवराज सिंह की तरफ से पंत की तरफ से की गई सलाह एक सकारात्मक संकेत है। यह दिखाया गया है कि वह अपने खेल में सुधार करना चाहती हैं और अपनी प्रेमिकाओं पर काम करने के लिए तैयार हैं।

    आईपीएल 2026 में होगी असली परीक्षा

    अब बिजनेस नजर आईपीएल 2026 पर है, जहां लखनऊ सुपर जायंट्स को अपने कप्तान से बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद होगी। टीम अपना पहला मुकाबला दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ 1 अप्रैल को खेलेगी।

  • 9 साल बाद Mohamed Salah का लिवरपूल से विदाई का फैसला, खत्म होगा सुनहरा दौर

    9 साल बाद Mohamed Salah का लिवरपूल से विदाई का फैसला, खत्म होगा सुनहरा दौर


    नई दिल्ली इंग्लैंड के दिग्गज क्लब लिवरपूल एफसी के स्टार फुटबॉलर मोहम्मद सलाह ने क्लब रिलीज की घोषणा कर दी है। पिछले सीज़न के अंत के साथ ही उनका स्केल ख़त्म हो जाएगा और इसे आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। इस फैसले की पुष्टि खुद और क्लब दोनों ने की है।

    विदाई संदेश में विदाई का समापन

    वसीयत ने सोशल मीडिया पर एक भावुक वीडियो शेयर करते हुए प्रेमी को यह खबर दी। उन्होंने कहा कि वह चाहते हैं कि उनके समर्थक सीधे उनसे बात करें। उन्होंने इसे अपने फेयरवेल का पहला भाग बताया, जिसमें संकेत दिया गया है कि आने वाले समय में वह और भी संदेश साझा कर सकते हैं।

    रोमा से लिवरपूल तक शानदार यात्रा

    33 साल पहले साल 2017 में एएस रोमा से करीब 50 मिलियन डॉलर में लिवरपूल जुड़े थे। इसके बाद उन्होंने क्लब के लिए 435 मैचों में 255 गोल दागे और सर्वकालिक शीर्ष स्कोररों की सूची में पूरे देश में तीसरा स्थान हासिल किया। उनके इस प्रदर्शन में उन्हें क्लब के महान खिलाड़ी शामिल कर लिया गया।

    शीर्षकों से भरा रहा इतिहास

    लिवरपूल में अपने करियर के दौरान सलाह दी गई टीम को कई बड़ी सफलताएँ मिलीं। उनके योगदान से क्लब ने प्रीमियर लीग, यूईएफए चैंपियंस लीग, एफए कप, लीग कप, क्लब वर्ल्ड कप और यूईएफए सुपर कप जैसे बड़े खिताब जीते। व्यक्तिगत प्रस्तुति में उन्होंने चार बार प्रीमियर लीग गोल्डन बूट रॉकेट थियरी हेनरी के रिकॉर्ड की पुष्टि की।

    लिवरपूल और प्रेमी के लिए खास रिश्ते

    अपने फेयरवेल संदेश में सलाह ने क्लब, सिटी और टूरिस्ट के साथ-साथ अपने ग्रीष्मकाल को याद किया। उन्होंने कहा कि लिवरपूल उनके लिए सिर्फ एक क्लब नहीं, बल्कि एक भावना है। जीत के जश्न से लेकर मुश्किल वक्त तक, हर पल उनकी चाहत बनी रहती है।

    टीम के लिए बड़ा झटका

    लिवरपूल के लिए सलाह का एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है। उनकी जगह भरना आसान नहीं होगा, क्योंकि उन्होंने पिछली कई पूर्वी टीमों की सफलता में अहम भूमिका निभाई है।

  • पेट्रोल डीजल की कमी की अफवाह पर बवाल कांग्रेस ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की

    पेट्रोल डीजल की कमी की अफवाह पर बवाल कांग्रेस ने सरकार से सख्त कार्रवाई की मांग की


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश में मंगलवार को पेट्रोल और डीजल की कमी को लेकर फैली अफवाह ने आम लोगों के बीच भारी असमंजस और घबराहट की स्थिति पैदा कर दी प्रदेश के कई शहरों में अचानक पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं और लोग बड़ी संख्या में ईंधन भरवाने के लिए उमड़ पड़े हालांकि कई स्थानों पर वास्तविक कमी की स्थिति नहीं थी लेकिन सोशल मीडिया पर तेजी से फैली खबरों ने हालात को गंभीर बना दिया

    इस पूरे घटनाक्रम ने प्रशासन और सरकार के लिए नई चुनौती खड़ी कर दी है क्योंकि अफवाहों के कारण बनी इस स्थिति ने आम जनजीवन को प्रभावित किया वहीं विपक्ष को भी सरकार पर हमला करने का मौका मिल गया प्रदेश कांग्रेस ने इस मामले को गंभीरता से उठाते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव से मांग की है कि अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने

    प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने देर रात सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार को भी इस पूरे मामले के लिए जिम्मेदार ठहराया उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि ऐसा लग रहा है जैसे प्रदेश में पेट्रोल-डीजल का आपातकाल लागू हो गया हो उन्होंने यह भी कहा कि नए भारत की तस्वीर अब ऐसी हो गई है जहां लोगों को पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ रहा है और कई जगह उन्हें ईंधन तक नहीं मिल पा रहा

    पटवारी ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि यह स्थिति सरकार की नीतियों और व्यवस्थाओं की विफलता को दर्शाती है उनका यह बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है और इस पर सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच आरोप प्रत्यारोप का दौर तेज होने की संभावना है

    दूसरी ओर प्रशासनिक स्तर पर यह स्पष्ट किया जा रहा है कि प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य है और किसी प्रकार की वास्तविक कमी नहीं है अधिकारियों का कहना है कि यह स्थिति पूरी तरह से अफवाहों के कारण उत्पन्न हुई है और लोगों से अपील की जा रही है कि वे सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट खबरों पर विश्वास न करें

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की अफवाहें न केवल बाजार व्यवस्था को प्रभावित करती हैं बल्कि आम जनता में अनावश्यक भय भी उत्पन्न करती हैं जिसके चलते लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन खरीदने लगते हैं और कृत्रिम संकट की स्थिति बन जाती है यही कारण है कि प्रशासन अब इस मामले में सख्ती बरतने की तैयारी कर रहा है ताकि गलत जानकारी फैलाने वालों पर नियंत्रण किया जा सके

    कुल मिलाकर यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि डिजिटल युग में सूचना का सही और जिम्मेदार उपयोग कितना महत्वपूर्ण है एक छोटी सी अफवाह भी बड़े स्तर पर प्रभाव डाल सकती है ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें और केवल आधिकारिक स्रोतों से प्राप्त जानकारी पर ही भरोसा करें ताकि समाज में अनावश्यक तनाव और अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न न हो

  • IPL 2026 में RCB की खास कहानी, कप्तान पाटीदार के साथ खेल चुका है टीम का नया चेहरा

    IPL 2026 में RCB की खास कहानी, कप्तान पाटीदार के साथ खेल चुका है टीम का नया चेहरा


    नई दिल्ली आईपीएल 2026 से पहले रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। टीम का स्वामित्व बदल गया और अब इसे आदित्य बिड़ला ग्रुप के नेतृत्व वाले कंसोर्टियम ने खरीद लिया है। इस कंसोर्टियम में द टाइम्स ग्रुप, बोल्ट वेंचर्स और ब्लैकस्टोन की कंपनी प्राइवेट लिमिटेड स्ट्रेटेजी भी शामिल हैं। इसकी कीमत करीब 1.78 करोड़ डॉलर यानि करीब 16,700 करोड़ रुपये हो गई है।

    नए वफादार और कप्तान का अनोखा रिश्ता

    इस बेटे के बाद आरसीबी के नए किशोर रूप में आर्यमन बिड़ला का नाम सामने आया, जो कुमार मंगलम बिड़ला के बेटे हैं। ख़ास बात यह है कि आर्यमन बिड़ला और टीम के कप्तान रजत पाटीदार पुराने क्रिकेट कनेक्शन में हैं। दोनों खिलाड़ी मध्य प्रदेश की टीम के साथ खेलने के लिए उतरे हैं और एक के साथ खिलाड़ी भी बने हैं।

    क्रिकेट से बिजनेस तक का सफर

    आर्यमन बिड़ला खुद एक क्रिकेटर रह चुके हैं और उन्होंने मध्य प्रदेश के लिए फर्स्ट क्लास और लिस्ट-ए क्रिकेट खेला है। 2018 में राजस्थान रॉयल्स ने आईपीएल नीलामी में खरीदारी की थी। हालाँकि, 2019 में मानसिक स्वास्थ्य आक्षेप से उन्होंने क्रिकेट से दूरी बना ली। अब वह अपने बिजनेस बिजनेस और एंटरप्रेन्योरशिप पर ध्यान दे रही हैं।

    यूएसएल के स्वामित्व वाली इकाई

    इससे पहले आरसीबी का मालिकाना हक यूनाइटेड स्पिरिट्स लिमिटेड के पास था। कंपनी ने आधिकारिक बयान में कहा कि उसने अपनी सहायक कंपनी रॉयल चैलेंजर्स स्पोर्ट्स प्राइवेट लिमिटेड में 100 फीसदी हिस्सेदारी के साथ इस कंसोर्टियम को टक्कर देने का समझौता किया है। इस डेड में आरसीबी के पुरुष और महिला दोनों शामिल हैं और यह पूरी तरह से कैश ट्रांजेक्शन है।

    नई शुरुआत, नई आकृति

    स्वामित्व के बाद अब आरसीबी एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। दोस्तों को उम्मीद है कि नए इंजीनियर और कैप्टन सिल्वर पाटीदार के नेतृत्व वाली टीम अगले सीज़न में बेहतर प्रदर्शन करेगी।

  • आरक्षित वन घोषित करने की प्रक्रिया पर विवाद तेज बैतूल में जयस ने दर्ज कराई आपत्ति

    आरक्षित वन घोषित करने की प्रक्रिया पर विवाद तेज बैतूल में जयस ने दर्ज कराई आपत्ति


    बैतूल । मध्यप्रदेश के बैतूल जिले में राजस्व भूमि को आरक्षित वन घोषित किए जाने की प्रक्रिया को लेकर विवाद लगातार गहराता जा रहा है यह मामला अब प्रशासन और आदिवासी संगठनों के बीच टकराव का रूप लेता दिखाई दे रहा है जय आदिवासी युवा शक्ति जिसे आमतौर पर जयस के नाम से जाना जाता है ने इस पूरे मामले में गंभीर आपत्तियां दर्ज कराते हुए राजस्व और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं

    जयस का आरोप है कि जिले में बड़े पैमाने पर राजस्व भूमि को आरक्षित वन घोषित करने की प्रक्रिया में वैधानिक नियमों और प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया जा रहा है संगठन का कहना है कि जिन जमीनों को आरक्षित वन में शामिल किया जा रहा है वे सार्वजनिक उपयोग की भूमि हैं और इन पर स्थानीय समुदायों विशेष रूप से आदिवासी समाज का पारंपरिक अधिकार रहा है ऐसे में बिना उचित प्रक्रिया और स्थानीय लोगों की सहमति के इन जमीनों को वन क्षेत्र में शामिल करना न्यायसंगत नहीं है

    संगठन ने इस मामले को गंभीर मानते हुए महामहिम राज्यपाल के नाम कलेक्टर बैतूल को ज्ञापन सौंपा है जिसमें 456 वनखण्डों पर विधिक आपत्ति दर्ज कराई गई है ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि यदि इस प्रक्रिया को तत्काल नहीं रोका गया तो इससे व्यापक स्तर पर सामाजिक और प्रशासनिक विवाद उत्पन्न हो सकता है

    जयस के प्रतिनिधियों का कहना है कि वन अधिकार कानून और अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत स्थानीय समुदायों के अधिकारों की रक्षा करना अनिवार्य है लेकिन वर्तमान प्रक्रिया में इन अधिकारों की अनदेखी की जा रही है जिससे आदिवासी समाज में असंतोष बढ़ रहा है उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन द्वारा पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है और प्रभावित लोगों को पर्याप्त जानकारी भी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है

    इस मुद्दे के सामने आने के बाद प्रशासन पर दबाव बढ़ता जा रहा है हालांकि अभी तक संबंधित विभागों की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है लेकिन माना जा रहा है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच या पुनर्विचार की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता

    विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के मामलों में कानूनी प्रक्रिया का पूरी तरह पालन किया जाना बेहद जरूरी होता है क्योंकि यह सीधे तौर पर स्थानीय समुदायों के अधिकारों और आजीविका से जुड़ा होता है यदि प्रक्रिया में पारदर्शिता और सहभागिता सुनिश्चित नहीं की जाती है तो इससे विवाद और अधिक गहरा सकता है

    कुल मिलाकर बैतूल में 456 वनखण्डों को लेकर उठा यह विवाद आने वाले समय में और तूल पकड़ सकता है यदि प्रशासन और संबंधित विभागों द्वारा समय रहते संतुलित और संवेदनशील समाधान नहीं निकाला गया तो यह मुद्दा व्यापक आंदोलन का रूप भी ले सकता है ऐसे में सभी पक्षों के बीच संवाद और कानूनी प्रक्रिया का पालन ही इस विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है

  • विधानसभा चुनाव बाद पास होगा महिला आरक्षण पर संशोधन बिल? क्यों सरकार ने बदली रणनीति

    विधानसभा चुनाव बाद पास होगा महिला आरक्षण पर संशोधन बिल? क्यों सरकार ने बदली रणनीति


    नई दिल्ली। महिला आरक्षण अधिनियम पर संशोधन बिल लाने पर विराम लगता दिख रहा है। अब खबरें आ रही हैं कि केंद्र सरकार द्वारा लोकसभा की मौजूदा 543 सीटों को बढ़ाकर 816 करने के लिए तत्काल विधेयक लाने की संभावना नहीं है, क्योंकि संसद का मौजूदा सत्र निर्धारित अवधि से पहले ही स्थगित हो सकता है, लेकिन सत्रावसान नहीं किया जाएगा ताकि अगले महीने होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद इसे फिर से बुलाये जाने का विकल्प खुला रहे। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

    बता दें कि लोकसभा में सीटों की संख्या बढ़ाने का उद्देश्य 273 सीट महिलाओं के लिए आरक्षित करना है। सूत्रों ने संकेत दिया है कि सरकार द्वारा अगले कुछ दिनों में संसद में संविधान संशोधन विधेयक पेश करने की संभावना बहुत कम है, जो नारी शक्ति वंदन अधिनियम, जिसे आमतौर पर महिला आरक्षण कानून के रूप में जाना जाता है, में बदलाव करेगा। ऐसी जानकारी मिली है कि मंगलवार शाम तक, केंद्रीय मंत्रिमंडल के समक्ष विधेयक का मसौदा पेश करने का कोई प्रस्ताव नहीं था। मंत्रिमंडल की बैठक बुधवार को होनी है।

    सभी दलों से विचार-विमर्श जरूरी
    घटनाक्रम से अवगत एक सूत्र ने बताया, ”महिला आरक्षण कानून में संशोधन के लिए कार्यक्रम तय करने से पहले सभी राजनीतिक दलों के साथ और विचार-विमर्श करने की आवश्यकता है।” केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को राजग के कुछ घटक दलों तथा कुछ विपक्षी दलों के नेताओं के साथ इस मुद्दे पर चर्चा की थी। लेकिन प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस और एक अन्य प्रमुख दल तृणमूल कांग्रेस के साथ परामर्श किया जाना बाकी है।

    निर्धारित समय सीमा से पहले संसद सत्र स्थगित होने की संभावना
    बजट सत्र को संक्षिप्त करने की चर्चा के बीच, सूत्रों ने संकेत दिया है कि 2 अप्रैल की निर्धारित समय सीमा से पहले संसद सत्र स्थगित किये जाने की संभावना है, लेकिन सत्रावसान नहीं किया जाएगा, ताकि उसी सत्र को पुनः बुलाया जा सके। यह भी जानकारी मिली है कि सरकार अगले महीने पांच राज्यों में होने जा रहे विधानसभा चुनावों के बाद सत्र को पुनः बुलाने के विकल्प पर विचार कर रही है। चुनावों के परिणाम 4 मई को घोषित किए जाएंगे। हालांकि, इस संबंध में सरकार की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।

  • जनगणना 2027 को डिजिटल बनाने की दिशा में बैतूल आगे जिला स्तर पर ट्रेनिंग अभियान शुरू

    जनगणना 2027 को डिजिटल बनाने की दिशा में बैतूल आगे जिला स्तर पर ट्रेनिंग अभियान शुरू

    बैतूल । बैतूल जिले में भारत सरकार द्वारा प्रस्तावित जनगणना 2027 को पूरी तरह डिजिटल स्वरूप में संपन्न कराने की दिशा में तैयारियां अब तेज रफ्तार पकड़ चुकी हैं इस महत्वाकांक्षी अभियान को सफल बनाने के लिए प्रशासन ने जमीनी स्तर पर प्रशिक्षण प्रक्रिया शुरू कर दी है जिसके तहत फील्ड ट्रेनर्स को तकनीकी और प्रक्रियात्मक रूप से सक्षम बनाया जा रहा है

    इसी क्रम में जिले में 64 फील्ड ट्रेनर्स का जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है यह प्रशिक्षण न केवल जनगणना कार्य की मूलभूत समझ विकसित करने के लिए है बल्कि इसे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रभावी तरीके से लागू करने की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक ट्रेनर आगे प्रगणकों और पर्यवेक्षकों को सटीक और स्पष्ट मार्गदर्शन दे सके

    प्रशिक्षण कार्यक्रम को दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है पहले चरण का आयोजन 24 मार्च से 26 मार्च तक किया जा रहा है जबकि दूसरा चरण 1 अप्रैल से 3 अप्रैल 2026 तक आयोजित होगा यह प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 9 30 बजे से शाम 6 बजे तक पीएम श्री एम एल बी विद्यालय बैतूल में संचालित किया जा रहा है जहां प्रतिभागियों को गहन अभ्यास और व्यवहारिक जानकारी दी जा रही है

    यह पूरा कार्यक्रम जनगणना कार्य निदेशालय मध्यप्रदेश भोपाल से प्राप्त दिशा निर्देशों के अनुसार संचालित किया जा रहा है जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि पूरे राज्य में एक समान गुणवत्ता और प्रक्रिया का पालन हो प्रशासन इस प्रशिक्षण को अत्यंत गंभीरता से ले रहा है क्योंकि यह आने वाली जनगणना की सफलता का आधार तैयार करेगा

    प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी और कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के मार्गदर्शन में किया जा रहा है वहीं अपर कलेक्टर और जिला जनगणना अधिकारी वंदना जाट भी इस पूरे अभियान की निगरानी कर रही हैं उनके निर्देशन में प्रशिक्षण को सुव्यवस्थित और परिणाममुखी बनाया गया है

    राज्य स्तर से मास्टर ट्रेनर अनामिका जैन और जिले के मास्टर ट्रेनर विनोद कुमार अडलक प्रतिभागियों को प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं वे ट्रेनर्स को डिजिटल उपकरणों के उपयोग डेटा संग्रहण की आधुनिक तकनीकों कानूनी प्रावधानों और जनगणना से जुड़े विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दे रहे हैं

    प्रशिक्षण के दौरान विशेष रूप से जनगणना 2027 की रूपरेखा पर जोर दिया जा रहा है जिसमें डिजिटल डेटा एंट्री मोबाइल आधारित एप्लीकेशन का उपयोग और रियल टाइम मॉनिटरिंग जैसे विषय शामिल हैं इसके साथ ही प्रगणकों और पर्यवेक्षकों की जिम्मेदारियों को भी स्पष्ट रूप से समझाया जा रहा है ताकि जमीनी स्तर पर कार्य में किसी प्रकार की त्रुटि न हो

    यह पहल न केवल प्रशासनिक दक्षता को बढ़ाएगी बल्कि जनगणना प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी तेज और सटीक बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी बैतूल में शुरू हुआ यह प्रशिक्षण कार्यक्रम आने वाले समय में डिजिटल इंडिया के विजन को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा