Author: bharati

  • उमरिया में दर्दनाक सड़क हादसा बोलेरो ट्रक से टकराईचालक की मौत6 घायल

    उमरिया में दर्दनाक सड़क हादसा बोलेरो ट्रक से टकराईचालक की मौत6 घायल


    उमरिया । उमरिया जिले के पाली थाना क्षेत्र में स्थित घुनघुटी के पास एक दर्दनाक सड़क दुर्घटना ने सात लोगों की जिंदगी को चपेट में ले लिया। बीती रात शासकीय बोलेरो सड़क किनारे खड़े ट्रक से टकरा गईजिससे चालक इजहार खान 32 की मौके पर ही मौत हो गई। वहींवाहन में सवार छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों में से दो की हालत बहुत नाजुक बताई जा रही हैजिन्हें इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया है।

    घटना रात के करीब दो से तीन बजे के बीच घुनघुटी के पास स्थित मदारी ढाबे के पास हुई। बोलेरो नरसरहा डिपो से बांधवगढ़ की ओर जा रही थीऔर उसमें सवार सभी लोग शहडोल के डीएफओ श्रद्धा पेंद्रो के पारिवारिक सदस्य थे। वे सभी नरसरहा डिपो स्थित आवास पर भोजन करने के बाद एक निजी यात्रा पर निकले थे। वाहन में सवार लोग इस हादसे का शिकार हुएजिसमें बोलेरो चालक इजहार खान की मौत हो गईऔर अन्य छह लोग घायल हो गए।

    घायलों में श्रेया मर्सकोले (20)भानुशी मरावी (20)भगवंती मर्सकोले (20)जूही बनर्जी (22)साक्षी मर्सकोले (22) और मीनाक्षी मर्सकोले (26) शामिल हैं। इनमें से भगवंती मर्सकोले और मीनाक्षी मर्सकोले की हालत गंभीर होने पर उन्हें जबलपुर रेफर कर दिया गया है। हादसे के वक्त मीनाक्षी वाहन की अगली सीट पर बैठी थीं।

    हादसे की सूचना मिलते ही पाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए शहडोल जिला अस्पताल की मर्चुरी में भेज दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामला जांच में ले लिया है।

    इस हादसे ने एक बार फिर शासकीय वाहनों के निजी उपयोग पर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुछ लोगों का मानना है कि शासकीय वाहन का निजी कार्यों के लिए इस्तेमाल करना कानूनी और नैतिक दोनों ही दृष्टियों से गलत है। इस घटना से यह भी साबित होता है कि सड़क सुरक्षा के नियमों और जागरूकता की कमी कहीं न कहीं इन हादसों का कारण बनती है।

    पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हादसे की पूरी जांच की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि सड़क किनारे खड़े ट्रक को लेकर आगे की जांच की जाएगीताकि यह पता चल सके कि वह किस कारण से खड़ा थाऔर क्या कोई ट्रक चालक या अन्य व्यक्ति लापरवाही के कारण यह हादसा हुआ। यह घटना उमरिया जिले में सड़क सुरक्षा की स्थिति पर एक सवाल खड़ा करती हैऔर यह भी दर्शाती है कि आने वाले समय में यातायात व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है।

  • स्विट्जरलैंड भी लगेगा फीका! भारत के इन 5 रेलवे रूट्स पर दिखती है 'जन्नत' खिड़की से दिखेंगी बर्फीली वादियों का नजारा

    स्विट्जरलैंड भी लगेगा फीका! भारत के इन 5 रेलवे रूट्स पर दिखती है 'जन्नत' खिड़की से दिखेंगी बर्फीली वादियों का नजारा


    नई दिल्ली । भारत में ट्रेन यात्राओं का अपना ही एक जादू हैपहियों की लयबद्ध खड़खड़ाहट खिड़की के बाहर लगातार बदलते नज़ारे और हर मील के साथ रोमांच का बढ़ता एहसास. विस्टाडोम कोच इस अनुभव को एक नए लेवल पर ले जाते हैं. घूमने वाली रिक्लाइनिंग सीटों कांच की छतों और बड़ी पैनोरमिक खिड़कियों के साथ ये कोच यात्रियों को प्रकृति की भव्यता में डूबने का मौका देते हैं. बर्फ से ढके पहाड़ों से लेकर हरी-भरी घाटियों और झरनों तक यहां भारत भर के कुछ सबसे खूबसूरत विस्टाडोम ट्रेन रूट दिए गए हैं. आइए जानते इन 5 रेलवे रूट्स के बारे में विस्तार से
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    जम्मू और कश्मीर विस्टाडोम स्पेशल कोच बडगाम से बनिहाल तक की यह 90 किलोमीटर की यात्रा यात्रियों को कश्मीर घाटी की लुभावनी सुंदरता में डुबो देती है. श्रीनगर अवंतीपोरा अनंतनाग और काजीगुंड से गुज़रते हुए ट्रेन बर्फ से ढकी चोटियों चमकती धाराओं और हरे-भरे घास के मैदानों के मनोरम दृश्य दिखाती है. 2023 में लॉन्च किया गया यह कांच की छत वाला कोच यात्रियों को प्रकृति का एक अभिन्न हिस्सा होने का एहसास कराता है जिससे यात्रा उतनी ही मनमोहक हो जाती है जितनी कि मंज़िल 
    डूअर्स न्यू जलपाईगुड़ी एक्सप्रेस ​​यह ट्रेन न्यू जलपाईगुड़ी से अलीपुरद्वार जंक्शन तक 169 किलोमीटर की दूरी तय करती है और पश्चिम बंगाल के डूअर्स इलाके से गुज़रती है. खिड़कियों के बाहर घने जंगल फैले हुए चाय के बागान और पूर्वी हिमालय की खूबसूरत पहाड़ियाँ दिखाई देती हैं. वन्यजीवों को देखने से अनुभव और भी बेहतर हो जाता है और यह यात्रा भूटान का रास्ता जैसी लगती है. विस्टाडोम कोच हर मोड़ पर एक नया मनमोहक नज़ारा दिखाने के लिए डिज़ाइन किए गए हैं
    हिमाचल प्रदेश कालका-शिमला NG एक्सप्रेस ​​यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट कालका-शिमला लाइन इंजीनियरिंग और प्राकृतिक सुंदरता का एक शानदार उदाहरण है. 90 किलोमीटर से ज़्यादा की दूरी में ट्रेन 103 सुरंगों 800 पुलों और लगभग हज़ार मोड़ों से गुज़रती है. चीड़ के जंगल गहरी घाटियाँ और शानदार पहाड़ों के नज़ारे पूरे रास्ते की शोभा बढ़ाते हैं. विस्टाडोम कोच की चौड़ी कांच की छत और खिड़कियाँ इस ऐतिहासिक यात्रा को हिमाचली पहाड़ियों का एक शानदार पैनोरमिक अनुभव बना देती हैं
    गुजरात अहमदाबाद-केवडिया जन शताब्दी एक्सप्रेस ​​यह रूट अहमदाबाद को एकता नगर से जोड़ता है जो स्टैच्यू ऑफ यूनिटी का गेटवे है. यात्री नर्मदा नदी और आसपास के नज़ारों का शानदार व्यू देख सकते हैं. विस्टाडोम कोच इस अनुभव को और भी खास बनाते हैं जिससे एक आम ट्रेन यात्रा एक खूबसूरत एडवेंचर में बदल जाती है. भारत की सबसे ऊंची मूर्ति देखने जाने वालों के लिए यह यात्रा अपने आप में एक बड़ा आकर्षण बन जाती है
    असम न्यू हाफलोंग स्पेशल टूरिस्ट ट्रेन गुवाहाटी से न्यू हाफलोंग तक की यह 269 किलोमीटर की यात्रा असम की प्राकृतिक सुंदरता के शानदार नज़ारे दिखाती है. पूरी यात्रा के दौरान यात्रियों को घुमावदार पहाड़ियाँ हरी-भरी घाटियाँ और शांत नदियाँ देखने को मिलती हैं. माइबोंग में रुकने से यात्रा में सांस्कृतिक अनुभव जुड़ जाता है जबकि विस्टाडोम कोच की बड़ी खिड़कियाँ इस क्षेत्र की अनछुई सुंदरता को दिखाती हैं. यह सिर्फ़ यात्रा का एक ज़रिया नहीं है; यह नॉर्थ-ईस्ट इंडिया के नज़ारों का एक चलता-फिरता कैनवस है

  • मध्य प्रदेश STF की बड़ी कार्रवाई ओडिशा से लाए जा रहे 1.80 करोड़ का गांजा ट्रक सहित जब्त

    मध्य प्रदेश STF की बड़ी कार्रवाई ओडिशा से लाए जा रहे 1.80 करोड़ का गांजा ट्रक सहित जब्त


    अनुपपुर । मध्य प्रदेश पुलिस के विशेष कार्यबल STF ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए ओडिशा से मध्य प्रदेश लाए जा रहे 599 किलोग्राम गांजे को जब्त किया। यह गांजा एक ट्रक में छुपाकर लाया जा रहा थाऔर इसकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 80 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई छत्तीसगढ़-मध्य प्रदेश सीमा पर स्थित जिला अनूपपुर के घने जंगल मार्ग पर की गई। पुलिस ने इस कार्रवाई में ट्रक सहित दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।

    गुप्त कम्पार्टमेंट से गांजे की तस्करी

    गांजा तस्करी की यह नई विधि STF के लिए एक बड़ी चुनौती बन गई थी। तस्करों ने ट्रक में लोहे की चादर से एक गुप्त कम्पार्टमेंट केबिन बनाया थाजो बाहरी नजर से बिल्कुल सामान्य दिखाई देता था। इस गुप्त कम्पार्टमेंट में गांजे के पैकेट्स छिपाकर तस्करी की जा रही थी। STF को गोपनीय सूचना मिलने के बादइस ट्रक की घेराबंदी की गई और इसे जब्त किया गया।

    STF की टीम ने की सटीक घेराबंदी

    गोपनीय सूचना मिलने पर STF की दो विशेष टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों का नेतृत्व उप पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार तिवारी और निरीक्षक गणेश सिंह ठाकुर ने किया। टीम ने संबलपुर ओडिशासे मैहर मध्य प्रदेश जा रहे ट्रक संख्या JH 02BL 7103 को जिला अनूपपुर के जेतहरी थाना क्षेत्र के घने जंगल मार्ग पर घेर लिया और उसकी तलाशी ली। इस दौरान ट्रक से कुल 599 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस अधिकारियों ने इसे एक बड़ी सफलता करार दियाक्योंकि यह एक संगठित तस्करी नेटवर्क का हिस्सा प्रतीत हो रहा था।

    आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ

    पुलिस ने ट्रक में सवार दो आरोपियों को गिरफ्तार किया हैजिनके नाम अंकित विश्वकर्मा निवासी जिला सीधी और धनंजय सिंह पटेल निवासी जिला सतना हैं। गिरफ्तारी के बादपुलिस ने आरोपियों से गांजे के स्रोततस्करी नेटवर्क और इसके विक्रेताओं तथा क्रेताओं के बारे में जानकारी जुटाने के लिए विस्तृत पूछताछ शुरू कर दी है। यह पूछताछ आगे के नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण सुराग दे सकती है।

    नशा से दूरी अभियान के तहत कार्रवाई

    मध्य प्रदेश पुलिस महानिदेशक श्री कैलाश मकवाणा के निर्देशन मेंप्रदेश भर में नशा से दूरी अभियान चलाया जा रहा है। STF प्रमुख और विशेष पुलिस महानिदेशक पंकज कुमार श्रीवास्तव की मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई है। इस अभियान का उद्देश्य नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त करना और समाज को नशे से बचाना है। पुलिस द्वारा लगातार ऐसे अभियान चलाए जा रहे हैंताकि नशे की तस्करी और उसके व्यापार को रोका जा सके।

    टीम की सराहनीय भूमिका

    यह सफल कार्रवाई STF के समर्पित कर्मचारियों की कड़ी मेहनत और रणनीतिक योजना का परिणाम थी। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक गोपाल सूर्यवंशीप्रधान आरक्षक निर्मल पटेलसंपूर्णानंदअंजनी पाठकविनय कोरीऔर आरक्षक मनीष तिवारीनिलेश दुबेराहुल रजकरूपेश रायऔर नारायण प्रसाद की महत्वपूर्ण भूमिका रही। उनके प्रयासों ने इस तस्करी को पकड़ा और एक बड़ी तस्करी नेटवर्क को उजागर करने में मदद की।

    आगे की कार्रवाई

    मध्य प्रदेश STF ने इस बड़े ड्रग तस्करी मामले में अब जांच तेज कर दी है। पुलिस आरोपियों से गांजे के परिवहन के नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही हैजिससे और भी तस्करों का पर्दाफाश किया जा सके। फिलहालट्रक और जब्त गांजे को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और मामले की आगे की जांच की जा रही है। यह कार्रवाई प्रदेश में नशे के व्यापार पर कड़ी चोट है और यह दर्शाता है कि STF और अन्य सुरक्षा एजेंसियां इस पर रोक लगाने के लिए लगातार मेहनत कर रही हैं। नशे के कारोबार को समाप्त करने के लिए पुलिस के प्रयास जारी हैंऔर उम्मीद की जा रही है कि इसके परिणामस्वरूप मध्य प्रदेश में नशे की तस्करी में कमी आएगी।

  • उज्जैन में नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में आटो चालक गिरफ्तार, हिंसा और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने संभाली स्थिति

    उज्जैन में नाबालिग से छेड़छाड़ मामले में आटो चालक गिरफ्तार, हिंसा और तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने संभाली स्थिति


    उज्जैन । उज्जैन के महिदपुर रोड पर बुधवार को एक बड़ी घटना ने इलाके में तनाव पैदा कर दिया। यहां के एक आटो चालक द्वारा एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ करने की घटना सामने आई। इस घटना के बाद गुस्साए स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और आटो चालक के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन किया। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लियालेकिन इसके बाद हुई हिंसा और तोड़फोड़ ने क्षेत्र में भारी तनाव पैदा कर दिया।

    आरोपित आटो चालक जुबेर मंसूरी को हिंदूवादी संगठन के कार्यकर्ताओं ने पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। संगठन ने आरोपित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उसके खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया। इसके बाद हिंसक भीड़ ने दुकानों में तोड़फोड़ की और कुछ दुकानों में आग लगा दी। इसके साथ ही संगठन ने मुस्लिम वाहन चालकों को स्कूलों से हटाने की भी मांग कीजिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई।

    घटना का विवरण

    पुलिस के अनुसारजुबेर मंसूरी नामक आटो चालक नियमित रूप से नाबालिगों को कोचिंग सेंटर ले जाता था। बुधवार को उसने एक नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ की। इस घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। हिंदूवादी संगठन के लोग आरोपित को पकड़कर पुलिस के हवाले करने से पहले उसे जमकर पीट भी चुके थे। पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया और उसके मोबाइल की जांच की। मोबाइल में 20 से अधिक महिलाओं के अश्लील वीडियो मिलेजिनमें से 12 महिलाएं महिदपुर क्षेत्र की थीं और बाकी आठ आसपास के क्षेत्रों से थीं।

    हिंसा और प्रदर्शन
    घटना के बाद गुस्साए लोग सड़क पर उतर आए और महिदपुर रोड को जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने आरोपित का जुलूस निकालने और उसके मकान को तोड़ने की मांग की। इसके साथ ही उन्होंने मुस्लिम वाहन चालकों को स्कूलों से हटाने की भी मांग की। प्रदर्शन के दौरान कुछ दुकानों में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गईजिससे इलाके में भारी नुकसान हुआ। पुलिस ने तत्काल स्थिति को काबू में करने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया। पुलिस के कड़े प्रयासों के बाद ही आरोपित का जुलूस निकाला गया और भारी भीड़ के बीच पुलिस ने उसे बचा लिया।

    पुलिस का बयान और जांच

    उज्जैन के एसपी प्रदीप शर्मा ने बताया कि पुलिस ने पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया है। उन्होंने कहा“हमारी प्राथमिकता शांति बनाए रखना है। हमने आरोपित को एक दिन की रिमांड पर लिया है और उसके मोबाइल से बरामद वीडियो की जांच की जा रही है।” पुलिस ने यह भी बताया कि आरोपित के खिलाफ विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया है और जल्द ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहालइलाके में स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस सतर्कता बरत रही है।

    यह घटना न केवल नाबालिग लड़की के साथ छेड़छाड़ के कारण चिंता का विषय हैबल्कि इसके बाद का हिंसा और तोड़फोड़ का सिलसिला भी गंभीर सवाल खड़ा करता है। पुलिस को इलाके में शांति बनाए रखने के लिए कड़ी सुरक्षा तैनात करनी पड़ीऔर मामले की गहराई से जांच की जा रही है। यह घटना यह दर्शाती है कि समाज में सुरक्षा और कानून व्यवस्था की स्थिति पर विचार करने की आवश्यकता हैखासकर नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर।

  • ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ पब्लिक रिव्यू : कहानी से लेकर डायलॉग तक, दर्शकों ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया

    ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ पब्लिक रिव्यू : कहानी से लेकर डायलॉग तक, दर्शकों ने दी मिली-जुली प्रतिक्रिया

    नई दिल्ली|  25 दिसंबर (आईएएनएस)। कार्तिक आर्यन और अनन्या पांडे की फिल्म ‘तू मेरी मैं तेरा, मैं तेरा तू मेरी’ को गुरुवार को क्रिसमस पर रिलीज कर दिया गया। फिल्म को लेकर दर्शकों ने मिलीजुली प्रतिक्रियाएं दी।

    दर्शक फिल्म को टाइटल की तरह ही कंफ्यूजिंग और बेहद स्लो बता रहे हैं। दर्शकों का कहना है कि फिल्म में कुछ भी नया नहीं है, सिवाय गानों के।

    दर्शकों ने फिल्म को बोरिंग बताया और कार्तिक आर्यन की एक्टिंग को लेकर भी आईएएनएस से बात की। दर्शक ने कहा कि पहले तो फिल्म का नाम ही इतना अजीब है और फिल्म उससे भी ज्यादा अजीब है। फिल्म में कार्तिक ने कुछ भी अपना नहीं किया है, कभी वे अक्षय कुमार बन जाते हैं, तो कभी गोविंदा। सब कुछ कॉपी लगा और अनन्या की एक्टिंग भी स्लो थी। सबसे बड़ी बात, दोनों के बीच किसी तरह की कोई केमिस्ट्री देखने को नहीं मिली।

    दूसरे दर्शक ने बताया कि फिल्म बहुत स्लो है और पहला हॉफ डीडीएलजे वाली फील देता है, जहां दोनों हीरो और हीरोइन मिलते हैं। फिल्म वन टाइम वॉच है। फिल्म को परिवार के साथ देखा जा सकता है। फिल्म के दो गाने अच्छे हैं और गोवा की जिन लोकेशन्स पर शूट किया गया है, वो भी अच्छे हैं।

    कुछ दर्शकों का मानना है कि फिल्म में सतही कॉमेडी दिखाने की कोशिश की गई है, जिसकी जरूरत नहीं है। कुछ सीन ऐसे थे, जो कहानी से कनेक्ट नहीं कर पा रहे थे। एक दर्शक ने फिल्म देखने के बाद कहा कि इसका पहला पार्ट बहुत स्लो और बोरिंग है, लेकिन सीन को फनी बनाने के लिए सतही कॉमेडी दिखाई गई है। मुझे नहीं लगता है कि उसकी जरूरत थी। डायलॉग भी बहुत ही खराब हैं और फिल्म में कार्तिक की एक्टिंग भी खास नहीं है। इमोशनल सीन्स भी एक-दूसरे से कनेक्ट नहीं कर पा रहे थे। कार्तिक और अनन्या की केमिस्ट्री फिल्म में उभरकर नहीं आई है।

    एक अन्य दर्शक ने कहा कि फिल्म की कहानी को लेकर किसी तरह की मेहनत नहीं की गई है। फिल्म पुरानी ‘रोमकॉम’ की बेसिक लव स्टोरी को दिखाती है, जिसमें लड़का-लड़की मिलते हैं और प्यार हो जाता है। फिल्म की कहानी और डायलॉग दोनों ही कमजोर लगे।

  • सर्दियों में आलस्य और पेट की समस्याओं से राहत देगा धनुरासन, जानें इसके अद्भुत फायदे

    सर्दियों में आलस्य और पेट की समस्याओं से राहत देगा धनुरासन, जानें इसके अद्भुत फायदे

    नई दिल्ली, 25 दिसंबर (आईएएनएस)। सर्दियों के आते ही शरीर में सुस्ती छा जाती है और तले-भुने भोजन की वजह से पेट संबंधी परेशानियां शुरू हो जाती हैं। ऐसे में योग अभ्यास आपको ऊर्जावान और तंदुरुस्त बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इसी कड़ी में धनुरासन एक ऐसा योगासन है, जो शरीर को ऊर्जावान बनाने के साथ फिट भी रखता है।

    ‘धनुरासन’ एक संस्कृत शब्द है, ‘धनुर’ का अर्थ ‘धनुष’ और ‘आसन’ का अर्थ ‘मुद्रा’ है। इस आसन को करने के दौरान शरीर धनुष की तरह झुकता है। यह आसन शरीर की मांसपेशियों को मजबूत करने, लचीलापन बढ़ाने और कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है।

    आयुष मंत्रालय के अनुसार, धनुरासन एक प्रभावी योगासन है, जिससे पेट और पीठ की मांसपेशियों में खिंचाव आता है। साथ ही, यह पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है, कब्ज और अपच दूर करता है, रक्त संचार बढ़ाता है, वजन घटाने में मदद करता है, और मानसिक शांति प्रदान करता है, जिसके लिए पेट के बल लेटकर घुटनों को मोड़कर टखनों को हाथों से पकड़ते हुए छाती और जांघों को ऊपर उठाया जाता है।

    इसके अलावा, यह फेफड़ों की क्षमता को बढ़ाता है। इसके नियमित अभ्यास से कमर दर्द, मधुमेह नियंत्रण और यहां तक कि हृदय स्वास्थ्य में सुधार देखा गया है। महिलाओं के लिए यह मासिक धर्म की अनियमितता दूर करने में भी उपयोगी है।

    इसको विधिवत करने के लिए सबसे पहले योगा मैट पर पेट के बल लेट जाएं, पैरों को एक साथ और हाथों को शरीर के बगल में रखें। अब सांस छोड़ते हुए घुटनों को मोड़ें और एड़ियों को हाथों से पकड़ें। सांस लेते हुए जांघों, सिर और छाती को पेट के निचले हिस्से पर केंद्रित करते हुए जितना संभव हो ऊपर उठाएं। इस स्थिति को 10-20 सेकंड तक बनाए रखना चाहिए। इसके बाद सांस छोड़ते हुए धीरे-धीरे प्रारंभिक स्थिति में वापस आ जाना चाहिए।

    इसके नियमित अभ्यास से शरीर को कई तरह के लाभ मिल सकते हैं, लेकिन किसी गंभीर स्वास्थ्य समस्या पर इसे करने से परहेज करें या फिर किसी योग विशेषज्ञ की सलाह पर ही करें।

  • Year Ender 2025 TV पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुए ये 7 शोज मेकर्स के डूबे करोड़ों

    Year Ender 2025 TV पर बुरी तरह फ्लॉप साबित हुए ये 7 शोज मेकर्स के डूबे करोड़ों


    नई दिल्ली । साल 2025 में कई टीवी शोज आए और फिर कुछ ही दिनों में ये बंद भी हो गए। इसका कारण यह था कि इन शोज को कुछ खास टीआरपी नहीं मिली जिससे मेकर्स के करोड़ों रुपए डूब गए। ऐसे में आइए जानते हैं कि इस लिस्ट में किन टीवी शोज का नाम शामिल है। बड़े अच्छे लगते हैं 4 टीवी का पॉपुलर शो बड़े अच्छे लगते है का चौथा सीजन कब आया और कब बंद हो गया इसका पता ही नहीं चला। इस शो को लोगों ने कुछ खास पसंद नहीं किया। इस वजह से यह कुछ ही दिनों में बंद हो गया।
    धाकड़ बीरा
    कलर्स के हिट शो धाकड़ बीरा है फैंस को पसंद नहीं आया। ये शो लगभग पांच महीने में ही बंद हो गया था।
    चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है
    चलो बुलावा आया है माता ने बुलाया है को इतनी बेकार टीआरपी मिली कि इस शो को फैंस ने कुछ ही दिनों में ऑफ एयर कर दिया।
    वीर हनुमान
    वीर हनुमान की कहानी को भी फैंस ने सारे से नकार दिया। लोगों ने इस कुछ खास प्यार नहीं दिया। इस वजह से इस शो को कम समय में ही बंद करना पड़ा।
    डोरी 2
    डोरी 2 का नाम भी इस लिस्ट में शामिल है। यह शो फ्लॉप साबित हुआ था। इस वजह से मेकर्स ने इसे चंद दिनों में ही बंद कर दिया।
    ईशानी
    ईशानी से मेकर्स को काफी उम्मीदें थीं लेकिन यह शो कुछ ही समय में ऑफ एयर हो गया।

    कभी नीम नीम कभी शहद शहद
    इस लिस्ट में कभी नीम नीम कभी शहद शहद सीरियल का नाम भी शामिल है। इसे भी फैंस ने कुछ ही दिनों में ऑफ एयर कर दिया था।

  • 2026 की पहली सैलरी आते ही इस फॉर्मूले से शुरू कर देना निवेश, 21 साल में बना देगा करोड़पति

    2026 की पहली सैलरी आते ही इस फॉर्मूले से शुरू कर देना निवेश, 21 साल में बना देगा करोड़पति


    नई दिल्ली । अक्सर लोग सोचते हैं कि करोड़पति बनने के लिए बड़ी सैलरी या भारी निवेश जरूरी है लेकिन सच्चाई ये है कि अगर सही प्लानिंग और अनुशासन के साथ निवेश किया जाए तो छोटी रकम भी बड़ा कमाल कर सकती है. नया साल 2026 नई उम्मीदों और नए फाइनेंशियल गोल्‍स के साथ आ रहा है. ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसा फॉर्मूले के बारे में जिसे अगर आपने नए साल 2026 में अपना लिया तो अगले 21 साल में आप करोड़पति बन सकते हैं. फॉर्मूला है- 21x10x12. यहां जानिए इसके बारे में.

    क्या है 21x10x12 का SIP फॉर्मूला

    21 का मतलब है 21 साल तक लगातार निवेश. SIP में सबसे बड़ा हथियार समय होता है और 21 साल का वक्त कंपाउंडिंग को पूरा मौका देता है.

    10 से मतलब है ₹10000 की मासिक SIP. यानी हर महीने आपको सिर्फ 10 हजार रुपये निवेश करने हैं. 12 का मतलब है 12 फीसदी सालाना औसत रिटर्न. इक्विटी म्यूचुअल फंड्स में लंबे समय में इतना औसत रिटर्न माना जाता है

    21 साल में कैसे बनेंगे आप करोड़पति
    अगर आप जनवरी 2026 से हर महीने ₹10000 की SIP शुरू करते हैं और इसे 21 साल तक बिना रुके जारी रखते हैं तो आंकड़े कुछ ऐसे बनते हैं.

    कुल निवेश: ₹2520000

    अनुमानित ब्याज 12% रिटर्न ₹7910067 ,21 साल बाद कुल रकम: ₹10430067 यानी आपकी निवेश की गई रकम से करीब तीन गुना ज्यादा पैसा सिर्फ कंपाउंडिंग की ताकत से तैयार हो जाएगा और आप आराम से करोड़पति बन सकते हैं
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    SIP को इतना पावरफुल क्या बनाता है
    SIP की सबसे बड़ी खासियत है डिसिप्लिन और कंपाउंडिंग. हर महीने थोड़ा-थोड़ा निवेश जेब पर बोझ नहीं डालता. बाजार के उतार-चढ़ाव का असर एवरेज हो जाता है. लंबी अवधि में रिटर्न काफी शानदार बनते हैं. यही वजह है कि SIP को आम निवेशकों के लिए सबसे बेहतर तरीका माना जाता है.

    2026 से निवेश शुरू करना क्यों है सही फैसला

    नया साल आ रहा है नए साल का मतलब नई शुरुआत से है नई उम्‍मीदों से है. ऐसे मौकों पर लोग अपनी उन गलतियों को सुधारने का संकल्‍प लेते हैं जिन्‍हें वो आज तक करते आए हैं. अगर आप भी निवेश से जुड़ी प्‍लानिंग में लापरवाही करते रहे हैं तो नया साल 2026 इस गलती को सुधारने और नई शुरुआत करने का बेहतरीन समय हो सकता है. इसलिए यहां 2026 की पहली सैलरी से निवेश शुरू करने की बात कही गई है.

    किन बातों का रखें ध्यान
    SIP लंबी अवधि के लिए होती है बीच में रुकना नहीं चाहिए.अच्छे और भरोसेमंद इक्विटी म्यूचुअल फंड चुनें.समय-समय पर पोर्टफोलियो रिव्यू करते रहें.बाजार गिरने पर घबराने की बजाय निवेश जारी रखें. क्या 12 फीसदी रिटर्न मिलना पक्का है नहीं ये गारंटी नहीं है क्‍योंकि म्‍यूचुअल फंड मार्केट लिंक्‍ड स्‍कीम है. लेकिन लंबे समय में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का औसत रिटर्न करीब 12 फीसदी माना जाता है
    . अगर मैं बीच में SIP रोक दूं तो क्या होगा ऐसा करने से कंपाउंडिंग टूट जाती है और फाइनल रकम काफी कम हो सकती है. बेहतर है SIP लगातार जारी रखें.  क्या ₹10000 से कम रकम से भी ये फॉर्मूला काम करेगा हां SIP किसी भी रकम से शुरू की जा सकती है. रकम कम होगी तो फाइनल कॉर्पस भी उसी हिसाब से कम बनेगा.कौन से म्यूचुअल फंड में SIP करनी चाहिएक्या 12 फीसदी रिटर्न मिलना पक्का है नहीं ये गारंटी नहीं है क्‍योंकि म्‍यूचुअल फंड मार्केट लिंक्‍ड स्‍कीम है. लेकिन लंबे समय में इक्विटी म्यूचुअल फंड्स का औसत रिटर्न करीब 12 फीसदी माना जाता है.

    अगर मैं बीच में SIP रोक दूं तो क्या होगा ऐसा करने से कंपाउंडिंग टूट जाती है और फाइनल रकम काफी कम हो सकती है. बेहतर है SIP लगातार जारी रखें. क्या ₹10000 से कम रकम से भी ये फॉर्मूला काम करेगा हां SIP किसी भी रकम से शुरू की जा सकती है. रकम कम होगी तो फाइनल कॉर्पस भी उसी हिसाब से कम बनेगा.  कौन से म्यूचुअल फंड में SIP करनी चाहिए अच्छे लार्ज कैप फ्लेक्सी कैप या इंडेक्स फंड्स में SIP लंबे समय के लिए बेहतर माने जाते हैं. क्या 21 साल बाद टैक्स देना होगा हां इक्विटी म्यूचुअल फंड पर लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लागू होता है जो मौजूदा नियमों के मुताबिक देना होता है.

  • सर्दियों में चमकेगा बेजान पड़ा चेहरा! नेचुरल ग्लो के लिए अपनाएं ये देसी स्किनकेयर रूटीन

    सर्दियों में चमकेगा बेजान पड़ा चेहरा! नेचुरल ग्लो के लिए अपनाएं ये देसी स्किनकेयर रूटीन


    नई दिल्ली । सर्दियों में डल और ड्राई स्किन के साथ फटे होंठों से सभी परेशान रहते हैं. ऐसे में सर्दियों में स्किन केयर करने की सबसे ज्यादा जरूरत होती है. मगर खूबसूरत चेहरे और ग्लोइंग स्किन के लिए क्रीम की जरूरत नहीं होती है बल्कि इंटरनल बैलेंस और बाहरी पोषण जरूरी होता है. अगर आप सर्दियों में इन देसी स्किन केयर रूटीन को फॉलो करते हैं तो पूरी ठंड आपकी स्किन दमकती रहेगी.

    देसी घी का पानी पिएं

    सबसे पहले हर रोज एक चम्मच देसी घी को गर्म पानी और दूध के साथ पिएं. यह स्किन के टिशूज को गहराई से पोषण देता है और रूखेपन को रोकने में मदद करता है. इससे स्किन ड्राई कम होती है और सॉफ्ट रहती है. देसी घी सिर्फ हमारे खाने को टेस्टी नहीं बनाता है बल्कि हमारी स्किन को भी सॉफ्ट और ग्लोइंग बनाने में मदद करता है.
    रोज खाएं 1 आंवला
    सर्दियों में रोजाना 1 आंवला खाने से कोलेजन और इम्युनिटी बढ़ती है और चेहरे को नेचुरल ग्लो भी मिलता है. यह विटामिन सी का सबसे बेहतरीन सोर्स माना जाता है और इसे आप कई तरीके से अपनी डाइट का हिस्सा बना सकते हैं इसका अचार या आंवला शॉट भी आपकी मदद कर सकता है.

    खजूर किशमिश और फल खाएं
    खजूर किशमिश और सीजनल फलों को सर्दियों में जरूर खाएं इनसे आपकी स्किन को काफी फायदा मिलता है. इन सबको खाने से स्किन हाइड्रेटेड रहती है. खजूर और किशमिश को दूध में मिलाकर आप रात को सोने से पहले ले सकते हैं.
    तेल से मालिश
    ठंड में अगर आप नहाने से पहले अपनी बॉडी की तिल या बादाम के तेल से मालिश करते हैं तो यह आपके शरीर में मॉइस्चराइज को लॉक करता है. इसके अलावा ब्लड सर्कुलेशन भी सही होता है. वैसे शरीर की तेल से मसाज करने की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है.
    गर्म पानी से नहीं नहाना चाहिए
    सर्दियों में लोग गर्म पानी से नहाना शुरू कर देते हैं लेकिन यह आपकी स्किन के लिए सही नहीं होता है. इसलिए ठंड के मौसम में हमेशा हल्का गुनगुना पानी से ही नहाना चाहिए. गुनगुना पानी आपकी स्किन को नुकसान नहीं पहुंचाता है और स्किन ड्राई नहीं होती है.
    घरेलू फेस पैक लगाएं
    सर्दियों में आप अपने चेहरे की चमक को बनाए रखने के लिए मुलेठी एलोवेरा चावल का आटा दूध और शहद से बना घरेलू फेस पैक लगाएं. चावल का आटा और एलोवेरा दोनों ही स्किन के लिए सबसे बेहतरीन फेस पैक माने जाते हैं और इनके साथ दूध और शहद भी स्किन के लिए शानदार काम करते हैं
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    दूध-उबटन से चेहरा साफ करें
    चेहरे पर साबुन लगाने से अक्सर ही एक्सपर्ट मना करते हैं और खासतौर पर सर्दियों में तो साबुन नहीं लगाना चाहिए. इसकी जगह आप अपने चेहरे को रॉ मिल्क या घरेलू उबटन से साफ करें. इससे चेहरे की नेचुरल क्लींजिंग होती है और पोषण भी मिलता है. इससे स्किन की नमी बनी रहती है और चेहरा रूखा नहीं लगता है.

  • ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारत-पाकिस्तान बहस वीरांश भानुशाली की तीखी दलीलें और पाकिस्तान के खिलाफ कटाक्ष

    ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारत-पाकिस्तान बहस वीरांश भानुशाली की तीखी दलीलें और पाकिस्तान के खिलाफ कटाक्ष


    नई दिल्ली । ऑक्सफोर्ड यूनियन में भारत और पाकिस्तान के बीच आयोजित एक बहस में विवादित बयानों और आरोपों का सिलसिला चल पड़ा है। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के बेटे मूसा हर्राज पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर एक विशेषज्ञों वाली बहस को विफल किया और पाकिस्तान की जीत का दावा किया। इस विवाद के बीच भारतीय छात्र वीरांश भानुशाली ने पाकिस्तान की सुरक्षा नीति और आतंकवाद के मुद्दे पर तीखा हमला बोला।

    वीरांश भानुशाली ने बहस की शुरुआत 26/11 मुंबई आतंकी हमलों की यादों से की। उन्होंने बताया कि कैसे उनका परिवार और पूरा मुंबई उन तीन रातों में दहशत के साए में जी रहा था। भानुशाली ने कहा “1993 में मुंबई में हुए बम धमाके मेरे घर से महज 200 मीटर दूर हुए थे। मैं आतंकवाद की छाया में बड़ा हुआ हूं। उन्होंने यह भी कहा कि अगर भारत लोकलुभावन नीति अपनाता तो 26/11 के बाद ही युद्ध छेड़ देता लेकिन भारत ने संयम दिखाया और कूटनीति का रास्ता अपनाया।

    भारत की सुरक्षा नीति को चुनावी राजनीति से जोड़ने पर भानुशाली ने करारा जवाब दिया। उन्होंने कहा “क्या हर आतंकी हमले के पीछे चुनाव था नहीं। आतंकवाद वोट के लिए नहीं आता वह इसलिए आता है क्योंकि पाकिस्तान से उसे संरक्षण मिलता है। भानुशाली ने पाकिस्तान पर हमला करते हुए कहा भारत जब कार्रवाई करता है तो पायलटों की डी-ब्रीफिंग होती है जबकि पाकिस्तान में गीतों की ऑटो-ट्यूनिंग होती है। जब आप अपने लोगों को रोटी नहीं दे सकते तो युद्ध का सर्कस दिखाते हैं।

    यह बहस इस बात का उदाहरण बन गई कि आतंकवाद और सुरक्षा नीति पर भारत और पाकिस्तान के दृष्टिकोण में गहरी खाई है। पाकिस्तान द्वारा आतंकवाद को विदेश नीति के हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की आलोचना करते हुए भानुशाली ने साफ कहा कि भारत युद्ध नहीं चाहता लेकिन अपनी सुरक्षा से समझौता भी नहीं करेगा। इस दौरान भारतीय वक्ताओं जे साई दीपक और प्रियंका चतुर्वेदी ने भी खुलासा किया कि उन्हें आखिरी समय पर जानकारी देकर जानबूझकर बहस से रोका गया। हालांकि इस बहस का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और वीरांश भानुशाली की दलीलों को व्यापक समर्थन मिल रहा है।