Author: bharati

  • CG: बाघ के शिकार मामले में महिला सरपंच समेत 7 गिरफ्तार… खोजी कुत्ते ने आरोपियों तक पहुंचाया

    CG: बाघ के शिकार मामले में महिला सरपंच समेत 7 गिरफ्तार… खोजी कुत्ते ने आरोपियों तक पहुंचाया


    रायपुर।
    छत्तीसगढ़ (Chhattisgarh) के सूरजपुर जिले (Surajpur district) में बाघ का शिकार (Tiger hunting) करने के आरोप में वन विभाग ने एक महिला सरपंच (Woman Sarpanch) समेत सात लोगों को गिरफ्तार किया है। इस बारे में जानकारी देते हुए अधिकारियों ने बताया कि शिकार की यह घटना सूरजपुर जिले के घुई वन परिक्षेत्र के अंतर्गत भैंसामुंडा गांव के जंगल में हुई थी और पुलिस के खोजी कुत्ते की मदद से हम आरोपियों तक पहुंच सके। घटना को लेकर अधिकारियों ने बताया कि जंगली जानवरों का शिकार करने के लिए आरोपियों ने जंगल में बिजली का जाल बिछाया था, और उसी की चपेट में आकर बाघ की मृत्यु हो गई।

    इस दौरान नर बाघ का शिकार करने के आरोप में वन विभाग के दल ने गांव की सरपंच सिस्का कुजूर और उनके पति दिनेश के अलावा ईश्वर कुजूर, अभिषेक रोशन बड़ा, मिथिलेश सिंह, रामनाथ सिंह और भोला प्रसाद को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने बताया कि इनमें से चार आरोपी सिस्का कुजूर, दिनेश, ईश्वर कुजूर और अभिषेक रोशन बड़ा भैंसामुंडा गांव के निवासी हैं तथा मिथिलेश और रामनाथ कैलाशपुर गांव के निवासी हैं। वहीं भोला प्रसाद जिले के बर्तिकाला गांव का निवासी है।

    अधिकारियों ने बताया कि 15 दिसंबर को जिले के घुई वन रेंज के तहत भैंसामुंडा में नर बाघ का शव बरामद किया गया था, जिसके कुछ अंग गायब थे। उन्होंने बताया कि बाघ के शव का पोस्टमार्टम करने के बाद वन विभाग ने जांच शुरू की और जांच के लिए एक खोजी कुत्ते को भी लगाया गया।

    अधिकारियों ने बताया, ‘तलाशी के दौरान खोजी कुत्ता सरपंच सिस्का कुजूर के घर तक जा पहुंचा। तब जांच अधिकारियों ने बुधवार को सिस्का के घर की तलाशी ली, जहां से बाघ के दो नाखून, बालों का गुच्छा और मांस के टुकड़े तथा बिजली और जीआई का तार बरामद किया गया।’ आगे उन्होंने बताया, ‘सिस्का से पूछताछ के आधार पर अगले दिन, छह अन्य लोगों को पकड़ा गया। उनके पास से बाघ के दांत, बालों के गुच्छे, नाखून, बिजली और जीआई तार, लकड़ी का खूंटा और रस्सी का फंदा बरामद किया गया।’

    उन्होंने बताया कि आरोपियों को वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत गिरफ्तार किया गया तथा उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया गया जहां से उन्हें 30 दिसंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

  • आर्थिक संकट से जूझ रहे Pak को बड़ी राहत.. वर्ल्ड बैंक ने भी दी 70 करोड़ डॉलर के कर्ज को मंजूरी

    आर्थिक संकट से जूझ रहे Pak को बड़ी राहत.. वर्ल्ड बैंक ने भी दी 70 करोड़ डॉलर के कर्ज को मंजूरी


    इस्लामाबाद।
    आर्थिक संकट (Economic crisis) से जूझ रहे पाकिस्तान (Pakistan) को अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से लगातार राहत मिल रही है। हाल ही में अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (International Monetary Fund- IMF) से बड़ी राशि की मंजूरी के बाद अब वर्ल्ड बैंक (World Bank) ने भी पाकिस्तान के लिए करोड़ों डॉलर का ऐलान किया है। वर्ल्ड बैंक ने शुक्रवार को कहा कि उसने पाकिस्तान को 700 मिलियन डॉलर (70 करोड़ डॉलर) की वित्तीय सहायता को मंजूरी दे दी है। यह राशि एक बहुवर्षीय पहल के तहत दी जा रही है, जिसका उद्देश्य देश की मैक्रोइकोनॉमिक स्थिरता को मजबूत करना और सार्वजनिक सेवाओं की डिलीवरी में सुधार करना है।

    विश्व बैंक के मुताबिक, यह धनराशि समावेशी विकास के लिए सार्वजनिक संसाधन – बहु-चरणीय प्रोग्रामेटिक दृष्टिकोण (PRID-MPA) के अंतर्गत जारी की जाएगी। इस कार्यक्रम के तहत पाकिस्तान को कुल मिलाकर 1.35 अरब डॉलर तक की वित्तीय सहायता मिल सकती है। स्वीकृत 700 मिलियन डॉलर में से 600 मिलियन डॉलर केंद्र स्तर के कार्यक्रमों के लिए निर्धारित हैं, जबकि 100 मिलियन डॉलर दक्षिणी प्रांत सिंध में एक प्रांतीय कार्यक्रम को समर्थन देने के लिए दिए जाएंगे।

    यह मंजूरी ऐसे समय आई है, जब अगस्त महीने में विश्व बैंक ने पाकिस्तान के सबसे अधिक आबादी वाले प्रांत पंजाब में प्राथमिक शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए 47.9 मिलियन डॉलर का अनुदान भी स्वीकृत किया था।

    हालांकि, पाकिस्तान की आर्थिक चुनौतियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय संस्थानों की चिंता भी सामने आ चुकी है। नवंबर में प्रकाशित IMF-विश्व बैंक की एक संयुक्त रिपोर्ट, जिसे पाकिस्तान के वित्त मंत्रालय ने अपनी वेबसाइट पर अपलोड किया था, में कहा गया कि देश में खंडित नियामक व्यवस्था, अपारदर्शी बजट प्रक्रिया और राजनीतिक दखल निवेश को प्रभावित कर रहे हैं और राजस्व संग्रह को कमजोर बना रहे हैं।

  • T20 वर्ल्ड कप टीम में शुभमन गिल को नहीं मिली जगह… लखनऊ में हो गया था ड्राप करने का फैसला

    T20 वर्ल्ड कप टीम में शुभमन गिल को नहीं मिली जगह… लखनऊ में हो गया था ड्राप करने का फैसला


    नई दिल्ली।
    मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर (Ajit Agarkar), टी20 टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव (T20 team captain Suryakumar Yadav) और बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया (BCCI Secretary Devjit Saikia) की अगुवाई में शनिवार, 20 दिसंबर को आगामी टी20 वर्ल्ड कप (T20 World Cup) के लिए टीम इंडिया का ऐलान हुआ। जब इस टीम में उप-कप्तान शुभमन गिल (Shubman Gill) का नाम नहीं दिखा तो हर कोई हैरान था। दरअसल, एशिया कप 2025 से ही शुभमन गिल को लगातार टी20 टीम में फिट किए जाने की कोशिश की जा रही थी, उन्हें संजू सैमसन की जगह लगातार मौके मिल रहे थे, मगर इस फॉर्मेट में उनका बल्ला एकदम खामौश था। गिल 2025 में T20I में एक भी बार 50 रन का आंकड़ा नहीं छू पाए।

    ऐसा नहीं है कि शुभमन गिल के टी20 क्रिकेट के भविष्य को सिर्फ एक ही दिन में तय किया गया, जब टीम का ऐलान हुआ। बल्कि इसका फैसला लखनऊ में हुए चौथे टी20 के दौरान ही ले लिया गया था, जो धुंध के कारण रद्द हुआ। एक रिपोर्ट में कहा गया है, “शनिवार को जब बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने टी20 विश्व कप के लिए टीम की घोषणा की, तब शुभमन गिल की किस्मत पर मुहर नहीं लगी थी, बल्कि तब हुआ जब बुधवार को घने धुंध के कारण चौथा टी20 इंटरनेशनल रद्द कर दिया गया था।

    BCCI के एक सोर्स के मुताबिक, उस दिन यह तय हुआ था कि गिल को T20 वर्ल्ड कप के लिए नहीं चुना जाएगा, लेकिन शनिवार सुबह तक न तो सेलेक्शन कमेटी के चेयरमैन ने उन्हें इस बारे में बताया और न ही कप्तान सूर्यकुमार यादव या हेड कोच गौतम गंभीर ने उन्हें इन्फॉर्म किया। शुभमन गिल को ड्रॉप करने के बाद टी20 वर्ल्ड कप टीम का उप-कप्तान अक्षर पटेल को बनाया गया है। वहीं ईशान किशन को बैकअप विकेट कीपर के रूप में टीम में शामिल किया गया है, जो बैकअप ओपनर की भूमिका भी अदा करेंगे।

  • भोपाल में इन स्टेशनों के बीच मेट्रो का संचालन शुरू…. आज से लोग कर सकेंगे सफर

    भोपाल में इन स्टेशनों के बीच मेट्रो का संचालन शुरू…. आज से लोग कर सकेंगे सफर


    भोपाल।
    भोपाल (Bhopal) के लिए शनिवार का दिन बेहद खास रहा क्योंकि शहर को अपनी पहली मेट्रो रेल सेवा (Metro Rail service) की सौगात मिली। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल (Union Minister Manohar Lal), मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव (Chief Minister Mohan Yadav) और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भोपाल मेट्रो का श्रीगणेश किया। इन नेताओं ने सुभाष नगर स्टेशन पर मेट्रो ट्रेन को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद यह आधुनिक ट्रेन पटरी पर दौड़ पड़ी। भोपाल अब देश का 26वां शहर बन गया है जहां लोग मेट्रो का सफर कर सकेंगे।


    शुरुआत में इन स्टेशनों पर सुविधा

    फिलहाल भोपाल मेट्रो परियोजना की ऑरेंज लाइन के 7 किलोमीटर लंबे हिस्से पर ही आज से परिचालन शुरू किया गया है। इसे प्रायोरिटी कॉरिडोर कहा जा रहा है। इस रूट पर कुल 8 स्टेशन बनाए गए हैं जिनमें एम्स, अलकापुरी, डीआरएम कार्यालय, रानी कमलापति स्टेशन, एमपी नगर, बोर्ड ऑफिस, केंद्रीय विद्यालय और सुभाष नगर शामिल हैं।


    सुबह से रात आठ बजे तक सेवा

    मेट्रो ट्रेन सेवा का संचालन सुबह आठ बजे से रात आठ बजे तक होगा। इस सुविधा का सबसे ज्यादा लाभ रानी कमलापति स्टेशन से एम्स तक जाने वालों को होगा। यह पूरी सेवा अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है जो न केवल यात्रियों का समय बचाएगी बल्कि पलूशन कम करने में भी मददगार साबित होगी।


    आगे क्या प्लान?

    पूरी परियोजना पर अभी काफी काम होना है। यह दो मुख्य लाइनों की मेट्रो परियोजना होगी। पहली ‘ऑरेंज लाइन’ जो करीब 17 किलोमीटर लंबी बनाई जानी है। दूसरी ‘ब्लू लाइन’ जो लगभग 14 किलोमीटर लंबी होगी। बताया जाता है कि जब दोनों लाइनें पूरी तरह तैयार हो जाएंगी तो शहर के प्रमुख व्यापारिक और रिहायशी इलाके आपस में जुड़ जाएंगे। इससे सड़कों पर ट्रैफिक लोड कम होगा।


    10,033 करोड़ होंगे खर्च

    अधिकारियों ने बताया कि 30.8 किलोमीटर लंबी भोपाल मेट्रो रेल परियोजना के निर्माण पर अनुमानित लागत 10,033 करोड़ रुपये आएगी। इसके शुरुआती हिस्से यानी ‘प्राथमिकता कॉरिडोर’ पर ही 2,225 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। इस कॉरिडोर से हर दिन लगभग 3,000 यात्रियों के सफर करने की उम्मीद है। इस शुरुआती रूट से हर दिन करीब 3,000 लोग सफर करेंगे।

    इस मौके पर केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने बताया कि मेट्रो नेटवर्क के मामले में भारत अभी दुनिया में तीसरे नंबर पर है। पहले स्थान पर चीन और दूसरे पर अमेरिका है। भारत में अभी कुल 1,083 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क है और जिस रफ्तार से काम चल रहा है। भारत जल्द ही अमेरिका को पीछे छोड़कर दूसरे स्थान पर आ जाएगा। भोपाल देश का 26वां शहर बन गया है, जहां मेट्रो सेवा शुरू हुई है।

  • Pakistan: उत्तर वजीरिस्तान में सुसाइड बॉम्बर ने सैन्य चौकी को उड़ाया, 4 सैनिकों की मौत

    Pakistan: उत्तर वजीरिस्तान में सुसाइड बॉम्बर ने सैन्य चौकी को उड़ाया, 4 सैनिकों की मौत


    इस्लामाबाद।
    पाकिस्तान (Pakistan) के उत्तर-पश्चिमी इलाके उत्तर वजीरिस्तान (North Waziristan) में शुक्रवार को एक बड़ा आतंकी हमला (Major terrorist attack) हुआ। सुसाइड कार बॉम्बर (Suicide car bomber) और तीन बंदूकधारियों ने एक गांव के पास स्थित सैन्य चौकी पर हमला किया, जिसके बाद घंटों चली गोलीबारी में चार पाकिस्तानी सैनिक मारे गए। इस हमले में कम से कम 15 नागरिक घायल हो गए, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं।

    पाकिस्तानी सेना और स्थानीय पुलिस के अनुसार, यह इलाका खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में आता है, जो अफगानिस्तान की सीमा से सटा हुआ है और अतीत में पाकिस्तानी तालिबान तथा अन्य उग्रवादी संगठनों का गढ़ रहा है। पुलिस ने बताया कि धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि आसपास के कई मकान ढह गए, जिससे स्थानीय नागरिकों को गंभीर चोटें आईं। सेना के बयान में कहा गया कि सभी हमलावरों को सुरक्षा बलों ने मुठभेड़ के दौरान मार गिराया।

    सेना के मुताबिक, हमलावरों ने पहले चौकी की सुरक्षा घेराबंदी तोड़ने की कोशिश की, लेकिन असफल रहने पर विस्फोटकों से लदी एक गाड़ी को चौकी की बाहरी दीवार से टकरा दिया। इस विस्फोट से पास के घरों और एक मस्जिद को भी नुकसान पहुंचा। हालांकि किसी भी संगठन ने तुरंत हमले की जिम्मेदारी नहीं ली, लेकिन पाकिस्तानी सेना ने इस हमले के लिए तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (टीटीपी) को जिम्मेदार ठहराया है। सेना का दावा है कि इस हमले की योजना अफगान सीमा के उस पार बनाई गई और वहीं से इसे निर्देशित किया गया।

    इस पर अफगानिस्तान की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई। अफगान तालिबान लंबे समय से यह कहते रहे हैं कि वे किसी भी देश के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल नहीं होने देते, जिसमें पाकिस्तान भी शामिल है। पाकिस्तानी सेना ने कहा कि पाकिस्तान को उम्मीद है कि अफगानिस्तान के तालिबान शासक अपने क्षेत्र से आतंकियों को पाकिस्तान पर हमले करने से रोकेंगे। साथ ही यह भी कहा कि पाकिस्तान को आतंकियों और उनके मददगारों के खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार सुरक्षित है।

    हमले के कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तान का विदेश मंत्रालय सक्रिय हुआ। मंत्रालय ने इस्लामाबाद में अफगान तालिबान के उप-मिशन प्रमुख को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। मंत्रालय के बयान में कहा गया कि पाकिस्तान ने अफगान भूमि से संचालित आतंकवादी हमलों के दोषियों और मददगारों के खिलाफ पूर्ण जांच और निर्णायक कार्रवाई की मांग की है। बयान में यह भी कहा गया कि अफगान तालिबान से यह अपेक्षा की गई है कि वह अपने क्षेत्र में सक्रिय सभी आतंकवादी समूहों के खिलाफ ठोस, तत्काल और सत्यापन योग्य कदम उठाए तथा पाकिस्तान के खिलाफ आतंकवाद के लिए अफगान जमीन के इस्तेमाल को पूरी तरह रोके।

    पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव हाल के महीनों में बढ़ा है। अक्टूबर में सीमा पर झड़पें हुई थीं, जब काबुल में 9 अक्टूबर को हुए विस्फोटों के लिए अफगानिस्तान ने पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराया था। बाद में कतर की मध्यस्थता से युद्धविराम तो हुआ, लेकिन नवंबर में तुर्की में हुई बातचीत में दोनों देश किसी ठोस समझौते पर नहीं पहुंच सके।

  • MP: ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला में 15 गायों की की मौत, सैकड़ों बीमार

    MP: ग्वालियर की लाल टिपारा गौशाला में 15 गायों की की मौत, सैकड़ों बीमार


    ग्वालियर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) की आदर्श गौशाला (Model cow shelter) मानी जाने वाली ग्वालियर (Gwalior) की मशहूर लाल टिपारा गौशाला (Lal Tipara Gaushala) से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। गौशाला में अचानक 15 गायों की मौत हो गई और सबसे शर्मनाक बात यह रही कि गौशाला का स्टाफ इन मौतों को छिपाने की कोशिश करता रहा। मरी हुई गायों के शरीर एक-दूसरे के ऊपर ऐसे फेंके गए थे जैसे वे कोई बेजान कूड़ा हों।

    नगर निगम इस गौशाला पर हर साल 25 करोड़ रुपये खर्च करने का दावा करता है। इस गौशाला में 10 हजार से ज्यादा गायें रखी गई हैं। दावे यह भी हैं कि यहां डॉक्टर भी तैनात हैं, लेकिन बीमार गायों की मौत सिस्टम पर सवाल खड़े कर रही है। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब मेडिकल ऑफिसर आशुतोष आर्या एक घायल गाय को ठीक करने के बाद वहां छोड़ने पहुंचे।

    उन्होंने बताया कि जिस गाय का उन्होंने 15 दिन तक अपने खर्चे पर इलाज किया था, उसे वहां मरते देखा और साथ ही टिनशेड में 15 अन्य गायों की लाशें भी ढेर की तरह पड़ी मिलीं। जब उन्होंने स्टाफ से पूछा, तो कोई सही जवाब नहीं मिला। यह भी कहा गया कि शायद गायें आपस में टकराकर मर गई होंगी। इस मामले में कलेक्टर से भी शिकायत की गई है।

    वहीं नगर निगम कमिश्नर संघ प्रिय का कहना है कि गौशाला में गायों के मरने की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी। फिलहाल गौशाला के बीमार सेक्शन में 400 से 500 के करीब गायें भर्ती हैं, जिनमें से 60 की हालत बेहद नाजुक है। इनका इलाज किया जा रहा है। मामला बढ़ने पर ग्वालियर की कलेक्टर रुचिका चौहान ने खुद गौशाला का दौरा किया।

    कलेक्टर रुचिका चौहान ने गौशाला के रजिस्टर चेक किए। उन्होंने बीमार और मृत गायों के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच की। कलेक्टर ने इलाज के बाद स्वस्थ होकर छोड़ी गई गायों का रिकॉर्ड भी तलब किया। साथ ही मृत गायों के निपटान की व्यवस्था से संबंधित दस्तावेज देखे और अधिकारियों से जानकारी ली। इतनी रकम खर्च होने के बावजूद गायों की ऐसी हालत से इंतजामों पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

  • भोपाल मेट्रो का पहला दिन बना उत्सव, यात्रियों ने डांस कर मनाया जश्न

    भोपाल मेट्रो का पहला दिन बना उत्सव, यात्रियों ने डांस कर मनाया जश्न

    भोपाल /राजधानी भोपाल में रविवार को मेट्रो सेवा का औपचारिक कमर्शियल शुभारंभ हो गया। सुबह ठीक 9 बजे एम्स स्टेशन से पहली मेट्रो रवाना हुई-जिसने करीब 30 मिनट में सुभाष नगर स्टेशन तक का सफर तय किया। इस ऐतिहासिक मौके पर लगभग 100 यात्रियों ने मेट्रो की पहली सवारी का अनुभव लिया। यात्रियों में 7 साल के बच्चे से लेकर 75 साल के बुजुर्ग तक शामिल रहे। पहली ही यात्रा में मेट्रो का माहौल उत्सव जैसा नजर आयाजहां कई यात्री खुशी में डांस करते दिखाई दिए और मोबाइल से इस पल को कैद करते रहे।भोपाल मेट्रो के चलने के साथ ही भोपाल देश का 26वां मेट्रो शहर बन गया है। इससे पहले मध्यप्रदेश के इंदौर में 31 मई 2024 को मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हुआ था। भोपाल मेट्रो का उद्घाटन शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने किया था। उद्घाटन के बाद रविवार, 21 दिसंबर से आम जनता के लिए मेट्रो सेवा शुरू कर दी गई।

    सुबह से ही स्टेशन पर उमड़ा उत्साह

    मेट्रो में सफर करने को लेकर लोगों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। कई यात्री सुबह 7 बजे से ही स्टेशन पहुंच गए थे। यात्रियों का कहना था कि भोपाल के मेट्रो सिटी बनने का सपना आज साकार हो गया है और यह शहर के लिए गर्व का क्षण है। कोलार से आए एक कपल ने बताया कि भोपाल में मेट्रो की शुरुआत उनके लिए “वाओ मोमेंट” जैसा है।मेट्रो में सवार स्कूली बच्चों में भी खासा उत्साह दिखा। केंद्रीय विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों ने कहा कि मेट्रो से उनका स्कूल नजर आया और पहली बार मेट्रो में बैठना बेहद रोमांचक अनुभव रहा। वहीं एक युवक वीडियो कॉल के जरिए अपने परिवार को मेट्रो और भोपाल के नजारे दिखाता नजर आया।

    सुविधाओं से लैस है भोपाल मेट्रो

    मेट्रो के सभी स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए एस्केलेटर, लिफ्ट और रैंप की व्यवस्था की गई है। सुभाष नगर, डीबी मॉल और एमपी नगर स्टेशनों पर फुट ओवरब्रिज बनाए गए हैं। रानी कमलापति मेट्रो स्टेशन को रेलवे स्टेशन से सीधे जोड़ा गया है, जिससे ट्रेन से उतरकर यात्री सीधे मेट्रो पकड़ सकें। एम्स स्टेशन पर भी फुटओवर ब्रिज के जरिए एम्स कैंपस तक सीधी पहुंच दी गई है।सुरक्षा के लिहाज से सभी स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म स्क्रीन डोर लगाए गए हैं, जिससे ट्रेन रुकने के बाद ही दरवाजे खुलते हैं और ट्रैक पर गिरने की आशंका नहीं रहती।

    टाइमिंग, किराया और ट्रिप की जानकारी

    भोपाल मेट्रो सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक चलेगी। एक दिन में कुल 17 ट्रिप रहेंगी। मेट्रो फिलहाल 8 स्टेशनों-एम्स, अलकापुरी, डीआरएम, आरकेएमपी, एमपी नगर, डीबी मॉल, केंद्रीय स्कूल औरसुभाष नगर-से होकर गुजरेगी। शुरुआती चरण में हर 75 मिनट में एक ट्रेन उपलब्ध होगी।टिकट फिलहाल मैन्युअल रूप से काउंटर से ही मिलेंगे। किराया तीन जोन में तय किया गया है। पहले दो स्टेशनों के लिए 20 रुपये, तीन से पांच स्टेशनों के लिए 30 रुपये और छह से आठ स्टेशनों के लिए 40 रुपये किराया निर्धारित किया गया है।

    पार्किंग बनी बड़ी चुनौती

    मेट्रो की शुरुआत से जहां लोग खुश हैं, वहीं स्टेशनों पर पार्किंग की कमी एक बड़ी समस्या बनकर सामने आई है। किसी भी स्टेशन पर चार पहिया वाहनों के लिए समुचित पार्किंग व्यवस्था नहीं है। हालांकि मेट्रो प्रबंधन टू-व्हीलर पार्किंग की व्यवस्था करने की दिशा में काम कर रहा है।
    2018 से शुरू हुआ था सफर
    भोपाल मेट्रो परियोजना का काम साल 2018 में शुरू हुआ था। पहला मेट्रो रूट एम्स से करोंद तक 16.05 किलोमीटर लंबा है। इसमें से एम्स से सुभाष नगर के बीच 6.22 किलोमीटर का प्राथमिकता कॉरिडोर अब आम जनता के लिए शुरू कर दिया गया है। दो साल पहले, 3 अक्टूबर 2023 को भोपाल में मेट्रो का पहला ट्रायल रन हुआ था।कुल मिलाकर, भोपाल मेट्रो की शुरुआत ने शहर के परिवहन तंत्र को एक नई दिशा दी है। पहले ही दिन दिखा उत्साह इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में मेट्रो भोपालवासियों की जीवनरेखा बनने जा रही है।

  • जनवरी में बेहद खूबसूरत हो जाती हैं भारत की ये जगहें पार्टनर के साथ करें नए साल की हसीन शुरुआत नहीं करेगा लौटने का मन

    जनवरी में बेहद खूबसूरत हो जाती हैं भारत की ये जगहें पार्टनर के साथ करें नए साल की हसीन शुरुआत नहीं करेगा लौटने का मन

    नई दिल्ली । सर्दियों के बीच जनवरी का महीना ट्रैवल के लिहाज से सबसे खास माना जाता है। न ज्यादा भीड़ न उमस और न ही तेज गर्मी इस मौसम में भारत की पहाड़ों से लेकर समुद्र और रेगिस्तान तक की जगहें बेहद सुकूनभरा अनुभव देती हैं। यही वजह है कि कपल्स के लिए यह समय रोमांटिक ट्रिप प्लान करने के लिए आदर्श माना जाता है।

    दार्जिलिंग पहाड़ों की रानी में रोमांस

    दार्जिलिंग को पहाड़ों की रानी यूं ही नहीं कहा जाता। जनवरी में यहां की ठंडी हवा चाय के बागान और कंचनजंघा की बर्फीली चोटियां ट्रिप को यादगार बना देती हैं। कपल्स के लिए यह जगह हनीमून और क्वालिटी टाइम बिताने के लिए शानदार है। करीब पांच दिन के ट्रिप में यहां 18 हजार रुपये तक का खर्च आ सकता है।

    लक्षद्वीपसाफ समंदर और सुकून

    अगर गोवा की भीड़ से बोर हो चुके हैं तो लक्षद्वीप एक बेहतरीन विकल्प है। भारत के सबसे साफ और खूबसूरत समुद्र तटों में गिना जाने वाला यह डेस्टिनेशन कपल्स के लिए परफेक्ट है। लगभग 35 हजार रुपये के बजट में आप यहां नीले समंदर और शांत माहौल का आनंद ले सकते हैं।

    युस्मार्ग घाटी कश्मीर की अनछुई खूबसूरती

    जम्मू-कश्मीर की युस्मार्ग घाटी भारत की सबसे हसीन जगहों में शामिल है। ऊंचे पहाड़ हरे-भरे घास के मैदान घने जंगल और झील-झरने इस जगह को बेहद खास बनाते हैं। जनवरी में यहां की प्राकृतिक सुंदरता कपल्स को रोमांटिक एहसास देती है।

    संगला: बर्फबारी के बीच सुकून

    अगर मनाली-कुल्लू से हटकर कुछ नया देखना चाहते हैं तो हिमाचल की संगला घाटी का रुख करें। करीब 9 हजार फीट की ऊंचाई पर स्थित यह जगह जनवरी में बर्फबारी के लिए जानी जाती है। बर्फ से ढके पहाड़ और शांत माहौल कपल्स के लिए किसी सपने से कम नहीं।

    बीकानेर रेगिस्तान में शाही एहसास

    राजस्थान का बीकानेर सुनहरे रेगिस्तान और शाही विरासत के लिए मशहूर है। जनवरी के मौसम में यहां की ठंडक और ऐतिहासिक इमारतें ट्रिप को खास बना देती हैं। कपल्स यहां श्री करणी माता मंदिर जैन मंदिर बीकानेर किला लालगढ़ महल और देवीकुंड जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। अगर आप नए साल की शुरुआत पार्टनर के साथ यादगार बनाना चाहते हैं तो जनवरी में भारत की ये जगहें आपके लिए परफेक्ट ट्रैवल डेस्टिनेशन साबित हो सकती हैं।

  • तिहाड़ जेल में कैदियों को मिलेगा मोबाइल कर पाएंगे अपनों से बात! जानिए क्या है नया नियम

    तिहाड़ जेल में कैदियों को मिलेगा मोबाइल कर पाएंगे अपनों से बात! जानिए क्या है नया नियम


    नई दिल्ली । दिल्ली की तिहाड़ जेल की ओपन जेल में बड़ा बदलाव आने वाला है। अच्छे आचरण वाले कैदियों को जल्द ही मोबाइल फोन इस्तेमाल करने की अनुमति मिल सकती है। हालांकि इसके लिए सख्त नियम होंगे। जेल प्रशासन इसकी स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर तैयार कर रहा है।
    हाईकोर्ट के निर्देश से हुआ फैसला
    यह कदम दिल्ली हाईकोर्ट के अक्टूबर महीने के आदेश के बाद लिया जा रहा है। कोर्ट ने जेल अधिकारियों को ओपन जेल के कैदियों के लिए मोबाइल एक्सेस की योजना बनाने को कहा था। इसका मकसद सुरक्षा बनाए रखते हुए कैदियों का पुनर्वास करना है। ओपन जेल में वे कैदी रखे जाते हैं जो समाज में दोबारा शामिल होने के लिए सुरक्षित माने जाते हैं।

    ओपन जेल की खासियत

    ओपन जेल में कैदी कम निगरानी में रहते हैं। वे दिन में बाहर जाकर काम करते हैं और शाम को वापस लौटते हैं। तिहाड़ की यह ओपन जेल 2026 में 10 साल पूरे करेगी। फिलहाल यहां सिर्फ तीन कैदी हैं। पहले यहां जेसिका लाल मर्डर केस के दोषी मनु शर्मा और अपनी पत्नी की हत्या के दोषी पूर्व कांग्रेस नेता सुशील शर्मा जैसे कैदी रह चुके हैं।
    फोन इस्तेमाल के नियम क्या होंगे
    अधिकारियों के अनुसार एसओपी लगभग तैयार है। कैदियों को केवल वे मोबाइल नंबर इस्तेमाल करने की इजाजत मिलेगी जो जेल प्रशासन ने पहले रजिस्टर और सत्यापित किए होंगे। इससे गलत इस्तेमाल का खतरा कम होगा। फोन के इस्तेमाल के लिए सीमित समय तक ही होगा। ज्यादातर सुबह काम पर जाते समय से शाम वापसी तक। शाम को लौटते ही कैदी फोन जेल अधिकारियों को सौंप देंगे। एक अधिकारी ने कहा कि इस सुविधा का दुरुपयोग रोकने के लिए पूरी सावधानी बरती जाएगी।
    पूर्व अधिकारी बोले कोई जोखिम नहीं
    तिहाड़ के पूर्व लीगल एडवाइजर सुनील गुप्ता का कहना है कि ओपन जेल के कैदी दिन में बिना पहरे के बाहर जाते हैं। इसलिए फोन इस्तेमाल करने में कोई बड़ा खतरा नहीं है। यह कदम पूरी तरह सुरक्षित और फायदेमंद है।

  • अमित मालवीय के खिलाफ FIR को लेकर सियासी घमासान TMC नेता की शिकायत पर जांच शुरू

    अमित मालवीय के खिलाफ FIR को लेकर सियासी घमासान TMC नेता की शिकायत पर जांच शुरू


    नई दिल्ली । भारतीय जनता पार्टी भाजपा के वरिष्ठ नेता और पार्टी के आईटी सेल के राष्ट्रीय प्रभारी अमित मालवीय एक बार फिर अपने सोशल मीडिया पोस्ट को लेकर विवादों में आ गए हैं। पश्चिम बंगाल के नरेंद्रपुर थाने में उनके खिलाफ औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है। आरोप लगाया गया है कि उनके पोस्ट से राज्य में सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है और इससे देश की एकता और संप्रभुता को खतरा उत्पन्न हो सकता है। यह शिकायत अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस टीएमसी के राज्य महासचिव और प्रवक्ता तन्मय घोष की ओर से की गई है।

    टीएमसी नेता ने क्यों दर्ज कराई शिकायत

    तन्मय घोष ने अपनी शिकायत में दावा किया है कि अमित मालवीय ने 19 दिसंबर को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर जो पोस्ट साझा किया उसकी भाषा और संदर्भ बेहद आपत्तिजनक है। शिकायत के अनुसार यह पोस्ट लोगों को उकसाने वाला है और राज्य की शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है। टीएमसी नेता का आरोप है कि पोस्ट के जरिए सीधे तौर पर पश्चिम बंगाल सरकार सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को निशाना बनाया गया है जिससे समाज में भय और अविश्वास का माहौल बन सकता है।

    कानूनी कार्रवाई की मांग

    शिकायत पत्र में तन्मय घोष ने पुलिस से मांग की है कि अमित मालवीय के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता समेत अन्य प्रासंगिक कानूनों के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उनका कहना है कि इस तरह के बयान और सोशल मीडिया पोस्ट समाज को बांटने का काम करते हैं और इन्हें नजरअंदाज करना भविष्य में गंभीर परिणाम ला सकता है। टीएमसी का आरोप है कि भाजपा नेता जानबूझकर संवेदनशील मुद्दों को उठाकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश कर रहे हैं।

    पुलिस ने क्या कहा जांच जारी
    नरेंद्रपुर थाना पुलिस के अनुसार उन्हें शिकायत प्राप्त हो चुकी है और उसकी पुष्टि भी कर ली गई है। फिलहाल इस मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि संबंधित सोशल मीडिया पोस्ट की सामग्री की गहन जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रारंभिक जांच के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि मामला एफआईआर दर्ज करने योग्य है या नहीं।

    किस पोस्ट पर मचा विवाद

    विवादित पोस्ट में अमित मालवीय ने बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुई एक तोड़फोड़ की घटना का जिक्र किया था। उन्होंने दावा किया था कि इस्लामी भीड़ ने बंगाली कला और संस्कृति के ऐतिहासिक केंद्र छायानाट भवन को नुकसान पहुंचाया है। इसके साथ ही उन्होंने चरमपंथ पर चिंता जताते हुए पश्चिम बंगाल की मौजूदा स्थिति को गंभीर बताया और ममता बनर्जी सरकार पर निशाना साधा। इसी बयान को लेकर अब बंगाल की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।