Author: bharati

  • नेहा कक्कड़ के 'लॉलीपॉप' गाने पर मचा बवाल: अश्लील डांस और बोलों को लेकर लोग भड़के

    नेहा कक्कड़ के 'लॉलीपॉप' गाने पर मचा बवाल: अश्लील डांस और बोलों को लेकर लोग भड़के


    नई दिल्ली । सोशल मीडिया पर इन दिनों एक गाना सुर्खियों में है और वह है नेहा कक्कड़ और उनके भाई टोनी कक्कड़ का नया गाना कैंडी शॉप । 15 दिसंबर को जारी हुए इस गाने को लेकर अब तक लाखों व्यूज मिल चुके हैं लेकिन इसके साथ ही ट्रोलिंग भी तेज़ हो गई है। लोग इस गाने के बोल और डांस मूव्स को लेकर बुरी तरह भड़के हुए हैं। गाने की लिरिक्स और वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर जमकर आलोचनाएं हो रही हैं खासकर इसके कथित अश्लील कंटेंट को लेकर।

    ‘लॉलीपॉप’ के डांस और लिरिक्स पर हल्ला

    गाने के लिरिक्स में बार-बार लॉलीपॉप का जिक्र किया गया है जो दर्शकों को वल्गर और अश्लील लग रहा है। गाने में नेहा कक्कड़ और टोनी कक्कड़ दोनों ही लॉलीपॉप पर डांस करते हुए दिखाई दे रहे हैं और कुछ लोग इसे बेहद गंदा और आपत्तिजनक मान रहे हैं। गोइंग टु द कैंडी शॉप कैंडी शॉप आई वॉन्ट वन लॉलीपॉप जैसे बोलों ने फैंस को नाराज कर दिया है। इसके साथ ही गाने में टोनी के कुछ मराठी लिरिक्स भी हैं जो कुछ दर्शकों के लिए और भी विवादास्पद हो गए हैं।

    सोशल मीडिया पर आलोचनाओं का तूफान

    गाने की ट्रोलिंग सिर्फ यूट्यूब तक सीमित नहीं रही बल्कि यह ट्विटर (X) और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफार्मों पर भी फैल गई है। ट्विटर पर एक यूजर ने लिखा क्या समझा जाए इस स्टेप से? मजबूरी है आज के समाज में ऐसा कंटेंट लोग पसंद कर रहे हैं। कुछ यूज़र्स ने गाने के लिरिक्स और डांस मूव्स को बच्चों के लिए अनफिट बताया। एक अन्य यूज़र ने कमेंट किया गाना सुनने में ठीक है लेकिन स्टेप्स ने सवाल खड़े कर दिए हैं खासकर जब वही स्टेप्स बच्चों की रील्स तक पहुंच रहे हैं।

    कुछ यूज़र्स ने गाने की तुलना ढिंचैक पूजा से की जो पहले भी विवादों में रही थीं। कई लोग इस गाने को लेकर शॉक्ड हैं और इसे अपमानजनक मान रहे हैं। एक यूज़र ने लिखा इतना ऊपर भी नहीं उड़ना चाहिए कि नीचे गिरने पर कंकाल भी ना मिले। वहीं कुछ लोग इस गाने को एक ‘माता के भजन से कैंडी शॉप तक के सफर’ के रूप में देख रहे हैं।

    गाने का सांस्कृतिक संदर्भ

    गाने के कुछ शब्दों में पुणे और हरियाणा का जिक्र किया गया है जिससे और भी विवाद उत्पन्न हो गया। आलोचकों का कहना है कि गाने में इन शहरों का नाम लेकर इन्हें अश्लील कंटेंट से जोड़ना उचित नहीं था। लोग इसे बेतुका और अनावश्यक मान रहे हैं।

    पुराने समय से लेकर अब तक का बदलाव

    नेहा कक्कड़ और उनके भाई टोनी कक्कड़ जिनकी पहचान पहले धार्मिक भजनों और पारंपरिक गीतों के लिए थी अब इस प्रकार के गाने कर रहे हैं। कुछ लोग यह सवाल उठाने लगे हैं कि क्या अब पैसे के लिए ऐसे गाने बनाए जा रहे हैं? लोगों ने ये भी कहा कि पहले ये लोग अपने भजनों के लिए प्रसिद्ध थे अब पैसे के लिए वे अश्लील कंटेंट में भी शामिल हो गए हैं।

    क्या है गाने का असर
    यह गाना सोशल मीडिया पर पूरी तरह से एक बहस का मुद्दा बन चुका है। जहां एक ओर यह गाना बुरी तरह से ट्रोल हो रहा है वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे मनोरंजन का साधन मानते हैं और इससे जुड़े मजेदार प्रतिक्रियाओं का आनंद ले रहे हैं। हालांकि गाने के विवादित डांस स्टेप्स और बोलों के कारण यह सवाल उठता है कि क्या ऐसे गाने समाज में सकारात्मक संदेश दे रहे हैं या फिर यह गलत तरीके से युवाओं को प्रभावित कर सकते हैं।

  • पक्की नौकरी और पगार बढ़ाने का झासा…; एएसआई पर महिला ने लगाए दुष्कर्म के आरोप

    पक्की नौकरी और पगार बढ़ाने का झासा…; एएसआई पर महिला ने लगाए दुष्कर्म के आरोप


    हरदा । मध्य प्रदेश के हरदा जिले में एक बेहद शर्मनाक मामला सामने आया है जिसमें एक यातायात थाने में पदस्थ एएसआई पर अपनी ही घर में काम करने वाली महिला के साथ दुष्कर्म करने और उसे धमकाने का आरोप लगा है। यह मामला उस समय सामने आया जब पीड़िता ने स्थानीय सिविल लाइन थाने में एएसआई के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का आरोप है कि वह पिछले दो सालों से एएसआई के घर पर घरेलू कामकाजी झाड़ू-पोछा का काम कर रही थी और इस दौरान आरोपी ने उसे नौकरी और पगार बढ़ाने का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाए।

    शोषण का आरोप

    पीड़िता के अनुसार एएसआई सुरेंद्र मालवीय ने उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और जब उसने इसका विरोध किया तो आरोपी ने उसे जातिसूचक शब्दों से अपमानित किया और जान से मारने की धमकी दी। इस मामले ने पूरे हरदा जिले में गहरी चिंता और आक्रोश की लहर पैदा कर दी है। यह घटना दिखाती है कि जब कानून के रखवाले खुद मर्यादा लांघने लगें तो आम जनता से न्याय की उम्मीद कैसे की जा सकती है।

    पुलिस कार्रवाई

    पुलिस ने पीड़िता की शिकायतa पर तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी एएसआई के खिलाफ भारतीय दंड संहिता IPC और अनुसूचित जाति-जनजाति एक्ट की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। हरदा के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ASP अमित कुमार मिश्रा ने इस घटना की गंभीरता को स्वीकार करते हुए कहा कि अपराध क्रमांक 410/25 के तहत धारा 69 गलत तरीके से संबंध बनाना 351 धमकाना बीएनएस और SC-ST एक्ट की धारा 3(2)(v) 3(2)(V-A) के तहत मामला दर्ज किया गया है।

    आरोपी एएसआई का बयान

    इस मामले में पुलिस के द्वारा कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है लेकिन आरोपों को लेकर एएसआई सुरेंद्र मालवीय की स्थिति पर अब तक कोई सफाई सामने नहीं आई है। ऐसे मामलों में आमतौर पर आरोपों की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन आरोपियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की दिशा में आगे बढ़ता है। इस मामले में भी पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए पुलिस पूरी तरह से तत्पर दिखाई दे रही है।

    शोषण और असुरक्षा का माहौल

    यह मामला सिर्फ एक महिला के साथ हुए शारीरिक शोषण का नहीं है बल्कि इसने समाज में महिलाओं की असुरक्षा और उनके शोषण की समस्याओं को उजागर किया है। जब एक सरकारी कर्मचारी जो लोगों की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को बनाए रखने का जिम्मेदार होता है खुद ऐसी घटनाओं का हिस्सा बने तो यह समाज में भय और असुरक्षा की भावना को और बढ़ावा देता है।

    समाज और प्रशासन की जिम्मेदारी

    इस मामले ने प्रशासन और समाज के लिए गंभीर सवाल उठाए हैं। क्या ऐसे मामलों में सख्त और प्रभावी कार्रवाई हो रही है? क्या महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर समाज और प्रशासन का दायित्व पूरा हो रहा है? इस घटना के बाद महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा और शोषण के खिलाफ आवाज़ उठाने की आवश्यकता और बढ़ गई है। मध्य प्रदेश के हरदा जिले का यह मामला एक गंभीर सामाजिक और कानूनी मुद्दे की ओर इशारा करता है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है लेकिन यह सिर्फ एक शुरूआत है। अब देखना यह होगा कि प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी से कार्रवाई करता है और पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाता है।

  • पुंडरीक गोस्वामी यूपी पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उठाया विवाद कौन हैं ये युवा कथावाचक

    पुंडरीक गोस्वामी यूपी पुलिस ने गार्ड ऑफ ऑनर देकर उठाया विवाद कौन हैं ये युवा कथावाचक


    बहराइच । उत्तर प्रदेश के बहराइच जिले में हाल ही में एक घटना ने विवाद को जन्म दिया जब पुलिस ने एक निजी कार्यक्रम के दौरान युवा कथावाचक पुंडरीक गोस्वामी को गार्ड ऑफ ऑनर दिया। यह घटना सोशल मीडिया पर वायरल हो गई और कई लोग इसे लेकर सवाल उठाने लगे कि क्या एक निजी आयोजन में पुलिस का इस प्रकार का सम्मान देना उचित था। पुलिस की इस अति भक्ति पर राज्य के डीजीपी ने बहराइच के एसपी से स्पष्टीकरण मांगा है और विस्तृत रिपोर्ट तलब की है।

    कौन हैं पुंडरीक गोस्वामी

    पुंडरीक गोस्वामी एक प्रसिद्ध युवा कथावाचक हैं जो वृंदावन से ताल्लुक रखते हैं। उनका जन्म 20 जुलाई 1988 को हुआ था और उन्होंने मात्र सात साल की उम्र से कथा सुनानी शुरू कर दी थी। वे उच्च शिक्षा के लिए ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी गए थे और वहां से अपनी शिक्षा पूरी की। पुंडरीक गोस्वामी श्रीभूति कृष्ण गोस्वामी जी महाराज के पुत्र और प्रसिद्ध संत अतुल कृष्ण गोस्वामी जी महाराज के पौत्र हैं। पुंडरीक गोस्वामी विश्व भर में गौड़ीय वैष्णव परंपरा का प्रचार कर रहे हैं। वे श्री कृष्ण श्रीमद्भागवतम भगवद गीता चैतन्य चरितामृत और राम कथा पर प्रवचन देते हैं। इसके अलावा वे समाज सेवा में भी सक्रिय हैं और वंचितों के लिए निशुल्क चिकित्सा शिविरों का आयोजन करते हैं। साथ ही वे गरीब बच्चों को शिक्षा भी प्रदान करते हैं।

    युवाओं के प्रेरणास्त्रोत

    पुंडरीक गोस्वामी ने गोपाल क्लब और निमाई पाठशाला जैसे कार्यक्रमों की शुरुआत की है जिनके माध्यम से वे युवाओं को भारतीय संस्कृति और भक्ति परंपरा से जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं। उनके परिवार में 38 पीढ़ियों से भागवत कथा की परंपरा चली आ रही है जो उनके आध्यात्मिक मार्ग पर चलने का कारण बनती है। ऑक्सफोर्ड से शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने अपनी आध्यात्मिक यात्रा जारी रखी और अब वे श्रीमद माधव-गौडेश्वर पीठम के 38वें आचार्य के रूप में कार्यरत हैं।

    विवाद का केंद्र: गार्ड ऑफ ऑनर

    यह घटना उस समय सामने आई जब पुलिस ने पुंडरीक गोस्वामी को बहराइच में एक निजी कार्यक्रम के दौरान गार्ड ऑफ ऑनर दिया। इस कार्यक्रम का वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं जिससे यह मामला विवाद का विषय बन गया। पुलिस की इस कार्रवाई ने कई सवाल उठाए जिनमें यह प्रमुख था कि क्या एक निजी व्यक्ति को पुलिस द्वारा इस तरह का सम्मान देना उचित था।

    यह घटना राज्य की पुलिस और स्थानीय प्रशासन के बीच कुछ असहमति का कारण बन गई और डीजीपी ने बहराइच के एसपी से स्पष्टीकरण मांगा। सोशल मीडिया पर लोग इसे पुलिस की अति भक्ति और अनुशासनहीनता का उदाहरण मान रहे हैं। कई लोगों ने इस सवाल को उठाया कि क्या धार्मिक या सामाजिक व्यक्तित्वों को इस प्रकार का सरकारी सम्मान देना सही है।

    समाज में पुंडरीक गोस्वामी का योगदान

    पुंडरीक गोस्वामी का समाज में योगदान और धार्मिक क्षेत्र में उनकी सक्रियता सराहनीय है। उन्होंने हमेशा भारतीय संस्कृति भक्ति परंपरा और समाज सेवा में अपनी भूमिका निभाई है। उनका प्रयास युवाओं को धार्मिक और सांस्कृतिक ज्ञान से जोड़ने का है जो समाज की भलाई के लिए महत्वपूर्ण है।  हालांकि पुलिस द्वारा उन्हें सम्मानित करने का तरीका विवादास्पद हो सकता है लेकिन पुंडरीक गोस्वामी की व्यक्तिगत भूमिका और उनके योगदान को नकारा नहीं जा सकता। वे आज की युवा पीढ़ी के लिए एक प्रेरणास्त्रोत बने हुए हैं जो धार्मिक कार्यों में गहरी रुचि रखते हैं।

    इस विवाद के बावजूद पुंडरीक गोस्वामी का योगदान समाज और धर्म के क्षेत्र में अत्यधिक महत्वपूर्ण है। हालांकि पुलिस द्वारा उन्हें सम्मानित करने के तरीके पर सवाल उठाए गए हैं यह स्पष्ट है कि उन्होंने अपनी आध्यात्मिक यात्रा और समाज सेवा के माध्यम से बहुत से लोगों की मदद की है। अब देखने वाली बात यह होगी कि इस मामले में प्रशासन क्या कदम उठाता है और पुलिस की इस कार्रवाई को लेकर क्या निर्णय लिया जाता है।

  • कॉमेडियन भारती सिंह और हार्दिक लिम्बाचिया के घर दूसरी संतान का आगमन खुशियों का माहौल

    कॉमेडियन भारती सिंह और हार्दिक लिम्बाचिया के घर दूसरी संतान का आगमन खुशियों का माहौल


    नई दिल्ली । टीवी इंडस्ट्री के चर्चित कपल कॉमेडियन भारती सिंह और उनके पति लेखक-प्रोड्यूसर हार्दिक लिम्बाचिया के घर खुशियों का बवंडर आया है। इस मशहूर जोड़ी को उनके दूसरे बच्चे का आशीर्वाद मिला है जिससे उनके परिवार में एक नई ख़ुशी की लहर दौड़ गई है। सूत्रों के मुताबिक नन्हे मेहमान का जन्म आज हुआ और इस विशेष दिन को लेकर परिवार बेहद उत्साहित है। हालांकि इस खबर की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है लेकिन करीबी सूत्रों का कहना है कि यह बच्चा लड़का है।

    खुशियों का नया अध्याय

    भारती और हार्दिक ने इस नन्हे मेहमान के आगमन को लेकर अपनी खुशी अपने परिवार और फैंस के साथ साझा की है। दोनों इस विशेष पल को बहुत ही खास मानते हैं और अपने दोस्तों परिवार और सोशल मीडिया पर इस खुशी को सभी के साथ बांट रहे हैं। इस खबर ने न केवल उनके परिवार को बल्कि टीवी इंडस्ट्री में उनके फैंस को भी उत्साहित कर दिया है।

    टीवी जगत की लोकप्रिय जोड़ी

    भारती और हार्दिक की जोड़ी टीवी इंडस्ट्री में बहुत ही पसंद की जाती है। जहां भारती अपनी कॉमिक टाइमिंग और शानदार ह्यूमर के लिए प्रसिद्ध हैं वहीं हार्दिक ने राइटर होस्ट और प्रोड्यूसर के रूप में अपनी पहचान बनाई है। दोनों की मुलाकात 2009 में ‘कॉमेडी सर्कस’ के सेट पर हुई थी और बाद में 2017 में दोनों ने शादी की थी। दोनों का शानदार व्यक्तिगत और प्रोफेशनल जीवन उनके फैंस के लिए प्रेरणा का स्रोत है।

    पहली संतान और सोशल मीडिया लाइफ

    इससे पहले 2022 में भारती और हार्दिक ने अपने पहले बेटे गोल्ला (लक्ष सिंह लिम्बाचिया) का स्वागत किया था। उनका पहला बच्चा भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा का विषय बना था और कपल ने उस समय भी अपनी खुशी को खुले तौर पर फैंस के साथ साझा किया था। अब इस दूसरे बच्चे के जन्म के साथ उनका परिवार और भी बड़ा हो गया है। भारती और हार्दिक अक्सर अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स और यूट्यूब चैनल पर अपने परिवार की खूबसूरत पलायन झलकियां साझा करते हैं। उनका इंस्टाग्राम और यूट्यूब चैनल उनके फॉलोअर्स के बीच बेहद लोकप्रिय हैं जो उनके परिवार और जीवन से जुड़ी बातें जानने में हमेशा रुचि रखते हैं।

    संयुक्त परियोजनाएं और काम

    कपल ने टीवी इंडस्ट्री में कई शानदार शो में साथ काम किया है जिनमें ‘हुंरबाज़: देश की शान ‘खतरा खतरा खतरा ‘हम तुम और थेम’ और ‘लाफ्टर शेफ्स’ जैसे शो शामिल हैं। इसके अलावा वे एक साथ पॉडकास्ट भी होस्ट करते हैं जो उनके फैंस के बीच काफी पसंद किया जाता है। भारती और हार्दिक की जोड़ी को अब तक दर्शकों का अपार प्रेम मिला है और दोनों के काम और व्यक्तिगत जीवन को लेकर उनके फैंस हमेशा ही उत्साहित रहते हैं।

    उम्मीदों और खुशियों की नई शुरुआत

    इस नन्हे मेहमान के आगमन से कपल की ज़िंदगी में खुशियाँ और भी बढ़ गई हैं। उनके परिवार में एक नया सदस्य जुड़ने से हर किसी का मन खुशी से भर गया है। टीवी इंडस्ट्री के साथ-साथ उनके फैंस भी इस खूबसूरत पल के लिए उत्साहित हैं और कपल को ढेर सारी शुभकामनाएं दे रहे हैं।
     यह खबर न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि उनके फैंस के लिए भी एक बहुत ही खुशी की बात है। जैसे-जैसे उनका परिवार बड़ा हो रहा है वैसे-वैसे उनके साथ बिताए गए पलों और उनके काम के प्रति दर्शकों की उम्मीदें भी और बढ़ गई हैं।

  • शनिवार को शनि पूजा और दान: जानें 5 महत्वपूर्ण उपाय जो लाएंगे समृद्धि और खुशहाली

    शनिवार को शनि पूजा और दान: जानें 5 महत्वपूर्ण उपाय जो लाएंगे समृद्धि और खुशहाली


    नई दिल्ली । शनि देव को न्याय का देवता माना जाता है जो हर व्यक्ति को उसके कर्मों के आधार पर फल देते हैं। शनि के प्रभाव से बचने के लिए शनिवार का दिन अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में शनि की साढ़ेसाती या ढैय्या चल रही हो तो शनि देव की पूजा और दान से उन अशुभ प्रभावों को कम किया जा सकता है। इस दिन किए गए कुछ विशेष दान जीवन में सुख समृद्धि और मानसिक शांति का संचार करते हैं। आइए जानते हैं शनिवार को किए जाने वाले 5 प्रभावी दान के उपायों के बारे में:

    काली उड़द का दान

    शनिवार के दिन काली उड़द का दान करना अत्यंत लाभकारी माना गया है। इसे किसी गरीब ब्राह्मण या मजदूर को दान में देने से नौकरी या व्यापार संबंधी परेशानियों का समाधान होता है। यह शनि देव को प्रसन्न करने और उनकी कृपा प्राप्त करने का एक प्रभावशाली उपाय है। काली उड़द का दान शनि के प्रभाव को कम कर जीवन में खुशहाली और समृद्धि लाता है।

    काले तिल का दान

    काले तिल को शनि ग्रह से जोड़ा गया है। शनिवार के दिन काले तिल का दान करने से शनि के अशुभ प्रभाव कम होते हैं और मानसिक शांति मिलती है। शनि दोष से राहत पाने के लिए काले तिल का दान विशेष रूप से प्रभावशाली माना जाता है। यह उपाय शनि के प्रकोप को कम करने और सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

     लोहे का दान

    शनि देव का धातु तत्व लोहा है। इसलिए शनिवार को लोहे की किसी भी उपयोगी वस्तु जैसे कटोरी कढ़ाई तवा या लोहे का सिक्का दान करना लाभकारी माना जाता है। ऐसा दान करने से शनि दोष शांत होता है और शनि देव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। यह उपाय जीवन में आर्थिक स्थिति सुधारने और शनि के कुप्रभाव को कम करने में सहायक है।

    काले जूते-चप्पल का दान

    काले जूते या चप्पल का दान शनि देव की कृपा को आकर्षित करने का एक और प्रभावशाली उपाय है। इससे न केवल शनि का प्रभाव कम होता है बल्कि आर्थिक उन्नति भी होती है। काले जूते या चप्पल का दान करने से जीवन के संघर्ष और नौकरी या यात्रा में आने वाली बाधाओं से राहत मिलती है। यह दान शनि प्रकोप को शांत करने और जीवन को आसान बनाने में मदद करता है।

    सरसों के तेल का दान

    शनिवार को लोहे की कटोरी में सरसों का तेल भरकर उसे किसी जरूरतमंद को दान करना या पीपल के पेड़ के नीचे दीपक जलाना भी अत्यंत लाभकारी है। यह दान जीवन में आर्थिक स्थिरता सम्मान और प्रतिष्ठा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण उपाय है। शनि देव को प्रसन्न करने के लिए यह एक प्रमुख उपाय माना जाता है जो विशेष रूप से शनिदोष और आर्थिक संकट से उबरने में मदद करता है।

    यदि आप शनिवार को ऊपर बताए गए पांच उपायों को नियमित रूप से करते हैं तो शनि देव का प्रभाव आपके जीवन में सकारात्मक दिशा में बदल सकता है। शनि की पूजा और दान से न केवल शनि दोष कम होते हैं बल्कि व्यक्ति के घर स्वास्थ्य और व्यवसाय में सुख और समृद्धि का प्रवाह भी सुनिश्चित होता है। इसलिए शनि देव के प्रति श्रद्धा और समर्पण से जीवन में खुशहाली और समृद्धि आएगी।

  • पटना हिजाब विवाद: PDP ने नीतीश कुमार के खिलाफ FIR की मांग की, महिला सम्मान मुद्दा बना राजनीति का केंद्र

    पटना हिजाब विवाद: PDP ने नीतीश कुमार के खिलाफ FIR की मांग की, महिला सम्मान मुद्दा बना राजनीति का केंद्र


    नई दिल्ली
    ।पटना में हिजाब विवाद ने एक बार फिर राजनीति और सामाजिक चर्चा में उबाल ला दिया है। हाल ही में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा एक महिला डॉक्टर के चेहरे से हिजाब हटाने का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ गया है। विपक्षी दलों ने इसे महिला सम्मान और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का उल्लंघन बताया है।

    जम्मू-कश्मीर की प्रमुख विपक्षी पार्टी पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी PDP ने इस घटना को गंभीर मानते हुए बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के खिलाफ FIR दर्ज कराने का फैसला किया है। PDP प्रमुख महबूबा मुफ्ती की बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने श्रीनगर पुलिस के पास जाकर शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की। PDP का कहना है कि यह केवल धार्मिक पहचान का मामला नहीं है बल्कि महिलाओं के सम्मान, गरिमा और निजता से जुड़ा है।

    दरअसल, विवाद तब शुरू हुआ जब पटना में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नियुक्ति पत्र वितरित कर रहे थे। इसी दौरान एक मुस्लिम महिला डॉक्टर जब मंच पर पहुंचीं, तो मुख्यमंत्री ने कथित तौर पर उनके चेहरे से हिजाब हटा दिया। यह पूरी घटना कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। इसके बाद देशभर में इस पर प्रतिक्रियाएं आईं और विपक्ष ने इसे संवैधानिक पद पर बैठे व्यक्ति द्वारा महिलाओं के अधिकारों का उल्लंघन करार दिया।इस मामले पर PDP की इल्तिजा मुफ्ती ने कड़ा विरोध जताया। उन्होंने कहा कि क्या बिहार सरकार महिलाओं के सम्मान और अपमान में फर्क नहीं समझती। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री का यह व्यवहार सत्ता के अहंकार का परिचायक है और महिलाओं की निजता पर चोट पहुंचाता है। PDP का यह भी कहना है कि संवैधानिक पद पर बैठे किसी व्यक्ति से इस तरह का व्यवहार अस्वीकार्य है।

    हिजाब विवाद तब और बढ़ गया जब केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने नीतीश कुमार का समर्थन करते हुए बयान दिया कि नियुक्ति पत्र लेने के लिए चेहरा दिखाना अनिवार्य है और मुख्यमंत्री ने अभिभावक की तरह व्यवहार किया। इस बयान के बाद इल्तिजा मुफ्ती ने प्रतिक्रिया दी कि गिरिराज सिंह का बयान अपमानजनक और असंवेदनशील है।PDP का कहना है कि यह मामला राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर उठाया जाएगा। FIR दर्ज होने पर स्थिति और गंभीर हो सकती है। इस विवाद ने एक बार फिर से राजनीति, धर्म और महिला सम्मान के सवाल को केंद्र में ला दिया है। आने वाले दिनों में इस मामले पर सियासी हलचल तेज रहने की संभावना है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यह मामला बिहार में आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों को भी प्रभावित कर सकता है। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और महिला अधिकार संगठनों ने इस घटना की निंदा करते हुए कहा है कि महिलाओं की निजता और धार्मिक पहचान का सम्मान करना हर नागरिक और पदाधिकारी की जिम्मेदारी है।इस विवाद ने साबित कर दिया है कि सोशल मीडिया और वायरल वीडियो अब किसी भी राजनीतिक घटना को राष्ट्रीय स्तर पर मुद्दा बना सकते हैं। PDP का कहना है कि वह कानून के दायरे में रहते हुए सभी आवश्यक कार्रवाई करेगी और इस मामले को न्यायिक प्रक्रिया तक पहुंचाएगी।

  • उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र: अनुपूरक बजट और वंदे मातरम् पर लंबी चर्चा की योजना

    उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र: अनुपूरक बजट और वंदे मातरम् पर लंबी चर्चा की योजना


    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश विधानसभा का शीतकालीन सत्र आज 19 दिसंबर से शुरू हो गया है और यह 24 दिसंबर तक चलेगा। इस सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा होने वाली है जिसमें दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अनुपूरक बजट और वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा प्रमुख हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी राजनीतिक दलों से इस सत्र के सुचारु संचालन में सहयोग की अपील की है और जनहित के मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी का आश्वासन दिया है।

    शीतकालीन सत्र का प्रारंभ

    सत्र के पहले दिन 19 दिसंबर को दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी। इस दिन का मुख्य उद्देश्य विधानसभा में योगदान देने वाले उन नेताओं को सम्मानित करना है जिनका हाल ही में निधन हुआ था। इसके बाद 20 और 21 दिसंबर को अवकाश रहेगा। 22 दिसंबर को सत्र का मुख्य कार्यक्रम शुरू होगा जिसमें वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा।

    अनुपूरक बजट और वंदे मातरम् पर चर्चा

    सत्र के दौरान 22 दिसंबर को अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा जिसमें राज्य सरकार की अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों के लिए प्रस्तावित खर्चों पर चर्चा की जाएगी। इसके अलावा उसी दिन वंदे मातरम् पर पांच घंटे की विशेष चर्चा आयोजित की जाएगी। यह चर्चा भारतीय राष्ट्रवाद और संस्कृति को बढ़ावा देने के संदर्भ में होगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधानसभा जन आकांक्षाओं का महत्वपूर्ण मंच है और इस चर्चा के माध्यम से सरकार सभी मुद्दों पर सक्रिय भागीदारी करेगी।

    ‘विकसित उत्तर प्रदेश विजन डॉक्यूमेंट-2047’

    मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शीतकालीन सत्र के उद्घाटन से पहले प्रदेश के ‘विकसित उत्तर प्रदेश विजन डॉक्यूमेंट-2047’ पर बात की। उन्होंने पिछले सत्र में इस विषय पर हुई 27 घंटे लंबी चर्चा का हवाला दिया। इस दौरान राज्य सरकार ने पूरे प्रदेश से लगभग 98 लाख सुझाव प्राप्त किए थे जिनका उपयोग आईआईटी कानपुर के सहयोग से अंतिम रूप देने में किया जाएगा। यह डॉक्यूमेंट उत्तर प्रदेश के 2047 तक के विकास का रोडमैप तय करेगा।

    एसआईआर अभियान और वीर बाल दिवस

    मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे एसआईआर स्पेशल इन्फॉर्मेशन रिवाइज अभियान की सराहना की। इस अभियान के माध्यम से मतदाता सूची का पुनरीक्षण किया जाएगा जिससे लोकतंत्र को और मजबूत किया जाएगा। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस मनाने की घोषणा की गई है। यह दिन भारतीय संस्कृति और राष्ट्र के प्रति बच्चों को प्रेरित करने के लिए मनाया जाएगा।

    विधायी कार्य और आगामी कार्यक्रम

    सत्र के अंतिम दो दिनों यानी 23 और 24 दिसंबर को विधायी कार्य और विभिन्न मुद्दों पर चर्चाएं आयोजित की जाएंगी। इन दो दिनों में विभिन्न विधेयकों पर विचार किया जाएगा और जनहित से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होगी। मुख्यमंत्री ने इस बात को स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता हमेशा जनहित में निर्णय लेना और समस्याओं का समाधान करना रहेगा।

    संपूर्ण सत्र में राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील करते हुए विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने यह भी कहा कि इस सत्र के दौरान जनोपयोगी मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा की जाएगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी दलों के सहयोग से विधानसभा का संचालन सुचारु रूप से होगा और प्रदेश के विकास के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।

  • सिंगरौली में 6 लाख पेड़ काटे जा रहे, कांग्रेस ने अडानी पर आरोप लगाए

    सिंगरौली में 6 लाख पेड़ काटे जा रहे, कांग्रेस ने अडानी पर आरोप लगाए


    सिंगरौली । मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में पर्यावरण और आदिवासी अधिकारों को लेकर विवाद गहरा गया है। कांग्रेस पार्टी ने आरोप लगाया है कि सिंगरौली में करीब 6 लाख पेड़ काटे जा रहे हैं और यह सभी अडानी समूह की कंपनी के लिए किया जा रहा है। कांग्रेस का कहना है कि भाजपा सरकार ने अडानी को न केवल पूरे जंगल को लूटने की अनुमति दी है बल्कि आदिवासियों की आवाज़ को दबाने के लिए पुलिस बल का भी सहारा लिया जा रहा है।

    यह विवाद अहमदाबाद की एक कंपनी मेसर्स स्ट्राटाटेक मिनरल रिसोर्सेज प्राइवेट लिमिटेड द्वारा कोल ब्लॉक आवंटन से जुड़ा हुआ है। कांग्रेस के नेताओं का कहना है कि यह कोल ब्लॉक आवंटन आदिवासी इलाकों में हो रहा है जहां पेड़ों और जमीनों की भारी कटाई की जा रही है। इस पर विरोध करते हुए स्थानीय आदिवासी समुदाय लंबे समय से शांति पूर्वक आंदोलन कर रहे हैं लेकिन सरकार उनकी आवाज़ों को अनदेखा कर रही है।

    कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बिना किसी वैध अनुमति के और मनमाने तरीके से पेड़ों की कटाई की जा रही है। इसके साथ ही हजारों आदिवासी परिवारों को उनके घरों से बेदखल किया जा रहा है बिना पुनर्वास की कोई व्यवस्था किए। सिंगरौली में आदिवासी परिवारों के खिलाफ पुलिस बल तैनात किया जा रहा है ताकि उनका विरोध कुचला जा सके। कांग्रेस ने कहा कि यह पूरी प्रक्रिया कानून के खिलाफ है और आदिवासी समुदाय के अधिकारों का उल्लंघन है।

    इस मुद्दे पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए एमपी कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा। कांग्रेस ने ट्वीट किया प्रधानमंत्री मोदी एक तरफ कहते हैं कि ‘एक पेड़ मां के नाम लगाओ और दूसरी तरफ वही मोदी अडानी को हजारों पेड़ काटने की अनुमति दे रहे हैं। कांग्रेस ने यह भी दावा किया कि सरकार आदिवासियों के खिलाफ दमनात्मक नीतियां अपना रही है जबकि वही लोग अपनी ज़मीन पर काबिज होते हुए भी अन्याय का शिकार हो रहे हैं।

    ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी द्वारा गठित एक फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने इस मामले की जांच की और पाया कि अडानी के लिए 2672 हेक्टेयर ज़मीन आवंटित की गई है। फैक्ट फाइंडिंग कमेटी ने यह भी कहा कि एक ओर जहां आदिवासी समुदायों को अपनी ज़मीन पर काबिज होने के लिए परेशान किया जाता है वहीं दूसरी ओर बड़े उद्योगपतियों को विशाल भूमि और जंगल की छूट दी जा रही है।

    इस विवाद में एक और गंभीर आरोप यह है कि आदिवासी लोगों को अपने घरों से बेदखल किया जा रहा है जबकि सरकार ने किसी तरह का पुनर्वास या मुआवजा नहीं दिया है। सिंगरौली में स्थानीय लोग लंबे समय से शांतिपूर्वक विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं लेकिन अब प्रशासन ने इन प्रदर्शनों को कुचलने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया है। यह स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है क्योंकि आदिवासी समुदाय के लोग अपनी ज़मीन और जीवन का अधिकार बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

    इस मामले को लेकर एमपी कांग्रेस ने सरकार से जवाब की मांग की है और यह सुनिश्चित करने की बात की है कि आदिवासी समुदाय के अधिकारों का उल्लंघन न हो। साथ ही कांग्रेस ने यह भी कहा कि जब तक पेड़ों की कटाई और आदिवासियों का शोषण बंद नहीं होता उनका विरोध जारी रहेगा।

  • डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, जानिए गिरावट की बड़ी वजहें और बचाव के उपाय

    डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचा रुपया, जानिए गिरावट की बड़ी वजहें और बचाव के उपाय


    नई दिल्ली
    /भारतीय रुपया इन दिनों गंभीर दबाव में है और डॉलर के मुकाबले अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच चुका है। दिसंबर 2025 में पहली बार रुपया 91 के पार चला गया जिसने सरकार रिजर्व बैंक निवेशकों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों के मुताबिक यह गिरावट किसी एक वजह से नहीं बल्कि घरेलू और वैश्विक कारकों के संयुक्त असर से हुई है। सबसे बड़ा कारण विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली माना जा रहा है। विदेशी संस्थागत निवेशक FII भारतीय शेयर और बॉन्ड बाजार से तेजी से पैसा निकाल रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक इस साल अब तक विदेशी निवेशक भारतीय बाजार से करीब 18 अरब डॉलर से अधिक निकाल चुके हैं। इससे बाजार में डॉलर की मांग बढ़ी है और रुपये की मांग कमजोर पड़ी है जिसका सीधा असर मुद्रा विनिमय दर पर दिख रहा है।

    दूसरा अहम कारण डॉलर की वैश्विक मजबूती है। अमेरिका में ऊंची ब्याज दरों और मजबूत आर्थिक संकेतों के चलते डॉलर दुनियाभर की मुद्राओं के मुकाबले मजबूत बना हुआ है। जब अमेरिकी बॉन्ड पर रिटर्न बढ़ता है तो वैश्विक निवेशक उभरते बाजारों से पूंजी निकालकर अमेरिका की ओर रुख करते हैं। इसका असर भारत जैसे देशों की मुद्रा पर पड़ता है।भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता ने भी रुपये पर दबाव बढ़ाया है। अमेरिका द्वारा भारतीय निर्यात पर कुछ उत्पादों में ऊंची टैरिफ दरें लगाए जाने से भारतीय सामानों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धा घटी है। इससे निर्यात से होने वाली डॉलर की आमद सीमित हुई है और चालू खाते के घाटे की चिंता बढ़ी है।

    रुपये की गिरावट का असर आम आदमी की जिंदगी पर भी पड़ता है। कमजोर रुपये के कारण कच्चा तेल गैस इलेक्ट्रॉनिक्स और अन्य आयातित वस्तुएं महंगी हो जाती हैं। इससे पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने और महंगाई में दोबारा तेजी आने का खतरा रहता है जिसका बोझ सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ता है।तेल आयात भी रुपये की कमजोरी की एक बड़ी वजह है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से भारत का आयात बिल बढ़ गया है। इससे व्यापार घाटा और चालू खाता घाटा बढ़ने की आशंका है जो मुद्रा पर अतिरिक्त दबाव डालता है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि रुपये की गिरावट को थामने में भारतीय रिजर्व बैंक RBIकी भूमिका बेहद अहम है। आरबीआई जरूरत पड़ने पर बाजार में डॉलर बेचकर और तरलता का प्रबंधन कर रुपये की तेज गिरावट को रोक सकता है। हालांकि केंद्रीय बैंक आमतौर पर बहुत ज्यादा हस्तक्षेप से बचता है ताकि बाजार में अस्थिरता न बढ़े।लंबी अवधि में रुपये को स्थिर रखने के लिए सिर्फ मौद्रिक हस्तक्षेप काफी नहीं होगा। अर्थशास्त्रियों का कहना है कि भारत को विदेशी प्रत्यक्ष निवेश FDIऔर दीर्घकालिक पूंजी प्रवाह को बढ़ावा देना होगा। मैन्युफैक्चरिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और ग्रीन एनर्जी जैसे क्षेत्रों में निवेश बढ़ने से डॉलर की स्थायी आमद होगी।

    निर्यात बढ़ाना भी रुपये को सहारा देने का एक अहम तरीका है। आईटी फार्मा इंजीनियरिंग और सेवा क्षेत्र के निर्यात में मजबूती आने से विदेशी मुद्रा भंडार मजबूत हो सकता है। इसके साथ ही अमेरिका और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के साथ संतुलित और स्पष्ट व्यापार समझौते विदेशी मुद्रा प्रवाह को बढ़ा सकते हैं।महंगाई पर नियंत्रण भी रुपये की स्थिरता के लिए जरूरी है। अगर महंगाई काबू में रहती है तो आरबीआई को नीतिगत समर्थन बनाए रखने में आसानी होती है और ब्याज दरों पर दबाव कम रहता है। मध्यम से लंबी अवधि में नीतिगत सुधार निवेश अनुकूल माहौल और निर्यात को बढ़ावा देने वाली रणनीतियां रुपये की गिरावट पर ब्रेक लगा सकती हैं।

  • वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर रूस की ट्रंप को सख्त चेतावनी, कहा-घातक गलती से होंगे भयावह नतीजे

    वेनेजुएला पर अमेरिकी कार्रवाई को लेकर रूस की ट्रंप को सख्त चेतावनी, कहा-घातक गलती से होंगे भयावह नतीजे


    नई दिल्ली/वेनेजुएला संकट एक बार फिर वैश्विक राजनीति के केंद्र में आ गया है। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने के बाद रूस ने खुलकर चेतावनी दी है। मॉस्को ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को आगाह करते हुए कहा है कि वेनेजुएला में किसी भी तरह की घातक गलती पूरे पश्चिमी गोलार्ध में अप्रत्याशित और गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है। रूस ने साफ संकेत दिया है कि वह वेनेजुएला को अपना करीबी सहयोगी मानता है और इस मुद्दे पर पूरी तरह सतर्क है।

    दरअसल, हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वेनेजुएला के खिलाफ प्रतिबंधों को और सख्त करते हुए वहां से तेल ले जाने वाले टैंकरों की आवाजाही पर पूर्ण नाकाबंदी का आदेश दिया है। ट्रंप ने इसे “टोटल एंड कंपलीट ब्लॉकेड” करार दिया है। अमेरिका का कहना है कि यह कदम राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की सरकार पर दबाव बनाने के लिए उठाया गया है, जिसकी अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर तेल निर्यात पर निर्भर है।अमेरिका ने इस कार्रवाई के तहत एक तेल टैंकर को जब्त भी किया है और कैरेबियन सागर में भारी नौसैनिक तैनाती की है। इस सैन्य मौजूदगी ने क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा दिया है। अमेरिकी नौसेना की गतिविधियों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हस्तक्षेप की आशंकाएं तेज हो गई हैं।

    इस पूरे घटनाक्रम पर रूस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। क्रेमलिन ने कहा है कि उसे उम्मीद है कि ट्रंप प्रशासन कोई ऐसा कदम नहीं उठाएगा, जिससे स्थिति नियंत्रण से बाहर हो जाए। रूस का मानना है कि वेनेजुएला के खिलाफ सैन्य या आक्रामक कार्रवाई न केवल क्षेत्रीय स्थिरता को नुकसान पहुंचाएगी, बल्कि इसके असर पूरे पश्चिमी गोलार्ध में महसूस किए जाएंगे।क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने बयान जारी कर कहा, हम निश्चित रूप से क्षेत्र के सभी देशों से संयम बरतने का आग्रह करते हैं, ताकि किसी भी तरह के अप्रत्याशित घटनाक्रम से बचा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि कैरेबियन सागर में अमेरिकी युद्धपोतों की मौजूदगी के चलते हालात संवेदनशील बने हुए हैं और नाकाबंदी के परिणाम अभी स्पष्ट नहीं हैं।

    रूस ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह अपने सहयोगी और साझेदार वेनेजुएला के साथ लगातार संपर्क में है। मॉस्को लंबे समय से वेनेजुएला की सरकार का समर्थन करता रहा है और आर्थिक व राजनीतिक संकट के दौर में काराकास को सहारा देता आया है। अतीत में रूस ने वेनेजुएला की कमजोर अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए वित्तीय और ऊर्जा क्षेत्र में मदद की है।वहीं, वेनेजुएला ने अमेरिकी कदम को समुद्री डकैती करार देते हुए तीखी निंदा की है। मादुरो सरकार का कहना है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन कर रहा है और उसकी संप्रभुता पर हमला कर रहा है। वेनेजुएला ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से इस मुद्दे पर हस्तक्षेप की मांग भी की है।

    गौरतलब है कि इस सप्ताह की शुरुआत में ट्रंप ने दावा किया था कि वेनेजुएला दक्षिण अमेरिका के इतिहास में अब तक के सबसे बड़े नौसैनिक घेराव का सामना कर रहा है। इस बयान के बाद क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य हस्तक्षेप की आशंकाएं और गहरा गई हैं।इसी बीच, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस महीने की शुरुआत में एक फोन कॉल के दौरान निकोलस मादुरो को अपना समर्थन दोहराया था। रूस के इस रुख से साफ है कि वेनेजुएला को लेकर अमेरिका और रूस के बीच टकराव और गहरा सकता है, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नए तनाव की स्थिति बन सकती है।