Author: bharati

  • गणपति बप्पा की विदाई का समय आ गया 25 सितंबर को होगा विसर्जन नोट कर लें शुभ मुहूर्त और जरूरी नियम

    गणपति बप्पा की विदाई का समय आ गया 25 सितंबर को होगा विसर्जन नोट कर लें शुभ मुहूर्त और जरूरी नियम


    नई दिल्ली। गणेश उत्सव के बाद अब गणपति बप्पा की विदाई का समय आ गया है। इस साल गणेश चतुर्थी का पर्व 14 सितंबर 2026 को मनाया गया था और इसके साथ ही घरों तथा पंडालों में गणपति प्रतिमाओं की स्थापना हुई थी। अब अनंत चतुर्दशी के अवसर पर भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाएगा। गणेश विसर्जन की तारीख को लेकर कई लोगों के मन में 24 और 25 सितंबर को लेकर असमंजस है। ऐसे में जानना जरूरी है कि बप्पा की विदाई किस दिन की जाएगी और इसके लिए कौन से शुभ मुहूर्त बताए गए हैं।

    द्रिक पंचांग के अनुसार भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि 24 सितंबर की रात 11 बजकर 18 मिनट से शुरू होगी और इसका समापन 25 सितंबर की रात 11 बजकर 6 मिनट पर होगा। तिथि के आधार पर इस साल गणेश विसर्जन 25 सितंबर 2026 शुक्रवार को किया जाएगा। इस दिन भक्त विधि विधान से गणपति की पूजा करने के बाद उन्हें श्रद्धापूर्वक विदाई देंगे।

    गणेश विसर्जन के लिए दिनभर में कई शुभ चौघड़िया मुहूर्त बताए गए हैं। सुबह का चर लाभ अमृत मुहूर्त 6 बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 42 मिनट तक रहेगा। दोपहर में शुभ मुहूर्त 12 बजकर 13 मिनट से 1 बजकर 43 मिनट तक बताया गया है। इसके बाद शाम का चर मुहूर्त 4 बजकर 44 मिनट से 6 बजकर 14 मिनट तक रहेगा। रात में लाभ का मुहूर्त 9 बजकर 14 मिनट से 10 बजकर 43 मिनट तक रहेगा। इसके अलावा रात 12 बजकर 13 मिनट से 26 सितंबर की सुबह 4 बजकर 42 मिनट तक शुभ अमृत चर मुहूर्त रहेगा।

    विसर्जन के दिन सबसे पहले घर में स्थापित गणपति की विधिवत पूजा करनी चाहिए। श्रद्धालु भगवान गणेश को नारियल शमी पत्र धूप और अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर सकते हैं। पूजा के बाद गणपति की आरती की जाती है और परिवार की सुख शांति स्वास्थ्य तथा मंगल की कामना की जाती है। इसके बाद प्रतिमा को सम्मानपूर्वक विसर्जन स्थल तक ले जाया जाता है।

    धार्मिक परंपराओं में विसर्जन के दौरान श्रद्धा और शुद्धता का विशेष ध्यान रखने की बात कही गई है। कई स्थानों पर भक्त नंगे पैर गणपति को विसर्जन के लिए ले जाने की परंपरा का पालन करते हैं। चमड़े से बनी वस्तुओं से भी परहेज किया जाता है। वहीं पर्यावरण की दृष्टि से मिट्टी और प्राकृतिक सामग्री से बनी प्रतिमाओं का इस्तेमाल करना बेहतर माना जाता है। ऐसी प्रतिमाओं का विसर्जन भी निर्धारित स्थानों पर ही किया जाना चाहिए।

    25 सितंबर को गणेश विसर्जन के साथ अनंत चतुर्दशी का पर्व भी मनाया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप की पूजा करने की परंपरा है। श्रद्धालु व्रत रखते हैं और अनंत सूत्र बांधते हैं। अलग-अलग परिवारों में व्रत और पूजा की परंपराएं अलग हो सकती हैं इसलिए इन्हें अपनी पारिवारिक परंपरा के अनुसार करना उचित माना जाता है।

    इस तरह 25 सितंबर को गणपति बप्पा की विदाई के साथ गणेश उत्सव का समापन होगा। भक्त इस अवसर पर प्रार्थना करेंगे कि गणपति के साथ उनके जीवन के दुख संकट और बाधाएं भी दूर हों और परिवार में सुख शांति तथा समृद्धि बनी रहे।

  • इमरान खान की रिहाई की मांग…. 27 सितंबर को PTI का बड़ा आंदोलन… 20 हजार कंटेनरों से इस्लामाबाद सील

    इमरान खान की रिहाई की मांग…. 27 सितंबर को PTI का बड़ा आंदोलन… 20 हजार कंटेनरों से इस्लामाबाद सील


    इस्लामाबाद।
    पड़ोसी देश पाकिस्तान (Pakistan) की राजधानी इस्लामाबाद (Islamabad) में एक अजीब सा खौफ साया है। आलम ये है कि राजधानी को कम से कम 20,000 शिपिंग कंटेनरों (Shipping Containers) से घेर दिया गया है। इतना ही नहीं, इन कंटेनरों को वेल्डिंग करके आपस में जोड़ा गया है और उन पर बाहर की तरफ नुकीले धातु (Sharp metal) के कांटे लगाए गए हैं। पाक मीडिया की खबरों के मुताबिक, शहबाज शरीफ सरकार (Shehbaz Sharif Government) और उनका प्रशासन घबराया हुआ है। अस्पतालों में जगह बनाई जा रही है और अतिरिक्त ब्लड बैग तैयार रखे जा रहे हैं।

    दरअसल, जेल में बंद पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान (Imran Khan) की रिहाई की मांग को लेकर उनकी पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए इंसाफ (PTI) के कार्यकर्ता और समर्थक 27 सितंबर को राजधानी में विरोध-प्रदर्शन और मार्च करने वाले हैं। इस मार्च को जमात-ए-इस्लामी और किसान संगठनों का भी समर्थन मिल रहा है। लिहाजा, प्रशासन ने PTI के इस प्रस्तावित मार्च और विरोध प्रदर्शन से पहले राजधानी इस्लामाबाद में प्रवेश करने वाली प्रमुख सड़कों को बंद करना शुरू कर दिया है।


    अस्पतालों को क्या-क्या निर्देश?

    पाक मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, इस्लामाबाद के अस्पतालों को संभावित मानवीय संकट और बड़ी संख्या में लोगों के घायल होने की घटना से निपटने के लिए तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। अस्पतालों में गैर-जरूरी सर्जरी टाली जा रही हैं और स्थिर हालत वाले मरीजों को छुट्टी दी जा रही है ताकि घायलों के आने पर जगह मिल सके। पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ के अनुसार, इस्लामाबाद के अस्पतालों से कहा गया है कि वे कम से कम 100 बैग ब्लड रिजर्व रखें और सभी एम्बुलेंस और उनके ड्राइवरों को चालू हालत में और आपात स्थिति के लिए तैयार रखें।


    दो प्रांतों से बुलाए गए 20,000 पुलिसकर्मी

    राजधानी में सुरक्षा घेरा मजबूत करने के लिए 27 सितंबर के मार्च से पहले पंजाब और सिंध प्रांत से 20,000 से ज़्यादा पुलिसकर्मियों को इस्लामाबाद बुलाया जा रहा है। बीबीसी उर्दू की बुधवार की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब सरकार ने रावलपिंडी, अटक, झेलम और मियांवाली में संघीय अर्धसैनिक बल ‘पाकिस्तान रेंजर्स’ को बुलाया है। यह लामबंदी ऐसे समय में हो रही है जब जमात-ए-इस्लामी ने ईंधन की बढ़ती कीमतों के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू किया है और PTI के मार्च का समर्थन किया है। किसानों ने भी इमरान खान के समर्थकों के साथ मिलकर राजधानी की ओर मार्च करने की योजना की घोषणा की है। कम से कम दो ऐसे संगठन – ‘किसान इत्तेहाद पाकिस्तान’ और PTI का किसान विंग – विरोध प्रदर्शन की योजना बना रहे हैं।


    ऐसा लग रहा कि किसी हमले की तैयारी हो रही है

    अल जज़ीरा के पाकिस्तान संवाददाता कमाल हैदर के अनुसार, कई पाकिस्तानियों का मानना ​​है कि शहबाज शरीफ सरकार इससे घबरा गई है क्योंकि उसे पक्का नहीं पता कि इस्लामाबाद में इकट्ठा होने वाले विरोध प्रदर्शन कितने बड़े हो सकते हैं। पाकिस्तानी अखबार ‘डॉन’ ने 22 सितंबर के एक संपादकीय में कहा, “जिस रफ़्तार से कंटेनर लगाए जा रहे हैं, खाइयां खोदी जा रही हैं और अतिरिक्त सुरक्षा बल बुलाए जा रहे हैं, उसे देखकर लगता है कि सरकार किसी राजनीतिक कार्यक्रम की नहीं, बल्कि किसी हमले की तैयारी कर रही है।”


    PTI का मार्च

    बता दें कि PTI का 27 सितंबर का मार्च इमरान खान की जेल से रिहाई की मांग के लिए बुलाया गया है। खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और अभी अल-कादिर ट्रस्ट जमीन भ्रष्टाचार मामले में 14 साल की सजा काट रहे हैं। यह उन 100 से ज्यादा मामलों में से एक है जो 2022 में सत्ता से हटाए जाने के बाद उन पर दर्ज किए गए थे। खान की रिहाई के अलावा, PTI ने पाकिस्तान में संवैधानिक अधिकारों और कानून के शासन को लेकर चिंता जताई है। वहां आसिम मुनीर ने बेमिसाल ताकतें हासिल कर ली हैं, जिसमें तीनों सशस्त्र बलों की कमान और जीवन भर के लिए कानूनी छूट शामिल है, जिससे वे असल में पाकिस्तान के शासक बन गए हैं।

    इस बीच, इस्लामाबाद पुलिस ने बुधवार को बताया कि इस्लामाबाद-पेशावर मोटरवे, इस्लामाबाद-डेरा इस्माइल खान मोटरवे और ग्रैंड ट्रंक रोड को बुधवार शाम से कई स्थानों पर बंद किया जाएगा। पुलिस ने लोगों से यात्रा की योजना उसी के अनुरूप बनाने का आग्रह किया है। पाकिस्तान के स्थानीय मीडिया के अनुसार, सड़क बंदी अनिश्चितकालीन है और इसका उद्देश्य खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के समर्थकों को 27 सितंबर को राजधानी में मार्च करने से रोकना है। खान की सेहत, विशेषकर उनकी दायीं आंख की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। उनकी आंख के उपचार के लिए कई महीनों से विशेषज्ञ चिकित्सा की आवश्यकता बताई गई है। पीटीआई ने उनकी रिहाई के लिए अभियान तेज किया है।


    दूर-दूर से आएंगे खान के समर्थक

    प्रस्तावित मार्च में लोगों के पाकिस्तान के सबसे बड़े शहर कराची से करीब 1,150 किलोमीटर और लाहौर से करीब 270 किलोमीटर की दूरी तय कर इस्लामाबाद पहुंचने की योजना है। स्थानीय मीडिया के मुताबिक, अधिकारियों ने राजधानी और उत्तर-पश्चिमी प्रांत खैबर पख्तूनख्वा से आने वाले प्रमुख मार्ग अटक पुल पर करीब 2,000 मालवाहक कंटेनर तैनात किए हैं। खैबर पख्तूनख्वा और पंजाब के बीच एक अन्य महत्वपूर्ण मार्ग हारून पुल पर भी कंटेनर और रेत की बोरियां रखी गई हैं। अटक जिले में करीब 30,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।

  • मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग का मुद्दा फिर गरमाया…. पहले ही नोटिस दे चुके हैं सांसद

    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग का मुद्दा फिर गरमाया…. पहले ही नोटिस दे चुके हैं सांसद


    नई दिल्ली।
    कई राज्यों में चल रहे मतदाता सूची (Voter List) के SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण (Special In-depth Review) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार (Chief Election Commissioner Gyanesh Kumar) पर एकतरफा फैसला लेने के आरोपों के बाद राज्यसभा में उनके खिलाफ लंबित महाभियोग का मुद्दा फिर गरमा गया है। विपक्षी दलों ने फिर से इस मुद्दे को उठाया है। विपक्ष के 73 सदस्यों ने गत 24 अप्रैल को राज्यसभा के सभापति को मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) के खिलाफ महाभियोग का नोटिस सौंपा था।

    कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस और समाजवादी पार्टी सहित विपक्ष की कई अन्य पार्टियों की तरफ से दिए गए महाभियोग के नोटिस में सीईसी के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए गए थे। इनमें सबसे गंभीर पक्षपातपूर्ण और भेदभावपूर्ण आचरण के आरोप शामिल हैं। साथ ही बड़े पैमाने पर मतदाताओं के नाम हटाना, चुनाव आचार संहिता के क्रियान्वयन में अनियमिता, दस्तावेजी शिकायतों पर कार्रवाई नहीं करना सहित नौ आरोप लगाए गए हैं।


    नोटिस लंबित, पर खारिज नहीं

    एसआईआर को लेकर दो चुनाव आयुक्त सुखबीर संधू (Sukhbir Sandhu) और विवेक जोशी (Vivek Joshi) के पिछले 10 महीनों में आयोग के फैसलों पर 14 बार लिखित आपत्तियां दर्ज कराने की खबरों के बाद विपक्ष ने फिर से ज्ञानेश कुमार के खिलाफ महाभियोग के नोटिस को लेकर सरकार को घेरा है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राज्यसभा के सभापति के पास 24 अप्रैल से यह नोटिस लंबित है, इसे खारिज नहीं किया गया है।

    माकपा सांसद जॉन ब्रिटास ने एक पोस्ट कर कहा कि संसद को ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की प्रक्रिया तत्काल शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि विपक्षी सांसदों ने इस संबंध में नोटिस दिया था। उसमें ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नौ आरोप लगाए गए थे।


    SIR पर बड़ा विवाद

    SIR पर दो चुनाव आयुक्तों की असहमति के मीडिया दावे के बाद सियासी पारा चढ़ गया है। विपक्षी दलों ने बुधवार को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनका इस्तीफा मांगा। साथ ही सुप्रीम कोर्ट से संज्ञान लेने और एसआईआर तुरंत रोकने की मांग की है। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भाजपा, आरएसएस, निर्वाचन आयोग पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन्होंने इसे किया है, उन्होंने देशद्रोह का कृत्य किया है।

    सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इसे लोकतंत्र के लिए गंभीर मामला करार देते हुए कहा कि चुनाव आयोग जैसे संवैधानिक संस्थान के भीतर ही अधिकारियों की तरफ से आपत्ति दर्ज की जा रही है। ऐसे में सवाल लाजमी है कि आयोग किसके हित में काम कर रहा है। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त अकेले चुनाव आयोग को चला रहे हैं। उन्होंने एसआईआर को तत्काल रद्द किए जाने की मांग की।


    चुनाव आयोग ने तोड़ी चुप्पी

    चुनाव आयोग ने दो चुनाव आयुक्तों की असहमतियों से जुड़े विवाद पर स्पष्ट किया कि आयोग के अंदर सभी फैसले सर्वसम्मति से हो रहे हैं। आयोग ने कहा कि वैचारिक मतभेद का मतलब टकराव नहीं समझा जाना चाहिए। आयोग ने कहा कि न केवल तीनों आयुक्त बल्कि आयोग का हर अधिकारी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए सुझाव देने को अधिकृत है। आयोग ने एक बयान में कहा कि दस महीनों के दौरान की कुछ खास आंतरिक टिप्पणियों, अवलोकनों को उजागर करना, जबकि बड़ी संख्या में मंजूरियों, फैसलों, निर्देशों और पहलों को नजरअंदाज करना, तस्वीर का केवल एक हिस्सा दिखाता है।

    आयोग के मुताबिक ईसीआई नेट जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म सख्त डाटा सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत काम करते हैं। मतदाता सूची में नाम जोड़ने या हटाने का काम निर्वाचक पंजीकरण अधिकारियों, जिला निर्वाचन अधिकारियों जैसे अधिकारी निर्धारित अधिकारों के अनुसार करते हैं।


    सीईसी-ईसी नियुक्ति का मुद्दा संविधान पीठ सुनेगी

    सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को मुख्य निर्वाचन आयुक्त और निर्वाचन आयुक्तों (नियुक्ति, सेवा की शर्तें और कार्यकाल) अधिनियम, 2023 की वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं को संविधान पीठ को भेज दिया। दो जजों की पीठ का बंटा फैसला आने पर यह कदम उठाया गया।

  • ट्रंप के वैश्विक युद्धों को रुकवाने के दावों की उनके ही मंत्री ने निकाली हवा…. भारत-पाक का भी किया जिक्र

    ट्रंप के वैश्विक युद्धों को रुकवाने के दावों की उनके ही मंत्री ने निकाली हवा…. भारत-पाक का भी किया जिक्र


    वाशिंगटन।
    अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (American President Donald Trump) द्वारा रोज वैश्विक युद्धों को रुकवाने के दावों की हवा उनके मंत्री ने ही निकाल दी है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो (American External Affairs Minister Marco Rubio) ने हाल ही में एक ऐसा बयान दिया है जिसकी खूब चर्चा हो रही है। संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के उच्च स्तरीय सत्र के दौरान रुबियो ने उसी वैश्विक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं, जिसे अमेरिका ने बनाया है और वर्षों से भारत जैसे देश बदलाव की मांग करते आए हैं। रुबियो ने मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए इसे पूरी तरह निष्प्रभावी तक बता दिया। इस दौरान उन्होंने भारत और पाकिस्तान का जिक्र भी किया।

    रुबियो ने अपने संबोधन में कहा कि संयुक्त राष्ट्र जैसी वैश्विक संस्थाएं अपने मूल उद्देश्य से भटक चुकी हैं और भारत-पाकिस्तान जैसे तनावों को सुलझाने में पूरी तरह नाकाम साबित हो रही हैं। रुबियो ने कहा कि वैश्विक निकाय उन मामलों में उलझ गए हैं जो उनके अधिकार क्षेत्र में आते ही नहीं हैं। उन्होंने कहा, “अंतरराष्ट्रीय प्रणाली इसलिए नाकाम हो रही है क्योंकि यह अपने इरादे से आगे बढ़ चुकी है। यह दुनिया के किसी भी बड़े संघर्ष को सुलझाने में असमर्थ है।” उन्होंने दावा किया कि संयुक्त राष्ट्र में एकत्र हुए कई वैश्विक नेताओं के बीच भी इस बात पर सहमति है कि मौजूदा अंतरराष्ट्रीय प्रणाली प्रभावी ढंग से काम नहीं कर रही है।


    भारत-पाकिस्तान का जिक्र

    रुबियो ने आगे कहा कि अगर सही मायने में काम करने वाली एक वैश्विक व्यवस्था मौजूद होती, तो वह अलग अलग देशों के बीच बढ़ते तनाव को समय रहते टाला जा सकता था। उन्होंने कहा, “बहुत अच्छा होता अगर हमारे पास एक बेहतर करने वाली अंतरराष्ट्रीय प्रणाली होती जो थाईलैंड और कंबोडिया के बीच हुए युद्ध या भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष से निपट सकती… लेकिन अभी हमारे पास ऐसा कोई सिस्टम नहीं है जो इसका समाधान कर सके।”

    हालांकि रुबियो ने अपनी बातों पर तुरंत सफाई भी दी। उन्होंने कहा कि वे अंतरराष्ट्रीय प्रणाली पर हमला नहीं कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इन बातों के जरिए वे इसे अपने शुरुआती लक्ष्यों और सही भूमिका में वापस लाने की कोशिश कर रहे हैं।


    ट्रंप के दावों की सच्चाई

    अब रुबियो के इस बयान के बाद ट्रंप के दावों की सच्चाई एक बार फिर सामने आई है। बता दें कि बीते साल मई में भारत और पाकिस्तान के बीच बनी जंग जैसी स्थिति के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सीजफायर करवाने का दावा किया था। उन्होंने कई बार अपने दावे को दोहराया। हालांकि भारत ने बार बार स्पष्ट किया है कि पाकिस्तान के गिड़गिड़ाने के बाद दोनों देशों के बीच DGMO स्तर पर हुई वार्ता के बाद ही सीजफायर पर सहमति बनी थी।

  • आखिरी 500 मीटर में बदला पूरा मुकाबला सतनाम-सलमान ने ऐसे जीता रोइंग में ब्रॉन्ज मेडल

    आखिरी 500 मीटर में बदला पूरा मुकाबला सतनाम-सलमान ने ऐसे जीता रोइंग में ब्रॉन्ज मेडल


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय खिलाड़ियों का शानदार प्रदर्शन जारी है। नागोया में गुरुवार को रोइंग के पुरुष डबल स्कल्स मुकाबले में सतनाम सिंह और सलमान खान की जोड़ी ने भारत के लिए ब्रॉन्ज मेडल जीत लिया। भारतीय जोड़ी ने नागरागावा इंटरनेशनल रेगाटा कोर्स पर 6 मिनट 13.25 सेकेंड का समय दर्ज किया। मुकाबले में दोनों रोअर्स ने शुरुआत से ही दमदार प्रदर्शन किया और लंबे समय तक पदक की मजबूत स्थिति में बने रहे।

    सतनाम सिंह और सलमान खान 1500 मीटर तक दूसरे स्थान पर चल रहे थे। हालांकि आखिरी 500 मीटर में उनकी रफ्तार थोड़ी कम हुई और भारतीय जोड़ी तीसरे स्थान पर पहुंच गई। इसके बावजूद दोनों ने अपनी स्थिति बरकरार रखी और भारत के खाते में एक और पदक जोड़ दिया। चीन की यी शुडी और यीदे नी की जोड़ी ने 6 मिनट 9.37 सेकेंड के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता। उज्बेकिस्तान की पावेल सोरिन और मेखरोजबेक मामातकुलोव की जोड़ी ने 6 मिनट 10.49 सेकेंड के समय के साथ सिल्वर हासिल किया।

    इस पदक के साथ सतनाम सिंह ने एशियन गेम्स में लगातार दूसरी बार रोइंग में मेडल जीता है। इससे पहले उन्होंने 2023 हांगझोऊ एशियन गेम्स में पुरुषों के क्वाड्रपल स्कल्स इवेंट में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था। अब डबल स्कल्स में सलमान खान के साथ उनकी जोड़ी ने भारत को एक और पदक दिलाया है।

    उत्तर प्रदेश के अमेठी के रहने वाले सलमान खान का रोइंग करियर साल 2018 में शुरू हुआ। वह भारतीय सेना के बॉम्बे इंजीनियर ग्रुप में शामिल हुए थे। उनके कोचों ने उनकी क्षमता को पहचाना और उन्हें रोइंग टीम का हिस्सा बनाया। शुरुआती दौर में उन्होंने बटालियन और इंटर सेंटर प्रतियोगिताओं में पदक जीते। एक समय ऐसा भी आया जब सलमान ने खेल छोड़ने के बारे में सोचा लेकिन कोचों के भरोसे ने उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। बाद में उन्हें आर्मी रोइंग नोड में प्रशिक्षण का मौका मिला।

    साल 2023 में सलमान को टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम में शामिल किया गया। 2024 एशियन रोइंग कप में गोल्ड जीतने के बाद उन्हें भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर प्रमोशन मिला।

    वहीं पंजाब के मानसा जिले के पट्टा मालुका गांव के सतनाम सिंह ने रोइंग से पहले नेशनल लेवल पर हैंडबॉल खेला था। 2018 में ओलंपियन स्वर्ण सिंह विर्क की सलाह पर उन्होंने रोइंग को अपनाया। इसके बाद उन्होंने तेजी से पहचान बनाई। सतनाम 2018 यूथ ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं और सीनियर नेशनल रोइंग चैंपियनशिप में भी खिताब जीत चुके हैं।

    इस मुकाबले में भारत को एक और पदक की उम्मीद थी। पुरुषों के सिंगल स्कल्स फाइनल में बलराज पंवार 6 मिनट 54.80 सेकेंड के समय के साथ चौथे स्थान पर रहे। वह 1500 मीटर तक दूसरे स्थान पर थे लेकिन अंतिम 500 मीटर में पीछे हो गए। इसके बावजूद सतनाम और सलमान की जोड़ी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रोइंग में भारत को ब्रॉन्ज दिलाकर देश का गौरव बढ़ाया।

  • राम मंदिर केस: आरोप पत्र में जमीन से लेकर गाड़ियों तक… दान के पैसों से करोड़ों की संपत्तियां बनाने का जिक्र

    राम मंदिर केस: आरोप पत्र में जमीन से लेकर गाड़ियों तक… दान के पैसों से करोड़ों की संपत्तियां बनाने का जिक्र


    अयोध्या।
    अयोध्या (Ayodhya) के राम मंदिर (Ram Mandir) चढ़ावा चोरी के मामले में आरोपियों पर शिकंजा कस गया है। पुलिस की तरफ से बुधवार को अदालत में दाखिल किए गए आरोप पत्र के अनुसार दान चोरी (Theft Donation) से करोड़ों की संपत्तियां बनाई गईं। जमीन और गाड़ियां खरीदी गईं। आरोपियों के वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों से जुड़े कई अहम तथ्य सामने आने की बात कही जा रही है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक 25 जून 2026 को थाना राम जन्मभूमि (Ram Janmabhoomi) में मुकदमा दर्ज होने के बाद विवेचना के दौरान आरोपियों के बैंक खातों और अन्य वित्तीय गतिविधियों का गहन विश्लेषण किया गया। पुलिस ने अपनी 74 हजार पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट में ब्योरा जुटाकर उसे चार्जशीट का हिस्सा बनाया है।

    पुलिस सूत्रों के अनुसार विवेचना में आरोपियों के खातों में बड़ी मात्रा में हुए नकद लेनदेन के साथ जमीन, मकान, वाहन और अन्य मूल्यवान संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की भी पड़ताल की गई। पुलिस ने इन संपत्तियों और वित्तीय लेनदेन का क्रमवार विश्लेषण करते हुए चार्जशीट में उनका उल्लेख किया है। आरोप लगाया कि अभियुक्तों ने स्वयं और अपने सगे संबंधियों के माध्यम से करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति चढ़ावा चोरी से बनाई हैं।


    आरोप पत्र में दस्तावेजों के साथ गवाहों के बयान

    पुलिस ने अपने आरोप पत्र में इसे साबित करने के लिए पर्याप्त दस्तावेज व गवाहों के बयान दर्ज किए हैं। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के मुताबिक, विवेचना के दौरान ऐसे तथ्य सामने आए हैं जिनसे आरोपियों पर चढ़ावे की रकम के दुरुपयोग से करोड़ों रुपये की संपत्ति अर्जित करने का आरोप बनता है। इसमें जमीन और मकान के अलावा कई वाहन तथा अन्य मूल्यवान वस्तुएं शामिल हैं।


    सरकारी दस्तावेजों से पुष्टि का भी दावा

    पुलिस ने आरोपियों के बैंक खातों में हुए लेनदेन, संपत्ति की खरीद और अन्य आर्थिक गतिविधियों के बीच संबंधों की भी पड़ताल की है। जांच में सामने आए दस्तावेजों और वित्तीय विवरणों को साक्ष्य के रूप में चार्जशीट में शामिल किया गया है। पुलिस ने अयोध्या समेत एक दर्जन जिलों के सरकारी दस्तावेजों व मशीनरी से इसकी बकायदा पुष्टि कराते हुए आरोप लगाए हैं।


    चार्जशीट में संपत्तियों का क्रमवार विवरण

    विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपियों की ओर से अर्जित बताई जा रही चल और अचल संपत्तियों का अलग-अलग ब्योरा तैयार किया। इसमें संपत्ति की प्रकृति, खरीद से जुड़े दस्तावेज और उपलब्ध वित्तीय लेनदेन का विवरण शामिल किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस का दावा है कि इन तथ्यों के आधार पर चढ़ावा चोरी से अर्जित रकम और उससे बनाई गई संपत्तियों के बीच कड़ियों की जांच की गई है। अदालत में चार्जशीट पर होने वाली सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से पेश किए गए वित्तीय दस्तावेज और संपत्तियों से जुड़े साक्ष्य महत्वपूर्ण होंगे।


    ये आठ हैं आरोपी

    राममंदिर दान चोरी के मामले में 25 जून 2026 को थाना रामजन्मभूमि में एफआईआर दर्ज करने के बाद अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पाण्डेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव व रामशंकर यादव टिन्नू को गिरफ्तार कर आरोपी बनाया गया था। इन पर बीएनएस की धारा 305, 306, 3016 (5), 317(4), 317 (5) 61, 3 (5) के साथ भ्रष्टचार निवारण अधिनियम 13 (1) ए लगाए गए थे। यह सभी धाराएं चोरी और चोरी के माल से अवैध कार्यों को करने से संबंधित हैं।

    चार्जशीट में आरोपियों से हटाई गयी धाराएं
    चार्जशीट में बीएनएस की धारा 305 व 306 सभी आठों आरोपियों से हटा दी गई है। सुभाष के ऊपर लगी धारा 317 (2) को भी हटा दिया गया है। आरोपियों पर लगी धाराएं परिवर्तित होने के बाद अब फिर से आरोपियों के पास जमानत पत्र दूसरे तरीके से दाखिल करने का अवसर होगा। वहीं जानकारों के मुताबिक इसका लाभ आरोपी पक्ष को मिल सकता है।

  • 2027 वर्ल्ड कप के लिए अभी से तैयारी में जुटी टीम इंडिया गंभीर ने बताया रोहित-विराट और हार्दिक-बुमराह का महत्व

    2027 वर्ल्ड कप के लिए अभी से तैयारी में जुटी टीम इंडिया गंभीर ने बताया रोहित-विराट और हार्दिक-बुमराह का महत्व


    नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम इस समय वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज की तैयारियों में जुटी है लेकिन टीम की नजरें सिर्फ मौजूदा मुकाबलों पर नहीं हैं। भारतीय टीम के हेड कोच गौतम गंभीर ने साल 2027 में होने वाले वनडे वर्ल्ड कप को लेकर अपनी रणनीति पर खुलकर बात की है। गंभीर के बयान के बाद सबसे ज्यादा चर्चा रोहित शर्मा और विराट कोहली की भूमिका को लेकर हो रही है। दोनों दिग्गजों ने टेस्ट और टी20 क्रिकेट से संन्यास ले लिया है लेकिन वनडे फॉर्मेट में अभी भी टीम का हिस्सा हैं।

    गौतम गंभीर ने कप्तान शुभमन गिल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि वनडे क्रिकेट में गिल बेहद भाग्यशाली हैं क्योंकि उन्हें रोहित शर्मा और विराट कोहली जैसे अनुभवी खिलाड़ियों का साथ मिल रहा है। गंभीर के मुताबिक रोहित और विराट सिर्फ मैदान पर ही नहीं बल्कि मैदान के बाहर भी गिल की मदद कर सकते हैं। ऐसे में युवा कप्तान को इन दोनों दिग्गजों के अनुभव से काफी कुछ सीखने का मौका मिल रहा है।

    गंभीर ने गिल के नेतृत्व की भी सराहना की। उन्होंने कहा कि कम उम्र में कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद गिल ने मैदान पर शांत स्वभाव दिखाया है। वह टीम के हित में फैसले लेने से पीछे नहीं हटते और उनका रवैया निस्वार्थ रहा है। कोच के बयान से साफ है कि भारतीय टीम मैनेजमेंट गिल की कप्तानी को भविष्य की बड़ी योजनाओं के लिहाज से देख रहा है।

    हालांकि 2027 वर्ल्ड कप को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही है कि उस समय रोहित शर्मा और विराट कोहली टीम में होंगे या नहीं। गंभीर ने इस सवाल पर सीधे तौर पर कोई अंतिम फैसला नहीं बताया लेकिन वनडे टीम में दोनों की मौजूदगी और गिल को मिल रहे उनके अनुभव को अहम बताया है। इसका मतलब यह है कि फिलहाल टीम मैनेजमेंट वनडे फॉर्मेट में उपलब्ध खिलाड़ियों के साथ आगे की तैयारी पर ध्यान दे रहा है।

    गंभीर ने 2027 वर्ल्ड कप की योजना में हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह को भी बेहद अहम बताया। उन्होंने हार्दिक को ऐसा ऑलराउंडर बताया जिसकी उपयोगिता किसी भी टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण हो सकती है। हार्दिक जरूरत पड़ने पर गेंद से पूरे दस ओवर का योगदान दे सकते हैं और नंबर छह या सात पर बल्लेबाजी करते हुए तेजी से रन बनाने की क्षमता रखते हैं।

    जसप्रीत बुमराह को लेकर भी टीम मैनेजमेंट की योजना महत्वपूर्ण दिखाई देती है। गंभीर ने संकेत दिया कि बड़े टूर्नामेंट से पहले खिलाड़ियों को पर्याप्त मैच खेलने की जरूरत है। वर्कलोड मैनेजमेंट जरूरी है लेकिन लगातार क्रिकेट से दूरी भी खिलाड़ियों की लय को प्रभावित कर सकती है। इसलिए वर्ल्ड कप से पहले सही मात्रा में गेम टाइम देना भारतीय टीम की योजना का अहम हिस्सा होगा।

    2027 वनडे वर्ल्ड कप अभी दूर है लेकिन भारतीय टीम ने इसकी तैयारी को लेकर अपनी दिशा तय करनी शुरू कर दी है। रोहित और विराट का अनुभव गिल की कप्तानी के लिए कितना महत्वपूर्ण रहेगा और आने वाले समय में दोनों दिग्गज वर्ल्ड कप तक टीम का हिस्सा बने रहेंगे या नहीं यह आने वाले मुकाबलों और चयन संबंधी फैसलों के साथ स्पष्ट होगा। फिलहाल गंभीर का बयान भारतीय क्रिकेट के भविष्य और 2027 वर्ल्ड कप की तैयारियों को लेकर चर्चा जरूर तेज कर चुका है।

  • महिलाओं के लिए खास है आने वाला समय करवा चौथ अहोई अष्टमी जितिया और छठ पूजा की जानिए पूरी जानकारी

    महिलाओं के लिए खास है आने वाला समय करवा चौथ अहोई अष्टमी जितिया और छठ पूजा की जानिए पूरी जानकारी


    नई दिल्ली। त्योहारों का मौसम शुरू होते ही हिंदू पंचांग में व्रत और त्योहारों की लंबी श्रृंखला भी शुरू हो जाती है। खासकर महिलाओं के लिए आने वाले दिन काफी महत्वपूर्ण माने जाते हैं क्योंकि इस दौरान कई प्रमुख व्रत और उपवास पड़ते हैं। करवा चौथ से लेकर अहोई अष्टमी और जितिया के बाद छठ पूजा तक कई ऐसे अवसर आने वाले हैं जिनका धार्मिक और महत्व माना जाता है। दशहरा दिवाली धनतेरस और भाई दूज जैसे प्रमुख त्योहार भी इसी दौरान पड़ेंगे।

    सबसे पहले करवा चौथ का व्रत आएगा। विवाहित महिलाएं इस दिन पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के लिए व्रत रखती हैं। परंपरा के अनुसार कई महिलाएं सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला उपवास करती हैं। शाम के समय करवा चौथ की पूजा की जाती है और चंद्रमा के दर्शन के बाद व्रत खोला जाता है। करवा चौथ को लेकर देश के अलग अलग हिस्सों में स्थानीय परंपराओं के अनुसार पूजा की विधि में अंतर भी देखने को मिलता है।

    इसके बाद अहोई अष्टमी का व्रत आता है। यह व्रत खास तौर पर संतान की सुख समृद्धि और लंबी आयु की कामना से जुड़ा माना जाता है। माताएं इस दिन उपवास रखकर अहोई माता की पूजा करती हैं। कई स्थानों पर तारों को देखकर व्रत खोलने की परंपरा है। अहोई अष्टमी के दिन महिलाएं परिवार की सुख शांति और बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करती हैं।

    महिलाओं के प्रमुख व्रतों में जीवित्पुत्रिका यानी जितिया व्रत का भी विशेष महत्व माना जाता है। यह व्रत मुख्य रूप से संतान की लंबी आयु और उनकी सुरक्षा की कामना के लिए रखा जाता है। कई क्षेत्रों में महिलाएं इस दिन कठिन उपवास करती हैं। खासकर बिहार झारखंड पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में जितिया व्रत को लेकर विशेष धार्मिक मान्यताएं और परंपराएं हैं।

    इसके बाद छठ पूजा का पर्व आता है जो केवल महिलाओं तक सीमित नहीं है लेकिन इसमें महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। छठ व्रत में सूर्य देव और छठी मैया की उपासना की जाती है। व्रती महिलाएं और पुरुष दोनों ही कठोर नियमों का पालन करते हैं। इस दौरान डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने की परंपरा है। छठ पूजा खास तौर पर बिहार झारखंड पूर्वी उत्तर प्रदेश और देश के कई अन्य हिस्सों में बड़े स्तर पर मनाई जाती है।

    इन व्रतों के बीच दशहरा धनतेरस दिवाली और भाई दूज जैसे प्रमुख त्योहार भी आएंगे। ऐसे में आने वाले सप्ताह धार्मिक दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। बाजारों में भी त्योहारों की तैयारियां शुरू हो जाती हैं और घरों में पूजा पाठ के साथ खरीदारी का सिलसिला बढ़ जाता है।

    करवा चौथ अहोई अष्टमी जितिया और छठ पूजा जैसे व्रत भारतीय परंपराओं में परिवार संतान और सुख समृद्धि से जुड़ी मान्यताओं को दर्शाते हैं। अलग अलग क्षेत्रों में इनके नियम और पूजा विधियां अलग हो सकती हैं इसलिए व्रत रखने से पहले स्थानीय पंचांग या परंपरा के अनुसार तिथि और पूजा समय की जानकारी देखना उचित रहता है।

  • 24 सितंबर को शेयर बाजार में बड़ा हलचल वाला दिन NSE की लिस्टिंग पर रहेगी निवेशकों की नजर

    24 सितंबर को शेयर बाजार में बड़ा हलचल वाला दिन NSE की लिस्टिंग पर रहेगी निवेशकों की नजर


    नई दिल्ली । 24 सितंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार के लिए कारोबारी लिहाज से महत्वपूर्ण दिन रहने वाला है। इस दिन बाजार में सामान्य कारोबार के साथ नेशनल स्टॉक एक्सचेंज यानी NSE के शेयरों की लिस्टिंग भी होने जा रही है। NSE का आईपीओ निवेशकों के बीच काफी चर्चा में रहा और अब इसकी लिस्टिंग पर बाजार की नजर बनी हुई है। आईपीओ को कुल 5.71 गुना सब्सक्रिप्शन मिला था जबकि योग्य संस्थागत निवेशकों के हिस्से को 12.68 गुना सब्सक्रिप्शन मिला।

    NSE के शेयर 24 सितंबर को BSE पर कारोबार के लिए उपलब्ध होंगे। इसके अलावा NSE के शेयर Metropolitan Stock Exchange of India पर भी कारोबार के लिए उपलब्ध होने की जानकारी सामने आई है। NSE की लिस्टिंग ऐसे समय हो रही है जब भारतीय शेयर बाजार हाल के सत्रों में उतार चढ़ाव के दौर से गुजर रहा है।

    बुधवार 23 सितंबर के कारोबार के दौरान भी बाजार की गतिविधियों पर निवेशकों की नजर रही। इससे एक दिन पहले 22 सितंबर को Sensex करीब 0.44 प्रतिशत गिरकर 74529.08 के स्तर पर बंद हुआ था। इस दौरान Reliance Industries समेत कुछ बड़े शेयरों में कमजोरी देखने को मिली।

    वहीं 21 सितंबर को भारतीय बाजार में हाल की लगातार गिरावट के बाद खरीदारी देखने को मिली थी। उस दिन Nifty 50 करीब 0.29 प्रतिशत बढ़कर 23414.30 पर जबकि Sensex 0.76 प्रतिशत की बढ़त के साथ 74858.99 पर बंद हुआ था। बाजार में इस दौरान कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों को लेकर भी निवेशकों की नजर बनी रही।

    24 सितंबर के कारोबार में NSE की लिस्टिंग सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाले घटनाक्रमों में शामिल हो सकती है। NSE के आईपीओ का इश्यू साइज करीब 22568.94 करोड़ रुपए था और यह पूरी तरह ऑफर फॉर सेल यानी OFS था। इसका मतलब है कि आईपीओ के जरिए कंपनी के मौजूदा शेयरधारकों ने अपने शेयर बिक्री के लिए पेश किए थे।

    लिस्टिंग से पहले ग्रे मार्केट में NSE के शेयरों को लेकर प्रीमियम की चर्चा भी रही है। हालांकि ग्रे मार्केट के संकेत आधिकारिक लिस्टिंग कीमत या शेयर के भविष्य के प्रदर्शन की गारंटी नहीं होते। इसलिए निवेशकों के लिए वास्तविक बाजार भाव और कारोबार शुरू होने के बाद सामने आने वाली स्थिति ज्यादा महत्वपूर्ण होगी।

    इसके अलावा भारतीय बाजार की दिशा तय करने में वैश्विक बाजारों की चाल कच्चे तेल की कीमतें विदेशी निवेशकों की गतिविधियां बॉन्ड यील्ड और प्रमुख कंपनियों के शेयरों में खरीदारी या बिकवाली जैसे कारक भी अहम रहेंगे। हाल के सत्रों में कच्चे तेल की कीमतों में बदलाव और वैश्विक स्तर पर आर्थिक अनिश्चितता बाजार के लिए महत्वपूर्ण संकेत बने हुए हैं।

    ऐसे में 24 सितंबर का कारोबारी सत्र निवेशकों के लिए कई कारणों से महत्वपूर्ण रहेगा। एक तरफ Sensex और Nifty के रुख पर नजर होगी तो दूसरी तरफ NSE के शेयर बाजार में अपनी पहली कीमत पर कारोबार शुरू करेंगे। निवेशकों को किसी भी शेयर में निर्णय लेने से पहले कंपनी की वित्तीय स्थिति बाजार की परिस्थितियों और अपने जोखिम स्तर को ध्यान में रखना चाहिए। बाजार में तेजी या गिरावट की कोई भी संभावना निश्चित नहीं मानी जा सकती।

  • अमिताभ बच्चन की संपत्ति ने लगाई लंबी छलांग शाहरुख के बाद बने मनोरंजन जगत के दूसरे सबसे अमीर सितारे

    अमिताभ बच्चन की संपत्ति ने लगाई लंबी छलांग शाहरुख के बाद बने मनोरंजन जगत के दूसरे सबसे अमीर सितारे


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन 83 साल की उम्र में भी लगातार काम कर रहे हैं और अब उनकी संपत्ति को लेकर सामने आई जानकारी ने सबका ध्यान खींचा है। साल 2026 की हुरुन इंडिया रिच लिस्ट के मुताबिक अमिताभ बच्चन की कुल संपत्ति करीब 4000 करोड़ रुपए आंकी गई है। खास बात यह है कि पिछले साल उनकी संपत्ति करीब 1630 करोड़ रुपए बताई गई थी। इस हिसाब से एक साल में उनकी नेटवर्थ में करीब 145 प्रतिशत का इजाफा दर्ज किया गया है।

    इस बढ़ोतरी के साथ अमिताभ बच्चन मनोरंजन जगत के सबसे अमीर सितारों की सूची में शाहरुख खान के बाद दूसरे स्थान पर बताए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक शाहरुख खान की कुल संपत्ति करीब 10000 करोड़ रुपए है। वहीं अमिताभ बच्चन करीब 4000 करोड़ रुपए की संपत्ति के साथ उनके बाद हैं। इसके बाद सलमान खान की संपत्ति करीब 3000 करोड़ रुपए और ऋतिक रोशन की संपत्ति करीब 2500 करोड़ रुपए बताई गई है।

    अमिताभ बच्चन की कमाई का दायरा सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कई दशकों तक बॉलीवुड में काम करने के साथ टेलीविजन और विज्ञापन की दुनिया में भी अपनी मजबूत पहचान बनाई है। उनकी कमाई के प्रमुख स्रोतों में फिल्में टीवी शो विज्ञापन निवेश और रियल एस्टेट शामिल हैं। अलग अलग माध्यमों से होने वाली आय और संपत्तियों की बढ़ती कीमतों को उनकी कुल संपत्ति में वृद्धि की वजहों में गिना जा रहा है।

    अमिताभ बच्चन ने समय के साथ कई कंपनियों और नए कारोबार से जुड़े उपक्रमों में निवेश भी किया है। टेक स्टार्टअप और कंज्यूमर ब्रांड्स में उनके निवेश की चर्चा होती रही है। रिपोर्ट के मुताबिक इन निवेशों से उन्हें अच्छा रिटर्न मिलने की बात कही गई है। हालांकि किसी व्यक्ति की कुल संपत्ति का अनुमान लगाने वाली ऐसी रिपोर्ट में संपत्तियों और निवेश के मूल्यांकन के तरीके अलग हो सकते हैं।

    रियल एस्टेट भी अमिताभ बच्चन की संपत्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। मुंबई समेत कई जगहों पर उनके पास प्रॉपर्टी होने की जानकारी सामने आती रही है। इनमें निजी आवास के साथ कमर्शियल प्रॉपर्टी भी शामिल हैं। समय के साथ रियल एस्टेट की कीमतों में हुई बढ़ोतरी का असर भी उनकी अनुमानित नेटवर्थ पर पड़ सकता है।

    टेलीविजन का लोकप्रिय शो कौन बनेगा करोड़पति भी अमिताभ बच्चन की कमाई का बड़ा माध्यम रहा है। वह लंबे समय से इस शो की मेजबानी कर रहे हैं और इसके लिए उन्हें फीस मिलती है। इसके अलावा कई बड़े ब्रांड्स के विज्ञापनों में भी वह नजर आते हैं। फिल्मों के साथ टीवी और विज्ञापन ने उनकी कमाई के स्रोतों को लगातार मजबूत बनाए रखा है।

    83 साल की उम्र में भी अमिताभ बच्चन काम के मोर्चे पर सक्रिय हैं। उनकी आने वाली फिल्मों में कल्कि 2898 एडी पार्ट 2 का नाम शामिल है जिसमें वह अश्वत्थामा के किरदार में नजर आने की चर्चा है। इसके अलावा सेक्शन 84 द इंटर्न और आंखें 2 जैसे प्रोजेक्ट्स को लेकर भी उनका नाम चर्चा में रहा है।

    इस तरह अमिताभ बच्चन की अनुमानित नेटवर्थ में एक साल के भीतर आया बड़ा उछाल उनके लंबे फिल्मी करियर के साथ निवेश रियल एस्टेट टीवी और विज्ञापन से जुड़े आय के अलग अलग माध्यमों की ओर भी ध्यान खींचता है।