Author: bharati

  • सलमान खान की 'तेरे नाम' से जुड़ा बड़ा खुलासा, फिल्म के सबसे इमोशनल सीन की शूटिंग लोकेशन जान रह जाएंगे दंग।

    सलमान खान की 'तेरे नाम' से जुड़ा बड़ा खुलासा, फिल्म के सबसे इमोशनल सीन की शूटिंग लोकेशन जान रह जाएंगे दंग।


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के इतिहास में जब भी सबसे यादगार और दर्दभरी रोमांटिक फिल्मों की बात होती है तो साल 2003 में आई ‘तेरे नाम’ का जिक्र जरूर होता है। सतीश कौशिक के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने न केवल सलमान खान के करियर को एक नई ऊंचाई दी बल्कि ‘राधे’ के किरदार को हमेशा के लिए अमर कर दिया। फिल्म का संगीत, सलमान और भूमिका चावला की केमिस्ट्री और फिल्म का वो दुखद अंत आज भी दर्शकों की आंखों में आंसू ला देता है। लेकिन इस फिल्म से जुड़ा एक ऐसा राज है जिसे सुनकर सिनेमा प्रेमी हैरान रह जाएंगे। फिल्म के दूसरे भाग में जिस ‘श्रीपुरधाम आश्रम’ यानी मानसिक अस्पताल ने दर्शकों का दिल दहला दिया था वह असल में कोई अस्पताल था ही नहीं।

    फिल्म के निर्माताओं ने राधे के मानसिक और भावनात्मक बिखराव को पर्दे पर उतारने के लिए हैदराबाद के मशहूर गोलकोंडा किले का चुनाव किया था। यह चुनाव फिल्म की कहानी को वह गहराई देने के लिए किया गया था जिसे कोई बनावटी सेट नहीं दे सकता था। गोलकोंडा किले के पुराने और वीरान हिस्सों, उसकी ऊंची पत्थर की दीवारों और भारी भरकम लोहे के दरवाजों ने फिल्म को वह यथार्थवादी माहौल दिया जो एक पुराने और सख्त मानसिक संस्थान के लिए जरूरी था। किले के भीतर की अंधेरी गलियों ने राधे के किरदार की तड़प और उसके अकेलेपन को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। यही कारण है कि जब दर्शक पर्दे पर सलमान खान को जंजीरों में बंधा देखते हैं तो वह दृश्य सीधे दिल पर चोट करता है।

    गोलकोंडा किला सदियों से अपनी भव्यता के लिए जाना जाता रहा है लेकिन ‘तेरे नाम’ की टीम ने इसकी ऐतिहासिकता का उपयोग एक अलग ही संवेदना को दर्शाने के लिए किया। फिल्म की शूटिंग के दौरान किले के शांत और खाली कोनों को इस तरह सजाया गया कि वह एक ऐसा स्थान प्रतीत हो जहाँ समय ठहर गया हो। राधे के किरदार में सलमान खान की बेहतरीन अदाकारी को इन लोकेशन्स ने एक अलग ही स्तर पर पहुँचा दिया। फिल्म के समीक्षक भी मानते हैं कि लोकेशन और एक्टिंग के इसी तालमेल ने ‘तेरे नाम’ को एक क्लासिक का दर्जा दिलाया है।

    आज भी जब दर्शक इस फिल्म को दोबारा देखते हैं तो श्रीपुरधाम आश्रम के दृश्यों में गोलकोंडा किले की पुरानी वास्तुकला की झलक साफ देखी जा सकती है। यह फिल्म निर्माण की उस खूबसूरती को दर्शाता है जहाँ एक ऐतिहासिक धरोहर ने एक काल्पनिक कहानी को इतना वास्तविक बना दिया कि लोग उसे सच मान बैठे। यह जानकारी न केवल फिल्म निर्माण की तकनीक को समझने वालों के लिए दिलचस्प है बल्कि उन करोड़ों फैंस के लिए भी खास है जो आज भी ‘राधे’ के दर्द को अपना मानते हैं। गोलकोंडा किले की उन दीवारों ने राधे के जज्बातों को जिस तरह समेटा वह भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक अमिट अध्याय बन गया है।

  • Valentine Date Ideas: कम बजट में शानदार वैलेंटाइन डेट! दिल्ली की ये 7 जगहें प्यार बढ़ाने के लिए हैं परफेक्ट

    Valentine Date Ideas: कम बजट में शानदार वैलेंटाइन डेट! दिल्ली की ये 7 जगहें प्यार बढ़ाने के लिए हैं परफेक्ट


    नई दिल्ली । वैलेंटाइन डे आते ही हर किसी के मन में यही सवाल होता है कि अपने पार्टनर के साथ ऐसा क्या किया जाए जो दिन को खास बना दे, लेकिन जेब पर ज्यादा भारी भी न पड़े. महंगे होटल और फैंसी रेस्टोरेंट हर बार जरूरी नहीं होते, कई बार सादगी में ही सबसे ज्यादा प्यार छिपा होता है. अगर आप भी इस वैलेंटाइन अपने पार्टनर के साथ क्वालिटी टाइम बिताना चाहते हैं, वो भी कम खर्च में, तो दिल्ली-एनसीआर आपके लिए परफेक्ट जगह है.
    यहां सिर्फ मॉडर्न कैफे ही नहीं, बल्कि शांत पार्क, खूबसूरत झीलें, ऐतिहासिक जगहें और ओपन स्पेस भी हैं, जहां आप खुलकर बातें कर सकते हैं, टहल सकते हैं और साथ में अच्छे पल जी सकते हैं. खास बात यह है कि इन जगहों पर जाने के लिए आपको बड़ी प्लानिंग या ज्यादा बजट की जरूरत नहीं होती. बस थोड़ा सा टाइम और सही जगह का चुनाव काफी है. अगर आप इस वैलेंटाइन डे को यादगार बनाना चाहते हैं, तो नीचे दी गई इन 7 जगहों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें.
    ओखला वाटरफ्रंट नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर स्थित ओखला वाटरफ्रंट सनसेट के लिए जाना जाता है. यहां का शांत माहौल कपल्स को काफी पसंद आता है. अगर आप और आपके पार्टनर को लंबी बातें करना और साथ टहलना अच्छा लगता है, तो यह जगह एकदम सही है. सूर्यास्त के समय यहां की हवा और नजारा किसी फिल्मी सीन से कम नहीं लगता.

    इंद्रप्रस्थ पार्क इंद्रप्रस्थ पार्क का जापानी स्टाइल गार्डन अभी भी कई लोगों के लिए अनजान है. यहां रंग-बिरंगे फूल, पत्थर और अलग ही तरह की वाइब देखने को मिलती है. नेचर लवर्स और फोटो के शौकीन कपल्स के लिए यह जगह परफेक्ट है. यहां की शांति आपके वैलेंटाइन डे को और भी खास बना सकती है.

    कनॉट प्लेस कनॉट प्लेस दिल्ली की सबसे पॉपुलर और हप्पेनिंग जगहों में से एक है. यहां आप कैफे डेट कर सकते हैं, स्ट्रीट फूड का मजा ले सकते हैं और चाहें तो शॉपिंग भी कर सकते हैं. हर बजट के ऑप्शन मिलने की वजह से यह कपल्स के लिए हमेशा से फेवरेट स्पॉट रहा है.
    संजय झील अगर आप भीड़ से दूर शांति चाहते हैं, तो संजय झील एक बेहतरीन ऑप्शन है. झील के किनारे वॉक करना, बोटिंग करना और नेचर के बीच समय बिताना कपल्स को काफी सुकून देता है. यहां का माहौल रिलैक्स करने के लिए बिल्कुल सही है.
    साइबर हब, गुरुग्राम मॉडर्न और स्टाइलिश डेट के लिए साइबर हब शानदार जगह है. यहां कई कैफे, रेस्टोरेंट और म्यूजिक स्पॉट्स हैं. अगर आप वैलेंटाइन डे पर नाइट आउट या पार्टी का प्लान बना रहे हैं, तो यह जगह आपको निराश नहीं करेगी.
    सुंदर नर्सरी लोधी रोड के पास स्थित सुंदर नर्सरी कपल्स के लिए एक शांत और खूबसूरत जगह है. हरियाली, ओपन स्पेस और साफ-सुथरा माहौल इसे खास बनाता है. यहां पिकनिक स्टाइल डेट भी प्लान की जा सकती है, जो कम खर्च में शानदार अनुभव देती है.
    लोधी गार्डन लोधी गार्डन हमेशा से कपल्स की पसंदीदा जगहों में शामिल रहा है. यहां घूमते हुए ऐतिहासिक ढांचे देखना और हरियाली के बीच समय बिताना बेहद अच्छा लगता है. सुबह या शाम, दोनों समय यह जगह वैलेंटाइन डेट के लिए परफेक्ट है.

  • मर्दानी 3’ बॉक्स ऑफिस पर हुई ढीली, चौथे दिन गिरा कलेक्शन

    मर्दानी 3’ बॉक्स ऑफिस पर हुई ढीली, चौथे दिन गिरा कलेक्शन


    नई दिल्ली । रानी मुखर्जी ने मर्दानी फ्रेंचाइज़ के जरिए एक मजबूत ब्रांड तैयार किया था। पहली और दूसरी फिल्म को जहां दर्शकों और समीक्षकों से जमकर सराहना मिली, वहीं बॉक्स ऑफिस पर भी दोनों फिल्मों ने अच्छी कमाई की थी। लेकिन तीसरी किस्त मर्दानी 3 वह असर नहीं छोड़ पाई, जिसकी उम्मीद की जा रही थी। रिलीज़ के साथ ही फिल्म को मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली और अब इसका सीधा असर कमाई पर साफ नजर आने लगा है।

    Day 4 पर सिर्फ 2.15 करोड़, कमाई सिंगल डिजिट में सिमटी

    देश में बालिका तस्करी जैसे संवेदनशील और गंभीर मुद्दे को उठाने वाली मर्दानी 3 ने शुरुआती चार दिनों में कोई बड़ा रिकॉर्ड नहीं बनाया। सैकनिल्क की रिपोर्ट के अनुसार, फिल्म ने रिलीज़ के चौथे दिन यानी पहले सोमवार को महज 2.15 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। इसके साथ ही भारत में फिल्म की कुल कमाई 19.65 करोड़ रुपये तक ही पहुंच सकी है। वहीं, वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन की बात करें तो यह आंकड़ा 29.3 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।

    वीकेंड पर दिखी उम्मीद, लेकिन सोमवार को टूटा दम

    फिल्म ने पहले दिन 4 करोड़ रुपये की ओपनिंग ली थी। शनिवार को कमाई बढ़कर 6.25 करोड़ रुपये और रविवार को 7.25 करोड़ रुपये तक पहुंच गई, जिससे लगा कि फिल्म धीरे-धीरे रफ्तार पकड़ सकती है। हालांकि, सोमवार आते ही फिल्म की कमाई में तेज गिरावट दर्ज की गई और यह साफ हो गया कि फिल्म को मजबूत वर्ड ऑफ माउथ का सहारा नहीं मिल पा रहा है।

    दिनवार कमाई भारत में

    पहला दिन शुक्रवार 4.00 करोड़

    दूसरा दिन शनिवार 6.25 करोड़

    तीसरा दिन रविवार 7.25 करोड़

    चौथा दिन सोमवार 2.15 करोड़

    कुल: 19.65 करोड़ रुपये

    ऑक्यूपेंसी भी रही निराशाजनक

    सोमवार, 2 फरवरी 2026 को फिल्म की कुल हिंदी ऑक्यूपेंसी महज 11.27 प्रतिशत रही। कम दर्शक संख्या यह संकेत देती है कि फिल्म सिनेमाघरों तक दर्शकों को खींचने में नाकाम रही है।

    60 करोड़ के बजट पर भारी पड़ रही कम कमाई

    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक मर्दानी 3 का अनुमानित बजट करीब 60 करोड़ रुपये बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। कहा जा रहा है कि रानी मुखर्जी ने एसीपी शिवानी शिवाजी रॉय के किरदार के लिए लगभग 7 करोड़ रुपये फीस ली है, जबकि फिल्म में मुख्य विलेन अम्मा का रोल निभाने वाली मल्लिका प्रसाद को करीब 50 लाख रुपये मिले।

    स्टारकास्ट और रिलीज़

    अभिराज मिनावाला के निर्देशन में बनी इस फिल्म में जानकी बोदिवाला और मिखाइल यावलकर भी अहम भूमिकाओं में नजर आते हैं। मर्दानी 3 को 30 जनवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज़ किया गया था। अब आने वाले दिनों में फिल्म की कमाई किस दिशा में जाती है, इस पर ट्रेड और दर्शकों की निगाहें टिकी हुई हैं।

  • WPL 2026 DC vs GG: आज कितने बजे से शुरू होगा एलिमिनेटर, जान लीजिए मैच शुरू होने का सही वक्त

    WPL 2026 DC vs GG: आज कितने बजे से शुरू होगा एलिमिनेटर, जान लीजिए मैच शुरू होने का सही वक्त


    नई दिल्ली । WPL 2026 में आज एलिमिनेटर खेला जाएगा। जो भी टीम इस मुकाबले को जीतेगी, सीधे फाइनल में एंट्री कर जाएगी। आरसीबी की टीम पहले ही फाइनल में है। आज का मैच कहां खेला जाएगा और कितने बजे शुरू होगा, इसका वक्त नोट कर लीजिए।
    दिल्ली कैपिटल्स बनाम गुजरात जायंट्स डब्ल्यूपीएल 2026 एलिमिनेटर
    WPL 2026 अब अपने समापन की ओर है। अब पांच में से केवल तीन ही टीमें ऐसी बची हैं, जो इस बार खिताब को अपने नाम कर सकती हैं। आज एक और बड़ा मुकाबला होना है, जो टीम आज जीतेगी, वो सीधे फाइनल में एंट्री कर जाएगी, वहीं हारने वाली टीम ट्रॉफी की दौड़ से बाहर हो जाएगी। आज गुजरात टाइटंस और दिल्ली कैपिटल्स के बीच मैच है। चलिए आपको बताते हैं कि ये मैच कितने बजे शुरू होगा और कहां खेला जाएगा। मैच का सही वक्त नोट कर लीजिए, क्योंकि इस मैच के रोचक होने की पूरी उम्मीद है।

    गुजरात जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच होगी एलिमिनेटर में भिड़ंत

    महिला प्रीमियर लीग 2026 में अब केवल दो ही मैच शेष है। आज एलिमिनेटर खेला जाएगा। इसके बाद 5 फरवरी को खिताबी भिड़ंत होगी। स्मृति मंधाना की कप्तानी वाली आरसीबी की टीम पहले ही अंक तालिका में नंबर वन होने के नाते फाइनल में अपनी सीट सुरक्षित कर चुकी है। आज एलिमिनेटर में गुजरात जायंट्स और दिल्ली कैपिटल्स की टीमें आमने सामने होने जा रही हैं। दिल्ली कैपिटल्स अब ऐसी पहली टीम बन चुकी है, जो डब्ल्यूपीएल के हर सीजन में टॉप 3 में पहुंचने में कामयाब रही है। ये बात और है कि फाइनल खेलने के बाद भी टीम ने अभी तक एक भी बार खिताब अपने हाथ में नहीं उठाया है।

    आज शाम साढ़े सात बजे से शुरू होगा डीसी बनाम जीजी मुकाबला

    आज के मैच की बात करें तो बड़ोदरा में खेला जाएगा। दिल्ली कैपिटल्स की कप्तानी जेमिमा रोड्रिग्स कर ही हैं, वहीं गुजरात जायंट्स की कमान एश्ले गार्डनर के हाथ में होगी। दोनों टीमों ने अब तक खेले गए टूर्नामेंट में कमाल का खेल दिखाया है। मैच की बात की जाए तो आज शाम साढ़े सात बजे से मैच शुरू होगा। इससे आधे घंटे पहले यानी सात बजे टॉस होगा। पहली बार ठीक सात बजे डाल दी जाएगी। मैच करीब 11 बजे तक खत्म भी हो जाएगा। उम्मीद है कि पूरे 40 ओवर का खेल हो, ताकि पूरा रोमांच बना रहे। आरसीबी से खिताबी भिड़ंत किससे होगी, ये आज रात तक तय हो जाएगा।

    दिल्ली कैपिटल्स महिला टीम: लिजेल ली (विकेटकीपर), शेफाली वर्मा, लौरा वोल्वार्ड्ट, जेमिमाह रोड्रिग्स (कप्तान), मारिजैन कप्प, चिनेले हेनरी, निकी प्रसाद, स्नेह राणा, मिन्नू मणि, श्री चरणानी, नंदनी शर्मा, एडडला स्रुजना, प्रगति सिंह, लुसी हैमिल्टन, तानिया भाटिया, अलाना किंग।  गुजरात जायंट्स महिला टीम: बेथ मूनी (विकेटकीपर), सोफी डिवाइन, अनुष्का शर्मा, एशले गार्डनर (कप्तान), जॉर्जिया वेयरहैम, भारती फुलमाली, कनिका आहूजा, काशवी गौतम, तनुजा कंवर, रेणुका सिंह ठाकुर, राजेश्वरी गायकवाड़, आयुषी सोनी, तितास साधु, जिंतिमनी कलिता, शिवानी सिंह, हैप्पी कुमारी, किम गर्थ, डैनी व्याट-हॉज।

  • ममता बनर्जी को दिल्ली में किसका डर? पश्चिम बंगाल से आई फोर्स, कई जगह हुई तैनाती

    ममता बनर्जी को दिल्ली में किसका डर? पश्चिम बंगाल से आई फोर्स, कई जगह हुई तैनाती


    नई दिल्ली । सोमवार को चुनाव आयोग में बैठक से निकलकर सीएम ममता बनर्जी ने कहा कि उन्होंने हमारे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया. मैंने कहा कि हमें अफसोस है, हम न्याय के लिए यहां आए थे. हमें न्याय नहीं मिला, और आप झूठ बोल रहे हैं. वह बहुत बड़ा झूठा है. उन्होंने आरोप लगाया, हमने कहा कि हम जमीनी स्तर पर इसका मुकाबला करेंगे.
    दिल्ली पुलिस के कड़े सुरक्षा घेरे के बावजूद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता से स्पेशल फोर्स दिल्ली बुला ली है. डीएसपी रैंक के अधिकारी और आरएएफ की 22 सदस्यीय टुकड़ी के साथ बंगाल पुलिस का एक विशेष दस्ता विमान से दिल्ली आ गया है. इसके बाद सवाल खड़े हो गए हैं कि आखिर ममता बनर्जी को किस बात का डर सता रहा है कि उनको बंग भवन की सुरक्षा को अचानक ‘बुलेटप्रूफ’ करने की जरूरत पड़ गई?
    फिलहा बंग भवन, राज्य अतिथि गृह और अभिषेक बनर्जी के आवास पर दिल्ली पुलिस के अलावा बंगाल से आए सुरक्षाकर्मी भी तैनात किए गए हैं. कल ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि बंग भवन और पश्चिम बंगाल राज्य अतिथि गृह में दिल्ली पुलिस SIR के पीड़ितों को परेशान कर रही है.
    सूत्रों के अनुसार, आज शाम 4 बजे, 181 साउथ एवेन्यू में ममता बनर्जी की तरफ से आयोजित हाई टी पार्टी में सभी टीएमसी सांसदों को आमंत्रित किया गया है. इससे पहले दोपहर 3 बजे ममता बनर्जी एसआईआर पीड़ितों के साथ बंग भवन में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगी.

    ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच तल्खी
    दरअसल ममता बनर्जी और चुनाव आयोग के बीच तल्खी राजधानी दिल्ली तक पहुंच गई है. सोमवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एसआईआर मुद्दे पर मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के साथ बैठक बीच में ही छोड़कर बाहर निकल गईं. ममता बनर्जी ने आयोग के अधिकारियों पर अहंकारी होने और उनके प्रतिनिधिमंडल को अपमानित करने का आरोप लगाया.

    वहीं अब बंगाल से देर रात स्पेशल फोर्स दिल्ली पहुंच जाएगी. ऐसा माना जा रहा है कि आज (मंगलवार) का दिन भी गहमा गहमी वाला होगा. सूत्रों के मुताबिक ममता बनर्जी की सुरक्षा और दिल्ली स्थित बंगाल सरकार की संपत्तियों की हिफाजत के लिए कोलकाता से अतिरिक्त सुरक्षा बल दिल्ली भेजा जा रहा है.

    क्यों पड़ी अतिरिक्त सुरक्षा की जरूरत?

    बता दें कि सोमवार को विरोध के प्रतीक के रूप में काले शॉल ओढ़े हुए टीएमसी सुप्रीमो ने पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी और सांसद कल्याण बनर्जी के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के एसआईआर प्रभावित परिवारों के 12 सदस्यों के साथ मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार और अन्य निर्वाचन आयुक्तों से मुलाकात की. हालांकि बैठक के बीच में ही ममता बनर्जी निकलकर चली गईं.

    वहीं ममता बनर्जी द्वारा चुनाव आयोग की बैठक का बहिष्कार करने और आयोग को बीजेपी का दलाल कहने के बाद राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया है. सूत्रों के मुताबिक दिल्ली में संभावित विरोध प्रदर्शनों या किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए ममता बनर्जी अपनी सुरक्षा को लेकर कोई जोखिम नहीं उठाना चाहतीं. यही कारण है कि दिल्ली पुलिस के भरोसे रहने के बजाय उन्होंने बंगाल से अपनी भरोसेमंद फोर्स को तैनात करने का निर्णय लिया है.

    ममता-चुनाव आयोग के बीच संग्राम

    चुनाव आयोग के मुख्यालय से बाहर आने के बाद मीडिया से बात करते हुए, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने आयोग के खिलाफ एक बार फिर तीखा हमला बोलते हुए उस पर बीजेपी के दलाल के रूप में काम करने का आरोप लगाया. ममता बनर्जी ने आरोप लगाया, इतने सारे लोग मारे गए, इसके लिए कौन जिम्मेदार है? आयोग जिम्मेदार है. वे बीजेपी के इशारे पर काम कर रहे हैं.

    सीएम ने कहा, उन्होंने हमारे साथ बहुत बुरा बर्ताव किया. मैंने कहा कि हमें अफसोस है, हम न्याय के लिए यहां आए थे. हमें न्याय नहीं मिला, और आप झूठ बोल रहे हैं. वह बहुत बड़ा झूठा है. उन्होंने आरोप लगाया, हमने कहा कि हम जमीनी स्तर पर इसका मुकाबला करेंगे. आपके पास बीजेपी की ताकत है, हमारे पास जनता की ताकत है. हमने बैठक का बहिष्कार किया और बाहर आ गए. मैंने इस तरह का आयोग पहले कभी नहीं देखा, वे बहुत अहंकारी हैं. वे ऐसे बात करते हैं जैसे वे जमींदार हों और हम नौकर हों.

  • इतिहास रचने को तैयार इटली: दिग्गज कप्तान वेन मैडसेन और स्मट्स की जोड़ी भारत-श्रीलंका में दिखाएगी जलवा।

    इतिहास रचने को तैयार इटली: दिग्गज कप्तान वेन मैडसेन और स्मट्स की जोड़ी भारत-श्रीलंका में दिखाएगी जलवा।


    नई दिल्ली। वर्ल्ड क्रिकेट में बड़े उलटफेर और रोमांचक कहानियों का दौर शुरू हो चुका है। भारत और श्रीलंका की सह-मेज़बानी में 7 फरवरी 2026 से आयोजित होने जा रहे ICC मेन्स T20 वर्ल्ड कप में इस बार एक नया रंग देखने को मिलेगा। पहली बार इस बड़े मंच पर क्वालीफाई कर इतिहास रचने वाली इटली की टीम ने अपने इरादे साफ कर दिए हैं। इस ऐतिहासिक अभियान को धार देने के लिए इटली ने दक्षिण अफ्रीका के पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जेजे स्मट्स को अपनी 15 सदस्यीय टीम में शामिल किया है। 37 वर्षीय यह ऑलराउंडर अब अपनी आक्रामक बल्लेबाजी और चतुर स्पिन गेंदबाजी से यूरोपियन टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार है।

    इटली की इस सफलता के पीछे एक लंबी मेहनत और रणनीतिक बदलाव की कहानी छिपी है। टीम ने यूरोप क्वालीफायर 2025 में स्कॉटलैंड और ग्वेर्नसे जैसी टीमों को धूल चटाकर दुनिया को हैरान कर दिया था। अब मुख्य टूर्नामेंट के लिए टीम की कमान 42 वर्षीय अनुभवी बल्लेबाज वेन मैडसेन के हाथों में है जिनके पास प्रथम श्रेणी और टी20 क्रिकेट का विशाल अनुभव है। लेकिन खेल प्रेमियों की निगाहें सबसे ज्यादा जेजे स्मट्स पर टिकी हैं। स्मट्स ने साल 2017 से 2021 के बीच दक्षिण अफ्रीका के लिए 6 वनडे और 13 टी20 मैच खेले हैं। दक्षिण अफ्रीका की SA20 लीग में डरबन सुपर जायंट्स और सनराइजर्स ईस्टर्न केप जैसी टीमों के लिए खेल चुके स्मट्स का अनुभव इटली जैसी उभरती टीम के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं है।

    जेजे स्मट्स का इटली की तरफ से खेलना अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के बदलते नियमों और वैश्विक विस्तार की एक खूबसूरत मिसाल है। स्मट्स ने स्वयं यह साझा किया कि उन्होंने पिछले तीन वर्षों से दक्षिण अफ्रीका के लिए कोई मैच नहीं खेला था जिससे वह ICC के नियमों के अनुसार किसी अन्य देश के लिए खेलने हेतु पात्र हो गए। साथ ही उनकी पत्नी के जरिए उन्हें इटली की नागरिकता और पात्रता हासिल करने में मदद मिली। यह पहली बार नहीं है जब इटली ने अंतरराष्ट्रीय अनुभव वाले खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ा हो। इससे पहले इंग्लैंड के तेज गेंदबाज जेड डर्नबैक और ऑस्ट्रेलिया के पूर्व ओपनर जो बर्न्स भी इटली की जर्सी पहन चुके हैं।

    वर्ल्ड कप के ग्रुप-C में मौजूद इटली की राह आसान नहीं होने वाली है। उन्हें इंग्लैंड और वेस्टइंडीज जैसी पूर्व चैंपियन टीमों के अलावा स्कॉटलैंड और नेपाल जैसी जुझारू टीमों से भिड़ना है। इटली अपने विश्व कप सफर का आगाज 9 फरवरी को कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर स्कॉटलैंड के खिलाफ करेगा। क्रिकेट पंडितों का मानना है कि स्मट्स की मौजूदगी से मध्यक्रम को जो मजबूती मिलेगी वह बड़े मैचों में गेम चेंजर साबित हो सकती है। अब 8 मार्च को होने वाले फाइनल तक की इस दौड़ में यह देखना वाकई दिलचस्प होगा कि क्या जेजे स्मट्स और वेन मैडसेन की यह अनुभवी जोड़ी इटली को क्रिकेट जगत का नया ‘जायंट किलर’ बना पाती है या नहीं।

  • अंकिता भंडारी मर्डर केस: VIP एंगल की CBI जांच शुरू, अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज हुआ केस

    अंकिता भंडारी मर्डर केस: VIP एंगल की CBI जांच शुरू, अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ दर्ज हुआ केस


    नई दिल्ली । उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड को लेकर एक बार फिर बड़ा घटनाक्रम सामने आया है. मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की संस्तुति पर सीबीआई ने जांच शुरू कर दी है. सीबीआई की स्पेशल क्राइम ब्रांच की शाखा दो ने अज्ञात वीआईपी के खिलाफ दिल्ली में मुकदमा दर्ज कर लिया है और सोमवार को जांच टीम उत्तराखंड पहुंच गई है. इसे राज्य सरकार की उस प्रतिबद्धता के रूप में देखा जा रहा है, जिसमें वह न्याय के हर पहलू को सामने लाने के पक्ष में है.

    दरअसल, यह मामला एक बार फिर उस समय चर्चा में आया जब भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक सुरेश राठौर और उनकी कथित पत्नी उर्मिला सनावर के बीच वायरल ऑडियो और सोशल मीडिया पर जारी वीडियो सामने आए. उर्मिला सनावर ने फेसबुक लाइव के जरिए अंकिता हत्याकांड में एक वीआईपी की भूमिका का जिक्र किया था. इसके बाद प्रदेश में राजनीतिक माहौल गरमा गया और विपक्षी दलों व विभिन्न संगठनों की ओर से सीबीआई जांच की मांग तेज हो गई.

    सरकार खुलासे को लेकर गंभीर

    सरकार ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लेते हुए किसी भी तरह की शंका या संदेह को दूर करने के लिए तुरंत कदम उठाया. नौ जनवरी को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मामले की सीबीआई जांच की संस्तुति कर दी थी. सरकार का स्पष्ट कहना है कि वह किसी को बचाने के बजाय सच्चाई सामने लाने में विश्वास रखती है और यदि मामले में कोई भी दोषी है, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के दायरे में लाया जाएगा.

    तीन आरोपियों को हो चुकी जेल

    गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में पहले ही न्यायिक प्रक्रिया के तहत बड़ी कार्रवाई हो चुकी है. वनंत्रा रिजॉर्ट की रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की 18 सितंबर 2022 को हत्या कर दी गई थी और उसका शव चीला शक्ति नहर में फेंक दिया गया था. एक सप्ताह बाद शव बरामद हुआ और एसआईटी की विस्तृत जांच के बाद करीब 500 पेज की चार्जशीट दाखिल की गई. इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 97 गवाह बनाए गए, जिनमें से 47 गवाहों की अदालत में गवाही कराई गई.

    मुख्य आरोपी पुलकित आर्य, जो वनंत्रा रिजॉर्ट का मालिक था, समेत तीनों आरोपियों को अदालत ने उम्रकैद की सजा सुनाई. पुलकित आर्य पर हत्या, साक्ष्य छुपाने, छेड़खानी और अनैतिक देह व्यापार अधिनियम के तहत गंभीर धाराओं में दोष सिद्ध हुआ. उसके साथ ही सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता को भी उम्रकैद की सजा दी गई. यह फैसला अपने आप में इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार और जांच एजेंसियों ने इस मामले में किसी भी स्तर पर ढिलाई नहीं बरती.

    वीआईपी को लेकर उठे थे सवाल

    हालांकि, घटना की रात रिजॉर्ट में पहुंचे कथित वीआईपी को लेकर सवाल लंबे समय से उठते रहे हैं. अंकिता ने घटना से पहले अपने मित्र पुष्पदीप को फोन कर बताया था कि पुलकित आर्य उस पर एक बड़े वीआईपी को अतिरिक्त सेवा देने का दबाव बना रहा है. यही वह बिंदु है, जिस पर अब सीबीआई की जांच केंद्रित होगी.सरकार का कहना है कि पहले चरण में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय से सजा दिलाई गई और अब जो नए तथ्य या आरोप सामने आए हैं, उन्हें भी नजरअंदाज नहीं किया जा रहा. सीबीआई जांच की संस्तुति इसी सोच को दर्शाती है कि सरकार मामले की तह तक जाना चाहती है.

    राज्य सरकार सीबीआई को देगी पूरा सहयोग

    राज्य सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि सीबीआई को हर तरह का सहयोग दिया जाएगा. जांच एजेंसी स्वतंत्र रूप से काम करेगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी. सरकार का मानना है कि सीबीआई जांच से न केवल वीआईपी को लेकर फैले संदेह दूर होंगे, बल्कि पीड़ित परिवार और प्रदेश की जनता का न्याय व्यवस्था पर भरोसा भी और मजबूत होगा. कुल मिलाकर, अंकिता भंडारी हत्याकांड में सीबीआई जांच का शुरू होना राज्य सरकार की पारदर्शिता और जवाबदेही की नीति को दर्शाता है, जहां न्याय सर्वोपरि है और किसी भी स्तर पर सच्चाई को दबने नहीं दिया जाएगा.

  • रोहित शेट्टी के शूटिंग सेट पर सुरक्षा कड़ी, डायरेक्टर के नजदीक जाने की अनुमति केवल चुनिंदा लोगों को

    रोहित शेट्टी के शूटिंग सेट पर सुरक्षा कड़ी, डायरेक्टर के नजदीक जाने की अनुमति केवल चुनिंदा लोगों को


    नई दिल्ली। रोहित शेट्टी इन दिनों अपनी फिल्म गोलमाल 5 की शूटिंग में व्यस्त हैं। इसी बीच उनके घर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने चार राउंड फायरिंग की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हमले की जिम्मेदारी लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने ली थी। इस घटना के बाद रोहित शेट्टी की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अब उनके फिल्म सेट पर भी कड़े सुरक्षा इंतजाम लागू कर दिए गए हैं। मामले की जांच के लिए एक स्पेशल टीम गठित की गई है जो पूरी तरह से मामले की तह तक पहुंचने में जुटी है।

    सूत्रों के अनुसार गोलमाल 5 की शूटिंग 15 फरवरी के बाद शुरू होने वाली थी। हालांकि अब शूटिंग उसी तय दिन से शुरू होगी या नहीं, इसका फैसला केवल रोहित शेट्टी ही करेंगे। लेकिन एक अन्य सूत्र का कहना है कि शूटिंग तय समय पर ही शुरू होगी और इसके लिए पहले से सुरक्षा के इंतजाम किए जाएंगे। शूटिंग शुरू होने पर सेट पर 60 से अधिक सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया जाएगा जिसमें पुलिस कर्मी और रोहित के पर्सनल बॉडीगार्ड शामिल होंगे।

    सुरक्षा बढ़ाने के तहत सेट पर आने वाले हर व्यक्ति को रजिस्टर करवाना होगा और अपनी आईडी वेरीफाई करनी होगी। डायरेक्टर रोहित शेट्टी के नजदीक जाने की अनुमति केवल कुछ चुनिंदा लोगों को ही मिलेगी। जूनियर आर्टिस्ट से लेकर क्रू मेंबर तक, सभी को पहले से सुरक्षा प्रक्रिया से गुजरना होगा। हर आने-जाने वाली गाड़ी पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी और वैनिटी वैन को भी एंट्री से पहले जांच से गुजरना जरूरी होगा। कॉल शीट को मैनेज किया जाएगा और शूटिंग लोकेशन की जानकारी केवल लिमिटेड लोगों को ही दी जाएगी।

    फायरिंग की घटना और सुरक्षा बढ़ाने के कारण रोहित शेट्टी की एक अन्य फिल्म भी फिलहाल होल्ड पर रखी गई है। इस फिल्म में जॉन अब्राहम लीड रोल में हैं और इसकी शूटिंग पिछले साल शुरू हुई थी। अब लगभग दो हफ्तों की शूटिंग बाकी है जिसे आगे पूरा किया जाएगा।सुरक्षा उपायों और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया के चलते शूटिंग सेट पर काफी सावधानी बरती जा रही है। इसके बावजूद फिल्म की टीम शूटिंग के लिए पूरी तरह तैयार है और उम्मीद है कि सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच गोलमाल 5 की शूटिंग बिना किसी रुकावट के पूरी हो जाएगी।

  • बॉर्डर 2 बॉक्स ऑफिस पर आई बड़ी गिरावट, 11वें दिन कमाई में जोरदार झटका

    बॉर्डर 2 बॉक्स ऑफिस पर आई बड़ी गिरावट, 11वें दिन कमाई में जोरदार झटका


    नई दिल्ली । सनी देओल स्टारर और 1997 की सुपरहिट फिल्म बॉर्डर की सीक्वल बॉर्डर 2 ने रिलीज़ के बाद बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन किया है। देशभक्ति और युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी इस फिल्म को दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिला जिसका नतीजा है कि फिल्म ने महज 11 दिनों में करीब 280 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। हालांकि दूसरे सोमवार को फिल्म की कमाई में भारी गिरावट दर्ज की गई है जिसने ट्रेड एक्सपर्ट्स को चौंका दिया है।

    11वें दिन 4 करोड़ से भी कम कमाई

    सैकनिल्क की शुरुआती रिपोर्ट के अनुसार बॉर्डर 2 ने रिलीज़ के 11वें दिन यानी सोमवार को भारत में सिर्फ 3.88 करोड़ रुपये नेट की कमाई की। यह आंकड़ा पिछले दिनों की तुलना में काफी कम है। इसके बावजूद फिल्म का कुल घरेलू कलेक्शन अब 279.13 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है जो इसे साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल करता है।

    पहले हफ्ते में की थी रिकॉर्डतोड़ कमाई

    फिल्म ने पहले ही हफ्ते में बॉक्स ऑफिस पर धूम मचा दी थी। बॉर्डर 2 ने अपने पहले सात दिनों में ही 224.25 करोड़ रुपये कमा लिए थे। इसके बाद दूसरे हफ्ते की शुरुआत भी मजबूत रही। 8वें दिन: 10.75 करोड़ ,9वें दिन: 17.75 करोड़, 10वें दिन: 22.50 करोड़ ,हालांकि वीकेंड के बाद सोमवार को दर्शकों की संख्या में गिरावट साफ दिखाई दी।

    देशभक्ति और स्टारकास्ट बनी फिल्म की ताकत

    अनुराग सिंह के निर्देशन में बनी इस वॉर ड्रामा फिल्म में सनी देओल के साथ वरुण धवन दिलजीत दोसांझ और अहान शेट्टी अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं। इसके अलावा मोना सिंह सोनम बाजवा अन्या सिंह प्रणव वशिष्ठ और मेधा राणा ने भी फिल्म में प्रभावशाली अभिनय किया है। फिल्म 23 जनवरी को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई थी और शुरुआत से ही इसे जबरदस्त ओपनिंग मिली।

    1971 युद्ध की पृष्ठभूमि में रची गई कहानी

    बॉर्डर 2 भी पहली फिल्म की तरह 1971 के भारत-पाक युद्ध और लोंगेवाला की ऐतिहासिक लड़ाई की पृष्ठभूमि पर आधारित है। दमदार डायलॉग्स देशभक्ति से भरे दृश्य और सनी देओल की मजबूत स्क्रीन प्रेजेंस ने दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचा।

    सफलता का जश्न मनाते दिखे सनी देओल

    फिल्म की जबरदस्त सफलता के बाद सनी देओल ने अपनी टीम के साथ जश्न भी मनाया। उन्होंने इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक वीडियो साझा किया जिसमें वे केक काटते और टीम के साथ गाना गाते नजर आए। इससे पहले सनी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर फैंस का धन्यवाद करते हुए लिखा था कि बॉर्डर 2 को मिल रहा प्यार उनके लिए बेहद खास है।

    आगे कैसी रहेगी कमाई ट्रेड की नजर

    हालांकि 11वें दिन आई गिरावट ने थोड़ा झटका जरूर दिया है लेकिन कुल कमाई को देखते हुए बॉर्डर 2 का हिट होना तय माना जा रहा है। अब देखना होगा कि वीकेंड पर फिल्म फिर से रफ्तार पकड़ पाती है या नहीं।

  • Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना नाराज हो सकते हैं भोलेनाथ!

    Mahashivratri 2026: महाशिवरात्रि पर भूलकर भी न करें ये गलतियां, वरना नाराज हो सकते हैं भोलेनाथ!


    नई दिल्ली । महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित सबसे पावन पर्वों में से एक है. इस दिन भक्त व्रत रखकर रात्रि जागरण कर और शिवलिंग पर जल-अभिषेक कर भोलेनाथ की विशेष कृपा पाने की कामना करते हैं. पंचांग के अनुसार साल 2026 में 15 फरवरी को महाशिवरात्रि का व्रत रखा जाएगा. मान्यता है कि इस दिन सच्चे मन से की गई पूजा से सभी कष्ट दूर हो जाते हैं लेकिन अगर पूजा-व्रत में कुछ गलतियां हो जाएं तो इसका फल उल्टा भी हो सकता है. आइए जानते हैं महाशिवरात्रि के दिन कौन-सी गलतियां भूलकर भी नहीं करनी चाहिए.

    महाशिवरात्रि के दिन न करें ये काम!

    केतकी के फूल: पौराणिक कथा के अनुसार भगवान शिव ने केतकी के फूल को अपनी पूजा से वर्जित कर दिया था. इसलिए भूलकर भी इसे शिवलिंग पर न अर्पित करें. सिंदूर या कुमकुम: शिवजी वैरागी हैं और सिंदूर सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है जिसे महादेव पर नहीं चढ़ाया जाता. उनकी पूजा में भस्म का उपयोग सही माना जाता है. तुलसी दल: भगवान शिव की पूजा में तुलसी का प्रयोग वर्जित है. इसकी जगह आप बेलपत्र का इस्तेमाल करें. हल्दी: हल्दी का संबंध स्त्री सौंदर्य से है जबकि शिवलिंग पुरुष तत्व का प्रतीक है. इसलिए शिवजी को हल्दी नहीं चढ़ानी चाहिए.

    बेलपत्र चढ़ाते समय रखें ध्यान

    हमेशा तीन पत्तियों वाला बेलपत्र ही चढ़ाएं. पत्तियां कहीं से कटी-फटी या सूखी नहीं होनी चाहिए. वहीं बेलपत्र का चिकना हिस्सा शिवलिंग की तरफ होना चाहिए.

    शंख से जल अर्पित करना
    भगवान विष्णु की पूजा में शंख अनिवार्य है लेकिन शिवजी की पूजा में शंख का प्रयोग वर्जित है. शास्त्रों के अनुसार महादेव ने शंखचूड़ नामक असुर का वध किया था इसलिए शिवलिंग का अभिषेक शंख से नहीं करना चाहिए. इसके लिए तांबे या पीतल के लोटे का उपयोग करें.

    खान-पान और व्यवहार की सावधानियां

    तामसिक भोजन: महाशिवरात्रि के दिन प्याज लहसुन मांस या मदिरा का सेवन बिल्कुल न करें. काले कपड़े: पूजा के दौरान काले रंग के वस्त्र पहनने से बचना चाहिए. इस दिन हरा सफेद या पीला रंग शुभ माना जाता है. अनुशासन: इस दिन किसी का अपमान न करें न ही घर में क्लेश करें. शिव भक्ति में मन को शांत रखें.

    शिवलिंग की आधी परिक्रमा न करें?

    अक्सर लोग जोश में आकर शिवलिंग की पूरी परिक्रमा कर लेते हैं लेकिन नियम के अनुसार शिवलिंग की पूरी परिक्रमा नहीं की जाती. जहां से अभिषेक का जल बाहर निकलता है (जिसे जलाधारी या निर्मली कहते हैं) उसे लांघना अशुभ माना जाता है. हमेशा वहीं से वापस मुड़ जाना चाहिए.