Author: bharati

  • इंदौर में दर्दनाक सड़क हादसा पैदल युवक और बाइक सवार की गई जान तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह

    इंदौर में दर्दनाक सड़क हादसा पैदल युवक और बाइक सवार की गई जान तेज रफ्तार बनी हादसे की वजह


    इंदौर । मध्य प्रदेश के इंदौर में तेज रफ्तार एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। राऊ थाना क्षेत्र में बुधवार शाम हुए सड़क हादसे में सड़क पार कर रहे एक युवक और बाइक चालक दोनों की मौत हो गई। हादसे के बाद दोनों को गंभीर हालत में निजी अस्पताल पहुंचाया गया था लेकिन इलाज के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

    पुलिस के अनुसार हादसा सेज यूनिवर्सिटी के सामने हुआ। अलीराजपुर जिले के कदावली गांव निवासी 22 वर्षीय नरपत सिंह चौहान काम खत्म करने के बाद अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान वह सड़क पार कर रहे थे तभी राऊ की ओर से तेज गति से आ रही एक बाइक ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि नरपत सिंह और बाइक चालक दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।

    हादसे के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने मानवता दिखाते हुए दोनों घायलों को नजदीकी निजी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने दोनों का इलाज शुरू किया लेकिन गंभीर चोटों के कारण रात के दौरान दोनों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की।

    मृतक नरपत सिंह चौहान इलेक्ट्रीशियन का काम करते थे। उनके परिवार में माता पिता और तीन भाई हैं जो अलीराजपुर जिले के कदावली गांव में रहते हैं। परिजनों के अनुसार उनकी शादी इसी वर्ष हुई थी और वे परिवार की जिम्मेदारियां निभाने के लिए इंदौर में काम कर रहे थे। उनकी असमय मौत से परिवार गहरे सदमे में है।

    दूसरे मृतक की पहचान 22 वर्षीय आयान पुत्र इमरान खान के रूप में हुई है जो सोनवाय क्षेत्र का रहने वाला था। वह एक कपड़ों की दुकान पर काम करता था जबकि उसके पिता छोटा व्यवसाय करते हैं। पुलिस के अनुसार हादसे के समय आयान अपनी नानी से मिलने मुंडला क्षेत्र जा रहा था। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बाइक की रफ्तार काफी अधिक थी और चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका जिससे यह दर्दनाक हादसा हो गया।

    राऊ थाना पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर हादसे की परिस्थितियों की जांच कर रही है। अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे निर्धारित गति सीमा का पालन करें और सड़क पर विशेष सावधानी बरतें क्योंकि तेज रफ्तार की छोटी सी लापरवाही भी किसी परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन सकती है।

  • इंदौर में हरियाली का महाअभियान इस बार लगेंगे 21 लाख पौधे मंत्री विजयवर्गीय बोले पेड़ बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी

    इंदौर में हरियाली का महाअभियान इस बार लगेंगे 21 लाख पौधे मंत्री विजयवर्गीय बोले पेड़ बचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी


    इंदौर । इंदौर में इस वर्ष बड़े स्तर पर हरियाली बढ़ाने की तैयारी शुरू हो गई है। शहर में 21 लाख पौधे लगाने के लक्ष्य के साथ व्यापक वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में नगर निगम विभिन्न सरकारी विभाग सामाजिक संगठनों औद्योगिक संस्थानों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि केवल पौधे लगाना ही नहीं बल्कि उन्हें जीवित रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी ताकि आने वाले वर्षों में इंदौर को देश का सबसे हराभरा शहर बनाया जा सके।

    बुधवार को एआईसीटीएसएल कार्यालय में आयोजित बैठक में अभियान की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में जनप्रतिनिधियों नगर निगम अधिकारियों और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में मंत्री विजयवर्गीय ने कहा कि इस बार ऐसा मॉडल तैयार किया जा रहा है जिसमें लगाए गए प्रत्येक पौधे की देखभाल सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने बताया कि नगर निगम के साथ सभी सरकारी विभागों और स्वयंसेवी संस्थाओं का सहयोग लिया जाएगा ताकि अभियान जन आंदोलन का रूप ले सके।

    उन्होंने जानकारी दी कि देवगुराड़िया क्षेत्र के पास स्थित एक टेकरी को हराभरा बनाने की विशेष योजना तैयार की गई है। यहां एक से दो लाख पौधे लगाए जाएंगे। कोशिश होगी कि पांच फीट या उससे अधिक ऊंचाई वाले पौधे लगाए जाएं ताकि उनके जीवित रहने की संभावना अधिक रहे और कम समय में हरियाली विकसित हो सके।

    मंत्री ने कहा कि जल संरक्षण और वृक्षारोपण एक दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं। उन्होंने चिंता जताई कि पहले जहां एक सौ से डेढ़ सौ फीट की गहराई पर पानी मिल जाता था वहीं अब कई स्थानों पर सात सौ फीट तक बोरिंग करने के बाद भी पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है। उनके अनुसार इसका प्रमुख कारण वर्षा जल का संरक्षण नहीं होना और प्राकृतिक संसाधनों के प्रति लापरवाही है। उन्होंने कहा कि अब कृत्रिम जल पुनर्भरण की दिशा में गंभीर प्रयास करना समय की आवश्यकता है।

    उन्होंने शहरवासियों से अपील की कि जिनके मकानों की छत लगभग पंद्रह सौ वर्गफीट है वे वर्षा जल को सीधे जमीन में पहुंचाने की व्यवस्था करें। उनके अनुसार पांच से सात हजार रुपये के खर्च से यह व्यवस्था आसानी से की जा सकती है जिससे भूजल स्तर बढ़ाने में मदद मिलेगी। उन्होंने बताया कि ऐसी व्यवस्था करने वाले लोगों को नगर निगम की ओर से संपत्ति कर में रियायत देने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। उनका कहना था कि यदि आने वाली पीढ़ियों के लिए इंदौर को सुरक्षित और रहने योग्य बनाना है तो जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना होगा।

    विजयवर्गीय ने बताया कि इस अभियान में औद्योगिक संस्थानों और स्वयंसेवी संगठनों से उनके सामाजिक दायित्व के तहत सहयोग मांगा गया है। उनसे बड़े आकार के पौधे उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया है ताकि पौधारोपण के बेहतर परिणाम मिल सकें। उन्होंने यह भी कहा कि इस बार वन विभाग ने अभियान में पूरा सहयोग देने का भरोसा दिया है जबकि पिछले अभियान के दौरान अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया था।

    मुख्यमंत्री को लिखे गए कथित पत्र के संबंध में पूछे गए सवाल पर मंत्री ने संक्षिप्त जवाब देते हुए कहा कि वह मामला अब पूरी तरह समाप्त हो चुका है और उस अध्याय को बंद समझा जाए। फिलहाल उनका पूरा ध्यान इंदौर को अधिक हराभरा बनाने और जल संरक्षण के व्यापक अभियान पर केंद्रित है।

  • यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बाद रूस का बड़ा पलटवार, कीव समेत कई ठिकानों पर मिसाइलों की बरसात; युद्ध में बढ़ा नया तनाव

    यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बाद रूस का बड़ा पलटवार, कीव समेत कई ठिकानों पर मिसाइलों की बरसात; युद्ध में बढ़ा नया तनाव

    नई दिल्ली । रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध एक बार फिर बेहद गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। हाल के दिनों में यूक्रेन द्वारा रूस के ऊर्जा और सैन्य प्रतिष्ठानों पर किए गए ड्रोन हमलों के बाद रूस ने राजधानी कीव सहित कई क्षेत्रों में व्यापक हवाई और मिसाइल हमले किए हैं। इन हमलों के बाद राजधानी में बड़े पैमाने पर नुकसान और जनहानि की खबरें सामने आई हैं, जबकि कई इलाकों में राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है।

    लगातार हो रहे हमलों के बीच यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने अपना विदेश दौरा बीच में समाप्त कर तत्काल देश लौटने का निर्णय लिया। उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के साथ हालात की समीक्षा की तथा नागरिकों से एयर अलर्ट का पालन करने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की। सरकार ने प्रभावित क्षेत्रों में आपातकालीन सेवाओं को भी सक्रिय कर दिया है ताकि राहत कार्यों में तेजी लाई जा सके।

    रूसी सेना ने इस अभियान में लंबी दूरी की मिसाइलों और रणनीतिक हवाई क्षमता का इस्तेमाल किया। राजधानी के अलावा कई अन्य स्थानों पर भी हमलों की सूचना मिली है। कई इमारतों, सार्वजनिक ढांचों और बुनियादी सुविधाओं को नुकसान पहुंचा है। कुछ स्थानों पर आग लगने और मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते बचाव दल लगातार अभियान चला रहे हैं।

    रूस का कहना है कि हमलों का उद्देश्य यूक्रेन के सैन्य और ऊर्जा ढांचे को निशाना बनाना था। उसके अनुसार हाल के सप्ताहों में यूक्रेन ने रूसी क्षेत्र में स्थित ऊर्जा प्रतिष्ठानों, तेल भंडारण केंद्रों और सैन्य परिसरों पर ड्रोन हमले किए थे, जिनके जवाब में यह कार्रवाई की गई है। दूसरी ओर यूक्रेन का आरोप है कि हमलों का दायरा केवल सैन्य ठिकानों तक सीमित नहीं रहा और कई नागरिक क्षेत्रों को भी भारी नुकसान पहुंचा है।

    युद्ध के मौजूदा चरण में दोनों पक्ष लगातार नई सैन्य रणनीतियां अपना रहे हैं। यूक्रेन की ओर से ड्रोन हमलों की क्षमता में वृद्धि देखी गई है, जबकि रूस लंबी दूरी की मिसाइलों और हवाई हमलों के जरिए जवाबी कार्रवाई तेज कर रहा है। इससे संघर्ष का दायरा और अधिक व्यापक होता दिखाई दे रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच बढ़ती सैन्य गतिविधियां आने वाले समय में युद्ध को और जटिल बना सकती हैं।

    यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा है कि उनका देश संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों के पक्ष में है, लेकिन लगातार हो रहे हमले शांति प्रक्रिया को कठिन बना रहे हैं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यूक्रेन की सुरक्षा और पुनर्निर्माण में सहयोग जारी रखने की अपील की। वहीं रूस ने अपने सुरक्षा हितों और सैन्य लक्ष्यों को प्राथमिकता बताते हुए अभियान जारी रखने के संकेत दिए हैं।

    चार वर्ष से अधिक समय से जारी इस युद्ध ने यूरोप की सुरक्षा व्यवस्था, वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति पर गहरा प्रभाव डाला है। मौजूदा घटनाक्रम से यह स्पष्ट है कि दोनों देशों के बीच तनाव अभी कम होने के संकेत नहीं हैं। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्धविराम और कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं पर फिर से चर्चा तेज हो सकती है, हालांकि फिलहाल दोनों पक्ष अपने-अपने रणनीतिक रुख पर कायम दिखाई दे रहे हैं।

  • मूसलाधार बारिश के बाद इंदौर में दर्दनाक हादसा नाले में बहे युवक का शव बरामद अहीरखेड़ी का युवक अब भी लापता

    मूसलाधार बारिश के बाद इंदौर में दर्दनाक हादसा नाले में बहे युवक का शव बरामद अहीरखेड़ी का युवक अब भी लापता


    इंदौर । इंदौर में लगातार हो रही तेज बारिश के बीच हुए हादसों ने शहर को झकझोर दिया है। बुधवार शाम हुई मूसलाधार बारिश के दौरान अलग अलग स्थानों पर तेज बहाव में दो युवक बह गए थे। इनमें लसूड़िया क्षेत्र से लापता हुए युवक का शव गुरुवार सुबह बरामद कर लिया गया जबकि अहीरखेड़ी क्षेत्र से बहा युवक अब भी लापता है। पुलिस और एसडीईआरएफ की टीम लगातार राहत और बचाव अभियान चला रही है।

    पुलिस के अनुसार लसूड़िया मोरी निवासी 34 वर्षीय गोलू पंवार बुधवार रात करीब नौ बजे अपने पिता के लिए खाना लेकर जा रहा था। रास्ते में वह नाले के किनारे से गुजर रहा था तभी तेज बारिश के कारण बढ़े पानी के बहाव में उसका संतुलन बिगड़ गया और वह नाले में बह गया। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोगों ने रात में उसकी तलाश शुरू की लेकिन अंधेरा और तेज बहाव के कारण सफलता नहीं मिल सकी।

    गुरुवार सुबह एसडीईआरएफ की टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद गोलू का शव पुल के नीचे कचरे में फंसा मिला। टीम ने शव को बाहर निकालकर पुलिस को सौंप दिया जिसके बाद उसे पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेजा गया। गोलू ईंट निर्माण फैक्ट्री में काम करता था। उसके परिवार में माता पिता और छोटा भाई हैं। उसके पिता एक निजी कंपनी में सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

    दूसरी ओर अहीरखेड़ी क्षेत्र में बुधवार को तेज बहाव में बहा युवक महेश चौहान अब भी लापता है। जानकारी के अनुसार महेश अपने दोस्त मनीष के साथ पुल की रपट पार कर रहा था। इसी दौरान दोनों पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गए। मनीष किसी तरह खुद को बचाने में सफल रहा लेकिन महेश बह गया और तब से उसका कोई पता नहीं चल सका है।

    पुलिस और राहत दल ने बुधवार रात से ही आसपास के इलाकों में खोज अभियान शुरू कर दिया था। गुरुवार सुबह भी एसडीईआरएफ और पुलिस की संयुक्त टीम ने कई स्थानों पर तलाशी अभियान चलाया लेकिन समाचार लिखे जाने तक महेश का कोई सुराग नहीं मिला था। अधिकारियों का कहना है कि पानी का बहाव कम होने के साथ खोज अभियान लगातार जारी रहेगा।

    लगातार हो रही बारिश के कारण शहर के कई नाले और पुलिया उफान पर हैं। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान जलभराव वाले क्षेत्रों नालों और रपटों को पार करने का प्रयास न करें तथा मौसम खराब होने पर सुरक्षित स्थानों पर ही रहें। विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही भी ऐसे मौसम में बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

  • दिल्ली में बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम, ISI से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क का भंडाफोड़, चार आरोपी हथियारों समेत गिरफ्तार

    दिल्ली में बड़े आतंकी हमले की साजिश नाकाम, ISI से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क का भंडाफोड़, चार आरोपी हथियारों समेत गिरफ्तार


    नई दिल्ली।
    राजधानी दिल्ली में संभावित आतंकी साजिश को समय रहते विफल करते हुए पुलिस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी से जुड़े बताए जा रहे एक संदिग्ध नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें तीन पंजाब और एक दिल्ली से पकड़ा गया है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी राजधानी और आसपास के क्षेत्रों में हिंसक वारदात को अंजाम देने की तैयारी में थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से विदेशी हथियार, जिंदा कारतूस और कई मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी फोरेंसिक जांच कराई जा रही है।

    जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए संदिग्ध एक संगठित नेटवर्क का हिस्सा थे, जो सीमा पार बैठे संचालकों के संपर्क में रहकर गतिविधियों को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को राजधानी में संवेदनशील स्थानों की निगरानी करने और हमले की योजना तैयार करने के निर्देश दिए गए थे। इस नेटवर्क की गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रखी जा रही थी और पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद समन्वित कार्रवाई की गई।

    पूछताछ के दौरान सामने आया कि नेटवर्क का एक प्रमुख सदस्य पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए भेजी जाने वाली हथियारों और मादक पदार्थों की खेप प्राप्त करने में सक्रिय भूमिका निभाता था। जांच में यह भी पता चला कि विदेशी नंबरों के माध्यम से सीमा पार मौजूद संचालकों से लगातार संपर्क बनाए रखा जाता था। पुलिस अब इन संचार माध्यमों, डिजिटल रिकॉर्ड और कॉल डिटेल का विश्लेषण कर नेटवर्क की पूरी श्रृंखला तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

    जांच में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार किए गए कुछ आरोपी पहले भी मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़े मामलों में कानून के शिकंजे में आ चुके हैं। पुलिस का मानना है कि संगठित अपराध, हथियारों की तस्करी और आतंकी गतिविधियों के बीच संभावित संबंधों की भी जांच की जाएगी। इसी आधार पर विभिन्न राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय बढ़ाया गया है ताकि नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके।

    दिल्ली से गिरफ्तार आरोपी के मोबाइल फोन की जांच में कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, उसे राजधानी के धार्मिक स्थलों, पुलिस थानों और सुरक्षा प्रतिष्ठानों की रेकी करने की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके अलावा उसे दिल्ली में फायरिंग जैसी वारदात को अंजाम देने के निर्देश मिलने के संकेत भी मिले हैं। पुलिस इन डिजिटल साक्ष्यों की तकनीकी जांच कर यह पता लगाने में जुटी है कि साजिश कितनी व्यापक थी और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।

    पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ आतंक से संबंधित प्रावधानों, हथियार रखने और अन्य आपराधिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। जांच एजेंसियों का कहना है कि बरामद हथियारों की उत्पत्ति, वित्तीय लेनदेन, सीमा पार संपर्क और डिजिटल नेटवर्क की विस्तृत पड़ताल की जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे प्रकरण को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला मानते हुए सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते निष्प्रभावी बनाया जा सके।

  • क्रेडिट कार्ड का कर्ज नहीं चुका पाया डिलीवरी बॉय ने उठाया खौफनाक कदम इंदौर में दो युवकों की मौत से सनसनी

    क्रेडिट कार्ड का कर्ज नहीं चुका पाया डिलीवरी बॉय ने उठाया खौफनाक कदम इंदौर में दो युवकों की मौत से सनसनी


    इंदौर मध्य प्रदेश के इंदौर में आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के दबाव के बीच एक युवा डिलीवरी बॉय की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। चंदन नगर थाना क्षेत्र में रहने वाले 25 वर्षीय युवक ने कथित तौर पर जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वह लंबे समय से आर्थिक परेशानियों और क्रेडिट कार्ड के कर्ज को लेकर तनाव में था। वहीं शहर के आजाद नगर क्षेत्र में भी एक 21 वर्षीय युवक ने फांसी लगाकर जान दे दी। दोनों मामलों की पुलिस जांच जारी है।

    पुलिस के अनुसार चंदन नगर के व्यास नगर निवासी लखन कोटे ने बुधवार को अपने घर में जहरीला पदार्थ खा लिया। तबीयत बिगड़ने पर उसकी पत्नी ने परिवार के अन्य सदस्यों को सूचना दी जिसके बाद परिजन उसे तत्काल एमवाय अस्पताल लेकर पहुंचे। डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया लेकिन गुरुवार तड़के उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

    परिजनों ने पुलिस को बताया कि लखन पार्सल डिलीवरी का काम करने के साथ साथ रेपिडो चलाकर भी परिवार का खर्च उठाता था। पिछले कुछ समय से आमदनी कम हो गई थी जबकि खर्च लगातार बढ़ रहे थे। आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने क्रेडिट कार्ड के माध्यम से कर्ज लिया था। परिजनों के अनुसार वह समय पर भुगतान नहीं कर पा रहा था और इसी कारण मानसिक तनाव में रहने लगा था। हालांकि उसने कितना कर्ज लिया था इसकी आधिकारिक जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

    लखन की शादी करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई थी। परिवार में उसके माता पिता पत्नी और बड़ा भाई हैं। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है इसलिए आत्महत्या के कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। पुलिस आर्थिक लेनदेन और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।

    इधर आजाद नगर थाना क्षेत्र के इदरीश नगर में रहने वाले 21 वर्षीय अनोज एड्रयू ने भी अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। उसका शव कुछ परिचित लोग अस्पताल लेकर पहुंचे थे। पुलिस का कहना है कि शव अस्पताल पहुंचाने वाले लोगों से संपर्क करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि घटना के कारणों का पता लगाया जा सके। फिलहाल इस मामले में भी जांच जारी है और आत्महत्या के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

    लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं आर्थिक दबाव और मानसिक तनाव की गंभीरता की ओर संकेत करती हैं। पुलिस दोनों मामलों में सभी पहलुओं की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • ईंधन कीमतों में कटौती से बढ़ी राहत की उम्मीद, पेट्रोल 5 और डीजल 3 रुपये सस्ता, बचत पर उपभोक्ताओं की नजर

    ईंधन कीमतों में कटौती से बढ़ी राहत की उम्मीद, पेट्रोल 5 और डीजल 3 रुपये सस्ता, बचत पर उपभोक्ताओं की नजर

    नई दिल्ली। बढ़ती महंगाई के बीच ईंधन की कीमतों में आई राहत ने आम उपभोक्ताओं के साथ-साथ परिवहन और डिलीवरी सेवाओं से जुड़े लोगों को भी राहत की उम्मीद दी है। निजी क्षेत्र की प्रमुख ईंधन विपणन कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में क्रमशः 5 रुपये और 3 रुपये प्रति लीटर की कटौती का फैसला लागू किया है। इस निर्णय के बाद कई शहरों में कंपनी के पेट्रोल पंपों पर ईंधन पहले की तुलना में कम कीमत पर उपलब्ध हो रहा है।

    ईंधन की कीमतों में यह कटौती ऐसे समय की गई है जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में लगातार नरमी देखने को मिल रही है। वैश्विक स्तर पर भू-राजनीतिक तनाव कम होने और आपूर्ति संबंधी चिंताओं में कमी आने से कच्चे तेल के दाम नीचे आए हैं। इसका असर घरेलू ईंधन बाजार पर भी दिखाई देने लगा है और निजी कंपनियों ने उपभोक्ताओं तक इसका लाभ पहुंचाना शुरू कर दिया है।

    कीमतों में कमी का सबसे अधिक फायदा उन लोगों को मिलने की उम्मीद है, जिनका दैनिक खर्च ईंधन पर निर्भर करता है। टैक्सी चालक, कैब सेवा से जुड़े ड्राइवर, डिलीवरी पार्टनर, छोटे कारोबारी और रोजाना लंबी दूरी तय करने वाले वाहन मालिकों के लिए यह कटौती मासिक ईंधन खर्च में उल्लेखनीय बचत का कारण बन सकती है। कई उपभोक्ताओं ने इस फैसले का स्वागत करते हुए इसे महंगाई के दौर में राहत देने वाला कदम बताया है।

    ईंधन क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा स्तर पर बनी रहती हैं तो आगे भी खुदरा कीमतों में राहत की संभावना बनी रह सकती है। हालांकि, अंतिम कीमतें वैश्विक बाजार, विनिमय दर, कर संरचना और विपणन कंपनियों की मूल्य निर्धारण नीति जैसे कई कारकों पर निर्भर करती हैं।

    दूसरी ओर, सार्वजनिक क्षेत्र की तेल विपणन कंपनियों ने फिलहाल पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। राष्ट्रीय राजधानी सहित कई प्रमुख शहरों में सरकारी कंपनियों के पंपों पर पहले से लागू दरें ही प्रभावी हैं। ऐसे में निजी और सरकारी कंपनियों की मूल्य नीति के बीच अंतर भी उपभोक्ताओं का ध्यान आकर्षित कर रहा है।

    ईंधन के अलावा हाल ही में वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में भी कमी दर्ज की गई है, जिससे होटल, रेस्तरां और छोटे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को परिचालन लागत घटाने में मदद मिलने की उम्मीद है। हालांकि घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि ऊर्जा क्षेत्र में कीमतों की यह नरमी यदि लंबे समय तक बनी रहती है तो परिवहन लागत पर सकारात्मक असर पड़ सकता है। इससे वस्तुओं की ढुलाई की लागत कम होने के साथ कई क्षेत्रों में महंगाई का दबाव भी कुछ हद तक घट सकता है। फिलहाल उपभोक्ताओं की नजर इस बात पर बनी हुई है कि आने वाले दिनों में अन्य ईंधन कंपनियां भी कीमतों में इसी तरह की राहत देती हैं या नहीं।

  • ग्रामीणों के लिए बड़ी सौगात मध्य प्रदेश में शुरू हुई जी राम जी स्कीम 125 दिन रोजगार की गारंटी और मजदूरी में देरी पर मुआवजा

    ग्रामीणों के लिए बड़ी सौगात मध्य प्रदेश में शुरू हुई जी राम जी स्कीम 125 दिन रोजगार की गारंटी और मजदूरी में देरी पर मुआवजा


    भोपाल । मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण रोजगार और गांवों के समग्र विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से एक जुलाई से जी राम जी योजना लागू कर दी है। इस नई व्यवस्था के तहत पात्र ग्रामीण परिवारों को एक वित्तीय वर्ष में कम से कम 125 दिन के अकुशल रोजगार की गारंटी मिलेगी। यह अवधि मौजूदा मनरेगा के 100 दिनों की तुलना में 25 दिन अधिक है। योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं बल्कि गांवों में स्थायी विकास कार्यों को गति देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाना भी है।

    योजना के तहत सबसे महत्वपूर्ण प्रावधान यह है कि यदि कोई पात्र व्यक्ति रोजगार के लिए आवेदन करता है तो उसे 15 दिनों के भीतर काम उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा। यदि निर्धारित समय सीमा में रोजगार नहीं दिया जाता है तो संबंधित व्यक्ति बेरोजगारी भत्ते का हकदार होगा। पहले 30 दिनों तक मजदूरी दर का 25 प्रतिशत और इसके बाद 50 प्रतिशत तक भत्ता देने की व्यवस्था की गई है। इससे रोजगार की कानूनी गारंटी को और मजबूत बनाया गया है।

    सरकार ने मजदूरी भुगतान को लेकर भी स्पष्ट नियम तय किए हैं। योजना में काम करने वाले श्रमिकों को साप्ताहिक आधार पर भुगतान किया जाएगा और किसी भी स्थिति में काम पूरा होने के 15 दिनों के भीतर मजदूरी देना अनिवार्य होगा। यदि भुगतान में देरी होती है तो 16वें दिन से बकाया मजदूरी पर प्रतिदिन 0.05 प्रतिशत की दर से मुआवजा भी दिया जाएगा। इससे समय पर भुगतान सुनिश्चित करने और श्रमिकों को आर्थिक नुकसान से बचाने का प्रयास किया गया है।

    रोजगार प्राप्त करने के लिए आवेदन की प्रक्रिया भी सरल बनाई गई है। पात्र व्यक्ति मौखिक लिखित या डिजिटल माध्यम से आवेदन कर सकेगा। आवेदन ग्राम पंचायत वार्ड सदस्य कार्यक्रम अधिकारी अथवा अधिकृत ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से किया जा सकेगा। आवेदन करने पर रसीद देना भी अनिवार्य होगा ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे।

    योजना का लाभ केवल उन्हीं ग्रामीण परिवारों को मिलेगा जिनका पंजीकरण होगा और जिनके वयस्क सदस्यों का नाम रोजगार गारंटी कार्ड में दर्ज होगा। परिवार का कोई भी वयस्क सदस्य रोजगार के लिए आवेदन कर सकेगा। सरकार ने वंचित और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता देने का भी प्रावधान किया है ताकि रोजगार का लाभ सबसे पहले उन लोगों तक पहुंचे जिन्हें इसकी सबसे अधिक आवश्यकता है।

    जी राम जी योजना के तहत जल संरक्षण सिंचाई ग्रामीण सड़कें आजीविका बढ़ाने वाले कार्य आधारभूत ग्रामीण अधोसंरचना और जलवायु परिवर्तन से जुड़े विकास कार्य कराए जाएंगे। सरकार का उद्देश्य ऐसी स्थायी परिसंपत्तियां तैयार करना है जिनका लाभ गांवों को लंबे समय तक मिलता रहे। साथ ही विकसित ग्राम पंचायत योजना के माध्यम से पंचायत स्तर की योजनाओं को जिला राज्य और राष्ट्रीय विकास योजनाओं से जोड़ने की भी तैयारी की गई है।

    योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आधुनिक तकनीक का भी उपयोग किया जाएगा। जीपीएस आधारित निगरानी मोबाइल उपस्थिति प्रणाली रियल टाइम डैशबोर्ड और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी तकनीकों के जरिए कार्यों की निगरानी होगी। इससे फर्जीवाड़े पर रोक लगाने पारदर्शिता बढ़ाने और समय पर भुगतान सुनिश्चित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

    इस योजना के वित्तीय मॉडल में केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत खर्च वहन करेगी। सरकार का मानना है कि यह योजना ग्रामीण रोजगार बढ़ाने के साथ गांवों के स्थायी विकास और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • एमपी की राजनीति में बयानों का बवाल सीएम की अतिशयोक्ति भरी तारीफ दिग्विजय को भाजपा का ऑफर और विजयवर्गीय का मासूम जवाब चर्चा में

    एमपी की राजनीति में बयानों का बवाल सीएम की अतिशयोक्ति भरी तारीफ दिग्विजय को भाजपा का ऑफर और विजयवर्गीय का मासूम जवाब चर्चा में


    भोपाल । मध्य प्रदेश की राजनीति में इन दिनों बयानों और राजनीतिक संकेतों का दौर लगातार सुर्खियां बटोर रहा है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंच से हुई लंबी प्रशंसा दिग्विजय सिंह को भाजपा में शामिल होने का खुला न्योता और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की कथित चिट्ठी पर दिया गया जवाब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है। इन घटनाओं ने सत्ता और विपक्ष दोनों के बीच सियासी हलचल को और तेज कर दिया है।

    राजगढ़ जिले के सारंगपुर में आयोजित जल गंगा संवर्धन अभियान के समापन कार्यक्रम के दौरान उस समय दिलचस्प स्थिति बन गई जब मंत्री गौतम टेटवाल ने मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की लगातार प्रशंसा शुरू कर दी। उन्होंने मुख्यमंत्री को जनप्रिय लोकप्रिय बहुमुखी प्रतिभा के धनी इतिहासकार ज्योतिषाचार्य लेखक साहित्यकार खगोल और भूगोल का जानकार पहलवानों का पहलवान और बाबा महाकाल का लाल जैसी कई उपमाओं से संबोधित किया। इतना ही नहीं उन्होंने प्रदेश में जल संरक्षण और सिंचाई के प्रयासों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री को भागीरथ तक बता दिया। मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री मुस्कुराते रहे लेकिन जब तारीफ का सिलसिला लंबा होता गया तो उन्होंने मंत्री को बीच में ही रोकते हुए आगे बढ़ने का संकेत दिया। कार्यक्रम के बाद यह प्रसंग राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का विषय बन गया।

    उधर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लेकर भी एक नया राजनीतिक बयान सामने आया। भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी ने मीडिया से बातचीत में दिग्विजय सिंह को भाजपा में शामिल होने का खुला निमंत्रण दे दिया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह धीरे से भाजपा में आ जाएं और जोर का झटका धीरे से दें। विधायक ने यह भी कहा कि जब महाराज भाजपा में आ चुके हैं तो अब राजा भी आ जाएं जिससे दोनों की जोड़ी बन जाएगी। उन्होंने दिग्विजय सिंह को अनुभवी नेता बताते हुए कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को उनसे सीख लेने की सलाह भी दी। इस बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

    इधर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय भी एक अलग वजह से सुर्खियों में बने हुए हैं। मुख्यमंत्री को लिखी गई कथित चिट्ठी को लेकर जब मीडिया ने उनसे सवाल किया तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें ऐसी किसी चिट्ठी की जानकारी नहीं है। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि उन्हें पता ही नहीं कि ऐसी सूचना कहां से आई। इससे पहले चर्चा थी कि उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पिछले कुछ समय से उपेक्षा और सहयोग नहीं मिलने जैसी बातें उठाई थीं। हालांकि उनके ताजा बयान के बाद इस पूरे मामले पर और अटकलें लगने लगी हैं।

    इसी बीच मंत्रालय के भीतर एक वरिष्ठ महिला अधिकारी को लेकर भी प्रशासनिक हलकों में चर्चाएं जारी हैं। बताया जा रहा है कि उनकी सख्त कार्यशैली के कारण कुछ वरिष्ठ अधिकारी उन्हें हटाने की कोशिश करते रहे लेकिन अब तक सफल नहीं हो पाए। चर्चा यह भी है कि विभाग के शीर्ष अधिकारी का उन पर पूरा भरोसा बना हुआ है जिसके कारण वे अपने पद पर मजबूती से काम कर रही हैं।

    प्रदेश की राजनीति में बयानों और घटनाओं का यह सिलसिला आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है। फिलहाल मुख्यमंत्री की मंच पर हुई प्रशंसा भाजपा का राजनीतिक न्योता और कथित चिट्ठी पर उठे सवाल सियासी गलियारों में सबसे ज्यादा चर्चा का विषय बने हुए हैं।

  • ई रिक्शा चालकों को निशाना बना रहे हाईटेक ठग मोबाइल ऐप से लॉक कर देते हैं बैटरी फिर अनलॉक करने के नाम पर वसूलते हैं पैसे

    ई रिक्शा चालकों को निशाना बना रहे हाईटेक ठग मोबाइल ऐप से लॉक कर देते हैं बैटरी फिर अनलॉक करने के नाम पर वसूलते हैं पैसे


    भोपाल । मध्य प्रदेश के भोपाल और उज्जैन में ई रिक्शा चालकों को निशाना बनाकर साइबर ठगी का एक नया तरीका सामने आया है जिसने हजारों चालकों की चिंता बढ़ा दी है। मोबाइल ऐप के जरिए ई रिक्शा की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम तक पहुंच बनाकर वाहन को बीच रास्ते में बंद कर दिया जाता है। इसके बाद आरोपी खुद को मैकेनिक बताकर मौके पर पहुंचता है और कुछ ही मिनटों में बैटरी दोबारा चालू करने के बदले दो सौ से चार सौ रुपये तक वसूल लेता है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है जबकि पूरे नेटवर्क और तकनीकी खामियों की जांच जारी है।

    उज्जैन में पिछले कुछ दिनों के दौरान लगातार कई ई रिक्शा चलते चलते अचानक बंद हो गए। हर बार एक युवक मौके पर पहुंचता और खुद को मैकेनिक बताकर कुछ ही देर में वाहन चालू कर देता। शुरुआत में चालकों को यह सामान्य तकनीकी खराबी लगी लेकिन जब एक जैसी घटनाएं बार बार होने लगीं तो ई रिक्शा एसोसिएशन को शक हुआ। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी गई और चालकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।

    बुधवार शाम लोटी स्कूल तिराहे पर एक ई रिक्शा अचानक बंद हुआ। कुछ देर बाद एक युवक वाहन ठीक करने के नाम पर तीन सौ रुपये मांगने पहुंचा। पहले से सतर्क चालक ने उसे पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। पूछताछ में उसकी पहचान रीतेश भानूपा के रूप में हुई। जांच में खुलासा हुआ कि वह मोबाइल में उपलब्ध एक बैटरी मैनेजमेंट ऐप के जरिए ब्लूटूथ से आसपास मौजूद ई रिक्शा की बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम तक पहुंच बनाता था। जहां सुरक्षा के लिए पासवर्ड नहीं लगा होता था वहां से वह बैटरी लॉक कर देता और बाद में पैसे लेकर उसे दोबारा चालू कर देता था।

    इस तरह की घटनाएं केवल उज्जैन तक सीमित नहीं रहीं। भोपाल के पुराने शहर में भी कई ई रिक्शा बीच रास्ते में अचानक बंद हो गए। चालकों का आरोप है कि बैटरी लॉक होने के बाद उन्हें कंपनी के सर्विस सेंटर तक जाना पड़ा जहां अनलॉक करने के नाम पर उनसे अतिरिक्त पैसे लिए गए। इससे उनकी रोजी रोटी प्रभावित हुई और यात्रियों को भी भारी परेशानी उठानी पड़ी। कई जगह विवाद की स्थिति भी बन गई।

    ई रिक्शा चालकों का कहना है कि वाहन अचानक बंद होने से दिनभर की कमाई पर असर पड़ता है। स्कूल के बच्चों को लाने ले जाने वाले चालकों और रोजाना सवारी ढोने वालों को सबसे ज्यादा नुकसान हुआ। कई चालकों ने बताया कि एक ही दिन में उनकी गाड़ी कई बार बंद हुई जिससे काम पूरी तरह ठप हो गया।

    पुलिस के अनुसार संबंधित मोबाइल ऐप सामान्य रूप से उपलब्ध है और यदि ई रिक्शा की बैटरी का ब्लूटूथ पासवर्ड से सुरक्षित नहीं है तो कुछ मॉडलों में उसका दुरुपयोग किया जा सकता है। इसी वजह से अब कई कंपनियां ब्लूटूथ के लिए पासवर्ड सुविधा उपलब्ध करा रही हैं। चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी बैटरी का सुरक्षा पासवर्ड तुरंत सक्रिय कराएं और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को वाहन या मोबाइल सिस्टम तक पहुंच न दें।

    पुलिस पूरे मामले की तकनीकी जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कितने चालकों को इस तरीके से निशाना बनाया गया और सुरक्षा में कहां चूक हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीक जितनी सुविधाजनक है उतनी ही सतर्कता की भी मांग करती है। समय रहते सुरक्षा उपाय अपनाकर ही इस तरह की साइबर ठगी से बचा जा सकता है।