Author: bharati

  • सोनिया गांधी को पत्र लिखना पड़ा महंगा ओडिशा के पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम कांग्रेस से निष्कासित

    सोनिया गांधी को पत्र लिखना पड़ा महंगा ओडिशा के पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम कांग्रेस से निष्कासित


    नई दिल्ली । भुवनेश्वर कांग्रेस पार्टी ने ओडिशा के पूर्व विधायक मोहम्मद मुकीम को पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से निष्कासित कर दिया है। यह कदम पार्टी की अनुशासन समिति के निर्देश पर लिया गया क्योंकि मुकीम पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप था। यह फैसला पार्टी के भीतर नेतृत्व और कार्यप्रणाली को लेकर बढ़ती असंतोष की स्थितियों के बीच आया है।

    सोनिया गांधी को पत्र लिखकर जताई थी नाराजगी

    मुकीम जो पहले बाराबती-कटक सीट से विधायक रह चुके हैं ने हाल ही में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा था जिसमें उन्होंने पार्टी की स्थिति और नेतृत्व पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की थी। पत्र में उन्होंने कांग्रेस की कमजोर स्थिति का उल्लेख करते हुए सोनिया गांधी से पार्टी के भविष्य के लिए मार्गदर्शन की अपील की थी। मुकीम ने लिखा था कि कांग्रेस वर्तमान में कठिन दौर से गुजर रही है और संगठन जमीनी स्तर पर कमजोर होता जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा था कि सोनिया गांधी का मार्गदर्शन पार्टी के लिए बेहद जरूरी है ताकि पार्टी को इस संकट से उबारा जा सके।

    खड़गे की उम्र और नेतृत्व पर सवाल

    पत्र का सबसे विवादास्पद हिस्सा मल्लिकार्जुन खड़गे की उम्र पर था। मुकीम ने खड़गे की उम्र 83 वर्ष का जिक्र करते हुए यह सवाल उठाया कि विपक्ष के नेता के रूप में इतनी उम्र में सक्रियता दौड़-भाग और जनसंपर्क करना संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने खड़गे को सलाहकार की भूमिका में रखने की सलाह दी और युवा नेतृत्व को आगे लाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुकीम ने प्रियंका गांधी वाड्रा को केंद्रीय भूमिका में और राहुल गांधी को लोकसभा में विपक्ष के नेता के रूप में प्रभावी बनाए जाने की बात भी की।

    युवा नेताओं को आगे लाने की वकालत

    मुकीम ने अपने पत्र में पार्टी में युवा नेताओं को बढ़ावा देने की वकालत की। उन्होंने सचिन पायलट डीके शिवकुमार ए रेवंत रेड्डी और शशि थरूर जैसे नेताओं को पार्टी की शीर्ष नेतृत्व टीम में शामिल करने की बात की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को ज्योतिरादित्य सिंधिया मिलिंद देवड़ा और हिमंता बिस्वा सरमा जैसे नेताओं के पार्टी छोड़ने के कारणों को समझना चाहिए और इसे पार्टी की उपेक्षा और अनदेखी का परिणाम बताया।

    राहुल गांधी से मुलाकात न होने की शिकायत

    पत्र में मुकीम ने यह भी शिकायत की थी कि वे पिछले तीन वर्षों से राहुल गांधी से मुलाकात की कोशिश कर रहे थे लेकिन उन्हें कभी समय नहीं मिल सका। उन्होंने इसे अपनी व्यक्तिगत पीड़ा नहीं बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं और नेतृत्व के बीच बढ़ती दूरी का प्रतीक बताया।

    कांग्रेस की अनुशासनात्मक कार्रवाई

    कांग्रेस ने मुकीम के इस पत्र को पार्टी अनुशासन के खिलाफ माना और उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया। ओडिशा प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि पार्टी विरोधी गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और अनुशासन बनाए रखना पार्टी की प्राथमिकता है।
    कांग्रेस पार्टी की ओर से इस मामले पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है लेकिन यह कदम संगठन में अनुशासन बनाए रखने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। पार्टी ने यह स्पष्ट कर दिया है कि पार्टी के भीतर अनुशासनहीनता के लिए कोई स्थान नहीं है।

    संघर्षपूर्ण समय में पार्टी का कदम

    यह घटना उस समय हुई है जब कांग्रेस पार्टी अपने संगठन और नेतृत्व को लेकर आंतरिक असंतोष का सामना कर रही है। मुकीम का पत्र इस असंतोष की गहराई को उजागर करता है और उनकी निष्कासन की कार्रवाई से यह भी साफ हो जाता है कि कांग्रेस नेतृत्व को पार्टी में गहरी अंतर्विरोधों की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।

  • MP में मौसम का बदला मिजाज: सीजन का पहला घना कोहरा, मुरैना-रीवा में विजिबिलिटी 50 मीटर; 14 जिलों में अलर्ट

    MP में मौसम का बदला मिजाज: सीजन का पहला घना कोहरा, मुरैना-रीवा में विजिबिलिटी 50 मीटर; 14 जिलों में अलर्ट


    मध्यप्रदेश में ठंड ने अब अपना असली असर दिखाना शुरू कर दिया है। सोमवार की सुबह प्रदेश के कई हिस्सों में इस सीजन का पहला घना कोहरा देखने को मिला। हालात सबसे ज्यादा खराब रीवा में रहे, जहां विजिबिलिटी घटकर महज 50 मीटर रह गई। मुरैना और रायसेन में भी यही स्थिति रही जिससे सुबह के समय सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए और ड्राइवरों को हेडलाइट जलाकर सफर करना पड़ा। राजधानी भोपाल में भी कोहरे का असर साफ दिखा। यहां दृश्यता 500 मीटर से 1 किलोमीटर के बीच दर्ज की गई। कई इलाकों में सुबह 11 बजे तक भी 2 से ढाई किलोमीटर दूर तकसाफ नजर नहीं आ रहा था। मौसम विभाग के अनुसार ठंड के इस सीजन में यह पहली सुबह रही, जब प्रदेश के इतने बड़े हिस्से में एक साथ घना कोहरा छाया।

    मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक, रीवा के अलावा छतरपुर के खजुराहो में विजिबिलिटी 50 से 200 मीटर रही। भोपाल, ग्वालियर, दतिया और सीधी में दृश्यता 500 से 1000 मीटर के बीच दर्ज की गई। वहीं इंदौर, नर्मदापुरम, सागर, रतलाम, दमोह और मंडला में 1 से 2 किलोमीटर तक विजिबिलिटी रही। अशोकनगर, पचमढ़ी, टीकमगढ़, विदिशा, शाजापुर, सीहोर और देवास में भी सुबह कोहरे की चादर छाई रही। कोहरे के साथ-साथ तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। प्रदेश के पांच बड़े शहरों में भोपाल सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। इंदौर में 6.6 डिग्री, ग्वालियर में 9.1 डिग्री, उज्जैन में 9.3 डिग्री और जबलपुर में 9.4 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।

    प्रदेश में सबसे ठंडे स्थान पचमढ़ी और राजगढ़ रहे, जहां पारा 5.4 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया। बैतूल में 5.8 डिग्री, उमरिया में 7 डिग्री, रीवा में 7.5 डिग्री, रायसेन में 7.6 डिग्री, मलाजखंड और नौगांव में 7.8 डिग्री, खजुराहो में 8.1 डिग्री और नरसिंहपुर में 8.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने प्रदेश के 14 जिलों में कोहरे को लेकर अलर्ट जारी किया है। हालांकि राहत की बात यह है कि अगले तीन दिनों तक शीतलहर चलने की संभावना कम है। लेकिन 17 दिसंबर से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) सक्रिय होने जा रहा है जिसका असर मध्यप्रदेश में भी देखने को मिलेगा। इसके चलते ठंड फिर से तेज हो सकती है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस समय जेट स्ट्रीम भी सक्रिय है। यह जमीन से करीब 12.6 किलोमीटर की ऊंचाई पर लगभग 176 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से बह रही है। यही तेज ऊंची हवाएं उत्तर भारत और मध्य भारत में ठंड बढ़ाने का काम कर रही हैं। पहाड़ों से आने वाली बर्फीली हवाओं के साथ जब जेट स्ट्रीम सक्रिय होती है, तो ठंड का असर दोगुना हो जाता है।इस बार नवंबर में ही सर्दी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए थे। भोपाल में लगातार 15 दिन तक शीतलहर चली, जो 1931 के बाद सबसे लंबा दौर माना जा रहा है। 17 नवंबर की रात भोपाल में तापमान 5.2 डिग्री तक पहुंच गया था, जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है।

    मौसम विभाग का कहना है कि दिसंबर और जनवरी ठंड के लिहाज से सबसे अहम महीने होते हैं। आने वाले दिनों में ग्वालियर-चंबल, उज्जैन, भोपाल, सागर, रीवा और जबलपुर संभाग में कड़ाके की ठंड पड़ने की संभावना है। विशेषज्ञों के मुताबिक, दिसंबर और जनवरी में 20 से 22 दिन तक कोल्ड वेव चल सकती है। कुल मिलाकर, मध्यप्रदेश में ठंड का असली दौर अब शुरू हो चुका है। कोहरा, गिरता तापमान और आने वाले पश्चिमी विक्षोभ के संकेत बताते हैं कि अगले कुछ हफ्तों में लोगों को ठिठुरन के लिए तैयार रहना होगा।

  • किस किसको प्यार करूं 2 बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत रणवीर सिंह की धुरंधर से कड़ी टक्कर 7.20 करोड़ रुपये का वीकेंड कलेक्शन

    किस किसको प्यार करूं 2 बॉक्स ऑफिस पर धीमी शुरुआत रणवीर सिंह की धुरंधर से कड़ी टक्कर 7.20 करोड़ रुपये का वीकेंड कलेक्शन


    नई दिल्ली । कपिल शर्मा की नई फिल्म ‘किस किसको प्यार करूं 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर शुरुआत तो की लेकिन वह अपेक्षाकृत धीमी रही। 7.20 करोड़ रुपये के ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन के साथ फिल्म ने रणवीर सिंह की ब्लॉकबस्टर ‘धुरंधर’ से कड़ी टक्कर का सामना किया। हालांकि इस फिल्म के पहले वीकेंड के कलेक्शन ने यह साफ किया कि फिल्म अपनी पिछली किस्त से काफी पीछे है लेकिन फिर भी फिल्म ने कपिल शर्मा की तीसरी सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्म बनने का गौरव हासिल किया है।

    किस किसको प्यार करूं 2′ बॉक्स ऑफिस कलेक्शन दिन 3

    फिल्म ने तीसरे दिन यानि रविवार को लगभग 2.85 करोड़ रुपये का इंडिया नेट कलेक्शन किया। पहले दिन 1.85 करोड़ रुपये की मामूली ओपनिंग के बाद शनिवार को फिल्म ने 2.5 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया था। रविवार को दर्शकों की थोड़ी अधिक भीड़ देखने को मिली जिसके कारण फिल्म ने अपनी कलेक्शन में थोड़ी बढ़ोतरी दिखाई। इस प्रकार ‘किस किसको प्यार करूं 2’ का कुल ओपनिंग वीकेंड कलेक्शन लगभग 7.20 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।

    वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस कलेक्शन

    फिल्म ने वर्ल्डवाइड बॉक्स ऑफिस पर भी धीरे-धीरे कलेक्शन किया। रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन लगभग 8.6 करोड़ रुपये रहा और अंतर्राष्ट्रीय मार्केट से लगभग 50 लाख रुपये की अतिरिक्त कमाई के साथ फिल्म का कुल वर्ल्डवाइड कलेक्शन 9.1 करोड़ रुपये तक पहुंचा।

    फिल्म के मुकाबले ‘धुरंधर’ का दबदबा

    किस किसको प्यार करूं 2 को बॉक्स ऑफिस पर अपनी राह बनाने में कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा जिसका मुख्य कारण ‘धुरंधर’ फिल्म का शानदार प्रदर्शन था। ‘धुरंधर’ आदित्य धर द्वारा निर्देशित एक सुपरहिट फिल्म साबित हुई जिसने पहले हफ्ते में 207.25 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन किया और दूसरे वीकेंड में 144.5 करोड़ रुपये की कमाई की। ‘धुरंधर’ के दबदबे ने न केवल ‘किस किसको प्यार करूं 2’ बल्कि कई अन्य फिल्मों के बिजनेस पर भी असर डाला है।

    कपिल शर्मा की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्में

    ‘किस किसको प्यार करूं 2’ के धीमे प्रदर्शन के बावजूद यह फिल्म कपिल शर्मा की तीसरी सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्म बन गई है। फिल्म ने अपने ओपनिंग वीकेंड पर 7.20 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया जो कि उनके पिछले प्रोजेक्ट ‘फिरंगी’ 10.21 करोड़ रुपये से भी पीछे है। कपिल की सबसे ज़्यादा कमाई करने वाली फिल्म ‘किस किसको प्यार करूं’ रही जिसका लाइफटाइम नेट कलेक्शन 49.98 करोड़ रुपये था।

    फिल्म के कास्ट और प्रदर्शन

    ‘किस किसको प्यार करूं 2’ में कपिल शर्मा के अलावा मनजोत सिंह त्रिधा चौधरी आयशा खान पारुल गुलाटी हीरा वरीना और असरानी जैसे कलाकार मुख्य भूमिकाओं में नजर आए। अनुकल्प गोस्वामी द्वारा निर्देशित यह फिल्म 2015 की सफल फिल्म ‘किस किसको प्यार करूं’ का सीक्वल है लेकिन इसका बॉक्स ऑफिस पर प्रदर्शन अपेक्षाकृत धीमा रहा।

    कलेक्शन की ऑक्यूपेंसी

    रविवार को फिल्म की ऑक्यूपेंसी में अच्छी बढ़ोतरी देखी गई। सुबह के शो की ऑक्यूपेंसी सिर्फ 9.45% थी जो धीरे-धीरे बढ़कर दोपहर में 41.07% और शाम के शो में 59.70% पर पहुंच गई। हालांकि रात के शो में थोड़ी गिरावट आई और यह 50.87% पर रहा। कुल मिलाकर कपिल शर्मा की ‘किस किसको प्यार करूं 2’ ने अपनी धीमी शुरुआत के बावजूद उम्मीद की किरण दिखाई है। हालांकि ‘धुरंधर’ के मुकाबले यह फिल्म कहीं न कहीं दबकर रह गई लेकिन फिर भी यह एक अच्छे वीकेंड कलेक्शन के साथ अपनी यात्रा जारी रखे हुए है। अब देखने वाली बात यह होगी कि फिल्म आगामी दिनों में किस तरह के कलेक्शन करती है।

  • बिना हेलमेट बाइक चलाने पर घिरे सोहेल खान, वायरल वीडियो के बाद मांगी सार्वजनिक माफी; बोले– गलती मानता हूं, आगे नियमों का पालन करूंगा

    बिना हेलमेट बाइक चलाने पर घिरे सोहेल खान, वायरल वीडियो के बाद मांगी सार्वजनिक माफी; बोले– गलती मानता हूं, आगे नियमों का पालन करूंगा


    नई दिल्ली बॉलीवुड अभिनेता और निर्माता सोहेल खान हाल ही में एक वायरल वीडियो को लेकर विवादों में आ गए थे। इस वीडियो में वे बिना हेलमेट बाइक चलाते नजर आए थे। इतना ही नहीं वीडियो बना रहे एक व्यक्ति पर उन्होंने आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल भी किया था। सोशल मीडिया पर यह वीडियो सामने आते ही लोगों की तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं और मामला देखते ही देखते बड़ा विवाद बन गया। बढ़ती आलोचना के बीच अब सोहेल खान ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए अपनी गलती स्वीकार की है।

    सोहेल खान ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर एक लंबा माफीनामा जारी किया। इसमें उन्होंने न केवल अपने व्यवहार पर खेद जताया बल्कि सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों को लेकर भी संदेश दिया। उन्होंने लिखा कि वे सभी बाइक चलाने वालों से अपील करते हैं कि हमेशा हेलमेट पहनें। उन्होंने साफ तौर पर स्वीकार किया कि कभी-कभी वे हेलमेट नहीं पहनते हैं क्योंकि उन्हें घुटन यानी क्लॉस्ट्रोफोबिया की समस्या महसूस होती है लेकिन यह नियम तोड़ने का कोई बहाना नहीं हो सकता। अपने बयान में सोहेल खान ने बाइक राइडिंग के प्रति अपने लगाव का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्हें राइडिंग का शौक रहा है जो बीएमएक्स साइकिल से शुरू हुआ और अब बाइक तक पहुंचा है। उनका कहना है कि वे आमतौर पर देर रात बाइक चलाते हैं जब ट्रैफिक कम होता है ताकि जोखिम कम रहे। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे बाइक को धीमी रफ्तार में चलाते हैं और अक्सर उनके पीछे उनकी कार भी चलती रहती है।

    हालांकि सोशल मीडिया यूजर्स का मानना है कि चाहे समय कोई भी हो या ट्रैफिक कम हो हेलमेट न पहनना न केवल कानून का उल्लंघन है बल्कि खुद की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ भी है। इसीआलोचना को स्वीकार करते हुए सोहेल खान ने आगे लिखा कि वे अपनी घुटन की समस्या से निपटने की पूरी कोशिश करेंगे और आगे से हेलमेट पहनकर ही बाइक चलाएंगे। उन्होंने अपने साथी राइडर्स से भी सहयोग की अपील की। सोहेल खान ने अपने माफीनामे में ट्रैफिक पुलिस और अधिकारियों से भी दिल से माफी मांगी। उन्होंने भरोसा दिलाया कि भविष्य में वे सभी ट्रैफिक नियमों का पालन करेंगे और किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतेंगे। साथ ही उन्होंने उन राइडर्स की सराहना भी की जो असहज महसूस करने के बावजूद हेलमेट पहनते हैं क्योंकि यह उनकी सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी है।उन्होंने अपने संदेश का अंत करते हुए लिखा किसावधानी बरतना बाद में पछताने से कहीं बेहतर है। उन्होंने एक बार फिर अपने व्यवहार के लिए अफसोस जताया और कहा कि यह घटना उनके लिए सीख है।

    दरअसल विवाद की शुरुआत उस समय हुई थी जब सोहेल खान का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। वीडियो में वे बिना हेलमेट बाइक चलाते नजर आए थे। इसी दौरान एक राहगीर ने उन्हें रिकॉर्ड करना शुरू किया जिस पर सोहेल खान नाराज हो गए और गाली देते हुए वीडियो बंद करने को कहा। यह क्लिप सामने आने के बाद कई लोगों ने सवाल उठाए कि क्या ट्रैफिक नियम केवल आम जनता के लिए होते हैं और क्या सेलेब्रिटीज को कानून से ऊपर समझा जाता है।अब माफी मांगने के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि यह मामला यहीं शांत होता है या फिर प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई की जाती है। फिलहाल सोहेल खान की माफी को कुछ लोग सकारात्मक कदम मान रहे हैं जबकि कुछ का कहना है कि मशहूर हस्तियों को ऐसे मामलों में और ज्यादा जिम्मेदारी दिखानी चाहिए।

  • खजुराहो के गौतम रिसॉर्ट में चार कर्मचारियों की मौत खाद्य लाइसेंस निलंबित जांच जारी

    खजुराहो के गौतम रिसॉर्ट में चार कर्मचारियों की मौत खाद्य लाइसेंस निलंबित जांच जारी


    छतरपुर । मध्य प्रदेश के खजुराहो में स्थित गौतम रिसॉर्ट में चार कर्मचारियों की मौत के मामले में प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए होटल का खाद्य लाइसेंस निलंबित कर दिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के दौरे के दौरान 8 दिसंबर को यह घटना हुई जब रिसॉर्ट के 11 कर्मचारी भोजन करने के बाद बीमार पड़ गए थे। इनमें से चार की मौत हो गई जबकि सात अन्य का इलाज ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में चल रहा है। घटना के बाद कलेक्टर के निर्देश पर सीएमएचओ डॉ. आरपी गुप्ता ने होटल का खाद्य लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। इस कदम को प्रशासन की ओर से सख्त कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है ताकि मामले की गंभीरता को समझा जा सके और भविष्य में इस प्रकार की घटनाएं न हों।

    मृतकों के बारे में जानकारी

    यह कर्मचारी लंबे समय से गौतम रिसॉर्ट के पिछले हिस्से में रहते थे और होटल में हाउसकीपिंग व गार्डनिंग का काम करते थे। अस्पताल में भर्ती सात अन्य कर्मचारियों में से 20 वर्षीय हार्दिक ने इलाज के दौरान शनिवार को दम तोड़ दिया। इससे पहले अन्य मृतकों में रामस्वरूप कुशवाह प्रागीलाल कुशवाह और गिरिजा रजक की मौत हो चुकी थी। कर्मचारियों ने रिसॉर्ट के भोजनालय में भोजन किया था जिसके बाद सभी की तबीयत बिगड़ गई थी।

    खाद्य जांच और रिपोर्ट का इंतजार

    घटना के बाद प्रशासन ने मृतकों के विसरा और केमिकल सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असल कारणों का पता चल सकेगा। प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर यह संभावना जताई जा रही है कि भोजन में कोई विषाक्त पदार्थ हो सकता है जिससे फूड पॉइजनिंग का मामला सामने आया। हालांकि अधिकारियों ने इस संबंध में अभी कोई पुष्टि नहीं की है और पूरी तरह से रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री और प्रशासन की प्रतिक्रिया

    घटना के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया और अधिकारियों से सख्त कार्रवाई करने की बात कही। साथ ही उन्होंने निर्देश दिए कि होटल के खाद्य सुरक्षा मानकों की जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए होटल का लाइसेंस निलंबित कर दिया और कर्मचारियों की मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच तेज कर दी है। इस घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों और राजनीतिक दलों ने इसे गंभीर मामला बताते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। साथ ही खजुराहो में पर्यटन उद्योग पर भी इस घटना का नकारात्मक असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। इस घटना ने प्रशासन की तत्परता को भी उजागर किया क्योंकि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने जल्दी कार्रवाई की और सभी बीमार कर्मचारियों को समय रहते अस्पताल में भर्ती करवा दिया। हालांकि यह घटना पर्यटन स्थल के लिए एक बड़ा झटका है जो खजुराहो में आने वाले पर्यटकों के लिए चिंता का विषय बन सकती है।

  • टीवी एक्टर अनुज सचदेवा पर सोसाइटी में हमला, वीडियो में कैद हुई मारपीट, सेलेब्स ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

    टीवी एक्टर अनुज सचदेवा पर सोसाइटी में हमला, वीडियो में कैद हुई मारपीट, सेलेब्स ने उठाई सख्त कार्रवाई की मांग

    नई दिल्ली टीवी इंडस्ट्री से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। ये रिश्ता क्या कहलाता है स्वरागिनी और साथ निभाना साथिया जैसे लोकप्रिय धारावाहिकों में नजर आ चुके एक्टर अनुज सचदेवा पर रविवार शाम मुंबई के गोरेगांव पश्चिम स्थित उनकी सोसाइटी में कथित तौर पर जानलेवा हमला किया गया। इस पूरी घटना का वीडियो खुद एक्टर ने रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर साझा किया जो अब तेजी से वायरल हो रहा है।

    अनुज ने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट पर जो वीडियो पोस्ट किया है उसमें साफ देखा और सुना जा सकता है कि एक व्यक्ति उन्हें गालियां देते हुए डंडे से मार रहा है। वीडियो में हमलावर का व्यवहार बेहद आक्रामक नजर आता है और वह लगातार धमकियां देता सुनाई देता है। एक्टर के मुताबिक यह विवाद सोसाइटी में गाड़ी पार्किंग और कुत्ते से जुड़ी बात को लेकर शुरू हुआ जो बाद में हिंसक झगड़े में बदल गया। वीडियो में अनुज खून से लथपथ दिखाई देते हैं और वह कहते हैं इस आदमी ने मुझे मारने की कोशिश की है।इसके बावजूद आरोपी व्यक्ति रुकने का नाम नहीं लेता और गालियां देता रहता है। वीडियो की शुरुआत में हमलावर को यह कहते हुए सुना जा सकता है
    कुत्ते से कटवाएगा।जिसके जवाब में अनुज कहते हैं कुत्ते से नहीं कटवाया।

    अनुज सचदेवा ने वीडियो के साथ एक लंबा और गंभीर कैप्शन भी लिखा जिसमें उन्होंने पूरी घटना का विवरण दिया। उन्होंने कहा कि वह यह वीडियो सबूत के तौर पर पोस्ट कर रहे हैं ताकि अगर भविष्य में उन्हें या उनकी संपत्ति को कोई नुकसान पहुंचे तो सच्चाई सामने आ सके। एक्टर के अनुसार आरोपी व्यक्ति ने सोसाइटी में गलत जगह गाड़ी पार्क करने को लेकर पहले उनके कुत्ते और फिर उन पर हमला किया।

    अनुज ने यह भी स्पष्ट किया कि यह घटना हार्मनी मॉल रेसिडेंसी गोरेगांव (पश्चिम) में हुई है और आरोपी ए विंग फ्लैट नंबर 602 का निवासी है। उन्होंने लिखा कि उनके सिर से खून बह रहा था और हमला बेहद गंभीर था। एक्टर ने लोगों से अपील की कि इस वीडियो को उन अधिकारियों और लोगों तक पहुंचाया जाए जो इस मामले में उचित कार्रवाई कर सकते हैं। वीडियो सामने आने के बाद टीवी और फिल्म इंडस्ट्री में भी चिंता की लहर दौड़ गई है। कई सेलेब्स ने कमेंट सेक्शन में अनुज के समर्थन में आवाज उठाई है। बॉलीवुड एक्ट्रेस नौहीद ईला अरुण की बेटी इशिता अरुण किश्वर मर्चेंट समेत कई कलाकारों ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराने और सख्त कार्रवाई की मांग की है।

    कई सेलेब्स ने वीडियो में मुंबई पुलिस को टैग करते हुए दोषी व्यक्ति के खिलाफ तुरंत एक्शन लेने की अपील की है। फैंस और सोशल मीडिया यूजर्स भी इस घटना पर नाराजगी जता रहे हैं और सवाल उठा रहे हैं कि एक रिहायशी सोसाइटी में इस तरह की हिंसा कैसे हो सकती है।फिलहाल अनुज सचदेवा की ओर से पुलिस शिकायत को लेकर कोई आधिकारिक अपडेट सामने नहीं आया है लेकिन जिस तरह से यह मामला सोशल मीडिया पर तूल पकड़ रहा है उससे उम्मीद की जा रही है कि प्रशासन जल्द ही संज्ञान लेगा। यह घटना न सिर्फ एक सेलिब्रिटी की सुरक्षा से जुड़ा मामला है बल्कि आम लोगों की सेफ्टी पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

  • शहडोल में पार्सल गोदाम में भीषण आग लाखों का सामान जलकर खाक 25 लाख का माल बचाया

    शहडोल में पार्सल गोदाम में भीषण आग लाखों का सामान जलकर खाक 25 लाख का माल बचाया


    शहडोल । संभागीय मुख्यालय शहडोल के सोहागपुर थाना क्षेत्र में स्थित बाणगंगा मेला मैदान के पास स्थित एस.एस. पार्सल गोदाम में बीती रात एक भीषण आग लग गई। इस घटना में गोदाम में रखा लाखों रुपये का सामान जलकर खाक हो गया लेकिन दमकल कर्मियों और पुलिस की तत्परता के कारण एक बड़ी आपदा टल गई। आगजनी से लगभग 30 लाख रुपये का सामान जल चुका है जबकि 25 लाख रुपये से अधिक का माल सुरक्षित बचा लिया गया।

    पुलिस के अनुसार घटना रात लगभग 4 बजे की है। उस समय सोहागपुर पुलिस की चीता स्कॉट और मोबाइल पार्टी गश्त पर थी। बाणगंगा मेला मैदान से गुजरते समय चीता स्कॉट में तैनात आरक्षक शशि यादव की नजर गोदाम के अंदर लगी आग पर पड़ी। उन्होंने तुरंत मोबाइल पार्टी और दमकल विभाग को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल कर्मी घटनास्थल पर पहुंचे और गोदाम के शटर पर लिखे नंबर के माध्यम से गोदाम मालिक को सूचित किया।

    गोदाम मालिक शुभम दुबे ने बताया कि उनके गोदाम में दवाइयां हार्डवेयर सामग्री जूते इलेक्ट्रॉनिक सामान और 100 से अधिक कूलर रखे हुए थे। आग इतनी भीषण थी कि गोदाम के भीतर खड़ी एक कार और एक लोडर वाहन भी आंशिक रूप से जल गए। हालांकि दमकल कर्मियों और पुलिस की सूझबूझ से दोनों वाहनों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया जिससे बड़ा नुकसान होने से बच गया।

    आग बुझाने के लिए दमकल विभाग ने चार बड़ी और एक छोटी फायर ब्रिगेड को लगाया था। करीब तीन घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। इस दौरान पुलिस और दमकल कर्मियों के संयुक्त प्रयास से गोदाम में रखा 25 लाख रुपये से अधिक का माल सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। हालांकि गोदाम में रखा लगभग 30 लाख रुपये का सामान जलकर खाक हो गया।

    सोहागपुर थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे ने बताया कि पुलिस की सतर्क गश्त और दमकल कर्मियों की तत्परता से एक बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने यह भी कहा कि आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। फिलहाल नुकसान का आकलन 30 लाख रुपये के आसपास किया गया है लेकिन पुलिस और दमकल कर्मियों की तत्परता से बड़ी मात्रा में सामान बचाया जा सका। यह घटना एक बार फिर यह साबित करती है कि पुलिस और दमकल विभाग की सतर्कता और समन्वय से बड़े हादसों को टाला जा सकता है। शहडोल के नागरिकों ने इस मानवीय प्रयास की सराहना की और अधिकारियों को बधाई दी।

  • सीहोर में बिजली विभाग ने कबूतर का रेस्क्यू किया हाई टेंशन तारों में फंसा था पक्षी

    सीहोर में बिजली विभाग ने कबूतर का रेस्क्यू किया हाई टेंशन तारों में फंसा था पक्षी



    सीहोर ।
    सीहोर शहर की ब्रह्मपुरी कॉलोनी में बिजली विभाग के कर्मचारियों ने एक अद्वितीय मानवता का उदाहरण पेश करते हुए हाई टेंशन लाइन में फंसे कबूतर की जान बचाई। यह घटना तब हुई जब बच्चों की पतंग के धागे में उलझकर एक कबूतर हाई टेंशन तारों में फंस गया। इस कारण उसकी जान को गंभीर खतरा था लेकिन बिजली विभाग की टीम ने तत्परता और सावधानी से इस पक्षी को बचाया और एक मिसाल कायम की।

    प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कबूतर तारों में फंसा हुआ तड़प रहा था और उसकी स्थिति बेहद खतरनाक थी। नीचे खड़े लोग पक्षी को बचाना चाहते थे लेकिन हाई टेंशन लाइनों के कारण वे उसे छूने की हिम्मत नहीं कर पा रहे थे। यह स्थिति एक गंभीर संकट का रूप ले चुकी थी क्योंकि यदि समय रहते कोई कदम नहीं उठाया गया तो पक्षी की जान जा सकती थी।

    इसी दौरान एक जागरूक नागरिक ने इस मामले की सूचना बिजली विभाग को दी। सूचना मिलते ही विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। सबसे पहले कर्मचारियों ने इलाके की बिजली सप्लाई बंद करवाई ताकि किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रिक शॉक लगने से कबूतर को नुकसान न पहुंचे।

    इसके बाद कर्मचारियों ने पूरी सावधानी के साथ उच्च दबाव वाली तारों में उलझे पतंग के धागे को हटाया और कबूतर को सुरक्षित रूप से तारों से बाहर निकाला। इस पूरी प्रक्रिया में कर्मचारियों ने अपनी जान जोखिम में डालकर यह काम किया क्योंकि हाई टेंशन तारों से छेड़छाड़ करना अत्यधिक खतरनाक हो सकता था।

    कबूतर को सुरक्षित बाहर निकाले जाने के बाद आसपास खड़े लोग राहत की सांस लेकर बिजली विभाग के कर्मचारियों की सराहना करने लगे। यह घटना न केवल एक अद्वितीय रेस्क्यू ऑपरेशन को दर्शाती है बल्कि यह भी साबित करती है कि छोटे प्रयास जब संवेदनशीलता और जिम्मेदारी से किए जाते हैं तो किसी की जान को बचाने में मदद कर सकते हैं।

    बिजली विभाग के कर्मचारियों ने यह दिखाया कि अगर हम सभी संवेदनशील और जागरूक रहें तो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकते हैं। इस घटना के बाद लोग इसे एक महत्वपूर्ण उदाहरण के रूप में याद करेंगे और यह साबित करेगा कि एक छोटे से प्रयास से हम किसी की जान बचा सकते हैं। यह घटना एक बार फिर से यह स्पष्ट करती है कि समाज में मानवता और जिम्मेदारी की भावना को प्रोत्साहित करना बेहद आवश्यक है ताकि किसी भी संकट का सामना करने में हम सक्षम हो सकें।

  • बॉन्डी बीच आतंकी हमला: हनुक्का उत्सव पर फायरिंग से 16 की मौत, बाप-बेटे पर शक; ऑस्ट्रेलिया में 29 साल बाद सबसे बड़ा शूटआउट

    बॉन्डी बीच आतंकी हमला: हनुक्का उत्सव पर फायरिंग से 16 की मौत, बाप-बेटे पर शक; ऑस्ट्रेलिया में 29 साल बाद सबसे बड़ा शूटआउट

     
    नई दिल्ली/ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर रविवार को हुई सामूहिक गोलीबारी ने देश को हिला कर रख दिया है। यह हमला उस समय हुआ, जब यहूदी समुदाय के लोग समुद्र तट पर हनुक्का पर्व का उत्सव मना रहे थे। ऑस्ट्रेलियाई पुलिस के अनुसार, इस आतंकी हमले में अब तक 16 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 45 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतकों में एक 10 वर्षीय बच्ची और एक इजराइली नागरिक भी शामिल हैं।

    पुलिस जांच में सामने आया है कि हमले को अंजाम देने वाले दोनों आरोपी आपस में बाप-बेटे थे। उनकी पहचान 50 वर्षीय साजिद अकरम और उसके 24 वर्षीय बेटे नवीद अकरम के रूप में हुई है। शुरुआती जांच के आधार पर पुलिस को संदेह है कि दोनों का मूल पाकिस्तान से जुड़ा हो सकता है। हमले के बाद मौके पर ही पुलिस ने जवाबी कार्रवाई करते हुए साजिद अकरम को गोली मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई, जबकि नवीद अकरम गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में भर्ती है।

    ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने बताया कि साजिद अकरम 1998 में छात्र वीजा पर ऑस्ट्रेलिया आया था। बाद में उसने एक ऑस्ट्रेलियाई महिला वेरेना से शादी की और पार्टनर वीजा प्राप्त किया। इसके बाद वह रेजिडेंट रिटर्न वीजा पर ऑस्ट्रेलिया में रह रहा था, लेकिन उसके पास ऑस्ट्रेलियाई नागरिकता नहीं थी। वहीं उसका बेटा नवीद ऑस्ट्रेलिया में ही जन्मा था और वह ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, नवीद अकरम वर्ष 2019 में ऑस्ट्रेलियाई सुरक्षा खुफिया संगठन ASIO की निगरानी में आया था, लेकिन उस समय उसके खिलाफ हिंसक गतिविधियों से जुड़ा कोई ठोस सबूत नहीं मिला था। परिवार ने भी इस घटना पर हैरानी जताई है। साजिद की पत्नी वेरेना ने मीडिया से कहा कि उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि उनके पति और बेटे इस तरह के आतंकी हमले में शामिल हो सकते हैं।

    पुलिस ने बताया कि साजिद अकरम के पास लाइसेंसी हथियार थे। वह एक गन क्लब का सदस्य था और कानून के तहत उसके पास कुल छह बंदूकें दर्ज थीं, जिनका इस्तेमाल वह शिकार के लिए करता था। हमले वाले दिन बाप-बेटे ने घर से निकलते समय परिवार को बताया था कि वे मछली पकड़ने जा रहे हैं। बाद में पुलिस ने उनके किराए के घर पर छापेमारी की, जहां से जांच से जुड़े अहम सुराग जुटाए गए। इस भयावह घटना के दौरान साहस की एक मिसाल भी देखने को मिली। अहमद नाम के एक बुजुर्ग व्यक्ति ने अपनी जान जोखिम में डालकर एक आतंकी से बंदूक छीन ली। वायरल वीडियो में दिखता है कि अहमद चुपचाप पीछे से हमलावर के पास पहुंचे और उस पर काबू पा लिया। उनकी बहादुरी से कई लोगों की जान बच सकी।

    इस हमले के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार की नीतियों को इस हमले के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने पहले ही प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज को चेतावनी दी थी कि कुछ नीतियां देश में यहूदी-विरोधी भावनाओं को बढ़ावा दे रही हैं। वहीं भारत, ब्रिटेन और अमेरिका सहित कई देशों के नेताओं ने इस हमले की कड़ी निंदा करते हुए पीड़ितों के प्रति संवेदना जताई है।

    गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में बड़े पैमाने पर गोलीबारी की घटनाएं बेहद दुर्लभ हैं। 1996 के पोर्ट आर्थर नरसंहार के बाद यहां सख्त गन कानून लागू किए गए थे। यही वजह है कि बॉन्डी बीच की यह घटना बीते लगभग तीन दशकों में सबसे गंभीर सामूहिक गोलीबारी मानी जा रही है। इस हमले ने एक बार फिर सुरक्षा, कट्टरता और सामाजिक सौहार्द पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

  • छिंदवाड़ा में सांसद निवास के पास सरेआम गुंडागर्दी युवकों को बेल्ट और बल्ले से पीटा 2 आरोपी हिरासत में

    छिंदवाड़ा में सांसद निवास के पास सरेआम गुंडागर्दी युवकों को बेल्ट और बल्ले से पीटा 2 आरोपी हिरासत में


    छिंदवाड़ा । छिंदवाड़ा में कानून व्यवस्था पर सवाल उठाने वाली एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। कोतवाली थाना क्षेत्र के परासिया रोड पर जो सांसद निवास और कार्यालय से कुछ कदम की दूरी पर स्थित है एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें दो गुटों के युवकों के बीच सरेआम बेल्ट और बल्ले से मारपीट होती दिखाई दे रही है। यह घटना गुरुवार को हुई जब पुरानी रंजिश और क्षेत्रीय वर्चस्व की लड़ाई के चलते इन युवकों ने सड़क पर लगभग 10 मिनट तक उत्पात मचाया।

    वीडियो में देखा जा सकता है कि ट्रैफिक के बीच सड़क पर कई लोग खड़े होकर तमाशा देख रहे थे लेकिन कोई भी घटनास्थल पर हस्तक्षेप करने के लिए आगे नहीं आया। हमलावरों ने बिना किसी डर के बेल्ट और बल्ले से एक-दूसरे को बेरहमी से मारा। हमले के दौरान सिर हाथ और पैर पर जमकर चोटें आईं। हमलावरों को न तो पुलिस का खौफ था और न ही आसपास के लोगों का डर। यह घटना पूरी तरह से सड़क पर एक असमर्थता की स्थिति उत्पन्न कर रही थी।

    आरोपियों ने जिस तरह से यह मारपीट की उससे यह भी प्रतीत होता है कि इस घटना के पीछे एक पुरानी रंजिश और वर्चस्व की लड़ाई का कारण हो सकता है। हमलावरों के बीच इस संघर्ष का मुख्य उद्देश्य केवल इलाके में अपनी ताकत दिखाना था जो उनके व्यवहार से साफ तौर पर स्पष्ट हो रहा था।

    मारपीट के बाद सड़क पर अफरा-तफरी का माहौल था क्योंकि लोग गाड़ी चलाने और इस हिंसक घटना से बचने के लिए इधर-उधर भाग रहे थे। पुलिस की समय पर प्रतिक्रिया के बावजूद घटनास्थल पर काफी देर तक स्थिति नियंत्रण से बाहर रही। पुलिस ने वायरल वीडियो के आधार पर दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया लेकिन बाकी आरोपी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है।

    यह घटना स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाती है। सांसद निवास के पास इस प्रकार की हिंसक घटना का होना स्थानीय प्रशासन की नाकामी को दर्शाता है। इलाके में सुरक्षा के प्रति जनता का विश्वास कमजोर हो रहा है खासकर जब पुलिस की उपस्थिति भी इस प्रकार की घटनाओं को रोकने में नाकाम रहती है।

    वीडियो वायरल होने के बाद इलाके के लोग इस हिंसक घटना की निंदा कर रहे हैं। इस घटना ने छिंदवाड़ा में कानून-व्यवस्था को लेकर गहरी चिंता पैदा कर दी है और इस प्रकार की घटनाओं के पुनरावृत्ति को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की मांग भी उठ रही है।

    इसके अलावा वीडियो में दिखाए गए कुछ लोग घटनास्थल पर खड़े होकर यह तमाशा देख रहे थे लेकिन किसी ने भी हमलावरों को रोकने की कोशिश नहीं की। यह दर्शाता है कि लोगों में भी कानून और सुरक्षा के प्रति किसी प्रकार का भय नहीं रह गया है और हिंसा की घटनाएं बढ़ रही हैं।

    अब पुलिस प्रशासन को यह सुनिश्चित करना होगा कि इस प्रकार की घटनाएं भविष्य में न हों और सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही स्थानीय नेताओं और जनप्रतिनिधियों से भी अपेक्षा की जाती है कि वे ऐसे अपराधियों के खिलाफ सख्त कानून बनवाने के लिए आवाज उठाएं।