Author: bharati

  • धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली में लगे 'थैंक्यू राहुल गांधी' के पोस्टर

    धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली में लगे 'थैंक्यू राहुल गांधी' के पोस्टर


    नई दिल्ली। केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद दिल्ली की सियासत में पोस्टर वार शुरू हो गई है। दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस (DPYC) ने राजधानी के कई प्रमुख इलाकों में ‘थैंक्यू राहुल गांधी’ लिखे होर्डिंग्स लगाकर इसे छात्रों के आंदोलन और कांग्रेस के अभियान की सफलता बताया।

    दिल्ली प्रदेश युवा कांग्रेस के अध्यक्ष अक्षय लाकड़ा ने कहा कि जिस इस्तीफे की संभावना तक नहीं मानी जा रही थी, वह लगातार आंदोलन कर रहे छात्रों और राहुल गांधी के नेतृत्व में चलाए गए अभियान का परिणाम है। उनके मुताबिक, यह घटनाक्रम छात्रों की एकजुटता और संघर्ष की ताकत को दर्शाता है।

    युवा कांग्रेस का कहना है कि राजधानी में लगाए गए ये पोस्टर राहुल गांधी के प्रति युवाओं के समर्थन और आभार को व्यक्त करने के उद्देश्य से लगाए गए हैं। संगठन का दावा है कि शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस लगातार छात्रों के साथ खड़ी रही है।

    हालांकि, अक्षय लाकड़ा ने स्पष्ट किया कि धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भी युवा कांग्रेस का आंदोलन समाप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि संगठन की दो प्रमुख मांगें अब भी बाकी हैं।

    युवा कांग्रेस की पहली मांग प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वालों पर सख्त कार्रवाई की है। वहीं दूसरी मांग यह है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं देश के छात्रों से माफी मांगें। संगठन ने कहा कि इन मांगों के पूरा होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

  • आखिरी समय पर बदली फ्लाइट तो एयरलाइन पर गिरी कानूनी गाज कश्मीर ट्रिप खराब होने पर छह यात्रियों को मिलेगा मुआवजा

    आखिरी समय पर बदली फ्लाइट तो एयरलाइन पर गिरी कानूनी गाज कश्मीर ट्रिप खराब होने पर छह यात्रियों को मिलेगा मुआवजा


    भोपाल । भोपाल जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोषण आयोग ने एयर इंडिया को सेवा में कमी का दोषी मानते हुए छह वरिष्ठ नागरिक यात्रियों के पक्ष में बड़ा फैसला सुनाया है। आयोग ने एयरलाइन को कुल 96 हजार रुपए की राशि क्षतिपूर्ति और वाद व्यय के रूप में अदा करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही यह भी निर्देश दिया गया है कि यह राशि 8 दिसंबर 2024 से सात प्रतिशत वार्षिक साधारण ब्याज सहित आदेश की तारीख से दो महीने के भीतर संबंधित यात्रियों को दी जाए। आयोग ने माना कि एयरलाइन ने यात्रियों को यात्रा शुरू होने से महज दो घंटे पहले फ्लाइट कार्यक्रम में बदलाव की सूचना दी जिससे उनकी पूरी यात्रा योजना बुरी तरह प्रभावित हुई और उन्हें आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानी भी झेलनी पड़ी।

    मामले के अनुसार भोपाल निवासी छह वरिष्ठ नागरिकों ने 13 अप्रैल 2024 को 11 मई 2024 की भोपाल से दिल्ली होते हुए श्रीनगर और 17 मई 2024 की वापसी यात्रा के लिए एयर इंडिया की फ्लाइट बुक की थी। टिकटों पर करीब 1.18 लाख रुपए खर्च किए गए थे। टिकट कन्फर्म होने के बाद यात्रियों ने श्रीनगर पहलगाम और गुलमर्ग में होटल हाउसबोट स्थानीय टैक्सी पर्यटन पैकेज और अन्य सेवाओं की अग्रिम बुकिंग भी कर ली थी। वापसी यात्रा के लिए दिल्ली से रानी कमलापति स्टेशन तक वंदे भारत एक्सप्रेस के आरक्षित टिकट भी पहले से बुक थे।

    यात्रा के दिन एयर इंडिया ने उड़ान शुरू होने से लगभग दो घंटे पहले सूचना दी कि निर्धारित यात्रा संभव नहीं होगी और यात्रियों को अगले दिन भेजा जाएगा। अचानक हुए इस बदलाव के कारण पूरी यात्रा योजना अस्तव्यस्त हो गई। यात्रियों को होटल बुकिंग दोबारा करनी पड़ी स्थानीय परिवहन और पर्यटन पैकेज बदलने पड़े जबकि रेलवे टिकटों में भी बदलाव करना पड़ा। उनका कहना था कि यदि समय रहते जानकारी दी जाती तो इतना बड़ा आर्थिक नुकसान नहीं होता। यात्रियों ने एयरलाइन से कई बार मुआवजे की मांग की लेकिन राहत नहीं मिलने पर जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया।

    सुनवाई के दौरान एयर इंडिया ने अपना बचाव करते हुए कहा कि फ्लाइट रद्द नहीं हुई थी बल्कि दिल्ली में बर्ड स्ट्राइक की अप्रत्याशित घटना के कारण उड़ान प्रभावित हुई थी। एयरलाइन के अनुसार इसी वजह से यात्रियों की दिल्ली से श्रीनगर जाने वाली कनेक्टिंग फ्लाइट छूटने की आशंका थी इसलिए उन्हें अगले दिन की उड़ान में समायोजित किया गया। एयर इंडिया ने इसे अपने नियंत्रण से बाहर की स्थिति बताते हुए सेवा में कमी से इनकार किया।

    हालांकि आयोग ने एयरलाइन के इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। आयोग ने कहा कि यदि वास्तव में बर्ड स्ट्राइक हुई थी तो उसके समर्थन में डीजीसीए की जांच रिपोर्ट तकनीकी रिपोर्ट या अन्य आधिकारिक दस्तावेज पेश किए जाने चाहिए थे लेकिन एयरलाइन ऐसा कोई ठोस प्रमाण प्रस्तुत नहीं कर सकी। केवल लिखित दावा करना पर्याप्त नहीं माना जा सकता। आयोग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता आयोग के पूर्व फैसलों का हवाला देते हुए स्पष्ट किया कि फोर्स मेज्योर का दावा करने वाली एयरलाइन पर ही उसे प्रमाणित करने की जिम्मेदारी होती है।

    परिवादियों की ओर से पैरवी करने वाली अधिवक्ता कल्पना वर्मा ने बताया कि यात्रियों ने प्रति व्यक्ति लगभग 40 हजार रुपए के वास्तविक नुकसान का दावा किया था लेकिन आयोग ने फिलहाल प्रति व्यक्ति 15 हजार रुपए क्षतिपूर्ति और एक हजार रुपए वाद व्यय देने का आदेश दिया है। उन्होंने कहा कि आदेश का अध्ययन करने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा। यह फैसला उन यात्रियों के लिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है जिन्हें अंतिम समय में फ्लाइट में बदलाव या एयरलाइन की लापरवाही के कारण परेशानी उठानी पड़ती है।

  • कैसे रूकेगा पेपर लीक ? PM मोदी की टास्क फोर्स के एक्सपर्ट ने बताई क्‍या है सबसे बड़ी चुनौती

    कैसे रूकेगा पेपर लीक ? PM मोदी की टास्क फोर्स के एक्सपर्ट ने बताई क्‍या है सबसे बड़ी चुनौती


    नई दिल्ली। नीट पेपर लीक विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल पर नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में सुधारों के लिए गठित हाई-पावर्ड टास्क फोर्स परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और पेपर लीक से मुक्त बनाने की रूपरेखा तैयार कर रही है। इस समिति के सदस्य और आईआईटी मद्रास के निदेशक डॉ. वी. कामकोटि का कहना है कि केवल तकनीक के सहारे पेपर लीक की समस्या का पूरी तरह समाधान संभव नहीं है।

    तकनीक के साथ संस्थागत सुधार भी जरूरी
    डॉ. कामकोटि ने कहा कि टास्क फोर्स का उद्देश्य आधुनिक तकनीक के साथ संस्थागत सुधारों को जोड़कर परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाना है। उनका मानना है कि बड़े स्तर पर आयोजित होने वाली प्रतियोगी परीक्षाओं में तकनीक की भूमिका महत्वपूर्ण है, लेकिन सिर्फ उसी पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं होगा।

    उन्होंने बताया कि जब उन्होंने वर्ष 1985 में जेईई परीक्षा दी थी, तब करीब 5 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जबकि आज यह संख्या बढ़कर 15 लाख से अधिक हो गई है। ऐसे में विशाल परीक्षा तंत्र को सुरक्षित बनाए रखने के लिए नई व्यवस्थाओं की आवश्यकता है।

    विशेषज्ञों की टीम तैयार करेगी सुधारों की रूपरेखा
    टास्क फोर्स की अध्यक्षता तकनीकी विशेषज्ञ नंदन नीलेकणि कर रहे हैं। समिति में पूर्व इसरो प्रमुख डॉ. एस. सोमनाथ, पूर्व आईबी निदेशक तपन डेका, पूर्व शिक्षा सचिव अनीता करवाल, वरिष्ठ अधिकारी अमृत लाल मीणा सहित कई विशेषज्ञ शामिल हैं। यह टीम तकनीक, सुरक्षा, प्रशासन, लॉजिस्टिक्स और नीति निर्माण के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन कर सुधारों की सिफारिश करेगी।

    ‘मेकर-चेकर’ मॉडल पर भी मंथन
    डॉ. कामकोटि ने बताया कि समिति बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों की तरह ‘मेकर-चेकर’ मॉडल लागू करने की संभावना पर भी विचार कर रही है। इस व्यवस्था में किसी एक व्यक्ति द्वारा किए गए कार्य का स्वतंत्र रूप से दूसरे अधिकारी द्वारा सत्यापन किया जाएगा, जिससे परीक्षा प्रक्रिया की पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाई जा सके। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि समिति अभी शुरुआती चरण में काम कर रही है और अंतिम सिफारिशों पर फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है।

    पेपर लीक की सबसे बड़ी चुनौती क्या है?
    डॉ. कामकोटि के मुताबिक, किसी भी परीक्षा प्रणाली की सबसे अहम कड़ी प्रश्नपत्र तैयार करने वाला व्यक्ति होता है। उन्होंने कहा कि यदि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया ही सुरक्षित और विश्वसनीय नहीं होगी, तो कोई भी तकनीक पेपर लीक को पूरी तरह नहीं रोक सकती। इसलिए प्रश्नपत्र तैयार करने वालों की जवाबदेही, ईमानदारी और पूरी प्रक्रिया की सुरक्षा सुनिश्चित करना टास्क फोर्स की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल होगा।

  • सागर में गुरु पूर्णिमा पर मां राजराजेश्वरी का भव्य महाअनुष्ठान, देश-विदेश से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की तैयारी

    सागर में गुरु पूर्णिमा पर मां राजराजेश्वरी का भव्य महाअनुष्ठान, देश-विदेश से हजारों श्रद्धालुओं के पहुंचने की तैयारी

    नई दिल्ली ।  इस वर्ष गुरु पूर्णिमा का पर्व एक भव्य धार्मिक आयोजन के रूप में मनाया जाएगा। शहर के धर्म श्री क्षेत्र स्थित बालाजी मंदिर परिसर में मां राजराजेश्वरी और मां ललिता त्रिपुर सुंदरी के एक करोड़ हरिद्रा (हल्दी) और कुमकुम महाअर्चन का आयोजन प्रस्तावित है। इस आयोजन को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं और प्रशासन तथा आयोजन समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है। देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
    आयोजकों के अनुसार यह विशेष धार्मिक अनुष्ठान गुरु पूर्णिमा के अवसर पर आयोजित किया जा रहा है, जिसे भारतीय परंपरा में गुरु-शिष्य संबंध, साधना और आध्यात्मिक उन्नति का महत्वपूर्ण पर्व माना जाता है। आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं को सामूहिक पूजा, मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के माध्यम से आध्यात्मिक वातावरण प्रदान करना है। इसके लिए लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में विशेष व्यवस्थाएं विकसित की गई हैं, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

    बताया गया है कि आयोजन का शुभारंभ 29 जुलाई की शाम छह बजे होगा। अनुष्ठान में 1100 वैदिक विद्वान और पंडित वैदिक मंत्रों के साथ सामूहिक अर्चन संपन्न कराएंगे। धार्मिक मान्यता के अनुसार गुरु पूर्णिमा पर साधना, जप, तप और पूजा का विशेष महत्व होता है। इसी कारण इस अवसर पर आयोजित होने वाला यह महाअर्चन श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।

    आयोजन समिति का दावा है कि कार्यक्रम में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं के लिए किसी प्रकार का शुल्क निर्धारित नहीं किया गया है। बड़ी संख्या में आने वाले श्रद्धालुओं को ध्यान में रखते हुए आवागमन, बैठने, पेयजल, प्रसाद वितरण और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था की जा रही है। अनुमान है कि आयोजन के दौरान करीब एक लाख श्रद्धालु परिसर में पहुंच सकते हैं, जिसके लिए व्यापक स्तर पर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं।

    धार्मिक अनुष्ठान में बड़ी मात्रा में पूजा सामग्री का उपयोग किया जाएगा। इसके लिए हल्दी, कुमकुम, कमल पुष्प, नारियल, फल, प्रसाद और अन्य पूजन सामग्री की विशेष व्यवस्था की गई है। इसके अलावा श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण और अन्य धार्मिक गतिविधियों के लिए भी अलग-अलग प्रबंध किए जा रहे हैं। आयोजन की भव्यता को देखते हुए इसे क्षेत्र के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल माना जा रहा है।

    धार्मिक आयोजकों का कहना है कि गुरु पूर्णिमा केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं, बल्कि समाज में आध्यात्मिक चेतना, सकारात्मक सोच और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का अवसर भी है। इसी उद्देश्य से इस महाअनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न आयु वर्ग के श्रद्धालुओं की भागीदारी अपेक्षित है। आयोजन स्थल पर सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी आवश्यक तैयारियां की जा रही हैं, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।

    गुरु पूर्णिमा के इस विशेष अवसर पर सागर में होने वाला यह महाअर्चन धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक परंपरा और सामूहिक सहभागिता का बड़ा केंद्र बनने जा रहा है। आयोजकों को उम्मीद है कि यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक अनुभव के साथ-साथ सामाजिक समरसता और धार्मिक एकता का भी संदेश देगा।

  • कब मनाई जाएगी गुरु पूर्णिमा ? जानें तारीख और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त

    कब मनाई जाएगी गुरु पूर्णिमा ? जानें तारीख और स्नान-दान का शुभ मुहूर्त


    नई दिल्ली। सनातन धर्म में गुरु पूर्णिमा का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है। आषाढ़ मास की शुक्ल पक्ष पूर्णिमा को मनाया जाने वाला यह पर्व गुरु के प्रति श्रद्धा, सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर माना जाता है। इसी दिन महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था, इसलिए इसे व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन गुरु की पूजा और आशीर्वाद प्राप्त करने से ज्ञान, विवेक और जीवन में सकारात्मकता का संचार होता है।

    कब है गुरु पूर्णिमा 2026?
    हिंदू पंचांग के अनुसार, वर्ष 2026 में गुरु पूर्णिमा 29 जुलाई, बुधवार को मनाई जाएगी। हालांकि पूर्णिमा तिथि की शुरुआत एक दिन पहले होगी, लेकिन उदयातिथि के आधार पर व्रत और पूजा 29 जुलाई को ही की जाएगी।

    पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 28 जुलाई 2026, शाम 6:18 बजे
    पूर्णिमा तिथि समाप्त: 29 जुलाई 2026, रात 8:05 बजे
    पूजन एवं व्रत की तिथि: 29 जुलाई 2026 (बुधवार)

    स्नान-दान का शुभ समय
    गुरु पूर्णिमा पर ब्रह्म मुहूर्त में स्नान और दान करना अत्यंत शुभ माना गया है।
    ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:17 बजे से 4:59 बजे तक

    क्यों मनाई जाती है गुरु पूर्णिमा?
    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आषाढ़ पूर्णिमा के दिन महर्षि वेद व्यास का जन्म हुआ था। उन्होंने वेदों का वर्गीकरण किया तथा महाभारत, 18 पुराण और ब्रह्मसूत्र जैसे महान ग्रंथों की रचना की। इसी कारण उन्हें सनातन परंपरा का प्रथम गुरु माना जाता है और इस दिन को व्यास पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस अवसर पर शिष्य अपने गुरु का सम्मान करते हैं, उनका पूजन करते हैं और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लेते हैं।

    क्या है गुरु पूर्णिमा का महत्व?
    सनातन संस्कृति में गुरु को ईश्वर के समान, बल्कि कई स्थानों पर उससे भी श्रेष्ठ स्थान दिया गया है। ‘गुरु’ का अर्थ है—जो अज्ञान के अंधकार को दूर कर ज्ञान का प्रकाश प्रदान करे। ऐसी मान्यता है कि इस दिन गुरु का आशीर्वाद प्राप्त करने से बुद्धि, विवेक और आध्यात्मिक उन्नति होती है तथा जीवन की बाधाएं दूर होती हैं।

    ऐसे करें गुरु पूर्णिमा की पूजा
    – सुबह स्नान कर व्रत और पूजा का संकल्प लें।
    – घर के मंदिर में भगवान विष्णु, माता लक्ष्मी और महर्षि वेद व्यास के चित्र या प्रतिमा के समक्ष दीपक जलाएं।
    – यदि गुरु साक्षात उपस्थित हों तो उनके चरण स्पर्श कर रोली, अक्षत, चंदन और पुष्प अर्पित करें।
    – अपनी श्रद्धा के अनुसार वस्त्र, फल, मिष्ठान और दक्षिणा भेंट कर उनका आशीर्वाद लें।
    – यदि गुरु दूर हों तो उनकी तस्वीर के सामने ध्यान लगाकर मानसिक रूप से उनका पूजन करें और उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करें।

  • एमपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन गिरेगा तेज पानी

    एमपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, अगले 4 दिन गिरेगा तेज पानी


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। सक्रिय मौसम प्रणालियों के प्रभाव से प्रदेश में तेज बारिश का सिलसिला शुरू हो गया है। रविवार को पूर्वी जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई, जबकि मौसम विभाग ने सोमवार के लिए छह जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। अगले चार दिनों तक कई इलाकों में तेज से अति भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    आईएमडी भोपाल के अनुसार, अगले 24 घंटों के दौरान उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी वर्षा हो सकती है। इसके अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में कहीं हल्की तो कहीं तेज बारिश का दौर जारी रहने के आसार हैं।

    कई मौसम प्रणालियां एक साथ सक्रिय
    मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश से मानसून ट्रफ गुजर रही है। इसके साथ ही एक लो प्रेशर एरिया (निम्न दाब क्षेत्र) और डिप्रेशन भी सक्रिय है। आने वाले दिनों में वेस्टर्न डिस्टरबेंस के प्रभाव से मौसम और अधिक सक्रिय होगा। इसी वजह से 27 से 30 जुलाई के बीच कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

    अब तक सामान्य से 15% कम बारिश
    मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में अब तक औसतन 13.2 इंच (334.9 मिमी) वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि तक 15.5 इंच (395.2 मिमी) बारिश होनी चाहिए थी। यानी प्रदेश में अब भी करीब 15 प्रतिशत वर्षा की कमी बनी हुई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 18 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है। फिलहाल 14 जिलों में सामान्य से अधिक जबकि 41 जिलों में सामान्य से कम वर्षा दर्ज हुई है। पूर्वी क्षेत्र में निवाड़ी ऐसा एकमात्र जिला है, जहां औसत से अधिक बारिश हुई है।

  • भगवान शिव की पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां सही नियमों से करें आराधना और पाएं सुख समृद्धि व मनचाहा आशीर्वाद

    भगवान शिव की पूजा में भूलकर भी न करें ये गलतियां सही नियमों से करें आराधना और पाएं सुख समृद्धि व मनचाहा आशीर्वाद


    नई दिल्ली । भगवान शिव को देवों के देव महादेव कहा जाता है। मान्यता है कि वे अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा और सरल भक्ति से शीघ्र प्रसन्न हो जाते हैं। विशेष रूप से श्रावण मास सोमवार प्रदोष व्रत और शिवरात्रि के अवसर पर शिव पूजा का महत्व कई गुना बढ़ जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यदि भगवान शिव की पूजा विधि विधान और नियमों के साथ की जाए तो जीवन की अनेक परेशानियां दूर हो सकती हैं तथा सुख शांति समृद्धि और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

    शिव पूजा की शुरुआत प्रातःकाल स्नान करके स्वच्छ वस्त्र धारण करने से करनी चाहिए। पूजा स्थल को साफ और पवित्र रखें तथा भगवान शिव का ध्यान करते हुए पूजा का संकल्प लें। शिवलिंग पर सबसे पहले शुद्ध जल और फिर गंगाजल अर्पित करें। इसके बाद दूध दही शहद घी और शक्कर से पंचामृत अभिषेक किया जा सकता है। अंत में पुनः स्वच्छ जल से अभिषेक करना शुभ माना जाता है।

    भगवान शिव को बेलपत्र अत्यंत प्रिय हैं। पूजा के दौरान तीन पत्तियों वाले ताजे और साफ बेलपत्र अर्पित करें। बेलपत्र पर किसी प्रकार का कीड़ा या कटाव नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही धतूरा भांग आक के फूल सफेद चंदन सफेद पुष्प अक्षत और मौसमी फल भी अर्पित किए जा सकते हैं। पूजा के दौरान ओम नमः शिवाय और महामृत्युंजय मंत्र का श्रद्धापूर्वक जाप करना अत्यंत फलदायी माना जाता है। शिव चालीसा रुद्राष्टक और शिव तांडव स्तोत्र का पाठ भी विशेष पुण्य प्रदान करता है।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिव पूजा में कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। भगवान शिव को तुलसी के पत्ते केतकी का फूल और हल्दी अर्पित नहीं करनी चाहिए। शिवलिंग पर चढ़ाए गए जल को पैरों से स्पर्श नहीं करना चाहिए और पूजा के समय मन में किसी प्रकार का क्रोध अहंकार या नकारात्मक विचार नहीं रखना चाहिए। पूजा पूरी श्रद्धा और शांत मन से करनी चाहिए क्योंकि भगवान शिव भाव के भूखे माने जाते हैं।

    यदि संभव हो तो सोमवार का व्रत रखें और जरूरतमंद लोगों को अन्न वस्त्र या अन्य आवश्यक वस्तुओं का दान करें। दान और सेवा को भी शिव भक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना गया है। शाम के समय शिव मंदिर में दीपक जलाकर आरती करने से घर में सुख शांति और सकारात्मक वातावरण बना रहता है। परिवार के साथ सामूहिक रूप से भगवान शिव का स्मरण करने से आपसी प्रेम और विश्वास भी मजबूत होता है।

    ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिव पूजा करने से ग्रह दोषों का प्रभाव कम हो सकता है। विशेष रूप से चंद्रमा राहु केतु और शनि से जुड़ी समस्याओं में भगवान शिव की आराधना लाभकारी मानी जाती है। साथ ही मानसिक तनाव भय रोग और जीवन की बाधाओं से मुक्ति पाने के लिए भी शिव उपासना को अत्यंत प्रभावी बताया गया है।

    भगवान शिव की पूजा में सबसे महत्वपूर्ण नियम सच्ची श्रद्धा और निष्कपट भक्ति है। यदि भक्त पूरी आस्था और विश्वास के साथ महादेव का स्मरण करता है तो वे उसकी मनोकामनाएं पूरी करते हैं और जीवन में सुख समृद्धि सफलता तथा आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करते हैं।

  • Aaj Ka Rashifal 27 जुलाई 2026: कुंभ राशि के लिए आय के नए स्रोत, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    Aaj Ka Rashifal 27 जुलाई 2026: कुंभ राशि के लिए आय के नए स्रोत, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का भविष्यफल


    नई दिल्ली । सोमवार का दिन कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आ रहा है। कुंभ राशि वालों की आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है, जबकि मेष, सिंह और धनु राशि के जातकों को करियर में सफलता के संकेत मिल रहे हैं। जानिए सभी 12 राशियों का विस्तृत राशिफल।

    मेष राश
    आज का दिन ऊर्जा और आत्मविश्वास से भरपूर रहेगा। रुके हुए कार्यों में गति आएगी और कार्यक्षेत्र में आपकी सक्रियता की सराहना होगी। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। वरिष्ठ अधिकारियों और मित्रों का सहयोग मिलेगा। यात्रा के योग भी बन सकते हैं।

    शुभ रंग: गुलाबी लाल
    शुभ अंक: 8, 9
    उपाय: भगवान शिव की पूजा करें और ॐ नमः शिवाय मंत्र का जाप करें।

    वृष राशि
    आज धैर्य और संयम से काम लेने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही न करें। व्यापार में सहयोगियों का साथ मिलेगा, लेकिन किसी भी बड़े निर्णय में जल्दबाजी से बचें। पढ़ाई और शोध कार्यों में सफलता मिल सकती है।

    शुभ रंग: हल्का गुलाबी
    शुभ अंक: 2, 8, 9
    उपाय: भगवान शिव का पूजन करें और नियमित दिनचर्या बनाए रखें।

    मिथुन राशि
    पारिवारिक और वैवाहिक जीवन में सामंजस्य बना रहेगा। साझेदारी के कार्यों में लाभ मिलने की संभावना है। व्यापार और नौकरी में योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने पर अच्छे परिणाम मिलेंगे।

    शुभ रंग: आसमानी
    शुभ अंक: 2, 5, 8, 9
    उपाय: जीवनसाथी के साथ प्रेम और सहयोग का भाव बनाए रखें।

    कर्क राशि
    आज किसी भी निर्णय में जल्दबाजी न करें। आर्थिक मामलों में सतर्कता बरतें और निवेश सोच-समझकर करें। कार्यस्थल पर समय का सही उपयोग करें। स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

    शुभ रंग: हल्का गुलाबी
    शुभ अंक: 2, 8, 9
    उपाय: शिव मंत्रों का जाप करें और संयम बनाए रखें।

    सिंह राशि
    व्यापार और करियर में प्रगति के संकेत हैं। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। मित्रों का सहयोग मिलेगा और आत्मविश्वास बढ़ेगा। सामाजिक प्रतिष्ठा में भी वृद्धि हो सकती है।

    शुभ रंग: गहरा गुलाबी
    शुभ अंक: 1, 2, 9
    उपाय: भगवान शिव की आराधना करें और सकारात्मक सोच बनाए रखें।

    कन्या राशि
    भावुक होकर कोई बड़ा फैसला न लें। मेहनत का पूरा फल मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में समझदारी दिखाएं। परिवार के साथ संबंध मधुर रहेंगे और कार्यस्थल पर अनुशासन सफलता दिलाएगा।

    शुभ रंग: समुद्री
    शुभ अंक: 2, 5, 8, 9
    उपाय: क्रोध और जिद से बचें।

    तुला राश
    व्यापार और नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं। अधिकारियों का सहयोग मिलेगा और सामाजिक दायरा बढ़ेगा। नई मुलाकातें भविष्य में लाभदायक साबित होंगी।

    शुभ रंग: सिल्वर
    शुभ अंक: 2, 6, 8, 9
    उपाय: भाईचारे और सहयोग की भावना बनाए रखें।

    वृश्चिक राशि
    पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा। बचत और निवेश से जुड़े मामलों में लाभ मिल सकता है। व्यापार में नए प्रस्ताव मिलेंगे। मधुर व्यवहार आपके लिए लाभदायक रहेगा।

    शुभ रंग: मरून
    शुभ अंक: 8, 9
    उपाय: विनम्रता बनाए रखें और भगवान शिव का पूजन करें।

    धनु राशि
    नई योजनाएं और नए अवसर आपका इंतजार कर रहे हैं। करियर और कारोबार में सफलता मिलने के संकेत हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा और प्रेम संबंधों में भी मधुरता आएगी।

    शुभ रंग: भगवा
    शुभ अंक: 2, 3, 8, 9
    उपाय: अपनी रचनात्मकता का पूरा उपयोग करें।

    मकर राश
    आर्थिक मामलों में संतुलन बनाए रखना जरूरी होगा। खर्च बढ़ सकते हैं, इसलिए बजट के अनुसार चलें। विदेश से जुड़े कार्यों में सफलता मिल सकती है। वरिष्ठों की सलाह लाभदायक साबित होगी।

    शुभ रंग: मड कलर
    शुभ अंक: 2, 8, 9
    उपाय: कम बोलें और सोच-समझकर निर्णय लें।

    कुंभ राशि
    आज का दिन आर्थिक दृष्टि से बेहद शुभ रह सकता है। आय के नए स्रोत बनने के संकेत हैं। करियर और व्यापार में उन्नति होगी। मित्रों और रिश्तेदारों का सहयोग मिलेगा। प्रेम संबंधों में सुधार होगा और कार्यस्थल पर सम्मान बढ़ सकता है।

    शुभ रंग: मूनस्टोन
    शुभ अंक: 2, 8, 9
    उपाय: अपने लक्ष्य पर पूरा ध्यान रखें और भगवान शिव की आराधना करें।

    मीन राश
    सरकारी और प्रशासनिक कार्यों में सफलता मिलने की संभावना है। कारोबार में तेजी आएगी और महत्वपूर्ण निर्णय आपके पक्ष में रह सकते हैं। पैतृक संपत्ति या परिवार का सहयोग मिलेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

    शुभ रंग: स्वर्णिम
    शुभ अंक: 2, 3, 8, 9
    उपाय: हर महत्वपूर्ण कार्य में पहल करें और शिव मंत्रों का जाप करें।

  • मप्र: नरसिंहपुर में हाईवे पर सड़क हादसे में नहीं गई थी 5 लोगों की जान, कारोबारी रंजिश में हुई थी हत्या

    मप्र: नरसिंहपुर में हाईवे पर सड़क हादसे में नहीं गई थी 5 लोगों की जान, कारोबारी रंजिश में हुई थी हत्या


    नरसिंहपुर।
    मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में एक सप्ताह पहले जबलपुर-भोपाल राष्ट्रीय राजमार्ग-45 पर एक सड़क हादसे में हुई पांच लोगों की मौत के मामले में पुलिस ने रविवार को बड़ा खुलासा किया है। पुलिस की जांच में सामने आया कि यह हादसा नहीं, बल्कि रेत के अवैध कारोबार में वर्चस्व की लड़ाई में रची गई सुनियोजित हत्या थी।

    रेत कारोबारी राजेंद्र लोधी को रास्ते से हटाने के लिए कथित तौर पर उसकी गाड़ी को पहले से सड़क के दोनों ओर खड़े हाईवा से कुचलकर हादसे का रूप दिया गया था। पुलिस ने जांच के बाद मुख्य आरोपी शहपुरा जनपद पंचायत सदस्य आनंद पटेल समेत आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीन आरोपी फिलहाल फरार हैं। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश के साथ हत्या की साजिश से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच में जुटी है।

    गौरतलब है कि नरसिंहपुर जिले के जबलपुर-भोपाल नेशनल हाईवे-45 पर गत 19 जुलाई को एक बेकाबू हाईवा ने सड़क किनारे अपनी कार खड़ी करके सेल्फी ले रहे 6 युवकों को कुचल दिया था। इस हादसे में जबलपुर के पावला निवासी राजेंद्र लोधी (28) की मौके पर मौत हो गई थी, जबकि वीरेंद्र लोधी (20), राजपाल लोधी (21), जयपाल लोधी (30) और नीरज लोधी (30) ने अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में दम तोड़ दिया था। वहीं, एक युवक गंभीर रूप से घायल है, जिसका इलाज जबलपुर में चल रहा है।

    पुलिस के अनुसार, जांच में सामने आया कि राजेंद्र लोधी और आरोपी आनंद पटेल दोनों बेलखेड़ा क्षेत्र में अवैध रेत खनन और परिवहन के कारोबार से जुड़े थे। दोनों के बीच अवैध रेत कारोबार में वर्चस्व और आर्थिक हितों को लेकर विवाद था। जबलपुर के डॉ. अमित खरे की भी राजेंद्र से रुपये के लेनदेन को लेकर रंजिश थी, इसीलिए आनंद और डॉ. अमित खरे ने हत्या की साजिश रची। जबलपुर स्थित स्मार्ट सिटी अस्पताल के संचालक डॉ. अमित खरे ने मुख्य आरोपी को घटना को हादसा दिखाने व साक्ष्य छिपाने के तरीके बताए। घटना वाले दिन आरोपी राजा, अरविंद और भरत पटेल लगातार राजेंद्र लोधी की लोकेशन मुख्य आरोपी आनंद पटेल तक पहुंचा रहे थे। राजेंद्र साथियों के साथ जैसे ही वहां पहुंचा, हाईवा से उनकी गाड़ी को कुचल दिया।

    नरसिंहपुर के पुलिस अधीक्षक ऋषिकेश मीणा ने बताया कि वर्चस्व की लड़ाई को लेकर मुख्य आरोपी आनंद राजपूत और मृतक राजेंद्र पटेल के बीच व्यापार की पुरानी रंजिश थी। इसी रंजिश में राजेंद्र पटेल सहित पांच युवकों को हाईवा से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया गया। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो हत्या में इस्तेमाल हाईवा हीरापुर-बंदरोहा के जंगल से बरामद हो गई। पूछताछ में राजा पटेल ने पूरी साजिश का खुलासा कर दिया। इसके बाद आरोपी भी पकड़े गए।

    पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि शुभम, प्रीतम और ऋतुराज फरार हैं, जिनकी तलाश जारी है। हत्या में इस्तेमाल हाईवा के अलावा थार और फॉर्च्यूनर गाड़ी भी जब्त की गई हैं। पुलिस ने बताया कि साजिश में जबलपुर के अस्पताल संचालक अमित खरे भी शामिल था। उसने आनंद पटेल को हत्या को हादसा दिखाने के तरीके बताए थे। वहीं, राजा पटेल ने राजेंद्र लोधी की रेकी कर उसकी लोकेशन आरोपियों तक पहुंचाई।

  • MP: जबलपुर में युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार महानाट्य का हुआ मंचन

    MP: जबलपुर में युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार महानाट्य का हुआ मंचन


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश के जबलपुर में संस्कृति विभाग के सहयोग से रविवार देर शाम मानस भवन में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के आद्य सरसंघचालक ‘युगप्रवर्तक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार’ विषय पर आधारित महानाट्य मंचन हुआ। नागपुर के ‘नादब्रह्म’ संस्था के कलाकारों ने डॉ. हेडगेवार’ के जीवन के संघर्षों और विचारों को मंच पर जीवंत कर दिया।

    कार्यक्रम में प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि मप्र उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायमूर्ति दिनेश कुमार पालीवाल, उद्योगपति एवं समाजसेवी एवं विशिष्ट अतिथि डॉ. कैलाश गुप्ता थे।

    कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार जैसे महान व्यक्तित्व के बारे में बोलना सौभाग्य के साथ-साथ जिम्मेदारी का विषय है। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति के कार्यों का सही मूल्यांकन उसके विचारों और उनके दीर्घकालीन प्रभाव से होता है। डॉ. हेडगेवार ने अपने 51 वर्ष के जीवन में मात्र 15 वर्षों के संघ कार्य के माध्यम से जिस संगठन की नींव रखी, वह आज विश्व के लिए आश्चर्य का विषय है।

    मंत्री सिंह ने कहा कि डॉ. हेडगेवार के मन में बचपन से ही देश की स्वतंत्रता और राष्ट्र निर्माण का संकल्प था। उन्होंने क्रांतिकारी के रूप में कार्य किया, शिक्षा के लिए कलकत्ता गए और स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। बाद में देश की आजादी के लिए कार्य किया तथा वर्ष 1930 में जंगल कानून के विरोध में सत्याग्रह करने पर एक वर्ष का कठोर कारावास भी भुगता।

    उन्होंने कहा कि डॉ. हेडगेवार केवल देश की स्वतंत्रता तक सीमित नहीं रहे, बल्कि स्वतंत्र भारत के निर्माण को लेकर भी चिंतित थे। इसी उद्देश्य से उन्होंने वर्ष 1925 में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की स्थापना की और अपना पूरा जीवन राष्ट्र निर्माण, चरित्र निर्माण तथा संगठन निर्माण के लिए समर्पित कर दिया। उनके प्रयासों का परिणाम है कि आज संघ विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठनों में शामिल है।

    मंत्री राकेश सिंह ने कहा कि यदि हम डॉ. हेडगेवार के जीवन से थोड़ी भी प्रेरणा लेकर उसे अपने जीवन में अपनाएं, तो यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस महानाट्य के माध्यम से उनके जीवन और विचारों को समझना अधिक सहज होगा तथा यह प्रस्तुति समाज और राष्ट्र के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने में सहायक बनेगी।

    कार्यक्रम के प्रारंभ में आयोजकों ने बताया कि नागपुर के ‘नादब्रह्म’ द्वारा निर्मित ‘युगप्रवर्तक डॉ. हेडगेवार’ (संघ सृजन का भव्य नाट्य आविष्कार) महानाट्य का यह 57वां मंचन है तथा इसकी 151 प्रस्तुतियों का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अब तक महाराष्ट्र, गोवा, राजस्थान, कर्नाटक और छत्तीसगढ़ सहित विभिन्न राज्यों में इसका सफल मंचन हो चुका है। मध्य प्रदेश में यह इसका आठवां प्रदर्शन रहा।

    इस महानाट्य के संयोजक निखिल देशकर, संरक्षक रविजी भुसारी (ज्येष्ठ प्रचारक, रा.स्व.संघ), निर्माता पद्माकर धानोरकर, लेखक डॉ. अजय प्रधान, निर्देशक सुबोध सुर्जकर और संगीत शैलेश दाणी द्वारा तैयार किया गया था। कार्यक्रम में महाकौशल प्रांत के प्रांत संचालक , विधायक अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पाण्डेय, जेडीए अध्यक्ष संदीप जैन, नगर निगम अध्यक्ष रिकुंज विज, भाजपा नगर अध्यक्ष रत्नेश सोनकर, प्रदेश भाजपा कोषाध्यक्ष अखिलेश जैन, डॉ. जितेन्द्र जामदार, भाजपा के प्रदेश दिव्यांगजन प्रकोष्ठ के अध्यक्ष संदीप रजक सहित गणमान्य नागरिक एवं बड़ी संख्या में दर्शक उपस्थित थे।