Author: bharati

  • खरीफ सीजन से पहले खाद की किल्लत, किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी

    खरीफ सीजन से पहले खाद की किल्लत, किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी


    खरगोन। जिले के कसरावद और झिरन्या क्षेत्र के वनग्रामों में किसानों के सामने गंभीर संकट खड़ा हो गया है। फार्मर आईडी जनरेट न होने के कारण बड़ी संख्या में वन अधिकार पट्टाधारी किसान रासायनिक खाद से वंचित रह गए हैं। खरीफ सीजन की बुवाई से ठीक पहले खाद वितरण व्यवस्था बाधित होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है।

    किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों द्वारा अब खाद का वितरण फार्मर आईडी आधारित टोकन सिस्टम से किया जा रहा है, लेकिन वनग्रामों के अधिकांश किसानों की फार्मर आईडी अब तक नहीं बन पाई है। ऐसे में वे सिस्टम से बाहर हो गए हैं और जरूरी खाद प्राप्त नहीं कर पा रहे हैं।

    वन अधिकार पट्टाधारी किसानों की बढ़ी मुश्किलें
    झिरन्या क्षेत्र के ग्रामीणों ने बताया कि यह क्षेत्र पूरी तरह आदिवासी बहुल ग्राम पंचायत है, जहां अधिकांश किसानों को वन अधिकार पट्टे प्राप्त हैं। वर्षों से ये किसान इन्हीं भूमि पर खेती कर अपनी आजीविका चला रहे हैं, लेकिन अब डिजिटल व्यवस्था के कारण वे खाद जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हो रहे हैं। किसानों का आरोप है कि नई व्यवस्था लागू होने से पहले उनके दस्तावेज और फार्मर आईडी अपडेट नहीं की गई, जिससे पूरा वनग्राम सिस्टम से बाहर हो गया है।

    तहसीलदार को सौंपा गया ज्ञापन, समाधान की मांग
    इस समस्या को लेकर समाजसेवी गजेंद्र पटेल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में किसानों ने तहसीलदार नरेंद्र मुवेल को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि वन अधिकार पट्टाधारी किसानों की फार्मर आईडी तत्काल बनाई जाए और उन्हें खाद वितरण के लिए टोकन जारी किए जाएं।किसानों ने साफ कहा कि यदि समय रहते समस्या का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

    खरीफ सीजन की बुवाई पर संकट
    किसानों ने बताया कि खरीफ सीजन की बुवाई का समय बेहद नजदीक है और इस समय खाद का उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। बारिश शुरू होने के साथ ही खेती का कार्य तेज हो जाता है, लेकिन खाद न मिलने से पूरी कृषि तैयारी प्रभावित हो रही है। किसानों का कहना है कि अगर समय पर खाद नहीं मिला तो फसल उत्पादन पर सीधा असर पड़ेगा और आर्थिक नुकसान झेलना पड़ेगा।

    प्रशासन से त्वरित कार्रवाई की उम्मीद
    ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस तकनीकी और दस्तावेजी समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल समाधान निकाला जाए। साथ ही वनग्राम के सभी पात्र किसानों को सिस्टम में शामिल कर उन्हें खाद वितरण की सुविधा सुनिश्चित की जाए। फिलहाल क्षेत्र में नाराजगी का माहौल है और किसान प्रशासनिक कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।

  • बस स्टैंड और मंदिर मार्ग पर शराब दुकान-ढाबा हटाने की मांग तेज: ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

    बस स्टैंड और मंदिर मार्ग पर शराब दुकान-ढाबा हटाने की मांग तेज: ग्रामीणों ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन


    शाजापुर। जिले की ग्राम पंचायत मोहन बड़ोदिया में बस स्टैंड परिसर और प्रसिद्ध गुसाईजी की बैठक मंदिर जाने वाले मार्ग पर संचालित शराब दुकान और नॉनवेज ढाबे को हटाने की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया है। बुधवार को बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने एकजुट होकर कलेक्टर के नाम ग्राम पंचायत, थाना और तहसील कार्यालय में ज्ञापन सौंपा और तत्काल कार्रवाई की मांग की।

    ग्रामीणों का कहना है कि बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थान और मंदिर जाने वाले मुख्य मार्ग पर शराब दुकान का संचालन क्षेत्र के सामाजिक माहौल को प्रभावित कर रहा है। लोगों का आरोप है कि इससे न केवल आम नागरिकों को असुविधा हो रही है, बल्कि धार्मिक वातावरण भी बाधित हो रहा है।

    स्कूल, पंचायत और मंदिर के पास दुकान से बढ़ी चिंत
    ग्रामीणों ने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि जिस स्थान पर शराब दुकान संचालित हो रही है, उसके आसपास ग्राम पंचायत भवन, स्कूल, बस स्टैंड, रिहायशी कॉलोनी और डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा स्थित है। इसके अलावा यह मार्ग गुसाईजी की बैठक मंदिर तक पहुंचने का प्रमुख रास्ता भी है, जहां नियमित रूप से धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम आयोजित होते हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस मार्ग से महिलाओं और श्रद्धालुओं का लगातार आना-जाना रहता है, ऐसे में शराब दुकान और ढाबे की मौजूदगी से असुरक्षा का माहौल बनता है।

    टीनशेड में बैठकर शराब सेवन का आरोप
    ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि शराब ठेके के पास टीनशेड लगाकर बैठने की व्यवस्था की गई है, जहां दिनभर शराब पीने वालों का जमावड़ा लगा रहता है। इससे क्षेत्र में गाली-गलौज, विवाद और अराजकता की स्थिति बनी रहती है, जिससे आम लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की गतिविधियों से गांव की शांति और सामाजिक माहौल पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

    प्रशासन की प्रतिक्रिया और जांच के निर्देश
    मामले को गंभीरता से लेते हुए तहसीलदार ने नॉनवेज ढाबे के संचालन स्थल की जांच कर ग्राम पंचायत को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर गंदगी फैलाने और कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं आबकारी विभाग की सदस्य मीनाक्षी सिंह ने दो दिनों के भीतर स्थल निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

    ग्रामीणों की उम्मीद: जल्द हटे अवैध गतिविधियां
    ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द इस मामले में ठोस कदम उठाएगा और बस स्टैंड तथा मंदिर मार्ग जैसे संवेदनशील क्षेत्रों को विवाद और अव्यवस्था से मुक्त कराया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में इस मुद्दे को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

  • बढ़ती ईंधन लागत पर सरकार का बड़ा फैसला, घरेलू एयरलाइंस के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विशेष समर्थन पैकेज

    बढ़ती ईंधन लागत पर सरकार का बड़ा फैसला, घरेलू एयरलाइंस के लिए 10,000 करोड़ रुपये का विशेष समर्थन पैकेज

    नई दिल्ली । देश के विमानन क्षेत्र को बढ़ती ईंधन लागत के दबाव से राहत देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में एविएशन टर्बाइन फ्यूल (एटीएफ) की अस्थिर और ऊंची कीमतों के प्रभाव को कम करने के लिए 10,000 करोड़ रुपये की विशेष बजटीय सहायता को मंजूरी दी गई है। सरकार का मानना है कि इस कदम से एयरलाइंस को ईंधन लागत में स्थिरता मिलेगी और वे अपने परिचालन को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित कर सकेंगी।

    सरकार द्वारा स्वीकृत यह सहायता तेल विपणन कंपनियों को ब्याज-मुक्त अग्रिम राशि के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी। इसका मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन कीमतों में आने वाले अचानक उतार-चढ़ाव के दौरान एयरलाइंस को अपेक्षाकृत स्थिर दरों पर एटीएफ उपलब्ध कराना है। पिछले कुछ महीनों में वैश्विक परिस्थितियों और पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण विमानन ईंधन की कीमतों में तेज वृद्धि दर्ज की गई है, जिसका सीधा असर एयरलाइंस की परिचालन लागत पर पड़ा है।

    नई व्यवस्था के तहत एटीएफ मूल्य स्थिरीकरण सहायता को 36 महीनों तक लागू रखा जाएगा। हालांकि इसकी वार्षिक समीक्षा की जाएगी और आवश्यकता के अनुसार इसमें संशोधन भी संभव होगा। योजना का उद्देश्य केवल तत्काल राहत प्रदान करना नहीं है, बल्कि विमानन उद्योग को वित्तीय अनिश्चितताओं से बचाते हुए दीर्घकालिक स्थिरता प्रदान करना भी है।

    सरकारी व्यवस्था के अनुसार यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एटीएफ की आयात समता कीमत निर्धारित मानक स्तर से अधिक हो जाती है, तो उससे होने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार की भरपाई इस सहायता कोष से की जाएगी। दूसरी ओर जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन की कीमतों में कमी आएगी, तब तेल विपणन कंपनियों से अंतर की राशि वापस ली जाएगी और उसे सरकारी कोष में जमा कराया जाएगा। इस प्रकार योजना को संतुलित और वित्तीय रूप से जिम्मेदार ढंग से संचालित करने का प्रयास किया गया है।

    यह सुविधा सभी इच्छुक अनुसूचित भारतीय एयरलाइंस के लिए उपलब्ध होगी और घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय दोनों प्रकार की उड़ानों पर लागू होगी। योजना में भाग लेने वाली एयरलाइंस को एक निर्धारित अवधि तक केवल अधिकृत तेल विपणन कंपनियों से ही एटीएफ खरीदना होगा। इसके लिए एयरलाइंस और तेल विपणन कंपनियों के बीच औपचारिक समझौता किया जाएगा, जिसमें संबंधित मंत्रालय भी भागीदार होंगे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि विमानन उद्योग की लागत संरचना में ईंधन का हिस्सा अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में ईंधन कीमतों में तेज वृद्धि सीधे टिकट दरों, परिचालन योजनाओं और एयरलाइंस की वित्तीय स्थिति को प्रभावित करती है। सरकार की इस पहल से एयरलाइंस को लागत प्रबंधन में मदद मिलेगी और वे भविष्य की व्यावसायिक रणनीतियां अधिक सटीक तरीके से तैयार कर सकेंगी।

    इस निर्णय का प्रभाव केवल विमानन क्षेत्र तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। पर्यटन, होटल उद्योग, व्यापार, निवेश और क्षेत्रीय संपर्क जैसे क्षेत्रों को भी इससे अप्रत्यक्ष लाभ मिल सकता है। बेहतर और स्थिर हवाई सेवाएं आर्थिक गतिविधियों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं, जिससे व्यापक स्तर पर विकास को प्रोत्साहन मिल सकता है।

    हालिया आंकड़े बताते हैं कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एटीएफ की कीमतों में बेहद तेज वृद्धि हुई है। कुछ ही महीनों के भीतर ईंधन लागत में कई गुना बढ़ोतरी ने एयरलाइंस के लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति पैदा कर दी थी। ऐसे समय में सरकार का यह कदम विमानन उद्योग को राहत देने और उसकी वित्तीय स्थिरता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।

  • शिमला से मुंबई तक का यादगार सफर, 45 साल बाद अनुपम खेर ने शहर को कहा धन्यवाद, साझा की संघर्ष की कहानी

    शिमला से मुंबई तक का यादगार सफर, 45 साल बाद अनुपम खेर ने शहर को कहा धन्यवाद, साझा की संघर्ष की कहानी

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के वरिष्ठ अभिनेता अनुपम खेर ने मुंबई में अपने 45 वर्षों के सफर को याद करते हुए इस शहर के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया है। अपने भावुक संदेश में उन्होंने बताया कि कैसे सपनों और उम्मीदों के साथ एक छोटे शहर से आए युवा ने मुंबई की धरती पर कदम रखा था और वर्षों के संघर्ष, मेहनत तथा अनुभवों के बाद आज वह अपने जीवन के इस महत्वपूर्ण पड़ाव तक पहुंचा है। अभिनेता ने कहा कि मुंबई केवल एक शहर नहीं, बल्कि लाखों लोगों के सपनों को दिशा देने वाला एक ऐसा मंच है, जो प्रतिभा और परिश्रम को पहचान देता है।

    अनुपम खेर ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि जब वह पहली बार मुंबई पहुंचे थे, तब उनके पास संसाधन बेहद सीमित थे, लेकिन सपने बहुत बड़े थे। जीवन में कुछ कर दिखाने की चाह और अभिनय के प्रति समर्पण ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी थी। उन्होंने माना कि मुंबई ने उन्हें अवसर तो दिए ही, साथ ही ऐसे संघर्ष भी दिए जिन्होंने उनके व्यक्तित्व को मजबूत बनाया और उन्हें जीवन की वास्तविकताओं से परिचित कराया।

    अभिनेता के अनुसार, सफलता का सफर कभी आसान नहीं होता और मुंबई जैसे बड़े शहर में अपनी पहचान बनाना चुनौतीपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि इस शहर ने उन्हें धैर्य, अनुशासन और निरंतर प्रयास का महत्व सिखाया। यहां मिलने वाली चुनौतियों ने उन्हें हर परिस्थिति में आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी कहा कि असफलताओं ने उन्हें टूटने नहीं दिया, बल्कि हर बार और अधिक मजबूत बनाकर आगे बढ़ाया।

    मुंबई के प्रति अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए अनुपम खेर ने कहा कि यह शहर हर व्यक्ति को अपनाने की क्षमता रखता है। चाहे कोई किसी भी पृष्ठभूमि से आता हो, यदि उसके भीतर मेहनत करने का जज्बा और अपने सपनों को पूरा करने की लगन है तो मुंबई उसे आगे बढ़ने का अवसर जरूर देती है। यही विशेषता इस शहर को दुनिया के अन्य महानगरों से अलग बनाती है।

    उन्होंने अपने लंबे सफर के दौरान मिले अनुभवों का भी जिक्र किया। अभिनेता ने कहा कि यहां की भागदौड़, लोगों की मेहनत और रोजमर्रा का जीवन लगातार प्रेरणा देने वाला रहा है। शहर की सड़कों से लेकर सार्वजनिक परिवहन तक, हर जगह उन्होंने जीवन के अलग-अलग रंग देखे और उनसे सीख हासिल की। यही अनुभव आगे चलकर उनके अभिनय और व्यक्तित्व का महत्वपूर्ण हिस्सा बने।

    अनुपम खेर ने यह भी स्वीकार किया कि अभिनय जगत में मिली सफलता के पीछे केवल व्यक्तिगत प्रयास ही नहीं, बल्कि मुंबई का सहयोग और यहां का माहौल भी बड़ी भूमिका निभाता है। उन्होंने कहा कि यह शहर लोगों को सपने देखने की हिम्मत देता है और उन्हें पूरा करने के लिए संघर्ष करने का साहस भी प्रदान करता है।

    अपने 45 वर्षों के सफर को याद करते हुए अभिनेता ने कहा कि आज भी वह खुद को सीखने की प्रक्रिया में मानते हैं। उनके अनुसार जीवन में सीखने और आगे बढ़ने की यात्रा कभी समाप्त नहीं होती। उन्होंने मुंबई को धन्यवाद देते हुए कहा कि इस शहर ने उन्हें पहचान, सम्मान और जीवन को समझने का अवसर दिया। यही कारण है कि इतने वर्षों बाद भी उनका इस शहर से जुड़ाव पहले की तरह मजबूत और भावनात्मक बना हुआ है।

  • वाटर पार्क में दर्दनाक हादसा: गोता लगाते समय युवक गंभीर रूप से घायल, इंदौर रेफर

    वाटर पार्क में दर्दनाक हादसा: गोता लगाते समय युवक गंभीर रूप से घायल, इंदौर रेफर



    शाजापुर। गर्मी से राहत पाने के लिए वाटर पार्क में मस्ती करने पहुंचे एक युवक के साथ बुधवार को दर्दनाक हादसा हो गया। जिले के पनवाड़ी गांव स्थित ड्रीम फन वैली वाटर पार्क में नहाते समय गोता लगाते हुए युवक का सिर किसी कठोर सतह से जोरदार टकरा गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गया और पानी में डूबने की स्थिति में पहुंच गया। समय रहते मौजूद दोस्तों और वाटर पार्क कर्मचारियों ने उसे बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया।

    घटना बुधवार दोपहर करीब 2 बजे की बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पूल में अन्य लोगों के साथ मस्ती कर रहा युवक अचानक गहरे हिस्से में गोता लगाने लगा। इसी दौरान उसका सिर किसी सख्त हिस्से या तल से टकरा गया, जिससे उसे गंभीर चोट आई और वह पानी में ही अचेत हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत हरकत में आते हुए उसे बाहर निकाला और प्राथमिक सहायता देने की कोशिश की।

    राजगढ़ का युवक, दोस्तों के साथ आया था घूमने
    घायल युवक की पहचान राजगढ़ जिले के भेसवा माताजी निवासी सुनील के रूप में हुई है। सुनील अपने दो दोस्तों के साथ गर्मी से राहत पाने और मनोरंजन के लिए वाटर पार्क पहुंचा था। बताया जा रहा है कि सभी लोग सामान्य रूप से पूल में मस्ती कर रहे थे, लेकिन कुछ ही पलों में यह खुशी का माहौल दर्दनाक हादसे में बदल गया। दोस्तों के अनुसार, सुनील ने जैसे ही गोता लगाया, वैसे ही उसका सिर किसी कठोर सतह से टकराया और वह तुरंत नीचे की ओर डूबने लगा। इस दौरान कुछ सेकंड की देरी भी उसकी जान पर भारी पड़ सकती थी, लेकिन सतर्कता के चलते उसे समय पर बचा लिया गया।

    शाजापुर जिला अस्पताल से इंदौर रेफर
    घटना के बाद घायल युवक को तत्काल शाजापुर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए प्राथमिक उपचार दिया। डॉक्टरों के अनुसार, सिर में गहरी चोट लगने और बेहोशी की स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए उसे इंदौर रेफर कर दिया गया।

    फिलहाल युवक का इलाज इंदौर के अस्पताल में जारी है और उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है, जिसके बाद परिवार में चिंता का माहौल है।

    प्रशासनिक जांच की संभावना
    इस हादसे के बाद वाटर पार्क की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। शुरुआती जानकारी के अनुसार, घटना कैसे हुई और क्या सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था, इसको लेकर संबंधित स्तर पर जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि अभी तक किसी आधिकारिक जांच की पुष्टि नहीं हुई है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में वाटर पार्क में भीड़ बढ़ जाती है, ऐसे में सुरक्षा इंतजामों को और मजबूत करने की जरूरत है ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

  • नई ऊंचाइयों की ओर भारत-नेपाल रिश्ते, प्रधानमंत्री मोदी ने रबि लामिछाने से मुलाकात कर मजबूत साझेदारी का दिया संदेश

    नई ऊंचाइयों की ओर भारत-नेपाल रिश्ते, प्रधानमंत्री मोदी ने रबि लामिछाने से मुलाकात कर मजबूत साझेदारी का दिया संदेश

    नई दिल्ली । भारत और नेपाल के बीच ऐतिहासिक और सांस्कृतिक रिश्तों को नई मजबूती देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण राजनीतिक मुलाकात हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल की राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के अध्यक्ष रबि लामिछाने से मुलाकात कर दोनों देशों के बीच सहयोग, विकास और क्षेत्रीय साझेदारी के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। इस मुलाकात को भारत-नेपाल संबंधों के लिहाज से अहम माना जा रहा है, क्योंकि दोनों देशों के बीच लंबे समय से चले आ रहे पारंपरिक संबंधों को और व्यापक बनाने की दिशा में लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

    बैठक के दौरान साझा समृद्धि, आर्थिक सहयोग, क्षेत्रीय स्थिरता और भविष्य की विकास योजनाओं पर विचार-विमर्श किया गया। प्रधानमंत्री मोदी ने नेपाल को भारत की ‘पड़ोसी प्रथम’ नीति का महत्वपूर्ण साझेदार बताते हुए दोनों देशों के बीच विश्वास और सहयोग को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल के संबंध केवल कूटनीतिक दायरे तक सीमित नहीं हैं, बल्कि दोनों देशों के नागरिकों के बीच गहरे सामाजिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंध भी मौजूद हैं।

    मुलाकात के दौरान इस बात पर भी जोर दिया गया कि बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय परिदृश्य में भारत और नेपाल को विकास, व्यापार, निवेश और संपर्क बढ़ाने के लिए मिलकर काम करना चाहिए। दोनों देशों के बीच ऊर्जा, सड़क संपर्क, रेलवे, शिक्षा, पर्यटन और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। विशेषज्ञों का मानना है कि इन क्षेत्रों में बढ़ता सहयोग दोनों देशों की अर्थव्यवस्था और क्षेत्रीय विकास को नई गति दे सकता है।

    प्रधानमंत्री मोदी ने विश्वास व्यक्त किया कि नेपाल की नई राजनीतिक परिस्थितियों और नेतृत्व के साथ भारत के संबंध और अधिक मजबूत होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देशों के बीच दशकों से चली आ रही मित्रता आने वाले समय में नई उपलब्धियों का आधार बनेगी। भारत लगातार नेपाल के विकास और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में सहयोग करता रहा है, जिसका सकारात्मक प्रभाव दोनों देशों के संबंधों पर देखा गया है।

    रबि लामिछाने की भारत यात्रा के दौरान कई वरिष्ठ भारतीय नेताओं के साथ भी उनकी मुलाकातें हुई हैं। इन बैठकों में लोकतांत्रिक व्यवस्था, सुरक्षा सहयोग, राजनीतिक संवाद और आपसी हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई। माना जा रहा है कि इन मुलाकातों से दोनों देशों के राजनीतिक और रणनीतिक संबंधों को और मजबूती मिलेगी।

    भारत और नेपाल के बीच खुली सीमा, सांस्कृतिक समानताएं और लोगों के बीच गहरे संबंध दोनों देशों की साझेदारी को विशेष बनाते हैं। हर वर्ष लाखों लोग धार्मिक, व्यापारिक और सामाजिक कारणों से दोनों देशों के बीच आवागमन करते हैं। यही कारण है कि द्विपक्षीय संबंधों को केवल राजनीतिक दृष्टि से नहीं बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि दक्षिण एशिया में बदलते भू-राजनीतिक हालात के बीच भारत और नेपाल के बीच बढ़ता संवाद क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिए सकारात्मक संकेत है। दोनों देशों की नेतृत्व स्तर की यह मुलाकात भविष्य में सहयोग के नए अवसरों का मार्ग प्रशस्त कर सकती है और पारंपरिक मित्रता को और अधिक मजबूत आधार प्रदान कर सकती है।

  • संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, शाजापुर जिला अस्पताल की सेवाएं प्रभावित

    संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की हड़ताल दूसरे दिन भी जारी, शाजापुर जिला अस्पताल की सेवाएं प्रभावित


    मध्यप्रदेश । शाजापुर जिला अस्पताल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल बुधवार को दूसरे दिन भी जारी रही। कर्मचारियों ने नियमित कार्यों का बहिष्कार करते हुए अस्पताल परिसर में धरना प्रदर्शन किया, जिससे जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर व्यापक असर देखने को मिला।

    हड़ताल के कारण खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं बाधित हो गई हैं। मरीजों को इलाज और नियमित स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

    टीकाकरण, पंजीयन और दवाइयों पर असर
    कर्मचारियों के हड़ताल पर जाने से एएनसी पंजीयन, टीकाकरण, जन्म प्रमाण पत्र जारी करने और ऑनलाइन स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कार्य प्रभावित हो गए हैं। इसके अलावा एनसीडी, टीबी, हाइपरटेंशन और डायबिटीज जैसी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को नियमित दवाइयां मिलने में भी कठिनाई हो रही है। सीएम हेल्पलाइन से जुड़े मामलों के निराकरण का काम भी बाधित बताया जा रहा है, जिससे आम लोगों की समस्याएं और बढ़ गई हैं।

    आठ सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन
    संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने बताया कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इनमें नियमितीकरण, एनपीएस और स्वास्थ्य बीमा का लाभ, 10 प्रतिशत वार्षिक वेतनवृद्धि, महंगाई भत्ता, समान कार्य के लिए समान वेतन और नियमित कर्मचारियों के समान अवकाश जैसी कुल आठ प्रमुख मांगें शामिल हैं। संघ के अनुसार, पहले चरण में काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज कराया गया था, जिसके बाद 2 जून से ऑनलाइन कार्यों के बहिष्कार के साथ अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की गई।

    आंदोलन और तेज करने की चेतावनी
    संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो 8 जून को भोपाल में मुख्यमंत्री निवास का घेराव किया जाएगा। कर्मचारियों का कहना है कि उनकी मांगें जायज हैं और लंबे समय से लंबित होने के कारण अब आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

    प्रशासन पर बढ़ा दबाव
    हड़ताल के चलते स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने से प्रशासन पर दबाव बढ़ गया है। ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में मरीजों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अब सभी की नजरें सरकार और कर्मचारी संघ के बीच होने वाली आगे की बातचीत पर टिकी हैं।

  • अंजुमन स्कूल-अस्पताल के पास शराब दुकान खुलने पर विवाद: ओबीसी महासभा ने जताया विरोध, SP को सौंपा ज्ञापन

    अंजुमन स्कूल-अस्पताल के पास शराब दुकान खुलने पर विवाद: ओबीसी महासभा ने जताया विरोध, SP को सौंपा ज्ञापन


    कटनी । कटनी शहर के कोतवाली थाना क्षेत्र अंतर्गत फूल मंडी के सामने संचालित एक शराब दुकान को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थानीय संगठन ओबीसी महासभा ने इस दुकान को नियमों के विरुद्ध बताते हुए कड़ा विरोध दर्ज कराया है और मंगलवार को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा।

    महासभा का आरोप है कि जिस स्थान पर यह शराब दुकान खोली गई है, वह संवेदनशील और भीड़भाड़ वाला क्षेत्र है, जहां शैक्षणिक और स्वास्थ्य संस्थान स्थित हैं। संगठन का कहना है कि इस तरह के स्थान पर शराब दुकान का संचालन सामाजिक माहौल को प्रभावित कर सकता है और यह नियमों के अनुरूप नहीं है।

    स्कूल और अस्पताल के बीच दुकान, उठे सवाल
    ओबीसी महासभा के जिलाध्यक्ष रामरतन नामदेव ने बताया कि दुकान के ठीक पास अंजुमन स्कूल स्थित है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं अध्ययन के लिए आते हैं। इसके अलावा मुख्य शासकीय जिला अस्पताल भी नजदीक ही है, जहां दिन-रात मरीजों, महिलाओं और बच्चों का आना-जाना लगा रहता है। संगठन का कहना है कि ऐसे क्षेत्र में शराब दुकान खोलना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि इससे स्थानीय माहौल पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

    भीड़भाड़ वाले इलाके का मुद्दा
    महासभा ने यह भी बताया कि आसपास शहर की प्रमुख चौपाटी स्थित है, जहां परिवार देर शाम तक आते हैं। साथ ही यह क्षेत्र रेलवे स्टेशन जाने वाले मुख्य मार्ग पर भी आता है, जहां यात्रियों की लगातार आवाजाही रहती है। संगठन ने इस पूरे मामले में आबकारी विभाग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि बिना उचित जमीनी जांच के अनुमति देना गंभीर लापरवाही है।

    सुरक्षा और सामाजिक माहौल पर चिंता
    ओबीसी महासभा ने ज्ञापन में महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि पहले भी इस क्षेत्र में कई आपत्तिजनक घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिससे स्थानीय लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि इस शराब दुकान को तुरंत हटाया जाए या किसी अन्य स्थान पर स्थानांतरित किया जाए, ताकि क्षेत्र का शैक्षणिक और सामाजिक माहौल सुरक्षित रह सके।

  • कटनी में स्कूटी से 7 पेटी अवैध शराब जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार कर भेजे गए जेल

    कटनी में स्कूटी से 7 पेटी अवैध शराब जब्त, दो तस्कर गिरफ्तार कर भेजे गए जेल


    कटनी । कटनी जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एनकेजे थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से कुल 63 लीटर देशी प्लेन और मसाला शराब बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई जा रही है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही स्कूटी को भी जब्त कर लिया गया है।

    यह कार्रवाई उस समय हुई जब पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि दो युवक स्कूटी पर भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर झलवारा से हिरवारा की ओर जा रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उपनिरीक्षक रूपेन्द्र राजपूत के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई और बताए गए रूट पर घेराबंदी की गई।

    घेराबंदी कर पकड़े गए आरोपी
    पुलिस टीम ने संदिग्ध स्कूटी को आते देख रोक लिया और दोनों युवकों को मौके पर ही हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान स्कूटी के आगे पैरदान और पीछे सीट पर रस्सी से बंधे कुल 7 कार्टून मिले, जिनमें अवैध देशी शराब भरी हुई थी।  दोनों आरोपी किसी भी प्रकार के वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद उन्हें तत्काल गिरफ्तार कर लिया गया।

    पूछताछ में सामने आई पहचान
    कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान सतीष चौधरी (27) और विकास चौधरी (27), निवासी झर्रा टिकुरिया, कटनी के रूप में बताई। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इसके बाद 63 लीटर शराब और स्कूटी को जब्त कर लिया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला जेल कटनी भेज दिया गया।

    अवैध शराब पर सख्ती जारी
    पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिले में अवैध शराब के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है ताकि अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सके।

  • आमलाबे वॉरियर्स बनी एमपीएल-2 की चैंपियन, फ्रेंड्स इलेवन को 6 विकेट से हराकर जीता खिताब

    आमलाबे वॉरियर्स बनी एमपीएल-2 की चैंपियन, फ्रेंड्स इलेवन को 6 विकेट से हराकर जीता खिताब


    मध्यप्रदेश । राजगढ़ जिले के माचलपुर स्थित रावणबल्डी क्रिकेट ग्राउंड पर मंगलवार रात खेले गए एमपीएल-2 नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट का फाइनल मुकाबला एकतरफा साबित हुआ। इस खिताबी भिड़ंत में आमलाबे वॉरियर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फ्रेंड्स इलेवन छापीहेड़ा को 6 विकेट से हराकर ट्रॉफी अपने नाम कर ली। मैच के बाद मैदान में खिलाड़ियों और समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया। आतिशबाजी और तालियों की गूंज के बीच जीत का उत्सव देर रात तक चलता रहा। बड़ी संख्या में क्रिकेट प्रेमी इस रोमांचक फाइनल मुकाबले के गवाह बने।

    पहले ही ढह गई फ्रेंड्स इलेवन की पारी
    टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी फ्रेंड्स इलेवन छापीहेड़ा की टीम शुरुआत से ही दबाव में दिखी। आमलाबे वॉरियर्स के गेंदबाजों ने सटीक लाइन और लेंथ से लगातार विकेट निकालते हुए विपक्षी बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। पूरी टीम 10 ओवर में 9 विकेट खोकर सिर्फ 55 रन ही बना सकी, जो इस फाइनल मुकाबले का सबसे कमजोर प्रदर्शन साबित हुआ।

    गेंद और बल्ले दोनों से चमके आमलाबे के खिलाड़ी
    लक्ष्य का पीछा करने उतरी आमलाबे वॉरियर्स ने आक्रामक अंदाज में शुरुआत की और मैच को एकतरफा बना दिया। टीम ने मात्र 4.5 ओवर में 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। गेंदबाजी में जीवन आमलाबे ने बेहतरीन प्रदर्शन किया और 2 ओवर में सिर्फ 14 रन देकर 3 महत्वपूर्ण विकेट झटके। वहीं बल्लेबाजी में अभिषेक जावा ने 12 गेंदों पर नाबाद 26 रन की तेजतर्रार पारी खेलकर जीत की औपचारिकता पूरी कर दी।

    विजेताओं पर इनामों की बरसात
    समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व मंत्री और जिला कांग्रेस अध्यक्ष प्रियव्रत सिंह मौजूद रहे। उन्होंने विजेता टीम को ट्रॉफी के साथ 51 हजार रुपए का चेक प्रदान किया, जबकि उपविजेता फ्रेंड्स इलेवन को 25,551 रुपए और ट्रॉफी दी गई। कार्यक्रम में खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए खेल भावना और अनुशासन पर जोर दिया गया। साथ ही आयोजन समिति की भी सराहना की गई।

    व्यक्तिगत प्रदर्शन को भी मिला सम्मान
    टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया। संजय पंवार को ‘प्लेयर ऑफ द सीरीज’ और सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज चुना गया, जबकि देव यादव को सर्वश्रेष्ठ गेंदबाज का पुरस्कार मिला। सभी विजेताओं को ट्रॉफी के साथ नकद पुरस्कार भी प्रदान किए गए।