Author: bharati

  • हफ्ते के आखिरी दिन बाजार में मिला-जुला रुख निफ्टी चढ़ा IT शेयर फिसले जानिए किन सेक्टरों में रही तेजी

    हफ्ते के आखिरी दिन बाजार में मिला-जुला रुख निफ्टी चढ़ा IT शेयर फिसले जानिए किन सेक्टरों में रही तेजी


    नई दिल्ली। हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में पूरे दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला। कारोबार के दौरान कभी बाजार में तेजी दिखाई दी तो कभी बिकवाली का दबाव बढ़ा। अंत में सेंसेक्स मामूली गिरावट के साथ लगभग सपाट बंद हुआ जबकि निफ्टी बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहा। व्यापक बाजार में हालांकि खरीदारी का रुझान मजबूत रहा और मिडकैप तथा स्मॉलकैप इंडेक्स में भी तेजी दर्ज की गई।

    कारोबार समाप्त होने पर 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 19.63 अंक यानी 0.03 प्रतिशत की मामूली गिरावट के साथ 74294.96 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 50 में 75.80 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई और यह 23346.40 के स्तर पर पहुंच गया। इस तरह दोनों प्रमुख सूचकांकों में अलग अलग रुख देखने को मिला।

    व्यापक बाजार की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.24 प्रतिशत की तेजी रही जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 1.74 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। इससे संकेत मिला कि शुक्रवार के कारोबार में बड़ी कंपनियों के अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी निवेशकों की दिलचस्पी बनी रही।

    सेक्टर के स्तर पर भी बाजार में अलग अलग रुझान दिखाई दिए। निफ्टी मेटल निफ्टी रियल्टी निफ्टी ऑयल एंड गैस निफ्टी सीमेंट और निफ्टी केमिकल में मजबूती रही। दूसरी ओर निफ्टी आईटी में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई। आईटी शेयरों में कमजोरी की एक वजह प्रॉफिट बुकिंग को माना गया। लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों के कारण वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी खर्च पर संभावित असर को लेकर भी बाजार में चिंता बनी हुई है।

    निफ्टी 50 में अदाणी पोर्ट्स अदाणी एंटरप्राइजेज भारती एयरटेल एचडीएफसी बैंक पावरग्रिड अल्ट्राटेक सीमेंट और अपोलो हॉस्पिटल जैसे शेयर बढ़त वाले प्रमुख शेयरों में शामिल रहे। वहीं टीसीएस टीएमपीवी एसबीआई लाइफ कोल इंडिया मारुति सुजुकी एनटीपीसी टाटा कंज्यूमर और सन फार्मा में गिरावट देखने को मिली।

    बाजार के एक विशेषज्ञ के अनुसार लगातार बनी भू राजनीतिक अनिश्चितता के बावजूद कच्चे तेल की कीमतों और ग्लोबल यील्ड में नरमी ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को कुछ समर्थन दिया। इसके चलते भारतीय इक्विटी बाजार में रिकवरी का रुझान जारी रहा। बड़े केंद्रीय बैंकों की ओर से उम्मीद के मुताबिक नीतिगत फैसलों के बाद मिले सकारात्मक वैश्विक संकेतों से भी निवेशकों का भरोसा बढ़ने की बात कही गई।

    विशेषज्ञ के अनुसार बाजार की रिकवरी कई सेक्टर में दिखाई दी लेकिन आईटी शेयरों में मुनाफावसूली का दबाव रहा। आगे बाजार की दिशा को लेकर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां महत्वपूर्ण रहेंगी। कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक यील्ड में नरमी से फिलहाल राहत मिली है लेकिन यह रिकवरी कितनी टिकाऊ रहती है यह ग्लोबल मैक्रो जोखिमों में कमी और विदेशी निवेशकों की ओर से लगातार निवेश पर निर्भर कर सकता है।

    कुल मिलाकर शुक्रवार का कारोबार भारतीय शेयर बाजार के लिए मिश्रित रहा। सेंसेक्स लगभग सपाट रहा जबकि निफ्टी और व्यापक बाजार सूचकांकों में बढ़त देखने को मिली। अगले कारोबारी सत्र में निवेशकों की नजर वैश्विक संकेतों विदेशी निवेश और विभिन्न सेक्टरों में खरीदारी की दिशा पर रहेगी।

  • जयशंकर और भूटान के राजा की खास मुलाकात ताशिचो द्जोंग में जलाया आशीर्वाद का दीया 54 मेड इन इंडिया ईवी भी सौंपे

    जयशंकर और भूटान के राजा की खास मुलाकात ताशिचो द्जोंग में जलाया आशीर्वाद का दीया 54 मेड इन इंडिया ईवी भी सौंपे


    नई दिल्ली। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने गुरुवार को भूटान के राजा जिग्मे खेसर नामग्याल वांगचुक के साथ थिम्पू स्थित प्रसिद्ध ताशिचो द्जोंग में आशीर्वाद का दीया जलाया। इस अवसर पर भारत और भूटान के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों की झलक देखने को मिली। कार्यक्रम में भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे और विदेश मंत्री डीएन धुंग्येल समेत भारत के मित्रों और भारतीय समुदाय के लोगों ने भी हिस्सा लिया।

    जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि ताशिचो द्जोंग में राजा वांगचुक की उपस्थिति में आशीर्वाद का दीया जलाया गया। उनके अनुसार इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 25 साल की जनसेवा को सम्मान दिया गया। जयशंकर ने कहा कि इस दौरान ऐसे योगदान को याद किया गया जिसका प्रभाव दुनिया के अलग अलग हिस्सों में लोगों के जीवन पर पड़ा है।

    इससे पहले विदेश मंत्री जयशंकर ने भूटान के प्रधानमंत्री शेरिंग तोबगे के साथ मुलाकात की। बैठक के दौरान दोनों पक्षों के बीच भारत और भूटान के संबंधों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। जयशंकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से भूटानी प्रधानमंत्री को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भारत की ओर से भूटान की प्रगति और समृद्धि के प्रति प्रतिबद्धता भी दोहराई।

    बैठक के बाद जयशंकर ने कहा कि भारत और भूटान के बीच दोस्ती और सहयोग के संबंध विशेष महत्व रखते हैं। दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग लंबे समय से जारी है और इसी क्रम में परिवहन तथा स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े कार्यक्रम भी सामने आए हैं।

    यात्रा के दौरान जयशंकर ने भूटान को 54 मेड इन इंडिया इलेक्ट्रिक वाहन भी सौंपे। इस मौके पर उन्होंने कहा कि भारत ई मोबिलिटी और सतत परिवहन की दिशा में भूटान की प्रगति का समर्थन कर रहा है। इलेक्ट्रिक वाहनों की यह सौगात दोनों देशों के बीच तकनीकी और परिवहन सहयोग से भी जुड़ी है। इससे भूटान में पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था को बढ़ावा देने के प्रयासों को समर्थन मिलने की उम्मीद है।

    भारत और भूटान के सहयोग का एक अन्य उदाहरण स्वास्थ्य क्षेत्र में भी देखने को मिला। इससे एक दिन पहले बुधवार को जयशंकर और भूटान के विदेश मंत्री ल्योनपो डी एन धुंग्येल ने मोंगर में 65 बेड वाले ग्याल्तसुएन जेत्सुन पेमा मदर एंड चाइल्ड हॉस्पिटल का उद्घाटन किया।

    जयशंकर ने कहा कि यह स्वास्थ्य सुविधा पूर्वी भूटान में गुणवत्तापूर्ण और विशेष मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच को मजबूत करने में मदद करेगी। अस्पताल का उद्घाटन दोनों देशों के बीच स्वास्थ्य क्षेत्र में सहयोग को दर्शाता है।

    थिम्पू में हुए कार्यक्रमों में धार्मिक परंपरा से जुड़े आयोजन से लेकर इलेक्ट्रिक वाहनों और स्वास्थ्य सुविधा तक कई पहल सामने आईं। इन गतिविधियों के जरिए भारत और भूटान के बीच सहयोग के अलग अलग आयाम दिखाई दिए। दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संबंधों के साथ विकास और जनहित से जुड़े क्षेत्रों में सहयोग भी लगातार चर्चा में रहा है।

  • भारत-न्यूजीलैंड FTA को संसद की मंजूरी अब लागू होने का इंतजार व्यापार और निवेश को मिल सकता है बड़ा बढ़ावा

    भारत-न्यूजीलैंड FTA को संसद की मंजूरी अब लागू होने का इंतजार व्यापार और निवेश को मिल सकता है बड़ा बढ़ावा


    नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता यानी FTA जल्द लागू होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। न्यूजीलैंड के व्यापार और निवेश मंत्री टॉड मैक्ले ने शुक्रवार को कहा कि दोनों देशों के बीच हुआ यह समझौता अगले एक महीने के भीतर लागू हो सकता है। उनका यह बयान न्यूजीलैंड की संसद की ओर से समझौते को मंजूरी दिए जाने के बाद आया है। अब समझौते को कानून का हिस्सा बनाने और भारत के साथ जरूरी राजनयिक प्रक्रिया पूरी करने का चरण बाकी है।

    आईएएनएस के साथ बातचीत में मैक्ले ने बताया कि न्यूजीलैंड की संसद में FTA को दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों का समर्थन मिला। समझौते के पक्ष में 93 सांसदों ने मतदान किया जबकि 26 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट दिया। मंत्री के मुताबिक अगला कदम समझौते को कानून का हिस्सा बनाना और भारत के साथ राजनयिक नोट्स का आदान प्रदान करना है। इसके बाद समझौते को लागू करने की प्रक्रिया शुरू होगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह प्रक्रिया अगले एक महीने के भीतर पूरी हो सकती है।

    मैक्ले ने इस समझौते को भारत और न्यूजीलैंड के बीच व्यापारिक संबंधों के लिए महत्वपूर्ण बताया। उनके अनुसार FTA से दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा मिल सकता है। न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही 2030 तक दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को दोगुना करने की प्रतिबद्धता जता चुके हैं। मैक्ले ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में इस लक्ष्य को हासिल करना संभव है।

    समझौते के लागू होने के बाद कई क्षेत्रों में व्यापार के अवसर बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है। न्यूजीलैंड के लिए भारत में उच्च गुणवत्ता वाले खाद्य उत्पादों के निर्यात का अवसर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बागवानी उत्पाद मांस और अन्य खाद्य वस्तुओं को भारतीय बाजार में बढ़ती मांग से लाभ मिलने की उम्मीद है। दूसरी ओर भारतीय कंपनियों के लिए न्यूजीलैंड के बाजार में निर्मित वस्तुओं फार्मास्यूटिकल्स और मशीनरी की पहुंच बेहतर होने की संभावना बताई गई है।

    मैक्ले के अनुसार भारत से न्यूजीलैंड निर्यात होने वाली वस्तुओं के लिए पहले ही दिन हर टैरिफ दर शून्य हो जाएगी। इससे भारतीय निर्यातकों को व्यापार में लागत और बाजार पहुंच से जुड़ी कुछ सुविधाएं मिल सकती हैं। इसके अलावा पर्यटन और आईटी सेवाओं सहित सेवा क्षेत्र को भी इस समझौते से लाभ मिलने की उम्मीद जताई गई है। मंत्री के अनुसार दोनों देशों के सेवा क्षेत्र में विस्तार से रोजगार के अवसर भी बढ़ सकते हैं।

    मंत्री ने यह भी कहा कि वैश्विक स्तर पर टैरिफ नीतियों में बदलाव के बीच FTA कारोबारियों और निर्यातकों को अधिक निश्चितता दे सकता है। उनका कहना है कि कंपनियों के लिए स्थिर व्यापारिक व्यवस्था महत्वपूर्ण होती है ताकि वे लंबे समय की कारोबारी योजनाएं बना सकें।

    इस समझौते को लेकर दोनों देशों की कंपनियों के स्तर पर भी गतिविधियां बढ़ी हैं। न्यूजीलैंड की कंपनियां भारत में कारोबारी अवसर तलाश रही हैं जबकि भारतीय कारोबारी प्रतिनिधिमंडल न्यूजीलैंड में संभावित साझेदारियों पर काम कर रहे हैं। मैक्ले ने भारत यात्रा की योजना पर कहा कि न्यूजीलैंड में होने वाला आगामी चुनाव फिलहाल उनकी प्राथमिकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनाव के बाद वह इस साल के अंत से पहले भारत की यात्रा कर सकेंगे।

  • मस्जिद के पास धमाके से दहला पाकिस्तान नमाज के दौरान हुआ विस्फोट मलबे में तब्दील हुआ बाहरी हिस्सा

    मस्जिद के पास धमाके से दहला पाकिस्तान नमाज के दौरान हुआ विस्फोट मलबे में तब्दील हुआ बाहरी हिस्सा


    नई दिल्ली। पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में शुक्रवार को एक बड़ा विस्फोट हुआ। कोहाट जिले के पुलिस लाइंस क्षेत्र में मस्जिद के पास हुए इस धमाके में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। विस्फोट जुमे की नमाज के दौरान हुआ जिसके बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई। धमाके की आवाज सुनते ही आसपास मौजूद लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे और कुछ ही देर में घटनास्थल पर राहत और बचाव दल पहुंच गए।

    स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक घायलों में कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। जिला मुख्यालय अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेंडेंट ताहिर अली शाह ने बताया कि अस्पताल में 15 शव और 50 से अधिक घायल लोगों को लाया गया है। घायलों का इलाज किया जा रहा है। घटना के बाद अस्पताल में भी सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है।

    पुलिस के अनुसार धमाका मस्जिद के नजदीक हुआ। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि घटनास्थल पर जमीन में बड़ा गड्ढा बन गया। धमाके के कारण मस्जिद का बाहरी हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसकी एक दीवार भी ढह गई। आसपास मौजूद लोगों में भी घटना के बाद डर का माहौल देखा गया।

    विस्फोट के तुरंत बाद पुलिस लाइंस इलाके में अतिरिक्त सुरक्षा बलों को तैनात किया गया। सुरक्षा एजेंसियों ने घटनास्थल को घेर लिया और आसपास के क्षेत्र की जांच शुरू की। राहत और बचाव दल मलबा हटाने के साथ घायलों को अस्पताल पहुंचाने में जुटे रहे। अधिकारियों के अनुसार बचाव अभियान जारी है और विस्फोट की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।

    यह घटना ऐसे समय में हुई है जब पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान जैसे प्रांतों में सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियां बनी हुई हैं। हाल के समय में इन इलाकों में पुलिस और सुरक्षा बलों को निशाना बनाकर कई हमले सामने आए हैं। 10 सितंबर को बलूचिस्तान के मस्तुंग जिले के कंक क्षेत्र में एक पुलिस चौकी पर भी हमला हुआ था। इस घटना में एक पुलिस कांस्टेबल की मौत हो गई थी जबकि एक अन्य पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हुआ था। इसके बाद सुरक्षा बलों ने इलाके की घेराबंदी कर तलाशी अभियान चलाया था।

    पाकिस्तान इंस्टीट्यूट फॉर कॉन्फ्लिक्ट एंड सिक्योरिटी स्टडीज की मासिक सुरक्षा रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में पाकिस्तान में 199 आतंकी हमले दर्ज किए गए। जुलाई में ऐसे हमलों की संख्या 144 बताई गई थी। रिपोर्ट के अनुसार अगस्त में हुए हमलों में 158 लोगों की मौत हुई जबकि 181 लोग घायल हुए। आंकड़े पाकिस्तान में सुरक्षा संबंधी घटनाओं के बढ़ते दबाव की ओर संकेत करते हैं।

    कोहाट में हुए ताजा विस्फोट के बाद सुरक्षा एजेंसियां घटनास्थल की जांच में जुटी हैं। फिलहाल विस्फोट के पीछे की वजह और जिम्मेदार लोगों को लेकर आधिकारिक तौर पर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

  • WhatsApp पर किसान को सरकारी योजना की जानकारी देगा AI सत्य नडेला ने समझाया भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य

    WhatsApp पर किसान को सरकारी योजना की जानकारी देगा AI सत्य नडेला ने समझाया भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का भविष्य


    नई दिल्ली। माइक्रोसॉफ्ट के चेयरमैन और सीईओ सत्य नडेला ने भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के बढ़ते अवसरों को लेकर अहम बात कही है। उन्होंने तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों से यह सुनिश्चित करने का आग्रह किया कि AI का फायदा केवल बड़ी कंपनियों या तकनीकी विशेषज्ञों तक सीमित न रहे बल्कि इसका लाभ भारत के किसानों कारोबारियों और अलग अलग समुदायों तक भी पहुंचे। नडेला के मुताबिक किसी भी सामान्य उपयोग वाली तकनीक की वास्तविक क्षमता इस बात से तय होती है कि उसका इस्तेमाल कितने व्यापक स्तर पर लोग कर सकते हैं और उसके विकास में कितने लोग योगदान दे सकते हैं।

    सिएटल में आयोजित आईडियाज4इंडिया फोरम में बोलते हुए नडेला ने AI के विकास के साथ राष्ट्रीय संप्रभुता ज्ञान पर नियंत्रण और मानव निगरानी जैसे विषयों पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया के अलग अलग हिस्सों को इस तकनीक से लाभ मिलना चाहिए और उन्हें इसके विकास में योगदान देने का अवसर भी मिलना चाहिए। उनके मुताबिक AI को व्यापक स्तर पर उपयोगी बनाने के लिए तकनीक की पहुंच के साथ भरोसे और नियंत्रण से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान देना जरूरी है।

    इस कार्यक्रम का आयोजन भारत के महावाणिज्य दूतावास की ओर से इंडियन अमेरिकन टेक CEO फोरम के तहत किया गया था। इसमें भारतीय मूल के 40 से अधिक CEO और CTO शामिल हुए। AI के अलावा क्वांटम कंप्यूटिंग सेमीकंडक्टर एयरोस्पेस क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर जैसे क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों ने भी इसमें हिस्सा लिया।

    नडेला ने AI की उपयोगिता समझाने के लिए दिल्ली में देखे गए एक प्रदर्शन का उदाहरण भी दिया। इसमें एक भारतीय डेवलपर ने GPT मॉडल को भाषा सेवाओं के साथ जोड़कर ऐसी व्यवस्था तैयार की थी जिसके जरिए ग्रामीण किसान WhatsApp पर स्थानीय भाषा में सरकारी योजना से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकता था। यह व्यवस्था किसान को सब्सिडी प्राप्त करने की प्रक्रिया समझाने और जरूरी कागजी कार्रवाई में मदद करने के लिए तैयार की गई थी।

    नडेला के मुताबिक इस उदाहरण की खासियत यह थी कि AI को केवल तकनीकी प्रयोग के तौर पर नहीं बल्कि आम व्यक्ति की जरूरत से जोड़कर देखा गया। यदि ऐसी तकनीक स्थानीय भाषा में उपलब्ध हो और सरकारी योजनाओं तथा सेवाओं की जानकारी समझने में मदद करे तो इससे उन लोगों तक डिजिटल सेवाएं पहुंचाने का रास्ता खुल सकता है जो तकनीकी संसाधनों या भाषा की वजह से कई बार पीछे रह जाते हैं।

    उन्होंने AI से जुड़े व्यापक इकोसिस्टम पर भी विचार करने की जरूरत बताई। उनके अनुसार आने वाले समय में AI का असर इस बात पर निर्भर करेगा कि यह अलग अलग आकार के कारोबारों और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों तक कितनी व्यापकता से पहुंचता है। भारत के लिए यह अवसर केवल AI का इस्तेमाल करने तक सीमित नहीं है बल्कि ऐसे उत्पाद और सेवाएं विकसित करने से भी जुड़ा है जिन्हें दुनिया के दूसरे बाजारों में इस्तेमाल किया जा सके।

    नडेला ने देशों और कंपनियों के लिए अपने ज्ञान पर नियंत्रण बनाए रखने की जरूरत भी बताई। उनका कहना था कि AI के क्षेत्र में भागीदारी ऐसी होनी चाहिए जिससे देश और कारोबार सुरक्षित महसूस करें और किसी दूसरी इकाई की तकनीकी क्षमता पर पूरी तरह निर्भर न हों। साथ ही उन्होंने पेशेवरों से अपनी क्षमताओं पर दोबारा विचार करने की अपील की क्योंकि AI काम करने के तरीकों को तेजी से बदल रहा है।

  • नींद में बोलना सिर्फ सपना नहीं हो सकता बार बार बड़बड़ाने की आदत के पीछे छिपी हो सकती है ये वजह

    नींद में बोलना सिर्फ सपना नहीं हो सकता बार बार बड़बड़ाने की आदत के पीछे छिपी हो सकती है ये वजह


    नई दिल्ली। रात में सोते समय अचानक बोलना या बड़बड़ाना कई लोगों के साथ होता है। अक्सर परिवार के दूसरे सदस्य इस आदत को नोटिस करते हैं जबकि बोलने वाले व्यक्ति को सुबह उठने के बाद इसकी जानकारी भी नहीं होती। आमतौर पर नींद में बोलना किसी गंभीर बीमारी का संकेत नहीं होता और कई मामलों में यह अपने आप होने वाली सामान्य नींद संबंधी प्रक्रिया है। फिर भी अगर यह समस्या लगातार होने लगे या इसके साथ नींद में अन्य असामान्य गतिविधियां दिखाई दें तो इसके पीछे छिपे कारण को समझना जरूरी हो जाता है।

    नींद में बोलने या बड़बड़ाने की स्थिति को सोमनीलोक्वी कहा जाता है। इसे पैरासोमनिया यानी नींद के दौरान होने वाले असामान्य व्यवहारों की श्रेणी में रखा जाता है। इस दौरान व्यक्ति नींद में शब्द बोल सकता है या कभी कभी पूरे वाक्य भी कह सकता है। कई लोगों को सुबह उठने पर यह याद नहीं रहता कि उन्होंने रात में कुछ कहा था। कुछ स्थितियों में नींद में बोलने के साथ हाथ पैर हिलाना या अचानक करवट बदलना जैसी गतिविधियां भी देखी जा सकती हैं।

    नींद में बड़बड़ाने के पीछे कई कारण हो सकते हैं। सपने इसका एक सामान्य कारण माने जाते हैं। जब व्यक्ति सपने देख रहा होता है तो दिमाग अलग अलग भावनाओं और घटनाओं को संसाधित करता रहता है। इसी दौरान कभी कभी नींद में आवाज निकल सकती है। दिनभर की घटनाओं का मानसिक दबाव भी नींद के दौरान व्यक्ति के व्यवहार को प्रभावित कर सकता है। खासकर तनाव और चिंता की स्थिति में नींद प्रभावित हो सकती है और नींद में बोलने की संभावना बढ़ सकती है।

    बुरे सपने भी नींद में बोलने का एक कारण हो सकते हैं। डर या तनाव से जुड़े सपने के दौरान कुछ लोग नींद में बोलते हैं। हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि हर व्यक्ति जो नींद में बोलता है वह किसी मानसिक या शारीरिक बीमारी से परेशान है। कई स्वस्थ लोगों में भी कभी कभी ऐसा देखा जा सकता है।

    नींद की कमी और अनियमित सोने का समय भी इस समस्या को बढ़ा सकता है। अगर व्यक्ति लगातार देर रात तक जागता है या पर्याप्त नींद नहीं लेता है तो नींद का सामान्य चक्र प्रभावित हो सकता है। इसी वजह से सोने और जागने का समय नियमित रखना जरूरी है। इसके साथ ही सोने से पहले चाय कॉफी जैसे कैफीन वाले पेय पदार्थों का अधिक सेवन करने से बचना चाहिए क्योंकि ये कुछ लोगों में नींद को प्रभावित कर सकते हैं। शराब का सेवन भी नींद की गुणवत्ता पर असर डाल सकता है।

    बेहतर नींद के लिए सोने से पहले मोबाइल और दूसरे स्क्रीन टाइम को कम करना भी मददगार हो सकता है। कमरे का वातावरण शांत और आरामदायक रखना चाहिए। किताब पढ़ना हल्का संगीत सुनना या कुछ देर शांत होकर बैठना दिमाग को आराम देने वाली दिनचर्या का हिस्सा बनाया जा सकता है।

    अगर नींद में बोलना कभी कभी होता है और इससे व्यक्ति की नींद या रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित नहीं हो रही है तो आमतौर पर घबराने की जरूरत नहीं होती। लेकिन अगर यह समस्या बहुत अधिक बढ़ जाए या इसके साथ नींद में हिंसक हरकतें तेज चीखना चलना बार बार बुरे सपने आना या दिन में अत्यधिक नींद जैसी परेशानी हो तो डॉक्टर या स्लीप विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित हो सकता है। सही कारण की पहचान के बाद ही यह तय किया जा सकता है कि समस्या सामान्य है या किसी अन्य स्लीप डिसऑर्डर से जुड़ी हुई है।

  • जापान के खिलाफ भारत का एकतरफा दबदबा: 57 रन पर ढेर हुई टीम फिर शैफाली ने 15 गेंद में ठोके 40 रन

    जापान के खिलाफ भारत का एकतरफा दबदबा: 57 रन पर ढेर हुई टीम फिर शैफाली ने 15 गेंद में ठोके 40 रन


    नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए जापान को 8 विकेट से हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। निसिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेले गए क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों ने जापान की पारी को महज 57 रन पर समेट दिया। इसके बाद लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने केवल 5 ओवर में 2 विकेट खोकर 59 रन बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया। इस जीत के साथ भारत का सामना अब 20 सितंबर को सेमीफाइनल में बांग्लादेश से होगा।

    टॉस जीतकर भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया और भारतीय गेंदबाजों ने इसे पूरी तरह सही साबित किया। जापान की टीम शुरुआत से ही दबाव में नजर आई। उसकी ओर से अयाका काटो स्टेफॉर्ड ने 47 गेंदों पर 25 रन बनाकर सबसे ज्यादा रन बनाए जबकि हारुना इवासाकी ने 22 गेंदों पर 10 रन की पारी खेली। इन दोनों के अलावा जापान की कोई भी बल्लेबाज दहाई का आंकड़ा पार नहीं कर सकी।

    भारतीय गेंदबाजी आक्रमण की अगुआई श्री चरणी ने की। उन्होंने शानदार स्पेल डालते हुए 4 ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 4 विकेट झटके। उनके प्रदर्शन ने जापान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। श्री चरणी के अलावा शैफाली वर्मा ने गेंद से भी योगदान दिया और 2 विकेट हासिल किए। श्रेयंका पाटिल और दीप्ति शर्मा को एक-एक सफलता मिली। भारतीय गेंदबाजों की कसी हुई गेंदबाजी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जापान की पूरी टीम 19.5 ओवर में 57 रन पर ऑलआउट हो गई।

    58 रन के छोटे लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआत में ही मैच को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया। शैफाली वर्मा ने बल्ले से ऐसा तूफान मचाया कि जापानी गेंदबाजों के पास उन्हें रोकने का कोई जवाब नहीं दिखा। शैफाली ने सिर्फ 15 गेंदों पर नाबाद 40 रन की तेजतर्रार पारी खेली। उनकी पारी में 6 चौके और 2 छक्के शामिल रहे। शैफाली की इस आक्रामक बल्लेबाजी ने भारत के लिए लक्ष्य को बेहद आसान बना दिया।

    हालांकि जापान को भारतीय टीम के दो विकेट निकालने में सफलता मिली। जी कामालिनी बिना खाता खोले आउट हुईं जबकि भारती फूलमाली 6 रन बनाकर पवेलियन लौट गईं। इसके बावजूद भारत की जीत पर कोई असर नहीं पड़ा। ऋचा घोष ने भी तेजी से रन बनाते हुए 6 गेंदों पर नाबाद 12 रन बनाए और शैफाली के साथ मिलकर टीम को जीत तक पहुंचाया।

    भारत ने महज 30 गेंदों में 59 रन बनाकर मुकाबला 8 विकेट से अपने नाम कर लिया। अब टीम की नजर सेमीफाइनल पर है जहां 20 सितंबर को बांग्लादेश से मुकाबला होगा। बांग्लादेश को चीन के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबला बारिश के कारण रद्द होने के बाद बेहतर रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में जगह मिली थी।

    भारतीय टीम के लिए जापान के खिलाफ मुकाबला गेंद और बल्ले दोनों विभागों में शानदार रहा। श्री चरणी की चार विकेट वाली गेंदबाजी और शैफाली की तूफानी पारी ने भारत को आसान जीत दिलाई। अब बांग्लादेश के खिलाफ सेमीफाइनल में भारतीय टीम की कोशिश इस प्रदर्शन को दोहराते हुए फाइनल में जगह बनाने की होगी।

  • वर्ल्ड कप विजेता कोच बेन सॉयर का न्यूजीलैंड टीम से सफर खत्म: 2026 में खत्म होना था अनुबंध अब नहीं मिलेगा नया कार्यकाल

    वर्ल्ड कप विजेता कोच बेन सॉयर का न्यूजीलैंड टीम से सफर खत्म: 2026 में खत्म होना था अनुबंध अब नहीं मिलेगा नया कार्यकाल


    नई दिल्ली। न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम में बड़ा बदलाव हुआ है। चार साल तक व्हाइट फर्न्स की जिम्मेदारी संभालने वाले हेड कोच बेन सॉयर अब टीम के साथ आगे काम नहीं करेंगे। न्यूजीलैंड क्रिकेट ने हाई परफॉर्मेंस स्ट्रक्चर की समीक्षा प्रक्रिया के बाद उनके अनुबंध का नवीनीकरण नहीं करने का फैसला किया है। सॉयर का मौजूदा अनुबंध दिसंबर 2026 में समाप्त होने वाला था लेकिन समीक्षा के बाद उन्हें कार्यकाल पूरा होने से पहले ही टीम की जिम्मेदारी से अलग कर दिया गया है।

    बेन सॉयर को जून 2022 में न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट टीम का हेड कोच नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल में टीम ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल कीं। सॉयर की कोचिंग में न्यूजीलैंड ने 2022 कॉमनवेल्थ गेम्स में कांस्य पदक हासिल किया। इसके बाद टीम ने 2024 टी20 विश्व कप में शानदार प्रदर्शन करते हुए खिताब अपने नाम किया। इस उपलब्धि ने सॉयर के चार साल के कार्यकाल को न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट के महत्वपूर्ण दौर से जोड़ दिया।

    पद से अलग होने के बाद बेन सॉयर ने न्यूजीलैंड महिला टीम की कोचिंग को अपने लिए बड़ा सम्मान बताया। उन्होंने टीम के साथ काम करने और खिलाड़ियों को नेतृत्व देने के अवसर के लिए आभार जताया। सॉयर ने कहा कि यह टीम उनके लिए बहुत मायने रखती है और पिछले चार वर्षों में टीम ने जो कुछ हासिल किया है उस पर उन्हें गर्व है। उन्होंने टीम से अलग होने पर निराशा भी जताई और न्यूजीलैंड क्रिकेट तथा खिलाड़ियों के भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

    न्यूजीलैंड क्रिकेट के चीफ हाई परफॉर्मेंस क्रिकेट ऑफिसर डेरिल गिब्सन ने भी सॉयर के कार्यकाल को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि बेन के कार्यकाल में व्हाइट फर्न्स ने बदलाव और प्रगति का दौर देखा। गिब्सन ने महिलाओं के क्रिकेट के प्रति सॉयर की प्रतिबद्धता और पेशेवर रवैये के लिए उनका आभार जताया। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि समीक्षा के बाद यह फैसला लिया गया कि टीम के अगले चरण और कार्यक्रम की भविष्य की दिशा के लिए अलग नेतृत्व की जरूरत है।

    टीम की कप्तान अमेलिया केर ने भी बेन सॉयर के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि टीम सॉयर और उनके द्वारा खिलाड़ियों के लिए किए गए प्रयासों की आभारी है। केर के मुताबिक सॉयर की तैयारी का स्तर काफी ऊंचा था और उन्होंने अपनी भूमिका में पूरी मेहनत के साथ काम किया। कप्तान ने यह भी कहा कि न्यूजीलैंड महिला क्रिकेट के लिए महत्वपूर्ण समय में सॉयर ने टीम पर भरोसा दिखाया और मुश्किल दौर के बाद विश्व कप जीतने में उनकी भूमिका रही।

    महिला हाई परफॉर्मेंस डेवलपमेंट की प्रमुख लिज ग्रीन ने कहा कि सॉयर टीम और महिला क्रिकेट कार्यक्रम को पहले से मजबूत स्थिति में छोड़ रहे हैं। उनके अनुसार सॉयर ने एक स्पष्ट कार्यक्रम योजना और संरचना तैयार करने के लिए काफी काम किया है जो भविष्य में लंबे समय तक सफलता की दिशा में मदद कर सकती है।

    बेन सॉयर के जाने के बाद अब न्यूजीलैंड महिला टीम के नेतृत्व ढांचे में बदलाव देखने को मिलेगा। टीम के अगले हेड कोच की नियुक्ति को लेकर आगे की प्रक्रिया पर सभी की नजर रहेगी। फिलहाल चार साल के कार्यकाल के बाद सॉयर का व्हाइट फर्न्स के साथ सफर समाप्त हो गया है।

  • श्रीलंका की पारी 145 रन पर सिमटी फिर इंग्लैंड ने 47 गेंद बाकी रहते जीता मैच: बैंटन ने 52 रन की नाबाद पारी खेली

    श्रीलंका की पारी 145 रन पर सिमटी फिर इंग्लैंड ने 47 गेंद बाकी रहते जीता मैच: बैंटन ने 52 रन की नाबाद पारी खेली


    नई दिल्ली। कार्डिफ में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में इंग्लैंड ने श्रीलंका को 6 विकेट से हराकर तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली। इंग्लैंड ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। श्रीलंका ने शुरुआत में तेजी दिखाई लेकिन शुरुआती साझेदारी टूटने के बाद उसकी पारी लड़खड़ा गई। पूरी टीम 20 ओवर में 9 विकेट के नुकसान पर 145 रन ही बना सकी। इसके जवाब में इंग्लैंड ने बेहद आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 12.1 ओवर में 146 रन बनाकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

    श्रीलंका की पारी की शुरुआत पाथुम निसांका और लाहिरू उदारा ने तेज अंदाज में की। दोनों बल्लेबाजों ने पहले विकेट के लिए 5.3 ओवर में 56 रन जोड़कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई। निसांका ने 21 गेंदों पर 4 चौकों और एक छक्के की मदद से 37 रन बनाए। उदारा ने 20 गेंदों पर 21 रन की पारी खेली। शुरुआती साझेदारी टूटने के बाद श्रीलंका के विकेट लगातार गिरते रहे और टीम बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी।

    कप्तान चरिथ असालंका ने 31 गेंदों पर 3 चौकों की मदद से 31 रन बनाए जबकि वानिंदु हसरंगा ने 22 गेंदों पर 2 चौकों और एक छक्के की मदद से 27 रन जोड़े। इंग्लैंड की ओर से लियाम डॉसन सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने अपने चार ओवर में 32 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। जोफ्रा आर्चर और जेमी ओवरटन को दो दो विकेट मिले जबकि सोनी बाकेर और आदिल रशीद को एक एक सफलता मिली।

    146 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने पहले ही ओवरों से आक्रामक रुख अपनाया। जोस बटलर और ए डोनाल्ड ने पहले विकेट के लिए 4.4 ओवर में 51 रन जोड़ दिए। डोनाल्ड ने 13 गेंदों पर 21 रन बनाए जबकि बटलर ने 16 गेंदों पर 30 रन की तेज पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के लगातार आउट होने से इंग्लैंड को कुछ झटका लगा लेकिन टीम की रन गति पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ा।

    पिछले मुकाबले में शतक लगाने वाले इंग्लैंड के कप्तान हैरी ब्रूक ने भी तेजी से रन जुटाए। उन्होंने केवल 8 गेंदों पर तीन छक्कों की मदद से 23 रन बनाए लेकिन 79 रन के स्कोर पर तीसरे विकेट के रूप में आउट हो गए। इसके बाद टॉम बैंटन ने मोर्चा संभाला और श्रीलंकाई गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा।

    बैंटन ने महज 24 गेंदों पर नाबाद 52 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में चार छक्के और दो चौके शामिल रहे। उनका साथ विल जैक्स ने दिया जो 3 रन बनाकर नाबाद लौटे। इंग्लैंड ने 12.1 ओवर में चार विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया। इस तरह टीम ने 47 गेंद शेष रहते मुकाबला जीत लिया।

    शानदार गेंदबाजी के लिए लियाम डॉसन को प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया। लगातार दूसरी जीत के साथ इंग्लैंड ने सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना ली है। अब तीसरा टी20 मुकाबला औपचारिकता भर रह गया है जिसमें श्रीलंका की कोशिश सीरीज का अंतिम मैच जीतकर सम्मान बचाने की होगी।

  • जेन-जी से मोहन भागवत का संवाद- अहंकार देता है सब कुछ अपने नियंत्रण में होने का भ्रम, धर्म को समझने के लिए सोच बदलना जरूरी

    जेन-जी से मोहन भागवत का संवाद- अहंकार देता है सब कुछ अपने नियंत्रण में होने का भ्रम, धर्म को समझने के लिए सोच बदलना जरूरी


    नई दिल्ली। उज्जैन में आयोजित युवा धर्म संसद में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत ने युवाओं से धर्म संस्कृति और जीवन मूल्यों को लेकर संवाद किया। तीन दिवसीय युवा धर्म संसद के दूसरे दिन भागवत ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि धर्म को केवल बुढ़ापे से जोड़कर देखना सही नहीं है। उन्होंने कहा कि गीता और रामायण को अक्सर लोग रिटायरमेंट के बाद पढ़ने वाली किताबों के तौर पर देखते हैं लेकिन धर्म व्यक्ति के जीवन की शुरुआत से अंत तक बना रहता है। उज्जैन में आयोजित इस कार्यक्रम में देश के अलग-अलग हिस्सों से बड़ी संख्या में युवा शामिल हुए।

    मोहन भागवत ने अपने संबोधन में अहंकार को लेकर भी युवाओं से बात की। उन्होंने कहा कि जब कोई व्यक्ति अहंकार में यह मानकर काम करता है कि सब कुछ उसके नियंत्रण में है और हर चीज उसकी इच्छा के अनुसार होनी चाहिए तो वह एक तरह के भ्रम में पड़ जाता है। उन्हें लगता है कि परिस्थितियां भी उनकी इच्छा के मुताबिक ही चलेंगी लेकिन ऐसा नहीं होता। भागवत ने प्रकृति के नियमों का उदाहरण देते हुए कहा कि कुछ चीजें अपने निर्धारित नियमों के अनुसार चलती हैं। व्यक्ति उनके बारे में विश्वास करे या न करे लेकिन उनका होना और अपना काम करना जारी रहता है।

    उन्होंने युवाओं से कहा कि धर्म को समझने के लिए पहले से मन में बैठी धारणाओं पर भी विचार करना जरूरी है। भागवत ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य युवाओं के दिमाग को किसी खास विचार से भरना नहीं है। उन्होंने युवाओं से अपने स्तर पर सोचने और चर्चा करने की बात कही। उनके अनुसार धर्म को समझने की प्रक्रिया इतनी व्यापक है कि व्यक्ति पूरा जीवन इसके अर्थ को समझने में लगा सकता है।

    भागवत ने धर्म को केवल पूजा या किसी एक धार्मिक प्रक्रिया तक सीमित नहीं बताया। उन्होंने कहा कि धर्म का संबंध व्यक्ति के आचरण और कर्तव्य से भी है। जिस तरह पानी का स्वभाव बहना है और आग का स्वभाव जलना है उसी तरह व्यक्ति और समाज के लिए भी उनके स्वभाव और जिम्मेदारी के अनुरूप कर्तव्य निर्धारित होते हैं। उन्होंने कहा कि धर्म का एक अर्थ कर्तव्य भी है। पुत्र का अपना कर्तव्य है तो राजा का अपना कर्तव्य होता है।

    उन्होंने महाभारत और भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि महाभारत के माध्यम से धर्म को समझने के कई प्रसंग सामने आते हैं। उनके अनुसार युधिष्ठिर ने अपने जीवन में धर्म को समझने और उसका पालन करने का प्रयास किया। भागवत ने युवाओं से कहा कि सुख और इच्छाओं की पूर्ति के लिए भी धर्म के रास्ते को छोड़ना उचित नहीं है। उन्होंने डर लालच या किसी अन्य दबाव में धर्म से विचलित नहीं होने की बात कही।

    युवा धर्म संसद का आयोजन उज्जैन में 17 से 19 सितंबर तक किया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार इसमें 24 राज्यों से 1500 से अधिक युवा शामिल हो रहे हैं। कार्यक्रम में धर्म संस्कृति शिक्षा तकनीक परिवार मानवीय मूल्य और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका जैसे विषयों पर संवाद हो रहा है। 19 सितंबर को होने वाले समापन कार्यक्रम में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के शामिल होने की जानकारी दी गई है।