Author: bharati

  • कैरेबियन टीम का ऐलान, पाकिस्तान सीरीज में नए चेहरे पर भरोसा, अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उतरेगी वेस्टइंडीज

    कैरेबियन टीम का ऐलान, पाकिस्तान सीरीज में नए चेहरे पर भरोसा, अनुभवी खिलाड़ियों के साथ उतरेगी वेस्टइंडीज


    नई दिल्ली । पाकिस्तान के खिलाफ 25 जुलाई से शुरू होने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए वेस्टइंडीज ने अपनी टीम की घोषणा कर दी है। चयनकर्ताओं ने इस बार युवा प्रतिभा और अनुभव के संतुलन पर भरोसा जताया है। सबसे ज्यादा चर्चा बाएं हाथ के स्पिनर जोशुआ बिशप की हो रही है जिन्हें पहली बार कैरेबियाई टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। घरेलू क्रिकेट में लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बिशप को लंबे समय से राष्ट्रीय टीम में मौका मिलने की उम्मीद थी और आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई है। पाकिस्तान जैसी मजबूत टीम के खिलाफ उन्हें अपनी प्रतिभा साबित करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।

    जोशुआ बिशप ने पिछले तीन वेस्टइंडीज चैंपियनशिप सीजन में बारबाडोस प्राइड और वेस्टइंडीज अकादमी के लिए शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 91 विकेट हासिल किए हैं। प्रथम श्रेणी क्रिकेट में उनका रिकॉर्ड भी प्रभावशाली रहा है जहां उन्होंने केवल 25 मुकाबलों में 116 विकेट अपने नाम किए हैं। इसके अलावा लिस्ट ए क्रिकेट में भी उन्होंने 54 मैचों में 79 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की है। लगातार दमदार प्रदर्शन के दम पर उन्होंने चयनकर्ताओं का भरोसा जीता और अब पहली बार टेस्ट क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।

    टीम की कमान एक बार फिर रोस्टन चेज के हाथों में रहेगी। हाल ही में न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान दाहिनी तर्जनी उंगली में चोट लगने के कारण वह मैदान से दूर थे लेकिन अब पूरी तरह फिट होकर वापसी कर रहे हैं। उप कप्तान की जिम्मेदारी अनुभवी स्पिनर जोमेल वारिकन को सौंपी गई है। चयन समिति ने उस मजबूत टीम पर भरोसा बरकरार रखा है जिसने हाल ही में श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज 1-0 से अपने नाम की थी। इससे साफ है कि टीम प्रबंधन जीत के संयोजन को ज्यादा छेड़ना नहीं चाहता।

    बल्लेबाज किर्क मैकेंजी की भी लंबे समय बाद टेस्ट टीम में वापसी हुई है। वर्ष 2024 के बाद उन्हें पहली बार राष्ट्रीय टीम में मौका मिला है। वह चोटिल जॉन कैंपबेल की जगह टीम में शामिल किए गए हैं। कैंपबेल न्यूजीलैंड के खिलाफ वनडे सीरीज के दौरान हैमस्ट्रिंग की चोट का शिकार हो गए थे। मैकेंजी ने घरेलू क्रिकेट में शानदार बल्लेबाजी करते हुए छह पारियों में 323 रन बनाए और 64.6 की औसत से चयनकर्ताओं को प्रभावित किया। उनकी वापसी से बल्लेबाजी क्रम को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

    हालांकि तेज गेंदबाज अल्जारी जोसेफ इस बार टीम का हिस्सा नहीं होंगे क्योंकि उन्होंने निजी कारणों से खुद को चयन के लिए उपलब्ध नहीं कराया। उनकी अनुपस्थिति तेज गेंदबाजी आक्रमण के लिए चुनौती जरूर होगी लेकिन शमार जोसेफ केमार रोच और जायडेन सील्स जैसे गेंदबाज इस जिम्मेदारी को संभालने के लिए तैयार हैं।

    दो मैचों की यह टेस्ट सीरीज विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पहला मुकाबला 25 से 29 जुलाई के बीच ब्रायन लारा क्रिकेट अकादमी में खेला जाएगा जबकि दूसरा और अंतिम टेस्ट 2 से 6 अगस्त तक ऐतिहासिक क्वींस पार्क ओवल में आयोजित होगा। मौजूदा विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अंकतालिका में वेस्टइंडीज आठवें स्थान पर है जबकि पाकिस्तान नौवें और अंतिम स्थान पर मौजूद है। ऐसे में दोनों टीमें इस सीरीज में जीत दर्ज कर अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से मैदान में उतरेंगी। युवा खिलाड़ियों की ऊर्जा और अनुभवी खिलाड़ियों के अनुभव के साथ वेस्टइंडीज की टीम पाकिस्तान के खिलाफ कड़ी चुनौती पेश करने के लिए पूरी तरह तैयार नजर आ रही है।

  • CJP आंदोलन पर पाकिस्तान की पहली प्रतिक्रिया, बोला- यह भारत का आंतरिक मामला, टिप्पणी से किया इनकार

    CJP आंदोलन पर पाकिस्तान की पहली प्रतिक्रिया, बोला- यह भारत का आंतरिक मामला, टिप्पणी से किया इनकार


    नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर जारी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के आंदोलन पर पहली बार पाकिस्तान की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने इस मुद्दे को भारत का आंतरिक मामला बताते हुए किसी भी प्रकार की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

    साप्ताहिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ताहिर अंद्राबी से CJP आंदोलन और उससे जुड़े घटनाक्रम पर सवाल किया गया। इस पर उन्होंने स्पष्ट कहा कि यह भारत का घरेलू विषय है और पाकिस्तान ऐसे मामलों पर कोई टिप्पणी नहीं करता।

    पांचवें सप्ताह में पहुंचा आंदोलन
    CJP का प्रदर्शन अब पांचवें सप्ताह में प्रवेश कर चुका है। प्रदर्शनकारी NEET-UG पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित अनियमितताओं के लिए जवाबदेही तय करने की मांग कर रहे हैं।

    ‘संसद चलो’ मार्च के बाद बढ़ा तनाव
    20 जुलाई को आयोजित ‘संसद चलो’ मार्च के दौरान प्रदर्शनकारियों और दिल्ली पुलिस के बीच झड़प हुई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें हटाने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज और आंसू गैस का इस्तेमाल किया, जबकि दिल्ली पुलिस का कहना है कि बैरिकेड तोड़ने की कोशिश के बाद कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक बल प्रयोग किया गया।

    पेपर लीक मामलों पर सरकार का सख्त रुख
    इस बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और दोषियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

    सरकार ने फिर दिया बातचीत का प्रस्ताव
    केंद्र सरकार ने आंदोलनकारियों से संवाद की पहल भी दोहराई है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार सरकार चार बार CJP को बातचीत का प्रस्ताव दे चुकी है और स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के साथ वार्ता के लिए तैयार है। हालांकि, CJP ने नड्डा के आवास या कार्यालय में बैठक करने से इनकार करते हुए किसी तटस्थ स्थान पर बातचीत की मांग रखी है।

    सोनम वांगचुक ने समाप्त किया अनशन
    इसी बीच सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने 25 दिन से जारी अपना अनशन समाप्त कर दिया है। सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बातचीत की संभावना को लेकर भी राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

  • आज से बन रहा बुध-शुक्र का दुर्लभ लाभ दृष्टि राजयोग, 4 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की, धनलाभ के रास्‍ते

    आज से बन रहा बुध-शुक्र का दुर्लभ लाभ दृष्टि राजयोग, 4 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की, धनलाभ के रास्‍ते


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार आज 24 जुलाई को देवशयनी एकादशी से एक दिन पहले बुध और शुक्र की शुभ युति से लाभ दृष्टि राजयोग बन रहा है। बुध को बुद्धि, व्यापार और संवाद का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र सुख, समृद्धि और वैभव का प्रतिनिधित्व करता है। इन दोनों मित्र ग्रहों के शुभ प्रभाव से कुछ राशियों के लिए करियर, आर्थिक स्थिति और व्यक्तिगत जीवन में सकारात्मक बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। माना जा रहा है कि इस योग के प्रभाव से रुके हुए कार्य गति पकड़ सकते हैं और नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

    क्यों खास माना जाता है यह राजयोग?
    ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार बुध और शुक्र के शुभ संबंध से निर्णय क्षमता मजबूत होती है, व्यापार में लाभ मिलने की संभावना बढ़ती है और रचनात्मक क्षेत्रों में सफलता के योग बनते हैं। इसके साथ ही आर्थिक स्थिति में सुधार और करियर में नई संभावनाओं के द्वार खुल सकते हैं।

    वृषभ राशि
    वृषभ राशि के जातकों के लिए यह योग लाभकारी माना जा रहा है। सुख-सुविधाओं में बढ़ोतरी हो सकती है और रुका हुआ धन मिलने की संभावना बन रही है। आय के नए स्रोत विकसित हो सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को वेतन वृद्धि के संकेत मिल सकते हैं, जबकि कला, मीडिया और रचनात्मक क्षेत्रों से जुड़े लोगों को विशेष लाभ मिलने की संभावना है।

    मिथुन राशि
    मिथुन राशि वालों के लिए यह समय करियर और व्यक्तित्व दोनों के लिहाज से अनुकूल रह सकता है। नई नौकरी या बेहतर अवसर मिलने के योग हैं। व्यापार में बड़ी डील पूरी हो सकती है। प्रमोशन और वेतन वृद्धि की संभावना भी बन रही है। निवेश के लिए भी समय सकारात्मक माना जा रहा है।

    कन्या राशि
    कन्या राशि के जातकों के लिए यह राजयोग लंबे समय से रुके कार्यों को पूरा कराने वाला साबित हो सकता है। अचानक धन लाभ के संकेत मिल रहे हैं। पैतृक संपत्ति से लाभ होने की संभावना है। कार्यस्थल पर सम्मान बढ़ सकता है और भाग्य का सहयोग मिलने से कई महत्वपूर्ण योजनाएं सफल हो सकती हैं।

    तुला राशि
    तुला राशि वालों के लिए यह योग करियर में नई शुरुआत का संकेत दे रहा है। मनचाही नौकरी मिलने, व्यापार में लाभ बढ़ने और नया कारोबार शुरू करने के लिए समय अनुकूल माना जा रहा है। विदेश से जुड़े कार्यों या रोजगार के अवसर भी मिल सकते हैं।

    इस दौरान किन बातों का रखें ध्यान?
    – हर महत्वपूर्ण निर्णय सोच-समझकर लें।
    – नए अवसरों का लाभ उठाने की कोशिश करें।
    – सकारात्मक सोच बनाए रखें।
    – रचनात्मक और कौशल आधारित कार्यों पर अधिक ध्यान दें।

  • एमपी के रतलाम-मंदसौर समेत 5 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, जाने मौसम के ताजा हाल

    एमपी के रतलाम-मंदसौर समेत 5 जिलों में आज भारी बारिश की चेतावनी, जाने मौसम के ताजा हाल


    भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून ने एक बार फिर रफ्तार पकड़ ली है। मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए श्योपुर, मंदसौर, रतलाम, आलीराजपुर और पन्ना जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। इन क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान चार इंच तक वर्षा होने की संभावना जताई गई है। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, जबलपुर समेत प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है।

    एक महीने में 12.8 इंच बारिश, फिर भी सामान्य से कम
    प्रदेश में मानसून ने 24 जून को दस्तक दी थी। तब से अब तक मध्य प्रदेश में औसतन 12.8 इंच (325.1 मिमी) बारिश रिकॉर्ड की गई है। यह सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है। मौसम विभाग के अनुसार, इस अवधि तक प्रदेश में 14.1 इंच (359.6 मिमी) वर्षा हो जानी चाहिए थी।

    हालांकि बीते कुछ दिनों में बारिश की स्थिति में सुधार देखने को मिला है। 20 जुलाई तक जहां प्रदेश में वर्षा की कमी 17 प्रतिशत थी, वहीं अब यह घटकर 10 प्रतिशत रह गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में अब भी 13 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में 6 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

    इन जिलों में भी होगी बारिश
    भारी बारिश के अलर्ट वाले पांच जिलों के अलावा भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, झाबुआ, बड़वानी, खरगोन, खंडवा, उज्जैन, देवास, आगर-मालवा, शाजापुर, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी समेत 50 से अधिक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

    जुलाई के अंतिम सप्ताह तक रहेगा बारिश का दौर
    मौसम विभाग का अनुमान है कि जुलाई के आखिरी सप्ताह में भी प्रदेश में तेज बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे कई इलाकों में अच्छी वर्षा होने की संभावना है।

    14 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश
    प्रदेश में फिलहाल 15 जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से ऊपर है, जबकि 41 जिलों में अब भी वर्षा सामान्य से कम दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में निवाड़ी एकमात्र ऐसा जिला है, जहां औसत से अधिक बारिश हुई है। वहीं प्रदेश के 14 जिलों में सामान्य से ज्यादा वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जबकि बाकी 41 जिले अब भी बारिश की कमी का सामना कर रहे हैं।

  • शुक्रवार का व्रत ऐसे करें मां लक्ष्मी बरसाएंगी धन और सुख समृद्धि जानें पूजा से लेकर पारण तक के नियम

    शुक्रवार का व्रत ऐसे करें मां लक्ष्मी बरसाएंगी धन और सुख समृद्धि जानें पूजा से लेकर पारण तक के नियम


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में शुक्रवार का दिन धन वैभव ऐश्वर्य और सुख समृद्धि की अधिष्ठात्री मां लक्ष्मी तथा मां संतोषी की पूजा के लिए अत्यंत शुभ माना जाता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और नियमपूर्वक व्रत रखने से आर्थिक परेशानियां दूर होती हैं परिवार में खुशहाली आती है और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। जो लोग लंबे समय से धन संबंधी समस्याओं नौकरी व्यापार में रुकावट या पारिवारिक तनाव का सामना कर रहे हैं उनके लिए शुक्रवार का व्रत विशेष फलदायी माना गया है। हालांकि इस व्रत का पूरा लाभ तभी मिलता है जब इसे विधि विधान और निर्धारित नियमों के अनुसार किया जाए।

    शुक्रवार के दिन प्रातः ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नान करें और साफ या सफेद अथवा गुलाबी रंग के वस्त्र धारण करें। इसके बाद घर के मंदिर की साफ सफाई कर मां लक्ष्मी और मां संतोषी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। पूजा के दौरान कमल का फूल सफेद पुष्प धूप दीप चंदन अक्षत और मिठाई अर्पित करना शुभ माना जाता है। मां लक्ष्मी को खीर बताशे या सफेद मिठाई का भोग लगाया जाता है जबकि मां संतोषी को गुड़ और चने का प्रसाद अर्पित किया जाता है।

    व्रत रखने वाले व्यक्ति को पूरे दिन मन और वाणी दोनों पर संयम रखना चाहिए। किसी के प्रति कटु शब्द बोलने झूठ कहने क्रोध करने या विवाद में पड़ने से बचना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शुक्रवार का व्रत केवल भोजन का त्याग नहीं बल्कि मन की शुद्धता और सकारात्मक सोच का भी प्रतीक है। इस दिन दान पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। जरूरतमंद लोगों को भोजन वस्त्र या अपनी क्षमता के अनुसार आर्थिक सहायता देने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं।

    यदि आप मां संतोषी का व्रत कर रहे हैं तो इस दिन खट्टी चीजों का सेवन पूरी तरह वर्जित माना जाता है। नींबू इमली अचार कच्चा आम या किसी भी प्रकार की खट्टी वस्तु खाने से व्रत का पूर्ण फल नहीं मिलता। वहीं मां लक्ष्मी के व्रत में सात्विक भोजन ग्रहण करना और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखना आवश्यक माना गया है।

    शाम के समय दीपक जलाकर मां लक्ष्मी की आरती करें और श्रीसूक्त कनकधारा स्तोत्र या लक्ष्मी मंत्र का जाप करें। परिवार के साथ मिलकर आरती करने से घर में सकारात्मक वातावरण बनता है और सुख समृद्धि का वास होता है। पूजा के बाद प्रसाद सभी लोगों में बांटें और अगले दिन श्रद्धापूर्वक व्रत का पारण करें।

    ज्योतिष और धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नियमित रूप से शुक्रवार का व्रत करने से धन लाभ के नए अवसर प्राप्त होते हैं वैवाहिक जीवन में मधुरता आती है और घर में सुख शांति बनी रहती है। यह व्रत केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं बल्कि आत्मसंयम सकारात्मक सोच और सेवा भावना को मजबूत करने का भी एक प्रभावी माध्यम माना जाता है।

  • आज का राशिफल : कन्या-वृषभ की चमकेगी किस्मत, कुंभ और तुला रहें सतर्क, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल

    आज का राशिफल : कन्या-वृषभ की चमकेगी किस्मत, कुंभ और तुला रहें सतर्क, जानें सभी 12 राशियों का भविष्यफल


    नई दिल्ली । 24 जुलाई 2026 का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से कई राशियों के लिए नए अवसर लेकर आ रहा है। आषाढ़ शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि, अनुराधा नक्षत्र और शुक्ल योग के प्रभाव से कई लोगों के लिए धन लाभ, करियर में प्रगति और पारिवारिक खुशियों के योग बन रहे हैं। वहीं कुछ राशियों को स्वास्थ्य, विवाद और यात्रा के दौरान सतर्क रहने की जरूरत होगी।

    मेष राशि के जातकों को आकस्मिक धन लाभ मिल सकता है। परिवार में खुशी का माहौल रहेगा और संतान से जुड़ी परेशानियां दूर होंगी। हालांकि कानूनी मामलों में लापरवाही से बचें।

    वृषभ राशि वालों के लिए दिन बेहद शुभ रहेगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी, प्रमोशन या सम्मान मिलने की संभावना है। आत्मविश्वास बढ़ेगा, लेकिन आर्थिक लेन-देन सोच-समझकर करें।

    मिथुन राशि के लोग ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। नए कार्य शुरू करने के लिए समय अनुकूल है। सहकर्मियों के साथ तालमेल बनाए रखें और समय का सदुपयोग करें।

    कर्क राशि के जातकों को धन लाभ और पारिवारिक सुख मिलने के संकेत हैं। किसी शुभ समाचार से घर में खुशी का माहौल रहेगा। विद्यार्थियों को मानसिक तनाव से राहत मिलेगी।

    सिंह राशि वालों का मान-सम्मान बढ़ेगा। सरकारी कार्यों में सफलता मिलने के योग हैं। हालांकि व्यापार में नई साझेदारी करने से पहले पूरी जांच-पड़ताल कर लें।

    कन्या राशि वालों के लिए दिन सबसे अधिक लाभकारी रहेगा। लंबे समय से रुके काम पूरे हो सकते हैं। करियर में सफलता मिलेगी, आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और पुराने मित्र से मुलाकात संभव है।

    तुला राशि के लोगों को विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है। अचानक लाभ के योग हैं, लेकिन स्वास्थ्य और वाहन चलाते समय सावधानी जरूरी है। किसी को उधार पैसा देने से बचें और पारिवारिक विवादों से दूर रहें।

    वृश्चिक राशि के जातकों को अपनी वाणी और व्यवहार पर नियंत्रण रखना होगा। नौकरी में नए अवसर मिल सकते हैं, लेकिन व्यापार में साझेदारी सोच-समझकर करें।

    धनु राशि वालों को जोखिम भरे फैसलों से बचने की सलाह दी गई है। उच्च शिक्षा से जुड़े छात्रों के लिए समय अच्छा रहेगा। स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में संतुलन बनाए रखें।

    मकर राशि वालों के लिए दिन मिश्रित रहेगा। परिवार में शुभ कार्य की संभावना है, लेकिन यात्रा के दौरान कीमती सामान का ध्यान रखें। माता की सेहत को लेकर लापरवाही न करें।

    कुंभ राशि वालों के लिए शुक्रवार चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कार्यस्थल पर विवाद या झूठे आरोप की स्थिति बन सकती है। वाणी पर संयम रखें और किसी भी विवाद में पड़ने से बचें। जीवनसाथी की सलाह लाभदायक साबित होगी।

    मीन राशि के जातकों को धैर्य और संयम के साथ आगे बढ़ने की जरूरत है। कारोबार में अपेक्षा से कम लाभ मिल सकता है, लेकिन योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर स्थिति सुधरेगी। वाहन चलाते समय सावधानी बरतें और क्रोध से बचें।

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार, शुक्रवार का दिन अधिकांश राशियों के लिए सकारात्मक संकेत लेकर आया है, लेकिन तुला और कुंभ राशि के जातकों को विशेष रूप से स्वास्थ्य, वाहन और विवादों से जुड़े मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

  • मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में हड़कंप 100 डॉलर की ओर बढ़ता क्रूड भारत के लिए क्यों बना चिंता का कारण

    मिडिल ईस्ट तनाव से तेल बाजार में हड़कंप 100 डॉलर की ओर बढ़ता क्रूड भारत के लिए क्यों बना चिंता का कारण


    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में लगातार बढ़ते भू राजनीतिक तनाव का असर अब वैश्विक ऊर्जा बाजार पर साफ दिखाई देने लगा है। कच्चे तेल की कीमतों में लगातार उछाल दर्ज किया जा रहा है और ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव तथा रेड सी क्षेत्र में तेल टैंकरों पर बढ़ते हमलों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इसका सीधा असर तेल की कीमतों पर पड़ रहा है और विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यदि हालात जल्द सामान्य नहीं हुए तो कीमतें और ऊपर जा सकती हैं।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड करीब 96 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा है जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड भी लगातार मजबूत बना हुआ है। विश्लेषकों का कहना है कि वैश्विक सप्लाई प्रभावित होने की आशंका के चलते निवेशक तेजी से खरीदारी कर रहे हैं। कई अंतरराष्ट्रीय वित्तीय संस्थानों ने भी चेतावनी दी है कि यदि तनाव लंबा खिंचता है तो कच्चे तेल की कीमतें 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच सकती हैं।

    तेल की कीमतों में इस तेजी की सबसे बड़ी वजह होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ता तनाव माना जा रहा है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में शामिल है जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इसके अलावा रेड सी में जहाजों पर बढ़ते हमलों ने भी अंतरराष्ट्रीय व्यापार और तेल परिवहन को प्रभावित किया है जिससे बाजार में अनिश्चितता और बढ़ गई है।

    भारत के लिए यह स्थिति इसलिए ज्यादा गंभीर है क्योंकि देश अपनी जरूरत का लगभग 88 प्रतिशत कच्चा तेल विदेशों से आयात करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने का सीधा असर आयात बिल पर पड़ता है। यदि लंबे समय तक कच्चा तेल महंगा बना रहता है तो सरकारी तेल कंपनियों पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है और पेट्रोल तथा डीजल की खुदरा कीमतों में बढ़ोतरी की संभावना भी मजबूत हो जाएगी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कच्चा तेल 95 से 120 डॉलर प्रति बैरल के बीच लंबे समय तक बना रहता है तो पेट्रोल और डीजल के दाम में प्रति लीटर पांच से आठ रुपये तक की बढ़ोतरी हो सकती है। इससे केवल वाहन चालकों की जेब पर असर नहीं पड़ेगा बल्कि माल ढुलाई की लागत बढ़ने से फल सब्जियां दूध अनाज और अन्य दैनिक उपयोग की वस्तुएं भी महंगी हो सकती हैं। इसका असर खुदरा महंगाई पर भी देखने को मिल सकता है।

    ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार और तेल कंपनियां फिलहाल अंतरराष्ट्रीय हालात पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यदि वैश्विक तनाव कम होता है और सप्लाई सामान्य रहती है तो कीमतों में राहत मिल सकती है। लेकिन यदि हालात और बिगड़ते हैं तो आने वाले दिनों में आम लोगों को ईंधन और रोजमर्रा की वस्तुओं पर अधिक खर्च करना पड़ सकता है।

    फिलहाल बाजार की नजर मिडिल ईस्ट की स्थिति और वैश्विक तेल आपूर्ति पर टिकी हुई है। आने वाले कुछ सप्ताह यह तय करेंगे कि कच्चे तेल की कीमतें स्थिर होती हैं या फिर नया रिकॉर्ड बनाती हैं।

  • इंदौर दूषित जल कांड की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, भूजल तक पहुंचा था मलमूत्र का जानलेवा बैक्टीरिया

    इंदौर दूषित जल कांड की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा, भूजल तक पहुंचा था मलमूत्र का जानलेवा बैक्टीरिया


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के इंदौर शहर के भागीरथपुरा मोहल्ले में पिछले वर्ष दूषित जल से 36 लोगों की मौत होने के बाद जांच के लिए गठित स्वास्थ्य विभाग और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की समिति ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (एनजीटी) को सौंप दी है।

    रिपोर्ट में कहा गया है कि भागीरथपुरा के भूमिगत जल तक मलमूत्र में पाया जाने वाला खतरनाक ई-कोलाई बैक्टीरिया पहुंच गया है। इससे पहले उच्च न्यायालय में पेश एक रिपोर्ट में बताया जा चुका है कि भागीरथपुरा से लिए गए पेयजल के 52 नमूनों में से 50 में ई-कोलाई बैक्टीरिया मिले।

    बीमारी का जलापूर्ति लाइन में सीवर के पानी का मिल
    स्वास्थ्य विभाग की रिपोर्ट में कहा गया कि बीमारी फैलने का सबसे बड़ा कारण नगर निगम की जलापूर्ति लाइन में सीवर के पानी का मिलना था। प्रभावित लोगों ने पानी के स्वाद और गंध में बदलाव की शिकायत की थी, लेकिन समय रहते नगर निगम के अधिकारियों ने कोई कार्यवाही नहीं की।

    भूमिगत जल तक खतरनाक बैक्टीरिया पहुंचा

    पेश रिपोर्ट में बताया गया कि विशेषज्ञ समिति ने घटना के तीन महीने बाद अलग-अलग स्रोतों के 43 नमूने लिए थे। उनमें से 10 नमूने नर्मदा पाइपलाइन के थे। इसमें ई-कोलाई नहीं मिला। यही पानी भागीरथपुरा में आपूर्ति किया जाता है। पास की कान्ह नदी के तीन नमूनों में ई-कोलाई की भारी मौजूदगी मिली। वहीं एक बोरवेल में भी ई-कोलाई की हानिकारक मात्रा पाई गई। इससे साफ हुआ कि भूमिगत जल तक खतरनाक बैक्टीरिया पहुंच चुका है।

    इधर, भागीरथपुरा जल प्रदूषण मामले की रिपोर्ट आने के बाद प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में जल आपूर्ति एवं जल प्रदूषण से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान भोपाल स्थित राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी की क्षेत्रीय पीठ के न्यायिक सदस्य जस्टिस शेओ कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने अहम टिप्पणी की।

    एनजीटी ने कहा है कि इंदौर में पेयजल आपूर्ति और जल प्रदूषण से जुड़े मुद्दों पर मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय पहले से सुनवाई कर रहा है। ऐसे में उच्च न्यायालय द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग पूरे मामले की जांच कर रहा है और सुरक्षित पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश भी जारी किए जा चुके हैं।

    सुनवाई के दौरान एनजीटी ने कहा कि इंदौर में जल प्रदूषण और पेयजल आपूर्ति से जुड़े मुद्दे पहले से ही मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय की इंदौर खंडपीठ में विभिन्न याचिकाओं के माध्यम से विचाराधीन हैं। विशेष रूप से भागीरथपुरा जल प्रदूषण प्रकरण में हाई कोर्ट ने प्रथम दृष्टया जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका तय करने के लिए न्यायिक जांच आयोग का गठन किया है।

    नजीटी ने स्पष्ट किया कि इन सभी बिंदुओं की जांच उच्च न्यायालय द्वारा गठित न्यायिक जांच आयोग कर रहा है। चूंकि पूरा मामला हाईकोर्ट के विचाराधीन है, इसलिए आयोग की रिपोर्ट और कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप आगे की कार्रवाई होगी।

    सुनवाई के दौरान मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से बताया गया कि मामले में अपनी रिपोर्ट दाखिल की जा चुकी है। इस पर एनजीटी ने निर्देश दिया कि रिपोर्ट की प्रति ई-मेल के माध्यम से सभी संबंधित पक्षों को उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे तीन सप्ताह के भीतर अपनी आपत्तियां या जवाब प्रस्तुत कर सकें।

    न्यायाधिकरण के सदस्य न्यायमूर्ति श्यो कुमार सिंह और विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी ने इंदौर के दूषित जलकांड को लेकर कहा कि जलापूर्ति व्यवस्था में हुई लापरवाही की कीमत आम लोगों ने अपनी जान देकर चुकाई है, इसलिए अब जिम्मेदारी तय किए बिना मामला नहीं छोड़ा जा सकता। एनजीटी ने मामले की अगली सुनवाई 16 सितंबर 2026 को निर्धारित की है। तब तक संबंधित पक्षों से जवाब और रिपोर्ट पर प्रतिक्रियाएं प्राप्त होने की उम्मीद है।

    गौरतलब है कि भागीरथपुरा कांड के बाद एनजीटी की केंद्रीय जोन पीठ के सामने रशीद नूर खान और कमल कुमार राठी ने जनवरी में अलग-अलग याचिकाएं दायर की थीं। उसके बाद पीठ ने विशेषज्ञ समिति बनाकर जांच कराने का निर्देश दिया था।

  • मप्र के सिवनी जिले के सीताफल को मिला जीआई टैग, अब राष्ट्रीय ब्रांड बनाने की तैयारी

    मप्र के सिवनी जिले के सीताफल को मिला जीआई टैग, अब राष्ट्रीय ब्रांड बनाने की तैयारी


    सिवनी।
    मध्य प्रदेश के सिवनी जिले के प्रसिद्ध सीताफल को जीआई (भौगोलिक संकेतक) टैग मिलने के बाद अब इसे राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिलाने की कवायद तेज हो गई है। इसी क्रम में गुरुवार को कलेक्टर नेहा मीना ने छपारा विकासखंड के बकौड़ासिवनी और भूतबंधानी गांव का दौरा किया।

    कलेक्टर नेहा मीना ने सीताफल उत्पादक किसानों एवं कृषक उत्पादक संगठन के सदस्यों से आत्मीय संवाद कर जिले के सीताफल को जीआई टैग मिलने पर उन्हें बधाई दी तथा इस उपलब्धि का पूरा श्रेय किसानों की मेहनत और वर्षों से विकसित पारंपरिक उत्पादन पद्धति को दिया। इस दौरान उन्होंने एफपीओ की गतिविधियों, किसानों के अनुभवों तथा सीताफल उत्पादन की वर्तमान स्थिति की विस्तार से जानकारी ली।

    उन्होंने कहा कि जीआई टैग केवल सम्मान नहीं, बल्कि सिवनी के सीताफल को देशभर में विशिष्ट पहचान दिलाने का अवसर है। इस अवसर का लाभ उठाते हुए उत्पादन बढ़ाने, गुणवत्ता बनाए रखने, वैज्ञानिक खेती अपनाने तथा संगठित विपणन व्यवस्था विकसित करने की आवश्यकता है।

    बैठक में सीताफल की ब्रांडिंग, पैकेजिंग, मार्केटिंग तथा देश के विभिन्न महानगरों तक इसकी त्वरित आपूर्ति सुनिश्चित करने की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई। एफपीओ सदस्यों, उत्पादक किसानों एवं प्रसंस्करण कार्य से जुड़ी महिला समूहों ने अपने अनुभव साझा करते हुए विपणन, भंडारण और प्रसंस्करण से संबंधित आवश्यकताओं से कलेक्टर को अवगत कराया।

    किसानों द्वारा सिंचाई संसाधनों की आवश्यकता बताए जाने पर कलेक्टर ने ग्राम पंचायत को अधिक से अधिक खेत तालाब बनाने एवं अमृत सरोवर निर्माण के प्रस्ताव प्रस्तुत के करने निर्देश दिए, ताकि वर्षाजल का बेहतर संरक्षण हो सके और सीताफल उत्पादन का रकबा लगातार बढ़ाया जा सके।

    उन्होंने सीताफल का उचित मूल्य सुनिश्चित करने के लिए शीघ्र ही बायर-सेलर मीट आयोजित करने के निर्देश दिए, जिससे किसानों का सीधा संपर्क बड़े खरीदारों और विपणन संस्थाओं से स्थापित हो सके। कलेक्टर ने सीताफल आधारित प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा देने पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने पल्प निर्माण सहित अन्य प्रसंस्करण इकाइयों की स्थापना को प्रोत्साहित करने, कोल्ड स्टोरेज जैसी आधारभूत सुविधाएं विकसित करने तथा मूल्य संवर्धन के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की आवश्यकता बताई। साथ ही जिले में उत्पादित समस्त जीआई टैग प्राप्त सीताफल का एक समान ब्रांड एवं साझा ब्रांडिंग बैनर के माध्यम से विपणन किए जाने पर भी सहमति बनी, जिससे बाजार में सिवनी सीताफल की विशिष्ट पहचान और अधिक सशक्त हो सके।

    दौरे के दौरान कलेक्टर नेहा मीना भूतबंधानी ग्राम भी पहुंचीं। यहां उन्होंने प्राकृतिक रूप से उपलब्ध सीताफल के पौधों के साथ-साथ विभाग द्वारा कराए गए पौधरोपण कार्य का अवलोकन किया तथा किसानों से चर्चा कर उन्हें अधिकाधिक सीताफल पौधरोपण के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कृषक राजकुमार भलावी के खेत में किए जा रहे पौधरोपण का निरीक्षण किया तथा स्वयं भी सीताफल का पौधा लगाकर पर्यावरण संरक्षण एवं बागवानी विस्तार का संदेश दिया।

    कलेक्टर ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण, पौधरोपण और वैज्ञानिक बागवानी को बढ़ावा देकर सिवनी जिले को देश में सीताफल उत्पादन का अग्रणी केंद्र बनाया जा सकता है। इस अवसर पर जनपद अध्यक्ष सदम सिंह वरकड़े, सीईओ अंजली शाह, सहायक संचालक उद्यानिकी विभाग आशा उपवंशी सहित अन्य क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों और कृषकों की उपस्थिति रही।

  • जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण के लिए किए जाएंगे विशेष प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण के लिए किए जाएंगे विशेष प्रयास : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार जनजातीय संस्कृति, परंपराओं और लोक कलाओं के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए निरंतर कार्य कर रही है तथा स्थानीय कला और संस्कृति को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वीं जयंती पर अलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव के अंतर्गत आयोजित सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अमर शहीद महान क्रांतिकारी चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली ने मध्य प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे देश को गौरवान्वित किया है। उनकी 120वीं जयंती पर चंद्रशेखर आजाद नगर आना गौरव और सौभाग्य का विषय है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आलीराजपुर अपनी समृद्ध जनजातीय संस्कृति, लोक परंपराओं, भाषा-बोली, कला, प्राकृतिक खेती व संपदा और वनोपज के कारण विशिष्ट पहचान रखता है। उन्होंने कहा कि आलीराजपुर जिले को हर क्षेत्र में नंबर वन बनाया जाएगा।

    कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव आलीराजपुर, बड़वानी, धार, झाबुआ, रतलाम सहित विभिन्न जिलों से आए कृषि, जनजातीय संस्कृति, ग्रामीण विकास और सामाजिक विषयों पर कार्य कर रहे युवा सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने कहा कि आज सोशल मीडिया केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज को जागरूक करने, सकारात्मक बदलाव लाने और जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने का सशक्त माध्यम बन चुका है।

    उन्होंने इन्फ्लूएंसर्स से कृषि, प्राकृतिक खेती, जनजातीय संस्कृति, पर्यटन, स्थानीय उत्पादों और ग्रामीण नवाचार जैसे विषयों पर प्रभावी डिजिटल सामग्री तैयार करने को कहा। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से प्रदेश की सकारात्मक छवि, किसानों की सफलता की कहानियां, जनजातीय समाज की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत तथा स्थानीय उत्पादों को देश-दुनिया तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सकता है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव से संवाद में इन्फ्लूएंसर चंद्रभान सिंह भदौरिया ने वनोपज की बेहतर विपणन व्यवस्था करने की बात कही। कादुसिंह सिंह ने उड़द फसल को जीआई टैग दिलाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उड़द प्रदेश की प्रमुख फसलों में शामिल है और इसकी गुणवत्ता को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार किसानों को प्रति क्विंटल 600 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान कर रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि उड़द को जीआई टैग दिलाने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि जनजातीय समाज का पारंपरिक भगोरिया उत्सव मध्यप्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर है। राज्य सरकार इसे राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशेष पहचान दिलाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रही है ताकि जनजातीय संस्कृति का गौरव पूरे विश्व तक पहुँचे। उन्होंने कहा कि जनजातीय समाज की संस्कृति, परंपराएं और लोक कलाएं हमारी अमूल्य धरोहर हैं तथा इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए राज्य सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने महिला सशक्तिकरण से जुड़े प्रश्न पर प्रियंका तोमर से कहा कि प्रदेश सरकार महिलाओं के सर्वांगीण विकास के लिए लाड़ली बहना योजना और लाड़ली लक्ष्मी योजना जैसी अनेक योजनाएँ संचालित कर रही है। उन्होंने कहा कि भारत की संस्कृति नारी सम्मान की संस्कृति है। हमारा देश “भारत माता की जय” का उद्घोष करने वाला विश्व का अनूठा राष्ट्र है। माँ सीता, माता पार्वती, देवी लक्ष्मी, देवी सरस्वती और माँ जगदंबा हमारी संस्कृति की प्रेरणा हैं। प्रदेश सरकार भी महिलाओं के सम्मान और सशक्तिकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है तथा प्रत्येक माह लाड़ली बहनों को सम्मानपूर्वक आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके सशक्तिकरण का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि अभी हाल ही में कैबिनेट में यूसीसी को मंजूरी दी गई है। समान नागरिक संहिता (यूसीसी) भी महिलाओं पर समर्पित है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने तुषार पालीवाल के जनजातीय क्षेत्रों में कैबिनेट आयोजित करने संबंधी प्रश्न पर कहा कि प्रदेश में जनजाति सहित सभी क्षेत्रों में कैबिनेट आयोजित की जाएगी और स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित करने सहित स्थानीय स्तर के महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य विकास की मुख्य धारा में प्रत्येक क्षेत्र और प्रत्येक वर्ग की समान भागीदारी सुनिश्चित करना है।

    संवाद कार्यक्रम में राजेंद्र बासुनिया ने जनजातीय संस्कृति पर आधारित गीत प्रस्तुत किया, जिसकी मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि जनजातीय युवाओं की प्रतिभा, लोककलाओं और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण एवं संवर्धन के लिए विशेष योजनाएँ तैयार की जाएंगी।

    सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर आशीष पांडे ने मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आकर्षक पोर्ट्रेट तथा साक्षी भयड़िया ने पिथौरा कला पर आधारित सुंदर पेंटिंग भेंट की। मुख्यमंत्री डॉने इन उपहारों की सराहना करते हुए स्थानीय कला के संरक्षण की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पिथौरा जैसी पारंपरिक जनजातीय कला को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए भी विशेष प्रयास किए जाएंगे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाले सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स राजेंद्र बासुनिया, प्रियंका तोमर, साक्षी भयड़िया, भरत सस्तिया एवं रितेश राठौड़ को सम्मानित एवं पुरस्कृत किया।

    कार्यक्रम संवाद में मुख्यमंत्री ने सभी सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स के साथ समूह छायाचित्र भी खिंचवाया और उनसे आह्वान किया कि वे राज्य शासन की जनकल्याणकारी एवं किसान हितैषी योजनाओं पर आधारित प्रभावी रील्स, वीडियो और डिजिटल सामग्री तैयार करें ताकि अधिक से अधिक किसानों, युवाओं और आम नागरिकों तक योजनाओं की जानकारी पहुँचे और वे उनका अधिकतम लाभ प्राप्त कर सकें। उन्होंने कहा कि युवा इन्फ्लूएंसर्स समाज में सकारात्मक परिवर्तन के प्रभावी वाहक बन सकते हैं और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी।