Author: bharati

  • मध्य प्रदेश का संपूर्ण जनजातीय अंचल हमारे लिए तीर्थ समान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

    मध्य प्रदेश का संपूर्ण जनजातीय अंचल हमारे लिए तीर्थ समान : मुख्यमंत्री डॉ. यादव


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में प्रदेश के आलीराजपुर सहित पूरे जनजातीय क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव नजर आ रहा है। झाबुआ, अलीराजपुर, मंडला, डिंडोरी, बालाघाट सहित प्रदेश का संपूर्ण जनजातीय अंचल हमारे लिए एक तीर्थ के समान है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को आलीराजपुर जिले के चंद्रशेखर आजाद नगर में आयोजित बलराम कृषि महोत्सव और चंद्रशेखर आजाद की जयंती कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने चंद्रशेखर आजाद नगर में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वी जयंती पर नमन किया।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि इस धरती के एक जोशीले युवा ने नायक बनकर आजादी के आंदोलन में अंग्रेजों के खिलाफ लड़ते हुए अपने जन्म को सार्थक बनाया। आलीराजपुर के वीर योद्धा छीतू किराड़, राजा आलिया भील, क्रांति सूर्य टंट्या मामा जैसे अनेक जनजातीय क्रांतिकारियों ने भी स्वतंत्रता आंदोलन में अतुलनीय योगदान दिया। राज्य सरकार इन शहीदों के बलिदान का स्मरण करते हुए आदरांजलि अर्पित करती है। कार्यक्रम में बताया गया कि डही नर्मदा पाइप लाइन परियोजना सिंचाई परियोजना पूर्ण हो गई है, जिसका शीघ्र ही लोकार्पण होगा। जोबट तक भी शीघ्र नर्मदा जल पहुंच जाएगा।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इंदौर, धार, झाबुआ और बड़वानी के बाद आलीराजपुर जिले में बलराम कृषि महोत्सव हो रहा है। महोत्सव में उन्नत एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने वाले किसानों का सम्मान किया गया, जिससे अन्य किसान भी आधुनिक एवं प्राकृतिक कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित हों। आलीराजपुर के किसानों ने इस बार कम वर्षा के बाद भी हौसला दिखाया है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने जिले में हुए अधोसंरचनात्मक विकास का उल्लेख करते हुए कहा कि स्वामित्व योजना के तहत 10 हजार 136 हितग्राहियों को लाभ मिला है और 331 हितग्राहियों को भूखंड प्रदान किए गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत 90 हजार 124 पक्के आवास स्वीकृत किए गए हैं। जिले के 5 लाख 70 हजार 179 हितग्राहियों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही पात्र हितग्राहियों को किसान सम्मान निधि, लाड़ली बहना योजना तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ भी मिल रहा है। राज्य सरकार लाड़ली बहनों और युवाओं के कल्याण के लिए संकल्पित है। लाड़ली बहनों को हर माह 1500 रुपये की सौगात मिलती है।

    सीमा पर जवान और खेतों में किसान का योगदान महत्वपूर्ण

    मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे लिए सीमा पर जवान और खेतों में किसान दोनों का परिश्रम बराबर है। दोनों का महत्वपूर्ण योगदान है। कृषक कल्याण वर्ष 2026 में किसानों की बेहतरी के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने देशभर के किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि की सौगात दी है। आलीराजपुर के 47 हजार 852 किसानों को अब तक फसल बीमा का लाभ मिल चुका है। खेती के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध करवाने के लिए नई परियोजनाओं पर काम जारी है।

    डेयरी क्षेत्र में आदर्श राज्य गुजरात की तर्ज पर मप्र में प्रयास

    मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों की समृद्धि और उनकी आय बढ़ाने के लिए पशुपालन और दूध के उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। जिस प्रकार अमूल के माध्यम से डेयरी क्षेत्र में आदर्श राज्य गुजरात में दूध उत्पादन हो रहा है। उसी दिशा में आगे बढ़ते हुए राज्य शासन ने गोपालन को बढ़ावा देने के लिए नई योजना की शुरुआत की है, जिसमें उन्नत नस्ल की 25 गोमाताओं के साथ डेयरी शुरू करने पर 10 लाख रुपये तक के अनुदान का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश किसान भाइयों की सभी प्रकार से चिंता करने वाला अग्रणी राज्य है। उन्होंने आह्वान किया कि किसान भाई प्राकृतिक खेती अपनाएं।

    लोकार्पण, भूमि-पूजन और प्रमुख घोषणाएं: रानी काजल माता लोक बनाया जायेगा

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आलीराजपुर को लगभग 357 करोड़ रुपये लागत के 271 विकास कार्यों की सौगात मिली है। इसमें भाभरा विकासखंड में 120 करोड़ लागत की 64 सड़कें और कड़वानिया में 22 करोड़ के सांदीपनि विद्यालय शामिल है। कोंडवा सिंचाई परियोजना से किसानों को सिंचाई सुविधा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भाभरा में अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद को समर्पित विशाल पार्क बनेगा। रानी काजल माता लोक बनाया जाएगा। कन्या छात्रावासों में आवास सुविधाएं बढ़ाई जाएंगी।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि आलीराजपुर जिले में सिंचाई का रकबा बढ़ाने के उद्देश्य से डही उद्वहन सिंचाई योजना के अंतर्गत लगभग 11 हजार करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नर्मदा पाइपलाइन परियोजना का लोकार्पण इसी वर्ष दीपावली तक किया जाएगा,जिससे किसानों को व्यापक लाभ मिलेगा।उन्होंने बताया कि सोंडवा माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से लगभग 70 हजार किसानों के 55 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी और परियोजना का लगभग 50 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है।

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सदैव किसानों के हित में कार्य कर रही है। युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं। प्रदेश में 85 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों की मेडिकल कॉलेज की फीस का वहन राज्य सरकार द्वारा किया जाता है। साथ ही शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सांदीपनि विद्यालयों की स्थापना, विद्यार्थियों को निःशुल्क साइकिल, गणवेश एवं पाठ्यपुस्तकों का वितरण भी किया जा रहा है।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बलराम कृषि महोत्सव के अवसर पर सोशल मीडिया के माध्यम से जनजागरूकता, सकारात्मक संदेशों के प्रसार एवं जनकल्याणकारी योजनाओं को नागरिकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने में उल्लेखनीय योगदान देने वाले जिले के सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स का सम्मान किया।

    यूसीसी विधेयक सभी के हित में

    मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सभी नागरिकों के हित में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) विधेयक पारित करवाया है। हमारे लिए सभी धर्मों के नागरिक समान हैं। जनजातीय परंपराओं का सम्मान करते हुए जनजातीय वर्ग को यूसीसी के दायरे से बाहर रखा गया है।

    प्रदर्शनी का अवलोकन
    मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इस दौरान उन्होंने मत्स्य विभाग की सीप कल्टीवेशन संबंधी प्रदर्शनी को विशेष रुचि से देखा, जो आकर्षण का केंद्र रही। इसके साथ ही कृषि विभाग, आयुष विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन और महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा मोटे अनाज (श्रीअन्न) से तैयार पौष्टिक एवं पारंपरिक व्यंजनों की आकर्षक प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने विभागों के नवाचारों एवं प्रदर्शित गतिविधियों की सराहना करते हुए संबंधित अधिकारियों और हितग्राहियों का उत्साहवर्धन किया।

    कार्यक्रम को अनुसूचित जाति कल्याण मंत्री नागर सिंह चौहान ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में सांसद अनीता चौहान सहित अनेक जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

  • गुजरातः नाले में गिरी कार, अहमदाबाद के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, 2 को बचाया गया

    गुजरातः नाले में गिरी कार, अहमदाबाद के एक ही परिवार के 4 लोगों की मौत, 2 को बचाया गया


    खेड़ा।
    गुजरात के खेड़ा जिले में लगातार हो रही भारी बारिश के बीच मातर के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। खेड़ा–मातर हाईवे पर मोतीपुरा गांव के निकट अहमदाबाद के एक ही परिवार की कार अनियंत्रित होकर पानी से भरे नाले (गरनाला) में जा गिरी। कार में कुल छह लोग सवार थे, जिनमें से चार की मौत हो गई, जबकि दो लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

    प्रारंभिक जानकारी के अनुसार कार मोतीपुरा गांव के पास से गुजर रही थी। इसी दौरान भारी बारिश के कारण पानी से भरे नाले में कार अनियंत्रित होकर गिर गई। तेज बहाव के कारण कार पलट गई और पानी में बहने लगी, जिससे उसमें सवार लोग अंदर ही फंस गए।

    घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस व प्रशासन को सूचना दी। खेड़ा के नायब कलेक्टर सूरज बारोट, मातर मामलतदार और खेड़ा फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। कड़ी मशक्कत के बाद फायर ब्रिगेड ने कार से दो लोगों को जीवित बाहर निकाला। घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से खेड़ा सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।

    रेस्क्यू अभियान के दौरान कार में फंसे अन्य लोगों की तलाश की गई। काफी प्रयास के बाद चार शव बरामद किए गए। इस हादसे में अहमदाबाद के एक ही परिवार के चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

    प्रारंभिक जांच में भारी बारिश, सड़क पर जलभराव और कम दृश्यता को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस ने बताया की उनके द्वारा मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रशासन मृतकों के परिजनों को सूचना देने के साथ दुर्घटना के सटीक कारणों की भी जांच कर रहा है।

  • अयोध्याः संतों ने चढ़ावा चोरी के प्रकरण को लेकर देशभर में फैले दुष्प्रचार का पुरजोर प्रतिवाद किया

    अयोध्याः संतों ने चढ़ावा चोरी के प्रकरण को लेकर देशभर में फैले दुष्प्रचार का पुरजोर प्रतिवाद किया


    अयोध्या।
    श्री राम सत्संग भवन धर्म मंडपम, मणिराम दास छावनी में सन्त मण्डल अयोध्या धाम की संगोष्ठी गुरुवार को संपन्न हुई। संगोष्ठी के बाद जारी प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया कि मंच संचालन – महन्त श्री रामानन्द दास जी महाराज ने किया।

    संचालन करते हुए महन्त डॉ रामानन्द दास जी ने कहा कि योगी जी ने उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बना दिया। उनके कारण पूरे देश में अयोध्या का सम्मान बढ़ा है। प्रत्येक समाज में अच्छे-बुर लोग होते हैं। श्रीरामजन्मभूमि के एक दुर्भाग्यपूर्ण प्रसंग का दुष्प्रचार करके राजनैतिक लोगों ने देशभर भर में भ्रम फैला दिया है। परन्तु गोस्वामी जी ने कहा है कि संत हंस गुन गहहिं पय, परिहरि बारि बिकार। सन्त जन नीर-क्षीर विवेक से जल का त्याग करके दुग्ध ग्रहण करते हैं। आज विरोधी तत्वों को अयोध्या और देश का विकास अच्छा नहीं लग रहा है। वे भांति-भांति के उपद्रव करते हैं। महापुरुष ऐसी शक्तियों को सफल नहीं होने देंगे। आगामी चुनाव में भी वे इन षडयन्त्रों को विफल करेंगे।

    प्रस्तावना : अधिकारी श्री राजकुमारदसमी जी महाराज

    अयोध्या धाम सप्तपुरियों में प्रथम मोक्षदा पुरी है। श्री अयोध्या धाम सात मोक्षदा पुरियों में मुख्यतम है। यह केवल आध्यात्मिक ही नहीं अपितु मानवीय आदशों का भी केन्द्र है। सन्त के इसके अनादिसिद्ध प्रक्ता हैं। अयोध्या के पूज्य सन्त ही अयोध्या के गौरव के प्रमाण हैं। हमें अपनी पूर्वाचार्य-परम्परा के अनुरूप अपने इष्ट-धाम के गौरव बोध के लिए सतत सजग रहना ही चाहिये। यह कितना आश्चर्यजनक एवं त्रासद है कि जिनकी व्यवस्था में चोरी हुई, जो इस दुर्घटना के पीड़ित हैं, उन्हें ही अपराधी बनाने का खेल चल पड़ा।

    यह वास्तव में श्रीराममन्दिर से संगठित और एकात्म हुए हिन्दू समाज की आस्था को छलने का दुष्चक्र था, जिसमें विपक्षियों को काफी सफलता भी प्राप्त हुई। क्योंकि इस दुष्प्रचार को रोकने में हम-आप वैसे सक्रिय नहीं हो सके, जैसे विरोधी हुए। अभद्र टिप्पणियां, व्यक्तिगत लांछन तथा निराधार आरोपों के बवंडर ने सहज श्रद्धा को तार-तार करने का काम किया। हमें समझना होगा कि यह आन्दोलन चोरी के विरुद्ध नहीं, बल्कि श्रीराम मन्दिर से निर्मित हुई धार्मिक-सांस्कृतिक एकजुटता के विरुद्ध है। देश-दुनिया में बसे भारत-भाव के शत्रु हमारी धार्मिक-सांस्कृतिक अस्मिता को आहत करने के लिए संसद से सड़क तक सक्रिय हैं। वास्तव में यह हमारे सचेत होने का समय है। उन्होंने तुलसीदास जी के कथन का उल्लेख करते हुए कहा- जाके प्रिय न राम वैदेही, तजिये ताहि कोटि बैरी सम जद्यपि परम सनेही।

    अपने सम्बोधन में महन्त राघवेश दासजी महाराज ने कहा आज के दौर में कुछ षडयन्त्रकारी श्रीराम मन्दिर पर कुचक्र चला रहे हैं। वो लोग कभी कल्पना नहीं करते थे कि कभी श्रीराम मन्दिर का निर्माण होगा, लेकिन विहिप एवं आरएसएस के अथक प्रयत्न से सफल हुआ। चम्पत राय जी गलत नहीं हैं। हाँ, कुछ चूक हुई है पर हमें एकजुट होकर सब ठीक करना है।

    रामायणी श्री रामकृष्ण दासजी ने कहा कि वास्तव में इस प्रकरण से अयोध्या की जो छवि बनी थी, उसमें कुछ विकृतियां आयी हैं। उनके परिहार के लिए हम सबको लगना होगा। 05 सदस्यीय सन्त-महान्त का धार्मिक समिति में चयन हुआ है। इससे सन्तों का नेतृत्व प्रमुख होगा और सब विघ्न बाधायें दूर होंगी।

    रामायणी श्री कमला दासजी ने कहा कि काल सुभाव करम बरिआईं। भलेउ प्रकृति बस चुकइ भलाई॥ अच्छे लोग भी कभी काल के प्रभाव से चूक जाते हैं। पर महापुरुष उस चूक को सुधार देते हैं। ट्रस्ट में जिन पर अंगुलियां उठाई जा रही हैं वे निर्दोष हैं। दुष्प्रचार को दूर करने के लिए हमें संगठित होना होगा। सन्त समाज का नेतृत्व होने से सबका समाधान होगा।

    महान्त वैदेही वल्लभशरण जी महाराज ने ट्रस्ट में सन्तचरणों के चयन पर सभी को साधुवाद देते हुए कहा कि जिन्होंने राम को कभी स्वीकार नहीं किया वे आज राम मन्दिर में महापुरुषों पर लांछन लगा रहे हैं। हमें ऐसे कालनेमियों को पहचानना चाहिए। हम सब सदैव रामभक्त सरकार के साथ रहे हैं और रहेंगे। विहिप और आरएसएस ने सभी सन्तों को एक मार्ग पर लाने का कार्य किया।

    महान्त शशिकान्त दासजी महाराज आंजनेय सेवा संस्थान ने कहा कि श्रीराममन्दिर के विषय में जो अर्नंगल प्रलाप-चल रहा है वह पूर्णतया निराधार है। पंच परमेश्वर के माध्यम से इसे दूर करने का प्रयास चल रहा है। जिन्होने रामजन्मभूमि के लिए संघर्ष किये उन्हें ही आज कुचक्र चलाकर बदनाम किया जा रहा है। ऐसे दोषियों को किसी प्रकार से बख्शा नहीं जायेगा।

    श्री रामदास जी महाराज – नाका हनुमानगढ़ी ने कहा कि संवाद से बड़े-बड़े विवाद हल हो जाते हैं। उन्होंने धार्मिक समिति के सभी चयनित पांचों महापुरुषों को हार्दिक बधाई दी। वे बोले कि आज अयोध्या के सभी धर्मावलम्बी समाज को अपने सम्बन्धों के आधार पर यहाँ के दूषित वातावरण को अच्छे विचारों द्वारा सुधार करने की आवश्यकता है।

    डॉ भरतदासजी महाराज – रानोपाली ने कहा कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की जन्मभूमि की मर्यादा को धूमिल करने का प्रयास चल रहा है। इसके लिए हम सभी सन्त महापुरुषों को एकसाथ एक विचार का संवहन करने की आवश्यकता है। हमें सुनी-सुनाई बातों पर मनन करके ही अपने विचार व्यक्त करना चाहिए। हमें व्यक्ति के सम्बन्ध में जान-समझ कर ही वक्तव्य देना चाहिए। हमारी पूजा पद्धति श्रीरामानन्द पद्धति के अनुसार नये सदस्यों के आने से सतत चलती रहेगी।

    महन्त गिरीशदासजी महाराज डांडिया मन्दिर ने कहा कि आज हमें श्रद्धालुओं, धर्मानुरागी व्यक्तियों में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता है। यह हम अयोध्यावासियों की नैतिक जिम्मेदारी है। चम्पतराय जी परम सन्त हैं। उनपर लगाये गये आरोप मिथ्या हैं। उन्होंने स्वयं की प्रेरणा से त्यागपत्र दिया। वे निःस्वार्थ श्रीराम जन्मभूमि आन्दोलन में विगत पचासों वर्षों से लगे हुए हैं। उन्होंने जन भावनाओं के अनुकूल श्रीरामनला के आगमन के पथ को प्रशस्त करने में महती भूमिका निभाने का कार्य किया। सभी ट्रस्ट के पदाधिकारियों से निवेदन है कि रामलला दर्शन हेतु अयोध्यावासियों के आधार कार्ड को ही आधार बनाया जाय।

    महन्त मनीष दास जी महाराज पत्थर मन्दिर ने अत्यन्त ओजस्वी वक्तव्य देते हुए कहा कि आज की बैठक का विचार बहुत पहले आ जाना चाहिए। श्री अयोध्या के सन्तों को विषम परिस्थितयों में वक्तव्य देने के बजाय मौन हो जाना ही बेहतर होगा। हमें अपने इष्टधाम के प्रति कदापि गलतबयानी नहीं करना चाहिए। सन्तोष दुबे जैसे लोग हमारे आराध्य के वैभव के संवाहक सन्तों पर गलतबयानी करते हैं यह ठीक नहीं है। अयोध्या में वही होगा जो अयोध्या का सन्त समाज चाहेगा। हम अपने आराध्य देव के लिए विहिप, आरएसएस एवं भाजपा की सकारात्मक भूमिका को कभी भुला नहीं सकते।

    श्रीमहन्त जनार्दन दासजी – तुलसीदास छावनी ने कहा कि अयोध्या धाम श्रीरामजन्मभूमि की घटना को मीडिया ने अनावश्यक प्रचार-प्रसार से बढ़ा दिया। यह घटना उतनी बड़ी नहीं है। हम रामजी के अनुरागी है। राक्षस हर युग में रूप बदल कर साधुवेश में सन्तों की बदनामी कराते रहते हैं। हम धर्म की रक्षा के लिए रामजी की बरह कहीं भी रहें शस्त्र-शास्त्र का त्याग नहीं करते। ट्रस्ट के विधिवत संचालन में सन्त-महापुरुषों को गुण-दोषों के आधार पर रखना चाहिए। उत्सवों आदि के समय इनका विशेष सहयोग लेना चाहिए। हमारे सन्त समाज के महापुरुषों को धर्मसभा के माध्यम से अग्रणी भूमिका में रखना चाहिए।

    महन्त परशुराम दास जी महाराज (हनुमत किला) बोले कि हमें सनातन और हिन्दुत्व को बदनाम करने वालों के प्रति सजग रहना चाहिए। तथाकथित धर्मगुरुओं के लिए एक समिति का गठन करके कार्यवाही करनी चाहिए। मीडिया पर बोलने के लिए हमे व्यक्ति का निर्धारण करना चाहिए।

    जयराम दास जी महाराज-श्रीराम आश्रम ने कहा कि श्री रामानन्दीय परम्परा के अनुसार श्रीरामलला सरकार के सभी उत्सव मनाये जायेंगे। पूज्य सन्तों को ट्रस्ट ने धार्मिक समिति में लिया इसका स्वागत है।

    महन्त श्री सत्यनारायणदास ने कहा कि स्वयं प्रभु भगवान् श्रीराम जी ने व्यक्ति रूप में जीवन जीने का तरीका सिखाया। दानवी प्रवृत्तियाँ अति उत्साह के साथ भगवान से प्रेरित होकर सद्वृत्ति की ओर अग्रसर हों। हम एक जैसी बात ही करें इससे सभी का कल्याण होगा।

    निर्वाणी अनी अखाड़ा- महन्त गौरी शंकरदासजी ने कहा कि जिनका सनातन धर्म एवं मन्दिर से कभी सम्बन्ध नहीं था वे आज मन्दिर में चढ़ावा चोरी पर चर्चा कर रहे है। हम सभी उस महापुरुष के साथ हैं। जो अयोध्या को बदनाम करने का प्रयास कर रहा है हमसब एकजुट होकर उसका पुरजोर विरोध करेंगें।

    श्री रामानुज दासजी महाराज- सीताकान्त सदन ने कहा कि हमें अपनी मर्यादा में रहना चाहिए। हम गुरु-शिष्य परंपरा के संवाहक हैं, जो भी आदेश-निर्देश आचार्यों का हो, हमें उसका पालन करना चाहिए, मनमाना बयान नहीं देना चाहिए।

    श्री सत्येन्द्र दासजी – श्री सीताराम निवासकुंज ने धर्म समिति के चयनित सदस्यों के प्रति का धन्यवाद ज्ञापित किया। अयोध्या में इस तरह की कुचर्चा बिल्कुल बर्दाश्त नही की जायेगी। आज मीडिया के माध्यमों से अयोध्या को बदनाम किया जा रहा है। सन्त मण्डल संगोष्ठी की बैठक पूर्व में ही होनी चाहिए थी।

    महन्त संजय दास – अखाड़ा परिषद अध्यक्ष ने कहा कि मन्दिर आन्दोलन में प्रारम्भकाल से ही श्री चम्पत राय के संघर्ष को आज तक भुलाया नहीं जा सकता। सन्तों की संगोष्ठी दो तीन माह में होती रहनी चाहिए। अनर्गल प्रलाप करने का वालों का सामाजिक बहिष्कार होना चाहिए।

    महन्त मुरलीदास जी महाराज-हनुमान गढ़ी ने मानस की चौपाई का सन्दर्भ देकर कहा कि जिनकर मन इन सन नहिं राता। ते जनु बंचित किए बिधाता। जिनको श्रीराम जी से प्रेम नहीं वे अभागे हैं। हमें हमारे जीवन में ही श्री रामजन्मभूमि मन्दिर दर्शन प्राप्त हुआ। इसके लिए संघ और विहिप के विचार परिवार को साधुवाद ।

    श्री राजकुमार दासजी महाराज अधिकारी श्रीरामवल्लभा कुंज ने आह्वान करते हुए कहा कि हमें सनातन विरोधियों के बहकावे में नहीं जाना चाहिए। हमें सनातन के मान बिन्दुओं की सदैव रक्षा हेतु अग्रसर रहना चाहिए। हमने रामविरोधी विचारधारा का समय भी देखा है। संगठन ने समाज को जोड़ा है। मिथ्या आरोप से बचने की आवश्यकता है। जो चोर हैं वे सलाखों के पीछे हैं। हमे भ्रामक प्रचार से बचना चाहिए।

    आचार्य मिथिलेशनन्दिनीशरण जी श्री सिद्धपीठ श्री हनुमंत निवास ने कहा कि कहीं अग्निकांड होने पर यह पता किया जाता है कि अग्निशमन मन्त्र काम कर रहा था या नहीं। हिन्दू विरोधी शक्तियाँ सतत सक्रिय हैं। जब यह प्रवाद फैला तो तत्काल हम उसके प्रतिकार में सामने नहीं आ सके। जिससे मिथ्या प्रचार को बढ़ावा मिला। दुष्प्रचार से पूर्व हमें दृढता से प्रतिवाद करना था। उन्होंने हाल ही मे दिये अनुपम खेर के वक्तव्य का उल्लेख करते हुये कहा कि “चोरी होने पर हम चोर पकड़े जाते हैं, मालिक को नहीं। परन्तु राममन्दिर में सेवादारों पर ही आरोप लागाने का नाटक हो रहा है।” हमें छद्मवेश वाले धूत्तों से सावधान रहते हुए प्रवाद से बचना चाहिए। दान की वस्तु दाता की नहीं रह जाती, वह पानेवाले की हो जाती है। किन्तु दुष्प्रचार के कारण दाताओं का चित्त व्याकुल हो गया वे हिसाब माँगने का पाप करने लगे। असल में प्रतिकूलता केवल बल का नहीं, बल्कि विवेक का भी हरण करती है। सन्त श्रीरामजी की मर्यादाओं का अनुसरण करते हैं। धार्मिक समिति बनने से पूजा पद्धति में सुचारुता आयेगी। मीडिया को भाव और वेष का अन्तर नहीं पता है। वे बस कंटेंट खोजते हैं। एक नैरेटिव-वार चल रहा है। उसकी पहचान होनी आवश्यक है। हमे अयोध्या के स्वरूप की रक्षा हेतु सम-सामयिक विषयों पर मासिक बैठक कर विचार-विमर्श करना चाहिए। अयोध्या का एक स्वर होना होना चाहिए। राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में अयोध्या का पक्ष रखते हुए हमें भ्रमित नहीं होना चाहिए।

    महान्त कमलनयन दासजी महाराज श्री मणिरामदास छावनी ने अध्यक्षीय उद्बोधन में कहा कि जो हमेशा न्यायालय में रामजी विरोध में साक्ष्य देते थे, वही आज राममन्दिर में चोरी के प्रति चिन्तित हैं। चोरी नहीं हुई, विश्वासघात हुआ है। उन सभी को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। समय के साथ दूध का दूध और पानी का पानी होगा। समय आ गया है, हमें दुष्प्रचार पर ध्यान देकर बचना और बचाना है। विदेशों से दुष्प्रचार और सनतान की असुरक्षा हेतु फण्डिंग हो रही है। हमें संगठित होकर, विचार-विमर्श करके कुचक्र को विफल करन होगा।

    श्रीरामजन्मभूमि में सामने आये चोरी के प्रकरण को लेकर देश भर में फैले दुष्प्रचार का पूज्य सन्तों ने पुरजोर प्रतिवाद किया। इस बारे में मीडिया/सोशल मीडिया में अनर्गल प्रलाप करने वाले वक्ताओं को आड़े हाथों लिया। संगोष्ठी में अयोध्या की एकता और सद्भाव का आह्वान करते हुए सन्तों ने मिथ्यारोप लगाने वालों को पहचानने और उनका बहिष्कार करने की बात भी कही। इस विशाल सन्त-सभा में सैकडौं सन्त-महान्त सम्मिलित हुए।

  • वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक अर्धशतक, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराया

    वैभव सूर्यवंशी का ऐतिहासिक अर्धशतक, भारत ने जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराया


    हरारे।
    युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी की शानदार अर्धशतकीय पारी की बदौलत भारत ने पहले टी-20 मुकाबले में जिम्बाब्वे को 7 विकेट से हराकर तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 की बढ़त बना ली। हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में भारत ने 126 रन का लक्ष्य केवल 13.2 ओवर में तीन विकेट खोकर हासिल कर लिया।

    मैच के सबसे बड़े आकर्षण वैभव सूर्यवंशी रहे। उन्होंने 15 वर्ष 118 दिन की उम्र में टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का अर्धशतक लगाकर नया विश्व रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया। इसके साथ ही वह टी-20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में सबसे कम उम्र में अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाज बन गए। उन्होंने जिब्राल्टर के लुई ब्रूस का रिकॉर्ड तोड़ा, जिन्होंने 16 वर्ष 56 दिन की उम्र में यह उपलब्धि हासिल की थी।

    यह जीत श्रेयस अय्यर की कप्तानी में भारतीय टीम की पहली अंतरराष्ट्रीय जीत भी रही। इससे पहले उनकी कप्तानी में भारत को आयरलैंड के खिलाफ 2-0 और इंग्लैंड के खिलाफ 4-0 से हार का सामना करना पड़ा था।

    इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करते हुए जिम्बाब्वे ने निर्धारित 20 ओवर में 7 विकेट पर 125 रन बनाए। टीम की ओर से वेस्ली मधेवेरे ने सर्वाधिक 39 रन बनाए, जबकि तदिवानाशे मरुमानी ने नाबाद 27 रन की उपयोगी पारी खेली।

    भारतीय गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया। मयंक यादव और प्रिंस यादव ने दो-दो विकेट झटके। मयंक यादव ने मैच की पहली ही गेंद पर ब्रायन बेनेट को आउट कर भारत को शानदार शुरुआत दिलाई और बाद में डियोन मायर्स का विकेट भी अपने नाम किया। शिवम दुबे और रवि बिश्नोई को एक-एक सफलता मिली, जबकि मधेवेरे रन आउट हुए।

    आसान लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। वैभव सूर्यवंशी की रिकॉर्डतोड़ पारी ने टीम की जीत सुनिश्चित करने के साथ भारतीय क्रिकेट को एक नया युवा सितारा भी दे दिया।

  • पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका से और महंगा हुआ कच्चा तेल, बेंट क्रूड 101 डॉलर के पार

    पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने की आशंका से और महंगा हुआ कच्चा तेल, बेंट क्रूड 101 डॉलर के पार


    नई दिल्ली।
    अमेरिका और ईरान के बीच जारी जंग और खाड़ी के देशों से क्रूड ऑयल की ग्लोबल सप्लाई बाधित होने की वजह से अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड दो महीने के ऊपरी स्तर पर पहुंच गया। आज ब्रेंट क्रूड तेजी दिखाते हुए 101 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को भी पार कर गया। इसी तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी आज 92 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर गया।

    अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ने आज 1.16 डॉलर प्रति बैरल की उछाल के साथ 95.23 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से कारोबार की शुरुआत की। ट्रेडिंग शुरू होने के बाद इसकी कीमत उछल कर 101.01 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले दो महीने के दौरान ब्रेंट क्रूड का ये सबसे ऊंचा स्तर है। हालांकि बाद में इसकी कीमत में मामूली गिरावट भी आई। भारतीय समय के मुताबिक रात 8:30 बजे अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 6.59 डॉलर प्रति बैरल यानी 7.01 प्रतिशत की तेजी के साथ 100.66 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

    उल्लेखनीय है कि दो महीने पहले 24 मई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 94.92 डॉलर प्रति बैरल से लेकर 96.30 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच शांति होने की उम्मीद की वजह से क्रूड ऑयल की कीमत में गिरावट का रुख बन गया था, जिसकी वजह से एक जुलाई को अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंड क्रड 71.44 डॉलर प्रति बैरल के स्तर तक आ गया था। हालांकि छह जुलाई के बाद इसकी कीमत में एक बार फिर तेजी का रुख बन गया।

    ब्रेंट क्रूड की तरह वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड ने आज 0.90 डॉलर प्रति बैरल की बढ़त के साथ 87.73 डॉलर प्रति बैरल के स्तर से आज के कारोबार की शुरुआत की। दिन के कारोबार में डब्ल्यूटीआई क्रूड उछल कर 92.15 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया। हालांकि बाद में इसकी कीमत में भी मामूली गिरावट दर्ज की गई। भारतीय समय के मुताबिक शाम 8:30 बजे अंतरराष्ट्रीय बाजार में डब्ल्यूटीआई क्रूड 5.20 डॉलर प्रति बैरल यानी 5.99 प्रतिशत की तेजी के साथ 92.03 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार कर रहा था।

    आपको बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता विफल हो जाने, सीजफायर खत्म होने और दोनों देशों द्वारा एक दूसरे के ठिकानों पर लगातार हमला करने की वजह से कच्चे तेल की कीमत में लगातार तेजी का रुख बना हुआ है। पिछले सप्ताह अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 87 डॉलर प्रति बैरल के स्तर को पार कर एक महीने के सबसे ऊंचे स्तर पर पहुंच गया था। इसी तरह डब्ल्यूटीआई क्रूड भी 81 डॉलर प्रति बैरल के स्तर के ऊपर चला गया था। इसके बाद तीन दिन तक सुस्ती का माहौल बना रहा, लेकिन पिछले पांच ट्रेडिंग सेशन से कच्चे तेल की कीमत में एक बार फिर तेजी का रुख बन गया है, जिसकी वजह से आज इसने पिछले दो महीने के सबसे ऊंचे स्तर को पार कर लिया है।

    जानकारों का कहना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ रहे तनाव की वजह से एक बार फिर कच्चे तेल की सौ डॉलर के स्तर के ऊपर जा सकती है। कच्चे तेल की कीमत मे होने वाली बढ़ोतरी भारत जैसे कच्चे तेल के आयातक देश की अर्थव्यवस्था को बुरी तरह से प्रभावित कर सकती है। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के एक्जेक्यूटिव डायरेक्टर अनिल भंसाली का कहना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लंबे समय तक तेज बनी रही तो भारत का करंट अकाउंट डेफिसिट काफी बढ़ सकता है। इसके साथ ही देश का इंपोर्ट बिल भी लक्ष्य से काफी अधिक हो सकता है। इसके अलावा कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमत के कारण फॉरेन कैपिटल आउटफ्लो (विदेशी पूंजी की निकासी) भी तेज हो सकता है, जिसके कारण भारतीय मुद्रा डॉलर के मुकाबले कमजोर हो सकती है।

  • राधाकिशन दमानी ने सुंदरम फाइनेंस में बढ़ाई हिस्सेदारी, पहली तिमाही में खरीदे 2.37% शेयर

    राधाकिशन दमानी ने सुंदरम फाइनेंस में बढ़ाई हिस्सेदारी, पहली तिमाही में खरीदे 2.37% शेयर

    नई दिल्ली। शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक और डीमार्ट के संस्थापक राधाकिशन दमानी तथा उनके परिवार की निवेश कंपनी ब्राइट स्टार इन्वेस्टमेंट्स ने गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) सुंदरम फाइनेंस में चालू वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के दौरान 2.37 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है। कंपनी के नवीनतम शेयरहोल्डिंग पैटर्न से यह जानकारी सामने आई है।

    शेयरहोल्डिंग आंकड़ों के अनुसार, जून तिमाही के अंत तक ब्राइट स्टार इन्वेस्टमेंट्स के पास सुंदरम फाइनेंस के करीब 26.3 लाख शेयर थे, जो कंपनी की कुल 2.37 प्रतिशत हिस्सेदारी के बराबर हैं। इससे पहले मार्च 2026 और दिसंबर 2025 की शेयरहोल्डिंग सूची में ब्राइट स्टार इन्वेस्टमेंट्स का नाम शामिल नहीं था, जिससे संकेत मिलता है कि उस समय उसकी हिस्सेदारी एक प्रतिशत से कम या शून्य थी।

    उल्लेखनीय है कि सितंबर 2025 तिमाही में भी दमानी की निवेश कंपनी के पास सुंदरम फाइनेंस में 2.37 प्रतिशत हिस्सेदारी दर्ज की गई थी।

    गुरुवार को बीएसई पर सुंदरम फाइनेंस का शेयर 4,413.70 रुपये पर बंद हुआ।

    फोर्ब्स के अनुसार, राधाकिशन दमानी की अनुमानित कुल संपत्ति करीब 16 अरब अमेरिकी डॉलर है। डीमार्ट की मूल कंपनी एवेन्यू सुपरमार्ट्स में उनकी प्रमुख हिस्सेदारी है। इसके अलावा वे वीएसटी इंडस्ट्रीज, यूनाइटेड ब्रुअरीज और ब्लू डार्ट जैसी कंपनियों में भी निवेशक हैं।

    दो बार जारी कर चुकी है बोनस शेयर

    सुंदरम फाइनेंस अपने निवेशकों को दो बार बोनस शेयर दे चुकी है। कंपनी ने अगस्त 2008 और दिसंबर 2012 में 1:1 के अनुपात में बोनस शेयर जारी किए थे, यानी प्रत्येक एक शेयर पर एक अतिरिक्त बोनस शेयर दिया गया था।

    कंपनी के शेयरों के प्रदर्शन की बात करें तो पिछले पांच वर्षों में इनमें 71 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। हालांकि, पिछले एक वर्ष में शेयर करीब 15 प्रतिशत कमजोर हुए हैं, जबकि वर्ष 2026 में अब तक इनमें 17 प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई है। सुंदरम फाइनेंस के शेयर का 52 सप्ताह का उच्च स्तर 5,640 रुपये और निचला स्तर 4,000 रुपये रहा है।

  • 77 लाख लोगों ने अपनाया FASTag एनुअल पास, डिजिटल टोल सिस्टम की बढ़ी रफ्तार, जल्द आएगी AI आधारित नई तकनीक

    77 लाख लोगों ने अपनाया FASTag एनुअल पास, डिजिटल टोल सिस्टम की बढ़ी रफ्तार, जल्द आएगी AI आधारित नई तकनीक

    नई दिल्ली। देश में राष्ट्रीय राजमार्गों पर डिजिटल टोल भुगतान व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और FASTag एनुअल पास की लोकप्रियता भी तेजी से बढ़ रही है। सरकार के अनुसार पिछले 11 महीनों में 77 लाख से अधिक FASTag एनुअल पास जारी किए जा चुके हैं। इन पासों के माध्यम से 63 करोड़ से अधिक टोल लेनदेन दर्ज किए गए हैं, जिससे स्पष्ट होता है कि निजी वाहन चालकों के बीच यह सुविधा तेजी से स्वीकार की जा रही है। डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने और टोल प्लाजा पर भीड़ कम करने के उद्देश्य से शुरू की गई यह व्यवस्था अब राष्ट्रीय राजमार्ग नेटवर्क का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है।

    सरकार के मुताबिक कार, जीप और वैन श्रेणी के वाहनों द्वारा किए जाने वाले कुल इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन का लगभग 33 प्रतिशत हिस्सा केवल FASTag एनुअल पास के माध्यम से हो रहा है। राष्ट्रीय इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन प्रणाली के तहत वर्तमान में राष्ट्रीय राजमार्गों पर लगभग 98 प्रतिशत टोल शुल्क FASTag के जरिए ही वसूला जा रहा है। इससे टोल भुगतान की प्रक्रिया पहले की तुलना में अधिक तेज, पारदर्शी और सुविधाजनक बनी है।

    FASTag एनुअल पास विशेष रूप से निजी कार, जीप और वैन मालिकों के लिए उपलब्ध कराया गया है। इसकी कीमत 3,075 रुपये निर्धारित की गई है। यह पास एक वर्ष तक या अधिकतम 200 टोल क्रॉसिंग तक वैध रहता है। जो भी सीमा पहले पूरी होती है, उसी के अनुसार इसकी वैधता समाप्त हो जाती है। नियमित रूप से राष्ट्रीय राजमार्गों पर यात्रा करने वाले वाहन चालकों के लिए यह सुविधा समय और प्रक्रिया दोनों के लिहाज से उपयोगी मानी जा रही है।

    सरकार का कहना है कि FASTag नेटवर्क को बहु-स्तरीय डिजिटल सुरक्षा प्रणाली के साथ संचालित किया जा रहा है। इसमें टोल प्रबंधन प्रणाली, अधिग्रहण बैंक, भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (NPCI) तथा FASTag जारी करने वाले बैंक आपस में समन्वित रूप से कार्य करते हैं। प्रत्येक टोल लेनदेन का डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जाता है और भुगतान होते ही वाहन मालिक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर तुरंत सूचना भेजी जाती है। किसी भी प्रकार की शिकायत के समाधान के लिए प्रभावी शिकायत निवारण व्यवस्था भी विकसित की गई है।

    सरकार भविष्य में टोल संग्रह प्रणाली को और आधुनिक बनाने की दिशा में भी काम कर रही है। इसके तहत मल्टी लेन फ्री फ्लो (MLFF) तकनीक लागू करने की तैयारी चल रही है। इस प्रणाली में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित विश्लेषण और RFID तकनीक का उपयोग किया जाएगा। नई व्यवस्था लागू होने के बाद वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने या गति कम करने की आवश्यकता नहीं होगी। कैमरा और सेंसर वाहन की पहचान कर संबंधित खाते से स्वतः टोल शुल्क काट देंगे।

    विशेषज्ञों का मानना है कि नई तकनीक लागू होने से टोल प्लाजा पर लगने वाली लंबी कतारों में कमी आएगी, यात्रा का समय बचेगा, ईंधन की खपत कम होगी और सड़क परिवहन व्यवस्था अधिक सुचारु बनेगी। साथ ही डिजिटल भुगतान और टोल संग्रह प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ने के साथ राजमार्गों पर यात्रा करने वाले लाखों लोगों को अधिक सुविधाजनक और निर्बाध सफर का अनुभव मिलेगा।

  • टीवी इंडस्ट्री में नए विवाद की एंट्री, सान्वी तलवार के आरोपों पर करण कुंद्रा की चुप्पी बरकरार

    टीवी इंडस्ट्री में नए विवाद की एंट्री, सान्वी तलवार के आरोपों पर करण कुंद्रा की चुप्पी बरकरार

    नई दिल्ली । टेलीविजन अभिनेत्री सान्वी तलवार ने अपने पूर्व सह-कलाकार करण कुंद्रा पर गंभीर आरोप लगाते हुए मनोरंजन जगत में नई चर्चा छेड़ दी है। एक हालिया इंटरव्यू में सान्वी ने दावा किया कि वर्ष 2015 में एक टीवी धारावाहिक की शूटिंग के दौरान उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि एक दृश्य की तैयारी के दौरान बिना उनकी सहमति के उन्हें किस किया गया, जिसके बाद सेट पर विवाद की स्थिति बन गई।

    सान्वी तलवार के अनुसार, जिस दृश्य की शूटिंग होनी थी, उसके लिए निर्देशक ने अभी शूट शुरू करने का संकेत भी नहीं दिया था। उनका दावा है कि इसी दौरान करण कुंद्रा ने बिना अनुमति उन्हें किस किया। अभिनेत्री ने बताया कि उन्होंने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें थप्पड़ मार दिया। इसके बाद कुछ समय पश्चात कथित रूप से करण कुंद्रा ने भी उन्हें थप्पड़ मारा। सान्वी का कहना है कि इस घटना के बाद माहौल तनावपूर्ण हो गया और उन्हें शारीरिक व मानसिक रूप से काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।

    अभिनेत्री ने यह भी आरोप लगाया कि घटना के समय सेट पर मौजूद अधिकांश लोगों ने उनका खुलकर समर्थन नहीं किया। उनके अनुसार, विवाद के दौरान उन्हें अपशब्द भी कहे गए और वे गिर पड़ीं। सान्वी ने कहा कि बाद में निर्माता एकता कपूर ने उनसे बातचीत की, उनका पक्ष सुना और स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि एकता कपूर ने करण कुंद्रा की ओर से उनसे माफी भी मांगी थी, जिससे काम का माहौल कुछ हद तक सहज हो सका।

    सान्वी ने इंटरव्यू में यह भी कहा कि उस समय उन्हें लगा था कि करण कुंद्रा का व्यवहार सामान्य पेशेवर सीमाओं से अलग है। इसी वजह से उन्होंने एक साझा परिचित के माध्यम से उस समय करण की कथित गर्लफ्रेंड रहीं अनुषा दांडेकर को अपनी चिंता से अवगत कराया। अभिनेत्री का आरोप है कि इसके बाद उनके लिए सेट का माहौल और अधिक असहज हो गया तथा उन्हें कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।

    यह विवाद उस टीवी धारावाहिक से जुड़ा बताया जा रहा है जिसमें करण कुंद्रा और सान्वी तलवार मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। उस समय यह शो दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय रहा था। हालांकि अभिनेत्री द्वारा लगाए गए आरोप कई वर्ष बाद सार्वजनिक रूप से सामने आए हैं, जिससे एक बार फिर पुराने घटनाक्रम को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

    फिलहाल करण कुंद्रा की ओर से इन आरोपों पर कोई आधिकारिक या सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले पर उनका पक्ष आना बाकी है। किसी भी विवाद में सभी पक्षों की प्रतिक्रिया और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर ही अंतिम निष्कर्ष निकलना उचित माना जाता है। मनोरंजन जगत में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं जारी हैं और अब सभी की नजर करण कुंद्रा की संभावित प्रतिक्रिया पर बनी हुई है।

  • इंडिगो की कमाई बढ़ी लेकिन मुनाफा घाटे में बदला, ईंधन खर्च और छोटी फ्लीट बनी बड़ी वजह

    इंडिगो की कमाई बढ़ी लेकिन मुनाफा घाटे में बदला, ईंधन खर्च और छोटी फ्लीट बनी बड़ी वजह

    नई दिल्ली । देश की सबसे बड़ी निजी एयरलाइन इंडिगो को वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में घाटे का सामना करना पड़ा है। कंपनी ने अप्रैल से जून 2026 की अवधि के लिए स्टैंडअलोन आधार पर 382 करोड़ रुपये के शुद्ध घाटे की जानकारी दी है, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में उसे 2,161 करोड़ रुपये का लाभ हुआ था। कंपनी के वित्तीय नतीजों से स्पष्ट है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव, ईंधन की बढ़ती कीमतों और परिचालन लागत में तेज वृद्धि ने उसके प्रदर्शन को प्रभावित किया।

    कंसोलिडेटेड आधार पर भी कंपनी का प्रदर्शन दबाव में रहा। इस अवधि में इंडिगो को 238 करोड़ रुपये का घाटा दर्ज करना पड़ा, जबकि एक वर्ष पहले इसी तिमाही में उसे 2,176 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। हालांकि कंपनी की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी देखने को मिली और कुल राजस्व 25,614.1 करोड़ रुपये तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 21,542.6 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 18.9 प्रतिशत अधिक है।

    राजस्व में वृद्धि के बावजूद कंपनी का कुल खर्च काफी तेजी से बढ़ा। अप्रैल-जून तिमाही में कुल परिचालन व्यय 25,852.5 करोड़ रुपये रहा, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 19,231.9 करोड़ रुपये था। यानी कुल खर्च में लगभग 34.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी के अनुसार इस बढ़ोतरी का सबसे बड़ा कारण विमान ईंधन की कीमतों में तेज उछाल रहा, जिसने परिचालन लागत पर सीधा असर डाला।

    ईंधन खर्च के आंकड़े भी इस दबाव को स्पष्ट करते हैं। पहली तिमाही में इंडिगो का ईंधन पर खर्च बढ़कर 10,832.9 करोड़ रुपये हो गया, जबकि एक वर्ष पहले यही खर्च 5,832.6 करोड़ रुपये था। सालाना आधार पर इसमें लगभग 85.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वैश्विक परिस्थितियों और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईंधन कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर कंपनी की लागत संरचना पर स्पष्ट रूप से दिखाई दिया।

    कंपनी की परिचालन लाभप्रदता में भी गिरावट दर्ज की गई। पहली तिमाही में ईबीआईटीडीएआर 5,738.6 करोड़ रुपये से घटकर 3,832.5 करोड़ रुपये रह गया। इसी अवधि में ईबीआईटीडीएआर मार्जिन भी 28.8 प्रतिशत से घटकर 16.5 प्रतिशत पर आ गया। इससे संकेत मिलता है कि आय बढ़ने के बावजूद बढ़ती लागत ने लाभप्रदता को काफी प्रभावित किया।

    इंडिगो के बेड़े में भी इस दौरान कमी दर्ज की गई। 30 जून 2026 तक कंपनी के पास कुल 432 विमान थे, जबकि 31 मार्च 2026 को यह संख्या 441 थी। यानी तिमाही के दौरान कंपनी का बेड़ा नौ विमानों तक घट गया। कंपनी ने बताया कि डैम्प लीज पर संचालित विमानों की संख्या 20 से घटकर 7 रह जाने के कारण फ्लीट का आकार कम हुआ है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि विमानन उद्योग पर वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों, ईंधन लागत और अंतरराष्ट्रीय तनाव का सीधा प्रभाव पड़ता है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में ईंधन कीमतों की दिशा, अंतरराष्ट्रीय हवाई यातायात की स्थिति और परिचालन लागत पर नियंत्रण कंपनी के वित्तीय प्रदर्शन के लिए महत्वपूर्ण कारक रहेंगे। फिलहाल इंडिगो की आय में वृद्धि सकारात्मक संकेत देती है, लेकिन बढ़ते खर्च ने उसकी लाभप्रदता पर दबाव बनाए रखा है।