Author: bharati

  • एमपी में 45 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जगह ओलावृष्टि की भी संभावना

    एमपी में 45 जिलों में आंधी-बारिश की चेतावनी, कई जगह ओलावृष्टि की भी संभावना

    भोपाल। मध्य प्रदेश में साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और टर्फ से बना मजबूत वेदर सिस्टम सक्रिय बना हुआ है, जिससे पूरे प्रदेश में मौसम का मिजाज बदला हुआ है। पिछले चार दिनों से लगातार आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर देखने को मिल रहा है। शुक्रवार को भी 20 से अधिक जिलों में इसी तरह का मौसम बना रहा।

    मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के दौरान भोपाल और ग्वालियर सहित 45 जिलों में तेज आंधी और बारिश की संभावना जताई है। विभाग के अनुसार, प्रदेश के मध्य भाग से एक टर्फ लाइन गुजर रही है, जबकि दूसरी ऊपरी हिस्से में सक्रिय है। इसके अलावा पश्चिमी और उत्तरी क्षेत्रों में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी बने हुए हैं।

    कई जिलों में ओले-बारिश का अलर्ट
    इन सभी मौसम प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से प्रतिदिन 30 से 35 जिलों में मौसम परिवर्तन हो रहा है। शनिवार को जबलपुर, छतरपुर, पन्ना, दमोह और कटनी में ओलावृष्टि के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, भोपाल, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, शाजापुर, सीहोर, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, विदिशा, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, अनूपपुर, उमरिया, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, रीवा, सतना, मैहर, निवाड़ी और टीकमगढ़ में गरज-चमक के साथ आंधी और बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है।

    तेज रफ्तार से चलेंगी हवाएं
    मौसम विभाग के मुताबिक, अगले चार दिनों यानी 7 अप्रैल तक प्रदेश में तेज हवाएं भी चलेंगी। कुछ इलाकों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में यह 30 से 40 किमी प्रति घंटा के बीच रह सकती है।

    7 अप्रैल से नया सिस्टम होगा एक्टिव
    प्रदेश में मौसम की सक्रियता अभी जारी रहेगी। 7 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) प्रभावी होगा, जिसके कारण 10 अप्रैल तक कहीं आंधी तो कहीं बारिश का दौर बना रह सकता है।

    इसके बाद यह सिस्टम आगे बढ़ जाएगा और प्रदेश में गर्मी का असर बढ़ने लगेगा। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से तापमान में तेजी आएगी और महीने के अंतिम सप्ताह में ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और नौगांव-खजुराहो जैसे क्षेत्रों में अधिकतम तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है।

    दतिया, मुरैना, श्योपुर, बड़वानी, खरगोन और धार में भी तापमान में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। दरअसल, अप्रैल के दौरान प्रदेश के दक्षिणी और पश्चिमी हिस्सों में गर्म हवाएं चलने लगती हैं, जिससे इन इलाकों में भीषण गर्मी का असर बढ़ जाता है।

  • ‘रामायण’ की स्टार कास्ट फीस का खुलासा! Ram और Ravana बने सबसे महंगे, ये एक्टर चौंकाने वाला सस्ता

    ‘रामायण’ की स्टार कास्ट फीस का खुलासा! Ram और Ravana बने सबसे महंगे, ये एक्टर चौंकाने वाला सस्ता


    नई दिल्ली। रामायण बॉलीवुड की सबसे महंगी फिल्मों में से एक बनने जा रही है, जिसका बजट करीब 4000 करोड़ रुपये बताया जा रहा है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्साह है। स्टारकास्ट भी बेहद दमदार है, जिसमें रणबीर कपूर श्रीराम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण और सनी देओल हनुमान के किरदार में नजर आएंगे।

    राम बने रणबीर कपूर की सबसे बड़ी फीस

    रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणबीर कपूर इस फिल्म के लिए सबसे ज्यादा फीस लेने वाले कलाकारों में शामिल हैं। बताया जा रहा है कि उन्होंने हर पार्ट के लिए करीब 75 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं। यानी दो पार्ट्स के लिए उनकी कुल फीस 150 करोड़ रुपये तक पहुंचती है। यह उनकी पिछली फिल्मों जैसे ‘ब्रह्मास्त्र’ और ‘एनिमल’ के मुकाबले काफी बड़ी छलांग मानी जा रही है।

    रावण बने यश ने भी वसूली तगड़ी रकम

    कन्नड़ सुपरस्टार यश, जो ‘KGF’ से देशभर में छा गए थे, इस फिल्म में रावण के किरदार में नजर आएंगे। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने हर पार्ट के लिए 50 करोड़ रुपये चार्ज किए हैं। इस हिसाब से उनकी कुल फीस 100 करोड़ रुपये बताई जा रही है।

    सनी देओल का हनुमान अवतार

    सनी देओल इस फिल्म में हनुमान की भूमिका निभा रहे हैं। खबरों के अनुसार, वह हर पार्ट के लिए 20 करोड़ रुपये ले रहे हैं, यानी कुल 40 करोड़ रुपये। ‘गदर 2’ के बाद सनी देओल की लोकप्रियता और बढ़ी है, जिसका असर उनकी फीस पर भी साफ नजर आता है।

    सीता बनीं साई पल्लवी की फीस

    साई पल्लवी को माता सीता के रोल के लिए चुना गया है। बताया जा रहा है कि वह हर पार्ट के लिए करीब 6 करोड़ रुपये चार्ज कर रही हैं। इस तरह दोनों पार्ट्स के लिए उनकी कुल फीस 12 करोड़ रुपये तक पहुंचती है, जो उनके साउथ प्रोजेक्ट्स की तुलना में काफी ज्यादा है।

    सबसे ‘सस्ते’ स्टार बने रवि दुबे

    टीवी इंडस्ट्री से फिल्मी दुनिया में कदम रखने वाले रवि दुबे इस फिल्म में लक्ष्मण का किरदार निभा रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्हें इस रोल के लिए 2 से 4 करोड़ रुपये मिल रहे हैं। बड़े स्टार्स के मुकाबले यह रकम कम जरूर है, लेकिन उनके करियर की अब तक की सबसे बड़ी फीस मानी जा रही है।

    आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी

    ध्यान देने वाली बात यह है कि इन सभी फीस के आंकड़े मीडिया रिपोर्ट्स और सोशल मीडिया के आधार पर सामने आए हैं। फिल्म के मेकर्स या स्टार्स की ओर से अभी तक इनकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

  • ‘धुरंधर’ की कास्टिंग पर चौंकाने वाली बात! अक्षय खन्ना नहीं, पहले किसी और को ऑफर हुआ था ये दमदार किरदार

    ‘धुरंधर’ की कास्टिंग पर चौंकाने वाली बात! अक्षय खन्ना नहीं, पहले किसी और को ऑफर हुआ था ये दमदार किरदार


    नई दिल्ली। धुरंधर और धुरंधर 2 की दमदार सफलता के पीछे जहां कहानी और निर्देशन की भूमिका रही, वहीं इसकी कास्टिंग भी चर्चा का बड़ा विषय बनी हुई है। हाल ही में फिल्म के कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा ने एक इंटरव्यू में बड़ा खुलासा किया कि रहमान डकैत के किरदार के लिए सबसे पहले अक्षय खन्ना उनकी पहली पसंद नहीं थे।  इस रोल के लिए पहले तीन एक्टर्स से संपर्क किया गया था, जिनमें एक साउथ इंडस्ट्री का स्टार और दो बॉलीवुड कलाकार शामिल थे। हालांकि, सभी ने अलग-अलग कारणों से इस किरदार को करने से इनकार कर दिया।

    क्यों ठुकराया गया दमदार किरदार?

    मुकेश छाबड़ा ने बताया कि जिन एक्टर्स को यह रोल ऑफर किया गया था, उन्होंने काफी चौंकाने वाले कारण दिए। किसी ने कहा कि फिल्म में बहुत ज्यादा कलाकार हैं, जिससे उनका रोल दब सकता है। वहीं एक अन्य एक्टर का मानना था कि यह फिल्म रणवीर सिंह के इर्द-गिर्द घूमती है, इसलिए उनका किरदार ज्यादा प्रभावशाली नहीं रहेगा।इन अजीब तर्कों की वजह से यह दमदार किरदार कई हाथों से गुजरता हुआ आखिरकार अक्षय खन्ना तक पहुंचा।

    अक्षय खन्ना ने तुरंत भरी हामी

    जब यह रोल अक्षय खन्ना को ऑफर किया गया, तो उन्होंने बिना ज्यादा देर किए कहानी सुनी और उसी दिन फिल्म के लिए हामी भर दी। मुकेश छाबड़ा के मुताबिक, अक्षय उन कलाकारों में से हैं जो अपने फैसले दिल से लेते हैं और दूसरों की राय पर ज्यादा निर्भर नहीं रहते। यही वजह है कि उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण किरदार को अपनाया और अपने अभिनय से उसमें जान डाल दी।

    ‘यालिना’ के लिए 1000 से ज्यादा ऑडिशन

    फिल्म की एक और दिलचस्प बात यह रही कि ‘यालिना’ के किरदार के लिए मेकर्स किसी नए चेहरे की तलाश में थे। आदित्य धर और मुकेश छाबड़ा ने इस रोल के लिए 1000 से ज्यादा ऑडिशन लिए। उनका मानना था कि एक फ्रेश फेस ही इस किरदार को असली पहचान दे सकता है।

    बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ प्रदर्शन

    धुरंधर और धुरंधर 2 ने बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन करते हुए नए कीर्तिमान स्थापित किए। ‘धुरंधर’ ने भारत में 840 करोड़ रुपये से ज्यादा और दुनियाभर में 1300 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की। वहीं ‘धुरंधर 2’ इससे भी आगे निकलते हुए रिकॉर्ड तोड़ कमाई कर चुकी है। ‘धुरंधर’ में रहमान डकैत का रोल कई एक्टर्स ने ठुकराया, लेकिन अक्षय खन्ना ने इसे अपनाकर यादगार बना दिया यही फिल्म की सफलता की बड़ी वजह भी बनी।

  • पाकिस्तान में हिंदू विरासत पर फिर हमला, कराची में भगवान कृष्ण की मूर्तियां तोड़ी गईं

    पाकिस्तान में हिंदू विरासत पर फिर हमला, कराची में भगवान कृष्ण की मूर्तियां तोड़ी गईं


    लाहौर। पाकिस्तान में अल्पसंख्यक हिंदू समुदाय को निशाना बनाए जाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला कराची से सामने आया है, जहां एक ऐतिहासिक इमारत में भगवान कृष्ण और गोपियों की मूर्तियों को कथित रूप से खंडित कर दिया गया।

    इस घटना की जानकारी पाकिस्तान दरवार इत्तेहाद के अध्यक्ष शिव कच्छी ने दी। उन्होंने बताया कि कराची स्थित ऐतिहासिक सगन मेसन भवन में रखी धार्मिक मूर्तियों को नुकसान पहुंचाया गया, जिसे उन्होंने बेहद निंदनीय बताया।

    शिव कच्छी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक इमारत को नुकसान पहुंचाने की घटना नहीं है, बल्कि पाकिस्तान की बहुसांस्कृतिक विरासत, धार्मिक सद्भाव और अल्पसंख्यक समुदायों की भावनाओं पर सीधा हमला है। उन्होंने सरकार से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

    उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय इस घटना से आहत है और जिम्मेदार लोगों की जल्द गिरफ्तारी जरूरी है।

    साथ ही, ऐतिहासिक इमारत के तत्काल जीर्णोद्धार और संरक्षण की मांग भी उठाई गई है।

    बताया जा रहा है कि यह भवन स्वतंत्रता-पूर्व काल में 1937 में निर्मित हुआ था और यहां हिंदू समुदाय की कई धार्मिक मूर्तियां व प्रतीक सुरक्षित रखे गए थे। इससे पहले भी पाकिस्तान में मंदिरों और हिंदू स्थलों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आती रही हैं, जिन पर भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों, जिनमें संयुक्त राष्ट्र भी शामिल है, पर चिंता जता चुका है।

  • लंबी कानूनी जंग खत्म, 61 मामलों का निपटारा कर दंपती को अलग होने की अनुमति

    लंबी कानूनी जंग खत्म, 61 मामलों का निपटारा कर दंपती को अलग होने की अनुमति


    नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने एक ऐतिहासिक आदेश में 1994 से चल रहे वैवाहिक विवाद को समाप्त करते हुए दंपती को तलाक की मंजूरी दे दी। कोर्ट ने देशभर की विभिन्न अदालतों में लंबित 61 मुकदमों को एक साथ खत्म कर दिया।

    जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और उज्ज्वल भुयान की पीठ ने अनुच्छेद 142 के विशेष अधिकार का इस्तेमाल करते हुए लंबे समय से अलग रह रहे पति-पत्नी के विवाह को समाप्त करने का आदेश दिया। मामला अवमानना याचिका के रूप में शीर्ष अदालत पहुंचा था, लेकिन सुनवाई के दौरान अदालत ने इसे स्थायी समाधान तक पहुंचाने का फैसला किया।

    आपसी सहमति से हुआ निपटारा

    सुनवाई के दौरान अदालत ने दोनों पक्षों को बातचीत के लिए प्रेरित किया। इसके बाद आपसी सहमति से तलाक की प्रक्रिया तय की गई। कोर्ट ने आदेश में कहा कि एलिमनी पर सहमति बन चुकी है और पति पत्नी को एकमुश्त 1 करोड़ रुपये देगा। इसके साथ ही लोनावला स्थित संपत्ति में पत्नी को हिस्सा देने पर भी सहमति बनी।

    अदालत ने निर्देश दिया कि याचिकाकर्ता के खाते में संपत्ति हिस्सेदारी के रूप में 90 लाख रुपये जमा किए जाएं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सभी विवाद समाप्त माने जाएंगे।

    61 केस एक साथ खत्म

    शीर्ष अदालत ने विभिन्न अदालतों—ट्रायल कोर्ट, हाई कोर्ट और सुप्रीम कोर्ट—में चल रहे कुल 61 मामलों को रद्द कर दिया। इनमें घरेलू हिंसा, संपत्ति विवाद और अन्य आपराधिक व दीवानी मुकदमे शामिल थे। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में इसी विवाद से जुड़े किसी भी नए मामले की सुनवाई नहीं होगी।

    अनुच्छेद 142 का इस्तेमाल

    अनुच्छेद 142 के तहत सुप्रीम कोर्ट को पूर्ण न्याय सुनिश्चित करने के लिए विशेष आदेश देने का अधिकार है। इसी प्रावधान का उपयोग करते हुए अदालत ने कहा कि इस लंबे विवाद का स्थायी समाधान जरूरी है और अब किसी भी तरह की कानूनी बाधा नहीं रहनी चाहिए।

    दोनों पक्षों ने लिखित रूप में अदालत के फैसले को स्वीकार किया और आगे कोई मुकदमा न लड़ने पर सहमति जताई। अदालत ने इस मामले में पहले से जारी विभिन्न न्यायिक आदेशों को भी निरस्त कर दिया, जिससे 32 साल पुराना विवाद पूरी तरह समाप्त हो गया।
  • ऐश्वर्या राय के स्टारडम पर बोले अभिषेक बच्चन, ‘मुझे गर्व है, असहजता नहीं’

    ऐश्वर्या राय के स्टारडम पर बोले अभिषेक बच्चन, ‘मुझे गर्व है, असहजता नहीं’

    मुंबई। अभिषेक बच्चन ने अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने बताया कि पत्नी ऐश्वर्या राय के बड़े स्टारडम से उन्हें कभी असुरक्षा महसूस नहीं हुई। अभिनेता का कहना है कि उनकी परवरिश ही ऐसी रही है, जहां रिश्तों में बराबरी को महत्व दिया गया।

    हाल ही में लिली सिंह से बातचीत में अभिषेक ने कहा कि उन्होंने बचपन से ही अपने घर में साझेदारी का माहौल देखा। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि जब उनके माता-पिता अमिताभ बच्चन और जया बच्चन की शादी हुई थी, तब उनकी मां ज्यादा बड़ी स्टार मानी जाती थीं।

    यही वजह है कि उनके लिए पार्टनर का अधिक सफल होना कभी असामान्य नहीं रहा।

    ऐश्वर्या के साथ हमेशा बराबरी का रिश्ता

    अभिषेक ने कहा कि वह ऐश्वर्या को अपने करियर की शुरुआत से जानते हैं और दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया। उन्होंने बताया कि दोस्ती से शुरू हुआ रिश्ता सगाई और शादी तक हमेशा साझेदारी पर आधारित रहा। उनके मुताबिक, रिश्ते में कभी इस तरह की भूमिका तय नहीं हुई कि एक कमाए और दूसरा घर संभाले।

    बेटी की परवरिश पर भी खुलकर बोले

    अभिषेक ने बेटी आराध्या बच्चन की परवरिश को लेकर भी विचार साझा किए।

    उन्होंने कहा कि वह और ऐश्वर्या उसे उपदेश देने के बजाय खुद उदाहरण बनकर सिखाने की कोशिश करते हैं। उनके अनुसार, दोनों मिलकर ऐसी परवरिश देना चाहते हैं जिसमें सम्मान, आत्मनिर्भरता और संवेदनशीलता शामिल हो।

    पिछले कुछ समय से अभिषेक और ऐश्वर्या के रिश्ते को लेकर अफवाहें सामने आई थीं, लेकिन दोनों कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में साथ नजर आए, जिससे इन खबरों पर विराम लगता दिखा।

  • शादी के एक महीने बाद ही खुशखबरी? रश्मिका मंदाना की बात पर नेटिजंस बोले ‘जूनियर विरोश आ रहा है!’

    शादी के एक महीने बाद ही खुशखबरी? रश्मिका मंदाना की बात पर नेटिजंस बोले ‘जूनियर विरोश आ रहा है!’


    नई दिल्ली।साउथ सिनेमा के चर्चित कपल Rashmika Mandanna और Vijay Deverakonda एक बार फिर सुर्खियों में हैं। शादी के महज डेढ़ महीने बाद रश्मिका की एक सोशल मीडिया पोस्टने इंटरनेट पर हलचल मचा दी है। “अब हम 3 हो गए…” लिखते ही फैंस ने कयास लगाना शुरू कर दिया कि क्या यह कपल अपने पहले बच्चे का स्वागत करने वाला है?
    वायरल पोस्ट ने बढ़ाई हलचल

    दरअसल, रश्मिका मंदाना ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक ग्राफिक वीडियो शेयर किया। इस वीडियो में एनिमेटेड अंदाज में रश्मिका और विजय जैसे कैरेक्टर नजर आ रहे हैं, जिनके साथ एक पीले रंग का फूल भी दिखाई देता है। वीडियो में हार्ट इमोजी और क्यूट मूवमेंट्स ने इसे और खास बना दिया। पोस्ट के कैप्शन में रश्मिका ने लिखा- “Now we are 3” (अब हम तीन हो गए), जिसके बाद सोशल मीडिया पर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

    फैंस के सवाल: ‘फूल या बेबी?’

    इस पोस्ट के सामने आते ही फैंस ने कमेंट सेक्शन में सवालों की झड़ी लगा दी। कोई पूछ रहा है कि क्या रश्मिका मां बनने वाली हैं, तो कोई इसे कपल का ‘बेबी अनाउंसमेंट’ मान रहा है। कुछ यूजर्स ने मजाकिया अंदाज में लिखा “तीन का मतलब फूल है या जूनियर विरोश?” वहीं कई फैंस ने कपल को एडवांस में बधाई देना भी शुरू कर दिया। हालांकि, इस पोस्ट में कहीं भी प्रेग्नेंसी की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। रश्मिका ने जिस अकाउंट को टैग किया है, उससे यह भी अंदाजा लगाया जा रहा है कि यह एक क्रिएटिव या प्रमोशनल पोस्ट हो सकता है।

    शादी के बाद पहली बड़ी चर्चा

    गौरतलब है कि Rashmika Mandanna और Vijay Deverakonda ने 26 फरवरी 2026 को उदयपुर में एक इंटिमेट वेडिंग में शादी की थी। इस शादी की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। अब शादी के कुछ ही समय बाद इस तरह की पोस्ट ने फैंस की उत्सुकता को और बढ़ा दिया है।

    वर्कफ्रंट पर भी व्यस्त हैं रश्मिका

    पर्सनल लाइफ के साथ-साथ रश्मिका मंदाना अपने प्रोफेशनल करियर में भी काफी व्यस्त हैं। उनके पास इस समय कई बड़े प्रोजेक्ट्स हैं, जिनमें ‘कॉकटेल 2’ और ‘मैसा’ जैसी फिल्में शामिल हैं। इसके अलावा, वह निर्देशक राहुल सांकृत्यायन की पीरियड ड्रामा फिल्म ‘रणबाली’ में विजय देवरकोंडा के साथ नजर आएंगी। यह शादी के बाद दोनों की पहली फिल्म होगी, जो 11 सितंबर को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है।

    क्या है सच्चाई?

    फिलहाल रश्मिका की पोस्ट को लेकर केवल कयास लगाए जा रहे हैं। “हम 3 हो गए” का मतलब एक क्रिएटिव आइडिया भी हो सकता है और कोई निजी संकेत भी। जब तक कपल खुद इस पर कोई आधिकारिक बयान नहीं देता, तब तक इसे महज एक वायरल पोस्ट ही माना जा रहा है।

    रश्मिका मंदाना की “अब हम 3 हो गए” पोस्ट ने सोशल मीडिया पर प्रेग्नेंसी की अटकलें तेज कर दी हैं, लेकिन फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है फैंस अभी भी सच्चाई जानने का इंतजार कर रहे हैं।रश्मिका मंदाना की “अब हम 3 हो गए” पोस्ट ने सोशल मीडिया पर प्रेग्नेंसी की अटकलें तेज कर दी हैं, लेकिन फिलहाल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है फैंस अभी भी सच्चाई जानने का इंतजार कर रहे हैं।

  • 10 मिनट ‘क्लीनिकली डेड’ रही महिला का दावा, 2030 की दुनिया देखकर लौटी; अनुभव ने चौंकाया

    10 मिनट ‘क्लीनिकली डेड’ रही महिला का दावा, 2030 की दुनिया देखकर लौटी; अनुभव ने चौंकाया


    नई दिल्ली। मेक्सिको की एक महिला ने दावा किया है कि 10 मिनट तक ‘क्लीनिकली डेड’ रहने के दौरान वह भविष्य यानी साल 2030 में पहुंच गई थीं। होश में आने के बाद उन्होंने जो अनुभव साझा किया, उसने लोगों के साथ-साथ वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया।

    रिपोर्ट के मुताबिक, 24 वर्षीय मेडिकल स्टूडेंट रूबी रोल्गु को पिछले साल अप्रैल में फेफड़ों में खून के थक्के जमने की वजह से अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनकी हालत बिगड़ने पर उन्हें दिल का दौरा पड़ा और डॉक्टरों ने उन्हें लगभग 10 मिनट तक ‘क्लीनिकली डेड’ बताया। परिवार को भी उनकी स्थिति बेहद गंभीर होने की जानकारी दी गई थी।

    2030 की दुनिया देखने का दावा

    होश में आने के बाद रूबी ने बताया कि उन 10 मिनटों में उन्होंने खुद को साल 2030 की दुनिया में पाया। उनके अनुसार, भविष्य की दुनिया आज की तुलना में अधिक शांत और व्यवस्थित थी। उन्होंने दावा किया कि तकनीक और ऑटोमेशन के कारण लोगों का जीवन आसान हो गया था और वे परिवार व समाज के साथ ज्यादा समय बिताते दिखे।

    रूबी ने यह भी कहा कि उन्होंने खुद को और अपने परिवार को उम्रदराज होते देखा, मानो वह आने वाले वर्षों को दिन-प्रतिदिन जी रही हों। उनके मुताबिक भविष्य में तकनीक और मानवीय संवेदनाओं का संतुलन बेहतर दिखाई दिया।

    ‘वापस आना किसी नरक जैसा लगा’

    रूबी के अनुसार, यह अनुभव इतना सुखद था कि जब उनकी आंखें अस्पताल में खुलीं तो उन्हें वास्तविक दुनिया में लौटना कठिन लगा। उन्होंने बताया कि उन्हें रोशनी से भरी सुरंग दिखाई दी और फिर अचानक वह अपने अस्पताल के बेड पर थीं। होश में आने पर जब उन्होंने अपने भाई को देखा तो वह उन्हें अपनी ‘भविष्य की यादों’ के मुकाबले काफी छोटा लगा।

    रूबी ने कहा कि भविष्य की शांति के बाद वर्तमान की भागदौड़ भरी दुनिया में लौटना उन्हें किसी “नरक” जैसा महसूस हुआ। हालांकि वैज्ञानिक ऐसे दावों को अक्सर मस्तिष्क की जटिल गतिविधियों और ‘नियर-डेथ एक्सपीरियंस’ से जोड़कर देखते हैं, फिर भी यह घटना चर्चा का विषय बनी हुई है।

  • ‘समोसा’ विवाद के पीछे सियासी दरार? AAP में खटपट की इनसाइड स्टोरी

    ‘समोसा’ विवाद के पीछे सियासी दरार? AAP में खटपट की इनसाइड स्टोरी


    नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी में उभरते युवा चेहरे माने जाने वाले राघव चड्ढा इन दिनों अपनी ही पार्टी के निशाने पर हैं। पार्टी ने उन्हें राज्यसभा में उप-नेता के पद से हटाने के साथ-साथ संसद में उनकी भूमिका भी सीमित कर दी है। कभी अरविंद केजरीवाल के करीबी माने जाने वाले चड्ढा अब पार्टी के भीतर अलग-थलग नजर आ रहे हैं।

    आतिशी और सौरभ भारद्वाज का हमला

    शुक्रवार को आतिशी और सौरभ भारद्वाज ने चड्ढा पर तीखा हमला बोला। आरोप है कि विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लाए गए महाभियोग प्रस्ताव पर चड्ढा ने हस्ताक्षर नहीं किए।

    आतिशी ने सवाल उठाया कि जब विपक्ष एकजुट था तो चड्ढा पीछे क्यों हटे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि संसद में अहम मुद्दों पर वे चुप रहे।

    ‘समोसा’ टिप्पणी पर भी विवाद

    पार्टी नेताओं ने चड्ढा द्वारा संसद में उठाए गए मुद्दों पर भी तंज कसा। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि देश के बड़े मुद्दों की बजाय चड्ढा हवाई अड्डों पर समोसे की कीमत और जूस के पैकेट जैसे विषयों पर चर्चा कर रहे थे। हालांकि चड्ढा ने इन पर बने मीम्स का स्वागत किया था, लेकिन पार्टी ने इसे गंभीरता की कमी बताया।

    पुरानी नाराजगी भी बनी वजह

    आंतरिक असंतोष की जड़ें 2024 तक जाती बताई जा रही हैं, जब कथित आबकारी मामले में केजरीवाल की गिरफ्तारी के दौरान चड्ढा आंख के ऑपरेशन के लिए लंदन में थे। इस पर अब सवाल उठाए जा रहे हैं कि उस समय वे पार्टी के साथ सक्रिय क्यों नहीं दिखे।

    पंजाब की राजनीति का असर

    2022 में पंजाब में जीत के बाद चड्ढा को ‘सुपर सीएम’ कहा जाने लगा था, जिससे स्थानीय नेताओं में असंतोष बढ़ा। बाद में पार्टी नेतृत्व ने पंजाब पर सीधा नियंत्रण मजबूत किया और चड्ढा की भूमिका सीमित होती चली गई।

    चड्ढा की सफाई

    पद से हटाए जाने के बाद चड्ढा ने वीडियो जारी कर कहा कि जनता के मुद्दे उठाना गलत नहीं है और उनकी चुप्पी को कमजोरी न समझा जाए। उन्होंने संकेत दिया कि उन्हें बोलने से रोका जा रहा है। उनकी जगह राज्यसभा में उप-नेता के तौर पर अशोक मित्तल को नियुक्त किया गया है।

    क्या BJP जॉइन करेंगे?

    राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि चड्ढा भविष्य में भारतीय जनता पार्टी का रुख कर सकते हैं। भगवंत मान ने उन्हें ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ बताया, जबकि दिल्ली भाजपा अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि चड्ढा को खुद तय करना होगा कि उनका राजनीतिक भविष्य क्या होगा।

    हालांकि फिलहाल चड्ढा की ओर से किसी पार्टी में जाने को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इस घटनाक्रम ने सियासी हलकों में अटकलों को तेज कर दिया है।

  • चीन में फैली फिर नई बीमारी, मारे जा रहे जानवर; बॉर्डर पर नियंत्रण कड़ा

    चीन में फैली फिर नई बीमारी, मारे जा रहे जानवर; बॉर्डर पर नियंत्रण कड़ा

    वीजिंग। चीन में एक नई बीमारी फैली है, जिसके बाद जानवरों को मारा जा रहा है। उत्तर-पश्चिम में ‘फुट-एंड-माउथ’ बीमारी के छोटे से प्रकोप के बाद चीन ने अपनी सीमा पर नियंत्रण कड़ा कर दिया है। इसके साथ ही, टीकों की प्रक्रिया तेज कर दी है और मवेशियों को मारना शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह बीमारी विदेश से आई है। कृषि मंत्रालय ने पिछले बताया कि उसने जानवरों को मारना और प्रभावित इलाकों को कीटाणु-मुक्त करना शुरू कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब गांसु प्रांत और शिनजियांग उइघुर स्वायत्त क्षेत्र में कुल 6,229 मवेशियों के झुंड इस बीमारी की चपेट में आ गए।
    उद्योग एक्सपर्ट ने बताया कि यह पहली बार है जब चीन में एसएटी-एक सेरोटाइप-जो अफ्रीका में आम तौर पर पाई जाने वाली इस बीमारी का ही एक प्रकार है, का पता चला है। उन्होंने यह भी कहा कि इस बीमारी के अधिक सामान्य ‘O’ और ‘A’ सेरोटाइप के लिए देश में उपलब्ध मौजूदा टीके इस नए प्रकार से सुरक्षा प्रदान नहीं करते हैं। वर्ष 2025 से, SAT-1 अफ्रीका से फैलकर मध्य-पूर्व, पश्चिम एशिया और दक्षिण एशिया के कुछ हिस्सों तक पहुंच चुका है।

    अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि यह प्रकोप चीन में उत्तर-पश्चिमी सीमा के रास्ते से आया है। यह वह क्षेत्र है जो कजाकिस्तान, मंगोलिया, रूस और अन्य देशों से सटा हुआ है।

    आधिकारिक सूचनाओं के अनुसार, शिनजियांग और गांसु सहित सीमावर्ती प्रांतों को गश्त बढ़ाने और तस्करी या अवैध परिवहन के जरिए इस बीमारी को देश में प्रवेश करने से रोकने के निर्देश दिए गए हैं। शंघाई जेसी इंटेलिजेंस कंपनी की विश्लेषक रोजा वांग ने कहा, “मौजूदा प्रकोप एक बड़े क्षेत्र के लिए खतरा बन गया है, और इसकी रोकथाम तथा नियंत्रण पर भारी दबाव है।”

    यह प्रकोप ऐसे समय में सामने आया है जब रूस साइबेरिया के नोवोसिबिर्स्क क्षेत्र में मवेशियों की एक गंभीर बीमारी के प्रकोप से जूझ रहा है। यह क्षेत्र कजाकिस्तान की सीमा से लगा हुआ है और शिनजियांग और गांसु में प्रकोप वाली जगहों से क्रमशः लगभग 1200 किमी (750 मील) और 2500 किमी दूर है। 20 मार्च को प्रकाशित एक रिपोर्ट में, अमेरिकी कृषि विभाग ने कहा कि चीन की प्रतिक्रिया का पैमाना यह संकेत दे सकता है कि वहां ‘फुट-एंड-माउथ’ (खुरपका-मुंहपका) बीमारी का कोई ऐसा प्रकोप हुआ है जिसकी अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। रूस ने ऐसे किसी भी प्रकोप से इनकार किया है।