Author: bharati

  • कनाडा के निवेशकों पर भारत की नजर, सीतारमण बोलीं- नीतियां अनुकूल और टैक्स व्यवस्था में बढ़ी निश्चितता

    कनाडा के निवेशकों पर भारत की नजर, सीतारमण बोलीं- नीतियां अनुकूल और टैक्स व्यवस्था में बढ़ी निश्चितता


    नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कनाडा के प्रमुख निवेशकों और कंपनियों को भारत में निवेश के बढ़ते अवसरों का लाभ उठाने का न्योता दिया है। टोरंटो में आयोजित हाई लेवल बिजनेस राउंडटेबल में वित्त मंत्री ने कनाडाई कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों के साथ भारत के निवेशक हितैषी नीतिगत माहौल टैक्स से जुड़ी निश्चितता और लगातार किए जा रहे आर्थिक सुधारों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि भारत अलग अलग सेक्टर और क्षेत्रों में निवेश के लिए नए अवसर उपलब्ध करा रहा है और कनाडाई कंपनियां इन संभावनाओं के साथ अपनी साझेदारी को और मजबूत कर सकती हैं।

    राउंडटेबल में क्लीन टेक्नोलॉजी जरूरी खनिज रेयर अर्थ्स एनर्जी स्टोरेज सस्टेनेबल इंफ्रास्ट्रक्चर कृषि फूड प्रोसेसिंग ऑटोमोबाइल टेक्सटाइल्स ग्रीन स्टील एयरोस्पेस स्पेस साइबर सिक्योरिटी बायोटेक्नोलॉजी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एसेट मैनेजमेंट हायर एजुकेशन और स्किल डेवलपमेंट जैसे कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों के कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हुए। इससे साफ है कि भारत और कनाडा के बीच आर्थिक सहयोग को केवल पारंपरिक क्षेत्रों तक सीमित रखने के बजाय भविष्य की तकनीकों और उभरते उद्योगों तक विस्तार देने पर भी जोर दिया जा रहा है।

    वित्त मंत्री ने ओंटारियो टीचर्स पेंशन प्लान की प्रेसिडेंट और सीईओ जो टेलर से भी मुलाकात की। उन्होंने भारत में ओटीपीपी के लंबे समय से जारी भरोसे और नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड के साथ उसकी साझेदारी की सराहना की। दोनों पक्षों के बीच पार्टनरशिप और को इन्वेस्टमेंट के जरिए भारत में ओटीपीपी के इंफ्रास्ट्रक्चर निवेश को बढ़ाने की संभावनाओं पर बातचीत हुई। ट्रांसमिशन ट्रांसपोर्ट शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर और रिन्यूएबल एनर्जी जैसे क्षेत्रों को खास तौर पर महत्वपूर्ण बताया गया।

    सीतारमण ने ग्लोबल निवेशकों के लिए गिफ्ट आईएफएससी को एक महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म के तौर पर पेश किया और ओटीपीपी को भारत के साथ अपने आर्थिक जुड़ाव को और मजबूत करने तथा बड़े निवेश अवसर तलाशने के लिए प्रोत्साहित किया। इसके साथ ही उन्होंने ओएमईआरएस के प्रेसिडेंट और सीईओ ब्लेक हचेसन से भी मुलाकात की और भारत में संस्थान के लगातार भरोसे की सराहना की। बातचीत में इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट समेत कई क्षेत्रों में लंबे समय की साझेदारी को और गहरा करने के अवसरों पर चर्चा हुई।

    बैठक के दौरान ट्रांसपोर्टेशन ट्रांसमिशन रिन्यूएबल एनर्जी शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर लॉजिस्टिक्स और रियल एस्टेट जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। भारत की मजबूत आर्थिक वृद्धि बढ़ते मध्यम वर्ग और तेजी से बढ़ती इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों को विदेशी संस्थागत निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया गया।

    वित्त मंत्री ने कनाडा पेंशन प्लान इन्वेस्टमेंट बोर्ड के प्रेसिडेंट और सीईओ जॉन ग्राहम से भी मुलाकात की। उन्होंने भारत में सीपीपीआईबी के लंबे समय के भरोसे और एनआईआईएफ इंफ्रा फंड II में उसके निवेश की सराहना की। दोनों पक्षों के बीच ट्रांसमिशन रिन्यूएबल एनर्जी सड़कें बंदरगाह शहरी इंफ्रास्ट्रक्चर डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और डेटा सेंटरों में संस्थागत पूंजी के लिए नए अवसर बढ़ाने पर चर्चा हुई। वित्त मंत्री का यह दौरा भारत में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने और कनाडाई निवेशकों के साथ दीर्घकालिक आर्थिक साझेदारी मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।

  • बाढ़ और तबाही के बीच 6 कैलाश यात्री लापता, नेपाल आपदा का बिहार तक असर; परिवारों की बढ़ी चिंता

    बाढ़ और तबाही के बीच 6 कैलाश यात्री लापता, नेपाल आपदा का बिहार तक असर; परिवारों की बढ़ी चिंता


    नई दिल्ली। नेपाल में आई विनाशकारी प्राकृतिक आपदा का असर अब भारत के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। बिहार के कई इलाकों में बाढ़ का संकट लगातार गहराता जा रहा है और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। भागलपुर के नौगछिया में गंगा नदी का तटबंध टूटने के बाद बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हुए हैं। पानी फैलने से लोगों का सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें राहत और बचाव अभियान में जुटी हैं। प्रभावित परिवारों के लिए मुफ्त कम्युनिटी किचन अस्थायी मेडिकल कैंप और राहत शिविर शुरू किए गए हैं ताकि उन्हें जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

    बगहा में भी नेपाल में आई भारी आपदा के बाद गंडक नदी के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों को नदी का जलस्तर बढ़ने का डर सता रहा है। कई लोग संभावित खतरे को देखते हुए रातभर जागते रहे। प्रशासन की ओर से हालात पर लगातार नजर रखी जा रही है और निचले इलाकों के लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। पटना के आसपास के क्षेत्रों में भी बाढ़ का पानी कई घरों तक पहुंचने से परेशानी बढ़ गई है। कई परिवार अपने मवेशियों के साथ सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर चले गए हैं।

    बिहार के साथ उत्तर प्रदेश में भी गंगा के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ाई है। रायबरेली में गंगा का पानी चेतावनी के निशान से ऊपर पहुंच गया है। इसके चलते कटरा क्षेत्र के गांवों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई है और खेतों में खड़ी धान गन्ने और अरहर की फसलें पानी में डूब गई हैं। किसानों को फसल बर्बाद होने के साथ आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है।

    नेपाल की आपदा का असर उन भारतीय परिवारों पर भी पड़ा है जिनके परिजन वहां यात्रा पर गए हैं। जम्मू में गोरखा समुदाय के लोगों ने नेपाल त्रासदी में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। इसके साथ ही नेपाल में लापता भारतीय और विदेशी नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए भी प्रार्थना की गई।

    इसी बीच पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर से नेपाल गए छह कैलाश यात्री 25 अगस्त की रात से संपर्क से बाहर बताए जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये सभी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए एक ट्रैवल ग्रुप के साथ नेपाल गए थे। यात्रियों के संपर्क में नहीं आने के बाद उनके परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। लापता यात्रियों में अरिंदम गांगुली और मौसुमी गांगुली के नाम सामने आए हैं।

    अरिंदम की दोस्त सुजाता बनर्जी के मुताबिक यात्रियों से पहले बातचीत हुई थी लेकिन इसके बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका। ट्रैवल एजेंसी से संपर्क करने पर परिवारों को बताया गया कि पिछली रात और सुबह यात्रियों से बात हुई थी लेकिन इसके बाद उनकी स्थिति की स्पष्ट जानकारी नहीं मिल पाई। इससे परिजन और अधिक चिंतित हैं।

    अब परिवारों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से नेपाल में फंसे छह यात्रियों की तत्काल तलाश शुरू करने और उनकी सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने की अपील की है। एक ओर नेपाल में प्राकृतिक आपदा ने भारी तबाही मचाई है तो दूसरी ओर उसके प्रभाव से बिहार में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। ऐसे हालात में राहत और बचाव एजेंसियों के सामने प्रभावित लोगों को सुरक्षित निकालने के साथ नेपाल में संपर्क से बाहर हुए भारतीय यात्रियों की जानकारी जुटाने की चुनौती भी बनी हुई है।

  • भारत-पनामा कारोबार में आएगी नई रफ्तार! 600 मिलियन डॉलर के व्यापार को 1.2 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य

    भारत-पनामा कारोबार में आएगी नई रफ्तार! 600 मिलियन डॉलर के व्यापार को 1.2 बिलियन डॉलर तक पहुंचाने का लक्ष्य


    नई दिल्ली। भारतीय कंपनियों के लिए पनामा आने वाले समय में सिर्फ एक निर्यात गंतव्य नहीं बल्कि लैटिन अमेरिका कैरिबियन और अमेरिका के कई बाजारों तक पहुंच बनाने का महत्वपूर्ण बिजनेस गेटवे बन सकता है। भारत में पनामा के राजदूत अलोंसो कोरिया मिगुएल ने मुंबई में आयोजित एक हाई लेवल कारोबारी बातचीत के दौरान भारतीय उद्योग जगत के सामने पनामा की कारोबारी संभावनाओं को रखा। उन्होंने कहा कि पनामा की भौगोलिक स्थिति और मजबूत लॉजिस्टिक्स नेटवर्क भारतीय कंपनियों को क्षेत्रीय स्तर पर अपने कारोबार का विस्तार करने में बड़ी मदद दे सकते हैं।

    राजदूत के मुताबिक पनामा नहर के कारण देश को वैश्विक समुद्री व्यापार में महत्वपूर्ण रणनीतिक बढ़त हासिल है। इसके अलावा मजबूत समुद्री और लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम स्पेशल इकोनॉमिक जोन और कोलोन फ्री ट्रेड जोन जैसी सुविधाएं भारतीय कंपनियों के लिए वेयरहाउसिंग डिस्ट्रीब्यूशन मैन्युफैक्चरिंग और व्यावसायिक गतिविधियों के लिहाज से उपयोगी साबित हो सकती हैं। उनका कहना था कि भारतीय कंपनियां पनामा में अपनी क्षेत्रीय मौजूदगी स्थापित करके आसपास के कई बाजारों को एक साथ कवर कर सकती हैं।

    खास तौर पर फार्मास्यूटिकल्स केमिकल्स ऑटोमोबाइल मोटरसाइकिल इंजीनियरिंग कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और टेक्नोलॉजी सेक्टर में अवसरों की बड़ी संभावना बताई गई है। कंपनियां पनामा को रीजनल हेडक्वार्टर या डिस्ट्रीब्यूशन सेंटर के तौर पर विकसित कर सकती हैं। इससे अलग अलग देशों में कारोबार शुरू करने के दौरान आने वाली लॉजिस्टिक्स स्थानीय नियमों डिस्ट्रीब्यूशन नेटवर्क और बाजार की जरूरतों से जुड़ी चुनौतियों को कम करने में मदद मिल सकती है।

    मुंबई में हुई इस बातचीत में भारत और पनामा के बीच मौजूदा व्यापार को बढ़ाने पर भी जोर दिया गया। एमवीआईआरडीसी वर्ल्ड ट्रेड सेंटर मुंबई के चेयरमैन और ऑल इंडिया एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्रीज के अध्यक्ष डॉ. विजय कलंत्री ने बताया कि दोनों देशों के बीच फिलहाल वस्तुओं का व्यापार करीब 600 मिलियन डॉलर का है। उन्होंने कहा कि मजबूत बी2बी संपर्क बाजार की बेहतर जानकारी और संभावनाओं वाले क्षेत्रों में केंद्रित सहयोग के जरिए अगले दो वर्षों में इस व्यापार को दोगुना कर 1.2 बिलियन डॉलर से ज्यादा तक पहुंचाया जा सकता है।

    उन्होंने कहा कि पनामा की रणनीतिक लोकेशन और अमेरिका के साथ उसकी कनेक्टिविटी भारतीय कंपनियों को क्षेत्रीय विस्तार के लिए प्रभावी मंच दे सकती है। वहीं मुंबई में पनामा के कॉन्सल जनरल रॉबर्टो रोड्रिग्ज प्राडा ने भी दोनों देशों के कारोबारियों के बीच सीधे संपर्क बढ़ाने की जरूरत बताई। उन्होंने फार्मास्यूटिकल्स केमिकल्स और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में विशेष संभावनाएं गिनाईं। उनके मुताबिक पनामा के स्पेशल इकोनॉमिक रिजीम के तहत वेयरहाउसिंग और डिस्ट्रीब्यूशन से लेकर असेंबली टेस्टिंग फिनिशिंग और मैन्युफैक्चरिंग तक भारतीय कंपनियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं। ऐसे में भारत और पनामा के बीच कारोबारी रिश्ते आने वाले समय में एक नए क्षेत्रीय विस्तार की नींव रख सकते हैं।

  • ‘जो खेले वो खिले’… PM मोदी ने युवाओं में भरा जोश, कहा- हर जिले में दुनिया के नक्शे पर चमकने की ताकत

    ‘जो खेले वो खिले’… PM मोदी ने युवाओं में भरा जोश, कहा- हर जिले में दुनिया के नक्शे पर चमकने की ताकत


    नई दिल्ली। ‘प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को खेलो इंडिया संवाद के दौरान देश के युवा खिलाड़ियों और एथलीटों से संवाद करते हुए भारत के खेल भविष्य को लेकर बड़ा विजन सामने रखा। उन्होंने कहा कि उन्हें देश के युवाओं की शक्ति और सामर्थ्य पर पूरा भरोसा है और भारत को खेलों के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए प्रतिभाओं को शुरुआती स्तर से तैयार करना जरूरी है। पीएम मोदी ने 29 अगस्त को मनाए जाने वाले राष्ट्रीय खेल दिवस का जिक्र करते हुए महान हॉकी खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद को भी याद किया और कहा कि उनका जीवन देश की खेल परंपरा और प्रेरणा का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने खेल को केवल पदक जीतने का माध्यम मानने के बजाय व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्र निर्माण से जोड़ते हुए कहा कि जो खेले वो खिले। उनके मुताबिक मैदान पर खेलने से केवल खिलाड़ी की क्षमता नहीं बढ़ती बल्कि उसके परिवार का गौरव बढ़ता है और उसके स्कूल कॉलेज जिले तथा पूरे राज्य की पहचान मजबूत होती है।

    पीएम मोदी ने कहा कि देश को 2036 ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए अभी से ऐसी प्रतिभाओं की तलाश करनी होगी जो आने वाले वर्षों में भारत का प्रतिनिधित्व कर सकें। उन्होंने 5 से 15 साल की उम्र के बच्चों के लिए बड़े टैलेंट हंट अभियान की बात कही। इस अभियान का उद्देश्य सिर्फ बच्चों की खेल में रुचि जानना नहीं बल्कि यह पहचानना भी होगा कि कौन सा बच्चा किस खेल के लिए स्वाभाविक रूप से बेहतर है। इसके आधार पर उन्हें प्रशिक्षण देने की व्यवस्था तैयार की जाएगी। प्रधानमंत्री ने भरोसा दिलाया कि प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने के लिए सरकार हर संभव सहयोग करेगी।

    उन्होंने भारत की ओलंपिक भागीदारी को लेकर भी महत्वपूर्ण बात कही। पीएम मोदी के अनुसार भारत कई ऐसे खेलों में हिस्सा ही नहीं लेता जिनमें दुनिया के दूसरे देश पदक जीत रहे हैं। ऐसे में देश को सर्फिंग स्पोर्ट्स क्लाइंबिंग वॉटर स्पोर्ट्स और विंटर स्पोर्ट्स जैसे क्षेत्रों में संभावनाएं तलाशनी होंगी। उन्होंने कहा कि भारत के पास अलग-अलग भौगोलिक क्षेत्रों में इन खेलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां मौजूद हैं। जरूरत सिर्फ स्थानीय प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें सही दिशा और प्रशिक्षण देने की है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार देश में 21वीं सदी का आधुनिक स्पोर्ट्स इकोसिस्टम तैयार करने के लिए काम कर रही है। खेल विश्वविद्यालयों से लेकर प्रशिक्षण केंद्रों तक ऐसी व्यवस्था विकसित की जा रही है जिसमें प्रतिभा की पहचान से लेकर उसे शीर्ष स्तर तक पहुंचाने तक सहयोग मिले। उन्होंने खेलों को फिटनेस और बेहतर जीवनशैली से भी जोड़ा और कहा कि खेल युवाओं को नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनके मुताबिक खेल अब केवल शौक नहीं बल्कि करियर का भी मजबूत विकल्प बनकर उभर रहे हैं।

    पीएम मोदी ने पैरा एथलीटों की उपलब्धियों को भी प्रेरणा का बड़ा स्रोत बताया। उन्होंने शीतल देवी अवनी लेखरा सुमित अंतिल और नितेश कुमार जैसे खिलाड़ियों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन खिलाड़ियों ने अपनी मेहनत और जज्बे से देश को गौरवान्वित किया है। उन्होंने कहा कि खेल हमें जीत के साथ हार के बाद दोबारा उठना भी सिखाता है और यही खेल भावना जीवन को मजबूत बनाती है। अंत में प्रधानमंत्री ने युवाओं से स्क्रीन टाइम कम करने और मैदान से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि प्ले स्टेशन से ज्यादा प्ले ग्राउंड की अहमियत है। उनके मुताबिक खेल के मैदान में हो या समाज के किसी अन्य क्षेत्र में युवाओं की सक्रिय भागीदारी ही भारत की असली शक्ति है।

  • 5 दशकों तक राष्ट्रसेवा में समर्पित रहे ए. बालकृष्णन का निधन, PM मोदी बोले पूर्वोत्तर के विकास में उनका योगदान हमेशा याद रहेगा

    5 दशकों तक राष्ट्रसेवा में समर्पित रहे ए. बालकृष्णन का निधन, PM मोदी बोले पूर्वोत्तर के विकास में उनका योगदान हमेशा याद रहेगा


    नई दिल्ली। विवेकानंद शिला स्मारक और विवेकानंद केंद्र के अध्यक्ष रहे ए. बालकृष्णन के निधन से देशभर में शोक की लहर है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण में उनके लंबे योगदान को याद किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि ए. बालकृष्णन ने अपने जीवन के पांच दशकों से अधिक समय स्वामी विवेकानंद के आदर्शों और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने विवेकानंद केंद्र के शुरुआती जीवनव्रतियों में शामिल होकर देश के अलग अलग हिस्सों में लगातार काम किया और विशेष रूप से पूर्वोत्तर भारत के साथ उनका गहरा जुड़ाव रहा।

    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर ए. बालकृष्णन के साथ अपनी पुरानी तस्वीर साझा करते हुए उनके निधन पर संवेदना व्यक्त की। पीएम मोदी ने कहा कि विवेकानंद केंद्र के अध्यक्ष के रूप में सेवा देने वाले ए. बालकृष्णन के निधन से उन्हें अत्यंत दुख हुआ है। उन्होंने अपने लंबे सार्वजनिक जीवन में शिक्षा सामाजिक जागरण और राष्ट्र निर्माण से जुड़े कई कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। प्रधानमंत्री ने विवेकानंद केंद्र परिवार उनके कार्यकर्ताओं और बालकृष्णन से जुड़े सभी प्रशंसकों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदनाएं व्यक्त कीं।

    ए. बालकृष्णन का जीवन स्वामी विवेकानंद के विचारों को समाज तक पहुंचाने और राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित रहा। विवेकानंद केंद्र से जुड़े उनके कार्यकाल में शिक्षा सामाजिक गतिविधियों और संगठन निर्माण को विशेष महत्व दिया गया। पूर्वोत्तर भारत में उनकी भूमिका को खास तौर पर याद किया जा रहा है। अरुणाचल प्रदेश समेत पूर्वोत्तर के कई क्षेत्रों में शिक्षा और सामाजिक विकास से जुड़े प्रयासों में उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है। यही वजह है कि उनके निधन पर देश के अलग अलग हिस्सों से नेताओं और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने श्रद्धांजलि दी।

    केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने भी ए. बालकृष्णन के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उनकी निस्वार्थ सेवा और खासकर अरुणाचल प्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में किए गए काम को वहां के लोग और पूरा देश लंबे समय तक याद रखेगा। रिजिजू ने उन्हें सच्चा कर्मयोगी बताते हुए कहा कि उनका जीवन सेवा भावना का प्रतीक था। उन्होंने उनके परिवार और करीबियों के प्रति संवेदना व्यक्त की।

    दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी बालकृष्णन के निधन को अत्यंत पीड़ादायक बताया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के आदर्शों को जीवन का ध्येय बनाकर बालकृष्णन ने पांच दशकों से अधिक समय तक राष्ट्रकार्य समाज जागरण शिक्षा और संगठन निर्माण के लिए खुद को समर्पित रखा। उन्होंने पूर्वोत्तर भारत में बालकृष्णन के योगदान को राष्ट्रसेवा की प्रेरक परंपरा बताया और उनके लिए श्रद्धांजलि अर्पित की।

    असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी ए. बालकृष्णन को श्रद्धांजलि देते हुए उन्हें सच्चा कर्मयोगी और जीवनव्रती कार्यकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि बालकृष्णन ने अपना पूरा जीवन राष्ट्र सेवा के लिए समर्पित कर दिया। कन्याकुमारी से लेकर असम और पूर्वोत्तर भारत तक विवेकानंद केंद्र के काम को आगे बढ़ाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। शिक्षा के क्षेत्र में उनके योगदान को आने वाली पीढ़ियां भी याद करेंगी। ए. बालकृष्णन का निधन समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण के क्षेत्र में एक ऐसी कमी छोड़ गया है जिसे भरना आसान नहीं होगा। उनके जीवन और कार्यों को स्वामी विवेकानंद के आदर्शों से प्रेरित सेवा की लंबी यात्रा के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।

  • अरेस्ट वारंट का डर दिखाया, फर्जी जज ने सुनाया संपत्ति जब्ती का फरमान; 96 दिन में बुजुर्ग दंपती से ठगे 22 लाख

    अरेस्ट वारंट का डर दिखाया, फर्जी जज ने सुनाया संपत्ति जब्ती का फरमान; 96 दिन में बुजुर्ग दंपती से ठगे 22 लाख


    भोपाल  भोपाल के कोलार इलाके में रहने वाले एक बुजुर्ग दंपती के साथ डिजिटल अरेस्ट के नाम पर साइबर ठगी का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ठगों ने करीब 96 दिनों तक दंपती को वीडियो कॉल के जरिए अपने नियंत्रण में रखा और उन्हें करोड़ों रुपए के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में फंसाने की धमकी दी। कभी खुद को दिल्ली पुलिस का अधिकारी बताया गया तो कभी चीफ इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर और सुप्रीम कोर्ट का जज बनकर दंपती को डराया गया। आरोपियों ने गिरफ्तारी वारंट और संपत्ति सीज होने का भय दिखाकर उनसे 22 लाख रुपए ऐंठ लिए। रकम देने के बाद भी जब ठगों ने उन्हें डिजिटल निगरानी से मुक्त नहीं किया तो दंपती को शक हुआ और उन्होंने साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई।

    पुलिस के अनुसार कृष्णा कॉम्प्लेक्स गणपति एन्क्लेव निवासी सुवर्णा लक्ष्मी और नरसिम्हा राव मूल रूप से आंध्र प्रदेश के पलनाडू जिले के रहने वाले हैं। परिवार के साथ फरवरी में शिवरात्रि मनाने के लिए वे आंध्र प्रदेश गए थे। इसी दौरान 19 मई को सुवर्णा के मोबाइल पर एक कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को दिल्ली के दरियागंज थाने का अधिकारी खन्ना बताया और दावा किया कि उनके नाम गिरफ्तारी वारंट जारी है। उन्हें बताया गया कि दिल्ली केनरा बैंक से जुड़े एक खाते के जरिए नरेश गोयल के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में करोड़ों रुपए का लेनदेन हुआ है और उसमें उनका नाम सामने आया है।

    इसके बाद ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए पूछताछ शुरू कर दी। दंपती को निर्देश दिया गया कि वे किसी दूसरे व्यक्ति से संपर्क नहीं करेंगे और घर से बाहर भी नहीं निकलेंगे। 21 मई को एक महिला ने खुद को चीफ इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर बताते हुए बैंक खातों और दूसरी वित्तीय जानकारी मांगी। अगले दिन दंपती की वीडियो कॉल पर एक कथित जज से बात कराई गई। इस फर्जी जज ने उनके आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी दिखाकर कार्रवाई का डर पैदा किया और उन्हें विश्वास दिलाने की कोशिश की कि वे गंभीर कानूनी मामले में फंस चुके हैं।

    9 जून को कथित जज ने वीडियो कॉल पर दंपती को संपत्ति सीज करने की धमकी दी। इसके बाद निशा पटेल नाम की महिला ने उन्हें भोपाल लौटने के लिए कहा। ठगों ने मामले को खत्म करने के नाम पर एफडी और जेवर बेचने या गिरवी रखने का दबाव बनाया। डर के कारण दंपती 10 जून को आंध्र प्रदेश से भोपाल के लिए रवाना हुए और 11 जून को यहां पहुंचे। अगले ही दिन उन्होंने अपने जेवर गिरवी रखकर 22 लाख रुपए जुटाए।

    आरोपियों के निर्देश पर दंपती ने पांच अलग-अलग बार रकम विभिन्न बैंक खातों में जमा की। ठगों ने संपर्क बनाए रखने के लिए सात अलग-अलग WhatsApp नंबरों का इस्तेमाल किया। इतनी बड़ी रकम देने के बाद भी दंपती को राहत नहीं मिली। उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर निगरानी में रखा गया और किसी से बात नहीं करने का दबाव बनाया जाता रहा। यह सिलसिला 23 अगस्त तक चलता रहा। यानी 19 मई से 23 अगस्त तक करीब 96 दिनों तक बुजुर्ग दंपती साइबर ठगों के डर और दबाव में रहे।

    बाद में दंपती को पूरे मामले पर संदेह हुआ और उन्होंने जब संबंधित जानकारी की जांच कराई तो पता चला कि सुप्रीम कोर्ट के नाम पर दिखाया गया आदेश भी फर्जी था। इसके बाद उन्होंने साइबर सेल से संपर्क किया। 27 अगस्त को मामले में एफआईआर दर्ज की गई और केस डायरी कोलार थाने भेजी गई। पुलिस अब सातों WhatsApp नंबरों पांच बैंक खातों में हुए ट्रांजैक्शन वीडियो कॉल और आरोपियों की पहचान से जुड़े डिजिटल सुरागों की जांच कर रही है। यह मामला एक बार फिर बताता है कि कानून प्रवर्तन एजेंसियों के नाम पर डर पैदा कर पैसे मांगना साइबर ठगी का बड़ा तरीका बन चुका है। किसी भी जांच या गिरफ्तारी के नाम पर वीडियो कॉल के जरिए पैसे मांगने वालों पर भरोसा करने के बजाय तत्काल संबंधित पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करना जरूरी है।

  • बारिश में भोपाल की सड़कें बनीं डांसिंग स्पॉट, कहीं तालाब तो कहीं गड्ढों का राज; रोज हादसों के साए में सफर

    बारिश में भोपाल की सड़कें बनीं डांसिंग स्पॉट, कहीं तालाब तो कहीं गड्ढों का राज; रोज हादसों के साए में सफर


    भोपाल । भोपाल में इस बार बारिश ने शहर की सड़कों की हालत पूरी तरह बिगाड़ दी है। राजधानी की मुख्य सड़कों से लेकर कॉलोनियों की अंदरूनी गलियों तक जगह जगह बड़े गड्ढे दिखाई दे रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि कई जगह सड़क और गड्ढे में अंतर करना मुश्किल हो गया है। बारिश होते ही यही गड्ढे पानी से भरकर छोटे तालाब का रूप ले लेते हैं और वाहन चालकों के लिए खतरा बढ़ जाता है। ऐशबाग में तो थाने के सामने करीब 80 मीटर तक सड़क की हालत इतनी खराब है कि वहां सड़क कम और गड्ढे ज्यादा नजर आते हैं। इन रास्तों से गुजरते समय वाहन हिचकोले खाते हैं और ऐसा लगता है जैसे सड़कें डांसिंग स्पॉट बन गई हों।

    ऐशबाग थाने के सामने सड़क पर जगह जगह गड्ढे होने से स्थानीय लोगों को रोज परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सामान्य दिनों में किसी तरह वाहन निकल जाते हैं लेकिन बारिश के दौरान मुश्किल कई गुना बढ़ जाती है। पानी भर जाने के कारण गड्ढों की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति सबसे ज्यादा खतरनाक है क्योंकि अचानक गड्ढे में पहिया जाने से बाइक या स्कूटी फिसलने और पलटने का खतरा बना रहता है। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई बार दोपहिया वाहन चालक यहां दुर्घटना का शिकार भी हो चुके हैं।

    सड़क की बदहाली का असर केवल निजी वाहन चालकों पर ही नहीं बल्कि ऑटो और अन्य सार्वजनिक परिवहन से जुड़े लोगों पर भी पड़ रहा है। ऑटो चालकों का कहना है कि बारिश के दौरान पानी और गड्ढों के बीच वाहन निकालना मुश्किल हो जाता है। यात्रियों को भी सफर के दौरान झटकों और दुर्घटना का डर बना रहता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सड़क की समस्या नई नहीं है और लंबे समय से मरम्मत की जरूरत महसूस की जा रही है लेकिन स्थायी समाधान नहीं हुआ।

    भोपाल के पॉश और व्यस्त इलाकों की स्थिति भी इससे अलग नहीं है। अटल पथ लिंक रोड नंबर 2 एमपी नगर न्यू मार्केट और रोशनपुरा जैसे प्रमुख इलाकों में भी कई जगह सड़क की ऊपरी परत उखड़ चुकी है और बड़े गड्ढे बन गए हैं। बारिश के दौरान इन गड्ढों में पानी जमा होने से राहगीरों और वाहन चालकों को यह पता लगाना मुश्किल होता है कि आगे सड़क कितनी गहरी है। बारिश थमने के बाद यही सड़कें धूल उड़ाती नजर आती हैं जिससे राहगीरों की परेशानी और बढ़ जाती है।

    रायसेन रोड पर भी स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। सुभाषनगर से रत्नागिरी चौराहे तक मेट्रो का काम चलने के कारण सड़क के दोनों ओर कई स्थानों पर गड्ढे हो गए हैं। बड़ी संख्या में वाहन और लोग इस मार्ग से रोज गुजरते हैं लेकिन खराब सड़क के कारण उन्हें बेहद धीमी रफ्तार से सफर करना पड़ रहा है। रात के समय समस्या और गंभीर हो जाती है क्योंकि अंधेरे में पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते और अचानक वाहन का संतुलन बिगड़ सकता है।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि राजधानी की सड़कों पर बढ़ते गड्ढे केवल परेशानी नहीं बल्कि सुरक्षा का गंभीर मुद्दा हैं। लोगों ने संबंधित विभागों से बारिश के दौरान अस्थायी तौर पर गड्ढे भरने के साथ ही सड़क की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। सवाल यह है कि हर साल बारिश के बाद सामने आने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान आखिर कब होगा। फिलहाल भोपाल की सड़कों पर सफर करने वालों को गड्ढों से बचते हुए ही अपनी मंजिल तक पहुंचना पड़ रहा है।

  • जन्मदिन की पार्टी में तलवारबाजी पड़ी भारी, वीडियो वायरल होने के बाद FIR; कोलार रोड में युवक की हरकत से पुलिस अलर्ट

    जन्मदिन की पार्टी में तलवारबाजी पड़ी भारी, वीडियो वायरल होने के बाद FIR; कोलार रोड में युवक की हरकत से पुलिस अलर्ट


    भोपाल भोपाल के कोलार रोड इलाके में जन्मदिन मनाने के दौरान तलवार लहराकर केक काटने का मामला सामने आया है। जन्मदिन की खुशी में की गई इस हरकत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ तो पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए युवक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। आरोपी की पहचान सर्वधर्म सी सेक्टर कोलार रोड निवासी विशाल पाठक के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक विशाल ने 21 अगस्त को किड्स कैंपस स्कूल के पास अपना जन्मदिन मनाया था। इसी दौरान उसने तलवार हाथ में लेकर केक काटा और इसका वीडियो बनाकर इंस्टाग्राम पर अपलोड कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने उसकी जांच शुरू की और अब आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है।

    कोलार रोड पुलिस के अनुसार सार्वजनिक स्थान पर इस तरह तलवार लहराने से आसपास मौजूद लोगों में डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो सकता है। पुलिस ने वायरल वीडियो को जांच का आधार बनाया और घटनाक्रम की पुष्टि होने के बाद आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के साथ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत प्रकरण दर्ज किया। पुलिस अब यह भी पता लगाने में जुटी है कि जन्मदिन के दौरान इस्तेमाल की गई तलवार आरोपी के पास कहां से आई थी और उसे रखने या इस्तेमाल करने को लेकर उसके पास कोई वैध अनुमति थी या नहीं।

    वायरल वीडियो में युवक तलवार हाथ में लेकर जन्मदिन का केक काटता नजर आ रहा है। उसके आसपास कुछ अन्य लोग भी मौजूद दिखाई देते हैं। पुलिस अब वीडियो में नजर आने वाले लोगों और पूरे घटनाक्रम के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच का एक अहम हिस्सा यह भी है कि कार्यक्रम के दौरान तलवार किस उद्देश्य से लाई गई थी और क्या किसी अन्य व्यक्ति ने भी इस गतिविधि में उसका साथ दिया था।

    मामले को लेकर एक और बात चर्चा में है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपनी सोशल मीडिया प्रोफाइल पर खुद को बीजेपी कार्यकर्ता बताता है। हालांकि किसी राजनीतिक दल से जुड़ा होना या सोशल मीडिया पर खुद को किसी संगठन का कार्यकर्ता बताना कानून से ऊपर नहीं करता। पुलिस की कार्रवाई वायरल वीडियो में सामने आई गतिविधि और उसके आधार पर की गई जांच पर केंद्रित है। अब पुलिस आरोपी के सोशल मीडिया अकाउंट और वायरल वीडियो की भी पड़ताल कर रही है ताकि पूरे मामले की कड़ियां जोड़ी जा सकें।

    जन्मदिन जैसे निजी समारोह में उत्साह और जश्न मनाना आम बात है लेकिन सार्वजनिक स्थान पर हथियार का प्रदर्शन कानून व्यवस्था के लिहाज से गंभीर माना जा सकता है। भोपाल पुलिस की इस कार्रवाई के बाद एक बार फिर यह सवाल उठ रहा है कि सोशल मीडिया पर लाइक्स और लोकप्रियता के लिए युवा किस तरह जोखिम भरे वीडियो बनाने से भी पीछे नहीं हट रहे हैं। इस मामले में पुलिस की जांच आगे बढ़ने के साथ यह साफ होगा कि तलवार कहां से आई थी और घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका क्या थी। फिलहाल वीडियो वायरल होने के बाद दर्ज हुई एफआईआर ने जन्मदिन के जश्न को कानूनी कार्रवाई के घेरे में ला दिया है।

  • दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट योद्धा का आखिरी सलाम! डीन एल्गर ने किया संन्यास का ऐलान, परिवार को दी पहली प्राथमिकता

    दक्षिण अफ्रीका के टेस्ट योद्धा का आखिरी सलाम! डीन एल्गर ने किया संन्यास का ऐलान, परिवार को दी पहली प्राथमिकता


    नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका के दिग्गज क्रिकेटर और पूर्व कप्तान डीन एल्गर ने प्रोफेशनल क्रिकेट से संन्यास लेने का ऐलान कर दिया है। करीब डेढ़ दशक तक क्रिकेट के मैदान पर अपनी जुझारू बल्लेबाजी से पहचान बनाने वाले एल्गर 2026 काउंटी चैम्पियनशिप सीजन के समाप्त होने के बाद क्रिकेट के सभी प्रारूपों से विदाई ले लेंगे। 39 वर्षीय इस अनुभवी बल्लेबाज ने अपने फैसले के पीछे परिवार को प्राथमिकता देने की बात कही है। उनका मानना है कि अब क्रिकेट के लंबे सफर को विराम देने और जिंदगी के अगले अध्याय की ओर बढ़ने का सही समय आ गया है। एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका के लिए टेस्ट क्रिकेट में जो योगदान दिया उसे वहां की क्रिकेट विरासत में लंबे समय तक याद किया जाएगा।

    डीन एल्गर की पहचान एक ऐसे टेस्ट बल्लेबाज के रूप में रही जिसने मुश्किल परिस्थितियों में डटकर मुकाबला किया। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका के लिए 86 टेस्ट मुकाबले खेले और 35.92 की औसत से 5347 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से 14 शतक और 23 अर्धशतक निकले। उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 199 रन रहा जो उन्होंने 2017 में बांग्लादेश के खिलाफ बनाया था। एल्गर की बल्लेबाजी में आक्रामकता से ज्यादा धैर्य और लंबी पारी खेलने की क्षमता नजर आती थी। वह नई गेंद के सामने घंटों टिककर बल्लेबाजी करने और विपक्षी गेंदबाजों को थकाने के लिए जाने जाते थे। यही वजह रही कि उन्हें दक्षिण अफ्रीका के सबसे भरोसेमंद टेस्ट ओपनरों में गिना गया।

    टेस्ट क्रिकेट के अलावा एल्गर ने दक्षिण अफ्रीका के लिए 8 वनडे मुकाबले भी खेले जिसमें उनके नाम 104 रन दर्ज हैं। उन्होंने 2012 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा था और करीब 12 वर्षों तक दक्षिण अफ्रीकी टेस्ट टीम के अहम सदस्य बने रहे। 2024 की शुरुआत में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया था। भारत के खिलाफ केपटाउन में खेला गया टेस्ट उनका आखिरी अंतरराष्ट्रीय मुकाबला बना। इस मैच में चोटिल टेम्बा बावुमा की गैरमौजूदगी में उन्हें दक्षिण अफ्रीका की कप्तानी भी करनी पड़ी थी। संयोग देखिए कि अपने विदाई टेस्ट को उन्होंने यादगार भी बना दिया। एल्गर ने शानदार 185 रनों की पारी खेली और दक्षिण अफ्रीका को मुकाबले में मजबूत स्थिति तक पहुंचाया। मेजबान टीम ने वह मुकाबला पारी से जीता और सीरीज 1-1 से बराबर करने में कामयाब रही।

    अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से विदाई के बाद भी एल्गर का बल्ला रुका नहीं। उन्होंने इंग्लैंड में काउंटी क्रिकेट को अपनी दूसरी पारी के तौर पर चुना। टेस्ट क्रिकेट के सीमित होते शेड्यूल को देखते हुए उन्होंने एसेक्स का रुख किया जहां उन्हें बड़ी जिम्मेदारी मिली। वह टीम में दिग्गज एलेस्टेयर कुक की जगह भरने पहुंचे थे। 2024 में एसेक्स से जुड़ते ही एल्गर ने शानदार प्रदर्शन किया और काउंटी चैम्पियनशिप में 1000 से ज्यादा रन बनाकर अपनी उपयोगिता साबित की। उन्हें क्लब का बैटर ऑफ द ईयर भी चुना गया। टी20 ब्लास्ट में भी उन्होंने 300 से ज्यादा रन बनाए। इससे पहले वह समरसेट और सरे के लिए भी काउंटी क्रिकेट खेल चुके थे।

    अब 2026 सीजन उनके प्रोफेशनल क्रिकेट करियर का अंतिम अध्याय होगा। परिवार के साथ ज्यादा समय बिताने की इच्छा के साथ एल्गर ने मैदान से विदाई का फैसला किया है। उनके करियर को सिर्फ आंकड़ों से नहीं बल्कि उस जज्बे से भी याद किया जाएगा जिसके साथ उन्होंने टेस्ट क्रिकेट में कठिन परिस्थितियों का सामना किया। दक्षिण अफ्रीका को एक भरोसेमंद ओपनर और अनुभवी नेतृत्व देने वाले एल्गर अब जल्द ही क्रिकेट को अलविदा कहेंगे। उनका आखिरी सीजन उनके शानदार और संघर्षपूर्ण क्रिकेट सफर को एक भावुक विदाई देने का मौका होगा।

  • दिल्ली में मॉडल की सनसनीखेज हत्या से हड़कंप, जिम ट्रेनर पर गंभीर शक; CCTV खंगाल रही पुलिस

    दिल्ली में मॉडल की सनसनीखेज हत्या से हड़कंप, जिम ट्रेनर पर गंभीर शक; CCTV खंगाल रही पुलिस


    नई दिल्ली। पश्चिमी दिल्ली के तिलक नगर इलाके में एक युवती की घर में घुसकर हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। मृतका की पहचान मुस्कान के रूप में हुई है जो पढ़ाई के साथ पार्ट टाइम मॉडलिंग भी करती थी। बताया जा रहा है कि वारदात के समय मुस्कान घर में अकेली थी तभी एक हमलावर उसके घर में दाखिल हुआ और उस पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल युवती को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

    शुरुआती जांच और परिवार के लोगों से मिली जानकारी के आधार पर एक जिम ट्रेनर इमरान पर मुख्य रूप से शक जताया जा रहा है। बताया जा रहा है कि मुस्कान जिस जिम में जाती थी वहां इमरान ट्रेनर के तौर पर काम करता था और वह युवती को पहले से जानता था। परिवार और उसके दोस्तों की ओर से यह दावा भी किया गया है कि इमरान काफी समय से मुस्कान को परेशान कर रहा था। हालांकि हत्या की असली वजह क्या थी और वारदात के पीछे आरोपी का मकसद क्या था इसकी पुष्टि पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

    मुस्कान के भाई आकाश ने पुलिस और परिवार के लोगों को बताया कि इमरान ने उसकी बहन पर चाकू से हमला किया। परिवार के करीबियों के मुताबिक वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। बताया जा रहा है कि CCTV फुटेज में संदिग्ध को देखा गया है और मुस्कान के भाई ने भी उसकी पहचान इमरान के तौर पर की है। पुलिस अब इसी CCTV फुटेज और दूसरे सुरागों की मदद से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

    मृतका के दोस्त अमन ने भी घटना को लेकर कई अहम बातें बताईं। उसके मुताबिक मुस्कान तीन बहनों में सबसे छोटी थी और उसका कोई विवाह नहीं हुआ था। घटना की जानकारी मिलने के बाद परिवार के लोगों ने उसे तत्काल घर पहुंचने के लिए फोन किया। जब वह वहां पहुंचा तब तक एंबुलेंस आ चुकी थी और मुस्कान को अस्पताल ले जाया जा रहा था। इसके बाद वह भी अस्पताल पहुंचा लेकिन युवती की जान नहीं बचाई जा सकी।

    दोस्त ने यह भी दावा किया कि इमरान काफी समय से मुस्कान के पीछे पड़ा हुआ था और उसे परेशान करता था। उसके मुताबिक इमरान पहले भी इस तरह की हरकत कर चुका था। इसी वजह से वारदात के बाद परिवार और परिचितों का शक सबसे पहले उसी पर गया। हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले साक्ष्यों की पड़ताल की जा रही है।

    बताया जा रहा है कि आरोपी करीब शाम 5 बजकर 40 मिनट के आसपास मुस्कान के घर में दाखिल हुआ था। पुलिस अब आसपास लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है ताकि आरोपी के आने और वारदात के बाद भागने की दिशा का पता लगाया जा सके। साथ ही पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि आरोपी और मुस्कान के बीच किस तरह का संबंध था और आखिर किस वजह से उसने इतना बड़ा कदम उठाया।

    इस घटना ने एक बार फिर दिल्ली में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल आरोपी फरार बताया जा रहा है और पुलिस उसकी तलाश में जुटी है। पुलिस की जांच में CCTV फुटेज के साथ परिवार और दोस्तों के बयान भी अहम कड़ी साबित हो सकते हैं। अब सभी की नजर इस बात पर है कि पुलिस आरोपी को कब तक गिरफ्तार करती है और पूछताछ में हत्या की असली वजह क्या सामने आती है।