Author: bharati

  • नागपुर MLC चुनाव में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी की जीत, BJP प्रत्याशी को 3271 वोटों से हराया

    नागपुर MLC चुनाव में कांग्रेस के अभिजीत वंजारी की जीत, BJP प्रत्याशी को 3271 वोटों से हराया


    नागपुर। महाराष्ट्र के नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से कांग्रेस के अभिजीत गोविंदराव वंजारी ने लगातार दूसरी बार जीत दर्ज की है। उन्होंने भाजपा प्रत्याशी सुधाकर कोहले को 3,271 मतों से हराकर विधान परिषद की सीट बरकरार रखी। वंजारी को कुल 67,231 वोट मिले, जबकि कोहले के खाते में 63,960 मत आए। करीब 41 घंटे तक चली मतगणना के बाद गुरुवार को परिणाम घोषित हुआ।

    2020 में पहली बार जीता था चुनाव
    अभिजीत वंजारी ने दिसंबर 2020 में पहली बार नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से जीत हासिल की थी। उस समय उन्होंने महा विकास अघाड़ी (MVA) के उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ा और भाजपा के संदीप जोशी को 18 हजार से अधिक मतों के अंतर से हराया था।

    नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र लंबे समय तक भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता रहा है। ऐसे में वंजारी की लगातार दूसरी जीत कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इस बार उनका मुकाबला भाजपा के सुधाकर कोहले से था। मतगणना के शुरुआती दौर में कोहले ने बढ़त बनाई, लेकिन दूसरी वरीयता के मतों की गिनती के बाद वंजारी ने जीत दर्ज की।

    कौन हैं अभिजीत वंजारी?
    अभिजीत वंजारी नागपुर के राजनीतिक परिवार से आते हैं। उनके पिता स्वर्गीय गोविंदराव मारोतराव वंजारी दक्षिण नागपुर विधानसभा क्षेत्र से दो बार विधायक रह चुके थे। अभिजीत ने राष्ट्रसंत तुकड़ोजी महाराज नागपुर विश्वविद्यालय से कला स्नातक (BA) और विधि स्नातक (LLB) की पढ़ाई की है। वह नागपुर विश्वविद्यालय की सीनेट और प्रबंधन परिषद के सदस्य भी रह चुके हैं। राजनीति के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी उनकी सक्रियता रही है। वह अधिवक्ता और शिक्षाविद् के रूप में पहचाने जाते हैं तथा लंबे समय से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं।

    छात्र राजनीति से शुरू हुआ राजनीतिक सफर
    अभिजीत वंजारी ने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वह 1998 से 2002 तक महाराष्ट्र प्रदेश एनएसयूआई के महासचिव रहे। इसके बाद उन्हें महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस में सचिव की जिम्मेदारी मिली।

    वह कई वर्षों तक नागपुर जिला कांग्रेस कमेटी के महासचिव और मुख्य प्रवक्ता भी रहे। इसके अलावा उत्तर प्रदेश और बिहार सहित दूसरे राज्यों में कांग्रेस के चुनाव पर्यवेक्षक के रूप में भी काम कर चुके हैं।

    वंजारी ने विधानसभा चुनावों में भी अपनी किस्मत आजमाई थी। उन्होंने 2005 में दक्षिण नागपुर विधानसभा उपचुनाव और 2014 में पूर्व नागपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ा, लेकिन दोनों ही मुकाबलों में उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

    शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र में भी सक्रिय
    राजनीतिक गतिविधियों के अलावा अभिजीत वंजारी शिक्षा और सामाजिक कार्यों से भी जुड़े हैं। वह नागपुर के अमर सेवा मंडल शिक्षण संस्था के सचिव हैं। यह संस्था विदर्भ क्षेत्र में इंजीनियरिंग, फार्मेसी, कानून, मैनेजमेंट और कला-विज्ञान सहित विभिन्न विषयों के कॉलेज संचालित करती है।

    इसके साथ ही वह गोविंद अर्बन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के अध्यक्ष भी हैं। गोविंदराव वंजारी फाउंडेशन के माध्यम से स्वास्थ्य शिविर, रक्तदान अभियान, पौधरोपण और युवा विकास से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।

    41 घंटे चली मतगणना, दूसरी वरीयता के मतों से पलटा परिणाम
    नागपुर स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव की मतगणना 27 अक्टूबर को शुरू हुई थी और 41 घंटे से अधिक समय तक चली। पहली वरीयता के मतों में भाजपा के सुधाकर कोहले को 60,924 और अभिजीत वंजारी को 56,630 वोट मिले थे। इस चरण में कोहले 4,294 मतों से आगे थे।

    हालांकि, कोई भी उम्मीदवार जीत के लिए जरूरी मतों का निर्धारित कोटा हासिल नहीं कर सका। इसके बाद दूसरी वरीयता के मतों की गिनती की गई। अंतिम परिणाम में वंजारी को 67,231 और कोहले को 63,960 मत मिले। इस तरह वंजारी ने 3,271 वोटों से जीत हासिल की और नागपुर स्नातक सीट पर अपना कब्जा बरकरार रखा।

  • MP से भाजपा ने हरदीप पुरी को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार तो भड़की कांग्रेस…. की आलोचना

    MP से भाजपा ने हरदीप पुरी को बनाया राज्यसभा उम्मीदवार तो भड़की कांग्रेस…. की आलोचना


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) में राज्यसभा (Rajya Sabha) की एक सीट पर 12 नवंबर को होने वाले उपचुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) ने केन्द्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी (Hardeep Singh Puri) को उम्मीदवार घोषित किया है। प्रत्याशी के रूप में पुरी के नाम की घोषणा के बाद कांग्रेस ने भाजपा पर जबरदस्त तरीके से हमला बोला है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी (Jeetu Patwari) से लेकर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार एवं अन्य कांग्रेस नेताओं ने इस फैसले के लिए भाजपा की कड़ी आलोचना की है और पूछा है कि आखिर पुरी ने भाजपा की ऐसी कौन सी नस दबा रखी है, जिसके चलते पार्टी को ब्लैकमेल होना पड़ रहा है।

    इस बारे में मीडिया से बातचीत करते हुए विधानसभा में विपक्ष के नेता उमंग सिंघार ने एपस्टीन फाइल्स के संदर्भ में पुरी का नाम सामने आने का उल्लेख किया और भाजपा से पूछा कि नैतिकता की बात करने वाली पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजने का निर्णय कैसे ले सकती है। सिंघार ने कहा कि भाजपा महिलाओं की सुरक्षा और लाडली बहना योजना की बात करती है, लेकिन उसे यह स्पष्ट करना चाहिए कि ऐसे विवादों के बीच पुरी को उम्मीदवार बनाने का आधार क्या है।


    ‘MP से कोई दलित, आदिवासी, ओबीसी नहीं मिला’

    उन्होंने सवाल किया कि राज्यसभा भेजने के लिए क्या भारतीय जनता पार्टी को मध्यप्रदेश से दलित, आदिवासी तथा अन्य पिछड़ा वर्ग का कोई योग्य नेता नहीं मिला। उन्होंने कहा कि पुरी को उम्मीदवार बनाए जाने से मध्यप्रदेश के साथ भाजपा के कथित भेदभाव का मुद्दा फिर सामने आया है। विपक्ष के नेता ने कहा कि भाजपा की इस राजनीति से स्पष्ट है कि वह मध्यप्रदेश को अपने राजनीतिक प्रयोगों की प्रयोगशाला समझती है।


    ‘आखिर किससे ब्लैकमेल हो रही है भाजपा’

    इस बारे में शेयर की अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में पुरी ने लिखा, ‘आखिर किससे ब्लैकमेल हो रही है भाजपा? ‘एपस्टीन फाइल्स’ में जिसका नाम सामने आया हो, उस हरदीप सिंह पुरी को मध्यप्रदेश से राज्यसभा का टिकट देना भाजपा के खौफ को साफ दर्शाता है। उत्तर प्रदेश से टिकट न देकर मध्यप्रदेश की सीट को अपने निजी स्वार्थों के लिए इस्तेमाल करना यह साबित करता है कि भाजपा ने मध्यप्रदेश को अपनी प्रयोगशाला (लैब) समझ रखा है। हम मध्यप्रदेश को भाजपा की प्रयोगशाला नहीं बनने देंगे। लोकतंत्र के हत्यारों को सत्ता की गद्दी से उखाड़ फेंकने का वक्त आ गया है।’


    पटवारी बोले- कहीं कुछ तो जरूर है…

    उधर कांग्रेस की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष जीतू पटवारी ने आरोप लगाया कि हरदीप सिंह पुरी को सत्ता में शामिल रखने के पीछे की विवशता बता रही है कि कहीं कुछ तो ऐसा जरूर है, जिसने भाजपा की नस दबा रखी है। उन्होंने कहा कि भाजपा को यह बताना ही चाहिए, पुरी के नाम से जुड़े एपस्टीन प्रकरण पर उठे सवालों का जवाब, देश को आखिर कब मिलेगा? उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘मध्यप्रदेशवासियो, मत के मद में डूबी भाजपा राज्य के साथ, आपके वोट का भी खुला अपमान कर रही है। कांग्रेस इसका विरोध करती है।’


    दिग्विजय के बेटे बोले- एपस्टीन के दोस्त को राज्यसभा भेजा

    उधर इसी मुद्दे को लेकर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह के बेटे और कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने सोशल मीडिया पर लिखा, ‘एक कहावत है कि “Partners in crime are the best kind of friends!” (जुर्म में साथ देने वाले दोस्त सबसे अच्छे दोस्त होते हैं) भाजपा एक दुराचारी को राज्यपाल बनाती है और नाबालिग बच्चियों के यौन शोषण एवं तस्करी के अंतरराष्ट्रीय अपराधी जेफरी एप्स्टीन के मित्र हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा भेजती है।’


    ‘एप्स्टीन की दोस्ती- जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी’

    आगे उन्होंने लिखा, ‘क्या भाजपा के पास मध्य प्रदेश में एक भी ऐसा योग्य नेता नहीं था, जिसे राज्यसभा भेजा जा सकता था? और अगर नहीं था, तो हरदीप सिंह पुरी ही क्यों? आखिर ऐसी कौन-सी नस थी, जो हरदीप सिंह पुरी के हाथ में थी? मध्य प्रदेश की जनता जानना चाहती है। एप्स्टीन की मित्रता— जिंदगी के साथ भी, जिंदगी के बाद भी।’


    घोषित बाल यौन अपराधी है जेफ्री एप्स्टीन

    बता दें कि जेफ्री एप्स्टीन एक घोषित अमेरिकी बाल यौन अपराधी है, और कांग्रेस इस साल की शुरुआत से ही अमेरिका में जारी ‘एप्स्टीन फाइल्स’ में पुरी का नाम होने का दावा करते हुए उनके इस्तीफे की मांग कर रही है। कांग्रेस का दावा है कि अमेरिकी न्याय विभाग की वेबसाइट पर उपलब्ध ‘एप्स्टीन फाइल्स’ के अनुसार, 2014 से 2017 के बीच एप्स्टीन और पुरी के बीच कम से कम 62 ईमेल का आदान-प्रदान हुआ था तथा 14 बैठकें हुईं थीं। हालांकि पुरी मुख्य विपक्षी दल के आरोपों को पहले खारिज कर चुके हैं। पुरी ने कहा था कि वह एप्स्टीन से कुछ मौकों पर जरूर मिले थे, लेकिन उसके साथ उनकी बातचीत और उसके अपराधों से कोई वास्ता नहीं है। इसके बाद ये मुद्दा हाल ही में उस वक्त एकबार फिर चर्चा में आ गया, जब अमेरिकी न्याय विभाग ने इस साल 21 अक्टूबर को इसी एपस्टीन से जुड़े दस्तावेज जारी किए थे, जिनमें केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी और जेफ्री एपस्टीन की 2014 की तस्वीरों को भी शेयर किया गया था।

    12 नवंबर को होना है राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव
    इससे पहले भाजपा महासचिव तरुण चुग की ओर से बुधवार को जारी विज्ञप्ति के अनुसार पार्टी की केन्द्रीय चुनाव समिति ने श्री पुरी को मध्य प्रदेश से राज्यसभा का उम्मीदवार बनाने का निर्णय लिया है। पुरी का राज्यसभा का मौजूदा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त हो रहा है। वह इस समय उत्तर प्रदेश से उच्च सदन के सदस्य हैं। यह सीट पूर्व केन्द्रीय मंत्री एल. मुरुगन के इस्तीफे से खाली हुई है। इस सीट के लिए नामांकन की प्रक्रिया 26 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है और दो नंवबर तक चलेगी। तीन नवंबर को नामांकन पत्राें की जांच होगी और पांच नवंबर तक नाम वापस लिये जा सकेंगे।

  • MP: कूनो में 19 माह के चीते की गोली लगने से हुई मौत….. जांच के लिए केंद्र ने भेजी उच्च स्तरीय टीम

    MP: कूनो में 19 माह के चीते की गोली लगने से हुई मौत….. जांच के लिए केंद्र ने भेजी उच्च स्तरीय टीम


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जंगलों में क्या दुनिया के सबसे तेज दौड़ने वाले जानवर भी सुरक्षित नहीं हैं. कूनो नेशनल पार्क (Kuno National Park) से जुड़े 19 महीने के नर चीते KNG22 की मौत ने इस सवाल को गंभीर बना दिया है. चीते के शरीर से एक-दो नहीं, बल्कि पांच गोली के छर्रे निकाले गए. उसे बचाने के लिए इलाज किया गया, विशेषज्ञों की मदद ली गई और सर्जरी भी हुई, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद 27 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई. अब इस घटना की जांच के लिए मध्य प्रदेश सरकार (Madhya Pradesh Government) ने विशेष कार्यबल यानी एसटीएफ गठित की है. वहीं केंद्र सरकार ने भी उच्चस्तरीय टीम को जांच के लिए मध्य प्रदेश भेजा है.

    यह घटना सिर्फ एक चीते की मौत तक सीमित नहीं है. इसने भारत में चीतों को फिर से बसाने के लिए शुरू किए गए प्रोजेक्ट चीता की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. सवाल यह है कि जिस परियोजना के तहत चीतों की निगरानी के लिए टीमें और आधुनिक तकनीक इस्तेमाल की जा रही है, वहां एक चीता गोली के छर्रों से गंभीर रूप से घायल कैसे हो गया. हालांकि, घटना के पीछे किसका हाथ है और चीते को गोली किन परिस्थितियों में लगी, इसका जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।


    25 अक्टूबर को घायल मिला था KNG22

    कूनो नेशनल पार्क की मादा चीता निरवा का 19 महीने का नर शावक KNG22, 25 अक्टूबर को घायल हालत में मिला था. वह कूनो के संरक्षित क्षेत्र से बाहर एमपी के मुरैना इलाके के जंगल में था. उसे रेस्क्यू कर इलाज के लिए कूनो लाया गया. शुरुआती जांच के बाद उसकी हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए जबलपुर स्थित पशु चिकित्सा सुविधा में भेजा गया.

    डॉक्टरों ने चीते की चोटों की गंभीरता का पता लगाने के लिए एक्स-रे और सीटी स्कैन किया. जांच में उसके शरीर के अलग-अलग हिस्सों में बाहरी वस्तुएं दिखाई दीं. इसके बाद इलाज के दौरान सर्जरी की गई. सर्जरी में उसके शरीर से पांच फायरआर्म पेलेट्स यानी गोली के छर्रे निकाले गए. इन छर्रों के कारण उसके आंतरिक अंगों, मांसपेशियों और तंत्रिका तंत्र को गंभीर नुकसान पहुंचा था.

    डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन चोटें इतनी गंभीर थीं कि 27 अक्टूबर की सुबह KNG22 ने दम तोड़ दिया. इसके बाद साफ हो गया कि यह मामला सामान्य चोट या किसी जानवर के हमले तक सीमित नहीं था. चीते के शरीर से मिले छर्रों ने गोली लगने की आशंका को सामने ला दिया और मामले की गंभीरता बढ़ गई.


    निगरानी के बावजूद कैसे घायल हुआ चीता

    KNG22 की मौत के बाद सबसे बड़ा सवाल निगरानी व्यवस्था को लेकर उठ रहा है. प्रोजेक्ट चीता के तहत चीतों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निगरानी टीमें तैनात हैं. रेडियो या सैटेलाइट कॉलर जैसी तकनीक से उनकी लोकेशन का पता लगाने में मदद मिलती है. इसके बावजूद चीता संरक्षित क्षेत्र से बाहर घायल हालत में मिला और उसकी जान नहीं बचाई जा सकी.

    ऐसे में सवाल उठता है कि क्या चीते की गतिविधियों पर नजर रखने में कोई चूक हुई. क्या उसके घायल होने के बाद समय रहते मदद पहुंच पाई. क्या संरक्षित क्षेत्र के आसपास वन्यजीवों के लिए खतरा बन सकने वाली गतिविधियों पर पर्याप्त निगरानी थी. इन सवालों के जवाब फिलहाल जांच के दायरे में हैं.

    यह भी समझना जरूरी है कि किसी जानवर की लोकेशन का पता चलना और उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करना दो अलग-अलग बातें हैं. कॉलर या दूसरी तकनीक से जानवर की मौजूदगी का संकेत मिल सकता है, लेकिन खतरे की स्थिति में समय पर मौके पर पहुंचना और उसे सुरक्षित रखना भी उतना ही जरूरी है. KNG22 की मौत के बाद निगरानी से लेकर मैदानी कार्रवाई तक की व्यवस्था की जांच महत्वपूर्ण हो गई है.


    राज्य सरकार ने बनाई एसटीएफ, केंद्र ने भेजी टीम

    घटना की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश सरकार ने वन और पुलिस अधिकारियों को शामिल करते हुए विशेष कार्यबल यानी एसटीएफ का गठन किया है. यह टीम चीते के घायल होने और उसकी मौत के कारणों की जांच करेगी. जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि चीते को गोली कैसे लगी और इसके लिए कौन जिम्मेदार है।

    केंद्र सरकार ने भी मामले को गंभीरता से लेते हुए 28 अक्टूबर को उच्चस्तरीय टीम मध्य प्रदेश भेजी. इस टीम में राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण यानी एनटीसीए के वन महानिरीक्षक, वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो यानी डब्ल्यूसीसीबी के अतिरिक्त निदेशक और डब्ल्यूसीसीबी के क्षेत्रीय उपनिदेशक शामिल हैं.

    केंद्रीय टीम घटना से जुड़े सबूतों की जांच करेगी और मध्य प्रदेश वन विभाग के साथ मिलकर काम करेगी. उसे यह भी देखना है कि चीतों की सुरक्षा के लिए बनाए गए नियमों, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा उपायों को किस तरह लागू किया जा रहा है. जांच के बाद टीम अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को सौंपेगी. इसके आधार पर आगे की कार्रवाई और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए जरूरी कदम तय किए जा सकते हैं।

    फिर भी इस घटना ने यह सवाल जरूर खड़ा किया है कि जंगलों में वन्यजीवों को गोली लगने जैसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या पर्याप्त कदम उठाए जा रहे हैं. अगर संरक्षित क्षेत्र से बाहर जाने वाले चीतों को खतरा है, तो उनकी निगरानी के साथ आसपास के इलाकों में सुरक्षा और वन्यजीव अपराधों पर रोक लगाने की व्यवस्था भी मजबूत करनी होगी।


    विशेषज्ञों ने उठाए सवाल, कांग्रेस ने सरकार को घेरा

    चीते की मौत के बाद वन्यजीव विशेषज्ञों ने सुरक्षा व्यवस्था और घटना की जांच को लेकर सवाल उठाए हैं. वाइल्डलाइफ एक्सपर्ट अजय दुबे ने इस मामले पर चिंता जताई है. वहीं, मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भी चीते की मौत के बाद प्रोजेक्ट चीता और बीजेपी सरकार पर सवाल उठाए हैं।

    इस मामले में राजनीतिक बयानबाजी के साथ-साथ जांच के निष्कर्ष भी महत्वपूर्ण होंगे. सबसे जरूरी यह पता लगाना है कि चीते को गोली कैसे लगी, घटना के समय उसकी निगरानी किस तरह की जा रही थी और क्या सुरक्षा व्यवस्था में कोई कमी रही. जांच से यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए क्या बदलाव जरूरी हैं।

    सितंबर 2022 में भारत में चीतों की वापसी के साथ प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत हुई थी. इस परियोजना का उद्देश्य देश में चीतों को फिर से बसाना और उनके लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना है. अब तक इस परियोजना को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा है. चीतों की मौतों के अलग-अलग कारण रहे हैं, लेकिन KNG22 की मौत इस वजह से अलग है कि उसके शरीर से पांच गोली के छर्रे निकाले गए।

  • भोपाल के कैफे में पिस्टल लेकर पहुंचे छात्र, युवक को धमकाया, बीच-बचाव करने आए पुलिस जवान पर भी तानी बंदूक

    भोपाल के कैफे में पिस्टल लेकर पहुंचे छात्र, युवक को धमकाया, बीच-बचाव करने आए पुलिस जवान पर भी तानी बंदूक


    भोपाल। राजधानी भोपाल के इंद्रपुरी इलाके में कॉलेज के छात्रों के बीच पुरानी रंजिश के चलते कैफे में हंगामा हो गया। आरोप है कि दो युवक एक छात्र को धमकाने के लिए पिस्टल लेकर पहुंचे और विवाद के दौरान उस पर हथियार तान दिया। बीच-बचाव करने आए सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिस जवान को भी पिस्टल दिखाकर धमकाने का आरोप है। घटना कैफे में लगे CCTV कैमरों में रिकॉर्ड होने की बात सामने आई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।

    पुरानी रंजिश में कैफे पहुंचे दोनों युवक
    मामला पिपलानी थाना क्षेत्र के इंद्रपुरी टी चौराहे का है। जानकारी के मुताबिक, करीब एक सप्ताह पहले शिवांशु और पृथ्वीराज सिंह राजपूत के बीच विवाद हुआ था। आरोप है कि उस दौरान पृथ्वीराज के साथियों ने शिवांशु के साथ मारपीट की थी। इसी घटना के बाद से दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था।

    बताया जा रहा है कि इसी रंजिश के चलते पृथ्वीराज सिंह राजपूत अपने साथी राज राजपूत के साथ कैफे पहुंचा। आरोप है कि राज राजपूत अपने साथ पिस्टल लेकर आया था। कैफे में मौजूद शिवांशु को धमकाने के दौरान विवाद बढ़ गया और उसे डराने के लिए पिस्टल तान दी गई।

    बीच-बचाव करने पहुंचे पुलिस जवान पर भी तानी पिस्टल
    कैफे में विवाद बढ़ता देख वहां मौजूद सिविल ड्रेस में एक पुलिस जवान ने हस्तक्षेप कर मामला शांत कराने की कोशिश की। आरोप है कि इस दौरान राज राजपूत ने पुलिस जवान पर भी पिस्टल तान दी। इससे मौके पर तनाव की स्थिति बन गई।

    घटना के बाद कैफे में लगे CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग सामने आने की जानकारी मिली है। पुलिस फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर घटनाक्रम की पड़ताल कर रही है। जांच में यह स्पष्ट किया जाएगा कि विवाद किस तरह बढ़ा और हथियार दिखाने की घटना किन परिस्थितियों में हुई।

    दोनों आरोपियों के खिलाफ FIR, तलाश जारी
    अतिरिक्त पुलिस कमिश्नर शैलेंद्र सिंह चौहान ने बताया कि पिपलानी थाना क्षेत्र में छात्रों के दो गुटों के बीच पहले विवाद हुआ था। इसी रंजिश के चलते दूसरे पक्ष के छात्र कैफे पहुंचे, जहां मारपीट हुई और एक युवक पर पिस्टल ताने जाने की घटना सामने आई। बीच-बचाव करने पहुंचे सिविल ड्रेस में मौजूद पुलिसकर्मी को भी निशाना बनाया गया।

    पुलिस ने मामले में पृथ्वीराज सिंह राजपूत और राज राजपूत के खिलाफ FIR दर्ज की है। घटना के बाद से दोनों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश कर रही है और गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है। विवाद की वजह, घटना में शामिल लोगों की भूमिका और हथियार से जुड़े पहलुओं की पड़ताल के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

  • यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट में मजाक में भेजे मैसेज से मचा हड़कंप, लिखा- ‘प्लेन हाईजैक कर क्रैश कर दूंगा’

    यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट में मजाक में भेजे मैसेज से मचा हड़कंप, लिखा- ‘प्लेन हाईजैक कर क्रैश कर दूंगा’


    नई दिल्ली। अमेरिका में एक यात्री के कथित मजाक ने विमान में सुरक्षा को लेकर हड़कंप मचा दिया। लास वेगास से न्यू जर्सी के नेवार्क जा रही यूनाइटेड एयरलाइंस की फ्लाइट में एक यात्री ने टेक्स्ट मैसेज में विमान को हाईजैक करने और क्रैश करने की बात लिख दी। मैसेज पर संदेह होने के बाद फ्लाइट अटेंडेंट ने इसकी सूचना पायलट को दी। इसके बाद विमान को वापस लास वेगास लौटाने का फैसला किया गया। वहां पहुंचने पर 25 वर्षीय यात्री डांटे मिल्न को हिरासत में ले लिया गया। आरोपी का कहना है कि वह अपने सहकर्मी के साथ मजाक कर रहा था और उसका किसी को नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं था।

    फ्लाइट अटेंडेंट ने देखा हाईजैक की धमकी वाला मैसेज
    मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, विमान में सवार होने के दौरान एक फ्लाइट अटेंडेंट ने दो यात्रियों को टेक्स्ट मैसेज के जरिए बातचीत करते देखा था। उनकी बातचीत में अन्य यात्रियों और फ्लाइट अटेंडेंट को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां भी शामिल थीं।

    बाद में फ्लाइट अटेंडेंट की नजर एक ऐसे मैसेज पर पड़ी, जिसकी शुरुआत ‘I’m gonna hijack’ यानी ‘मैं हाईजैक करने जा रहा हूं’ शब्दों से हुई थी। मैसेज में विमान को हाईजैक करने और आगे की सीटों की कतार से टकराकर उसे क्रैश करने जैसी बात लिखी गई थी। फ्लाइट अटेंडेंट ने तुरंत इसकी जानकारी लीड फ्लाइट अटेंडेंट को दी। बाद में मैसेज भेजने वाले की पहचान डांटे मिल्न के रूप में हुई।

    10 हजार फीट की ऊंचाई पार करने के बाद पायलट को मिली सूचना
    पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, विमान के करीब 10,000 फीट यानी लगभग 3,050 मीटर की ऊंचाई पार करने के बाद कैप्टन को धमकी वाले मैसेज की जानकारी दी गई। इसके बाद पायलट ने विमान को वापस लास वेगास ले जाने का फैसला किया।

    एयर ट्रैफिक कंट्रोल के रिकॉर्ड किए गए संदेश में पायलट को यह बताते सुना गया कि फ्लाइट अटेंडेंट ने हाईजैक की धमकी वाले मैसेज की सूचना दी थी। सुरक्षा संबंधी आशंका को देखते हुए विमान को वापस लौटाया गया। लास वेगास पहुंचने के बाद पुलिस ने मिल्न को हिरासत में ले लिया।

    आरोपी बोला- सहकर्मी के साथ कर रहा था मजाक
    पुलिस के मुताबिक, डांटे मिल्न न्यू जर्सी के वुडरिज का रहने वाला है। वह काम से जुड़े तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल होने के लिए लास वेगास आया था और अंडरवॉटर वेल्डिंग का काम करता है।

    मिल्न ने अधिकारियों को बताया कि उसने एयरपोर्ट के एक बार में बीयर और शराब पी थी। विमान में बैठने के बाद वह सोने वाला था। उसकी नींद खुली तो उसे पता चला कि फ्लाइट वापस लास वेगास लौट रही है।

    उसने दूसरे यात्री के साथ टेक्स्ट मैसेज पर बातचीत करने की बात स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, दोनों की मुलाकात प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हुई थी। हाईजैक वाले मैसेज के बारे में पूछे जाने पर मिल्न ने कथित तौर पर कहा कि बातचीत में शब्दों का इस्तेमाल सही तरीके से नहीं हुआ और यह सहकर्मियों के बीच मजाक का हिस्सा था। उसने विमान को हाईजैक करने, क्रैश करने या किसी को नुकसान पहुंचाने का इरादा होने से इनकार किया।

    धमकी देने या गलत सूचना फैलाने का आरोप
    मिल्न पर आतंकवादी घटना से जुड़ी धमकी देने या गलत सूचना देने का आरोप लगाया गया है। हालांकि, आरोप लगना अपराध साबित होने के बराबर नहीं है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के दौरान तथ्यों की जांच होगी। आरोपी के वकील जेम्स गैलो ने बताया कि वह मामले की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मिल्न अदालत में खुद को दोषी नहीं मानेगा।

    पहले भी मजाक में दी गई धमकियों से लौटे विमान
    विमान में बम या हाईजैक से जुड़ी धमकी को सुरक्षा एजेंसियां गंभीरता से लेती हैं। ऐसे संदेशों के कारण यात्रियों को हिरासत में लेने और उड़ानों का मार्ग बदलने जैसी कार्रवाई पहले भी हो चुकी है।

    2022, शिकागो: एक यात्री ने अपना बैग चेक कराते समय उसमें बम होने की बात कही थी।

    2017, तुर्किश एयरलाइंस: एक विमान को उस समय वापस लौटाना पड़ा था, जब किसी ने अपने वाई-फाई हॉटस्पॉट का नाम ‘बम ऑन बोर्ड’ रख दिया था।

    पिछले साल, Allegiant Air: एक उड़ान को इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी थी। बताया गया कि एक यात्री ने दूसरे व्यक्ति से उसके लैपटॉप में बम होने की बात कही थी।

  • बुरहानपुर में 3 महिलाओं ने उड़ाए 45 लाख के जेवर, ग्राहक बनकर पहुंचीं, साड़ी में छिपाया बॉक्स

    बुरहानपुर में 3 महिलाओं ने उड़ाए 45 लाख के जेवर, ग्राहक बनकर पहुंचीं, साड़ी में छिपाया बॉक्स


    बुरहानपुर। मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में सराफा दुकान पर ग्राहक बनकर पहुंचीं तीन महिलाओं ने कथित तौर पर करीब 45 लाख रुपये के सोने के जेवर चोरी कर लिए। गहने देखने के दौरान महिलाओं ने दुकानदार का ध्यान भटकाया और मौका पाकर एक महिला ने जेवरों से भरा बॉक्स अपनी साड़ी में छिपा लिया। वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

    गहने देखने के बहाने दुकान में पहुंचीं महिलाएं
    मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के फव्वारा चौक स्थित सराफा दुकान का है। सोमवार शाम करीब 6 बजे तीन महिलाएं ग्राहक बनकर दुकान में पहुंचीं। दुकानदार ने उन्हें सोने के गहने दिखाने शुरू किए। इसी दौरान महिलाओं ने कथित तौर पर बातचीत और गहने देखने के बहाने दुकानदार का ध्यान दूसरी ओर लगाया।

    आरोप है कि इसी मौके का फायदा उठाकर उनमें से एक महिला ने जेवरों से भरा बॉक्स अपनी साड़ी में छिपा लिया। इसके बाद तीनों कुछ देर तक दुकान में रहीं और फिर वहां से निकल गईं। शुरुआत में दुकानदार को बॉक्स गायब होने का पता नहीं चला।

    करीब 15 मिनट बाद जब सामान कम होने का संदेह हुआ, तो दुकानदार ने CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी। फुटेज में तीनों महिलाओं की संदिग्ध गतिविधियां दिखाई देने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

    दुकान के बाहर बाइक पर इंतजार कर रहे थे साथी?
    वारदात के बाद महिलाओं के साथियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। बताया जा रहा है कि दुकान के बाहर सड़क किनारे हेलमेट पहने एक व्यक्ति बाइक लेकर खड़ा था। तीन महिलाओं में से एक उसके साथ बाइक पर बैठकर निकल गई, जबकि बाकी दो महिलाएं आगे बढ़ीं और फिर एक अन्य बाइक पर सवार होकर वहां से चली गईं।

    इस घटनाक्रम के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि चोरी की वारदात में अन्य लोग भी शामिल हो सकते हैं। हालांकि, महिलाओं के साथ कितने लोग थे और सभी की क्या भूमिका रही, इसकी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

    CCTV फुटेज के आधार पर तलाश में जुटी पुलिस
    बुरहानपुर के सिटी एसपी विनोद सिंह कुशवाह ने बताया कि चोरी की घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के फव्वारा चौक स्थित अनिल अग्रवाल की लक्ष्मण किशोर जुगलकिशोर सराफा दुकान में हुई है। वारदात सोमवार शाम करीब 6 बजे की है।

    पुलिस को मामले से जुड़े कुछ CCTV फुटेज मिले हैं। आरोपियों की पहचान और उनकी गिरफ्तारी के लिए जांच की जा रही है। साथ ही मुखबिरों को सक्रिय किया गया है, ताकि संदिग्ध महिलाओं और उनके साथियों तक पहुंचा जा सके।

    फिलहाल पुलिस चोरी गए जेवरों की बरामदगी और घटना में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की जांच कर रही है। आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के संबंध में आगे की जानकारी जांच पूरी होने के बाद सामने आएगी।

  • करवा चौथ पर लक्ष्मी नारायण राजयोग: इन तीन राशि वालों की चमकेगी किस्‍मत !

    करवा चौथ पर लक्ष्मी नारायण राजयोग: इन तीन राशि वालों की चमकेगी किस्‍मत !


    नई दिल्ली। करवा चौथ के अवसर पर बुध और शुक्र की युति से तुला राशि में लक्ष्मी नारायण राजयोग बनने की ज्योतिषीय मान्यता चर्चा में है। ज्योतिष के अनुसार, इस योग को धन, सुख-सुविधाओं, कारोबार और करियर के लिहाज से शुभ माना जाता है। मेष, कन्या और तुला राशि के जातकों के लिए इस ग्रह संयोग को विशेष रूप से अनुकूल बताया जा रहा है। हालांकि, ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मिलने वाले परिणाम व्यक्ति की जन्मकुंडली और अन्य ग्रह स्थितियों के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं।

    क्या होता है लक्ष्मी नारायण राजयोग?

    वैदिक ज्योतिष में बुध और शुक्र की युति को लक्ष्मी नारायण योग कहा जाता है। बुध को बुद्धि, वाणी, व्यापार और निर्णय क्षमता से जोड़कर देखा जाता है, जबकि शुक्र सुख-सुविधाओं, वैभव, आकर्षण और भौतिक संपन्नता का प्रतीक माना जाता है।

    ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, इन दोनों ग्रहों के अनुकूल स्थिति में एक साथ आने से आर्थिक मामलों में प्रगति, कारोबार में नए अवसर और कार्यक्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन के योग बन सकते हैं। हालांकि, इस योग का प्रभाव हर व्यक्ति पर एक जैसा हो, यह जरूरी नहीं है।

    करवा चौथ पर कैसे बन रहा है यह योग?

    ज्योतिषीय गणना के अनुसार, तुला राशि में बुध और शुक्र की युति को लक्ष्मी नारायण राजयोग का आधार बताया जा रहा है। करवा चौथ के दिन इस ग्रह संयोग को आर्थिक और व्यावसायिक मामलों के लिए शुभ माना जा रहा है।

    मान्यता है कि इस दौरान कुछ लोगों को रुके हुए काम आगे बढ़ाने, नई योजनाओं पर काम शुरू करने और आय के नए अवसर तलाशने में मदद मिल सकती है। हालांकि, केवल किसी राजयोग के बनने से धन लाभ या सफलता की गारंटी नहीं होती। इसके परिणाम व्यक्ति की कुंडली में ग्रहों की स्थिति और दशा पर भी निर्भर माने जाते हैं।

    इन 3 राशियों को मिल सकते हैं शुभ परिणाम

    1. मेष राशि: करियर और कारोबार में नए अवसर

    मेष राशि के जातकों के लिए यह समय नई संभावनाओं की ओर बढ़ने का संकेत दे सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अपनी प्रतिभा दिखाने और नई जिम्मेदारियां संभालने के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अधूरे पड़े कामों को पूरा करने के लिए भी प्रयास तेज किए जा सकते हैं।

    कारोबार से जुड़े लोगों को योजनाबद्ध तरीके से काम करने पर लाभ की संभावनाएं तलाशने का मौका मिल सकता है। आर्थिक मामलों में फैसले लेते समय जल्दबाजी से बचना और खर्चों पर नजर रखना उपयोगी रहेगा।

    2. कन्या राशि: आमदनी और बचत पर रहेगा ध्यान

    कन्या राशि के जातकों के लिए आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने की दिशा में योजनाएं बनाने का समय हो सकता है। नौकरी करने वालों को नई जिम्मेदारी या करियर में आगे बढ़ने का अवसर मिलने की संभावना जताई जा रही है।

    व्यापारियों को ग्राहकों से जुड़े मामलों और कामकाज में सकारात्मक बदलाव की उम्मीद हो सकती है। हालांकि, आर्थिक स्थिरता के लिए आय के साथ बचत पर ध्यान देना भी जरूरी होगा। अनावश्यक खर्चों को नियंत्रित करना और भविष्य की जरूरतों के हिसाब से योजना बनाना फायदेमंद हो सकता है।

    3. तुला राशि: नए संपर्क और तरक्की की उम्मीद

    तुला राशि में इस योग के बनने की मान्यता के कारण इस राशि के जातकों को विशेष रूप से शुभ परिणाम मिलने की संभावना बताई जा रही है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में नए अवसर मिल सकते हैं, जबकि कारोबारियों के लिए नए संपर्क उपयोगी साबित हो सकते हैं।

    आर्थिक योजनाओं पर काम कर रहे लोगों को सोच-समझकर निर्णय लेने चाहिए। पारिवारिक जीवन में आपसी तालमेल और संवाद बनाए रखने से भी परिस्थितियों को बेहतर ढंग से संभालने में मदद मिल सकती है।

    करवा चौथ पर लक्ष्मी-नारायण पूजा का महत्व

    करवा चौथ पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र, वैवाहिक जीवन की खुशहाली और परिवार की समृद्धि की कामना के साथ व्रत रखती हैं। इस दिन भगवान शिव, माता पार्वती, भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा करने की परंपरा है। कई परिवार सुख-समृद्धि की कामना के लिए भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी का भी स्मरण करते हैं।

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्रद्धा और विधि-विधान से पूजा करने का विशेष महत्व है। लक्ष्मी-नारायण की पूजा के दौरान सामर्थ्य के अनुसार दीपक जलाया जा सकता है, पुष्प अर्पित किए जा सकते हैं और परिवार की सुख-शांति की कामना की जा सकती है। पूजा में श्रद्धा, सात्विकता और अच्छे कर्मों के भाव को महत्वपूर्ण माना जाता है।

  • MP में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर: पूर्वी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-ग्वालियर में भी बदलेगा मौसम

    MP में चक्रवात ‘अर्नब’ का असर: पूर्वी जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, भोपाल-ग्वालियर में भी बदलेगा मौसम


    भोपाल। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी है। गुरुवार को प्रदेश के पूर्वी जिलों में भारी से अति भारी बारिश की आशंका जताई गई है, जबकि भोपाल, ग्वालियर समेत कई शहरों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की बारिश की संभावना है। बारिश और बादलों के कारण आज करवा चौथ पर चांद के दीदार में भी परेशानी हो सकती है।

    विंध्य और महाकौशल क्षेत्र में ज्यादा असर
    बुधवार को प्रदेश के कई इलाकों में मौसम बदला रहा। सतना, कटनी और छतरपुर समेत कई जिलों में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, चक्रवाती सिस्टम का असर गुरुवार को भी पूर्वी मध्यप्रदेश में दिखाई दे सकता है।

    मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट बताए जाने के साथ सतना, रीवा, मैहर, उमरिया, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला और बालाघाट में भारी बारिश की आशंका जताई गई है। कुछ इलाकों में 24 घंटे के दौरान चार इंच या उससे अधिक बारिश होने की संभावना है।

    सिंगरौली में सुबह से बारिश, तेज हवाओं के साथ छाए बादल
    सिंगरौली में गुरुवार सुबह से मौसम बदला हुआ है। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। चक्रवाती सिस्टम के प्रभाव से जिले में मौसम के अस्थिर बने रहने की संभावना है।

    भोपाल-ग्वालियर समेत इन जिलों में गरज-चमक के आसार
    गुरुवार को भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, आगर-मालवा, शाजापुर, देवास, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड और श्योपुर में बादल छाने, गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इसके अलावा जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी मौसम बदल सकता है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं के साथ बारिश होने की आशंका है।

    मालवा के कई जिलों में खिल सकती है धूप
    मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार, नीमच, मंदसौर, रतलाम, उज्जैन, झाबुआ, आलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, खंडवा और बुरहानपुर में मौसम अपेक्षाकृत साफ रह सकता है। इन जिलों के लिए बारिश और आंधी का अलर्ट नहीं बताया गया है। हालांकि, मौसम की स्थिति में बदलाव संभव है। लोगों को अपने जिले के ताजा मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

    शाजापुर के गिरवर में 12.8 डिग्री तापमान
    बारिश और बादलों के बीच प्रदेश में रात के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। बीती रात शाजापुर जिले के गिरवर में न्यूनतम तापमान 12.8 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। पचमढ़ी में 15.2 डिग्री, धार में 15.4 डिग्री और आगर-मालवा में 15.9 डिग्री तापमान रहा। नीमच के मरुखेड़ा और छतरपुर के नौगांव में न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    आंधी और बारिश के प्रभाव से दिन के तापमान में भी करीब एक डिग्री तक की गिरावट आई है। खजुराहो, खंडवा, रतलाम, खरगोन और नर्मदापुरम में अधिकतम तापमान 33.2 से 34.2 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया।

    मानसून की विदाई के बाद भी जारी है बारिश
    मध्यप्रदेश से 3 अक्टूबर को मानसून की विदाई हो गई थी। एक ही दिन में पूरे प्रदेश से मानसून लौट गया था, लेकिन अब चक्रवाती सिस्टम के सक्रिय होने से अक्टूबर के आखिरी दिनों में फिर बारिश का दौर बन गया है। इससे तापमान में उतार-चढ़ाव के साथ मौसम में ठंडक बढ़ने के आसार हैं।

  • एबीडी की बिक्री में 11.1 प्रतिशत की वृद्धि, दूसरी तिमाही में 1 करोड़ केस का आंकड़ा पार

    एबीडी की बिक्री में 11.1 प्रतिशत की वृद्धि, दूसरी तिमाही में 1 करोड़ केस का आंकड़ा पार


    मुंबई।
    भारत की प्रमुख स्पिरिट्स कंपनियों में शामिल अलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स लिमिटेड (एबीडी) ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में मजबूत बिक्री वृद्धि दर्ज की है। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के अनऑडिटेड वित्तीय परिणामों की घोषणा करते हुए कंपनी ने बताया कि दूसरी तिमाही में उसकी कुल बिक्री 1 करोड़ केस तक पहुंच गई, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के मुकाबले 11.1 प्रतिशत अधिक है।

    कंपनी के प्रबंध निदेशक अमर सिन्हा ने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही एबीडी के लिए महत्वपूर्ण रही। सभी उत्पाद श्रेणियों में वृद्धि के दम पर पहली बार कंपनी की तिमाही बिक्री 1 करोड़ केस के पार पहुंची है। कंपनी अपने सुपर-प्रीमियम और लक्जरी उत्पाद पोर्टफोलियो के विस्तार के लिए ब्रांड निर्माण और वितरण से जुड़ी पहलों में निवेश जारी रखे हुए है।

    उन्होंने कहा कि क्षमता विस्तार परियोजनाओं के हाल में शुरू होने से कंपनी की विनिर्माण क्षमता मजबूत हुई है। इससे आपूर्ति शृंखला की दक्षता बेहतर होने और मार्जिन में वृद्धि की संभावनाएं हैं। त्योहारी सीजन को देखते हुए कंपनी को आय में वृद्धि की रफ्तार बने रहने की उम्मीद है। साथ ही, महंगाई के रुझानों पर नजर रखते हुए परिचालन दक्षता बढ़ाने और पूंजीगत व्यय कार्यक्रम को अनुशासित तरीके से लागू करने पर ध्यान दिया जा रहा है।

    दूसरी तिमाही में 11.1 प्रतिशत बढ़ा बिक्री वॉल्यूम

    एबीडी ने वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में 10.0 मिलियन यानी 1 करोड़ केस की बिक्री की, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह आंकड़ा 9.0 मिलियन यानी 90 लाख केस था। इस तरह कंपनी के कुल बिक्री वॉल्यूम में 11.1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इस बढ़ोतरी में मास प्रीमियम एवं अन्य श्रेणियों के साथ प्रेस्टीज और उससे ऊपर (पीएंडए) श्रेणी का भी योगदान रहा।

    कंपनी के अनुसार, पहली छमाही में भी बिक्री की मजबूत रफ्तार बनी रही। इस दौरान तीन बार रिकॉर्ड मासिक बिक्री दर्ज की गई। सितंबर 2026 में मासिक बिक्री 3.5 मिलियन यानी 35 लाख केस से अधिक पहुंच गई, जो कंपनी का अब तक का सर्वोच्च स्तर है।

    प्रीमियम उत्पादों की हिस्सेदारी में बदलाव

    कंपनी के पोर्टफोलियो में प्रीमियम उत्पादों का महत्व बना हुआ है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली छमाही में प्रेस्टीज और उससे ऊपर (पीएंडए) श्रेणी की मूल्य आधारित हिस्सेदारी बढ़कर 58 प्रतिशत हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह 56 प्रतिशत थी।

    हालांकि, कुल बिक्री वॉल्यूम में इस श्रेणी की हिस्सेदारी 47 प्रतिशत से घटकर 46 प्रतिशत रही। कंपनी के प्रमुख घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में उसके मिलियनेयर ब्रांड्स ने वृद्धि में योगदान दिया।

    आईकॉनिक व्हाइट की बिक्री में 20.6 प्रतिशत उछाल

    एबीडी के प्रमुख ब्रांड आईकॉनिक व्हाइट ने भी दूसरी तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी के अनुसार, यह ब्रांड लगातार तीन कैलेंडर वर्षों 2023, 2024 और 2025 में दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला मिलियनेयर व्हिस्की ब्रांड रहा है।

    वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में आईकॉनिक व्हाइट की बिक्री बढ़कर 3.2 मिलियन यानी 32 लाख केस हो गई, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 2.6 मिलियन यानी 26 लाख केस थी। इस तरह ब्रांड की बिक्री में 20.6 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसकी औसत मासिक बिक्री भी लगातार 10 लाख केस से अधिक बनी हुई है।

    कंपनी के मुताबिक, बिक्री में बढ़ोतरी, प्रीमियम उत्पादों पर जोर और विनिर्माण क्षमता के विस्तार से कारोबार को आगे बढ़ाने में मदद मिलने की उम्मीद है। आगामी त्योहारी सीजन के दौरान भी कंपनी अपनी वृद्धि की गति बनाए रखने पर ध्यान केंद्रित कर रही है।

  • भोपाल में प्रशासनिक फेरबदल, पीसी पांडे कलेक्टर कार्यालय में अटैच, दीपक पांडे को कोलार का अतिरिक्त प्रभार

    भोपाल में प्रशासनिक फेरबदल, पीसी पांडे कलेक्टर कार्यालय में अटैच, दीपक पांडे को कोलार का अतिरिक्त प्रभार


    भोपाल। भोपाल में प्रशासनिक कामकाज को सुचारू बनाने के लिए राजस्व विभाग के अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया गया है। कलेक्टर कार्यालय से 27 अक्टूबर 2026 को जारी आदेश के अनुसार कोलार के अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी पीसी पांडे को कलेक्टर कार्यालय भोपाल में कार्य करने के लिए आदेशित किया गया है। वहीं टीटी नगर के अनुविभागीय अधिकारी एवं दंडाधिकारी दीपक पांडे को उनके वर्तमान कार्य के साथ कोलार का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

    कलेक्टर कार्यालय की ओर से जारी आदेश में प्रशासनिक कार्यों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह व्यवस्था की गई है। आदेश पर जिला कलेक्टर के हस्ताक्षर हैं और इसमें दोनों अधिकारियों की नई जिम्मेदारियों का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। इसके तहत पीसी पांडे को कोलार में एसडीएम एवं दंडाधिकारी के दायित्व से हटाकर कलेक्टर कार्यालय में कार्य करने के लिए निर्देशित किया गया है। दूसरी ओर दीपक पांडे टीटी नगर में अपनी मौजूदा जिम्मेदारियों का निर्वहन करते रहेंगे और इसके साथ ही कोलार क्षेत्र का अतिरिक्त प्रभार भी संभालेंगे।

    प्रशासनिक व्यवस्था में इस बदलाव के बाद कोलार क्षेत्र में राजस्व संबंधी कामकाज की जिम्मेदारी दीपक पांडे के पास आ जाएगी। उन्हें अपने वर्तमान कार्यों के साथ अतिरिक्त प्रभार की जिम्मेदारी भी निभानी होगी। ऐसे में क्षेत्र में राजस्व मामलों के निपटारे और प्रशासनिक गतिविधियों के संचालन को लेकर उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रहेगी। हालांकि आदेश में इस बदलाव के पीछे किसी विशेष प्रकरण या शिकायत का उल्लेख नहीं किया गया है। आदेश में प्रशासनिक कार्य सुविधा को ही बदलाव का आधार बताया गया है।

    पीसी पांडे को कलेक्टर कार्यालय में कार्य करने के लिए निर्देशित किए जाने के बाद उनकी नई जिम्मेदारियों को लेकर भी प्रशासनिक स्तर पर व्यवस्था की जाएगी। कलेक्टर कार्यालय में अधिकारियों की तैनाती का उद्देश्य विभिन्न विभागीय कार्यों के समन्वय और प्रशासनिक जरूरतों के अनुसार जिम्मेदारियों का निर्धारण करना होता है। इस आदेश के जरिए जिला प्रशासन ने अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बदलाव करते हुए नई व्यवस्था लागू की है।

    आदेश की प्रतिलिपि मध्य प्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग के सचिव सहित भोपाल संभाग के आयुक्त और संबंधित राजस्व अधिकारियों को आवश्यक सूचना और कार्रवाई के लिए भेजी गई है। इसके अलावा जिला कोषालय अधिकारी को वेतन संबंधी प्रक्रिया के लिए जानकारी दी गई है। संबंधित अधिकारियों को आदेश का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

    भोपाल जिला प्रशासन में समय-समय पर प्रशासनिक जरूरतों के मुताबिक अधिकारियों की जिम्मेदारियों में बदलाव किया जाता है। इस बार किए गए फेरबदल में कोलार और टीटी नगर से जुड़े राजस्व प्रशासन की जिम्मेदारियां प्रभावित हुई हैं। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होने के कारण नई व्यवस्था के तहत संबंधित अधिकारियों को अपने दायित्व संभालने होंगे। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अतिरिक्त प्रभार के साथ कोलार क्षेत्र में राजस्व संबंधी कार्यों का संचालन किस तरह आगे बढ़ता है।