Author: bharati

  • भोपाल में एक्टिवा-जूपिटर से शराब की अवैध सप्लाई, आबकारी विभाग की घेराबंदी में दो पकड़े, होटल-ढाबों पर भी छापे

    भोपाल में एक्टिवा-जूपिटर से शराब की अवैध सप्लाई, आबकारी विभाग की घेराबंदी में दो पकड़े, होटल-ढाबों पर भी छापे


    भोपाल। दीपावली से पहले भोपाल में अवैध शराब की बिक्री और सप्लाई पर लगाम लगाने के लिए आबकारी विभाग ने सख्ती बढ़ा दी है। मंगलवार और बुधवार की दरमियानी रात विभाग की अलग-अलग टीमों ने शहर में कार्रवाई करते हुए दो लोगों को दोपहिया वाहनों से अवैध शराब का परिवहन करते पकड़ा। इसके अलावा होटल रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी सर्चिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान अवैध रूप से शराब पिलाने और नियमों के उल्लंघन से जुड़े 10 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए। विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य त्योहार के दौरान अवैध शराब की सप्लाई और सार्वजनिक स्थानों पर नियमों के विपरीत शराब सेवन पर रोक लगाना है।

    आबकारी कंट्रोलर वर्षा उइके के मुताबिक सहायक जिला आबकारी अधिकारी अर्चना जैन और उनकी टीम ने घोड़ा नक्काश निवासी चंचल साहू को एक्टिवा से अवैध रूप से शराब का परिवहन करते पकड़ा। कार्रवाई के बाद जब उसके घर की तलाशी ली गई तो वहां से विदेशी शराब की 15 बोतलें भी मिलीं। विभाग ने शराब जब्त कर मामले में नियमानुसार कार्रवाई शुरू की। अधिकारियों की जांच इस बात पर भी केंद्रित है कि बरामद शराब कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी।

    पीएंडटी चौराहे के पास जूपिटर से शराब ले जाते पकड़ा

    इसी अभियान के दौरान सहायक जिला आबकारी अधिकारी शरद मिश्रा और उनकी टीम ने पीएंडटी चौराहे के पास एक अन्य व्यक्ति को जूपिटर स्कूटर से अवैध शराब की सप्लाई करते पकड़ा। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया। विभाग ने शराब के अवैध परिवहन को गंभीरता से लेते हुए आगे की वैधानिक कार्रवाई की। अधिकारियों का मानना है कि दोपहिया वाहनों के जरिए शराब की छोटी खेप एक स्थान से दूसरे स्थान तक पहुंचाई जा सकती है। ऐसे मामलों को रोकने के लिए रात के समय निगरानी और जांच अभियान चलाया जा रहा है।

    होटल रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी जांच

    दोपहिया वाहनों से शराब की सप्लाई के मामलों के अलावा आबकारी विभाग ने शहर के होटल रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी सर्चिंग की। सहायक जिला आबकारी अधिकारी प्रीति उइके की टीम ने बैरागढ़ क्षेत्र में कार्रवाई की जबकि उप निरीक्षक स्वाति बघेल की टीम ने करोंद क्षेत्र में संचालित प्रतिष्ठानों की जांच की। इस दौरान शराब के अवैध सेवन और संबंधित नियमों के उल्लंघन को लेकर 10 से अधिक प्रकरण बनाए गए। विभाग की टीमों ने प्रतिष्ठानों में शराब परोसने और उसके सेवन से जुड़े नियमों की जांच की।

    त्योहार से पहले बढ़ाई निगरानी

    सहायक आबकारी आयुक्त वीरेंद्र सिंह धाकड़ ने बताया कि विभाग की टीमें रोजाना शहर के अलग-अलग इलाकों में कार्रवाई कर रही हैं। त्योहारों के दौरान शराब की मांग बढ़ने की आशंका को देखते हुए अवैध कारोबार पर निगरानी रखी जा रही है। रात में चलने वाले होटल ढाबों और रेस्टोरेंट पर भी जांच की जा रही है ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।

    भोपाल में हुई इस कार्रवाई के बाद आबकारी विभाग ने साफ किया है कि अवैध शराब के परिवहन और नियमों के विपरीत शराब पिलाने के मामलों में सख्ती जारी रहेगी। विभाग की जांच में आगे यदि अन्य लोगों या प्रतिष्ठानों की भूमिका सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

  • दीपावली से पहले खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रेन से उतारते ही पकड़ा 700 किलो नकली पनीर, सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू

    दीपावली से पहले खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई, ट्रेन से उतारते ही पकड़ा 700 किलो नकली पनीर, सप्लाई नेटवर्क की जांच शुरू


    नई दिल्ली। दीपावली से पहले मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 700 किलो से अधिक एनालॉग पनीर जब्त किया है। यह खेप ट्रेन के जरिए मुरैना से भोपाल लाई गई थी। अधिकारियों ने रेलवे स्टेशन के बाहर माल उतारे जाने के दौरान इसे अपने कब्जे में ले लिया। जब्त किए गए पनीर की कीमत करीब 2.5 लाख रुपये बताई गई है। अब विभागीय टीम यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में पनीर किसके लिए मंगाया गया था और इसे किन दुकानों होटलों या रेस्टोरेंट तक पहुंचाया जाना था।

    जानकारी के मुताबिक खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मंगलवार देर रात करीब दो बजे कार्रवाई की। रेलवे स्टेशन पर पनीर के बड़े पैकेट पहुंचने के बाद टीम ने जांच शुरू की और माल को जब्त कर लिया। विभाग ने बिल्टी और बिल से संबंधित जानकारी के आधार पर प्रकरण दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू की। बुधवार सुबह तक इस मामले में जांच जारी थी। मध्य प्रदेश में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद इसे लेकर सामने आई यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा व्यवस्था के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

    सप्लाई कहां होनी थी इसकी जांच जारी

    खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम अब खेप के पूरे सप्लाई नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का पता लगाने पर जोर है कि पनीर मुरैना से किस व्यक्ति या कारोबारी ने भेजा था। भोपाल में इसे किसने मंगाया था और इसे किन प्रतिष्ठानों तक पहुंचाया जाना था। जांच में यदि किसी होटल रेस्टोरेंट डेयरी या अन्य कारोबारी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल जब्त माल के गंतव्य और उससे जुड़े लोगों के बारे में जांच की जा रही है।

    क्या होता है एनालॉग पनीर

    एनालॉग पनीर को आम तौर पर पारंपरिक दूध से बने पनीर के विकल्प के रूप में तैयार किया जाता है। इसे बनाने में दूध की जगह या दूध के साथ वनस्पति वसा स्टार्च और अन्य सामग्री का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसकी लागत अपेक्षाकृत कम होने के कारण कुछ बाजारों में इसकी मांग बनी रहती है। हालांकि इसकी सामग्री और पोषण संबंधी विशेषताएं असली दूध से बने पनीर से अलग हो सकती हैं। उपभोक्ताओं के लिए यह जानना महत्वपूर्ण है कि वे जो उत्पाद खरीद रहे हैं उसकी सही पहचान और सामग्री की जानकारी उन्हें मिले।

    प्रदेश में प्रतिबंध के बाद भी सामने आया मामला

    करीब तीन महीने पहले मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य में एनालॉग पनीर पर प्रतिबंध लगाया था। इस मुद्दे पर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी चिंता जताई थी और मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित राज्यों से संपर्क करने का फैसला किया था। इसके बावजूद भोपाल में बड़ी मात्रा में एनालॉग पनीर की खेप पहुंचने का मामला सामने आया है। इससे प्रतिबंध के पालन और खाद्य उत्पादों की निगरानी को लेकर सवाल उठ रहे हैं।

    त्योहारों के दौरान दूध और उससे बने उत्पादों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे समय में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उनकी सही पहचान सुनिश्चित करना जरूरी हो जाता है। खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का मुख्य केंद्र यह पता लगाना है कि जब्त पनीर कहां खपाया जाना था और इसके पीछे कौन लोग शामिल थे। जांच पूरी होने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई और जिम्मेदार लोगों के बारे में स्पष्ट जानकारी सामने आ सकेगी।

  • करवा चौथ पर मौसम डाल सकता है खलल, भोपाल में 8:26 और इंदौर में 8:34 बजे चंद्रोदय, जानें अपने शहर का समय

    करवा चौथ पर मौसम डाल सकता है खलल, भोपाल में 8:26 और इंदौर में 8:34 बजे चंद्रोदय, जानें अपने शहर का समय


    भोपाल। मध्य प्रदेश में गुरुवार 29 अक्टूबर को करवा चौथ का पर्व मनाया जाएगा। इस दिन सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखेंगी। सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद शुरू होने वाला यह व्रत रात में चंद्र दर्शन और पूजा के बाद पूरा किया जाता है। हालांकि इस बार मौसम महिलाओं की प्रतीक्षा बढ़ा सकता है। प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश और बादल छाए रहने की संभावना जताई गई है। ऐसे में चांद के निर्धारित समय पर निकलने के बावजूद उसका स्पष्ट दर्शन होने में देरी हो सकती है।

    खगोलीय गणनाओं के अनुसार मध्य प्रदेश में सबसे पहले सिंगरौली में रात करीब 8 बजकर 1 मिनट पर चंद्रमा दिखाई देने का अनुमान है। इसके बाद प्रदेश के अन्य जिलों में चंद्रोदय होगा। राजधानी भोपाल में रात 8 बजकर 26 मिनट पर जबकि इंदौर में रात 8 बजकर 34 मिनट पर चांद दिखने का अनुमान है। प्रदेश के पश्चिमी छोर पर स्थित आलीराजपुर में चंद्र दर्शन का समय रात करीब 8 बजकर 41 मिनट बताया गया है। इस तरह राज्य के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों के बीच चंद्रोदय के समय में लगभग 40 मिनट का अंतर हो सकता है।

    नेशनल अवॉर्डी विज्ञान प्रसारक सारिका घारू के मुताबिक पृथ्वी के भौगोलिक विस्तार और अलग-अलग देशांतर स्थितियों के कारण हर जिले में चांद निकलने का समय एक जैसा नहीं होता। मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में स्थित जिलों में चंद्रमा पहले दिखाई देता है जबकि पश्चिमी जिलों में इसके दर्शन कुछ देर बाद होते हैं। इसी वजह से सिंगरौली से आलीराजपुर तक चंद्र दर्शन के समय में अंतर देखने को मिलता है।

    बारिश और बादलों से बढ़ सकता है इंतजार

    करवा चौथ के दिन प्रदेश के पूर्वी हिस्से में जबलपुर सागर रीवा और शहडोल संभाग में तेज बारिश की संभावना जताई गई है। वहीं भोपाल इंदौर नर्मदापुरम उज्जैन ग्वालियर और चंबल संभाग में बादल छाए रह सकते हैं। मौसम की ऐसी स्थिति में चंद्रमा के क्षितिज पर आने के बाद भी उसका दीदार तुरंत नहीं हो पाएगा। ऊंची इमारतों पहाड़ियों और स्थानीय मौसम की वजह से भी चांद दिखाई देने में 10 से 15 मिनट की देरी हो सकती है। इसलिए महिलाओं को अपने जिले में बताए गए चंद्रोदय के समय के साथ आसमान की स्थिति पर भी ध्यान देना होगा।

    सरगी से होती है व्रत की शुरुआत

    करवा चौथ पर व्रत शुरू करने से पहले सुबह सरगी ग्रहण करने की परंपरा है। आमतौर पर सास अपनी बहू को सरगी देती हैं। इसमें फल मिठाई मेवे और फेनी जैसे खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं। दिनभर बिना भोजन और पानी के रहने से पहले पौष्टिक आहार लेना उपयोगी हो सकता है। व्रत रखने वाली महिलाओं को अपनी सेहत का ध्यान रखते हुए पर्याप्त पौष्टिक भोजन करना चाहिए। यदि किसी को मधुमेह या कोई दूसरी स्वास्थ्य समस्या है तो निर्जला व्रत रखने से पहले चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

    चंद्र दर्शन के बाद खोला जाता है व्रत

    करवा चौथ पर महिलाएं भगवान गणेश चौथ माता और चंद्र देव की पूजा करती हैं। परंपरा के अनुसार रात में चंद्रमा को अर्घ्य देकर पति की लंबी उम्र और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है। इसके बाद व्रत खोलने की मान्यता है। कई परिवारों में करवा चौथ की कथा सुनने और पूजा की विधि पूरी करने का विशेष महत्व होता है।

    इस बार प्रदेश के अलग-अलग शहरों में चंद्र दर्शन का समय अलग रहेगा और मौसम भी भूमिका निभा सकता है। इसलिए व्रत रखने वाली महिलाओं को अपने जिले के अनुमानित चंद्रोदय समय की जानकारी पहले से रखनी चाहिए। बादलों की वजह से चांद दिखाई देने में देरी हो तो धैर्य रखें और पूजा से जुड़ी परंपराओं का पालन स्थानीय मान्यताओं के अनुसार करें।

  • मंगल गोचर 2026, 12 नवंबर से इन राशियों के अच्छे दिन शुरू होने के संकेत, रुका धन मिलने और आय बढ़ने की उम्मीद

    मंगल गोचर 2026, 12 नवंबर से इन राशियों के अच्छे दिन शुरू होने के संकेत, रुका धन मिलने और आय बढ़ने की उम्मीद


    नई दिल्ली। ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को साहस ऊर्जा पराक्रम भूमि और आत्मविश्वास का कारक माना जाता है। मंगल की चाल में होने वाला बदलाव व्यक्ति के करियर कारोबार आर्थिक स्थिति और पारिवारिक जीवन पर प्रभाव डाल सकता है। नवंबर 2026 में मंगल का राशि परिवर्तन होने जा रहा है। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 12 नवंबर को रात करीब 8 बजकर 15 मिनट पर मंगल सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सिंह राशि के स्वामी सूर्य देव हैं। ज्योतिष में सूर्य और मंगल के बीच मित्रता का संबंध माना जाता है। इसी वजह से इस गोचर को कुछ राशियों के लिए सकारात्मक संभावनाओं से जोड़कर देखा जा रहा है।

    मान्यता है कि मंगल का यह राशि परिवर्तन कुछ लोगों के लिए कामकाज में आगे बढ़ने और आर्थिक अवसर प्राप्त करने का संकेत दे सकता है। हालांकि ज्योतिषीय फलादेश संभावनाओं पर आधारित होते हैं और वास्तविक परिणाम व्यक्ति की परिस्थितियों तथा प्रयासों पर भी निर्भर करते हैं। आइए जानते हैं कि मेष वृषभ मिथुन और कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल का यह गोचर कैसा रह सकता है।

    मेष राशि के जातकों के लिए मंगल का सिंह राशि में प्रवेश करियर के लिहाज से अनुकूल संकेत दे सकता है। नौकरी करने वाले लोगों को नई जिम्मेदारियां मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत और नेतृत्व क्षमता को पहचान मिल सकती है। कुछ लोगों के लिए पदोन्नति या आय में बढ़ोतरी के अवसर बन सकते हैं। व्यापार करने वाले जातकों को नई योजनाओं पर काम करने और ग्राहकों तक पहुंच बढ़ाने का मौका मिल सकता है। आर्थिक मामलों में भी सुधार की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि किसी भी बड़े निवेश से पहले परिस्थितियों का सही आकलन करना जरूरी रहेगा।

    वृषभ राशि वालों के लिए मंगल का गोचर नए अवसरों की संभावना लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को अपने काम का बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद रहेगी। करियर में आगे बढ़ने के लिए नई जिम्मेदारी या परियोजना मिल सकती है। कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ कमाने के अवसर मिल सकते हैं। आमदनी बढ़ने की संभावना के साथ खर्चों में भी इजाफा हो सकता है। ऐसे में बजट बनाकर चलना और गैर जरूरी खर्चों पर नियंत्रण रखना फायदेमंद रहेगा। आर्थिक फैसले लेते समय जल्दबाजी से बचना चाहिए।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए यह गोचर रुके हुए कामों में गति आने का संकेत दे सकता है। लंबे समय से अटकी कारोबारी योजनाओं को आगे बढ़ाने का मौका मिल सकता है। व्यापारियों के लिए नई रणनीति अपनाना और कामकाज का विस्तार करना लाभकारी साबित हो सकता है। नौकरी करने वालों को भी अपनी प्रतिभा दिखाने के अवसर मिल सकते हैं। आय के स्रोतों में सुधार होने की संभावना है। पैतृक संपत्ति या उससे जुड़े मामलों में भी सकारात्मक प्रगति की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि किसी भी संपत्ति संबंधी फैसले में जरूरी दस्तावेजों की जांच करना महत्वपूर्ण रहेगा।

    कुंभ राशि के जातकों के लिए मंगल का यह राशि परिवर्तन करियर और कारोबार में प्रगति के नए रास्ते खोलने वाला माना जा रहा है। नौकरीपेशा लोगों को तरक्की या नई जिम्मेदारी मिलने की संभावना बन सकती है। व्यापारियों को नए संपर्कों और योजनाओं से फायदा मिल सकता है। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे होने से राहत मिलने की उम्मीद रहेगी। आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने के अवसर सामने आ सकते हैं। इसके बावजूद पैसों के लेनदेन में सावधानी बरतना जरूरी होगा। किसी को बड़ी रकम उधार देने या निवेश करने से पहले सभी पहलुओं पर विचार करें।

    कुल मिलाकर ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल का सिंह राशि में गोचर इन चार राशियों के लिए करियर और आर्थिक मामलों में सकारात्मक संभावनाएं दिखा सकता है। बेहतर परिणाम पाने के लिए मेहनत धैर्य और समझदारी के साथ फैसले लेना जरूरी है।

  • WPL मिनी ऑक्शन में आज खिलाड़ियों पर बरसेगा पैसा, यूपी वॉरियर्स के पास ₹3.75 करोड़; जानें लाइव कहां देखें

    WPL मिनी ऑक्शन में आज खिलाड़ियों पर बरसेगा पैसा, यूपी वॉरियर्स के पास ₹3.75 करोड़; जानें लाइव कहां देखें


    नई दिल्ली। महिला प्रीमियर लीग यानी WPL 2027 के लिए खिलाड़ियों की मिनी नीलामी आज 28 अक्टूबर को कोच्चि में आयोजित होने जा रही है। इस नीलामी में पांचों फ्रेंचाइजी अपनी टीमों में खाली जगह भरने के लिए खिलाड़ियों पर बोली लगाएंगी। कुल 150 खिलाड़ियों ने नीलामी के लिए पंजीकरण कराया है। इनमें 28 विदेशी खिलाड़ी और एसोसिएट देशों के छह खिलाड़ी भी शामिल हैं। नीलामी में भारतीय और विदेशी क्रिकेटरों के लिए टीमों के बीच मुकाबला देखने को मिल सकता है। ऐसे में क्रिकेट प्रशंसकों की नजर इस बात पर रहेगी कि कौन सी टीम किन खिलाड़ियों को अपने साथ जोड़ती है।

    शाम 5:30 बजे से शुरू होगी नीलामी

    WPL 2027 की मिनी नीलामी भारतीय समयानुसार शाम 5:30 बजे से शुरू होगी। इसका आयोजन कोच्चि में किया जाएगा। दर्शक नीलामी का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकेंगे। वहीं ऑनलाइन देखने वाले दर्शकों के लिए जियोस्टार एप पर भी प्रसारण उपलब्ध रहेगा। इस नीलामी में सभी पांच टीमों को मिलाकर कुल 27 खाली स्लॉट भरने हैं। इनमें विदेशी खिलाड़ियों के लिए सात जगह शामिल हैं। टीमों के पास कुल 8.15 करोड़ रुपये का बजट बचा हुआ है।

    यूपी वॉरियर्स के पास सबसे बड़ा बजट

    नीलामी में यूपी वॉरियर्स सबसे मजबूत आर्थिक स्थिति के साथ उतर रही है। टीम के पास खर्च करने के लिए 3.75 करोड़ रुपये बचे हैं और उसे कुल आठ खिलाड़ियों की जगह भरनी है। इनमें तीन विदेशी खिलाड़ियों के स्लॉट शामिल हैं। टीम ने पहले ही मेग लैनिंग फोबे लिचफील्ड सोफी एक्लेस्टोन और दीप्ति शर्मा जैसे खिलाड़ियों को अपने साथ बनाए रखा है। अब उसकी कोशिश बाकी जगहों के लिए उपयोगी खिलाड़ियों को चुनने की होगी।

    मुंबई इंडियंस के सामने सीमित बजट की चुनौती

    दो बार की चैंपियन मुंबई इंडियंस के पास सबसे कम रकम बची है। टीम के पर्स में 90 लाख रुपये हैं और उसे छह खिलाड़ियों के स्लॉट भरने हैं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उसके पास विदेशी खिलाड़ियों के लिए कोई स्लॉट शेष नहीं है। ऐसे में मुंबई को सीमित बजट में भारतीय खिलाड़ियों का चयन करना होगा। टीम के पास पहले से हरमनप्रीत कौर नैट साइवर-ब्रंट हेली मैथ्यूज और अमेलिया केर जैसे प्रमुख खिलाड़ी हैं।

    गुजरात दिल्ली और बेंगलुरु की स्थिति

    गुजरात जायंट्स के पास 1.25 करोड़ रुपये शेष हैं और उसे तीन खिलाड़ियों का चयन करना है। इनमें एक विदेशी खिलाड़ी की जगह शामिल है। टीम ने एश्ले गार्डनर बेथ मूनी और सोफी डिवाइन जैसे खिलाड़ियों को बरकरार रखा है।

    दिल्ली कैपिटल्स के पास 1.10 करोड़ रुपये हैं और उसे पांच स्लॉट भरने हैं। इनमें एक विदेशी खिलाड़ी की जगह शामिल है। टीम के पास जेमिमा रोड्रिग्स शेफाली वर्मा और एनाबेल सदरलैंड जैसे खिलाड़ी हैं।

    रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पास 1.15 करोड़ रुपये बचे हैं। टीम को पांच खिलाड़ियों की जरूरत है जिनमें दो विदेशी खिलाड़ी शामिल हो सकते हैं। स्मृति मंधाना ऋचा घोष और एलिस पेरी जैसी खिलाड़ियों के साथ टीम अपनी बाकी जगहों को मजबूत करने की कोशिश करेगी।

    किन खिलाड़ियों पर रहेगी नजर

    नीलामी में स्नेह राणा डिएंड्रा डॉटिन चमारी अथापट्टू सोफिया डंकले सोफी मोलिन्यूक्स और जेस जोनासन जैसे नामों पर नजर रहेगी। खिलाड़ियों का चयन करते समय टीमें अपने बजट के साथ जरूरत और संतुलन का भी ध्यान रखेंगी। WPL में प्रत्येक टीम में अधिकतम 18 खिलाड़ी हो सकते हैं जिनमें छह विदेशी खिलाड़ी शामिल किए जा सकते हैं। अब नीलामी के दौरान यह देखना दिलचस्प होगा कि कौन सी फ्रेंचाइजी अपने उपलब्ध बजट का बेहतर इस्तेमाल करती है और किन खिलाड़ियों को बड़ी बोली मिलती है।

  • कब्ज से हैं परेशान तो सुबह से शुरू करें ये 5 काम, फाइबर और पानी की सही मात्रा से मिलेगा फायदा

    कब्ज से हैं परेशान तो सुबह से शुरू करें ये 5 काम, फाइबर और पानी की सही मात्रा से मिलेगा फायदा


    नई दिल्ली। सुबह उठने के बाद पेट साफ नहीं होना कई लोगों के लिए परेशानी का कारण बन जाता है। टॉयलेट में लंबे समय तक बैठने के बावजूद मल त्याग नहीं हो पाता तो पेट भारी रहने गैस बनने और पेट फूलने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। कई बार लोग इस परेशानी को सामान्य समझकर नजरअंदाज करते रहते हैं लेकिन रोजमर्रा की कुछ गलत आदतें कब्ज की समस्या को बढ़ा सकती हैं। खानपान में कमी शारीरिक गतिविधि का अभाव और शौच जाने की इच्छा को बार बार टालना इसके प्रमुख कारणों में शामिल हो सकते हैं। ऐसे में कुछ आसान बदलाव पाचन को बेहतर बनाने और मल त्याग को नियमित रखने में मदद कर सकते हैं।

    शौच जाने की इच्छा को न करें नजरअंदाज

    कब्ज से बचने के लिए सबसे जरूरी आदतों में से एक है शरीर के संकेतों को समझना। सुबह उठने के बाद अगर शौच जाने की इच्छा होती है तो उसे बार बार टालने से बचना चाहिए। लगातार ऐसा करने से मल त्याग की नियमित दिनचर्या प्रभावित हो सकती है। रोजाना एक निश्चित समय पर टॉयलेट जाने की कोशिश करें और जल्दबाजी करने के बजाय शरीर को पर्याप्त समय दें। हालांकि टॉयलेट में बहुत देर तक बैठे रहना और जरूरत से ज्यादा जोर लगाना भी सही नहीं है। इससे बवासीर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।

    सुबह पानी पिएं और दिनभर रहें हाइड्रेटेड

    शरीर में पानी की कमी होने पर मल कठोर हो सकता है जिससे उसे बाहर निकालने में परेशानी होती है। सुबह उठकर पानी पीने की आदत शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद कर सकती है। इसके साथ ही दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है। केवल सुबह पानी पी लेने से कब्ज दूर होने की गारंटी नहीं होती बल्कि पानी के साथ संतुलित भोजन और नियमित शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है। जिन लोगों को डॉक्टर ने किसी बीमारी के कारण पानी सीमित मात्रा में पीने की सलाह दी है उन्हें उसी निर्देश का पालन करना चाहिए।

    भोजन में फाइबर की मात्रा बढ़ाएं

    कब्ज से राहत पाने के लिए डाइट में फाइबर शामिल करना बेहद उपयोगी हो सकता है। फाइबर मल को पर्याप्त मात्रा देने और मल त्याग को आसान बनाने में मदद करता है। इसके लिए पपीता नाशपाती सेब और अमरूद जैसे फल खाए जा सकते हैं। पालक गाजर मटर और दूसरी हरी सब्जियां भी फाइबर के अच्छे स्रोत हैं। इसके अलावा ओट्स दलिया साबुत अनाज की रोटी चना राजमा और मूंग दाल को भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है। फाइबर की मात्रा अचानक बढ़ाने के बजाय धीरे धीरे बढ़ाएं और पर्याप्त पानी पिएं। इससे गैस और पेट फूलने की परेशानी कम करने में मदद मिल सकती है।

    सुबह की सैर को बनाएं दिनचर्या का हिस्सा

    लंबे समय तक एक जगह बैठे रहना और शारीरिक गतिविधि की कमी भी कब्ज की समस्या से जुड़ी हो सकती है। रोजाना सुबह 15 से 30 मिनट तक टहलना पाचन और मल त्याग की नियमितता में मदद कर सकता है। यदि सुबह समय नहीं मिलता तो दिन के किसी अन्य समय पर भी पैदल चलने या अपनी क्षमता के अनुसार व्यायाम करने की आदत डालें। नियमित गतिविधि शरीर को सक्रिय रखने के साथ समग्र स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद है।

    कब्ज होने पर किन बातों का रखें ध्यान

    कब्ज की समस्या होने पर भोजन का समय नियमित रखें और फास्ट फूड के बजाय फाइबर युक्त संतुलित आहार को प्राथमिकता दें। पर्याप्त नींद लें और टॉयलेट की इच्छा को अनदेखा न करें। हर व्यक्ति की शौच की सामान्य दिनचर्या अलग हो सकती है इसलिए रोजाना सुबह पेट साफ न होना अपने आप में बीमारी का प्रमाण नहीं है। परेशानी कितने समय से है और मल त्याग में कितनी दिक्कत होती है इस पर भी ध्यान देना जरूरी है।

    अगर कब्ज लंबे समय तक बनी रहती है या इसके साथ मल में खून आना तेज पेट दर्द उल्टी पेट में बहुत अधिक सूजन या बिना वजह वजन कम होने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं तो डॉक्टर से संपर्क करें। कब्ज दूर करने वाली दवाओं का लंबे समय तक बिना चिकित्सकीय सलाह इस्तेमाल करने से बचें। सही खानपान पर्याप्त पानी नियमित गतिविधि और समय पर शौच जाने की आदत से कई लोगों को कब्ज से राहत पाने में मदद मिल सकती है।

  • नेपोटिज्म की बहस पर सारा अली खान ने तोड़ी चुप्पी, परिवार की पहचान मिली लेकिन मुश्किलें भी खुद झेलीं

    नेपोटिज्म की बहस पर सारा अली खान ने तोड़ी चुप्पी, परिवार की पहचान मिली लेकिन मुश्किलें भी खुद झेलीं


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में नेपोटिज्म यानी परिवारवाद को लेकर लंबे समय से बहस चल रही है। फिल्मी परिवारों से आने वाले कलाकारों को अक्सर इस सवाल का सामना करना पड़ता है कि क्या उन्हें अपने पारिवारिक संबंधों की वजह से फिल्मों में आसानी से मौके मिल जाते हैं। अब अभिनेत्री सारा अली खान ने इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखी है। सैफ अली खान और अमृता सिंह की बेटी सारा ने माना कि फिल्मी परिवार से होने के कारण उन्हें कई फायदे मिले हैं लेकिन उन्होंने अपने करियर में आने वाली चुनौतियों का भी जिक्र किया। उनके बयान के बाद एक बार फिर बॉलीवुड में अवसरों और संघर्ष को लेकर चर्चा शुरू हो गई है।

    फिल्मफेयर को दिए एक इंटरव्यू में सारा अली खान ने कहा कि फिल्मी विरासत के अपने फायदे और नुकसान दोनों होते हैं। उनके मुताबिक परिवार की पहचान होने से उन्हें अभिनय की दुनिया में कदम रखने से पहले ही पहचान और अवसर मिलने लगे थे। किसी बड़े फिल्मी परिवार से आने वाले कलाकार के लिए शुरुआत में कुछ दरवाजे आसानी से खुल सकते हैं। सारा ने इस बात से इनकार नहीं किया कि उन्हें भी इसका फायदा मिला और उन्हें फिल्मों में डेब्यू करने का अवसर मिला। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि इसके साथ दर्शकों और इंडस्ट्री की उम्मीदें भी काफी बढ़ जाती हैं।

    सारा ने जाह्नवी कपूर और अनन्या पांडे का जिक्र करते हुए कहा कि किसी ने भी अपना परिवार खुद नहीं चुना। उनका जन्म जिस परिवार में हुआ वह उनकी पसंद नहीं बल्कि किस्मत का हिस्सा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि फिल्मी परिवार से आने के कारण मिलने वाले अवसरों को स्वीकार करने के साथ कलाकारों की मेहनत को भी देखा जाना चाहिए। सारा के अनुसार किसी कलाकार की पारिवारिक पृष्ठभूमि उसके करियर का एक हिस्सा हो सकती है लेकिन लंबे समय तक काम करने के लिए अपनी प्रतिभा और मेहनत भी दिखानी पड़ती है।

    अभिनेत्री ने इंडस्ट्री में करीब आठ साल बिताने के बाद अपने विशेषाधिकार को लेकर बार बार सफाई देने पर भी सवाल उठाया। उनका कहना है कि वह अपने पारिवारिक बैकग्राउंड के फायदे को समझती हैं और उसे छिपाने की कोशिश नहीं करतीं। लेकिन उनके मुताबिक किसी कलाकार के काम और उसके सफर को केवल परिवार के नाम तक सीमित करके देखना भी सही नहीं है। सारा की बातों से यह स्पष्ट हुआ कि वह नेपोटिज्म की बहस में अपने फायदे स्वीकार करने के साथ अपनी व्यक्तिगत यात्रा को भी सामने रखना चाहती हैं।

    अपने संघर्ष के बारे में बात करते हुए सारा ने कहा कि वह अपनी मां के साथ रहीं और उनके पिता ऐसे व्यक्ति नहीं थे जो उनके लिए काम दिलाने के लिए फिल्म निर्माताओं के कार्यालयों के चक्कर लगाते या लोगों से उन्हें अपनी फिल्मों में लेने की गुजारिश करते। उन्होंने फिल्म केदारनाथ के दौरान आई मुश्किलों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय उन्हें कई चीजें खुद संभालनी पड़ीं। सारा ने यह भी कहा कि उन्हें इंडस्ट्री में कोई ऐसा गॉडफादर नहीं मिला जो हर परिस्थिति में उनके लिए रास्ता आसान कर देता।

    सारा अली खान ने साल 2018 में फिल्म केदारनाथ से अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद वह कई फिल्मों में नजर आईं और अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश करती रहीं। हाल के वर्षों में वह अलग अलग तरह की भूमिकाओं में दिखाई दी हैं। उनकी फिल्मों को दर्शकों से कभी अच्छी तो कभी मिली जुली प्रतिक्रिया मिली है।

    सारा का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बॉलीवुड में स्टार किड्स को मिलने वाले अवसरों और बाहरी प्रतिभाओं के संघर्ष पर बहस जारी है। उनके विचारों में एक तरफ पारिवारिक विरासत से मिले फायदे स्वीकार करने की बात है तो दूसरी तरफ अपने काम और मेहनत को भी महत्व देने की अपील है। इस बयान से यह बहस फिर सामने आई है कि फिल्मी परिवार से जुड़ाव शुरुआती अवसर दिला सकता है लेकिन करियर में आगे बढ़ने के लिए कलाकार को अपनी क्षमता साबित करनी पड़ती है।

  • अमिताभ बच्चन के सामने आलिया के लिए रणबीर ने जाहिर किया प्यार, रिश्ते की नींव पर कही बड़ी बात

    अमिताभ बच्चन के सामने आलिया के लिए रणबीर ने जाहिर किया प्यार, रिश्ते की नींव पर कही बड़ी बात


    नई दिल्ली। बॉलीवुड अभिनेता रणबीर कपूर इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म रामायण को लेकर लगातार चर्चा में हैं। फिल्म के प्रमोशन के सिलसिले में वह अभिनेत्री साई पल्लवी और अभिनेता रवि दुबे के साथ अमिताभ बच्चन के लोकप्रिय शो कौन बनेगा करोड़पति में पहुंचे। शो के दौरान फिल्मों के अलावा रणबीर की निजी जिंदगी को लेकर भी बातचीत हुई। इसी दौरान अमिताभ बच्चन ने उनसे पत्नी आलिया भट्ट के साथ उनके रिश्ते के बारे में सवाल किया। रणबीर ने इस सवाल का जवाब बेहद सहज और दिल छू लेने वाले अंदाज में दिया। उनका जवाब सुनकर वहां मौजूद दर्शकों ने तालियां बजाईं और अब सोशल मीडिया पर भी उनकी खूब चर्चा हो रही है।

    रणबीर कपूर और आलिया भट्ट बॉलीवुड के चर्चित कपल में शामिल हैं। दोनों की जोड़ी को प्रशंसक काफी पसंद करते हैं। ऐसे में जब रणबीर ने राष्ट्रीय टेलीविजन पर अपने रिश्ते की मजबूती का राज बताया तो लोगों का ध्यान उनकी बातों पर टिक गया। अभिनेता ने बताया कि उनके और आलिया के रिश्ते की सबसे मजबूत कड़ी दोस्ती है। उनके मुताबिक किसी भी रिश्ते को लंबे समय तक बनाए रखने के लिए केवल प्यार ही पर्याप्त नहीं होता बल्कि आपसी विश्वास और सम्मान भी बेहद जरूरी हैं।

    रणबीर ने बातचीत के दौरान कहा कि उनके और आलिया के रिश्ते की नींव दोस्ती है। उन्होंने अपने विचार साझा करते हुए बताया कि प्यार किसी रिश्ते को जोड़ता है विश्वास उसे मजबूत बनाता है और सम्मान उसे लंबे समय तक कायम रखता है। रणबीर के इस जवाब ने वहां मौजूद लोगों को प्रभावित किया। अमिताभ बच्चन भी उनकी बातों से सहमत नजर आए। शो में रणबीर का यह अंदाज उनके प्रशंसकों को काफी पसंद आ रहा है।

    अक्सर फिल्मी सितारों की निजी जिंदगी को लेकर तरह तरह की चर्चाएं होती रहती हैं लेकिन रणबीर ने इस बातचीत में रिश्तों को लेकर एक सीधी और सकारात्मक सोच सामने रखी। उनकी बातों का मुख्य संदेश यही था कि एक मजबूत वैवाहिक जीवन के लिए दोनों साथियों के बीच दोस्ती और एक दूसरे के प्रति सम्मान होना चाहिए। जब पति पत्नी एक दूसरे को समझते हैं और भरोसा बनाए रखते हैं तो रिश्ते में आने वाली चुनौतियों का सामना करना भी आसान हो सकता है।

    रणबीर के इस वीडियो के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यूजर्स ने अपनी प्रतिक्रियाएं दीं। कुछ लोगों ने आलिया भट्ट को खुशनसीब बताया तो कुछ ने रणबीर की बातों की तारीफ की। एक यूजर ने टिप्पणी की कि आलिया बहुत लकी हैं। वहीं दूसरे यूजर ने कहा कि ऐसा पति होना चाहिए। कुछ लोगों ने रणबीर के आलिया के प्रति प्यार का जिक्र किया और दोनों को फिल्म इंडस्ट्री की प्यारी जोड़ियों में से एक बताया। हालांकि ये प्रतिक्रियाएं सोशल मीडिया यूजर्स की निजी राय हैं लेकिन इनसे पता चलता है कि रणबीर की बातों ने उनके प्रशंसकों का ध्यान खींचा है।

    रणबीर कपूर और आलिया भट्ट ने साल 2022 में शादी की थी। दोनों ने कई फिल्मों में साथ काम किया है और उनकी जोड़ी को पर्दे पर भी पसंद किया गया है। अब रणबीर रामायण में भगवान राम की भूमिका निभाने की तैयारी और प्रमोशन को लेकर सुर्खियों में हैं। इस फिल्म में साई पल्लवी माता सीता की भूमिका में नजर आएंगी। कौन बनेगा करोड़पति में रणबीर की निजी जिंदगी से जुड़ी यह बातचीत फिल्म के प्रचार के बीच एक अलग वजह से चर्चा में आ गई है। उनके जवाब ने एक बार फिर यह बात सामने रखी कि रिश्तों की मजबूती के लिए प्यार के साथ दोस्ती विश्वास और सम्मान की भूमिका भी अहम होती है।

  • KBC में रणबीर कपूर का मजेदार अंदाज, साई पल्लवी के करियर पर ऐसा जवाब सुन हंस पड़े बिग बी

    KBC में रणबीर कपूर का मजेदार अंदाज, साई पल्लवी के करियर पर ऐसा जवाब सुन हंस पड़े बिग बी


    नई दिल्ली। बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण को लेकर इन दिनों लगातार चर्चा हो रही है। फिल्म की स्टार कास्ट रणबीर कपूर साई पल्लवी और रवि दुबे इसके प्रमोशन में जुटे हुए हैं। इसी सिलसिले में तीनों कलाकार अमिताभ बच्चन के लोकप्रिय क्विज शो कौन बनेगा करोड़पति में नजर आने वाले हैं। शो के सामने आए प्रोमो में कलाकारों के बीच दिलचस्प बातचीत और हंसी मजाक की झलक देखने को मिली है। खास तौर पर साई पल्लवी के मेडिकल की पढ़ाई करने के बाद अभिनय की दुनिया में आने को लेकर अमिताभ बच्चन के सवाल और रणबीर कपूर के मजेदार जवाब ने सबका ध्यान खींचा है।

    प्रोमो में अमिताभ बच्चन साई पल्लवी से पूछते हैं कि उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई की थी तो फिर वह डॉक्टर बनने के बजाय अभिनेत्री कैसे बन गईं। इस सवाल पर साई पल्लवी सहज अंदाज में जवाब देती हैं कि भगवान ने उनके लिए यही लिखा था। उनके जवाब के बाद रणबीर कपूर तुरंत बातचीत में शामिल होते हैं और मजाकिया अंदाज में कहते हैं कि भगवान का प्रिस्क्रिप्शन था सर कि इन्हें एक्ट करना है। रणबीर की यह बात सुनकर अमिताभ बच्चन समेत वहां मौजूद सभी लोग हंसने लगते हैं। इस छोटे से मजेदार पल ने शो के प्रोमो को और दिलचस्प बना दिया है।

    साई पल्लवी अपनी सादगी और स्वाभाविक अभिनय के लिए जानी जाती हैं। फिल्मों में आने से पहले उन्होंने मेडिकल की पढ़ाई की थी। इसके बावजूद उन्होंने अभिनय को अपना करियर बनाया और दक्षिण भारतीय सिनेमा में अपनी अलग पहचान स्थापित की। अब रामायण में सीता की भूमिका निभाने के कारण वह हिंदी सिनेमा के दर्शकों के बीच भी खास चर्चा में हैं। कौन बनेगा करोड़पति में उनकी मौजूदगी दर्शकों को उनके निजी अनुभवों और फिल्मी सफर के बारे में जानने का अवसर देगी।

    शो के एक अन्य प्रोमो में साई पल्लवी ने रामायण में माता सीता की भूमिका मिलने पर अपनी प्रतिक्रिया भी साझा की। उन्होंने बताया कि इस किरदार को लेकर उनका नजरिया सामान्य भूमिकाओं से अलग था। आमतौर पर किसी किरदार को निभाते समय वह सोचती हैं कि वह अपने अभिनय से उस भूमिका में क्या नया जोड़ सकती हैं और उससे उन्हें क्या सीखने को मिल सकता है। लेकिन माता सीता का किरदार मिलने पर उनके मन में यह सवाल था कि वह इस पवित्र और सम्मानित चरित्र को किस तरह निभा पाएंगी।

    साई पल्लवी ने कहा कि इस बार वह भूमिका को लेकर जरूरत से ज्यादा विश्लेषण नहीं करना चाहती थीं। उन्होंने माता सीता की प्रार्थना की और उसी विश्वास के साथ अपने काम की शुरुआत की। उनके इस बयान से साफ होता है कि वह इस भूमिका को केवल अभिनय का अवसर नहीं बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देख रही हैं।

    कौन बनेगा करोड़पति का यह विशेष एपिसोड 29 और 30 अक्टूबर को प्रसारित होने वाला है। इसमें रामायण की टीम अमिताभ बच्चन के साथ बातचीत और खेल के दौरान अपने अनुभव साझा करेगी। वहीं फिल्म रामायण को नितेश तिवारी निर्देशित कर रहे हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम और साई पल्लवी माता सीता की भूमिका में नजर आएंगी। रवि दुबे लक्ष्मण और यश रावण का किरदार निभा रहे हैं जबकि सनी देओल हनुमान की भूमिका में दिखाई देंगे।

    फिल्म को लेकर इसके बड़े बजट और भव्य निर्माण की भी चर्चा है। निर्माता नमित मल्होत्रा के मुताबिक दोनों भागों को मिलाकर इसका बजट करीब 4000 करोड़ रुपये बताया गया है। ऐसे में फिल्म से दर्शकों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। अब देखना होगा कि बड़े पर्दे पर रामायण की यह नई प्रस्तुति दर्शकों को कितना प्रभावित करती है।

  • रणबीर कपूर की एक्टिंग का जलवा, इन 4 फिल्मों के लिए जीता फिल्मफेयर अवॉर्ड; एक किरदार आज भी यादगार

    रणबीर कपूर की एक्टिंग का जलवा, इन 4 फिल्मों के लिए जीता फिल्मफेयर अवॉर्ड; एक किरदार आज भी यादगार


    नई दिल्ली। बॉलीवुड में अपनी दमदार एक्टिंग और अलग अलग किरदारों से पहचान बनाने वाले रणबीर कपूर इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म रामायण को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म में वह भगवान श्रीराम की भूमिका निभाते नजर आएंगे। उनके इस नए अवतार को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बनी हुई है। हालांकि रणबीर कपूर के लिए बड़े पर्दे पर अपनी प्रतिभा साबित करना कोई नई बात नहीं है। अपने करियर में वह कई ऐसी फिल्मों में काम कर चुके हैं जिनमें उनके अभिनय को दर्शकों और फिल्म समीक्षकों की खूब सराहना मिली। उनकी चार फिल्मों के लिए उन्हें फिल्मफेयर के बेस्ट एक्टर अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

    रणबीर कपूर ने अपने अभिनय के दम पर रोमांटिक हीरो से लेकर जटिल और गंभीर किरदारों तक अपनी अलग पहचान बनाई है। उनके करियर की कुछ फिल्मों ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया बल्कि उनके अभिनय को भी लंबे समय तक याद रखा गया। फिल्मफेयर जैसे प्रतिष्ठित पुरस्कार समारोह में बेस्ट एक्टर का सम्मान मिलना किसी भी कलाकार के लिए बड़ी उपलब्धि माना जाता है। रणबीर ने यह उपलब्धि चार अलग अलग फिल्मों के जरिए हासिल की।

    रॉकस्टार से मिला पहला बड़ा सम्मान

    रणबीर कपूर की फिल्म रॉकस्टार साल 2011 में रिलीज हुई थी। इम्तियाज अली के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उन्होंने जनार्दन जाखड़ यानी जॉर्डन का किरदार निभाया था। यह एक ऐसे युवक की कहानी थी जो संगीत की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के दौरान प्यार और जिंदगी के कई मुश्किल अनुभवों से गुजरता है। फिल्म के संगीत और कहानी के साथ रणबीर के अभिनय ने दर्शकों पर गहरी छाप छोड़ी। इस फिल्म में उनके भावनात्मक अंदाज की खूब चर्चा हुई और साल 2012 में उन्हें इसके लिए पहला बेस्ट एक्टर फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। जनार्दन जाखड़ का किरदार आज भी उनके यादगार किरदारों में गिना जाता है।

    बर्फी में अभिनय ने जीता दिल

    साल 2012 में रिलीज हुई फिल्म बर्फी में रणबीर कपूर ने एक ऐसे युवक का किरदार निभाया जो बोल और सुन नहीं सकता। अनुराग बसु के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर ने अपने हाव भाव और शारीरिक अभिव्यक्ति के जरिए किरदार को जीवंत बनाया। बिना ज्यादा संवादों के दर्शकों तक भावनाएं पहुंचाना उनके अभिनय की बड़ी खासियत रही। फिल्म को दर्शकों की सराहना मिली और साल 2013 में रणबीर ने बर्फी के लिए बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड अपने नाम किया।

    संजू में संजय दत्त का रूप

    साल 2018 में रिलीज हुई राजकुमार हिरानी की फिल्म संजू में रणबीर कपूर ने अभिनेता संजय दत्त की भूमिका निभाई। इस किरदार के लिए उन्होंने अपने लुक और बोलने के अंदाज पर खास काम किया था। फिल्म में संजय दत्त के जीवन के कई उतार चढ़ाव दिखाए गए थे। रणबीर के अभिनय की खूब चर्चा हुई और इस फिल्म के लिए उन्हें साल 2019 में बेस्ट एक्टर का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला। यह उनके करियर का तीसरा सम्मान था।

    एनिमल ने दिखाया अलग अंदाज

    साल 2023 में रिलीज हुई फिल्म एनिमल में रणबीर कपूर एक बिल्कुल अलग और आक्रामक अंदाज में नजर आए। संदीप रेड्डी वांगा के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उनके किरदार रणविजय सिंह की काफी चर्चा हुई। फिल्म के कई दृश्य और रणबीर का स्वैग सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हुए। साल 2024 में इस फिल्म के लिए उन्हें बेस्ट एक्टर फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला।

    रॉकस्टार बर्फी संजू और एनिमल ने रणबीर कपूर के अभिनय के अलग अलग रंग दर्शकों के सामने रखे हैं। अब रामायण में भगवान श्रीराम की भूमिका उनके करियर का एक नया अध्याय मानी जा रही है। दर्शकों की नजर इस बात पर है कि वह इस पौराणिक किरदार को किस अंदाज में पर्दे पर उतारते हैं।