Author: bharati

  • बलूचिस्तान में पाकिस्तान सेना का ऑपरेशन जारी, 145 विद्रोही और 17 सैनिकों की मौत

    बलूचिस्तान में पाकिस्तान सेना का ऑपरेशन जारी, 145 विद्रोही और 17 सैनिकों की मौत


    नई दिल्ली। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में हालात बेहद गंभीर हैं। बीते दिनों विद्रोहियों और सुरक्षा बलों के बीच हुई झड़पों में 145 विद्रोही और 17 सैनिकों की मौत हो गई। घटनाओं की शुरुआत विद्रोहियों के हमलों से हुई, जिसमें कम से कम 31 लोग मारे गए। इसके जवाब में पाकिस्तानी सेना ने व्यापक सैन्य अभियान शुरू किया, जो अभी भी जारी है।

    सुरक्षा स्थिति और प्रतिबंध

    बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने बताया कि पिछले 40 घंटों में आतंकवाद विरोधी अभियानों में 145 आतंकवादी और 17 सुरक्षा कर्मियों की जान गई। सभी आतंकवादियों के शव अधिकारियों के कब्जे में हैं और पहचान की प्रक्रिया जारी है सुरक्षा कारणों से इंटरनेट और ट्रेन सेवाएं बंद कर दी गई हैं, साथ ही कई सड़क मार्ग भी बंद हैं। क्वेटा और आसपास के बाजारों में सन्नाटा पसरा है।

    आतंकवादी गतिविधियां और अभियान
    बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी के लड़ाकों ने जेलों, सेना के ठिकानों और सरकारी कार्यालयों को निशाना बनाया। डिप्टी डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर को भी किडनैप किया गया। पाकिस्तान सेना ने बताया कि आतंकवादियों ने आम नागरिकों पर भी हमला किया, जिसमें महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों समेत 18 लोग मारे गए। अभियान में 15 सैनिकों की भी मौत हुई। सेना ने कहा कि क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, दलबंदीन, खरान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी में आतंकवादियों की गतिविधियों को नाकाम किया गया। तीन आत्मघाती हमलावरों समेत 92 आतंकवादियों को मुठभेड़ में मार गिराया गया।

    मुख्यमंत्री और खुफिया जानकारी

    मुख्यमंत्री बुगती ने कहा कि खुफिया एजेंसियों ने पहले ही क्वेटा में बड़े हमले की चेतावनी दी थी। शनिवार रात आतंकवादियों ने पुलिस और सीमावर्ती जवानों समेत सुरक्षा बलों और नागरिकों पर 12 अलग-अलग स्थानों पर हमला किया। क्वेटा में दो आत्मघाती हमलावरों को भी मार गिराया गया।

    भारत ने आरोप खारिज किए
    पाकिस्तान ने हिंसा का ठीकरा भारत पर फोड़ने की कोशिश की, लेकिन भारत ने इसे पूरी तरह खारिज किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि यह केवल पाकिस्तान की रणनीति है, जो अपनी घरेलू विफलताओं और बलूचिस्तान में उत्पीड़न से ध्यान हटाने के लिए भारत का नाम ले रहा है।

  • बारामती: अजित पवार के अंतिम संस्कार के बीच चोरों ने उठाया फायदा, 30 लाख के गहने चोरी!

    बारामती: अजित पवार के अंतिम संस्कार के बीच चोरों ने उठाया फायदा, 30 लाख के गहने चोरी!


    नई दिल्ली : महाराष्ट्र के बारामती में जब लाखों लोग अपने प्रिय नेता ‘अजित दादा’ को अंतिम विदाई देने पहुंचे थे, उसी दौरान इस दुखद मौके का फायदा उठाकर चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया. अंतिम संस्कार के दौरान सोने की चेन चोरी की चौंकाने वाली वारदात सामने आई है.28 जनवरी को राज्य के उप मुख्यमंत्री अजित पवार का विमान दुर्घटना में दुखद निधन हुआ था. उनका बारामती स्थित विद्या प्रतिष्ठान के मैदान में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया. अंतिम दर्शन के लिए महाराष्ट्र के कोने-कोने से लाखों की संख्या में लोग बारामती पहुंचे थे और पूरे शहर में शोक का माहौल था.

    15 लोगों के गले से छीन ली गई चेन

    इसी भारी भीड़ का फायदा उठाते हुए चोरों के एक गिरोह ने लोगों को निशाना बनाया. जानकारी के मुताबिक, करीब 15 लोगों के गले से सोने की चेन चोरी कर ली गई. चोरी किए गए गहनों की कीमत लगभग 25 से 30 लाख रुपये आंकी जा रही है.इस बीच कुछ संदिग्ध चोरों को नागरिकों ने रंगे हाथों पकड़कर पकड़ लिया, जबकि कुछ आरोपियों को पुलिस के हवाले कर दिया गया.

    8000 पुलिसकर्मी थे तैनात

    खास बात यह है कि उस दिन बारामती में करीब 8 हजार पुलिसकर्मी तैनात थे. इसके बावजूद इतनी बड़ी चोरी की घटना होने से पुलिस व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं.पीड़ित नागरिकों की शिकायत पर बारामती तालुका पुलिस थाने में मामला दर्ज किया गया है. पुलिस ने मोहम्मद यूनुस राजकुमार आठवले, एजाज मिरावले, मोहम्मद सिराज, बालू बोत्रे सहित दो अन्य आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है.

    बारामती के लोगों में नाराजगी

    फिलहाल, सभी आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है. एक तरफ जहां अजित पवार के अंतिम संस्कार के दौरान माहौल बेहद भावुक था, वहीं दूसरी ओर चोर लोगों के गले से सोने की चेन चोरी करने में लगे हुए थे. इस घटना से बारामती शहर में भारी नाराजगी फैल गई है.

  • पेंटागन में अमेरिका-इज़राइल की गुप्त बैठक, ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई पर चर्चा

    पेंटागन में अमेरिका-इज़राइल की गुप्त बैठक, ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई पर चर्चा

    Pentagon meeting,
    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में तनाव बढ़ता जा रहा है, और अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच संभावित युद्ध की आशंका गहराती दिख रही है। इसी बीच पेंटागन में अमेरिका और इज़राइल के उच्च सैन्य अधिकारियों के बीच एक गुप्त बैठक हुई। बैठक के केंद्र में ईरान और उसके खिलाफ संभावित सैन्य कदम रहे।

    बैठक में कौन शामिल था
    रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी जनरल डैन केन और इज़राइली चीफ ऑफ स्टाफ आयल ज़मीर ने बीते शुक्रवार को बंद कमरे में चर्चा की। जमीर के वॉशिंगटन से लौटते ही इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ आपात बैठकें कीं। इसमें इज़राइल के रक्षा मंत्री काट्ज़, मोसाद प्रमुख डेविड बार्निया और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे। अधिकारीयों ने संभावित सैन्य तैयारी और किसी भी आपात स्थिति का आकलन किया।

    संभावित कार्रवाई और क्षेत्रीय तनाव
    अमेरिकी अधिकारी ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई पर गंभीरता से विचार कर रहे हैं। इससे पहले सऊदी अरब और यूएई जैसे मुस्लिम देश राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को हमला न करने के लिए मना चुके थे। हालांकि, अब हमले की संभावना फिर से बढ़ रही है।

    ईरान की चेतावनी
    ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने रविवार को चेतावनी दी कि अगर अमेरिका युद्ध छेड़ेगा, तो यह केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा बल्कि पूरे क्षेत्र में फैल जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध शुरू नहीं करेगा और किसी पर हमला करने का इरादा नहीं रखता, लेकिन “ईरानी जनता उन पर करारा जवाब देगी, जो हमला या परेशान करने की कोशिश करेंगे।” इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि विमानवाहक पोत अब्राहम लिंकन के नेतृत्व में नौसैनिक बेड़ा ईरान की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान के पास अमेरिका के साथ समझौते के लिए समय तेजी से समाप्त हो रहा है।

  • साल 2026-27 के बजट में बांग्लादेश को आधी मदद, भूटान को बड़ी राशि, चाबहार परियोजना के लिए कोई आवंटन नहीं

    साल 2026-27 के बजट में बांग्लादेश को आधी मदद, भूटान को बड़ी राशि, चाबहार परियोजना के लिए कोई आवंटन नहीं


    नई दिल्ली। केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत की विदेश सहायता नीति में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। बांग्लादेश के लिए आवंटित राशि इस बार आधी कर दी गई है। जबकि भूटान को पिछले वर्ष से अधिक मदद दी जाएगी। वहीं, ईरान के चाबहार बंदरगाह परियोजना के लिए इस बार कोई फंड नहीं रखा गया।

    बांग्लादेश और पड़ोसी देशों को मदद

    इस वित्तीय वर्ष में बांग्लादेश को 60 करोड़ रुपये सहायता के रूप में आवंटित किए गए हैं, जबकि 2025-26 में यह राशि 120 करोड़ रुपये थी। संशोधित अनुमान के अनुसार पिछली बार यह राशि 34.48 करोड़ रुपये रह गई थी। भूटान को सबसे अधिक मदद के रूप में 2,288 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। नेपाल को 800 करोड़ रुपये, जबकि मालदीव और मॉरीशस को 550-550 करोड़ रुपये की सहायता मिल रही है।

    चाबहार परियोजना के लिए कोई फंड नहीं

    चाबहार बंदरगाह परियोजना, जिसमें भारत पिछले वर्षों से 100 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष निवेश करता आया है, इस बार बजट में शामिल नहीं है। यह बंदरगाह अफगानिस्तान और मध्य एशिया के साथ व्यापारिक संपर्क के लिए अहम माना जाता है और ओमान की खाड़ी के मुहाने पर स्थित है। विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण इस बार चाबहार को कोई आवंटन नहीं दिया गया।अमेरिका द्वारा पिछले वर्ष सितंबर में ईरान पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों के तहत भारत को चाबहार परियोजना पर छह महीने की छूट दी गई थी, जो 26 अप्रैल को समाप्त होने वाली है।

    विदेश मंत्रालय का बजट
    विदेश मंत्रालय के लिए 2026-27 के बजट में कुल 22,118 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं, जो चालू वित्त वर्ष के 21,742 करोड़ रुपये के संशोधित अनुमान और 20,516 करोड़ रुपये के मूल अनुमान से अधिक है। विदेश साझेदारी विकास मद में कुल 6,997 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जिसमें करीब 4,548 करोड़ रुपये निकटवर्ती पड़ोसी देशों के लिए निर्धारित हैं। इस राशि का उपयोग पनबिजली संयंत्र, बिजली पारेषण लाइनों, आवास, सड़क और पुल जैसी बड़ी परियोजनाओं से लेकर छोटे पैमाने पर सामुदायिक विकास कार्यों तक किया जाएगा। लातिन अमेरिकी देशों के लिए कुल सहायता 120 करोड़ रुपये तय की गई है।

  • टी20 वर्ल्ड कप 2026: पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच से हट गया, राशिद लतीफ बोले- 'बहुत पैसा दांव पर है'

    टी20 वर्ल्ड कप 2026: पाकिस्तान भारत के खिलाफ मैच से हट गया, राशिद लतीफ बोले- 'बहुत पैसा दांव पर है'


    नई दिल्ली। 15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले भारत-पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले से पाकिस्तान ने खुद को हटा लिया है। इस फैसले पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने प्रतिक्रिया दी। उनका मानना है कि यह कदम भविष्य में नई बातचीत का रास्ता खोल सकता है। राशिद लतीफ के अनुसार, टीम का भारत के खिलाफ मैच में शामिल न होना पहले से ही संभावना में था। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक और आर्थिक हित सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर ला सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “इसमें बहुत सारा पैसा दांव पर लगा है।”

    पाकिस्तान की आधिकारिक स्थिति
    पाकिस्तान सरकार ने टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने की अनुमति दी है, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच में टीम मैदान पर नहीं उतरेगी। सरकार ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट के माध्यम से बयान जारी किया और कहा कि यह निर्णय फाइनल है।

    वास्तविक कारण और रणनीति
    सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान का यह कदम बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश हो सकती है। बांग्लादेश को सुरक्षा कारणों के चलते भारत के बाहर अपने मैचों को स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं मिली थी, जिसके बाद उन्हें पुरुष टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया गया। ग्रुप-सी में अब बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है। इस फैसले से पहले पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी, जिसमें टीम की टी20 वर्ल्ड कप में भागीदारी पर अंतिम निर्णय 30 जनवरी या 2 फरवरी को लेने की बात हुई थी। हालांकि, यह निर्णय एक दिन पहले ही सार्वजनिक कर दिया गया।

    राशिद लतीफ की टिप्पणी

    पूर्व कप्तान ने कहा कि टीम को भारत के खिलाफ मैच से दूरी बनाने के संभावित प्रतिबंधों का एहसास है। उनका मानना है कि अब बातचीत शुरू हो सकती है, खासकर ब्रॉडकास्टर्स और अन्य व्यावसायिक पक्षों के शामिल होने के बाद।  15 फरवरी को कोलंबो के आर. प्रेमदासा स्टेडियम में होने वाले भारत-पाकिस्तान टी20 वर्ल्ड कप मुकाबले से पाकिस्तान ने खुद को हटा लिया है। इस फैसले पर पाकिस्तान के पूर्व कप्तान राशिद लतीफ ने प्रतिक्रिया दी। उनका मानना है कि यह कदम भविष्य में नई बातचीत का रास्ता खोल सकता है। राशिद लतीफ के अनुसार, टीम का भारत के खिलाफ मैच में शामिल न होना पहले से ही संभावना में था। उन्होंने कहा कि व्यावसायिक और आर्थिक हित सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर ला सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, “इसमें बहुत सारा पैसा दांव पर लगा है।”

    पाकिस्तान की आधिकारिक स्थिति
    पाकिस्तान सरकार ने टीम को टी20 वर्ल्ड कप 2026 में भाग लेने की अनुमति दी है, लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच में टीम मैदान पर नहीं उतरेगी। सरकार ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ अकाउंट के माध्यम से बयान जारी किया और कहा कि यह निर्णय फाइनल है।

    वास्तविक कारण और रणनीति
    सूत्रों के अनुसार, पाकिस्तान का यह कदम बांग्लादेश के साथ एकजुटता दिखाने की कोशिश हो सकती है। बांग्लादेश को सुरक्षा कारणों के चलते भारत के बाहर अपने मैचों को स्थानांतरित करने की अनुमति नहीं मिली थी, जिसके बाद उन्हें पुरुष टी20 वर्ल्ड कप से बाहर कर दिया गया। ग्रुप-सी में अब बांग्लादेश की जगह स्कॉटलैंड को शामिल किया गया है। इस फैसले से पहले पीसीबी के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात की थी, जिसमें टीम की टी20 वर्ल्ड कप में भागीदारी पर अंतिम निर्णय 30 जनवरी या 2 फरवरी को लेने की बात हुई थी। हालांकि, यह निर्णय एक दिन पहले ही सार्वजनिक कर दिया गया।

    राशिद लतीफ की टिप्पणी
    पूर्व कप्तान ने कहा कि टीम को भारत के खिलाफ मैच से दूरी बनाने के संभावित प्रतिबंधों का एहसास है। उनका मानना है कि अब बातचीत शुरू हो सकती है, खासकर ब्रॉडकास्टर्स और अन्य व्यावसायिक पक्षों के शामिल होने के बाद।

  • एक महीने से बीमार महिला की अस्पताल में मौत, परिवार ने दूषित पानी को जिम्मेदार ठहराया

    एक महीने से बीमार महिला की अस्पताल में मौत, परिवार ने दूषित पानी को जिम्मेदार ठहराया


    इंदौर।
    देश के सबसे स्वच्छ शहरों में शुमार है लेकिन भागीरथपुरा इलाके में दूषित पेयजल की वजह से लोगों की जान अब भी खतरे में है ताजा जानकारी के अनुसार 65 वर्षीय अनीता कुशवाह नाम की महिला, जो एक महीने से बीमार थीं, अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ गईं परिवार का आरोप है कि दूषित पानी पीने की वजह से उनकी सेहत बिगड़ी थी

    इस घटना के साथ दूषित पानी से जुड़ी मौतों का आंकड़ा बढ़कर 32 हो गया है इस मामले में अब तक 450 से ज्यादा मरीज ठीक होकर डिस्चार्ज हो चुके हैं लेकिन तीन मरीज अब भी अस्पताल में भर्ती हैं जिनमें से दो की हालत गंभीर है और वे आईसीयू में हैंभागीरथपुरा में पानी की समस्या अभी भी गंभीर बनी हुई है नगर निगम ने अब तक बस्ती के केवल 30 प्रतिशत हिस्से में नई नर्मदा लाइन बिछाई है जबकि बाकी लोग टैंकरों के भरोसे हैं दूषित पानी के डर से लोग नल या टैंकर का पानी पीने से कतराते हैं जो सक्षम हैं वे बाहर से बोतलबंद पानी खरीदकर पी रहे हैं वहीं कुछ लोग उबला या RO पानी का इस्तेमाल कर रहे हैं

    इस संकट ने इलाके के लोगों की जिंदगी कठिन बना दी है और स्वास्थ्य सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं नगर निगम और प्रशासन को जल्द ही पूरे इलाके में सुरक्षित पेयजल की व्यवस्था करना आवश्यक हो गया है ताकि और मौतों और बीमारियों को रोका जा सके स्थानीय लोग लगातार प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि पूरे इलाके में नर्मदा लाइन की आपूर्ति पूरी की जाए और पानी की गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए जिससे पीने योग्य पानी उपलब्ध हो सके वर्तमान हालात में जनता को टैंकर और बोतलबंद पानी पर निर्भर रहना पड़ रहा है

  • उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट, आने वाले दिनों में बढ़ेगा ठंड का असर, जानिए मौसम का हाल

    उत्तर भारत में मौसम ने ली करवट, आने वाले दिनों में बढ़ेगा ठंड का असर, जानिए मौसम का हाल


    नई दिल्ली। उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत में फिलहाल मौसम का मिज़ाज आम लोगों के लिए राहत भरा नहीं लग रहा। अगले तीन दिनों तक पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों और उनसे जुड़े मैदानी इलाकों में बारिश और बर्फबारी की संभावना बनी हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, तेज हवाओं की रफ्तार 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहने का अनुमान है, जिससे ठंड का असर और बढ़ सकता है।विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले तीन दिनों में न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट देखी जा सकती है। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और उत्तर प्रदेश के कई इलाकों में सुबह और रात के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना है, जिससे दृश्यता कम हो सकती है।

    पहाड़ों पर बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बादलों का डेरा

    भारतीय मौसम विभाग के अनुसार उत्तरी पाकिस्तान और उसके आसपास के क्षेत्रों में निचले और मध्य वायुमंडल में तेज चक्रवात सक्रिय है। इसके अलावा दक्षिणी हरियाणा और उत्तरी राजस्थान के निचले हिस्सों में कम दबाव का क्षेत्र भी बना हुआ है। मौसम विभाग ने चेताया है कि 5 से 7 फरवरी के बीच पश्चिमी हिमालयी क्षेत्रों में नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकता है। इसके असर से जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाके लगातार बर्फबारी का सामना कर रहे हैं। पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दिल्ली-एनसीआर में हल्की बारिश के साथ बादलों की गतिविधि बनी हुई है। यह मिज़ाज पूरे सप्ताह बने रहने की संभावना है।

    कश्मीर में फिर बढ़ी ठंड, तापमान में गिरावट

    कुछ दिनों की राहत के बाद कश्मीर घाटी में ठंड लौट आई है। रविवार सुबह श्रीनगर और आसपास के मैदानी इलाकों में हल्की बारिश हुई, जबकि ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हिमपात देखा गया। इस बदलाव के चलते दिन का तापमान करीब चार डिग्री तक गिर गया। मौसम विभाग के अनुसार 2 और 3 फरवरी की रात को कुछ ऊपरी क्षेत्रों में हल्की बारिश या बर्फबारी हो सकती है।

    हरियाणा में बारिश और ओलावृष्टि
    पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से हरियाणा में मौसम अचानक बदल गया। छह जिलों में हल्की बारिश हुई, जबकि करनाल, यमुनानगर और रोहतक में ओले गिरे। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार 31 जनवरी की रात से सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ ने रविवार सुबह बारिश करवायी। इसी सिस्टम के कारण पूर्वी राजस्थान और दक्षिणी हरियाणा में कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है, जिसका असर मंगलवार दोपहर तक महसूस होगा।

    हिमाचल प्रदेश में आंधी-तूफान की चेतावनी

    हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, शिमला, सिरमौर, कुल्लू, लाहौल-स्पीति, मंडी और चंबा जिलों में बर्फबारी से जनजीवन प्रभावित हुआ। शिमला, कुल्लू, लाहौल, कांगड़ा, चंबा, मंडी, ऊना और हमीरपुर में बारिश के कारण ठंड और बढ़ गई। सोलन जिले में बिजली गिरने की घटना में 54 भेड़-बकरियों की मौत हो गई, जिससे पशुपालकों को भारी नुकसान हुआ। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को राज्य के मध्य और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश और हिमपात की संभावना जताई है। अगले 24 घंटों में आंधी-तूफान की चेतावनी भी जारी की गई है। लाहौल-स्पीति का ताबो इलाका सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान -3.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

    राजस्थान में फिलहाल राहत

    राजस्थान में तापमान में वृद्धि से ठंड का असर कम हुआ है। रविवार को अधिकांश हिस्सों में न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। अलवर सबसे ठंडा जिला रहा, जहां रात का पारा 7.2 डिग्री सेल्सियस मापा गया। पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से बीते 24 घंटों में अजमेर में हल्की बारिश हुई, जहां 1.1 मिलीमीटर पानी गिरा। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले कम से कम एक दिन तक प्रदेश का मौसम इसी तरह बना रहने की संभावना है।

  • MP में फिर बदला मौसम का मिजाज, तीन दिन मावठे की संभावना, 25 जिलों में बारिश का अलर्ट

    MP में फिर बदला मौसम का मिजाज, तीन दिन मावठे की संभावना, 25 जिलों में बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है। प्रदेश के कई हिस्सों में आगामी तीन दिनों तक मावठा गिरने के संकेत मिले हैं। मौसम विभाग ने सोमवार को ग्वालियर, रीवा और सागर संभाग समेत कुल 25 जिलों में बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके साथ ही कई क्षेत्रों में सुबह के वक्त घना कोहरा भी देखने को मिला।

    मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, 2 से 5 फरवरी के बीच पश्चिम-उत्तरी भारत में सक्रिय वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर मध्य प्रदेश में भी दिखाई देगा। इसी सिस्टम के कारण 10 फरवरी तक राज्य के कुछ इलाकों में रुक-रुक कर बारिश होने की संभावना बनी हुई है। रविवार को भी प्रदेश के कई जिलों में मौसम बिगड़ा रहा। नीमच और मंदसौर में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि दर्ज की गई, जबकि ग्वालियर, धार, मुरैना और उज्जैन सहित कई जिलों में बारिश हुई।

    सोमवार को जिन जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, उनमें ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, विदिशा, गुना, अशोकनगर, शिवपुरी, दतिया, श्योपुर, मुरैना, भिंड, सागर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली शामिल हैं। वहीं भोपाल, इंदौर, उज्जैन, विदिशा, रायसेन और सीहोर सहित कई जिलों में कोहरे की स्थिति बनी रह सकती है।

    आगे कैसा रहेगा मौसम

    3 फरवरी को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, कटनी, उमरिया, शहडोल, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में बारिश के आसार जताए गए हैं।
    4 फरवरी को ग्वालियर, भिंड, मुरैना, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
    5 फरवरी को आंधी और बारिश का कोई अलर्ट नहीं है, लेकिन ठंड के असर में बढ़ोतरी हो सकती है।

    बारिश, कोहरा और तापमान का हाल

    रविवार को प्रदेश के कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और घना कोहरा छाया रहा। ग्वालियर, उज्जैन, धार और मुरैना में रात और सुबह के समय बारिश दर्ज की गई। दतिया और खजुराहो में दृश्यता घटकर 50 से 200 मीटर तक रह गई। खजुराहो, राजगढ़ और नौगांव में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे रिकॉर्ड किया गया, जबकि भोपाल में सुबह 9 बजे तक कोहरा छाया रहा।

    शाम के समय नीमच और मंदसौर में तेज आंधी के साथ बारिश और ओलावृष्टि हुई, जिससे कई गांवों में जमीन पर सफेद चादर जैसी परत जम गई। बारिश के कारण गेहूं की फसलें गिरने की खबरें भी सामने आई हैं, जिससे किसानों को नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

    मौसम विभाग के अनुसार, दतिया, खजुराहो, ग्वालियर, नौगांव, सतना, रीवा, उज्जैन, श्योपुर, राजगढ़, रतलाम, गुना, दमोह, मंडला, टीकमगढ़ और मलाजखंड में कोहरे का असर अधिक रहा। हालांकि प्रदेश के बड़े शहरों में रात का तापमान 12 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है।

  • एलपीजी सिलेंडर फटने से होटल में भयंकर धमाका, हड़कंप मचा..

    एलपीजी सिलेंडर फटने से होटल में भयंकर धमाका, हड़कंप मचा..


    नर्मदापुरम । मध्य प्रदेश के हिल स्टेशन पचमढ़ी में एक होटल में अचानक ब्लास्ट होने से हड़कंप मच गया जानकारी के अनुसार घटना पचमढ़ी थाना क्षेत्र के सिनेरिटी होटल में सुबह करीब 8.30 बजे हुई धमाके की आवाज सुनकर आसपास के लोग डर गएघटना में महाराष्ट्र के बुलढाना जिले के एक ही परिवार के चार पर्यटक घायल हो गए वहीं होटल का एक कुक भी आग में झुलस गया सभी घायलों को तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया और उनका इलाज जारी है

    धमाका इतना भयंकर था कि होटल से लगभग 20 मीटर दूर स्थित पांडव रिट्रीट तक इसका असर महसूस किया गया होटल को भी काफी नुकसान हुआ है सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दीबताया जा रहा है कि सिनेरिटी होटल किराये पर चल रहा था इस होटल का मालिक सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के सहायक संचालक संजीव शर्मा हैं जबकि इसे कांग्रेस नेता के भाई तुषार जायसवाल ने किराये पर लेकर संचालन किया था होटल से एक कमर्शियल सिलेंडर भी बरामद हुआ है जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया

    फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ब्लास्ट शॉर्ट सर्किट या किसी अन्य कारण से हुआ या इसमें किसी तरह की लापरवाही हुई है पुलिस और फॉरेंसिक टीम दोनों ने होटल के अंदर और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण कियाघटना के बाद होटल में ठहरे अन्य पर्यटक भी हड़बड़ाए और होटल परिसर खाली कराया गया स्थानीय प्रशासन ने होटल की सुरक्षा और आसपास के इलाके में सावधानी बढ़ा दी है ताकि किसी भी तरह की दूसरी घटना से बचा जा सके

    इस घटना ने हिल स्टेशन पचमढ़ी में पर्यटकों की सुरक्षा और होटल संचालन में सुरक्षा मानकों के पालन की आवश्यकता पर सवाल खड़ा कर दिया है होटल मालिक और संचालक दोनों पुलिस के संपर्क में हैं और जांच में सहयोग कर रहे हैंघायलों के स्वास्थ्य की लगातार जानकारी ली जा रही है और अस्पताल में उनके इलाज के लिए विशेष व्यवस्था की गई है पुलिस पूरे मामले को गंभीरता से ले रही है और दोषियों या लापरवाही करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की तैयारी में है

  • भारत संग T20 वर्ल्ड कप नहीं खेलेगा पाकिस्तान, JDU ने कहा- 'कड़े फैसले ले ICC', BJP क्या बोली?

    भारत संग T20 वर्ल्ड कप नहीं खेलेगा पाकिस्तान, JDU ने कहा- 'कड़े फैसले ले ICC', BJP क्या बोली?


    नई दिल्ली । 2026 के टी20 वर्ल्ड कप को लेकर एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है. इस वैश्विक टूर्नामेंट में पाकिस्तान की टीम भारत के साथ मैच नहीं खेलेगी. पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड पीसीबी की ओर से यह फैसला लिया गया है. यह महामुकाबला 15 फरवरी को होना था. अब इस तरह के फैसलों के बाद सियासी गलियारे में बयानबाजी शुरू हो गई है. सोमवार 02 फरवरी 2026 को इस पर नीतीश कुमार की पार्टी जेडीयू की ओर से रिएक्शन आया.

    पाकिस्तान को सबक सिखाना बेहद जरूरी

    पाकिस्तान द्वारा भारत के खिलाफ टी20 विश्व कप मैच खेलने से इनकार करने पर जेडीयू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा “पीसीबी की क्या कठिनाई है हमें नहीं समझ आ रहा. कई स्पर्धाओं में वो खेलते हैं कई में नहीं खेलते हैं. हाल ही में बांग्लादेश के खिलाफ नहीं खेलने की धमकी भी दी थी. अब कहीं न कहीं आईसीसी को पाकिस्तान के खिलाफ कुछ कड़े फैसले लेने होंगे. पाकिस्तान को सबक सिखाना बेहद जरूरी है.”

    वो लोग नहीं आएं तो ज्यादा अच्छा हैबीजेपी

    पाकिस्तान के खिलाड़ियों पर तंज कसते हुए बीजेपी के सांसद संजय जायसवाल ने कहा वो लोग नहीं आएं तो ज्यादा अच्छा है. क्योंकि हमारे यहां के टीवी चैनल से पीसीबी की जो कमाई होती है. नहीं तो उनके यहां जितनी फाकाकशी है वो अपने खिलाड़ियों को पैसे भी नहीं दे पाएंगे दरअसल बीते रविवार 01 फरवरी 2026 को पाकिस्तान सरकार ने ऐलान किया कि उनकी टीम सात फरवरी से शुरू हो रहे 2026 टी20 वर्ल्ड कप में हिस्सा लेगी लेकिन 15 फरवरी को भारत के खिलाफ मैच में मैदान पर नहीं उतरेगी.

    बता दें कि 2026 टी20 वर्ल्ड कप का आगाज पाकिस्तान और नीदरलैंड के मैच के साथ होगा. उधर टी20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड की ओर से भारत के खिलाफ मैच न खेलने या बहिष्कार जैसी बातों पर आईसीसी की प्रतिक्रिया आई है. रिपोर्ट के अनुसार आईसीसी ने कहा है “उसके सभी टूर्नामेंट ईमानदारी बराबरी और निष्पक्षता पर चलते हैं.