Author: bharati

  • बलूचिस्तान में हिंसा की आग, एक ही दिन में हालात बेकाबू, पाकिस्तानी सेना को झोंकनी पड़ी पूरी ताकत

    बलूचिस्तान में हिंसा की आग, एक ही दिन में हालात बेकाबू, पाकिस्तानी सेना को झोंकनी पड़ी पूरी ताकत

    इस्लामाबाद। पाकिस्तान का बलूचिस्तान प्रांत इस वक्त अभूतपूर्व हिंसा की चपेट में है। बीते कई वर्षों में पहली बार यहां इतनी व्यापक और खूनखराबे वाली घटनाएं सामने आई हैं। विद्रोहियों के ताबड़तोड़ हमलों में कम से कम 31 लोगों की मौत के बाद हालात और बिगड़ गए। इसके जवाब में पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने बड़े पैमाने पर अभियान चलाया, जिसमें बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) के 145 लड़ाकों के मारे जाने का दावा किया गया है। यह अभियान रविवार से शुरू हुआ और अब भी जारी है। हालात को काबू में रखने के लिए पूरे प्रांत में सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं, इंटरनेट और कई जरूरी सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी गई हैं।

    40 घंटों में 17 सुरक्षाकर्मियों की मौत

    बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने रविवार को बताया कि पिछले करीब 40 घंटों में आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान 145 विद्रोही और 17 सुरक्षाकर्मी मारे गए हैं। क्वेटा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि मारे गए सभी विद्रोहियों के शव सुरक्षा एजेंसियों के कब्जे में हैं और उनकी पहचान की प्रक्रिया जारी है। बुगती ने इसे हाल के वर्षों में सबसे बड़ा अभियान बताया।

    जेल, सरकारी दफ्तर और सैन्य ठिकाने बने निशाना

    बीएलए के लड़ाकों ने अलग-अलग इलाकों में जेलों, सैन्य ठिकानों और सरकारी कार्यालयों पर हमले किए। हालात उस वक्त और बिगड़ गए जब एक डिप्टी डिस्ट्रिक्ट कमिश्नर के अपहरण की खबर सामने आई। सुरक्षा कारणों से बलूचिस्तान में 24 घंटे के लिए इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गईं, रेल यातायात रोका गया और कई इलाकों में सड़क मार्ग भी बंद कर दिए गए। रविवार को अधिकांश बाजार बंद रहे और सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

    घर से निकलना भी बना जोखिम

    बलूचिस्तान में हालात इतने खराब हो गए हैं कि लोगों के लिए घर से बाहर निकलना जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है। क्वेटा के दुकानदार हमदुल्लाह ने बताया कि रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भी बाहर निकलते समय डर लगता है कि लौटकर घर पहुंचेंगे या नहीं। वहीं सेना का कहना है कि वह पूरे इलाके में व्यापक सफाई अभियान चला रही है और आतंकियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई जारी है।

    कई जिलों में एक साथ हमले

    सेना के अनुसार आतंकियों ने क्वेटा, मस्तुंग, नुश्की, दलबंदीन, खरान, पंजगुर, तुम्प, ग्वादर और पसनी के आसपास हिंसक गतिविधियों के जरिए हालात बिगाड़ने की कोशिश की। बयान में कहा गया कि सतर्क सुरक्षा बलों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए इन प्रयासों को नाकाम किया।

    सेना का दावा है कि लंबे और भीषण अभियानों के दौरान तीन आत्मघाती हमलावरों समेत 92 आतंकवादियों को मार गिराया गया।

    आम नागरिक भी बने निशाना

    सेना ने बताया कि हमलों में आम नागरिकों को भी निशाना बनाया गया, जिसमें महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों और मजदूरों सहित 18 लोगों की मौत हुई। वहीं अलग-अलग मुठभेड़ों में 15 सैनिकों ने भी जान गंवाई। मुख्यमंत्री बुगती ने कहा कि पसनी और क्वेटा में आतंकियों ने दो महिला आत्मघाती हमलावरों का इस्तेमाल किया था। उन्होंने यह भी बताया कि खुफिया एजेंसियों ने पहले ही क्वेटा में बड़े हमले की चेतावनी दी थी और शनिवार रात 12 अलग-अलग स्थानों पर हमले किए गए।

    भारत पर आरोप, नई दिल्ली का सख्त जवाब

    बलूचिस्तान में बढ़ती अशांति के बीच पाकिस्तान ने एक बार फिर भारत पर आरोप लगाए हैं। हालांकि भारत ने इन आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा है कि पाकिस्तान अपनी आंतरिक समस्याओं और नाकामियों से ध्यान हटाने के लिए इस तरह के बयान देता है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट कहा कि पाकिस्तान को बलूचिस्तान के लोगों की जायज मांगों पर ध्यान देना चाहिए और वहां हो रहे अत्याचारों को रोकना चाहिए, न कि बाहरी देशों को दोषी ठहराना चाहिए।

  • तुर्किए ने तोड़ा पाकिस्तान का इस्लामिक नाटो सपना, द्विपक्षीय सहयोग तक सीमित रह गया रक्षा समझौता

    तुर्किए ने तोड़ा पाकिस्तान का इस्लामिक नाटो सपना, द्विपक्षीय सहयोग तक सीमित रह गया रक्षा समझौता

    इस्लामाबाद। पाकिस्तान के करीबी साथी तुर्किए ने इस्लामाबाद की महत्वाकांक्षा,मध्य-पूर्व में इस्लामिक नाटो बनाने की योजना, को झटका दे दिया है। अंकारा ने स्पष्ट किया है कि वह सऊदी अरब और पाकिस्तान के साथ किसी बहुपक्षीय रक्षा गठबंधन में शामिल नहीं होगा। पाकिस्तान ने हाल ही में सऊदी अरब के साथ रक्षा समझौता किया था, और उस समय यह उम्मीद जताई जा रही थी कि इसमें जल्द ही तुर्किए और अजरबैजान जैसे देश भी शामिल हो सकते हैं। लेकिन तुर्किए ने साफ कर दिया कि फिलहाल सभी चर्चाएँ केवल रणनीतिक और द्विपक्षीय सहयोग तक ही सीमित हैं।

    एएफपी की रिपोर्ट के अनुसार, तुर्किए के रक्षा अधिकारी स्पष्ट हैं कि राष्ट्रपति एर्दोगान की सरकार न तो बहुपक्षीय समझौते में शामिल है और न ही इस पर विचार कर रही है। उनका कहना है कि वर्तमान में पाकिस्तान और सऊदी अरब के साथ संबंध केवल रणनीतिक उद्देश्यों तक ही सीमित हैं। सऊदी अरब भी किसी बहुपक्षीय रक्षा ढांचे के पक्ष में नहीं है और केवल द्विपक्षीय समझौतों को ही प्राथमिकता देती है।

    पाकिस्तानी सेना की चुनौतियां
    तुर्किए के सुरक्षा सूत्रों ने पाकिस्तान की सेना की सीमित संसाधन क्षमता पर चिंता व्यक्त की है।

    पाकिस्तान पहले से ही तीन सीमाओं, भारत, अफगानिस्तान और ईरान—पर सक्रिय है और आंतरिक स्तर पर भी कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। तुर्किए के अधिकारियों के अनुसार, हाल ही में सऊदी अरब के साथ समझौता पाकिस्तानी सेना को और भी अधिक बंटवारा कर रहा है, जिससे बहुपक्षीय रक्षा जिम्मेदारियों को निभाना कठिन हो जाएगा।

    तकनीकी निर्भरता और आर्थिक सीमाएं
    पाकिस्तान की अधिकांश सैन्य तकनीक चीन पर निर्भर है, विशेष रूप से एयर डिफेंस और एयरफोर्स क्षेत्र में। तुर्किए के अनुसार, पाकिस्तान की एकमात्र प्रमुख रणनीतिक ताकत उसकी परमाणु क्षमता है। इसके अलावा आर्थिक दबाव और सीमित वित्तीय संसाधन भी बहुपक्षीय गठबंधन की संभावना को चुनौती देते हैं।

    तुर्किए ने जोर दिया कि पाकिस्तान के साथ द्विपक्षीय रक्षा सहयोग मजबूत है। अंकारा पहले से ही पाकिस्तान को सैन्य उपकरण, ड्रोन तकनीक और वायु रक्षा प्रणाली उपलब्ध करा रहा है। दोनों देश साझा रणनीतिक उद्देश्यों के लिए प्रशिक्षण, संयुक्त अभ्यास और क्षमता निर्माण पर काम कर रहे हैं, लेकिन कोई बहुपक्षीय समझौता नहीं हुआ।

    इस्लामिक नाटो का सपना अधर में
    पाकिस्तान के पीएम और सेना प्रमुख मुनीर ने मध्य-पूर्व में इस्लामिक नाटो बनाने का प्रयास किया था, जिसमें सऊदी अरब के साथ हालिया रक्षा समझौते ने संभावनाओं को बढ़ाया। 30 जनवरी को तुर्किए के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ सेल्चुक बायरक्तारओग्लू की पाकिस्तान यात्रा के दौरान यह प्रचार हुआ कि जल्द ही बहुपक्षीय समझौते की घोषणा होगी। लेकिन यात्रा के बाद केवल द्विपक्षीय रणनीतिक सहयोग पर सहमति बनी, कोई बहुपक्षीय रक्षा गठबंधन नहीं बनाया गया।

  • Gen Z दफ्तरों की जटिल अंग्रेजी से परेशान…. आसान भाषा अपनाने की उठी मांग

    Gen Z दफ्तरों की जटिल अंग्रेजी से परेशान…. आसान भाषा अपनाने की उठी मांग


    नई दिल्ली।
    ऑफिस (Office) में इस्तेमाल होने वाली भारी-भरकम अंग्रेजी (Heavy English.) आज की युवा पीढ़ी (Young Generation-Gen Z) के लिए परेशानी का कारण बनती जा रही है। जेन-जी (1997 से 2012 के बीच जन्मे युवा) का कहना है कि ऐसे शब्द न सिर्फ भ्रम पैदा करते हैं, बल्कि कामकाजी संवाद को भी मुश्किल बना देते हैं। इसी को लेकर अमेरिका के भाषा शिक्षण प्लेटफॉर्म ‘प्रेपली’ ने एक रिपोर्ट जारी की है।

    रिपोर्ट के मुताबिक, जब मैनेजर मीटिंग में यह कहते हैं कि “इस प्रोजेक्ट के लिए सिनर्जी चाहिए” या “क्या आपके पास इसकी बैंडविड्थ है”, तो कई युवा कर्मचारियों को इन शब्दों का सही मतलब समझने में दिक्कत होती है। भाषा विशेषज्ञों का कहना है कि हर महीने हजारों युवा इन कॉर्पोरेट शब्दों के अर्थ जानने के लिए गूगल का सहारा लेते हैं।

    रिसर्च में सामने आया है कि ‘Synergy’ सबसे ज्यादा खोजा जाने वाला ऑफिस शब्द है, जिसे हर महीने करीब 40,500 बार सर्च किया जाता है। इसके बाद ‘Paradigm’ (लगभग 27,000 सर्च) और ‘Best Practice’ जैसे शब्द सूची में शामिल हैं।


    युवाओं को कैसी भाषा चाहिए?

    आज की पीढ़ी ऐसी भाषा को प्राथमिकता देती है जो साफ, सरल और सीधी हो। उनके अनुसार, दफ्तरों में इस्तेमाल होने वाले पारंपरिक अंग्रेजी मुहावरे अक्सर दिखावटी लगते हैं और बातचीत को जटिल बना देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर किसी कर्मचारी को काम समझने के लिए शब्दों का मतलब अलग से ढूंढना पड़े, तो यह संचार की कमजोरी को दर्शाता है।


    डिजिटल दौर से मेल नहीं खा रही कॉर्पोरेट भाषा

    जेन-जी का कहना है कि पारंपरिक कॉर्पोरेट अंग्रेजी अब डिजिटल युग की बातचीत से तालमेल नहीं बैठा पा रही है। वे चाहते हैं कि दफ्तरों की भाषा भी रोजमर्रा की बातचीत जैसी स्वाभाविक हो। यह बदलाव सिर्फ कार्यस्थल तक सीमित नहीं है—निजी जीवन में भी पुराने और भारी शब्दों की जगह आसान भाषा लेती जा रही है। भाषा विशेषज्ञों के अनुसार, हर पीढ़ी अपने समय के अनुसार भाषा को ढालती है और जेन-जी के लिए स्पष्टता और सादगी सबसे अहम है। जैसे-जैसे इस पीढ़ी की भागीदारी कार्यक्षेत्र में बढ़ रही है, वैसे-वैसे दफ्तरों में भी संवाद का तरीका बदल रहा है।


    कठिन शब्दों की जगह आसान विकल्प

    Synergy → Teamwork
    Bandwidth → Availability (समय/उपलब्धता)
    Circle Back → दोबारा बात करना

    युवाओं का मानना है कि इस तरह की सरल भाषा अपनाने से न सिर्फ काम आसान होगा, बल्कि संवाद भी ज्यादा प्रभावी बन सकेगा।

  • भारत अब वेनेजुएला से तेल खरीदेगा? डोनाल्ड ट्रंप बोले- ‘डील हो गई’

    भारत अब वेनेजुएला से तेल खरीदेगा? डोनाल्ड ट्रंप बोले- ‘डील हो गई’

    अमेरिका ने हाल ही में भारत को वेनेजुएला से तेल खरीदने का प्रस्ताव दिया। हालांकि भारत की ओर से अभी तक इस प्रस्ताव पर आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। अमेरिका चाहता है कि भारत रूस और ईरान से तेल आयात कम करे। दिलचस्प है कि जिस वेनेजुएला से ट्रंप अब तेल खरीदने की बात कर रहे हैं, उस पर पहले वे अमेरिका की ओर से विरोध जताते थे। ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला से तेल खरीदने के लिए चीन का स्वागत भी है।

    भारत-अमेरिका व्यापार बातचीत
    भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते की बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है।

    केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को बताया कि बातचीत अच्छे ढंग से चल रही है और निकट भविष्य में इस मोर्चे पर अच्छी खबर की उम्मीद है।

    गोयल ने कहा, “हर मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) अपनी शर्तों और खूबियों पर आधारित होता है। हमारी बातचीत शानदार कामकाजी संबंध और व्यक्तिगत मित्रता पर टिकी है। हम इसे जल्द पूरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं।”

    जब उनसे पूछा गया कि ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ (भारत-ईयू समझौता) के बाद भारत-अमेरिका ‘फादर ऑफ ऑल डील्स’ कब तक बनेगा, तो उन्होंने कहा कि व्यापार समझौते के लिए कोई निश्चित समय सीमा नहीं होती। इसे दोनों देशों के हितों के अनुसार सही समय पर अंतिम रूप दिया जाएगा।

    विदेश मंत्री जयशंकर की तैयारियां

    विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बृहस्पतिवार को अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर के साथ व्यापार, महत्वपूर्ण खनिज और रक्षा संबंधों सहित द्विपक्षीय सहयोग के प्रमुख मुद्दों पर चर्चा की। उम्मीद है कि वह अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो के साथ भी बैठक करेंगे।

    पीयूष गोयल ने यह भी कहा कि रूस से तेल खरीद को लेकर भारत और अमेरिका के बीच कोई असहमति नहीं है। “कुछ गलतफहमियां हो सकती थीं, लेकिन उन्हें काफी हद तक सुलझा लिया गया है,” उन्होंने स्पष्ट किया।

  • MP: जबलपुर में सेक्स रैकेट के अड्डे पर पुलिस की रेड…. उज्बेकिस्तान की महिला सहित दो गिरफ्तार

    MP: जबलपुर में सेक्स रैकेट के अड्डे पर पुलिस की रेड…. उज्बेकिस्तान की महिला सहित दो गिरफ्तार


    जबलपुर।
    मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के जबलपुर (Jabalpur) में विदेशी महिलाओं (Foreign Women) को बुलाकर देह व्यापार कराए जाने के मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने एक उज्बेकिस्तान की महिला (Uzbekistan Women) समेत एक अन्य महिला को हिरासत में लिया है। जांच में सामने आया है कि बाहर से लाई गई युवतियों से देह व्यापार के बदले 5 से 10 हजार रुपये दिलाने की बात कही जाती थी, लेकिन उन्हें महज 2 से 3 हजार रुपये ही दिए जाते थे।

    पुलिस पूछताछ में उज्बेकिस्तान से आई महिला ने बताया कि वह एक दिन पहले ही जबलपुर पहुंची थी। जांच में यह भी सामने आया है कि इस रैकेट का मुख्य आरोपी एक आदतन अपराधी है, जो अपने परिवार के साथ रहकर अलग-अलग किराए के मकानों में यह अवैध धंधा चलाता था। छापेमारी के बाद से आरोपी फरार है और उसकी तलाश जारी है। पुलिस को यह भी जानकारी मिली है कि इस नेटवर्क से जुड़ी करीब 10 अन्य युवतियों को भी देह व्यापार के लिए बुलाया गया था, जिनकी खोजबीन की जा रही है।

    दरअसल, जबलपुर जिले के माढ़ोताल थाना क्षेत्र स्थित ग्रीन सिटी इलाके में बीते कुछ समय से अनैतिक गतिविधियों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। बताया जा रहा था कि एक किराए के मकान में देह व्यापार संचालित हो रहा है, जहां देश ही नहीं बल्कि विदेश से भी लड़कियों को लाया जाता था। इन सूचनाओं के आधार पर एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर सीएसपी आशीष जैन और महिला थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने छापेमारी की।

    पुलिस कार्रवाई में मौके से एक विदेशी महिला और एक अन्य महिला को पकड़ा गया, जो उज्बेकिस्तान की निवासी बताई जा रही है। पूछताछ में महिला ने बताया कि उसे कभी विमान तो कभी ट्रेन के जरिए दिल्ली होते हुए जबलपुर लाया गया। उसने यह भी खुलासा किया कि उज्बेकिस्तान से मुंबई आने के दौरान उसकी पहचान शिव चौधरी नामक व्यक्ति से हुई थी, जिसने अधिक कमाई का लालच देकर उसे देह व्यापार में शामिल होने के लिए जबलपुर बुलाया।


    पति के इशारों पर पत्नी दूसरे देश से बुलाती थी

    मिली जानकारी के अनुसार प्रिया अपने पति शिवा चौधरी के इशारे पर दूसरे देश से महिलाओं को लाकर यहां रहने वाले अमीर लोगों के सामने परोसा करती थी। पुलिस ने मौके से उज्बेकिस्तान महिला के साथ एक अन्य महिला को पकड़ा है, हालांकि इसका मास्टरमाइंड और गिरोह का सरगना मौके से जरूर फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश में जुटी है। पुलिस हिरासत में महिला ने बताया कि 2011 में उसकी शादी हुई थी। 2023 में पति की मौत के बाद वह मुंबई आ गई, यहां पर उसने दूसरी शादी की, इसी दौरान दिल्ली निवासी प्रिया कौर से सोशल मीडिया के माध्यम से उसकी दोस्ती हुई, पति की मौत के बाद वह इस गौरखधंधे में उतर आई। महिला का कहना है कि कुछ दिनों पहले शिव चौधरी और उसकी पत्नी सुषमा चौधरी से उसकी दोस्ती हुई, इसके बाद ट्रेन से उसे शुक्रवार को जबलपुर बुलाया गया था।


    किराए पर लिया था मकान

    सीएसपी आशीष जैन ने बताया कि महिला के पति शिव चौधरी ने ग्रीन सिटी में 15 दिन पहले ही किराए पर मकान लिया था। पुलिस को शुरुआती जांच में पता चला कि मुख्य आरोपी शिव चौधरी आदतन अपराधी है, जो कि शहर के कई ठिकानों में किराए के मकान लेकर देह व्यापार का काम किया करता था। पुलिस को शक न हो इसके लिए आरोपी पत्नी और बच्चों को भी रखा करता था। जानकारी के मुताबिक जबलपुर शहर के अलावा जिले के कई अन्य इलाकों में भी इसने देह व्यापार का अड्डा खोल रखा है। फिलहाल आरोपी शिव चौधरी पुलिस गिरफ्त से बाहर है जिसकी तलाश जारी है।


    2 से 5 हजार रुपए देने का वादा

    सीएसपी ने बताया कि भारत के छोटे शहरों में छिपकर देह व्यापार चल रहा है, जहां अच्छी-खासी रकम मिलती है। प्रिया कौर जो कि दिल्ली निवासी है, उसके संपर्क में आने के बाद यह महिला दिल्ली से होते हुए जबलपुर पुहंची, जहां उसे एक दिन के 2 से 5 हजार रुपए देने का वादा किया था। सीएसपी आशीष जैन का कहना है कि अभी तक उज्बेकिस्तान से आई एक महिला को हिरासत में लिया है। करीब 10 लड़कियां जबलपुर शहर लाई गई हैं, वह अभी पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं, जिनकी तलाश जारी है। लगातार कार्रवाई जारी है। स्पा सेंटर का लाइसेंस नगर निगम से जारी किया जाता है, अब यह भी देखा जा रहा है कि नगर निगम की टीम किस आधार पर स्पा सेंटर को लाइसेंस दे रही है।

  • हरिद्वार: संत रविदास जयंती की शोभायात्रा के बाद भड़की हिंसा, तोड़फोड़ और फायरिंग में दो लोगों की मौत… गांव में तनाव

    हरिद्वार: संत रविदास जयंती की शोभायात्रा के बाद भड़की हिंसा, तोड़फोड़ और फायरिंग में दो लोगों की मौत… गांव में तनाव


    हरिद्वार।
    उत्तराखंड (Uttarakhand) के हरिद्वार जिले (Haridwar district) के भगवानपुर क्षेत्र (Bhagwanpur area) में संत रविदास जयंती (Sant Ravidas Jayanti) के अवसर पर निकाली गई शोभायात्रा के बाद हालात बेकाबू हो गए। एक ही समुदाय के दो गुटों के बीच हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। आरोप है कि एक पक्ष की ओर से की गई गोलीबारी में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद आक्रोशित लोगों ने आरोपी पक्ष के घर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। देर रात गांव में एक और शव मिलने से तनाव और बढ़ गया, जिसके चलते पुलिस ने एहतियातन अतिरिक्त बल तैनात कर दिया है।

    भगवानपुर थाना क्षेत्र के बिनारसी गांव में रविवार को रविदास जयंती को लेकर आयोजन किया गया था। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद 27 वर्षीय आनंद, पुत्र लक्ष्मीचंद, अपने परिवार और कुछ परिचितों के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में, घर के सामने रहने वाले धर्मवीर और उसके साथ मौजूद लोगों से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गई।

    पुलिस के मुताबिक, आरोपित पक्ष ने लाइसेंसी और अवैध हथियारों का इस्तेमाल करते हुए फायरिंग की। इसमें आनंद, उसका भाई विकास, गगनदीप और योगेंद्र गोली लगने से घायल हो गए। आनंद की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। विकास को एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि गगनदीप और योगेंद्र को रुड़की के अस्पताल ले जाया गया। गगनदीप के पैर में गोली लगने के कारण उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है, वहीं योगेंद्र को छर्रे लगे हैं और उसका इलाज जारी है।


    आरोपियों का घर फूंका

    उधर, गांव में फायरिंग के बाद अफरातफरी मच गई। घटना से गुस्साए आनंद के घरवालों-परिचितों ने आरोपी के घर में तोड़फोड़ कर आग लगा दी। मामले की जानकारी पर पुलिस मौके पर पहुंची पर लोगों ने आनंद का शव नहीं उठने दिया। रात करीब साढ़े आठ बजे पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर शव पोस्टमार्टम को भेजा। इस बीच, पुलिस को सूचना मिली की गांव में धर्मवीर पक्ष का 45 वर्षीय मांगेराम, बेसुध पड़ा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो मांगेराम मृत पड़ा था। पुलिस के अनुसार प्रथमदृष्टया मांगेराम की मौत पिटाई से होना लग रही है। पुलिस ने मामले में कुछ लोगों को हिरासत में लिया है।


    पुरानी रंजिश बनीं खून-खराबे की वजह

    बताया जा रहा है कि प्रधान पक्ष धर्मवीर और आनंद पक्ष के बीच पुरानी रंजिश के चलते दो साल से तनातनी बनी हुई थी। हालांकि दोनों ही पक्ष एक दूसरे के पड़ोसी होने के साथ-साथ एक ही समाज से हैं, लेकिन किसी ने भी इस तनातनी को गंभीरता से नहीं किया। रविवार को शाम को दोनों पक्ष फिर से आमने सामने आ गए। जिसके चलते मामूली कहासुनी हिंसक खूनी संघर्ष के रूप में सामने आई। जिसमें हुई फायरिंग में आनंद की मौके पर ही मौत हो गई। और तीन अन्य युवक घायल हो गए। उधर देर रात पुलिस ने बताया कि एक युवक 45 वर्षीय मांगेराम का शव क्षेत्र से ही बरामद किया गया है।


    चंद मिनटों में ही मातम में बदला खुशियां

    गांव में संत शिरोमणि जयंती पर्व को लेकर पिछले कई दिनों से गांव में तैयारियां चल रही थी। पूरे गांव में एक उत्साह का माहौल देखने को मिल रहा था। रविवार को पर्व के मौके पर सुबह से ही लोग मंदिर में पूजा-अर्चना में परिवार सहित जुटे थे। धूमधाम से शोभायात्रा निकाली गई। भंडारे में बड़ी संख्या में लोग परिवार सहित पहुंचे। पूरे गांव में उत्साह का माहौल था। लेकिन दिन ढलते ही पूरा माहौल मातम में बदल गया।

  • रामायण के सितारों की 'लीक' तस्वीरों का सच: रणबीर-सई का दिव्य अवतार देख चौंक गए फैंस, पर हकीकत कुछ और है!

    रामायण के सितारों की 'लीक' तस्वीरों का सच: रणबीर-सई का दिव्य अवतार देख चौंक गए फैंस, पर हकीकत कुछ और है!


    मुंबई। भारतीय सिनेमा के इतिहास में कुछ फिल्में ऐसी होती हैं जिनका इंतजार किसी त्यौहार की तरह किया जाता है। निर्देशक नितेश तिवारी की महाकाव्य ‘रामायण’ भी ऐसी ही एक फिल्म है। साल 2026 की सबसे बहुप्रतीक्षित मानी जा रही इस फिल्म को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर एक नई हलचल मची हुई है। अचानक से रणबीर कपूर, सई पल्लवी और सनी देओल की उनके पौराणिक किरदारों में कुछ तस्वीरें इंटरनेट पर आग की तरह फैल गईं। फैंस के बीच यह कयास लगाए जाने लगे कि क्या फिल्म के सेट से कलाकारों के लुक लीक हो गए हैं? लेकिन जब इस मामले की गहराई से पड़ताल की गई, तो सच कुछ और ही निकला।

    दरअसल, वायरल हो रही ये तस्वीरें कोई आधिकारिक ‘लीक’ नहीं हैं, बल्कि यह आधुनिक तकनीक और एक क्रिएटिव सोशल मीडिया यूजर की कल्पना का कमाल है। इन तस्वीरों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की मदद से तैयार किया गया है। एक सोशल मीडिया क्रिएटर ने 1992 की क्लासिक जापानी-भारतीय एनिमे फिल्म ‘रामायण: द लीजेंड ऑफ प्रिंस राम’ को आधार बनाकर नितेश तिवारी की फिल्म की स्टारकास्ट के चेहरों को उनमें फिट किया है।

    इन तस्वीरों में रणबीर कपूर को भगवान श्रीराम के रूप में धनुष-बाण थामे हुए देखा जा सकता है, जो हूबहू उस एनिमे लुक की याद दिलाते हैं। वहीं, माता सीता के रूप में सई पल्लवी की सादगी और दिव्यता ने प्रशंसकों का दिल जीत लिया है। सबसे ज्यादा चर्चा सुपरस्टार यश के ‘रावण’ लुक और सनी देओल के ‘हनुमान’ अवतार की हो रही है। AI ने इन चेहरों को इतनी बारीकी और यथार्थवाद के साथ उभारा है कि पहली नजर में कोई भी धोखा खा सकता है कि ये असली फिल्म के स्टिल्स हैं।

    सोशल मीडिया के कमेंट सेक्शन में फैंस इन लुक्स की जमकर तारीफ कर रहे हैं। विशेष रूप से रावण के किरदार में यश के हाव-भाव और तेज को देखकर लोग कह रहे हैं कि AI ने भी अभिनेता के असली व्यक्तित्व को बखूबी पकड़ा है। हालांकि, फिल्म का आधिकारिक फर्स्ट लुक 2025 में ही जारी कर दिया गया था, जिसने पहले ही काफी सकारात्मक माहौल बना रखा है, लेकिन इन AI तस्वीरों ने फिल्म की हाइप को दोगुना कर दिया है।

    यह दिलचस्प है कि कैसे तकनीक ने दर्शकों की जिज्ञासा को शांत करने और फिल्म के प्रति आकर्षण बढ़ाने में एक नया आयाम जोड़ दिया है। फिलहाल, दर्शक असली ‘रामायण’ को बड़े पर्दे पर देखने के लिए बेताब हैं, लेकिन तब तक ये डिजिटल तस्वीरें उनकी कल्पनाओं को पंख देने का काम कर रही हैं।

  • Bihar: केन्द्रीय बजट में बड़ी सौगात… पटना में गंगा तट पर 300 करोड़ की लागत से बनेगा शिप रिपेयर सेंटर

    Bihar: केन्द्रीय बजट में बड़ी सौगात… पटना में गंगा तट पर 300 करोड़ की लागत से बनेगा शिप रिपेयर सेंटर


    पटना।
    पटना (Patna) में गंगा नदी (River Ganges) के किनारे दीघा क्षेत्र (Digha area) में 300 करोड़ रुपये की लागत से एक जहाज मरम्मत केंद्र (Ship Repair Center) स्थापित किया जाएगा। केंद्रीय बजट (Union Budget) में इसकी घोषणा के बाद इसका मार्ग प्रशस्त हो गया है। राज्य सरकार ने इसके लिए दीघा में कुर्जी के सामने गंगा किनारे पांच एकड़ जमीन भी आवंटित कर दी है। केंद्र बनने के बाद जलमार्ग से माल ढुलाई और पर्यटन उद्देश्यों के लिए चलने वाले जहाजों की संख्या बढ़ेगी और परिवहन लागत में कमी आएगी।


    दूर-दराज से भी जहाज पहुंचेंगे

    वर्तमान में जहाजों की मरम्मत के लिए उन्हें कोलकाता या वाराणसी ले जाना पड़ता है। पटना में सुविधा उपलब्ध होने के बाद अब स्थानीय जहाजों के साथ-साथ दूरदराज से आने वाले जहाजों की मरम्मत भी यहीं की जाएगी। इससे कोलकाता या वाराणसी तक जहाज भेजने और वापस लाने में होने वाले हजारों रुपये के परिवहन खर्च में बचत होगी। साथ ही, केंद्र के खुलने से हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर भी मिलेंगे।


    एक बार में चार जहाज की मरम्मत

    इस नए केंद्र में एक बार में चार जहाजों की मरम्मत की सुविधा होगी। इसके लिए लिफ्ट सिस्टम लगाया जाएगा। जहाज को लिफ्ट से गंगा नदी से उठाकर खुले स्थान पर रखा जाएगा, फिर मरम्मत की जाएगी और कार्य पूरा होने के बाद उसे पुनः पानी में स्थापित किया जाएगा।

    रोजगार और परिचालन के नए अवसर

    वर्तमान में गंगा में लगभग 50-60 छोटे और बड़े जहाज चलते हैं, जिनका परिचालन बिहार के साथ उत्तर प्रदेश और बंगाल तक होता है। पटना में मरम्मत केंद्र की कमी के कारण सरकारी विभाग और निजी लोग जहाज संचालन में कम रुचि दिखाते थे। केंद्र खुलने के बाद परिवहन और पर्यटन विभाग जहाज परिचालन बढ़ा सकते हैं और निजी कंपनियां भी माल ढुलाई और पर्यटन के लिए जहाज संचालन कर सकती हैं।

  • The 50 Show में बवाल की शुरुआत: करण पटेल ने नेशनल टीवी पर दी हड्डी तोड़ने की धमकी, सपना चौधरी भी भिड़ीं कंटेस्टेंट से

    The 50 Show में बवाल की शुरुआत: करण पटेल ने नेशनल टीवी पर दी हड्डी तोड़ने की धमकी, सपना चौधरी भी भिड़ीं कंटेस्टेंट से


    नई दिल्ली । फराह खान का नया रियलिटी शो द 50 शुरू होते ही सुर्खियों में आ गया है। अपने अनोखे फॉर्मेट और करीब 50 चर्चित चेहरों की मौजूदगी के चलते इस शो की तुलना लगातार बिग बॉस से की जा रही है। शो में बिग बॉस के पूर्व कंटेस्टेंट्स, सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स, यूट्यूब स्टार्स और टीवी इंडस्ट्री के जाने-माने कलाकार शामिल हैं। जैसे ही शो ने दस्तक दी, वैसे ही घर के अंदर ड्रामा, बहस और टकराव भी शुरू हो गया है।

    हाल ही में शो का एक प्रोमो वीडियो सामने आया है, जिसने दर्शकों को हैरान कर दिया। इस प्रोमो में टीवी अभिनेता करण पटेल और सिद्धार्थ भारद्वाज के बीच तीखी बहस देखने को मिली। दोनों के बीच यह विवाद एक टास्क के दौरान हुआ, जहां मामूली कहासुनी देखते ही देखते गुस्से में बदल गई। बहस के दौरान करण पटेल इस कदर भड़क गए कि उन्होंने नेशनल टीवी पर सिद्धार्थ को धमकी दे डाली। करण ने गुस्से में कहा, “अगर अगली बार तुम बीच में आए तो तुम्हारी हड्डी तोड़ दूंगा।” करण के इस बयान ने न सिर्फ घरवालों को, बल्कि दर्शकों को भी चौंका दिया।

    वहीं, करण की धमकी सुनकर सिद्धार्थ भारद्वाज भी शांत नहीं रहे। वह भी गुस्से में लाल हो गए और दोनों के बीच माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। प्रोमो में दिखाया गया यह सीन इस बात का साफ संकेत देता है कि आने वाले दिनों में शो में टकराव और ड्रामा चरम पर रहने वाला है।

    इसी प्रोमो में एक और हाई-वोल्टेज झगड़ा देखने को मिला, जिसमें सपना चौधरी और अदनान शेख आमने-सामने नजर आए। टास्क के दौरान सपना अदनान पर भड़कते हुए कहती हैं, “तू सोच रहा है कि दो लोग चढ़ आएंगे तो मैं कुछ नहीं बोलूंगी? सपना का यह आक्रामक अंदाज देख अदनान भी पलटकर जवाब देते हैं, जिससे दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हो जाती है।

    इन शुरुआती झगड़ों से यह साफ हो गया है कि द 50 में भी दर्शकों को वही मसाला मिलने वाला है, जिसके लिए वे रियलिटी शोज़ देखते हैं  जोरदार बहस, गुस्सा, इमोशंस और कंटेस्टेंट्स के बीच टकराव। फराह खान का यह शो अभी शुरुआत में ही विवादों और चर्चाओं में घिर चुका है, जिससे इसकी टीआरपी और दर्शकों की दिलचस्पी दोनों बढ़ती नजर आ रही हैं। अब देखना दिलचस्प होगा कि आगे के एपिसोड्स में कौन-कौन से नए विवाद सामने आते हैं और कौन कंटेस्टेंट इस ड्रामे में सबसे आगे निकलता है।

  • Valentine Week पर पार्टनर के साथ जाना चाहते हैं घूमने, तो ये 4 जगह हैं बेस्ट, कम खर्च पर घूम आइए


    नई दिल्ली । फरवरी का महीना प्यार में डूबे लोगों के लिए बहुत खास होता है. फरवरी के दूसरे हफ्ते से वैलेंटाइन वीक की शुरुआत हो जाती है. 7 फरवरी से 14 फरवरी के बीच रोज़ डे, प्रपोज़ डे, चॉकलेट डे, टेडी डे जैसे प्यार के दिन मनाए जाते हैं  बड़ी संख्या में लोग इस दिन अपने प्यार का इजहार करते हैं. कुछ शादी के लिए भी 14 फरवरी यानी वैलेंटाइंस डे का दिन ही चुनते हैं. अगर आप भी अपने पार्टनर को खुश करने के लिए कहीं बाहर ले जाने का प्लान बना रहे हैं, तो हमने आपकी मदद की है. आज हम आपको 4 ऐसी सस्ती जगह के बारे में बताएंगे, जहां आप अपने पार्टनर के साथ घूमने जा सकते हैं. दरअसल यही वो समय होता है, जब आप एक दूसरे के और करीब आते हैं.

    वैलेंटाइन पर पार्टनर को लेकर कहां जाएं, दार्जिलिंग

    वैलेंटाइन वीक में आप अपने पार्टनर को बाहर घूमाने के लिए इस जगह को चुन सकते हैं. क्योंकि दार्जिलिंग जाने का सबसे सही समय फरवरी से लेकर अप्रैल तक और सितंबर से लेकर नवंबर तक का होता है. इस समय वहां का मौसम बेहद सुहाना होता है. यहां आकर आप खूबसूरत सूर्योदय के साथ-साथ चाय बागान को भी देख सकते हैं. ये आपके बजट और पार्टनर को खुश करने के लिए बेस्ट जगह है.

    मनाली

    कपल्स का सबसे पसंदीदा प्लेस है मनाली. मनाली की खूबसूरती दिल में तो उतर ही जाती है. वैलेंटाइन वीक में आप मनाली का प्लान बना सकते हैं. इस समय वहां का मौसम भी अच्छा होता है और आपके बजट में भी है.

    पुष्कर

    अगर आप ठंडी जगह पर नहीं जाना चाहते हैं, तो राजस्थान का पुष्कर आपके लिए परफेक्ट जगह साबित हो सकती है. यहां कम बजट में भी आपको एक रॉयल फील मिलेगा. पार्टनर के साथ यहां के घाटों पर बैठकर डूबते सूरज को निहारना और रेगिस्तान की खामोशी में ऊंट की सवारी करना बेहद रोमांचक एहसास है.

    ओरछा

    वैलेंटाइन वीक के लिए मध्य प्रदेश का ओरछा एक बेमिसाल ऑप्शन है. बेतवा नदी के किनारे बसा यह ऐतिहासिक शहर शांति और रोमांस का अद्भुत मेल पेश करता है. यहां के भव्य महल और मंदिर आपको एक पुराने और खूबसूरत दौर की याद दिलाएंगे. यहां रहने और खाने के खर्चे भी बहुत मामूली होते हैं. आप ओरछा के रामराजा मंदिर के दर्शन करने भी जा सकते हैं.