Author: bharati

  • रथ यात्रा के बीच नहीं होगी 'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- धार्मिक संवेदनशीलता को देखते हुए इंतजार जरूरी

    रथ यात्रा के बीच नहीं होगी 'महाप्रभु जगन्नाथ' की रिलीज, सुप्रीम कोर्ट ने कहा- धार्मिक संवेदनशीलता को देखते हुए इंतजार जरूरी

    नई दिल्ली ।भगवान जगन्नाथ के जीवन और उनसे जुड़ी धार्मिक परंपराओं पर आधारित एनिमेटेड फिल्म ‘महाप्रभु जगन्नाथ’ की रिलीज को लेकर जारी विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल फिल्म को तत्काल सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। अदालत ने स्पष्ट किया कि पुरी में चल रही भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा समाप्त होने के बाद ही फिल्म की रिलीज पर आगे विचार किया जा सकता है। इस फैसले के बाद फिल्म की निर्धारित रिलीज फिलहाल टल गई है।

    फिल्म के निर्माताओं ने ओडिशा हाईकोर्ट के उस अंतरिम आदेश को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था, जिसमें फिल्म की देशभर में रिलीज पर रोक लगाई गई थी। निर्माता पक्ष का कहना था कि फिल्म पूरी तरह तैयार है, सिनेमाघरों की बुकिंग हो चुकी है और इसे केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड से आवश्यक प्रमाणन भी प्राप्त हो चुका है। उनका तर्क था कि तय समय पर रिलीज न होने से आर्थिक नुकसान होने की आशंका है।

    सुनवाई के दौरान निर्माता पक्ष ने अदालत को बताया कि यह एक एनिमेटेड फिल्म है, जिसे विशेष रूप से बच्चों और नई पीढ़ी को भगवान जगन्नाथ की परंपराओं, संस्कृति और धार्मिक विरासत से परिचित कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। उनका कहना था कि जिस प्रकार विभिन्न धार्मिक और पौराणिक विषयों पर पहले भी एनिमेशन फिल्में बनाई जाती रही हैं, उसी प्रकार यह फिल्म भी सांस्कृतिक और शैक्षणिक दृष्टि से तैयार की गई है।

    हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल राहत देने से इनकार करते हुए कहा कि वर्तमान में भगवान जगन्नाथ की रथ यात्रा जारी है और इस दौरान धार्मिक भावनाओं से जुड़े विवादों को गंभीरता से देखा जाना चाहिए। अदालत ने संकेत दिया कि रथ यात्रा पूरी होने के बाद फिल्म की रिलीज पर आगे की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। न्यायालय के इस रुख के बाद फिलहाल फिल्म के प्रदर्शन पर लगी रोक प्रभावी बनी हुई है।

    फिल्म को लेकर विवाद की शुरुआत उसके टीजर जारी होने के बाद हुई थी। टीजर सामने आने के बाद कुछ धार्मिक संगठनों और श्रद्धालुओं ने आरोप लगाया कि फिल्म में भगवान जगन्नाथ के स्वरूप और उनसे जुड़ी कुछ परंपराओं को धार्मिक मान्यताओं के अनुरूप प्रस्तुत नहीं किया गया है। इसी आधार पर फिल्म के कुछ दृश्यों और संवादों पर आपत्ति दर्ज कराई गई।

    बाद में इस मामले में ओडिशा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई, जिसमें फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने की मांग की गई। याचिकाकर्ताओं का कहना था कि यदि विवादित अंशों के साथ फिल्म प्रदर्शित की गई तो इससे श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाएं प्रभावित हो सकती हैं। सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए फिल्म की रिलीज पर रोक लगा दी थी।

    विवाद के बीच फिल्म की विशेष स्क्रीनिंग पुरी के गजपति महाराजा और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन के प्रतिनिधियों के समक्ष भी कराई गई। बताया गया कि इस दौरान फिल्म में कुछ आवश्यक बदलावों को लेकर सुझाव दिए गए थे। हालांकि, याचिकाकर्ताओं का आरोप था कि सभी आवश्यक संशोधन किए बिना ही फिल्म को रिलीज करने की तैयारी की जा रही थी।

    सुप्रीम कोर्ट के ताजा फैसले के बाद अब फिल्म के निर्माता रथ यात्रा समाप्त होने के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया और संशोधनों के आधार पर अगला कदम उठाएंगे। फिलहाल फिल्म की रिलीज स्थगित रहने से यह मामला धार्मिक आस्था, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और सांस्कृतिक प्रस्तुति के बीच संतुलन को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।

  • पीएम मोदी की उड़ान योजना का बड़ा विस्तार, दमन को मिली दिल्ली के लिए पहली सीधी हवाई सेवा, पर्यटन, उद्योग और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार

    पीएम मोदी की उड़ान योजना का बड़ा विस्तार, दमन को मिली दिल्ली के लिए पहली सीधी हवाई सेवा, पर्यटन, उद्योग और निवेश को मिलेगी नई रफ्तार

    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना के तहत दमन को पहली बार राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से जोड़ने वाली सीधी हवाई सेवा की शुरुआत हो गई है। इस नई सेवा के शुरू होने के साथ ही केंद्र शासित प्रदेश दमन देश के प्रमुख शहरों से बेहतर हवाई संपर्क वाले क्षेत्रों में शामिल हो गया है। सरकार का मानना है कि इस पहल से न केवल यात्रियों की आवाजाही आसान होगी, बल्कि पर्यटन, व्यापार, उद्योग और निवेश गतिविधियों को भी उल्लेखनीय बढ़ावा मिलेगा। यह कदम क्षेत्रीय विकास को नई दिशा देने की सरकार की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

    नई हवाई सेवा का शुभारंभ दमन स्थित नवनिर्मित नमो एयरपोर्ट से किया गया, जहां से दिल्ली के लिए पहली नियमित उड़ान रवाना हुई। इस अवसर पर केंद्रीय नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि उड़ान योजना का उद्देश्य छोटे शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को देश के प्रमुख आर्थिक और प्रशासनिक केंद्रों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि दमन को पहली बार राजधानी से सीधा हवाई संपर्क मिलने से यहां के नागरिकों, व्यापारियों और पर्यटकों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

    नई उड़ान सेवा शुरू होने के बाद दमन और दिल्ली के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा। सड़क मार्ग से जहां यह सफर पहले लगभग आठ से दस घंटे में पूरा होता था, वहीं अब हवाई यात्रा के माध्यम से यह दूरी करीब ढाई घंटे में तय की जा सकेगी। इससे समय की बचत के साथ व्यावसायिक यात्राएं भी अधिक सुविधाजनक होंगी और क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है।

    दमन का नमो एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित दोहरे उपयोग वाला हवाई अड्डा है, जिसे भारतीय तटरक्षक बल के एयर स्टेशन परिसर में विकसित किया गया है। लगभग 25 एकड़ क्षेत्र में निर्मित इस एयरपोर्ट का आधुनिक टर्मिनल प्रतिदिन कई एटीआर विमानों के संचालन में सक्षम है। इसकी वार्षिक यात्री क्षमता लगभग 3.67 लाख यात्रियों की रखी गई है, जिससे भविष्य में बढ़ती हवाई मांग को भी आसानी से पूरा किया जा सकेगा।

    सरकार का मानना है कि दमन, दीव, दादरा और नगर हवेली औद्योगिक दृष्टि से तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्र हैं। यहां हजारों उद्योग संचालित हो रहे हैं, जबकि आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में कारोबारी गतिविधियां जुड़ी हुई हैं। बेहतर हवाई संपर्क उपलब्ध होने से निवेशकों, उद्योगपतियों और उद्यमियों की आवाजाही आसान होगी, जिससे नए निवेश, औद्योगिक विस्तार और रोजगार के अवसरों में वृद्धि होने की उम्मीद है।

    पर्यटन के क्षेत्र में भी इस नई सेवा को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समुद्री तटों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध दमन हर वर्ष लाखों पर्यटकों को आकर्षित करता है। अब दिल्ली से सीधी हवाई सेवा उपलब्ध होने के बाद पर्यटकों की संख्या में और बढ़ोतरी की संभावना है, जिसका सीधा लाभ स्थानीय होटल, परिवहन, रेस्तरां और अन्य पर्यटन आधारित व्यवसायों को मिलेगा।

    केंद्र सरकार भविष्य में नमो एयरपोर्ट के रनवे का विस्तार करने की योजना पर भी काम कर रही है ताकि यहां से बड़े यात्री विमानों का संचालन संभव हो सके। इसके बाद मुंबई, सूरत, अहमदाबाद और पटना सहित अन्य प्रमुख शहरों के लिए भी सीधी उड़ानें शुरू करने की तैयारी की जाएगी। साथ ही सरकार ने उड़ान योजना को अगले दस वर्षों के लिए विस्तारित करते हुए देशभर में नए एयरपोर्ट और हेलीपैड विकसित करने का लक्ष्य तय किया है। इससे क्षेत्रीय हवाई संपर्क को और मजबूत करने के साथ देश के छोटे शहरों को राष्ट्रीय विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होने की उम्मीद है।

  • गुजरात में कुपोषण के खिलाफ बड़ा कदम, राज्य के सभी आदिजाति आईसीडीएस ब्लॉकों तक पहुंची दूध संजीवनी योजना..

    गुजरात में कुपोषण के खिलाफ बड़ा कदम, राज्य के सभी आदिजाति आईसीडीएस ब्लॉकों तक पहुंची दूध संजीवनी योजना..


    नई दिल्ली ।
    गुजरात सरकार ने आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में कुपोषण को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए ‘दूध संजीवनी योजना’ का विस्तार राज्य के सभी आदिजाति आईसीडीएस ब्लॉकों तक कर दिया है। इस फैसले के बाद अब प्रदेश के उन सभी क्षेत्रों में भी योजना का लाभ मिलेगा, जहां अब तक इसका संचालन नहीं हो रहा था। सरकार का उद्देश्य बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं तक अधिक पौष्टिक और गुणवत्तापूर्ण पोषण पहुंचाकर कुपोषण की समस्या को प्रभावी ढंग से नियंत्रित करना है।

    महिला एवं बाल विकास विभाग की मंजूरी के बाद शेष 53 आईसीडीएस ब्लॉकों को योजना में शामिल कर लिया गया है। इसके साथ ही पहली बार चयनित जिलों में अधिक फैट वाले फोर्टिफाइड दूध के पायलट प्रोजेक्ट को भी स्वीकृति दी गई है। इस पहल के माध्यम से लाभार्थियों को पहले की तुलना में अधिक पोषणयुक्त दूध उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे बच्चों के शारीरिक विकास और माताओं के स्वास्थ्य को बेहतर बनाने में सहायता मिलने की उम्मीद है।

    दूध संजीवनी योजना की शुरुआत वर्ष 2009 में सीमित स्तर पर छह आदिजाति जिलों में की गई थी। योजना के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं को 200 मिलीलीटर फोर्टिफाइड फ्लेवर्ड दूध उपलब्ध कराया जाता है। योजना के सकारात्मक परिणाम सामने आने के बाद इसका दायरा लगातार बढ़ाया गया और कुछ वर्षों के भीतर इसे राज्य के कई अन्य आदिवासी बहुल जिलों तक विस्तारित किया गया।

    योजना के विस्तार के दौरान सहकारी डेयरी संस्थाओं की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। विभिन्न डेयरियों ने फोर्टिफाइड दूध के उत्पादन और आपूर्ति की जिम्मेदारी संभालकर इस व्यवस्था को अधिक प्रभावी और व्यवस्थित बनाया। इससे लाभार्थियों तक नियमित रूप से गुणवत्तापूर्ण दूध पहुंचाने में सुविधा मिली और योजना का संचालन अधिक मजबूत हुआ।

    सरकार ने अब योजना की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए दूध में फैट की मात्रा बढ़ाने का भी निर्णय लिया है। अब तक लाभार्थियों को कम फैट वाला फोर्टिफाइड दूध दिया जाता था, लेकिन पायलट परियोजना के तहत चयनित जिलों में तीन प्रतिशत और साढ़े चार प्रतिशत फैट वाला दूध उपलब्ध कराया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार अधिक फैट वाला दूध बच्चों की ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति, शारीरिक विकास तथा पोषण स्तर को बेहतर बनाने में सहायक साबित हो सकता है।

    योजना के विस्तार और हाई-फैट पायलट प्रोजेक्ट के लिए राज्य सरकार ने अलग-अलग वित्तीय प्रावधान भी किए हैं। पूरा खर्च राज्य सरकार स्वयं वहन करेगी, जिससे योजना के प्रभावी संचालन में किसी प्रकार की वित्तीय बाधा न आए। इसके साथ ही सभी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था, सरकारी खरीद प्रणाली, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण, सोशल ऑडिट और थर्ड पार्टी सत्यापन जैसी व्यवस्थाओं को भी लागू किया जाएगा।

    सरकार का मानना है कि यह पहल केवल दूध वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाली पीढ़ी के बेहतर स्वास्थ्य और पोषण सुरक्षा में दीर्घकालिक निवेश है। योजना का राज्य के सभी आदिजाति आईसीडीएस ब्लॉकों तक विस्तार होने से हजारों नए बच्चे और माताएं इसके दायरे में आएंगे। इससे आदिवासी क्षेत्रों में पोषण संबंधी असमानताओं को कम करने, कुपोषण के खिलाफ अभियान को गति देने और महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य को मजबूत आधार प्रदान करने में महत्वपूर्ण सहायता मिलने की उम्मीद है।

  • आईपीओ से पहले एनएसई पर उठे वैल्यूएशन के सवाल, ब्रोकरेज ने दी बिकवाली की सलाह; घटते ट्रेडिंग वॉल्यूम और मार्केट शेयर को बताया सबसे बड़ी चिंता

    आईपीओ से पहले एनएसई पर उठे वैल्यूएशन के सवाल, ब्रोकरेज ने दी बिकवाली की सलाह; घटते ट्रेडिंग वॉल्यूम और मार्केट शेयर को बताया सबसे बड़ी चिंता

    नई दिल्ली । देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के प्रस्तावित आईपीओ से पहले बाजार में इसकी वैल्यूएशन को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है। एक प्रमुख ब्रोकरेज फर्म ने एनएसई की कवरेज शुरू करते हुए निवेशकों को बिकवाली की सलाह दी है। आमतौर पर किसी कंपनी के आईपीओ से पहले इस तरह की राय कम ही देखने को मिलती है, इसलिए यह रिपोर्ट निवेशकों और बाजार विशेषज्ञों के बीच विशेष चर्चा का विषय बन गई है। रिपोर्ट में कहा गया है कि एक्सचेंज के ट्रेडिंग वॉल्यूम में लगातार आ रही गिरावट और बाजार हिस्सेदारी में कमी भविष्य की ग्रोथ पर दबाव डाल सकती है।

    ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि एनएसई की मौजूदा अनलिस्टेड मार्केट वैल्यू उसके वित्तीय प्रदर्शन की तुलना में अधिक दिखाई देती है। इसी आधार पर कंपनी के लिए 1,550 रुपये का लक्ष्य मूल्य निर्धारित किया गया है, जो अनलिस्टेड बाजार में प्रचलित करीब 2,085 रुपये के मूल्य से लगभग 26 प्रतिशत कम है। फर्म का कहना है कि मौजूदा स्तर पर निवेशकों को भविष्य में अपेक्षित रिटर्न सीमित मिल सकता है।

    रिपोर्ट के अनुसार, हाल के वर्षों में एनएसई के परिचालन प्रदर्शन में कुछ महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिले हैं। कंपनी की कुल परिचालन आय में वर्ष-दर-वर्ष गिरावट दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि कारोबार की रफ्तार पहले की तुलना में कुछ धीमी हुई है। विशेष रूप से इक्विटी डेरिवेटिव्स से जुड़े कारोबार में ट्रेडिंग वॉल्यूम कम होने का असर कंपनी की कमाई पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। इससे एक्सचेंज के बाजार हिस्से पर भी दबाव बढ़ा है।

    एनएसई की आय का सबसे बड़ा स्रोत ट्रांजैक्शन चार्जेज माना जाता है। उपलब्ध वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, इस मद से प्राप्त होने वाली आय में भी पिछले वित्त वर्ष की तुलना में कमी दर्ज की गई है। इसके अलावा क्लियरिंग और सेटलमेंट सेवाओं से होने वाली कमाई में भी गिरावट देखने को मिली है। इन दोनों प्रमुख आय स्रोतों में कमी आने से कंपनी के कुल राजस्व पर प्रभाव पड़ा है, जिसे बाजार विशेषज्ञ भविष्य की चुनौती के रूप में देख रहे हैं।

    वित्तीय वर्ष 2026 के दौरान कंपनी की कुल परिचालन आय पिछले वित्त वर्ष की तुलना में तीन प्रतिशत से अधिक कम रही। वहीं ट्रांजैक्शन चार्जेज से प्राप्त आय में लगभग चार प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। विश्लेषकों का मानना है कि यदि ट्रेडिंग गतिविधियों में तेजी नहीं आती और बाजार हिस्सेदारी में सुधार नहीं होता, तो भविष्य में कंपनी के लिए उच्च वैल्यूएशन को बनाए रखना आसान नहीं होगा।

    हालांकि एनएसई भारतीय पूंजी बाजार का सबसे बड़ा और महत्वपूर्ण एक्सचेंज बना हुआ है तथा निवेशकों के बीच उसकी मजबूत पहचान है, लेकिन किसी भी कंपनी की दीर्घकालिक वैल्यू उसके वित्तीय प्रदर्शन और कारोबार की वृद्धि पर निर्भर करती है। इसी कारण विशेषज्ञ निवेशकों को आईपीओ से पहले कंपनी के वित्तीय आंकड़ों, आय के स्रोतों, भविष्य की विकास संभावनाओं और वैल्यूएशन का संतुलित आकलन करने की सलाह दे रहे हैं।

    आने वाले समय में एनएसई का आईपीओ भारतीय पूंजी बाजार की सबसे चर्चित सार्वजनिक पेशकशों में शामिल हो सकता है। ऐसे में निवेशकों की नजर कंपनी के आगामी वित्तीय प्रदर्शन, नियामकीय प्रक्रियाओं और बाजार की प्रतिक्रिया पर बनी रहेगी। यदि कंपनी अपने कारोबार की गति बढ़ाने और आय के प्रमुख स्रोतों को मजबूत करने में सफल रहती है, तो भविष्य में निवेशकों का भरोसा और अधिक मजबूत हो सकता है। फिलहाल ब्रोकरेज की इस रिपोर्ट ने एनएसई के आईपीओ से पहले वैल्यूएशन और ग्रोथ को लेकर नई बहस जरूर छेड़ दी है।

  • विराट कोहली ने कार्डिफ में बल्ले से मचाई धूम, 65 रन की शानदार पारी के साथ तोड़े कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड, भारत को भी दिलाई बड़ी उपलब्धि

    विराट कोहली ने कार्डिफ में बल्ले से मचाई धूम, 65 रन की शानदार पारी के साथ तोड़े कई ऐतिहासिक रिकॉर्ड, भारत को भी दिलाई बड़ी उपलब्धि

    नई दिल्ली । इंग्लैंड के खिलाफ कार्डिफ में खेले गए दूसरे वनडे मुकाबले में भारतीय बल्लेबाज विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए 66 गेंदों में 65 रन बनाए। उनकी इस पारी में आठ चौके शामिल रहे। हालांकि वह शतक तक नहीं पहुंच सके, लेकिन उनकी यह अर्धशतकीय पारी कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम करने के लिए पर्याप्त साबित हुई। लंबे समय बाद लय में दिखे कोहली ने एक बार फिर साबित किया कि सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनका अनुभव और निरंतरता आज भी भारतीय टीम की सबसे बड़ी ताकत है।

    कार्डिफ का मैदान विराट कोहली के लिए पहले भी खास रहा है और इस बार भी उन्होंने यहां यादगार प्रदर्शन किया। अपनी इस पारी के दौरान उन्होंने इंग्लैंड की धरती पर सबसे ज्यादा अंतरराष्ट्रीय रन बनाने वाले भारतीय बल्लेबाज बनने का गौरव हासिल किया। उन्होंने इस मामले में राहुल द्रविड़ का रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिया। इंग्लैंड में वर्ष 2011 से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट खेल रहे कोहली अब तीनों प्रारूपों को मिलाकर यहां सबसे अधिक रन बनाने वाले भारतीय खिलाड़ी बन चुके हैं।

    इस मुकाबले में बनाया गया अर्धशतक इंग्लैंड में विराट कोहली का 19वां अर्धशतक रहा। इसके साथ ही वह इंग्लैंड में सबसे ज्यादा अर्धशतक लगाने वाले विदेशी बल्लेबाज भी बन गए। उन्होंने इस उपलब्धि के साथ ऑस्ट्रेलिया के अनुभवी बल्लेबाज स्टीव स्मिथ को पीछे छोड़ दिया। कोहली के नाम इंग्लैंड में अब तीन शतक और 19 अर्धशतक दर्ज हैं, जो उनकी निरंतरता और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाते हैं।

    मैच के दौरान विराट कोहली ने कप्तान रोहित शर्मा के साथ एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की। दोनों खिलाड़ियों ने दूसरे विकेट के लिए उपयोगी साझेदारी करते हुए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के तीनों प्रारूपों में भारत के लिए 8000 से अधिक रनों की साझेदारी पूरी कर ली। इस उपलब्धि के साथ रोहित और विराट की जोड़ी भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे सफल साझेदारियों में शामिल हो गई। उन्होंने इस मामले में सौरव गांगुली और राहुल द्रविड़ की प्रसिद्ध जोड़ी को पीछे छोड़ते हुए नया स्थान हासिल किया।

    विराट कोहली का यह प्रदर्शन ऐसे समय आया है जब पिछले मुकाबले में वह बड़ी पारी खेलने में सफल नहीं हो सके थे। पहले वनडे में वह केवल पांच रन बनाकर आउट हो गए थे, जिसके बाद उनकी फॉर्म को लेकर चर्चा शुरू हो गई थी। कार्डिफ में खेली गई यह संयमित और जिम्मेदार पारी उन सभी सवालों का जवाब मानी जा रही है। उन्होंने शुरुआत में धैर्य दिखाया और बाद में मौके मिलने पर आकर्षक स्ट्रोक्स भी लगाए।

    वनडे क्रिकेट में विराट कोहली का रिकॉर्ड पहले से ही बेहद शानदार रहा है। वह इस प्रारूप में सर्वाधिक शतक लगाने वाले बल्लेबाज हैं और सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ियों की सूची में भी शीर्ष स्थानों पर बने हुए हैं। कार्डिफ में खेली गई यह पारी उनके करियर की एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि बन गई, जिसने साबित किया कि बड़े मुकाबलों और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनका अनुभव टीम के लिए कितना अहम है। भारतीय टीम को भी इस प्रदर्शन से आगे की श्रृंखला के लिए आत्मविश्वास मिला है और उम्मीद रहेगी कि विराट आगामी मुकाबलों में भी इसी तरह की निरंतरता बनाए रखेंगे।

  • भारतीय नौसेना को मिली नई सामरिक ताकत, एक और MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टर हुआ शामिल; भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग पहुंचा नए स्तर पर

    भारतीय नौसेना को मिली नई सामरिक ताकत, एक और MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टर हुआ शामिल; भारत-अमेरिका रक्षा सहयोग पहुंचा नए स्तर पर

    नई दिल्ली । भारतीय नौसेना की परिचालन क्षमता को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उसके बेड़े में एक और अत्याधुनिक MH-60R सीहॉक नौसैनिक हेलीकॉप्टर शामिल किया गया है। इस नई डिलीवरी के साथ भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग को नई गति मिली है। आधुनिक तकनीक से लैस यह हेलीकॉप्टर समुद्री सुरक्षा, पनडुब्बी रोधी अभियानों और निगरानी क्षमताओं को पहले से अधिक प्रभावी बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

    भारत अपनी समुद्री सीमाओं की सुरक्षा और हिंद महासागर क्षेत्र में रणनीतिक उपस्थिति को लगातार मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है। इसी उद्देश्य से अमेरिका से 24 MH-60R सीहॉक हेलीकॉप्टरों की खरीद का समझौता किया गया था। इन हेलीकॉप्टरों की चरणबद्ध तरीके से आपूर्ति की जा रही है और नई खेप के शामिल होने से भारतीय नौसेना की युद्धक तैयारियों को अतिरिक्त मजबूती मिलेगी।

    यह हेलीकॉप्टर अत्याधुनिक मल्टी-रोल नौसैनिक प्लेटफॉर्म के रूप में जाना जाता है। इसे विशेष रूप से पनडुब्बियों का पता लगाने, समुद्री निगरानी, खोज एवं बचाव अभियान, विशेष नौसैनिक ऑपरेशन और युद्धकालीन मिशनों के लिए विकसित किया गया है। आधुनिक रडार, सोनार, इलेक्ट्रॉनिक सेंसर और उन्नत हथियार प्रणालियों से लैस होने के कारण यह समुद्र में लंबी दूरी तक प्रभावी निगरानी और त्वरित कार्रवाई करने में सक्षम है।

    भारतीय नौसेना इन हेलीकॉप्टरों को अपने युद्धपोतों पर तैनात करेगी, जिससे समुद्र में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक मजबूत होगी। विशेष रूप से हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ती सामरिक चुनौतियों और समुद्री गतिविधियों के बीच यह क्षमता भारत के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। आधुनिक तकनीक से लैस यह प्लेटफॉर्म समुद्री सीमाओं की निगरानी के साथ-साथ संभावित खतरों की समय रहते पहचान करने में भी सहायक होगा।

    भारत और अमेरिका के बीच रक्षा क्षेत्र में सहयोग पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुआ है। दोनों देश रक्षा तकनीक, संयुक्त अभ्यास, सैन्य उपकरणों की आपूर्ति और रणनीतिक साझेदारी के विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग बढ़ा रहे हैं। नवीनतम हेलीकॉप्टर की डिलीवरी को इसी व्यापक रक्षा सहयोग का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। यह साझेदारी केवल सैन्य क्षमता तक सीमित नहीं है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में स्थिरता और समुद्री सुरक्षा को बढ़ावा देने के साझा उद्देश्य को भी दर्शाती है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते वैश्विक और क्षेत्रीय सुरक्षा परिदृश्य में भारतीय नौसेना के लिए आधुनिक नौसैनिक हेलीकॉप्टरों की उपलब्धता अत्यंत महत्वपूर्ण है। समुद्री मार्गों की सुरक्षा, पनडुब्बियों की निगरानी और बहुआयामी नौसैनिक अभियानों के दौरान ऐसे प्लेटफॉर्म निर्णायक भूमिका निभाते हैं। इससे भारतीय नौसेना की त्वरित प्रतिक्रिया क्षमता और दूरदराज समुद्री क्षेत्रों में संचालन की दक्षता भी बढ़ेगी।

    आने वाले समय में शेष हेलीकॉप्टरों की आपूर्ति पूरी होने के बाद भारतीय नौसेना की समुद्री युद्ध क्षमता में और व्यापक विस्तार होने की उम्मीद है। अत्याधुनिक तकनीक से लैस इन प्लेटफॉर्मों के शामिल होने से भारत की समुद्री सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसकी रणनीतिक उपस्थिति को भी नई मजबूती मिलेगी। रक्षा विशेषज्ञ इसे भारत की दीर्घकालिक समुद्री सुरक्षा रणनीति और आधुनिक सैन्य आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रहे हैं।

  • राहु और सूर्य के अशुभ संयोग से ज्योतिष जगत में मची खलबली, करियर, सेहत और धन के मोर्चे पर इन जातकों को बरतनी होगी विशेष सावधानी

    राहु और सूर्य के अशुभ संयोग से ज्योतिष जगत में मची खलबली, करियर, सेहत और धन के मोर्चे पर इन जातकों को बरतनी होगी विशेष सावधानी

    नई दिल्ली । ज्योतिष शास्त्र में ग्रहों के राजा सूर्य देव का राशि परिवर्तन एक अत्यंत महत्वपूर्ण और व्यापक प्रभाव डालने वाली खगोलीय घटना मानी जाती है। सूर्य देव मिथुन राशि से अपनी यात्रा पूरी कर अपने मित्र ग्रह चंद्रमा की स्वामित्व वाली राशि कर्क में प्रवेश कर चुके हैं। सूर्य का यह गोचर जहां सामान्य रूप से मौसम और व्यवस्था में बदलाव लाता है, वहीं इस बार ब्रह्मांड में एक बेहद अशुभ, तनावपूर्ण और चुनौतीपूर्ण योग का निर्माण भी कर रहा है। कर्क राशि में सूर्य के आते ही कुंभ राशि में पहले से गोचर कर रहे मायावी ग्रह राहु के साथ उनका षडाष्टक संबंध सक्रिय हो गया है। ज्योतिषीय गणनाओं में षडाष्टक योग को अत्यंत विनाशकारी, मानसिक अशांति बढ़ाने वाला और आकस्मिक दुर्घटनाओं को आमंत्रण देने वाला माना जाता है। इसके साथ ही सूर्य-केतु का द्विद्वादश योग और गुरु-सूर्य की युति भी प्रभावी हो गई है, जिससे वृषभ सहित चार राशियों को अगले एक महीने तक कदम-कदम पर सतर्क रहने की आवश्यकता है।

    इस अशुभ ग्रहीय दशा के कारण वृषभ राशि के जातकों के लिए आगामी एक महीने का समय काफी उतार-चढ़ाव से भरा रहने वाला है। विशेष रूप से नौकरीपेशा लोगों को अपने कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों और उच्च अधिकारियों के साथ बातचीत करते समय अपनी वाणी पर कड़ा संयम रखना होगा। वैचारिक मतभेद बढ़ने से बने-बनाए काम बिगड़ने की आशंका है। इसके अतिरिक्त, इस अवधि में किसी भी प्रकार के बड़े वित्तीय लेन-देन या नए निवेश से पूरी तरह बचना ही समझदारी होगी।

    मिथुन राशि के जातकों के लिए सूर्य का यह गोचर उनके द्वितीय भाव में हो रहा है, जहां राहु से षडाष्टक संबंध बनने के कारण सबसे ज्यादा असर उनके स्वास्थ्य पर देखने को मिल सकता है। इस दौरान मुख्य रूप से आंखों और पेट से संबंधित पुरानी बीमारियां दोबारा उभर सकती हैं। आर्थिक मोर्चे पर भी अचानक किसी अप्रत्याशित और बड़े खर्च के सामने आने से घरेलू बजट पूरी तरह से डगमगा सकता है। इस राशि के लोगों को अपने गुप्त शत्रुओं और विरोधियों की गतिविधियों पर भी पैनी नजर रखनी होगी।

    तुला राशि के जातकों के लिए यह गोचर उनके कार्यस्थल पर अत्यधिक काम का दबाव और मानसिक तनाव लेकर आ रहा है। पेशेवर मोर्चे पर ऐसी स्थितियां बन सकती हैं जहां आपकी कड़ी मेहनत का श्रेय किसी अन्य सहकर्मी को मिल जाए। ज्योतिषाचार्यों की सलाह है कि इस एक महीने के दौरान किसी भी प्रकार का जोखिम न लें और वर्तमान नौकरी बदलने का विचार पूरी तरह त्याग दें। पारिवारिक जीवन में भी जीवनसाथी के साथ वैचारिक तालमेल की कमी के कारण छोटी-छोटी बातों पर गृह क्लेश की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

    कुंभ राशि के जातकों पर इस योग का सबसे गहरा और सीधा प्रभाव पड़ने की संभावना है, क्योंकि राहु वर्तमान में इसी राशि में विराजमान हैं। सूर्य और राहु के आमने-सामने आने से जातक के भीतर एक अनजाना डर, मानसिक भ्रम और अनिर्णय की स्थिति बनी रहेगी। इस अवधि में किसी भी प्रकार की अनावश्यक या लंबी दूरी की यात्राओं से बचना अनिवार्य है। सड़कों पर वाहन चलाते समय शत-प्रतिशत सावधानी बरतनी होगी, क्योंकि इस दौरान चोट अथवा वाहन दुर्घटना के ज्योतिषीय योग प्रबल दिखाई दे रहे हैं। इन नकारात्मक प्रभावों को कम करने के लिए जातकों को नियमित रूप से भगवान शिव का जलाभिषेक करने और सूर्य देव को कुमकुम मिश्रित जल से अर्घ्य देने की सलाह दी गई है।

  • 'मेरा बस चलता तो 5-6 बच्चे पैदा करती', चैरिटी इवेंट में भावुक हुईं गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा

    'मेरा बस चलता तो 5-6 बच्चे पैदा करती', चैरिटी इवेंट में भावुक हुईं गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा

    नई दिल्ली । हिंदी सिनेमा के दिग्गज अभिनेता और ‘हीरो नंबर 1’ गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा इन दिनों मनोरंजन जगत और सोशल मीडिया पर लगातार अपनी बेबाक बयानबाजी को लेकर सुर्खियों में बनी हुई हैं। बैक-टू-बैक रियलिटी शोज और एकता कपूर की आगामी फिल्म में अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराने के बाद सुनीता की लोकप्रियता में भारी इजाफा देखा जा रहा है। हाल ही में रियलिटी शो ‘लॉकअप’ से बाहर आने के बाद वे गुरुवार को माइंड कोच सारा अरफीन खान की फाउंडेशन द्वारा आयोजित एक विशेष चैरिटी इवेंट में शामिल होने पहुंचीं, जहां मीडिया कर्मियों से बातचीत के दौरान उन्होंने अपनी व्यक्तिगत इच्छाओं और पारिवारिक प्राथमिकताओं पर खुलकर बात की।

    यह चैरिटी इवेंट सुनीता आहूजा के लिए बेहद खास और भावनात्मक रहा, क्योंकि 16 जुलाई को ही उनकी बेटी टीना का भी जन्मदिन है। इस खास मौके पर गरीब बच्चों के बीच समय बिताने और उन्हें दान देने को लेकर सुनीता ने अपनी गहरी खुशी जाहिर की। उन्होंने इस नेक काम के लिए मुख्य आयोजक सारा अरफीन खान का आभार व्यक्त किया। इवेंट के दौरान सुनीता और सारा ने जरूरतमंद बच्चों को मानसून के मौसम को देखते हुए रेनकोट और छाते वितरित किए। इस दौरान बच्चों ने भी सुनीता पर भरपूर प्यार लुटाया और पैपराजी ने इस पूरे दृश्य को अपने कैमरों में कैद किया।

    कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत करते हुए सुनीता आहूजा ने बच्चों के प्रति अपने अत्यधिक लगाव को साझा किया। उन्होंने एक रिपोर्टर के सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें बच्चे बहुत ज्यादा पसंद हैं। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि अगर उनका बस चलता तो वे केवल दो बच्चों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि 5 से 6 बच्चे पैदा करतीं। बच्चों को भगवान का रूप बताते हुए उन्होंने कहा कि बच्चे पूरी तरह से मासूम और पवित्र होते हैं और उनके मन में किसी भी प्रकार का छल-कपट या द्वेष नहीं होता है। इसी बातचीत में उन्होंने मजाकिया लहजे में यह भी कहा कि ‘लॉकअप’ शो के भीतर होने वाली अत्यधिक लड़ाइयों को देख-देखकर उनका डायबिटीज का स्तर भी काफी बढ़ गया है।

    बातचीत के सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए जब एक रिपोर्टर ने उनसे अभिनेता गोविंदा के आगामी चर्चित प्रोजेक्ट ‘रूपा’ को लेकर सवाल पूछा और उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही, तो सुनीता के तेवर अचानक बदल गए। उन्होंने इस विषय पर किसी भी तरह की चर्चा करने से साफ मना कर दिया। सुनीता ने बेहद कड़े शब्दों में कहा कि यह पवित्र चैरिटी इवेंट इस तरह के व्यावसायिक प्रोजेक्ट या ‘रूपा’ के बारे में बात करने के लिए बिल्कुल सही जगह नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर अपनी स्पष्ट चिढ़ और असहमति व्यक्त की।

    सुनीता आहूजा ने वहां मौजूद पैपराजी और मीडिया कर्मियों से सीधे तौर पर अपील करते हुए कहा कि वे केवल उनके और उनके बेटे यशवर्धन की आने वाली फिल्म से जुड़े रचनात्मक पहलुओं पर ही बात करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने काम के अलावा किसी अन्य व्यक्ति या विषय को लेकर कोई डिस्कशन नहीं करना चाहती हैं। अपने बेटे यशवर्धन की तारीफों के पुल बांधते हुए सुनीता ने कहा कि उनका बेटा बेहद संस्कारी है और उसकी परवरिश उन्होंने खुद बहुत अच्छे मूल्यों के साथ की है। उन्होंने विश्वास जताया कि यशवर्धन का काम बेहद शानदार है और वह आने वाले समय में 100 प्रतिशत अपने पिता गोविंदा से भी काफी आगे निकल जाएगा।

  • स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी रण से पहले वायरल हुई 'टाइम ट्रैवलर' की पोस्ट, क्या सच होगी अर्जेंटीना की खिताबी जीत का दावा

    स्पेन और अर्जेंटीना के बीच होने वाले खिताबी रण से पहले वायरल हुई 'टाइम ट्रैवलर' की पोस्ट, क्या सच होगी अर्जेंटीना की खिताबी जीत का दावा

    नई दिल्ली । फुटबॉल जगत के सबसे बड़े महाकुंभ, फीफा वर्ल्ड कप 2026 के फाइनल मुकाबले को लेकर पूरी दुनिया में रोमांच अपने चरम पर पहुंच चुका है। खिताबी भिड़ंत स्पेन और डिफेंडिंग चैंपियन अर्जेंटीना के बीच होनी तय हुई है। इस महामुकाबले से पहले एक अविश्वसनीय और हैरान कर देने वाला वाकया सामने आया है, जिसने खेल प्रेमियों और सोशल मीडिया यूजर्स के होश उड़ा दिए हैं। इंटरनेट पर करीब पांच साल पुराना एक सोशल मीडिया पोस्ट तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें इस बात की सटीक भविष्यवाणी की गई थी कि साल 2026 के विश्व कप फाइनल में कौन सी टीमें पहुंचेंगी और कौन ट्रॉफी उठाएगा।

    इस पूरे कौतूहल की शुरुआत ‘actuallyimthe’ नामक एक एक्स (पूर्व में ट्विटर) हैंडल से हुई है। इस अकाउंट द्वारा 12 जुलाई 2021 को एक पोस्ट साझा की गई थी, जिसमें दावा किया गया था कि साल 2026 के वर्ल्ड कप फाइनल में अर्जेंटीना की टीम स्पेन को 3-2 के कड़े अंतर से हराकर विश्व विजेता बनेगी। जैसे ही दोनों टीमों ने मौजूदा टूर्नामेंट के फाइनल में प्रवेश किया, यह पांच साल पुरानी पोस्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर जंगल में आग की तरह फैल गई। फुटबॉल प्रशंसक इस पोस्ट को देखकर पूरी तरह अचंभित हैं और कई लोग इस अकाउंट संचालक को मजाकिया लहजे में ‘टाइम ट्रैवलर’ की संज्ञा दे रहे हैं।

    सांख्यिकीय और ऐतिहासिक दृष्टिकोण से देखा जाए तो स्पेन और अर्जेंटीना का अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में एक लंबा और गौरवशाली इतिहास रहा है। दोनों देशों के बीच अब तक कुल 14 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले खेले जा चुके हैं। दिलचस्प बात यह है कि इस कड़े मुक़ाबले में दोनों ही टीमों का पलड़ा हमेशा बराबरी पर रहा है, जहां दोनों देशों ने 6-6 बार जीत का स्वाद चखा है, जबकि 2 मैच बराबरी यानी ड्रॉ पर समाप्त हुए हैं। इतने लंबे इतिहास के बावजूद फीफा विश्व कप के मुख्य मंच पर दोनों टीमें केवल एक ही बार, साल 1966 के विश्व कप ग्रुप स्टेज में आमने-सामने आई थीं, जहां अर्जेंटीना ने स्पेन को 2-1 से पराजित किया था। मैदान पर कड़ी प्रतिद्वंद्विता के बाद भी दोनों टीमों के बीच हमेशा गहरा सम्मान देखा जाता है।

    वायरल हो रही इस ऐतिहासिक भविष्यवाणी का पहला और सबसे महत्वपूर्ण आधा हिस्सा पूरी तरह सच साबित हो चुका है, जिसने दोनों टीमों को फाइनल के मुहाने पर ला खड़ा किया है। टूर्नामेंट के पहले सेमीफाइनल मुकाबले में स्पेन ने मजबूत मानी जा रही फ्रांस की टीम को 2-0 के एकतरफा अंतर से मात देकर बेहद शान से फाइनल का टिकट कटाया था। मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते के मार्गदर्शन में स्पेनिश टीम पूरे टूर्नामेंट के दौरान अपने सिग्नेचर पासिंग गेम, आक्रामक रणनीति और अभेद्य डिफेंस के दम पर अब तक पूरी तरह अजेय और बेहद खतरनाक नजर आई है।

    दूसरी तरफ, दूसरे सेमीफाइनल मुकाबले में अर्जेंटीना ने भी चमत्कारी प्रदर्शन करते हुए खिताबी मुकाबले में जगह बनाई है। इंग्लैंड के खिलाफ मैच के शुरुआती मिनटों में ही एक गोल से पिछड़ने के बाद अर्जेंटीना ने जबरदस्त जुझारूपन दिखाया। कप्तान लियोनेल मेसी के दो जादुई असिस्ट और स्टार स्ट्राइकर लाउतारो मार्टिनेज के निर्णायक विनिंग गोल की बदौलत अर्जेंटीना ने इंग्लैंड को 2-1 से धूल चटाकर फाइनल में प्रवेश किया। इस रविवार को होने वाले महामुकाबले में अर्जेंटीना के पास इस 5 साल पुरानी भविष्यवाणी को सच साबित करने का सुनहरा मौका होगा। यदि अर्जेंटीना यह फाइनल मुकाबला जीतने में सफल रहती है, तो वह लगातार दूसरा वर्ल्ड कप खिताब अपने नाम कर इतिहास रच देगी। पुरुष फुटबॉल के इतिहास में साल 1962 में ब्राजील के बाद से आज तक कोई भी टीम अपने विश्व कप खिताब का सफलतापूर्वक बचाव नहीं कर पाई है।

  • ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर आदित्य धर की 'धुरंधर' का जबरदस्त दबदबा, प्रभास की फ्लॉप फिल्म 'द राजा साब' को भी दर्शकों ने सिर-आंखों पर बिठाया

    ओटीटी प्लेटफॉर्म्स पर आदित्य धर की 'धुरंधर' का जबरदस्त दबदबा, प्रभास की फ्लॉप फिल्म 'द राजा साब' को भी दर्शकों ने सिर-आंखों पर बिठाया


    नई दिल्ली ।
    देश के डिजिटल मनोरंजन जगत में दर्शकों की पसंद और व्यूअरशिप के आंकड़ों को लेकर एक बेहद महत्वपूर्ण और आधिकारिक रिपोर्ट सामने आई है। साल 2026 के शुरुआती छह महीनों के भीतर ओटीटी (ओवर द टॉप) प्लेटफॉर्म्स पर रिलीज हुई तमाम फिल्मों, वेब सीरीज और रियलिटी शोज का पूरा हिसाब-किताब लेकर प्रसिद्ध मीडिया कंसल्टिंग फर्म ओरमैक्स मीडिया ने अपनी ताजा रिपोर्ट जारी कर दी है। इस अर्धवार्षिक रिपोर्ट के आंकड़ों ने साफ कर दिया है कि इंटरनेट और डिजिटल स्क्रीन पर इस वक्त किस कंटेंट का दबदबा है। रिपोर्ट के अनुसार, मशहूर कॉमेडियन समय रैना के रियलिटी शो ने व्यूअरशिप के सारे पुराने रिकॉर्ड ध्वस्त करते हुए सूची में पहला स्थान हासिल किया है, जबकि अभिनेता रणवीर सिंह अभिनीत फिल्म ने भी डिजिटल बाजार में अपनी मजबूत धाक जमाई है।

    जारी किए गए आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, समय रैना के बेहद चर्चित शो ‘इंडियाज गॉट लेटेंट 2’ ने रिलीज होते ही इंटरनेट और सोशल मीडिया पर एक अभूतपूर्व तहलका मचाया है। इस शो को भारत में रिकॉर्ड तोड़ 38.5 मिलियन (करीब 3.85 करोड़) व्यूज मिले हैं, जिसके साथ यह साल 2026 का अब तक का सबसे बड़ा और सफल हिट शो बनकर उभरा है। समय रैना की लोकप्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनका एक और स्टैंड-अप स्पेशल शो ‘स्टिल अलाइव’ भी 13.1 मिलियन व्यूज बटोरने में कामयाब रहा और उसने शीर्ष 50 की सूची में 15वां स्थान अपने नाम किया। एक ही समय में दो अलग-अलग शोज का शीर्ष श्रेणियों में बने रहना डिजिटल स्पेस में उनके बढ़ते प्रभाव को दर्शाता है।

    इस सूची में दूसरा सबसे बड़ा नाम निर्देशक आदित्य धर की महत्वाकांक्षी एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘धुरंधर’ का है, जिसमें रणवीर सिंह मुख्य भूमिका में नजर आए हैं। सिनेमाघरों में शानदार प्रदर्शन और बॉक्स ऑफिस पर गदर मचाने के बाद इस फिल्म ने ओटीटी प्लेटफॉर्म नेटफ्लिक्स पर भी अपनी सफलता के झंडे गाड़े हैं। यह फिल्म 35.2 मिलियन व्यूज के साथ सूची में चौथे स्थान पर रही, जबकि इसके तुरंत बाद रिलीज हुए दूसरे भाग यानी ‘धुरंधर: द रिवेंज’ को भी भारतीय दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। इस सीक्वल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 27.8 मिलियन व्यूज हासिल किए और टॉप 10 शोज की सूची में छठा स्थान अपने नाम करने में सफलता पाई।

    ओरमैक्स की इस रिपोर्ट से एक बेहद दिलचस्प और चौंकाने वाला ट्रेंड भी सामने आया है, जिसमें देखा गया कि कुछ फिल्में बड़े पर्दे पर फ्लॉप होने के बावजूद ओटीटी पर सुपरहिट साबित हुईं। इसका सबसे बड़ा उदाहरण दक्षिण भारतीय सुपरस्टार प्रभास की हॉरर-कॉमेडी फिल्म ‘द राजा साब’ है। यह फिल्म सिनेमाघरों के बॉक्स ऑफिस पर भले ही कोई विशेष कमाल दिखाने में पूरी तरह सुस्त और असफल रही हो, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर आते ही दर्शकों ने इसे हाथों-हाथ लिया और 17.5 मिलियन व्यूज के साथ यह शीर्ष 10 में 9वें पायदान पर जगह बनाने में कामयाब रही। इसके अलावा गंभीर विषयों और बेहतरीन अभिनय से सजी नसीरुद्दीन शाह और जिम सरभ की नई ड्रामा सीरीज ‘मेड इन इंडिया: ए टाइटन स्टोरी’ को भी समीक्षकों की तारीफों के साथ-साथ 17.8 मिलियन दर्शकों का मजबूत साथ मिला।

    इस व्यापक सर्वेक्षण सूची में कंटेंट आधारित और मनोरंजन से भरपूर कई अन्य शोज को भी शामिल किया गया है, जिसमें जियोहॉटस्टार की मौलिक सीरीज ‘चिरैया’ को 16.3 मिलियन व्यूज और जाने-माने फिल्म निर्माता नीरज पांडे की खोजी सीरीज ‘तस्करी: द स्मगलर्स वेब’ को 14.2 मिलियन व्यूज के साथ सराहा गया है। लोकप्रिय टेलीविजन और डिजिटल शो ‘लाफ्टर शेफ्स सीजन 3’ ने भी 14.1 मिलियन व्यूज लेकर 12वां स्थान पाया है। ओरमैक्स मीडिया ने स्पष्ट किया है कि यह राष्ट्रीय रिपोर्ट पूरे देश के विभिन्न हिस्सों से साप्ताहिक आधार पर 3,000 से अधिक सक्रिय ओटीटी उपभोक्ताओं के गहन सर्वेक्षण और वैज्ञानिक डेटा विश्लेषण के बाद तैयार की गई है, जिसमें कम से कम 30 मिनट तक देखे गए कंटेंट को ही मुख्य मानक माना गया है।