Author: bharati

  • आम आदमी की जेब पर बढ़ा बोझ, CNG के दामों में फिर 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी

    आम आदमी की जेब पर बढ़ा बोझ, CNG के दामों में फिर 2 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी

    नई दिल्ली । महंगाई के लगातार बढ़ते दौर के बीच आम लोगों को एक और झटका लगा है। सीएनजी की कीमतों में फिर बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद राजधानी दिल्ली में अब सीएनजी की नई दर 83 रुपये 9 पैसे प्रति किलो हो गई है। ताजा संशोधन के अनुसार प्रति किलो 2 रुपये का इजाफा किया गया है। लगातार बढ़ती कीमतों ने निजी वाहन चालकों से लेकर सार्वजनिक परिवहन और व्यावसायिक वाहनों पर निर्भर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खास बात यह है कि बीते 12 दिनों के भीतर यह तीसरी बड़ी वृद्धि मानी जा रही है और इस दौरान कुल 6 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

    लगातार बढ़ती कीमतों से बढ़ी चिंता

    सीएनजी को लंबे समय से पेट्रोल और डीजल के मुकाबले सस्ता और बेहतर विकल्प माना जाता रहा है। यही कारण है कि बड़ी संख्या में लोग निजी कारों, टैक्सी सेवाओं और सार्वजनिक वाहनों में सीएनजी का इस्तेमाल कर रहे हैं। हालांकि हाल के दिनों में इसकी कीमतों में लगातार वृद्धि ने इस विकल्प की आर्थिक उपयोगिता पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। आम उपभोक्ताओं का मानना है कि बार-बार बढ़ रही कीमतें सीधे उनके मासिक खर्च को प्रभावित कर रही हैं।

    दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में बड़ी संख्या में ऑटो, टैक्सी और सार्वजनिक वाहन सीएनजी आधारित हैं। ऐसे में दाम बढ़ने का असर केवल निजी वाहन उपयोगकर्ताओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि परिवहन सेवाओं की लागत भी बढ़ सकती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि कीमतों में इसी तरह वृद्धि जारी रही तो इसका असर किराया दरों पर भी दिखाई दे सकता है।

    परिवहन क्षेत्र पर बढ़ सकता है असर

    सीएनजी दरों में वृद्धि का सीधा प्रभाव माल ढुलाई और दैनिक परिवहन व्यवस्था पर पड़ सकता है। परिवहन से जुड़े कारोबारियों का मानना है कि परिचालन लागत बढ़ने से भविष्य में किराये और सेवाओं के खर्च में बदलाव संभव है। सार्वजनिक परिवहन से जुड़े छोटे ऑपरेटरों के लिए लगातार बढ़ती ईंधन कीमतें चिंता का विषय बनती जा रही हैं।

    शहरी इलाकों में बड़ी संख्या में लोग रोजमर्रा के सफर के लिए सीएनजी वाहनों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में बढ़ती कीमतें उनके मासिक बजट पर भी असर डाल सकती हैं। बीते कुछ वर्षों में सीएनजी को अपेक्षाकृत किफायती विकल्प माना गया था, लेकिन लगातार मूल्य वृद्धि से उपभोक्ताओं की उम्मीदों को झटका लगा है।

    आम आदमी के बजट पर बढ़ेगा दबाव

    विशेषज्ञों का कहना है कि ईंधन की कीमतों में बदलाव का असर केवल वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहता बल्कि इसका प्रभाव कई अन्य क्षेत्रों तक पहुंचता है। परिवहन लागत बढ़ने से वस्तुओं की आपूर्ति और सेवा क्षेत्र पर भी दबाव बन सकता है। ऐसे में लगातार बढ़ती कीमतें महंगाई के व्यापक प्रभाव को और तेज कर सकती हैं। फिलहाल लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में कीमतों में स्थिरता आती है या फिर बढ़ोतरी का सिलसिला जारी रहता है।

  • ट्विशा केस की जांच तेज: CBI की दबिश, बेल्ट-फंदे को FSL भेजा गया, आज कोर्ट में अहम सुनवाई

    ट्विशा केस की जांच तेज: CBI की दबिश, बेल्ट-फंदे को FSL भेजा गया, आज कोर्ट में अहम सुनवाई


    नई दिल्ली । एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा मौत मामले ने अब कानूनी और जांच दोनों स्तरों पर गंभीर मोड़ ले लिया है। मामले में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने को लेकर आज भोपाल जिला अदालत में अहम सुनवाई होनी है। इस सुनवाई पर पूरे केस की दिशा काफी हद तक निर्भर मानी जा रही है।

    ट्विशा के परिवार की ओर से अधिवक्ता अंकुर पांडे ने कोर्ट में आवेदन देकर CDR सुरक्षित रखने की मांग की है, जबकि आरोपी पक्ष की ओर से सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का आवेदन दायर किया गया है। दोनों पक्षों की दलीलों पर मंगलवार को सुनवाई प्रस्तावित है, जिसमें कोर्ट रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों को संरक्षित करने को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी कर सकता है।

    इस बीच, सीबीआई ने मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए सोमवार को कटारा हिल्स थाने में दर्ज एफआईआर को री-रजिस्टर कर दिया है। अब इस केस में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और सास, रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। सीबीआई ने अपनी जांच में दहेज के रूप में 20 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग के आरोपों को आधार बनाया है।

    सोमवार देर शाम सीबीआई की टीम भोपाल पहुंची और जांच को तेज कर दिया। एजेंसी ने गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह के खिलाफ पूछताछ शुरू की और कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर जानकारी जुटाई। इसी दौरान SIT की टीम ने भी समर्थ सिंह के घर पहुंचकर करीब ढाई घंटे तक पूछताछ की और स्पॉट वेरिफिकेशन कराया।

    जांच के दौरान समर्थ सिंह ने पुलिस को बताया कि ट्विशा गर्भपात के बाद मानसिक तनाव में थी। हालांकि, परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों के मुताबिक, मामले को प्रभावित करने की कोशिश की गई और साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई गई है।

    इसी बीच, एक अहम विवाद उस बेल्ट को लेकर भी सामने आया है, जिसे कथित तौर पर फांसी लगाने में इस्तेमाल किया गया था। डीसीपी विकास कुमार शहवाल ने स्पष्ट किया कि जिमनास्टिक बेल्ट को पहले ही 7 दिन पूर्व सागर FSL लैब भेजा जा चुका है और उसकी जांच प्रक्रिया जारी है।

    मामले में यह भी सामने आया है कि पुलिस को सूचना देने में देरी हुई थी, जिसकी जांच अब सीबीआई कर रही है। आरोप है कि अस्पताल में मृत्यु की पुष्टि के बाद भी समय पर पुलिस को सूचना नहीं दी गई, जिससे केस के शुरुआती साक्ष्यों पर प्रभाव पड़ने की आशंका जताई जा रही है।

    ट्विशा की मौत 12 मई की रात कथित तौर पर फांसी लगाने से हुई थी, जबकि 13 मई की सुबह मामला दर्ज किया गया। इस देरी को लेकर भी जांच एजेंसियां सक्रिय हैं और संबंधित डॉक्टरों से पूछताछ की तैयारी की जा रही है।

    उधर, सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए टिप्पणी की है और मीडिया को संवेदनशीलता बरतने की सलाह दी है। कोर्ट ने कहा है कि न्यायिक प्रक्रिया पर भरोसा बनाए रखा जाए और जांच को निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ने दिया जाए। अब सभी की नजरें भोपाल कोर्ट की आज होने वाली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां CDR और CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने को लेकर अहम फैसला आ सकता है।

  • जेब पर फिर बोझ: MP में CNG की कीमतों में लगातार उछाल, भोपाल में दूसरे हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम

    जेब पर फिर बोझ: MP में CNG की कीमतों में लगातार उछाल, भोपाल में दूसरे हफ्ते में दूसरी बार बढ़े दाम


    भोपाल    मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आम जनता और वाहन चालकों को एक बार फिर महंगे ईंधन का झटका लगा है। शहर में कंप्रेस्ड नेचुरल गैस (CNG) के दामों में ₹1 प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई है, जिसके बाद नए रेट 94.75 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। यह बढ़ोतरी 10 दिनों के भीतर दूसरी बार हुई है, जिससे सीएनजी पर निर्भर वाहन चालकों की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।

    यह नई बढ़ोतरी थिंक गैस एजेंसी द्वारा की गई है, जो भोपाल समेत आसपास के कई जिलों में सीएनजी की सप्लाई करती है। इससे पहले 16 मई को भी करीब ₹3 प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी। यानी पिछले लगभग दो महीनों में तीन बार कीमतें बढ़ाई जा चुकी हैं और कुल मिलाकर सीएनजी करीब 6 रुपये प्रति किलो महंगी हो चुकी है।

    जानकारों के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन पर दबाव के चलते यह वृद्धि देखने को मिल रही है। हालांकि इसका सीधा असर आम उपभोक्ताओं पर पड़ रहा है, खासकर उन लोगों पर जो सीएनजी वाहनों का इस्तेमाल रोजमर्रा के आवागमन या व्यावसायिक कार्यों के लिए करते हैं।

    भोपाल में वर्तमान में करीब 25 सीएनजी स्टेशन सक्रिय हैं, जिनमें मैनिट, नीलबड़, होशंगाबाद रोड और बैरागढ़ रोड जैसे प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं। शहर के कुल 152 पेट्रोल पंपों में से कुछ पर सीएनजी की सुविधा उपलब्ध है। इन स्टेशनों पर बढ़े हुए दामों का असर साफ दिखाई दे रहा है।

    सीएनजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी के बावजूद पिछले कुछ वर्षों में इसके उपयोग में तेजी आई है। भोपाल में बीते तीन सालों में सीएनजी वाहनों की बिक्री लगभग 50 प्रतिशत तक बढ़ी है। रोजाना शोरूम से 10 से 15 सीएनजी बेस्ड वाहन बिक रहे हैं, जिसकी मुख्य वजह पेट्रोल-डीजल की तुलना में बेहतर माइलेज और अपेक्षाकृत कम लागत मानी जाती रही है। लेकिन अब सीएनजी के दाम बढ़ने से यह लाभ धीरे-धीरे कम होता नजर आ रहा है।

    इसी बीच प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। हाल ही में 11 दिनों के भीतर पेट्रोल-डीजल में चार बार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। भोपाल में पेट्रोल 114.65 रुपये प्रति लीटर और डीजल 99.74 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है। कई अन्य शहरों जैसे उज्जैन, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में भी कीमतें इसी तरह के उच्च स्तर पर बनी हुई हैं।

    लगातार बढ़ते ईंधन दामों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सीएनजी, पेट्रोल और डीजल तीनों के दामों में उछाल ने परिवहन लागत को प्रभावित किया है, जिसका असर वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी पड़ सकता है। ऐसे में वाहन चालकों के लिए आने वाला समय और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।

  • भोपाल में पानी को लेकर बड़ा दावा: RO की जरूरत नहीं, मेयर का बयान चर्चा में

    भोपाल में पानी को लेकर बड़ा दावा: RO की जरूरत नहीं, मेयर का बयान चर्चा में


    भोपाल । भोपाल में मंगलवार को नगर निगम के जल प्रबंधन सिस्टम की एक अहम झलक देखने को मिली, जब महापौर मालती राय ने विधानसभा के सामने स्थित फिल्टर प्लांट का निरीक्षण किया। इस दौरान उनके साथ एमआईसी सदस्य, नगर निगम अधिकारी और बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यती भी मौजूद रहे। पूरे निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य बड़े तालाब से आने वाले पानी की शुद्धिकरण प्रक्रिया को समझना और उसकी गुणवत्ता की जांच करना था।

    निरीक्षण के दौरान महापौर ने फिल्टर प्लांट में पहुंचकर एक-एक प्रक्रिया को करीब से देखा। उन्होंने यह समझा कि बड़े तालाब से आने वाला कच्चा पानी किस तरह विभिन्न चरणों से गुजरकर पीने योग्य बनाया जाता है। प्लांट में मौजूद तकनीकी स्टाफ ने पूरी प्रक्रिया की जानकारी दी, जिसमें फिल्ट्रेशन, क्लोरीनेशन और लैब टेस्टिंग शामिल रही।

    इसके बाद पानी की गुणवत्ता की जांच नगर निगम की लैब में कराई गई। टेस्ट के दौरान पानी को मानकों के अनुरूप पाया गया और उसे पीने योग्य घोषित किया गया। इसी मौके पर महापौर मालती राय ने कहा कि शहर में गर्मी के चलते पानी की खपत काफी बढ़ गई है, जिससे कुछ इलाकों में कम प्रेशर की शिकायतें सामने आई हैं। उन्होंने कहा कि नगर निगम लगातार व्यवस्था सुधारने में जुटा है।

    महापौर ने स्पष्ट रूप से कहा कि बड़े तालाब से आने वाला पानी पूरी तरह शुद्ध है और जिन क्षेत्रों में यह सप्लाई किया जा रहा है, वहां के लोगों को RO लगाने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि फिल्टर प्लांट से गुजरने के बाद पानी पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है और इसकी गुणवत्ता लगातार मॉनिटर की जाती है।

    निरीक्षण के दौरान एक रोचक दृश्य भी देखने को मिला, जब लैब टेस्ट में पास हुए पानी को महापौर के सामने ही बीजेपी जिलाध्यक्ष रविंद्र यती और अधीक्षण यंत्री उदित गर्ग ने पीकर उसकी गुणवत्ता पर भरोसा जताया। इस कदम को प्रशासनिक स्तर पर जनता के भरोसे को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

    महापौर ने आगे बताया कि भोपाल शहर में पानी की सप्लाई मुख्य रूप से चार स्रोतों से होती है। इनमें कोलार डैम प्रमुख है, जो शहर के बड़े हिस्से को पानी उपलब्ध कराता है। इसके अलावा केरवा डैम, बड़े तालाब और नर्मदा नदी से भी अलग-अलग इलाकों में जलापूर्ति की जाती है। कोलार रोड और आसपास के क्षेत्रों में केरवा डैम का पानी पहुंचता है, जबकि लालघाटी और कोहेफिजा क्षेत्र में बड़े तालाब का पानी सप्लाई होता है। होशंगाबाद रोड और उससे जुड़ी कॉलोनियों में नर्मदा का पानी दिया जाता है।

    निरीक्षण के बाद महापौर ने भरोसा जताया कि नगर निगम शहरवासियों को स्वच्छ और पर्याप्त जल आपूर्ति देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और किसी भी तरह की जल गुणवत्ता में समझौता नहीं किया जाएगा।

  • शादी से जुड़े मामलों में अदालत ने तय की अहम सीमा, सामान्य आरोपों पर परिवार के सभी सदस्यों को नहीं घसीटा जा सकता

    शादी से जुड़े मामलों में अदालत ने तय की अहम सीमा, सामान्य आरोपों पर परिवार के सभी सदस्यों को नहीं घसीटा जा सकता


    नई दिल्ली। वैवाहिक विवादों से जुड़े मामलों को लेकर देश की सर्वोच्च अदालत ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा है कि केवल सामान्य और बिना ठोस तथ्यों वाले आरोपों के आधार पर पति के सभी रिश्तेदारों को आपराधिक मामलों में शामिल करना उचित नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि घरेलू विवादों में पीड़ित पक्ष की शिकायत और सम्मान बेहद महत्वपूर्ण है, लेकिन कानून का इस्तेमाल संतुलित तरीके से होना भी उतना ही जरूरी है।

    वैवाहिक मामलों में बढ़ी न्यायिक चिंता
    हाल के वर्षों में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जिनमें पारिवारिक विवादों के दौरान पति के साथ-साथ पूरे परिवार के कई सदस्यों को भी आरोपी बनाया गया। अदालत ने माना कि वैवाहिक संबंधों में तनाव और कड़वाहट बढ़ने पर भावनात्मक परिस्थितियों में आरोपों का दायरा भी बढ़ सकता है। ऐसे मामलों में सावधानीपूर्वक जांच जरूरी है ताकि किसी निर्दोष व्यक्ति को अनावश्यक कानूनी प्रक्रिया का सामना न करना पड़े।

    सामान्य आरोपों पर नहीं बन सकता आधार
    अदालत ने कहा कि यदि किसी व्यक्ति के खिलाफ विशेष और स्पष्ट आरोप मौजूद नहीं हैं, तो केवल रिश्तेदारी के आधार पर उसके खिलाफ कार्रवाई उचित नहीं मानी जा सकती। न्यायिक प्रक्रिया में प्रत्येक आरोपी की भूमिका और उसके खिलाफ लगाए गए आरोपों की अलग-अलग जांच की जानी चाहिए। अदालत ने इस बात पर जोर दिया कि केवल व्यापक और अस्पष्ट दावों के आधार पर मामला आगे बढ़ाना न्याय के मूल सिद्धांतों के अनुरूप नहीं होगा।

    कानून के दुरुपयोग पर जताई चिंता
    सुनवाई के दौरान अदालत ने यह भी कहा कि यदि जांच और आरोपों की गंभीरता पर ध्यान नहीं दिया गया, तो आपराधिक प्रक्रिया का गलत इस्तेमाल उत्पीड़न के साधन के रूप में हो सकता है। अदालत ने संकेत दिया कि न्यायिक संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वे ऐसे मामलों में संवेदनशीलता और सावधानी दोनों के साथ काम करें।

    पीड़ित पक्ष की गरिमा भी उतनी ही जरूरी

    अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि घरेलू हिंसा या उत्पीड़न की शिकायतों को हल्के में नहीं लिया जा सकता। पीड़ितों की सुरक्षा और सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता है। लेकिन इसके साथ यह सुनिश्चित करना भी आवश्यक है कि कानूनी कार्रवाई तथ्यों और पर्याप्त आधार पर आगे बढ़े। न्याय व्यवस्था का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि निष्पक्षता बनाए रखना भी है।

    यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है जब पारिवारिक और वैवाहिक विवादों से जुड़े मामलों को लेकर समाज और कानूनी क्षेत्र में लगातार चर्चा हो रही है। अदालत के इस दृष्टिकोण को भविष्य के मामलों के लिए एक महत्वपूर्ण दिशा माना जा रहा है।
  • चौथा बड़ा मंगल आज, हनुमान जी की आराधना का विशेष दिन, जाने पूजा-व्रत और मांगलिक दोष से राहत के उपाय

    चौथा बड़ा मंगल आज, हनुमान जी की आराधना का विशेष दिन, जाने पूजा-व्रत और मांगलिक दोष से राहत के उपाय


    नई दिल्‍ली । ज्‍येष्‍ठ अधिकमास चल रहा है, इसके मंगलवार बहुत खास होते हैं. बड़ा मंगल का व्रत रखना, हनुमान जी की पूजा करना और उपाय करना बहुत लाभ देगा. इससे तमाम तरह की समस्‍याओं का अंत होता है और जीवन में सुख-सम‍ृद्धि आती है.

    जिन लड़के-लड़कियों को मंगल दोष है, वो बड़ा मंगल के दिन गुड़, चने, लाल मसूर की दाल दान करें. ऐसा करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होंगी. साथ ही चौथे बड़ा मंगल पर सुंदरकांड का पाठ करें. यहां देखिए आज की तिथि, योग, नक्षत्र, राहुकाल समेत पूरा पंचाग.
    जिन लड़के-लड़कियों को मंगल दोष है, वो बड़ा मंगल के दिन गुड़, चने, लाल मसूर की दाल दान करें. ऐसा करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होंगी. साथ ही चौथे बड़ा मंगल पर सुंदरकांड का पाठ करें. यहां देखिए आज की तिथि, योग, नक्षत्र, राहुकाल समेत पूरा पंचाग.

    26 मई 2026 का पंचांग
    आज की तिथि – सुबह 05:11 बजे से ज्‍येष्‍ठ शुक्‍ल एकादशी तिथि प्रारंभ होगी, जो अगले दिन 27 मई तक रहेगी. लिहाजा एकादशी तिथि का व्रत 27 मई को रखा जाएगा.

    आज का वार – मंगलवार.
    आज के ग्रह गोचर – आज चंद्रमा कन्‍या राशि में गोचर करेंगे.
    आज का नक्षत्र – 26 मई 04:08 बजे से हस्‍त नक्षत्र रहेगा और पूरा दिन रहेगा.
    आज के योग – 03:15 बजे से सिद्धि योग प्रारंभ होगा और पूरे दिन रहेगा.

    सूर्य व चंद्रमा का समय
    सूर्योदय – सुबह 05:46 बजे
    सूर्यास्त – शाम 07:01 बजे
    चन्द्रोदय – दोपहर 02:54 बजे
    चन्द्रास्त – 26 व 27 मई की तड़के सुबह 02:46 बजे
    (शहर के हिसाब से उदय व अस्त के समय में कुछ मिनट या सेकेंड का अंतर देखा जा सकता है)

    आज के शुभ काल
    ब्रह्म मुहूर्त – सुबह 04:09 बजे से 04:57 बजे तक
    अभिजीत मुहूर्त – सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:50 बजे तक
    अमृत काल – रात 11:28 बजे से 01:11 बजे तक

    आज के अशुभ काल
    राहुकाल – दोपहर 03:42 बजे से शाम 05:22 बजे तक
    यम गण्ड – सुबह 09:04 बजे से 10:44 बजे तक
    कुलिक – दोपहर 12:23 बजे से 02:03 बजे तक
    दुर्मुहूर्त – सुबह 08:25 बजे से 09:18 बजे तक, रात 11:19 बजे से 12:02 बजे तक
    वर्ज्यम् – दोपहर 01:09 बजे से 02:52 बजे तक

  • 12 मंजिला भव्य मंदिर से सोने की आंखों वाले हनुमान जी तक, बोकारो के इन अद्भुत मंदिरों में बसती है गहरी आस्था

    12 मंजिला भव्य मंदिर से सोने की आंखों वाले हनुमान जी तक, बोकारो के इन अद्भुत मंदिरों में बसती है गहरी आस्था


    नई दिल्ली। झारखंड का Bokaro जिला अपनी औद्योगिक पहचान के साथ-साथ धार्मिक आस्था के लिए भी जाना जाता है। यहां स्थित कई हनुमान मंदिर अपनी भव्यता, विशाल प्रतिमाओं और अनोखी बनावट के कारण विशेष पहचान रखते हैं। इन मंदिरों में हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। कई मंदिर ऐसे हैं जो केवल पूजा का केंद्र नहीं बल्कि पर्यटन आकर्षण के रूप में भी प्रसिद्ध हो चुके हैं।

    विशाल संरचनाओं ने बनाई अलग पहचान
    बोकारो के कई हनुमान मंदिर अपनी ऊंचाई और अनूठी वास्तुकला के कारण लोगों का ध्यान खींचते हैं। यहां बने कुछ मंदिर दूर से ही दिखाई देते हैं और पहली नजर में अपनी भव्यता से प्रभावित कर देते हैं। श्रद्धालुओं का मानना है कि इन मंदिरों में दर्शन करने से मानसिक शांति और आध्यात्मिक अनुभव मिलता है।

    आस्था का प्रमुख केंद्र बने संकटमोचन मंदिर
    जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित कई मंदिर वर्षों से लोगों की आस्था से जुड़े हुए हैं। इनमें संकटमोचन मंदिर विशेष रूप से प्रसिद्ध माना जाता है। यहां हर मंगलवार और शनिवार बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। परिवार की सुख-शांति और जीवन की परेशानियों से मुक्ति की कामना लेकर लोग यहां पूजा-अर्चना करते हैं।

    विशाल हनुमान प्रतिमाएं बनीं आकर्षण

    बोकारो में कई स्थानों पर भगवान हनुमान की विशाल प्रतिमाएं स्थापित हैं। कुछ प्रतिमाएं इतनी ऊंची हैं कि दूर से ही नजर आने लगती हैं। इनकी भव्यता के कारण केवल श्रद्धालु ही नहीं बल्कि घूमने आने वाले पर्यटक भी यहां पहुंचते हैं। लोग दर्शन के साथ-साथ इन स्थानों की सुंदरता को भी करीब से देखना पसंद करते हैं।

    12 मंजिला मंदिर बना विशेष आकर्षण
    बोकारो के सबसे चर्चित धार्मिक स्थलों में एक भव्य 12 मंजिला हनुमान मंदिर भी शामिल है। यह मंदिर अपनी विशाल संरचना और विशेष निर्माण शैली के लिए जाना जाता है। यहां स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र बनी रहती है। कहा जाता है कि इस मंदिर के निर्माण में कई वर्ष लगे और इसकी भव्यता दूर-दूर से आने वाले लोगों को प्रभावित करती है।

    सोने की आंखों वाली प्रतिमा बनी चर्चा का विषय
    इस मंदिर की सबसे अनोखी बात यहां स्थापित हनुमान जी की प्रतिमा को माना जाता है। प्रतिमा की आंखों को विशेष रूप से तैयार किया गया है, जिसने लोगों की जिज्ञासा और आस्था दोनों को बढ़ाया है। यही वजह है कि यह स्थान धार्मिक महत्व के साथ-साथ अपनी विशेष पहचान के लिए भी चर्चा में रहता है।

  • IPL 2026 क्वालिफायर-1: धर्मशाला में आज RCB-GT की टक्कर, रोचक होने वाला है मुकाबला

    IPL 2026 क्वालिफायर-1: धर्मशाला में आज RCB-GT की टक्कर, रोचक होने वाला है मुकाबला


    नई दिल्ली । IPL 2026 का लीग चरण समाप्त हो चुका है और अब मुकाबला उन मैचों का है, जहां एक छोटी गलती पूरे सीजन की मेहनत पर भारी पड़ सकती है। मंगलवार को धर्मशाला में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और गुजरात टाइटन्स (GT) आमने-सामने होंगी। इस मुकाबले की अहमियत सिर्फ जीत तक सीमित नहीं है, बल्कि विजेता टीम सीधे फाइनल में अपनी जगह पक्की करेगी।

    दोनों टीमों ने लीग स्टेज 18-18 अंकों के साथ खत्म किया, लेकिन बेहतर नेट रन रेट के आधार पर RCB अंक तालिका में शीर्ष पर रही। हालांकि अब लीग चरण के आंकड़ों का कोई महत्व नहीं है, क्योंकि अगले 40 ओवर ही तय करेंगे कि फाइनल का पहला टिकट किस टीम को मिलेगा।

    RCB ने इस सीजन अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से विरोधी टीमों पर लगातार दबाव बनाया है। विराट कोहली ने अनुभव और निरंतरता से टीम को कई मुश्किल हालात से बाहर निकाला, जबकि फिल सॉल्ट, रजत पाटीदार और मिडिल ऑर्डर के अन्य बल्लेबाजों ने तेजी से रन बनाकर मैचों का रुख बदला। टीम की सबसे बड़ी ताकत उसकी बल्लेबाजी की गहराई रही है, जिसके कारण कई बार 200 से अधिक स्कोर खड़े किए गए।

    इस बार RCB की गेंदबाजी भी पिछले सीजन की तुलना में अधिक संतुलित नजर आई है। जोश हेजलवुड और भुवनेश्वर कुमार ने नई गेंद से शुरुआती विकेट दिलाकर टीम को मजबूत शुरुआत दी है।

    वहीं गुजरात टाइटन्स की सफलता का आधार उसकी अनुशासित और धारदार गेंदबाजी रही है। शुभमन गिल, साई सुदर्शन और जोस बटलर ने बल्लेबाजी में योगदान दिया, लेकिन टीम को सबसे खतरनाक बनाने का काम गेंदबाजों ने किया।

    मोहम्मद सिराज, कगिसो रबाडा और प्रसिद्ध कृष्णा की तेज गेंदबाजी तिकड़ी ने पूरे टूर्नामेंट में बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। नई गेंद से विकेट निकालने के साथ डेथ ओवर्स में भी इन गेंदबाजों ने शानदार नियंत्रण दिखाया। इसके अलावा राशिद खान और साई किशोर ने मिडिल ओवर्स में रन गति पर लगाम लगाकर विरोधी टीमों को दबाव में रखा।

    चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 89 रन की बड़ी जीत के बाद गुजरात का आत्मविश्वास काफी ऊंचा है।

    इस हाई-वोल्टेज मुकाबले में कई व्यक्तिगत भिड़ंत भी मैच का परिणाम तय कर सकती हैं। पावरप्ले में विराट कोहली और कगिसो रबाडा की टक्कर सबसे अहम मानी जा रही है। वहीं फिल सॉल्ट के आक्रामक अंदाज के सामने मोहम्मद सिराज की रणनीति भी दिलचस्प होगी।

    गुजरात की बल्लेबाजी काफी हद तक शुभमन गिल और साई सुदर्शन पर निर्भर करती है। ऐसे में अगर हेजलवुड और भुवनेश्वर शुरुआती झटके देने में सफल रहे, तो GT दबाव में आ सकती है।

    दूसरी ओर राशिद खान का स्पेल RCB के मिडिल ऑर्डर के लिए बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। हालांकि रजत पाटीदार का स्पिन गेंदबाजी के खिलाफ रिकॉर्ड टीम के लिए राहत की बात है।

    अगर बल्लेबाजी की गहराई देखी जाए तो RCB थोड़ी मजबूत दिखाई देती है, लेकिन गेंदबाजी में निरंतरता और नियंत्रण के मामले में गुजरात टाइटन्स पूरे सीजन में सबसे प्रभावशाली टीम रही है।

    यही कारण है कि धर्मशाला में होने वाला यह मुकाबला फाइनल से पहले के फाइनल जैसा माना जा रहा है। मंगलवार की रात एक टीम सीधे फाइनल में पहुंचेगी, जबकि दूसरी टीम को खिताबी दौड़ में बने रहने के लिए एक और कठिन मुकाबला खेलना होगा।

  • फिल्म से निकलने के लिए किशोर कुमार की अनोखी चाल, गंजे होकर ऑफिस पहुंचे और बदल गई पूरी कहानी

    फिल्म से निकलने के लिए किशोर कुमार की अनोखी चाल, गंजे होकर ऑफिस पहुंचे और बदल गई पूरी कहानी

    नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के दिग्गज गायक और अभिनेता Kishore Kumar अपने शानदार गीतों के साथ-साथ अपनी अनोखी आदतों और मजाकिया स्वभाव के लिए भी खूब पहचाने जाते थे। उनके जीवन से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं जो आज भी लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहते हैं। उनके साथ काम करने वाले कलाकार और फिल्मकार अक्सर उनके अलग अंदाज और अप्रत्याशित व्यवहार के बारे में बातें करते रहे हैं। ऐसा ही एक किस्सा एक बड़ी फिल्म से जुड़ा है, जिसने बाद में हिंदी सिनेमा के इतिहास में खास जगह बनाई।

    दोस्ती और दुविधा के बीच फंसे थे किशोर कुमार

    उस दौर में मशहूर फिल्म निर्देशक Hrishikesh Mukherjee और किशोर कुमार के बीच गहरी दोस्ती थी। निर्देशक अपनी नई फिल्म के लिए ऐसे कलाकार की तलाश में थे जो मुख्य किरदार को जीवंत बना सके। उनकी पसंद किशोर कुमार थे और वे चाहते थे कि वही फिल्म के नायक बनें। लेकिन दूसरी तरफ किशोर कुमार इस प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के इच्छुक नहीं थे। परेशानी यह थी कि गहरी दोस्ती के कारण वह सीधे तौर पर मना भी नहीं कर पा रहे थे।

    फिल्म से बचने के लिए अपनाया अनोखा तरीका
    काफी सोच-विचार के बाद किशोर कुमार ने एक अलग रास्ता चुना। फिल्म शुरू होने से पहले जब उन्हें लुक और कॉस्ट्यूम को लेकर चर्चा के लिए बुलाया गया तो वहां मौजूद लोग उन्हें देखकर चौंक गए। वह पूरी तरह गंजे होकर पहुंचे थे। इतना ही नहीं, वह पूरे ऑफिस में घूमते हुए मजाकिया अंदाज में नाचते और गाते रहे। उनका यह रूप देखकर सभी हैरान रह गए।

    एक फैसले ने बदल दी पूरी कहानी
    निर्देशक के लिए यह दृश्य अप्रत्याशित था। फिल्म के मुख्य किरदार के लिए जिस छवि की कल्पना की गई थी, उसके विपरीत किशोर कुमार का यह अंदाज था। आखिरकार बात इतनी आगे बढ़ी कि उन्हें फिल्म से अलग कर दिया गया। बाद में उसी किरदार के लिए दूसरे कलाकार को चुना गया और फिल्म ने आगे चलकर बड़ी सफलता हासिल की।

    फिल्म इतिहास का यादगार अध्याय
    बाद में यह फिल्म बनी Anand, जिसमें मुख्य भूमिका Rajesh Khanna ने निभाई और उनके साथ Amitabh Bachchan भी नजर आए। फिल्म की कहानी और अभिनय को दर्शकों ने खूब पसंद किया। यह फिल्म आज भी हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार फिल्मों में गिनी जाती है।

    इस घटना ने यह भी साबित किया कि किशोर कुमार केवल एक महान कलाकार ही नहीं थे, बल्कि उनका जीवन अनोखे और दिलचस्प किस्सों से भी भरा हुआ था, जिनकी चर्चा आज भी उतनी ही दिलचस्पी से होती है।

  • भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित, देश के कई राज्यों में पानी-बिजली की किल्लत

    भीषण गर्मी से जनजीवन प्रभावित, देश के कई राज्यों में पानी-बिजली की किल्लत

    नई दिल्ली । देशभर में पड़ रही प्रचंड गर्मी ने लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई राज्यों में तापमान 45 से 47 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने से पानी और बिजली की मांग तेजी से बढ़ गई है। राजधानी दिल्ली सहित उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई शहरों और गांवों में जल संकट और बिजली कटौती की गंभीर स्थिति बन गई है। कहीं लोग पानी के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आ रहे हैं, तो कहीं अनियमित बिजली आपूर्ति ने रोजमर्रा की जिंदगी मुश्किल कर दी है।

    गर्मी बढ़ने के साथ टैंकरों पर निर्भरता बढ़ गई है। कई इलाकों में बोरवेल सूखने लगे हैं और भूजल स्तर लगातार नीचे जा रहा है। बिजली संकट के चलते पानी की मोटरें भी बंद पड़ रही हैं, जिससे हालात और खराब हो रहे हैं।

    दिल्ली के दक्षिणपुरी और देवली क्षेत्रों में पिछले करीब दो महीने से पानी की सप्लाई प्रभावित बताई जा रही है। ब्लॉक 10 और 11 समेत कई इलाकों में लोगों के घरों के नल सूख चुके हैं। लोग बाल्टी और डिब्बे लेकर घंटों पानी का इंतजार कर रहे हैं। संगम विहार, अंबेडकर नगर, खानपुर, तिगड़ी, मदनगीर और तुगलकाबाद एक्सटेंशन जैसे इलाकों में भी जल संकट गहरा गया है। वहीं पूर्वी दिल्ली के दिलशाद गार्डन में स्थानीय लोगों ने जल बोर्ड कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।

    महाराष्ट्र में भी गर्मी और पानी की कमी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। मुंबई में पानी की उपलब्धता घटने के बाद 10 प्रतिशत पानी कटौती लागू की गई है। शहर की सात झीलों का जलस्तर 19.22 प्रतिशत से नीचे पहुंच गया है। अमरावती, अकोला, मेलघाट और चंद्रपुर जैसे जिलों में तापमान 45 से 47 डिग्री तक पहुंच गया है। ग्रामीण इलाकों में लोग टैंकरों के सहारे हैं और कई गांवों में महिलाएं दूर-दराज से पानी लाने को मजबूर हैं।

    चंद्रपुर के कुछ गांवों में आज भी लोग सूखे नालों में गड्ढे खोदकर रिसता पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतों के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।

    मध्य प्रदेश के दतिया और बुरहानपुर जिलों में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। दतिया में 3 से 4 दिन में एक बार सीमित समय के लिए पानी की सप्लाई हो रही है, जबकि कई क्षेत्रों में दूषित पानी आने की शिकायतें हैं। बुरहानपुर के धुलकोट इलाके में भी पानी की भारी किल्लत बनी हुई है।

    उत्तर प्रदेश में भी बिजली और पानी दोनों संकट का कारण बने हुए हैं। लखनऊ के फैजुल्लागंज इलाके में बिजली कटौती के चलते पानी की सप्लाई प्रभावित हो रही है। गोरखपुर, प्रयागराज, सहारनपुर और कानपुर में भी लोग जल संकट और बिजली कटौती से परेशान हैं। गाजियाबाद और खोड़ा क्षेत्रों में टैंकरों पर निर्भरता लगातार बढ़ रही है।

    सहारनपुर की अजीज कॉलोनी में करीब 300 परिवार पिछले एक महीने से पानी की समस्या झेल रहे हैं। वहीं कानपुर के 80 फीट रोड इलाके में लंबे समय तक बिजली गुल रहने से लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

    देशभर में बढ़ती गर्मी के बीच पानी और बिजली की समस्या ने आम लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है। कई जगहों पर लोगों में नाराजगी बढ़ रही है और स्थानीय स्तर पर विरोध प्रदर्शन भी देखने को मिल रहे हैं।