Author: bharati

  • दोबारा हुई नीट UG 2026 परीक्षा का रिजल्ट जारी, 11.21 लाख विद्यार्थी हुए सफल

    दोबारा हुई नीट UG 2026 परीक्षा का रिजल्ट जारी, 11.21 लाख विद्यार्थी हुए सफल


    नई दिल्ली।
    नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (National Testing Agency-NTA) ने गुरुवार देर शाम NEET UG 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया. रिजल्ट समय पर जारी होने से मेडिकल कॉलेजों (Medical colleges) में दाखिले और काउंसलिंग की प्रक्रिया तय कार्यक्रम के अनुसार शुरू हो सकेगी. उम्मीदवार अपना स्कोरकार्ड आधिकारिक वेबसाइट neet.nta.nic.in पर जाकर देख सकते हैं।

    दरअसल, इस वर्ष NEET UG 2026 परीक्षा लीक होने के कारण दोबारा कराई गई थी. री-नीट परीक्षा में देश और विदेश के करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे. परीक्षा भारत के 551 शहरों और विदेश के 14 शहरों में स्थित 5,440 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की गई थी. इनमें से 11.21 लाख उम्मीदवार एमबीबीएस, बीडीएस, आयुष और अन्य संबद्ध मेडिकल पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए क्वालिफाई हुए हैं।

    .NTA के अनुसार, क्वालिफाई करने वाले उम्मीदवारों में 58 प्रतिशत से अधिक छात्राएं शामिल हैं. छात्राओं की सफलता दर भी पुरुषों से बेहतर रही. परीक्षा में शामिल हुई 56.8 प्रतिशत छात्राएं सफल रहीं, जबकि छात्रों की सफलता दर 55.1 प्रतिशत रही।


    पंजाब के आर्यन और हरियाणा के पांशुल ने किया टॉप

    इस बार 138 उम्मीदवारों ने 720 में से 690 से अधिक अंक हासिल किए हैं. इनमें से 93 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थी पहली बार NEET परीक्षा में शामिल हुए थे, जबकि 99 प्रतिशत टॉपर्स की उम्र 17 से 19 वर्ष के बीच है. देशभर में 19 उम्मीदवारों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए. सबसे अधिक 715 अंक पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पांशुल बंसल ने संयुक्त रूप से हासिल किए।

    वहीं, 1,492 उम्मीदवारों ने 650 या उससे अधिक, 10,160 उम्मीदवारों ने 600 या उससे अधिक और 90,780 उम्मीदवारों ने 500 या उससे अधिक अंक प्राप्त किए.

    सभी राज्यों से सफल अभ्यर्थी
    NTA के मुताबिक, सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से उम्मीदवार क्वालिफाई हुए हैं. उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक 1.7 लाख से ज्यादा उम्मीदवार सफल हुए, जबकि लक्षद्वीप से 43 उम्मीदवारों ने परीक्षा पास की. राज्यवार टॉपर्स में लद्दाख की जिग्मेट यांगचेन लामो (530 अंक), अंडमान-निकोबार के ध्रुव त्रिपाठी (606 अंक) और लक्षद्वीप की फहमीदा अनीस (573 अंक) शामिल हैं. कुल 17 राज्यों के टॉपर्स ने 700 या उससे अधिक अंक, जबकि 26 राज्यों के टॉपर्स ने 690 से अधिक अंक हासिल किए।


    श्रेणीवार सफल उम्मीदवार

    सामान्य वर्ग: 2.91 लाख
    OBC-NCL: 5.12 लाख
    SC: 1.59 लाख
    ST: 63,716
    EWS: 95,026
    PwBD: 3,666
    PwD: 303


    13 भाषाओं में हुई परीक्षा

    बता दें कि NEET UG 2026 का आयोजन 13 भाषाओं हिंदी, अंग्रेजी, असमिया, बंगाली, गुजराती, कन्नड़, मलयालम, मराठी, ओड़िया, पंजाबी, तमिल, तेलुगु और उर्दू में कराया गया. NTA ने स्पष्ट किया है कि उसका काम परीक्षा आयोजित करना, परिणाम घोषित करना और ऑल इंडिया रैंक जारी करना है. MBBS और BDS की ऑल इंडिया कोटा काउंसलिंग मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) कराएगी, जबकि राज्य कोटे की काउंसलिंग संबंधित राज्य सरकारें आयोजित करेंगी।

    एजेंसी ने उम्मीदवारों को फर्जी कॉल, मैसेज और सीट दिलाने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से सावधान रहने की सलाह दी है. NTA ने कहा है कि वह किसी भी उम्मीदवार से पैसे या व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगती।

  • MP : हाईकोर्ट ने 350 करोड़ के स्कूल यूनिफॉर्म टेंडर पर लगाई रोक…. सरकार से मांगा जवाब

    MP : हाईकोर्ट ने 350 करोड़ के स्कूल यूनिफॉर्म टेंडर पर लगाई रोक…. सरकार से मांगा जवाब


    भोपाल।
    मध्य प्रदेश हाई कोर्ट (Madhya Pradesh High Court) ने राज्य के सरकारी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों (Government Primary and Middle Schools) में पढ़ने वाले 52 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राओं को यूनिफॉर्म (Uniform) सप्लाई करने के लिए जारी 350 करोड़ रुपए के टेंडर पर रोक लगा दी है। यह रोक एक लोकल अपैरल एसोसिएशन द्वारा निविदा प्रक्रिया (बिडिंग प्रोसेस) में योग्यता की शर्तों को चुनौती देने के बाद लगाई गई है।

    कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया और जस्टिस विनय सराफ की डिवीजनल बेंच ने बुधवार को मामले की सुनवाई की और राज्य सरकार को एक हफ्ते के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने कहा, ‘तब तक संबंधित टेंडर को अंतिम रूप नहीं दिया जाएगा।’

    यह याचिका जबलपुर अपैरल इनोवेशन एंड मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन (JAIMA) ने टेंडर डॉक्यूमेंट में ‘प्रतिबंधात्मक शर्तों’ को चुनौती देते हुए दायर की थी। JAIMA की ओर से पेश वकील विमल कांत जैन ने कोर्ट को बताया कि मध्य प्रदेश टेक्स्टबुक कॉर्पोरेशन द्वारा टेंडर के लिए तय किए गए योग्यता मानदंड असल में लोकल इंडस्ट्रीज को बाहर कर देते हैं।

    उन्होंने कहा यूनिफॉर्म सप्लाई करने के लिए निविदा प्रपत्र में जो शर्तें दी गई थीं, उसके अनुसार, ‘स्पिनिंग मिलों के लिए 700 करोड़ और गारमेंट मैन्युफैक्चरर्स के लिए 233 करोड़ रुपए का अनिवार्य सालाना टर्नओवर, प्रति वर्ष 50 लाख यूनिफ़ॉर्म की प्रोडक्शन क्षमता, और पिछले तीन वर्षों में 105 करोड़ रुपए के समान काम का पिछला अनुभव जैसी शर्तें माइक्रो, स्मॉल और मीडियम एंटरप्राइजेज (MSMEs), पावरलूम यूनिट्स, बुनकरों, महिलाओं के स्वयं-सहायता समूहों और छोटे पैमाने की इंडस्ट्रीज को इस प्रक्रिया से बाहर कर देती हैं।’

    JAIMA के सेक्रेटरी अजीत मोदी ने कहा कि ये शर्तें ‘मध्य प्रदेश स्टोर परचेज एंड सर्विस प्रोक्योरमेंट रूल्स, 2023’ के खिलाफ हैं, जिन्हें MSMEs के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने और लोकल इंडस्ट्रीज को बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था। उन्होंने आरोप लगाया, ‘इसके बजाय, ये मानदंड राज्य के बाहर की कुछ बड़ी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए बनाए गए लगते हैं।’

    इससे पहले 6 जुलाई को प्रकाशित एक रिपोर्ट में, MSME मंत्री चेतन कश्यप ने कहा था कि सेंट्रलाइज्ड प्रोक्योरमेंट सिस्टम का मकसद उद्योगपतियों और MSME व्यापारियों को सपोर्ट करना था और वे MSME व्यापारियों द्वारा उठाई गई चिंताओं पर गौर करेंगे।

    रिपोर्ट में स्वयं-सहायता समूहों के कई सदस्यों और MSME गारमेंट यूनिट मालिकों का भी जिक्र किया गया था, जिन्होंने दावा किया था कि स्वयं-सहायता समूहों से स्कूल यूनिफॉर्म बनाने का काम छीनने के सरकारी फैसले से राज्य भर में हजारों लोगों की आजीविका पर असर पड़ेगा।

    उधर कुछ दिन पहले स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने कहा था कि नया सेंट्रलाइज्ड सिस्टम यूनिफॉर्म की एक जैसी क्वालिटी और समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करेगा। उन्होंने कहा, ‘महिलाओं को समय पर सप्लाई करने में दिक्कतें आ रही थीं और इस्तेमाल हो रहे कपड़े की क्वालिटी को लेकर भी समस्याएँ थीं।’

    मध्य प्रदेश में SHG (स्व-सहायता समूहों) की 1.4 लाख से ज्यादा महिलाओं को IIM इंदौर ने यूनिफॉर्म की सिलाई और सप्लाई के मैनेजमेंट की ट्रेनिंग दी थी। यह प्रोग्राम 2018 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने शुरू किया था।

  • राजस्थान: ओपन जेल में रचेगी शादी, उम्रकैद की सजा काट रहे दो बंदियों को हाई कोर्ट से मिली अनुमति

    राजस्थान: ओपन जेल में रचेगी शादी, उम्रकैद की सजा काट रहे दो बंदियों को हाई कोर्ट से मिली अनुमति


    जोधपुर। राजस्थान की जोधपुर स्थित मंडोर ओपन जेल जल्द एक अनोखे विवाह की साक्षी बनेगी। हत्या के अलग-अलग मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे दो बंदी आपसी सहमति से विवाह बंधन में बंधेंगे। राजस्थान हाई कोर्ट से अनुमति मिलने के बाद जेल प्रशासन ने विवाह की तैयारियां शुरू कर दी हैं।

    जानकारी के अनुसार, नागौर निवासी मूलाराम पड़ोसी की हत्या के मामले में दोषी है और 16 जनवरी 2017 से उम्रकैद की सजा काट रहा है। वर्तमान में वह मंडोर ओपन जेल में बंद है। वहीं सीमा अपने पति की हत्या के मामले में दोषी ठहराई जा चुकी है और फिलहाल 40 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर है।

    पुनर्वास के आधार पर मांगी गई थी अनुमति
    मूलाराम की ओर से राजस्थान हाई कोर्ट में अस्थायी सजा निलंबन की याचिका दायर की गई थी। न्यायमूर्ति पुष्पेंद्र सिंह भाटी और न्यायमूर्ति प्रवीर भटनागर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। अदालत को बताया गया कि मूलाराम और सीमा दोनों अपनी इच्छा से विवाह करना चाहते हैं।

    मूलाराम के अधिवक्ता कालूराम भाटी ने दलील दी कि विवाह से दोनों के पुनर्वास और सामाजिक सुधार की प्रक्रिया को मजबूती मिलेगी तथा भविष्य में वे सामान्य पारिवारिक जीवन जी सकेंगे। उन्होंने बंदियों के वैवाहिक और संतानोत्पत्ति संबंधी अधिकारों से जुड़े हाई कोर्ट के एक पूर्व फैसले का भी हवाला दिया।

    सरकार ने भी नहीं जताई आपत्ति
    राज्य सरकार की ओर से अदालत में पेश रिपोर्ट में स्वीकार किया गया कि दोनों विवाह करना चाहते हैं। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख किया गया कि दोनों पहले लिव-इन रिलेशनशिप में रह चुके हैं। सुनवाई के दौरान लोक अभियोजकों ने कहा कि ओपन जेल के नियमों के तहत यदि दोनों विवाह करना चाहते हैं तो सरकार को इस पर कोई आपत्ति नहीं है।

    कोर्ट ने दिए विवाह संबंधी निर्देश
    खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि विवाह समाज की एक महत्वपूर्ण संस्था है और केवल दोषसिद्धि के आधार पर किसी बंदी को उसकी सहमति से विवाह करने के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।

    अदालत ने निर्देश दिया कि विवाह समारोह मंडोर ओपन जेल परिसर में ही आयोजित किया जाएगा। समारोह में दोनों पक्षों के अधिकतम 21-21 लोगों को शामिल होने की अनुमति होगी। विवाह संपन्न कराने के लिए एक पंडित भी मौजूद रहेगा। आवश्यकता पड़ने पर मेहमानों की संख्या बढ़ाने का निर्णय जेल प्रशासन ले सकेगा।

    हाई कोर्ट ने यह भी कहा कि विवाह की तिथि की सूचना पहले से जेल प्रशासन को देना अनिवार्य होगा, जबकि पूरे समारोह का खर्च मूलाराम वहन करेगा। अधिवक्ता कालूराम भाटी के अनुसार, यह विवाह 22 जुलाई को आयोजित किया जा सकता है।

  • फडणवीस और शिंदे से मुलाकात के बाद तेज हुई सियासी चर्चा, शरद गुट ने NDA में शामिल होने की अटकलों को बताया निराधार

    फडणवीस और शिंदे से मुलाकात के बाद तेज हुई सियासी चर्चा, शरद गुट ने NDA में शामिल होने की अटकलों को बताया निराधार


    मुंबई। महाराष्ट्र की राजनीति में उस समय हलचल तेज हो गई जब राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरद पवार गुट) के वरिष्ठ नेता जयंत पाटिल और जितेंद्र आव्हाड ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से उनके सरकारी आवास ‘नंदनवन’ में करीब 45 मिनट तक बंद कमरे में मुलाकात की। इससे पहले जयंत पाटिल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से भी देर रात मुलाकात कर चुके थे।

    लगातार हुई इन बैठकों के बाद राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा शुरू हो गई कि क्या शरद पवार की पार्टी सत्तारूढ़ एनडीए गठबंधन के करीब आ रही है। हालांकि दोनों नेताओं ने इन अटकलों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि मुलाकात का राजनीतिक गठबंधन से कोई संबंध नहीं है।

    जयंत पाटिल ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि उनकी शिंदे से मुलाकात क्षेत्र के विकास कार्यों और शहरी विकास विभाग से जुड़े लंबित मामलों को लेकर थी। उन्होंने बताया कि एक नगर परिषद अध्यक्ष की अयोग्यता के खिलाफ दायर अपील पर भी चर्चा की गई।

    वहीं, जितेंद्र आव्हाड ने भी कहा कि इतने लंबे राजनीतिक अनुभव वाला कोई भी नेता यदि किसी बड़े राजनीतिक गठबंधन पर चर्चा करना चाहता है, तो वह इस तरह सार्वजनिक रूप से मुलाकात नहीं करेगा। उनके मुताबिक, इन बैठकों को लेकर लगाए जा रहे राजनीतिक कयास बेबुनियाद हैं।

    आव्हाड ने आरोप लगाया कि उनके क्षेत्र के नगर परिषद अध्यक्ष को अयोग्य ठहराने की कार्रवाई सत्तारूढ़ गठबंधन की दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा है। उनका कहना है कि इस फैसले के जरिए उन्हें राजनीतिक रूप से झुकाने की कोशिश की जा रही है।

    उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सत्ताधारी दल जानबूझकर ऐसी अफवाहें फैला रहे हैं ताकि जयंत पाटिल की साफ-सुथरी छवि को नुकसान पहुंचे और पार्टी अध्यक्ष शरद पवार के प्रति उनकी निष्ठा पर सवाल खड़े किए जा सकें। आव्हाड ने कहा कि वे केवल इस पूरे मामले को राज्य के शीर्ष नेतृत्व के सामने रख रहे हैं, क्योंकि इतना बड़ा प्रशासनिक फैसला मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री की जानकारी के बिना संभव नहीं हो सकता।

  • कुंभ राशि वालों के लिए अहम समय, 3 जून 2027 तक शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण, इन गलतियों से रहें दूर

    कुंभ राशि वालों के लिए अहम समय, 3 जून 2027 तक शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण, इन गलतियों से रहें दूर


    नई दिल्ली। कुंभ राशि के जातक इस समय शनि की साढ़ेसाती के तीसरे और अंतिम चरण से गुजर रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार यह चरण बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, क्योंकि इस दौरान शनि देव व्यक्ति के कर्मों के आधार पर अंतिम परिणाम देते हैं। 3 जून 2027 को शनि मीन राशि से निकलकर मेष राशि में प्रवेश करेंगे, जिसके साथ ही कुंभ राशि के लोगों को साढ़ेसाती से पूरी तरह राहत मिलेगी।

    ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि जून 2027 तक कुंभ राशि के जातकों को अपने व्यवहार, निर्णय और जीवनशैली में विशेष सतर्कता बरतनी चाहिए। इस अवधि में छोटी-सी लापरवाही भी नुकसान का कारण बन सकती है।

    साढ़ेसाती का अंतिम चरण क्यों माना जाता है खास?
    मान्यता है कि साढ़ेसाती का अंतिम चरण केवल चुनौतियां ही नहीं देता, बल्कि व्यक्ति को अनुभवों के माध्यम से परिपक्व भी बनाता है। यह समय अपनी पुरानी गलतियों से सीख लेकर अनुशासित जीवन अपनाने का अवसर होता है। यदि इस दौरान संयम और जिम्मेदारी के साथ जीवन जिया जाए, तो 3 जून 2027 के बाद स्थिरता, मानसिक शांति और प्रगति के नए अवसर मिल सकते हैं।

    इन गलतियों से बचने की सलाह

    अनैतिक तरीकों से कमाई से रहें दूर
    शनि देव को न्याय का प्रतीक माना जाता है। इसलिए इस अवधि में जुआ, सट्टा, गलत तरीके से धन कमाने या किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि से दूरी बनाए रखें। ऐसे कार्य आर्थिक और सामाजिक नुकसान का कारण बन सकते हैं।

    कमजोर और जरूरतमंद लोगों का सम्मान करें
    कर्मचारियों, मजदूरों या आर्थिक रूप से कमजोर लोगों के साथ दुर्व्यवहार या उनका अधिकार छीनने से बचें। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार ऐसा व्यवहार शनि के प्रतिकूल प्रभाव को बढ़ा सकता है।

    अहंकार और कठोर वाणी से बचें
    इस दौरान स्वभाव में चिड़चिड़ापन बढ़ सकता है। इसलिए बोलचाल में संयम रखें और किसी का अपमान करने या अहंकार दिखाने से बचें। ऐसा करने से रिश्तों और सामाजिक प्रतिष्ठा पर नकारात्मक असर पड़ सकता है।

    कर्ज और बड़े निवेश में सोच-समझकर फैसला लें
    बिना पर्याप्त विचार किए न तो किसी को बड़ी रकम उधार दें और न ही खुद भारी कर्ज लें। प्रॉपर्टी, शेयर बाजार या अन्य बड़े निवेश करने से पहले अनुभवी लोगों की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

    स्वास्थ्य की अनदेखी न करें
    साढ़ेसाती के अंतिम चरण में मानसिक तनाव और शारीरिक थकान महसूस हो सकती है। पैरों, घुटनों और हड्डियों से जुड़ी समस्याओं को नजरअंदाज न करें। वाहन चलाते समय भी पूरी सावधानी बरतें।

    शुभ फल के लिए बताए गए उपाय
    – प्रत्येक शनिवार पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएं।
    – नियमित रूप से हनुमान चालीसा या बजरंग बाण का पाठ करें। मान्यता है कि हनुमान जी की आराधना करने वालों पर शनि देव की विशेष कृपा रहती है।
    – शनिवार के दिन काली उड़द, काले तिल या छाते का दान किसी जरूरतमंद व्यक्ति को करें।

  • MP Weather: 9 दिन बाद फिर सक्रिय होगा मानसून, बालाघाट-डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट

    MP Weather: 9 दिन बाद फिर सक्रिय होगा मानसून, बालाघाट-डिंडौरी में भारी बारिश का अलर्ट


    भोपाल। मध्य प्रदेश में करीब नौ दिनों के अंतराल के बाद एक बार फिर भारी बारिश की संभावना बनी है। मौसम विभाग (IMD) भोपाल ने शुक्रवार को बालाघाट और डिंडौरी जिलों के लिए भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा प्रदेश के 31 से अधिक जिलों में गरज-चमक, तेज हवा और हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

    मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, बंगाल की खाड़ी में एक नया लो प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) विकसित हो रहा है। इसके साथ ही मध्य प्रदेश के ऊपर तीन साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इन मौसम प्रणालियों के प्रभाव से आगामी दिनों में वर्षा की गतिविधियों में तेजी आने के संकेत हैं।

    मौसम विभाग ने बताया कि 19 जुलाई से उत्तर-पश्चिम भारत में वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) भी सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से प्रदेश में फिर से तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है।

    प्रदेश में पिछले नौ दिनों से कहीं भी उल्लेखनीय भारी बारिश दर्ज नहीं हुई है। इसका असर मानसून के कुल वर्षा आंकड़ों पर भी दिखाई दे रहा है। अब तक मध्य प्रदेश में 243.3 मिमी (9.6 इंच) वर्षा हुई है, जबकि इस अवधि में सामान्य औसत 281.3 मिमी (11.1 इंच) होना चाहिए था। यानी प्रदेश में अब तक 13 प्रतिशत कम बारिश रिकॉर्ड की गई है।

    यदि क्षेत्रवार आंकड़ों पर नजर डालें तो पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 26 प्रतिशत कम वर्षा हुई है, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी बारिश सामान्य से 2 प्रतिशत कम दर्ज की गई है।

    इन जिलों में बारिश की संभावना
    मौसम विभाग ने बालाघाट और डिंडौरी में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं आलीराजपुर, धार, बड़वानी, इंदौर, खरगोन, देवास, खंडवा, बुरहानपुर, हरदा, बैतूल, नर्मदापुरम, रायसेन, सागर, पांढुर्णा, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, दमोह, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, जबलपुर, सिवनी, मंडला, अनूपपुर और उमरिया में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश हो सकती है।

    वहीं ग्वालियर, भोपाल, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सीहोर, राजगढ़, शाजापुर, आगर-मालवा, उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम और झाबुआ में फिलहाल उमस और गर्मी का असर बना रहने की संभावना है।

    मौसम विभाग का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में मानसून की स्थिति संतोषजनक है, लेकिन वर्षा की कमी कृषि और जल संसाधनों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है। आगामी दिनों में सक्रिय हो रही निम्न दाब प्रणाली की दिशा और तीव्रता तय करेगी कि मानसून कितनी तेजी से दोबारा सक्रिय होता है। यदि मौसम प्रणालियां अनुकूल रहीं, तो जुलाई के दूसरे पखवाड़े में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है।

  • आज उत्तर से दक्षिण तक बारिश का दौर जारी, कई राज्यों में भारी वर्षा, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट

    आज उत्तर से दक्षिण तक बारिश का दौर जारी, कई राज्यों में भारी वर्षा, आंधी और बिजली गिरने का अलर्ट


    नई दिल्ली।
    देशभर में मानसून सक्रिय बना हुआ है और इसके प्रभाव से 17 जुलाई को कई राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने उत्तर, मध्य, पूर्वोत्तर, पश्चिम और दक्षिण भारत के अनेक हिस्सों के लिए वर्षा, तेज हवाओं, आंधी और बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। कुछ क्षेत्रों में अचानक बाढ़ की आशंका भी जताई गई है।

    उत्तर भारत में भारी बारिश की संभावना

    आईएमडी के अनुसार, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, पश्चिमी एवं पूर्वी उत्तर प्रदेश तथा राजस्थान के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहेगा। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर आंधी, बिजली गिरने और तेज हवाएं चलने की संभावना है।

    मध्य भारत में भी अलर्ट

    पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश, विदर्भ तथा छत्तीसगढ़ में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान है। इन क्षेत्रों में 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की भी चेतावनी जारी की गई है।

    बिहार, ओडिशा और पूर्वोत्तर में तेज मानसून

    बिहार, ओडिशा, अंडमान-निकोबार द्वीप समूह में भी अच्छी बारिश की संभावना है। वहीं अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में कई स्थानों पर भारी वर्षा का पूर्वानुमान है। इन राज्यों में गरज-चमक और बिजली गिरने का भी खतरा बना रहेगा।

    पश्चिमी भारत में भी बारिश का असर

    कोंकण, गोवा, गुजरात, महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, सौराष्ट्र और कच्छ में बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में कुछ स्थानों पर भारी वर्षा हो सकती है।

    दक्षिण भारत में बारिश के साथ हीटवेव का असर

    आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पुडुचेरी, कराईकल, कर्नाटक, केरल और लक्षद्वीप में भी वर्षा की संभावना है। तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, रायलसीमा और कर्नाटक के कुछ हिस्सों में तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया गया है।

    हालांकि, तटीय आंध्र प्रदेश, यनम, रायलसीमा, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल के कुछ इलाकों में बारिश के बावजूद हीटवेव जैसी परिस्थितियां भी बनी रह सकती हैं। वहीं दिल्ली, हरियाणा, पंजाब तथा पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश में गर्म और उमस भरा मौसम रहने की संभावना जताई गई है।

    अगले सात दिन रहेगा मानसून का असर

    मौसम विभाग के अनुसार, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण अगले सात दिनों तक पूर्वी, पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत में मानसून सक्रिय रहेगा। इसके अलावा 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टर्बेंस) भी प्रभावी होने की संभावना है, जिससे कई राज्यों में भारी से अत्यंत भारी वर्षा हो सकती है।

    बाढ़ का भी खतरा

    आईएमडी ने ओडिशा के कुछ हिस्सों में अत्यधिक वर्षा की संभावना जताते हुए चेतावनी दी है कि 23 जिलों तथा छत्तीसगढ़ के 13 जिलों के निचले इलाकों में 17 जुलाई की सुबह तक अचानक बाढ़ की स्थिति बन सकती है। लोगों को मौसम विभाग द्वारा जारी चेतावनियों का पालन करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।

  • रूस से तेल खरीदने पर 100% अमेरिकी टैरिफ का प्रस्ताव, भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर क्या पड़ेगा असर?

    रूस से तेल खरीदने पर 100% अमेरिकी टैरिफ का प्रस्ताव, भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर क्या पड़ेगा असर?

    नई दिल्ली। रूस से कच्चा तेल खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने के अमेरिकी प्रस्ताव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में नई बहस छेड़ दी है। अमेरिकी सीनेटरों के एक समूह ने संशोधित विधेयक पेश किया है, जिसमें भारत, चीन, स्लोवाकिया, हंगरी और अजरबैजान जैसे देशों पर रूसी तेल का आयात जारी रखने की स्थिति में भारी टैरिफ लगाने का प्रावधान किया गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रस्ताव के कानून बनने की संभावना फिलहाल सीमित है।

    संशोधित विधेयक में क्या है?

    प्रस्तावित बिल में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को राष्ट्रीय हित के आधार पर प्रतिबंधों में छूट देने का अधिकार भी दिया गया है। वहीं, 15 यूरोपीय देशों को प्रस्तावित कार्रवाई से बाहर रखा गया है, क्योंकि वे सीमित मात्रा में रूसी गैस आयात करते हैं और रूस पर अपनी निर्भरता लगातार कम कर रहे हैं।

    डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने कहा कि यह केवल टैरिफ लगाने का प्रस्ताव नहीं, बल्कि रूस की ऊर्जा, वित्तीय और रक्षा अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है। यदि यह कानून बनता है तो पहली बार अमेरिकी कांग्रेस किसी तीसरे देश के साथ व्यापार करने वाले देशों पर टैरिफ को दंडात्मक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति देगी।

    वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है असर

    ऊर्जा बाजार के विशेषज्ञों का मानना है कि यदि रूसी तेल की खरीद पर इस प्रकार के सेकेंडरी टैरिफ लागू होते हैं तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों पर दबाव बढ़ सकता है।

    केप्लर के मॉडलिंग एवं रिफाइनिंग विशेषज्ञ सुमित रिटोलिया के अनुसार, वैश्विक बाजार में रूसी कच्चे तेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। यदि इसकी आपूर्ति में बड़ी कमी आती है तो उसकी भरपाई करना आसान नहीं होगा। सीमित अतिरिक्त उत्पादन क्षमता, होर्मुज जलडमरूमध्य से जुड़े भू-राजनीतिक जोखिम और वैकल्पिक आपूर्ति की कमी के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में तेज उछाल आ सकता है।

    भारत के लिए क्यों अहम है रूसी तेल?

    पिछले कुछ वर्षों में रूस भारत के सबसे बड़े कच्चे तेल आपूर्तिकर्ताओं में शामिल हो गया है। रियायती दरों पर उपलब्ध रूसी तेल ने भारतीय रिफाइनरियों को लागत कम रखने, ईंधन आपूर्ति बनाए रखने और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करने में मदद की है।

    उद्योग के आंकड़ों के अनुसार, जून में भारत ने प्रतिदिन लगभग 26 लाख बैरल (2.6 मिलियन बैरल प्रतिदिन) रूसी कच्चे तेल का आयात किया, जो देश के कुल क्रूड आयात का 50 प्रतिशत से अधिक था। जुलाई में भी आयात का स्तर मजबूत बना हुआ है।

    क्या भारत को चिंतित होना चाहिए?

    ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के संस्थापक अजय श्रीवास्तव का मानना है कि भारत को फिलहाल इस प्रस्ताव को लेकर अधिक चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार, ऐसा ही एक विधेयक लंबे समय से अमेरिकी सीनेट में लंबित है, जिससे स्पष्ट होता है कि ऐसे कठोर प्रावधानों को पर्याप्त राजनीतिक समर्थन नहीं मिल पाया है।

    उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिकी न्यायिक फैसलों और अंतरराष्ट्रीय व्यापार से जुड़े कानूनी पहलुओं को देखते हुए इस प्रस्ताव के लागू होने की राह आसान नहीं है। साथ ही यूरोपीय देशों को दी गई छूट यह भी दर्शाती है कि प्रस्ताव सभी देशों पर समान रूप से लागू नहीं किया जा रहा।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत को अपनी ऊर्जा नीति राष्ट्रीय हित, ऊर्जा सुरक्षा और आर्थिक आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर तय करनी चाहिए। यदि भविष्य में इस प्रस्ताव पर आगे बढ़त होती है, तब भी भारत के सामने वैकल्पिक ऊर्जा स्रोतों और आयात रणनीति का संतुलित मूल्यांकन करना महत्वपूर्ण होगा।

  • री-नीट यूजी 2026 का परिणाम घोषित, आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल बने संयुक्त टॉपर

    री-नीट यूजी 2026 का परिणाम घोषित, आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल बने संयुक्त टॉपर


    नई दिल्ली।
    राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने री-नीट यूजी 2026 का परिणाम घोषित कर दिया है। पंजाब के आर्यन गुप्ता और हरियाणा के पंशुल बंसल ने 720 में से 715 अंक प्राप्त कर संयुक्त रूप से अखिल भारतीय प्रथम स्थान हासिल किया है। अभ्यर्थी अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर देख सकते हैं।

    इस वर्ष री-नीट परीक्षा में करीब 20 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 11.21 लाख उम्मीदवार परीक्षा में सफल रहे। सफल अभ्यर्थियों में छात्राओं की हिस्सेदारी लगभग 58 प्रतिशत रही, जिससे एक बार फिर महिला उम्मीदवारों का प्रदर्शन बेहतर रहा।

    19 छात्रों ने हासिल किए 700 से अधिक अंक

    एनटीए के अनुसार, कुल 19 अभ्यर्थियों ने 700 से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। वहीं, 705 से अधिक अंक हासिल करने वाले शीर्ष 17 रैंकधारी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, बिहार, तमिलनाडु और तेलंगाना सहित आठ राज्यों से हैं।

    पेपर लीक के बाद हुई थी दोबारा परीक्षा

    गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी परीक्षा पेपर लीक की पुष्टि के बाद रद्द कर दी गई थी। इसके बाद 21 जून 2026 को दोबारा परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें देशभर के लगभग 20 लाख अभ्यर्थियों ने भाग लिया।

    उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक सफल अभ्यर्थी

    सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से उम्मीदवार परीक्षा में सफल हुए हैं। उत्तर प्रदेश से सबसे अधिक 1.70 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने परीक्षा उत्तीर्ण की, जबकि लक्षद्वीप से 43 उम्मीदवार सफल रहे।


    प्रमुख आंकड़े

    • कुल सफल अभ्यर्थी : 11.21 लाख
    • सर्वोच्च अंक : 715/720 (आर्यन गुप्ता और पंशुल बंसल)
    • 700 से अधिक अंक : 19 उम्मीदवार
    • 690 से अधिक अंक : 138 उम्मीदवार
    • 650 या उससे अधिक अंक : 1,492 उम्मीदवार
    • 600 या उससे अधिक अंक : 10,160 उम्मीदवार
    • 500 या उससे अधिक अंक : 90,780 उम्मीदवार

    एनटीए के अनुसार, 690 से अधिक अंक प्राप्त करने वाले 138 उम्मीदवार देश के 66 शहरों से हैं। इनमें 93 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थियों ने पहली बार परीक्षा दी, जबकि 99 प्रतिशत टॉप स्कोरर 17 से 19 वर्ष आयु वर्ग के हैं।

    श्रेणीवार सफल अभ्यर्थी

    • ओबीसी (नॉन-क्रीमी लेयर) : 5.12 लाख
    • सामान्य वर्ग : 2.91 लाख
    • अनुसूचित जाति (SC) : 1.59 लाख
    • सामान्य ईडब्ल्यूएस : 95,026
    • अनुसूचित जनजाति (ST) : 63,716
    • PwBD : 3,666
    • PwD : 303

    छात्राओं का प्रदर्शन रहा बेहतर

    इस वर्ष छात्राओं की सफलता दर 56.8 प्रतिशत रही, जबकि पुरुष अभ्यर्थियों की सफलता दर 55.1 प्रतिशत दर्ज की गई।

    अब शुरू होगी काउंसलिंग प्रक्रिया

    परिणाम जारी होने के साथ ही एनटीए ने विभिन्न श्रेणियों के लिए कट-ऑफ अंक भी घोषित कर दिए हैं। अब मेडिकल काउंसलिंग कमेटी (MCC) जल्द ही अखिल भारतीय 15 प्रतिशत कोटा की सीटों के लिए काउंसलिंग कार्यक्रम जारी करेगी। वहीं, शेष 85 प्रतिशत राज्य कोटा सीटों के लिए संबंधित राज्य सरकारें अलग-अलग काउंसलिंग प्रक्रिया संचालित करेंगी।

    सफल अभ्यर्थियों को काउंसलिंग में भाग लेने के लिए अपना स्कोरकार्ड, 10वीं और 12वीं की अंकसूची, पहचान पत्र, जाति प्रमाणपत्र (यदि लागू हो), निवास प्रमाणपत्र तथा अन्य आवश्यक दस्तावेज पहले से तैयार रखने की सलाह दी गई है।

  • हार्ट को रखना है हमेशा हेल्दी? आज ही छोड़ दें ये 5 खराब आदतें, कम होगा दिल की बीमारियों का खतरा

    हार्ट को रखना है हमेशा हेल्दी? आज ही छोड़ दें ये 5 खराब आदतें, कम होगा दिल की बीमारियों का खतरा


    नई दिल्ली।
    स्वस्थ और लंबी जिंदगी के लिए दिल का स्वस्थ रहना बेहद जरूरी है। आधुनिक जीवनशैली, अनियमित खानपान और बढ़ते तनाव के कारण हृदय संबंधी बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि केवल उम्र या आनुवंशिक कारण ही नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की कई आदतें भी हार्ट हेल्थ को प्रभावित करती हैं। यदि समय रहते इन आदतों में सुधार कर लिया जाए तो हृदय रोगों के खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

    लंबे समय तक लगातार बैठे रहना दिल के लिए नुकसानदायक माना जाता है। ऑफिस में घंटों कुर्सी पर काम करना या घर पर लंबे समय तक मोबाइल और टीवी के सामने बैठे रहना ब्लड सर्कुलेशन को प्रभावित करता है। इससे वजन बढ़ने, हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हृदय रोग का जोखिम बढ़ सकता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर 45 से 60 मिनट के बाद कुछ मिनट टहलें या हल्की स्ट्रेचिंग जरूर करें।

    जरूरत से ज्यादा नमक और प्रोसेस्ड फूड का सेवन भी हार्ट हेल्थ के लिए हानिकारक हो सकता है। पैकेज्ड स्नैक्स, चिप्स, इंस्टेंट फूड और प्रोसेस्ड मीट में सोडियम की मात्रा अधिक होती है, जिससे रक्तचाप बढ़ सकता है और दिल पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसके बजाय ताजे फल, हरी सब्जियां, साबुत अनाज और घर का संतुलित भोजन अधिक लाभकारी माना जाता है।

    पर्याप्त नींद न लेना भी दिल की सेहत पर नकारात्मक असर डाल सकता है। लगातार कम नींद लेने से तनाव हार्मोन बढ़ सकते हैं, जिससे ब्लड प्रेशर और शरीर का मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। अधिकांश वयस्कों के लिए प्रतिदिन 7 से 9 घंटे की अच्छी गुणवत्ता वाली नींद जरूरी मानी जाती है।

    लगातार तनाव में रहना भी हृदय रोगों का बड़ा कारण बन सकता है। काम का दबाव, आर्थिक समस्याएं या निजी जीवन की परेशानियां लंबे समय तक बनी रहने पर रक्तचाप बढ़ सकता है। तनाव के कारण कई लोग धूम्रपान, अधिक भोजन या अन्य अस्वस्थ आदतों की ओर भी आकर्षित हो जाते हैं। नियमित योग, ध्यान, गहरी सांस लेने के अभ्यास और व्यायाम तनाव कम करने में मदद कर सकते हैं।

    धूम्रपान और अत्यधिक शराब का सेवन भी हृदय के लिए बेहद नुकसानदायक है। धूम्रपान रक्त वाहिकाओं को नुकसान पहुंचाता है और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ा सकता है। वहीं अधिक मात्रा में शराब का सेवन ब्लड प्रेशर बढ़ाने के साथ हृदय की कार्यक्षमता पर भी असर डाल सकता है। इन आदतों से दूरी बनाना दिल की सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण कदम है।

    विशेषज्ञों के अनुसार, रोज कम से कम 30 मिनट शारीरिक गतिविधि करना, संतुलित आहार लेना, वजन और ब्लड प्रेशर की नियमित जांच कराना, तनाव को नियंत्रित रखना और किसी भी असामान्य लक्षण जैसे सीने में दर्द, सांस फूलना या अत्यधिक थकान महसूस होने पर तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना हृदय को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मददगार साबित हो सकता है।