Author: bharati

  • राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा तकनीकी समिति में मध्यप्रदेश को मिला महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व : ऊर्जा मंत्री तोमर

    राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा तकनीकी समिति में मध्यप्रदेश को मिला महत्वपूर्ण प्रतिनिधित्व : ऊर्जा मंत्री तोमर


    भोपाल । ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश ने विद्युत क्षेत्र की साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। नेशनल क्रिटिकल इन्फॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोटेक्शन सेंटर (एनसीआईआईपीसी) तथा क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) द्वारा विद्युत क्षेत्र की महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना (क्रिटिकल इन्फॉर्मेशन इंफ्रास्ट्रक्चर-सीआईआई) के संरक्षण एवं सुरक्षा मूल्यांकन के लिए अनुरूपता मूल्यांकन ढांचा (कॉनफॉर्मिटी असेसमेंट फ्रेमवर्क-सीएएफ) विकसित करने के लिये राष्ट्रीय स्तर की तकनीकी समिति का गठन किया गया है।

    ऊर्जा मंत्री तोमर ने बताया कि मध्यप्रदेश पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) के स्टेट लोड डिस्पैच सेंटर (एसएलडीसी), जबलपुर में पदस्थ अतिरिक्त मुख्य अभियंता एवं मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता को इस प्रतिष्ठित तकनीकी समिति का सदस्य नामित किया गया है। देश के सभी भार प्रेषण केंद्रों तथा राज्य स्तरीय विद्युत संस्थाओं में से चयनित होने वाले वे एकमात्र विशेषज्ञ अधिकारी हैं। उन्होंने कहा कि यह समिति अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप ऐसी रूपरेखा तैयार करेगी, जिससे विद्युत क्षेत्र सहित अन्य महत्वपूर्ण अवसंरचनाओं की साइबर सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके तथा बढ़ते साइबर खतरों एवं चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना किया जा सके।

    विद्युत मंत्रालय के दिशा निर्देशों के तहत विकसित हुआ है प्रदेश का एसएलडीसी
    राजेश कुमार गुप्ता वर्तमान में एसएलडीसी, जबलपुर में मुख्य सूचना सुरक्षा अधिकारी के रूप में कार्यरत हैं। उनके नेतृत्व में एमपी-एसएलडीसी की साइबर सुरक्षा व्यवस्था को भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप सुदृढ़ एवं प्रभावी रूप से विकसित किया गया है। इसके परिणामस्वरूप एमपी-एसएलडीसी की साइबर सुरक्षा प्रणाली को देश के अग्रणी मॉडलों में स्थान प्राप्त हुआ है, जो महत्वपूर्ण विद्युत अवसंरचना की सुरक्षा के प्रति संगठन की प्रतिबद्धता और तकनीकी उत्कृष्टता का परिचायक है।

    गुप्ता विद्युत मंत्रालय द्वारा गठित उस राष्ट्रीय कार्य समूह के भी सदस्य हैं, जो देश के लोड डिस्पैच केंद्रों के लिए आईटी-ओटी (इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी-ऑपरेशनल टेक्नोलॉजी) अभिसरण आर्किटेक्चर की रूपरेखा तैयार कर रहा है। इस तकनीकी समिति में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (आईआईटी मद्रास), रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ), केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (सीईए) तथा अन्य अग्रणी संस्थानों के विशेषज्ञ शामिल हैं।

    ऊर्जा मंत्री ने दी बधाई
    ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने राजेश कुमार गुप्ता को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय समिति में उनका चयन मध्यप्रदेश की तकनीकी दक्षता, साइबर सुरक्षा क्षमता तथा विद्युत क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य संस्कृति की राष्ट्रीय स्तर पर मिली पहचान है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि गुप्ता का अनुभव और विशेषज्ञता देश की महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचनाओं की सुरक्षा को और अधिक सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण योगदान देगी।

  • बारिश में नरम हो जाते हैं होममेड स्नैक्स? अपनाएं ये 5 आसान स्टोरेज टिप्स, लंबे समय तक रहेंगे कुरकुरे

    बारिश में नरम हो जाते हैं होममेड स्नैक्स? अपनाएं ये 5 आसान स्टोरेज टिप्स, लंबे समय तक रहेंगे कुरकुरे

    नई दिल्ली। बारिश का मौसम अपने साथ ठंडी हवाएं और स्वादिष्ट स्नैक्स का आनंद लेकर आता है। इस दौरान घरों में मठरी, नमकपारे, चकली, सेव, रिबन पकोड़ा और कई तरह के पारंपरिक स्नैक्स बड़ी मात्रा में बनाकर स्टोर किए जाते हैं। हालांकि, मानसून में बढ़ी हुई नमी के कारण ये स्नैक्स जल्दी अपनी कुरकुराहट खो देते हैं और कुछ ही दिनों में नरम पड़ने लगते हैं। यदि सही तरीके से इन्हें स्टोर किया जाए तो लंबे समय तक इनका स्वाद और ताजगी बरकरार रखी जा सकती है।

    स्नैक्स को स्टोर करने से पहले यह सुनिश्चित करें कि वे पूरी तरह ठंडे हो चुके हों। कई बार लोग जल्दबाजी में गर्म या हल्के गुनगुने स्नैक्स को डिब्बे में बंद कर देते हैं, जिससे अंदर भाप बनती है और नमी बढ़ने के कारण स्नैक्स जल्दी नरम हो जाते हैं। इसलिए किसी भी तले हुए स्नैक को पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही कंटेनर में रखें।

    स्टोरेज के लिए हमेशा अच्छी गुणवत्ता वाले एयरटाइट कंटेनर का इस्तेमाल करना चाहिए। मानसून के दौरान हवा में मौजूद नमी आसानी से खुले डिब्बों या ढीले ढक्कन वाले कंटेनरों में पहुंच जाती है। एयरटाइट कंटेनर स्नैक्स को बाहरी नमी से बचाकर लंबे समय तक कुरकुरा बनाए रखने में मदद करते हैं।

    यदि स्नैक्स को लंबे समय तक सुरक्षित रखना हो तो फूड-ग्रेड मॉइश्चर एब्जॉर्बर या सिलिका जेल पैक का उपयोग किया जा सकता है। यह अतिरिक्त नमी को सोखने में मदद करता है और स्नैक्स की गुणवत्ता बनाए रखता है। हालांकि, इस बात का ध्यान रखें कि सिलिका पैक सीधे खाद्य पदार्थ के संपर्क में न आए और केवल फूड-ग्रेड उत्पादों का ही उपयोग किया जाए।

    बार-बार कंटेनर खोलने से भी स्नैक्स की गुणवत्ता प्रभावित होती है। हर बार डिब्बा खोलने पर बाहर की नम हवा अंदर प्रवेश करती है, जिससे स्नैक्स जल्दी नरम होने लगते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि स्नैक्स को छोटे-छोटे एयरटाइट कंटेनरों में अलग-अलग स्टोर करें, ताकि एक बार में केवल जरूरत के अनुसार ही डिब्बा खोला जाए।

    स्नैक्स को हमेशा ठंडी, सूखी और साफ जगह पर रखना चाहिए। गैस स्टोव, सिंक या ऐसी जगह जहां नमी अधिक रहती हो, वहां कंटेनर रखने से बचें। यदि किचन में अधिक सीलन रहती है तो स्नैक्स को पेंट्री या बंद अलमारी में रखना अधिक सुरक्षित विकल्प हो सकता है।

    यदि किसी कारण से मठरी, चकली या नमकपारे हल्के नरम हो जाएं, तो उन्हें कुछ मिनट के लिए ओवन या एयर फ्रायर में कम तापमान पर हल्का गर्म किया जा सकता है। इसके बाद ठंडा होने पर उनकी कुरकुराहट काफी हद तक वापस आ जाती है। हालांकि, अधिक देर तक गर्म करने से स्नैक्स जल भी सकते हैं, इसलिए तापमान और समय का विशेष ध्यान रखना जरूरी है।

  • 'रामायण' ट्रेलर लॉन्च से पहले रणबीर कपूर की तबीयत बिगड़ी, आंखों के संक्रमण के बावजूद इवेंट में होंगे शामिल

    'रामायण' ट्रेलर लॉन्च से पहले रणबीर कपूर की तबीयत बिगड़ी, आंखों के संक्रमण के बावजूद इवेंट में होंगे शामिल

    नई दिल्ली । अभिनेता रणबीर कपूर की तबीयत को लेकर एक अहम जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह इन दिनों कंजंक्टिवाइटिस यानी आंखों के संक्रमण से जूझ रहे हैं। यह खबर ऐसे समय आई है जब उनकी बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण: पार्ट 1’ के मेगा ट्रेलर लॉन्च की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। हालांकि स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बावजूद रणबीर के निर्धारित कार्यक्रम में शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।

    बताया जा रहा है कि फिल्म का भव्य ट्रेलर लॉन्च नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को बड़े स्तर पर आयोजित करने की तैयारी की गई है, जिसमें फिल्म से जुड़े प्रमुख कलाकारों और निर्माताओं की मौजूदगी रहने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, रणबीर कपूर भी अपनी स्वास्थ्य स्थिति के बावजूद इस आयोजन में शामिल होकर अपनी पेशेवर प्रतिबद्धता निभाने का फैसला कर चुके हैं।

    रिपोर्ट्स के अनुसार, आंखों के संक्रमण की शुरुआत सबसे पहले रणबीर कपूर की बेटी राहा को हुई थी। बाद में यह संक्रमण रणबीर तक भी पहुंच गया। हालांकि उनकी स्थिति गंभीर नहीं बताई जा रही है, लेकिन सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान संक्रमण को देखते हुए अतिरिक्त सावधानी बरती जाएगी। फिलहाल उनकी स्वास्थ्य स्थिति पर नजर रखी जा रही है।

    ‘रामायण: पार्ट 1’ इस समय हिंदी सिनेमा की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान श्रीराम की भूमिका निभा रहे हैं। लंबे समय से इस फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है और ट्रेलर लॉन्च को भी एक बड़े सिनेमाई आयोजन के रूप में देखा जा रहा है। इसी वजह से रणबीर की तबीयत से जुड़ी खबर ने प्रशंसकों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।

    फिल्म के ट्रेलर को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी) से ‘यू’ सर्टिफिकेट मिल चुका है। इसका अर्थ है कि ट्रेलर सभी आयु वर्ग के दर्शकों के लिए उपयुक्त माना गया है। जानकारी के अनुसार, ट्रेलर के दो अलग-अलग संस्करण प्रमाणन के लिए भेजे गए थे, जिनकी अवधि लगभग चार मिनट के आसपास है। माना जा रहा है कि इनमें से एक संस्करण सिनेमाघरों में भी प्रदर्शित किया जाएगा।

    फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी कर रहे हैं, जबकि इसका निर्माण नमित मल्होत्रा के नेतृत्व में किया जा रहा है। ट्रेलर लॉन्च समारोह में फिल्म की प्रमुख स्टारकास्ट के शामिल होने की संभावना है। हालांकि फिल्म में रावण की भूमिका निभा रहे यश और हनुमान के किरदार में नजर आने वाले सनी देओल की उपस्थिति को लेकर अभी आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।

    ‘रामायण’ को दो भागों में रिलीज करने की योजना बनाई गई है। पहला भाग दिवाली 2026 के अवसर पर सिनेमाघरों में रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग दिवाली 2027 में दर्शकों के सामने आएगा। फिल्म की घोषणा के बाद से ही इसे लेकर दर्शकों में काफी उत्साह बना हुआ है। अब सभी की नजर ट्रेलर लॉन्च और रणबीर कपूर की उपस्थिति पर टिकी हुई है, क्योंकि यह आयोजन फिल्म के प्रचार अभियान का सबसे महत्वपूर्ण चरण माना जा रहा है।

  • सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरीं सोनाक्षी सिन्हा, वीडियो जारी कर बोलीं- अब चुप नहीं बैठ सकती, संवाद की अपील

    सोनम वांगचुक के समर्थन में उतरीं सोनाक्षी सिन्हा, वीडियो जारी कर बोलीं- अब चुप नहीं बैठ सकती, संवाद की अपील

    नई दिल्ली। दिल्ली के जंतर-मंतर पर सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक का अनिश्चितकालीन अनशन लगातार 19वें दिन भी जारी है। इस बीच उनके समर्थन में अब बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाक्षी सिन्हा भी खुलकर सामने आई हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी करते हुए अनशन को लेकर चिंता व्यक्त की और सरकार तथा समाज से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने की अपील की। अभिनेत्री ने कहा कि अब वह इस विषय पर चुप नहीं रह सकतीं और संवाद के जरिए समाधान निकालना जरूरी है।

    अपने वीडियो संदेश में सोनाक्षी सिन्हा ने कहा कि सोनम वांगचुक देश के लिए महत्वपूर्ण योगदान देने वाले व्यक्ति हैं और लंबे समय से बिना भोजन के अनशन पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि उन छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है, जिनकी शिक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं। उनके अनुसार, यदि किसी नागरिक को अपनी बात मनवाने के लिए इतने लंबे समय तक भूख हड़ताल करनी पड़े, तो यह सभी के लिए चिंतन का विषय होना चाहिए।

    अभिनेत्री ने यह भी कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद सबसे प्रभावी माध्यम होता है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर इतने दिनों से चल रहे अनशन के बावजूद सार्थक बातचीत की पहल क्यों नहीं हो रही है। उनका मानना है कि यदि समय रहते बातचीत शुरू की जाए तो किसी भी विवाद का शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकता है और हालात को गंभीर होने से रोका जा सकता है।

    सोनाक्षी सिन्हा ने अपने संदेश में स्पष्ट किया कि देश और उसके भविष्य की चिंता करना प्रत्येक नागरिक का अधिकार और जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि देशहित में अपनी बात रखना किसी राजनीतिक पक्ष का समर्थन या विरोध नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि वह सोनम वांगचुक से अनशन समाप्त करने की अपील नहीं कर रहीं, बल्कि संबंधित पक्षों से जल्द बातचीत शुरू करने का आग्रह कर रही हैं ताकि किसी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।

    इस मुद्दे पर सोशल मीडिया पर भी लगातार प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई लोगों ने सोनाक्षी सिन्हा के बयान का समर्थन करते हुए कहा कि उन्होंने एक महत्वपूर्ण विषय पर अपनी आवाज उठाई है। वहीं कुछ लोगों ने इस मामले पर अलग-अलग दृष्टिकोण भी व्यक्त किए हैं। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस वीडियो को बड़ी संख्या में देखा और साझा किया जा रहा है।

    गौरतलब है कि सोनम वांगचुक पिछले 19 दिनों से जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे हैं। उनकी बिगड़ती सेहत को लेकर भी चिंता जताई जा रही है और इस मामले से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया भी जारी है। दिल्ली हाईकोर्ट में इस संबंध में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हो रही है, जबकि प्रदर्शन को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों और कई सार्वजनिक हस्तियों की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। ऐसे में यह मुद्दा अब केवल एक आंदोलन तक सीमित न रहकर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है।

  • विप्रो के पहली तिमाही नतीजे जारी, मुनाफे में गिरावट के बीच कंपनी ने अंतरिम लाभांश का किया ऐलान

    विप्रो के पहली तिमाही नतीजे जारी, मुनाफे में गिरावट के बीच कंपनी ने अंतरिम लाभांश का किया ऐलान

    नई दिल्ली । देश की प्रमुख आईटी कंपनी विप्रो ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी के अनुसार, अप्रैल-जून तिमाही में उसके शुद्ध मुनाफे में तिमाही आधार पर 4.7 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है, जबकि कुल आय में केवल मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और आईटी सेवाओं की मांग में संतुलित वृद्धि के बीच कंपनी का प्रदर्शन बाजार की निगाहों में बना हुआ है।

    कंपनी की ओर से जारी वित्तीय आंकड़ों के अनुसार, पहली तिमाही में विप्रो का समेकित शुद्ध लाभ घटकर 3,352 करोड़ रुपये रहा। वहीं, कंपनी की कुल आय तिमाही आधार पर लगभग एक प्रतिशत बढ़कर 24,480 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। सालाना आधार पर आय में दो अंकों की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मुनाफा लगभग स्थिर रहा।

    परिचालन प्रदर्शन की बात करें तो आईटी सेवा कारोबार का ऑपरेटिंग मार्जिन 16 प्रतिशत रहा। यह पिछली तिमाही और पिछले वर्ष की समान अवधि दोनों की तुलना में कम रहा। मार्जिन में आई गिरावट को लागत और बाजार परिस्थितियों से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि कंपनी ने नकदी प्रवाह के मोर्चे पर सकारात्मक प्रदर्शन दर्ज किया है।

    जून तिमाही के दौरान कंपनी का ऑपरेटिंग कैश फ्लो बढ़कर 3,290 करोड़ रुपये हो गया। यह तिमाही की शुद्ध आय का लगभग 98 प्रतिशत रहा, जिसे कंपनी के लिए मजबूत नकदी स्थिति का संकेत माना जा रहा है। वहीं पिछले 12 महीनों के आधार पर स्वैच्छिक कर्मचारी त्याग दर 13.9 प्रतिशत दर्ज की गई, जो आईटी उद्योग में मानव संसाधन की स्थिति का एक महत्वपूर्ण संकेतक मानी जाती है।

    विप्रो ने आगामी तिमाही के लिए भी अपना कारोबारी अनुमान जारी किया है। कंपनी का कहना है कि आईटी सेवा कारोबार की आय में अगली तिमाही के दौरान 1.5 प्रतिशत तक गिरावट या 0.5 प्रतिशत तक वृद्धि हो सकती है। इससे संकेत मिलता है कि कंपनी फिलहाल सतर्क कारोबारी दृष्टिकोण अपनाए हुए है और वैश्विक बाजार की परिस्थितियों पर करीबी नजर बनाए हुए है।

    कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और प्रबंध निदेशक श्रीनी पल्लिया ने कहा कि वैश्विक ग्राहक अब केवल तकनीकी आधुनिकीकरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित परिचालन मॉडल को तेजी से अपना रहे हैं। उनके अनुसार, विप्रो अपनी कंसल्टिंग विशेषज्ञता और एआई आधारित समाधान के माध्यम से ग्राहकों को उनके कारोबारी बदलाव में सहयोग दे रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी की रणनीति ग्राहकों के व्यवसाय में एआई को प्रभावी ढंग से शामिल करने पर केंद्रित है।

    तिमाही नतीजों के साथ कंपनी के निदेशक मंडल ने प्रति इक्विटी शेयर दो रुपये के अंतरिम लाभांश की भी घोषणा की है। शेयर बाजार में परिणाम जारी होने के बाद कंपनी के शेयर में बढ़त देखने को मिली। हालांकि पिछले कुछ महीनों और एक वर्ष के दौरान शेयर के प्रदर्शन में गिरावट दर्ज की गई है। अब निवेशकों की नजर कंपनी की आगामी तिमाहियों की रणनीति, वैश्विक आईटी मांग और एआई आधारित सेवाओं के विस्तार पर बनी रहेगी।

  • एडीबी की रिपोर्ट में भारत-नेपाल डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देने की सिफारिश, सीमा-पार लेनदेन होंगे आसान

    एडीबी की रिपोर्ट में भारत-नेपाल डिजिटल भुगतान व्यवस्था को बढ़ावा देने की सिफारिश, सीमा-पार लेनदेन होंगे आसान

    नई दिल्ली । एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने भारत और नेपाल के बीच डिजिटल पेमेंट कॉरिडोर को दोनों देशों की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण अवसर बताया है। बैंक का मानना है कि सीमा-पार डिजिटल भुगतान प्रणाली को मजबूत करने से व्यापार, पर्यटन और रेमिटेंस के क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। एडीबी ने अपनी हालिया रिपोर्ट में कहा है कि दोनों देशों के बीच हर वर्ष अरबों डॉलर का आर्थिक लेनदेन होता है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा अब भी पारंपरिक बैंकिंग माध्यमों के जरिए संचालित होता है।

    रिपोर्ट के अनुसार, डिजिटल भुगतान तकनीक में तेज प्रगति के बावजूद सीमा-पार भुगतान व्यवस्था का पूरा लाभ अभी तक नहीं उठाया जा सका है। एडीबी का कहना है कि यदि दोनों देशों के बीच भुगतान प्रणालियों को अधिक इंटरऑपरेबल और समन्वित बनाया जाए तो व्यापारियों, पर्यटकों और आम उपभोक्ताओं के लिए भुगतान प्रक्रिया अधिक तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो सकती है।

    रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि नेपाल के डिजिटल भुगतान तंत्र को मजबूत करने के लिए क्रॉस-बॉर्डर पेमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर, नियामकीय समन्वय, भुगतान प्रणालियों की इंटरऑपरेबिलिटी और बाजार एकीकरण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। साथ ही घरेलू डिजिटल अवसंरचना और संस्थागत क्षमता को मजबूत करने के लिए विभिन्न हितधारकों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता भी बताई गई है।

    वर्ष 2024 में नेपाल राष्ट्र बैंक और भारतीय रिजर्व बैंक ने नेपाल के नेशनल पेमेंट्स इंटरफेस को भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) से जोड़ने की दिशा में नियामकीय समझौते किए थे। इसके बाद मार्च 2024 से भारतीय नागरिक नेपाल में फोनेपे और खल्ती जैसे क्यूआर कोड के माध्यम से अपने भारतीय भुगतान ऐप का उपयोग कर भुगतान कर रहे हैं। इस सुविधा को सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और डिजिटल लेनदेन में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है।

    रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआत में प्रतिदिन लगभग 500 डिजिटल भुगतान दर्ज किए जाते थे, जो वर्ष 2025 की शुरुआत तक बढ़कर करीब 2,000 प्रतिदिन हो गए। इससे प्रतिदिन लाखों नेपाली रुपये का कारोबार हो रहा है और कुल सीमा-पार डिजिटल भुगतान का आंकड़ा भी लगातार बढ़ रहा है। इसके अलावा नेपालपे क्यूआर प्रणाली का उपयोग अन्य देशों के पर्यटक भी कर रहे हैं, जिससे डिजिटल भुगतान का दायरा और विस्तृत हुआ है।

    हालांकि एडीबी ने यह भी उल्लेख किया है कि अभी तक नेपाल के नागरिकों के लिए भारत में क्यूआर कोड आधारित भुगतान की समान सुविधा पूरी तरह शुरू नहीं हो सकी है। रिपोर्ट के अनुसार, कमीशन संरचना और शुल्क निर्धारण से जुड़े कुछ नियामकीय मुद्दे इस दिशा में प्रमुख बाधा बने हुए हैं। इन चुनौतियों के समाधान के बाद दोनों देशों के बीच पूरी तरह द्विपक्षीय डिजिटल भुगतान व्यवस्था लागू की जा सकती है।

    एडीबी ने सिफारिश की है कि भारत और नेपाल को सीमा-पार डिजिटल भुगतान से जुड़े लंबित मुद्दों का शीघ्र समाधान करना चाहिए। बैंक का मानना है कि आधुनिक भुगतान प्रणाली को व्यापक स्तर पर लागू करने से द्विपक्षीय व्यापार को नई गति मिलेगी, पर्यटकों को अधिक सुविधा मिलेगी और दोनों देशों के बीच रेमिटेंस भेजने की प्रक्रिया भी पहले की तुलना में अधिक सरल, तेज और किफायती बन सकेगी।

  • वैश्विक तनाव के बीच सपाट बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से 393 अंक फिसला, निफ्टी भी बढ़त गंवाकर बंद

    वैश्विक तनाव के बीच सपाट बंद हुआ शेयर बाजार, सेंसेक्स दिन के उच्चतम स्तर से 393 अंक फिसला, निफ्टी भी बढ़त गंवाकर बंद

    नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच गुरुवार को भारतीय शेयर बाजार उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बाद लगभग सपाट स्तर पर बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में निवेशकों की खरीदारी से बाजार में अच्छी तेजी देखने को मिली, लेकिन दिन के दूसरे हिस्से में मुनाफावसूली हावी होने से अधिकांश बढ़त खत्म हो गई। कारोबार समाप्त होने पर बीएसई सेंसेक्स 1.44 अंक की मामूली बढ़त के साथ 77,186.87 अंक पर बंद हुआ, जबकि एनएसई निफ्टी 50 सूचकांक 5.75 अंक की गिरावट के साथ 24,072.75 अंक पर बंद हुआ।

    कारोबार की शुरुआत सकारात्मक रही। सेंसेक्स करीब 203 अंकों की बढ़त के साथ खुला और दिन के दौरान 77,579.69 अंक के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में बिकवाली बढ़ने से यह अपने इंट्रा-डे हाई से करीब 393 अंक नीचे फिसलकर बंद हुआ। इसी तरह निफ्टी भी शुरुआती मजबूती के साथ 24,186.50 अंक तक पहुंचा, लेकिन अंतिम घंटों में मुनाफावसूली के चलते अपनी अधिकांश बढ़त गंवा बैठा।

    बाजार की व्यापक तस्वीर मिश्रित रही। कारोबार के दौरान लगभग 1,947 शेयरों में तेजी दर्ज की गई, जबकि 2,119 शेयर गिरावट के साथ बंद हुए और 194 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.41 प्रतिशत और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 0.10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि निवेशकों ने मुनाफावसूली को प्राथमिकता दी।

    सेक्टोरल प्रदर्शन की बात करें तो कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 1.48 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा मीडिया, आईटी, ऑटो, एफएमसीजी और फार्मा शेयरों में भी खरीदारी देखने को मिली। दूसरी ओर रियल्टी, पीएसयू बैंक, मेटल, प्राइवेट बैंक और बैंकिंग शेयरों पर दबाव बना रहा। रियल्टी इंडेक्स में सबसे अधिक करीब एक प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

    निफ्टी 50 के प्रमुख बढ़त वाले शेयरों में एचसीएल टेक, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), विप्रो, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस और महिंद्रा एंड महिंद्रा शामिल रहे। वहीं इटरनल, एसबीआई लाइफ, बजाज फिनसर्व, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में सबसे अधिक गिरावट दर्ज की गई।

    बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और एशियाई बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के कारण निवेशक पूरे सत्र के दौरान सतर्क बने रहे। महंगाई से जुड़ी चिंताओं का असर विशेष रूप से बैंकिंग और रियल्टी शेयरों पर देखने को मिला। हालांकि कुछ पेट्रोकेमिकल उत्पादों पर आयात शुल्क दोबारा लागू होने और चुनिंदा कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों के चलते केमिकल सेक्टर में मजबूती बनी रही।

    विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कंपनियों के तिमाही परिणाम, प्रबंधन की भविष्य की रणनीति, मानसून की प्रगति, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक घटनाक्रम पर रहेगी। यही कारक निकट भविष्य में भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।

  • 15 साल का साथ एक ही दिन हुआ खत्म, मालिक के निधन के बाद अंतिम यात्रा में डॉग ने भी तोड़ा दम, भावुक विदाई की अनोखी मिसाल

    15 साल का साथ एक ही दिन हुआ खत्म, मालिक के निधन के बाद अंतिम यात्रा में डॉग ने भी तोड़ा दम, भावुक विदाई की अनोखी मिसाल

    मध्य प्रदेश के बैतूल जिले से इंसान और उसके पालतू साथी के बीच अटूट प्रेम और वफादारी की एक ऐसी भावुक घटना सामने आई है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। शहर के सिविल लाइन क्षेत्र निवासी 67 वर्षीय प्रदीप जैन का बीमारी के दौरान निधन हो गया। उनके निधन के बाद परिवार के 15 साल पुराने पालतू डॉग ‘डुग्गू’ ने जिस तरह अपने मालिक का अंतिम समय तक साथ निभाया, उसने वहां मौजूद लोगों को भावुक कर दिया। अंतिम यात्रा के दौरान मालिक की अर्थी के पीछे-पीछे चल रहे डुग्गू ने भी कुछ दूरी तय करने के बाद दम तोड़ दिया।

    जानकारी के अनुसार, प्रदीप जैन पिछले कई दिनों से बीमार थे और उनका उपचार भोपाल स्थित एम्स अस्पताल में चल रहा था। करीब आठ दिनों तक इलाज के बाद उनका निधन हो गया। इसके बाद उनका पार्थिव शरीर अंतिम संस्कार के लिए बैतूल लाया गया, जहां परिजन, रिश्तेदार और परिचित अंतिम दर्शन के लिए पहुंचे। इस दौरान डुग्गू लगातार अपने मालिक के पार्थिव शरीर के पास जाने की कोशिश करता रहा। परिवार के सदस्यों ने उसे अलग कमरे में रखा, लेकिन वह पूरी रात बेचैन रहा और लगातार आवाजें निकालता रहा, मानो उसे अपने प्रिय मालिक के बिछड़ने का एहसास हो गया हो।

    अगले दिन जब प्रदीप जैन की अंतिम यात्रा निकाली गई तो डुग्गू भी अर्थी के पीछे-पीछे चल पड़ा। वह पूरी श्रद्धा और लगाव के साथ अपने मालिक की अंतिम विदाई में शामिल रहा। कुछ दूरी तक चलने के बाद अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई और वहीं उसकी सांसें थम गईं। यह दृश्य देखकर अंतिम यात्रा में शामिल सभी लोग भावुक हो गए। कई लोगों की आंखों से आंसू छलक पड़े और हर कोई इस अनोखे रिश्ते की चर्चा करता नजर आया।

    परिजनों ने प्रदीप जैन का अंतिम संस्कार पूरे हिंदू रीति-रिवाज के साथ किया। वहीं डुग्गू को भी सम्मानपूर्वक गंज मोक्षधाम परिसर के समीप दफनाया गया। परिवार का कहना है कि डुग्गू केवल एक पालतू जानवर नहीं, बल्कि घर का सदस्य था। उसने अपने पूरे जीवन में परिवार के साथ गहरा जुड़ाव बनाए रखा और विशेष रूप से प्रदीप जैन के प्रति उसका लगाव बेहद खास था।

    प्रदीप जैन के छोटे भाई दिलीप जैन ने बताया कि डुग्गू पिछले 15 वर्षों से परिवार के साथ रह रहा था। जैसे ही प्रदीप जैन घर लौटते, वह दौड़कर उनका स्वागत करता था। जब भी उनकी तबीयत खराब होती, डुग्गू भी उदास रहने लगता था और उनके आसपास ही बना रहता था। परिवार का मानना है कि मालिक के बिछड़ने का दुख वह सहन नहीं कर सका और आखिर तक उनका साथ निभाते हुए उसने भी दुनिया को अलविदा कह दिया।

    यह घटना केवल एक पालतू जानवर की वफादारी की कहानी नहीं, बल्कि इंसान और बेजुबान के बीच विश्वास, अपनापन और निस्वार्थ प्रेम के उस रिश्ते की मिसाल बन गई है, जिसे देखकर हर कोई भावुक हो उठा।

  • भारत टैक्स-2026 में CM मोहन यादव का निवेशकों को न्योता, बोले- MP बनेगा देश का टेक्सटाइल हब

    भारत टैक्स-2026 में CM मोहन यादव का निवेशकों को न्योता, बोले- MP बनेगा देश का टेक्सटाइल हब


    भोपाल। मध्‍य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति कर रहा है। मध्य प्रदेश टैक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में उपलब्ध संसाधनों का बेहतर प्रबंधन करते हुए कपड़ा उत्पादन और रोजगार दोनों को बढ़ा रहा है। टैक्सटाइल इंडस्ट्री से राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिल रही है।

    यह बात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम् में भारत टैक्स-2026 के अंतर्गत आयोजित राउंड टेबल संवाद कार्यक्रम में कही। इस अवसर पर केंद्रीय टैक्टाइल मंत्री गिरिराज किशोर, प्रमुख टैक्टाइल उद्योग प्रतिनिधि, केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के अधिकारी तथा राज्य सरकार के अधिकारी उपस्थित थे।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने धार जिले में देश के पहले पीएम मित्र पार्क की आधारशिला रखी है। इससे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से 3 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा और मालवा-निमाड़ अंचल के 6 लाख से अधिक कपास उत्पादक किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा। पीएम मित्र पार्क से खेत से लेकर गारमेंट इंडस्ट्री और इंडस्ट्री से वैश्विक बाजार तक प्रदेश के उत्पादों की पहुंच आसान होगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उद्योपतियों और निवेशकों को मध्यप्रदेश में अपना उद्योग स्थापित करने का आमंत्रण देते हुए कहा कि एक बार जो मध्यप्रदेश आता है वहीं का होकर रह जाता है। हृदय प्रदेश सभी उद्योगपतियों का स्वागत कर रहा है।

    महेश्वरी और चंदेरी साड़ियां वस्त्र उद्योग में विशेष स्थान

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि आज भारत मंडपम् में वस्त्र उद्योग का कुंभ आयोजित हो रहा है। मध्यप्रदेश सरकार, सभी वैश्विक ब्रांड्स के प्रतिनिधि, निवेशक, उद्योगपति, पॉलिसी मेकर और फैशन डिजाइनर भारत सरकार के संकल्प के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने के लिए तैयार है। वर्तमान समय ब्रांडिंग और पैकेजिंग का है। प्राचीन समय में लोकमाता अहिल्याबाई होल्कर ने स्थानीय बुनकरों को रोजगार से जोड़ने के लिए महेश्वरी साड़ियां तैयार करने की शुरुआत करवाई थी। महेश्वरी साड़ियां वर्तमान में भी देश-विदेश मे लोकप्रिय है। चंदेरी की साड़ियां भी वस्त्र उद्योग में विशेष स्थान रखती हैं। आज भी स्वावलंबन और रोजगार परक उद्योग हमारी पहचान हैं।

    राज्य सरकार ने उद्योगपतियों और निवेशकों से किए पूरे किए सभी वादे

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश अब जरी स्टेट, रेशम स्टेट, मैनमेड फाइबर स्टेट, कॉटन कैपिटल बन चुका है। राज्य में टैक्सटाइल और गारमेंट सेक्टर में आगे बढ़ने की अपार संभावनाएं हैं। प्रदेश में बेहतर कानून व्यवस्था, कुशल कामगारों की पर्याप्त उपलब्धता और श्रमिकों के साथ आत्मीय संबंध बेहतर औद्योगिक वातावरण प्रदान करते है। राज्य सरकार ने उद्योगपति और निवेशकों से किए अपने सभी वायदे पूरे किए हैं। सभी सेक्टर्स में उद्योगपतियों और निवेशकों को सब्सिडी के रूप में उनके हक की राशि डीबीटी के माध्यम से ट्रांसफर की जा चुकी है। राज्य सरकार ने मई 2026 तक की सभी देनदारियां चूकता कर दी हैं। प्रदेश सरकार ने डेढ़ साल में लगभग 5500 करोड़ रुपए की राशि उद्योगपतियों को सब्सिडी के रूप में उपलब्ध करायी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश ने ग्रीन एनर्जी सेक्टर में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की हैं। राज्य में सोलर और पंप स्टोरेज से निर्मित बिजली की पर्याप्त उपलब्धता है।

    राउंड टेबल चर्चा का शुभारंभ उद्योग प्रतिनिधियों द्वारा मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय के प्रतिनिधियों के स्वागत से हुआ। प्रमुख सचिव, औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन राघवेंद्र कुमार सिंह ने मध्यप्रदेश के टेक्सटाइल एवं गारमेंट इको सिस्टम, निवेश अवसरों, औद्योगिक नीतियों तथा उपलब्ध सुविधाओं पर विस्तृत प्रस्तुति दी। केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय की अतिरिक्त सचिव आरती कंवर ने भी विशेष संबोधन में वस्त्र क्षेत्र में राज्यों और उद्योगों के बीच समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन प्रतिमा सिंटेक्स के प्रबंध निदेशक श्रेयस्कर चौधरी ने किया।

    मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने टेक्सटाइल उद्योग के प्रमुख प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठक कर निवेश, उत्पादन, निर्यात और रोजगार सृजन से जुड़े विषयों पर चर्चा की। इस अवसर पर अपैरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल, मैनमेड एंड टेक्निकल टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल तथा द कॉटन टेक्सटाइल्स एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के साथ सहयोग संबंधी एमओयू पर हस्ताक्षर भी किए गए।

    मुख्यमंत्री ने भारत टैक्स-2026 में लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और देश के प्रमुख टेक्सटाइल उद्योग प्रतिनिधियों के साथ राउंड टेबल चर्चा में हिस्सा लिया। इस अवसर पर केंद्रीय वस्त्र सचिव नीलम शम्मी राव और औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह सहित केंद्र और राज्य के अधिकारी मौजूद थे।

  • अग्निवीर सेना भर्ती रैली की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक

    अग्निवीर सेना भर्ती रैली की तैयारियों को लेकर मंत्री सारंग ने ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक


    भोपाल। मध्‍य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने गुरुवार को राजधानी भोपाल के अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नाथू बरखेड़ा में 28 जुलाई से 8 अगस्त तक होने वाली अग्निवीर सेना भर्ती रैली की तैयारियों को लेकर सेना भर्ती कार्यालय (एआरओ), जिला प्रशासन एवं खेल और युवा कल्याण विभाग सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों की संयुक्त समीक्षा बैठक ली।

    मंत्री सारंग ने बैठक में भर्ती रैली के सफल, सुरक्षित एवं सुव्यवस्थित आयोजन के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं की बिंदुवार समीक्षा करते हुए सभी संबंधित विभागों को निर्धारित समय-सीमा में तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। मंत्री सारंग ने कहा कि अग्निवीर भर्ती रैली केवल एक प्रशासनिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रदेश के हजारों युवाओं के लिए भारतीय सेना में शामिल होकर राष्ट्रसेवा का स्वर्णिम अवसर है। इसलिए सभी विभाग यह सुनिश्चित करें कि भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, व्यवस्थित एवं अभ्यर्थी हितैषी वातावरण में संपन्न हो। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सेना भर्ती कार्यालय एवं जिला प्रशासन के साथ पूरा समन्वय स्थापित कर प्रत्येक आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराएगी।

    मंत्री सारंग ने कहा कि भर्ती रैली में प्रदेश के विभिन्न जिलों के साथ पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ से भी बड़ी संख्या में अभ्यर्थी भोपाल आएंगे। ऐसे में यातायात, सुरक्षा, पेयजल, चिकित्सा, स्वच्छता एवं अन्य मूलभूत व्यवस्थाओं में किसी प्रकार की कमी नहीं रहनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी व्यवस्थाओं का पूर्वाभ्यास एवं संयुक्त निरीक्षण समय रहते कर लिया जाए ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की असुविधा उत्पन्न नहीं हो।

    बैठक में सेना भर्ती कार्यालय द्वारा विभिन्न विभागों को सौंपे गए दायित्वों की विस्तार से समीक्षा की गई। मंत्री सारंग ने खेल एवं युवा कल्याण विभाग को अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में 400 मीटर एथलेटिक्स ट्रैक, परीक्षण क्षेत्र, खेल मैदान एवं अन्य खेल अधोसंरचना पूरी तरह तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आयोजन स्थल पर सेना एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय के लिए नोडल अधिकारी की नियुक्ति सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस विभाग को भर्ती रैली की संपूर्ण अवधि में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ नियंत्रण तथा सुचारु यातायात संचालन के निर्देश दिए। वहीं स्वास्थ्य विभाग को मेडिकल टीम, चिकित्सकों, एम्बुलेंस एवं प्राथमिक उपचार की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा।

    मंत्री सारंग ने नगर निगम एवं लोक निर्माण विभाग को परीक्षण क्षेत्र में आवश्यक बैरिकेडिंग, स्वच्छता, मोबाइल शौचालय, कचरा प्रबंधन तथा परिसर की नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आयोजन स्थल पर पर्याप्त पेयजल, टेंट, शेड, बैठने की व्यवस्था, मौसम के अनुरूप पंखे, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) तथा अग्निशमन वाहन उपलब्ध रखने के निर्देश भी दिए।

    बैठक में सेना के अधिकारियों एवं जवानों के आवास, परिवहन एवं पार्किंग व्यवस्था की भी समीक्षा की गई। मंत्री सारंग ने निर्देश दिए कि सेना के अधिकारियों एवं जवानों के ठहरने के लिए उपयुक्त व्यवस्था की जाए तथा उनके आवागमन के लिये आवश्यक वाहन उपलब्ध कराए जाएं। साथ ही अभ्यर्थियों के रात्रि विश्राम एवं परिवहन की समुचित व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। बैठक में निर्णय लिया गया कि आयोजन स्थल पर अस्थायी विद्युत कनेक्शन, निर्बाध विद्युत आपूर्ति के लिए जनरेटर बैकअप, इंटरनेट कनेक्शन, रेलवे स्टेशन एवं बस स्टैंड पर आवश्यक सहायता व्यवस्था तथा दस्तावेजों के सत्यापन के लिए कंप्यूटर एवं ऑपरेटर उपलब्ध कराए जाएंगे। इसके अलावा अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए न्यूनतम दरों पर भोजन एवं नाश्ते के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।

    मंत्री सारंग ने निर्देशित किया कि भर्ती रैली प्रारंभ होने से पूर्व सेना भर्ती कार्यालय, जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों की संयुक्त बैठक एवं स्थल निरीक्षण कर सभी व्यवस्थाओं का अंतिम परीक्षण कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार का उद्देश्य केवल सफल आयोजन नहीं, बल्कि प्रत्येक अभ्यर्थी को सम्मानजनक, सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।

    उल्लेखनीय है कि सेना भर्ती कार्यालय, भोपाल द्वारा आयोजित यह अग्निवीर भर्ती रैली 28 जुलाई से 8 अगस्त तक अंतर्राष्ट्रीय स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, नाथू बरखेड़ा, भोपाल में होगी। भर्ती रैली में मध्यप्रदेश के 15 जिले—भोपाल, सीहोर, रायसेन, विदिशा, राजगढ़, अशोकनगर, गुना, नर्मदापुरम, हरदा, बैतूल, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, दमोह एवं पन्ना के अभ्यर्थी अग्निवीर जनरल ड्यूटी, अग्निवीर तकनीकी एवं अग्निवीर ट्रेड्समैन श्रेणियों में भाग लेंगे। इसके अतिरिक्त मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ़ के सभी जिलों के अभ्यर्थियों के लिए धर्म गुरु एवं एजुकेशन हवलदार श्रेणी की भर्ती भी की जाएगी।

    मंत्री सारंग ने कहा कि भारतीय सेना में भर्ती होने का सपना देखने वाले युवाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है और राज्य सरकार भर्ती रैली को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक संसाधन एवं सहयोग उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।