Author: bharati

  • देशभर में LPG की किल्लत, सिलेंडर की कालाबाजारी और इंडक्शन की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

    देशभर में LPG की किल्लत, सिलेंडर की कालाबाजारी और इंडक्शन की मांग में रिकॉर्ड बढ़ोतरी


    नई दिल्ली। देशभर में अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच एलपीजी (LPG) की किल्लत ने आम जनता और व्यापारियों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं, वहीं घरेलू और कॉमर्शियल सिलेंडरों की कालाबाजारी ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है।

    बिहार के कई शहरों में 1000 रुपए वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत अब1800 तक पहुँच गई है। मध्य प्रदेश में स्थिति और गंभीर है, यहाँ 1900 रुपए वाले कॉमर्शियल सिलेंडर को4000 में बेचा जा रहा है। इस बढ़ती कीमत और आपूर्ति संकट के कारण लोगों को गैस सिलेंडर पाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

    सप्लाई की कमी के चलते कई होटलों और रेस्टोरेंट्स ने इंडक्शन पर खाना बनाने की ओर रुख किया है। इसके परिणामस्वरूप बाजार में इंडक्शन की मांग में करीब 50% की बढ़ोतरी हुई है। गैस की कमी और कालाबाजारी ने ऊर्जा सुरक्षा और रोजमर्रा की जरूरतों पर गंभीर प्रभाव डाला है।

    सरकारी अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, आम जनता से अपील की गई है कि वे एलपीजी के सही उपयोग और अनुचित मूल्य वृद्धि से बचने के लिए सतर्क रहें।

    विशेषज्ञों का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा संकट और संघर्ष की वजह से एलपीजी की उपलब्धता अस्थायी रूप से प्रभावित हुई है, लेकिन सरकार उत्पादन बढ़ाकर और आपूर्ति चैन को सुचारू बनाए रखकर समस्या का समाधान कर रही है।

    इस संकट के बीच जनता और व्यवसायिक प्रतिष्ठान ऊर्जा विकल्पों की ओर बढ़ रहे हैं, जैसे कि इंडक्शन, पीएनजी, और अन्य वैकल्पिक ईंधन, ताकि खाना बनाने और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी की जा सकें।
    घरेलू सिलेंडर के दाम 1000 से 1800 तक बढ़े, कॉमर्शियल सिलेंडर1900 से4000 पर।इंडक्शन की मांग 50% बढ़ी।सरकार ने कालाबाजारी रोकने और आपूर्ति बढ़ाने के निर्देश दिए।ऊर्जा संकट के बीच वैकल्पिक ईंधनों पर ध्यान केंद्रित।

  • आजीविका मिशन से बदली महिलाओं की तकदीर, कृष्णा आजीविका समूह बना आत्मनिर्भरता की मिसाल

    आजीविका मिशन से बदली महिलाओं की तकदीर, कृष्णा आजीविका समूह बना आत्मनिर्भरता की मिसाल


    भोपाल । मजबूत संकल्प और सामूहिक प्रयास से सीमित संसाधनों के बावजूद बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है। इसका जीवंत उदाहरण बालाघाट जिले के लांजी विकासखंड के ग्राम कुल्पा की 13 महिलाओं ने पेश किया है। इन महिलाओं ने कृष्णा आजीविका स्व सहायता समूह से जुड़कर न केवल अपने जीवन में आर्थिक बदलाव लाया है बल्कि पूरे गांव में महिला सशक्तिकरण की एक नई मिसाल कायम की है।

    कुछ वर्ष पहले जब इन महिलाओं ने समूह की शुरुआत की थी तब उनके पास सीमित संसाधन थे लेकिन आत्मविश्वास और मेहनत की कमी नहीं थी। उन्होंने नियमित बैठकों मासिक बचत समय पर ऋण वापसी और सामूहिक निर्णय लेने की परंपरा को अपनाकर समूह को मजबूत बनाया। इसी अनुशासन और एकजुटता ने धीरे धीरे उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनने का रास्ता दिखाया।

    शुरुआती छह महीनों में ब्लॉक कार्यालय के मार्गदर्शन से समूह को 13 हजार रुपये की चक्रीय निधि प्राप्त हुई। इसी छोटी राशि से उन्होंने अपनी आर्थिक गतिविधियों की शुरुआत की। बाद में बैंक सखी के सहयोग से समूह को प्रथम सीसीएल के रूप में एक लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि को महिलाओं ने कृषि कार्य में निवेश किया और 12 महीनों के भीतर ब्याज सहित पूरा ऋण वापस कर दिया।

    समूह की सक्रियता और भरोसेमंद कार्यप्रणाली को देखते हुए उन्हें द्वितीय सीसीएल के रूप में 2 लाख रुपये और तृतीय सीसीएल में 3 लाख रुपये का ऋण मिला। इस राशि से महिलाओं ने बकरी पालन जनरल स्टोर पान दुकान सब्जी उत्पादन ऑनलाइन सेवा केंद्र और ट्रैक्टर खरीद जैसे छोटे छोटे व्यवसाय शुरू किए। इन गतिविधियों से न केवल उनकी आय में वृद्धि हुई बल्कि गांव में रोजगार के नए अवसर भी पैदा हुए।

    इसके बाद चतुर्थ सीसीएल के रूप में फिर 3 लाख रुपये की सहायता मिली जिससे महिलाओं ने अपने व्यवसायों का विस्तार किया। साथ ही ग्राम संगठन से 1 लाख 10 हजार रुपये की सीआईएफ राशि भी प्राप्त हुई जिसका उपयोग कृषि और बच्चों की शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में किया गया।

    आज इस समूह की कई महिलाएं अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। वछला दशहरे की मासिक आय करीब 20 हजार रुपये पुस्तकला वर्मा की लगभग 25 हजार रुपये रामबती दमाहे और इमला शेंडे की करीब 15 हजार रुपये तथा विमला नागपुरे की लगभग 8 हजार रुपये हो गई है। अन्य सदस्य भी बकरी पालन और कृषि कार्य से हर महीने 4 से 5 हजार रुपये की आय कमा रही हैं।

    इस समूह की सबसे प्रेरणादायक कहानी नीरा दशहरे की है। उन्होंने समूह से मिले सहयोग और ऋण का उपयोग अपनी तीनों बेटियों की शिक्षा के लिए किया। आज उनकी तीनों बेटियां अच्छी नौकरी कर रही हैं और लगभग एक लाख रुपये मासिक आय अर्जित कर रही हैं।

    ग्राम कुल्पा की इन महिलाओं ने यह साबित कर दिया है कि जब महिलाएं संगठित होकर आगे बढ़ती हैं तो वे न केवल अपने परिवार की आर्थिक स्थिति बदल सकती हैं बल्कि पूरे समाज में आत्मनिर्भरता और महिला सशक्तिकरण की नई रोशनी भी फैला सकती हैं।

  • भोपाल में 30-31 मार्च को तीन राज्यों के युवा विधायकों का भव्य सम्मेलन, संसदीय नेतृत्व और नीति निर्माण पर होगा मंथन

    भोपाल में 30-31 मार्च को तीन राज्यों के युवा विधायकों का भव्य सम्मेलन, संसदीय नेतृत्व और नीति निर्माण पर होगा मंथन


    नई दिल्ली। भोपाल में 30 और 31 मार्च को तीन राज्यों के युवा विधायकों का भव्य सम्मेलन आयोजित किया जाएगा, जिसमें मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के करीब 70 से 80 युवा विधायक हिस्सा लेंगे। यह सम्मेलन विधानसभा के विधान परिषद भवन में दो दिन तक चलेगा और इसका मुख्य उद्देश्य संसदीय प्रणाली, विधायी प्रक्रिया और युवा नेतृत्व की भूमिका पर विचार मंथन करना है।

    विशेष रूप से इस सम्मेलन में 45 वर्ष से कम उम्र के युवा विधायक शामिल होंगे, जो राजनीति में नए दृष्टिकोण और सक्रिय नेतृत्व की छवि रखते हैं। विधानसभा सचिवालय ने इस आयोजन की तैयारियों को अंतिम रूप दिया है और यह सुनिश्चित किया है कि सभी प्रतिभागियों के लिए व्यवस्थित व्यवस्था हो। राजस्थान और छत्तीसगढ़ से आने वाले विधायकों की सूची पहले ही मांगी जा चुकी है।

    इस सम्मेलन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार और संसदीय कार्यमंत्री कैलाश विजयवर्गीय शामिल होंगे। इसके अलावा, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्षों को भी आमंत्रण भेजा गया है।

    युवा विधायक सम्मेलन का उद्देश्य युवा नेताओं को संसदीय प्रणाली की बारीकियों से परिचित कराना, नीति निर्माण में उनकी सक्रिय भागीदारी बढ़ाना और अंतरराज्यीय सहयोग को मजबूत करना है। कार्यक्रम में युवा विधायकों को राज्य और केंद्र स्तर के अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा, जिससे उन्हें बेहतर नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता विकसित करने में मदद मिलेगी।

    संविधानिक प्रक्रियाओं और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर देते हुए यह सम्मेलन युवा विधायकों के लिए मार्गदर्शन और प्रेरणा का केंद्र बन जाएगा। विधानसभा सचिवालय और प्रमुख सचिव अरविंद शर्मा की देखरेख में यह आयोजन सुव्यवस्थित तरीके से संपन्न होगा। दो दिवसीय कार्यक्रम में सत्र, कार्यशालाएं और चर्चा सत्र होंगे, जिनमें सांसद और वरिष्ठ विधायक भी भाग लेकर मार्गदर्शन देंगे।

    इस सम्मेलन से न केवल तीनों राज्यों के युवा विधायक राजनीतिक और प्रशासनिक ज्ञान प्राप्त करेंगे, बल्कि वे आपसी अनुभव साझा करके नए विचारों और सुधारों के लिए प्रेरित होंगे। यह आयोजन राज्य और केंद्र के युवा नेताओं को एक मंच पर लाकर लोकतांत्रिक और उत्तरदायी नेतृत्व को बढ़ावा देगा।

  • राहुल गांधी का दो दिवसीय रायबरेली मेठी दौरा आज से, दिशा बैठक और जनता दर्शन कार्यक्रम

    राहुल गांधी का दो दिवसीय रायबरेली मेठी दौरा आज से, दिशा बैठक और जनता दर्शन कार्यक्रम


    अमेठी। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज से दो दिवसीय दौरे पर रायबरेली और अमेठी पहुंच रहे हैं। इस दौरान वे कई कार्यक्रमों में भाग लेने केसाथ पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। उनके दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने व्यापक तैयारियां कर ली हैं और स्थानीय स्तर पर उत्साह का माहौल है।

    जानकारी के अनुसार राहुल गांधी सबसे पहले फुरसतगंज एयरपोर्ट पहुंचेंगे। यहां से वे जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति दिशा की बैठक में शामिल होंगे। इस बैठक में रायबरेली जिले में चल रहे विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की समीक्षाकी जाएगी। साथ ही अधिकारियों के साथ विभिन्न परियोजनाओं की प्रगति पर चर्चा भी की जाएगी। बैठक के बाद राहुल गांधी रायबरेली में ही रुकेंगे और शाम को भुएमऊ गेस्ट हाउसमें रात्रि प्रवास करेंगे।

    अपने दौरे के दूसरे दिन वे अमेठी पहुंचेंगे। यहां नैना रिसॉर्ट मेंकांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जाएगी। इस बैठक में आगामी चुनावों की रणनीति और क्षेत्रीय मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। इसमें पार्टी के विभिन्न फ्रंटल संगठनों के पदाधिकारी, ब्लॉक और जिला स्तर के नेता तथा वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल होंगे।दौरे के दौरान राहुल गांधी जनता दर्शनकार्यक्रम में भी भाग लेंगे। इस कार्यक्रम में वे आम लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनेंगे और उन्हें समाधान का भरोसा देंगे।

    कांग्रेस अध्यक्ष प्रदीप सिंघल ने बताया कि राहुल गांधी के दौरे को लेकर पार्टीकार्यकर्ताओं में काफी उत्साह है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना है और पार्टी स्तर पर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। राहुल गांधी का यह दौरा राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों की रणनीति पर भी चर्चा होने की उम्मीद है।

  • हार्दिक पंड्या पर तिरंगे के अपमान का आरोप, टी-20 वर्ल्ड कप जश्न में वायरल वीडियो के आधार पर शिकायत दर्ज

    हार्दिक पंड्या पर तिरंगे के अपमान का आरोप, टी-20 वर्ल्ड कप जश्न में वायरल वीडियो के आधार पर शिकायत दर्ज



    नई दिल्ली। टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में भारत की जीत के जश्न के दौरान क्रिकेटर हार्दिक पंड्या पर राष्ट्रीय ध्वज के अपमान का आरोप लगाते हुए बेंगलुरु में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुणे के वकील वाजिद खान बिडकर ने यह शिकायत शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में दी। शिकायत में कहा गया है कि अहमदाबाद में भारत की जीत के मौके पर पंड्या ने अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मंच पर लेटते हुए तिरंगा ओढ़ा था, जो राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा के खिलाफ है।

    शिकायतकर्ता के अनुसार, मैदान पर जश्न मनाते हुए वायरल हुए वीडियो में पंड्या अपने कंधे पर तिरंगा ओढ़कर दौड़ते और नाचते दिखाई दे रहे हैं। वाजिद खान का आरोप है कि जश्न के दौरान पंड्या ने तिरंगे का सम्मान नहीं किया और इस कारण यह ‘द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971’ की धारा 2 के तहत अपराध बनता है। इस कानून के तहत राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा बनाए रखना अनिवार्य है और तिरंगे को जमीन पर गिराने या अनुचित तरीके से पहनने पर दंडनीय कार्रवाई की जा सकती है।

    प्रारंभ में पुलिस ने कहा कि घटना अहमदाबाद में हुई थी, इसलिए मामला वहीं दर्ज होना चाहिए, लेकिन वकील ने तर्क दिया कि तिरंगा पूरे देश का राष्ट्रीय प्रतीक है, इसलिए शिकायत कहीं भी दर्ज की जा सकती है। बाद में पुलिस ने उनकी शिकायत स्वीकार कर ली और उसकी कॉपी उन्हें प्रदान की।

    टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में भारत ने न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर ट्रॉफी अपने नाम की। यह भारत का तीसरा टी-20 वर्ल्ड कप खिताब है। इससे पहले भारत ने 2007 और 2024 में भी यह खिताब जीता था। खास बात यह है कि यह पहली बार है जब किसी टीम ने अपने ही देश में टी-20 वर्ल्ड कप जीतकर लगातार दो खिताब अपने नाम किए।

    इस बीच सोशल मीडिया पर पंड्या के वीडियो ने खूब सुर्खियां बटोरीं। खेल प्रेमियों और आलोचकों ने पंड्या की आलोचना करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज का सम्मान हर भारतीय की जिम्मेदारी है। वहीं, कई समर्थकों ने यह भी कहा कि जश्न के दौरान भावनाओं में गलती हो सकती है, लेकिन कानून का पालन करना सभी के लिए जरूरी है।

    पंड्या और उनके एजेंट की तरफ से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पुलिस ने कहा कि शिकायत दर्ज हो गई है और मामले की जांच की जाएगी। जांच में यह देखा जाएगा कि क्या पंड्या के द्वारा तिरंगे की गरिमा के साथ किसी प्रकार का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

    विशेषज्ञों के अनुसार, ‘द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टू नेशनल ऑनर एक्ट, 1971’ का उद्देश्य केवल दिखावे या अनजाने में किए गए उल्लंघन को नहीं, बल्कि जानबूझकर राष्ट्रीय प्रतीक का अपमान करने वाले कार्यों को रोकना है।

    इस पूरे मामले ने एक बार फिर खेल और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता पर बहस छेड़ दी है। इस घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि खेल के जश्न और राष्ट्रीय प्रतीकों के सम्मान के बीच संतुलन कैसे बनाए रखा जाए।

  • एविएशन क्षेत्र का आंकड़ा, भारत में 11,000 से अधिक पायलट, महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 1,900

    एविएशन क्षेत्र का आंकड़ा, भारत में 11,000 से अधिक पायलट, महिलाओं की हिस्सेदारी करीब 1,900


    नई दिल्ली। भारत में 11,000 से अधिक पायलट देश की बड़ी घरेलू एयरलाइंस में काम कर रहे हैं, जिनमें लगभग 1,900 महिला पायलट शामिल हैं। यह जानकारी सरकार ने गुरुवार को संसद में दी। भारतीय विमानन कंपनियों में कुल 11,394 पायलट कार्यरत हैं, जिनमें 1,871 महिला पायलट शामिल हैं।

    एयरलाइनवार पायलट आंकड़े
    देश की प्रमुख एयरलाइनों में पायलटों की संख्या इस प्रकार है:

    इंडिगो: सबसे बड़ी एयरलाइन, 5,200 पायलट, जिनमें 970 महिला पायलट शामिल।

    एयर इंडिया: 3,123 पायलट, जिनमें 508 महिला पायलट।

    एयर इंडिया एक्सप्रेस: 1,820 पायलट, 234 महिलाएं।

    अकासा एयर: 761 पायलट, 76 महिलाएं।

    स्पाइसजेट: 375 पायलट, 58 महिलाएं।

    एलायंस एयर: 115 पायलट, 25 महिलाएं।

    सरकार ने यह भी बताया कि विदेशी पायलटों की तादाद कुछ एयरलाइनों में है। एलायंस एयर में 15, एयर इंडिया एक्सप्रेस में 48 और इंडिगो में 29 विदेशी पायलट कार्यरत हैं।

    पायलट-से-विमान अनुपात
    विभिन्न एयरलाइनों में पायलट-से-विमान अनुपात अलग है:

    स्पाइसजेट: 9.4 पायलट प्रति विमान

    अकासा एयर: 9.33

    एयर इंडिया: 9.1

    एयर इंडिया एक्सप्रेस: 8.8

    इंडिगो: 7.6

    एलायंस एयर: सबसे कम, 6 पायलट प्रति विमान

    इससे एयरलाइनों में फ्लाइट ऑपरेशन के लिए पायलट उपलब्धता का अंदाजा लगाया जा सकता है।

    महिला पायलटों का बढ़ता योगदान
    महिला पायलटों की संख्या भारतीय विमानन क्षेत्र में लगातार बढ़ रही है। इंडिगो और एयर इंडिया जैसी बड़ी एयरलाइनों में महिला पायलट अब टीम की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी बन चुकी हैं। यह न केवल लैंगिक समानता को बढ़ावा देता है बल्कि नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत भी है।

    भारतीय विमानन क्षेत्र में विदेशी पायलट
    सरकार ने यह भी स्पष्ट किया कि कुछ एयरलाइनों ने विदेशी पायलटों को काम पर रखा है। यह कदम तकनीकी विशेषज्ञता, अंतरराष्ट्रीय मानकों और वैश्विक अनुभव सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

    नियमों में कड़ाई का प्रस्ताव
    इस बीच, डीजीसीए ने भारत से आने-जाने वाली विदेशी एयरलाइनों के लिए नियमों को कड़ा करने का प्रस्ताव दिया है। इसमें अनिवार्य डिजिटल पंजीकरण, स्थानीय प्रतिनिधियों के लिए कानूनी जवाबदेही, और औपचारिक यात्री शिकायत निवारण प्रणाली की स्थापना शामिल है। इसका उद्देश्य एयरलाइन संचालन में पारदर्शिता और सुरक्षा बढ़ाना है।

    संसद में दिए गए आंकड़े यह दर्शाते हैं कि भारत की प्रमुख एयरलाइंस में पायलटों की संख्या और उनका वितरण संतुलित है। महिला पायलटों की बढ़ती संख्या और पायलट-से-विमान अनुपात की जानकारी एयरलाइनों के सुरक्षित और सतत संचालन के लिए महत्वपूर्ण संकेत हैं। साथ ही, डीजीसीए के नए नियमों से यात्रियों और पायलट दोनों के लिए सुरक्षा और जवाबदेही सुनिश्चित होगी।

  • मौत के 'पॉइंट ब्लैंक' रेंज से लौटे फारूक अब्दुल्ला, 70 साल के हमलावर ने सिर पर तानी थी रिवॉल्वर Z+ सिक्योरिटी में चूक पर भड़के CM उमर

    मौत के 'पॉइंट ब्लैंक' रेंज से लौटे फारूक अब्दुल्ला, 70 साल के हमलावर ने सिर पर तानी थी रिवॉल्वर Z+ सिक्योरिटी में चूक पर भड़के CM उमर


    नई दिल्ली। बुधवार रात जम्मू के एक शादी समारोह में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला की हत्या का प्रयास किया गया। एक 70 वर्षीय हमलावर ने सुरक्षा घेरे को तोड़ते हुए अब्दुल्ला के सिर से महज कुछ इंच की दूरी पर पिस्टल तानकर फायरिंग कर दी। किस्मत और सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी की वजह से फारूक अब्दुल्ला बाल-बाल बच गए।

    घटनाक्रम: ‘शादी’ के जश्न के बीच गूंजी गोलियां
    फारूक अब्दुल्ला अपने साथी और डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी के साथ नेशनल कॉन्फ्रेंस कार्यकर्ता सुरजीत सिंह के बेटे की शादी में शामिल होने ‘रॉयल पार्क’ पहुंचे थे।जैसे ही फारूक अब्दुल्ला समारोह से बाहर निकल रहे थे, पीछे से आए कमल सिंह जामवाल ने उनके सिर पर रिवॉल्वर तान दी।सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि हमलावर ने जैसे ही ट्रिगर दबाया, पास खड़े सिक्योरिटी गार्ड ने उसकी कोहनी पकड़कर हाथ ऊपर की तरफ झटका, जिससे गोली हवा में चली गई।

    अब्दुल्ला का बयान: हमले के बाद फारूक अब्दुल्ला ने कहा, “मुझे ऊपर वाले ने बचाया है। मुझे लगा कि कोई पटाखा फूटा है, बाद में पता चला कि वह गोली थी।”

    हमलावर का कबूलनामा: ’20 साल से थी मारने की जिद’
    पुलिस की गिरफ्त में आए हमलावर कमल सिंह जामवाल (जो कि दूल्हे के पिता का चचेरा भाई और बिजनेसमैन है) ने चौंकाने वाला बयान दिया हैपुलिस रिमांड पर ले जाते समय कमल ने चिल्लाकर कहा, “मैंने किसी के कहने पर गोली नहीं चलाई, यह मेरी मर्जी थी और मैं पिछले 20 साल से उन्हें मारना चाहता था।”पुलिस के मुताबिक, हमलावर के पास पिछले कई सालों से लाइसेंसी हथियार है।

    सुरक्षा में भारी चूक: सीएम उमर अब्दुल्ला के तीखे सवाल
    इस घटना ने जम्मू-कश्मीर के सुरक्षा तंत्र को कटघरे में खड़ा कर दिया है।मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि एक Z+ और NSG प्रोटेक्टेड पूर्व मुख्यमंत्री के इतने करीब एक शख्स लोडेड पिस्टल लेकर कैसे पहुँच गया? सुरिंदर चौधरी ने आरोप लगाया कि रॉयल पार्क जैसे व्यस्त स्थल पर स्थानीय पुलिस की तैनाती नहीं थी, जो एक बड़ी सुरक्षा विफलता है।

    सियासी उबाल: जम्मू की सड़कों पर प्रदर्शन
    घटना के विरोध में नेशनल कॉन्फ्रेंस के हजारों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए हैं। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक राजनीति के लिए एक गंभीर चुनौती करार देते हुए दोषियों और इसके पीछे की साजिश की गहन जांच की मांग की है।

    केंद्रीय गृह मंत्री ने लिया संज्ञान
    मामले की गंभीरता को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने स्वयं फारूक अब्दुल्ला को फोन किया और उनका कुशलक्षेम जाना। गृह मंत्रालय ने इस सुरक्षा चूक पर रिपोर्ट तलब की है।

  • एलपीजी संकट पर लोकसभा में हंगामा: राहुल गांधी ने उठाया मुद्दा, पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने दी पूरी स्थिति की जानकारी

    एलपीजी संकट पर लोकसभा में हंगामा: राहुल गांधी ने उठाया मुद्दा, पेट्रोलियम मंत्री पुरी ने दी पूरी स्थिति की जानकारी



    नई दिल्ली। गुरुवार को लोकसभा में एलपीजी संकट और देश की ऊर्जा सुरक्षा को लेकर भारी हंगामा देखने को मिला। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने संसद में ऊर्जा संकट को लेकर चर्चा शुरू की और कहा कि अभी तो केवल “दर्द की शुरुआत” हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार समय रहते उपाय नहीं करेगी, तो छोटे व्यापारी, रेस्टोरेंट और आम नागरिक गंभीर रूप से प्रभावित होंगे। राहुल ने कहा कि किसी भी देश की बुनियाद उसकी ऊर्जा सुरक्षा होती है और वर्तमान वैश्विक हालात में अमेरिका और अन्य देशों के निर्णय से भारत की ऊर्जा नीति प्रभावित हो सकती है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेट्रोलियम मंत्री ने एक निजी बातचीत में एपस्टीन को अपना दोस्त बताया था, जिससे सदन में विवाद पैदा हो गया।

    राहुल गांधी के बयान के तुरंत बाद विपक्षी सांसदों ने संसद वेल में नारेबाजी शुरू कर दी। स्पीकर ओम बिरला ने राहुल को टोका और कहा कि केवल नोटिस दिए गए विषय पर ही चर्चा करें। इस दौरान विपक्ष के सांसदों ने ‘देखो-देखो कौन आया, एपस्टीन का दोस्त आया’ जैसे नारे लगाए। भारी हंगामा बढ़ते देख स्पीकर ने कार्यवाही को शाम 5 बजे तक स्थगित कर दिया।

    केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने सदन में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि देश में एलपीजी और पेट्रोलियम उत्पादों की कोई कमी नहीं है। उन्होंने बताया कि रिफाइनरियां उच्च क्षमता पर काम कर रही हैं और एलपीजी उत्पादन में 28% की वृद्धि की गई है। पुरी ने कहा कि मोदी सरकार की प्राथमिकता है कि 33 करोड़ परिवारों की रसोई में किसी तरह की कमी न हो। उन्होंने सभी को आश्वस्त किया कि घरेलू गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह सुरक्षित है और डिलीवरी चेन में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

    पुरी ने बताया कि होर्मुज स्ट्रेट से भारत को मिलने वाला क्रूड ऑयल सुरक्षित स्तर पर उपलब्ध है। संघर्ष के कारण होर्मुज से 20% आवाजाही प्रभावित हुई थी, लेकिन सरकार ने इसके लिए रणनीति तैयार की है। वर्तमान में भारत 40 देशों से कच्चा तेल आयात करता है, जबकि 2006-07 में यह संख्या केवल 27 थी। उन्होंने कहा कि लंबे समय से अपनाई गई विविधीकरण नीति ने भारत को विकल्प दिए हैं, जो कई अन्य देशों के पास नहीं हैं।

    पेट्रोलियम मंत्री ने सदन में स्पष्ट किया कि यह समय अफवाह फैलाने या फेक नैरेटिव बनाने का नहीं है। उन्होंने कहा कि वैश्विक ऊर्जा संकट के बावजूद देश में पेट्रोल, डीजल, केरोसीन, एटीएफ और फ्यूल ऑयल की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। उन्होंने जनता और उद्योग को भरोसा दिलाया कि भारत संकट का प्रबंधन कर रहा है और ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

    लोकसभा में पुरी के बोलने के दौरान विपक्ष ने लगातार नारेबाजी की, जिससे कार्यवाही बाधित हुई। स्पीकर ने दोबारा हिदायत दी कि संसद के नियमों का पालन किया जाए और केवल नोटिस किए गए मुद्दे पर ही चर्चा हो। इस हंगामे के बीच संसद की कार्यवाही स्थगित कर दी गई और विपक्षी सांसदों से वेल खाली करने का आदेश दिया गया।

    कुल मिलाकर संसद में एलपीजी और ऊर्जा सुरक्षा पर हुई यह बहस दर्शाती है कि देश में ऊर्जा आपूर्ति पर सभी की निगाहें हैं। विपक्ष ने सरकार की तैयारी पर सवाल उठाए, जबकि केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिलाया कि देश की ऊर्जा जरूरतों की पूर्ति पूरी तरह सुनिश्चित है। एलपीजी संकट को लेकर लगातार अफवाहें फैल रही हैं, लेकिन सरकार की रणनीति और उत्पादन वृद्धि ने स्थिति नियंत्रण में रखने का काम किया है।

  • भिंड: दोस्ती की आड़ में 'हवस का जाल'; दो बहनों ने छात्रा को फंसाया, भाई 6 महीने तक करता रहा रेप; गर्भवती होने पर खुला राज

    भिंड: दोस्ती की आड़ में 'हवस का जाल'; दो बहनों ने छात्रा को फंसाया, भाई 6 महीने तक करता रहा रेप; गर्भवती होने पर खुला राज


    भिंड । मध्यप्रदेश के भिंड जिले में एक बार फिर मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक दलित छात्रा को उसकी ही सहेलियों ने साजिश के तहत अपने भाई की हवस का शिकार बनवा दिया। आरोपी साहिल ने छात्रा को डरा-धमकाकर 6 महीने तक उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले का खुलासा तब हुआ जब छात्रा गर्भवती हो गई और उसकी तबीयत बिगड़ने पर परिजनों ने पूछताछ की। गुरुवार को पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है, जबकि आरोपी फिलहाल फरार है।

    साजिश: सहेलियों ने कमरे में किया बंद, भाई ने की दरिंदगी
    पुलिस जांच अधिकारी रवींद्र सिंह तोमर के अनुसार, छात्रा की दोस्ती मोहल्ले की ही दो बहनों से थी। परिजनों ने जो आरोप लगाए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं:

    आरोपी साहिल की बहनें अक्सर छात्रा को अपने घर बुलाती थीं। एक दिन उन्होंने साजिश के तहत छात्रा को कमरे में बुलाया और खुद बाहर से दरवाजा बंद कर दिया।कमरे में पहले से मौजूद साहिल ने छात्रा के साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए। विरोध करने पर उसने छात्रा को बदनाम करने और जान से मारने की धमकी दी। इस धमकी के दम पर आरोपी साहिल पिछले 6 महीनों से लगातार छात्रा का यौन शोषण करता रहा।

    जनाक्रोश: हिंदू संगठनों ने घेरा थाना, सख्त कार्रवाई की मांग
    जैसे ही यह मामला सार्वजनिक हुआ, भिंड में तनाव और आक्रोश फैल गया। बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के पदाधिकारी बड़ी संख्या में थाने पहुँचे।संगठन के नेताओं (नीतीश भारद्वाज, सुरेंद्र शुक्ला भोले) ने कहा कि दलित समाज की बेटियों को योजनाबद्ध तरीके से निशाना बनाया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

    सख्त सजा की मांग: प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि आरोपी साहिल के खिलाफ पॉक्सो एक्ट और एससी/एसटी एक्ट की गंभीर धाराओं में कार्रवाई कर जल्द से जल्द गिरफ्तारी की जाए।

  • भारत में खुदरा महंगाई दर फरवरी में 3.21% रही, अरहर, लहसुन और आलू के दाम में गिरावट

    भारत में खुदरा महंगाई दर फरवरी में 3.21% रही, अरहर, लहसुन और आलू के दाम में गिरावट


    नई दिल्ली। सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि फरवरी 2026 में भारत में खुदरा महंगाई दर (CPI) 3.21 प्रतिशत रही, जो जनवरी की 2.74 प्रतिशत के मुकाबले 0.47 प्रतिशत अधिक है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि देश में महंगाई में हल्की बढ़ोतरी हुई है, लेकिन इसके बावजूद कई मुख्य खाद्य वस्तुओं के दामों में गिरावट ने आम लोगों को कुछ राहत दी है।
    ग्रामीण और शहरी इलाकों में महंगाई का हाल
    मंत्रालय के डेटा के अनुसार, फरवरी में ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 3.37 प्रतिशत रही, जबकि जनवरी में यह 2.73 प्रतिशत थी। वहीं, शहरी इलाकों में महंगाई दर फरवरी में 3.02 प्रतिशत रही, जो जनवरी की 2.75 प्रतिशत से बढ़ी है। यह अंतर दर्शाता है कि ग्रामीण इलाकों में महंगाई शहरी क्षेत्रों की तुलना में थोड़ा अधिक रही।

    खाद्य महंगाई दर में बदलाव
    फरवरी में खाद्य महंगाई दर 3.47 प्रतिशत दर्ज की गई। ग्रामीण इलाकों में यह 3.46 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 3.48 प्रतिशत रही। खासकर, लहसुन (-31.09 प्रतिशत), प्याज (-28.20 प्रतिशत), आलू (-18.46 प्रतिशत), अरहर (-16 प्रतिशत) और लीची (-11.52 प्रतिशत) के दाम सालाना आधार पर सबसे अधिक कम हुए। इससे आम घरेलू बजट पर सकारात्मक असर पड़ा।

    वहीं, जिन वस्तुओं के दाम सबसे अधिक बढ़े, उनमें सिल्वर ज्वेलरी (160.84 प्रतिशत), गोल्ड/डायमंड/प्लेटिनम ज्वेलरी (48.16 प्रतिशत), कोपरा (46.16 प्रतिशत), टमाटर (45.29 प्रतिशत) और फूलगोभी (43.77 प्रतिशत) शामिल हैं। ज्वेलरी और कुछ सब्जियों की कीमतों में तेज वृद्धि ने महंगाई के आंकड़ों में अलग रुझान दिखाया।

    अन्य सेक्टरों में महंगाई
    फरवरी में विभिन्न सेक्टरों में महंगाई दर इस प्रकार रही:

    फूड एंड बेवरेज: 3.35 प्रतिशत

    पान और तंबाकू: 3.49 प्रतिशत

    कपड़े और जूते: 2.81 प्रतिशत

    हाउसिंग, पानी, बिजली, गैस और अन्य फ्यूल: 1.52 प्रतिशत

    एजुकेशन सर्विसेज: 3.33 प्रतिशत

    राज्यों में महंगाई की स्थिति
    50 लाख से अधिक जनसंख्या वाले राज्यों में सबसे अधिक महंगाई वाले पांच राज्य हैं:

    तेलंगाना: 5.02 प्रतिशत

    राजस्थान: 3.53 प्रतिशत

    केरल: 3.50 प्रतिशत

    आंध्र प्रदेश: 3.45 प्रतिशत

    पश्चिम बंगाल: 3.44 प्रतिशत

    डेटा संग्रह और विश्वसनीयता
    मंत्रालय ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा संगठन (NSO) के फील्ड स्टाफ ने 1407 शहरी बाजारों (ऑनलाइन बाजार सहित) और 1465 गांवों से वास्तविक समय मूल्य डेटा एकत्र किया। फरवरी 2026 के दौरान, 100 प्रतिशत ग्रामीण और शहरी बाजारों से मूल्य एकत्र किए गए, जबकि बाजारवार रिपोर्ट किए गए मूल्य ग्रामीण बाजारों के लिए 99.89 प्रतिशत और शहरी बाजारों के लिए 99.78 प्रतिशत थे।

    फरवरी 2026 में महंगाई दर में मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली है, लेकिन लहसुन, आलू, प्याज और अरहर जैसे प्रमुख खाद्य पदार्थों के दामों में गिरावट ने आम जनता को राहत दी। वहीं, ज्वेलरी और कुछ सब्जियों की कीमतों में तेज वृद्धि ने महंगाई में मिश्रित रुझान दिखाया। सरकारी आंकड़ों की व्यापक निगरानी और वास्तविक समय मूल्य डेटा संग्रह से यह सुनिश्चित होता है कि महंगाई की सही स्थिति आम जनता तक पहुंच सके।