Author: bharati

  • मुरैना: कैलारस पुलिस ने लकड़ी की गुमठी से 1 लाख 2 हजार की अवैध शराब जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार

    मुरैना: कैलारस पुलिस ने लकड़ी की गुमठी से 1 लाख 2 हजार की अवैध शराब जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार


    मुरैना। कैलारस थाना पुलिस ने बुधवार रात क्वारी बिलगांव के पास सड़क किनारे स्थित लकड़ी की गुमठी पर छापा मारकर 1 लाख 2 हजार रुपए की अवैध शराब जब्त की है। यह शराब देशी और अंग्रेजी दोनों प्रकार की थी। मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जो इस गुमठी से ग्रामीण इलाकों में शराब बेच रहा था। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।

    पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्वारी बिलगांव में सड़क किनारे रखी एक लकड़ी की गुमठी में भारी मात्रा में अवैध शराब का भंडारण किया गया है। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस ने बुधवार रात मौके पर जाकर चेकिंग और तलाशी शुरू की।

    पुलिस की टीम के मौके पर पहुंचते ही आरोपी उसी गुमठी पर मौजूद पाया गया। तलाशी के दौरान बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। मौके से पकड़ा गया आरोपी अरविंद कुशवाह, पुत्र दीवान सिंह कुशवाह, निवासी क्वारी बिलगांव है।

    कैलारस थाना प्रभारी सतेंद्र कुशवाह ने बताया कि आरोपी पहले भी कई बार अवैध शराब तस्करी और बिक्री के आरोप में पकड़ा जा चुका है। उन्होंने कहा, “पुलिस को सूचना मिली कि गुमठी में शराब भंडारित की जा रही है और वही से बिक्री भी हो रही थी। इस पर तत्काल कार्यवाही की गई और अवैध शराब जब्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया गया।”

    पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई ग्रामीण इलाकों में शराब की अवैध बिक्री और तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से की गई है। आरोपी से पूछताछ जारी है ताकि उसके नेटवर्क और अवैध शराब के अन्य स्रोतों का पता लगाया जा सके।

    इस कार्रवाई से पुलिस ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अवैध शराब की बिक्री और तस्करी बर्दाश्त नहीं की जाएगी, और संबंधित अपराधियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

    अवैध शराब के बढ़ते प्रचलन और ग्रामीण इलाकों में इसके नुकसान को देखते हुए पुलिस ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई और जुर्माना लगाया जाएगा।

  • मिडिल ईस्ट तनाव का असर ग्वालियर की बाजारों में, किराना, रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़े

    मिडिल ईस्ट तनाव का असर ग्वालियर की बाजारों में, किराना, रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़े


    ग्वालियर। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और इजराइल-ईरान संघर्ष का असर अब ग्वालियर के बाजारों में भी दिखाई देने लगा है। शहर में धीरे-धीरे महंगाई बढ़ रही है, जिससे आम लोगों के घर का बजट प्रभावित हो रहा है। व्यापारियों का कहना है कि अगर हालात जल्द सामान्य नहीं हुए, तो रोजमर्रा की चीजों के दाम और तेजी से बढ़ सकते हैं।
    शहर में एलपीजी गैस की स्थिति भी प्रभावित हुई है। एलपीजी सिलेंडर के दाम बढ़ने के बाद कमर्शियल एलपीजी की आपूर्ति पर भी असर पड़ा है। इसके कारण घरेलू गैस की मांग अचानक बढ़ गई है। कई लोगों का कहना है कि कुछ लोग सिलेंडर स्टॉक कर रहे हैं, जिसके चलते जरूरतमंदों को समय पर गैस नहीं मिल पा रही है।

    किराना बाजार में भी महंगाई का असर साफ दिखाई देने लगा है। व्यापारियों के अनुसार कई आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में 5 से 10 रुपए तक की बढ़ोतरी होने लगी है। उनका कहना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय हालात ऐसे ही बने रहे, तो आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं।

    किराना व्यापारी गोकुल बंसल के मुताबिक खाने के तेल की कीमत में लगभग 10 रुपए प्रति किलो और एक कनस्तर पर करीब 100 रुपए तक का फर्क आ चुका है। इसके अलावा दाल और चावल के दाम भी धीरे-धीरे बढ़ रहे हैं। उनका कहना है कि बाजार में एक वस्तु की कीमत बढ़ने का असर दूसरी चीजों पर भी पड़ता है, इसलिए हालात सामान्य होना जरूरी है।

    ड्राई फ्रूट्स के बाजार में भी तेजी देखने को मिल रही है। ग्वालियर में अधिकांश ड्राई फ्रूट्स बाहरी राज्यों और विदेशों से आते हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का सीधा असर कीमतों पर पड़ रहा है। ड्राई फ्रूट्स व्यापारी मानस गोयल के अनुसार पिस्ता की कीमत में करीब 300 से 400 रुपए प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हो चुकी है, जबकि डोडी के दाम भी लगभग 100 रुपए प्रति किलो बढ़े हैं।

    उन्होंने बताया कि ईरान से आने वाले कई उत्पादों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। काली किशमिश और अन्य रेजिन आइटम्स में 100 से 200 रुपए तक का अंतर देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि यदि यह स्थिति दो सप्ताह और बनी रही, तो आम लोगों के लिए ड्राई फ्रूट्स खरीदना मुश्किल हो सकता है।

    इधर गैस की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण लकड़ी की मांग भी बढ़ने लगी है। लकड़ी और कोयला व्यापारियों के मुताबिक लकड़ी की मांग में करीब 10 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। लकड़ी व्यवसायी नेहा गुप्ता ने बताया कि कोयले की मांग फिलहाल स्थिर है, लेकिन गैस की उपलब्धता प्रभावित होने के कारण होटल, कैटरर्स और मैरिज हॉल में लकड़ी की सप्लाई बढ़ने लगी है।

  • उज्जैन: चरक अस्पताल में कलेक्टर का आकस्मिक निरीक्षण, 4 डॉक्टरों का वेतन काटा, सिक्योरिटी एजेंसी पर जुर्माना

    उज्जैन: चरक अस्पताल में कलेक्टर का आकस्मिक निरीक्षण, 4 डॉक्टरों का वेतन काटा, सिक्योरिटी एजेंसी पर जुर्माना



    उज्जैन। जिले के सबसे बड़े चरक अस्पताल में गुरुवार दोपहर अचानक कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई अनियमितताएं सामने आईं, जिस पर कलेक्टर ने जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों को जमकर फटकार लगाई।

    ड्यूटी रजिस्टर में साइन न करने वाले चार डॉक्टरों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। वहीं, अस्पताल की सुरक्षा में चूक मिलने पर सिक्योरिटी एजेंसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।
    ड्यूटी रजिस्टर में साइन न करने वाले चार डॉक्टरों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए। वहीं, अस्पताल की सुरक्षा में चूक मिलने पर सिक्योरिटी एजेंसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया।

    कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने बताया कि निरीक्षण लगभग एक घंटे तक चला। उन्होंने देखा कि ओपीडी, इमरजेंसी और वार्डों के लिए अलग-अलग ड्यूटी रजिस्टर रखे गए थे, जिससे व्यवस्थाओं में गड़बड़ी सामने आई। उन्होंने निर्देश दिए कि रोस्टर और ड्यूटी चार्ट को सुधारकर बेहतर बनाया जाए।

    इस दौरान उन्होंने अस्पताल में सफाई व्यवस्था का जायजा लिया और इसे संतोषजनक पाया। उन्होंने कहा कि लिफ्ट का काम एक माह में पूरा किया जाएगा और दो नई लिफ्टें जल्द ही लगाई जाएंगी।

    कलेक्टर ने मरीजों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए टोकन सिस्टम लागू करने के निर्देश दिए। इससे गर्भवती महिलाओं और ऑर्थोपेडिक मरीजों को लंबे समय तक खड़ा रहने की समस्या नहीं होगी।

    सिक्योरिटी गार्ड की लापरवाही पाए जाने पर सिक्योरिटी एजेंसी पर 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया। वहीं, समय पर ओपीडी में न पहुंचने वाले चार डॉक्टरों को नोटिस जारी करने और उनके वेतन में कटौती करने के आदेश भी दिए गए।

    कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह निरीक्षण सुशासन के निर्देश के तहत किया गया। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन को आगाह किया कि सभी व्यवस्थाओं में सुधार और रोगियों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

    इस कार्रवाई से स्पष्ट संदेश गया कि स्वास्थ्य सेवाओं में लापरवाही और अनियमितताएं बर्दाश्त नहीं की जाएंगी, और जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।

  • पानी के नीचे छिपी ईरान की ग़दीर मिनी सबमरीन: अमेरिका के लिए क्यों बढ़ी चिंता?

    पानी के नीचे छिपी ईरान की ग़दीर मिनी सबमरीन: अमेरिका के लिए क्यों बढ़ी चिंता?


    नई दिल्ली । मध्य पूर्व में बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान ने अपनी नौसेना ताकत को और मजबूत करते हुए दो नई मिनी पनडुब्बियां अपने बेड़े में शामिल की हैं। ये अत्याधुनिक ग़दीर क्लास पनडुब्बी डिवीजन की पनडुब्बियां हैं, जिन्हें विशेष रूप से समुद्री क्षेत्रों में गुप्त अभियानों के लिए डिजाइन किया गया है।

    इन पनडुब्बियों का उद्घाटन श्रीनगर रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण बंदरगाह बंदर अब्बास में किया गया, जो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के लास से अहम जलमार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य के मुहाने पर है।पर स्थित है। यह जलडमरूमध्य दुनिया के लगभग एक तिहाई समुद्री तेल व्यापार के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में इस क्षेत्र में ईरान की सैन्य सक्रियता ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है।

    ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक इन मिनी पनडुब्बियों में अत्याधुनिक सोनार इवेडिंग तकनीक का इस्तेमाल किया गया है, जो इन्हें दुश्मन के सोनार और निगरानी उपकरणों से बचाने में सक्षम बनाती है। इनकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये पानी की सतह के नीचे से ही मिसाइल दाग सकती हैं। इसके अलावा ये टॉरपीडो लॉन्च करने और समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की क्षमता भी रखती हैं।

    इन मिजेट पनडुब्बियों का वजन करीब 150 मीट्रिक टन से कम होता है और इनमें लगभग नौ सदस्यों का चालक दल काम करता है। इन्हें विशेष रूप से अरब की खाड़ी जैसे उथले पानी वाले क्षेत्रों में संचालन के लिए तैयार किया गया है। छोटे आकार और गुप्त संचालन की क्षमता के कारण ये दुश्मन के लिए आसानी से पकड़ में नहीं आतीं और अचानक हमला करने में सक्षम मानी जाती हैं।

    ईरानी नौसेना के अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि देश के स्वदेशी रक्षा कार्यक्रम की सफलता को दर्शाती है। उनका दावा है कि ईरान 1990 के दशक से अपने रक्षा उपकरण जैसे टैंक, मिसाइल और लड़ाकू विमानों का निर्माण स्वयं कर रहा है।

    विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्यके आसपास ईरान की बढ़ती सैन्य गतिविधियां वैश्विक ऊर्जा बाजार और समुद्री सुरक्षा पर असर डाल सकती हैं। यदि इस क्षेत्र में तनाव बढ़ता है तो तेल आपूर्ति बाधित हो सकती है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में उछाल आ सकता है।

    इस स्थिति का असर भारत समेत कई एशियाई देशों पर भी पड़ सकता है। तेल की कीमतों में वृद्धि से परिवहन, खाद्य आपूर्ति और उर्वरकों की लागत बढ़ सकती है, जिससे महंगाई और आर्थिक दबाव बढ़ने की आशंका है। विश्लेषकों के मुताबिक ईरान की ये नई पनडुब्बियां क्षेत्रीय शक्ति संतुलन को प्रभावित कर सकती हैं और आने वाले समय में मध्य पूर्व के सुरक्षा समीकरण को और जटिल बना सकती हैं।

  • ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच भारत-ईरान बातचीत: जहाजों की अनुमति पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं, ऊर्जा और सुरक्षा प्रमुख मुद्दे

    ईरान-इजराइल संघर्ष के बीच भारत-ईरान बातचीत: जहाजों की अनुमति पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं, ऊर्जा और सुरक्षा प्रमुख मुद्दे

    नई दिल्ली। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष का आज 13वां दिन है। मध्य-पूर्व में युद्ध और तनाव के बीच भारत और ईरान के विदेश मंत्रियों ने पिछले कुछ दिनों में तीन बार बातचीत की है। यह जानकारी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी।

    जब उनसे पूछा गया कि क्या ईरान ने भारत जाने वाले जहाजों को अनुमति दी है, तो उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल इस विषय पर अधिक जानकारी देना जल्दबाजी होगी। हाल की बातचीत में समुद्री शिपिंग की सुरक्षा और भारत की ऊर्जा सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई।

    विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि भारत ने ईरान के दिवंगत नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को औपचारिक श्रद्धांजलि दी थी। विदेश सचिव ने 5 मार्च को ईरानी दूतावास में जाकर शोक-पुस्तिका पर हस्ताक्षर किए। मंत्रालय ने कहा कि यह औपचारिकता पहले दिन पूरी कर दी गई और बिना तथ्यात्मक जानकारी के टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।

    उधर, रूस ने अमेरिका और इजराइल से ईरान पर हमले रोकने और बातचीत की प्रक्रिया शुरू करने का आग्रह किया है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जाखारोवा ने कहा कि पूरे क्षेत्र में मानवीय स्थिति बेहद कठिन होती जा रही है और लगातार बढ़ता तनाव गंभीर चिंता का विषय है। रूस की अपील है कि दोनों पक्ष वार्ता के रास्ते पर लौटें और संघर्ष को रोकें।

    संयुक्त राष्ट्र की शरणार्थी एजेंसी UNHCR ने भी चेताया है कि इस संघर्ष के कारण अब तक करीब 32 लाख लोग ईरान में विस्थापित हो चुके हैं। यह आंकड़ा देशभर में शुरुआती आकलन पर आधारित है। एजेंसी ने कहा कि अगर संघर्ष जारी रहा, तो विस्थापित लोगों की संख्या और बढ़ सकती है, जिससे मानवीय संकट और गहरा जाएगा।

    ईरान ने भी स्पष्ट चेतावनी दी है। ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकिर गालिबाफ ने कहा कि यदि ईरान के किसी भी द्वीप पर हमला किया गया, तो उसका कड़ा जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी में हमलावरों के खिलाफ पूरी ताकत से जवाब देने में किसी प्रकार की सीमा नहीं मानी जाएगी।

    इस बीच संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत ने GCC (गल्फ कोऑपरेशन काउंसिल) के प्रस्ताव का समर्थन किया। इस प्रस्ताव का मकसद खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव और हमलों को रोकना, जहाजों की आवाजाही सुरक्षित बनाना और ऊर्जा सप्लाई में बाधा से बचाना है। प्रस्ताव में यह भी कहा गया कि ईरान के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन हैं और इससे वैश्विक शांति को गंभीर खतरा है। प्रस्ताव को 135 देशों ने समर्थन दिया। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों में से 13 ने पक्ष में वोट किया, जबकि रूस और चीन ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया।

    विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि भारत लगातार ईरान के साथ संपर्क बनाए हुए है। युद्ध का असर केवल एक देश तक सीमित नहीं है, बल्कि दुनिया भर के कई देशों और उनके नागरिकों पर इसका प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की प्राथमिकता है कि भारतीय नागरिकों और ऊर्जा संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

    जायसवाल ने बताया कि बातचीत के दौरान समुद्री शिपिंग सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति जैसे प्रमुख मुद्दों पर फोकस किया गया। हालांकि, अभी तक यह स्पष्ट नहीं हुआ कि ईरान ने भारतीय जहाजों को आवाजाही की अनुमति दी है या नहीं। मंत्रालय ने कहा कि इस विषय पर जल्दबाजी में कोई घोषणा करना सही नहीं होगा।

    विदेश मंत्रालय का यह भी कहना है कि युद्ध और तनाव के बीच सभी पक्षों को शांति बनाए रखने और कूटनीतिक बातचीत के रास्ते अपनाने की आवश्यकता है। भारत ने इस संघर्ष के दौरान हर कदम पर सावधानी और कूटनीतिक संतुलन बनाए रखा है और आगे भी स्थिति पर करीबी नजर रखेगा।

  • उज्जैन में प्रतिष्ठानों पर खाद्य विभाग का छापा:35 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त, दो टीमों ने की कार्रवाई, प्रशासन हुआ सख्त

    उज्जैन में प्रतिष्ठानों पर खाद्य विभाग का छापा:35 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त, दो टीमों ने की कार्रवाई, प्रशासन हुआ सख्त



    नई दिल्ली। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतों के बीच उज्जैन कलेक्टर के निर्देश पर खाद्य विभाग की टीम ने शहर के कई रेस्टोरेंट और भोजनालयों पर गुरुवार को छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान 35 से अधिक घरेलू और कमर्शियल गैस सिलेंडर जब्त किए गए हैं।

    पिछले दो दिनों से शहर में गैस सिलेंडर की जमाखोरी और घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने आठ अधिकारियों की दो टीमें बनाकर अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी की।पिछले दो दिनों से शहर में गैस सिलेंडर की जमाखोरी और घरेलू सिलेंडर के व्यावसायिक उपयोग की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद खाद्य आपूर्ति विभाग ने आठ अधिकारियों की दो टीमें बनाकर अलग-अलग क्षेत्रों में छापेमारी की।

    रेलिस फ्रायड अंडे वाले से 9 सिलेंडर जब्त

    पहली टीम में सहायक खाद्य नियंत्रक संतोष सिमोलिया, फूड इंस्पेक्टर अंकिता जोशी, नागेश दाहिमा और भूषण गुज्जर शामिल थे। टीम ने आरटीओ कार्यालय के पास रंगीला कैफे से एक घरेलू सिलेंडर, फ्रीगंज में रेलिस फ्रायड अंडे वाले से 9, महाकाल भोजनालय से 1, जैन कचोरी फ्रीगंज से 2, नवरतन फ्यूजन से 2, ऋषि नगर के एक रेस्टोरेंट से 1 और फ्रीगंज के फाफड़ा विक्रेता से 8 सिलेंडर जब्त किए।

    रश्मि खामबेटे शामिल थे। इस टीम ने हरी फाटक क्षेत्र में स्थित अन्नपूर्णा श्याम पवित्र भोजनालय सहित अन्य प्रतिष्ठानों से कुल 7 सिलेंडर जब्त किए।

    घरेलू सिलेंडर का उपयोग न करने की हिदायत

    खाद्य विभाग की टीम ने संबंधित संचालकों को सख्त हिदायत देते हुए समझाइश दी कि वे व्यावसायिक कार्यों में घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग न करें। इसके स्थान पर इलेक्ट्रिक इंडक्शन, पीएनजी या डीजल भट्टी का उपयोग करने की सलाह दी गई है। विभाग ने चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने पर आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।

    ईरान अमेरिका युद्ध से देश भर में गैस सिलेंडर को लेकर मचे हाहाकार के बीच उज्जैन में काला बाजारी पर लगाम लगाने के लिए उज्जैन कलेक्टर के आदेश पर खाद्य विभाग की टीम ने शहर के कई रेस्टोरेंट पर छापा मार कर 35 से अधिक गैस सिलेंडर जब्त किये है। इनमे कई घरेलु और कमर्शियल सिलेंडर शामिल है।

    दो दिन से शहर में ग़ज़ल सिलेंडर को लेकर जामखोरी की मिल रही शिकायतों को लेकर खाद्य आपूर्ति विभाग के 8 अधिकारियों की टीम ने दो अलग अलग टीम बनाकर छापा मारकर कार्रवाई को अंजाम दिया। जिसमें संतोष सिमोलिया एसटीटेंट फ़ूड कंट्रोलर,अंकिता जोशी फ़ूड इंस्पेकटर,नागेश दाहिमा और भूषण गुज्जर की टीम ने आरटीओ कार्यालय के रंगीला कैफे से एक घरेलू टंकी,रेलिस फ्रायड अंडे वाले फ्रीगंज से 9,महाकाल भोजनालय से 1,जैन कचोरी फ्रीगंज से 2,नवरतन फ्यूजन से 2,ऋषि नगर रेस्टोरेंट से 1,फ्रीगंज में फाफड़े वाले से 8 सिलेंडर जब्त किये है। इसी तरह दूसरी टीम में शामिल चन्द्र शेखर बारोड़ एसिस्टेंट फ़ूड कंट्रोलर,

    समद खान फ़ूड इंस्पेकटर,रश्मि खामबेटे की टीम ने हरी फाटक क्षेत्र के रेस्टोरेंट अन्नपूर्णा श्याम पवित्र भोजनालय सहित एक अन्य से कुल 7 सिलेंडर जब्त किये है। टीम ने बताया कि सभी को हिदायत देकर समझाईश दी है कि घरेलु गैस सिलेंडर का उपयोग ना करे। वे इलेक्ट्रिक इंडेक्शन पीएनजी या डीजल भट्टी का भी उपयोग कर सकते है।

  • शुक्रवार व्रत का महत्व: मां लक्ष्मी की कृपा से मिलता है धन और वैवाहिक सुख, जानिए पूजा विधि और उपाय

    शुक्रवार व्रत का महत्व: मां लक्ष्मी की कृपा से मिलता है धन और वैवाहिक सुख, जानिए पूजा विधि और उपाय


    नई दिल्ली । सनातन धर्म में सप्ताह के हर दिन का संबंध किसी न किसी देवी-देवता और ग्रह से माना गया है। शुक्रवार का दिन विशेष रूप से धन और ऐश्वर्य की देवी देवी लक्ष्मी की पूजा के लिए समर्पित माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और घर में धन-धान्य तथा सुख-समृद्धि की कमी नहीं रहती।

    धार्मिक ग्रंथों जैसेब्रह्म वैवर्त पुराण और मत्स्य पुराण में भी शुक्रवार व्रत का उल्लेख मिलता है। इन ग्रंथों में बताया गया है कि इस दिन देवी लक्ष्मी के साथ-साथ संतोषी माता की पूजा करने से जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। माना जाता है कि शुक्रवार व्रत करने से आर्थिक स्थिति मजबूत होती है और वैवाहिक जीवन में भी मधुरता बनी रहती है।

    शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा विधि

    शुक्रवार के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने के बाद स्वच्छ वस्त्र धारण करें। पूजा स्थान को साफ करके वहां गंगाजल छिड़कें। इसके बाद लाल कपड़े पर देवी लक्ष्मी की मूर्ति या चित्र स्थापित करें। दीपक जलाकर फूल, चंदन, अक्षत, कुमकुम और मिठाई का भोग अर्पित करें। इस दौरान Lord Vishnu की स्तुति के साथ श्री सूक्त और कनकधारा स्तोत्र का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।

    ज्योतिष में शुक्र ग्रह का महत्व

    ज्योतिष शास्त्र में शुक्र को प्रेम, वैवाहिक सुख, सौंदर्य, कला और भौतिक सुख-सुविधाओं का कारक ग्रह माना गया है। कुंडली में शुक्र मजबूत होने से जीवन में ऐश्वर्य, प्रेम और वैवाहिक सुख प्राप्त होता है।

    16 शुक्रवार व्रत का महत्व

    धार्मिक मान्यताओं के अनुसार लगातार 16 शुक्रवार तक व्रत रखने और विधिपूर्वक पूजा करने से कुंडली में शुक्र ग्रह मजबूत होता है। इससे विवाह में आने वाली बाधाएं दूर होती हैं और अच्छे जीवनसाथी के योग बनते हैं। साथ ही आर्थिक उन्नति और सुख-समृद्धि भी बढ़ती है।

    विवाह के लिए शुक्रवार को करें ये उपाय

    शुक्रवार के दिन देवी दुर्गा या संतोषी माता की पूजा करना शुभ माना जाता है। इसके अलावा सफेद वस्तुओं जैसे दूध, दही और इत्र का दान करना, जरूरतमंद महिलाओं को वस्त्र देना, राधा-कृष्ण मंदिर में मिश्री का भोग लगाना और गाय को हल्दी लगा आलू खिलाना भी लाभकारी माना गया है।धार्मिक मान्यता है कि इन उपायों को श्रद्धा और विश्वास के साथ करने से विवाह में आ रही बाधाएं दूर होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि का आगमन होता है।

  • पंधाना एसडीएम दीक्षा भगोरे हटाई गई, 1400 जाति प्रमाण-पत्र रिजेक्ट और सरकारी जमीनों पर कब्जे के आरोप

    पंधाना एसडीएम दीक्षा भगोरे हटाई गई, 1400 जाति प्रमाण-पत्र रिजेक्ट और सरकारी जमीनों पर कब्जे के आरोप


    खंडवा। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने बुधवार को डिप्टी कलेक्टर दीक्षा भगोरे को पंधाना एसडीएम पद से हटा दिया है। उन्हें अब कलेक्ट्रेट कार्यालय में निर्वाचन शाखा सहित अन्य जिम्मेदारियां दी गई हैं। प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अनुसार, भगोरे के खिलाफ शिकायतों की लंबी फेहरिस्त है, जिसमें सरकारी जमीनों पर कब्जा कराना, जाति प्रमाण-पत्र आवेदन रिजेक्ट करना और प्रशासनिक लापरवाही शामिल हैं।

    स्थानीय नेताओं ने कहा कि दीक्षा भगोरे के एसडीएम कार्यकाल की पूरी जांच होना चाहिए। इसके लिए वे भोपाल जाकर मुख्य सचिव से मिलकर औपचारिक जांच की मांग करेंगे।

    जानकारी के अनुसार, भगोरे के रहते हुए बोरगांव बुजुर्ग और आसपास की बेशकीमती सरकारी जमीनों पर कब्जे हुए। आरोप है कि इसमें पूर्व विधायक के करीबी शामिल थे। शिकायतों के बावजूद एसडीएम ने कोई कार्रवाई नहीं की।

    साथ ही, जाति प्रमाण-पत्र के लगभग 1400 आवेदन बिना किसी वजह रिजेक्ट किए गए। जिन्होंने इसके खिलाफ अपील की, उनके प्रमाण-पत्र जारी किए गए। कई आवेदकों से कहा गया कि विधायक की अनुशंसा लेकर आएं, तभी प्रमाण-पत्र बनेगा। यह प्रक्रिया प्रशासनिक अनियमितता और लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है।

    स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने यह भी आरोप लगाया कि दीक्षा भगोरे ने धारा 151 के अपराधियों को जमानत देने में धांधली की। स्टाफ ने कथित रूप से अपराधियों से पैसे लेकर जमानत दी और कहा कि यह एसडीएम के निर्देशानुसार किया गया।

    पंधाना विधायक छाया मोरे की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई। उनकी जगह अब पूर्व डिप्टी कलेक्टर दिनेश सांवले को एसडीएम का चार्ज दिया गया है।

    इस पूरे कार्यकाल के दौरान दीक्षा भगोरे की प्रशासनिक जवाबदेही और सरकारी जमीनों की सुरक्षा पर सवाल उठते रहे। स्थानीय लोगों का कहना है कि उनका प्रशासनिक दृष्टिकोण कमजोर रहा और जनहित के मामलों में उन्होंने पर्याप्त कार्रवाई नहीं की।

    सूत्रों के अनुसार, जब मीडिया ने एसडीएम दीक्षा भगोरे से संपर्क करने की कोशिश की, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। अब इस मामले की जांच के लिए मुख्य सचिव से शिकायत कर औपचारिक जांच की मांग की जाएगी।

    यह कदम प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

  • Ekadashi March 2026: कब है पापमोचनी और कामदा एकादशी? जानें सही तिथि और मुहूर्त

    Ekadashi March 2026: कब है पापमोचनी और कामदा एकादशी? जानें सही तिथि और मुहूर्त


    नई दिल्ली। चैत्र मास सनातन परंपरा में अत्यंत पवित्र और शुभ माना जाता है। यह महीना जहां आदिशक्ति मां दुर्गा की आराधना का प्रतीक है, वहीं हिंदू नववर्ष की शुरुआत भी इसी मास से होती है। इसी दौरान चैत्र नवरात्र का पर्व मनाया जाता है और मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम का जन्मोत्सव भी धूमधाम से आयोजित होता है। धार्मिक दृष्टि से यह महीना साधना, उपवास और पूजा-अर्चना के लिए विशेष फलदायी माना गया है।

    चैत्र मास में दो प्रमुख एकादशी व्रत-पापमोचनी एकादशी और कामदा एकादशी-का विशेष महत्व है। मान्यता है कि पापमोचनी एकादशी के व्रत से व्यक्ति को पापों से मुक्ति मिलती है, जबकि कामदा एकादशी सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाली मानी गई है। इन दोनों व्रतों में भगवान Vishnu तथा Lakshmi Narayan की विधि-विधान से पूजा की जाती है।

    पापमोचनी एकादशी 2026: तिथि और शुभ मुहूर्त
    वैदिक पंचांग के अनुसार चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 14 मार्च 2026 को सुबह 08 बजकर 10 मिनट पर प्रारंभ होगी और 15 मार्च 2026 को सुबह 09 बजकर 16 मिनट पर समाप्त होगी। उदया तिथि के आधार पर पापमोचनी एकादशी का व्रत 15 मार्च 2026, रविवार को रखा जाएगा। व्रत का पारण 16 मार्च 2026 को किया जाएगा।धार्मिक ग्रंथों के अनुसार इस व्रत को श्रद्धा और नियमपूर्वक करने से जाने-अनजाने में किए गए पापों का नाश होता है और जीवन में सुख-शांति का संचार होता है। इस दिन उपवास रखकर भगवान विष्णु का ध्यान, मंत्र जाप और कथा श्रवण करना विशेष फलदायी माना गया है।

    कामदा एकादशी 2026: तिथि और महत्व
    चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी को कामदा एकादशी मनाई जाती है। वर्ष 2026 में एकादशी तिथि 28 मार्च को सुबह 08 बजकर 45 मिनट से प्रारंभ होकर 29 मार्च 2026 को सुबह 07 बजकर 46 मिनट तक रहेगी। उदया तिथि के अनुसार कामदा एकादशी 29 मार्च 2026, रविवार को मनाई जाएगी। व्रत का पारण 30 मार्च 2026 को किया जाएगा।मान्यता है कि कामदा एकादशी का व्रत करने से साधक की सभी इच्छाएं पूर्ण होती हैं और जीवन में सुख-समृद्धि एवं सौभाग्य की वृद्धि होती है। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, तुलसी अर्पण और सात्विक आहार का विशेष महत्व है। धर्माचार्यों के अनुसार चैत्र मास में पड़ने वाली ये दोनों एकादशी आध्यात्मिक उन्नति और मनोकामना सिद्धि के लिए अत्यंत शुभ मानी गई हैं।

  • अमेरिका भारत पर फिर से टैरिफ लगाने की तैयारी में, 16 ट्रेडिंग पार्टनर्स की सेक्शन 301 जांच शुरू

    अमेरिका भारत पर फिर से टैरिफ लगाने की तैयारी में, 16 ट्रेडिंग पार्टनर्स की सेक्शन 301 जांच शुरू


    नई दिल्ली। अमेरिकी ट्रम्प प्रशासन ने भारत और चीन सहित 16 प्रमुख ट्रेडिंग पार्टनर्स के खिलाफ नई जांच शुरू कर दी है। यह कार्रवाई ‘सेक्शन 301’ के तहत की जा रही है, जो अमेरिकी ट्रेड एक्ट ऑफ 1974 का हिस्सा है और अमेरिका को उन देशों पर एकतरफा टैरिफ या प्रतिबंध लगाने की शक्ति देती है, जो अमेरिकी कंपनियों और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को नुकसान पहुंचा रहे हों।

    इस कदम के पीछे पिछली घटनाओं का संदर्भ है। फरवरी में अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा लगाए गए ग्लोबल टैरिफ को अवैध करार दिया था। इसके बाद ट्रम्प प्रशासन ने 150 दिनों के लिए 10% का अस्थायी टैरिफ लागू किया। अब नई जांच के माध्यम से प्रशासन यह सुनिश्चित करना चाहता है कि टैरिफ का दबाव जारी रहे और ट्रेडिंग पार्टनर्स को बातचीत की मेज पर लाया जा सके।

    यूएस ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव जेमिसन ग्रीर ने बताया कि यह जांच भारत, चीन, यूरोपीय संघ (EU), जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, वियतनाम, ताइवान, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे पर केंद्रित है। अगर जांच में इन देशों की नीतियां अनुचित व्यापार व्यवहार के तहत पाई गईं, तो उन पर भारी टैरिफ लगाया जा सकता है।

    जांच का मुख्य फोकस उन देशों पर है, जो जरूरत से अधिक उत्पादन कर अमेरिकी बाजार में सस्ते दाम पर माल बेचते हैं, जिससे अमेरिकी कंपनियों को नुकसान होता है। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी देश में जूतों की फैक्ट्री सालाना 100 जूते बना सकती है, लेकिन घरेलू मांग केवल 20 जूते की है, तो शेष 80 जूते सस्ते दाम पर अमेरिका में भेज दिए जाते हैं। अमेरिका इसे मार्केट डंपिंग और अनुचित व्यापार व्यवहार मानता है।

    भारत के लिए यह चिंता का विषय है। 2024 में भारत का अमेरिका के साथ गुड्स ट्रेड सरप्लस 58,216 मिलियन डॉलर था, जो 2025 में घटकर 45,801 मिलियन डॉलर रह गया। इस कमी के बावजूद भारत इस जांच की सूची में शामिल है। यदि भारत की नीतियां ‘अनुचित’ पाई गईं, तो भारतीय सामानों पर भारी टैरिफ या प्रतिबंध लग सकते हैं।

    इसके अलावा, अमेरिका फोर्स्ड लेबर पर भी अलग जांच कर रहा है। इसका उद्देश्य है बंधुआ मजदूरी से बने सामानों के आयात पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाना। पहले ही उइगर फोर्स्ड लेबर प्रोटेक्शन एक्ट के तहत चीन के शिनजियांग क्षेत्र से आने वाले सोलर पैनल और अन्य सामानों पर कार्रवाई की जा चुकी है। अब यह कार्रवाई अन्य देशों पर भी लागू हो सकती है।

    जांच की टाइमलाइन भी निर्धारित कर दी गई है। 15 अप्रैल तक आम जनता और कंपनियों से सुझाव मांगे गए हैं, इसके बाद 5 मई के आसपास सार्वजनिक सुनवाई होगी। लक्ष्य है कि जुलाई में अस्थायी टैरिफ खत्म होने से पहले नए टैरिफ प्रस्ताव और जांच के नतीजे तैयार हो जाएं।

    जेमिसन ग्रीर ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रपति ट्रम्प टैरिफ लगाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उनका उद्देश्य अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार को बचाना है। साथ ही ट्रेडिंग पार्टनर्स को चेतावनी दी गई है कि वे मौजूदा व्यापार समझौतों का पालन करें, अन्यथा भारी टैक्स या प्रतिबंध झेलना पड़ेगा।

    विशेषज्ञों का कहना है कि इस जांच का असर टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इंजीनियरिंग गुड्स और कृषि उत्पादों की कीमतों पर पड़ेगा। व्यवसायियों, निर्यातकों और आयातकों को अमेरिकी पॉलिसी पर लगातार नजर रखनी होगी, क्योंकि जुलाई के बाद अमेरिकी बाजार में कीमतों और टैरिफ में बड़े बदलाव संभव हैं।

    यह कदम व्यापार के वैश्विक परिदृश्य में भारत और अन्य देशों के लिए महत्वपूर्ण चेतावनी है। यदि व्यापारिक नीतियों में सुधार नहीं हुआ, तो अमेरिकी टैरिफ की मार व्यापार घाटे और निर्यातकों की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति पर गहरा असर डाल सकती है।