Author: bharati

  • यूरोप के साथ मजबूत होगी भारत की आर्थिक साझेदारी, स्पेन में व्यापार निवेश और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर बनी रणनीति

    यूरोप के साथ मजबूत होगी भारत की आर्थिक साझेदारी, स्पेन में व्यापार निवेश और ग्रीन टेक्नोलॉजी पर बनी रणनीति


    नई दिल्ली । वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में बदलते समीकरणों के बीच भारत और स्पेन ने अपने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को नई मजबूती देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने स्पेन की राजधानी मैड्रिड में वहां के अर्थव्यवस्था मंत्री कार्लोस कुएर्पो के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर व्यापार निवेश और प्रौद्योगिकी सहयोग को विस्तार देने पर व्यापक चर्चा की। इस बैठक में दोनों देशों ने भविष्य की आर्थिक साझेदारी को नई गति देने के साथ भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते को जल्द अंतिम रूप देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। माना जा रहा है कि यह पहल आने वाले वर्षों में भारत और यूरोप के बीच व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने में अहम भूमिका निभाएगी।

    तीन देशों के आधिकारिक दौरे के तहत स्पेन पहुंचे पीयूष गोयल ने कहा कि दोनों देशों के बीच हुई बातचीत बेहद सकारात्मक और परिणामोन्मुख रही। उन्होंने बताया कि भारत और स्पेन ने नवीकरणीय ऊर्जा ग्रीन हाइड्रोजन उन्नत विनिर्माण डिजिटल प्रौद्योगिकी बुनियादी ढांचा नवाचार और सतत विकास जैसे भविष्य के प्रमुख क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर विशेष सहमति बनाई है। इन क्षेत्रों में साझेदारी न केवल दोनों देशों की अर्थव्यवस्था को नई मजबूती देगी बल्कि वैश्विक स्तर पर टिकाऊ विकास के लक्ष्यों को भी आगे बढ़ाने में मदद करेगी।

    बैठक के दौरान भारत और यूरोपीय संघ के बीच प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते पर भी गंभीर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने इस समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के लिए सकारात्मक माहौल तैयार करने पर जोर दिया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह समझौता जल्द लागू होता है तो भारतीय उद्योगों को यूरोपीय बाजारों में अधिक अवसर मिलेंगे जबकि यूरोपीय निवेशकों के लिए भी भारत में निवेश के नए रास्ते खुलेंगे। इससे व्यापारिक गतिविधियों के साथ रोजगार सृजन और तकनीकी सहयोग को भी बढ़ावा मिलेगा।

    पीयूष गोयल की यह यात्रा केवल स्पेन तक सीमित नहीं है। 13 से 17 जुलाई तक चलने वाले पांच दिवसीय यूरोप दौरे के दौरान वह बेल्जियम और फिनलैंड भी जाएंगे जहां व्यापार निवेश तकनीक नवाचार और सतत विकास से जुड़े मुद्दों पर उच्चस्तरीय बैठकें होंगी। इस दौरे का उद्देश्य यूरोपीय देशों के साथ भारत की आर्थिक भागीदारी को और मजबूत बनाना तथा वैश्विक निवेशकों को भारत की विकास यात्रा से जोड़ना है।

    स्पेन प्रवास के दौरान पीयूष गोयल की मुलाकात उद्योग एवं पर्यटन मंत्री जोर्डी हेरेउ बोहेर और विदेश यूरोपीय संघ एवं सहयोग मंत्री जोस मैनुअल अल्बारेस बुएनो से भी प्रस्तावित है। इसके अलावा वह भारत स्पेन बिजनेस राउंडटेबल की अध्यक्षता करेंगे जिसमें स्पेन की प्रमुख कंपनियों और उद्योग संगठनों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। इस बैठक में भारत में उपलब्ध निवेश अवसरों को प्रस्तुत किया जाएगा तथा दोनों देशों के उद्योग जगत के बीच प्रत्यक्ष कारोबारी साझेदारी को बढ़ावा देने पर विशेष ध्यान रहेगा।

    भारत और स्पेन के संबंध पिछले कुछ वर्षों में लगातार मजबूत हुए हैं। इसी वर्ष फरवरी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ के बीच हुई द्विपक्षीय बैठक में भी व्यापार अर्थव्यवस्था स्वास्थ्य डिजिटल प्रौद्योगिकी शिक्षा नवाचार और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर सहयोग बढ़ाने की सहमति बनी थी। उस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारत और यूरोपीय संघ के संबंधों को मजबूत बनाने में स्पेन के सहयोग की सराहना भी की थी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि भारत की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था और यूरोप की उन्नत तकनीकी क्षमता दोनों देशों के लिए परस्पर लाभकारी अवसर पैदा कर रही हैं। यदि व्यापारिक समझौतों को समय पर अंतिम रूप दिया जाता है और निवेश प्रक्रियाओं को सरल बनाया जाता है तो भारत और स्पेन के आर्थिक संबंध नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकते हैं। यह पहल भारत को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में और अधिक मजबूत स्थान दिलाने के साथ यूरोप के साथ उसकी रणनीतिक आर्थिक साझेदारी को भी नई मजबूती प्रदान करेगी।

  • घर पर बनाएं होटल जैसे खिले-खिले चावल, इन आसान किचन टिप्स से हर दाना रहेगा अलग और स्वाद भी होगा बेहतरीन

    घर पर बनाएं होटल जैसे खिले-खिले चावल, इन आसान किचन टिप्स से हर दाना रहेगा अलग और स्वाद भी होगा बेहतरीन

    नई दिल्ली । भारतीय भोजन में चावल का महत्वपूर्ण स्थान है और लगभग हर घर में इसे नियमित रूप से बनाया जाता है। हालांकि कई बार चावल पकाते समय वे अधिक नरम, चिपचिपे या आपस में चिपक जाते हैं, जिससे उनका स्वाद और प्रस्तुति दोनों प्रभावित होती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि होटल या रेस्तरां जैसे खिले-खिले चावल बनाने का रहस्य केवल अच्छी गुणवत्ता वाले चावल में नहीं, बल्कि उन्हें तैयार करने और पकाने की सही तकनीक में छिपा होता है।

    चावल बनाने से पहले उन्हें अच्छी तरह धोना सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। दो से चार बार पानी से धोने पर अतिरिक्त स्टार्च निकल जाता है, जिससे पकने के बाद दाने आपस में कम चिपकते हैं। इसके बाद चावल को लगभग 20 से 30 मिनट तक पानी में भिगोकर रखने से दाने पर्याप्त नमी सोख लेते हैं और पकने के दौरान समान रूप से फूलते हैं। यही कारण है कि पेशेवर रसोई में भी यह तरीका व्यापक रूप से अपनाया जाता है।

    खिले हुए चावल बनाने में पानी की सही मात्रा का विशेष महत्व होता है। प्रत्येक प्रकार के चावल के लिए पानी का अनुपात अलग हो सकता है, लेकिन सामान्य रूप से बासमती चावल के लिए एक कप चावल के साथ लगभग डेढ़ से दो कप पानी उपयुक्त माना जाता है। आवश्यकता से अधिक पानी डालने पर चावल जरूरत से ज्यादा नरम हो सकते हैं और उनकी बनावट प्रभावित हो सकती है। इसलिए चावल के प्रकार के अनुसार पानी की मात्रा तय करना बेहतर परिणाम देता है।

    पकाते समय थोड़ा सा घी या कुछ बूंदें तेल डालने से भी चावल के दाने अलग-अलग बने रहने में मदद मिलती है। इससे चावल की सतह पर हल्की चमक भी आती है। यदि चाहें तो स्वाद और सुगंध बढ़ाने के लिए तेजपत्ता, लौंग या छोटी इलायची जैसे साबुत मसालों का सीमित उपयोग किया जा सकता है, जिससे चावल का स्वाद और अधिक आकर्षक हो जाता है।

    चावल पूरी तरह पक जाने के बाद उन्हें तुरंत चलाने से बचना चाहिए। गैस बंद करने के बाद बर्तन को कुछ मिनट तक ढककर रखने से भाप के माध्यम से चावल समान रूप से तैयार हो जाते हैं। इसके बाद चम्मच के बजाय कांटे से हल्के हाथों से दानों को अलग करने पर वे टूटते नहीं हैं और उनकी बनावट भी बनी रहती है।

    रसोई के बर्तन और आंच का चयन भी अंतिम परिणाम को प्रभावित करता है। मोटे तले वाले बर्तन में चावल पकाने से गर्मी समान रूप से फैलती है और चावल नीचे से जलने की संभावना कम रहती है। शुरुआत में मध्यम आंच और बाद में धीमी आंच पर पकाने से चावल अच्छी तरह तैयार होते हैं और हर दाना अलग दिखाई देता है।

    विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि पुराने बासमती चावल सामान्यतः अधिक खिले हुए बनते हैं। इसके अलावा चावल को बार-बार चलाने से बचना चाहिए और यदि बचे हुए चावल दोबारा गर्म करने हों तो उन पर थोड़ा पानी छिड़ककर गर्म करना बेहतर माना जाता है। इन सरल लेकिन प्रभावी तरीकों को अपनाकर घर पर भी आसानी से रेस्तरां जैसी गुणवत्ता वाले खिले-खिले और स्वादिष्ट चावल तैयार किए जा सकते हैं।

  • रोहित विराट की वापसी से मजबूत हुई टीम इंडिया कल इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में जीत का होगा लक्ष्य

    रोहित विराट की वापसी से मजबूत हुई टीम इंडिया कल इंग्लैंड के खिलाफ पहले वनडे में जीत का होगा लक्ष्य


    नई दिल्ली । भारत और इंग्लैंड के बीच तीन मैचों की बहुप्रतीक्षित वनडे सीरीज का आगाज 14 जुलाई से होने जा रहा है। पहला मुकाबला इंग्लैंड के बर्मिंघम स्थित एजबेस्टन क्रिकेट ग्राउंड में खेला जाएगा। टी20 सीरीज में मिली निराशा के बाद भारतीय टीम अब वनडे प्रारूप में दमदार वापसी करने के इरादे से मैदान पर उतरेगी। भारतीय समयानुसार मुकाबला दोपहर साढ़े तीन बजे शुरू होगा जबकि टॉस तीन बजे होगा। दोनों टीमें जीत के साथ सीरीज की शुरुआत करना चाहेंगी इसलिए पहले मुकाबले में कड़ी टक्कर देखने की पूरी उम्मीद है।

    वनडे क्रिकेट में भारत का रिकॉर्ड इंग्लैंड के खिलाफ काफी शानदार रहा है। दोनों टीमों के बीच अब तक 110 एकदिवसीय मुकाबले खेले जा चुके हैं जिनमें भारत ने 61 मैच अपने नाम किए हैं जबकि इंग्लैंड को 44 मुकाबलों में जीत मिली है। दो मैच टाई रहे और तीन मुकाबलों का कोई परिणाम नहीं निकल सका। आंकड़े बताते हैं कि इस प्रारूप में भारतीय टीम का पलड़ा इंग्लैंड पर भारी रहा है और यही रिकॉर्ड खिलाड़ियों का आत्मविश्वास भी बढ़ाएगा।

    भारतीय टीम के लिए सबसे बड़ी राहत कप्तान रोहित शर्मा और स्टार बल्लेबाज विराट कोहली की वापसी है। दोनों अनुभवी खिलाड़ी टीम के बल्लेबाजी क्रम को मजबूती देंगे। कप्तान शुभमन गिल युवा जोश के साथ टीम का नेतृत्व करेंगे जबकि श्रेयस अय्यर केएल राहुल ईशान किशन और अक्षर पटेल मध्यक्रम को संतुलन प्रदान करेंगे। ऑलराउंडर वाशिंगटन सुंदर और शिवम दुबे भी टीम के लिए अहम भूमिका निभा सकते हैं। गेंदबाजी में जसप्रीत बुमराह की अगुवाई में प्रसिद्ध कृष्णा अर्शदीप सिंह कुलदीप यादव और अन्य गेंदबाज विपक्षी बल्लेबाजों को चुनौती देने के लिए तैयार हैं।

    दूसरी ओर इंग्लैंड की कप्तानी हैरी ब्रूक के हाथों में होगी। टीम में जो रूट जोस बटलर बेन डकेट जोफ्रा आर्चर आदिल राशिद और सैम करन जैसे अनुभवी खिलाड़ी मौजूद हैं जो किसी भी समय मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं। घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाने के लिए इंग्लैंड पूरी तैयारी के साथ मैदान पर उतरेगा।

    अगर पिच की बात करें तो एजबेस्टन की सतह शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों के लिए मददगार मानी जाती है। नई गेंद से स्विंग और अतिरिक्त उछाल मिलने की संभावना रहती है लेकिन समय बीतने के साथ बल्लेबाजी आसान हो जाती है। ऐसे में टॉस जीतने वाली टीम पहले बल्लेबाजी करना पसंद कर सकती है ताकि बड़ा स्कोर बनाकर विपक्ष पर दबाव बनाया जा सके।

    मौसम भी क्रिकेट प्रेमियों के लिए राहत भरी खबर लेकर आया है। मौसम विभाग के अनुसार मैच के दौरान बारिश की संभावना बेहद कम है और पूरे दिन आसमान साफ रहने की उम्मीद है। इससे मुकाबले के बिना किसी रुकावट के पूरे 50 ओवर खेले जाने की संभावना बढ़ गई है।

    क्रिकेट प्रशंसक इस रोमांचक मुकाबले का सीधा प्रसारण सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर देख सकेंगे जबकि मोबाइल और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर इसकी लाइव स्ट्रीमिंग जियोस्टार ऐप पर उपलब्ध रहेगी। पहले मुकाबले के साथ शुरू होने वाली यह सीरीज दोनों टीमों के लिए प्रतिष्ठा की लड़ाई साबित हो सकती है और क्रिकेट प्रेमियों को हाई वोल्टेज मुकाबलों का रोमांच देखने को मिलेगा।

  • लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन, कल से दौड़ेंगे वाहन, 35-45 मिनट में पूरा होगा सफर

    लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन, कल से दौड़ेंगे वाहन, 35-45 मिनट में पूरा होगा सफर

    लखनऊ। लखनऊ और कानपुर के बीच यात्रा करने वाले लाखों लोगों के लिए मंगलवार, 14 जुलाई से सफर आसान होने जा रहा है। करीब 63 किलोमीटर लंबे लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेसवे को आम वाहनों के लिए खोल दिया जाएगा। लगभग 4,200 करोड़ रुपये की लागत से तैयार यह छह-लेन एक्सप्रेसवे उत्तर प्रदेश की प्रमुख हाई-स्पीड सड़क परियोजनाओं में शामिल है। इस परियोजना का लोकार्पण सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में किया।

    उन्नाव में हुआ लोकार्पण, तकनीकी प्रदर्शनी भी देखी
    उन्नाव के झाऊखेड़ा गांव में आयोजित कार्यक्रम में एक्सप्रेसवे का उद्घाटन किया गया। इस दौरान उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे। कार्यक्रम से पहले अतिथियों ने भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) द्वारा लगाई गई तकनीकी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। एनएचएआई अधिकारियों ने एक्सप्रेसवे के निर्माण में उपयोग की गई आधुनिक तकनीक, सुरक्षा मानकों और भविष्य की विस्तार योजनाओं की जानकारी भी दी।

    टोल वसूली शुरू, इन वाहनों के प्रवेश पर रोक
    एक्सप्रेसवे पर मंगलवार से टोल वसूली भी शुरू हो गई है। चूंकि यह एक नियंत्रित (कंट्रोल्ड एक्सेस) हाई-स्पीड कॉरिडोर है, इसलिए सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए केवल कार, जीप, बस, ट्रक और अन्य मोटर चालित वाहनों को ही प्रवेश की अनुमति दी गई है। वहीं बाइक, स्कूटर, ऑटो, विक्रम, साइकिल, ट्रैक्टर, ई-रिक्शा, पशु चालित वाहन और अन्य धीमी गति वाले वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।

    डेढ़-दो घंटे की जगह 35 से 45 मिनट में पहुंचेगा सफर
    अब तक लखनऊ और कानपुर के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर ट्रैफिक और जाम के कारण यात्रा में करीब डेढ़ से दो घंटे का समय लग जाता था। नए एक्सप्रेसवे के शुरू होने से यही दूरी अब महज 35 से 45 मिनट में तय की जा सकेगी। इससे राष्ट्रीय राजमार्ग-27 पर यातायात का दबाव कम होगा और उन्नाव सहित आसपास के क्षेत्रों में लगने वाले जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

    उन्नाव को मिलेगा सबसे बड़ा लाभ
    एक्सप्रेसवे को उन्नाव-लालगंज मार्ग और कानपुर-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग से जोड़ा गया है। इसके अलावा गंगाघाट, करेर पतारी, कोरारी और अमरसस के पास इंटरचेंज बनाए गए हैं, जिससे उन्नाव, रायबरेली, कानपुर और लखनऊ के बीच आवागमन अधिक सुगम होगा।

    उद्योग और व्यापार को मिलेगी नई रफ्तार
    यह एक्सप्रेसवे कानपुर के औद्योगिक क्षेत्र और लखनऊ के प्रशासनिक व आईटी केंद्र के बीच तेज कनेक्टिविटी उपलब्ध कराएगा। इससे माल ढुलाई की लागत और समय दोनों में कमी आएगी, जिससे उद्योगों और व्यापार को लाभ मिलने की उम्मीद है। साथ ही शिक्षा, चिकित्सा और नौकरी के लिए रोजाना आने-जाने वाले लोगों को भी समय और ईंधन की बचत का सीधा फायदा मिलेगा।

    एक्सप्रेसवे की प्रमुख विशेषताएं
    लंबाई: 63 किलोमीटर का छह-लेन एक्सप्रेसवे।
    लागत: लगभग 4,200 करोड़ रुपये।
    यात्रा समय: लखनऊ से कानपुर की दूरी अब 35 से 45 मिनट में पूरी होगी।
    बेहतर कनेक्टिविटी: उन्नाव, रायबरेली, कानपुर और लखनऊ को आधुनिक इंटरचेंज से जोड़ा गया।
    सुरक्षा नियम: बाइक, ऑटो, ट्रैक्टर, साइकिल और ई-रिक्शा सहित धीमी गति वाले वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध।

  • दतिया उपचुनाव में भावुक हुए नरोत्तम मिश्रा सीएम मोहन यादव ने संभाला कहा घर घर जाकर आशुतोष तिवारी को जिताऊंगा

    दतिया उपचुनाव में भावुक हुए नरोत्तम मिश्रा सीएम मोहन यादव ने संभाला कहा घर घर जाकर आशुतोष तिवारी को जिताऊंगा


    मध्य प्रदेश। दतिया विधानसभा उपचुनाव की सियासी सरगर्मियों के बीच भाजपा की नामांकन रैली उस समय भावनात्मक मोड़ पर पहुंच गई जब पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा मंच से संबोधन करते हुए भावुक हो गए। भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के समर्थन में आयोजित जनसभा में अपने भाषण के अंतिम चरण में उनकी आंखें नम हो गईं और वे हाथ जोड़कर कार्यकर्ताओं के सामने खड़े रहे। मंच पर मौजूद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने उनके कंधे पर हाथ रखकर उनका हौसला बढ़ाया जबकि प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भी उन्हें संभाला। इस घटनाक्रम ने रैली में मौजूद कार्यकर्ताओं को भी भावुक कर दिया।

    अपने संबोधन में नरोत्तम मिश्रा ने कहा कि वह 16 जुलाई से दतिया में ही डेरा डालेंगे और कार्यकर्ताओं के साथ गांव गांव तथा घर घर जाकर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पक्ष में जनसंपर्क करेंगे। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मतदाता के दरवाजे पर जाकर आशीर्वाद मांगेंगे और पूरी ताकत के साथ चुनाव अभियान को आगे बढ़ाएंगे। उनके इस संकल्प पर सभा में मौजूद कार्यकर्ताओं ने जोरदार समर्थन जताया।

    रैली के दौरान नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस और उसके नेताओं पर भी तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह के उस बयान का जवाब दिया जिसमें भाजपा की हार को अहंकार से जोड़ा गया था। मिश्रा ने कहा कि यदि कुछ हजार वोटों से हारने वाले अहंकारी कहलाते हैं तो बड़े अंतर से हारने वालों के लिए क्या कहा जाएगा। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जनता ही लोकतंत्र में अंतिम फैसला करती है और वही सही मूल्यांकन करती है।

    उन्होंने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को भी खुली चुनौती देते हुए कहा कि यदि उनमें दम है तो दतिया उपचुनाव मैदान में उतरकर भाजपा प्रत्याशी का सामना करें। उनका कहना था कि चुनावी मैदान ही तय करेगा कि जनता किसे स्वीकार करती है और किसे नकारती है। इस बयान के बाद रैली में मौजूद कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए भाजपा के पक्ष में माहौल बनाया।

    नरोत्तम मिश्रा ने अपने भाषण में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी की पृष्ठभूमि का उल्लेख करते हुए उन्हें समर्पित कार्यकर्ता बताया। उन्होंने कहा कि आशुतोष तिवारी ने संगठन के लिए लंबे समय तक जमीन पर काम किया है और पार्टी के सिद्धांतों को अपने जीवन में उतारा है। उन्होंने कहा कि भाजपा का कार्यकर्ता पद और प्रतिष्ठा से नहीं बल्कि सेवा और समर्पण से पहचान बनाता है। यही कारण है कि संगठन ने एक कर्मठ कार्यकर्ता को उम्मीदवार बनाया है।

    सभा के दौरान उन्होंने दतिया उपचुनाव को केवल राजनीतिक मुकाबला नहीं बल्कि विचारधारा और कार्यकर्ता संस्कृति की लड़ाई बताया। उन्होंने कहा कि एक ओर राजनीतिक विरासत का दावा करने वाले लोग हैं तो दूसरी ओर संगठन और समाज सेवा के बल पर आगे बढ़ने वाले कार्यकर्ता हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे पूरी ऊर्जा और एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरें और भाजपा प्रत्याशी को रिकॉर्ड मतों से विजयी बनाएं।

    दतिया उपचुनाव को लेकर भाजपा ने पूरी ताकत झोंक दी है और शीर्ष नेतृत्व लगातार चुनाव प्रचार में सक्रिय दिखाई दे रहा है। नामांकन रैली में उमड़ी भीड़ और मंच पर दिखाई दिया भावनात्मक दृश्य इस चुनाव को और अधिक चर्चा का विषय बना गया है।

  • 24.90 लाख की लूट में तीन सिपाही गिरफ्तार, झांसी लाकर पूछताछ, छह लोगों पर दर्ज हुई FIR

    24.90 लाख की लूट में तीन सिपाही गिरफ्तार, झांसी लाकर पूछताछ, छह लोगों पर दर्ज हुई FIR


    झांसी। सूरत के एक ड्राई फ्रूट कारोबारी के मुंशी से 24.90 लाख रुपये की कथित लूट के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। शनिवार देर रात जालौन में दबिश देकर तीनों को हिरासत में लिया गया, जिसके बाद रविवार शाम उन्हें पूछताछ के लिए झांसी लाया गया।

    कोतवाली थाना पुलिस ने इस मामले में तीन सिपाहियों समेत छह लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। आरोप सामने आने के बाद जालौन के पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह ने तीनों सिपाहियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

    झांसी के तीन युवकों की भी तलाश
    जांच में झांसी के तीन युवकों की कथित संलिप्तता भी सामने आई है। पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है। प्रारंभिक जांच के अनुसार, लूटी गई रकम का बड़ा हिस्सा इन्हीं के पास होने की आशंका जताई जा रही है।

    कारोबारी के मुंशी का किया था अपहरण
    पुलिस के मुताबिक, सूरत निवासी ड्राई फ्रूट कारोबारी जितेंद्र पटेल के मुंशी किशन पांचाल (30) का गुरुवार शाम काले रंग की क्रेटा कार में आए आरोपियों ने कथित रूप से अपहरण कर लिया था। आरोप है कि तीन सिपाहियों ने अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर रुपये से भरा बैग लूट लिया और बाद में किशन पांचाल को कानपुर बाईपास के पास छोड़कर फरार हो गए।

    CCTV फुटेज से हुई पहचान
    घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच में तीन पुलिसकर्मी वर्दी में दिखाई दिए। उनकी पहचान राघवेंद्र राजपूत, नीरज राजपूत और मनोज के रूप में हुई। पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद तीनों झांसी-कानपुर हाईवे से उरई की ओर भाग गए थे।

    लोकेशन ट्रैक कर हुई गिरफ्तारी
    मामले के खुलासे के लिए स्वॉट टीम सहित चार पुलिस टीमें गठित की गई थीं। तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस ने शनिवार देर रात उरई में दबिश देकर तीनों आरोपियों को हिरासत में लिया। रविवार शाम उन्हें झांसी लाकर क्राइम ब्रांच कार्यालय में पूछताछ की गई। पुलिस अब पूछताछ के आधार पर पूरी साजिश और अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

    झांसी में हुई थी तीनों की दोस्ती
    जांच में सामने आया है कि मनोज, राघवेंद्र और नीरज पिछले तीन वर्षों से जालौन पुलिस लाइन में तैनात थे। इससे पहले तीनों पीएसी के माध्यम से झांसी पुलिस लाइन में साथ कार्य कर चुके थे, जहां उनकी आपस में दोस्ती हुई थी। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को पहले से जानकारी थी कि मुंशी किशन पांचाल बड़ी नकदी लेकर आने वाला है। वारदात वाले दिन राघवेंद्र और मनोज बिना सूचना झांसी पहुंचे थे, जबकि नीरज छुट्टी लेकर आया था।

    लूटी गई रकम की बरामदगी के प्रयास जारी
    पुलिस झांसी के तीन अन्य संदिग्ध युवकों की तलाश के साथ-साथ 24.90 लाख रुपये की लूटी गई रकम बरामद करने का प्रयास भी कर रही है। झांसी के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बीबीजीटीएस मूर्ति ने बताया कि तीनों गिरफ्तार सिपाहियों से पूछताछ जारी है। साथ ही मामले में शामिल अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और लूटी गई राशि की बरामदगी के लिए पुलिस टीमें लगातार कार्रवाई कर रही हैं।

  • बजट की कमी से थमी 'ड्रोन दीदी' योजना की रफ्तार, प्रशिक्षण के एक साल बाद भी नहीं मिले कृषि ड्रोन

    बजट की कमी से थमी 'ड्रोन दीदी' योजना की रफ्तार, प्रशिक्षण के एक साल बाद भी नहीं मिले कृषि ड्रोन

    झांसी। महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से शुरू की गई ड्रोन दीदी योजना झांसी में बजट के अभाव में आगे नहीं बढ़ पा रही है। बड़ागांव ब्लॉक की तीन महिला किसानों ने एक वर्ष पहले लखनऊ में ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण पूरा किया था, लेकिन अब तक उन्हें कृषि ड्रोन उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। ऐसे में प्रशिक्षण के बावजूद वे स्वरोजगार की शुरुआत नहीं कर सकी हैं।

    प्रशिक्षण पूरा, लेकिन संसाधनों का इंतजार
    योजना के तहत राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़े स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं का चयन कर उन्हें ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है। प्रशिक्षण के बाद कृषि कार्यों के लिए ड्रोन उपलब्ध कराया जाता है, ताकि महिलाएं खेतों में उर्वरक और कीटनाशक के छिड़काव जैसी सेवाएं देकर आय अर्जित कर सकें।

    पिछले वर्ष बड़ागांव ब्लॉक की तीन महिलाओं को लखनऊ में प्रशिक्षण दिलाया गया था। हालांकि, प्रशिक्षण पूरा हुए एक साल से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन बजट जारी न होने के कारण उन्हें अब तक ड्रोन नहीं मिल पाए हैं। इससे वे सीखी गई तकनीक का व्यावहारिक उपयोग नहीं कर पा रही हैं।

    एक ड्रोन की लागत करीब 10 लाख रुपये
    एनआरएलएम के तहत चयनित महिलाओं को लगभग 10 लाख रुपये लागत का कृषि ड्रोन उपलब्ध कराया जाता है। इन ड्रोन की मदद से वे किसानों के खेतों में उर्वरक, कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव कर नियमित आय अर्जित कर सकती हैं।

    पहले चयनित महिलाओं ने पेश की मिसाल
    योजना के सफल परिणाम भी सामने आ चुके हैं। करीब दो वर्ष पहले बड़ागांव क्षेत्र के गड़मऊ गांव की रानी देवी और हेमवती को हैदराबाद में ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया गया था। प्रशिक्षण के बाद दोनों को ड्रोन उपलब्ध कराए गए और वर्तमान में वे किसानों के खेतों में ड्रोन के माध्यम से छिड़काव कर अच्छी आय अर्जित कर रही हैं। अधिकारियों का मानना है कि यदि नई चयनित महिलाओं को भी समय पर ड्रोन उपलब्ध करा दिए जाएं तो वे भी इसी तरह अपना स्वरोजगार स्थापित कर सकेंगी।

    क्या है ड्रोन दीदी योजना?
    ड्रोन दीदी योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आधुनिक कृषि तकनीक से जोड़ना है। इसके तहत महिलाओं को ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जाता है और बाद में कृषि ड्रोन उपलब्ध कराया जाता है। इन ड्रोन की मदद से कम समय में उर्वरक, कीटनाशक और सूक्ष्म पोषक तत्वों का छिड़काव किया जा सकता है। इससे किसानों का समय और लागत दोनों बचते हैं, जबकि प्रशिक्षित महिलाओं के लिए आय का नया स्रोत तैयार होता है।

    बजट मिलते ही दिए जाएंगे ड्रोन
    एनआरएलएम, झांसी के प्रभारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि बजट उपलब्ध होते ही ड्रोन दीदी योजना के तहत चयनित महिला किसानों को कृषि ड्रोन उपलब्ध करा दिए जाएंगे, ताकि वे जल्द से जल्द कृषि सेवाएं शुरू कर सकें।

  • मुंह के छालों से हैं परेशान तो अपनाएं ये असरदार घरेलू उपाय दर्द जलन और खाने की तकलीफ से मिलेगी राहत

    मुंह के छालों से हैं परेशान तो अपनाएं ये असरदार घरेलू उपाय दर्द जलन और खाने की तकलीफ से मिलेगी राहत


    नई दिल्ली । मुंह के छाले देखने में छोटे होते हैं लेकिन इनकी वजह से होने वाली तकलीफ काफी बड़ी हो सकती है। छाले होने पर खाना खाना पानी पीना और यहां तक कि सामान्य बातचीत करना भी दर्दनाक हो जाता है। कई बार यह समस्या कुछ दिनों में अपने आप ठीक हो जाती है लेकिन इस दौरान जलन और दर्द व्यक्ति की दिनचर्या को प्रभावित कर देते हैं। ऐसे में कुछ आसान घरेलू उपाय राहत दिलाने में मददगार साबित हो सकते हैं। हालांकि यदि छाले लंबे समय तक बने रहें या बार बार होने लगें तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और चिकित्सकीय सलाह जरूर लेनी चाहिए।

    विशेषज्ञों के अनुसार मुंह के छालों के पीछे कई कारण हो सकते हैं। शरीर में विटामिन बी 12 आयरन या फोलिक एसिड की कमी तनाव हार्मोनल बदलाव मुंह के अंदर चोट लगना या रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होना इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं। कई बार अत्यधिक मसालेदार भोजन या दांतों की तेज धार भी छालों की वजह बन सकती है। इसलिए केवल घरेलू उपचार ही नहीं बल्कि सही खानपान और संतुलित जीवनशैली भी जरूरी है।

    मुंह के छालों में सबसे आसान और प्रभावी घरेलू उपाय नमक वाले गुनगुने पानी से कुल्ला करना माना जाता है। नमक में मौजूद प्राकृतिक गुण मुंह के बैक्टीरिया को कम करने में मदद करते हैं और सूजन को घटाने में सहायक होते हैं। नियमित कुल्ला करने से छाले वाली जगह साफ रहती है और संक्रमण का खतरा भी कम हो सकता है।

    शहद भी मुंह के छालों में राहत देने वाला प्राकृतिक उपाय माना जाता है। इसमें मौजूद एंटीबैक्टीरियल और सूजन कम करने वाले गुण छाले पर सुरक्षात्मक परत बनाते हैं जिससे जलन कम महसूस होती है। इसके अलावा शहद घाव भरने की प्रक्रिया को भी तेज करने में मदद कर सकता है। दिन में दो से तीन बार साफ उंगली या कॉटन की सहायता से शहद लगाने से आराम मिल सकता है।

    नारियल तेल भी इस समस्या में उपयोगी माना जाता है। इसमें पाया जाने वाला लॉरिक एसिड बैक्टीरिया और सूजन से लड़ने में सहायक होता है। यह छाले वाली जगह को नम बनाए रखता है जिससे दर्द और जलन कम महसूस होती है। हालांकि यदि किसी व्यक्ति को नारियल तेल से एलर्जी हो या लगाने के बाद परेशानी बढ़े तो इसका इस्तेमाल तुरंत बंद कर देना चाहिए।

    बेकिंग सोडा का उपयोग भी कई लोग घरेलू उपचार के रूप में करते हैं। यह मुंह के अम्लीय वातावरण को संतुलित करने में मदद करता है जिससे जलन कम हो सकती है। इसके अलावा ठंडा पानी पीना या बर्फ की हल्की सिकाई भी कुछ समय के लिए दर्द से राहत देती है लेकिन बर्फ को सीधे लंबे समय तक छाले पर नहीं रखना चाहिए।

    स्वास्थ्य विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि यदि छाले दो सप्ताह से अधिक समय तक बने रहें बार बार निकलें तेज दर्द हो बुखार आए या खून निकलने जैसी समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए। साथ ही पर्याप्त पानी पीना हरी सब्जियां फल और विटामिन युक्त भोजन लेना तथा तनाव कम करना भी इस समस्या से बचाव में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सही देखभाल और समय पर उपचार से मुंह के छालों की परेशानी से जल्दी राहत पाई जा सकती है।

  • 'लखनऊ अब सिर्फ तहजीब का नहीं, मिसाइल निर्माण का भी शहर', दीक्षांत समारोह में बोले डिप्टी CM ब्रजेश पाठक

    'लखनऊ अब सिर्फ तहजीब का नहीं, मिसाइल निर्माण का भी शहर', दीक्षांत समारोह में बोले डिप्टी CM ब्रजेश पाठक

    लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि लखनऊ अब केवल अपनी तहजीब और मुस्कुराहट के लिए ही नहीं, बल्कि रक्षा उत्पादन के क्षेत्र में भी नई पहचान बना रहा है। उन्होंने कहा कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के प्रयासों से शहर में मिसाइलों का निर्माण हो रहा है, जिससे देश की रक्षा क्षमता को मजबूती मिल रही है।

    किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के 22वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए ब्रजेश पाठक ने कहा, “पहले कहा जाता था, मुस्कुराइए, आप लखनऊ में हैं। अब यहां मिसाइलें बन रही हैं। जो गड़बड़ी करेगा, उसे मुस्कुराने का मौका नहीं मिलेगा।” उन्होंने ब्रह्मोस मिसाइल का उल्लेख करते हुए कहा कि आधुनिक तकनीक की मदद से सटीक लक्ष्य भेदा जा सकता है।

    1701 छात्रों को मिली उपाधि, 54 मेधावियों का सम्मान
    अटल बिहारी वाजपेयी कन्वेंशन सेंटर में आयोजित समारोह में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने समारोह में 1701 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं, जिनमें 975 छात्र और 726 छात्राएं शामिल रहीं। इसके अलावा विभिन्न पाठ्यक्रमों के 20 मेधावी विद्यार्थियों को कुल 54 पदकों से सम्मानित किया गया।

    KGMU के नाम को लेकर भ्रम की बात
    समारोह में स्वास्थ्य राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के नाम को लेकर लोगों में अक्सर भ्रम रहता है, जबकि इसके निर्माण में किंग जॉर्ज का कोई आर्थिक योगदान नहीं था।

    डॉ. एम. श्रीनिवास को मानद डीएससी
    इस अवसर पर नीति आयोग के सदस्य डॉ. एम. श्रीनिवास को चिकित्सा प्रशासन और स्वास्थ्य नीति के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए मानद डीएससी (Doctor of Science) की उपाधि प्रदान की गई। वहीं विश्वविद्यालय के कई चिकित्सकों को कुलपति एवं फैकल्टी अप्रिसिएशन अवार्ड से सम्मानित किया गया।

    दीप्ति शर्मा ने जीते सबसे अधिक पदक
    एमबीबीएस की छात्रा दीप्ति शर्मा समारोह की सबसे सफल छात्रा रहीं। उन्होंने 16 पदक अपने नाम किए। उनके अलावा निधि सिंह, अभिलाषा घोष, अनिकेत चंद्रा सहित कुल 20 मेधावी विद्यार्थियों को विभिन्न श्रेणियों में सम्मानित किया गया।

  • मेरठ छात्रा हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को रोका, पार्टी ने पुलिस पर लगाए आरोप

    मेरठ छात्रा हत्याकांड: पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल को रोका, पार्टी ने पुलिस पर लगाए आरोप

    मेरठ। मेरठ छात्रा हत्याकांड को लेकर पीड़ित परिवार की शिकायत वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) तक पहुंचाने जा रहे कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को सोमवार को मेरठ-दिल्ली हाईवे स्थित काशी टोल प्लाजा पर पुलिस ने रोक दिया। इसके बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने मौके पर विरोध प्रदर्शन करते हुए पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।

    काशी टोल प्लाजा पर रोका गया काफिला
    कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल एसएसपी कार्यालय जाने के लिए मेरठ पहुंच रहा था। इसी दौरान पुलिस ने काशी टोल प्लाजा पर उनके काफिले को आगे बढ़ने से रोक दिया। पुलिस की इस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन शुरू कर दिया।

    कांग्रेस ने पुलिस पर लगाए आरोप
    कांग्रेस नेताओं का कहना था कि वे केवल पीड़ित परिवार की शिकायत लेकर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मिलने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन रोक दिया। उनका आरोप है कि इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था की भावना के अनुरूप नहीं है और इससे प्रदेश का माहौल प्रभावित होता है।

    प्रदेश सरकार पर भी साधा निशाना
    प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने उत्तर प्रदेश सरकार की भी आलोचना की। उनका आरोप था कि पुलिस को सरकार का संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण आम लोगों के साथ मनमानी की जा रही है। नेताओं ने पुलिस की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का उल्लंघन बताते हुए इस पर नाराजगी जताई।

    प्रतिनिधिमंडल में ये नेता रहे शामिल
    कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल में महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा, उत्तर प्रदेश कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र गौतम, सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और बाराबंकी से सांसद तनुज पूनिया सहित अन्य नेता शामिल थे।