Author: bharati

  • एमएसएमई क्षेत्र में बढ़त, Jitan Ram Manjhi के अनुसार उद्यम पोर्टल पर 7.83 करोड़ पंजीकरण और करोड़ों रोजगार

    एमएसएमई क्षेत्र में बढ़त, Jitan Ram Manjhi के अनुसार उद्यम पोर्टल पर 7.83 करोड़ पंजीकरण और करोड़ों रोजगार


    नई दिल्ली। केंद्रीय एमएसएमई मंत्री जीतन राम मांझी ने गुरुवार को संसद में जानकारी दी कि उद्यम पोर्टल पर 2020 से 28 फरवरी 2026 तक करीब 7.83 करोड़ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) पंजीकृत हुए हैं। इन उद्यमों से लगभग 34.50 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं, जिससे देश में स्वरोजगार और उद्यमिता को मजबूती मिली है।

    बंद हुए उद्यम और कारण
    लोकसभा में पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री ने बताया कि इस अवधि में 1.37 लाख एमएसएमई बंद हुए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी उद्यम का बंद होना या पंजीकरण रद्द होने के कई कारण हो सकते हैं, जैसे मालिक में बदलाव, प्रमाण पत्र की आवश्यकता न होना, दोहरा पंजीकरण या अन्य प्रशासनिक कारण।

    सरकार की पहलें और योजनाएँ
    मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की कोशिशों में सहयोग कर रही है। इनमें शामिल हैं:

    प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP)

    सूक्ष्म एवं लघु उद्यम ऋण गारंटी योजना

    सूक्ष्म एवं लघु उद्यम क्लस्टर विकास कार्यक्रम

    एमएसएमई प्रदर्शन में सुधार और गति प्रदान करने वाली योजनाएँ

    एसआरआई फंड (आत्मनिर्भर भारत कोष)

    प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना

    एमएसएमई चैंपियंस योजना

    आपातकालीन ऋण और कोविड-19 सहायता
    कोविड-19 महामारी के दौरान एमएसएमई और अन्य व्यवसायों के लिए 5 लाख करोड़ रुपए की आपातकालीन ऋण गारंटी योजना लागू की गई थी। मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत 31 मार्च 2023 तक 1.13 करोड़ एमएसएमई को गारंटी प्रदान की गई।स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की 23 जनवरी, 2023 की रिपोर्ट के अनुसार, लगभग 14.6 लाख एमएसएमई खाते बचाए गए, जिनमें से 98.3 प्रतिशत सूक्ष्म और लघु उद्यम थे।

    गैर-कर लाभ और इक्विटी निवेश
    मंत्री ने बताया कि एमएसएमई की स्थिति सुधारने पर तीन वर्षों के लिए गैर-कर लाभ भी प्रदान किया गया। इसके अलावा, आत्मनिर्भर भारत (एसआरआई) कोष के माध्यम से 50,000 करोड़ रुपए का इक्विटी निवेश किया गया, जिसमें सरकार का योगदान 10,000 करोड़ रुपए और निजी इक्विटी/वेंचर कैपिटल फंड का 40,000 करोड़ रुपए है। इस योजना का उद्देश्य एमएसएमई क्षेत्र की योग्य इकाइयों को विकास पूंजी प्रदान करना है।

    पीएमईजीपी के माध्यम से स्वरोजगार
    एमएसएमई मंत्रालय पीएमईजीपी कार्यक्रम का कार्यान्वयन करता है, जो ऋण-आधारित सब्सिडी योजना है। इसका लक्ष्य पारंपरिक कारीगरों और ग्रामीण/शहरी बेरोजगार युवाओं को गैर-कृषि क्षेत्र में सूक्ष्म उद्यम स्थापित करने में सहायता करना और स्वरोजगार के अवसर पैदा करना है।

    मंत्री ने कहा कि पीएमईजीपी के कुल लाभार्थियों में 39 प्रतिशत महिलाएँ हैं, और उन्हें गैर-विशेष श्रेणी (25 प्रतिशत तक) की तुलना में अधिक 35 प्रतिशत सब्सिडी प्रदान की जाती है।

    एमएसएमई क्षेत्र में विकास और रोजगार
    इस प्रकार, सरकार की योजनाओं और पंजीकरण प्रक्रिया के माध्यम से एमएसएमई क्षेत्र में विकास और रोजगार के अवसरों में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। 7.83 करोड़ पंजीकृत उद्यम न केवल देश की अर्थव्यवस्था में योगदान दे रहे हैं, बल्कि लाखों लोगों के लिए स्थायी रोजगार और स्वरोजगार का अवसर भी प्रदान कर रहे हैं।

  • भोपाल: LLB छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, महीने भर से कॉलेज से कटी थी अंकिता, परिजनों से कहती रही- 'पढ़ाई में मन नहीं लग रहा'

    भोपाल: LLB छात्रा ने फांसी लगाकर दी जान, महीने भर से कॉलेज से कटी थी अंकिता, परिजनों से कहती रही- 'पढ़ाई में मन नहीं लग रहा'


    भोपाल। राजधानी के अयोध्या नगर थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात एक छात्रा के आत्मघाती कदम ने सबको झकझोर कर रख दिया। 17 वर्षीय अंकिता थापा, जो एलएलबी (LLB) प्रथम वर्ष की छात्रा थी, ने अपने ही कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का खुलासा तब हुआ जब देर रात परिजनों ने उसे फंदे पर लटका देखा। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुँची, लेकिन घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे मौत की असली वजह अब भी रहस्य बनी हुई है।अंकिता के व्यवहार में पिछले कुछ समय से आए बदलावों ने परिजनों को चिंतित कर रखा था, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि वह इतना बड़ा कदम उठा लेगी।

    कॉलेज से किनारा

    अंकिता पिछले करीब एक महीने से कॉलेज नहीं जा रही थी। वह घर पर ही रह रही थी और उसने खुद को बाहरी दुनिया से सीमित कर लिया था।एएसआई मनोज सिंह के अनुसार, अंकिता अक्सर अपने माता-पिता से शिकायत करती थी कि उसका “पढ़ाई में मन नहीं लग रहा है।” हालांकि, उसने पढ़ाई के अलावा किसी अन्य परेशानी या किसी के द्वारा प्रताड़ित किए जाने का जिक्र कभी नहीं किया।

    उलझी गुत्थी: सुसाइड नोट न मिलने से बढ़ा सस्पेंस
    पुलिस के लिए यह मामला फिलहाल एक अबूझ पहेली बना हुआ है।अंकिता की एक जुड़वा बहन और एक छोटा भाई है। जुड़वा बहन के साथ उसका गहरा लगाव था, ऐसे में परिवार का हर सदस्य इस बात से हैरान है कि अंकिता ने अपने मन की बात किसी से साझा क्यों नहीं की।पुलिस अब अंकिता के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच कर रही है। पुलिस का मानना है कि परिजनों के विस्तृत बयानों और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह कदम केवल पढ़ाई के तनाव की वजह से था या इसके पीछे कोई और गहरा कारण छिपा है।

  • आज का राशिफल 12 मार्च 2026: व्यापार में होगा लाभ, धन की होगी वर्षा; पढ़ें सभी राशियों की स्थिति

    आज का राशिफल 12 मार्च 2026: व्यापार में होगा लाभ, धन की होगी वर्षा; पढ़ें सभी राशियों की स्थिति


    नई दिल्ली । 12 मार्च 2026 का दिन ग्रह नक्षत्रों की स्थिति के अनुसार कई राशियों के लिए शुभ और लाभदायक है। व्यापार करियर और आर्थिक मामलों में कुछ राशियों के लिए नए अवसर खुल सकते हैं जबकि कुछ को स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

    मेष

    आज का दिन शुभ रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार होगा और परिवार में तालमेल बना रहेगा। रुके हुए कार्य पूरे होंगे और सामाजिक व राजनीतिक क्षेत्र में सम्मान बढ़ेगा। आर्थिक स्थिति अच्छी रहेगी।

    वृषभ

    जीवनसाथी के स्वास्थ्य को लेकर चिंता हो सकती है। परिवार में मतभेद संभव हैं। कार्यस्थल पर विरोधियों से सावधान रहें। व्यापार सामान्य रहेगा।

    मिथुन

    मन प्रसन्न रहेगा। किसी पुराने परिचित से मुलाकात हो सकती है। कार्यक्षेत्र में बदलाव लाभदायक साबित होगा। शेयर मार्केट से जुड़े लोगों के लिए दिन अनुकूल है।

    कर्क

    जीवनशैली में बदलाव करेंगे। व्यापार में लाभ की संभावना है। नई पार्टनरशिप के योग बन सकते हैं। यात्रा में सावधानी रखें।

    सिंह

    पैतृक संपत्ति से लाभ मिलने के योग हैं। व्यापार में सफलता मिलेगी। नई शुरुआत के लिए दिन अच्छा है। वाणी से रुके कार्य पूरे होंगे।

    कन्या

    दिन सामान्य रहेगा। कार्यक्षेत्र में कुछ बाधाएं आ सकती हैं। स्वास्थ्य का ध्यान रखें। यात्रा में सतर्क रहें।

    तुला

    स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। नया कार्य शुरू करने से पहले सोच समझकर निर्णय लें। व्यापार और नौकरी में स्थिति सामान्य रहेगी।

    वृश्चिक

    नई योजनाएं बन सकती हैं और मित्रों का सहयोग मिलेगा। किसी खास व्यक्ति से मतभेद हो सकता है। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

    धनु

    नई योजनाओं पर कार्य करेंगे। यात्रा के योग हैं। व्यापार में नए प्रयोग लाभ देंगे और अधिकारियों से सहयोग मिलेगा।

    मकर

    अपने विचार स्पष्ट रूप से व्यक्त करने में कठिनाई हो सकती है। अनावश्यक धन हानि की संभावना रहेगी। सोच समझकर निर्णय लें।

    कुंभ

    महत्वपूर्ण निर्णय लेने का दिन है। नौकरीपेशा लोगों को लाभ मिलेगा। भूमि संबंधी मामलों में धन खर्च हो सकता है।

    मीन

    अपने विचारों से लोगों को प्रभावित करेंगे। व्यापार में लाभ और नौकरी में पदोन्नति के योग हैं। किसी की बातों में आकर जल्दबाजी में निर्णय न लें।

    आज का राशिफल यह संकेत देता है कि आर्थिक मामलों और व्यापार में सफलता पाने के लिए समझदारी और धैर्य जरूरी है। स्वास्थ्य और पारिवारिक मामलों में सतर्क रहने से दिन बेहतर तरीके से बीतेगा।

  • भोपाल के जवाहर चौक में 5 दुकानों के छज्जे गिरे, मेट्रो निर्माण पर दुकानदारों का विरोध

    भोपाल के जवाहर चौक में 5 दुकानों के छज्जे गिरे, मेट्रो निर्माण पर दुकानदारों का विरोध


    भोपाल। शहर के जवाहर चौक इलाके में गुरुवार दोपहर अचानक 5 दुकानों के छज्जे गिरने से अफरा-तफरी मच गई। दुकानदारों और वहां मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। सभी दुकानदार अपनी जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रहे।

    मौके पर विधायक भगवान दास सबनानी और पार्षद जगदीश यादव भी पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने प्रभावित दुकानदारों से बातचीत कर तत्काल राहत और मामले की जांच के निर्देश दिए।

    मेट्रो निर्माण को कारण मान रहे दुकानदार
    धन्यवाद की गई दुकानों में शामिल हैं:

    2 फोटो फ्रेम की दुकानें

    1 ऑटोमोबाइल की दुकान

    1 कपड़ा दुकान

    1 स्पोर्ट्स आइटम की दुकान

    दुकानदारों ने बताया कि ये दुकाने लगभग 40 साल पुरानी हैं और लंबे समय से स्थानीय व्यापार कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सामने मुख्य सड़क पर चल रहा मेट्रो निर्माण कार्य इस हादसे का कारण हो सकता है।

    क्षेत्र में मची अफरा-तफरी
    घटना के समय दुकानदार और राहगीर अचानक गिरी छज्जों की आवाज सुनकर दौड़ पड़े। प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर खड़ा किया।

    दुकानदारों का कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया, जिसके कारण उनके ऊपर खतरा मंडरा गया। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मेट्रो निर्माण कार्य को प्रभावित दुकानों के आसपास सुरक्षित तरीके से कराया जाए और नुकसान की भरपाई की जाए।

    अधिकारियों ने की जांच शुरू
    नगर निगम और मेट्रो परियोजना अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर प्रारंभिक जांच शुरू कर दी है। छज्जों के गिरने के कारणों का पता लगाने के लिए विशेषज्ञों की टीम भी बुलाने की योजना है।

    विधायक और पार्षद ने कहा कि जिम्मेदार अधिकारियों को जल्द से जल्द नुकसान का आकलन कर राहत प्रदान करने और भविष्य में ऐसे हादसों से बचने के लिए कड़े कदम उठाने होंगे।

    जनता में सुरक्षा को लेकर चिंता
    स्थानीय लोग भी इस घटना से चिंतित हैं और मांग कर रहे हैं कि मेट्रो निर्माण के दौरान उचित सुरक्षा उपायों को लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि मुख्य सड़क और बाजार क्षेत्र में रोजाना भारी भीड़ रहती है, ऐसे में यह हादसा भविष्य में बड़ा संकट खड़ा कर सकता है।

    कीवर्ड:
    भोपाल जवाहर चौक छज्जा गिरना, मेट्रो निर्माण भोपाल, दुकानों का नुकसान, विधायक भगवान दास सबनानी, पार्षद जगदीश यादव, नगर निगम भोपाल, सुरक्षा लापरवाही मेट्रो, 5 दुकानों का हादसा, मध्यप्रदेश क्राइम न्यूज, बाजार सड़क हादसा

  • तेज़ी और स्टेमिना का संगम, Mohammed Siraj बन गए विदेशी पिचों पर भारत की मुख्य ढाल

    तेज़ी और स्टेमिना का संगम, Mohammed Siraj बन गए विदेशी पिचों पर भारत की मुख्य ढाल


    नई दिल्ली। मौजूदा समय में अगर कोई तेज गेंदबाज लंबे स्पेल डालने और टीम को हर परिस्थिति में मजबूती देने की क्षमता रखता है, तो उसका नाम है मोहम्मद सिराज। अपनी जीवटता, कभी न थकने वाली ऊर्जा और आक्रामक गेंदबाजी के लिए सिराज को दुनिया भर में जाना जाता है।

    कठिन परिश्रम से चमका क्रिकेट सितारा
    दाएं हाथ के तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज का जन्म 13 मार्च 1994 को सिकंदराबाद में हुआ। उनके पिता ऑटो ड्राइवर थे और परिवार की सीमित संसाधनों के बावजूद सिराज ने क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने का सपना कभी नहीं छोड़ा। 16 साल की उम्र में क्रिकेट में कदम रखने वाले सिराज ने 19 साल की उम्र में क्लब क्रिकेट खेलना शुरू किया और जल्द ही रणजी ट्रॉफी में हैदराबाद के लिए डेब्यू किया।

    घरेलू क्रिकेट में बेहतरीन प्रदर्शन
    सिराज ने घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन किया। 2016-17 के रणजी ट्रॉफी में उन्होंने 41 विकेट लेकर हैदराबाद के लिए सबसे अधिक विकेट लेने का रिकॉर्ड बनाया, जबकि उनकी औसत केवल 18.92 रही। इसके बाद 2017-18 विजय हजारे ट्रॉफी में सात मैचों में 23 विकेट लेकर वह अग्रणी विकेट लेने वाले खिलाड़ी बने। इस निरंतर प्रदर्शन ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट का रास्ता खोला।

    अंतरराष्ट्रीय सफर और टीम मैन की पहचान
    सिराज ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 2017 में टी20 से शुरुआत की। वनडे में उनका डेब्यू 2019 और टेस्ट में 2020 में हुआ। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण के बाद से सिराज ने कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। उनकी खासियत यह है कि वह कभी थकते नहीं और टीम की हर जरूरत के समय उपलब्ध रहते हैं।

    विदेशी पिचों पर भारत की सबसे बड़ी ढाल
    140 किलोमीटर प्रति घंटे के आसपास की गति से लंबे स्पेल डालना किसी भी तेज गेंदबाज के लिए चुनौतीपूर्ण होता है, लेकिन सिराज इसे लगातार करते हैं। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के दौरे इसका शानदार उदाहरण हैं, जहां सिराज ने बिना थके टीम को हर टेस्ट मैच में मजबूती दी। उनकी गति, स्विंग और उछाल सिराज को खतरनाक बनाती है, और कई बार उन्होंने अकेले दम पर मैच भारत के पक्ष में किया है।

    रिकॉर्ड और उपलब्धियां
    21 जनवरी 2023 को सिराज आईसीसी वनडे रैंकिंग में नंबर वन गेंदबाज बने। अब तक सिराज ने 45 टेस्ट मैचों में 139, 50 वनडे में 76 और 17 टी20 में 17 विकेट लिए हैं। इसके अलावा आईपीएल में 108 मैचों में उन्होंने 109 विकेट चटकाए हैं।

    आईसीसी टूर्नामेंट्स में अहम भूमिका
    सिराज 2023 में एशिया कप जीतने वाली टीम इंडिया के सदस्य थे। वह वनडे विश्व कप 2023, टी20 विश्व कप 2024 और टी20 विश्व कप 2026 में भारतीय टीम का हिस्सा रहे। उनके प्रदर्शन से टीम इंडिया को बड़े आईसीसी टूर्नामेंट्स, खासकर विश्व टेस्ट चैंपियनशिप में, जीत की उम्मीद बनी रहती है।

    भारतीय क्रिकेट का भरोसेमंद तेज गेंदबाज
    मोहम्मद सिराज न केवल तेज गेंदबाजी में बल्कि टीम के लिए अडिग समर्थन में भी मिसाल हैं। घरेलू से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक की उनकी यात्रा कठिनाइयों और लगातार मेहनत का प्रतीक है। विदेशी पिचों पर उनकी प्रदर्शन क्षमता और कभी न थकने वाली ऊर्जा उन्हें भारतीय क्रिकेट का सबसे भरोसेमंद तेज गेंदबाज बनाती है।

  • पिता को जेल से छुड़ाकर लाया बेटा, उसी की बात से आहत होकर खा लिया जहर: खंडवा में 22 वर्षीय युवक की मौत

    पिता को जेल से छुड़ाकर लाया बेटा, उसी की बात से आहत होकर खा लिया जहर: खंडवा में 22 वर्षीय युवक की मौत


    नई दिल्ली। मध्यप्रदेश के खंडवा जिले के छैगांवमाखन थाना क्षेत्र के ग्राम हरसवाड़ा में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां 22 वर्षीय युवक प्रवीण मंडलोई (गुर्जर) ने कथित रूप से सल्फास खाकर आत्महत्या कर ली। गुरुवार सुबह उसने जहर निगला था और इलाज के दौरान दोपहर में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है।

    परिजनों के अनुसार, प्रवीण अपने पिता को चोरी के आरोप में जेल से जमानत पर छुड़वाकर घर लाया था, लेकिन उसी रात पिता से हुई कहासुनी के बाद उसने यह कदम उठा लिया।

    इंदौर में डेयरी पर करता था काम
    मृतक के मामा भगवान गुर्जर ने बताया कि प्रवीण इंदौर में एक दूध डेयरी पर नौकरी करता था। कुछ दिनों पहले उसके पिता कैलाश मंडलोई को गांव के कोटवार के घर चोरी के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।यह खबर मिलने पर प्रवीण तुरंत इंदौर से अपने गांव पहुंचा। परिवार के लोगों ने उसे सलाह दी कि पिता की जमानत करवा लो, शायद वह सुधर जाएं। इसके बाद प्रवीण ने बुधवार को करीब 10 हजार रुपए खर्च कर पिता की जमानत कराई और उन्हें घर लेकर आया।

    गांव के बाहर बैठकर पीने लगा शराब
    परिवार वालों के मुताबिक, शाम को जब प्रवीण अपने पिता को लेकर गांव पहुंचा तो रास्ते में ही पिता ने शराब खरीद ली और पीने बैठ गया। बेटे ने उन्हें समझाने की कोशिश की कि परिवार की पहले ही बदनामी हो चुकी है, इसलिए अब शराब छोड़ दें और गलत रास्ते से दूर रहें।

    पिता के शब्दों से टूट गया बेटा
    जब पिता ने उसकी बात नहीं मानी, तो प्रवीण ने कहा कि अगर आप शराब नहीं छोड़ोगे तो मैं मर जाऊंगा। इस पर पिता ने कथित रूप से जवाब दिया। जा तू मर जा, मैं तो शराब पीना नहीं छोड़ूंगा।बताया जा रहा है कि पिता के इन शब्दों से प्रवीण गहरे आहत हो गया। अगले दिन गुरुवार सुबह उसने सल्फास खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिवार उसे जिला अस्पताल खंडवा लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

    कोरोना में हो चुका था मां का निधन
    परिजनों के मुताबिक, प्रवीण के परिवार में अब केवल एक बहन और पिता ही हैं। उसकी मां का निधन कोरोना काल में हो चुका था। इसके बाद से ही प्रवीण परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था।वह खेती-बाड़ी का काम भी देखता था और जरूरत पड़ने पर इंदौर जाकर नौकरी करता था।

    फसल कटाई के लिए रुका था गांव प्रवीण बुधवार रात ही वापस इंदौर काम पर जाने वाला था, लेकिन परिजनों ने उसे यह कहकर रोक लिया कि गेहूं और चने की फसल कट गई है, उसे बेचकर चला जाना। प्रवीण ही पूरे घर की खेती-बाड़ी संभालता था, लेकिन उसे क्या पता था कि जिस फसल को काटने के लिए वह रुका है, वही उसकी जिंदगी की आखिरी फसल साबित होगी।

  • भू-राजनीतिक तनाव का असर, Air India ने डीजीसीए से फ़्लाइट ड्यूटी लिमिटेशन में छूट मांगी

    भू-राजनीतिक तनाव का असर, Air India ने डीजीसीए से फ़्लाइट ड्यूटी लिमिटेशन में छूट मांगी


    नई दिल्ली। मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच, एयर इंडिया ने विमानन नियामक डीजीसीए से फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों में अस्थायी ढील देने की मांग की है। गुरुवार को एनडीटीवी प्रॉफिट की रिपोर्ट में यह जानकारी सामने आई। एयरलाइन का कहना है कि क्षेत्रीय हवाई प्रतिबंध और लंबा रास्ता अपनाने के कारण पायलटों पर ड्यूटी का दबाव बढ़ गया है।

    लंबी दूरी की उड़ानों के लिए दो पायलट पर्याप्त?
    रिपोर्ट के अनुसार, टाटा ग्रुप के स्वामित्व वाली एयर इंडिया ने डीजीसीए से अनुरोध किया है कि कुछ लंबी दूरी की उड़ानों को तीन पायलट की बजाय दो पायलट के साथ संचालित करने की अनुमति दी जाए। इसके साथ ही एयरलाइन ने अधिकतम उड़ान समय सीमा बढ़ाने की भी मांग की है। सूत्रों के मुताबिक, एयर इंडिया ने उड़ान के अनुमत समय में 1 घंटा 3 मिनट की वृद्धि की मांग की है, जिससे अधिकतम उड़ान समय 10 घंटे से बढ़कर 11–11.5 घंटे तक पहुंच जाएगा।

    फ्लाइट ड्यूटी पीरियड में वृद्धि की मांग
    इसके अलावा एयर इंडिया ने अधिकतम फ्लाइट ड्यूटी पीरियड (एफडीपी) को भी बढ़ाने का अनुरोध किया है। प्रस्ताव के अनुसार ड्यूटी समय को 13 घंटे से बढ़ाकर 14 घंटे 45 मिनट करने की मांग की गई है, यानी पायलटों के लिए करीब 1 घंटा 45 मिनट अतिरिक्त ड्यूटी अवधि।

    लंबा मार्ग और ईंधन की बढ़ती खपत
    रिपोर्ट में बताया गया है कि मिडिल ईस्ट में कई हिस्सों का हवाई क्षेत्र प्रतिबंधित है और पाकिस्तान का एयरस्पेस भारतीय एयरलाइंस के लिए बंद रहने के कारण उड़ानों को लंबा रास्ता लेना पड़ रहा है। इस वजह से एयरलाइंस को अरब सागर, मध्य एशिया और अफ्रीका के ऊपर से उड़ान भरनी पड़ रही है। इससे न केवल उड़ान का समय बढ़ गया है, बल्कि ईंधन की खपत और क्रू की थकान पर दबाव भी बढ़ गया है।

    डीजीसीए की सुरक्षा सलाह
    अधिकारियों ने बताया कि डीजीसीए ने हाल ही में भारतीय एयरलाइंस को मिडिल ईस्ट के 11 देशों के हवाई क्षेत्र से बचने की सलाह दी है, जिन्हें उच्च जोखिम वाले क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। एयर इंडिया के लिए ईरान और इराक के हवाई क्षेत्र से बचने की वजह से कई लंबी दूरी की उड़ानों का समय काफी बढ़ गया है, जिससे इस सप्ताह कुछ उड़ानें रद्द भी करनी पड़ीं।

    प्रस्ताव पर डीजीसीए विचार कर रही
    रिपोर्ट के अनुसार, एयर इंडिया का यह प्रस्ताव फिलहाल डीजीसीए के पास विचाराधीन है और नियामक इसकी जांच कर रहा है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि विमानन उद्योग की अन्य कंपनियां भी रूट संबंधी चुनौतियों का सामना कर रही हैं, लेकिन फिलहाल इंडिगो जैसी एयरलाइंस ने ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया है।

    पायलटों की थकान पर सवाल
    हालांकि रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि एयर इंडिया ने इस मामले में क्रू की थकान और सुरक्षा जोखिम से जुड़े सवालों पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि लंबी उड़ान और ड्यूटी समय में वृद्धि के बावजूद सुरक्षा को प्राथमिकता देना जरूरी है।

  • केंद्र का बयान: भारत के पास तेल की कोई कमी नहीं, पर्याप्त भंडार सुरक्षित

    केंद्र का बयान: भारत के पास तेल की कोई कमी नहीं, पर्याप्त भंडार सुरक्षित


    नई दिल्ली।केंद्र सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि भारत के पास तेल की कोई कमी नहीं है और देश के पास पर्याप्त भंडार मौजूद हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा संकट जैसी परिस्थितियों का सामना करना संभव है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारत का रणनीतिक तेल भंडार और 40 प्रमुख तेल निर्यातक देशों से विविध आपूर्ति सुनिश्चित कर रही है कि देश में पेट्रोलियम उत्पादों की लगातार आपूर्ति बनी रहे।

    आर्थिक मजबूती और विदेशी मुद्रा भंडार
    सरकारी अधिकारी ने कहा कि भारत का आर्थिक आधार व्यापक और मजबूत है। देश के पास 11-12 महीने तक आवश्यक वस्तुओं और ऊर्जा आयात करने के लिए पर्याप्त विदेशी मुद्रा भंडार है। यह भंडार आने वाले पांच वर्षों में देश के तेल आयात बिल को भी कवर करने के लिए पर्याप्त है। ऐसे मजबूत वित्तीय भंडार के चलते भारत वैश्विक आर्थिक और ऊर्जा संकटों के लिए तैयार है।

    बाजार की मांग के लिए पर्याप्त स्टॉक
    अधिकारी ने बताया कि देश के पास कच्चे तेल और पेट्रोलियम उत्पादों का इतना भंडार है कि यह बाजार की 70 दिनों से अधिक की मांग को पूरा कर सकता है। इसके साथ ही, भारत ने मध्य पूर्व पर अपनी निर्भरता भी घटाई है। इससे किसी भी संभावित आपूर्ति व्यवधान की स्थिति में देश सुरक्षित रहेगा।

    बहुसंबद्ध नीति और आर्थिक कूटनीति
    सरकार की बहुसंबद्ध नीति ने देश को संकट से निपटने में सक्षम बनाया है। इसमें रूसी कच्चे तेल की खरीद, आवश्यक वस्तु अधिनियम का प्रयोग और विविध स्रोतों से आपूर्ति सुनिश्चित करना शामिल है। अधिकारी ने कहा कि यह रणनीति न केवल आर्थिक बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे देश की संप्रभुता पर कोई समझौता नहीं होता।

    मुद्रास्फीति पर नियंत्रण और विकास
    इस संकट का प्रभाव मुद्रास्फीति की तुलना में विकास पर अधिक पड़ता है। वर्तमान में भारत की मुद्रास्फीति दर लगभग 2.75 प्रतिशत है, जो विश्व की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में सबसे कम है। रूसी तेल आयात, ईंधन कर में लचीलापन और एलपीजी की नियंत्रित कीमतों की वजह से घरेलू बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतें स्थिर हैं।

    ऊर्जा आयात में विविधता और होर्मुज पर निर्भरता में कमी
    जापान जैसे देशों में मुद्रास्फीति दर 5 प्रतिशत है और उनका कच्चे तेल पर निर्भरता लगभग 75-90 प्रतिशत है। इसके विपरीत, भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य से आने वाली आपूर्ति पर अपनी निर्भरता घटाकर 20 प्रतिशत कर दी है। इराक, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका जैसे अन्य देशों से आयात कर, भारत ने ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाई है।

    पड़ोसी देशों की तुलना में सुरक्षित स्थिति
    अधिकारी ने बताया कि भारत के पास दो महीने से अधिक का भंडार है, जबकि पाकिस्तान, बांग्लादेश और श्रीलंका के पास केवल 30 दिन या उससे कम का स्टॉक है। पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 55 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी हुई है, वहीं श्रीलंका और बांग्लादेश में भी ईंधन की आपूर्ति संकट और भाव वृद्धि देखी जा रही है।

     ऊर्जा सुरक्षा और विकास की राह
    केंद्र सरकार की रणनीति ने भारत को न केवल ऊर्जा संकट के लिए तैयार किया है, बल्कि व्यापक आर्थिक स्थिरता भी सुनिश्चित की है। बहुसंबद्ध नीति, विविध आपूर्ति स्रोत और मजबूत आर्थिक भंडार देश की ऊर्जा सुरक्षा का मजबूत आधार हैं। इससे भारत वैश्विक तेल संकट और पड़ोसी देशों की तुलना में सुरक्षित स्थिति में है।

  • शेयर मार्केट अपडेट: InterGlobe Aviation में ब्रोकरेज के टारगेट प्राइस घटाने से आई 4% गिरावट

    शेयर मार्केट अपडेट: InterGlobe Aviation में ब्रोकरेज के टारगेट प्राइस घटाने से आई 4% गिरावट


    नई दिल्ली। इंडिगो एयरलाइन की पैरेंट कंपनी InterGlobe Aviation Limited के शेयर गुरुवार को 4 प्रतिशत तक गिर गए। यह गिरावट तब हुई जब वैश्विक ब्रोकरेज फर्म सिटी ने स्टॉक का टारगेट प्राइस घटाकर 5,100 रुपए प्रति शेयर कर दिया, जो पहले 5,700 रुपए था।

    ब्रोकरेज का दृष्टिकोण
    टारगेट प्राइस में कटौती: करीब 10.5% की कमी।
    रेटिंग: ‘बाय’ बरकरार है।
    संभावित तेजी: नया टारगेट प्राइस अभी भी स्टॉक के पिछले बंद भाव से लगभग 17% की संभावना दिखाता है।

    कारण और पृष्ठभूमि
    सिटी ब्रोकरेज ने बताया कि पिछले एक साल में इंडिगो ने कई नकारात्मक परिस्थितियों का सामना किया:
    पहली तिमाही में भू-राजनीतिक तनाव से संचालन प्रभावित।
    फ्लाइट ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (एफडीटीएल) नियमों के कारण कई उड़ानों को रद्द करना पड़ा।
    ईरान, इजरायल और अमेरिका से जुड़े नए भू-राजनीतिक तनाव ने अनिश्चितता बढ़ाई।
    ईंधन की बढ़ती कीमतें और कमजोर भारतीय रुपया एयरलाइन की लाभप्रदता पर दबाव डाल सकते हैं।

    सकारात्मक संकेत
    जनवरी में इंडिगो ने घरेलू बाजार में हिस्सेदारी बढ़ाकर 59.6% से 63.6% कर दी।
    एयरलाइन की लागत संरचना प्रतिस्पर्धियों की तुलना में मजबूत है।

    शेयर प्रदर्शन
    रिपोर्ट आने के बाद दिन में शेयर 3.6% गिरकर 4,194.10 रुपए के इंट्रा-डे लो पर।
    दोपहर करीब 2:55 बजे शेयर 2.51% गिरकर 4,243.50 रुपए पर।
    पिछले एक महीने में स्टॉक लगभग 14.8% गिर चुका है।
    52 हफ्ते का उच्चतम स्तर: 6,232.50 रुपए; निम्नतम: 4,035 रुपए।
    मार्केट कैप: 1.64 लाख करोड़ रुपए।

    हालांकि टारगेट प्राइस घटने के बाद शेयरों में गिरावट आई, लेकिन इंडिगो की मजबूत घरेलू हिस्सेदारी और लागत संरचना इसे निवेशकों के लिए अभी भी आकर्षक बना रही है।

  • भारत मंडपम में अमृत मित्र महोत्सव: महिला सशक्तिकरण और शहरी विकास का संगम

    भारत मंडपम में अमृत मित्र महोत्सव: महिला सशक्तिकरण और शहरी विकास का संगम


    नई दिल्ली । नई दिल्ली में 13 मार्च को आयोजित होने वाले अमृत मित्र महोत्सव में देशभर से स्व-सहायता समूह की महिलाएँ शामिल होंगी। मध्यप्रदेश की लगभग 300 महिलाएँ इस राष्ट्रीय मंच पर अपनी सक्रिय भागीदारी के लिए भाग लेंगी। नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने बताया कि राज्य के 55 नगरीय निकायों में 312 स्व-सहायता समूहों की 1 028 महिलाओं को अमृत मित्र के रूप में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन महिलाओं ने जल गुणवत्ता परीक्षण सार्वजनिक उद्यानों के रख-रखाव और केंद्र सरकार के पेड़ों के लिए महिलाएं कार्यक्रम के तहत पौधरोपण एवं सुरक्षा के कार्यों को सफलतापूर्वक निभाया है।

    यह महोत्सव भारत मंडपम नई दिल्ली में आयोजित किया जा रहा है और इसमें उत्तर प्रदेश हरियाणा महाराष्ट्र राजस्थान सहित देश के अन्य राज्यों से भी अमृत मित्र महिलाएँ सम्मिलित होंगी। कार्यक्रम का उद्देश्य महिलाओं की उत्कृष्ट उपलब्धियों को मान्यता देना और शहरी विकास में उनके योगदान को रेखांकित करना है।

    केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर इस अवसर पर जल संरक्षण स्वच्छता और शहरी प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को सम्मानित करेंगे। यह न केवल महिलाओं की उपलब्धियों को पहचान देगा बल्कि महिला नेतृत्व के माध्यम से सतत शहरी विकास की संकल्पना को भी सुदृढ़ करेगा।

    आयुक्त संकेत भोंडवे ने नई दिल्ली जा रही सभी अमृत मित्र महिलाओं को बधाई देते हुए कहा कि यह पहल शहरी विकास में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी और नेतृत्व का प्रेरक उदाहरण है। उन्होंने विश्वास जताया कि मध्यप्रदेश की महिलाएँ इस राष्ट्रीय मंच पर राज्य के नवाचारों और उत्कृष्ट कार्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत कर अन्य राज्यों के लिए प्रेरणा स्रोत बनेंगी।

    अमृत मित्र पहल के तहत महिलाएँ केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय मंच पर भी शहरी विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों को निभा रही हैं। यह पहल महिला सशक्तिकरण और शहरी प्रबंधन के संगम का प्रतीक बनकर सामने आई है। आयोजन में सहभागिता से महिलाओं का मनोबल बढ़ेगा और शहरी क्षेत्रों में सतत विकास के लिए उनका नेतृत्व और अधिक सशक्त होगा।