Author: bharati

  • शिवपुरी के बदरवास में 9 रुपये के विवाद ने लिया हिंसक रूप, गुमटी संचालक के सिर पर डंडे से हमला

    शिवपुरी के बदरवास में 9 रुपये के विवाद ने लिया हिंसक रूप, गुमटी संचालक के सिर पर डंडे से हमला

    मध्य प्रदेश। शिवपुरी जिले के कोलारस अनुविभाग के बदरवास थाना क्षेत्र में महज 9 रुपये के लेनदेन को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि बकाया रकम मांगने पर एक युवक ने गुमटी संचालक के सिर और दाहिने कंधे पर डंडे से हमला कर दिया। घटना में दुकानदार घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

    घटना 25 अक्टूबर की रात करीब 9:30 बजे की बताई गई है। बदरवास में थाने के पीछे रहने वाले राजेश रजक के अनुसार, वह रात में कलारी के पास स्थित अपनी गुटखा दुकान पर बैठा था। इसी दौरान बदरवास का रहने वाला आनंद यादव उसकी दुकान पर पहुंचा और चार सिगरेट मांगीं।

    राजेश के मुताबिक, चार सिगरेट की कुल कीमत 24 रुपये थी। आनंद यादव ने भुगतान के लिए फोनपे का इस्तेमाल किया, लेकिन उसके खाते से दुकानदार को केवल 15 रुपये ही मिले। राजेश ने जब शेष 9 रुपये मांगे, तो आरोपी ने बाकी रकम देने से इनकार कर दिया। इसी भुगतान को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।

    शिकायत के अनुसार, बकाया राशि मांगने पर विवाद बढ़ गया। आरोप है कि आनंद यादव ने राजेश रजक के साथ गाली-गलौज की। जब राजेश ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने डंडे से उस पर हमला कर दिया। हमले में राजेश के सिर और दाहिने कंधे पर चोटें आईं।

    घटना के बाद घायल दुकानदार को उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उसके सिर और कंधे पर डंडे से वार किया गया था। हालांकि, घायल की वर्तमान स्वास्थ्य स्थिति और चोटों की गंभीरता को लेकर विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है।

    मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली है। अब पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है। जांच के दौरान विवाद की परिस्थितियों, भुगतान को लेकर हुए घटनाक्रम और हमले के आरोपों की पड़ताल की जाएगी।

    बदरवास क्षेत्र में सामने आया यह मामला एक छोटी रकम के लेनदेन से शुरू हुए विवाद के हिंसक रूप लेने से जुड़ा है। दुकानदार के बयान के अनुसार, विवाद की शुरुआत चार सिगरेट के 24 रुपये के भुगतान से हुई थी। इसमें से 15 रुपये मिलने के बाद जब उसने बाकी 9 रुपये मांगे, तो मामला बढ़ गया।

    फिलहाल, पुलिस की जांच जारी है। घटना में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच के निष्कर्षों के आधार पर होगी। आरोपी के पक्ष और मामले में आगे की कार्रवाई से संबंधित कोई अतिरिक्त जानकारी उपलब्ध नहीं है।

  • शाहरुख की ‘किंग’ में रोमांस भी और खूनी एक्शन भी, नए पोस्टर ने बढ़ाया इंतजार, क्रिसमस पर बॉक्स ऑफिस पर होगा बड़ा मुकाबला

    शाहरुख की ‘किंग’ में रोमांस भी और खूनी एक्शन भी, नए पोस्टर ने बढ़ाया इंतजार, क्रिसमस पर बॉक्स ऑफिस पर होगा बड़ा मुकाबला


    नई दिल्ली । बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान की आगामी फिल्म किंग को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता बढ़ती नजर आ रही है। मंगलवार 27 अक्टूबर को फिल्म का नया पोस्टर जारी किया गया जिसमें शाहरुख का अंदाज पहले से काफी अलग दिखाई दे रहा है। पोस्टर में उनके होंठों के बीच गुलाब नजर आ रहा है जबकि आंखों में गुस्सा और चेहरे पर गंभीरता दिखाई दे रही है। इस लुक में रोमांस और एक्शन का अनोखा मेल देखने को मिल रहा है। शाहरुख ने पोस्टर साझा करते हुए लिखा कि आज फिर याद आया कातिल नहीं आशिक हूं। उनके इस अंदाज ने फिल्म को लेकर चर्चाओं को और तेज कर दिया है।

    फिल्म किंग का निर्देशन सिद्धार्थ आनंद कर रहे हैं। इससे पहले वह शाहरुख खान के साथ पठान जैसी सफल फिल्म में काम कर चुके हैं। ऐसे में दोनों की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर एक्शन और मनोरंजन का नया अनुभव देने की तैयारी में है। फिल्म का निर्माण रेड चिलीज एंटरटेनमेंट और मार्फ्लिक्स पिक्चर्स मिलकर कर रहे हैं। कहानी में एक मेंटर और उसके शिष्य के सफर को दिखाए जाने की बात कही गई है जहां मुश्किल हालात के बीच अस्तित्व की लड़ाई और संघर्ष देखने को मिलेगा। हालांकि फिल्म की कहानी से जुड़ी विस्तृत जानकारी अभी सामने आना बाकी है।

    किंग की सबसे बड़ी खासियत इसकी दमदार स्टारकास्ट भी है। फिल्म में शाहरुख खान के अलावा दीपिका पादुकोण रानी मुखर्जी अभिषेक बच्चन सुहाना खान अनिल कपूर अभय वर्मा और अरशद वारसी जैसे कलाकार नजर आएंगे। अभिषेक बच्चन फिल्म में खलनायक की भूमिका में दिखाई दे सकते हैं। शाहरुख के साथ इतने बड़े कलाकारों की मौजूदगी ने फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ा दी है। फिल्म में एक्शन के साथ भावनात्मक रिश्तों और रोमांस का भी महत्वपूर्ण हिस्सा होने की उम्मीद है।

    इस फिल्म का एक खास पहलू शाहरुख खान और उनकी बेटी सुहाना खान का पहली बार बड़े पर्दे पर साथ दिखाई देना है। सुहाना इससे पहले 2023 में रिलीज हुई ओटीटी फिल्म द आर्चीज में अभिनय कर चुकी हैं। अब किंग के जरिए वह सिनेमाघरों में अपनी शुरुआत करेंगी। पिता और बेटी की जोड़ी को एक साथ देखने के लिए प्रशंसकों में खास उत्साह है। हालांकि फिल्म में दोनों के किरदारों और उनके आपसी रिश्ते को लेकर ज्यादा जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

    फिल्म में शाहरुख खान और रानी मुखर्जी की जोड़ी भी लंबे समय बाद दर्शकों के सामने आएगी। दोनों इससे पहले कभी अलविदा ना कहना में साथ नजर आए थे। वहीं दीपिका पादुकोण के साथ शाहरुख की जोड़ी भी एक बार फिर दिखाई देगी। दोनों ओम शांति ओम चेन्नई एक्सप्रेस हैप्पी न्यू ईयर पठान और जवान जैसी फिल्मों में साथ काम कर चुके हैं। इस वजह से फिल्म की स्टारकास्ट को लेकर दर्शकों की उम्मीदें और बढ़ गई हैं।

    रिपोर्ट्स के मुताबिक किंग को 24 दिसंबर 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज करने की तैयारी है। क्रिसमस के मौके पर रिलीज होने के कारण फिल्म को हॉलीवुड की बड़ी फिल्मों से मुकाबला करना पड़ सकता है। जुमांजी एवेंजर्स डूम्सडे और ड्यून पार्ट थ्री जैसी फिल्मों की संभावित रिलीज से बॉक्स ऑफिस पर प्रतिस्पर्धा दिलचस्प हो सकती है। फिलहाल नए पोस्टर ने शाहरुख के प्रशंसकों के बीच फिल्म को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी है और अब दर्शकों को इसके टीजर ट्रेलर और अन्य अपडेट का इंतजार है।

  • शिवपुरी में बंद मकान से पुराना मीटर हटाने पर विवाद, वकील और रहवासियों के विरोध के बाद लौटे बिजलीकर्मी

    शिवपुरी में बंद मकान से पुराना मीटर हटाने पर विवाद, वकील और रहवासियों के विरोध के बाद लौटे बिजलीकर्मी


    मध्य प्रदेश।
    के शिवपुरी शहर की तारकेश्वरी कॉलोनी में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आया है। बिजली कंपनी के ठेकेदार के कर्मचारी एक बंद मकान में पुराना मीटर हटाकर नया स्मार्ट मीटर लगाने पहुंचे थे। इस दौरान मकान मालिक की गैरमौजूदगी में पुराना मीटर निकाल दिया गया। जानकारी मिलने पर मकान मालिक एडवोकेट कैलाश जैन मौके पर पहुंचे और इस कार्रवाई पर आपत्ति जताई। इसके बाद कॉलोनी के अन्य रहवासी भी एकत्रित हो गए और कर्मचारियों से सवाल करने लगे। विरोध बढ़ने पर कर्मचारियों को पुराना मीटर दोबारा लगाकर लौटना पड़ा।

    यह घटना सोमवार दोपहर की बताई गई है। बिजली कंपनी के ठेकेदार की टीम तारकेश्वरी कॉलोनी में पुराने बिजली मीटरों को बदलकर स्मार्ट मीटर लगाने का काम कर रही थी। इसी दौरान कर्मचारी एडवोकेट कैलाश जैन के ताला लगे मकान पर पहुंचे। मकान मालिक उस समय वहां मौजूद नहीं थे। कर्मचारियों ने पुराना मीटर निकाल दिया, लेकिन स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई आगे बढ़ने से पहले ही विवाद खड़ा हो गया।

    कैलाश जैन को जब अपने मकान का मीटर हटाए जाने की जानकारी मिली, तो वे मौके पर पहुंचे। उन्होंने सवाल उठाया कि मकान बंद होने और मालिक की गैरमौजूदगी में मीटर हटाने की कार्रवाई किस अनुमति के आधार पर की गई। उनकी आपत्ति के बाद वहां बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में आसपास रहने वाले लोग भी मौके पर पहुंच गए और बिजली कंपनी के कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने लगे।

    रहवासियों का कहना था कि स्मार्ट मीटर लगाने से पहले उपभोक्ता को इसकी जानकारी दी जानी चाहिए। यदि किसी मकान में कोई मौजूद नहीं है, तो वहां मीटर बदलने की प्रक्रिया किस तरह पूरी की जाएगी, इस बारे में स्पष्टता जरूरी है। लोगों ने मांग की कि संबंधित ठेकेदार और बिजली कंपनी के जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर स्थिति स्पष्ट करें। उनका कहना था कि उपभोक्ताओं की आपत्तियों को सुने बिना ऐसी कार्रवाई करने से विवाद की स्थिति पैदा हो सकती है।

    मौके पर काफी देर तक बहस और विरोध जारी रहा। हालांकि, संबंधित अधिकारियों के मौके पर पहुंचने की मांग के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी वहां नहीं आया। स्थिति को देखते हुए कर्मचारियों ने स्मार्ट मीटर लगाने की कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई। उन्होंने पुराने मीटर को फिर से लगा दिया और वहां से रवाना हो गए। इस तरह जिस मकान में नया स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया शुरू हुई थी, वहां विरोध के बाद पुराना मीटर ही बहाल करना पड़ा।

    शहर में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया को लेकर उपभोक्ताओं की ओर से पहले भी सवाल उठाए जाते रहे हैं। स्थानीय रहवासियों की चिंता है कि मीटर बदलने के दौरान उन्हें पर्याप्त जानकारी दी जाए और उनकी आपत्तियों का समाधान किया जाए। प्रक्रिया के संबंध में स्पष्ट संवाद नहीं होने पर उपभोक्ताओं और कर्मचारियों के बीच असमंजस पैदा होने की आशंका बनी रहती है।

    इस मामले में बिजली कंपनी के महाप्रबंधक सुमित अग्रवाल ने बताया कि वरिष्ठ कार्यालय से सभी उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाने के निर्देश मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मीटर लगाने के दौरान उपभोक्ता की सहमति लेना जरूरी है। यदि किसी उपभोक्ता को स्मार्ट मीटर को लेकर परेशानी है, तो उसकी संतुष्टि के लिए स्मार्ट मीटर के साथ चेक मीटर भी लगाया जा सकता है। जो उपभोक्ता सहमत नहीं हैं, उनके मामलों में आगे मिलने वाले निर्देशों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

    तारकेश्वरी कॉलोनी की घटना के बाद स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया और उपभोक्ताओं की सहमति को लेकर सवाल उठे हैं। फिलहाल संबंधित मकान में पुराना मीटर दोबारा लगा दिया गया है। हालांकि, इस मामले में आगे क्या कार्रवाई होगी, इसकी जानकारी सामने नहीं आई है।

  • शिवपुरी के बाग वाले हनुमान मंदिर में चोरी, चांदी के कुंडल-कड़ा और पीतल के सात घंटे गायब.

    शिवपुरी के बाग वाले हनुमान मंदिर में चोरी, चांदी के कुंडल-कड़ा और पीतल के सात घंटे गायब.


    मध्य प्रदेश: 
    के शिवपुरी जिले के सतनवाड़ा क्षेत्र स्थित बाग वाले हनुमान मंदिर में चोरी की घटना सामने आई है। अज्ञात चोर मंदिर के मुख्य द्वार का ताला तोड़कर हनुमान जी की मूर्ति पर लगे चांदी के दो कुंडल, एक चांदी का कड़ा और मंदिर परिसर में लगे पीतल के सात घंटे चोरी कर ले गया। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई है। घटना का पता सोमवार, 26 अक्टूबर की सुबह उस समय चला, जब एक श्रद्धालु मंदिर में पूजा करने पहुंचा।

    सुबह पूजा करने पहुंचे तो टूटा मिला ताला
    जानकारी के अनुसार, सतनवाड़ा कलां गांव निवासी नंदकिशोर धाकड़ पुत्र हरनारायण धाकड़ सोमवार सुबह करीब 6:30 बजे बाग वाले हनुमान मंदिर में पूजा करने पहुंचे थे। मंदिर पहुंचने पर उन्होंने मुख्य गेट का ताला टूटा हुआ देखा। इसके बाद उन्होंने मंदिर के भीतर जाकर सामान की जांच की, तो चोरी का पता चला।

    मंदिर में हनुमान जी की मूर्ति पर लगे चांदी के दोनों कुंडल गायब थे। इसके अलावा एक पैर का चांदी का कड़ा और मंदिर परिसर में लगे पीतल के सात घंटे भी वहां नहीं मिले। मंदिर का ताला टूटा होने और पूजा से संबंधित सामान गायब मिलने के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई।

    रात करीब दो बजे चोरी की आशंका
    फरियादी नंदकिशोर धाकड़ ने आशंका जताई कि अज्ञात चोर रात करीब दो बजे के आसपास मंदिर में घुसे और चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। हालांकि, घटना के सही समय और चोरी करने वाले व्यक्ति की पहचान की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

    सुबह मंदिर पहुंचने पर चोरी का पता चलने के बाद फरियादी सतनवाड़ा थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। शिकायत में मंदिर से चांदी के आभूषण और पीतल के घंटे चोरी होने की बात बताई गई। चोरी गए सामान की अनुमानित कीमत करीब 30 हजार रुपये बताई गई है।

    अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज
    पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जिम्मेदारी कार्यवाहक प्रधान आरक्षक सोनू रजक को सौंपी गई है। पुलिस घटना से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है और आरोपी का पता लगाने के साथ चोरी गए सामान की बरामदगी के प्रयास किए जा रहे हैं।

    मंदिर के मुख्य गेट का ताला तोड़कर चांदी के आभूषण और पीतल के घंटे चोरी किए जाने की इस घटना के बाद पुलिस के सामने आरोपी की पहचान करने और सामान बरामद करने की चुनौती है। फिलहाल, मामले में किसी आरोपी की गिरफ्तारी या चोरी गए सामान की बरामदगी की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस की जांच के बाद ही वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों का पता चल सकेगा।

  • यूपी कैबिनेट के 22 प्रस्तावों को मंजूरी, मैनपुरी सैनिक स्कूल को मुफ्त जमीन और शिक्षा कर्मचारियों को कैशलेस इलाज

    यूपी कैबिनेट के 22 प्रस्तावों को मंजूरी, मैनपुरी सैनिक स्कूल को मुफ्त जमीन और शिक्षा कर्मचारियों को कैशलेस इलाज

    नई दिल्ली । उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों में शिक्षा व्यवस्था, कर्मचारियों के स्वास्थ्य और प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने से जुड़े विषय शामिल हैं। बैठक में मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल के लिए 9.524 हेक्टेयर जमीन मुफ्त हस्तांतरित करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई गई। इसके अलावा माध्यमिक, संस्कृत और बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने से संबंधित प्रस्ताव भी मंजूर किए गए। प्रदेश की ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी जीसीसी नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों को भी स्वीकृति दी गई।

    मैनपुरी सैनिक स्कूल को 9.524 हेक्टेयर जमीन मुफ्त मिलेगी
    कैबिनेट के फैसले के अनुसार, मैनपुरी स्थित सैनिक स्कूल को 9.524 हेक्टेयर भूमि निःशुल्क हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इस निर्णय के तहत स्कूल के लिए जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी। सैनिक स्कूलों का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ अनुशासन और रक्षा सेवाओं में करियर बनाने के लिए तैयार करना है। मैनपुरी के सैनिक स्कूल को भूमि हस्तांतरित करने का फैसला इसी संस्थान से संबंधित व्यवस्थाओं को आगे बढ़ाने के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

    शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस इलाज की सुविधा

    कैबिनेट बैठक में शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों के स्वास्थ्य से जुड़ा प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। इसके तहत माध्यमिक और संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा देने का प्रावधान शामिल है। इस फैसले से संबंधित पात्र कर्मचारियों को इलाज के दौरान निर्धारित व्यवस्था के तहत कैशलेस सुविधा मिल सकेगी।

    बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा के दायरे में लाने से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है। इससे कर्मचारियों के परिवारों को भी इस व्यवस्था का लाभ मिल सकेगा। कैशलेस इलाज का उद्देश्य पात्र लाभार्थियों को चिकित्सा खर्च का भुगतान सीधे करने की जरूरत कम करना है। हालांकि, सुविधा के वास्तविक लाभ और उसके इस्तेमाल से संबंधित नियमों का विवरण उपलब्ध जानकारी में नहीं दिया गया है।

    जीसीसी नीति-2024 के प्रस्ताव को मंजूरी
    उत्तर प्रदेश सरकार ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर यानी जीसीसी नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों को मंजूरी देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई है। ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर ऐसी इकाइयां होती हैं, जहां कंपनियां तकनीक, वित्त, शोध और दूसरी व्यावसायिक सेवाओं से जुड़े काम करती हैं। इन केंद्रों के माध्यम से कंपनियां अपने विभिन्न व्यावसायिक कार्यों का संचालन और प्रबंधन करती हैं।

    प्रदेश की जीसीसी नीति निवेश और रोजगार के अवसर बढ़ाने से संबंधित है। उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियों को मंजूरी मिलने के बाद नीति के तहत संबंधित प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई का रास्ता खुल सकता है। हालांकि, बैठक में स्वीकृत संस्तुतियों के विशिष्ट विवरण और उनसे जुड़ी परियोजनाओं की जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई है।

    शिक्षा, स्वास्थ्य और निवेश से जुड़े फैसले

    कैबिनेट बैठक में कुल 22 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें सैनिक स्कूल मैनपुरी के लिए भूमि हस्तांतरण, शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और उनके आश्रितों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा तथा जीसीसी नीति-2024 के तहत उच्चस्तरीय समिति की संस्तुतियां प्रमुख रहीं।

    इन निर्णयों के जरिए सरकार ने शिक्षा संस्थानों से जुड़ी भूमि व्यवस्था, कर्मचारियों के स्वास्थ्य लाभ और निवेश नीति से संबंधित विषयों पर स्वीकृति दी है। मंजूर किए गए प्रस्तावों के क्रियान्वयन और उनसे जुड़े लाभों की विस्तृत जानकारी संबंधित विभागों की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगी।

  • सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की पेरोल बढ़ाने की याचिका खारिज की, शाम 5 बजे तक जोधपुर जेल में सरेंडर का आदेश

    सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम की पेरोल बढ़ाने की याचिका खारिज की, शाम 5 बजे तक जोधपुर जेल में सरेंडर का आदेश

    नई दिल्ली ।सुप्रीम कोर्ट ने आसाराम को मेडिकल आधार पर पेरोल की अवधि बढ़ाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को हुई सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने उनकी याचिका खारिज करते हुए शाम 5 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। आसाराम राजस्थान में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। अदालत के आदेश के बाद उन्हें निर्धारित समय तक जेल प्रशासन के सामने पेश होना होगा।

    आसाराम को स्वास्थ्य संबंधी कारणों से 20 दिनों की पेरोल दी गई थी, जिसकी अवधि 27 अक्टूबर को समाप्त हो रही थी। उनकी ओर से अदालत में पेरोल आगे बढ़ाने की मांग की गई थी। बचाव पक्ष ने दलील दी कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और वह मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित एक अस्पताल में भर्ती हैं। वकील ने बेहतर इलाज की आवश्यकता का हवाला देते हुए पेरोल की अवधि बढ़ाने का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने इस मांग को स्वीकार नहीं किया।

    सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पेरोल की अवधि समाप्त होने के मद्देनजर आसाराम को उसी दिन शाम 5 बजे तक जोधपुर जेल में सरेंडर करने का आदेश दिया। अदालत ने इस मामले में राजस्थान सरकार को भी निर्देश दिए कि जेल में आसाराम के स्वास्थ्य का उचित ध्यान रखा जाए। साथ ही, उनकी जरूरत के अनुसार आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है।

    अदालत के निर्देश का एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पेरोल बढ़ाने से इनकार करने के बावजूद जेल में चिकित्सा देखभाल सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया है। अब आसाराम की स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए जेल प्रशासन को आवश्यक उपचार की व्यवस्था करनी होगी। हालांकि, मेडिकल आधार पर राहत की मांग को अदालत ने मंजूरी नहीं दी है।

    आसाराम को वर्ष 2018 में राजस्थान के जोधपुर स्थित आश्रम में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराया गया था। अदालत ने उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। इसके बाद से वह जोधपुर जेल में सजा काट रहे हैं। मामले में दोषसिद्धि के बाद उनकी ओर से समय-समय पर स्वास्थ्य और इलाज से जुड़े आधारों पर राहत की मांग की जाती रही है।

    मौजूदा मामले में भी बचाव पक्ष ने स्वास्थ्य की स्थिति को आधार बनाकर पेरोल बढ़ाने की अपील की थी। दलील दी गई कि आसाराम की तबीयत ठीक नहीं है और बेहतर इलाज के लिए उन्हें अतिरिक्त समय की जरूरत है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने पेरोल की अवधि आगे बढ़ाने से इनकार करते हुए निर्धारित समय पर जेल लौटने का निर्देश दिया।

    उज्जैन के अस्पताल में भर्ती होने की बात सुनवाई के दौरान आसाराम के वकील ने रखी थी। इसके बावजूद अदालत ने पेरोल बढ़ाने की मांग स्वीकार नहीं की। साथ ही राजस्थान सरकार को निर्देश देकर यह स्पष्ट किया कि जेल में रहने के दौरान उनकी चिकित्सा जरूरतों की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।

    सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश के बाद आसाराम के लिए 27 अक्टूबर को शाम 5 बजे तक जोधपुर सेंट्रल जेल में आत्मसमर्पण करना जरूरी है। वहीं, जेल में उनके स्वास्थ्य की निगरानी और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी संबंधित प्रशासन की होगी।

  • ‘सीआईडी’ और ‘आहट’ के निर्माता-निर्देशक बी.पी. सिंह का निधन, 28 अक्टूबर को होगा अंतिम संस्कार

    ‘सीआईडी’ और ‘आहट’ के निर्माता-निर्देशक बी.पी. सिंह का निधन, 28 अक्टूबर को होगा अंतिम संस्कार

    नई दिल्ली ।भारतीय टेलीविजन के लोकप्रिय धारावाहिक ‘सीआईडी’ और ‘आहट’ के निर्माता-निर्देशक बी.पी. सिंह का मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 की सुबह निधन हो गया। उनके निधन की जानकारी फिल्म निर्माता अशोक पंडित ने साझा की। उन्होंने बताया कि बी.पी. सिंह को सुबह तड़के दिल का दौरा पड़ा था। उनके जाने से टेलीविजन जगत में शोक का माहौल है। अशोक पंडित ने उन्हें एक प्रतिभाशाली फिल्मकार और करीबी मित्र बताते हुए उनके योगदान को याद किया।

    अशोक पंडित ने बी.पी. सिंह के निधन पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि उनके बनाए अपराध और डर पर आधारित धारावाहिकों ने देशभर के दर्शकों को लंबे समय तक बांधे रखा। उन्होंने कहा कि बी.पी. सिंह का काम आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बना रहेगा। पंडित ने यह भी बताया कि जब बी.पी. सिंह भारतीय फिल्म एवं टेलीविजन निर्देशक संघ के अध्यक्ष थे, तब उन्हें उनके साथ करीबी सहयोगी के रूप में काम करने का अवसर मिला था।

    उन्होंने दिवंगत निर्माता-निर्देशक को बेहतरीन इंसान और प्रिय मित्र बताते हुए उनके परिवार तथा करीबियों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, बी.पी. सिंह का अंतिम संस्कार 28 अक्टूबर को किया जाएगा। अंतिम संस्कार के समय और स्थान से जुड़ी विस्तृत जानकारी बाद में साझा किए जाने की बात कही गई है।

    बी.पी. सिंह का पूरा नाम बृजेंद्रपाल सिंह था। उनका जन्म उत्तराखंड के देहरादून में हुआ था। उन्होंने वर्ष 1973 में दूरदर्शन के साथ समाचार कैमरामैन के रूप में अपने पेशेवर करियर की शुरुआत की। करीब दस वर्षों तक कैमरे के पीछे काम करने के बाद वह मुंबई पहुंचे। इसके बाद उन्होंने टेलीविजन कार्यक्रमों के निर्माण और निर्देशन की दुनिया में अपनी अलग पहचान बनाई।

    उनके करियर में दूरदर्शन के लिए बनाई गई टेलीफिल्म ‘सिर्फ चार दिन’ का अहम स्थान रहा। इस फिल्म की तैयारी के दौरान वह पुलिस की अपराध शाखा में जाने लगे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात निरीक्षक जयंत वागले से हुई। पुलिस की जांच प्रक्रिया और अपराधों को सुलझाने के तरीकों में उनकी रुचि बढ़ी। आगे चलकर यही दिलचस्पी उनके चर्चित अपराध धारावाहिक ‘सीआईडी’ की पृष्ठभूमि बनी।

    वर्ष 1998 में शुरू हुए ‘सीआईडी’ ने बी.पी. सिंह को भारतीय टेलीविजन के प्रमुख निर्माताओं और निर्देशकों में शामिल कर दिया। अपराधों की जांच, रहस्य और पुलिस की कार्यप्रणाली पर आधारित इस धारावाहिक ने दर्शकों के बीच व्यापक पहचान बनाई। लंबे समय तक प्रसारित होने के कारण यह भारतीय टेलीविजन के चर्चित कार्यक्रमों में गिना गया।

    ‘सीआईडी’ से पहले वर्ष 1995 में प्रसारित हुए डर और रहस्य पर आधारित धारावाहिक ‘आहट’ के निर्माण और निर्देशन में भी बी.पी. सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। डरावनी कहानियों और रहस्यमय घटनाओं पर आधारित इस कार्यक्रम ने भी दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल की। इन दोनों धारावाहिकों के जरिए उन्होंने टेलीविजन पर अपराध और हॉरर शैली को मजबूत पहचान दिलाने में योगदान दिया।

    उनके काम का दायरा इन दो धारावाहिकों तक सीमित नहीं था। वह ‘एक शून्य शून्य’, ‘सीआईडी: स्पेशल ब्यूरो’, ‘अचानक 37 साल बाद’, ‘रात होने को है’, ‘जिंदगी बदल सकता है हादसा’, ‘गुटुर गू’, ‘सूर्य द सुपर कॉप’, ‘हम ने ली है शपथ’, ‘सुपरकॉप्स वर्सेज सुपर विलेन’ और ‘दिव्य दृष्टि’ जैसे कार्यक्रमों से भी जुड़े रहे।

    बी.पी. सिंह का निधन भारतीय टेलीविजन के उस दौर की एक महत्वपूर्ण हस्ती का जाना है, जिन्होंने समाचार कैमरे से अपने करियर की शुरुआत कर अपराध और रहस्य आधारित धारावाहिकों के जरिए व्यापक पहचान बनाई। उनके काम और लोकप्रिय कार्यक्रमों को लंबे समय तक याद किया जाएगा।

  • करवाचौथ से पहले सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, 22 कैरेट गोल्ड सस्ता, जानें दिल्ली से भोपाल तक के ताजा भाव

    करवाचौथ से पहले सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट, 22 कैरेट गोल्ड सस्ता, जानें दिल्ली से भोपाल तक के ताजा भाव


    नई दिल्ली । करवाचौथ से पहले सोने और चांदी की कीमतों में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को भारतीय सर्राफा बाजार में दोनों कीमती धातुओं के दाम नीचे आए। सोने की कीमत में करीब 660 रुपये प्रति 10 ग्राम तक की कमी आई, जबकि चांदी का भाव लगभग 3,260 रुपये प्रति किलोग्राम टूट गया। त्योहारी सीजन में खरीदारी की तैयारी कर रहे लोगों के लिए कीमतों में यह बदलाव महत्वपूर्ण है।

    ताजा दरों के अनुसार, 22 कैरेट सोने की कीमत कई प्रमुख शहरों में 1,31,000 रुपये प्रति 10 ग्राम से नीचे आ गई है। वहीं, 24 कैरेट सोने का भाव भी 1,42,900 रुपये प्रति 10 ग्राम से कम दर्ज किया गया। बीते सप्ताह के दौरान भी सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली थी। ऐसे में आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों की नजर अब बाजार के ताजा भाव पर है।

    राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 27 अक्टूबर को 24 कैरेट सोने की कीमत 1,42,870 रुपये प्रति 10 ग्राम रही। वहीं, 22 कैरेट सोने का भाव 1,30,964 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। जयपुर और लखनऊ में भी दोनों श्रेणियों की कीमतें दिल्ली के समान रहीं।

    मुंबई में 24 कैरेट सोने का भाव 1,42,720 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि 22 कैरेट सोने की कीमत 1,30,814 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई। कोलकाता और बेंगलुरु में भी सोने के भाव इसी स्तर पर रहे। इन शहरों में 24 कैरेट सोने की कीमत 1,42,720 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,30,814 रुपये प्रति 10 ग्राम रही।

    अहमदाबाद में 24 कैरेट सोना 1,42,770 रुपये प्रति 10 ग्राम पर रहा। यहां 22 कैरेट सोने का भाव 1,30,864 रुपये प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी कीमतें अहमदाबाद के समान रहीं। यहां 24 कैरेट सोने का भाव 1,42,770 रुपये और 22 कैरेट सोने की कीमत 1,30,864 रुपये प्रति 10 ग्राम रही।

    चांदी की कीमतों में भी मंगलवार को उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। सोमवार की तुलना में इसका भाव करीब 3,260 रुपये प्रति किलोग्राम नीचे आया। इसके बाद अधिकांश प्रमुख शहरों में चांदी की कीमत लगभग 1,93,150 रुपये प्रति किलोग्राम बताई गई। सोने के साथ चांदी के दाम घटने से त्योहारों के दौरान इन धातुओं की खरीदारी पर विचार कर रहे ग्राहकों को ताजा कीमतों की जानकारी लेना जरूरी हो गया है।

    करवाचौथ से पहले सोने और चांदी के भाव में आई कमी ऐसे समय हुई है, जब बाजार में त्योहारों के लिए खरीदारी की गतिविधियां जारी हैं। हालांकि, कीमतों में गिरावट को खरीदारी के लिए निश्चित रूप से बेहतर अवसर नहीं माना जा सकता, क्योंकि वास्तविक खर्च आभूषण के डिजाइन, वजन, शुद्धता, मेकिंग चार्ज और लागू करों पर भी निर्भर करता है।

    खरीदारी करने से पहले ग्राहकों को अपने शहर के सर्राफा बाजार में उपलब्ध दरों की पुष्टि करनी चाहिए। अलग-अलग दुकानों पर मेकिंग चार्ज और अन्य लागतों में अंतर हो सकता है। इसके अलावा, सोने की शुद्धता और आभूषण पर हॉलमार्क की जांच करना भी जरूरी है। बाजार में कीमतों में होने वाले बदलाव के कारण खरीदारी के समय अंतिम बिल में दर्ज राशि घोषित दर से अलग हो सकती है।

  • प्रधानमंत्री मोदी और लिकटेंस्टाइन के प्रिंस एलोइस की मुलाकात, भारत-यूरोप व्यापारिक सहयोग पर बढ़ा जोर

    प्रधानमंत्री मोदी और लिकटेंस्टाइन के प्रिंस एलोइस की मुलाकात, भारत-यूरोप व्यापारिक सहयोग पर बढ़ा जोर


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में लिकटेंस्टाइन के हेरिडिटरी प्रिंस एलोइस और उनकी पत्नी हेरिडिटरी प्रिंसेस सोफी से मुलाकात की। इस दौरान भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने और सहयोग के नए अवसरों पर चर्चा हुई। प्रिंस एलोइस भारत की राजकीय यात्रा पर आए हैं। इस यात्रा को दोनों देशों के संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    मुलाकात के दौरान दोनों पक्षों ने आपसी साझेदारी को आगे बढ़ाने से जुड़े विषयों पर विचार-विमर्श किया। भारत और यूरोपीय देशों के बीच व्यापारिक सहयोग बढ़ाने के प्रयासों के बीच यह बैठक हुई है। खास तौर पर भारत और यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (ईएफटीए) के बीच हुए व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौते से मिलने वाले अवसरों पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

    इससे पहले विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी प्रिंस एलोइस से मुलाकात की। दोनों नेताओं ने भारत और लिकटेंस्टाइन के संबंधों के साथ-साथ ईएफटीए के साथ व्यापार एवं आर्थिक भागीदारी समझौते के तहत उभरने वाले अवसरों पर चर्चा की। जयशंकर ने कहा कि इस समझौते से मिलने वाले अवसरों के कारण दोनों देशों की साझेदारी विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रही है। उन्होंने उम्मीद जताई कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ प्रिंस की बैठक से आपसी सहयोग को और गति मिलेगी।

    प्रिंस एलोइस का राष्ट्रपति भवन के प्रांगण में औपचारिक स्वागत भी किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मौजूद रहे। स्वागत समारोह के बाद प्रिंस ने भारत की अपनी पहली राजकीय यात्रा को सम्मान की बात बताया। उन्होंने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के स्वागत के लिए आभार जताया।

    प्रिंस एलोइस ने कहा कि भारत जैसे देश की पहली राजकीय यात्रा उनके लिए विशेष महत्व रखती है। उन्होंने इस यात्रा को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह भारत के साथ अपने संबंधों को लिकटेंस्टाइन की ओर से दिए जाने वाले महत्व को दर्शाती है। उनके इस बयान से दोनों देशों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाने की इच्छा स्पष्ट हुई।

    प्रिंस की यात्रा के कार्यक्रम में भारत सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के साथ बैठकें भी शामिल हैं। मंगलवार को उनकी वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री जयंत चौधरी से मुलाकात प्रस्तावित है। इन बैठकों में आर्थिक संबंधों और सहयोग के संभावित क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

    इसके बाद प्रिंस एलोइस राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करेंगे। उनके सम्मान में आधिकारिक भोज का आयोजन भी किया गया है। यह कार्यक्रम भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच राजनयिक संपर्कों को आगे बढ़ाने के व्यापक कार्यक्रम का हिस्सा है।

    प्रिंस एलोइस सोमवार को गुजरात के वडोदरा से नई दिल्ली पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर केंद्रीय राज्य मंत्री जयंत सिंह ने उनका स्वागत किया था। इसके बाद उनकी राजकीय यात्रा से जुड़े औपचारिक कार्यक्रम शुरू हुए।

    भारत और लिकटेंस्टाइन के बीच संपर्कों को मजबूत करने की यह पहल ऐसे समय में हो रही है, जब ईएफटीए समझौते के माध्यम से व्यापार और आर्थिक साझेदारी के विस्तार पर जोर दिया जा रहा है। प्रधानमंत्री मोदी, विदेश मंत्री जयशंकर और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ प्रिंस की बैठकों से दोनों देशों के बीच सहयोग के विभिन्न क्षेत्रों को आगे बढ़ाने का अवसर मिला है।

  • इजरायल चुनाव में नेतन्याहू की सत्ता पर नजर, गाजा युद्ध और ईरान संघर्ष के बीच विपक्ष से कड़ी चुनौती

    इजरायल चुनाव में नेतन्याहू की सत्ता पर नजर, गाजा युद्ध और ईरान संघर्ष के बीच विपक्ष से कड़ी चुनौती

    नई दिल्ली । इजरायल में 27 अक्टूबर 2026 को आम चुनाव के लिए मतदान हो रहा है। इस चुनाव को प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के राजनीतिक भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हमास के 7 अक्टूबर 2023 के हमले और उसके बाद गाजा में सैन्य कार्रवाई तथा ईरान के साथ संघर्ष को संभालने के तरीके को लेकर नेतन्याहू की सरकार आलोचनाओं का सामना करती रही है। चुनाव में मतदाताओं का रुख यह तय करने में अहम होगा कि देश की सत्ता मौजूदा नेतृत्व के पास रहती है या विपक्ष को सरकार बनाने का अवसर मिलता है।

    इस चुनाव में करीब 73 लाख मतदाता मतदान के पात्र हैं। नेतन्याहू को पूर्व सैन्य प्रमुख गादी आइजेनकोट और पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट से चुनौती मिल रही है। चुनाव पूर्व सर्वेक्षणों में मुकाबला कड़ा रहने के संकेत दिए गए हैं। हालांकि, इजरायल की चुनाव प्रणाली में किसी एक दल के लिए स्पष्ट बहुमत हासिल करना आसान नहीं होता। इसलिए चुनावी नतीजों के साथ-साथ अलग-अलग दलों के बीच गठबंधन की बातचीत भी अगली सरकार का स्वरूप तय करेगी।

    77 वर्षीय नेतन्याहू इजरायल के सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने वाले नेता हैं। उनके समर्थक सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों के मुद्दों पर उनके नेतृत्व को महत्वपूर्ण बताते हैं। वहीं, आलोचक 7 अक्टूबर 2023 के हमले को रोकने में हुई विफलताओं, युद्ध से जुड़े फैसलों और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर उनकी जवाबदेही पर सवाल उठाते हैं। चुनाव के दौरान इन मुद्दों का राजनीतिक बहस में महत्वपूर्ण स्थान बना हुआ है।

    गादी आइजेनकोट इजरायल डिफेंस फोर्सेज के पूर्व प्रमुख रह चुके हैं। वह याशर पार्टी का नेतृत्व कर रहे हैं और खुद को नेतन्याहू के विकल्प के रूप में पेश कर रहे हैं। दूसरी ओर, नफ्ताली बेनेट भी मौजूदा प्रधानमंत्री के गठबंधन को चुनौती दे रहे हैं। उनके नेतृत्व वाले बी’याचद गठबंधन में पूर्व प्रधानमंत्री यायर लैपिड की येश अतीद पार्टी भी शामिल है। विपक्षी दलों के बीच सहयोग सरकार बनाने की संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है।

    चुनाव से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नेतन्याहू का समर्थन किया। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने कहा कि नेतन्याहू ने कठिन परिस्थितियों में प्रधानमंत्री के रूप में अच्छा काम किया है। नेतन्याहू ने भी ट्रंप की तारीफ करते हुए दोनों देशों के नेताओं के बीच असाधारण मित्रता का उल्लेख किया। अमेरिका और इजरायल के संबंध चुनावी चर्चा के महत्वपूर्ण पहलुओं में शामिल हैं।

    इजरायल में संसदीय चुनाव आनुपातिक प्रतिनिधित्व प्रणाली के तहत होते हैं। पूरे देश को एक ही चुनावी क्षेत्र माना जाता है और मतदाता संसद यानी नेसेट की 120 सीटों के लिए राजनीतिक दलों की सूची पर वोट डालते हैं। मतदाता सीधे किसी व्यक्तिगत सांसद का चुनाव नहीं करते। संसद में प्रतिनिधित्व पाने के लिए किसी पार्टी को कम से कम 3.25 प्रतिशत वैध मत हासिल करना जरूरी है। इस व्यवस्था में छोटी पार्टियां भी सरकार गठन के दौरान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।

    सरकार बनाने के लिए संसद में कम से कम 61 सांसदों का समर्थन जुटाना आवश्यक है। सबसे अधिक सीटें हासिल करने वाला दल अपने आप सरकार नहीं बना लेता। मतदान के बाद राष्ट्रपति राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श करते हैं और उस सांसद को सरकार बनाने का अवसर देते हैं, जिसके बहुमत जुटाने की संभावना हो। इसके बाद गठबंधन बनाने के लिए बातचीत होती है। यदि कोई नेता 61 सांसदों का समर्थन हासिल नहीं कर पाता, तो सरकार गठन की प्रक्रिया लंबी हो सकती है।

    इस चुनाव के नतीजों का असर इजरायल की सुरक्षा नीति, क्षेत्रीय संघर्षों और दूसरे देशों के साथ उसके संबंधों पर पड़ सकता है। गाजा में युद्ध और ईरान के साथ टकराव के बीच नई सरकार के सामने सुरक्षा तथा कूटनीति से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे रहेंगे। चुनाव परिणामों के बाद गठबंधन का स्वरूप तय करेगा कि आने वाले समय में देश की नीतियों को किस दिशा में आगे बढ़ाया जाएगा।