Author: bharati

  • हैरी केन ने रचा फुटबॉल इतिहास, एम्बाप्पे और यामल को पछाड़कर पहली बार जीता बैलन डी’ओर का खिताब

    हैरी केन ने रचा फुटबॉल इतिहास, एम्बाप्पे और यामल को पछाड़कर पहली बार जीता बैलन डी’ओर का खिताब

    नई दिल्ली। इंग्लैंड फुटबॉल टीम के कप्तान हैरी केन को 2026 के बैलन डी’ओर पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की खबर ने फुटबॉल जगत में हलचल पैदा कर दी है। खबर के मुताबिक केन ने फ्रांस के स्टार खिलाड़ी काइलियन एम्बाप्पे और स्पेन के युवा फुटबॉलर लामिन यामल को पीछे छोड़कर यह प्रतिष्ठित सम्मान अपने नाम किया है। यदि इसकी आधिकारिक पुष्टि होती है तो यह केन के करियर की सबसे बड़ी व्यक्तिगत उपलब्धियों में से एक होगी। गोल करने की शानदार क्षमता मैदान पर सूझबूझ और लगातार बेहतरीन प्रदर्शन के दम पर उन्होंने दुनिया के शीर्ष फुटबॉल खिलाड़ियों के बीच अपनी अलग पहचान बनाई है।

    लंदन के पैलेडियम थिएटर में आयोजित समारोह में केन को इस सम्मान से नवाजे जाने का दावा किया गया है। अपने नाम की घोषणा के बाद उन्होंने खुशी जाहिर करते हुए साथी खिलाड़ियों और उन सभी लोगों का आभार व्यक्त किया जिन्होंने उनके करियर में योगदान दिया। केन ने कहा कि वह इस सम्मान को पाकर अपनी भावनाएं शब्दों में व्यक्त नहीं कर पा रहे हैं और लंदन में यह उपलब्धि हासिल करना उनके लिए इसे और भी खास बनाता है। अपने देश में इतना बड़ा पुरस्कार हासिल करना किसी भी खिलाड़ी के लिए गौरवपूर्ण क्षण हो सकता है।

    हैरी केन का करियर लंबे समय से निरंतरता और मेहनत का उदाहरण रहा है। क्लब स्तर पर वह जर्मनी के दिग्गज क्लब बायर्न म्यूनिख के लिए खेलते हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इंग्लैंड की कप्तानी करते हैं। उनकी पहचान एक ऐसे स्ट्राइकर के रूप में है जो गोल करने के साथ अपने साथियों के लिए मौके भी तैयार कर सकता है। खेल को समझने की क्षमता सटीक पास और दबाव की स्थिति में सही निर्णय लेने का कौशल उन्हें दूसरे खिलाड़ियों से अलग बनाता है।

    खबर में दावा किया गया है कि केन ने पिछले सीजन में शानदार प्रदर्शन करते हुए यूरोपियन गोल्डन बूट जीता और बायर्न म्यूनिख को बुंडेसलीगा का खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इंग्लैंड की टीम को विश्व कप के सेमीफाइनल तक पहुंचाने में भी उनके योगदान का उल्लेख किया गया है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में उनके गोलों की संख्या 125 मैचों में 91 बताई गई है। क्लब और देश के लिए लगातार गोल करने की उनकी क्षमता ने उन्हें दुनिया के सबसे प्रभावशाली स्ट्राइकरों की कतार में खड़ा किया है।

    अगस्त 2025 से क्लब और देश के लिए 89 गोल करने का दावा भी उनके शानदार प्रदर्शन को रेखांकित करता है। बायर्न म्यूनिख ने उन्हें तीन साल पहले लगभग 100 मिलियन यूरो की शुरुआती फीस पर टीम में शामिल किया था। उस समय उनकी उम्र 30 वर्ष थी और यह सौदा क्लब की सामान्य भर्ती रणनीति से अलग माना गया था। हालांकि केन ने अपने खेल से साबित किया कि अनुभव और फिटनेस के साथ एक खिलाड़ी लंबे समय तक उच्च स्तर पर प्रदर्शन कर सकता है।

    बैलन डी’ओर फुटबॉल के सबसे प्रतिष्ठित व्यक्तिगत पुरस्कारों में गिना जाता है। इसे जीतना किसी खिलाड़ी के लिए उसके पूरे करियर की बड़ी उपलब्धि माना जाता है। हालांकि इस खबर में दिए गए परिणामों और आंकड़ों की आधिकारिक पुष्टि जरूरी है। यदि केन की जीत की पुष्टि होती है तो यह उनके करियर में एक ऐतिहासिक पड़ाव होगा और इंग्लैंड के फुटबॉल इतिहास में भी एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज किया जाएगा।

  • चोट से वापसी कर एलेक्सिया पुटेलस ने फिर दुनिया में बजाया अपना डंका, तीसरी बार बनीं महिला फुटबॉल की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी

    चोट से वापसी कर एलेक्सिया पुटेलस ने फिर दुनिया में बजाया अपना डंका, तीसरी बार बनीं महिला फुटबॉल की सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी


    नई दिल्ली। स्पेन की स्टार मिडफील्डर एलेक्सिया पुटेलस ने महिला फुटबॉल में एक बार फिर अपनी श्रेष्ठता साबित करते हुए 2026 का बैलन डी’ओर पुरस्कार जीत लिया है। यह तीसरी बार है जब पुटेलस को फुटबॉल जगत के इस प्रतिष्ठित व्यक्तिगत सम्मान से नवाजा गया है। इससे पहले वह 2021 और 2022 में भी यह पुरस्कार अपने नाम कर चुकी हैं। तीसरी बार यह उपलब्धि हासिल करके उन्होंने अपनी ही देश की स्टार फुटबॉलर ऐताना बोनमाटी के रिकॉर्ड की बराबरी कर ली है। बोनमाटी ने 2023 2024 और 2025 में लगातार तीन बार यह सम्मान जीता था। स्पेन की महिला खिलाड़ियों का लगातार छठे वर्ष इस पुरस्कार पर कब्जा रहना भी देश में महिला फुटबॉल की मजबूत स्थिति को दर्शाता है।

    इस बार पुरस्कार की दौड़ में पुटेलस को दुनिया भर के शीर्ष फुटबॉल देशों के पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय पैनल से सबसे अधिक वोट मिले। उनके सामने बार्सिलोना की स्ट्राइकर इवा पाजोर और मैनचेस्टर सिटी की फॉरवर्ड खदीजा शॉ जैसी प्रतिभाशाली खिलाड़ियों की चुनौती थी। पाजोर दूसरे स्थान पर रहीं जबकि खदीजा शॉ को तीसरा स्थान मिला। कड़े मुकाबले के बीच पुटेलस का शीर्ष स्थान हासिल करना उनके शानदार प्रदर्शन और मैदान पर प्रभाव को दर्शाता है।

    पुटेलस की इस उपलब्धि को इसलिए भी खास माना जा रहा है क्योंकि उन्होंने गंभीर चोट से उबरने के बाद दोबारा विश्व फुटबॉल के शीर्ष स्तर पर अपनी जगह मजबूत की। वर्ष 2022 में उन्हें एंटीरियर क्रूशिएट लिगामेंट यानी एसीएल की गंभीर चोट लगी थी। इस तरह की चोट किसी भी खिलाड़ी के करियर के लिए बड़ी चुनौती बन सकती है लेकिन पुटेलस ने अपनी मेहनत और दृढ़ संकल्प के दम पर वापसी की। उन्होंने साबित किया कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद लगातार प्रयास और आत्मविश्वास से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं।

    पिछले सीजन में पुटेलस का प्रदर्शन शानदार रहा। उन्होंने सभी प्रतियोगिताओं में 21 गोल करने के साथ 13 गोल में असिस्ट भी किया। महिला चैंपियंस लीग में उनके सात गोल विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहे। बार्सिलोना ने इस दौरान छह सीजन में अपना चौथा कॉन्टिनेंटल खिताब हासिल किया। टीम की सफलता में पुटेलस के अनुभव तकनीक और निर्णायक योगदान की अहम भूमिका रही। जुलाई में विमेंस सुपर लीग की टीम लंदन सिटी लायनेसेस से जुड़ने से पहले वह बार्सिलोना को चैंपियंस लीग में चार बार चैंपियन बनाने वाली टीम का हिस्सा रही थीं।

    पुरस्कार मिलने के बाद पुटेलस ने युवा खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि दुनिया में कहीं भी रहने वाले लड़के और लड़कियां अगर फुटबॉल खेलना चाहते हैं तो उन्हें अपने सपने पूरे करने के लिए आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी की बातों से प्रभावित होकर अपने लक्ष्य से पीछे नहीं हटना चाहिए और खुद पर भरोसा बनाए रखना चाहिए। उनके इस संदेश ने खेल में समान अवसर और आत्मविश्वास का महत्व उजागर किया। तीसरी बार बैलन डी’ओर जीतकर पुटेलस ने न केवल अपनी व्यक्तिगत उपलब्धियों में एक और अध्याय जोड़ा है बल्कि दुनिया भर की युवा महिला फुटबॉल खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा भी पेश की है।

  • देवदत्त पडिक्कल के 199 रन भी नहीं दिला सके जीत, खराब रोशनी के कारण न्यूजीलैंड ए के खिलाफ ड्रॉ हुआ मुकाबला

    देवदत्त पडिक्कल के 199 रन भी नहीं दिला सके जीत, खराब रोशनी के कारण न्यूजीलैंड ए के खिलाफ ड्रॉ हुआ मुकाबला


    नई दिल्ली। भारत ए और न्यूजीलैंड ए के बीच खेला गया पहला अनाधिकारिक टेस्ट मुकाबला रोमांचक मोड़ पर पहुंचने के बाद ड्रॉ हो गया। भारतीय टीम जीत से महज एक विकेट दूर थी लेकिन खराब रोशनी के कारण खेल रोकना पड़ा। जिस समय मुकाबला समाप्त हुआ उस वक्त न्यूजीलैंड ए की दूसरी पारी में नौ विकेट गिर चुके थे और टीम 187 रन बनाकर संघर्ष कर रही थी। भारतीय गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए मैच में अपनी पकड़ मजबूत कर ली थी लेकिन मौसम और रोशनी ने टीम की जीत की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस नतीजे से न्यूजीलैंड ए को राहत मिली जबकि इंडिया ए के हाथ से लगभग तय दिखाई दे रही जीत निकल गई।

    मुकाबले में न्यूजीलैंड ए ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया था। भारतीय बल्लेबाज पहली पारी में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके और पूरी टीम महज 113 रन पर सिमट गई। यश राठौड़ ने 44 रन बनाकर भारतीय पारी को संभालने की कोशिश की जबकि देवदत्त पडिक्कल ने 32 रन का योगदान दिया। शुरुआती पारी में भारतीय बल्लेबाजी के लड़खड़ाने से टीम पर दबाव बढ़ गया और न्यूजीलैंड ए को मैच में मजबूत स्थिति हासिल करने का मौका मिल गया।

    इसके बाद न्यूजीलैंड ए ने अपनी पहली पारी में शानदार बल्लेबाजी की। कप्तान राइस मारिउ ने 76 रन बनाए जबकि डिन फॉक्सक्रॉफ्ट ने 51 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। दोनों बल्लेबाजों के योगदान से न्यूजीलैंड ए ने 317 रन का स्कोर खड़ा किया। इस तरह मेजबान टीम को पहली पारी के आधार पर 204 रन की बड़ी बढ़त हासिल हुई। भारतीय टीम के सामने अब दूसरी पारी में दमदार बल्लेबाजी करके मुकाबले में वापसी करने की चुनौती थी।

    दूसरी पारी में भारत ए ने जोरदार पलटवार किया और 516 रन बनाकर मैच का रुख बदल दिया। तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे देवदत्त पडिक्कल ने शानदार धैर्य और तकनीक का प्रदर्शन किया। उन्होंने 248 गेंदों पर 24 चौकों और तीन छक्कों की मदद से 199 रन बनाए। हालांकि वह दोहरे शतक से केवल एक रन दूर रह गए। साई सुदर्शन ने भी बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए 184 गेंदों पर 91 रन बनाए। इसके अलावा यश राठौड़ ने 66 रन और वाशिंगटन सुंदर ने 52 रन की पारी खेलकर टीम को विशाल स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।

    पहली पारी में मिली बढ़त के कारण न्यूजीलैंड ए को जीत के लिए 313 रन का लक्ष्य मिला। भारतीय गेंदबाजों ने दूसरी पारी में शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया। एक समय न्यूजीलैंड ए के नौ विकेट केवल 187 रन पर गिर चुके थे। मुकाबले में लगभग एक घंटे का खेल बाकी था और भारतीय टीम को जीत के लिए सिर्फ एक विकेट की जरूरत थी। लेकिन खराब रोशनी के कारण अंपायरों को खेल रोकना पड़ा और आखिरकार मैच ड्रॉ घोषित कर दिया गया।

    इस मुकाबले में भारत के लिए चिंता का विषय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल और केएल राहुल का प्रदर्शन भी रहा। जायसवाल पहली पारी में 17 और दूसरी पारी में पांच रन ही बना सके। वहीं राहुल पहली पारी में खाता नहीं खोल पाए और दूसरी पारी में केवल चार रन बना सके। न्यूजीलैंड के खिलाफ आगामी टेस्ट मुकाबलों को देखते हुए दोनों बल्लेबाजों का फॉर्म भारतीय टीम प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण रहेगा। कुल मिलाकर इंडिया ए ने दूसरी पारी में शानदार वापसी और गेंदबाजी से जीत की मजबूत स्थिति बनाई लेकिन खराब रोशनी के कारण उसे जीत से संतोषजनक दूरी पर रुकना पड़ा।

  • जियो हॉटस्टार पर इस हफ्ते मनोरंजन की नई सौगात, ऑब्सेशन से लेकर करवाचौथ स्पेशल सीरीज तक होंगी रिलीज

    जियो हॉटस्टार पर इस हफ्ते मनोरंजन की नई सौगात, ऑब्सेशन से लेकर करवाचौथ स्पेशल सीरीज तक होंगी रिलीज

    नई दिल्ली । ओटीटी दर्शकों के लिए अक्टूबर का यह सप्ताह मनोरंजन से भरपूर रहने वाला है। जियो हॉटस्टार पर 26 से 30 अक्टूबर 2026 के बीच अलग-अलग विधाओं की फिल्में और सीरीज रिलीज होने वाली हैं। इस सूची में सुपरनेचुरल साइकोलॉजिकल थ्रिलर फिल्म ऑब्सेशन से लेकर करवाचौथ के अवसर पर पेश की जाने वाली खास सीरीज और बच्चों के लिए एनिमेटेड शो तक शामिल हैं। कॉमेडी, फैंटेसी, ड्रामा, हॉरर और थ्रिलर पसंद करने वाले दर्शकों के लिए इस सप्ताह कई विकल्प उपलब्ध होंगे।

    इस सप्ताह की शुरुआत माता पार्वती की कहानियों पर आधारित सीरीज से हो रही है। ‘जब जिद्द पर आ गईं पार्वती’ नाम से पेश की जा रही इस सीरीज में माता पार्वती और उनसे जुड़ी कथाओं को दिखाया जाएगा। हाल में रिलीज हुई फिल्म ‘हनुमान अंश’ के गाने में पार्वती के नाम का इस्तेमाल चर्चा में आया था। इस गाने को सोशल मीडिया पर काफी लोकप्रियता मिली थी और फिल्म भी बॉक्स ऑफिस पर सफल रही थी। अब इसी नाम के संदर्भ के साथ पुराने टीवी शो ‘महादेव’ को नए रूप में दर्शकों के सामने पेश किया जा रहा है। यह सीरीज 26 अक्टूबर से जियो हॉटस्टार पर उपलब्ध होगी।

    करवाचौथ के मौके पर दर्शकों के लिए ‘करवाचौथ: 7 जन्मों का उत्सव’ नाम की विशेष सीरीज भी लाई जा रही है। करवाचौथ को विवाहित महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है। इस अवसर पर तैयार की गई सीरीज में शादीशुदा जोड़ों की कहानियां दिखाई जाएंगी। इसका प्रीमियर करवाचौथ के दिन होगा। त्योहार से जुड़ी कहानियों और रिश्तों पर आधारित यह प्रस्तुति इस खास मौके को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

    30 अक्टूबर को रिलीज होने वाली सीरीज ‘लव ऑलवेज’ भी इस सप्ताह की सूची में शामिल है। यह तमिल सिनेमा की फैंटेसी आधारित सीरीज है। इसकी कहानी अलग-अलग उम्र के जोड़ों के इर्द-गिर्द घूमती है। फैंटेसी के साथ रिश्तों पर आधारित कथानक पसंद करने वाले दर्शक इसे जियो हॉटस्टार पर देख सकेंगे।

    इसी दिन अमेरिकी फिल्म ‘ऑब्सेशन’ भी ओटीटी पर रिलीज होगी। यह सुपरनेचुरल साइकोलॉजिकल थ्रिलर है, जिसे सिनेमाघरों में दर्शकों की अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। फिल्म की कहानी एक युवक के एकतरफा प्यार के इर्द-गिर्द बुनी गई है। इसमें मनोवैज्ञानिक तनाव और अलौकिक तत्वों के मेल के जरिए कहानी आगे बढ़ती है। थ्रिलर और रहस्य पसंद करने वाले दर्शकों के लिए यह सप्ताह की प्रमुख रिलीज में से एक है।

    बच्चों के मनोरंजन के लिए ‘द पैट्रिक स्टार शो’ का नया सीजन भी आने वाला है। यह एनिमेटेड सीरीज बच्चों को ध्यान में रखकर बनाई गई है। इसके पिछले पांच सीजन दर्शकों के बीच लोकप्रिय रहे हैं। अब इसका नया सीजन 30 अक्टूबर से जियो हॉटस्टार पर देखा जा सकेगा। एनिमेशन और हल्के-फुल्के मनोरंजन में दिलचस्पी रखने वाले बच्चों के लिए यह एक नया विकल्प होगा।

    इसके अलावा अमेरिकी सीरीज ‘घोस्ट’ का छठा सीजन भी रिलीज होने वाला है। यह ब्रिटिश मूल की बीबीसी सीरीज है, जिसकी कहानी एक जोड़े के इर्द-गिर्द घूमती है। नए सीजन के साथ इस शो की कहानी आगे बढ़ेगी।

    कुल मिलाकर, 26 से 30 अक्टूबर के बीच जियो हॉटस्टार पर धार्मिक कथाओं, रिश्तों, फैंटेसी, मनोवैज्ञानिक रोमांच और बच्चों के मनोरंजन से जुड़ी सामग्री देखने को मिलेगी। दर्शक अपनी पसंद के अनुसार इन नई फिल्मों और सीरीज को अपनी वीकली वॉचलिस्ट में शामिल कर सकते हैं।

  • बेदाग और खूबसूरत त्वचा के लिए अपनाएं एलोवेरा का प्राकृतिक तरीका, जानिए लगाने का सही समय और जरूरी सावधानियां

    बेदाग और खूबसूरत त्वचा के लिए अपनाएं एलोवेरा का प्राकृतिक तरीका, जानिए लगाने का सही समय और जरूरी सावधानियां


    नई दिल्ली । आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी धूल मिट्टी प्रदूषण और तेज धूप का असर हमारी त्वचा पर साफ दिखाई देने लगता है। कभी चेहरा रूखा नजर आता है तो कभी त्वचा की चमक कम होने लगती है। ऐसे में बहुत से लोग त्वचा की देखभाल के लिए प्राकृतिक उपायों की तलाश करते हैं। एलोवेरा ऐसा ही एक लोकप्रिय प्राकृतिक विकल्प है जिसका इस्तेमाल लंबे समय से त्वचा की देखभाल के लिए किया जाता रहा है। एलोवेरा की पत्तियों के अंदर पाया जाने वाला पारदर्शी जेल त्वचा को नमी देने और रूखेपन से राहत दिलाने में मदद कर सकता है। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति की त्वचा के प्रकार पर अलग अलग हो सकता है।

    एलोवेरा में पानी की अच्छी मात्रा होती है और इसका जेल त्वचा को ठंडक देने के साथ नमी बनाए रखने में सहायक हो सकता है। खासकर रूखी और बेजान त्वचा वाले लोग इसे अपने स्किन केयर रूटीन में शामिल कर सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले चेहरे को किसी हल्के फेसवॉश से साफ करें। इसके बाद एलोवेरा जेल की थोड़ी सी मात्रा लेकर चेहरे और गर्दन पर हल्के हाथों से लगाएं। इसे कुछ समय तक त्वचा पर रहने दें और यदि चिपचिपाहट या जलन महसूस हो तो पानी से धो लें। जरूरत के अनुसार इसके बाद मॉइस्चराइजर का इस्तेमाल भी किया जा सकता है।

    अगर आप ताजा एलोवेरा का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो पौधे की पत्ती से जेल निकालते समय सावधानी बरतना जरूरी है। पत्ती से निकलने वाला पीला रस त्वचा में जलन पैदा कर सकता है इसलिए इसे जेल से अलग कर देना चाहिए। बाजार में मिलने वाले एलोवेरा जेल का इस्तेमाल करते समय उसके लेबल पर लिखी सामग्री को जरूर पढ़ें। ऐसा उत्पाद चुनना बेहतर है जिसमें अनावश्यक खुशबू और जलन पैदा करने वाले तत्व कम हों। संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को विशेष सावधानी रखनी चाहिए।

    एलोवेरा त्वचा को नमी देने में मदद कर सकता है लेकिन इसे हर समस्या का इलाज समझना सही नहीं है। चेहरे पर मुंहासे होने या दाग धब्बे दिखाई देने पर केवल एलोवेरा लगाने से उनके पूरी तरह ठीक होने की गारंटी नहीं होती। इसी तरह त्वचा का रंग बदलने या स्थायी रूप से गोरा होने के दावों पर भरोसा नहीं करना चाहिए। त्वचा की प्राकृतिक रंगत हर व्यक्ति में अलग होती है और स्वस्थ त्वचा के लिए नियमित देखभाल अधिक महत्वपूर्ण है।

    एलोवेरा का इस्तेमाल करने से पहले एक छोटा सा पैच टेस्ट करना जरूरी है। इसके लिए जेल को हाथ के अंदरूनी हिस्से पर थोड़ी मात्रा में लगाकर देखें और अगले 24 से 48 घंटे तक किसी प्रतिक्रिया पर ध्यान दें। यदि खुजली लालिमा या सूजन हो तो इसका इस्तेमाल न करें। आंखों के आसपास लगाने से बचें और पहले से किसी त्वचा संबंधी बीमारी या गंभीर समस्या होने पर त्वचा विशेषज्ञ की सलाह लें।

    त्वचा को स्वस्थ बनाए रखने के लिए केवल एलोवेरा पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है। दिन में नियमित रूप से सनस्क्रीन लगाना पर्याप्त पानी पीना संतुलित भोजन करना और अच्छी नींद लेना भी जरूरी है। चेहरे को बार बार रगड़ने और तेज रसायनों वाले उत्पादों के इस्तेमाल से बचना चाहिए। सही तरीके से इस्तेमाल किया गया एलोवेरा त्वचा की देखभाल का एक उपयोगी हिस्सा बन सकता है। नियमित और संतुलित स्किन केयर के साथ त्वचा को साफ मुलायम और स्वस्थ बनाए रखने में मदद मिल सकती है।

  • इंदौर-देवास बायपास पर हादसों का खतरा बरकरार? हाईकोर्ट में आज खुलेगी सड़क सुधार के दावों की पोल

    इंदौर-देवास बायपास पर हादसों का खतरा बरकरार? हाईकोर्ट में आज खुलेगी सड़क सुधार के दावों की पोल


    इंदौर । इंदौर-देवास बायपास की बदहाल स्थिति और सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर हाईकोर्ट में आज एक बार फिर जनहित याचिका पर सुनवाई होगी। इस सुनवाई में सबसे अहम बात यह रहेगी कि राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण यानी NHAI की ओर से गड्ढे भरने और सड़क की समस्याएं दूर करने के दावे कितने सही साबित होते हैं। पिछली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने याचिकाकर्ता को मौके पर जाकर बायपास की मौजूदा स्थिति देखने और अगली सुनवाई में वास्तविक हालात की जानकारी देने के निर्देश दिए थे। अब याचिकाकर्ता की रिपोर्ट से सड़क पर हुए सुधार की स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

    यह जनहित याचिका मातृ फाउंडेशन की ओर से एडवोकेट अमेय बजाज ने वर्ष 2021 में दायर की थी। इसमें इंदौर-देवास बायपास की खराब हालत के साथ वाहन चालकों की सुरक्षा से जुड़े कई गंभीर मुद्दे उठाए गए हैं। याचिका के अनुसार बायपास पर जगह-जगह बड़े गड्ढे मौजूद रहे हैं। सर्विस रोड की हालत भी खराब बताई गई है। इसके अलावा खुले ड्रेनेज जलभराव और खराब या बंद स्ट्रीट लाइट के कारण वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इन समस्याओं के चलते दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ने का मुद्दा भी याचिका में उठाया गया है।

    याचिकाकर्ता ने पहले की सुनवाई में कोर्ट को बताया था कि बायपास की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है। उनका आरोप था कि सड़क पर गड्ढों और अन्य खामियों के कारण हादसों का खतरा बना हुआ है। याचिका में यह भी दावा किया गया कि गड्ढे में गिरने से एक महिला की मौत हुई थी। याचिकाकर्ता ने सड़क सुरक्षा से जुड़े न्यायिक निर्देशों का पालन नहीं होने का मुद्दा उठाते हुए संबंधित एजेंसियों से प्रभावी कदम उठाने की मांग की है।

    पिछली सुनवाई में हाईकोर्ट ने NHAI से यह जानकारी मांगी थी कि वर्ष 2023 में हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद बायपास की स्थिति सुधारने के लिए क्या कदम उठाए गए। इसके जवाब में NHAI ने तस्वीरें पेश करते हुए दावा किया था कि सड़क के गड्ढे भर दिए गए हैं और समस्याओं को दूर करने के लिए जरूरी काम किए गए हैं। हालांकि कोर्ट ने केवल इन दावों के आधार पर स्थिति को अंतिम रूप से स्पष्ट मानने के बजाय याचिकाकर्ता को स्वयं मौके पर जाकर निरीक्षण करने को कहा था।

    आज की सुनवाई में सड़क की वास्तविक स्थिति और प्राधिकरण की ओर से किए गए सुधार कार्यों को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकती है। खास तौर पर यह देखा जाएगा कि गड्ढों की समस्या कितनी दूर हुई है और सर्विस रोड जल निकासी तथा प्रकाश व्यवस्था जैसी समस्याओं में कितना सुधार हुआ है। हालांकि सुनवाई से पहले यह कहना उचित नहीं होगा कि सभी समस्याएं दूर हो चुकी हैं या अभी भी पहले जैसी स्थिति बनी हुई है।

    याचिका में राष्ट्रीय राजमार्गों पर सड़क सुरक्षा संबंधी निर्देशों के पालन का मुद्दा भी शामिल है। इसमें दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान करने और वहां चेतावनी संकेतक लगाने के साथ पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की गई है। अवैध पार्किंग अवैध ढाबों और व्यावसायिक अतिक्रमण जैसी समस्याओं पर नियंत्रण तथा आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने पर भी जोर दिया गया है।

    याचिकाकर्ता की मांग है कि संबंधित एजेंसियां बायपास की सड़क को सुरक्षित बनाने के लिए ठोस कदम उठाएं। जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए और दुर्घटना संभावित स्थानों पर जरूरी सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं। अब हाईकोर्ट में होने वाली सुनवाई से यह स्पष्ट होने की उम्मीद है कि NHAI के सुधार संबंधी दावों और मौके पर सामने आने वाली स्थिति में कितना अंतर है।

  • रणबीर कपूर की रामायण से बॉक्स ऑफिस पर भिड़ेगी अक्षय कुमार की 32 साल पुरानी फिल्म मोहरा, 6 नवंबर को होगी री-रिलीज

    रणबीर कपूर की रामायण से बॉक्स ऑफिस पर भिड़ेगी अक्षय कुमार की 32 साल पुरानी फिल्म मोहरा, 6 नवंबर को होगी री-रिलीज

    नई दिल्ली । रणबीर कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म रामायण की रिलीज के आसपास अब एक पुरानी सुपरहिट फिल्म भी सिनेमाघरों में दस्तक देने जा रही है। अक्षय कुमार, रवीना टंडन और सुनील शेट्टी की फिल्म मोहरा करीब 32 साल बाद बड़े पर्दे पर दोबारा रिलीज होने वाली है। फिल्म को 4K वर्जन में दर्शकों के सामने लाने की तैयारी है। इसकी रिलीज तारीख 6 नवंबर 2026 तय की गई है, जबकि रणबीर कपूर की रामायण 5 नवंबर को दिवाली के मौके पर सिनेमाघरों में आने वाली है। ऐसे में दोनों फिल्मों की रिलीज के बीच बॉक्स ऑफिस पर मुकाबले की स्थिति बन सकती है।

    मोहरा की री-रिलीज की घोषणा तिरुमूर्ति प्राइवेट लिमिटेड की ओर से की गई है। 1994 में रिलीज हुई यह फिल्म उस दौर की सफल फिल्मों में शामिल रही थी। अक्षय कुमार, रवीना टंडन और सुनील शेट्टी की मौजूदगी के साथ फिल्म की कहानी और इसके गानों ने भी दर्शकों के बीच लोकप्रियता हासिल की थी। अब फिल्म को नए 4K वर्जन में दोबारा रिलीज किया जा रहा है, जिससे पुराने दर्शकों को इसे बड़े पर्दे पर फिर देखने का मौका मिलेगा। वहीं, नई पीढ़ी के दर्शक भी इस फिल्म को सिनेमाघरों में अनुभव कर सकेंगे।

    मोहरा का निर्देशन राजीव राय ने किया था, जबकि इसका निर्माण गुलशन राय ने किया था। फिल्म की कहानी विशाल अग्निहोत्री के किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे सुनील शेट्टी ने निभाया था। कहानी के अनुसार, विशाल की पत्नी के साथ बलात्कार और हत्या हो जाती है। जब उसे कानून और न्याय व्यवस्था से इंसाफ नहीं मिलता, तो वह खुद अपराधियों को सजा देने का रास्ता अपनाता है। इसके बाद उसे उम्रकैद की सजा हो जाती है। फिल्म की कहानी अपराध, बदले और न्याय के मुद्दों को सामने लाती है।

    फिल्म में अक्षय कुमार, रवीना टंडन और सुनील शेट्टी के अलावा नसीरुद्दीन शाह, परेश रावल, गुलशन ग्रोवर और रजा मुराद जैसे कलाकार भी नजर आए थे। फिल्म के गानों ने भी इसकी लोकप्रियता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी। ‘तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त’ और ‘टिप-टिप बरसा पानी’ जैसे गाने आज भी लोगों के बीच पहचाने जाते हैं। इसी वजह से मोहरा की दोबारा रिलीज को लेकर फिल्म प्रेमियों के बीच दिलचस्पी बढ़ सकती है।

    दूसरी ओर, रामायण को लेकर भी दर्शकों में उत्सुकता बनी हुई है। नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म में अरुण गोविल, रकुल प्रीत सिंह, लारा दत्ता, काजल अग्रवाल और कुणाल कपूर सहित कई अन्य कलाकार भी शामिल हैं।

    रामायण को दो भागों में रिलीज करने की योजना है। इसका पहला भाग 5 नवंबर 2026 को दिवाली के अवसर पर रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग अगले साल दिवाली पर आने वाला है। फिल्म के निर्माता नमित मल्होत्रा ने एक पॉडकास्ट में दोनों भागों का कुल बजट 4,000 करोड़ रुपये बताया था। इस बजट के आधार पर इसे भारत की सबसे महंगी फिल्मों में शामिल बताया जा रहा है।

    रामायण की रिलीज से एक दिन बाद मोहरा का सिनेमाघरों में लौटना दर्शकों के लिए एक अलग विकल्प पेश करेगा। एक ओर बड़े बजट की नई फिल्म होगी, तो दूसरी ओर 1994 की लोकप्रिय फिल्म का नया 4K संस्करण। अब दोनों फिल्मों की रिलीज के बाद दर्शकों की पसंद और सिनेमाघरों में मिलने वाली प्रतिक्रिया पर नजर रहेगी।

  • प्रदूषण जागरूकता अभियान के लिए फीस मांगने वाले सेलिब्रिटीज पर बॉम्बे हाई कोर्ट नाराज, BMC और पुलिस को दिए सख्त निर्देश

    प्रदूषण जागरूकता अभियान के लिए फीस मांगने वाले सेलिब्रिटीज पर बॉम्बे हाई कोर्ट नाराज, BMC और पुलिस को दिए सख्त निर्देश


    नई दिल्ली । महाराष्ट्र में त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान बढ़ते वायु और ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए चलाए जा रहे प्रयासों के बीच बॉम्बे हाई कोर्ट ने जागरूकता अभियान में सहयोग के लिए फीस मांगने वाले सेलिब्रिटीज पर नाराजगी जताई है। अदालत ने कहा कि प्रदूषण के खिलाफ अभियान में योगदान देने के लिए ऐसे लोगों से संपर्क करने की जरूरत नहीं है, जो इसके बदले भुगतान की मांग करते हैं। पीठ ने उम्मीद जताई कि फिल्मी हस्तियां अपने शहर के प्रति जुड़ाव और सामाजिक जिम्मेदारी दिखाते हुए इस तरह के जनहित अभियान में सहयोग करेंगी।

    सोमवार को सुनवाई के दौरान अतिरिक्त सरकारी वकील ज्योति चव्हाण ने अदालत को बताया कि अधिकारियों ने प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता फैलाने के लिए कुछ सेलिब्रिटीज से संपर्क किया था, लेकिन उन्होंने अभियान में शामिल होने के लिए फीस मांगी। इस पर जस्टिस जीएस कुलकर्णी और जस्टिस नीला गोखले की पीठ ने नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि यदि सेलिब्रिटीज अपने ही शहर के प्रति जागरूक नहीं हैं और केवल फीस लेकर अभियान में शामिल होना चाहते हैं, तो यह खेदजनक है।

    पीठ ने यह भी सवाल किया कि जब फिल्मी हस्तियां पुलिस विभाग के कार्यक्रमों में शामिल हो सकती हैं, तो प्रदूषण के खिलाफ जागरूकता अभियान में सहयोग क्यों नहीं कर सकतीं। अदालत ने स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े संदेशों के प्रचार का खर्च सरकारी खजाने पर नहीं डाला जाना चाहिए। सुनवाई के दौरान प्रदूषण नियंत्रण के लिए जारी निर्देशों को लोगों तक पहुंचाने और उनके प्रभावी पालन पर भी चर्चा हुई।

    यह मामला त्योहारों और धार्मिक जुलूसों के दौरान होने वाले वायु तथा ध्वनि प्रदूषण को रोकने के लिए अदालत की ओर से स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई जनहित याचिका से जुड़ा है। हाई कोर्ट ने 22 सितंबर को आदेश दिया था कि त्योहारों के दौरान सार्वजनिक सड़कों और रास्तों पर पटाखे नहीं फोड़े जाएंगे। अदालत ने लेजर लाइट और तेज रोशनी वाली बीम लाइट के इस्तेमाल पर भी रोक लगाई थी। सुनवाई के दौरान पीठ ने अधिकारियों से पूछा कि गणपति उत्सव और नवरात्रि के समय इन आदेशों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए क्या कदम उठाए गए।

    सुनवाई में शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था का मुद्दा भी उठा। अदालत की सहायता कर रहे एमिकस क्यूरी अस्पी चिनॉय ने प्रशासन की ओर से दाखिल हलफनामों में शिकायतों के लिए समर्पित और रिकॉर्ड की जाने वाली हेल्पलाइन का स्पष्ट विवरण नहीं होने की बात कही। इसके जवाब में बृहन्मुंबई महानगरपालिका की ओर से पेश वकील जोएल कार्लोस ने बताया कि ध्वनि प्रदूषण से जुड़ी शिकायतें 24 घंटे चालू रहने वाली आपदा हेल्पलाइन 1916 पर दर्ज कराई जा सकती हैं।

    अदालत ने मुंबई की बड़ी झुग्गी बस्तियों में प्रदूषण संबंधी नियमों के उल्लंघन पर भी चिंता जताई। पीठ के मुताबिक, इन इलाकों में देर रात तक पटाखे फोड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं। ऐसे क्षेत्रों में विशेष जागरूकता अभियान चलाने की जरूरत बताई गई। जस्टिस जीएस कुलकर्णी ने स्पष्ट किया कि अदालत किसी समुदाय के खिलाफ नहीं है, लेकिन कानून का पालन सभी के लिए जरूरी है। पीठ ने नागरिक अधिकारियों को स्थानीय वार्ड पार्षदों को भी जागरूकता अभियान में सक्रिय रूप से शामिल करने का निर्देश दिया।

    हाई कोर्ट ने BMC, पुलिस और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ निगरानी जारी रखने और नियमों को प्रभावी ढंग से लागू करने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी। उस दौरान प्रदूषण रोकने और अदालत के निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन की ओर से उठाए गए कदमों पर विचार किया जाएगा।

  • दलेर मेहंदी विवाद में मंत्री सुबोध उनियाल का दोटूक बयान, बोले- माफी मांगने का सवाल नहीं, मीका सिंह के दावे खारिज

    दलेर मेहंदी विवाद में मंत्री सुबोध उनियाल का दोटूक बयान, बोले- माफी मांगने का सवाल नहीं, मीका सिंह के दावे खारिज

    नई दिल्ली । पंजाबी गायक दलेर मेहंदी और उत्तराखंड के मंत्री सुबोध उनियाल के बीच कुंजापुरी मेले में हुई घटना को लेकर विवाद जारी है। अब मंत्री ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने दलेर मेहंदी से माफी नहीं मांगी है। उन्होंने इस दावे को भी खारिज किया कि विवाद के बाद उन्होंने गायक से माफी मांगकर मामला खत्म करने की कोशिश की थी। इस मुद्दे पर दलेर मेहंदी के भाई और गायक मीका सिंह पहले ही नाराजगी जाहिर कर चुके हैं।

    एक बातचीत के दौरान जब सुबोध उनियाल से पूछा गया कि क्या उन्होंने दलेर मेहंदी से माफी मांगी है, तो उन्होंने इससे साफ इनकार किया। मंत्री ने कहा कि उनके लिए माफी मांगने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने सवाल किया कि आखिर उन्होंने कौन-सा अपराध किया है, जिसके लिए उन्हें माफी मांगनी चाहिए। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि वह पूरे मामले में अपनी गलती स्वीकार नहीं कर रहे हैं।

    मंत्री ने दलेर मेहंदी की तबीयत को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि यदि गायक की तबीयत खराब थी, तो उन्हें कार्यक्रम में शामिल नहीं होना चाहिए था। अगर वह कार्यक्रम में पहुंचे भी थे, तो आयोजकों और वहां मौजूद लोगों को अपनी स्थिति के बारे में पहले जानकारी देनी चाहिए थी। सुबोध उनियाल ने कहा कि किसी व्यक्ति की तबीयत खराब है या नहीं, यह उसके चेहरे से पता नहीं चलता। इसलिए कलाकार को अपनी परेशानी के बारे में पहले से बताना चाहिए था, ताकि आयोजक उसी के अनुसार व्यवस्था कर सकें।

    सुबोध उनियाल ने इस मामले में जिम्मेदारी को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि माफी उसी व्यक्ति को मांगनी चाहिए, जिसने गलती की हो। उन्होंने दलेर मेहंदी की प्रस्तुति पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि गायक को कार्यक्रम के लिए भुगतान किया गया था, लेकिन उनकी प्रस्तुति दर्शकों की उम्मीदों के अनुरूप नहीं रही। मंत्री ने इसी आधार पर अपनी ओर से माफी मांगने की जरूरत से इनकार किया।

    विवाद की शुरुआत उत्तराखंड के कुंजापुरी मेले में दलेर मेहंदी की प्रस्तुति के दौरान हुई थी। कार्यक्रम में सुबोध उनियाल ने मंच पर गायक की परफॉर्मेंस को लेकर आपत्ति जताई थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि दलेर मेहंदी ठीक से प्रस्तुति नहीं दे रहे थे, शराब पीकर आए थे और लिप-सिंक कर रहे थे। इन आरोपों के बाद मामला तूल पकड़ गया और गायक के समर्थकों के बीच भी नाराजगी देखने को मिली।

    दलेर मेहंदी के भाई मीका सिंह ने अपने भाई का बचाव करते हुए मंत्री से माफी मांगने की मांग की थी। मीका सिंह की टीम की ओर से यह दावा भी किया गया था कि सुबोध उनियाल ने दलेर मेहंदी से माफी मांग ली है। हालांकि, मंत्री के ताजा बयान ने इस दावे को खारिज कर दिया है। दोनों पक्षों के बयानों के कारण विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गया है।

    मामले को शांत कराने के लिए उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी दलेर मेहंदी और मीका सिंह से बातचीत की थी। मुख्यमंत्री ने मंत्री की ओर से माफी मांगी थी। इसके बावजूद सुबोध उनियाल ने खुद माफी मांगने की बात से इनकार किया है। ऐसे में कुंजापुरी मेले में हुई घटना को लेकर विवाद अभी पूरी तरह समाप्त होता नजर नहीं आ रहा है।

  • अमृतसर में गुरुद्वारे से बाहर निकलते ही ताबड़तोड़ फायरिंग, AAP सरपंच के बेटे तीरथ सिंह की मौत, चार आरोपियों की पहचान

    अमृतसर में गुरुद्वारे से बाहर निकलते ही ताबड़तोड़ फायरिंग, AAP सरपंच के बेटे तीरथ सिंह की मौत, चार आरोपियों की पहचान

    नई दिल्ली । पंजाब के अमृतसर में सोमवार रात गोलीबारी की एक घटना में आम आदमी पार्टी की सरपंच के बेटे तीरथ सिंह की मौत हो गई। घटना थाना चाटीविंड के अंतर्गत आने वाले चीते कलां गांव की है, जहां अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। इस वारदात में तीरथ सिंह का दोस्त रंजीत सिंह भी घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है।

    जानकारी के मुताबिक, तीरथ सिंह अपने दोस्त के साथ गुरुद्वारे में मत्था टेकने गए थे। दर्शन करने के बाद जब दोनों बाहर निकले, तभी कुछ अज्ञात युवकों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से तीरथ सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस दौरान उनके साथ मौजूद रंजीत सिंह भी गोलीबारी की चपेट में आकर घायल हो गए।

    मृतक तीरथ सिंह का परिवार स्थानीय राजनीति से जुड़ा हुआ है। उनकी मां गांव की सरपंच हैं, जबकि उनका भाई ब्लॉक समिति का सदस्य है। घटना के बाद परिवार और गांव में शोक का माहौल है। गुरुद्वारे से बाहर निकलने के दौरान हुई इस वारदात ने इलाके के लोगों की चिंता बढ़ा दी है।

    मामले की शिकायत सरपंच की ओर से दर्ज कराई गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती कार्रवाई के दौरान पुलिस ने चार आरोपियों की पहचान की है। इनमें गुरजंट, गोरा, हरकीरत उर्फ हॉकी और गुरदित्त सिंह के नाम शामिल हैं। पुलिस इन आरोपियों के खिलाफ नामजद प्राथमिकी दर्ज करने की प्रक्रिया में जुटी है।

    आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित कर छापेमारी की जा रही है। जांच के तहत घटना से जुड़े तथ्यों और हमलावरों की भूमिका का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल, आरोपियों की गिरफ्तारी और गोलीबारी में इस्तेमाल किए गए हथियारों से संबंधित कोई अतिरिक्त जानकारी सामने नहीं आई है।

    अमृतसर देहात के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कवलप्रीत सिंह चहल ने शुरुआती जांच के आधार पर बताया कि मामला गैंगवार का नहीं, बल्कि आपसी रंजिश का प्रतीत होता है। पुलिस इसी पहलू को ध्यान में रखकर जांच आगे बढ़ा रही है। हालांकि, घटना के पीछे की वास्तविक वजह और गोलीबारी की पूरी परिस्थितियों का खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।

    पंजाब के अलग-अलग इलाकों में हाल के दिनों में गोलीबारी की घटनाएं सामने आई हैं। 18 सितंबर से 26 अक्टूबर के बीच मोगा, अमृतसर, लुधियाना, तरनतारन और मानसा सहित विभिन्न क्षेत्रों में गोली चलने की 11 घटनाएं दर्ज होने की जानकारी सामने आई है। इन घटनाओं में आम नागरिकों के अलावा पुलिसकर्मी और नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता भी निशाना बने हैं। कुछ मामलों में हमलावर बाइक या एसयूवी से पहुंचे, जबकि अन्य घटनाओं में विवाद के बाद गोलीबारी की बात सामने आई।

    चीते कलां गांव में हुई ताजा वारदात के बाद पुलिस के सामने आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने और घटना की वजह स्पष्ट करने की चुनौती है। फिलहाल, तीरथ सिंह की मौत और उनके दोस्त के घायल होने के मामले में जांच जारी है।