Author: bharati

  • दिल्ली-NCR में अचानक क्यों छाई धुंध? तेज गर्मी के बीच बदला मौसम का मिजाज, जानिए वजह

    दिल्ली-NCR में अचानक क्यों छाई धुंध? तेज गर्मी के बीच बदला मौसम का मिजाज, जानिए वजह


    नई दिल्ली। Delhi और आसपास के एनसीआर इलाकों में मार्च की शुरुआत के साथ ही गर्मी ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक 11 मार्च के आसपास राजधानी का अधिकतम तापमान 35 से 37 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। हालांकि आसमान में हल्के बादल दिखाई दे रहे हैं, लेकिन फिलहाल बारिश या ठंडी हवाओं से राहत मिलने की संभावना कम बताई जा रही है। सुबह से ही तेज धूप महसूस हो रही है, जिससे दोपहर के समय गर्मी ज्यादा लग रही है।

    सामान्य से पहले बढ़ा तापमान
    मौसम विभाग के अनुसार इस साल दिल्ली-एनसीआर में गर्मी ने सामान्य समय से पहले दस्तक दे दी है। आमतौर पर मार्च के आखिरी हफ्ते में तापमान 35 डिग्री के आसपास पहुंचता है, लेकिन इस बार महीने के पहले ही सप्ताह में यह स्तर पार हो चुका है। पिछले चार दिनों से राजधानी में अधिकतम तापमान लगातार 35 डिग्री सेल्सियस से ऊपर दर्ज किया जा रहा है, जिससे लोगों को मार्च में ही मई-जून जैसी गर्मी महसूस होने लगी है।

    धुंध और धूल की वजह क्या है?
    10 मार्च की सुबह से देश के कई हिस्सों में धुंध जैसी स्थिति देखने को मिली। कई जगहों पर दिन तक आसमान में सफेद चादर जैसी परत नजर आई। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे Tehran में हुए तेल डिपो ब्लास्ट से जोड़कर देख रहे थे, लेकिन मौसम विशेषज्ञों ने इस दावे को गलत बताया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार यह स्थिति मुख्य रूप से उत्तर-पश्चिम भारत में उठ रही धूल और हवाओं की वजह से बनी है। इसके पीछे प्रमुख कारण Western Disturbance को माना जा रहा है, जिसकी वजह से हवा का रुख बदल रहा है और धूल के कण वातावरण में फैल रहे हैं।

    11 मार्च के बाद मौसम में बदलाव की उम्मीद
    मौसम विभाग का अनुमान है कि 11 मार्च के बाद मौसम में हल्के बदलाव देखने को मिल सकते हैं। 12 से 16 मार्च के बीच Delhi NCR के कई इलाकों जैसे Ghaziabad, Noida, Gurugram और Faridabad में आंशिक बादल छाए रहने की संभावना है। हालांकि तापमान में बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है। 12 से 14 मार्च के बीच अधिकतम तापमान 34 से 36 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने का अनुमान है।

    15 मार्च के बाद मिल सकती है थोड़ी राहत
    मौसम विभाग के अनुसार 15 मार्च के बाद तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक हल्की गिरावट आ सकती है। इसके साथ ही कुछ इलाकों में फिर से धुंध जैसी स्थिति और तेज हवाएं देखने को मिल सकती हैं। फिलहाल किसी भी जिले के लिए कोई गंभीर अलर्ट जारी नहीं किया गया है, लेकिन विशेषज्ञों ने लोगों को बढ़ती गर्मी के बीच सावधानी बरतने और धूप से बचाव करने की सलाह दी है।

  • Gas Supply Crisis: कहीं गैस बुकिंग ठप तो कहीं लंबी लाइनें, कई शहरों में LPG को लेकर बढ़ी परेशानी

    Gas Supply Crisis: कहीं गैस बुकिंग ठप तो कहीं लंबी लाइनें, कई शहरों में LPG को लेकर बढ़ी परेशानी


    नई दिल्ली। मध्य पूर्व में जारी तनाव और गैस सप्लाई प्रभावित होने का असर अब भारत में भी दिखाई देने लगा है। देश के कई शहरों में एलपीजी गैस सिलेंडर को लेकर लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। कहीं ऑनलाइन गैस बुकिंग नहीं हो पा रही है तो कहीं गैस एजेंसियों के बाहर लंबी-लंबी लाइनें लग रही हैं।

    दिल्ली में गैस बुकिंग में आ रही दिक्कत
    राजधानी दिल्ली और एनसीआर के कई इलाकों में लोग गैस सिलेंडर बुक नहीं कर पा रहे हैं। सरकार की ओर से जारी टोल-फ्री नंबर भी कई बार ठीक से काम नहीं कर रहे हैं। उदाहरण के तौर पर गैस बुकिंग के लिए जारी नंबर 7718955555 पर कॉल करने पर कभी कॉल नहीं लगती, कभी नंबर स्विच ऑफ बताता है तो कभी ‘नॉट इन यूज’ की जानकारी मिलती है। ऐसे में लोग ऑनलाइन बुकिंग की बजाय सीधे गैस एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं, जहां लंबी लाइनें देखने को मिल रही हैं।

    मुंबई में लोगों ने ढूंढे वैकल्पिक साधन
    मुंबई में भी गैस सिलेंडर की उपलब्धता को लेकर चिंता बढ़ गई है। कई जगहों पर ग्राहकों को समय पर सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में लोग खाना बनाने के लिए बिजली से चलने वाले उपकरणों का इस्तेमाल करने लगे हैं। बाजार में इलेक्ट्रिक कुकर, माइक्रोवेव ओवन, इलेक्ट्रिक तवा, एयर फ्रायर, मल्टी कुकर और हॉट प्लेट जैसे उपकरणों की मांग तेजी से बढ़ रही है।

    होटल और रेस्टोरेंट को गैस सप्लाई में कटौती
    मुंबई के एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर और गैस एजेंसियां फिलहाल घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दे रही हैं। बताया जा रहा है कि 6 मार्च से होटल और रेस्टोरेंट को मिलने वाली एलपीजी सप्लाई में भारी कटौती की गई है और करीब 80 फीसदी तक सप्लाई कम हो चुकी है। इसका असर मुंबई के कई पुराने और मशहूर होटलों पर भी देखने को मिल रहा है। छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के पास स्थित करीब 178 साल पुराने ‘पंचम पुरीवाला’ होटल को भी गैस की कमी का सामना करना पड़ रहा है।

    मशहूर होटल में मेन्यू हुआ सीमित
    1848 में शुरू हुए इस ऐतिहासिक होटल में पहले करीब 79 तरह के मेन्यू आइटम मिलते थे और खास तौर पर यहां पांच तरह की पूरियां परोसी जाती थीं। लेकिन एलपीजी की कमी के कारण अब होटल में सिर्फ दो आइटम पूरी-भाजी और आमरस-पूरी ही उपलब्ध हैं। होटल प्रबंधन के अनुसार उनके पास गैस का बहुत सीमित स्टॉक बचा है और उन्हें कई जगहों से उधार सिलेंडर लेकर काम चलाना पड़ रहा है।

    पेट्रोल पंपों पर भी दिख रही भीड़
    सिर्फ एलपीजी ही नहीं, बल्कि पेट्रोल-डीजल को लेकर भी लोगों की चिंता बढ़ती दिख रही है। कई शहरों में पेट्रोल पंपों पर भीड़ बढ़ गई है। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के कई पेट्रोल पंपों पर भी लंबी कतारें देखी जा रही हैं। हालांकि महानगर गैस लिमिटेड (MGL) ने कहा है कि फिलहाल गैस की उपलब्धता में कोई कमी नहीं है। कंपनी के अनुसार सीएनजी और पाइप के जरिए घरों में जाने वाली पीएनजी गैस की सप्लाई सामान्य रूप से जारी है। हालांकि खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के कारण एलएनजी आयात प्रभावित होने पर औद्योगिक और वाणिज्यिक ग्राहकों के लिए गैस सप्लाई पर कुछ असर पड़ सकता है। व्यापारियों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में स्थिति सामान्य नहीं हुई तो ईंधन की कमी की आशंका बढ़ सकती है। अंतरराष्ट्रीय हालात को देखते हुए आने वाले समय में गैस और ईंधन की आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

  • महाकाल मंदिर क्षेत्र में गैस संकट: रेस्टोरेंट अब कोयला-लकड़ी पर बनाएंगे खाना, सिलेंडर सप्लाई आधी रह गई

    महाकाल मंदिर क्षेत्र में गैस संकट: रेस्टोरेंट अब कोयला-लकड़ी पर बनाएंगे खाना, सिलेंडर सप्लाई आधी रह गई


    उज्जैन। अंतरराष्ट्रीय तनाव का असर अब धार्मिक नगरी उज्जैन तक पहुंच गया है। कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई में भारी कमी आने से Mahakaleshwar Jyotirlinga Temple क्षेत्र के रेस्टोरेंट और भोजनालयों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है। हालात ऐसे हैं कि कई रेस्टोरेंट के पास सिर्फ एक-दो दिन का ही गैस स्टॉक बचा है, जिसके चलते संचालकों ने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर कोयला और लकड़ी पर खाना बनाने की तैयारी शुरू कर दी है।

    जानकारी के मुताबिक मंदिर क्षेत्र में संचालित करीब 350 से अधिक रेस्टोरेंट और भोजनालय कमर्शियल गैस सिलेंडरों पर निर्भर हैं। लेकिन हाल के दिनों में सप्लाई करीब 50 प्रतिशत तक कम हो गई है। इसका सीधा असर भोजन व्यवस्था पर पड़ने लगा है, क्योंकि यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु भोजन के लिए इन रेस्टोरेंट्स पर आते हैं।

    बताया जा रहा है कि वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, खासकर Iran, Israel और United States के बीच चल रहे विवाद के कारण ऊर्जा सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिसका असर अब स्थानीय स्तर पर भी देखने को मिल रहा है।

    महाकाल मंदिर के पास स्थित एक भोजनालय के संचालक चंद्रशेखर काले ने बताया कि उनके यहां आमतौर पर हर दो दिन में तीन कमर्शियल सिलेंडर की जरूरत पड़ती है। लेकिन हाल ही में मांग करने के बावजूद समय पर सिलेंडर नहीं मिल पाया, जिससे खाना तैयार होने में करीब डेढ़ घंटे की देरी हुई। पहले जहां रोजाना चार सिलेंडर इस्तेमाल होते थे, अब तीन सिलेंडरों में ही काम चलाना पड़ रहा है।

    उज्जैन बस स्टैंड क्षेत्र के कई भोजनालय संचालकों का कहना है कि फिलहाल उनके पास सीमित गैस स्टॉक है, लेकिन आगे की सप्लाई को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। गैस एजेंसियों से संपर्क करने पर कई बार फोन तक रिसीव नहीं हो रहा, जिससे चिंता और बढ़ गई है।

    इधर शहर की गैस एजेंसियों पर भी लोगों की भीड़ बढ़ने लगी है। एजेंसी कर्मचारियों के अनुसार फिलहाल केवल ऑनलाइन बुकिंग के माध्यम से ही सिलेंडर दिए जा रहे हैं और डिलीवरी के लिए करीब 20 से 25 दिन तक का इंतजार करना पड़ सकता है।

    अगर जल्द ही गैस सप्लाई सामान्य नहीं होती है तो महाकाल मंदिर आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को भोजन व्यवस्था में दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में रेस्टोरेंट संचालक कोयला और लकड़ी के चूल्हों को अस्थायी विकल्प के रूप में अपनाने की तैयारी कर रहे हैं।

    कीवर्ड: महाकाल मंदिर, उज्जैन गैस संकट, कमर्शियल सिलेंडर, रेस्टोरेंट संचालक, कोयला-लकड़ी चूल्हा, श्रद्धालु भोजन व्यवस्था

  • पाकिस्तान टीम में बड़े बदलाव, पहले वनडे में 4 खिलाड़ियों को मिला डेब्यू का मौका

    पाकिस्तान टीम में बड़े बदलाव, पहले वनडे में 4 खिलाड़ियों को मिला डेब्यू का मौका


    नई दिल्ली। Pakistan national cricket team और Bangladesh national cricket team के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का पहला मुकाबला बुधवार को Sher-e-Bangla National Cricket Stadium, ढाका में खेला जा रहा है। मुकाबले में बांग्लादेश के कप्तान Mehidy Hasan Miraz ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया। टी20 विश्व कप 2026 में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद पाकिस्तान टीम इस सीरीज में नए संयोजन के साथ मैदान पर उतरी है और कई युवा खिलाड़ियों को मौका दिया गया है।

    पाकिस्तान के लिए चार खिलाड़ियों का वनडे डेब्यू
    इस मैच में पाकिस्तान ने चार नए खिलाड़ियों को वनडे में डेब्यू करने का मौका दिया है। टीम के लिए Sahibzada Farhan और Maj Sadaqat ने पारी की शुरुआत की और दोनों ने इसी मुकाबले से अपने वनडे करियर की शुरुआत की। इसके अलावा युवा बल्लेबाज Shameel Hussain और मध्यक्रम के खिलाड़ी Abdul Samad को भी वनडे डेब्यू का अवसर मिला। नए खिलाड़ियों को मौका देकर पाकिस्तान टीम भविष्य के लिए मजबूत संयोजन तैयार करने की कोशिश कर रही है।

    टी20 स्टार फरहान को मिला वनडे मौका
    साहिबजादा फरहान लंबे समय से पाकिस्तान की टी20 टीम का हिस्सा रहे हैं और हाल ही में समाप्त हुए ICC Men’s T20 World Cup 2026 में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। टूर्नामेंट में फरहान सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे थे। उन्होंने छह मैचों में 383 रन बनाए थे, जिसमें दो शतक शामिल थे। टी20 फॉर्मेट में लगातार अच्छे प्रदर्शन के कारण पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने उन्हें वनडे टीम में भी मौका देने का फैसला किया। फरहान अब तक 46 टी20 मैचों की 45 पारियों में 1305 रन बना चुके हैं।

    युवा माज सदाकत पर भी नजर
    पाकिस्तान टीम के लिए ओपनिंग करने वाले 20 वर्षीय Maj Sadaqat को भी घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन का इनाम मिला है। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने 28 लिस्ट-ए मैचों की 27 पारियों में तीन शतक और छह अर्धशतक की मदद से 972 रन बनाए हैं। टीम प्रबंधन को उम्मीद है कि वह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी प्रतिभा साबित करेंगे।

    शमील हुसैन और अब्दुल समद को भी मौका
    पाकिस्तान ने इस मैच में युवा बल्लेबाज Shameel Hussain को भी वनडे में पदार्पण का मौका दिया। 21 वर्षीय इस खिलाड़ी ने घरेलू क्रिकेट में अच्छा प्रदर्शन किया है। उन्होंने 13 लिस्ट-ए मैचों की 13 पारियों में दो शतक और तीन अर्धशतक लगाते हुए 556 रन बनाए हैं। वहीं मध्यक्रम के बल्लेबाज Abdul Samad को भी टीम में शामिल किया गया है। समद इससे पहले पाकिस्तान के लिए टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं।

    पाकिस्तान की प्लेइंग इलेवन
    इस मुकाबले में पाकिस्तान की टीम में Sahibzada Farhan, Maj Sadaqat, Shameel Hussain, Mohammad Rizwan (विकेटकीपर), Salman Agha, Hussain Talat, Abdul Samad, Faheem Ashraf, Shaheen Afridi (कप्तान), Mohammad Wasim Jr और Abrar Ahmed शामिल हैं।

    बांग्लादेश की टीम
    मेजबान टीम बांग्लादेश की प्लेइंग इलेवन में Tanzid Hasan Tamim, Saif Hassan, Najmul Hossain Shanto, Litton Das (विकेटकीपर), Mehidy Hasan Miraz (कप्तान), Towhid Hridoy, Afif Hossain, Taskin Ahmed, Rishad Hossain, Mustafizur Rahman और Nahid Rana को शामिल किया गया है।

    नए खिलाड़ियों पर टिकी नजर
    इस सीरीज में पाकिस्तान टीम के कई युवा खिलाड़ियों को मौका मिला है, इसलिए क्रिकेट विशेषज्ञों और प्रशंसकों की नजर खास तौर पर इन नए खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर टिकी हुई है। यदि ये खिलाड़ी अच्छा प्रदर्शन करते हैं तो पाकिस्तान टीम को भविष्य के लिए मजबूत विकल्प मिल सकते हैं।

  • धोनी को लेकर सस्पेंस खत्म! IPL 2026 में सभी मैच खेलेंगे, रोल तय करेगा मैनेजमेंट

    धोनी को लेकर सस्पेंस खत्म! IPL 2026 में सभी मैच खेलेंगे, रोल तय करेगा मैनेजमेंट


    नई दिल्ली। Chennai Super Kings (सीएसके) के पूर्व कप्तान MS Dhoni को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। टीम के सीईओ Kasi Viswanathan ने संकेत दिया है कि धोनी आगामी Indian Premier League 2026 सीजन में सभी मैच खेल सकते हैं। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि मैदान पर धोनी की सटीक भूमिका क्या होगी, इसका अंतिम फैसला टीम मैनेजमेंट और क्रिकेट स्टाफ ही करेगा। सीएसके प्रशंसकों के लिए यह खबर खास मायने रखती है, क्योंकि लंबे समय से धोनी के भविष्य को लेकर चर्चाएं चल रही थीं।

    रोल पर टीम मैनेजमेंट करेगा फैसला
    धोनी की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों पर कासी विश्वनाथन ने कहा कि यह पूरी तरह क्रिकेट से जुड़ा फैसला है और इसे प्रशासनिक स्टाफ नहीं बल्कि टीम का क्रिकेट मैनेजमेंट तय करेगा। उन्होंने कहा कि यह तय किया जाएगा कि धोनी टीम में केवल बल्लेबाज के तौर पर खेलेंगे, विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में मैदान में उतरेंगे या फिर जरूरत पड़ने पर इम्पैक्ट प्लेयर की भूमिका निभाएंगे। उनके अनुसार यह निर्णय टीम की रणनीति और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

    संजू सैमसन के आने से बढ़ी संभावनाएं
    सीएसके ने इस बार अपनी टीम में Sanju Samson को शामिल किया है। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि यदि टीम चाहे तो संजू सैमसन विकेटकीपर की भूमिका निभा सकते हैं और धोनी बल्लेबाज या इम्पैक्ट प्लेयर के रूप में मैदान पर उतर सकते हैं। यह संयोजन टीम को रणनीतिक रूप से अधिक लचीला बना सकता है और युवा तथा अनुभवी खिलाड़ियों के बीच संतुलन भी बनाए रख सकता है।

    विश्व कप जीत में सीएसके खिलाड़ियों की भूमिका
    कासी विश्वनाथन ने हाल ही में समाप्त हुए ICC Men’s T20 World Cup 2026 में भारत की जीत पर भी खुशी जताई। उन्होंने कहा कि टीम इंडिया की इस सफलता में सीएसके के खिलाड़ियों का योगदान देखना गर्व की बात है। विशेष रूप से Sanju Samson और Shivam Dube के प्रदर्शन की उन्होंने जमकर सराहना की।

    बैक-टू-बैक विश्व कप जीत पर खुशी
    सीएसके सीईओ ने कहा, “हमें बहुत खुशी है कि भारत ने लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप जीता है। यह हमारे लिए इसलिए भी खास है क्योंकि हमारी टीम के दो खिलाड़ी संजू और शिवम दुबे ने शानदार प्रदर्शन किया है। इससे हमें विश्वास मिलता है कि वे आईपीएल में भी इसी तरह का प्रदर्शन करेंगे।”

    आईपीएल 2026 की तैयारी शुरू
    Indian Premier League 2026 का नया सीजन 28 मार्च से शुरू होने वाला है। टूर्नामेंट में हिस्सा लेने वाली सभी 10 फ्रेंचाइजी ने अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं। हाल ही में टी20 विश्व कप खेलने वाले खिलाड़ी भी जल्द ही अपनी-अपनी टीमों के साथ जुड़ने वाले हैं, जिससे टीमों की रणनीति और अभ्यास को अंतिम रूप दिया जा सके।

    अभ्यास शिविर में सब कुछ सामान्य
    सीएसके के प्रशिक्षण शिविर को लेकर भी कासी विश्वनाथन ने सकारात्मक संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि टीम का अभ्यास अच्छी तरह चल रहा है और अभी तक किसी प्रकार की समस्या सामने नहीं आई है। खिलाड़ियों की फिटनेस और तैयारी पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है ताकि सीजन की शुरुआत से ही टीम बेहतर प्रदर्शन कर सके।

    शेड्यूल का इंतजार
    आईपीएल 2026 के मुकाबलों का पूरा शेड्यूल जल्द ही घोषित होने की संभावना है। रिपोर्ट्स के अनुसार टूर्नामेंट का कार्यक्रम गुरुवार को जारी किया जा सकता है। शेड्यूल जारी होने के बाद टीमों को अपने मुकाबलों और रणनीति को लेकर अधिक स्पष्टता मिल जाएगी।

    फैंस की नजर धोनी पर
    इस बीच सीएसके के प्रशंसकों की नजर एक बार फिर MS Dhoni पर टिकी हुई है। धोनी लंबे समय से टीम के सबसे अनुभवी और लोकप्रिय खिलाड़ी रहे हैं। ऐसे में यदि वे आईपीएल 2026 में सभी मैच खेलते हैं, तो यह सीजन उनके फैंस के लिए और भी खास बन सकता है।

  • खेलों में बड़े लक्ष्य की तैयारी, कॉमनवेल्थ 2030 के साथ ओलंपिक पर भी नजर: अनुराग ठाकुर

    खेलों में बड़े लक्ष्य की तैयारी, कॉमनवेल्थ 2030 के साथ ओलंपिक पर भी नजर: अनुराग ठाकुर


    नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सांसद और पूर्व केंद्रीय खेल मंत्री Anurag Thakur का कहना है कि भारत आने वाले वर्षों में बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी के लिए तेजी से तैयार हो रहा है। उन्होंने कहा कि देश न केवल Commonwealth Games 2030 का आयोजन भव्य स्तर पर करने की तैयारी कर रहा है, बल्कि Summer Olympics 2036 की मेजबानी का अधिकार हासिल करने की दिशा में भी गंभीरता से प्रयास कर रहा है। ठाकुर के अनुसार भारत की खेल संरचना, बुनियादी ढांचे और आयोजन क्षमता में लगातार सुधार हो रहा है, जिससे बड़े वैश्विक आयोजनों की मेजबानी का रास्ता मजबूत हुआ है।

    अहमदाबाद केंद्रित होगा कॉमनवेल्थ गेम्स 2030
    भारत को पिछले साल नवंबर में 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी सौंपी गई थी। यह आयोजन मुख्य रूप से Ahmedabad में केंद्रित होगा। भारत ने इस आयोजन के लिए एक व्यापक और आधुनिक विजन पेश किया है, जो Commonwealth Games 2026 की मेजबानी कर रहे Glasgow द्वारा बनाई जा रही बुनियादी तैयारियों को आगे बढ़ाने का काम करेगा। सरकार और राज्य प्रशासन इस आयोजन को विश्वस्तरीय बनाने के लिए बुनियादी ढांचे, खेल सुविधाओं और आयोजन व्यवस्था पर विशेष ध्यान दे रहे हैं।

    लगातार बढ़ रही आयोजन क्षमता
    आईएएनएस से बातचीत में अनुराग ठाकुर ने कहा कि भारत में खेल आयोजनों का स्तर लगातार बेहतर होता जा रहा है। उन्होंने कहा, “भारत में स्पोर्टिंग इवेंट्स का आयोजन पहले से कहीं बड़ा और बेहतर हो रहा है। 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स भी बड़े पैमाने पर आयोजित किए जाएंगे। इसके साथ ही हम 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए भी पूरी तैयारी कर रहे हैं।” उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत को 2036 ओलंपिक की मेजबानी का अधिकार भी मिल सकता है, जिससे देश को एक के बाद एक बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी करने का अवसर मिलेगा।

    तैयारियों पर चल रहा व्यापक काम
    पिछले वर्ष गुजरात सरकार में पोर्ट्स और ट्रांसपोर्ट के प्रधान सचिव Ashwini Kumar ने भी कहा था कि 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स की तैयारियां बेहद व्यवस्थित और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ाई जा रही हैं। राज्य सरकार और केंद्र के सहयोग से एक मजबूत टीम इन तैयारियों को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों के अनुसार 2028 के अंत तक या 2029 की शुरुआत तक अधिकांश बड़ी तैयारियां पूरी कर ली जाएंगी, ताकि आयोजन से पहले सभी व्यवस्थाएं पूरी तरह तैयार रहें।

    2010 कॉमनवेल्थ गेम्स का भी किया जिक्र
    अनुराग ठाकुर ने बातचीत के दौरान 2010 Commonwealth Games का भी जिक्र किया, जो New Delhi में आयोजित हुए थे। उन्होंने कहा कि उस समय आयोजन भ्रष्टाचार के आरोपों से प्रभावित रहा था। ठाकुर के अनुसार वर्तमान सरकार पारदर्शिता और विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ बड़े खेल आयोजनों की मजबूत नींव रख रही है, जिससे भारत की वैश्विक छवि और मजबूत होगी।

    भारत का शानदार रिकॉर्ड
    भारत का कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रदर्शन भी काफी प्रभावशाली रहा है। 2010 में नई दिल्ली में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स में भारतीय खिलाड़ियों ने 38 स्वर्ण पदक सहित कुल 101 पदक जीते थे। इनमें से 30 पदक शूटिंग से आए थे। वहीं Commonwealth Games 2022 में भारत ने 22 स्वर्ण पदकों के साथ कुल 61 पदक हासिल किए थे।

    घरेलू मैदान पर बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद
    2030 में जब कॉमनवेल्थ गेम्स भारत में आयोजित होंगे, तब भारतीय खिलाड़ियों को घरेलू दर्शकों के सामने खेलने का अवसर मिलेगा। इससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन में और सुधार की उम्मीद की जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू मैदान का लाभ मिलने से भारतीय दल पदक तालिका में और बेहतर प्रदर्शन कर सकता है।

    खेल महाशक्ति बनने की दिशा में कदम
    अनुराग ठाकुर के अनुसार बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की मेजबानी भारत के लिए केवल प्रतिष्ठा का विषय नहीं है, बल्कि इससे खेल ढांचे के विकास, युवाओं को प्रेरणा और वैश्विक खेल मंच पर भारत की मजबूत उपस्थिति भी सुनिश्चित होगी। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और संभावित 2036 ओलंपिक की मेजबानी भारत को खेल महाशक्ति बनने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है।

  • सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 13 साल से कोमा में युवक को इच्छामृत्यु की अनुमति

    सुप्रीम कोर्ट का ऐतिहासिक फैसला: 13 साल से कोमा में युवक को इच्छामृत्यु की अनुमति

    नई दिल्ली। भारत में इच्छामृत्यु से जुड़े एक बेहद संवेदनशील मामले में Supreme Court of India ने ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए 13 साल से कोमा में पड़े युवक को पैसिव यूथेनेशिया की अनुमति दे दी है। अदालत ने गाजियाबाद के 31 वर्षीय Harish Rana के लाइफ सपोर्ट सिस्टम को चरणबद्ध तरीके से हटाने का निर्देश दिया है।

    यह फैसला जस्टिस J. B. Pardiwala और जस्टिस K. V. Viswanathan की पीठ ने सुनाया। कोर्ट ने निर्देश दिया कि दिल्ली के All India Institute of Medical Sciences (AIIMS) में मेडिकल प्रक्रिया इस तरह पूरी की जाए कि मरीज की गरिमा और मानवीय सम्मान बना रहे।

    दरअसल हरीश राणा 2013 में चंडीगढ़ स्थित Panjab University में बीटेक की पढ़ाई के दौरान हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए थे। गंभीर चोटों के कारण वे कोमा में चले गए और डॉक्टरों ने उन्हें Quadriplegia से पीड़ित बताया। इस स्थिति में मरीज शरीर के लगभग सभी अंगों को नियंत्रित नहीं कर पाता और पूरी तरह वेंटिलेटर व फीडिंग ट्यूब पर निर्भर रहता है।

    करीब 13 साल से बिस्तर पर पड़े रहने के कारण उनकी हालत लगातार बिगड़ती गई और शरीर पर गहरे बेडसोर्स भी बन गए। परिवार लंबे समय से मानसिक और आर्थिक संकट से गुजर रहा था। इसी वजह से हरीश के माता-पिता निर्मला राणा और अशोक राणा ने अदालत से पैसिव इच्छामृत्यु की अनुमति देने की गुहार लगाई थी।

    फैसला सुनाते समय अदालत ने कहा कि जब किसी मरीज के ठीक होने की कोई संभावना नहीं रह जाती और इलाज केवल जीवन को कृत्रिम रूप से बनाए रखता है, तो ऐसे मामलों में मानवीय गरिमा को ध्यान में रखते हुए लाइफ सपोर्ट हटाने पर विचार किया जा सकता है। जस्टिस पारदीवाला ने अपने फैसले में साहित्यकार William Shakespeare के प्रसिद्ध कथन “To be or not to be” का भी उल्लेख किया।

    सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पैसिव यूथेनेशिया से जुड़े स्पष्ट कानून बनाने पर भी विचार करने को कहा है। फिलहाल भारत में यह प्रक्रिया अदालत द्वारा तय दिशानिर्देशों और मेडिकल बोर्ड की मंजूरी के आधार पर ही संभव है।

    गौरतलब है कि 2018 में Supreme Court of India ने ‘सम्मान के साथ मृत्यु के अधिकार’ को संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मान्यता दी थी। हालांकि एक्टिव यूथेनेशिया यानी किसी दवा या इंजेक्शन से मौत देना भारत में अब भी गैरकानूनी है।

    इस फैसले को देश में इच्छामृत्यु से जुड़े कानून और मानवीय अधिकारों की बहस में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना जा रहा है।

  • शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला; बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली

    शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: सेंसेक्स 1000 अंक टूटा, निफ्टी भी फिसला; बैंकिंग और ऑटो शेयरों में भारी बिकवाली


    मुंबई। वैश्विक तनाव और निवेशकों की बढ़ती चिंता के बीच भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को तेज गिरावट दर्ज की गई। कारोबार के दौरान BSE Sensex करीब 1000 अंक से ज्यादा टूटकर लगभग 77,250 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। वहीं Nifty 50 भी करीब 300 अंक फिसलकर 24,000 के आसपास पहुंच गया।

    बाजार में गिरावट का असर खास तौर पर बैंकिंग, ऑटो और एफएमसीजी सेक्टर के शेयरों में देखने को मिला। निवेशकों ने वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण जोखिम कम करने के लिए बिकवाली बढ़ा दी, जिससे बाजार पर दबाव बन गया।

    विशेषज्ञों के मुताबिक बाजार में गिरावट की मुख्य वजह पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव है। Iran और Israel के बीच बढ़ते टकराव से वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित होने की आशंका है। इसके अलावा कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव से भारत के आयात बिल और महंगाई पर दबाव बढ़ने का डर भी निवेशकों को सताने लगा है।

    इसी बीच सोने की कीमतों में तेजी देखी गई। India Bullion and Jewellers Association के आंकड़ों के मुताबिक 24 कैरेट सोने की कीमत 500 रुपये बढ़कर करीब 1.61 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पहुंच गई। हालांकि चांदी की कीमत में गिरावट दर्ज की गई और यह करीब 2000 रुपये घटकर 2.71 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के आसपास आ गई।

    वैश्विक बाजारों की बात करें तो एशियाई बाजारों में मिश्रित रुख देखने को मिला। Nikkei 225 और KOSPI में बढ़त दर्ज की गई, जबकि Hang Seng Index और Shanghai Composite Index मामूली बढ़त के साथ कारोबार करते दिखे।

    अमेरिकी बाजारों में भी एक दिन पहले हल्की गिरावट रही थी। Dow Jones Industrial Average और S&P 500 नीचे बंद हुए, जबकि टेक्नोलॉजी इंडेक्स Nasdaq Composite लगभग स्थिर स्तर पर बंद हुआ।

    इस बीच विदेशी निवेशकों की बिकवाली भी बाजार पर दबाव बना रही है। आंकड़ों के अनुसार 10 मार्च को विदेशी संस्थागत निवेशकों ने करीब 4,672 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों ने करीब 6,333 करोड़ रुपये की खरीदारी की। विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक परिस्थितियों और निवेशकों की सतर्कता के कारण फिलहाल बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

    कीवर्ड: सेंसेक्स, निफ्टी, शेयर बाजार गिरावट, ईरान-इजराइल तनाव, सोने की कीमत, विदेशी निवेशक

  • संसद में तीखी टक्कर: राहुल गांधी का पीएम पर ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ आरोप, भाजपा ने किया जोरदार पलटवार

    संसद में तीखी टक्कर: राहुल गांधी का पीएम पर ‘कॉम्प्रोमाइज्ड’ आरोप, भाजपा ने किया जोरदार पलटवार


    नई दिल्ली। संसद के बजट सत्र के दौरान लोकसभा में उस समय तीखी बहस देखने को मिली जब स्पीकर Om Birla के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के बीच विपक्ष और सत्तापक्ष आमने-सामने आ गए। बहस के दौरान कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने आरोप लगाया कि उन्हें सदन में बोलने से बार-बार रोका जाता है और उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi पर “कॉम्प्रोमाइज्ड” होने का आरोप लगाया।

    राहुल गांधी ने कहा कि यह चर्चा केवल स्पीकर के पद तक सीमित नहीं है बल्कि यह लोकतंत्र और संसद की भूमिका से जुड़ा मुद्दा है। उन्होंने दावा किया कि कई मौकों पर उनका नाम लिया गया, लेकिन जब भी वह अपनी बात रखने के लिए खड़े हुए तो उन्हें रोक दिया गया। राहुल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष को बोलने का पूरा अवसर मिलना चाहिए, लेकिन उन्हें लगातार टोकने की कोशिश की जाती है।

    राहुल के बयान पर भाजपा सांसद Ravi Shankar Prasad ने तुरंत पलटवार किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का भारत कभी “कॉम्प्रोमाइज्ड” नहीं हो सकता। प्रसाद ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वह सदन में अनावश्यक विवाद खड़ा कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया को बाधित करना चाहता है।

    दरअसल लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर मंगलवार से चर्चा चल रही है। विपक्ष का आरोप है कि स्पीकर सदन की कार्यवाही में निष्पक्ष नहीं हैं और सरकार के दबाव में काम कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद Gaurav Gogoi ने बहस की शुरुआत करते हुए कहा कि बजट सत्र के दौरान राहुल गांधी को करीब 20 बार बोलने से रोका गया।

    वहीं संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ओम बिरला पूरी निष्पक्षता के साथ सदन का संचालन करते हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष के कुछ सांसद पहले स्पीकर के चैंबर में घुस गए थे और यदि जरूरत पड़ी तो इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सार्वजनिक किया जा सकता है।

    बहस के दौरान कांग्रेस नेता K. C. Venugopal ने भी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार देश की संस्थाओं का गलत इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि प्रधानमंत्री इस महत्वपूर्ण बहस के दौरान सदन में मौजूद क्यों नहीं हैं।

    स्पीकर के खिलाफ लाए गए इस अविश्वास प्रस्ताव पर संसद में लंबी बहस जारी है और माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक गर्मी पैदा कर सकता है।

    कीवर्ड: राहुल गांधी, ओम बिरला, लोकसभा अविश्वास प्रस्ताव, रविशंकर प्रसाद, संसद बहस, नरेंद्र मोदी

  • टॉम लैथम की टीम में वापसी, न्यूजीलैंड ने T20 सीरीज के लिए बदली रणनीति; नए खिलाड़ियों को भी मौका

    टॉम लैथम की टीम में वापसी, न्यूजीलैंड ने T20 सीरीज के लिए बदली रणनीति; नए खिलाड़ियों को भी मौका


    नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए New Zealand Cricket ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। इस टीम में अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज Tom Latham की वापसी हुई है और वे सीरीज के आखिरी दो मुकाबलों में टीम की कप्तानी भी संभालेंगे। वहीं शुरुआती तीन मैचों में टीम की कमान ऑलराउंडर Mitchell Santner के हाथों में रहेगी।

    यह टी20 सीरीज 15 मार्च से Mount Maunganui में शुरू होगी। लंबे समय बाद टी20 टीम में लौटे लैथम ने आखिरी बार अप्रैल 2023 में अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेला था। हाल ही में घरेलू टूर्नामेंट Super Smash में शानदार प्रदर्शन करने के बाद उन्हें फिर से टीम में जगह दी गई है। इस टूर्नामेंट में उन्होंने कैंटरबरी के लिए बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए टॉप स्कोरर बनने का गौरव हासिल किया।

    चयनकर्ता Gavin Larsen ने लैथम के चयन को सही ठहराते हुए कहा कि उनका अनुभव टीम के लिए बेहद अहम होगा। उन्होंने बताया कि लैथम न केवल बल्लेबाजी में मजबूती लाएंगे बल्कि उनकी नेतृत्व क्षमता भी टीम के लिए उपयोगी साबित होगी, खासकर आगामी व्हाइट-बॉल सीरीज को ध्यान में रखते हुए।

    टीम में इस बार तीन नए खिलाड़ियों को भी मौका दिया गया है। इनमें केटीन क्लार्क, निक केली और जेडन लेनोक्स शामिल हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद इन खिलाड़ियों को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर मिला है। केटीन क्लार्क ने सुपर स्मैश में 431 रन बनाकर खासा प्रभावित किया था और उनकी टीम नॉर्दर्न ब्रेव ने खिताब भी जीता था।

    दूसरी ओर कुछ प्रमुख खिलाड़ियों को इस सीरीज के लिए आराम दिया गया है। इनमें Rachin Ravindra, Glenn Phillips, Daryl Mitchell और Tim Seifert जैसे नाम शामिल हैं। वहीं चोट के कारण Michael Bracewell और Adam Milne को भी टीम से बाहर रखा गया है।

    दरअसल हाल ही में खत्म हुए ICC Men’s T20 World Cup और भारत दौरे के बाद खिलाड़ियों के वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ताओं ने यह फैसला लिया है। अब इस सीरीज के जरिए न्यूजीलैंड नई रणनीति और नए खिलाड़ियों के साथ अपनी बेंच स्ट्रेंथ को परखने की कोशिश करेगा।