Author: bharati

  • मां को दर्द बताने के बाद युवक ने लगाई फांसी, पुलिस ने आरोपी को दबोचा

    मां को दर्द बताने के बाद युवक ने लगाई फांसी, पुलिस ने आरोपी को दबोचा


    मध्यप्रदेश । सतना जिले के धारकुंडी थाना क्षेत्र में सामने आए आत्महत्या के चर्चित मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है। प्रतापपुर निवासी 23 वर्षीय नित्यम पांडेय पर आरोप है कि उसने लगातार प्रताड़ित और मानसिक दबाव बनाकर ज्वेलर्स कारोबारी दीपेश सोनी को आत्महत्या के लिए मजबूर किया। करीब दो महीने तक चली पुलिस जांच के बाद आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 108 के तहत मामला दर्ज किया गया और कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया।

    घटना 27 मार्च 2026 की है। बैरहना निवासी शकुंतला सोनी ने प्रतापपुर में अपने दूसरे मकान में ज्वेलर्स की दुकान खोल रखी थी। घटना वाले दिन उनका बेटा दीपेश सोनी दुकान संभाल रहा था। बताया गया है कि उसी दौरान गांव का युवक नित्यम पांडेय अपने कुछ साथियों के साथ दुकान के सामने पहुंचा और गाली-गलौज शुरू कर दी। इससे दीपेश काफी परेशान और मानसिक रूप से तनाव में आ गया था।

    घटना से कुछ देर पहले दीपेश ने अपनी मां शकुंतला सोनी को फोन कर पूरी बात बताई थी। उसने कहा था कि नित्यम पांडेय और उसके साथी दुकान के बाहर खड़े होकर अभद्रता कर रहे हैं और लगातार परेशान कर रहे हैं। मां को अपनी परेशानी बताने के बाद दीपेश ने फोन काट दिया। लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह बातचीत उसकी आखिरी कॉल साबित होगी।

    फोन कटने के कुछ समय बाद ही दीपेश ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों ने सीधे तौर पर नित्यम पांडेय और उसके साथियों पर दीपेश को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और आत्महत्या के लिए मजबूर करने का आरोप लगाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की।

    धारकुंडी थाना पुलिस ने करीब दो महीने तक पूरे मामले की जांच की। इस दौरान परिजनों के बयान, स्थानीय लोगों से पूछताछ और अन्य साक्ष्यों को खंगाला गया। जांच में सामने आया कि आरोपी द्वारा लगातार दबाव और प्रताड़ना दी जा रही थी, जिससे परेशान होकर दीपेश ने आत्मघाती कदम उठाया।

    पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद आरोपी नित्यम पांडेय को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेजने के आदेश दिए। पुलिस का कहना है कि मामले में आगे भी जांच जारी है और जरूरत पड़ने पर अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जाएगी।

  • सतना में बड़ा खुलासा: ट्रेजरी और समग्र आईडी लिंक होते ही सामने आया मामला

    सतना में बड़ा खुलासा: ट्रेजरी और समग्र आईडी लिंक होते ही सामने आया मामला


    मध्यप्रदेश । मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी लाड़ली बहना योजना में सतना जिले से बड़ा अनियमितता मामला सामने आया है। जिले में 27 ऐसी महिलाओं की पहचान हुई है, जो सरकारी सेवा में होने के बावजूद हर महीने योजना के तहत 1500 रुपए की राशि ले रही थीं। ट्रेजरी सिस्टम में समग्र आईडी लिंक होने के बाद यह फर्जीवाड़ा उजागर हुआ, जिसके बाद प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग में हड़कंप मच गया है। अब इन महिलाओं से शासन द्वारा मिली राशि की रिकवरी की तैयारी शुरू कर दी गई है।

    जानकारी के मुताबिक, चिन्हित 27 महिलाओं में से 16 नगर निगम क्षेत्र की कर्मचारी हैं। ये महिलाएं एक तरफ सरकारी खजाने से वेतन ले रही थीं, वहीं दूसरी ओर लाड़ली बहना योजना का लाभ भी लगातार उठा रही थीं। जांच में सामने आया कि इन कर्मचारियों ने अब तक कुल 5 लाख 5 हजार 450 रुपए योजना के तहत अपने खातों में प्राप्त किए हैं। प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि योजना में आवेदन करते समय गलत जानकारी दी गई थी या बाद में सरकारी सेवा मिलने के बावजूद लाभ लेना जारी रखा गया।

    महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, योजना की शुरुआत में लाभार्थियों का चयन सेल्फ डिक्लेरेशन यानी स्व-घोषणा के आधार पर किया गया था। उस समय समग्र आईडी और ट्रेजरी रिकॉर्ड आपस में लिंक नहीं थे। लगभग एक साल पहले जब सरकारी कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए समग्र आईडी को ट्रेजरी से जोड़ा गया, तब यह गड़बड़ी पकड़ में आई। इसके बाद विभाग ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी।

    जिला कार्यक्रम अधिकारी राजीव सिंह ने बताया कि संबंधित निकायों की समितियां जांच कर रही हैं। इसमें यह भी देखा जा रहा है कि कहीं कुछ महिलाएं योजना का लाभ लेने के बाद सरकारी सेवा में तो नहीं आईं। साथ ही, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के मामलों की भी अलग से जांच होगी, क्योंकि शासन द्वारा उन्हें कुछ विशेष परिस्थितियों में छूट दी गई है।

    प्रशासन ने संबंधित निकायों से इन महिला कर्मचारियों के आधार कार्ड, समग्र आईडी, बैंक खाते और सेवा संबंधी दस्तावेज मांगे हैं। जांच पूरी होने के बाद अपात्र पाए जाने वालों से पूरी राशि वापस ली जाएगी। इस मामले के सामने आने के बाद योजना की पारदर्शिता और सत्यापन प्रक्रिया पर भी सवाल उठने लगे हैं।

    वर्तमान में सतना जिले में लाड़ली बहना योजना के लगभग 3 लाख 76 हजार हितग्राही हैं। योजना के नियमों के अनुसार, सरकारी नौकरी करने वाली महिलाएं, आयकरदाता परिवार और अधिक आय वर्ग के लोग इस योजना के पात्र नहीं हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी योजना का लाभ ले रहे थे, जिससे प्रशासनिक निगरानी पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

  • गोली मारकर हत्या मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, दोस्त के बयान से खुलासा

    गोली मारकर हत्या मामले में 3 आरोपी गिरफ्तार, दोस्त के बयान से खुलासा


    मध्यप्रदेश । सागर शहर के मोतीनगर थाना क्षेत्र में युवक की गोली मारकर हत्या किए जाने के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। विवेकानंद वार्ड के मछरयाई स्थित गौंड बब्बा चबूतरा इलाके में हुई इस सनसनीखेज वारदात ने पूरे इलाके में दहशत फैला दी थी। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर मामले की परतें खोलने में जुटी हुई है, जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

    घटना 21 मई की रात करीब 10:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक पुरानी रंजिश के चलते फरियादी ओम साहू और उसके भाई मयंक साहू का आरोपियों से विवाद हो गया था। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। इसी दौरान एक आरोपी ने अवैध हथियार निकालकर मयंक साहू पर फायर कर दिया। गोली लगते ही मयंक गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

    वारदात के दौरान मयंक को बचाने दौड़े उसके भाई ओम साहू पर भी आरोपियों ने चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में ओम गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और हमलावर मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही मोतीनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

    मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई टीमें गठित कीं। साइबर सेल और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की लोकेशन ट्रेस की गई। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में आर्यन आठिया, एक 16 वर्षीय नाबालिग और एक 60 वर्षीय महिला शामिल हैं। पुलिस सभी से पूछताछ कर रही है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।

    जांच में यह बात भी सामने आई है कि मृतक मयंक साहू और मुख्य आरोपी यश पहले बेहद करीबी दोस्त थे। दोनों का साथ उठना-बैठना था, लेकिन कुछ साल पहले दोनों के बीच विवाद हो गया था। इसके बाद दोनों के रिश्तों में दुश्मनी बढ़ती चली गई। पुलिस को शक है कि इसी पुरानी रंजिश ने इस खूनी वारदात का रूप लिया।

    प्रत्यक्षदर्शी शिवम तिवारी ने बताया कि घटना के वक्त मयंक और उसके दोस्त घर के बाहर खड़े थे। तभी अचानक यश वहां पहुंचा और जेब से कट्टा निकालकर सीधे मयंक पर फायर कर दिया। गोली लगते ही मयंक जमीन पर गिर पड़ा। शिवम के मुताबिक ओम साहू जब बीच-बचाव करने पहुंचा तो उस पर चाकू से हमला किया गया।

    एडिशनल एसपी लोकेश सिंहा ने बताया कि अब तक इस मामले में छह आरोपियों के नाम सामने आए हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बना हुआ है और पुलिस लगातार निगरानी बनाए हुए है।

  • कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, 10 उपाध्यक्ष और 21 सचिव नियुक्त

    कांग्रेस संगठन में बड़ा फेरबदल, 10 उपाध्यक्ष और 21 सचिव नियुक्त


    मध्यप्रदेश । सागर में कांग्रेस संगठन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण की नई कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी की स्वीकृति के बाद जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह मुहासा ने नई टीम का ऐलान किया। नई कार्यकारिणी में कुल 51 सदस्यों को विभिन्न जिम्मेदारियां दी गई हैं। संगठन ने दावा किया है कि टीम गठन में सभी वर्गों, समाजों और महिलाओं को प्रतिनिधित्व देने का विशेष ध्यान रखा गया है।

    जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के संगठन महासचिव आशीष ज्योतिषी ने कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए बताया कि इसमें उपाध्यक्ष, महासचिव, सचिव, कोषाध्यक्ष, प्रवक्ता और सोशल मीडिया प्रभारी समेत कई पदों पर नियुक्तियां की गई हैं। मुख्य कार्यकारिणी में 7 महिलाओं को शामिल किया गया है, जबकि स्थायी आमंत्रित सदस्यों में भी 3 महिलाओं को जगह दी गई है। कांग्रेस संगठन का मानना है कि इससे जमीनी स्तर पर पार्टी को मजबूती मिलेगी और संगठनात्मक गतिविधियों को गति मिलेगी।

    नई कार्यकारिणी में अखिलेश मोनी केसरवानी को कोषाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं उपाध्यक्ष पद पर संतोष सराफ, प्रमिला सिंह राजपूत, निरंजन सिंह घोषी, आरआर पाराशर, अभिषेक गौर, सौरभ हजारी, जतिन चौकसे, चंद्रभान सिंह दीवान, निर्भय सिंह ठाकुर और भाव सिंह यादव को नियुक्त किया गया है।

    इसके अलावा संगठन को सक्रिय बनाए रखने के लिए 15 महासचिव भी नियुक्त किए गए हैं। इनमें आंचल आठया, नंदकिशोर भारती, प्रशांत समैया, प्रभु मिश्रा, अवधेश तोमर, संजय चौधरी टड़ा, बिहारी कुशवाहा, मोंटी यादव, अशरफ खान, हरि नारायण कुशवाहा, अवधेश सिंह सिमरिया, सुरेंद्र सिंह राजपूत सिंगपुर, देवेंद्र नायक, प्रकाश बजाज और देवव्रत तिवारी शामिल हैं।

    संगठन में सचिव पद पर भी 21 नेताओं को जिम्मेदारी दी गई है। इनमें बृजेंद्र मिश्रा, प्रियंका पांडे, मीनाक्षी साहू, धर्मेंद्र ठाकुर, बलवंत सिंह राजपूत, अनुप मिश्रा, दुष्यंत बुंदेला, डॉ. निलेश रीछारिया, इंदरीश खान, चंदन सुहाने, संजना कुर्मी, मनोज राय, रामनिवास लोधी, पुरुषोत्तम शिल्पी, महेंद्र पटेल, ओमप्रकाश राजपूत, सुरेंद्र कुशवाहा, प्रवीण लोधी, मोहिनी कश्यप, शिव कुमार और खुशीलाल अहिरवार को शामिल किया गया है।

    कांग्रेस ने मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पकड़ मजबूत करने के लिए भी अलग से जिम्मेदारियां तय की हैं। प्रवक्ता के रूप में सूर्या शुक्ला और डॉ. हेमकुमारी कुर्मी को नियुक्त किया गया है, जबकि सोशल मीडिया प्रभारी के तौर पर पंकज यादव और जितेंद्र राजपूत काम करेंगे।

    इसके अलावा स्थायी और विशेष आमंत्रित सदस्यों की लंबी सूची भी जारी की गई है, जिसमें वरिष्ठ और सक्रिय कार्यकर्ताओं को शामिल कर संगठनात्मक संतुलन बनाने की कोशिश की गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि नई टीम आगामी राजनीतिक गतिविधियों, जनसंपर्क अभियानों और संगठन विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

  • सागर में खून से लथपथ मिला युवक, धारदार हथियार से हमले की आशंका

    सागर में खून से लथपथ मिला युवक, धारदार हथियार से हमले की आशंका


    मध्यप्रदेश । सागर शहर के पुरव्याऊ टौरी इलाके में शनिवार सुबह उस समय सनसनी फैल गई, जब काली मंदिर के पास एक युवक खून से लथपथ हालत में पड़ा मिला। युवक के शरीर पर धारदार हथियार से चोट के कई निशान पाए गए हैं। स्थानीय लोगों ने जब उसे गंभीर हालत में देखा तो तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कोतवाली थाना पुलिस ने घायल युवक को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज जारी है। घटना के बाद इलाके में दहशत और चर्चाओं का माहौल बना हुआ है।

    जानकारी के मुताबिक शनिवार सुबह एक दुकानदार अपनी दुकान खोलने के लिए काली मंदिर क्षेत्र पहुंचा था। इसी दौरान उसकी नजर सड़क किनारे पड़े एक युवक पर पड़ी, जो बुरी तरह घायल था और उसके कपड़े खून से सने हुए थे। यह दृश्य देखकर दुकानदार घबरा गया और उसने तुरंत आसपास के लोगों को बुलाया। थोड़ी ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। बाद में पुलिस को सूचना दी गई।

    प्रारंभिक जांच में घायल युवक की पहचान काकागंज वार्ड निवासी अक्कू के रूप में हुई है। स्थानीय रहवासियों ने पुलिस को बताया कि युवक सुबह करीब 5 बजे से ही काली मंदिर के आसपास घूम रहा था और हाथ में धारदार हथियार लेकर लोगों को डरा-धमका रहा था। मंदिर में दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को वह परेशान कर रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार युवक ने कुछ लोगों के साथ गाली-गलौज और मारपीट भी की थी, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।

    रहवासियों का कहना है कि युवक की हरकतों से लोग डरे हुए थे। कई लोगों ने उससे दूरी बनाकर रखी, जबकि कुछ लोगों ने उसे समझाने की कोशिश भी की। हालांकि कुछ देर बाद वही युवक मंदिर के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। उसके शरीर पर धारदार हथियार के वार के निशान पाए गए हैं। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि किसी विवाद के दौरान उस पर हमला किया गया होगा।

    घटना की जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक के साथ आखिर क्या हुआ।

    फिलहाल पुलिस घायल अक्कू के बयान दर्ज कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि युवक की हालत स्थिर होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने आ सकेगी। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि युवक पर हमला किसने किया और इसके पीछे क्या वजह रही। मामले को लेकर आसपास के लोगों में तरह-तरह की चर्चाएं जारी हैं।

  • भारत बना भरोसेमंद ग्लोबल पार्टनर, युवाओं की ताकत और टेक्नोलॉजी से दुनिया प्रभावित: पीएम मोदी

    भारत बना भरोसेमंद ग्लोबल पार्टनर, युवाओं की ताकत और टेक्नोलॉजी से दुनिया प्रभावित: पीएम मोदी


    नई दिल्ली । प्रधानमंत्री Narendra Modi ने शनिवार को 19वें रोजगार मेले के अवसर पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से देशभर के विभिन्न सरकारी विभागों और संगठनों में चयनित युवाओं को 51 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने देश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि भारत आज तेजी से एक भरोसेमंद वैश्विक साझेदार के रूप में उभर रहा है और दुनिया भारत की युवा शक्ति तथा तकनीकी क्षमता को लेकर बेहद उत्साहित है।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि आज दुनिया भारत की विकास यात्रा में भागीदार बनना चाहती है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत अब वैश्विक सप्लाई चेन का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन रहा है और इसका सबसे बड़ा लाभ देश के युवाओं को मिलने वाला है। उन्होंने कहा कि देश की आर्थिक प्रगति और तकनीकी विकास नए रोजगार और अवसरों के द्वार खोल रहे हैं।

    प्रधानमंत्री ने अपने हालिया विदेश दौरे का उल्लेख करते हुए बताया कि विभिन्न देशों के नेताओं और वैश्विक कंपनियों के साथ हुई चर्चाओं में भारत के प्रति गहरा भरोसा देखने को मिला है। उन्होंने कहा कि भारत के युवा, उनकी क्षमता और देश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था को लेकर दुनिया में सकारात्मक माहौल बना है।

    उन्होंने बताया कि नीदरलैंड के साथ सेमीकंडक्टर, कृषि और एडवांस मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाया जा रहा है। वहीं स्वीडन के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डिजिटल इनोवेशन के क्षेत्र में साझेदारी पर सहमति बनी है। इसके अलावा नॉर्वे के साथ ग्रीन टेक्नोलॉजी और मैरीटाइम सेक्टर में सहयोग को आगे बढ़ाया गया है।

    यूएई और इटली जैसे देशों के साथ ऊर्जा, तकनीक, रक्षा और क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में महत्वपूर्ण समझौते हुए हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि ये सभी अंतरराष्ट्रीय साझेदारियां सीधे तौर पर भारत के युवाओं के लिए रोजगार और नवाचार के नए अवसर पैदा करेंगी।

    उन्होंने सेमीकंडक्टर सेक्टर का उदाहरण देते हुए बताया कि वैश्विक स्तर की कंपनियां भारत की कंपनियों के साथ मिलकर काम कर रही हैं, जिससे देश में नई तकनीक और रोजगार दोनों का विस्तार हो रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आने वाले दशकों में क्लीन एनर्जी, ग्रीन हाइड्रोजन और सस्टेनेबल मैन्युफैक्चरिंग जैसे सेक्टर वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेंगे और भारत इसमें अग्रणी भूमिका निभाएगा।

    रोजगार मेले को लेकर उन्होंने कहा कि यह पहल देश में रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। अब तक आयोजित 18 रोजगार मेलों के माध्यम से लगभग 12 लाख से अधिक नियुक्ति पत्र जारी किए जा चुके हैं। 19वें रोजगार मेले का आयोजन देशभर के 47 स्थानों पर किया गया, जिसमें चयनित उम्मीदवारों को केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों में सेवाएं प्रदान करने का अवसर मिलेगा।

    प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत आज केवल एक उभरती अर्थव्यवस्था नहीं, बल्कि एक ऐसा देश बन रहा है जो वैश्विक विकास का प्रमुख आधार बन सकता है। उन्होंने युवाओं को देश की सबसे बड़ी ताकत बताते हुए कहा कि आने वाले समय में भारत की प्रगति में उनकी भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण होगी।

  • 10 दिनों में तीसरी बढ़ोतरी: CNG 81 रुपये के पार, पेट्रोल-डीजल भी हुआ महंगा, ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर

    10 दिनों में तीसरी बढ़ोतरी: CNG 81 रुपये के पार, पेट्रोल-डीजल भी हुआ महंगा, ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर


    नई दिल्ली । राजधानी दिल्ली और एनसीआर में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सिलसिला जारी है। शनिवार को सीएनजी के दामों में 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई, जिसके बाद नई कीमत 81 रुपये प्रति किलो से ऊपर पहुंच गई है। यह पिछले कुछ दिनों में तीसरी बार है जब सीएनजी के रेट में बदलाव किया गया है, जिससे आम उपभोक्ताओं और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर सीधा असर देखने को मिल रहा है।

    Indraprastha Gas Limited के अनुसार दिल्ली में सीएनजी की नई कीमत 80.09 रुपये से बढ़कर 81.09 रुपये प्रति किलो हो गई है। वहीं नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद में कीमतें और अधिक बढ़कर करीब 89.70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई हैं। गुरुग्राम में भी सीएनजी के दाम 86 रुपये से अधिक हो गए हैं।

    पिछले 10 दिनों में ईंधन की कीमतों में यह तीसरी बार बढ़ोतरी है। इससे पहले 15 मई को 2 रुपये और 17 मई को 1 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी की गई थी। लगातार हो रही इस वृद्धि ने ऑटो, टैक्सी और कमर्शियल वाहनों के संचालन पर दबाव बढ़ा दिया है।

    सीएनजी के साथ-साथ पेट्रोल और डीजल की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। पेट्रोल में करीब 87 पैसे प्रति लीटर और डीजल में 91 पैसे प्रति लीटर की वृद्धि हुई है। दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब लगभग 99.51 रुपये प्रति लीटर और डीजल 92.49 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।

    इस बढ़ोतरी का असर देश के अन्य बड़े शहरों में भी देखने को मिला है, जहां कोलकाता और मुंबई में भी ईंधन के दाम बढ़े हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव का सीधा असर घरेलू ईंधन कीमतों पर पड़ रहा है।

    ईंधन महंगा होने से परिवहन लागत बढ़ने की संभावना है, जिसका असर अंततः रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों और महंगाई पर पड़ सकता है। वहीं सरकार की ओर से कहा गया है कि वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद कीमतों को संतुलित रखने की कोशिश की जा रही है।

  • भोपाल से स्विट्जरलैंड तक पहुंची फ्लेवर्ड आइस्ड टी, एमएसएमई की वैश्विक पहचान पर सरकार ने जताई खुशी

    भोपाल से स्विट्जरलैंड तक पहुंची फ्लेवर्ड आइस्ड टी, एमएसएमई की वैश्विक पहचान पर सरकार ने जताई खुशी

    मध्य प्रदेश /भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम (एमएसएमई) क्षेत्र ने एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जहां मध्य प्रदेश की राजधानी Bhopal से तैयार की गई फ्लेवर्ड आइस्ड टी प्रीमिक्स की पहली खेप यूरोप के प्रमुख देश Switzerland के लिए निर्यात की गई है। यह कदम न केवल भारतीय उत्पादों की बढ़ती वैश्विक स्वीकार्यता को दर्शाता है, बल्कि देश के खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की गुणवत्ता और नवाचार क्षमता को भी मजबूत करता है। इस उपलब्धि को लेकर केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री ने कहा है कि भारतीय एमएसएमई अब वैश्विक मानकों पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं और लगातार नए बाजारों में अपनी जगह बना रहे हैं।

    सरकारी सूत्रों के अनुसार यह निर्यात कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण के सहयोग से संभव हुआ है, जिसने मध्य प्रदेश के खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करने में अहम भूमिका निभाई है। इस पहल को भारत के निर्यात आधारित विकास मॉडल की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो न केवल उत्पादों की गुणवत्ता बढ़ाता है बल्कि छोटे और मध्यम उद्योगों को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला से जोड़ने में भी मदद करता है।

    इस अवसर पर यह भी बताया गया कि पिछले एक दशक में भारत के चाय निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जिससे देश के पारंपरिक उत्पादों की वैश्विक मांग और स्वीकार्यता में लगातार बढ़ोतरी हुई है। सरकार का मानना है कि भारतीय चाय और उससे जुड़े उत्पादों ने अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अपनी अलग पहचान बनाई है, जिसका श्रेय बेहतर गुणवत्ता, विविधता और निरंतर सुधार को जाता है।

    विशेषज्ञों के अनुसार फ्लेवर्ड आइस्ड टी जैसे मूल्य संवर्धित उत्पाद भारत के निर्यात क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोल रहे हैं। इससे न केवल किसानों और छोटे उत्पादकों को लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। यह कदम “मेक इन इंडिया” और “वोकल फॉर लोकल” जैसे अभियानों को भी मजबूती देता है, जिनका उद्देश्य घरेलू उत्पादन को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।

    आने वाले समय में ऐसे और उत्पादों के अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है, जिससे भारत की खाद्य प्रसंस्करण क्षमता और निर्यात हिस्सेदारी दोनों में बढ़ोतरी हो सकती है। यह उपलब्धि देश के लिए एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है, जो यह दर्शाती है कि भारतीय उत्पाद अब केवल घरेलू बाजार तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वैश्विक उपभोक्ताओं की पसंद भी बन रहे हैं।

  • गुजरात के मोती पलसन गांव में पानी का संकट, जान जोखिम में डालकर कुओं से पानी भरने को मजबूर ग्रामीण

    गुजरात के मोती पलसन गांव में पानी का संकट, जान जोखिम में डालकर कुओं से पानी भरने को मजबूर ग्रामीण


    नई दिल्ली । गुजरात में विकास और बुनियादी सुविधाओं के बड़े-बड़े दावों के बीच वलसाड जिले के कपराडा तहसील से एक बेहद चिंताजनक तस्वीर सामने आई है। मोती पलसन गांव में पीने के पानी की गंभीर किल्लत ने ग्रामीणों की जिंदगी को मुश्किलों से भर दिया है। करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई जल आपूर्ति योजनाओं के बावजूद गांव के लोग आज भी बूंद-बूंद पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

    यह गांव, जिसे भारी वर्षा के कारण कभी-कभी गुजरात का चेरापूंजी भी कहा जाता है, आज गर्मी के मौसम में पानी की भारी कमी से जूझ रहा है। स्थिति इतनी गंभीर है कि गांव की महिलाएं और पुरुष अपने परिवार की प्यास बुझाने के लिए 45 फीट गहरे कुओं में उतरने को मजबूर हैं। कई बार लोहे की सीढ़ियों और रस्सियों के सहारे खतरनाक तरीके से नीचे जाकर पानी निकाला जाता है, जिससे हादसे का खतरा हमेशा बना रहता है।

    ग्रामीणों के अनुसार, गांव में मौजूद सरकारी कुएं भी गर्मी बढ़ते ही सूखने लगते हैं और उनमें बहुत कम पानी बचता है। ऐसे में लोगों को घंटों तक लाइन में खड़ा रहना पड़ता है ताकि वे कुछ बाल्टी पानी भर सकें। कई परिवारों को सिर्फ एक या दो बाल्टी पानी के लिए एक से दो घंटे तक इंतजार करना पड़ता है। इस दौरान महिलाएं छोटे बच्चों को साथ लेकर तेज धूप में कुएं के पास बैठने को मजबूर हैं।

    पानी भरने की यह प्रक्रिया आसान नहीं है। कई बार महिलाएं और युवा कुएं में उतरते समय फिसलकर चोटिल भी हो जाते हैं। इसके बावजूद मजबूरी में यह काम रोजाना करना पड़ता है। गांव में पानी की इतनी कमी है कि हर बूंद की कीमत बढ़ती जा रही है और जीवन की बुनियादी जरूरतें भी चुनौती बन गई हैं।

    स्थानीय लोगों का कहना है कि कई साल पहले सरकार की ओर से बड़ी जल आपूर्ति योजना शुरू की गई थी, जिसके तहत गांव-गांव में नल लगाए गए। इस योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन जमीनी हकीकत यह है कि इन नलों से आज तक पानी की एक बूंद भी नियमित रूप से नहीं पहुंची। गांव के लोग इसे योजनाओं की विफलता और प्रशासनिक लापरवाही का परिणाम मान रहे हैं।

    हालांकि हाल के दिनों में कुछ स्थानों पर पानी की आपूर्ति शुरू किए जाने की बात सामने आई है, लेकिन यह व्यवस्था अभी भी अस्थायी और अपर्याप्त बताई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि समस्या का स्थायी समाधान न होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।

    यह स्थिति न केवल गांव की जीवनशैली को प्रभावित कर रही है, बल्कि यह भी सवाल खड़े कर रही है कि जब योजनाओं पर भारी-भरकम बजट खर्च किया जा रहा है, तब भी अंतिम व्यक्ति तक पानी क्यों नहीं पहुंच पा रहा। मोती पलसन गांव की यह तस्वीर ग्रामीण भारत में जल संकट की गंभीरता को उजागर करती है और विकास के दावों की वास्तविकता पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाती है।

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    नई दिल्ली । महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में इन दिनों डीजल आपूर्ति को लेकर स्थिति गंभीर चर्चा का विषय बनी हुई है। भीषण गर्मी और खरीफ सीजन की तैयारियों के बीच किसानों को पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारों का सामना करना पड़ रहा है। कई ग्रामीण इलाकों में स्थिति ऐसी बन गई है कि किसान 50 से 80 किलोमीटर दूर तक डीजल लेने के लिए यात्रा करने को मजबूर हैं। इससे खेती की तैयारियों पर असर पड़ने की आशंका गहराने लगी है।

    बुलढाणा, वाशिम और आसपास के जिलों में पेट्रोल पंपों पर ट्रैक्टरों और डीजल कैनों की लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। किसान सुबह से ही पंपों पर पहुंचकर अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं, लेकिन कई जगहों पर उन्हें पर्याप्त मात्रा में डीजल नहीं मिल पा रहा। इस स्थिति ने किसानों के बीच चिंता और असंतोष दोनों को बढ़ा दिया है।

    वाशिम जिले के कई किसान बताते हैं कि उन्हें अपने ही क्षेत्र में डीजल उपलब्ध नहीं हो पा रहा, जिसके चलते उन्हें अकोला जैसे जिलों का रुख करना पड़ रहा है। एक किसान के अनुसार, उन्होंने कई पेट्रोल पंपों के चक्कर लगाए, लेकिन अंततः बहुत कम मात्रा में डीजल मिल पाया, जिससे उनकी खेती की जरूरत पूरी नहीं हो पा रही।

    इस बीच अकोला जिले की स्थिति थोड़ी अलग बताई जा रही है। यहां बड़े डिपो होने के कारण डीजल उपलब्ध तो है, लेकिन आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में किसानों के पहुंचने के कारण पंपों पर दबाव काफी बढ़ गया है। पेट्रोल पंप संचालकों का कहना है कि वास्तविक कमी की बजाय यह स्थिति अचानक बढ़ी मांग और घबराहट के कारण बनी है।

    अधिकारियों और पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के अनुसार पिछले कुछ दिनों में डीजल की बिक्री में 30 से 40 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है। उनका कहना है कि ट्रांसपोर्टेशन में देरी के कारण सप्लाई समय पर नहीं पहुंच पा रही, जिससे कुछ पंपों पर अस्थायी रूप से स्टॉक कम हो जाता है और लोगों में डर बढ़ जाता है।

    अकोला के एक पेट्रोल पंप संचालक का कहना है कि उनके पास डीजल की पर्याप्त उपलब्धता है, लेकिन भीड़ बढ़ने से दबाव जरूर महसूस किया जा रहा है। उनका यह भी कहना है कि किसान जरूरत से ज्यादा डीजल खरीदने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे स्थिति और बिगड़ रही है।

    हालांकि किसानों का तर्क है कि खरीफ सीजन की तैयारी के लिए समय पर जुताई और बुवाई जरूरी है, और डीजल की अनुपलब्धता से उनकी खेती प्रभावित हो सकती है। तेज धूप और 45 से 46 डिग्री तक पहुंचते तापमान में किसानों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं।

    इस पूरे मामले में दो अलग-अलग दावे सामने आ रहे हैं। एक ओर किसान डीजल की कमी और लंबी कतारों की शिकायत कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर पेट्रोल पंप संचालक इसे पैनिक और अफवाह का परिणाम बता रहे हैं।

    फिलहाल स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन इतना तय है कि अगर सप्लाई और वितरण व्यवस्था समय पर दुरुस्त नहीं हुई, तो खरीफ सीजन की खेती पर इसका सीधा असर पड़ सकता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।