Author: bharati

  • टॉम लैथम की टीम में वापसी, न्यूजीलैंड ने T20 सीरीज के लिए बदली रणनीति; नए खिलाड़ियों को भी मौका

    टॉम लैथम की टीम में वापसी, न्यूजीलैंड ने T20 सीरीज के लिए बदली रणनीति; नए खिलाड़ियों को भी मौका


    नई दिल्ली। साउथ अफ्रीका के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की टी20 सीरीज के लिए New Zealand Cricket ने अपनी टीम का ऐलान कर दिया है। इस टीम में अनुभवी विकेटकीपर-बल्लेबाज Tom Latham की वापसी हुई है और वे सीरीज के आखिरी दो मुकाबलों में टीम की कप्तानी भी संभालेंगे। वहीं शुरुआती तीन मैचों में टीम की कमान ऑलराउंडर Mitchell Santner के हाथों में रहेगी।

    यह टी20 सीरीज 15 मार्च से Mount Maunganui में शुरू होगी। लंबे समय बाद टी20 टीम में लौटे लैथम ने आखिरी बार अप्रैल 2023 में अंतरराष्ट्रीय टी20 मैच खेला था। हाल ही में घरेलू टूर्नामेंट Super Smash में शानदार प्रदर्शन करने के बाद उन्हें फिर से टीम में जगह दी गई है। इस टूर्नामेंट में उन्होंने कैंटरबरी के लिए बेहतरीन बल्लेबाजी करते हुए टॉप स्कोरर बनने का गौरव हासिल किया।

    चयनकर्ता Gavin Larsen ने लैथम के चयन को सही ठहराते हुए कहा कि उनका अनुभव टीम के लिए बेहद अहम होगा। उन्होंने बताया कि लैथम न केवल बल्लेबाजी में मजबूती लाएंगे बल्कि उनकी नेतृत्व क्षमता भी टीम के लिए उपयोगी साबित होगी, खासकर आगामी व्हाइट-बॉल सीरीज को ध्यान में रखते हुए।

    टीम में इस बार तीन नए खिलाड़ियों को भी मौका दिया गया है। इनमें केटीन क्लार्क, निक केली और जेडन लेनोक्स शामिल हैं। घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन के बाद इन खिलाड़ियों को पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का अवसर मिला है। केटीन क्लार्क ने सुपर स्मैश में 431 रन बनाकर खासा प्रभावित किया था और उनकी टीम नॉर्दर्न ब्रेव ने खिताब भी जीता था।

    दूसरी ओर कुछ प्रमुख खिलाड़ियों को इस सीरीज के लिए आराम दिया गया है। इनमें Rachin Ravindra, Glenn Phillips, Daryl Mitchell और Tim Seifert जैसे नाम शामिल हैं। वहीं चोट के कारण Michael Bracewell और Adam Milne को भी टीम से बाहर रखा गया है।

    दरअसल हाल ही में खत्म हुए ICC Men’s T20 World Cup और भारत दौरे के बाद खिलाड़ियों के वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए चयनकर्ताओं ने यह फैसला लिया है। अब इस सीरीज के जरिए न्यूजीलैंड नई रणनीति और नए खिलाड़ियों के साथ अपनी बेंच स्ट्रेंथ को परखने की कोशिश करेगा।

  • बिना युद्ध के अमेरिका को चुनौती: दुर्लभ खनिजों के जरिए चीन की नई रणनीति

    बिना युद्ध के अमेरिका को चुनौती: दुर्लभ खनिजों के जरिए चीन की नई रणनीति



    नई दिल्ली। वैश्विक राजनीति में बढ़ते तनाव के बीच चीन एक ऐसी रणनीति पर काम कर रहा है, जिससे वह बिना युद्ध किए भी अमेरिका की सैन्य ताकत को चुनौती दे सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि चीन ने दुर्लभ खनिजों यानी Rare Earth Elements की आपूर्ति और तकनीकी सप्लाई चेन पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। इन खनिजों का उपयोग आधुनिक सैन्य उपकरणों में बड़े पैमाने पर होता है, जिनमें अमेरिकी F-35 Lightning II जैसे अत्याधुनिक फाइटर जेट भी शामिल हैं।

    रिपोर्टों के अनुसार चीन की रणनीति इन महत्वपूर्ण कच्चे संसाधनों के उत्पादन और प्रोसेसिंग पर नियंत्रण बनाए रखने की है। अगर भविष्य में इन खनिजों की आपूर्ति सीमित होती है, तो इससे अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के कई उन्नत हथियारों के निर्माण और रखरखाव पर असर पड़ सकता है। आधुनिक जेट इंजन, रडार सिस्टम, सेंसर और मिसाइल तकनीक में इन धातुओं की अहम भूमिका होती है।

    विशेषज्ञों का कहना है कि चीन पहले से ही दुनिया में रेयर अर्थ खनिजों की प्रोसेसिंग का बड़ा हिस्सा नियंत्रित करता है। हाल के वर्षों में उसने इनके निर्यात नियमों को भी सख्त किया है। इसके साथ ही चीन अपनी औद्योगिक नीतियों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता, रोबोटिक्स, क्वांटम कंप्यूटिंग और एडवांस इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे क्षेत्रों पर भी तेजी से काम कर रहा है, ताकि तकनीकी और औद्योगिक बढ़त बनाए रखी जा सके।

    दूसरी ओर United States भी इस संभावित खतरे को समझ चुका है। अमेरिकी सरकार ने 2027 तक रक्षा क्षेत्र में चीनी रेयर अर्थ खनिजों पर निर्भरता कम करने की योजना बनाई है। इसके लिए नई खदानों के विकास और घरेलू प्रोसेसिंग क्षमता बढ़ाने की दिशा में काम शुरू किया गया है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि इस प्रक्रिया में समय लगेगा।

    विश्लेषकों के अनुसार भविष्य में महाशक्तियों के बीच प्रतिस्पर्धा केवल सैन्य ताकत से नहीं बल्कि संसाधनों, तकनीक और वैश्विक आपूर्ति शृंखला पर नियंत्रण से तय होगी। ऐसे में रेयर अर्थ खनिजों पर चीन की मजबूत पकड़ अमेरिका और अन्य देशों के लिए एक बड़ी रणनीतिक चुनौती बन सकती है।

    कीवर्ड: चीन, अमेरिका, रेयर अर्थ खनिज, एफ-35 फाइटर जेट, वैश्विक रणनीति

  • भिंड में फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्ड को गोली, हालत गंभीर: चोरी रोकते समय बदमाशों ने फायर किया

    भिंड में फैक्ट्री के सिक्योरिटी गार्ड को गोली, हालत गंभीर: चोरी रोकते समय बदमाशों ने फायर किया

    भिंड । मध्य प्रदेश के भिंड जिले के मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में मंगलवार रात एक गंभीर वारदात हुई। क्रम्पटन फैक्ट्री में तैनात सुरक्षा गार्ड Majid Ali को चोरी रोकने के प्रयास के दौरान बदमाशों ने गोली मार दी। गोली सीधे गार्ड के सिर में लगी जिससे उनकी हालत गंभीर बनी हुई है।

    जानकारी के मुताबिक मंगलवार रात करीब 1:57 बजे मोटरसाइकिल पर सवार होकर तीन-चार बदमाश फैक्ट्री के मुख्य प्रवेश द्वार से घुसे। ड्यूटी पर मौजूद मजीद अली ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो बदमाशों ने पिस्टल से उस पर फायर कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उसी मोटरसाइकिल से फरार हो गए।

    गोली की आवाज सुनकर फैक्ट्री में तैनात अन्य सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे और फैक्ट्री प्रबंधन को सूचित किया। घायल मजीद अली को तुरंत बिरला अस्पताल ग्वालियर में भर्ती कराया गया जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों ने उनकी हालत गंभीर बताई है।

    मालनपुर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है लेकिन देर रात तक आरोपियों का कोई सुराग नहीं मिला। मालनपुर थाना प्रभारी Pradeep Soni से संपर्क करने की कोशिश की गई लेकिन उनका फोन रिसीव नहीं हो सका।

    मालनपुर औद्योगिक क्षेत्र में पिछले कुछ समय से आपराधिक घटनाओं में वृद्धि देखी जा रही है। पिछले सप्ताह भी क्षेत्र में दो गुटों के बीच फायरिंग और हिंसा की घटनाएं हुई थीं। इस बार फैक्ट्री के सुरक्षा गार्ड को निशाना बनाने की घटना ने कर्मचारियों और प्रबंधन में डर और सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।

    पुलिस ने चेतावनी दी है कि आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा। फैक्ट्री के आसपास अतिरिक्त पेट्रोलिंग बढ़ाई गई है और सुरक्षा व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए गए हैं।

  • एसीबी का बड़ा फैसला, क्षेत्रीय तनाव के चलते टली अफगानिस्तान-श्रीलंका सीरीज

    एसीबी का बड़ा फैसला, क्षेत्रीय तनाव के चलते टली अफगानिस्तान-श्रीलंका सीरीज


    नई दिल्ली। मध्य-पूर्व में जारी भू-राजनीतिक तनाव का असर अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट पर भी पड़ने लगा है। Afghanistan Cricket Board (एसीबी) ने बुधवार को घोषणा की कि Afghanistan national cricket team और Sri Lanka national cricket team के बीच होने वाली द्विपक्षीय सीरीज फिलहाल स्थगित कर दी गई है। यह सीरीज 13 मार्च से संयुक्त अरब अमीरात में शुरू होने वाली थी, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उड़ानों पर लगी रोक और अन्य लॉजिस्टिक समस्याओं के कारण इसे टालने का फैसला लिया गया। बोर्ड के अनुसार अब इस सीरीज के 2026 के अंत में आयोजित होने की संभावना है।

    यूएई में होना था मुकाबला
    यह सीरीज अफगानिस्तान के लिए खास होने वाली थी, क्योंकि वह पहली बार श्रीलंका की मेजबानी करने जा रहा था। मैचों का आयोजन Sharjah Cricket Stadium और Dubai International Cricket Stadium में किया जाना था। कार्यक्रम के अनुसार 13, 15 और 17 मार्च को शारजाह में तीन टी20 मैच खेले जाने थे, जबकि 20, 22 और 25 मार्च को दुबई में तीन वनडे मुकाबले निर्धारित थे। दोनों टीमों के बीच होने वाली इस सीरीज को लेकर क्रिकेट प्रशंसकों में काफी उत्साह था।

    तैयारियां पूरी, लेकिन हालात बने बाधा
    एसीबी ने अपने बयान में बताया कि इस सीरीज की तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई थीं। आयोजन के लिए Emirates Cricket Board से मंजूरी भी मिल चुकी थी और दोनों मैदानों पर मैचों के आयोजन की व्यवस्था कर ली गई थी। हालांकि मार्च की शुरुआत में अचानक क्षेत्रीय हालात बिगड़ने से यात्रा और आयोजन से जुड़ी कई चुनौतियां सामने आ गईं। इन परिस्थितियों में टीमों के आवागमन, सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाओं को लेकर अनिश्चितता बढ़ गई।

    लगातार बैठकों के बाद लिया गया फैसला
    स्थिति को देखते हुए अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने विभिन्न संबंधित संस्थाओं के साथ कई दौर की बातचीत की। बोर्ड ने Emirates Cricket Board, Sharjah Cricket Stadium और Dubai International Cricket Stadium के प्रतिनिधियों के साथ बैठकें कर हालात का आकलन किया। 4 मार्च को हुई एक संयुक्त बैठक में तय किया गया कि स्थिति पर नजर रखी जाए और 6 मार्च तक हालात की समीक्षा की जाए। इसके बाद 7 मार्च को हुई अगली बैठक में अंतिम निर्णय लेने से पहले 9 मार्च तक इंतजार करने की सलाह दी गई।

    श्रीलंका बोर्ड की सहमति से लिया गया निर्णय
    अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी लगातार Sri Lanka Cricket को दी जाती रही। अंततः दोनों बोर्डों के बीच सहमति बनने के बाद सीरीज को स्थगित करने का फैसला लिया गया। बोर्ड के अनुसार खिलाड़ियों की सुरक्षा और यात्रा से जुड़ी अनिश्चितताओं को देखते हुए यह कदम उठाना जरूरी था।

    नई तारीखों की जल्द होगी घोषणा
    एसीबी ने कहा है कि सीरीज को रद्द नहीं किया गया है, बल्कि इसे आगे के लिए टाल दिया गया है। बोर्ड जल्द ही नई तारीखों की घोषणा करेगा ताकि दोनों टीमों के बीच यह सीरीज आयोजित की जा सके। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने यह भी दोहराया कि वह श्रीलंका क्रिकेट के साथ अपने मजबूत क्रिकेट संबंधों को आगे भी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है।

    प्रशंसकों को करना होगा इंतजार
    इस फैसले के बाद क्रिकेट प्रशंसकों को अफगानिस्तान और श्रीलंका के बीच इस बहुप्रतीक्षित सीरीज के लिए थोड़ा और इंतजार करना पड़ेगा। हालांकि बोर्ड का कहना है कि जैसे ही परिस्थितियां सामान्य होंगी, दोनों टीमों के बीच यह मुकाबला आयोजित किया जाएगा, जिससे प्रशंसकों को रोमांचक क्रिकेट देखने का मौका मिल सके।

  • अदाणी स्पोर्ट्सलाइन का बड़ा फैसला, रणधीर सिंह सेहरावत को सौंपी गुजरात जायंट्स की कमान

    अदाणी स्पोर्ट्सलाइन का बड़ा फैसला, रणधीर सिंह सेहरावत को सौंपी गुजरात जायंट्स की कमान


    नई दिल्ली। आगामी Pro Kabaddi League (पीकेएल) सीजन से पहले बड़ा बदलाव करते हुए Adani Sportsline ने अनुभवी कबड्डी कोच Randhir Singh Sehrawat को Gujarat Giants का नया हेड कोच नियुक्त किया है। कबड्डी जगत में “कबड्डी के चाणक्य” के नाम से मशहूर सेहरावत लीग के सबसे अनुभवी कोचों में गिने जाते हैं। 2014 में पीकेएल की शुरुआत से ही वे इस प्रतिष्ठित लीग से जुड़े रहे हैं और अपनी रणनीति तथा टीम प्रबंधन के लिए खास पहचान बना चुके हैं। उनकी नियुक्ति से उम्मीद जताई जा रही है कि गुजरात जायंट्स आगामी सीजन में दमदार प्रदर्शन कर सकेगी।

    पीकेएल में लंबा और सफल अनुभव
    रणधीर सिंह सेहरावत का कोचिंग करियर काफी सफल रहा है। उनके मार्गदर्शन में टीमों ने कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। उनके कार्यकाल में उनकी टीम ने पीकेएल सीजन-6 का खिताब जीतने में सफलता पाई थी और छह बार प्लेऑफ तक पहुंचने का कारनामा भी किया। लीग में उनके लंबे अनुभव और खेल की गहरी समझ को देखते हुए उन्हें रणनीतिक रूप से बेहद मजबूत कोच माना जाता है। यही वजह है कि उन्हें कबड्डी जगत में “कबड्डी का चाणक्य” कहा जाता है।

    अर्जुन अवॉर्ड से सम्मानित दिग्गज
    रणधीर सिंह सेहरावत को खेल में उनके योगदान के लिए अर्जुन अवॉर्ड से भी सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने न केवल प्रोफेशनल लीग में बल्कि घरेलू स्तर पर भी कबड्डी के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। वे लंबे समय तक भारतीय रेलवे की कबड्डी टीम के कोच रहे हैं। उनके नेतृत्व में रेलवे की पुरुष और महिला दोनों टीमों ने कई राष्ट्रीय चैंपियनशिप खिताब जीते और देश में कबड्डी के स्तर को ऊंचा उठाने में अहम योगदान दिया।

    खिलाड़ी के तौर पर भी रहा शानदार करियर
    कोच बनने से पहले रणधीर सिंह सेहरावत खुद भी एक सफल कबड्डी खिलाड़ी रहे हैं। उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व किया। इनमें 1988 की एशियन कबड्डी चैंपियनशिप, 1989 के साउथ एशियन गेम्स और 1990 के एशियन गेम्स शामिल हैं। इन प्रतियोगिताओं में उन्होंने भारतीय टीम के उप-कप्तान के रूप में जिम्मेदारी निभाई और टीम को गोल्ड मेडल दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

    नई जिम्मेदारी को लेकर उत्साहित
    हेड कोच बनने पर रणधीर सिंह सेहरावत ने खुशी जाहिर की और कहा कि वे फिर से प्रो कबड्डी लीग का हिस्सा बनकर बेहद उत्साहित हैं। उन्होंने कहा, “मैं पीकेएल में वापसी कर बहुत खुश हूं और इस अवसर के लिए अदाणी स्पोर्ट्सलाइन का आभारी हूं। गुजरात जायंट्स में युवा प्रतिभा और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा संतुलन है। मैं टीम के साथ काम करने और उसे खिताब की दौड़ में आगे ले जाने के लिए उत्सुक हूं।”

    टीम को मजबूत बनाने पर जोर
    अदाणी स्पोर्ट्सलाइन के मुख्य बिजनेस अधिकारी Sanjay Adesara ने भी इस नियुक्ति पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि रणधीर सिंह सेहरावत का अनुभव और खेल की गहरी समझ टीम के लिए बेहद उपयोगी साबित होगी। उनके अनुसार सेहरावत की रणनीतिक सोच और नेतृत्व क्षमता से टीम के खिलाड़ियों को बेहतर मार्गदर्शन मिलेगा और आगामी पीकेएल सीजन में टीम का अभियान मजबूत होगा।

    प्रतिस्पर्धी टीम बनाने की तैयारी
    रणधीर सिंह सेहरावत की नियुक्ति से साफ संकेत मिलता है कि अदाणी स्पोर्ट्सलाइन आगामी सीजन के लिए गुजरात जायंट्स को एक मजबूत और प्रतिस्पर्धी टीम के रूप में तैयार करना चाहती है। टीम प्रबंधन का मानना है कि अनुभवी कोच के मार्गदर्शन में युवा खिलाड़ियों की प्रतिभा निखरेगी और टीम बेहतर प्रदर्शन कर पाएगी।

    खिताब पर होगी नजर
    आगामी पीकेएल सीजन में गुजरात जायंट्स की नजर खिताब पर होगी। रणधीर सिंह सेहरावत जैसे अनुभवी कोच की मौजूदगी से टीम की रणनीति और प्रदर्शन दोनों में मजबूती आने की उम्मीद है। कबड्डी प्रेमियों को भी उम्मीद है कि उनके मार्गदर्शन में टीम नई ऊर्जा के साथ मैदान पर उतरेगी और लीग में मजबूत चुनौती पेश करेगी।।

  • MP आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: रतलाम में स्कूल संचालिका से पूछताछ, अभ्यर्थियों ने माउस तक नहीं छुआ एक घंटा

    MP आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा में बड़ा फर्जीवाड़ा: रतलाम में स्कूल संचालिका से पूछताछ, अभ्यर्थियों ने माउस तक नहीं छुआ एक घंटा


    रतलाम । मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल द्वारा आयोजित आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा 2024 में बड़े स्तर पर फर्जीवाड़ा सामने आया है। रतलाम पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और दो टीमों को अलग अलग दिशा में तैनात किया है। सबसे बड़े परीक्षा केंद्र रतलाम पब्लिक स्कूल में स्कूल संचालिका संयोगिता सिंह से पूछताछ की गई। पुलिस ने पूरे स्कूल का नक्शा तैयार किया, जिसमें परीक्षा के दौरान सभी कमरों, रास्तों और स्टाफ की उपस्थिति का विवरण शामिल है।

    एसपी अमित कुमार ने बताया कि जांच के लिए SIT गठित की गई है। एक टीम भोपाल गई है, जहां परीक्षा से जुड़े तकनीकी साक्ष्य जैसे सीसीटीवी फुटेज और दस्तावेज इकट्ठा किए जा रहे हैं। दूसरी टीम 12 संदिग्ध अभ्यर्थियों की तलाश में भिंड और मुरैना की ओर गई है। पुलिस को कुछ अहम सुराग भी मिले हैं, जिनके आधार पर जांच को और तेज कर दिया गया है।

    जांच में सामने आया कि 12 अभ्यर्थियों ने परीक्षा बहुत असामान्य तरीके से पूरी की। दो घंटे की परीक्षा में पहले एक घंटे तक माउस तक हाथ नहीं लगाया और चुपचाप बैठे रहे। इसके बाद 15 मिनट और 30 मिनट में 100 प्रश्न हल कर दिए। इससे पहले ये सभी अभ्यर्थी अन्य पुलिस भर्ती में शामिल हुए थे, लेकिन उनके अंक 50 से कम थे। इस बार इन्हें 90 से अधिक अंक मिले और 100 पर्सेंटाइल हासिल हुई।

    जानकारी के मुताबिक सभी 12 अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र पर किसी एक व्यक्ति ने मदद दी थी। ये अभ्यर्थी अलग अलग तारीख और शिफ्ट में परीक्षा देने आए, लेकिन मदद करने वाला वही था और केंद्र भी एक ही था।परीक्षा का आयोजन मुंबई की कंपनी एप्टेक लिमिटेड ने किया था। यह कंपनी पहले उत्तर प्रदेश, असम, जम्मू कश्मीर और लद्दाख में पेपर लीक और स्क्रीन शेयरिंग के मामलों में ब्लैकलिस्टेड हो चुकी है।

    रतलाम पब्लिक स्कूल में लगभग 4500 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी थी। परीक्षा 9 से 21 सितंबर 2025 के बीच भोपाल, इंदौर, रतलाम समेत 11 शहरों में आयोजित हुई। रतलाम केंद्र को पहली बार इस परीक्षा के लिए चुना गया था। ईएसबी ने बड़े स्तर पर गड़बड़ी सामने आने के बाद स्कूल को आगामी परीक्षाओं के लिए बैन कर दिया है।

    इस मामले में 2 मार्च को भोपाल थाने में शून्य पर केस दर्ज किया गया। केस डायरी रतलाम ट्रांसफर की गई और असल मर्ग कायम किया गया। पुलिस सभी तथ्यों की विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
    CSO सत्येंद्र घनघोरिया ने बताया कि SIT की दो टीमें अलग अलग जिम्मेदारियों के साथ काम कर रही हैं। एक टीम तकनीकी साक्ष्य जुटा रही है, जबकि दूसरी टीम आगे की जांच में मदद कर रही है।

  • भारत सीमा के पास चीन का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान: 394 किमी लंबा रणनीतिक राजमार्ग बनाएगा बीजिंग

    भारत सीमा के पास चीन का बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर प्लान: 394 किमी लंबा रणनीतिक राजमार्ग बनाएगा बीजिंग


    बीजिंग। भारत से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में चीन अपनी रणनीतिक मौजूदगी को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। रिपोर्टों के अनुसार चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना के तहत संवेदनशील सीमा क्षेत्रों में परिवहन नेटवर्क को विस्तार देने की योजना बनाई गई है। इसी योजना के तहत शिनजियांग क्षेत्र में स्थित तियानशेन पर्वत श्रृंखला के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों को जोड़ने के लिए लगभग 394 किलोमीटर लंबा राजमार्ग बनाया जाएगा।

    यह परियोजना चीन की राष्ट्रीय विधायिका National People’s Congress की मंजूरी के लिए भेजी गई है। प्रस्तावित राजमार्ग विवादित Aksai Chin क्षेत्र के पास बने उस रणनीतिक मार्ग के समानांतर होगा, जिसे Sino‑Indian War के बाद सैन्य गतिविधियों को तेज करने के लिए तैयार किया गया था। रिपोर्टों के मुताबिक दुशांजी–कुका राजमार्ग नाम की इस परियोजना को वर्ष 2032 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

    इस योजना में केवल नया राजमार्ग ही नहीं बल्कि Tibet की ओर जाने वाले तीन मौजूदा हाईवे के आधुनिकीकरण का भी प्रस्ताव शामिल है। चीन सरकार का मानना है कि सीमावर्ती इलाकों में बेहतर सड़क नेटवर्क से न केवल सैन्य गतिशीलता बढ़ेगी बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।

    चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना में तकनीकी क्षेत्रों पर भी विशेष जोर दिया गया है। इसमें कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), इलेक्ट्रिक वाहन, बैटरी निर्माण और उन्नत तकनीकों के विकास को प्राथमिकता दी गई है, ताकि धीमी पड़ रही अर्थव्यवस्था को नई गति दी जा सके। इस योजना को सत्तारूढ़ Chinese Communist Party पहले ही मंजूरी दे चुकी है और अब इसे औपचारिक स्वीकृति के लिए एनपीसी के सामने रखा गया है।

    चीन की इन परियोजनाओं ने भारत समेत क्षेत्र के कई देशों की चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले चीन ने Brahmaputra River पर तिब्बत में दुनिया के सबसे बड़े बांध के निर्माण की शुरुआत भी की थी। करीब 170 अरब डॉलर की लागत वाली इस परियोजना से नदी के प्रवाह और जल संसाधनों को लेकर भारत और Bangladesh में भी चिंता जताई गई थी।

    विशेषज्ञों का मानना है कि सीमा के पास चीन के तेजी से बढ़ते इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट केवल आर्थिक नहीं बल्कि रणनीतिक महत्व भी रखते हैं, जिससे आने वाले समय में क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरणों पर असर पड़ सकता है।

  • वैश्विक तनाव पर फिल्ममेकर प्रकाश झा का बयान, नेताओं की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार

    वैश्विक तनाव पर फिल्ममेकर प्रकाश झा का बयान, नेताओं की नीतियों को ठहराया जिम्मेदार


    नई दिल्ली। सामाजिक और राजनीतिक विषयों पर आधारित फिल्में बनाने के लिए पहचाने जाने वाले मशहूर फिल्ममेकर Prakash Jha ने दुनिया के मौजूदा हालात और कलाकारों की जिम्मेदारी पर खुलकर अपनी राय रखी है। Satyagraha, Raajneeti, Gangaajal, Jai Gangaajal और Aarakshan जैसी गंभीर विषयों पर आधारित फिल्मों का निर्माण कर चुके झा का मानना है कि आज दुनिया में जो संघर्ष और अस्थिरता दिखाई दे रही है, वह काफी हद तक जनता द्वारा चुने गए नेताओं की नीतियों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक फैसले समाज और दुनिया की दिशा तय करते हैं, इसलिए उनके प्रभाव से कोई भी अछूता नहीं रहता।

    नई वेब सीरीज ‘संकल्प’ को लेकर उत्साहित
    इन दिनों प्रकाश झा अपनी आने वाली वेब सीरीज Sankalp को लेकर भी काफी उत्साहित हैं। इस सीरीज की निर्माता उनकी बेटी Disha Jha हैं और यह जल्द ही एक ओटीटी प्लेटफॉर्म पर रिलीज होने वाली है। झा का कहना है कि वे हमेशा ऐसी कहानियां चुनने की कोशिश करते हैं जिनका समाज से गहरा संबंध हो और जो दर्शकों को सोचने पर मजबूर करें।

    दुनिया बदलती रही, मैं देखता रहा
    आईएएनएस से बातचीत में प्रकाश झा ने कहा कि वर्तमान समय काफी दिलचस्प है, क्योंकि दुनिया तेजी से बदल रही है। उन्होंने कहा, “लोग ऐसे नेताओं को चुन रहे हैं जिनकी सोच, राजनीति और नेतृत्व शैली पहले से अलग है। मेरे लिए यह देखना रोचक है कि दुनिया किस तरह बदलती रही है। मैंने इन बदलावों को करीब से देखा है और हमेशा यह समझने की कोशिश की है कि इसके पीछे कौन-से सिस्टम काम करते हैं।”

    कलाकार की जिम्मेदारी पर दिया जोर
    प्रकाश झा की फिल्मों में हमेशा समाज और राजनीति की झलक दिखाई देती है। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के रूप में उनकी जिम्मेदारी है कि वे दुनिया में घट रही घटनाओं को कहानियों के माध्यम से लोगों तक पहुंचाएं। उनके अनुसार कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि समाज के सच को सामने लाने का भी जरिया है। उन्होंने कहा, “मेरा काम है कि दुनिया में जो कुछ हो रहा है, उसे कहानियों के जरिए लोगों तक पहुंचाऊं। यही मेरे काम का सबसे दिलचस्प हिस्सा है और मैंने हमेशा इसका आनंद लिया है।”

    समय के साथ बदलना ही सच्चाई
    फिल्ममेकर का मानना है कि कोई भी व्यक्ति अकेले समय या परिस्थितियों को पूरी तरह बदल नहीं सकता। उन्होंने कहा कि हमें समय के साथ खुद को ढालना पड़ता है और यही जीवन की सच्चाई है। झा के अनुसार वे दुनिया में हो रही घटनाओं से प्रभावित होते हैं और उन्हें अपनी कहानियों में दर्शाने की कोशिश करते हैं, ताकि लोग इन मुद्दों को बेहतर तरीके से समझ सकें।

    मानवता देखकर जगता है विश्वास
    प्रकाश झा ने कहा कि जब वे दुनिया में दया, विनम्रता और मानवता के उदाहरण देखते हैं तो उनमें उम्मीद और विश्वास जागता है। लेकिन जब कहीं तबाही, हिंसा, मौत और पीड़ा दिखाई देती है तो स्वाभाविक रूप से दुख भी होता है। उनके अनुसार यह जीवन का हिस्सा है और हमें इन घटनाओं के पीछे के कारणों को समझने की जरूरत है, तभी समस्याओं को कम करने की दिशा में कदम उठाए जा सकते हैं।

    संघर्षों के पीछे नीतियां जिम्मेदार
    दुनिया में चल रहे विभिन्न संघर्षों पर चिंता जताते हुए प्रकाश झा ने कहा कि इनका संबंध अक्सर राजनीतिक फैसलों और नीतियों से होता है। उनका मानना है कि जब नेता अपने फैसले लेते हैं तो उनका असर केवल एक देश तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरी दुनिया पर पड़ सकता है। इसलिए यह जरूरी है कि लोग अपने नेताओं को चुनते समय उनके विचारों और नीतियों को गंभीरता से समझें।

    जागरूकता फैलाना कलाकार का दायित्व
    प्रकाश झा का कहना है कि कलाकार समाज का संवेदनशील दर्पण होता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कलाकारों का कर्तव्य है कि वे अपने काम के जरिए समाज में जागरूकता फैलाएं और लोगों को सोचने के लिए प्रेरित करें। उनके अनुसार अगर कला के माध्यम से लोग समस्याओं को समझने लगें तो समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया जा सकता है।

  • मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई… प्रोड्यूसर की वजह से एक महीने से काम से दूर रहीं अदा शर्मा, वीडियो में बयां किया दर्द

    मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई… प्रोड्यूसर की वजह से एक महीने से काम से दूर रहीं अदा शर्मा, वीडियो में बयां किया दर्द


    नई दिल्ली। फिल्म The Kerala Story से सुर्खियों में आईं बॉलीवुड एक्ट्रेस Adah Sharma इन दिनों अपने एक बयान को लेकर चर्चा में हैं। अदा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा कर फिल्म इंडस्ट्री के एक प्रोड्यूसर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि शूटिंग की तारीखों को बार-बार बदलने की वजह से उन्हें पिछले एक महीने से बिना काम के बैठना पड़ रहा है।

    अदा शर्मा ने बताया कि उन्होंने एक साथ तीन फिल्मों के लिए अपनी तारीखें तय की थीं। लेकिन एक फिल्म के प्रोड्यूसर ने लगातार शूटिंग डेट्स में बदलाव किया। जब यह बात अन्य प्रोड्यूसर्स को पता चली तो उन्होंने भी अपनी शूटिंग की तारीखों में बदलाव कर लिया ताकि शेड्यूल टकराए नहीं।

    एक्ट्रेस के मुताबिक समस्या तब और बढ़ गई जब पहले प्रोड्यूसर ने अचानक फिर से अपनी शूटिंग डेट्स बदल दीं और कहा कि अब उन्हें पहले तय की गई तारीखें नहीं चाहिए। इस वजह से बाकी फिल्मों का शेड्यूल भी बिगड़ गया और अदा को नए प्रोजेक्ट्स लेने में परेशानी होने लगी।

    अदा ने अपने वीडियो में कहा, “मैं पिछले एक महीने से खाली बैठी हूं। पूरी तरह से इमोशनली, मेंटली, प्रोफेशनली और फाइनेंशियली प्रभावित हुई हूं। ऐसा लगता है जैसे मेरी जिंदगी बर्बाद हो गई है।” हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में सभी लोग ऐसे नहीं होते, कई अच्छे लोग भी हैं जो कलाकारों का सम्मान करते हैं।

    वर्क फ्रंट की बात करें तो अदा शर्मा ने फिल्म The Kerala Story से बड़ी पहचान हासिल की थी। कम बजट में बनी इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया और अदा के अभिनय की भी काफी तारीफ हुई।

    हाल ही में एक इंटरव्यू में अदा ने The Kerala Story 2 को लेकर भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि किसी फिल्म में उनका हिस्सा होना या न होना कलाकार और निर्माता के बीच की बात होती है, इसलिए वे बिना वजह चर्चा में नहीं रहना चाहतीं।

    फिलहाल अदा के फैंस उनके अगले प्रोजेक्ट का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द ही वह नए और दमदार किरदार में स्क्रीन पर नजर आएंगी।

  • मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह वाली राज्यसभा सीट पर कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का खतरा, 6 विधायक पलटें तो हाथ से जा सकती है सीट

    मध्य प्रदेश: दिग्विजय सिंह वाली राज्यसभा सीट पर कांग्रेस को क्रॉस वोटिंग का खतरा, 6 विधायक पलटें तो हाथ से जा सकती है सीट


    भोपाल । मध्य प्रदेश में 19 जून 2026 को तीन राज्यसभा सीटें खाली होने वाली हैं। इनमें से दो सीटें भाजपा के डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी और जॉर्ज कुरियन के नाम हैं जबकि कांग्रेस की सीट पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह  के पास थी। हालांकि दिग्विजय सिंह ने पहले ही राज्यसभा जाने से इनकार कर दिया है और अपनी सीट खाली करने की घोषणा की है।

    दिग्विजय के इनकार के बाद कांग्रेस के भीतर इस सीट के लिए कई छोटे बड़े नेताओं ने दावेदारी शुरू कर दी है। पार्टी के अंदर इस सीट को जीतने को लेकर टेंशन का माहौल है। एक वरिष्ठ कांग्रेस नेता का कहना है कि यदि 6 विधायक क्रॉस वोटिंग कर दें तो यह सीट भाजपा के हाथ में जा सकती है। बताया जा रहा है कि भाजपा विधायकों को अगले चुनाव की टिकट और अन्य ऑफर देकर क्रॉस वोटिंग के लिए प्रेरित कर सकती है।

    नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि भाजपा हर जगह तोड़फोड़ का प्रयास करती है लेकिन कांग्रेस मजबूत है और राज्यसभा सीट पार्टी की ही रहेगी। वहीं बीजेपी के अभिलाष पांडे का कहना है कि उनके पास पर्याप्त संख्या में विधायक हैं और भाजपा अपने काम पर भरोसा रखती है।

    इस बार तीन सीटों पर चुनाव में 230 विधायक वोटिंग करेंगे। एक उम्मीदवार को जीतने के लिए 58 वोटों की जरूरत होगी। कांग्रेस के पास फिलहाल 65 विधायक हैं जिनमें से एक विधायक अब भाजपा के साथ हैं। विजयपुर विधायक मुकेश मल्होत्रा का निर्वाचन हाईकोर्ट द्वारा शून्य कर दिया गया है इसलिए यदि सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली तो कांग्रेस के पास 63 विधायक ही रहेंगे। ऐसे में यदि 5 से 6 विधायक क्रॉस वोटिंग कर देते हैं तो सीट हाथ से जा सकती है।

    भाजपा के पास विधानसभा में 164 विधायक हैं बीना विधायक के समर्थन से संख्या 165 हो सकती है। इसके अलावा बीएपी के एक मात्र विधायक कमलेश्वर डोडियार का वोट भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

    क्रॉस वोटिंग का इतिहास भी सामने है। 2022 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान मध्य प्रदेश में बड़ी संख्या में क्रॉस वोटिंग हुई थी। विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा को केवल 79 वोट मिले थे जबकि अपेक्षित संख्या 103 थी। 2020 के राज्यसभा चुनाव में भी दिग्विजय सिंह 52 वोटों की आवश्यकता के बावजूद 57 वोट लेकर जीत गए थे।

    राज्यसभा चुनाव अप्रत्यक्ष होते हैं यानी जनता नहीं बल्कि विधायक चुनते हैं। हर दो साल में राज्यसभा का एक-तिहाई सदस्य रिटायर होते हैं। कुल 245 सीटों में से 233 पर अप्रत्यक्ष चुनाव होते हैं। चुनाव में जीत के लिए विधायकों की संख्या और सीटों के आधार पर कोटा तय होता है। एक विधायक का वोट मूल्य 100 माना जाता है।

    इस बार कांग्रेस में दिग्विजय सिंह वाली सीट पर अनुसूचित जाति वर्ग के नेताओं जैसे प्रदीप अहिरवार और पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा को भी दावेदारी में शामिल किया गया है। पार्टी के भीतर सीट को सुरक्षित करने के लिए रणनीति बनाई जा रही है लेकिन क्रॉस वोटिंग का खतरा लगातार चर्चा में बना हुआ है।