Author: bharati

  • विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द, रामनिवास रावत बने नए MLA

    विजयपुर से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द, रामनिवास रावत बने नए MLA


    ग्वालियर  ग्वालियर हाईकोर्ट ने विजयपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक मुकेश मल्होत्रा का चुनाव रद्द कर दिया है। हाईकोर्ट के जस्टिस जी.एस. अहलूवालिया ने यह फैसला बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री रामनिवास रावत की याचिका पर सुनाया। अब विजयपुर का नया MLA रामनिवास रावत होंगे।

    रामनिवास रावत की याचिका में आरोप था कि मुकेश मल्होत्रा ने 2024 के उपचुनाव के नामांकन में अपने खिलाफ दर्ज 6 में से 4 क्रिमिनल केस छिपाए थे। केवल दो केस की जानकारी दी गई थी। हाईकोर्ट ने पाया कि उम्मीदवार ने हलफनामे में आवश्यक जानकारी छिपाई थी, इसलिए उनका चुनाव रद्द कर दिया गया और दूसरे नंबर पर रहे रावत को विजयपुर का MLA घोषित किया गया।

    इस फैसले के बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट जाएंगे और विश्वास जताया कि जनता फिर कांग्रेस को भारी वोटों से विजयी बनाएगी। वहीं सुप्रीम कोर्ट के वकील विवेक तन्खा ने कहा कि केवल कुछ जानकारी गलत दी गई थी, इसका मतलब चुनाव में धांधली नहीं हुई। वे अपील करेंगे और विश्वास है कि मुकेश मल्होत्रा को सुप्रीम कोर्ट से राहत मिलेगी।

    मुकेश मल्होत्रा ने 2 मई 2024 को कांग्रेस जॉइन की थी। इसके पहले वे बीजेपी में सक्रिय रहे और सहारिया प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं दर्जा प्राप्त राज्य मंत्री भी रहे। 2023 के विधानसभा चुनाव में वे निर्दलीय उम्मीदवार थे और आदिवासी वोट बैंक के बल पर विजयपुर सीट से 45 हजार वोटों से जीते थे।

    ग्वालियर हाईकोर्ट ने उपचुनाव में सभी उम्मीदवारों को नोटिस जारी किया और हलफनामे में जानकारी छिपाने का मामला सामने आने पर जांच की। यह मामला उम्मीदवारों द्वारा हलफनामे में क्रिमिनल रिकॉर्ड छिपाने से जुड़ी गंभीर कानूनी चेतावनी साबित हुआ।

  • मिडिल ईस्ट जंग से बदला वैश्विक तेल समीकरण: रूस की चांदी, चीन को 400 अरब डॉलर का झटका

    मिडिल ईस्ट जंग से बदला वैश्विक तेल समीकरण: रूस की चांदी, चीन को 400 अरब डॉलर का झटका


    नई दिल्‍ली । मिडिल ईस्ट में बढ़ते युद्ध के खतरे ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में बड़ा बदलाव ला दिया है। कच्चे तेल की कीमतें तेजी से आसमान छू रही हैं शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी जा रही है और कई देशों में ऊर्जा संकट की आशंका गहराने लगी है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है तो दुनिया के कई हिस्सों में महंगाई और खाद्य संकट भी गहरा सकता है। इस पूरे घटनाक्रम में सबसे ज्यादा फायदा रूस को होता दिखाई दे रहा है जबकि चीन को भारी आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है।

    दरअसल ईरान द्वारा स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर पाबंदी लगाने की आशंका और क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण वैश्विक तेल सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है। खाड़ी क्षेत्र से निकलने वाले तेल पर संकट गहराने के बाद कई देशों ने वैकल्पिक स्रोतों की तलाश शुरू कर दी है। इसका सीधा फायदा रूस को मिला है। यूक्रेन युद्ध के बाद जिन पश्चिमी देशों ने रूस के तेल पर प्रतिबंध लगा दिया था अब वही देश वैश्विक सप्लाई को स्थिर रखने के लिए रूसी तेल की ओर रुख कर रहे हैं।

    यूक्रेन युद्ध के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस के तेल निर्यात पर कड़े प्रतिबंध लगाए थे। उस समय रूस को अपने तेल पर भारी छूट देकर बाजार बनाए रखना पड़ा था। भारत और चीन जैसे देशों ने इस मौके का फायदा उठाते हुए रूस से सस्ते दामों पर बड़ी मात्रा में तेल खरीदा। हालांकि बाद में अमेरिका ने रूस से तेल खरीदने को लेकर भारत पर 25 प्रतिशत तक टैरिफ भी लगाया था। लेकिन अब मिडिल ईस्ट संकट के कारण हालात पूरी तरह बदल गए हैं।

    तेल की मांग बढ़ने के साथ ही रूस ने अपने कच्चे तेल पर मिलने वाली छूट को भी कम कर दिया है। पहले रूसी तेल पर 10 से 13 डॉलर प्रति बैरल तक की छूट मिल रही थी लेकिन अब इसे घटाकर 4 से 5 डॉलर प्रति बैरल कर दिया गया है। फरवरी में भारतीय कंपनी HPCL ने रूसी तेल के दो कार्गो 13 डॉलर प्रति बैरल की छूट पर खरीदे थे लेकिन अब भारतीय रिफाइनरियों को इतनी बड़ी छूट मिलना मुश्किल माना जा रहा है। यही स्थिति अन्य देशों के साथ भी है। इससे साफ है कि बढ़ती मांग के कारण रूस का सरकारी खजाना तेजी से भर रहा है और उसका तेल फिर से वैश्विक बाजार में मजबूत स्थिति में आ गया है।

    दूसरी ओर इस युद्ध का सबसे बड़ा झटका चीन को लगा है। चीन लंबे समय से ईरान के तेल का सबसे बड़ा खरीदार रहा है और भारी छूट पर कच्चा तेल खरीदता रहा है। आंकड़ों के मुताबिक ईरान के कुल तेल निर्यात का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा चीन ही खरीदता था। लेकिन युद्ध के बाद यह आपूर्ति लगभग ठप हो गई है जिससे चीन की ऊर्जा रणनीति को बड़ा झटका लगा है।

    इसके अलावा चीन और ईरान के बीच 2021 में हुई दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी भी संकट में पड़ती दिख रही है। इस समझौते के तहत चीन ने ईरान में इंफ्रास्ट्रक्चर और ऊर्जा परियोजनाओं में लगभग 400 अरब डॉलर के निवेश का वादा किया था। लेकिन अमेरिका-ईरान तनाव और संभावित सैन्य कार्रवाई के कारण यह पूरा निवेश अब खतरे में पड़ गया है। नतीजतन चीन को एक साथ दोहरा नुकसान झेलना पड़ रहा है—एक तरफ सस्ते तेल की आपूर्ति बंद हो गई है और दूसरी तरफ उसका विशाल निवेश भी फंसता नजर आ रहा है। इस तरह मिडिल ईस्ट की जंग ने वैश्विक तेल राजनीति का पूरा समीकरण बदल दिया है जहां रूस को अप्रत्याशित फायदा मिल रहा है और चीन के लिए स्थिति लगातार मुश्किल होती जा रही है।

  • ग्वालियर में 'कट्टा तांडव': घर की कुंडी लगाकर महिला को किया कैद, विरोध पर लहराया हथियार; जांबाज पत्नी ने बनाया लाइव वीडियो

    ग्वालियर में 'कट्टा तांडव': घर की कुंडी लगाकर महिला को किया कैद, विरोध पर लहराया हथियार; जांबाज पत्नी ने बनाया लाइव वीडियो


    ग्वालियर। ग्वालियर के शताब्दीपुरम (आस्तिव देव नगर) में रविवार की रात दहशत और दिलेरी की एक अनूठी कहानी लिखी गई। यहाँ एक 21 वर्षीय महिला, शिवानी कौरव, को उनके ही घर में बंधक बनाने की कोशिश की गई। एक सिरफिरे नशेड़ी, गोलू उर्फ किशोर सिंह परिहार, ने शिवानी के घर के बाहर से कुंडी लगाकर उन्हें कैद कर दिया और विरोध करने पर सरेआम कट्टा लहराकर जान से मारने की धमकी दी।

    दहशत का वो मंजर: “मैं अल्लू शर्मा हूँ, गोली मार दूँगा”
    घटना तब हुई जब शिवानी का पति हरेंद्र कौरव बाजार गया हुआ था। आरोपी गोलू ने पहले शिवानी को घर के अंदर बंद किया और फिर बाहर से गालियां देने लगा। जब शिवानी ने खिड़की से विरोध किया, तो आरोपी ने अपना नाम ‘अल्लू शर्मा’ बताकर खौफ पैदा करने की कोशिश की और कट्टा तान दिया। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने घर की ओर फायरिंग भी की, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई।

    महिला की बहादुरी: मौत के सामने भी नहीं कांपा हाथ
    इस खौफनाक स्थिति में भी शिवानी ने गजब का साहस दिखाया। उन्होंने डरकर छिपने के बजाय अपने मोबाइल से आरोपी का 21 सेकंड का वीडियो शूट कर लिया। इस वीडियो में आरोपी खुलेआम कट्टा लहराते और बदतमीजी करते हुए साफ नजर आ रहा है। यही वीडियो बाद में आरोपी की गिरफ्तारी का सबसे बड़ा आधार बना। शिवानी ने तुरंत फोन कर अपने पति और पुलिस को इसकी जानकारी दी।

    पुलिस का एक्शन: घेराबंदी कर दबोचा गया ‘अल्लू’
    महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल पुलिस टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुँचे। पुलिस की मुस्तैदी के कारण आरोपी भाग नहीं सका और उसे अवैध कट्टे के साथ गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी बुरी तरह नशे में धुत था और बिना किसी पुराने विवाद के इस वारदात को अंजाम दे रहा था।आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल किया गया कट्टा बरामद कर लिया गया है। हालांकि, वह गोली चलाने की बात से मुकर रहा है, लेकिन पुलिस वीडियो और स्थानीय गवाहों के आधार पर जांच कर रही है।

  • जबलपुर में भाजपा का प्रशिक्षण महाभियान: मुख्यमंत्री बोले- यही कारण है कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी

    जबलपुर में भाजपा का प्रशिक्षण महाभियान: मुख्यमंत्री बोले- यही कारण है कि भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी


    नई दिल्ली। जबलपुर में पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान (2026) के तहत भाजपा के संभागीय कार्यालय में बड़ी बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल, मंत्री, विधायक और वरिष्ठ कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यक्रम का उद्देश्य कार्यकर्ताओं को वैचारिक स्पष्टता, सांगठनिक कौशल और नेतृत्व क्षमता प्रदान करना है।

    मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि लगातार प्रशिक्षण के कारण ही भाजपा विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनी है। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन की मजबूती के लिए कार्यकर्ताओं को सक्रिय बनाने और उनके कौशल को निखारने हेतु प्रशिक्षण वर्ग आवश्यक है। उन्होंने हेमंत खंडेलवाल की सक्रिय नेतृत्व क्षमता की भी सराहना की और कहा कि सांसद, विधायक और मंत्री दोनों दायित्वों का बराबरी से निर्वहन कर रहे हैं।

    इस अवसर पर डिप्टी सीएम राजेन्द्र शुक्ल रीवा से पहुंचे और कहा कि भाजपा अपने मिशन को पूरा करने के लिए निरंतर प्रशिक्षण और ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित करती रहती है। उन्होंने जुड़ा की हड़ताल के संबंध में कहा कि समस्याओं का शीघ्र समाधान किया जाएगा और सभी को ड्यूटी पर लौटने का अनुरोध किया।

    प्रदेश के परिवहन एवं स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह नरसिंहपुर से कार द्वारा जबलपुर पहुंचे। पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह भी प्रशिक्षण शिविर में शामिल हुईं।

    कार्यशाला में जबलपुर, रीवा, शहडोल और छिंदवाड़ा संभाग के लगभग 400 प्रशिक्षार्थी शामिल हुए। कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता और विषय विशेषज्ञ विभिन्न सत्रों में कार्यशाला को संबोधित करेंगे। उद्घाटन सत्र प्रातः 11 बजे पंजीयन के बाद दोपहर 12:30 बजे आयोजित किया गया।

    इस प्रशिक्षण महाभियान का मुख्य उद्देश्य कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक दक्षता और वैचारिक प्रतिबद्धता के साथ तैयार करना है, ताकि भाजपा का जनसंपर्क और नेतृत्व मजबूत हो।

  • भोपाल: रंगपंचमी पर युवती की कार पर एसिड फेंकने का गंभीर मामला

    भोपाल: रंगपंचमी पर युवती की कार पर एसिड फेंकने का गंभीर मामला


    भोपाल भोपाल के ऐशबाग क्षेत्र में रंगपंचमी के दिन एक युवती की कार पर कथित रूप से एसिड मिला रंग फेंकने की घटना सामने आई है। घटना में कार का पेंट पूरी तरह जल गया, जिससे संपत्ति को गंभीर नुकसान हुआ। 24 वर्षीय पीड़िता एक निजी कंपनी में एचआर के पद पर कार्यरत हैं और वह अभिरुचि परिसर में रहती हैं।

    युवती ने बताया कि रविवार को वह अपनी कार घर के बाहर पार्क कर चुकी थीं। शाम के समय जब वह कार के पास पहुंचीं, तो देखा कि कार पर रंग डाला हुआ था। पेंट बुरी तरह जल चुका था, जिससे साफ तौर पर यह अंदेशा जताया जा रहा है कि रंग में एसिड मिलाकर कार पर फेंका गया। पीड़िता ने तुरंत ऐशबाग थाना जाकर शिकायत दर्ज कराई।

    थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी संदीप पंवार ने बताया कि कॉलोनी में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है।

    इस घटना ने सिर्फ संपत्ति को नुकसान नहीं पहुँचाया, बल्कि एसिड के इस्तेमाल से सुरक्षा की गंभीर चिंता भी पैदा कर दी है। फिलहाल पीड़िता सुरक्षित हैं और उन्हें कोई शारीरिक चोट नहीं आई है।

    जांच अधिकारी आसपास के अन्य CCTV और पड़ोसियों से पूछताछ कर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि अगर किसी के पास इस घटना से संबंधित कोई जानकारी है, तो वह तुरंत पुलिस को सूचित करें।

    यह मामला याद दिलाता है कि त्योहारों के समय सावधानी और सुरक्षा दोनों जरूरी हैं। रंगपंचमी का त्योहार खुशी और मस्ती का प्रतीक है, लेकिन इस तरह की घटनाओं से इसे डर और चिंता का माहौल भी मिल सकता है। पुलिस की सक्रियता और नागरिकों की सतर्कता इस तरह की घटनाओं को रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है।

  • भोपाल वीआईपी रोड पर तेज रफ्तार कार का कहर, महिला घायल, तीन वाहन क्षतिग्रस्त

    भोपाल वीआईपी रोड पर तेज रफ्तार कार का कहर, महिला घायल, तीन वाहन क्षतिग्रस्त


    भोपालभोपाल के वीआईपी रोड पर रविवार रात करीब 10:30 बजे एक तेज रफ्तार कार ने अचानक नियंत्रण खो दिया और चलते-चलते तीन वाहनों को टक्कर मार दी। इस हादसे में एक एक्टिवा, एक बाइक और एक कार क्षतिग्रस्त हो गई, जबकि कार में सवार महिला को हल्की चोट आई। घटना कोहेफिजा थाना क्षेत्र के न्यू मार्केट के पास, कोजा चौराहा और इम्पीरियल सेबर के बीच हुई।

    पुलिस के अनुसार, कार की चालक युवती थी। हादसे के बाद कुछ देर के लिए वीआईपी रोड पर जाम की स्थिति बन गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और वाहनों को हटवाकर यातायात सामान्य कराया।

    महिला ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि पीछे से आई तेज रफ्तार कार ने पहले उसकी एक्टिवा और बाइक को टक्कर मारी, और फिर उसकी कार के दाहिनी ओर से टकराई। टक्कर लगने से कार का दाहिना हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और महिला के पैर व सिर में हल्की चोट आई, जबकि कार में बैठी उसकी बहन सुरक्षित रही।

    कोहेफिजा थाना प्रभारी केजी शुक्ला ने बताया कि कार चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल, एक्टिवा और बाइक सवारों की ओर से कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। पुलिस हादसे के कारणों और संभावित लापरवाही की जांच कर रही है।

    यह हादसा वीआईपी रोड पर बढ़ते तेज रफ्तार वाहनों और सड़क सुरक्षा की गंभीर चुनौतियों को फिर से उजागर करता है।

  • भोपाल के बाग उमराव दूल्हा में आग का भयानक मामला, 10 किमी दूर से देखा गया धुआं, दमकलें मौके पर लगीं

    भोपाल के बाग उमराव दूल्हा में आग का भयानक मामला, 10 किमी दूर से देखा गया धुआं, दमकलें मौके पर लगीं


    भोपाल। भोपाल के बाग उमराव दूल्हा इलाके में सोमवार दोपहर करीब 3.30 बजे एक तीन मंजिला मकान की छत पर आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि आसपास 10 किलोमीटर दूर से भी धुआं नजर आया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, मकान की छत पर तेल रखा गया था, जो अज्ञात कारणों से भड़क गया और आग तेजी से फैल गई।

    आग लगने की सूचना मिलते ही आसपास के फायर स्टेशन से दमकलें मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने का प्रयास शुरू कर दिया गया। हालांकि इलाके के संकरे रास्तों के कारण दमकलों को समय लग गया। दमकल कर्मियों ने बताया कि बिल्डिंग के नीचे मीट की दुकान भी है, इसलिए आग को फैलने से रोकना प्राथमिकता बनी हुई है।

    स्थानीय लोगों के मुताबिक, आग इतनी तेज थी कि धुआं आसमान में उठता हुआ दूर तक दिखाई दे रहा था। फिलहाल दमकल विभाग आग पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के लिए मौके पर जुटा हुआ है। अधिकारियों ने भी लोगों से अपील की है कि वे इलाके से दूरी बनाए रखें और राहत कार्यों में बाधा न डालें।

    मामले की जांच के बाद ही आग लगने के असली कारण का खुलासा किया जाएगा। हालांकि प्रारंभिक जानकारी के अनुसार तेल के भंडारण और लापरवाही के कारण आग भड़की है।

    इस घटना ने इलाके में हड़कंप मचा दिया है और लोगों में आग और सुरक्षा को लेकर सतर्कता बढ़ गई है। दमकल विभाग लगातार आग बुझाने में जुटा हुआ है और जल्द ही पूरी बिल्डिंग को सुरक्षित घोषित करने की संभावना है।

  • डॉक्टरों की एक 'गलत' सूचना ने ले ली मासूम की जान 12वीं की छात्रा की मौत, परिजनों का आरोप- प्रेग्नेंसी बोलकर बेटी को डिप्रेशन में धकेला

    डॉक्टरों की एक 'गलत' सूचना ने ले ली मासूम की जान 12वीं की छात्रा की मौत, परिजनों का आरोप- प्रेग्नेंसी बोलकर बेटी को डिप्रेशन में धकेला


    भोपाल। राजधानी भोपाल में 17 वर्षीय एक स्कूली छात्रा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत ने स्वास्थ्य व्यवस्था और डॉक्टरों की कार्यप्रणाली को कठघरे में खड़ा कर दिया है। परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों ने पहले उनकी बेटी को ‘प्रेग्नेंट’ बताया, जिससे वह गहरे सदमे (डिप्रेशन) में चली गई और अंततः इलाज के दौरान उसकी सांसें टूट गईं। जबकि बाद में उसी छात्रा को ‘ट्यूमर’ से पीड़ित बताया गया।
    घटनाक्रम: परीक्षा के बाद बिगड़ी तबीयत और ‘गलत’ रिपोर्ट का सदमा
    मृतक छात्रा प्राइवेट स्कूल से 12वीं की पढ़ाई कर रही थी। 2 मार्च 2026 को वह अपनी बोर्ड परीक्षा देकर घर लौटी थी, जिसके बाद अचानक उसकी तबीयत खराब हो गई।
    पिता के अनुसार, बेटी को सबसे पहले हमीदिया अस्पताल ले जाया गया। आरोप है कि वहां के डॉक्टरों ने उसे 2 माह की प्रेग्नेंट बता दिया।जब सोनोग्राफी में स्थिति स्पष्ट नहीं हुई, तो उसे सुल्तानिया अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ के पास भेजा गया। वहां हुई जांच में सामने आया कि छात्रा को प्रेग्नेंसी नहीं, बल्कि पेट में ट्यूमर है।

    डिप्रेशन और मौत: “बेटी ने बोलना बंद कर दिया था”
    परिजनों का सबसे गंभीर आरोप यह है कि ‘प्रेग्नेंसी’ की खबर सुनते ही छात्रा मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गई थी।एक मासूम छात्रा के लिए डॉक्टरों द्वारा कही गई यह बात सामाजिक और व्यक्तिगत तौर पर इतनी बड़ी थी कि उसने लोगों से बात करना और कुछ भी बोलना बंद कर दिया। परिजनों का कहना है कि अस्पताल की सूचना पर पुलिस ने भी इसे ‘रेप केस’ मानकर जांच शुरू कर दी थी, जिससे परिवार और छात्रा पर दबाव और बढ़ गया।लगातार गिरती मानसिक और शारीरिक स्थिति के बीच सोमवार सुबह इलाज के दौरान छात्रा की मौत हो गई।

    पुलिस का पक्ष: ट्यूमर से मौत की पुष्टि
    मामले की जांच कर रही एमपी नगर थाने की एसआई अर्चना तिवारी के अनुसार, डॉक्टरों की प्रारंभिक रिपोर्ट में छात्रा का इलाज ट्यूमर के लिए चलना बताया गया है।रिपोर्ट में प्रेग्नेंसी जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। हालांकि, परिजनों के आरोपों को देखते हुए मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है।अब पुलिस को पोस्टमार्टम (PM) रिपोर्ट का इंतजार है। इसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि मौत की असली वजह ट्यूमर थी या गलत निदान से उपजा मानसिक तनाव।

    यह मामला केवल एक बीमारी का नहीं, बल्कि शब्दों की संवेदनशीलता का है। अगर परिजनों के आरोप सही हैं, तो यह डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही है कि एक गंभीर रूप से बीमार छात्रा को गलत सूचना देकर मानसिक रूप से इतना प्रताड़ित किया गया कि वह जिंदगी की जंग हार गई।”

  • विंध्य को मिलेगा विकास का नया हाईवे, सीधी सिंगरौली फोर लेन से प्रयागराज और वाराणसी से सीधे जुड़ेगा मध्य प्रदेश

    विंध्य को मिलेगा विकास का नया हाईवे, सीधी सिंगरौली फोर लेन से प्रयागराज और वाराणसी से सीधे जुड़ेगा मध्य प्रदेश

    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश के विंध्य क्षेत्र के लिए बुनियादी ढांचे के विकास की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया गया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण ने राष्ट्रीय राजमार्ग-39 के सीधी सिंगरौली खंड के शेष 105 किलोमीटर फोर लेन निर्माण कार्य का अवॉर्ड जारी कर दिया है। लंबे समय से लंबित इस परियोजना को अब गति मिलने जा रही है और उम्मीद है कि अप्रैल 2026 से इसका निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा। यह परियोजना न केवल विंध्य क्षेत्र की सड़क कनेक्टिविटी को मजबूत करेगी बल्कि मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच व्यापार परिवहन और आर्थिक गतिविधियों को भी नई दिशा देगी।

    सीधी सिंगरौली मार्ग को विंध्य क्षेत्र की जीवनरेखा माना जाता है। अभी तक इस मार्ग पर संकरी सड़कें और सीमित पुल होने के कारण यात्रियों और भारी वाहनों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था। कई जगहों पर जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति भी बनती थी। लेकिन अब एनएचएआई इस सड़क को आधुनिक वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित करने जा रहा है जिससे आवागमन सुरक्षित और तेज हो सकेगा।

    इस परियोजना के तहत केवल सड़क का चौड़ीकरण ही नहीं होगा बल्कि बड़े पैमाने पर आधुनिक बुनियादी ढांचा भी विकसित किया जाएगा। योजना के अनुसार इस मार्ग पर तीन रेलवे ओवर ब्रिज और एक रेलवे अंडर ब्रिज बनाए जाएंगे। इसके अलावा तीन बड़े पुल और 33 छोटे पुलों का निर्माण भी किया जाएगा। सड़क पर सुचारु आवागमन सुनिश्चित करने के लिए कई अंडरपास भी बनाए जाएंगे जिनमें स्थानीय वाहनों की आवाजाही के लिए 11 व्हीकुलर अंडरपास और एक पैदल अंडरपास शामिल है।

    सड़क निर्माण के साथ ही आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम भी तैयार किया जाएगा ताकि बारिश के दौरान पानी जमा होने की समस्या से बचा जा सके। इसके तहत 85 बॉक्स कलवर्ट और 165 पाइप कलवर्ट बनाए जाएंगे जिससे सड़क के दोनों ओर बेहतर जल निकासी की व्यवस्था हो सकेगी।

    इस हाईवे के निर्माण से मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के बीच दूरी और यात्रा समय दोनों में कमी आएगी। खासतौर पर विंध्य क्षेत्र के जिलों की कनेक्टिविटी प्रयागराज मिर्जापुर रॉबर्ट्सगंज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों से सीधे और तेज तरीके से जुड़ जाएगी। इससे व्यापारिक गतिविधियों को भी बड़ा फायदा मिलेगा और माल परिवहन अधिक सुगम हो सकेगा।

    सिंगरौली को देश का ऊर्जा हब माना जाता है जहां कोयला बिजली उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियां बड़े पैमाने पर होती हैं। ऐसे में बेहतर सड़क नेटवर्क बनने से यहां से होने वाले लॉजिस्टिक्स और माल परिवहन को नई गति मिलेगी। भारी वाहनों के लिए जंक्शन सुधार सर्विस रोड और बेहतर यातायात व्यवस्था भी इस परियोजना का हिस्सा है।

    इसके साथ ही विंध्य क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करने के लिए रीवा से सीधी के बीच फोर लेन हाईवे बनाने की योजना भी अंतिम चरण में है। इस परियोजना का अवॉर्ड जल्द जारी होने की संभावना है और मानसून के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जा सकता है। इसके अलावा देवतालाब नईगढ़ी मार्ग के निर्माण से रीवा की कनेक्टिविटी प्रयागराज से और अधिक आसान हो जाएगी।

    कुल मिलाकर यह परियोजना विंध्य क्षेत्र के विकास व्यापार और परिवहन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सड़क नेटवर्क के मजबूत होने से न केवल यात्रा आसान होगी बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को भी बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

  • नवरात्रि में मुख्य द्वार पर करें ये आसान वास्तु उपाय, घर में आएगी सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि

    नवरात्रि में मुख्य द्वार पर करें ये आसान वास्तु उपाय, घर में आएगी सकारात्मक ऊर्जा और समृद्धि


    नई दिल्‍ली । चैत्र नवरात्रि हिंदू धर्म में शक्ति साधना और मां दुर्गा की आराधना का विशेष पर्व माना जाता है। वर्ष 2026 में चैत्र नवरात्रि 19 मार्च से शुरू हो रही है और नौ दिनों तक भक्त पूरे श्रद्धा भाव से देवी की पूजा अर्चना करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार यह समय न केवल पूजा और व्रत का होता है बल्कि घर के वातावरण को शुद्ध और सकारात्मक बनाने का भी उत्तम अवसर माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार घर का मुख्य द्वार ऊर्जा के प्रवेश का सबसे महत्वपूर्ण स्थान होता है। यहीं से सकारात्मक और नकारात्मक दोनों प्रकार की ऊर्जा घर में प्रवेश करती हैं। इसलिए नवरात्रि के दौरान मुख्य द्वार को साफ सुथरा पवित्र और शुभ प्रतीकों से सजाना विशेष रूप से लाभकारी माना गया है।

    नवरात्रि के दिनों में घर के मुख्य द्वार पर आम या अशोक के पत्तों का तोरण लगाना बेहद शुभ माना जाता है। हिंदू परंपरा में तोरण को मंगल और समृद्धि का प्रतीक माना गया है। मान्यता है कि आम के पत्तों का तोरण लगाने से घर में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और नकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश रुक जाता है। इसके साथ ही मुख्य द्वार को नियमित रूप से साफ रखना और उसे सजाकर रखना भी जरूरी माना जाता है क्योंकि स्वच्छता को भी शुभता का प्रतीक माना जाता है।

    वास्तु शास्त्र के अनुसार नवरात्रि के दौरान स्नान के बाद मुख्य द्वार के दोनों ओर कुमकुम या हल्दी से स्वास्तिक का चिन्ह बनाना भी अत्यंत शुभ होता है। स्वास्तिक को सनातन परंपरा में मंगल सौभाग्य और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है। इसके साथ ही एक ओर शुभ और दूसरी ओर लाभ लिखने की परंपरा भी है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और परिवार में सुख समृद्धि का वातावरण बनता है।

    नवरात्रि के नौ दिनों में मुख्य द्वार के अंदर की ओर आते हुए माता लक्ष्मी के छोटे छोटे चरण चिह्न बनाना भी शुभ माना जाता है। यह प्रतीकात्मक रूप से इस बात का संकेत देता है कि घर में धन सौभाग्य और समृद्धि का आगमन हो रहा है। कई लोग चावल के आटे कुमकुम या रंगोली से ये चरण चिह्न बनाते हैं जिससे घर का वातावरण और भी पवित्र और आकर्षक बन जाता है।

    इसके अलावा वास्तु शास्त्र में एक और सरल उपाय बताया गया है। एक तांबे के बर्तन में साफ पानी भरकर उसमें गुलाब की पंखुड़ियां डालकर मुख्य द्वार के पास रखना शुभ माना जाता है। गुलाब की सुगंध और जल दोनों मिलकर वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं और घर में शांति तथा सुख का भाव बढ़ाते हैं।

    नवरात्रि के दौरान सूर्यास्त के बाद मुख्य द्वार के पास घी का दीपक जलाने की परंपरा भी बहुत शुभ मानी जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार दीपक का प्रकाश नकारात्मक ऊर्जा को दूर करता है और घर में दिव्यता तथा सकारात्मकता का वातावरण बनाता है। कहा जाता है कि जब घर का मुख्य द्वार शुभ प्रतीकों दीपक की रोशनी और स्वच्छता से सुसज्जित रहता है तो वहां मां दुर्गा और मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और परिवार में सुख शांति तथा समृद्धि का वास होता है।