Author: bharati

  • फरीदाबाद मर्डर केस में पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार, पति की हत्या कर घर के पास जमीन में दबाया शव, पुलिस ने खोला राज

    फरीदाबाद मर्डर केस में पत्नी और प्रेमी गिरफ्तार, पति की हत्या कर घर के पास जमीन में दबाया शव, पुलिस ने खोला राज

    नई दिल्ली ।फरीदाबाद के तिगांव थाना क्षेत्र के गांव मोजाबाद में 42 वर्षीय श्यामवीर की हत्या का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार, हत्या में उसकी पत्नी और उसके साथ रहने वाले एक व्यक्ति की भूमिका सामने आई है। दोनों पर आरोप है कि उन्होंने मिलकर श्यामवीर की हत्या करने के बाद शव को घर के पास जमीन में दबा दिया। मामले का खुलासा सूचना मिलने के बाद पुलिस की जांच में हुआ और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया।

    पुलिस के मुताबिक, श्यामवीर गांव मोजाबाद स्थित मकान में रहता था। उसके साथ कामत नाम का व्यक्ति भी रहता था। इसी दौरान कामत के मृतक की पत्नी केशव के साथ संबंध बन गए। जांच में सामने आया कि श्यामवीर को दोनों के संबंधों की जानकारी हो गई थी। इसे लेकर घर में विवाद की स्थिति बनने लगी थी।

    पुलिस का कहना है कि श्यामवीर पत्नी और कामत के संबंधों का विरोध करता था। वह शराब के नशे में पत्नी के साथ अक्सर विवाद करता था। इसी वजह से दोनों आरोपियों ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। पुलिस जांच के अनुसार, हत्या की साजिश के तहत श्यामवीर को पहले शराब पिलाई गई।

    घटना 16 अगस्त की शाम की बताई गई है। पुलिस के अनुसार, कामत ने श्यामवीर को शराब पिलाने के बाद उसके नशे में होने का इंतजार किया। इसके बाद इंटरलॉकिंग टाइल से उसके सिर पर वार किया गया। गंभीर चोट लगने के कारण उसकी मौत हो गई। आरोप है कि उस समय पत्नी ने भी वारदात में सहयोग किया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया, जिससे घर के भीतर की आवाज बाहर नहीं जा सके।

    हत्या के बाद दोनों ने शव को ठिकाने लगाने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार, घर के पास एक गड्ढा खोदा गया और श्यामवीर के शव को उसमें दबाकर मिट्टी डाल दी गई। इस तरह आरोपियों ने हत्या के बाद शव को छिपाने का प्रयास किया।

    24 अगस्त को फरीदाबाद कंट्रोल रूम के माध्यम से तिगांव थाना पुलिस को जमीन में एक व्यक्ति के दबे होने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और निर्धारित प्रक्रिया के तहत जमीन की खुदाई कर शव बाहर निकाला। इसके बाद मृतक की पहचान श्यामवीर के रूप में हुई।

    मामले में मृतक के भाई रामबीर की शिकायत पर तिगांव थाना पुलिस ने केस दर्ज किया। इसके बाद अपराध शाखा की टीम ने जांच को आगे बढ़ाया। पुलिस ने घटनास्थल, परिस्थितियों और आरोपियों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। पूछताछ के दौरान पुलिस को हत्या की साजिश और शव को जमीन में दबाने से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी मिली।

    पुलिस ने पत्नी केशव और कामत को गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के अनुसार, दोनों आरोपियों को बुधवार को अदालत में पेश किया जाएगा। हत्या में इस्तेमाल किए गए सामान और वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है।

    पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते मामले का खुलासा 24 घंटे के भीतर किए जाने का दावा किया गया है। फिलहाल जांच का केंद्र हत्या की पूरी साजिश, दोनों आरोपियों की भूमिका और वारदात से जुड़े अन्य संभावित तथ्यों पर है। पुलिस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।

  • Gen Z के प्रदर्शन पर गजेंद्र पटेल का गंभीर आरोप: विदेशी ताकतें छात्रों को भड़का रहीं, बोले- मर्यादा में रखें अपनी मांगें

    Gen Z के प्रदर्शन पर गजेंद्र पटेल का गंभीर आरोप: विदेशी ताकतें छात्रों को भड़का रहीं, बोले- मर्यादा में रखें अपनी मांगें


    मध्य प्रदेशमध्य प्रदेश में छात्रों के प्रदर्शन को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। बीजेपी के नवनियुक्त राष्ट्रीय महासचिव और खरगोन-बड़वानी सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने छात्र आंदोलनों के पीछे विदेशी ताकतों के हस्तक्षेप का दावा किया है। पटेल ने कहा कि सोशल मीडिया के जरिए एक विचार तेजी से फैलाया जाता है और उसके बाद Gen Z के युवा उससे जुड़ जाते हैं। उनके मुताबिक इस पूरे घटनाक्रम को देश के भीतर पर्दे के पीछे से कुछ बाहरी तत्वों का समर्थन मिल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी ताकतें देश को बांटने और युवाओं के बीच नफरत फैलाने की कोशिश कर रही हैं।

    इंदौर में पत्रकारों से चर्चा के दौरान गजेंद्र सिंह पटेल से देश के अलग अलग हिस्सों में हो रहे छात्र प्रदर्शनों को लेकर सवाल पूछा गया था। इसी दौरान उन्होंने कहा कि पहले छात्र आंदोलन सकारात्मक सोच और रचनात्मक मुद्दों के साथ आगे बढ़ते थे। राजनीतिक नेताओं के प्रति भी भाषा और व्यवहार में एक तरह का सम्मान दिखाई देता था लेकिन अब छात्र आंदोलनों का स्वरूप और तरीका बदलता नजर आ रहा है। पटेल ने युवाओं से अपील की कि वे अपनी समस्याओं और मांगों को मर्यादा के दायरे में रखते हुए सरकार के सामने रखें।

    पटेल का यह बयान ऐसे समय आया है जब उनके ही संसदीय क्षेत्र के बड़वानी जिले में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के करीब 200 छात्रों ने शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर लगभग 25 किलोमीटर तक मार्च किया। छात्रों की शिकायत थी कि शिक्षकों ने उनके साथ कथित तौर पर जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया और अभद्र व्यवहार किया। छात्रों के इस विरोध प्रदर्शन ने स्थानीय स्तर पर प्रशासन और राजनीतिक नेतृत्व का ध्यान खींचा है।

    इस प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए पटेल ने कहा कि स्कूल में किसी शिक्षक से छोटी मोटी गलती हो सकती है लेकिन बच्चों को इस तरह सड़कों पर नहीं उतरना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार और संगठन बच्चों के साथ हैं और उनकी समस्याओं का समाधान निश्चित रूप से किया जाएगा। पटेल ने यह भी दावा किया कि पिछले एक साल से सक्रिय कुछ संगठनों ने सरकारी स्कूल के छात्रों को गुमराह किया और उन्हें प्रदर्शन के लिए उकसाने का काम किया है।

    बीजेपी नेता ने युवाओं को देश की ताकत बताते हुए कहा कि युवा समझदार हैं और उन्हें यह समझना चाहिए कि उनके आंदोलन का इस्तेमाल कोई बाहरी ताकत अपने हित के लिए न करे। उन्होंने कहा कि छात्रों की वास्तविक समस्याओं पर सरकार गंभीरता से काम कर रही है और शिकायतों के समाधान के लिए संवाद का रास्ता सबसे बेहतर है।

    बातचीत के दौरान पटेल ने इथेनॉल उत्पादन को लेकर भी सरकार की नीतियों का बचाव किया। उन्होंने दावा किया कि देश इथेनॉल उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इससे रोजगार के अवसर बढ़ने के साथ ईंधन क्षेत्र को भी फायदा होगा। चीनी की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को उन्होंने कुछ समय की समस्या बताते हुए विपक्ष पर लोगों को गलत जानकारी के जरिए गुमराह करने का आरोप लगाया। छात्र आंदोलनों से लेकर आर्थिक मुद्दों तक पटेल के बयानों ने प्रदेश की सियासत में नई बहस छेड़ दी है।

  • दूसरों की इस्तेमाल की चीजें घर में लाना पड़ सकता है भारी! फर्नीचर से घड़ी तक इन सामानों से बरतें सावधानी

    दूसरों की इस्तेमाल की चीजें घर में लाना पड़ सकता है भारी! फर्नीचर से घड़ी तक इन सामानों से बरतें सावधानी


    नई दिल्ली। आजकल कम कीमत में घर को आकर्षक और अलग लुक देने के लिए सेकंड हैंड फर्नीचर और एंटीक सामान खरीदने का चलन तेजी से बढ़ रहा है। पुरानी लकड़ी की टेबल हो या विंटेज घड़ी और खूबसूरत शोपीस लोग इन्हें अपने घर की सजावट का हिस्सा बना लेते हैं। हालांकि वास्तु शास्त्र में दूसरों द्वारा इस्तेमाल की जा चुकी कुछ वस्तुओं को घर में लाने को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि लंबे समय तक इस्तेमाल की गई वस्तुओं से उनके पुराने मालिक की भावनाओं और ऊर्जा का प्रभाव जुड़ा हो सकता है। इसलिए ऐसी चीजों को घर में रखने से पहले उनकी अच्छी तरह सफाई और शुद्धि करने की बात कही जाती है।

    वास्तु मान्यताओं के अनुसार सबसे ज्यादा सावधानी पुराने फर्नीचर को लेकर बरतनी चाहिए। सोफा बेड टेबल और लकड़ी की दूसरी चीजें लंबे समय तक किसी व्यक्ति के संपर्क में रहती हैं। माना जाता है कि अगर इन वस्तुओं का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति लंबे समय तक तनाव बीमारी या आर्थिक परेशानी से गुजर रहा था तो उसका नकारात्मक प्रभाव वस्तु से जुड़ सकता है। इसी वजह से पुराने बेड और सोफे को बिना अच्छी तरह साफ किए घर में रखने से बचने की सलाह दी जाती है। खासकर बेड को लेकर वास्तु में अधिक सावधानी बरतने की मान्यता है क्योंकि इसे घर की निजी और पारिवारिक ऊर्जा से जुड़ा माना जाता है।

    पुरानी घड़ी को लेकर भी वास्तु शास्त्र में कई मान्यताएं हैं। घड़ी को समय और प्रगति का प्रतीक माना जाता है। अगर किसी दूसरे व्यक्ति की पुरानी घड़ी घर में लाई जाए और वह बंद हो या सही तरीके से न चलती हो तो इसे शुभ नहीं माना जाता। वास्तु मान्यताओं के अनुसार घर में बंद पड़ी घड़ी सकारात्मक प्रवाह में रुकावट का प्रतीक मानी जाती है। इसलिए घर में हमेशा सही समय बताने वाली और ठीक से चलने वाली घड़ी रखने की सलाह दी जाती है।

    एंटीक सजावटी सामान भी इसी सूची में शामिल किया जाता है। पुरानी पेंटिंग्स धातु की वस्तुएं और पुराने शोपीस देखने में बेहद आकर्षक हो सकते हैं लेकिन उनके साथ उनका इतिहास भी जुड़ा होता है। वास्तु मान्यता कहती है कि किसी वस्तु का पिछला इतिहास अगर तनाव या विवाद से जुड़ा रहा हो तो उसे घर में रखने से पहले सावधानी बरतनी चाहिए। हालांकि इन बातों का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है और इन्हें वास्तु संबंधी मान्यताओं के तौर पर ही देखना चाहिए।

    दूसरों के इस्तेमाल किए हुए कपड़े जूते और गहनों को लेकर भी वास्तु और ज्योतिष में अलग अलग धारणाएं मिलती हैं। खासकर पुराने रत्न और आभूषणों को लेकर मान्यता है कि इन्हें पहनने से पहले उनकी शुद्धि और उचित जांच करानी चाहिए। वहीं व्यावहारिक तौर पर पुराने कपड़े या फर्नीचर खरीदते समय स्वच्छता उनकी स्थिति और सुरक्षा की जांच करना बेहद जरूरी है।

    अगर किसी पुरानी वस्तु को घर में लाना जरूरी हो तो सबसे पहले उसकी अच्छी तरह सफाई करें। लकड़ी और धातु की वस्तुओं को कुछ समय धूप में रखने तथा धार्मिक आस्था रखने वाले लोग गंगाजल या कपूर से प्रतीकात्मक शुद्धि करने जैसे उपाय भी अपनाते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि पुरानी वस्तु खरीदते समय उसकी गुणवत्ता स्वच्छता और वास्तविक स्थिति की जांच जरूर करें। वास्तु की इन मान्यताओं को वैज्ञानिक तथ्य नहीं बल्कि पारंपरिक विश्वास के रूप में समझना बेहतर है।

  • सलमान खान को कोर्ट का समन जैसा नोटिस! शोरूम में कथित धोखाधड़ी के मामले में बहन अलवीरा भी तलब

    सलमान खान को कोर्ट का समन जैसा नोटिस! शोरूम में कथित धोखाधड़ी के मामले में बहन अलवीरा भी तलब


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के दबंग स्टार सलमान खान की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं। चंडीगढ़ की जिला अदालत ने सलमान खान और उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री समेत कई लोगों को कथित धोखाधड़ी से जुड़े एक मामले में नोटिस जारी किया है। यह विवाद मनीमाजरा इलाके में Being Human ब्रांड के ज्वेलरी शोरूम खोलने से जुड़ा बताया जा रहा है। मामले में शिकायतकर्ता स्थानीय बिजनेसमैन अरुण गुप्ता हैं जिन्होंने आरोप लगाया है कि शोरूम शुरू करने को लेकर उनके साथ किए गए वादों को पूरा नहीं किया गया और उन्हें कथित तौर पर आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया। हालांकि अभी अदालत ने आरोपों पर कोई अंतिम निष्कर्ष नहीं दिया है और मामले की शुरुआती कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
    शिकायत के मुताबिक यह मामला Style Quotient Jewellery Private Limited से जुड़ा है। इसी कंपनी के साथ शोरूम को लेकर कारोबारी समझौता किए जाने की बात सामने आई है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि उन्हें Being Human ब्रांड के तहत ज्वेलरी शोरूम शुरू करने के लिए तैयार किया गया था लेकिन बाद में परिस्थितियां उनके लिए मुश्किल होती चली गईं। उनका दावा है कि जिस तरह से कारोबार को लेकर बातें और आश्वासन दिए गए थे उन्हें उस रूप में पूरा नहीं किया गया। इसके बाद उन्होंने अदालत का रुख किया और अपनी शिकायत के आधार पर कानूनी कार्रवाई की मांग की।

    इस मामले में अदालत ने सिर्फ सलमान खान को ही नोटिस नहीं भेजा है बल्कि उनकी बहन अलवीरा खान अग्निहोत्री का नाम भी इसमें शामिल है। इसके अलावा Style Quotient Jewellery Private Limited से जुड़े डायरेक्टर संतोष श्रीवास्तव और प्रसाद बिंदु माधव कापड़े को भी नोटिस जारी किया गया है। अदालत का उद्देश्य फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष जानना है ताकि आगे की कानूनी प्रक्रिया तथ्यों और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे बढ़ाई जा सके।

    खास बात यह है कि अदालत की ओर से जारी नोटिस BNSS की धारा 223 के तहत बताया गया है। इसका मतलब यह नहीं है कि सलमान खान या अन्य संबंधित लोगों को इस मामले में दोषी ठहरा दिया गया है। यह प्रक्रिया शिकायत पर आगे बढ़ने से पहले संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने से जुड़ी है। इसलिए इस मामले में आरोप और अदालत के अंतिम निष्कर्ष को अलग-अलग समझना जरूरी है।

    अदालत ने सभी संबंधित लोगों को 5 अक्टूबर 2026 को सुबह 10 बजे उपस्थित होने का निर्देश दिया है। वे खुद या अपने अधिवक्ता के माध्यम से अदालत के सामने अपना पक्ष रख सकते हैं। अब इस तारीख पर होने वाली कार्यवाही काफी अहम मानी जा रही है क्योंकि इसी दौरान शिकायत से जुड़े आरोपों पर संबंधित पक्ष अपनी सफाई पेश कर सकते हैं।

    यह विवाद सलमान खान के चर्चित Being Human ब्रांड से जुड़ा होने के कारण भी खासा चर्चा में है। Being Human ब्रांड का नाम सलमान खान से लंबे समय से जुड़ा रहा है और इसके तहत फैशन तथा ज्वेलरी से जुड़े उत्पादों का कारोबार भी किया जाता है। ऐसे में शोरूम से जुड़ा यह कानूनी विवाद अभिनेता के लिए एक और चुनौती बनकर सामने आया है। फिलहाल मामले में अदालत की अगली सुनवाई का इंतजार है और 5 अक्टूबर को होने वाली कार्यवाही से साफ होगा कि इस शिकायत पर आगे किस दिशा में कानूनी कदम बढ़ता है।

  • कुकू कोहली संग रिश्ते पर लगे थे घर तोड़ने के आरोप, अरुणा ईरानी ने क्यों चुनी बिना बच्चों की जिंदगी?

    कुकू कोहली संग रिश्ते पर लगे थे घर तोड़ने के आरोप, अरुणा ईरानी ने क्यों चुनी बिना बच्चों की जिंदगी?


    नई दिल्ली। बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर कुकू कोहली अब इस दुनिया में नहीं हैं। 25 अगस्त को मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में 77 साल की उम्र में उनका निधन हो गया। बताया गया कि हार्ट अटैक के बाद उन्होंने अंतिम सांस ली। कुकू कोहली ने अपने करियर में कई यादगार फिल्में दीं और अजय देवगन को फूल और कांटे के जरिए बतौर अभिनेता लॉन्च किया। उनके निधन के बाद जहां फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है वहीं उनकी निजी जिंदगी से जुड़ी पुरानी बातें भी एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा उनकी और दिग्गज अभिनेत्री अरुणा ईरानी की प्रेम कहानी की हो रही है।

    कुकू कोहली की पहली शादी रीता कोहली से हुई थी। इस शादी से उनकी दो बेटियां करिश्मा और पूजा कोहली हुईं। इसके बाद उनकी जिंदगी में अभिनेत्री अरुणा ईरानी की एंट्री हुई। दोनों की मुलाकात एक फिल्म की शूटिंग के दौरान हुई थी। शुरुआती दौर में दोनों के बीच ज्यादा अच्छी बॉन्डिंग नहीं थी। बताया जाता है कि कुकू कोहली के सेट पर देर से पहुंचने की वजह से अरुणा उनसे नाराज रहती थीं। बाद में कुकू उन्हें मनाने लगे और इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ती चली गईं।

    अरुणा ईरानी ने अपने पुराने इंटरव्यू में बताया था कि जब उनकी मुलाकात कुकू कोहली से हुई थी तब उन्हें यह जानकारी नहीं थी कि वह शादीशुदा हैं और उनके बच्चे भी हैं। जब दोनों के रिश्ते की खबर सामने आई तो अरुणा को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। उन्हें घर तोड़ने वाली दूसरी औरत तक कहा गया। हालांकि अरुणा ईरानी ने हमेशा इन आरोपों को खारिज किया। उनका कहना था कि उन्होंने किसी का घर तोड़ने के इरादे से यह रिश्ता नहीं बनाया था। उनके मुताबिक रिश्तों में परिस्थितियां कई बार ऐसी बन जाती हैं जिन्हें बाहर से देखने वाला व्यक्ति पूरी तरह नहीं समझ सकता।

    कुकू कोहली की पहली पत्नी के निधन के बाद अरुणा ईरानी ने अपने रिश्ते के बारे में खुलकर बात करनी शुरू की। इसके बाद दोनों ने शादी कर ली। लेकिन इस रिश्ते में एक ऐसा फैसला भी था जिसने अरुणा ईरानी की जिंदगी को हमेशा के लिए अलग दिशा दे दी। शादी के बाद उन्होंने मां न बनने का फैसला किया।

    अरुणा ईरानी ने खुद इसके पीछे दो बड़ी वजहें बताई थीं। पहली वजह दोनों के बीच उम्र का अंतर था। उन्हें लगता था कि अगर इस उम्र में वह मां बनती हैं तो बच्चे और उनके बीच उम्र का फासला काफी ज्यादा होगा। उन्हें डर था कि भविष्य में यह अंतर बच्चे और उनके लिए परेशानी का कारण बन सकता है।

    दूसरी वजह इससे भी ज्यादा भावनात्मक थी। अरुणा नहीं चाहती थीं कि उनका बच्चा बड़ा होकर अपने पिता को लेकर उनसे ऐसे सवाल पूछे जिनका वह स्पष्ट जवाब न दे पाएं। उन्हें यह चिंता भी थी कि अगर कभी बच्चे को रात के समय पिता की जरूरत हुई तो वह उसकी मदद के लिए उन्हें बुलाने की स्थिति में नहीं होंगी। इसलिए उन्होंने फैसला किया कि जिस उलझन और परेशानी का सामना उन्हें खुद करना पड़ा है उसका असर वह अपने बच्चे की जिंदगी पर नहीं पड़ने देंगी।

    इस तरह अरुणा ईरानी और कुकू कोहली की प्रेम कहानी भले ही विवादों में रही लेकिन अरुणा ने अपनी जिंदगी का यह बेहद निजी फैसला सोच समझकर लिया। कुकू कोहली के निधन के बाद उनकी यह कहानी एक बार फिर सुर्खियों में है और यह बताती है कि बॉलीवुड की चमकती दुनिया के पीछे सितारों की निजी जिंदगी में कितने मुश्किल और भावनात्मक फैसले छिपे होते हैं।

  • हाई BP को हल्के में न लें! शरीर में बढ़ता दबाव इन वजहों से हो सकता है खतरनाक, जानें बचाव के आसान तरीके

    हाई BP को हल्के में न लें! शरीर में बढ़ता दबाव इन वजहों से हो सकता है खतरनाक, जानें बचाव के आसान तरीके


    नई दिल्ली । ब्लड प्रेशर यानी रक्तचाप का बढ़ना आज के समय में एक आम स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। कई बार लोगों को पता भी नहीं चलता कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है क्योंकि शुरुआती दौर में इसके लक्षण बहुत स्पष्ट नहीं होते। इसी वजह से हाई ब्लड प्रेशर को साइलेंट किलर भी कहा जाता है। सामान्य स्थिति में रक्तचाप शरीर में खून के प्रवाह को बनाए रखने के लिए जरूरी होता है लेकिन जब यह लंबे समय तक सामान्य स्तर से अधिक बना रहे तो हृदय और रक्त वाहिकाओं पर दबाव बढ़ सकता है।

    ब्लड प्रेशर बढ़ने की एक बड़ी वजह खराब लाइफस्टाइल हो सकती है। आजकल लोगों की दिनचर्या में शारीरिक गतिविधि कम हो गई है और लंबे समय तक बैठकर काम करने की आदत बढ़ गई है। नियमित व्यायाम की कमी से वजन बढ़ सकता है और मोटापे के कारण हाई BP का खतरा बढ़ सकता है। इसके अलावा खाने में ज्यादा नमक का सेवन भी कुछ लोगों में रक्तचाप बढ़ाने में भूमिका निभा सकता है। पैकेज्ड फूड और अत्यधिक प्रोसेस्ड भोजन में सोडियम की मात्रा अधिक हो सकती है इसलिए ऐसे खाद्य पदार्थों का ज्यादा सेवन सीमित रखना बेहतर माना जाता है।

    तनाव भी ब्लड प्रेशर को प्रभावित कर सकता है। जब व्यक्ति लंबे समय तक तनाव में रहता है तो शरीर में ऐसे हार्मोन सक्रिय होते हैं जो कुछ समय के लिए हृदय की धड़कन और रक्तचाप बढ़ा सकते हैं। लगातार तनाव बना रहने पर यह समस्या और गंभीर हो सकती है। इसके साथ ही नींद पूरी न होना भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक है। नियमित रूप से कम नींद लेने वाले लोगों में हाई BP का खतरा बढ़ सकता है।

    धूम्रपान और तंबाकू का सेवन भी रक्त वाहिकाओं पर नकारात्मक असर डाल सकता है। इसी तरह अत्यधिक शराब का सेवन कुछ लोगों में रक्तचाप बढ़ने से जुड़ा हो सकता है। इसलिए BP को नियंत्रित रखने के लिए इन आदतों से दूरी बनाना महत्वपूर्ण है।

    कई बार हाई ब्लड प्रेशर के पीछे दूसरी स्वास्थ्य समस्याएं या कुछ दवाएं भी कारण हो सकती हैं। किडनी से जुड़ी समस्याएं हार्मोन संबंधी परेशानियां और कुछ अन्य स्थितियां रक्तचाप को प्रभावित कर सकती हैं। इसलिए अगर किसी व्यक्ति का BP बार बार बढ़ रहा है तो केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

    ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने के लिए संतुलित भोजन नियमित शारीरिक गतिविधि पर्याप्त नींद और तनाव को कम करने वाली स्वस्थ आदतें अपनाना फायदेमंद हो सकता है। खाने में नमक की मात्रा सीमित रखना फल सब्जियां और साबुत अनाज जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थों को शामिल करना भी मददगार हो सकता है। साथ ही डॉक्टर की सलाह के अनुसार नियमित रूप से BP की जांच करवानी चाहिए।

    अगर BP बहुत ज्यादा बढ़ जाए और इसके साथ तेज सिरदर्द सीने में दर्द सांस लेने में परेशानी कमजोरी बोलने में दिक्कत या दिखाई देने में परेशानी जैसे गंभीर लक्षण हों तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए और तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। हाई BP का सही कारण जानने और उचित उपचार के लिए चिकित्सकीय सलाह सबसे जरूरी है। यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है और किसी डॉक्टर की व्यक्तिगत सलाह का विकल्प नहीं है।

  • MP में मानसून ट्रिप का है प्लान तो इन जगहों पर जरूर जाएं! झरनों से लेकर जंगल और किलों तक मिलेगा शानदार नजारा

    MP में मानसून ट्रिप का है प्लान तो इन जगहों पर जरूर जाएं! झरनों से लेकर जंगल और किलों तक मिलेगा शानदार नजारा

    नई दिल्ली । मानसून का मौसम आते ही मध्य प्रदेश की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। बारिश की बूंदों के साथ पहाड़ों पर छाई हरियाली बहते झरने जंगलों की ताजगी और बादलों से घिरे खूबसूरत नजारे लोगों को घूमने के लिए आकर्षित करते हैं। अगर आप भी बारिश के मौसम में परिवार दोस्तों या पार्टनर के साथ घूमने का प्लान बना रहे हैं तो मध्य प्रदेश आपके लिए शानदार विकल्प हो सकता है। प्रदेश में ऐसी कई जगहें हैं जहां मानसून के दौरान प्रकृति अपने सबसे खूबसूरत रूप में नजर आती है।

    मानसून ट्रैवल के लिए सबसे लोकप्रिय जगहों में पचमढ़ी का नाम सबसे ऊपर आता है। सतपुड़ा की पहाड़ियों के बीच बसा पचमढ़ी बारिश के मौसम में हरियाली से ढक जाता है। यहां पहाड़ों के बीच बादलों का नजारा और झरनों का बहता पानी पर्यटकों को खास अनुभव देता है। बी फॉल्स रजत प्रपात और जटाशंकर जैसी जगहों पर बारिश के दौरान प्राकृतिक सुंदरता और भी बढ़ जाती है। हालांकि झरनों के पास जाते समय स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा गाइडलाइन का पालन करना जरूरी है।

    इंदौर के आसपास रहने वाले लोगों के लिए पातालपानी मानसून में घूमने की अच्छी जगह हो सकती है। बारिश के दौरान यहां का झरना और आसपास की हरियाली मन मोह लेती है। दोस्तों और परिवार के साथ एक दिन की ट्रिप के लिए यह जगह आकर्षक विकल्प बन सकती है। तेज बारिश के समय पानी का बहाव अचानक बढ़ सकता है इसलिए झरने के बेहद करीब जाने से बचना चाहिए।

    जबलपुर की बात करें तो भेड़ाघाट मानसून में अलग ही रूप में नजर आता है। नर्मदा नदी के किनारे संगमरमर की ऊंची चट्टानें और आसपास का प्राकृतिक वातावरण बारिश के बाद बेहद खूबसूरत दिखाई देता है। धुआंधार जलप्रपात भी पर्यटकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र है। पानी का प्रवाह बढ़ने पर इसका नजारा और ज्यादा प्रभावशाली हो सकता है लेकिन यहां भी सुरक्षा व्यवस्था और स्थानीय निर्देशों का ध्यान रखना जरूरी है।

    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले का तामिया भी मानसून ट्रैवल के लिए बेहतरीन विकल्प माना जाता है। पहाड़ियों घाटियों और घने जंगलों से घिरा यह इलाका बारिश के मौसम में बेहद हरा भरा नजर आता है। यहां से दिखाई देने वाले प्राकृतिक दृश्य और शांत वातावरण उन लोगों को खास पसंद आ सकते हैं जो भीड़भाड़ से दूर कुछ समय बिताना चाहते हैं।

    इसके अलावा मांडू भी बारिश के मौसम में घूमने के लिए आकर्षक जगह है। ऐतिहासिक इमारतों के साथ हरियाली और बादलों का मेल यहां के नजारों को खास बना देता है। भोपाल के आसपास भोजपुर और केरवा जैसे स्थान भी बारिश के दौरान प्रकृति प्रेमियों को आकर्षित करते हैं।

    हालांकि मानसून में यात्रा करते समय खूबसूरत नजारों के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। नदी झरने और जलप्रपात के पास सेल्फी लेने के लिए जोखिम उठाने से बचें। मौसम का पूर्वानुमान देखकर यात्रा की योजना बनाएं और रास्तों की स्थिति की जानकारी पहले हासिल करें। इस तरह थोड़ी सावधानी के साथ मध्य प्रदेश का मानसून ट्रिप खूबसूरत यादों से भरपूर बनाया जा सकता है।

  • 18 साल बाद फिर साथ आएंगे अक्षय-सैफ: ‘हैवान’ से पहले देखिए 6 फिल्मों में कैसी रही जोड़ी की किस्मत

    18 साल बाद फिर साथ आएंगे अक्षय-सैफ: ‘हैवान’ से पहले देखिए 6 फिल्मों में कैसी रही जोड़ी की किस्मत


    नई दिल्ली। अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी एक बार फिर चर्चा में है। दोनों कलाकार फिल्म हैवान के जरिए लंबे समय बाद एक ही प्रोजेक्ट का हिस्सा बने हैं हालांकि इस बार दोनों एक साथ स्क्रीन पर दोस्त या साथी के तौर पर नहीं बल्कि अलग अलग भूमिकाओं में नजर आएंगे। सैफ अली खान फिल्म में लीड रोल निभा रहे हैं जबकि अक्षय कुमार विलेन के किरदार में दिखाई देंगे। फिल्म की रिलीज से पहले दर्शकों के बीच यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि आखिर अतीत में जब अक्षय और सैफ एक साथ फिल्मों में आए तो बॉक्स ऑफिस पर उनका प्रदर्शन कैसा रहा था।

    अक्षय कुमार और सैफ अली खान ने अपने करियर में करीब छह फिल्मों में साथ काम किया है। इन फिल्मों में कुछ को शानदार सफलता मिली तो कुछ फिल्मों का प्रदर्शन औसत या मिला जुला रहा। यानी दोनों की जोड़ी ने कई यादगार फिल्में जरूर दीं लेकिन केवल इन दोनों सितारों का साथ आना किसी फिल्म की सफलता की गारंटी नहीं रहा। इसके बावजूद दोनों कलाकारों की स्क्रीन केमिस्ट्री और अलग अलग अंदाज दर्शकों को पसंद आया है और यही वजह है कि हैवान को लेकर भी उम्मीदें काफी ज्यादा हैं।

    दोनों की सबसे चर्चित फिल्मों में साल 1994 में रिलीज हुई मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी का नाम सबसे ऊपर आता है। यह फिल्म बॉक्स ऑफिस पर बड़ी सफलता हासिल करने वाली फिल्मों में शामिल रही। फिल्म में अक्षय कुमार ने सख्त मिजाज पुलिस अधिकारी का किरदार निभाया था जबकि सैफ अली खान एक ऐसे अभिनेता के रोल में नजर आए थे जो अपने अभिनय को बेहतर बनाने के लिए अक्षय के किरदार के साथ जुड़ जाता है। फिल्म में एक्शन कॉमेडी और दोनों कलाकारों की शानदार टाइमिंग ने दर्शकों का खूब मनोरंजन किया था। इसके गाने भी उस दौर में काफी लोकप्रिय हुए थे।

    साल 1994 में ही दोनों कलाकार फिल्म ये दिल्लगी में भी नजर आए। इसके बाद 1996 में तू चोर मैं सिपाही में दोनों ने साथ काम किया। साल 1998 में कीमत और 1999 में आरजू में भी अक्षय और सैफ की जोड़ी देखने को मिली। दोनों की साथ में आखिरी चर्चित फिल्मों में 2008 की टशन शामिल है। इन फिल्मों में दोनों ने अलग अलग तरह के किरदार निभाए और कई फिल्मों में उनकी जोड़ी ने दर्शकों का मनोरंजन किया।

    अब हैवान को लेकर सबसे ज्यादा चर्चा इसकी कहानी और कलाकारों की भूमिकाओं को लेकर है। फिल्म में सैफ अली खान मुख्य किरदार में हैं जबकि अक्षय कुमार पहली बार उनके सामने खलनायक के अंदाज में दिखाई देंगे। दोनों के बीच टकराव फिल्म की सबसे बड़ी खासियतों में से एक माना जा रहा है। ऐसे में दर्शकों की नजर इस बात पर होगी कि दोनों दिग्गज अभिनेता एक दूसरे के सामने किस तरह का स्क्रीन प्रेजेंस दिखाते हैं।

    हैवान की उम्मीदों को बढ़ाने वाली दूसरी बड़ी वजह यह है कि यह एक सफल साउथ फिल्म का हिंदी रीमेक बताई जा रही है। मूल कहानी दर्शकों के बीच पहले ही अपनी पहचान बना चुकी है और ऐसे में हिंदी दर्शकों के लिए इसे बड़े सितारों के साथ पेश किया जा रहा है। फिल्म का निर्देशन प्रियदर्शन कर रहे हैं। प्रियदर्शन और अक्षय कुमार की जोड़ी इससे पहले हेरा फेरी और भूल भुलैया जैसी बेहद लोकप्रिय फिल्मों में काम कर चुकी है। यही कारण है कि हैवान को लेकर दर्शकों के बीच उत्सुकता और बढ़ गई है।

    अक्षय और सैफ का पिछला रिकॉर्ड भले ही पूरी तरह ब्लॉकबस्टर नहीं रहा हो लेकिन दोनों ने मिलकर कुछ ऐसी फिल्में जरूर दी हैं जो आज भी दर्शकों को याद हैं। मैं खिलाड़ी तू अनाड़ी जैसी सफलता इस जोड़ी के खाते में दर्ज है जबकि अन्य फिल्मों का प्रदर्शन अलग अलग रहा। अब हैवान में दोनों का समीकरण पूरी तरह बदला हुआ नजर आएगा। सैफ जहां कहानी के केंद्र में होंगे वहीं अक्षय का विलेन अवतार फिल्म में संघर्ष को नया रंग देगा।

    फिल्म की रिलीज के बाद ही साफ होगा कि अक्षय और सैफ की यह नई जोड़ी पुराने बॉक्स ऑफिस रिकॉर्ड को दोहरा पाती है या नहीं। फिलहाल दोनों सितारों की लोकप्रियता प्रियदर्शन का निर्देशन और साउथ की सफल कहानी का आधार हैवान को रिलीज से पहले ही एक चर्चित फिल्म बना चुका है।

  • Yash की Toxic के हिंदी वर्जन पर सेंसर बोर्ड की कैंची, गाली से लेकर ड्रग्स सीन तक में बदलाव; A सर्टिफिकेट के साथ होगी रिलीज

    Yash की Toxic के हिंदी वर्जन पर सेंसर बोर्ड की कैंची, गाली से लेकर ड्रग्स सीन तक में बदलाव; A सर्टिफिकेट के साथ होगी रिलीज


    नई दिल्ली। साउथ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म Toxic रिलीज से पहले ही सेंसर बोर्ड के फैसले को लेकर चर्चा में आ गई है। फिल्म के हिंदी वर्जन में केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC ने कई बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। जहां फिल्म के तमिल वर्जन में सिर्फ एक डायलॉग पर आपत्ति जताई गई थी वहीं हिंदी वर्जन में गाली गलौज से लेकर ड्रग्स वाले सीन और अश्लील डायलॉग तक मेंYash Toxic Movie, Toxic CBFC Cuts, Yash New Movie, Bollywood South Cinema, Toxic Hindi Version बदलाव करने को कहा गया है। फिल्म बुधवार को सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है और रिलीज से ठीक एक दिन पहले सेंसर बोर्ड के निर्देश सामने आने के बाद दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ गई है।

    रिपोर्ट के मुताबिक हिंदी वर्जन में फिल्म के फर्स्ट हाफ में इस्तेमाल किए गए एक अपमानजनक शब्द को हटाने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा सेकंड हाफ के एक सीन में बच्चे को दी गई गाली को म्यूट करने के लिए कहा गया है। सेंसर बोर्ड ने फिल्म में दिखाए गए ड्रग्स के सेवन वाले एक सीन की अवधि भी कम करने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही सेकंड हाफ में मौजूद एक अश्लील डायलॉग को बदलने के लिए कहा गया है। यानी हिंदी दर्शकों के लिए फिल्म का कंटेंट सेंसर बोर्ड के निर्देशों के मुताबिक थोड़ा बदला हुआ नजर आएगा।

    फिल्म के डिसक्लेमर में भी बदलाव किया गया है। बताया गया है कि फिल्म के अंत में इस्तेमाल किया गया डिसक्लेमर तमिल भाषा में था। CBFC ने इसे हिंदी में करने का निर्देश दिया है। सभी जरूरी बदलाव पूरे किए जाने के बाद फिल्म के हिंदी वर्जन को A सर्टिफिकेट के साथ रिलीज की मंजूरी दी जाएगी। इसका मतलब है कि फिल्म को केवल वयस्क दर्शक ही सिनेमाघरों में देख सकेंगे।

    Toxic की लंबाई भी दर्शकों के लिए खासा चर्चा का विषय बनी हुई है। फिल्म का रन टाइम 194 मिनट 12 सेकंड बताया गया है। यानी फिल्म करीब 3 घंटे 14 मिनट लंबी है। इंटरवल और थिएटर में चलने वाले विज्ञापनों को जोड़ दिया जाए तो दर्शकों को सिनेमाघर में लगभग चार घंटे तक का समय देना पड़ सकता है। इतने लंबे रन टाइम के कारण फिल्म को लेकर दर्शकों में उत्सुकता के साथ चर्चा भी तेज है।

    दिलचस्प बात यह है कि हिंदी वर्जन की तुलना में फिल्म के तमिल वर्जन पर सेंसर बोर्ड ने काफी कम सख्ती दिखाई। तमिल वर्जन को 20 अगस्त को सेंसर सर्टिफिकेट मिला था और इसमें सिर्फ एक बदलाव करने के लिए कहा गया था। फिल्म में मौजूद एक गाली वाले डायलॉग को बदलने का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा तमिल वर्जन में किसी अन्य बदलाव की बात सामने नहीं आई थी।

    यश की Toxic लंबे समय से सुर्खियों में बनी हुई है। फिल्म में यश एक अलग और ग्रे शेड वाले किरदार में नजर आने वाले हैं। बड़े बजट की इस फिल्म को लेकर रिलीज से पहले ही जबरदस्त माहौल बना हुआ है। फिल्म की कहानी और यश का नया अवतार दर्शकों के बीच चर्चा का विषय है। अब सेंसर बोर्ड के बदलावों के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि फिल्म का हिंदी वर्जन दर्शकों पर कितना असर डालता है।

    फिल्म की रिलीज रामायण से पहले हो रही है और ऐसे में बॉक्स ऑफिस पर भी इसके प्रदर्शन को लेकर काफी उम्मीदें हैं। यश की पिछली फिल्मों की लोकप्रियता और Toxic को लेकर बने हाईप को देखते हुए ट्रेड एक्सपर्ट्स की नजर इसकी ओपनिंग पर रहेगी। हालांकि फिल्म दर्शकों की उम्मीदों पर कितनी खरी उतरती है और बॉक्स ऑफिस पर कितनी बड़ी शुरुआत करती है इसका जवाब रिलीज के बाद ही सामने आएगा।

    फिलहाल Toxic के हिंदी वर्जन में सेंसर बोर्ड द्वारा किए गए बदलावों ने फिल्म की रिलीज से पहले ही इसे चर्चा में ला दिया है। गाली वाले शब्दों को हटाने या म्यूट करने से लेकर ड्रग्स सीन छोटा करने और अश्लील डायलॉग बदलने तक कई निर्देश दिए गए हैं। अब A सर्टिफिकेट के साथ रिलीज होने जा रही यह फिल्म यश के फैंस को कितना प्रभावित करती है यह देखने वाली बात होगी।

  • रक्षाबंधन पर गिफ्ट खरीदना रह गया तो घबराएं नहीं, क्विक कॉमर्स ऐप्स से मिनटों में चॉकलेट, फूल और मिठाई मंगाएं

    रक्षाबंधन पर गिफ्ट खरीदना रह गया तो घबराएं नहीं, क्विक कॉमर्स ऐप्स से मिनटों में चॉकलेट, फूल और मिठाई मंगाएं

    नई दिल्ली ।रक्षाबंधन के मौके पर भाई या बहन के लिए उपहार खरीदना अगर आखिरी समय तक टल गया है, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। क्विक कॉमर्स सेवाओं के जरिए घर बैठे कुछ ही समय में कई तरह के गिफ्टिंग विकल्प तलाशे जा सकते हैं। चॉकलेट, मिठाई, फूल और केक से लेकर ब्यूटी, ग्रूमिंग और रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाले सामान तक कई विकल्प अलग-अलग इलाकों में उपलब्ध हो सकते हैं।

    आखिरी समय में गिफ्ट ऑर्डर करने से पहले सबसे जरूरी बात अपने इलाके में उपलब्धता देखना है। संबंधित ऐप खोलकर लोकेशन दर्ज करने के बाद यह जांचना चाहिए कि चुना हुआ सामान आसपास के स्टोर में मौजूद है या नहीं। इसके साथ ही ऐप पर दिखाई जा रही अनुमानित डिलीवरी अवधि को भी देखना जरूरी है।

    Blinkit जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर रक्षाबंधन के लिए कई तरह के छोटे और तुरंत दिए जा सकने वाले उपहार मिल सकते हैं। चॉकलेट, मिठाई, फूल और केक के अलावा स्नैक्स, ब्यूटी तथा पर्सनल केयर से जुड़े उत्पाद भी विकल्प हो सकते हैं। भाई या बहन की पसंद को ध्यान में रखते हुए उपयोगी सामान चुनना आखिरी समय में भी बेहतर गिफ्ट तैयार करने का आसान तरीका हो सकता है।

    Zepto पर भी अलग-अलग क्षेत्रों में गिफ्टिंग से जुड़े कई उत्पाद उपलब्ध हो सकते हैं। चॉकलेट और दूसरे खाद्य उत्पादों के अलावा परफ्यूम, ब्यूटी तथा ग्रूमिंग से जुड़े सामान और रोजाना काम आने वाले उत्पादों को भी उपहार के तौर पर चुना जा सकता है। हालांकि हर इलाके में हर उत्पाद उपलब्ध हो, यह जरूरी नहीं है।

    Swiggy Instamart भी आखिरी समय में गिफ्ट तलाशने वालों के लिए एक विकल्प हो सकता है। यहां उपलब्धता के आधार पर चॉकलेट, मिठाई, फूल, स्नैक्स और अन्य छोटे गिफ्टिंग आइटम देखे जा सकते हैं। भाई या बहन की पसंद की अलग-अलग चीजें एक साथ मंगाकर छोटा सा गिफ्ट कॉम्बिनेशन भी तैयार किया जा सकता है।

    हालांकि क्विक डिलीवरी का मतलब यह नहीं है कि हर ऑर्डर निश्चित रूप से 15 मिनट में पहुंच जाएगा। डिलीवरी का समय ग्राहक की लोकेशन, आसपास उपलब्ध स्टॉक, ऑर्डर की संख्या और उस समय की स्थानीय मांग पर निर्भर करता है। रक्षाबंधन जैसे त्योहारों पर ऑर्डर की संख्या बढ़ने के कारण कुछ क्षेत्रों में सामान्य समय से अधिक देरी भी हो सकती है।

    इसीलिए ऑर्डर करने से पहले अनुमानित डिलीवरी समय जरूर जांचना चाहिए। यदि राखी बांधने या परिवार के साथ मिलने का समय बेहद करीब है, तो ऐसा सामान चुनना बेहतर हो सकता है जिसकी उपलब्धता स्पष्ट हो और जिसकी अनुमानित डिलीवरी निर्धारित समय से पहले दिखाई दे रही हो।

    गिफ्ट चुनने में ज्यादा समय नहीं है तो चॉकलेट, मिठाई, फूल और केक आसान विकल्प हो सकते हैं। इनके अलावा परफ्यूम, स्किन केयर, ग्रूमिंग उत्पाद, कॉफी और स्नैक कॉम्बो या भाई-बहन की पसंद का कोई छोटा उपयोगी सामान भी चुना जा सकता है। बजट के अनुसार एक से अधिक छोटी चीजों को मिलाकर व्यक्तिगत गिफ्ट तैयार किया जा सकता है।

    रक्षाबंधन पर आखिरी समय में खरीदारी करने वालों के लिए सबसे महत्वपूर्ण बात जल्दबाजी में केवल डिलीवरी स्पीड देखकर ऑर्डर करना नहीं, बल्कि उपलब्धता, कीमत और अनुमानित डिलीवरी समय की जांच करना है। सही विकल्प चुनकर कम समय में भी भाई या बहन के लिए उपयोगी और पसंद आने वाला उपहार मंगाया जा सकता है।