Author: bharati

  • गुजराती सिनेमा का चमकता सितारा बनी ‘लालो’ : 100 करोड़ क्लब में एंट्री पर गदगद हुए प्रतीक गांधी बोले -ईमानदार मेहनत ने रचा इतिहास

    गुजराती सिनेमा का चमकता सितारा बनी ‘लालो’ : 100 करोड़ क्लब में एंट्री पर गदगद हुए प्रतीक गांधी बोले -ईमानदार मेहनत ने रचा इतिहास


    नई दिल्ली। गुजराती सिनेमा के लिए साल 2025 बेहद खास साबित हुआ जब फिल्म ‘लालो–कृष्ण सदा सहायताते’ ने इतिहास रचते हुए विश्व स्तर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई कर ली। यह उपलब्धि हासिल करने वाली यह पहली गुजराती फिल्म बन गई है। फिल्म की इस बड़ी सफलता ने न केवल बॉक्स ऑफिस पर नया रिकॉर्ड बनाया बल्कि क्षेत्रीय सिनेमा की ताकत को भी नए सिरे से दुनिया के सामने रखा है। फिल्म की कामयाबी से अभिनेता प्रतीक गांधी बेहद उत्साहित और गर्वित नजर आए। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि पूरी गुजराती फिल्म इंडस्ट्री के लिए गर्व का क्षण है और इससे क्षेत्रीय सिनेमा को नई पहचान मिली है।

    प्रतीक गांधी ने फिल्म की सफलता पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ‘लालो’ का 100 करोड़ के आंकड़े को पार करना किसी चमत्कार से कम नहीं है। उन्होंने बताया कि फिल्म की टीम ने जब इस प्रोजेक्ट की शुरुआत की थी तब किसी ने भी यह कल्पना नहीं की थी कि यह इतना बड़ा मुकाम हासिल कर पाएगी। उन्होंने कहा कि कई बार फिल्म इंडस्ट्री में शुरुआत के समय कई तरह की अनिश्चितताएं होती हैं लेकिन अगर काम ईमानदारी और समर्पण के साथ किया जाए तो उसका परिणाम जरूर मिलता है। यही बात इस फिल्म की सफलता में भी साफ दिखाई देती है।

    उन्होंने आगे कहा कि इस फिल्म ने उन्हें एक महत्वपूर्ण सीख भी दी है कि ज्यादा सोचने और परिणाम की चिंता करने के बजाय अपने काम को पूरी ईमानदारी और लगन से करते रहना चाहिए। प्रतीक गांधी के मुताबिक ‘लालो’ की कहानी और उसकी सादगी ने दर्शकों के दिल को छू लिया। यही वजह है कि फिल्म ने धीरे धीरे दर्शकों के बीच अपनी मजबूत पहचान बनाई और देखते ही देखते एक बड़ी ब्लॉकबस्टर बन गई।

    फिल्म अब डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हो चुकी है। इसकी स्ट्रीमिंग सोनी लाइव पर गुजराती और हिंदी दोनों भाषाओं में शुरू हो गई है। इस पर खुशी जताते हुए प्रतीक गांधी ने कहा कि अब इस फिल्म को और ज्यादा दर्शक देख सकेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इसकी सरल और भावनात्मक कहानी हर वर्ग के दर्शकों तक पहुंचेगी और उन्हें प्रेरित भी करेगी।

    भक्ति आधारित यह फिल्म अक्टूबर 2025 में रिलीज हुई थी। शुरुआत में इसे छोटे स्तर पर रिलीज किया गया था लेकिन दर्शकों की शानदार प्रतिक्रिया के चलते इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ती चली गई। सीमित बजट में बनी इस फिल्म ने विश्व स्तर पर 120 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर ली जिसमें भारत में करीब 97 करोड़ रुपये नेट कलेक्शन और विदेशों में लगभग 7.5 करोड़ रुपये की कमाई शामिल है। इसी के साथ यह गुजराती सिनेमा की अब तक की सबसे बड़ी ब्लॉकबस्टर फिल्म बन गई है।

    फिल्म की कहानी एक साधारण रिक्शा ड्राइवर के इर्द गिर्द घूमती है जो एक फार्महाउस में फंस जाता है। वहीं उसे भगवान कृष्ण के दर्शन होते हैं और उसके जीवन की दिशा बदल जाती है। भगवान कृष्ण उसे अपने पुराने डर और बुरे सपनों से लड़ने की प्रेरणा देते हैं और आत्म खोज की यात्रा पर ले जाते हैं। भक्ति और आध्यात्मिकता से जुड़ी यह कहानी दर्शकों के दिल को छू गई और यही इसकी सबसे बड़ी ताकत बनकर सामने आई।

    फिल्म में मुख्य भूमिका रीवा राछ ने निभाई है जबकि करण जोशी और मिष्टी कडेचा जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण किरदारों में नजर आए हैं। फिल्म का निर्देशन अंकित सखिया ने किया है और इसकी कहानी कृष्णांश वाजा विक्की पूर्णिमा तथा अंकित सखिया ने मिलकर लिखी है। फिल्म का निर्माण मैनिफेस्ट फिल्म्स जय व्यास प्रोडक्शंस और अजय बलवंत पडारिया ने किया है। ‘लालो’ की ऐतिहासिक सफलता ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि अच्छी कहानी और सच्ची भावना के साथ बनाई गई फिल्म भाषा की सीमाओं से परे जाकर दर्शकों के दिलों में जगह बना सकती है।

  • भोपाल में रंग पंचमी का भव्य जुलूस: पिचकारी वाला अनोखा निमंत्रण और मुख्यमंत्री की सराहना

    भोपाल में रंग पंचमी का भव्य जुलूस: पिचकारी वाला अनोखा निमंत्रण और मुख्यमंत्री की सराहना



    भोपाल राजधानी भोपाल इस बार 8 मार्च को होने वाले रंग पंचमी पर्व के लिए पहले से ही उत्साह और उमंग से सराबोर हो गई है। श्री हिंदू उत्सव समिति के तत्वावधान में आयोजित इस साल के रंग पंचमी जुलूस (चल समारोह) को विशेष और ऐतिहासिक बनाने की तैयारियां जोर-शोर से शुरू कर दी गई हैं। समिति के अध्यक्ष चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि इस बार के आयोजन के लिए प्रकाश मालवीय को संयोजक बनाया गया है, जिन्होंने शहर के विभिन्न समाजों, एसोसिएशनों और समितियों के पदाधिकारियों को एक अनोखे अंदाज में निमंत्रित किया है।

    इस बार के निमंत्रण पत्र की खासियत यह है कि इसे पिचकारी के आकार में तैयार किया गया है, जिसमें पूरी जानकारी पिचकारी पर ही अंकित है। समिति ने इस अनोखे कार्ड की प्रतियां मुख्यमंत्री मोहन यादव को भी भेंट की, जिन्हें यह अभिनव प्रयास बहुत पसंद आया और उन्होंने इसका खुले दिल से स्वागत किया।

    रंग पंचमी का जुलूस केवल उत्सव का प्रदर्शन नहीं बल्कि यह सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक गौरव और पारंपरिक लोक रंगों का जीवंत अनुभव भी है। प्रकाश मालवीय ने बताया कि इस वर्ष जुलूस में ढोल-ताशों की गूंज, घोड़ी की आकर्षक प्रस्तुति, सुसज्जित झांकियां, डीजे की धुनें और रंग-गुलाल की बौछारें शामिल होंगी, जो पूरे शहर को उत्सवधर्मी माहौल में रंगों से सराबोर कर देंगी।

    समिति का कहना है कि यह जुलूस केवल आनंद और मनोरंजन का माध्यम नहीं बल्कि शहरवासियों को आपसी मेल-जोल और सांस्कृतिक भागीदारी का संदेश देने का अवसर भी है। पिछले वर्षों की तरह इस बार भी जुलूस का मार्ग विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों से होकर गुजरेगा, ताकि अधिकतम लोग इस पारंपरिक उत्सव का आनंद ले सकें।

    भोपाल के नागरिक और उत्सव प्रेमी इस भव्य आयोजन के लिए पहले से ही उत्साहित हैं। पिचकारी जैसे अनोखे निमंत्रण पत्र और जुलूस की तैयारियों ने रंग पंचमी को और भी खास और यादगार बना दिया है। शहर के लोग अब 8 मार्च का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, जब पूरा भोपाल रंगों, संगीत और उत्साह से भरपूर माहौल में झूम उठेगा।

  • RTE 2026-27: प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन का मौका, 13 मार्च से शुरू होंगे आवेदन

    RTE 2026-27: प्राइवेट स्कूलों में फ्री एडमिशन का मौका, 13 मार्च से शुरू होंगे आवेदन


    मध्य प्रदेश । मध्य प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए बड़े निजी स्कूलों में पढ़ने का सपना अब साकार हो सकता है। शिक्षा का अधिकार RTE अधिनियम के तहत सत्र 2026-27 के लिए निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन 13 मार्च 2026 से शुरू होंगे, जबकि आवेदन की अंतिम तिथि 28 मार्च 2026 तय की गई है। इच्छुक अभिभावक आधिकारिक पोर्टल www.rteportal.mp.gov.in पर जाकर आवेदन कर सकेंगे।

    आरटीई के तहत मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों में प्रवेश के लिए सीटों का आवंटन ऑनलाइन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। यह लॉटरी 2 अप्रैल 2026 को निकाली जाएगी। जिन विद्यार्थियों का चयन होगा, उन्हें संबंधित निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश दिया जाएगा।

    शिक्षा विभाग द्वारा जारी समय-सारिणी के अनुसार निःशुल्क प्रवेश के लिए मान्यता प्राप्त अशासकीय स्कूलों और उनमें उपलब्ध सीटों की जानकारी 9 मार्च 2026 से आरटीई पोर्टल पर प्रदर्शित की जाएगी। इसके बाद वंचित समूह और कमजोर वर्ग के अभिभावक 13 मार्च से 28 मार्च के बीच ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। आवेदन करते समय पात्रता से संबंधित किसी एक आवश्यक दस्तावेज को अपलोड करना अनिवार्य होगा।

    ऑनलाइन आवेदन के बाद अभिभावकों को दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया भी पूरी करनी होगी। 14 मार्च से 30 मार्च 2026 के बीच संबंधित संकुल केंद्र वाले स्कूल में अधिकृत सत्यापन अधिकारी के माध्यम से दस्तावेजों का सत्यापन कराया जाएगा। इस दौरान आवेदक अपनी कैटेगरी और निवास प्रमाण पत्र जैसे दस्तावेज मूल प्रमाण पत्र के आधार पर सत्यापित करवा सकेंगे।

    शिक्षा विभाग का कहना है कि लॉटरी से पहले दस्तावेजों का सत्यापन होने से बाद में स्कूल आवंटन के समय किसी प्रकार की त्रुटि या दस्तावेजों की कमी के कारण प्रवेश निरस्त होने की समस्या नहीं आएगी। इसके साथ ही आवेदन के दौरान अभिभावकों को त्रुटि सुधार का भी मौका दिया जाएगा।

    यदि किसी अभिभावक को ऑनलाइन आवेदन करने में समस्या आती है, तो वह अपने क्षेत्र के विकासखंड के बीआरसी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं। वहीं 2 अप्रैल को लॉटरी के माध्यम से छात्रों को स्कूल आवंटित किए जाएंगे। आवंटन की जानकारी आवेदक को उनके पंजीकृत मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से भी भेजी जाएगी। इसके अलावा लॉटरी की सूची आरटीई पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेगी।

    आयु सीमा की बात करें तो नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 कक्षाओं में प्रवेश के लिए न्यूनतम आयु 3 वर्ष से 4 वर्ष 6 माह तक तय की गई है। वहीं कक्षा 1 में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु 6 वर्ष से अधिक और 7 वर्ष 6 माह तक होनी चाहिए। नर्सरी, केजी-1 और केजी-2 के लिए आयु की गणना 31 जुलाई 2026 की स्थिति में की जाएगी, जबकि कक्षा 1 के लिए आयु की गणना 30 सितंबर 2026 के आधार पर होगी। सरकार की इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराना है, ताकि वे भी बड़े निजी स्कूलों में पढ़कर बेहतर भविष्य बना सकें।

  • होली के जश्न में मातम: जबलपुर में नाले, तालाब और बरगी बांध में डूबने से 3 की मौत

    होली के जश्न में मातम: जबलपुर में नाले, तालाब और बरगी बांध में डूबने से 3 की मौत


    जबलपुर । मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में होली का त्योहार उस समय मातम में बदल गया, जब अलग-अलग थाना क्षेत्रों में डूबने से तीन लोगों की मौत हो गई। इन घटनाओं में एक बुजुर्ग और दो युवकों ने अपनी जान गंवा दी। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम ने तीनों शव बरामद कर लिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार तीनों घटनाएं जबलपुर जिले के बरगी, सिहोरा और संजीवनी नगर थाना क्षेत्रों में हुई हैं।
    प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नशा और लापरवाही इन हादसों की बड़ी वजह बनी।पहली घटना में बुजुर्ग रूपसिंह पटेल की नाले में डूबने से मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वे नशे की हालत में थे और इसी दौरान कछपुरा नाले में गिर गए। काफी देर तक जब उनका कोई पता नहीं चला तो स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। बाद में पुलिस ने मौके पर पहुंचकर नाले से उनका शव बरामद किया।

    दूसरी घटना बरगी बांध के जीरो डिग्री क्षेत्र की है, जहां एक युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान शैलेष नेमा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि शैलेष अपने दोस्तों के साथ बरगी बांध में नहाने गया था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूब गया। घटना के बाद एसडीआरएफ और पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू अभियान शुरू किया। करीब तीन दिनों तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद युवक का शव बरामद किया गया।

    तीसरी घटना सिहोरा क्षेत्र में सामने आई, जहां तालाब में डूबने से एक अन्य युवक की मौत हो गई। स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि तीनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। साथ ही त्योहारों के दौरान लोगों से सावधानी बरतने और नशे की हालत में जलाशयों के पास न जाने की अपील भी की गई है। होली जैसे पर्व के दौरान हुए इन हादसों से इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि त्योहार मनाते समय सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।

  • तुलसी नगर में शंखेश्वर पार्श्वनाथ जैन मंदिर का भव्य ध्वजा महोत्सव: श्रद्धालुओं ने अभिषेक और भव्य वरघोड़े से मनाई आस्था की अनूठी धूम

    तुलसी नगर में शंखेश्वर पार्श्वनाथ जैन मंदिर का भव्य ध्वजा महोत्सव: श्रद्धालुओं ने अभिषेक और भव्य वरघोड़े से मनाई आस्था की अनूठी धूम


    नई दिल्ली। राजधानी के तुलसी नगर में स्थित श्री शंखेश्वर पार्श्वनाथ श्वेतांबर जैन मंदिर में दो दिवसीय ध्वजा महोत्सव का भव्य आयोजन शनिवार और शुक्रवार को संपन्न हुआ। इस महोत्सव में देशभर से श्रद्धालु बड़ी संख्या में पहुंचे और भगवान पार्श्वनाथ की जिन प्रतिमाओं का अभिषेक कर भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत अनुभव किया। मंदिर परिसर पूरी तरह से भक्ति, उत्साह और आध्यात्मिक आनंद से गूंज उठा। मंदिर समिति के अध्यक्ष आईएल मेहता ने बताया कि इस अवसर पर सभी धार्मिक अनुष्ठानों और विधियों को बड़े श्रद्धा और अनुशासन के साथ संपन्न कराया गया।

    इस ध्वजा महोत्सव में विशेष रूप से आचार्य मुक्ति सागर सूरीश्वर महाराज और आचार्य अचल मुक्ति सागर महाराज ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और भक्तों को धर्म, भक्ति और संयम की सीख दी। उन्होंने सभी श्रद्धालुओं को भगवान के प्रति आस्था बनाए रखने और धार्मिक कृत्यों में भाग लेने की प्रेरणा दी। इस अवसर पर मंदिर की मूलनायक प्रतिमा शंखेश्वर पार्श्वनाथ भगवान के अभिषेक का सौभाग्य तुलसी नगर मंदिर समिति के पूर्व अध्यक्ष वीरेंद्र कोठारी और उनके परिवार को प्राप्त हुआ। यह पल न केवल उनके लिए, बल्कि पूरे जैन समाज के लिए गौरव का अवसर बना।

    ध्वजा महोत्सव के पहले दिन, शुक्रवार को श्रद्धालुओं ने मंदिर में विविध धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। अभिषेक, पूजन, प्रार्थना और भजन कीर्तन के माध्यम से भक्तों ने आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया। मंदिर में भक्ति और उल्लास का माहौल पूरे दिन बना रहा। इस दौरान चेंबर ऑफ कॉमर्स के महामंत्री ललित तातेड, श्वेतांबर मूर्ति पूजक संघ के अध्यक्ष राजेश तातेड, मनोज संघवी, शिल्पा कोठारी सहित जैन समाज के कई प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे।

    महत्वपूर्ण बात यह है कि महोत्सव का दूसरा दिन शनिवार 7 मार्च को सुबह 8 बजे प्रारंभ होगा। इस दिन आचार्य संघ के मार्गदर्शन में ध्वजाओं का भव्य वरघोड़ा निकाला जाएगा। इस भव्य शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होंगे और भगवान पार्श्वनाथ की भक्ति में डूबेंगे। यह पर्व न केवल धार्मिक महत्व रखता है बल्कि जैन समाज के सांस्कृतिक और सामाजिक एकता को भी मजबूती प्रदान करता है।

    ध्वजा महोत्सव के माध्यम से मंदिर समिति ने यह संदेश दिया कि भक्ति, अनुशासन और श्रद्धा के साथ किए गए धार्मिक आयोजन समाज में आध्यात्मिक जागरूकता फैलाते हैं। तुलसी नगर का यह आयोजन जैन धर्म के इतिहास और परंपरा का प्रतीक बनकर उभरा है। महोत्सव ने लोगों को न केवल भगवान के प्रति आस्था बढ़ाने का अवसर दिया, बल्कि समाज में मेलजोल, सौहार्द और सांस्कृतिक मूल्यों को भी जीवित रखा।

    इस प्रकार, शंखेश्वर पार्श्वनाथ जैन मंदिर में ध्वजा महोत्सव ने भक्ति, उल्लास और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत किया, जो आने वाले वर्षों तक श्रद्धालुओं के लिए यादगार रहेगा।

  • T20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में सेलिब्रिटी जलवा राहा कपूर की क्यूट हरकतों ने जीता दिल वरुण धवन और अनिल कपूर भी दिखे स्टेडियम में

    T20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में सेलिब्रिटी जलवा राहा कपूर की क्यूट हरकतों ने जीता दिल वरुण धवन और अनिल कपूर भी दिखे स्टेडियम में


    नई दिल्ली । आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को रोमांचक मुकाबले में 7 रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली। मुंबई के ऐतिहासिक वानखेड़े स्टेडियम में खेले गए इस हाई वोल्टेज मैच में क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर था और स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शकों के बीच बॉलीवुड और क्रिकेट जगत की कई बड़ी हस्तियां भी इस मुकाबले का लुत्फ उठाती नजर आईं। भारत की जीत के साथ ही स्टेडियम में मौजूद फैंस और सेलेब्स के बीच जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

    हालांकि इस पूरे मुकाबले के दौरान अगर किसी ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा तो वह थीं अभिनेता रणबीर कपूर और आलिया भट्ट की बेटी राहा कपूर। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कई वीडियो में नन्हीं राहा अपने माता पिता के साथ स्टैंड्स में बैठकर टीम इंडिया को चीयर करती दिखाई दीं। कभी वह खुशी से ताली बजाती नजर आईं तो कभी मैच के रोमांचक पलों पर मुस्कुराती हुई दिखाई दीं। एक पल ऐसा भी आया जब स्टेडियम में मौजूद हजारों दर्शक तालियों की लय में टीम इंडिया का हौसला बढ़ा रहे थे और राहा भी उसी अंदाज में तालियां बजाने लगीं। उनकी यह मासूम हरकत वहां मौजूद लोगों के साथ साथ सोशल मीडिया यूजर्स का भी दिल जीतती नजर आई।

    राहा की इन प्यारी हरकतों को देखकर उनकी मां आलिया भट्ट भी मुस्कुराती नजर आईं और परिवार के साथ मैच का आनंद लेती रहीं। रणबीर कपूर भी कई मौकों पर टीम इंडिया के शानदार प्रदर्शन पर तालियां बजाकर खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते दिखाई दिए। स्टेडियम में मौजूद कैमरों ने कई बार इस स्टार परिवार को कैद किया और इसके वीडियो कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गए।

    इस अहम सेमीफाइनल मुकाबले को देखने के लिए वानखेड़े स्टेडियम में कई और बॉलीवुड सितारे भी पहुंचे थे। अभिनेता वरुण धवन और दिग्गज अभिनेता अनिल कपूर को भी स्टैंड्स में बैठकर टीम इंडिया को चीयर करते देखा गया। दोनों सितारे मैच के रोमांचक पलों के दौरान तालियां बजाते और खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाते नजर आए।

    वहीं क्रिकेट जगत की भी कई बड़ी हस्तियां इस मुकाबले का हिस्सा बनीं। भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी अपनी पत्नी साक्षी धोनी के साथ स्टेडियम में मौजूद थे और मैच का आनंद लेते दिखाई दिए। इसके अलावा उद्योगपति परिवार से नीता अंबानी और आकाश अंबानी भी इस हाई प्रोफाइल मुकाबले को देखने पहुंचे थे। भारतीय टीम के खिलाड़ी रोहित शर्मा और केएल राहुल भी स्टेडियम में मौजूद रहे और उन्होंने भी इस रोमांचक मैच का लुत्फ उठाया।

    अगर मैच की बात करें तो भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 7 विकेट के नुकसान पर 253 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। यह स्कोर सेमीफाइनल जैसे बड़े मुकाबले में काफी मजबूत माना जा रहा था। जवाब में इंग्लैंड की टीम ने भी शानदार संघर्ष किया और मैच को अंत तक रोमांचक बनाए रखा लेकिन आखिरकार वह लक्ष्य तक नहीं पहुंच सकी और भारत ने यह मुकाबला 7 रन से जीत लिया।

    इस शानदार जीत के साथ टीम इंडिया लगातार दूसरी बार टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में पहुंच गई है। अब 8 मार्च को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में भारत का मुकाबला न्यूजीलैंड से होगा जहां दोनों टीमें खिताब जीतने के लिए आमने सामने होंगी। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि टीम इंडिया इस बार भी शानदार प्रदर्शन करते हुए विश्व कप का खिताब अपने नाम कर सकती है।

  • ग्वालियर में PM आवास की पानी की टंकी में मरी छिपकलियां, 1300 परिवारों में दहशत में

    ग्वालियर में PM आवास की पानी की टंकी में मरी छिपकलियां, 1300 परिवारों में दहशत में


    ग्वालियर। मानपुर क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बने फ्लैटों की पानी की टंकी में मरी हुई पांच छिपकलियां मिलने से 1300 परिवारों में दहशत का माहौल बन गया है। टंकी से सीधे फ्लैटों में पानी सप्लाई होता है, जिससे रहवासियों को डर है कि कई दिन तक वे अनजाने में दूषित पानी पी चुके हैं।
    स्थानीय लोगों ने बताया कि फेस-वन के ब्लॉक ई-52 की पानी की टंकी में बदबू और गंदगी की शिकायत के बाद टंकी का ढक्कन खोला गया, तो अंदर मरी हुई छिपकलियां पाई गईं। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे परिसर में भय का माहौल बन गया। अधिकांश परिवारों ने फिलहाल टंकी का पानी पीना बंद कर दिया है और बाहर से कैन या आरओ का पानी मंगाना शुरू कर दिया है।

    रहवासियों का आरोप है कि पिछले दो साल से टंकी की नियमित सफाई नहीं कराई गई।

    हाल ही में कॉलोनी के प्रतिनिधियों ने नगर निगम से मुलाकात कर सफाई और व्यवस्था सुधारने की मांग की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। नगर निगम आयुक्त संघ प्रिया ने कहा कि ठेकेदार का ठेका समाप्त हो चुका है और जल्द ही टंकियों की देखभाल के लिए स्थायी व्यवस्था बनाई जाएगी।
    इस घटना ने न केवल स्वास्थ्य सुरक्षा पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि नगर निगम की लापरवाही और निगरानी की कमी को भी उजागर किया है। विशेषज्ञों के अनुसार, पानी की टंकियों की नियमित सफाई और ढक्कन की स्थिति पर ध्यान न देने से गंभीर स्वास्थ्य संकट पैदा हो सकता है।
  • ईरान-इजरायल-अमेरिका पर सवाल; फिनलैंड के राष्ट्रपति बोले- तोड़ा अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ा

    ईरान-इजरायल-अमेरिका पर सवाल; फिनलैंड के राष्ट्रपति बोले- तोड़ा अंतरराष्ट्रीय कानून तोड़ा

    नई दिल्‍ली। पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज होने के बीच फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब ने कहा कि ईरान और इजरायल-अमेरिका दोनों ही पक्षों ने ‘अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे से बाहर’ काम किया है। बात करते हुए स्टब ने यह भी कहा कि इजरायल-अमेरिका के हमलों के जवाब में खाड़ी देशों पर हमला करके ईरान ने ‘रणनीतिक गलती’ की है, क्योंकि अब खाड़ी देश एकजुट होकर देखेंगे कि वे ईरान के साथ क्या कर सकते हैं।

    पश्चिम एशिया में संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किये गए सैन्य हमलों के बाद शुरू हुआ जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु हो गई। इसके बाद, ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और सऊदी अरब सहित कई खाड़ी देशों में इजराइली और अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर सिलसिलेवार हमलों को अंजाम दिया है।
    मिडिल ईस्ट में बढ़ गया है संघर्ष

    दरअसल, पिछले कुछ दिनों में, दोनों पक्षों के हमलों और जवाबी हमलों के साथ संघर्ष काफी बढ़ गया है। स्टब से पूछा गया कि वह ईरान पर किये गए हमले को किस तरह से देखते हैं।

    उन्होंने कहा कि यह कहना मुश्किल है। मैं फिनलैंड से आता हूं, जिसकी रूस के साथ 1,340 किलोमीटर लंबी सीमा लगी हुई है। इसलिए, सुरक्षा के दृष्टिकोण से मेरी मुख्य चिंता यूक्रेन में मौजूदा स्थिति है।

    स्टब ने कहा कि मैं खुद को विशेषज्ञ तो नहीं कह सकता। लेकिन, अगर मैं विशेषज्ञों की बात सुनूं, तो इस हमले के कारणों के बारे में आमतौर पर चार तर्क दिए जाते हैं- पहला परमाणु हथियार, दूसरा मिसाइलें, तीसरा हमास, हूती और हिजबुल्लाह जैसे आतंकवादी संगठनों के माध्यम से हमले, और चौथा सत्ता परिवर्तन। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का अंत कैसे होगा, मुझे नहीं लगता कि कोई जानता है।
    कानून के दायरे से बाहर किया काम

    उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून का हमेशा समर्थन करने वाले व्यक्ति के रूप में, यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगी कि ईरान, इजरायल और अमेरिका तीनों ने अंतरराष्ट्रीय कानून के दायरे से बाहर जाकर काम किया। आमतौर पर इस तरह के हमलों के मामले में दो में से एक तरीका अपनाया जाता है, या तो संयुक्त राष्ट्र की सहमति ली जाए, या फिर ‘इच्छुक देशों का गठबंधन’ बनाया जाए।

    फिनलैंड के राष्ट्रपति ने कहा कि लेकिन अब, ईरान ने जब खाड़ी देशों पर हमला कर दिया है, तो ‘इच्छुक देशों का गठबंधन’ उभरता हुआ दिखाई देने लगा है तथा फ्रांस और ब्रिटेन जैसे यूरोप के बड़े देश सामने आ रहे हैं।

    दुनिया भर में बढ़ते संघर्षों के बीच, स्टब से पूछा गया कि क्या नियम-आधारित व्यवस्था चुनौतियों का सामना कर रही है? उन्होंने जवाब दिया, ”हां और ना। नियम-आधारित व्यवस्था लगभग 80 साल पहले बनी थी, और इस समय यह दबाव का सामना कर रही है। इस पर दो तरह के विचार हैं- एक तो यह कि पुरानी व्यवस्था समाप्त हो गई है।

    वहीं, दूसरा, जिससे मैं सहमत हूं, कहता है कि यह परिवर्तन के दौर से गुजर रही है।
    भारत जैसे देश तय करेंगे दुनिया किस दिशा में बढ़ेगी
    स्टब ने कहा कि इसने 80 से अधिक वर्षों तक हमारी अच्छी सेवा की है। और, संयुक्त राष्ट्र, विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ), अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक को बनाए रखने के लिए हमें ग्लोबल साउथ को अधिक अधिकार और शक्ति देनी होगी, यही इसका समाधान है। उन्होंने तर्क दिया कि भारत जैसे देश ही ”यह तय करेंगे कि दुनिया किस दिशा में आगे बढ़ेगी।”
    उन्होंने यह भी दावा किया कि अगर रूस ने यूक्रेन पर हमला न किया होता तो फिनलैंड कभी नाटो में शामिल न होता और उन्होंने मॉस्को के इस कदम को “रणनीतिक गलती” करार दिया क्योंकि इससे “नाटो मजबूत हुआ।” उनसे जब पूछा गया कि क्या नाटो अस्तित्व के संकट का सामना कर रहा है, तो स्टब ने कहा, ”नहीं, बिल्कुल नहीं। हम नाटो 3.0 का उदय देख रहे हैं।”

    यह पूछे जाने पर कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व को कैसे देखते हैं, तो उन्होंने कहा, ”आइए (अमेरिका के साथ) संबंधों को लेकर व्यावहारिक दृष्टिकोण अपनाएं, यह समझें कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सौदा करने वाले नेता हैं। मतभेदों के बारे में ईमानदार और खुले रहें… आपको अमेरिका के साथ मिलकर काम करना होगा।”

  • पारंपरिक खेती से आधुनिक बागवानी तक: भोपाल के किसान रामसिंह कुशवाह कमा रहे लाखों, पॉलीहाउस में फूलों की खेती से बदली किस्मत

    पारंपरिक खेती से आधुनिक बागवानी तक: भोपाल के किसान रामसिंह कुशवाह कमा रहे लाखों, पॉलीहाउस में फूलों की खेती से बदली किस्मत

    भोपाल । भोपाल जिले के फंदा क्षेत्र के ग्राम बरखेड़ा बोंदर के किसान रामसिंह कुशवाह ने आधुनिक तकनीक और सरकारी योजनाओं की मदद से खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदलकर एक नई मिसाल पेश की है। कभी धान गेहूं और सोयाबीन जैसी पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहने वाले रामसिंह कुशवाह सीमित आय के कारण आर्थिक चुनौतियों का सामना कर रहे थे लेकिन अब वे फूलों और फलों की आधुनिक खेती से हर महीने लाखों रुपये की आमदनी प्राप्त कर रहे हैं। उनकी सफलता की कहानी न केवल आर्थिक उन्नति का उदाहरण है बल्कि प्रदेश के किसानों के लिए प्रेरणा भी बन गई है।

    रामसिंह कुशवाह बताते हैं कि उनका परिवार वर्षों से पारंपरिक खेती करता आ रहा था लेकिन बढ़ती लागत और कम लाभ के कारण खेती से पर्याप्त आमदनी नहीं हो पा रही थी। इसी दौरान उन्हें उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित एकीकृत बागवानी विकास मिशन योजना के बारे में जानकारी मिली। इस योजना के तहत उन्होंने राष्ट्रीय विकास परियोजना का लाभ लेते हुए लगभग एक हजार स्क्वायर फीट क्षेत्र में पॉलीहाउस बनाकर गुलाब और जरबेरा जैसे फूलों की खेती शुरू की।

    बाद में राज्य योजना के तहत वर्ष 2023-24 में उन्होंने उद्यानिकी विभाग से सब्सिडी प्राप्त कर एक एकड़ भूमि में पॉलीहाउस स्थापित किया और गुलाब जरबेरा तथा गेंदा के लगभग 30 हजार पौधे लगाए। आज वे प्रतिदिन करीब चार हजार कट फ्लावर बाजार में बेचते हैं और इससे रोजाना चार से छह हजार रुपये तक की आमदनी अर्जित कर रहे हैं।

    फूलों के उत्पादन को बढ़ाने और लागत कम करने के लिए उन्होंने इस वर्ष अपने पॉलीहाउस में सेंसर आधारित ऑटोमेशन सिस्टम भी स्थापित किया है। इस सिस्टम की कुल लागत लगभग चार लाख रुपये है जिसमें से दो लाख रुपये की सब्सिडी सरकार की ओर से प्राप्त हुई है। इस आधुनिक तकनीक की मदद से एक एकड़ की खेती में पानी खाद और दवाइयों की संतुलित मात्रा 24 घंटे स्वतः दी जाती है जिससे समय और लागत दोनों की बचत होती है। इस तकनीक को अपनाकर रामसिंह कुशवाह भोपाल जिले में ऑटोमेटेड बागवानी प्रणाली अपनाने वाले पहले किसान बन गए हैं।

    रामसिंह कुशवाह की खेती में उगाए गए गुलाब और जरबेरा के फूल अब स्थानीय बाजार तक सीमित नहीं हैं बल्कि उनकी सप्लाई दिल्ली जयपुर और लखनऊ जैसे बड़े शहरों तक की जा रही है। आधुनिक तकनीक वैज्ञानिक पद्धति और ड्रिप व स्प्रिंकलर सिंचाई प्रणाली को अपनाने से उन्हें बेहतर उत्पादन मिल रहा है। इन सिंचाई प्रणालियों पर भी उन्हें लगभग 50 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ मिला है।

    आज उनकी खेती से प्रतिदिन हजारों फूलों का उत्पादन हो रहा है और इससे उन्हें नियमित आय प्राप्त हो रही है। फूलों और फलों की खेती ने न केवल उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है बल्कि गांव के अन्य किसानों को भी नई दिशा दी है।

    रामसिंह कुशवाह कहते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की योजनाओं के कारण उन्हें आधुनिक खेती अपनाने का अवसर मिला है। उनका मानना है कि सही मार्गदर्शन नई तकनीक और सरकारी योजनाओं का लाभ लेकर किसान खेती को लाभकारी व्यवसाय में बदल सकते हैं। उनकी सफलता की यह कहानी प्रदेश के किसानों के लिए प्रेरणा बन गई है।

  • 932 किमी ड्राइव कर प्रेमिका को किया प्रपोज, कार पर लिखे मैसेज से वायरल हुई युवक की लव स्टोरी

    932 किमी ड्राइव कर प्रेमिका को किया प्रपोज, कार पर लिखे मैसेज से वायरल हुई युवक की लव स्टोरी

    बीजिंग। चीन (China) में एक युवक की अनोखी प्रेम कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। 26 वर्षीय युवक ने अपनी गर्लफ्रेंड को शादी के लिए प्रपोज करने के लिए करीब 932 किलोमीटर का लंबा सफर तय किया। इस रोमांटिक पहल ने इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींच लिया है।

    रिपोर्ट के मुताबिक Tan नाम का युवक Jiangxi Province का रहने वाला है और फिलहाल Fujian Province में अपना कारोबार करता है।

    कार पर लगाया खास बैनर

    फरवरी में Chinese New Year के दौरान उसकी गर्लफ्रेंड अपने घर Guizhou गई हुई थी। इसी दौरान युवक ने उसे सरप्राइज देने और शादी के लिए प्रपोज करने का फैसला किया।

    यात्रा के दौरान ट्रैफिक में आसानी के लिए उसने अपनी कार की पिछली खिड़की पर एक लाल बैनर लगा दिया। उस पर लिखा था।
    “भाइयों, मुझे पहले जाने दें… मैं अपनी गर्लफ्रेंड को प्रपोज करने जा रहा हूं।”

    12 घंटे से ज्यादा की ड्राइव

    हाईवे पर जैसे ही अन्य ड्राइवरों ने यह संदेश देखा, कई लोगों ने उसकी कार को रास्ता दे दिया। कुछ ने हॉर्न बजाकर और हाथ हिलाकर उसे शुभकामनाएं भी दीं।

    युवक ने करीब 12.5 घंटे लगातार ड्राइव कर यह लंबा सफर तय किया। उसने बताया कि शुरुआत में सफर लंबा और थकाऊ लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे वह अपनी प्रेमिका के करीब पहुंचता गया, उसकी उत्सुकता और खुशी बढ़ती चली गई।

    प्रेमिका को मिला बड़ा सरप्राइज

    युवक की गर्लफ्रेंड को इस सरप्राइज के बारे में बिल्कुल भी जानकारी नहीं थी। दोनों की मुलाकात यूनिवर्सिटी में हुई थी और वे पिछले चार साल से रिलेशनशिप में हैं।

    जब युवक उसके घर पहुंचा और उसने शादी के लिए प्रपोज किया, तो युवती ने खुशी-खुशी उसका प्रस्ताव स्वीकार कर लिया।

    सोशल मीडिया पर लोगों ने की तारीफ

    यह रोमांटिक कहानी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई है। वीडियो को लाखों बार देखा जा चुका है और लोग युवक की इस अनोखी पहल की जमकर तारीफ कर रहे हैं।

    एक यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “इतने लोगों ने रास्ता देकर मदद की है, अब अपनी मंगेतर को कभी निराश मत करना।”